Haryana Abhitak News 19/02/26

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इंडो अमेरिकन स्कूल की छात्रा वीरिका ने एसओएफ इंग्लिश ओलंपियाड में शानदार सफलता प्राप्त करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया
झज्जर, 19 फरवरी, अभीतक: दिल्ली गेट पर स्थित इंडो अमेरिकन स्कूल के विद्यार्थी समय-समय पर विभिन्न शैक्षणिक प्रतियोगिताओं में भाग लेकर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं और अपने विद्यालय का नाम रोशन कर रहे हैं। इसी क्रम में विद्यालय की कक्षा नौवीं की छात्रा वीरिका ने एसओएफ इंग्लिश ओलंपियाड में शानदार सफलता प्राप्त करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया है। इस उपलब्धि से विद्यालय परिसर में हर्ष और गर्व का वातावरण बना हुआ है। विद्यालय प्रशासन के अनुसार एसओएफ इंग्लिश परीक्षा में विभिन्न कक्षाओं के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। पहली कक्षा से आदि और तरुण, चैथी कक्षा से साक्षी व निकुंज तथा छठी कक्षा से मोनिका, रिया रंगा और ख्वाईश ने परीक्षा में सहभागिता की। सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की गई। इस अवसर पर विजेता विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कक्षा नौवीं की छात्रा वीरिका को उसकी उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। स्कूल निदेशक बिजेंद्र काद्यान ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता निरंतर मेहनत, अनुशासन और लगन से ही प्राप्त होती है। उन्होंने वीरिका को इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई दी तथा उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। साथ ही अन्य विद्यार्थियों को भी प्रेरित किया कि वे पूरे मनोयोग से अध्ययन कर ऐसे ही श्रेष्ठ परिणाम प्राप्त करें। विद्यालय प्रबंधन ने सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को इस सफलता के लिए बधाई देते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन की आशा व्यक्त की।

श्री श्याम दुलारे मित्र मंडल की तृतीय श्री श्याम निशान यात्रा 22 फरवरी को
श्रद्धालु आयोजन समिति के सदस्यों ने निःशुल्क टोकन प्राप्त कर सकते है

झज्जर, 19 फरवरी, अभीतक: श्याम दुलारे मित्र मंडल के तत्वाधान में 22 फरवरी को श्री श्याम निशान यात्रा निकाली जाएगी। श्री श्याम निशान यात्रा के आयोजक जगदीश कटारिया ने बताया हरिपुरा स्थित श्रीराम धर्मशाला से रविवार सुबह 11 बजे तृतीय श्री श्याम निशान यात्रा का शुभारंभ किया जाएगा। कटारिया ने कहा निशान यात्रा के द्वारा लोगों को धार्मिक भावना के साथ जोड़ा जा रहा है। श्री श्याम भक्तों को निशान यात्रा को लेकर काफी उत्साह है। यह शोभा यात्रा मोहल्ला हरिपुरा से प्रारंभ होकर मढ़ी दुर्गा माता मन्दिर, पंडित बसंत लाल मार्ग, सिलानी गेट, तीन मूर्ति मन्दिर, चैधरी सुलतान सिंह मार्ग, सिद्ध बाबा बालकनाथ मंदिर, अखंड ज्योति मन्दिर, अम्बेडकर चैक, नेताजी सुभाष चैक, डायमंड चैक, हनुमान मंदिर, मां वैष्णो चैक से होते हुए मोहल्ला हरिपुरा स्थित श्रीराम मन्दिर में सम्पन्न होगी। मुलतान सेवा सभा के प्रधान प्रवीण सुखीजा ने बताया निशान यात्रा के प्रधान जगदीश कटारिया के नेतृत्व में मुलतान सभा सेवा समिति झज्जर, मढ़ी दुर्गा माता मंदिर, राम बाण महिला मंडल राम मंदिर एवं श्रीश्याम दुलारे मित्र मंडल सहित नगरवासियों के सहयोग से निशान यात्रा निकाली जाएगी। श्रीराम मन्दिर के प्रधान संजय मक्कड़ ने कहा कि कार्यक्रम को लेकर सभी श्रद्धालुओं की ड्यूटी लगाई गई है। तैयारियां जोरो पर चल रही हैं। ध्वजा यात्रा में सम्मलित होने के लिए श्रद्धालु आयोजन समिति के सदस्यों ने निःशुल्क टोकन प्राप्त कर सकते है। उन्होंने ने भक्तों से ज्यादा से ज्यादा संख्या में निशान यात्रा में सम्मलित होने का आव्हान किया।

मिशन सक्षम के अंतर्गत रिलायंस एम.ई.टी. सिटी द्वारा संचालित कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम में 100 से अधिक युवाओं को प्रमाण पत्र वितरित
झज्जर, 19 फरवरी, अभीतक: Reliance MET City द्वारा मिशन सक्षम (Mission Saksham) सीएसआर पहल के अंतर्गत संचालित कंप्यूटर डाटा एंट्री प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत आज 100 से अधिक प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। यह कार्यक्रम पिछले चार वर्षों से निरंतर संचालित हो रहा है। यह पहल रिलायंस एम.ई.टी. सिटी द्वारा वित्तपोषित है तथा इसका क्रियान्वयन Sambhav Foundation द्वारा किया जा रहा है। रिलायंस की रोजगार एवं प्रशिक्षण पहल के माध्यम से अब तक 800 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है, जिनमें से 500 से अधिक युवा स्थानीय कंपनियों और उद्योगों में कार्यरत हैं। आज आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बी.डी.पी.ओ. श्री सुमित बेनीवाल ने अपने करकमलों से प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि कंप्यूटर प्रशिक्षण के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास, ड्रेसिंग सेंस और संप्रेषण कौशल में सुधार भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने युवाओं को नौकरी के दौरान धैर्य रखने तथा बार-बार कंपनी बदलने से बचने की सलाह दी। इस अवसर पर सी.एस.आर. प्रमुख कर्नल रोमेल राज्यान ने बताया कि कार्यक्रम की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए पाठ्यक्रम में आधुनिक तकनीकों तथा आईटी से संबंधित उन्नत प्रशिक्षण को भी शामिल किया जाएगा। इस अवसर पर श्री आनंद गुलिया (सरपंच, महा पंचायत बादली) ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से जुड़ें और कंप्यूटर तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे आधुनिक क्षेत्रों में आगे बढ़कर अपने भविष्य को सुदृढ़ करें। उन्होंने कहा कि बादली में इस केंद्र की स्थापना स्थानीय युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिसका अधिक से अधिक लाभ उठाया जाना चाहिए। कार्यक्रम में शिवांश मौर्य (सोंधी), संजना (लाडपुर), सरिता देवी (पेलपा), काजल (गांव लाडपुर) तथा देव (बादली) सहित कई युवाओं ने अपने अनुभव साझा किए। सरिता, देव और संजना वर्तमान में ₹18,000 प्रतिमाह वेतन अर्जित कर रहे हैं, जो इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की उपयोगिता और सफलता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम ने उन्हें रोजगार प्राप्त करने के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस अवसर पर श्री आनंद गुलिया (सरपंच, महा पंचायत बादली) ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से जुड़ें और कंप्यूटर तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे आधुनिक क्षेत्रों में आगे बढ़कर अपने भविष्य को सुदृढ़ करें। उन्होंने कहा कि बादली में इस केंद्र की स्थापना स्थानीय युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिसका अधिक से अधिक लाभ उठाया जाना चाहिए। कार्यक्रम में मुकेश, प्रतीक कटियार, अकीब अहमद, उत्कर्ष, सौरभ तथा रिलायंस की ओर से श्री लोकेश, चंचल और अक्षय सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

इंडो अमेरिकन स्कूल की छात्राओं अपेक्षा, अक्षिता, दीपिका, प्रियांशी ने एसओएफ साइंस ओलंपियाड में जीता गोल्ड मेडल
झज्जर, 19 फरवरी, अभीतक: दिल्ली गेट पर स्थित इंडो अमेरिकन स्कूल के विद्यार्थी समय-समय पर विभिन्न शैक्षणिक प्रतियोगिताओं में भाग लेकर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं और अपने विद्यालय का नाम रोशन कर रहे हैं। इसी क्रम में विद्यालय की कक्षा पहली के छात्र आदि व नौवीं की छात्राओं अपेक्षा, अक्षिता, दीपिका, प्रियांशी ने एसओएफ साइंस ओलंपियाड में शानदार सफलता प्राप्त करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया है। इस उपलब्धि से विद्यालय परिसर में हर्ष और गर्व का वातावरण बना हुआ है। विद्यालय प्रशासन के अनुसार एसओएफ साइंस परीक्षा में विभिन्न कक्षाओं के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। पहली कक्षा से आदि व यक्षित, दूसरी कक्षा से नायरा, मुस्कान, तामसी व अमन, तीसरी कक्षा से प्रावीर, मानव व दीपाली, चैथी कक्षा से माही यादव, एकांश रेवलिया, मायरा व पांचवी कक्षा से आरिव नरवाल, गर्वित सिंह, परिधि तथा गरिमा, छठी कक्षा से वैभव, रिद्धिमा, हर्षा व अर्पित तथा आठवीं कक्षा से सोनम गुर्जर, भौमिक व लविश राजन तथा नौवीं कक्षा से वंदना, भूमि, इशिका, विरिका, अर्नव, यशिका, दीपिका, अक्षिता, मोहित, अपेक्षा व प्रियांशी तथा कक्षा दसवीं से हर्ष ने परीक्षा में सहभागिता की। सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की गई। इस अवसर पर विजेता विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। स्कूल निदेशक बिजेंद्र काद्यान ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता निरंतर मेहनत, अनुशासन और लगन से ही प्राप्त होती है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। साथ ही अन्य विद्यार्थियों को भी प्रेरित किया कि वे पूरे मनोयोग से अध्ययन कर ऐसे ही श्रेष्ठ परिणाम प्राप्त करें। विद्यालय प्रबंधन ने सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को इस सफलता के लिए बधाई देते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन की आशा व्यक्त की।

