Haryana Abhitak News 18/02/26

बुधवार को अधिकारियों के साथ गांव जसौर खेड़ी से कुलासी रोड का निरीक्षण करते एसडीएम अभिनव सिवाच आईएएस।

आमजन को बेहतर और सुरक्षित आवागमन सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता: एसडीएम
निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप हों सड़क से जुड़े सभी कार्य
एसडीएम अभिनव सिवाच आईएएस ने अधिकारियों के साथ गांव जसौर खेड़ी से कुलासी रोड का किया निरीक्षण

बहादुरगढ़, 18 फरवरी, अभीतक: एसडीएम अभिनव सिवाच आईएएस ने बुधवार को पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के साथ गांव जसौर खेड़ी से कुलासी रोड का दौरा कर निर्माण एवं रखरखाव कार्यों का निरीक्षण किया। एसडीएम ने निरीक्षण के दौरान सड़क की गुणवत्ता, साइड पटरी की स्थिति, जल निकासी व्यवस्था तथा यातायात सुरक्षा से जुड़े पहलुओं का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क से जुड़े सभी कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप सुनिश्चित किए जाएं और जहां कहीं भी मरम्मत अथवा सुधार की आवश्यकता हो, उसे प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए। साथ ही उन्होंने यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यक संकेतक एवं सुरक्षा उपायों की व्यवस्था करने को भी कहा। एसडीएम ने कहा कि क्षेत्रवासियों को बेहतर और सुरक्षित आवागमन सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को सड़क निर्माण से जुड़े कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए, ताकि गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न हो और परियोजना समयबद्ध तरीके से पूर्ण हो सके। उन्होंने दोहराया कि जहां पर भी सड़क उखड़ी हुई है,वहां से पैच वर्क कराया जाए। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का ध्यान रखा जाए। इस अवसर पर पीडब्ल्यूडी के एसडीओ राजेश तोमर और जेई बिजेंद्र मौजूद रहे।

जिला व उपमंडल स्तर पर समाधान शिविर आज
झज्जर, 18 फरवरी, अभीतक: जनता की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी समाधान के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा आज(19 फरवरी वीरवार)को जिला मुख्यालय सहित सभी उपमंडलों में समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। ये शिविर प्रातः 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक लगाए जाएंगे, जहां नागरिकों की शिकायतों का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। जिला स्तरीय समाधान शिविर का आयोजन लघु सचिवालय, झज्जर के कॉन्फ्रेंस हॉल में किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता एडीसी जगनिवास करेंगे। इस दौरान एडीसी विभागों से संबंधित शिकायतें सुनेंगे और उपस्थित अधिकारियों को समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश देंगे, ताकि आमजन को अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिल सके। उपमंडल स्तर पर भी संबंधित लघु सचिवालय परिसरों में समाधान शिविर आयोजित होंगे। बहादुरगढ़ में एसडीएम अभिनव सिवाच (आईएएस), बेरी में एसडीएम रेणुका नांदल तथा बादली में एसडीएम डॉ. रमन गुप्ता की अध्यक्षता में शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निपटान किया जाएगा। एडीसी ने कहा कि समाधान शिविर प्रशासन और नागरिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने बताया कि जिला मुख्यालय में समाधान शिविर प्रत्येक सप्ताह नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं, जिनमें विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहते हैं, ताकि लोगों को एक ही स्थान पर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान मिल सके।

केवल लाईसेंसशुदा कॉलोनियों में ही प्लाट खरीद करें नागरिक: एडीसी
गांव महाराणा और माछरोली में अवैध कॉलोनी काटने के मामले में जिला प्रशासन की कार्रवाई

झज्जर, 18 फरवरी, अभीतक: प्रशासन द्वारा दो गांव महाराणा और माछरोली में बगैर लाइसेंस व तय प्रक्रिया पूरी किए अवैध कॉलोनी काटे जाने के मामले में गंभीरता से संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की है। एडीसी जगनिवास ने बताया कि गांव महाराणा के खसरा नंबर 94ध्ध्19,20ध्1ध्1,20ध्1ध्2 और गांव माछरोली के खसरा नंबर 111ध्ध्3,4 से जुड़े किसी भी प्रकार के सेल-डीड, एग्रीमेंट टू सेल, पावर ऑफ अटॉर्नी या फुल पेमेंट एग्रीमेंट को रजिस्टर्डध्एग्जीक्यूट करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। उन्होंने बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता को उक्त अवैध कॉलोनी में किसी भी प्रकार का बिजली कनेक्शन जारी न करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने आमजन से अपील की है कि वे केवल सरकार द्वारा वैध एवं स्वीकृत कॉलोनियों में ही मकान बनाने के लिए प्लाट खरीद सकते हैं। एडीसी ने कहा कि प्रशासन अवैध कॉलोनियों को गिराने के लिए निरंतर अभियान चला रहा है।

गांव पलड़ा में आयोजित जिला स्तरीय प्राकृतिक खेती कार्यशाला में उपस्थित किसानों को संबोधित करतीं एसडीएम रेणुका नांदल।

प्राकृतिक खेती से बढ़ेगी किसानों की आय, मिट्टी और पर्यावरण दोनों होंगे सुरक्षित: एसडीएम
एसडीएम रेणुका नांदल ने गांव पलड़ा में जिला स्तरीय प्राकृतिक खेती कार्यशाला का किया शुभारंभ
जिला स्तरीय कार्यशाला में लगभग पांच सौ किसानों ने लिया भाग

बेरी, 18 फरवरी, अभीतक: निकटवर्ती गांव पलड़ा में बुधवार को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा भूमि ऑर्गेनिक्स परिसर में एक दिवसीय जिला स्तरीय प्राकृतिक खेती कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि एसडीएम रेणुका नांदल ने उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने और पर्यावरण अनुकूल खेती पद्धतियों को अपनाने का आह्वान किया। एसडीएम रेणुका नांदल ने कहा कि प्राकृतिक खेती अपनाने से मिट्टी की उर्वरता में वृद्धि होती है, उत्पादन लागत में कमी आती है और किसानों की आय बढ़ाने की संभावनाएं मजबूत होती हैं। साथ ही यह खेती पद्धति पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को सहयोग दिया जा रहा है। इस अवसर पर बीएओ डॉ. अशोक रोहिल्ला ने मुख्य अतिथि रेणुका नांदल का स्वागत करते हुए विभागीय योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने किसानों से एग्रीस्टैक (फार्मर आईडी) बनवाने का आह्वान करते हुए कहा कि किसान बिना किसी भय और संकोच के अपनी फार्मर आईडी बनवाएं। इससे उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं और अनुदानों का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि एग्री स्टैक आईडी पूरी तरह से किसानों के हित में है। कार्यशाला के दौरान बागवानी, फिशरीज, एनिमल हसबेंडरी सहित अन्य संबंधित विभागों द्वारा अपने-अपने स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉलों के माध्यम से किसानों को विभागीय योजनाओं, अनुदानों, प्राकृतिक खेती से जुड़ी नवीन तकनीकों और सरकारी सुविधाओं की जानकारी दी गई। किसानों ने इन स्टॉलों पर जाकर विशेषज्ञों से सीधे संवाद किया और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। कार्यशाला में लगभग पांच सौ किसानों ने भाग लिया। इस अवसर पर बीडीपीओ राजाराम, एपीपीओ डॉ. भैयाराम, एसएमएस रमेश लांबा, तकनीकी अधिकारी डॉ रोहित वत्स, एएसओ कुलदीप सिंह, एईईओ राजीव चावला, बीटीएम संजय कुमार, डॉ यगदीप, एसए सतीश, सोमबीर, मंजू, कुलदीप, कोऑपरेटिव सोसायटी से सब-इंस्पेक्टर अजय मार्केट कमेटी सचिव विद्यासागर, एसडीओ डॉ. ऋषिपाल, एस.एन. कौशिक, बायोडाइवर्सिटी विभाग से कुसुम, एडवोकेट आशीष कादयान विशेष रूप से उपस्थित रहे।

मोनिका देवी को सहायता राशि का चेक सौंपते हुए डीसी अभिषेक मीणा।

डीसी अभिषेक मीणा ने मृतक कर्मचारी की आश्रित को दिया 28 लाख की सहायता राशि का चेक
रेवाड़ी, 18 फरवरी, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा ने आज जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के एक मृतक कर्मचारी सुरेश कुमार की धर्मपत्नी को एक्सिस बैंक की ओर से 28 लाख रुपए की सहायता राशि का चेक प्रदान किया। स्व. सुरेश कुमार जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग में हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत सीवरमैन के पद पर था। जिसकी आकस्मिक मृत्यु हो गई थी। डीसी अभिषेक मीणा ने एक्सिस बैंक अधिकारियों की मौजूदगी में सुरेश कुमार की पत्नी मोनिका देवी को सहायता राशि का चेक भेंट किया। कर्मचारी की पत्नी मोनिका देवी को 20 लाख रुपए तथा उसके दो बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने के लिए चार-चार लाख रुपए का चेक दिया गया। डीसी ने कहा कि आर्थिक सहायता से जान के नुकसान की तो भरपाई नहीं हो सकती, लेकिन यह राशि मुश्किल समय में परिवार को जरूरी सहारा दे सकती है। बैंक के ब्रांच हेड अभिषेक यादव ने बताया कि कर्मचारी स्व. सुरेश कुमार एचकेआरएनएल के माध्यम से जनस्वास्थ्य विभाग में सीवरमैन के पद पर कार्यरत था। उसकी आकस्मिक मृत्यु हो गई थी। बैंक नियमों के अनुसार कर्मचारी की मृत्यु पर परिवार को यह सहायता राशि प्रदान की गई है। एक्सिस बैंक ने स्व. सुरेश कुमार के बीमा दावे का त्वरित निपटान करते हुए उनके परिजनों को यह सहायता राशि प्रदान की। इस दौरान बैंक के को-ऑपरेटिव सैलरी हेड जितेंद्र यादव भी मौजूद रहे।

झज्जर में डीपीआईयू समीक्षा बैठक आयोजित, निपुण हरियाणा कार्यक्रम की प्रगति पर विस्तृत चर्चा’
झज्जर, 18 फरवरी, अभीतक: आज राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय झज्जर में जिला परियोजना कार्यान्वयन इकाई (डीपीआईयू) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत निपुण हरियाणा के जिला समन्वयक डॉ. सुदर्शन पूनिया ने की। उन्होंने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से निपुण कार्यक्रम की प्रगति का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। विशेष रूप से सभी मेंटर्स एवं मॉनिटर्स द्वारा विजिट अनुपालन पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम की सफलता का आधार है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से आगामी वार्षिक मूल्यांकन एवं फाउंडेशनल लर्निंग स्टडी पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया, जो मार्च माह में आयोजित होगी। एसपीआईयू सदस्य अभिषेक शर्मा ने एंडलाइन सर्वे के परिणामों पर प्रकाश डालते हुए जिले की उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि झज्जर जिला राज्य स्तर पर अग्रणीय जिलों में से एक जिला है और इस उपलब्धि को बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास आवश्यक हैं। जिला शिक्षा अधिकारी रतिंदर सिंह ने जोर देकर कहा कि फाउंडेशनल लर्निंग स्टडी पर पूर्ण ध्यान देना होगा, क्योंकि यह राष्ट्रव्यापी अभियान है। विद्यार्थियों का प्रदर्शन राष्ट्रीय स्तर पर मायने रखता है, इसलिए हमें इसे प्राथमिकता देनी चाहिए। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी राजबाला मलिक ने निपुण कार्यक्रम के दृश्यमान प्रभाव की चर्चा करते हुए कहा कि हम सत्र समाप्ति तक सभी विद्यार्थियों को निपुण बनाने का लक्ष्य हासिल करेंगे। कार्यक्रम से प्राथमिक स्तर पर उल्लेखनीय सुधार हुआ है। डाइट प्राचार्य अनिल श्योरान ने बताया कि प्राथमिक एवं उच्च कक्षाओं में पर्याप्त प्रगति हुई है, लेकिन माध्यमिक कक्षाओं में अभी केंद्रित प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने माध्यमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों के नियमित मूल्यांकन पर बल दिया। बैठक में सभी एबीआरसी, बीआरपी, खंड शिक्षा अधिकारी जयपाल दहिया, रोहतास दहिया, सुनीता मल्हान, सुरेशपाल सुहाग, शेर सिंह, डीपीसी अनिल शर्मा संपर्क फाउंडेशन से अमित कुमार एवं डाइट फैकल्टी मनोज मलिक उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने निपुण कार्यक्रम को मजबूत बनाने के लिए संकल्प लिया। इस अवसर पर अधिकारियों ने एकमत होकर कहा कि फाउंडेशनल लर्निंग के माध्यम से हमारा जिला शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएगा। निपुण हरियाणा मिशन के तहत झज्जर जिले का प्रदर्शन पूरे देश के लिए प्रेरणादायक बनेगा।

झज्जर में डीपीआईयू समीक्षा बैठक आयोजित, निपुन हरियाणा कार्यक्रम की प्रगति पर विस्तृत चर्चा
झज्जर, 18 फरवरी, अभीतक: आज सरकारी मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल, झज्जर में जिला परियोजना कार्यान्वयन इकाई (डीपीआईयू) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत निपुन हरियाणा के जिला समन्वयक डॉ. सुदर्शन पुनिया ने की। उन्होंने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन (पीपीटी) के माध्यम से निपुन कार्यक्रम की प्रगति का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। विशेष रूप से सभी मेंटर्स एवं मॉनिटर्स द्वारा विजिट अनुपालन पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम की सफलता का आधार है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से आगामी वार्षिक मूल्यांकन एवं फाउंडेशनल लर्निंग स्टडी पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया, जो मार्च माह में आयोजित होगी। एसपीआईयू सदस्य अभिषेक शर्मा ने लैंडलाइन सर्वे के परिणामों पर प्रकाश डालते हुए जिले की उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि झज्जर जिला राज्य स्तर पर अग्रणी है और इस उपलब्धि को बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास आवश्यक हैं। जिला शिक्षा अधिकारी रतिंदर सिंह ने जोर देकर कहा कि फाउंडेशनल लर्निंग स्टडी पर पूर्ण ध्यान देना होगा, क्योंकि यह राष्ट्रव्यापी अभियान है। विद्यार्थियों का प्रदर्शन राष्ट्रीय स्तर पर मायने रखता है, इसलिए हमें इसे प्राथमिकता देनी चाहिए। जिला प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी राजबाला मलिक ने निपुन कार्यक्रम के दृश्यमान प्रभाव की चर्चा करते हुए कहा कि हम सत्र समाप्ति तक सभी विद्यार्थियों को निपुन बनाने का लक्ष्य हासिल करेंगे। कार्यक्रम से प्राथमिक स्तर पर उल्लेखनीय सुधार हुआ है। डीआईईटी प्राचार्य अनिल शोरान ने बताया कि प्राथमिक एवं उच्च कक्षाओं में पर्याप्त प्रगति हुई है, लेकिन मध्य कक्षाओं में अभी केंद्रित प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने मध्य कक्षा विद्यार्थियों की नियमित मूल्यांकन पर बल दिया। बैठक में सभी एबीआरसी, बीआरपी, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी जैपाल दहिया, रोहतास दहिया, सुनीता मल्हा, सुरेशपाल सुहाग, शेर सिंह, डीपीसी अनिल शर्मा एवं डीआईईटी फैकल्टी मनोज मलिक उपस्थित रहे। प्रतिभागियों ने निपुन कार्यक्रम को मजबूत बनाने के लिए संकल्प लिया। इस अवसर पर अधिकारियों ने एकमत होकर कहा कि फाउंडेशनल लर्निंग के माध्यम से हमारा जिला शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएगा। निपुन हरियाणा मिशन के तहत झज्जर जिले का प्रदर्शन पूरे देश के लिए प्रेरणादायक बनेगा।