ट्युबेल आपरेटर हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष सुरेन्द्र कादियान व बीएमएस जिला मंत्री धीरज जाखड़ की अध्यक्षता में जिला संयोजक टीम गठित की गई झज्जर, 19 फरवरी, अभीतक: पब्लिक हैल्थ ग्रामीण ट्यूबवेल ऑपरेटर ओरेगनाईजेशन हरियाणा जिला झज्जर की नई कार्यकारिणी गठित करने के लिए जिला संयोजक टीम गठित की गई। जिसमें मुख्य रूप से ट्युबेल आपरेटर हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र कादियान व बीएमएस जिला मंत्री धीरज जाखड़ की अध्यक्षता में जिला संयोजक टीम गठित की गई। जिसमें पब्लिक हैल्थ हरियाणा प्रदेश उपाध्यक्ष व जिला अध्यक्ष सुमित राठी जी भी शामिल हुए। मीटिंग की शुरूआत भारतीय मजदूर संघ के गीत से की गई। पहले सभी कर्मचारियों को भारतीय मजदूर संघ के परिचय से अवगत कराया गया और भारतीय मजदूर संघ की रीति नीति के बारे में समझाया गया और अखिल भारतीय अधिवेशन पुरी में जो प्रस्ताव पारित किए गए व 25 फरवरी को भारतीय मजदूर संघ के प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन दिया जाएगा उसके बारे में चर्चा की गई। उसके बाद आए हुए सम्मानित ट्यूबवेल ऑपरेटर की समस्या सुनीं गई। जिला संयोजक झज्जर टीम का गठन सर्वसम्मति से किया गया जो निम्न प्रकार से है।
जिला संयोजक – प्रवीन कुमार, जिला सह संयोजक – रुपेन्द्र, जिला उप संयोजक – मैनपाल व समे सिंह को बनाया गया है। इसमें सुनील, मनोज, राजेश, रूपेश, सतबीर, राजपाल व अन्य साथी शामिल हुए।

गुभाना से खाटू श्याम धाम के लिए पैदल जत्था रवाना
झज्जर, 19 फरवरी, अभीतक: गांव गुभाना से श्याम भक्तों का एक पैदल जत्था राजस्थान के खाटू श्याम धाम के लिए रवाना हुआ। रवाना होने से पहले श्री श्याम बालाजी मंदिर में बाबा श्याम की पुजा आरती की गई। जिसमें सभी भक्तों ने बाबा श्याम का गुणगान कर मंगल यात्रा की कामना की समिति अध्यक्ष नरेश कौशिक ने बताया कि समिति की ओर से यह 30वी खाटू श्याम पदयात्रा है। जिसमें क्षेत्र से जुड़े काफी संख्या में श्रद्धालु खाटू श्याम के लिए प्रतिवर्ष बाबा के आशीर्वाद के लिए रवाना होते हैं। यह पैदल यात्रा झज्जर, कोसली, कनीना, नारनौल, नीमकाथाना, श्रीमाधोपुर, रिंग्स होते हुए 6 दिन बाद श्याम धाम पहुंचेगी। यात्रा में कृष्णा, सतबीर, सौरन, राजू, कुणाल, श्री प्रकाश, गोपाल, निशु, कुलदीप, सुमित, प्रदीप, धोला महिलाओं में अतरौ, सुनीता, गुडो, रीना, मंजू, राकेश, शीला, अनिल, अशोक, काला, विक्रम, हनी आदि भक्त यात्रा में शामिल है।

भारतवर्ष के गौरव छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती की पूर्व संध्या पर उनका एक विशाल रेखाचित्र बनाया
झज्जर, 19 फरवरी, अभीतक: गाँव भदाना की चैपाल में भूगोल प्राध्यापक मुकेश शर्मा व उनकी बेटी अंशुल शर्मा ने मिलकर भारतवर्ष के गौरव छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती की पूर्व संध्या पर उनका एक विशाल रेखाचित्र बनाया। मुकेश शर्मा ने बताया कि छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म 19 फरवरी 1627 को मराठा परिवार में शिवनेरी (महाराष्ट्र) में हुआ था। शिवाजी के पिता शाहजी और माता जीजाबाई थी। वे एक भारतीय शासक थे, जिन्होंने मराठा साम्राज्य खड़ा किया था। वे बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। वे बहादुर, बुद्धिमानी, शौर्यवीर और दयालु शासक थे। इसीलिए उन्हें एक अग्रगण्य वीर एवं अमर स्वतंत्रता-सेनानी स्वीकार किया जाता है। यूं तो शिवाजी पर मुस्लिम विरोधी होने का दोषारोपण किया जाता है, पर यह सत्य इसलिए नहीं कि उनकी सेना में तो अनेक मुस्लिम नायक एवं सेनानी थे तथा अनेक मुस्लिम सरदार और सूबेदारों जैसे लोग भी थे। वास्तव में शिवाजी का सारा संघर्ष उस कट्टरता और उद्दंडता के विरुद्ध था, जिसे औरंगजेब जैसे शासकों और उसकी छत्रछाया में पलने वाले लोगों ने अपना रखा था। नहीं तो वीर शिवाजी राष्ट्रीयता के जीवंत प्रतीक एवं परिचायक थे। इसी कारण निकट अतीत के राष्ट्रपुरुषों में महाराणा प्रताप के साथ-साथ इनकी भी गणना की जाती है। माता जीजाबाई धार्मिक स्वभाव वाली होते हुए भी गुण-स्वभाव और व्यवहार में वीरंगना नारी थीं। इसी कारण उन्होंने बालक शिवा का पालन-पोषण रामायण, महाभारत तथा अन्य भारतीय वीरात्माओं की उज्ज्वल कहानियां सुना और शिक्षा देकर किया था। दादा कोणदेव के संरक्षण में उन्हें सभी तरह की सामयिक युद्ध आदि विधाओं में भी निपुण बनाया था। धर्म, संस्कृति और राजनीति की भी उचित शिक्षा दिलवाई थी। उस युग में परम संत रामदेव के संपर्क में आने से शिवाजी पूर्णतया राष्ट्रप्रेमी, कर्त्तव्यपरायण एवं कर्मठ योद्धा बन गए। बचपन में शिवाजी अपनी आयु के बालक इकट्ठे कर उनके नेता बनकर युद्ध करने और किले जीतने का खेल खेला करते थे। युवावस्था में आते ही उनका खेल वास्तविक कर्म शत्रु बनकर शत्रुओं पर आक्रमण कर उनके किले आदि भी जीतने लगे। जैसे ही शिवाजी ने पुरंदर और तोरण जैसे किलों पर अपना अधिकार जमाया, वैसे ही उनके नाम और कर्म की सारे दक्षिण में धूम मच गई, यह खबर आग की तरह आगरा और दिल्ली तक जा पहुंची। अत्याचारी किस्म के यवन और उनके सहायक सभी शासक उनका नाम सुनकर ही मारे डर के बगलें झांकने लगे। शिवाजी के बढ़ते प्रताप से आतंकित बीजापुर के शासक आदिलशाह जब शिवाजी को बंदी न बना सके तो उन्होंने शिवाजी के पिता शाहजी को गिरफ्तार किया। पता चलने पर शिवाजी आग बबूला हो गए। उन्होंने नीति और साहस का सहारा लेकर छापामारी कर जल्द ही अपने पिता को इस कैद से आजाद कराया। तब बीजापुर के शासक ने शिवाजी को जीवित अथवा मुर्दा पकड़ लाने का आदेश देकर अपने मक्कार सेनापति अफजल खां को भेजा। उसने भाईचारे व सुलह का झूठा नाटक रचकर शिवाजी को अपनी बांहों के घेरे में लेकर मारना चाहा, पर समझदार शिवाजी के हाथ में छिपे बघनख का शिकार होकर वह स्वयं मारा गया। इससे उसकी सेनाएं अपने सेनापति को मरा पाकर वहां से दुम दबाकर भाग गईं। उनकी इस वीरता के कारण ही उन्हें एक आदर्श एवं महान राष्ट्रपुरुष के रूप में स्वीकारा जाता है। इसी के चलते छत्रपति शिवाजी महाराज का 3 अप्रैल 1680 ई. में तीन सप्ताह की बीमारी के बाद रायगढ़ में स्वर्गवास हो गया। इस चैपाल रंगोली में पूर्व सैनिक देवीदत्त शर्मा,सूबेदार शर्मा, रमेश कौशिक, नशीब कौशिक, केशव शर्मा,अर्जुन शर्मा व अलीशा शर्मा ने मौजूद रहकर छत्रपति शिवाजी महाराज को शत-शत नमन किया।

छोटे काशी धर्मनगरी से श्याम भक्तों की यात्रा देती हैं धर्म का संदेश: वेदनाथ महाराज
भिवानी, 19 फरवरी, अभीतक: दिनोद गेट स्थित श्याम मंदिर व हनुमान जी के संयुक्त मंदिर से भिवानी की नई अनाज मंडी से जुड़े श्री सांवरिया प्रेम मंडल द्वारा भिवानी से खाटू धाम के लिए आज मोर छड़ी व ध्वज लेकर पैदल यात्रा शुरू की गई है। जिसका शुभारंभ जोगीवाला मन्दिर के महंत वेदनाथ महाराज व महन्त चरणदास महाराज ने खाटू श्याम का निशान देकर राजस्थान खाटू धाम के लिए रवाना किया। गाजे बाजे व खाटू श्याम मोर छड़ी, ध्वज व घोड़ी बग्गी पर खाटू श्याम की शोभायात्रा छोटी काशी में निकाली गई और नई अनाज मंडी पहुंची जिसका मंडी वासियों ने श्याम भक्तों का स्वागत किया। मंडी से यह यात्रा सुबह खाटू के लिए रवाना होगी। जिसमे 111 श्याम भक्तों का जत्था है। निशान पद यात्रा को शुरू करवाने पहुंचे सिद्ध पीठ जोगीवाला शिव मंदिर धाम के महंत वेदनाथ महाराज ने कहा कि छोटी काशी में इस प्रकार के भक्तिमय कार्यक्रम लगातार जारी है। इससे संस्कार और संस्कृति तथा देवी देवताओं के प्रति भक्ति जीवित रहती है। उन्होंने आयोजकों व कलाकारों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी। महंत वेदनाथ महाराज ने कहा कि इस कलयुग में श्याम बाबा हारे का साहारा के रूप में माने जाते है। उन्होंने कहा कि छोटी काशी में धर्म-कर्म के कार्य सेवा भाव के साथ हमेशा जारी रहते हैं। यही नहीं छोटी काशी का नाम देश और विदेशों में आज भी बड़े गर्व से लिया जाता है। क्योंकि इस नगरी से देश भर में ऐसे दानवीर फैले हुए हैं जिनका नाम सदियों से आज भी बड़े गर्व के साथ लिया जाता है। महंत चरणदास महाराज ने हरिद्वार कहा कि इन दिनों खाटू में श्याम बाबा का फाग महोत्सव जोर शोर के साथ है। देशभर से श्याम भक्त वहां पर पहुंच रहे हैं और अपनी हाजिरी लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि छोटी काशी नगरी से भी हजारों की संख्या में श्याम भक्त मोर छड़ी व पताका के साथ पहुंच रहे हैं। श्री सांवरिया प्रेम मंडल के पदाधिकारियों ने कहा कि हर वर्ष दिनोद गेट से खाटू श्याम के लिए 111 श्याम भक्तों का जत्था रवाना होता है और उन्होंने कहा कि काफी वर्षों से उनकी यात्रा सामाजिक सौहार्द के संदेश को लेकर बाबा के दरबार में हाजिरी लगाती है, ताकि देश और प्रदेश में अमन व शांति रहे। इसलिए अवसर पर यात्रा में निशान यात्री अजय गोयल मंडी, सुनील शर्मा, नन्द लाल हालवासिया, समाजसेवी नरेश कितलानिया, मंगतराम अग्रवाल, मोहित गुप्ता, नवीन गुप्ता, दिलबाग, प्रीतम गुप्ता, योगेश कुमार, राहुल कुमार, समाजसेवी अशोक भारद्वाज सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति व श्याम भगत यात्रा में सामिल रहे।

राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में जिला शिक्षा अधिकारी रतिंदर सिंह की अध्यक्षता में हुई केंद्र अधीक्षकों की बैठक
झज्जर, 19 फरवरी, अभीतक: झज्जर जिले के समस्त मुख्य केंद्र अधीक्षकों की बैठक राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, झज्जर में जिला शिक्षा अधिकारी रतिंदर सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य आगामी परीक्षाओं का निष्पक्ष एवं व्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करना था। रतिंदर सिंह ने मुख्य केंद्र अधीक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि परीक्षाएं पूर्ण निष्पक्षता के साथ नकल रहित संपन्न कराई जाएं। सभी विद्यार्थी भय मुक्त वातावरण में परीक्षा दें। परीक्षा केंद्रों के अंदर या बाहर किसी प्रकार का व्यवधान न हो। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि हरियाणा बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन भिवानी द्वारा जारी सभी निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ा जाए तथा उनका कड़ाई से पालन किया जाए। परीक्षा अवधि के दौरान सभी प्रकार की फोटोकॉपी मशीनें पूर्णतः लॉक रखी जाएं, जिसकी जिम्मेदारी मुख्य केंद्र अधीक्षक की होगी। परीक्षा केंद्र में पर्याप्त प्रकाश, वेंटिलेशन, शुद्ध जल एवं प्राथमिक चिकित्सा किट उपलब्ध कराई जाए।केंद्र के बाहर नियंत्रण एवं शांति हेतु पुलिस प्रशासन से समन्वय स्थापित हो। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को सूचित किया जाए।बैठक में जिला निपुण समन्वयक डॉ सुदर्शन पूनिया सहित जिले के सभी मुख्य केंद्र अधीक्षक उपस्थित थे। झज्जर शिक्षा कार्यालय निष्पक्ष परीक्षा के माध्यम से छात्रों के उज्ज्वल भविष्य को मजबूत बनाने के प्रति कटिबद्ध है।

समाधान शिविर में नागरिकों की समस्याएं सुनती हुईं डीडीपीओ निशा तंवर।

समाधान शिविर से आमजन की समस्याओं का हो रहा त्वरित निपटान: डीडीपीओ
जिला स्तरीय समाधान शिविर में डीडीपीओ निशा तंवर ने सुनी शिकायतें, संबंधित विभागों को दिए निर्देश

झज्जर, 19 फरवरी, अभीतक: जिला प्रशासन द्वारा नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उपायुक्त स्वप्निल रविन्द्र पाटिल के मार्गदर्शन में समाधान शिविरों का आयोजन लगातार किया जा रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को लघु सचिवालय में जिला स्तरीय समाधान शिविर आयोजित किया गया, जिसमें डीडीपीओ निशा तंवर ने नागरिकों की शिकायतें सुनीं और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। शिविर में भूमि संबंधी, पेंशन, पारिवारिक पहचान पत्र, अतिक्रमण, पानी व बिजली से जुड़ी नौ समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं। डीडीपीओ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करते हुए पारदर्शिता और संवेदनशीलता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि समाधान शिविर आमजन और प्रशासन के बीच संवाद को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम हैं। इन शिविरों के माध्यम से लोगों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध होती हैं तथा समस्याओं का शीघ्र समाधान संभव हो पाता है, जिससे प्रशासन के प्रति विश्वास और अधिक सुदृढ़ होता है। इस अवसर पर एसीपी प्रदीप नैन, बिजली विभाग के कार्यकारी अभियन्ता प्रदीप कुमार, नायब तहसीलदार, मनीष बंसल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
उपमंडल स्तर पर समाधान शिविर
उपमंडल बहादुरगढ़ में एसडीएम अभिनव सिवाच, बेरी में एसडीएम रेणुका नांदल तथा बादली में एसडीएम डॉ रमन गुप्ता की अध्यक्षता में उपमंडल स्तरीय समाधान शिविर आयोजित किए गए, जिनमें लोगों की समस्याएं सुनते हुए आवश्यक कार्रवाई की गई।

गांव रायपुर में रात्रि ठहराव कार्यक्रम 20 फरवरी को : सीटीएम
कार्यक्रम में विभागीय स्टॉल व स्वास्थ्य जांच शिविर के माध्यम से मिलेगी योजनाओं की जानकारी

झज्जर, 19 फरवरी, अभीतक: प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की पहल पर जिला प्रशासन द्वारा प्रत्येक माह आयोजित किए जाने वाले रात्रि ठहराव कार्यक्रम का आयोजन 20 फरवरी को खंड माछरौली के गांव रायपुर स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला परिसर में किया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता एडीसी जगनिवास करेंगे। एडीसी ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनेंगे तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश देंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशासन को गांव स्तर तक पहुंचाकर आमजन की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी निवारण करना है। सीटीएम नमिता कुमारी ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के लिए स्टॉल लगाए जाएंगे, जिससे ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी। साथ ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया जाएगा, जहां नागरिकों की जांच कर आवश्यक परामर्श दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि रात्रि ठहराव कार्यक्रम प्रशासन की महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से अधिकारियों को गांव की जमीनी स्थिति का प्रत्यक्ष आकलन करने और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करने का अवसर मिलता है। इससे शासन और जनता के बीच संवाद और अधिक सुदृढ़ होता है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि वे इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाएं और अपनी समस्याएं, सुझाव व मांगें प्रशासन के समक्ष रखें, ताकि गांव के सर्वांगीण विकास को और गति मिल सके।