मादक पदार्थ 650 ग्राम गांजा के साथ एक आरोपी काबू
बहादुरगढ़, 18 फरवरी, अभीतक: नशा विरुद्ध अभियान के तहत पुलिस आयुक्त झज्जर डॉक्टर राजश्री सिंह ने जिला में मादक पदार्थ खरीद फिरोख्त करने वाले व्यक्तियों को पकड़ने के संबंध में कड़े दिशा निर्देश दिए गए थे। पुलिस कमिश्नर के दिशा निर्देशों की पालना करते हुए सीआईए टू बहादुरगढ़ की पुलिस टीम ने थाना सेक्टर 6 बहादुरगढ़ के एरिया से एक व्यक्ति को नशीले पदार्थ गांजा के साथ काबू करने में कामयाबी हासिल की है। जिस संबंध में जानकारी देते हुए सीआईए टु बहादुरगढ़ प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि सीआईए टु में तैनात उप निरीक्षक पवन वीर की पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि भूमित निवासी कबीर बस्ती बहादुरगढ़ गांजा बेचने का अवैध धंधा करता है वह गांजा बेचने की फिराक में रोहतक बहादुरगढ़ रोड बालाजी इंडस्ट्रियल एरिया के पास खड़ा है।जिस सूचना पर तत्परता से कार्रवाई करते हुए सीआईए टु बहादुरगढ़ की टीम मौके पर पहुंची तो वहां पर एक नौजवान लड़का अपनी कमर पर पिट्ठू बैग लटकाए हुए दिखाई दिया। जिसे शक की बिनाह पर पुलिस टीम ने काबू कर लिया। पकड़े गए व्यक्ति के पास मादक पदार्थ होने के संदेह पर नियम अनुसार राजपत्रित अधिकारी को सूचित किया गया । इसके बाद मौके पर पहुंचे राजपत्रित अधिकारी के समक्ष नियम अनुसार तलाशी ली गई तो पकड़े गए आरोपी के पिट्टू बैग से करीब 650 ग्राम नशीला पदार्थ गांजा बरामद हुआ। नशीले पदार्थ के साथ पकड़े गए उपरोक्त व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करते हुए थाना सेक्टर 6 बहादुरगढ़ में मादक पदार्थ अधिनियम के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया गया। पकड़े गए आरोपी के खिलाफ कार्यवाही करते हुए अदालत बहादुरगढ़ में पेश किया गया। माननीय अदालत के आदेश अनुसार आरोपी को पूछताछ के लिए एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। पुलिस रिमांड पूरा होने के पश्चात आरोपी को अदालत बहादुरगढ़ में पेश करके न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

देश की 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने कार्यक्रम घोषित कर दिया है। आयोग के अनुसार 26 फरवरी को अधिसूचना जारी होगी। 5 मार्च तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे, 6 मार्च को जांच और 9 मार्च तक नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होगी। मतदान 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा और उसी दिन मतगणना भी की जाएगी। इन सीटों में महाराष्ट्र की 7, तमिलनाडु की 6, पश्चिम बंगाल और बिहार की 5-5 सहित कुल 10 राज्यों की सीटें शामिल हैं। राजनीतिक समीकरणों के आधार पर महाराष्ट्र में महायुति, तमिलनाडु में डीएमके, बंगाल में टीएमसी और बिहार में एनडीए को बढ़त मिलने की संभावना जताई जा रही है।

झज्जर एवं बहादुरगढ़ में 14 मार्च को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा
झज्जर, 18 फरवरी, अभीतक: जिला झज्जर एवं बहादुरगढ़ परिसर में 14 मार्च 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसमें दोनों पक्षों की सहमति से मामलों का निपटारा करवाया जाएगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर के चेयरमैन जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजकुमार यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य लंबित मामलों का आपसी समझौते के माध्यम से त्वरित निपटारा करवाना है लोक अदालत में ट्रैफिक चालान बैंक रिकवरी मोटर वाहन दुर्घटना अधिनियम पारिवारिक विवाद दीवानी एवं फौजदारी मामले श्रम विभाग भूमि अधिग्रहण बिजली पानी के बिलों तथा राजस्व आदि का निपटारा किया जाएगा। राजकुमार यादव ने आमजन से अपील की हैं कि शनिवार 14 मार्च को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर का लाभ उठाएं।

राज्यसभा की 37 खाली सीटों के लिए 16 मार्च 2026 को मतदान होगा। चुनाव आयोग ने आज बुधवार को इसका नोटिफिकेशन जारी किया है। चुनाव के नतीजे शाम 5 बजे सामने आएंगे। बता दें कि हरियाणा से दो और हिमाचल में 1 राज्यसभा सीट खाली हो रही है, वहीं कई राज्यों से भी राज्यसभा सीटें खाली हो रही हैं। हरियाणा से रामचंद्र जांगड़ा व किरण चैधरी की सीट खाली हो रही है।

किसानों की उपस्थिति में ऑनलाइन ड्रा निकालते हुए डीसी अभिषेक मीणा।

एसबी-89 स्कीम के तहत अनुसूचित जाति के 13 किसानों का ट्रैक्टर पर अनुदान के लिए चयन
डीसी अभिषेक मीणा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय कमेटी द्वारा निकाला गया ड्रा
चयनित किसानों को ट्रैक्टर की कीमत का 50 प्रतिशत या अधिकतम तीन लाख रुपए करवाया जाएगा उपलब्ध

रेवाड़ी, 18 फरवरी, अभीतक: कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा सबी-89 स्कीम 2025-26 के तहत अनुसूचित जाति के किसानों को ट्रैक्टर पर अनुदान उपलब्ध करवाने के लिए ऑनलाइन आमंत्रित किए गए आवेदनों का ड्रा के माध्यम से चयन किया गया। डीसी अभिषेक मीणा की अध्यक्षता में किसानों की उपस्थिति में जिला स्तरीय कार्यकारिणी कमेटी द्वारा बुधवार को लघु सचिवालय सभागार में ऑनलाइन ड्रा निकाला गया। जिसमें 182 ऑनलाइन आवेदन करने वाले किसानों में से 13 किसानों का चयन किया गया। चयनित किसानों को 45 या इससे अधिक होर्स पॉवर पर तीन लाख रुपए का अनुदान उपलब्ध करवाया जाएगा। डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि सभी चयनित किसान 23 फरवरी 2026 तक अपने दस्तावेज सहायक कृषि अभियंता रेवाड़ी कार्यालय में जमा करवाएं। कोई किसान अपने दस्तावेज जमा नहीं करवाता है तो उसके चयन को निरस्त कर दिया जाएगा। इसके उपरांत प्रतीक्षा सूची में चयन किए गए आवेदकों को दस्तावेज करवाने का मौका दे दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि चयनित आवेदको को सभी दस्तावेज जमा कराने उपरांत ऑनलाइन अनुदान पात्रता प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा। चयनित किसान 8 मार्च 2026 तक विभागीय पोर्टल पर उपलब्ध अधिकृत निर्माताओं में से अपनी मनपसंद फर्म या डीलर से मोल भाव करके ट्रैक्टर खरीदना सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि डीलर के माध्यम से ट्रैक्टर का बिल, इंश्योरेंस, आरटीओ कार्यालय द्वारा जारी रजिस्ट्रेशन फीस की रसीद और किसान का ट्रैक्टर व डीलर सहित जीपीएस लोकेशन के साथ फोटो 10 मार्च 2026 तक विभागीय पोर्टल पर अपलोड करवाना अनिवार्य है। निर्धारित तिथि तक बिल सहित सभी दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करवाने वाले किसानों के ट्रैक्टर का भौतिक सत्यापन जिला स्तरीय कमेटी द्वारा किया जाएगा।

भारतीय किसान यूनियन के किसानों के साथ बैठक करते डीसी अभिषेक मीणा।

डीसी अभिषेक मीणा ने सुनी किसानों की बात
कहा- जिला प्रशासन सदैव किसानों की सहायता के लिए तत्पर

रेवाड़ी, 18 फरवरी, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा ने कहा है कि जिला प्रशासन किसानों की समस्याओं का समाधान करने के लिए सदैव तत्पर रहता है। उन्होंने आज लघु सचिवालय सभागार में भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी ग्रुप) के किसानों के साथ बैठक की, जिसमें विभिन्न मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से विचार-विमर्श किया गया। भाकियू के जिला प्रधान समय सिंह ने अपने संगठन की ओर से किसानों का बकाया मुआवजा दिलवाने, सरसों खरीद के समय सरकारी लैब से इसकी जांच करवाए जाने आदि मांगें रखी। डीसी अभिषेक मीणा ने कृषि विभाग के अधिकारियों को कहा कि रेवाड़ी जिला में कृषि विभाग की सरकारी लैब में सरसों की जांच करवाई जाए, जिससे कि प्राइवेट लैब के किसानों को चक्कर न लगाना पड़े। उन्होंने कहा कि भावांतर भरपाई योजना के तहत बाजरा की वर्ष 2024 के दौरान हुई खरीद की बकाया राशि का बजट आना बाकी है। बजट उपलब्ध होते ही यह राशि किसानों को वितरित कर दी जाएगी। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के बारे डीसी अभिषेक मीणा ने सुझाव दिया कि सांझा भूमि में परिवार का एक सदस्य लोन लेता है तो इससे बाकी सदस्यों को योजना का लाभ नहीं मिल पाता। इसलिए या तो जमीन की तकसीम करवा कर यह लोन लेना चाहिए, या फिर खसरा नंबर निर्धारित कर परिवार का एक सदस्य अपना कृषि ऋण ले। जिससे कि अन्य साझेदारों को बीमा राशि का नुकसान ना होने पाए। डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि क्षतिपूर्ति पोर्टल को लेकर किसानों में अभी जागरूकता की कमी है। इस पोर्टल पर नुकसान होने के 72 घंटों के भीतर ऑनलाइन आवेदन करना जरूरी है। इसलिए इस प्रक्रिया के प्रति किसानों को जागरूक किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि कृषि संबंधित पोर्टल पर आवश्यक सुधार किए जाने चाहिए, जिससे कि फसल बीमा में तकनीकी समस्या किसान को ना आए। डीसी ने भाकियू संगठन से अनुरोध किया कि अधिक से अधिक किसान एग्रीस्टैक आईडी बनवाना सुनिश्चित करें, जिससे कि उनको सरकारी योजनाओं का समय पर लाभ मिल सके। इस अवसर पर जिला राजस्व अधिकारी प्रदीप देसवाल, कृषि विभाग के उप निदेशक डा. जितेंद्र अहलावत, तकनीकी सहायक डॉ. मनोज वर्मा, भाकियू महिला विंग की प्रधान मुन्नी देवी, राजेंद्र, सविता, राजकुमार, देशराज आदि मौजूद रहे।

हरी झंडी दिखाकर खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ करते डीसी अभिषेक मीणा।
विजेता खिलाडियों को सम्मानित करते हुए डीसी अभिषेक मीणा।

खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने से महिलाओं में आती है आत्मविश्वास की भावना- डीसी अभिषेक मीणा
जिला स्तरीय महिला खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन

रेवाड़ी, 18 फरवरी, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा ने कहा है कि महिलाएं आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। महिलाओं के लिए खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन भी इसी उद्देश्य से किया जाता है कि उनमें आत्मविश्वास की भावना और प्रबल हो तथा वे स्वावलंबी बनें। डीसी अभिषेक मीणा आज स्थानीय पुलिस लाइन परिसर में महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आयोजित जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने हरी झंडी दिखाकर खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता का उद्देश्य महिलाओं को शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना तथा खेल गतिविधियों के माध्यम से उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। ये खेल प्रतियोगिताएं महिलाओं में आत्मविश्वास व स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ावा देती हैं। खेल स्पर्धाएं शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के साथ-साथ आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि घर से बाहर निकल कर रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने से महिलाएं अपनी स्वतंत्रता का अनुभव कर सकती है, जिससे संतुलित समाज का निर्माण होता है। जिला कार्यक्रम अधिकारी शालू यादव ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा हर वर्ष खंड स्तर एवं जिला स्तर पर दो आयु वर्गों में इन खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। जिससे महिलाएं घर की सीमाओं से बाहर निकलकर अपने कौशल को पहचान सकें। उन्होंने बताया कि ब्लॉक स्तर पर आयोजित प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली प्रतिभागियों को जिला स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर दिया जाता है। इससे पहले जिला के 6 खंडों में ये प्रतियोगिताएं करवाई गई थीं।
विजेताओं व नेशनल खिलाडियों को किया सम्मानित
तीस वर्ष से अधिक आयु वर्ग की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में सुमित्रा प्रथम, सरोज देवी द्वितीय व कुमारी कमलेश तृतीय स्थान पर रहीं। म्यूजिकल चेयर प्रतियोगिता में अनिता ने पहला, गीता ने दूसरा व मीना ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। सौ मीटर दौड़ स्पर्धा में अनोखी सबसे आगे रही, दूसरा स्थान मंजू व तीसरा स्थान आशा ने प्राप्त किया। 18 से 30 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं के लिए 300 मीटर रेस स्पर्धा में अंतिम प्रथम, रेखा द्वितीय व नेहा तृतीय स्थान पर रही। चार सौ मीटर दौड़ में सोनिल ने पहला, प्रवीन ने दूसरा और आरती ने तीसरा स्थान हासिल किया। इसी वर्ग की साइकिल रेस में सरिता ने सबसे आगे रहकर प्रथम स्थान प्राप्त किया। इस रेस में अनीता ने दूसरा और पूनम ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। डीसी अभिषेक मीणा ने विजेता खिलाडियों को प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने टेबल टेनिस की नेशनल प्लेयर वैभवी, बॉक्सिंग खिलाड़ी ज्योति, आरती, शर्मिला, पूजा, पलछिन तथा पैरा एथलीट प्रमिला, सरला देवी व तमन्ना शर्मा को भी सम्मानित किया। तलवारबाजी की खिलाड़ी तेजस्विनी, वासु शर्मा, अंशिका राणा, प्रियंका यादव, निपूर्णा राव व नव्या यादव को भी पुरस्कृत किया गया। डीसी ने फुटबाल खिलाड़ी नैना, शिवानी, लक्ष्मी व हर्षिता को भी सम्मानित किया। इस अवसर पर जिला खेल अधिकारी ममता, सीडीपीओ राधा यादव, सुमन यादव सहित अन्य अधिकारी, आंगनबाड़ी सुपरवाइजर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।

हरियाणा के राज्यपाल प्रो0 असीम कुमार घोष ने स्वामी रामकृष्ण परमहंस को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी
चंडीगढ़, 18 फरवरी, अभीतक: हरियाणा के माननीय राज्यपाल प्रो0 असीम कुमार घोष ने बुधवार को लोक भवन में स्वामी रामकृष्ण परमहंस जी की जयंती पर उन्हें दिल से श्रद्धांजलि दी। राज्यपाल प्रो0 असीम कुमार घोष ने कहा, मैं महान संत स्वामी रामकृष्ण परमहंस जी को उनकी जयंती पर दिल से श्रद्धांजलि देने के लिए सिर झुकाता हूं। दुनिया भर में भाईचारा, भक्ति और आध्यात्मिक जागृति की उनकी हमेशा रहने वाली शिक्षाएं इंसानियत को प्रेरित करती रहती हैं। राज्यपाल के सचिव श्री डीके बेहेरा, राज्यपाल के ।क्ब् (च्) श्री शुभम सिंह और लोक भवन के दूसरे बड़े अधिकारियों ने भी स्वामी रामकृष्ण परमहंस जी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी।

हिसार शहर के मधुबन पार्क के पास नगर निगम द्वारा बनाए गए अस्थायी रैन बसेरे में मंगलवार देर रात एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान जींद निवासी 45 वर्षीय बलकार के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलने पर बुधवार सुबह पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

बीपीएमएस के 36 वें निःशुल्क कैंप में 125 मरीजों की ओपीडी, 35 का होगा नेत्र आपरेशन
सबको नेत्र ज्योति’ व ‘सबका साथ-सबका स्वास्थ्य मिशन’ में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे: दिनेश गुप्ता