बीपीएल महिलाओं को मिलेगा चालक व आत्मरक्षा प्रशिक्षण
हरियाणा महिला विकास निगम ने 28 फरवरी तक मांगे आवेदन

झज्जर, 19 फरवरी, अभीतक: हरियाणा महिला विकास निगम, पंचकुला द्वारा बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) वर्ग की महिलाओं और लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से 21 दिवसीय चालक एवं आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण बहादुरगढ़ (झज्जर) तथा रोहतक स्थित मारुति सुजुकी ट्रेनिंग सेंटर में आयोजित होगा। निगम के प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि यह प्रशिक्षण केवल हरियाणा की स्थायी निवासी बीपीएल महिलाओंध्लड़कियों के लिए है। पात्रता के अनुसार आवेदिका की आयु 18 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए तथा न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास निर्धारित की गई है। उच्च शैक्षणिक योग्यता रखने वाली आवेदिकाओं को वरीयता दी जाएगी। उन्होंने बताया कि आवेदिका की दृष्टि अच्छी होनी चाहिए (रंग दृष्टिहीनता न हो) और उसके पास वैध लर्नर ड्राइविंग लाइसेंस होना अनिवार्य है। गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाली या परिवार पहचान पत्र के अनुसार जिन परिवारों की वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये या उससे कम है, वे भी आवेदन करने के पात्र हैं। प्रत्येक प्रशिक्षणार्थी को 1000 रुपये का वजीफा भी प्रदान किया जाएगा। निगम ने कैथल, झज्जर, रोहतक और जींद जिलों की इच्छुक एवं पात्र महिलाओंध्लड़कियों से 28 फरवरी तक ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। आवेदन निर्धारित प्रपत्र में सभी कॉलम सही प्रकार से भरकर तथा आवश्यक प्रमाण पत्रों की सत्यापित प्रतियों सहित ई- मेल, पंजीकृत डाक या संबंधित जिला कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से जमा करवाए जा सकते हैं। निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। आवेदन पत्र में दूरभाष नंबर, ई-मेल एड्रेस तथा सक्षम अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्रों की सत्यापित प्रतियां संलग्न करना अनिवार्य है। निर्धारित प्रपत्र संबंधित जिला प्रबंधक कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए दूरभाष नंबर 01251-299560 या ई-मेल रींररंतीूकब/हउंपसण्बवउ पर संपर्क किया जा सकता है।

गांव पाटोदा में जिला स्तरीय किसान मेला आज, कृषि योजनाओं की मिलेगी एक ही मंच पर जानकारी
एसडीएम अंकित कुमार चैकसे आईएएस होंगे मुख्य अतिथि

झज्जर, 19 फरवरी, अभीतक: माछरौली खंड के गांव पाटोदा में 20 फरवरी (शुक्रवार) को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के तत्वावधान में जिला स्तरीय किसान मेले का आयोजन होगा। यह मेला सुबह 11 बजे शुरू होगा, जिसमें गांव पाटोदा, लुहारी, खेड़ी सुल्तान, कहाड़ी सहित आसपास के गांवों के किसान भाग लेंगे। यह जानकारी उप कृषि निदेशक डॉ जितेंद्र अहलावत ने दी। उप कृषि निदेशक ने बताया कि किसान मेले में मुख्य अतिथि के रूप में एसडीएम झज्जर अंकित कुमार चैकसे, आईएएस शिरकत करेंगे। मेले का उद्देश्य किसानों को केंद्र व राज्य सरकार की कृषि से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध कराना है, ताकि किसान इन योजनाओं का अधिकतम लाभ उठा सकें। उन्होंने बताया कि मेले के दौरान किसानों को एग्रीस्टैक (फार्मर आईडी), प्राकृतिक खेती, मेरी फसल मेरा ब्यौरा, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, मेरा पानी मेरी विरासत, फसल विविधीकरण, माइक्रो सिंचाई, मृदा स्वास्थ्य कार्ड तथा फसल सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाएंगी। इसके अलावा किसानों को योजनाओं से जुड़ी प्रक्रिया, पात्रता और लाभ के बारे में विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन भी दिया जाएगा। किसान मेले में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के साथ-साथ संबंधित अन्य विभागों द्वारा भी विभिन्न स्टॉल लगाई जाएंगी। इन स्टॉलों पर किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों, सिंचाई पद्धतियों और फसल सुरक्षा उपायों का डेमोंस्ट्रेशन करके दिखाया जाएगा, जिससे किसान व्यवहारिक रूप से इन तकनीकों को समझ सकें। डीडीए डॉ जितेंद्र अहलावत ने माछरौली खंड के किसान भाइयों से अपील की है कि वे योजनाओं में पंजीकरण और जांच के लिए अपने आवश्यक दस्तावेज साथ लेकर समय पर किसान मेले में पहुंचें। उन्होंने कहा कि इस मेले के माध्यम से किसान कृषि विभाग की योजनाओं की जानकारी लेकर अपनी खेती को अधिक लाभकारी बना सकते हैं और सरकारी सुविधाओं का पूरा फायदा उठा सकते हैं।

बेरी में उपभोक्ता कष्ट निवारण फोरम की बैठक आज
बेरी, 19 फरवरी, अभीतक: बिजली निगम डिवीजन बेरी के उपभोक्ताओं की बिजली से संबंधित शिकायतों के निवारण के लिए 20 फरवरी, शुक्रवार को बिजली अदालत और उपभोक्ता कष्ट निवारण फोरम की बैठक की आयोजित की जाएगी। एसडीओ सुनील कुमार ने बताया कि बैठक उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएनएल) के बेरी कार्यालय में सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक आयोजित होगी। उन्होंने बताया कि बैठक में बिजली उपभोक्ताओं की बिजली बिल, कनेक्शन, लोड संबंधित समस्याओं को सुना जाएगा और उनका मौके पर ही समाधान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कोई उपभोक्ता फैंसले से संतुष्ट नहीं है तो वह अपनी शिकायत अध्यक्ष अभियंता झज्जर के समक्ष रख सकता है।

बहादुरगढ़ में गुरुवार को आयोजित जिला स्तरीय किसान जागरूकता शिविर में किसानों को विभागीय योजनाओं की जानकारी देते कृषि विशेषज्ञ।

कृषि विभाग से जुड़ी योजनाओं का लाभ उठाएं किसान: एसडीओ
खाद्य एवं पोषण सुरक्षा -पोषक अनाज के तहत जिला स्तरीय किसान जागरूकता शिविर आयोजित
पराली प्रबंधन में उल्लेखनीय योगदान के लिए नौ किसान हुए सम्मानित

बहादुरगढ़, 19 फरवरी, अभीतक: कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा गुरुवार को उप मण्डल अधिकारी (कृषि) कार्यालय में खाद्य एवं पोषण सुरक्षा – पोषक अनाज योजना के अंतर्गत जिला स्तरीय किसान सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभाग के एसडीओ डा सुनील कौशिक ने की। शिविर में उपमंडल के आधा दर्जन से ज्यादा किसानों को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया जिन्होंने पराली प्रबंधन में उल्लेखनीय योगदान दिया है। इस मौके पर एसडीओ डा सुनील कौशिक ने उपमंडल के सभी किसानों से एग्री स्टैक किसान आईडी का पंजीकरण करवाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान युग में डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ने पर किसानों को योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से प्राप्त होगा। शिविर में विभिन्न विषय विशेषज्ञों ने किसानों को सरकार की योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। कैंप में कृषि विभाग के सहायक पौधा संरक्षण अधिकारी भैया राम और तकनीकी अधिकारी डा रोहित वत्स ने कृषि विभाग की विभिन्न ऑनलाइन योजनाओं से अवगत कराया। डॉ. महावीर मलिक ने मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाने और पौध संरक्षण तकनीकों से किसानों को विस्तार से अवगत कराया,वहीं विशेषज्ञ रमेश कुमार ने प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए किसानों को प्रेरित किया, जबकि कुमारी कविता ने पोषक अनाजों के महत्व पर प्रकाश डाला। इसी प्रकार बीएओ राकेश राणा ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना तथा एग्री स्टैक किसान आईडी पंजीकरण प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। पशुपालन एवं डेयरिंग विभाग के डॉ. रविन्द्र दहिया ने विभागीय योजनाओं की जानकारी सांझा की। एडीओ रोहद प्रदीप मलिक ने मृदा नमूना एवं मृदा स्वास्थ्य कार्ड के महत्व को समझाया। गांव माजरी के प्रगतिशील किसान जयपाल ने प्राकृतिक खेती तथा गांव छारा के संदीप ने बाजरा के मूल्यवर्धन के अनुभव साझा कर किसानों को प्रेरित किया। इस अवसर पर तकनीकी सहायक सुनील कुमार, दीपक कुमार, सांख्यिकी सहायक मुंशी राम, सुधीर कुमार, जितेन्द्र, एटीएम नवीन कुमारी कृषि सुपरवाईजर जैसिका दलाल सहित विभागीय अधिकारी एवं प्रगतिशील किसान उपस्थित थे।