भिवानी, 18 फरवरी, अभीतक: उत्तर भारत की प्रमुख समाजसेवी संस्था भिवानी परिवार मैत्री संघ (बीपीएमएस) के 36 वें निःशुल्क नेत्र व स्वास्थ्य शिविर में खराब मौसम के बावजूद भारी संख्या में मरीज उमड़े। शिविर में कुल 125 मरीजों की ओपीडी हुई। वरिष्ठ चिकित्सकों के गहन निरीक्षण के बाद 35 मरीजों का नेत्र ऑपरेशन के लिए चयन किया गया। इसके अलावा 45 मरीजों की ओरल जांच की गई। शिविर की उल्लेखनीय विशेषता यह रही कि बीपीएमएस के 35वें शिविर में नेत्र ऑपरेशन करवाने वाले दो मरीजों से 36 वें शिविर का शुभारंभ करवाया गया। प्रमुख समाजसेवी श्रीमती राज रानी महाजन एवं श्री कुलदीप राज महाजन की पुण्य स्मृति में श्रीकृष्ण प्रणामी मंदिर में आयोजित 36वें शिविर के शुभारंभ अवसर पर विख्यात अधिवक्ता पवन जैन, बीपीएमएस के महासचिव दिनेश गुप्ता, सामाजिक संस्था चेतना के महासचिव एनआर जैन, कांता बजाज, डा. बुद्धदेव आर्य भी मौजूद थे। एक और विशेषता का उल्लेख करना आवश्यक है। इस बार उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से अजय नामक युवक अपने पिता की नेत्र जांच के लिए बीपीएमएस के शिविर में आया। शिविर में इस बार शुगर जांच की भी व्यवस्था की गई थी। बीपीएमएस महासचिव दिनेश गुप्ता ने कहा कि भिवानी परिवार मैत्री संघ ने समिजसेवा के क्षेत्र में अनेक मिसाल कायम की हैं। उन्होंने कहा कि ‘सबको नेत्र ज्योति’ व ‘सबका साथ-सबका स्वास्थ्य मिशन’ में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने आह्वान किया कि लोग कैंसर जांच के लिए संकोच न करें और न ही डरें। समय रहते यदि इस बीमारी का पता चलने पर इसका पूरी तरह इलाज संभव है। छिपाने से यह बीमारी घातक रूप ले लेती है। ‘चेतना’ के महासचिव एनआर जैन ने जरूरतमंद मरीजों की सेवा में बीपीएमएस के संकल्पों का जिक्र करते हुए कहा कि शिविर में आए हर व्यक्ति की नेत्र एवं चिकित्सा जांच के साथ-साथ दवा, चश्मे आदि मुफ्त दिए जाते हैं। उल्लेखनीय है कि आंखों की जांच इंदिरा गांधी आई हास्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, गुरुग्राम के विख्यात चिकित्सकों ने की तथा मेडिकल एवं कैंसर जांच दिल्ली के राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट के अनुभवी डॉक्टरों द्वारा की गई। उल्लेखनीय है कि बीपीएमएस के 35 निःशुल्क चिकित्सा शिविरों में भिवानी, चरखी दादरी, रोहतक, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, जींद से लेकर दिल्ली तक के हजारों गरीब व जरूरतमंद मरीज निःशुल्क चिकित्सा सेवाएं ले चुके हैं। शिविरों में चिकित्सा के स्तर तथा दवाओं की गुणवत्ता के कारण बीपीएमएस की ख्याति अब पड़ोसी राज्यों तक जा पहुंची है।

एक राष्ट्र, एक चुनाव और मीडिया विषय पर सेमिनार 22 फरवरी को
भिवानी, 18 फरवरी, अभीतक: एक राष्ट्र, एक चुनाव और मीडिया विषय पर जर्नलिस्ट क्लब भिवानी द्वारा एक सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है। इस बारे में जानकारी देते हुए कार्यक्रम तके स्वागताध्यक्ष एवं एक राष्ट्र, एक चुनाव के जिला संयोजक डाक्टर विनोद आंचल ने बताया कि 22 फरवरी को होने वाली इस सेमिनार के मुख्य वक्ता भाजपा के राष्ट्रीय सचिव ओम प्रकाश धनखड़ रहेंगे। उन्होने बताया कि चैधरी बंसीलाल यूनिवर्सिटी के कुलसचिव डाक्टर जितेन्द्र भारद्वाज की अध्यक्षता में आयोजित इस सेमिनार के अति विशिष्ट अतिथि एक राष्ट्र, एक चुनाव के प्रदेश संयोजक विजयपाल और भाजपा की राष्ट्रीय परिषद के सदस्य शंकर धूपड़ होंगे। डाक्टर अंचल ने बताया कि एक राष्ट्र, एक चुनाव विषय पर यहअपने तरह की पहली सेमिनार होगी, जिसे पत्रकारों की संस्था आयोजित कर रही है।

बाल विवाह मुक्ति रथ यात्रा ने आज 21 वें दिन कई गांवों का भ्रमण किया तथा बाल विवाह रोकथाम हेतु अलख जगाई
झज्जर, 18 फरवरी, अभीतक: बाल विवाह मुक्ति रथ भारत सरकार के 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जस्ट राइट्स फाॅर चिल्ड्रन के सहयोगी संस्था एम डी डी आफ इंडिया तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर के संयुक्त तत्वावधान में चलाया जा रहा है। एम डी डी आफ इंडिया के राष्ट्रीय सहयोगी जस्ट राइट्स फाॅर चिल्ड्रन भारत के 450 जिलों में बाल विवाह मुक्ति रथ का संचालन कर रहे हैं। एम डी डी आफ इंडिया के चीफ एक्जीक्यूटिव आफिसर श्री सुरिंदर सिंह मान का कहना है कि इस बार विवाह मुक्ति रथ को चलाने का उद्देश्य यही है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों, बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 से अवगत करवाना है ताकि बाल विवाह पर रोक लग सके। हसनपुर सरपंच बलवान ने कहा कि लड़कियों को अपने तरीके से जीवन जीने के लिए जरूरी है कि मजबूती से बाल विवाह नामक बुराई के खिलाफ लड़ाई लडी जाए। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय डावला की प्रधानाचार्य श्रीमती छोटी देवी ने कहा कि बाल विवाह एक लड़की के सपनों को चकनाचूर कर देता है जिस लड़की का भी बाल विवाह होता है वह शारीरिक रुप से भी विकास नहीं कर पाती । उन्होंने कहा कि हमारे स्कूल के विद्यार्थी भी बाल विवाह मुक्त भारत बनाने को अपने अपने स्तर पर जागरूकता फैलाएंगे ताकि जल्दी ही हमारा झज्जर जिला बाल विवाह मुक्त जिला बन जाए। रईया सरपंच मुकेश देवी ने कहा कि बेटियों को उनके सभी अधिकार मिले यह सुनिश्चित किया जाना जरूरी है। इसके लिए वह अपने स्तर पर प्रयास करेंगे तभी बाल विवाह पर करारी चोट की जा सकेगी। इस अवसर पर सामुदायिक सामाजिक कार्यकर्ता पुनम, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, सरपंच तथा गांव के महिलाएं व पुरुष शामिल रहे।

हरसमय पोर्टल पर लापता व्यक्तियों के पंजीकरण की सुविधा शुरू
सीसीटीएनएस एकीकरण से स्मार्ट पुलिसिंग को मजबूती
जीआईएस-आधारित पुलिस स्टेशन लोकेटर भी शुरू

चंडीगढ़, 18 फरवरी, अभीतक: हरियाणा सरकार ने तकनीक आधारित नागरिक सेवाओं और स्मार्ट पुलिसिंग को बढ़ावा देते हुए हरसमय पोर्टल पर श्लापता व्यक्तियों का पंजीकरणश् सुविधा शुरू की है। साथ ही, सत्यापन सेवा प्रमाणपत्रों को डिजिलॉकर से जोड़ा गया है। नागरिक पोर्टल पर जीआईएस-आधारित पुलिस स्टेशन लोकेटर भी शुरू किया गया है, जिससे ऑनलाइन शिकायत दर्ज करना अब और भी सरल हो गया है। इन कार्यों की जानकारी आज यहां गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स) की 32वीं बैठक में दी गई। बैठक में बताया गया कि सीसीटीएनएस का ई-कोर्ट्स और ई-प्रोसिक्यूशन प्रणाली से एकीकरण कर लिया गया है। इससे जांच अधिकारियों को अदालतों और अभियोजन कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने की आवश्यकता कम हुई है। थानाध्यक्षों (एसएचओ) के लिए कैदियों की रिहाई संबंधी अलर्ट व्यवस्था भी लागू की गई है। इसके अलावा, सीसीटीएनएस के अंतर्गत एफआईआर, चालान और अन्य दस्तावेजों के लिए आधार-आधारित जेनरिक ई-साइन सुविधा लागू की गई है। इससे फील्ड अधिकारियों के समय और स्टेशनरी की बचत हुई है। राष्ट्रीय स्वचालित फिंगरप्रिंट पहचान प्रणाली (एनएएफआईएस) और मोबाइल क्राइम यूनिट्स (एमसीयू) सभी जिलों में स्थापित की जा चुकी हैं। गिरफ्तार आरोपियों के फिंगरप्रिंट, आइरिस स्कैन और शारीरिक माप व्यवस्थित रूप से दर्ज किए जा रहे हैं, जिससे एक सुदृढ़ और केंद्रीकृत आपराधिक डाटाबेस तैयार हो रहा है। एमसीयू तैनाती और एनएएफआईएस अपलोड के मामले में हरियाणा अग्रणी राज्यों में शामिल है और तकनीक आधारित पुलिसिंग में अग्रणी राज्य के रूप में पहचान बना चुका है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) द्वारा तैयार प्रगति डैशबोर्ड पर हरियाणा ने लगातार शत-प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। जून 2021 से लेकर पिछले 55 महीनों में हरियाणा 41 बार शीर्ष स्थान पर रहा है, जो डिजिटल पुलिसिंग के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। साल 2022 और 2023 में सीसीटीएनएस-आईसीजेएस की उत्कृष्ट प्रथाओं पर आयोजित वार्षिक सम्मेलन में भी हरियाणा पुलिस को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिल चुका है। राज्य ने नए आपराधिक कानूनों को निर्धारित समय-सीमा में लागू कर राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान हासिल किया है। इंटरऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) के माध्यम से 247 वाहनों और 400 व्यक्तियों का पता लगाया गया है। राइट टू सर्विस (आरटीएस) डैशबोर्ड पर भी हरियाणा पुलिस को 10 में से 10 अंक मिले हैं। साथ ही, 78.33 लाख से अधिक नागरिक सेवा आवेदनों का निपटान निर्धारित समय में किया गया है।

हरियाणा में 40 करोड़ से अधिक राजस्व अभिलेखों का डिजिटलीकरण
एफसीआर डॉ. सुमिता मिश्रा ने डीसी बैठक में व्यापक सुधार एजेंडा की समीक्षा की

चंडीगढ, 18 फरवरी, अभीतक: पारदर्शी और तकनीक-आधारित भूमि प्रशासन की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए हरियाणा ने मॉडर्न रेवेन्यू रिकॉर्ड रूम्स (डत्त्त्) पहल के तहत 40 करोड़ 09 लाख 10 हजार 631 से अधिक राजस्व अभिलेखों की छवियाँ अपलोड कर दी हैं। यह राज्य के प्रशासनिक इतिहास के सबसे बड़े डिजिटलीकरण अभियानों में से एक है। इस प्रगति की समीक्षा सभी उपायुक्तों की बैठक में की गई, जिसकी अध्यक्षता वित्त आयुक्त (राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग) डॉ. सुमिता मिश्रा ने की। डॉ. मिश्रा ने इस डिजिटलीकरण अभियान को ऐतिहासिक भूमि अभिलेखों के संरक्षण, डेटा सुरक्षा सुनिश्चित करने और नागरिकों को प्रमाणित दस्तावेजों की सहज उपलब्धता देने वाला संरचनात्मक सुधार बताया। उन्होंने अधिकारियों को सभी जिलों में सख्त गुणवत्ता जांच और समान मानकों का पालन करने के निर्देश दिए।
निर्धारित समय सीमा में अधिकांश रजिस्ट्री पूरी
लंबित मामलों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि 16 फरवरी, 2026 तक लगभग 95 प्रतिशत रजिस्ट्रियाँ निर्धारित 5 दिनों की समय-सीमा के भीतर पूरी की गईं, जिससे संकेत मिलता है कि अधिकांश लेन-देन सामान्य समय-सीमा में निपटाए जा रहे हैं। अधिकारियों को शेष मामलों का समयबद्ध निपटान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में 7,104 गाँवों और 143 तहसीलों में लंबित इंतकाल मामलों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। वेब-हैलरिस (ॅमइ-भ्।स्त्प्ै) में प्रविष्टियाँ शीघ्र करने और निर्धारित समय-सीमा से अधिक लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि पिछले एक महीने में ही राज्यभर में 51 हजार 199 लंबित इंतकाल मामलों का निपटारा किया गया है। एफसीआर डॉ. मिश्रा ने अधिकारियों को अगले महीने के भीतर सभी लंबित मामलों का निपटान करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक शनिवार को ‘जलसा-ए-आम’ अभियान जारी रखने के निर्देश भी दिए, ताकि लंबित इंतकाल मामलों के निपटान में तेजी लाई जा सके। भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण के तहत 64.34 लाख प्राप्त ततिमों में से 60.79 लाख ततिमों का कार्य पूरा कर लिया गया है। इसके अलावा 4,115 गाँवों में भू-नक्शा अद्यतन किया जा चुका है। जिन जिलों में अधिक लंबित कार्य है, उन्हें समयबद्ध तरीके से प्रगति तेज करने के निर्देश दिए गए। एफसीआर डॉ. मिश्रा ने सभी उपायुक्तों को 28 फरवरी, 2026 तक ततिमा अद्यतन कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। एग्रीस्टैक (हरियाणा किसान रजिस्ट्री) पहल के तहत राज्य सरकार ने 10.76 लाख से अधिक किसान पंजीकरण दर्ज किए हैं, जिनमें से 6.37 लाख से अधिक स्वीकृतियाँ पूरी हो चुकी हैं। डिजिटल क्रॉप सर्वे परियोजना 3,312 गाँवों में लागू की जा रही है, जिसमें लगभग 68 लाख खेतों को शामिल किया गया है। यह हरियाणा की डेटा-आधारित कृषि शासन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। बैठक में हरियाणा भूमि राजस्व अधिनियम की धारा 111ए के तहत संयुक्त जोतों का अनिवार्य बंटवारा, स्वामित्व प्रविष्टियों का संशोधन, सरकारी भूमि की एकरूप नामावली तथा इंतकाल और फर्द-बदर अभिलेखों के डिजिटलीकरण पर भी चर्चा की गई। उपायुक्तों को निर्धारित प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बजट सत्र में हरियाणा के विकास को मिलेगी नई दिशा, जनकल्याण और सुशासन पर रहेगा फोकस: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
हरियाणा की अर्थव्यवस्था मजबूत, प्रति व्यक्ति आय में हरियाणा देश में अग्रणी
भाजपा की नीति, नीयत और नेतृत्व से प्यार करती है जनता: मुख्यमंत्री
विपक्ष की विकास को देखने की नजर नहीं, केवल दुष्प्रचार करने पर जोर