शी-बाक्स पोर्टल से महिलाओं का शिकायत दर्ज कराना आसान
निजी क्षेत्र की कामकाजी महिलाएं भी कर सकेंगी शी-बॉक्स में उत्पीड़न की शिकायत

रेवाड़ी, 19 फरवरी, अभीतक: केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं को हर कार्य क्षेत्र में सुरक्षित और समान कार्य अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से सरकार द्वारा शी-बॉक्स पोर्टल शुरू किया गया है। डीसी अभिषेक मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यस्थल पर सुरक्षित माहौल और लैंगिक समानता का अधिकार सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने ऑनलाइन शिकायत की सुविधा का विस्तार करते हुए यह व्यवस्था की है। अब निजी क्षेत्र में काम करने वाली महिलाएं भी शी-बॉक्स में उत्पीड़न की ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकती है। उन्होंने बताया कि 24 जुलाई 2017 को पहली बार यह सुविधा केवल सरकारी महिला कर्मचारियों को दी गई थी, लेकिन अब व्यवस्था निजी क्षेत्र में भी प्रभावी तरीके से लागू करवाई जा रही है। उन्होंने बताया कि महिला सशक्तिकरण को महत्व देने और कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। डीसी ने बताया कि केंद्र सरकार की गाइड लाइन के मुताबिक निजी कंपनियों में कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम, निषेध और निवारण एसएच अधिनियम, 2013 अनिवार्य रूप से लागू किया गया है। इस अधिनियम के तहत निजी प्रतिष्ठान को चार सदस्यीय आंतरिक शिकायत समिति गठित करनी है। शी-बॉक्स (सेक्सुअल हैरेसमेंट इलेक्ट्रॉनिक बॉक्स) महिला और बाल विकास मंत्रालय की वेबसाइट है। इसे कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की शिकायतों के लिए बनाया गया है। इस बॉक्स में शिकायत आने पर उसे संबंधित विभाग या संस्थान की अंदरूनी शिकायत समिति के पास भेजी जाएगी। उसके बाद नियमानुसार कमेटी कार्रवाई की संस्तुति करेगी। साथ ही कार्रवाई की रिपोर्ट भी इस वेबसाइट पर अपडेट करेगी।

समाधान शिविर में आमजन की शिकायते सुनते एडीसी राहुल मोदी।

समाधान शिविर में शिकायतों का संतोषजनक ढंग से किया जा रहा है समाधान: एडीसी
एडीसी राहुल मोदी ने समाधान शिविर में सुनी जन शिकायतें

रेवाड़ी, 19 फरवरी, अभीतक:एडीसी राहुल मोदी ने कहा कि शिविर में आने वाली शिकायतों का शीघ्र, पारदर्शी व संतोषजनक ढंग से समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। आमजन की शिकायतों के निवारण में समाधान शिविर पूर्ण रूप से सहयोगी बन रहे हैं। एडीसी राहुल मोदी ने गुरुवार को लघु सचिवालय सभागार में आयोजित समाधान शिविर में जनसुनवाई करते हुए लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहे थे। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा समाधान शिविर जिला व उपमंडल स्तर पर आयोजित किए जा रहे हैं और अधिकारी जन शिकायतों का पूरी संवेदनशीलता से निपटारा करते हुए समाधान सुनिश्चित कर रहे है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन शिकायत निवारण प्रणाली को और अधिक उत्तरदायी, संवेदनशील और पारदर्शी बनाने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें। समाधान शिविर में गांव बुडाना के ग्रामीणों द्वारा आवंटित किए गए सौ-सौ वर्ग गज के प्लाट वाले स्थान पर कुछ लोग नाजायज रूप से कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं जिस पर एडीसी ने डीएसपी पवन कुमार को इस मामले में जांच करते हुए कार्यवाही के निर्देश दिए। गांव इब्राहिमपुर में श्मशान घाट की ओर जाने वाले रास्ते पर पीडब्ल्यूडी की पट्टी में खड़े वृक्ष बाधक बने हुए हैं। इन वृक्षों को हटा कर ही यह निर्माण कार्य पूरा हो सकता है। एडीसी ने जिला वन मंडल अधिकारी इस मामले की जांच कर आगामी कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा समाधान शिविर में परिवार पहचान-पत्र में आय को कम करवाने, वृद्धावस्था पेंशन शुरू करवाने, पंचायती जमीन से अवैध कब्जे हटवाए जाने आदि शिकायतों की सुनवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों को शिकायत निपटान करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर एसडीएम सुरेश कुमार, नगराधीश जितेंद्र कुमार, डीएसपी पवन कुमार, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी एचपी बंसल, स्वास्थ्य विभाग से संजीव कुमार आदि मौजूद रहे।

जिला में 14 मार्च को होगा नेशनल लोक अदालत का आयोजन
सीजेएम अमित वर्मा ने की अधिक से अधिक केस रखने की अपील

रेवाड़ी, 19 फरवरी, अभीतक: मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अमित वर्मा ने गुरुवार को आगामी नेशनल लोक अदालत के संबंध में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। सीजेएम अमित वर्मा ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि 14 मार्च को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत में ज्यादा से ज्यादा केस रखे जाए। जिससे कि आम नागरिकों को लोक अदालत का लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि जिला एडीआर सेंटर में स्थापित परमानेंट लोक अदालत में नेशनल लोक अदालत का आयोजन 12 मार्च को होगा। स्थानीय न्यायिक परिसर, कोसली व बावल उपमंडल में नेशनल लोक अदालत का आयोजन 14 मार्च को किया जाएगा। उन्होंने आमजन से अपील की है कि अपने केस नेशनल लोक अदालत में प्रस्तुत करें। यहां कम समय में व्यक्ति को त्वरित न्याय मिलता है। सचिव अमित वर्मा ने यह भी बताया कि टोल फ्री नंबर 15100 पर कॉल करके फ्री कानूनी सहायता ली जा सकती है। इसके अलावा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी के हेल्पलाइन नंबर 01274-220062 पर भी कोई भी नागरिक कार्यालय समय में निरूशुल्क कानूनी सलाह ले सकते हैं।
नेशनल लोक अदालत के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देते हुए सीजेएम अमित वर्मा।

सीजेएम ने हिट एंड रन मामलों की समीक्षा की
जनरल इंश्योरेंस कंपनी से पीड़ितों को शीघ्र मुआवजा दिलवाने के दिए निर्देश

रेवाड़ी, 19 फरवरी, अभीतक: मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अमित वर्मा की अध्यक्षता में गुरुवार को हिट एंड रन कमेटी की मीटिंग का आयोजन किया गया। सीजेएम अमित वर्मा ने उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार राजशेखरन वर्सेस यूनियन ऑफ इंडिया केस में दिए गए आदेश को ध्यान में रखते हुए हिट एंड रन मामलों के बारे में उचित दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रात के अंधेरे में या कहीं कोई अज्ञात वाहन किसी राहगीर को टक्कर मारकर घायल कर दे या घायल की मृत्यु हो जाए तो जनरल इंश्योरेंस कंपनी से पीड़ित परिवार को मुआवजा मिलता है। इस साल में रेवाड़ी में 79, बावल में 35 और कोसली उपमंडल में हिट एंड रन के 5 मामले दर्ज हो चुके हैं। इनमें एसडीएम द्वारा डीसी को रिपोर्ट भिजवाई जाती है। सीजेएम ने कहा कि अभी तक जो मामले पुलिस ने दर्ज किए हैं, उनमें इंश्योरेंस कंपनी से मिलकर पीडितों को क्लेम दिलवाने की प्रक्रिया तेज की जाए। बैठक में रेवाड़ी के एसडीएम सुरेश कुमार, एसडीएम बावल मनोज कुमार, एसडीएम कोसली विजय कुमार तथा डीएसपी ट्रैफिक मौजूद रहे।
हिट एंड रन कमेटी की बैठक करते सीजेएम अमित वर्मा।

डॉ पवन कुमार को फिर दिया गया हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष का चार्ज। पहले 31 जनवरी तक थे चेयरमैन अब पुनः बने बोर्ड अध्यक्ष

माहवारी स्वच्छता एवं किशोर स्वास्थ्य विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
झज्जऱ, 19 फरवरी, अभीतक: सिविल सर्जन डॉ. मंजू कादयान के मार्गदर्शन में तथा उप सिविल सर्जन डॉ. ममता त्यागी के नेतृत्व में राजकीय हाई स्कूल गांगटन, झज्जर में मासिक धर्म स्वच्छता एवं किशोर स्वास्थ्य विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला किशोर स्वास्थ्य काउंसलर संदीप कुमार जांगड़ा द्वारा छात्राओं को विस्तार से जागरूक किया गया। उन्होंने बताया कि माहवारी एक प्राकृतिक प्रक्रिया है और इस दौरान स्वच्छता, संतुलित आहार तथा मानसिक स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना चाहिए। सेनेटरी नैपकिन का सही उपयोग, समय पर बदलाव तथा सुरक्षित निस्तारण के बारे में जानकारी दी गई। इस अवसर पर राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम (त्ज्ञैज्ञ) के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। छात्राओं को बताया गया कि प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर स्थापित मित्रता क्लीनिक में किशोर एवं किशोरियां बिना झिझक अपनी शारीरिक, मानसिक, पोषण, नशा मुक्ति एवं प्रजनन स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर निःशुल्क काउंसलिंग ले सकते हैं। सभी छात्राओं को मित्रता क्लीनिक में परामर्श हेतु आमंत्रित किया गया। परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों को तनाव रहित परीक्षा देने के लिए विशेष टिप्स दिए गए। उन्हें बताया गया कि नियमित समय सारिणी बनाकर अध्ययन करें।
पर्याप्त नींद लें और मोबाइल का सीमित उपयोग करें।
परीक्षा से पहले गहरी सांस लेने (डीप ब्रीदिंग) एवं सकारात्मक सोच अपनाएं।
कठिन विषयों का अभ्यास बार-बार करें और आत्मविश्वास बनाए रखें।
संतुलित आहार लें और परीक्षा के दिनों में स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें।

कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल हेडमास्टर बलजीत सिंह एवं स्कूल हेल्थ एंड वेलनेस कार्यक्रम की हेल्थ एंबेसडर अध्यापिका भारती द्वारा की गई। उन्होंने छात्राओं को स्वास्थ्य एवं शिक्षा दोनों क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। अंत में सभी छात्राओं को स्वच्छता अपनाने, स्वस्थ जीवनशैली बनाए रखने तथा आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में भाग लेने का संदेश दिया गया। इस मौके पर स्कूल से अध्यापिका रीना, संजय कुमार एसएमसी प्रधान मोनू एवं अन्य स्टाफ मौजूद रहा।

झज्जर पुलिस ने गांव बिरड माजरा गांव में नशा मुक्ति,साइबर क्राइम व डायल 112 को लेकर चलाया गया जागरूकता अभियान
झज्जर, 19 फरवरी, अभीतक: झज्जर पुलिस कमिश्नर डॉ राजश्री सिंह के दिशा-निर्देशन में नशा मुक्ति टीम द्वारा गांव बिरड माजरा में जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों,आपातकालीन सेवा डायल 112 तथा साइबर क्राइम के प्रति सचेत करना था। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और टीम द्वारा दी गई जानकारी को ध्यानपूर्वक सुना। नशा मुक्ति टीम में तैनात मुख्य सिपाही सपना और उनकी टीम ने बताया कि नशा व्यक्ति के जीवन को अंधकार की ओर धकेल देता है। इससे न केवल शरीर पर दुष्प्रभाव पड़ता है,बल्कि परिवार और समाज भी प्रभावित होता है। नशे की लत व्यक्ति की आर्थिक स्थिति को कमजोर करती है और पारिवारिक संबंधों में दरार पैदा कर देती है। इसलिए प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह स्वयं नशे से दूर रहे और अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करे। सामूहिक प्रयासों से ही नशा मुक्त समाज का निर्माण संभव है। टीम ने आपातकालीन परिस्थितियों में डायल 112 का उपयोग करने की अपील की और बताया कि यह सेवा नागरिकों की त्वरित सहायता के लिए उपलब्ध है। इसके साथ ही साइबर क्राइम के बढ़ते मामलों पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने समझाया कि आज का युग तकनीकी युग है,जिसमें इंटरनेट और मोबाइल फोन का व्यापक उपयोग हो रहा है। साइबर ठग लोगों को फर्जी लिंक,कॉल या संदेश भेजकर ठगी का शिकार बनाते हैं। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और किसी के साथ ओटीपी साझा न करें स जागरूकता ही नशे और साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। सतर्क और जागरूक नागरिक ही सुरक्षित समाज की नींव रख सकते हैं।

झज्जर पुलिस की टीम ने जुआ खेलते सात आरोपियों को किया काबू, आरोपियों से 6200 बरामद
झज्जर, 19 फरवरी, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉ राजश्री सिंह के मार्गदर्शन में कार्रवाई करते हुए सीआईए झज्जर की पुलिस टीम ने जुआ खेलते हुए सात आरोपियों को काबू करने में कामयाबी हासिल की। मामले की जानकारी देते हुए सीआईए झज्जर प्रभारी निरीक्षक कर्मवीर ने बताया कि सीआईए झज्जर की टीम थाना शहर झज्जर के एरिया में मौजूद थी। इसी दौरान उन्हें गुप्त सूचना मिली की छारा चुंगी के नजदीक एक प्लांट में बने कमरे के अंदर कुछ व्यक्ति ताश के पत्तों से जुआ खेल रहे हैं जिस सूचना पर कार्रवाई करते हुए सीआईए झज्जर में तैनात उप निरीक्षक राम अवतार की पुलिस टीम ने गुप्त सुचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए उन्हें मौके पर ही सभी आरोपियों को काबू कर लिया पकड़े गए आरोपियों की पहचान अशोक , पवन, सुनील, सुंदर, राजेश मोमिन व टिटू निवासी जिला झज्जर के तौर पर की गई। पकड़े गए आरोपियों से 6200 रुपए बरामद किए गए। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए थाना शहर झज्जर में जुआ अधिनियम के तहत मामला दर्ज करके आगामी कार्रवाई अमल मिलाई जा रही है।

464 ग्राम गांजा के साथ महिला काबू
बहादुरगढ़, 19 फरवरी, अभीतक: नशा विरुद्ध अभियान के तहत पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के दिशा-निर्देशन में कार्रवाई करते हुए सीआईए-टू बहादुरगढ़ की पुलिस टीम ने थाना लाइनपार बहादुरगढ़ क्षेत्र से एक महिला आरोपी को मादक पदार्थ गांजा सहित काबू किया। सीआईए-टू बहादुरगढ़ प्रभारी निरीक्षक अमित ने बताया कि पुलिस टीम थाना लाइनपार बहादुरगढ़ क्षेत्र में मौजूद थी। इसी दौरान टीम को गुप्त सूचना मिली कि एक महिला अवैध रूप से गांजा बेचने का धंधा करती है और अपने मकान के पास नशीला पदार्थ लेकर खड़ी है। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए महिला को काबू कर लिया। महिला के पास मादक पदार्थ होने के संदेह पर नियमानुसार राजपत्रित अधिकारी को सूचित किया गया। मौके पर पहुंचे राजपत्रित अधिकारी की मौजूदगी में नियमों के अनुसार कार्रवाई करते हुए महिला पुलिस कर्मचारी द्वारा महिला की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान महिला के कब्जे से मादक पदार्थ गांजा बरामद हुआ, जिसका वजन 464 ग्राम पाया गया। बरामद गांजा के संबंध में आरोपी महिला के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत थाना लाइनपार बहादुरगढ़ में मामला दर्ज किया गया।पकड़ी गई महिला आरोपी के खिलाफ नियमानुसार आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

झज्जर में बाल श्रम के खिलाफ कार्रवाई, नाबालिग बच्चा रेस्क्यू
झज्जर, 19 फरवरी, अभीतक: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, झज्जर के सचिव एवं सीजेएम श्री विशाल के आदेश क्रमांक 436-445 दिनांक 29ध्01ध्2026 के अनुपालन में आज बाल श्रम के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के तहत पैनल अधिवक्ता विक्रम स्वामी के नेतृत्व में टीम द्वारा गांव छूछकवास क्षेत्र में चेकिंग की गई। निरीक्षण के दौरान दलीप मिस्त्री की डम्पर-ट्रॉली बनाने की दुकान पर एक नाबालिग बालक कार्य करते हुए पाया गया, जिसे मौके से रेस्क्यू किया गया। बच्चे ने अपना नाम सुबीन निवासी रामपुरा नच बताया। उसने बताया कि वह पिछले एक माह से सुबह 8 बजे से शाम तक कार्य कर रहा था तथा उसे 10,000 रुपये मासिक मजदूरी देने का आश्वासन दिया गया था। संयुक्त टीम में मानव तस्करी विरोधी इकाई से एएसआई संदीप, एचसी पवन, डीएलएसए से पैनल अधिवक्ता विक्रम स्वामी, पैरा लीगल वॉलंटियर कर्मजीत, लेबर इंस्पेक्टर सुनीता, जिला बाल संरक्षण इकाई से प्रवीण तथा एम.डी. डी ऑफ इंडिया एनजीओ से मनोज कुमार सहित अन्य सदस्य शामिल रहे। दुकान मालिक दलीप के खिलाफ Juvenile Justice ¼Care and Protection of Children½ Act & 2015 की धारा 75 व 79 तथा Child and Adolescent Labour ¼Prohibition and Regulation½ Act – 1986 की धारा 14 के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है। रेस्क्यू किए गए बच्चे को नियमानुसार बाल संरक्षण इकाई को सुपुर्द कर दिया गया है। प्राधिकरण की ओर से स्पष्ट किया गया कि बाल श्रम किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।