चंडीगढ, 18 फरवरी, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि 20 फरवरी से शुरू होने जा रहा हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र प्रदेश के विकास की दिशा, जनकल्याण की प्राथमिकताओं और भविष्य की योजनाओं को सशक्त आधार प्रदान करेगा। प्रदेश की बीजेपी सरकार ने कार्यभार संभालते समय जो संकल्प पत्र प्रदेश की जनता के समक्ष रखा था, वह हमारे लिए गीता के समान है। वह सुशासन, पारदर्शिता तथा जनहित के प्रति प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता का स्पष्ट दस्तावेज है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी मंगलवार को हरियाणा निवास चंडीगढ़ में पत्रकारों से रूबरू हो रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, सूचना एवं जनसंपर्क भाषा विभाग के महानिदेशक श्री के.मकरंद पांडुरंग व मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव श्री प्रवीण आत्रेय मौजूद थे। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि पूरा देश जानता है कि भाजपा सरकारों में कथनी और करनी में कोई फर्क नहीं है। प्रदेश की बीजेपी सरकार ने भी अपने संकल्पों को जमीन पर उतारने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि 19 सितम्बर, 2024 को जारी किए गए संकल्प पत्र के 217 वादों में से 60 वादे पूरे किए जा चुके हैं और 120 वादों पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 17 मार्च, 2025 को उन्होंने विधानसभा में बतौर वित्त मंत्री अपना पहला बजट प्रस्तुत किया था। उस बजट वर्ष में 248 घोषणाएं की गई थी। इनमें से 77 बजट घोषणाएं पूरी कर ली गई हैं और 165 बजट घोषणाओं का कार्य अंतिम चरण में है, जिन्हें जल्दी ही पूरा कर लिया जाएगा।
2 हजार से ज्यादा मिले अब तक सुझाव
मुख्यमंत्री श्री नायब सैनी ने कहा कि वर्ष 2026-27 के लिए बजट बनाने की प्रक्रिया जारी है। पूर्व-बजट परामर्श की परंपरा को निभाते हुए, उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों के हितधारकों के साथ अब तक कुल 13 बैठकें की हैं। इनमें उन्हें 2 हजार 199 सुझाव प्राप्त हुए। इस बार प्रदेश सरकार ने ए.आई. चैटबॉट का नया प्रयोग किया। इसके माध्यम से भी लगभग 12 हजार 400 सुझाव प्राप्त हुए हैं। इन सभी पर मंथन जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार कम से कम 4-5 हजार सुझावों को आगामी बजट वर्ष 2026-27 में सम्मिलित करेंगे।
जन भावनाओं के अनुरूप होगा आगामी बजट
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका हरियाणा की जनता से वादा है कि आगामी बजट वर्ष 2026-27 न केवल जनता की भावनाओं और आकांक्षाओं को भली-भांति पूरा करेगा, बल्कि उनके परिवारों, गांवों, शहरों, जिलों और समूचे हरियाणा के विकसित भविष्य की सुदृढ़ नींव रखेगा। उन्होंने हरियाणा की अर्थव्यवस्था और राजकोष की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि 29 जनवरी, 2026 को योजना विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार राज्य का सकल घरेलू उत्पाद अर्थात् जी.डी.पी. वर्ष 2025-26 के अग्रिम अनुमानित आंकड़ों के अनुसार 13 लाख 67 हजार 769 करोड़ रूपये रही है। जबकि गत वर्ष के इन्हीं आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024-25 में यह 12 लाख 13 हजार 951 करोड़ रूपये थी। ये आंकड़ें दर्शाते हैं कि वर्ष 2025-26 में वर्ष 2024-25 के मुकाबले राज्य की जी.डी.पी. 12.67 प्रतिश्त की दर से बढ़ी है। 29 जनवरी, 2026 को योजना विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024-25 में राज्य की प्रतिव्यक्ति आय 3 लाख 58 हजार 171 रूपये रही है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिव्यक्ति आय 2 लाख 19 हजार 575 रूपये है। हरियाणा की प्रतिव्यक्ति आय देश के शीर्ष 5 राज्यों में शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 10 वर्षो में हरियाणा की प्रति व्यक्ति आय लगातार बढ़ी है। वर्ष 2014-15 में राज्य की प्रति व्यक्ति आय 1 लाख 47 हजार 382 रूपये थी। इन आंकड़ों से यह पूर्णतः स्पष्ट होता है कि पिछले 10 वर्षों में राज्य की प्रति व्यक्ति आय में लगभग ढाई गुणा की वृद्धि हुई है। वर्ष 2024-25 में राज्य सरकार के सभी विभागों का वास्तविक खर्चा 1 लाख 75 हजार 801 करोड़ रुपए था, जबकि वर्ष 2014-15 में यह केवल 61 हजार 904 करोड़ रुपए था। चालू वित्त वर्ष में 16 फरवरी, 2026 तक सभी विभागों का वास्तविक खर्चा 1 लाख 59 हजार 747 करोड़ रूपये है। मार्च माह तक यह आंकड़ा लगभग 2 लाख करोड़ रूपये हो जाएगा, जो कि बजट का लगभग 98 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि विपक्ष बार-बार टिप्पणियां करता है कि सरकार अर्थव्यवस्था पर खर्च नहीं कर रही है, लेकिन वे उन्हें बताना चाहेंगे कि प्रदेश सरकार के समय में अर्थव्यवस्था पर हुआ वास्तविक खर्च उनके समय में हुए वास्तविक खर्च से लगभग तीन गुणा है। लगभग 11 विभागों जिनमें पुलिस, परिवहन, राजस्व, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान शामिल हैं, का वर्ष 2025-26 के लिए कुल व्यय 80 प्रतिशत से ज्यादा हो चुका है। लगभग 21 विभागों का अब तक का व्यय वर्ष 2025-26 के लिए 70 प्रतिशत से ज्यादा हो चुका है तथा लगभग 18 विभागों का कुल व्यय वर्ष 2025-26 के लिए 60 प्रतिशत से ज्यादा हो चुका है।
जिनके समय में अर्थव्यवस्था लचरकृपचर थी वो सुझाव दें रहे
मुख्यमंत्री ने इस बीच विपक्ष पर निशाना भी साधा, उन्होंने कहा कि जिनके समय में अर्थव्यवस्था लचर पचर थी, आज वो बाहर बैठ कर सुझाव दें रहे है कि प्रदेश सरकार का अच्छा आर्थिक प्रबंधन नहीं है। उन्होंने कहा कि कोई भी सरकार अपने राजकोष का कितना अच्छा प्रबंधन कर रही है, यह जानने के लिए राजकोषीय घाटा सबसे उत्तम तरीका है। वर्ष 2024-25 में राज्य का राजकोषीय घाटा तत्कालीन जी.डी.पी. का 2.83 प्रतिशत रहा, जबकि 2014-15 में यह 2.88 प्रतिशत था। ध्यान रहे कि एफ.आर.बी.एम. एक्ट के अनुसार उस समय भी राजकोषीय घाटे की ऊपरी सीमा 3 प्रतिशत थी और आज भी 3 प्रतिशत है। यह तथ्य है कि राजकोषीय घाटा उस समय हमसे अधिक था। हमारे कुशल वित्तीय प्रबंधन का यह पहला परिचायक है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि 16 वें वित्त आयोग (2026-2031) की सिफारिशों के अनुसार हरियाणा का केंद्रीय करों में हिस्सा 1.093 प्रतिशत से बढ़कर 1.361 प्रतिशत हुआ है, जो 15वें वित्त आयोग की तुलना में 24.52 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि को दर्शाता है। 13वें वित्त आयोग की रिपोर्ट से राज्यों को केंद्रीय करों में मिलने वाले हिस्से में हरियाणा 20वें स्थान पर, 14वें वित्त आयोग में 17वें स्थान पर, 15वें वित्त आयोग में 21वें स्थान पर था। परंतु अब 16वें वित्त आयोग में हरियाणा पहले स्थान पर आ गया है।
विपक्ष बताएं, अगर भरोसा ना बढ़ता तो साधन कैसे मिलते
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय करों में से हरियाणा की यह बढ़ती हुई हिस्सेदारी प्रदेश सरकार की मजबूत वित्तीय विश्वसनीयता और प्रभावी नीति का प्रमाण है। अब विपक्ष ही बताए कि अगर शासन और नीयत सही ना होती तो, हरियाणा को यह बढ़ता भरोसा और संसाधन कैसे मिलते। उन्होंने कहा कि आज सरकार पर जनता का भरोसा केवल बढ़ा ही नहीं है, अपितु इसे एक नई पहचान भी मिली है। इसी का यह परिणाम है कि हरियाणा को आगे बढ़ने के निरंतर मौके मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष बार-बार बेरोजगारी के विषय पर बोलता है। उन्होंने कहा कि नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, 2004कृ05 में सरकारी व गैर सरकारी क्षेत्रों में 90.61 लाख लोग कार्यरत थे, जबकि 2014कृ15 में यह आंकड़ा घटकर 86.93 लाख रह गया था। वर्ष 2023-24 में 110 लाख लोग विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत थे। इस प्रकार जहाँ वर्ष 2004-14 के बीच लगभग 3 लाख 68 हजार लोगों को अपना रोजगार गंवाना पड़ा, वहीं वर्ष 2023-24 तक लगभग 27 लाख लोगों को रोजगार के नए अवसर प्राप्त हुए हैं। यह हमारी सरकार की बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री ने शिक्षा क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2004-14 की अवधि के दौरान उच्च शिक्षा में ग्रॉस एनरोलमेंट रेशों (जीईआर) लगभग 27 प्रतिशत था। जबकि, वर्ष 2015-25 की अवधि के दौरान यह बढ़कर 34 प्रतिशत हो गया है। इसी प्रकार, वर्ष 2005-14 की अवधि के बीच प्रदेश में लगभग 45 विश्वविद्यालय थे। जबकि, वर्ष 2015-25 की अवधि के बीच 60 नए विश्वविद्यालय प्रदेश में स्थापित हुए हैं। उन्होंने कहा कि वित्त विभाग द्वारा जारी व्हाइट पेपर के अनुसार राज्य का अपना राजस्व वर्ष 2013-14 में 25 हजार 567 करोड़ रुपए था। जबकि, वर्ष 2024-25 में राज्य का अपना राजस्व बढ़कर 77 हजार 943 करोड़ रुपए हो गया। वर्ष 2013-14 की तुलना में वर्ष 2024-25 में लगभग 52 हजार 376 करोड रुपए की वृद्धि हुई है। आर.बी.आई. के डाटा, एन.एस.एस.ओ. के रोजगार एवं बेरोजगारी सर्वेक्षण तथा पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार शहरी बेरोजगारी में वर्ष 2004-05 में हरियाणा की रैंकिंग 37 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 17 वें स्थान पर थी। यह वर्ष 2023-24 में सुधरकर 8 वें स्थान पर आ गई। इसी प्रकार ग्रामीण बेरोजगारी में हरियाणा की रैंकिंग वर्ष 2004-05 में 22 वें स्थान पर थी, जो की वर्ष 2023-24 में सुधकर 15 वें स्थान पर आ गई।
विपक्षी हरियाणा में इंड्रस्ट्री बन्द होने का कर रहे दुष्प्रचार
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी इंड्रस्ट्री बन्द करने का दुष्प्रचार करने के साथ साथ हरियाणा की जनता को भयानक सपने दिखाने का काम कर रहे है। विपक्ष ने केवल झूठ की दुकान खोल रखी है, जबकि सच्चाई यह है कि पिछले कुछ सालों में हरियाणा का औद्योगिक विकास तेजी से बढ़ा है और आज राज्य देश के बड़े औद्योगिक राज्यों में गिना जाता है। वित्त वर्ष 2023-24 में हरियाणा का औद्योगिक उत्पादन 11.08 लाख करोड़ रूपये रहा, जिससे राज्य देश में चैथे नंबर पर है। यह दिखाता है कि हरियाणा में उद्योगों का आधार मजबूत है। हर फैक्ट्री से होने वाला उत्पादन औसतन 13 हजार 549 लाख रूपये रहा, जो देश के औसत से करीब दोगुणा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने उद्योग एवं श्रमिक के बीच सहयोग एवं समन्वय बनाए रखने के लिए उद्योग-श्रमिक मैत्री परिषद का गठन किया है, जिसकी पहली बैठक 11 फरवरी, 2026 को आयोजित की गई। इस तरह का यह पहली मैत्री परिषद है जो किसी राज्य ने बनाई है। इस परिषद का उद्देश्य प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति प्रदान करना और उद्योग एवं श्रमिक परिवार के बीच में समन्वय बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में वर्ष 2015 के बाद एमएसएमई सेक्टर ने तेज रफ्तार पकड़ी है। वर्ष 2004 से 2014 के दौरान करीब 33 हजार एमएसएमई इकाइयाँ दर्ज थीं। इसके बाद वर्ष 2015-2025 की अवधि में उद्यम और उद्यम पंजीकरण पोर्टल पर 20 लाख से अधिक एमएसएमई रजिस्ट्रेशन हुए। रोजगार के मोर्चे पर भी एमएसएमई सेक्टर का योगदान साफ दिखता है। वर्ष 2014 से 2024 के बीच एमएसएमई सेक्टर से करीब 38 लाख नए अवसर बने। इसी दौरान राज्य का कुल औद्योगिक रोजगार वर्ष 2018-19 में 10 लाख 16 हजार से बढ़कर वर्ष 2023-24 में 11 लाख 91 हजार हो गया। आज देश के एमएसएमई इकोसिस्टम में हरियाणा की हिस्सेदारी करीब 9-10 प्रतिशत है। उन्होंने कहा ये आंकड़े साफ बताते हैं कि एमएसएमई सेक्टर हरियाणा के आर्थिक और औद्योगिक विकास का मुख्य स्तंभ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनेक कम्पनियों द्वारार रिन्व्यूएबल एनर्जी, एडवासं मैन्युफैक्चरिंग और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर क्षेत्रों में लगभग 5800 करोड़ रूपये का निवेश प्रस्तावित है। अप्रैल, 2024 से मार्च, 2025 के बीच हरियाणा का कुल निर्यात 19.10 बिलियन यू.एस. डॉलर रहा है। यह दर्शाता है कि हमारा राज्य निवेश और निर्यात दोनों क्षेत्रों में मजबूती से आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2015 से 2024 तक हरियाणा से कुल 132.13 बिलियन यूएस डॉलर का निर्यात हुआ, इससे पहले 10 वर्षो यानि 2004 से 2014 तक यह केवल 61.60 बिलियन यूएस डॉलर था। उन्होंने कहा कि 8 अक्तूबर, 2025 को मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल को इंटीग्रेटेड फर्टिलाइजर मैनेजमेंट सिस्टम के साथ एकीकृत करने से उर्वरक वितरण की पारदर्शिता में सुधार हुआ है। इससे केंद्र सरकार को उर्वरक सब्सिडी में 709 करोड़ रूपये की बचत हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगामी बजट में सरकार भविष्य विभाग के दृष्टिकोण को अपनाते हुए आगे बढ़ेगी। हरियाणा आज केवल विकास ही नहीं कर रहा, वह 2047 तक विकसित हरियाणा के रोडमैप को भी तैयार कर रहा है।
भाजपा की नीति, नीयत और नेतृत्व से प्यार करती है जनता
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जनता प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की नीति, नीयत और नेतृत्व से प्यार करती है। देश के लोगों का बीजेपी में विश्वास है, इसीलिए केंद्र में और हरियाणा में बीजेपी की डबल इंजन की सरकार काम कर रही है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस की नीतियां गलत थी। उनके कार्यकाल में गरीब और गरीब तो हो रहा था, साथ ही अमीर भी गरीबी रेखा में आ गए थे। केवल चुनाव जीतने के लिए उनकी तरफ से घोषणाएं कर दी जाती थी। प्रदेश और केंद्र की बीजेपी सरकार ट्रांसपेरेंसी से काम कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की नीति और नीयत मजबूत है। विपक्ष की विकास को देखने की नजर नहीं है।

विपक्ष अफवाह फैलाकर लोगों को कर रहा है भ्रमित: मुख्यमंत्री
मोदी की रणनीति से कांग्रेस के चेहरे मुरझाये
पंजाब में बनेगी भाजपा की सरकार

चंडीगढ़, 18 फरवरी, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विपक्ष के पास सरकार के खिलाफ कोई मुद्दा नहीं है , वह केवल अफवाह फैलाकर लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहा है। भारत एवं अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील से देशभर के उद्योगपति खुश हैं और जनता के चेहरे भी खिले हुए हैं , लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की रणनीति से केवल कांग्रेस के चेहरे मुरझाये हुए हैं। मुख्यमंत्री आज यहां हरियाणा निवास में प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों के सवालों के जवाब दे रहे थे। श्री नायब सिंह सैनी ने अपने जापान दौरे का जिक्र करते हुए बताया कि उनकी इस विजिट के दौरान करीब 5000 करोड़ रूपये के निवेश हेतु एमओयू पर हस्ताक्षर हुए थे, इनमें से कई निवेशकों ने तो प्रदेश में जमीन चिन्हित कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि विश्व की कई बड़ी कंपनियों ने भी हरियाणा में निवेश करने की इच्छा जाहिर की है ,इस दिशा में कदम भी उठाये गए हैं। उन्होंने पिछले बजट के दौरान राज्य में प्रस्तावित 10 आईएमटी की घोषणा के मामले में बताया कि इनमें से 6 आईएमटी स्थापित करने के लिए जगह भी चिन्हित कर ली गई है और निर्माण से संबंधित तेजी से काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि उद्योगों के अनुकूल वातावरण होने के कारण हरियाणा बाहरी निवेशकों के लिए मुख्य गंतव्य स्थल बन कर उभरा है। उन्होंने यह भी बताया कि इस बार के आम बजट में भी उद्योगों से संबंधित कई पॉलिसी आ रही हैं। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी द्वारा पंजाब दौरों को लेकर वहां मची राजनैतिक हलचल पर चुटकी लेते हुए कहा कि पंजाब में पहले कांग्रेस और अब आप पार्टी की सरकार के कारण उनका आर्थिक प्रबंधन गड़बड़ा गया है। हरियाणा आर्थिक प्रबंधन के मामले में नंबर वन है। आगामी चुनाव में पंजाब में भाजपा की सरकार बनेगी और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अर्थव्यवस्था में सुधार किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब के किसान जानते हैं कि हरियाणा सरकार 24 फसलों को एमएसपी पर खरीद रही है और आपदा के समय में अपने किसानों को उचित मुआवजा देकर उनको संबल प्रदान करती है। विपक्ष द्वारा प्रदेश में एचपीएससी के तहत बाहरी युवाओं को नौकरी देने के सवाल पर मुख्यमंत्री श्री सैनी ने कहा कि हरियाणा के युवा भी पड़ौसी राज्य पंजाब, उत्तरप्रदेश, राजस्थान , हिमाचल प्रदेश आदि में नौकरी के लिए चयनित होते हैं तो उक्त राज्यों के युवा भी मेरिट के आधार पर हरियाणा में चयनित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार पारदर्शिता के आधार पर काम कर रही है। श्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि इस साल सरकार ने लगभग 36 हजार युवाओं को मेरिट के आधार पर नौकरी दी है , फिलहाल 12500 रिक्तियों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है , इनमें लगभग 5500 रिक्तियों को भरने के लिए पुलिस विभाग में प्रक्रिया चल रही है। पलवल जिला में अज्ञात बीमारी के कारण हुई मौतों के सवाल पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि सरकार इस मामले में पूरी तरह से सजग है , स्वास्थ्य विभाग की टीमों का गठन करके जांच शुरू कर दी है। पीड़ितों के ईलाज के लिए सरकार हर संभव सहायता कर रही है।

पलवल को मिली चार सुपर सकर मशीनों की सौगात, सीवरेज व्यवस्था होगी सुदृढ़
लगभग तीन करोड़ रुपये की लागत से मशीनों का किया शुभारंभ, जलभराव से मिलेगी राहत – खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम

चंडीगढ़, 17 फरवरी- हरियाणा के खेल राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम ने आज पलवल में सीवर लाइनों की सफाई के लिए लगभग 3 करोड़ रुपये की लागत से खरीदी गई चार सुपर सकर मशीनों का रिबन काटकर शुभारंभ किया। इस दौरान खेल राज्य मंत्री ने कहा कि पलवल में पहली बार प्रदेश सरकार द्वारा पब्लिक हेल्थ विभाग को आधुनिक सुपर सकर मशीनें उपलब्ध करवाई गई हैं। इन मशीनों की सहायता से शहर की सीवरेज व्यवस्था को अधिक प्रभावी और सुचारू बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह सीवर क्लीनिंग मशीन वैक्यूम और जेटिंग तकनीक का उपयोग कर सीवरेज लाइनों से गाद, कीचड़ और ठोस अपशिष्ट को बाहर निकालने में सक्षम है। उन्होंने बताया कि यह मशीन 2200 पीएसआई तक के हाई-प्रेशर जेट से अवरुद्ध सीवर लाइनों को खोल सकती है तथा इसमें लगभग 10,000 लीटर तक कचरा संग्रहण की क्षमता है। इन मशीनों के संचालन से सफाई कार्य में तेजी आएगी और मैनुअल सफाई की आवश्यकता में भी कमी आएगी। श्री गौतम ने कहा कि सुपर सकर मशीनों के उपयोग से पलवल की सीवरेज और ड्रेनेज प्रणाली सुदृढ़ होगी तथा शहर को जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि पलवल के सौंदर्यीकरण के लिए चैक-चैराहों का विकास किया जा रहा है और करोड़ों रुपये की लागत से सडकों का जाल बिछाया जा रहा है।

भारत निर्वाचन आयोग करेगा राज्य निर्वाचन आयुक्तों के राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी
25 वर्षों के अंतराल के बाद 24 फरवरी को नई दिल्ली में होगा सम्मेलन

चंडीगढ़, 18 फरवरी, अभीतक: भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 24 फरवरी को राज्य निर्वाचन आयुक्तों (ैजंजम म्समबजपवद ब्वउउपेेपवदमते) का एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन भारत मंडपम, नई दिल्ली में किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि यह सम्मेलन 25 वर्षों से अधिक के अंतराल के बाद आयोजित किया जा रहा है। इससे पूर्व ऐसा राष्ट्रीय सम्मेलन वर्ष 1999 में आयोजित हुआ था। इस संबंध में जानकारी देते हुए हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री ए. श्रीनिवास ने बताया कि इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देश के सभी 36 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी सम्मिलित होंगे। उन्होंने बताया कि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भारत निर्वाचन आयोग तथा राज्य निर्वाचन आयुक्तों के बीच, उनके-अपने कानूनी ढांचे के अंतर्गत निर्वाचन प्रक्रियाओं, मतदाता सूची प्रबंधन और संभारिकी (स्वहपेजपबे) के विषयों पर बेहतर समन्वय और तालमेल स्थापित करना है। उन्होंने बताया कि सम्मेलन के दौरान प्रतिभागी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता पात्रता से संबंधित निर्वाचन कानूनों, भारत निर्वाचन आयोग द्वारा शुरू किए गए प्रौद्योगिकी आधारित उपायों, हाल ही में लॉन्च किए गए म्ब्प्छम्ज् डिजिटल प्लेटफॉर्म, ईवीएम (म्टडे)सहित अन्य समसामयिक विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा। भारत निर्वाचन आयोग, संविधान और देश के कानूनी ढांचे के अंतर्गत निर्वाचन कराने के अपने अनुभवों से प्राप्त विशेषज्ञता भी राज्य निर्वाचन आयुक्त के साथ साझा करेगा। उन्होंने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोगों का गठन संबंधित राज्यों के कानूनों के अंतर्गत 73वें और 74वें संवैधानिक संशोधनों के तहत किया गया है। इन आयोगों को पंचायतों और नगर निकायों के सभी चुनावों के अधीक्षण, निदेशन एवं नियंत्रण की संवैधानिक जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने बताया कि आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण (ैचमबपंस प्दजमदेपअम त्मअपेपवद) की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में वर्ष 2002 की मतदाता सूची के साथ वर्तमान मतदाताओं के विवरण का लगभग 62 प्रतिशत मिलान पूरा किया जा चुका है। इस कार्य में फतेहाबाद जिला 82.77 प्रतिशत मिलान के साथ प्रथम स्थान पर है, जबकि फरीदाबाद जिला 27.80 प्रतिशत के साथ अंतिम स्थान पर है। उन्होंने राज्य के सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे वर्ष 2002 की मतदाता सूची से संबंधित सत्यापन प्रक्रिया में बूथ लेवल ऑफिसर (ठस्व्) का सहयोग करें। मतदाता सूची से संबंधित किसी भी जानकारी अथवा सहायता के लिए मतदाता टोल-फ्री नंबर 1950 पर संपर्क कर सकते हैं।

जे.सी. बोस विश्वविद्यालय में ट्रांसमीडिया स्टोरीटेलिंग पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 18-19 फरवरी को
चंडीगढ़, 18 फरवरी, अभीतक: जे.सी.बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद में 18-19 फरवरी 2026 को आयोजित होने वाले दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “ट्रांसमीडिया स्टोरीटेलिंगरू नैरेटिव्स, डिस्कोर्स एंड डिसेमिनेशन (टीएस-26)” की तैयारियाँ इन दिनों अपने अंतिम चरण में हैं। साहित्य एवं भाषा विभाग की अध्यक्षा प्रो दिव्यज्योति सिंह ने बताया कि यह सम्मेलन हाइब्रिड मोड में आयोजित होगा, जिसमें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित विद्वान ऑफलाइन तथा ऑनलाइन दोनों माध्यमों से सहभागिता करेंगे। उन्होंने बताया कि आज के वैश्विक और डिजिटल युग में कहानी कहने की प्रक्रिया पारंपरिक सीमाओं से आगे बढ़कर बहुस्तरीय और बहुआयामी स्वरूप ग्रहण कर चुकी है। साहित्य, सिनेमा, डिजिटल मीडिया, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, विधि तथा जनसंचार के विभिन्न क्षेत्रों में कथानक निरंतर नए रूपों में विकसित हो रहे हैं। इसी परिप्रेक्ष्य में यह सम्मेलन कथाओं के निर्माण, प्रसार और विमर्श के बदलते आयामों पर गंभीर शैक्षणिक चर्चा का मंच प्रदान करेगा।

आयुष अस्पतालों में रिक्त पदों पर जल्द भर्ती की जाएगी: आरती सिंह राव
भिवानी के 25 बिस्तरों वाले सरकारी अस्पताल के लिए विभिन्न पदों को मिली मंजूरी

चंडीगढ़, 18 फरवरी, अभीतक: हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा है कि प्रदेश के आयुष अस्पतालों में रिक्त पदों पर जल्द भर्ती की जाएगी। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि रिक्त पदों को शीघ्र भरा जा सके और स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाया जा सके। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार आयुष चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे आम जनता को पारंपरिक और समग्र उपचार पद्धतियों का लाभ बेहतर तरीके से मिल सके। पर्याप्त स्टाफ की नियुक्ति से अस्पतालों में सेवाओं की गुणवत्ता और उपलब्धता दोनों में सुधार होगा। स्वास्थ्य मंत्री ने जानकारी दी कि भिवानी स्थित 25 बिस्तरों वाले सरकारी अस्पताल के लिए विभिन्न पदों को मंजूरी दे दी गई है। इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द ही प्रारंभ की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस अस्पताल में पांच पदों को नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के निर्धारित मानकों के अनुसार स्वीकृति दी गई है। इसके अतिरिक्त, योगा इंस्ट्रक्टर की नियुक्ति पार्ट-टाइम नियमों के तहत की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि हरियाणा सरकार प्रदेशभर में आयुष और पारंपरिक स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है, ताकि नागरिकों को व्यापक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

अधिकारियों को गर्मी से पहले जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश-जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने किया जल आपूर्ति व्यवस्था का औचक निरीक्षण
जलघर, एसटीपी और बूस्टर स्टेशनों की सफाई व रखरखाव रखे अधिकारी

चंडीगढ़, 18 फरवरी, अभीतक: हरियाणा के लोक निर्माण (भवन एवं सड़क) तथा जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने आज चंडीगढ़ में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के दौरान मंत्री ने विभाग से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों की समीक्षा करते हुए प्रदेश में पेयजल आपूर्ति, सीवरेज व्यवस्था और सार्वजनिक स्वास्थ्य से संबंधित परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी जलघर, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) तथा अन्य जन स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों की नियमित साफ-सफाई और समुचित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम जनता को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से औचक निरीक्षण, समयबद्ध कार्यों पर जोर
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न जिलों के जलघरों, एसटीपी तथा अन्य सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण भी किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने सभी परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा न होने देने पर जोर दिया।
वाटर वर्क्स और जल गुणवत्ता की व्यापक समीक्षा
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने प्रदेश के विभिन्न वाटर वर्क्स से संबंधित विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने पानी के स्रोत, किन-किन क्षेत्रों एवं गांवों में पेयजल आपूर्ति की जा रही है, वहां की जनसंख्या, जल आपूर्ति क्षमता तथा जल शोधन संयंत्रों (डब्ल्यूटीपी) की स्थिति और कार्यप्रणाली की समीक्षा की। इसके साथ ही जल भंडारण क्षमता, टंकियों की स्थिति, नियमित साफ-सफाई और स्वच्छता मानकों के पालन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को पानी के नमूनों की नियमित जांच सुनिश्चित करने, जल गुणवत्ता की निगरानी मजबूत करने तथा पाइपलाइन नेटवर्क के उचित रखरखाव के निर्देश भी दिए, ताकि लोगों को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
लीकेज और आपूर्ति संबंधी समस्याओं पर कार्रवाई के निर्देश
कैबिनेट मंत्री ने निर्देश दिए कि जिन गांवों में पेयजल की कमी है, वहां चिन्हित कर वैकल्पिक जल स्रोत विकसित किए जाएं। जहां भूजल स्तर कम है, वहां नए ट्यूबवेल या उपयुक्त जल स्रोत विकसित करने की योजना बनाई जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जहां भी पाइपलाइन में लीकेज या दूषित पानी की सप्लाई की शिकायतें हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया जाए, ताकि लोगों को स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण पानी मिल सके। नई पाइपलाइन बिछाते समय उसे सीवर लाइन से अलग रखने के निर्देश भी दिए गए, ताकि दूषित पानी की समस्या उत्पन्न न हो।
गर्मी के मौसम को देखते हुए विशेष तैयारी के निर्देश
श्री रणबीर गंगवा ने अधिकारियों को आगामी गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए पेयजल की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में पिछले वर्षों में जल संकट की स्थिति रही है, वहां विशेष निगरानी रखी जाए और जिला प्रशासन,बिजली व संचार विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर समय पर जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही पानी की बर्बादी रोकने और जल संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए। इस अभियान में स्कूलों, युवाओं,स्थानीय संस्थाओं और ग्राम पंचायतों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
परिसरों में हरियाली और स्वच्छता सुनिश्चित करने के निर्देश
बैठक के दौरान जलघर, एनबीएस (न्यू बूस्टर स्टेशन), एसटीपी तथा अन्य जन स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों के आसपास हरियाली बढ़ाने के लिए फूलों और पौधों के रोपण के निर्देश भी दिए गए। मंत्री ने कहा कि इन परिसरों में नियमित सफाई, रखरखाव और हरित वातावरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि परिसर स्वच्छ, सुरक्षित और आकर्षक बने रहें। इसके साथ ही सफाई और मेंटेनेंस व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग पर भी जोर दिया गया।
बेहतर कार्य करने वाले कर्मचारियों को मिलेगा प्रशंसा-पत्र
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन वाटर पंपों की स्थिति संतोषजनक नहीं है, उनके संबंध में आवश्यक कार्रवाई कर कार्यप्रणाली में सुधार सुनिश्चित किया जाए। वहीं जिन पंपों का संचालन मानकों के अनुरूप पाया गया, संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रशंसा-पत्र जारी करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि विभाग में बेहतर कार्य संस्कृति को बढ़ावा मिल सके।
सोलर ऊर्जा और एसटीपी जल के पुनरू उपयोग पर जोर
बैठक में ऊर्जा बचत और संचालन लागत कम करने के उद्देश्य से जलघर, एनबीएस, एसटीपी तथा अन्य जन स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों में सोलर ऊर्जा प्रणाली स्थापित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को इन स्थलों पर सोलर प्लांट लगाने की व्यवहार्यता का अध्ययन कर ठोस योजना तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि बिजली पर निर्भरता कम हो और पर्यावरण के अनुकूल व्यवस्थाएं विकसित की जा सकें। साथ ही वर्ष 2028 तक एसटीपी के पानी के पुन उपयोग के लक्ष्य को गति देने के निर्देश भी दिए गए, ताकि जल संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सके। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के हर नागरिक तक स्वच्छ पेयजल और बेहतर सीवरेज सुविधाएं पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और सुरक्षित पानी उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है और सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी का ईमानदारी से निर्वहन करते हुए कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें। साथ ही सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्ता के साथ विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है। बैठक में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ श्री देवेंद्र दहिया सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने व्यक्तिगत रूप से भाग लिया, जबकि अन्य अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

सएलएससी ने दी 402 करोड़ रुपये से अधिक की सौर ऊर्जा आधारित सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी
हरियाणा के 94 गांवों के लगभग 8,900 किसानों को मिलेगा लाभ
11,040 हेक्टेयर क्षेत्र आएगा आधुनिक सिंचाई के दायरे में