भाजपा सरकार ने मिड डे मील में नाममात्र बजट दिया,गरीब के बच्चे को पढ़ना से रोकने का षड्यंत्र है यह: दिग्विजय चैटाला
किसान के खातों में सीधा पैसा दुष्यंत चैटाला ने दिलवाया
900 मंडियों का निर्माण दुष्यंत चैटाला ने उपमुख्यमंत्री रहते बनवाकर किसानों का साथ दिया: दिग्विजय

भिवानीध्तोशाम 19 फरवरी, 13 मार्च को हांसी में होने वाले भव्य सर्व हरियाणा जनचेतना दिवस रैली को लेकर आज युवा प्रदेशाध्यक्ष दिग्विजय सिंह चैटाला ने हल्का तोशाम के दर्जनों गांवों का दौरा कर निमंत्रण दिया। इस मौके पर उन्होंने कहा की डा. अजय सिंह चैटाला के चाहने वाले हजारों साथी हांसी में पहुंचेंगे। वहीं चैटाला ने भाजपा की नायब सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आज हरियाणा में बदमाशी चरम पर है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का एडमिनिस्ट्रेटिव पर कोई कंट्रोल नहीं है। सरकार को चंडीगढ़ के दो अधिकारी चला रहे। उन्होंने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री ज्यादातर समय दिल्ली बिताते हैं जिसके कारण यहां का एडमिनिस्ट्रेशन मुख्यमंत्री और मंत्रियों को कुछ नहीं समझता। उन्होंने कहा कि सबने देखा एक एसपी ने भी अनिल विज को धमका दिया, मंत्रियों तक की कोई नहीं सुनता विधायकों की हालत का अंदाजा लगाया जा सकता है। दिग्विजय ने भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा की आज भाजपा के नेताओं से भी जबरन वसूली (एक्सटेंशन)की घटनाएं सामने रही। आम आदमी के साथ क्या होता होगा। आलम यह है की डर के कारण 90 फीसदी लोग आपराधिक घटनाओं के बारे में बताते तक नहीं है। दिग्विजय ने कहा कि हरियाणा प्रदेश में कोलैप्स ऑफ ब्यूरोक्रेसी, कोलैप्स ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन, कोलैप्स गवर्नेंस है। बुढ़ापा पेंशन पर बोलते हुए सरकार को घेरते हुए दिग्विजय ने कहा कि आज बेवजह बुजुर्गो की पैंशन काटी गई थी जिसे जजपा के दबाव में सरकार को वापिस लेना पड़ा लेकिन अभी भी 40 हजार लोगों की पेंशन काट दी। भ्च्ैब् में बड़ा गोलमाल चल रहा है बरोजगारी चरम सीमा पर है। 13 मार्च को हांसी में होने वाले भव्य सर्व हरियाणा जनचेतना दिवस रैली को लेकर दिग्विजय सिंह चैटाला ने कहा की हरियाणा में 13 मार्च के बाद सरकार के खिलाफ बड़ा जनादेश उभरेगा। आज जनता के मुद्दों को लेकर श्रश्रच् पार्टी आज जनता के बीच जा रही, जनता का श्रश्रच् को भरपूर समर्थन मिल रहा। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश की जनता जेजेपी को विपक्ष के रूप में देख रही, 13 मार्च की रैली हरियाण की राजनीति को बदलेगी। चैटाला ने फैमिली प्क् में होने वाले बदलाव पर सरकार पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि सरकार जनता कोई लाभ नहीं देना चाहती। भाजपा तोड़ने वाले लोग है देने वाले के मन में कोई रंग भेद, जातपात का फर्क नहीं होना चाहिए। दिग्विजय ने मुख्यमंत्री नायब सैनी पर बोलते हुए कहा की मुख्यमंत्री मुख्यशासक होता है जो सबको दे, ये लोग सिर्फ लेने वाले लोग , छिनने वाले लोग, काटने मारने वाले लोग। कैबिनेट मंत्री किरण राजीजू के राहुल गांधी को देश की सुरक्षा के लिए खतरा बताने पर कहा मुझे देश के लिए खतरा बीजेपी लगती है जिन्होंने चीन और पाकिस्तान को हमारी सरहद पर आने का अवसर दिया। बजट पर बोलते हुए दिग्विजय ने कहा कि अधिकारी बजट तय करेंगे ना के मुख्यमंत्री, हरियाणा में हालात ऐसे बन गए कि मुख्यमंत्री की पावर नहीं रही। ये तो अधिकारी तय करेंगे। जब तक हरियाणा का बजट अधिकारी तय करेंगे तो हरियाणा प्रदेश का सुनहरा भविष्य कैसे लिख सकते हैं। इस मौके पर उनके साथ जिलाध्यक्ष जितेन्द्र शर्मा, जिला प्रभारी कृष्ण बजीणा, हल्का अध्यक्ष ऋषिपाल फौगाट, सेठी धनाना, ओमी बापौडा, सुलोचना पोटलियां, कृष्ण वर्मा, रविन्द्र पटौदी, सुमित्रा श्योराण, सुखबीर संडवा, बेदू बागनवाला, सतीश बागनवाला, रविन्द्र पोटलियां, सोमबीर ढाणीमाहू, संकेत झूलली, प्रदीप रोढा, मदन जुसवाला, राजेश ग्रेवाल, दिग्विजय के प्रैस सचिव राजू मेहरा, आशु वाल्मीकि, हितेश चांवरिया, भूपेंद्र गोदारा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।

सीजेएम विशाल के आदेश पर बाल श्रम करवाने वाले के खिलाफ एफआईआर दर्ज
झज्जर, 19 फरवरी, अभीतक: हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण तत्वाधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर के चेयरमैन जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री राजकुमार यादव के कुशल मार्गदर्शन मे सचिव एवं सीजेएम श्री विशाल के आदेश अनुसार बाल श्रम के विरूद्ध एक अभियान चलाया गया है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर के सचिव एवं सीजेएम श्री विशाल द्वारा एक टीम गठित की गई है, जो समय समय पर बाल श्रम कर रहे बच्चों की चेकिंग करते हैं। इस कड़ी में आज टीम द्वारा गांव छुछकवास के एरिया में चेकिंग की गई चेकिंग के दौरान वैल्डिंग ट्राली वर्कशॉप पर एक बच्चा बाल श्रम करता हुआ रेस्क्यू किया गया। बच्चे की उम्र लगभग 14 वर्ष है बच्चा बिहार का रहने वाला है। सीजेएम श्री विशाल के आदेश पर वर्कशॉप के मालिक दलीप के खिलाफ श्रश्र ंबज की धारा 75, 79 व चाइल्ड लेबर एक्ट की धारा 3 व 14 के तहत एफआईआर दर्ज करवाई।

महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में महिला अंतर महाविद्यालय सर्कल कबड्डी प्रतियोगिता संपन्न
एमकेजेकेएम, रोहतक की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया

रोहतक, 19 फरवरी, अभीतक: महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के खेल परिसर में महिला अंतर महाविद्यालय सर्कल कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस खेल प्रतियोगिता में विभिन्न महाविद्यालयों की टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए शानदार खेल कौशल का प्रदर्शन किया। कड़े मुकाबलों के बाद एमकेजेकेएम, रोहतक की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त कर विजेता ट्रॉफी अपने नाम की। टीआरजीसी, सोनीपत की टीम द्वितीय स्थान पर रही। वहीं वीएमएम, रोहतक तथा जीसीडब्ल्यू, बहादुरगढ़ की टीमों ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान हासिल किया। समापन अवसर पर खेल निदेशक डॉ. शकुंतला बेनीवाल ने विजेता एवं उपविजेता टीमों को ट्रॉफी एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल न केवल शारीरिक क्षमता को बढ़ाते हैं, बल्कि अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व कौशल का भी विकास करते हैं। कबड्डी कोच विकास कुमार ने प्रतियोगिता का संचालन किया। इस अवसर पर मुकेश गोयल समेत अन्य खेल प्रशिक्षक और प्रतिभागी खिलाड़ी उपस्थित रहे।

एनसीएलटी और कोर्ट आदेशों का अवश्य करें रजिस्ट्रेशन
एफसीआर डॉ. सुमिता मिश्रा ने जारी किए सख्त निर्देश
पालना न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ होगी अनुशासनात्मक कार्यवाई