चंडीगढ़, 18 फरवरी, अभीतक: सतत कृषि और वैज्ञानिक जल प्रबंधन को बढ़ावा देने के मकसद से राज्य स्तरीय स्वीकृति समिति (एसएलएससी) ने हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में सूक्ष्म सिंचाई एवं कमान एरिया विकास प्राधिकरण (मिकाडा) के अंतर्गत चार सामुदायिक सौर ऊर्जा आधारित एकीकृत सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। कुल 402.41 करोड़ रुपये लागत की ये परियोजनाएं भिवानी, झज्जर, कुरुक्षेत्र और महेंद्रगढ़ जिलों के 20 ब्लॉकों में स्थित 61 नहरी आउटलेट्स पर लागू की जाएंगी। वर्ष 2026-27 से 2028-29 के बीच पूरी होने वाली इन परियोजनाओं से 11,040 हेक्टेयर कृषि योग्य कमांड एरिया आधुनिक सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के अंतर्गत आ जाएगा तथा 94 गांवों के 8,926 किसानों को सीधा लाभ होगा। जिला-वार स्वीकृत राशि में भिवानी के लिए 95.78 करोड़, झज्जर के लिए 114.68 करोड़, कुरुक्षेत्र के लिए 77.17 करोड़ तथा महेंद्रगढ़ के लिए 114.78 करोड़ रुपये शामिल हैं। परियोजनाओं का लाभ-लागत अनुपात 1.21रू1 से 1.65रू1 के बीच है, जो उनकी आर्थिक व्यवहार्यता और दीर्घकालिक लाभ को दर्शाता है। नहरी क्षेत्रों में ड्रिप और स्प्रिंकलर प्रणाली को बढ़ावा देकर, इन परियोजनाओं का लक्ष्य जल उपयोग दक्षता बढ़ाना, ट्रांसमिशन हानि कम करना और फसल उत्पादकता बढ़ाना है। बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि जल की आपूर्ति और मांग का समन्वित प्रबंधन जलवायु परिवर्तन और गिरते भूजल स्तर की चुनौतियों से निपटने के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विभागों को परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन, सख्त निगरानी और बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि निर्धारित अवधि में किसानों तक इनका लाभ पहुंच सके। सौर ऊर्जा आधारित प्रणाली से परिचालन लागत में कमी आएगी और सिंचाई पर्यावरण के अनुकूल बनेगी। उन्होंने अधिकारियों को खेतों में जाकर किसानों के साथ श्रेष्ठ प्रथाओं को साझा करने के निर्देश भी दिए। समिति ने पीडीएमसी (पर ड्रॉप मोर क्रॉप) दिशानिर्देश, 2025 के अनुसार निर्माता एवं आपूर्तिकर्ताओं के पंजीकरण सहित 16 व्यापक सुधार एजेंडों की समीक्षा कर उन्हें मंजूरी दी। 165 आवेदनों की गहन जांच के बाद 147 निर्माताओं एवं आपूर्तिकर्ताओं को वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक पंजीकरण के लिए पात्र पाया गया। विक्रेताओं ने राज्यध्पीडीएमसी मानकों के अनुरूप दरें निर्धारित करने पर सहमति व्यक्त की, जिससे किसानों को कीमतों के उतार-चढ़ाव से संरक्षण मिलेगा। यह योजना लाभार्थी-आधारित प्रत्यक्ष लाभ अंतरणध्इन-काइंड मॉडल के तहत जारी रहेगी। इससे किसान आपूर्तिकर्ता का चयन कर सकेंगे परंतु अनुदान स्वीकृत लागत सीमा के भीतर ही जारी किया जाएगा। पारदर्शिता बढ़ाने के लिए मिकाडा पोर्टल को जीएसटी पोर्टल से जोड़ा जाएगा, ताकि बिलों का डिजिटल सत्यापन हो सके और फर्जी या बढ़े हुए बिलों पर रोक लगे। विक्रेताओं के लिए वित्तीय जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए घटक-वार बैंक गारंटी व्यवस्था को भी मंजूरी दी गई है तथा नियमानुसार जीएसटी को अनुदान हिस्से के तौर पर शामिल किया गया है। गुणवत्ता आश्वासन तंत्र को भी मजबूत किया गया है। प्रयोगशाला परीक्षण रिपोर्टों की राज्य स्तर पर जांच, उल्लंघन पर कड़े दंड प्रावधान तथा प्रतिवर्ष कम से कम 20 प्रतिशत परियोजनाओं की स्वतंत्र निगरानी का प्रावधान किया गया है। क्लस्टर-आधारित क्रियान्वयन रणनीति और सार्वजनिक-निजी- सीएसआर मॉडल पर भी विचार किया गया, ताकि खास तौर पर अनुसूचित जाति, लघु एवं सीमांत किसानों को दीर्घकालिक रखरखाव सहयोग मिल सके। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022-23 से 2024-25 के बीच मिकाडा ने 18 जिलों में नाबार्ड वित्तपोषित 99 माइक्रो सिंचाई फंड योजनाएं 563.43 करोड़ रुपये की लागत से सफलतापूर्वक लागू की हैं। सहायक अवसंरचना का कार्य पूरा किया जा चुका है और लक्षित क्षेत्र के लगभग 40 प्रतिशत भाग में सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली स्थापित की जा चुकी है। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनुराग अग्रवाल, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के प्रधान सचिव श्री पंकज अग्रवाल, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के महानिदेशक श्री राजनारायण कौशिक, मिकाडा के प्रशासक श्री बिरेंद्र सिंह, मिकाडा के मुख्य अभियंता श्री एस.डी. शर्मा, निदेशकदृएमआई (मिकाडा) श्री धूप सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे

टीबी को खत्म करने की राह पर मजबूती से आगे बढ़ रहा हरियाणा: एसीएस हेल्थ
राज्य में 90 प्रतिशत टीबी रोगियों का ईलाज सफल – डॉ. सुमिता मिश्रा

चंडीगढ़, 18 फरवरी, अभीतक: हरियाणा में स्वास्थ्य के प्रति दृढ प्रतिबद्धता, डिजिटल नवाचार, मजबूत निदान प्रणाली एवं जनभागीदारी के साथ टीबी को खत्म करने और हर प्रभावित व्यक्ति की सम्मानजनक देखभाल सुनिश्चित करने करने के लिए कार्य किया जा रहा है। अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत रोगियों पर फोकस करते हुए निरीक्षण में टीबी दवा अभियान सबसे आगे रहा है। स्वास्थ्य विभाग का राज्य टीबी सेल वेबसाइट टीबी सेवाओं की सही समय पर लोगों तक पहुँच बनाने, टीबी से होने वाली मौतों को कम करने के लिए चलाए जाने वाले जागरूकता अभियान के रूप में कार्य कर रहा है। नेशनल निक्षय डिजिटल प्लेटफॉर्म टीबी से ठीक हुए लोगों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में सहायता करने वाला अग्रणी केन्द्र है। उन्होंने बताया कि राज्य में टीबी से जुड़ी सेवाओं तक पारदर्शी जनभागीदारी बढ़ाई जा रही है। राज्य सरकार ऐसे लाभार्थियों को जल्द ही लाभ दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि टीबी मुक्त होने के बाद लोगों को सुरक्षित जीवन मिल सके। जनवरी से दिसंबर 2025 तक राज्य की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने बताया कि हरियाणा में एक लाख आबादी पर 9,75,000 लक्ष्य के मुकाबले 3,848 टेस्ट लिए गए जिसमें 2,52,537 थूक सैम्पल में से 88,689 टीबी केस पाए गए, जो सालाना लक्ष्य का 98 प्रतिशत है। इसी प्रकार प्राइवेट सेक्टर में भी पब्लिक-प्राइवेट कोऑर्डिनेशन से 105 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2024 में 74,483 टीबी रोगियों का सफलतापूर्वक इलाज करते हुए 90 प्रतिशत ईलाज रेट हासिल किया। इसमें एचआईवी टेस्टिंग 98 प्रतिशत, जबकि डायबिटीज जांच में 96 प्रतिशत टीबी रोगियों को कवर किया गया, जिससे सहयोगी परिस्थितियों में एकीकरण प्रबंधन मजबूत हुआ। सूक्ष्म जीव विज्ञान से कन्फर्म 90 प्रतिशत मामलों में सर्वभौमिक दवा संवेदनशीलता परीक्षण किया गया, जिससे देखभाल की गुणवता बेहतर हुई और ईलाज के सार्थक परिणाम रहे। डॉ. मिश्रा ने बताया कि हरियाणा में स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर लगातार बढ़ रहा है, जिसमें 23 जिला टीबी सेंटर, 168 टीबी यूनिट और 452 माइक्रोस्कोपी सेंटर में 45 सीबीएनएएटी मशीनों, 53 ट्रूनेट मशीनों और करनाल और पीजीआईएमस रोहतक में दो कल्चर और दवा संवदेनशीलता टेस्टिंग लैब से बेहतर सेवाएं दी जा रही हैं। टीबी मुक्त भारत अभियान (निक्षय शिविर) के तहत 34 लाख से अधिक शारीरिक रूप से कमजोर लोगों का मैप तैयार कर 10 लाख से अधिक की स्क्रीनिंग की गई। निक्षय मित्र पहल के माध्यम से पोषण और जन सहयोग से हजारों लोगों को स्वास्थ्य लाभ मिला। सितंबर 2022 से अब तक 2.64 लाख से अधिक फूड बास्केट बांटे गए। विश्व टीबी दिवस 2025 पर निक्षय मित्र पहल से हरियाणा की देश भर में सराहना हुई और 2024 में 1,855 पंचायतें टीबी मुक्त बनाई गईं।
बीएड में प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित

इग्नू द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026 के लिए बैचलर ऑफ एजुकेशन कार्यक्रम में प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए
चंडीगढ़, 18 फरवरी, अभीतक: इग्नू द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026 के लिए बैचलर ऑफ एजुकेशन कार्यक्रम में प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस कार्यक्रम में प्रवेश विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। इग्नू क्षेत्रीय केंद्र करनाल के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. धर्मपाल ने जानकारी देते हुए बताया कि अभ्यर्थियों को केवल ऑनलाइन माध्यम से ही पंजीकरण करना होगा। किसी भी प्रकार के हार्ड कॉपी आवेदन पत्र स्वीकार नहीं किए जाएंगे। ऑनलाइन पंजीकरण की अंतिम तिथि 27 फरवरी 2026 है। उन्होंने बताया कि अभ्यर्थियों को पहले पोर्टल पर पंजीकरण करना अनिवार्य है, तत्पश्चात वे ऑनलाइन आवेदनध्प्रवेश परीक्षा फॉर्म भर सकेंगे। ऑनलाइन पंजीकरण एवं आवेदन के लिए आधिकारिक पोर्टल पर जाएं: ीजजचेरूध्ध्पहदवन-इमकण्ेंउंतजीण्मकनण्पदध्पदकमगण्चीच
उन्होंने बताया कि बी.एड. कार्यक्रम में प्रवेश के लिए अभ्यर्थी के पास मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातकध्स्नातकोत्तर डिग्री निर्धारित अंकों सहित होना आवश्यक है तथा एनसीटीई के मानकों को पूरा करना अनिवार्य है। अंतिम चयन प्रवेश परीक्षा में प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा। पात्रता, पाठ्यक्रम एवं प्रवेश परीक्षा से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रवेश पोर्टल पर उपलब्ध है। प्रवेश परीक्षा की तिथि विश्वविद्यालय द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार आयोजित की जाएगी। प्रवेश परीक्षा के लिए हॉल टिकट विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराए जाएंगे। अधिक जानकारी एवं अद्यतन विवरण के लिए विश्वविद्यालय की वेबसाइट ूूू.पहदवन.ंब.पद पर देख सकते हैं।

एमडीयू के रंग: सुर में मोहन राकेश के आधे अधूरे का सशक्त मंच
पारिवारिक विडंबनाओं को उजागर करती मार्मिक प्रस्तुति, डॉ. शरणजीत कौर रहीं मुख्य अतिथि

रोहतक, 18 फरवरी, अभीतक: महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के रंग महोत्सव के तहत रंगदृरास कार्यक्रम में बहुचर्चित नाटक आधे अधूरे का अत्यंत प्रभावपूर्ण मंचन विश्वविद्यालय के राधाकृष्णन सभागार में किया गया। इस नाटक का उद्घाटन रिहैबिलिटेशन काउंसिल ऑफ इंडिया की पूर्व अध्यक्षा डॉ. शरणजीत कौर ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। उन्होंने कहा कि मोहन राकेश के नाटक आज भी मानवीय संबंधों की जटिलताओं और सामाजिक यथार्थ को उतनी ही तीव्रता से अभिव्यक्त करते हैं। विद्यार्थियों का अभिनय अत्यंत सजीव और संवेदनापूर्ण रहा। नाटक की परिकल्पना एवं निर्देशन प्रोफेसर विभांशु वैभव ने किया। महेंद्रनाथ की भूमिका में प्रिंस, जगमोहन की भूमिका में पुष्कर तथा सावित्री की भूमिका में भारती ने अपने प्रभावशाली अभिनय से पात्रों को जीवंत कर दिया। आधे अधूरे स्त्रीदृपुरुष संबंधों में व्याप्त असंतुलन, पारिवारिक विखंडन और अधूरी आकांक्षाओं की त्रासदी को उभारता है। नाटक दर्शाता है कि भौतिक उपलब्धियों और महत्वाकांक्षाओं की दौड़ में व्यक्ति किस प्रकार अपने अस्तित्व, आत्मसम्मान और रिश्तों की मधुरता को खो देता है। घर को बचाए रखने के प्रयास में परिवार बिखर जाता है और संबंधों की ऊष्मा शुष्क हो जाती है। नाटक प्रस्तुति ने दर्शकों को गहन आत्ममंथन के लिए प्रेरित किया। रंग रास के कन्वीनर प्रो हरीश कुमार ने इस कार्यक्रम का समन्वयन किया। इस अवसर पर रंग महोत्सव की संयोजक प्रो सपना गर्ग समेत एमडीयू के शिक्षक, शोधार्थी, विद्यार्थी और शहर के प्रबुद्धजन उपस्थित रहे। निदेशक युवा कल्याण डॉ. प्रताप राठी और उनकी टीम ने आयोजन सहयोग दिया।

हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी द्वारा शिव स्तुति गायन प्रतियोगिता एवं व्याख्यान का आयोजन किया गया
चंडीगढ़, 18 फरवरी, अभीतक: हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी, पंचकूला के संस्कृत प्रकोष्ठ द्वारा शिवरात्रि के उपलक्ष्य में शिव स्तुति गायन प्रतियोगिता एवं व्याख्यान का आयोजन किया गया। पंचकूला एवं पंचकूला के समीपवर्ती गुरुकुल एवं संस्कृत संस्थाओं के छात्रों ने इस प्रतियोगिता में बड़े उत्साह से भाग लिया। इस प्रतियोगिता में लगभग 25 विद्यार्थियों ने शिव स्तुति गायन से अकादमी वातावरण को पवित्र एवं रसमय बना दिया। शिवस्तुति प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए चन्दन भारद्वाज, श्री सनातन धर्म संस्कृत महाविद्यालय, सैक्टर-23 बी, चण्डीगढ़ को प्रथम, गीतांश, आर.के.एस.डी. कॉलेज, कैथल को द्वितीय तथा पुष्कर, श्री सनातन धर्म संस्कृत महाविद्यालय, सैक्टर-23 बी. चण्डीगढ़ को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। इसी प्रकार चण्डीगढ़ से राहुल चमोली और हिमांशु शर्मा तथा मनसादेवी गुरुकुल से प्रियांशु अवस्थी तथा रुद्रांश ठाकुर को प्रोत्साहन पुरस्कार दिये गये। इस अवसर पर अकादमी के कार्यकारी उपाध्यक्ष प्रो. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री ,अकादमी सदस्य सचिव श्री मनजीत सिंह ,उर्दू प्रकोष्ठ के निदेशक डॉ चन्द्रत्रिखा तथा हिन्दी एवं हरियाणवी प्रकोष्ठ के निदशक डॉ. धर्मदेव विद्यार्थी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्य वक्ताओं के रूप में डॉ. कामदेव झा. डॉ. आशुतोष अंगिरस तथा डॉ. विनय सिंघल ने शिव स्तुति एवं शिव शक्ति पर बड़े ही रोचक ढंग से अपने-अपने वैदुष्यपूर्ण विचार प्रस्तुत किए।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उचाना में 103.30 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं को दी सौगात
चंडीगढ़, 18 फरवरी, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आज उचाना में आयोजित धन्यवाद रैली के दौरान विधानसभा क्षेत्र के विकास को नई गति देते हुए 103 करोड़ 30 लाख 84 हजार रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। प्रदेश सरकार का उद्देश्य हर क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत कर आमजन के जीवन को सरल और बेहतर बनाना है। मुख्यमंत्री ने तीन विकास कार्यों का उद्घाटन किया गया है, जिन पर 28 करोड़ 54 लाख 7 हजार रुपये की लागत आई है। वहीं दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी, जिनकी कुल लागत 74 करोड़ 76 लाख 77 हजार रुपये है। इन कार्यों के पूर्ण होने से क्षेत्र में पेयजल, सिंचाई, खेल और स्वच्छता से जुड़ी सुविधाओं में व्यापक सुधार होगा। नरवाना के जल सेवा मंडल के तहत 22 करोड़ 31 लाख 74 हजार रुपये की लागत से सुदकैन डिस्ट्रीब्यूटरी (आरडी 56000 से 118000 तक) के जीर्णोद्धार कार्य का उद्घाटन किया गया। इसके अंतर्गत सिरसा ब्रांच के आरडी 189990ध्एल से ऑफ-टेक सहित संबंधित ढांचागत संरचनाओं का पुनर्निर्माण भी किया जाएगा, जिससे सिंचाई व्यवस्था अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनेगी। मुख्यमंत्री ने खेल विभाग के 3 करोड़ 52 लाख रुपये की लागत से ब्लॉक उचाना के गांव डूमरखां कलां में निर्मित मल्टीपर्पज हॉल का उद्घाटन किया, इससे युवाओं को खेल गतिविधियों के लिए बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इसके साथ ही 2 करोड़ 70 लाख 33 हजार रुपये की लागत से गांव सुदकैन कलां में जलापूर्ति योजना के नवीनीकरण, सुदृढ़ीकरण और शेष पाइपलाइन बिछाने के कार्य किया जाएगा। इससे ग्रामीणों को स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल की सुविधा सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री ने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा 43 करोड़ 81 लाख 29 हजार रुपये की लागत से महाग्राम योजना के तहत गांव नगूरा में जलापूर्ति को मजबूत करने तथा नए वाटर वर्क्स के निर्माण का शिलान्यास किया तथा 30 करोड़ 95 लाख 48 हजार रुपये की लागत से गांव छातर में सीवरेज योजना लागू करने की आधारशिला भी रखी।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उचाना में धन्यवाद रैली में 103 करोड़ 31 लाख रुपये लागत की 5 विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास भी किए चंडीगढ़,18 फरवरी- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने जींद जिला के उचाना में आयोजित धन्यवाद रैली में उचाना विधानसभा क्षेत्र को 103 करोड़ 31 लाख रुपये लागत की 5 विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास भी किए। इनमें 28 करोड़ 54 लाख लागत के 3 उद्घाटन और 74 करोड़ 77 लाख रुपए की लागत के 2 शिलान्यास शामिल है। इस दौरान उपस्थित जनसमूह को प्रदेश के जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोकनिर्माण मंत्री श्री रणबीर गंगवा, समाज कल्याण व अधिकारिता मंत्री श्री कृष्ण बेदी और हरियाणा विधानसभा के उपाध्यक्ष डॉ कृष्ण मिड्ढा ने भी संबोधित किया।
जनता ने घरानों का वहम निकालने का काम किया : गंगवा
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोकनिर्माण मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश में डबल इंजन की सरकार तेजी से विकास कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान प्रदेश में जो माहौल था, उसे दूर करने का काम करते हुए उचाना की जनता ने बीजेपी सरकार बनवाई। आज पूरे हरियाणा में मुख्यमंत्री समान विकास करने का काम कर रहे है। श्री गंगवा ने कहा कि कई लोगों को वहम था कि यहां से केवल बड़े घराने ही जीत सकते है। इतना ही नहीं, यह वहम भी था कि वे बीजेपी के अंदर आएं है तभी बीजेपी की सरकार बनी है। यह वहम भी निकालने का काम उचाना की जनता ने किया है। केंद्र में मंत्री एमपी तथा एमएलए रहने वालों को जनता ने बता दिया कि जनता तय करती है कि कौन विजयी होकर जाएगा, घराने नहीं।
किसी की पेंशन नहीं काटी : बेदी
समाज कल्याण व अधिकारिता मंत्री श्री कृष्ण बेदी ने कहा कि बांगर की धरती का हमेशा से राजनीति में अहम रोल रहा है। एक समय था, जब कांग्रेस की यहां से 5 सीट आई थी, ऐसे ही चैधरी देवीलाल भी यहां से जीते। लेकिन अब यहां की जनता बीजेपी पर राजी है, और श्री नरेंद्र मोदी और श्री नायब सिंह सैनी पर यहां की जनता ने विश्वास जताया है। श्री बेदी ने कहा कि यहां से जीतने वालों ने राजनीतिक लाभ लेते हुए देश और प्रदेश में राजनीति की। बड़े ओहदे और पद लिए, लेकिन इस इलाके को देखने का उनके पास वक्त तक नहीं था। मगर, मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ना सिर्फ आमजन के बीच आकर उनकी समस्याओं का हल कर रहे है, बल्कि विकास कार्यो को भी गति दे रहे है। उन्होंने कहा कि जनता का भला होता देख विपक्षियों को यह हजम नहीं हो रहा और वो जनता के बीच दुष्प्रचार करने का काम कर रहे है। श्री बेदी ने पेंशन के मुद्दे पर कहा कि सरकार ने ना किसी की पेंशन बंद की, ना किसी के काटने की योजना थी। सिर्फ जिनकी शिकायत थी अधिकारियों द्वारा उन्हें चैक करने के लिए रोका गया था। मगर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि चैकिंग बाद में करते रहना पर पेंशन किसी की नहीं रुकनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र हुड्डा के वक्त तो बुजुर्गों की ना सिर्फ पेंशन काटी गई, बल्कि ब्याज सहित और फाइन के साथ लौटाने बारे भी नोटिस जारी हुए थे। लेकिन वर्तमान सरकार ने ऐसा कुछ नहीं किया, बल्कि हर साल पेंशन बढ़ाई है।
हरियाणा में हो रहा है चहुमुंखी विकास : मिड्ढा
हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ कृष्ण मिड्ढा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का एक ही भाव है कि सत्ता नहीं, सेवा बड़ी होती है, राजनीति नहीं, जिम्मेदारी बढ़ी होती है। इसी के तहत 90 विधानसभा में जाकर मुख्यमंत्री विकास कार्यो को गति दे रहे है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विकास कार्यो को तेज गति से कर रही है। डॉ मिड्ढा ने जींद जिला में हाल ही में करवाये गये विकास कार्यो का भी ब्यौरा देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने जींद में नया बाईपास, मेडिकल कॉलेज, नया रेलवे स्टेशन, जींद जिला को आईएमटी जैसी सौगाते दी है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यो को देख आज हालात यह है कि विपक्ष बौखला चुका है। चुनाव से पहले कांग्रेस सत्ता में आने की बातें करती थी, लेकिन जनता ने उनकी हवा ही निकाल कर रख दी।

एसएलएससी ने दी 402 करोड़ रुपये से अधिक की सौर ऊर्जा आधारित सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी
हरियाणा के 94 गांवों के लगभग 8,900 किसानों को मिलेगा लाभ
11,040 हेक्टेयर क्षेत्र आएगा आधुनिक सिंचाई के दायरे में

चंडीगढ़, 18 फरवरी, अभीतक: सतत कृषि और वैज्ञानिक जल प्रबंधन को बढ़ावा देने के मकसद से राज्य स्तरीय स्वीकृति समिति (एसएलएससी) ने हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में सूक्ष्म सिंचाई एवं कमान एरिया विकास प्राधिकरण (मिकाडा) के अंतर्गत चार सामुदायिक सौर ऊर्जा आधारित एकीकृत सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी है।
कुल 402.41 करोड़ रुपये लागत की ये परियोजनाएं भिवानी, झज्जर, कुरुक्षेत्र और महेंद्रगढ़ जिलों के 20 ब्लॉकों में स्थित 61 नहरी आउटलेट्स पर लागू की जाएंगी। वर्ष 2026-27 से 2028-29 के बीच पूरी होने वाली इन परियोजनाओं से 11,040 हेक्टेयर कृषि योग्य कमांड एरिया आधुनिक सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के अंतर्गत आ जाएगा तथा 94 गांवों के 8,926 किसानों को सीधा लाभ होगा। जिला-वार स्वीकृत राशि में भिवानी के लिए 95.78 करोड़, झज्जर के लिए 114.68 करोड़, कुरुक्षेत्र के लिए 77.17 करोड़ तथा महेंद्रगढ़ के लिए 114.78 करोड़ रुपये शामिल हैं। परियोजनाओं का लाभ-लागत अनुपात 1.21रू1 से 1.65रू1 के बीच है, जो उनकी आर्थिक व्यवहार्यता और दीर्घकालिक लाभ को दर्शाता है। नहरी क्षेत्रों में ड्रिप और स्प्रिंकलर प्रणाली को बढ़ावा देकर, इन परियोजनाओं का लक्ष्य जल उपयोग दक्षता बढ़ाना, ट्रांसमिशन हानि कम करना और फसल उत्पादकता बढ़ाना है। बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि जल की आपूर्ति और मांग का समन्वित प्रबंधन जलवायु परिवर्तन और गिरते भूजल स्तर की चुनौतियों से निपटने के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विभागों को परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन, सख्त निगरानी और बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि निर्धारित अवधि में किसानों तक इनका लाभ पहुंच सके। सौर ऊर्जा आधारित प्रणाली से परिचालन लागत में कमी आएगी और सिंचाई पर्यावरण के अनुकूल बनेगी। उन्होंने अधिकारियों को खेतों में जाकर किसानों के साथ श्रेष्ठ प्रथाओं को साझा करने के निर्देश भी दिए। समिति ने पीडीएमसी (पर ड्रॉप मोर क्रॉप) दिशानिर्देश, 2025 के अनुसार निर्माता एवं आपूर्तिकर्ताओं के पंजीकरण सहित 16 व्यापक सुधार एजेंडों की समीक्षा कर उन्हें मंजूरी दी। 165 आवेदनों की गहन जांच के बाद 147 निर्माताओं एवं आपूर्तिकर्ताओं को वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक पंजीकरण के लिए पात्र पाया गया। विक्रेताओं ने राज्यध्पीडीएमसी मानकों के अनुरूप दरें निर्धारित करने पर सहमति व्यक्त की, जिससे किसानों को कीमतों के उतार-चढ़ाव से संरक्षण मिलेगा। यह योजना लाभार्थी-आधारित प्रत्यक्ष लाभ अंतरणध्इन-काइंड मॉडल के तहत जारी रहेगी। इससे किसान आपूर्तिकर्ता का चयन कर सकेंगे परंतु अनुदान स्वीकृत लागत सीमा के भीतर ही जारी किया जाएगा। पारदर्शिता बढ़ाने के लिए मिकाडा पोर्टल को जीएसटी पोर्टल से जोड़ा जाएगा, ताकि बिलों का डिजिटल सत्यापन हो सके और फर्जी या बढ़े हुए बिलों पर रोक लगे। विक्रेताओं के लिए वित्तीय जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए घटक-वार बैंक गारंटी व्यवस्था को भी मंजूरी दी गई है तथा नियमानुसार जीएसटी को अनुदान हिस्से के तौर पर शामिल किया गया है। गुणवत्ता आश्वासन तंत्र को भी मजबूत किया गया है। प्रयोगशाला परीक्षण रिपोर्टों की राज्य स्तर पर जांच, उल्लंघन पर कड़े दंड प्रावधान तथा प्रतिवर्ष कम से कम 20 प्रतिशत परियोजनाओं की स्वतंत्र निगरानी का प्रावधान किया गया है। क्लस्टर-आधारित क्रियान्वयन रणनीति और सार्वजनिक-निजी-सीएसआर मॉडल पर भी विचार किया गया, ताकि खास तौर पर अनुसूचित जाति, लघु एवं सीमांत किसानों को दीर्घकालिक रखरखाव सहयोग मिल सके। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022-23 से 2024-25 के बीच मिकाडा ने 18 जिलों में नाबार्ड वित्तपोषित 99 माइक्रो सिंचाई फंड योजनाएं 563.43 करोड़ रुपये की लागत से सफलतापूर्वक लागू की हैं। सहायक अवसंरचना का कार्य पूरा किया जा चुका है और लक्षित क्षेत्र के लगभग 40 प्रतिशत भाग में सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली स्थापित की जा चुकी है। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनुराग अग्रवाल, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के प्रधान सचिव श्री पंकज अग्रवाल, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के महानिदेशक श्री राजनारायण कौशिक, मिकाडा के प्रशासक श्री बिरेंद्र सिंह, मिकाडा के मुख्य अभियंता श्री एस.डी. शर्मा, निदेशकदृएमआई (मिकाडा) श्री धूप सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे

टीबी को खत्म करने की राह पर मजबूती से आगे बढ़ रहा हरियाणा: एसीएस हेल्थ
राज्य में 90 प्रतिशत टीबी रोगियों का ईलाज सफल – डॉ. सुमिता मिश्रा

चंडीगढ़, 18 फरवरी, अभीतक: हरियाणा में स्वास्थ्य के प्रति दृढ प्रतिबद्धता, डिजिटल नवाचार, मजबूत निदान प्रणाली एवं जनभागीदारी के साथ टीबी को खत्म करने और हर प्रभावित व्यक्ति की सम्मानजनक देखभाल सुनिश्चित करने करने के लिए कार्य किया जा रहा है। अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत रोगियों पर फोकस करते हुए निरीक्षण में टीबी दवा अभियान सबसे आगे रहा है। स्वास्थ्य विभाग का राज्य टीबी सेल वेबसाइट टीबी सेवाओं की सही समय पर लोगों तक पहुँच बनाने, टीबी से होने वाली मौतों को कम करने के लिए चलाए जाने वाले जागरूकता अभियान के रूप में कार्य कर रहा है। नेशनल निक्षय डिजिटल प्लेटफॉर्म टीबी से ठीक हुए लोगों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में सहायता करने वाला अग्रणी केन्द्र है। उन्होंने बताया कि राज्य में टीबी से जुड़ी सेवाओं तक पारदर्शी जनभागीदारी बढ़ाई जा रही है। राज्य सरकार ऐसे लाभार्थियों को जल्द ही लाभ दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि टीबी मुक्त होने के बाद लोगों को सुरक्षित जीवन मिल सके। जनवरी से दिसंबर 2025 तक राज्य की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने बताया कि हरियाणा में एक लाख आबादी पर 9,75,000 लक्ष्य के मुकाबले 3,848 टेस्ट लिए गए जिसमें 2,52,537 थूक सैम्पल में से 88,689 टीबी केस पाए गए, जो सालाना लक्ष्य का 98 प्रतिशत है। इसी प्रकार प्राइवेट सेक्टर में भी पब्लिक-प्राइवेट कोऑर्डिनेशन से 105 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2024 में 74,483 टीबी रोगियों का सफलतापूर्वक इलाज करते हुए 90 प्रतिशत ईलाज रेट हासिल किया। इसमें एचआईवी टेस्टिंग 98 प्रतिशत, जबकि डायबिटीज जांच में 96 प्रतिशत टीबी रोगियों को कवर किया गया, जिससे सहयोगी परिस्थितियों में एकीकरण प्रबंधन मजबूत हुआ। सूक्ष्म जीव विज्ञान से कन्फर्म 90 प्रतिशत मामलों में सर्वभौमिक दवा संवेदनशीलता परीक्षण किया गया, जिससे देखभाल की गुणवता बेहतर हुई और ईलाज के सार्थक परिणाम रहे। डॉ. मिश्रा ने बताया कि हरियाणा में स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर लगातार बढ़ रहा है, जिसमें 23 जिला टीबी सेंटर, 168 टीबी यूनिट और 452 माइक्रोस्कोपी सेंटर में 45 सीबीएनएएटी मशीनों, 53 ट्रूनेट मशीनों और करनाल और पीजीआईएमस रोहतक में दो कल्चर और दवा संवदेनशीलता टेस्टिंग लैब से बेहतर सेवाएं दी जा रही हैं। टीबी मुक्त भारत अभियान (निक्षय शिविर) के तहत 34 लाख से अधिक शारीरिक रूप से कमजोर लोगों का मैप तैयार कर 10 लाख से अधिक की स्क्रीनिंग की गई। निक्षय मित्र पहल के माध्यम से पोषण और जन सहयोग से हजारों लोगों को स्वास्थ्य लाभ मिला। सितंबर 2022 से अब तक 2.64 लाख से अधिक फूड बास्केट बांटे गए। विश्व टीबी दिवस 2025 पर निक्षय मित्र पहल से हरियाणा की देश भर में सराहना हुई और 2024 में 1,855 पंचायतें टीबी मुक्त बनाई गईं।

एमडीयू में महिला अंतर महाविद्यालय सर्कल कबड्डी प्रतियोगिता संपन्न
एमकेजेकेएम, रोहतक की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया

रोहतक, 18 फरवरी, अभीतक: महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के खेल परिसर में महिला अंतर महाविद्यालय सर्कल कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस खेल प्रतियोगिता में विभिन्न महाविद्यालयों की टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए शानदार खेल कौशल का प्रदर्शन किया। कड़े मुकाबलों के बाद एमकेजेकेएम, रोहतक की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त कर विजेता ट्रॉफी अपने नाम की। टीआरजीसी, सोनीपत की टीम द्वितीय स्थान पर रही। वहीं वीएमएम, रोहतक तथा जीसीडब्ल्यू, बहादुरगढ़ की टीमों ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान हासिल किया। समापन अवसर पर खेल निदेशक डॉ. शकुंतला बेनीवाल ने विजेता एवं उपविजेता टीमों को ट्रॉफी एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल न केवल शारीरिक क्षमता को बढ़ाते हैं, बल्कि अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व कौशल का भी विकास करते हैं। कबड्डी कोच विकास कुमार ने प्रतियोगिता का संचालन किया। इस अवसर पर मुकेश गोयल समेत अन्य खेल प्रशिक्षक और प्रतिभागी खिलाड़ी उपस्थित रहे।

40 से अधिक विभागों की खरीद प्रक्रियाओं को दिया गया अंतिम रूप, विकास परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई हाई पावर परचेज कमेटी की बैठक
विकास कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं की जाएगी बर्दाश्त – मुख्यमंत्री

चंडीगढ़, 18 फरवरी, अभीतक: हरियाणा सरकार ने राज्य में विकास कार्यों को और गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 40 से अधिक विभागों की विभिन्न खरीद प्रक्रियाओं को अंतिम रूप दिया है। यह निर्णय सोमवार को देर सांय मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित हाई पावर परचेज कमेटी की बैठक में लिया गया। बैठक में बिजली, जनस्वास्थ्य, लोक निर्माण, सिंचाई, परिवहन, आईटी सहित अनेक विभागों की परियोजनाओं से जुड़े प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई तथा कई विकास कार्यों के टेंडर जारी किए गए। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य आमजन को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विकास परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए ताकि कार्य समयबद्ध और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरे हों। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे और एक-एक पैसे के सदुपयोग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। “विकास कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पेयजल परियोजनाओं को मिली मंजूरी
बैठक में पलवल शहर में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए अमृत-2 योजना के तहत दो रेनिवेल तथा एक बूस्टिंग स्टेशन के निर्माण की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया गया। इस परियोजना पर लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसी प्रकार महेंद्रगढ़ के गांव सिरोही बिहाली में 6 एमएलडी क्षमता के जलघर निर्माण की प्रक्रिया पूरी की गई, जिस पर 53.47 करोड़ रुपये व्यय होंगे। इस जलघर से आसपास के लगभग 39 गांवों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होगा। रेवाड़ी शहर में 27 करोड़ रुपये की लागत से 8 एमएलडी क्षमता का रॉ-वाटर स्टोरेज टैंक भी बनाया जाएगा, जिससे शहर की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था सुदृढ़ होगी।
सड़क व भवन निर्माण कार्यों को स्वीकृति
झज्जर के गांव छुछकवास – मातनहेल सड़क के सुदृढ़ीकरण के लिए 37.89 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी गई। टोहाना में धारसूल-रतिया सड़क के सुदृढ़ीकरण पर 46.20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त 9.37 करोड़ रुपये की लागत से राजकीय महिला महाविद्यालय, गुरुग्राम में शैक्षणिक ब्लॉक का निर्माण और 13.60 करोड़ रुपये की लागत से फतेहाबाद में आबकारी भवन का निर्माण किया जाएगा। एचएसआईआईडीसी द्वारा सोहना में उद्योगों के लिए 12.80 करोड़ रुपये की लागत से फेसिलिटेशन सेंटर का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
शहरी परिवहन को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री सिटी बस सेवा के तहत फरीदाबाद और गुरुग्राम में 200 सिटी इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया गया है। इसके अलावा अंबाला में 13 करोड़ रुपये तथा हिसार में 14 करोड़ रुपये की लागत से इलेक्ट्रिक बस डिपो का निर्माण किया जाएगा। परिवहन विभाग के लिए 19 क्रेनों की खरीद को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। फरीदाबाद में 16.50 करोड़ रुपये की लागत से जिमखाना क्लब का निर्माण किया जाएगा।
सुरक्षा एवं ऊर्जा क्षेत्र में महत्वपूर्ण निर्णय
पुलिस विभाग द्वारा जिला सचिवालयों एवं अन्य सरकारी भवनों के लिए 163 सिंगल डोर एवं 183 सीसीटीवी इंटीग्रेटेड मल्टी-जोन मेटल डोर मशीनों की खरीद प्रक्रिया पूरी की गई। ऊर्जा क्षेत्र में पानीपत और करनाल में 7 नए 33 केवी सब-स्टेशनों के लिए 57.25 करोड़ रुपये की लागत से ट्रांसफॉर्मर एवं अन्य उपकरणों की खरीद को मंजूरी दी गई। सोनीपत, रोहतक और झज्जर में भी 7 नए 33 केवी सब-स्टेशनों के लिए 62.75 करोड़ रुपये के उपकरण खरीदे जाएंगे। अंबाला के मुसिम्बल तथा यमुनानगर के सैदोपुर में 40 करोड़ रुपये की लागत से 66-66 केवी के नए सब-स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा। रेवाड़ी के धारूहेड़ा में 33.75 करोड़ रुपये की लागत से 66 केवी सब-स्टेशन तथा गुरुग्राम के सेक्टर-75ए में 75 करोड़ रुपये की लागत से 220 केवी सब-स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
दामला ब्रिज व भालोठ डिस्ट्रीब्यूटरी का होगा कायाकल्प
यमुनानगर के गांव दामला में 13.39 करोड़ रुपए की लागत से ब्रिज का निर्माण करनें, रोहतक में भालोठ डिस्ट्रीब्यूटरी के चार आरडी की रिमोडलिंग करने व क्षमता बढाने के कार्य पर 97.45 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जाएगी। बैठक में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल, कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल, राजा शेखर वुंडरू, जी अनुपमा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, अतिरिक्त प्रधान सचिव डा. साकेत कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल, प्रधान सचिव विजय दहिया, आयुक्त एवं सचिव मोहम्मद शाईन, आयुक्त एवं सचिव अमित अग्रवाल सहित कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

हरियाणा की कानून-व्यवस्था को देश में एक मॉडल के रूप में स्थापित करना सरकार का संकल्प-मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
मुख्यमंत्री ने पंचकूला स्थित कमांडो प्रशिक्षण केंद्र में स्वैट कमांडो कोर्स के छठे बैच के समापन समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में किया संबोधित
मुख्यमंत्री ने 85 लाख रुपये की लागत से निर्मित आभासी फायरिंग प्रशिक्षण केंद्र का किया उद्घाटन
पुलिस बल के आधुनिकरण पर 300 करोड़ रुपये की राशि की जा रही है खर्च, 5500 नए पुलिस जवानों की चल रही है भर्ती प्रक्रिया
राज्य में शांति, सुरक्षा और कानून के राज को दी जा रही है सर्वोच्च प्राथमिकता-मुख्यमंत्री

चंडीगढ़, 18 फरवरी, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हमारा संकल्प पुलिस बल को आधुनिक संसाधनों, बेहतर अवसंरचना और अत्याधुनिक प्रशिक्षण से सशक्त बनाकर हरियाणा की कानून-व्यवस्था को देश में एक मॉडल के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि पुलिस बल के आधुनिकरण पर 300 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जा रही है और 5500 नए पुलिस जवानों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी मंगलवार को कमांडो प्रशिक्षण केंद्र पंचकूला में स्वैट कमांडो कोर्स के छठे बैच के समापन समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। इस कोर्स में 88 जवानों, जिसमें 11 पी.एस.आई. और 77 अन्य रैंक के जवान शामिल हैं, को आधुनिक हथियारों का प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 85 लाख रुपये की लागत से निर्मित आभासी फायरिंग प्रशिक्षण केंद्र का भी उद्घाटन किया। यह अत्याधुनिक फायरिंग प्रशिक्षण केंद्र आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षण का ऐसा संगम है जो जवानों को वास्तविक परिस्थितियों का सटीक अनुभव प्रदान करेगा। यह केंद्र जवानों को बिना जोखिम के जटिल परिस्थितियों में अभ्यास का अवसर देगा, उनकी प्रतिक्रिया समय को बेहतर बनाएगा और उनकी फायरिंग सटीकता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। इससे प्रशिक्षण अधिक प्रभावी, वैज्ञानिक और परिणामोन्मुख बनेगा।
कमांडो प्रशिक्षण केंद्र में अब तक 25 हजार 700 जवान प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके है
मुख्यमंत्री ने कहा कि कमांडो ट्रेनिंग सेंटर पंचकूला की स्थापना वर्ष 1984 में की गई थी और 4 मार्च, 1985 से यहां औपचारिक रूप से कमांडो प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उस समय प्रदेश के समक्ष उभरती सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए इस केंद्र की परिकल्पना की गई थी, ताकि विशेष अभियानों के लिए उच्च प्रशिक्षित बल तैयार किया जा सके। लगभग 12 एकड़ क्षेत्र में फैला यह प्रशिक्षण केंद्र आज हरियाणा पुलिस की शौर्यगाथा का जीवंत अध्याय बन चुका है। यहां बेसिक कमांडो कोर्स से लेकर स्वैट कमांडो कोर्स सहित 12 प्रकार के विशेष पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। अब तक यहां से 25 हजार 700 जवान प्रशिक्षण प्राप्त कर प्रदेश और देश की सेवा में समर्पित हो चुके हैं।
कमांडो ट्रेनिंग सेंटर पंचकूला, आने वाले समय में और भी नई तकनीकों से सुसज्जित होगा
मुख्यमंत्री ने स्वैट कमांडो को संबोधित करते हुए कहा कि जब कोई जवान स्वैट कमांडो बनता है, तो वह केवल एक रैंक नहीं पाता बल्कि वह राज्य की सुरक्षा का सबसे सशक्त प्रहरी बन जाता है। उन्होंने कहा कि स्वैट कमांडो कोर्स के दौरान जवानों ने एंटी-टेरर ऑपरेशन, क्लोज क्वार्टर बैटल, ड्रोन ऑपरेशन, आईईडी हैंडलिंग और फायर फाइटिंग जैसी विशेष तकनीकों में दक्षता हासिल की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज समय पारंपरिक अपराधों से आगे बढ़ चुका है। आतंकवाद, संगठित अपराध, साइबर-समर्थित हमले और ड्रोन आधारित खतरे जैसी चुनौतियां हमारे सामने हैं। ऐसे समय में स्वैट जैसी विशेष इकाई की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा कि कमांडो ट्रेनिंग सेंटर पंचकूला, आने वाले समय में और भी नई तकनीकों से सुसज्जित होगा। यहाँ सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण, वर्चुअल रियलिटी मॉड्यूल और इंटर-एजेंसी संयुक्त अभ्यास को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। सरकार का प्रयास है कि हर जवान केवल शारीरिक रूप से नहीं बल्कि मानसिक और तकनीकी रूप से भी पूरी तरह सक्षम हो।
राज्य सरकार पुलिस बल के आधुनिकीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार पुलिस बल के आधुनिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। आधुनिक हथियार, बेहतर बुलेटप्रूफ उपकरण, संचार प्रणाली का सुदृढ़ीकरण, साइबर लैब की स्थापना और प्रशिक्षण संस्थानों का उन्नयन, ये सभी कदम इसी दिशा में उठाए गए हैं। सरकार का लक्ष्य, हरियाणा की सुरक्षा व्यवस्था को देश में सर्वश्रेष्ठ बनाना है। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य को पूर्ण करने के लिए राज्य में शांति, सुरक्षा और कानून के राज को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जा रही हैं।
साइबर क्राइम के खिलाफ लड़ाई में हरियाणा देश में सबसे आगे
उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रति सुरक्षा की प्रतिबद्धता से वर्ष 2025 में महिलाओं के विरूद्ध अपराधों में 16 प्रतिशत की कमी आई है। साइबर क्राइम के खिलाफ लड़ाई में हरियाणा देश में सबसे आगे हैं। हरियाणा ने रियल टाइम में 36 प्रतिशत फ्रॉड अमाउंट बचाकर और 1.5 लाख फ्रॉड मोबाइल नंबर ब्लॉक करके नागरिकों की 256 करोड़ रुपये की संपत्ति सुरक्षित की है। इसी प्रकार संगठित अपराध पर कड़ी कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने 426 आपराधिक गैंग का भंडाफोड़ किया है और विदेश में शरण लिए हुए 15 गैंगस्टरों का प्रत्यार्पण सुनिश्चित किया है।
सरकार नशा-मुक्त हरियाणा के संकल्प के साथ, एक्शन प्लान-2029 के साथ मजबूती से आगे बढ़ रही है
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा-मुक्त हरियाणा के संकल्प के साथ, हम एक्शन प्लान-2029 के साथ मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मधुबन स्थित पुलिस कॉम्प्लैक्स की फॉरेंसिक साइंस प्रयोगशाला में ’ट्रैकिया’ बार-कोडिंग सिस्टम शुरू किया गया है। थाने के स्तर से लेकर फॉरेंसिक लैब तक इस प्रकार की प्रणाली प्रयोग करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य है। उन्होंने कहा कि डायल-112 के जरिए 9 मिनट और 44 सेकंड का तेज रिस्पांस टाइम सरकार की जवाबदेही गवर्नेंस सिस्टम की निशानी है। उन्होंने कहा कि श्दुर्गा शक्ति त्वरित कार्यवाही बलश् की 30 कंपनियों को तैनात किया गया है और 33 दुर्गा शक्ति वाहनों को हरियाणा-112 में एकीकृत किया गया है। राज्य में 33 महिला पुलिस थाने खोले गए हैं। दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं की तत्काल मदद के लिए 239 महिला सहायता डेस्क की स्थापना की गई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वैट कमांडो कोर्स के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कमांडो को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने कमांडो ट्रेनिंग सेंटर में विभिन्न सुरक्षा उपकरणों और आभासी फायरिंग प्रशिक्षण केंद्र का अवलोकन किया। इस अवसर पर संबोधित करते हुए पुलिस महानिदेशक श्री अजय सिंघल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी पुलिस विभाग के कल्याण और सुधार के लिए सदैव तत्पर रहते है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की सोच है कि पुलिस के जवानों का मनोबल कभी कम नहीं होना चाहिए। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सीआईडी श्री सौरभ सिंह ने स्वैट कमांडो कोर्स पूरा करने वाले सभी जवानों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि तीन महीने के कोर्स के दौरान जवानों को गंभीर परिस्थितियों से निपटने और कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु गहन प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। कार्यक्रम के दौरान स्वैट कमांडो द्वारा वॉक अबाउट ड्रिल, होस्टेज रेस्क्यू ऑपरेशन, योग, टाईल ब्रेकिंग, लाइव फायरिंग व अन्य साहसिक गतिविधियों का शानदार प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (प्रशासन) श्री अमिताभ ढिल्लो, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) श्री संजय कुमार, पुलिस आयुक्त पंचकूला श्री शिबास कविराज, आईजीपी (क्राइम) श्री राकेश आर्य, आईजीपी सिक्योरिटी श्री पंकज नैन, आईजीपी सीआईडी श्री अशोक कुमार, उपायुक्त श्री सतपाल शर्मा, पुलिस उपायुक्त श्रीमती सृष्टि गुप्ता सहित पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

हरियाणा सरकार ने दिए आरटीआई पेनल्टी की समयबद्ध वसूली के आदेश
चंडीगढ़, 18 फरवरी, अभीतक: हरियाणा सरकार ने सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए, हरियाणा सूचना का अधिकार आयोग द्वारा लगाए गए दंड की समयबद्ध वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, बोर्डों एवं निगमों के मुख्य प्रशासकों एवं प्रबंध निदेशकों, मंडल आयुक्तों तथा उपायुक्तों को इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। राज्य सूचना आयोग द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 20(1) के अंतर्गत सूचना उपलब्ध कराने में विलंब के मामलों में दोषी राज्य जन सूचना अधिकारियों (एसपीआईओ) पर प्रति मामले 250 रुपये प्रतिदिन की दर से, अधिकतम 25,000 रुपये तक दंड लगाया जाता है। वर्तमान में विभिन्न विभागों से संबंधित एसपीआईओ पर लगाए गए दंड में से कुल 2,94,87,000 रुपये से अधिक की राशि लंबित है। सुव्यवस्थित अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने एकमुश्त वसूली के स्थान पर मासिक किस्तों में वसूली की स्वीकृति दी है, ताकि संबंधित अधिकारियों पर अत्यधिक आर्थिक बोझ न पड़े। संबंधित सार्वजनिक प्राधिकरण के आहरण एवं वितरण अधिकारी (डीडीओ) द्वारा संबंधित अधिकारियों के वेतन या पेंशन से मासिक कटौती की जाएगी। क्लास-ए अधिकारियों से सेवा के दौरान 10,000 रुपये प्रतिमाह तथा सेवानिवृत्त होने की स्थिति में 5,000 रुपये प्रतिमाह वसूले जाएंगे। क्लास-बी अधिकारियों से सेवा के दौरान 7,000 रुपये प्रतिमाह तथा सेवानिवृत्त होने पर 3,500 रुपये प्रतिमाह की दर से वसूली की जाएगी। इसी प्रकार क्लास-सी कर्मचारियों से सेवा के दौरान 4,000 रुपये प्रतिमाह तथा सेवानिवृत्त होने पर 2,000 रुपये प्रतिमाह की दर से राशि वसूल की जाएगी। यह प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से लागू होगी और संपूर्ण बकाया राशि की वसूली तक जारी रहेगी। निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अगर संबंधित राज्य जन सूचना अधिकारी का निधन हो चुका है, तो अधिनियम के अंतर्गत लगाया गया दंड माफ कर दिया जाएगा तथा किसी प्रकार की वसूली नहीं की जाएगी। ग्राम पंचायतों के कार्यरत सरपंचों के मामलों में दंड राशि की वसूली उनके मानदेय से 3,000 रुपये प्रतिमाह की दर से की जाएगी। पूर्व सरपंचों के मामले में स्वेच्छा से राशि जमा न कराने की स्थिति में संबंधित विभाग ऐसे मामलों को संबंधित जिला उपायुक्त को भेजेंगे करेंगे, ताकि लागू राजस्व कानूनों अथवा उपयुक्त वैकल्पिक विवाद निवारण तंत्र के अंतर्गत वसूली की कार्रवाई की जा सके। राज्य सूचना आयोग तथा पंचायत एवं विकास विभाग को इन मामलों में आपसी समन्वय से प्रभावी वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी प्रशासनिक सचिवों एवं विभागाध्यक्षों को अपने-अपने विभागों में इन आदेशों के अनुपालन की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने के लिए कहा गया है। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि डीडीओ स्वीकृत वसूली कार्यक्रम का कड़ाई से पालन करें। उन्हें वसूली की प्रगति एवं शेष बकाया राशि से संबंधित सावधि स्थिति रिपोर्ट राज्य सूचना आयोग को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

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