चंडीगढ़, 19 फरवरी, अभीतक: हरियाणा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वितायुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने राज्य के मण्डलायुक्त और उपायुक्तों को निर्देश दिये है कि वे नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल और न्यायालय के आदेशों का तय कानूनी नियमों के अनुसार रजिस्ट्रेशन अवश्य सुनिश्चित करें। डॉ. मिश्रा ने कहा कि मुख्य राजस्व अधिकारी, सब-रजिस्ट्रार और संयुक्त सब-रजिस्ट्रार को नेशनल कम्पनी ट्रिब्यूनल और कोर्ट के आदेशों के रजिस्ट्रेशन के संबंध में 13 नवंबर, 2013 को पहले के जारी निर्देशों और 22 नवंबर 2017 की अधिसूचना का पालन करना हैं। उन्होंने बताया कि नेशनल कम्पनी ट्रिब्यूनल के आदेशों से जुड़े मामलों में इंडियन स्टैम्प एक्ट, 1899 के शेड्यूल 1-ए के आर्टिकल 23-ए के तहत 1.5 प्रतिशत की दर से स्टैम्प ड्यूटी लगती है, जिसकी ज्यादा से ज्यादा लिमिट 7.5 करोड़ रुपये है। इसी तरह नॉन-बोनाफाइड कोर्ट के आदेश भी इसी नियम के तहत आते हैं। इन कानूनी नियमों का पालन करके राज्य के खजाने पर स्टैम्प ड्यूटी राजस्व बढाया जाना है। डॉ. मिश्रा ने इस बात पर बल दिया कि इंडियन स्टैम्प एक्ट के नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए और ऐसे मामलों में बिना किसी छूट के सही स्टैम्प ड्यूटी का आंकलन और रजिस्ट्रेशन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अचल संपत्ति के ट्रांसफर से जुड़े कई मामलों में न्यायालय द्वारा जारी स्टे ऑर्डर सब-रजिस्ट्रार के ऑफिस में पहंुचने पर जमाबंदी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह चूक न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन है। इसलिए, सर्कल राजस्व अधिकारी को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये है कि किसी भी न्यायालय से मिला कोई भी स्टे ऑर्डर तुरंत रेवेन्यू रिकॉर्ड में दिखाई दे। वित्तायुक्त राजस्व ने सभी उपमण्डलायुक्तों और उपायुक्तों से कहा है कि वे अपने अधीन सभी संबंधित राजस्व अधिकारियों को निर्देश दें कि वे इन आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि इन मामलों में कोई भी चूक होने पर दोषी अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाई अमल में लाई जाएगी।

हरियाणा में 12 लाख से ज्यादा लोगों का एचआईवी टेस्ट किया, पूरे राज्य में इलाज का नेटवर्क बढ़ाया गया
चण्डीगढ़, 19 फरवरी, अभीतक: हरियाणा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि हरियाणा ने एचआईवीध्एड्स के खिलाफ अपनी लड़ाई को तेजी से बढ़ाते हुए चालू वित्तीय वर्ष में 12.40 लाख से अधिक लोगों का टेस्ट किया और राज्य के हर कोने में मरीजों तक पहुँचने के लिए उपचार के बुनियादी ढ़ाचें का विस्तार किया है। उन्होंने बताया कि अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 के बीच 12,40,205 लोगों की एचआईवी जांच की गई, जिनमें से 5,877 व्यक्ति एचआईवी पॉजिटिव पाए गए। राज्य में वर्तमान में 104 एकीकृत परामर्श एवं जांच केंद्र संचालित हैं, जिनमें फरीदाबाद में एक मोबाइल इकाई भी शामिल है। इन सभी केंद्रों पर निःशुल्क एवं गोपनीय सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। डॉ. मिश्रा ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक बिना किसी भेदभाव के जांच एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। इस वित्त वर्ष में राज्य ने मातृ स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। 5,65,830 गर्भवती महिलाओं की एचआईवी जांच की गई, जिनमें से 613 महिलाएं एचआईवी पॉजिटिव पाई गईं और उन्हें समय पर उपचार से जोड़ा गया, जो एचआईवीध्एड्स के ऊर्ध्वाधर संचरण के उन्मूलन में मदद करता है। उपचार सुविधाओं के विस्तार के तहत राज्य में 24 एंटी-रेट्रोवायरल थेरेपी (।त्ज्) केंद्र रोहतक, गुरुग्राम, फरीदाबाद, करनाल, हिसार, अंबाला और मेवात सहित प्रमुख जिलों में संचालित हैं। इनमें से 13 नए केंद्र मेडिकल कॉलेजों में स्थापित किए गए हैं, जिससे मरीजों को उन्नत उपचार सुविधाएं अपने निकट ही उपलब्ध हो रही हैं और उन्हें लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ रही। इसके अतिरिक्त 5 फैसलिटी इंटीग्रेटेड एआरटी केंद्र तथा 4 लिंक एआरटी केंद्र भी कार्यरत हैं। वर्तमान में राज्यभर में कुल 40,851 मरीज जीवन रक्षक उपचार प्राप्त कर रहे हैं। एचआईवीध्एड्स के साथ जीवन यापन कर रहे व्यक्तियों (च्स्भ्प्ट) पर आर्थिक बोझ कम करने और उपचार अनुपालन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने दिसंबर 2021 में मासिक वित्तीय सहायता योजना शुरू की थी, जिसके तहत पात्र लाभार्थियों को 2,250 रुपये प्रतिमाह प्रदान किए जाते हैं। अब तक इस योजना के अंतर्गत 54.3 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं। पंजीकृत मरीजों को निःशुल्क फॉलो-अप देखभाल तथा सार्वजनिक-निजी भागीदारी (च्च्च्) के माध्यम से अल्ट्रासाउंड, एमआरआई और सीटी स्कैन जैसी उन्नत जांच सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। एचआईवी के अतिरिक्त राज्य यौन संचारित संक्रमणों की रोकथाम पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। इसके लिए 31 नामित क्लीनिकों में निःशुल्क परामर्श, सिफिलिस जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध है। साथ ही, रेड क्रॉस सोसाइटी और गैर-सरकारी संगठनों के माध्यम से 42 लक्षित हस्तक्षेप परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं, जो उच्च जोखिम समूहों: जैसे महिला यौन कर्मी, पुरुष-पुरुष यौन संबंध रखने वाले व्यक्ति, अंतःशिरा नशीली दवाओं का सेवन करने वाले, ट्रक चालक एवं प्रवासी मजदूरों के साथ कार्य कर रही हैं। इन परियोजनाओं के तहत नियमित स्वास्थ्य जांच, प्रत्येक छह माह में एचआईवी जांच तथा कंडोम वितरण सुनिश्चित किया जाता है। ओपिओइड पर निर्भर व्यक्तियों के लिए राज्य में 12 ओपिओइड प्रतिस्थापन चिकित्सा केंद्र और 3 उपग्रह इकाइयां संचालित हैं। वर्तमान में 9,014 मरीज पंजीकृत हैं, जिनमें से 4,569 नियमित उपचार प्राप्त कर रहे हैं। जन जागरूकता के क्षेत्र में भी राज्य ने व्यापक अभियान चलाया है। रेडियो जिंगल, रेलवे स्टेशनों पर डिजिटल डिस्प्ले, सिनेमा विज्ञापन, एसएमएस अभियान और सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूकता संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं। स्कूलों और कॉलेजों में रेड रिबन क्लबों के माध्यम से 3,397 स्कूलों और 429 कॉलेजों में रैलियां, मैराथन और जागरूकता प्रश्नोत्तरी आयोजित कर संदेश पहुंचाया गया है। इसके अतिरिक्त परिवहन विभाग, कृषि विभाग, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (छभ्।प्), उत्तरी रेलवे तथा महिला एवं बाल विकास विभाग सहित विभिन्न सरकारी विभागों को भी इस मुहिम से जोड़ा गया है। मुख्यधारा में लाने की पहल (डंपदेजतमंउपदह प्दपजपंजपअम) के तहत अब तक 49,120 व्यक्तियों को जागरूक किया जा चुका है। डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि कार्यक्रम का व्यापक दायरा और समन्वय राज्य की इस दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि एचआईवी संक्रमण की दर को कम किया जाए, संक्रमित व्यक्तियों को सम्मानजनक और गुणवत्तापूर्ण देखभाल सुनिश्चित की जाए तथा एड्स को सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरे के रूप में समाप्त करने के राष्ट्रीय लक्ष्य की दिशा में निरंतर प्रगति की जाए।

पहली डिजिटल जनगणना के लिए हरियाणा तैयार
प्रदेश में जनगणना-2027 की बड़े पैमाने पर तैयारियां
मुख्य सचिव ने की एक दिवसीय सम्मेलन की अध्यक्षता

चंडीगढ़, 19 फरवरी, अभीतक: हरियाणा में जनगणना-2027 को लेकर बड़े पैमाने पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। जनगणना के सफल और समयबद्ध संचालन के लिए मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने आज यहां मंडलायुक्तों, उपायुक्तों, नगर निगम आयुक्तों के एक दिवसीय सम्मेलन को वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि यह जनगणना केवल एक सांख्यिकीय कवायद भर नहीं, बल्कि आने वाले दशक की नीतियों, कल्याणकारी योजनाओं और आधारभूत संरचना के विकास की नींव है। साथ ही, यह राज्य की प्रशासनिक और तकनीकी दक्षता तथा समन्वय कौशल की भी परीक्षा है। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन का उद्देश्य वरिष्ठ अधिकारियों और प्रधान जनगणना अधिकारियों को जनगणना की कार्यप्रणाली और प्रक्रियाओं तथा उनकी भूमिका एवं उत्तरदायित्वों के प्रति संवेदनशील बनाना है। मुख्य सचिव ने कहा कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े नीति निर्माण एवं विकास योजनाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों ने राज्य में कम बाल लिंगानुपात वाले जिलों की पहचान करने में मदद की और ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम के माध्यम से लक्षित हस्तक्षेप संभव हुआ। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने कहा कि जनगणना में उपायुक्तों और नगर निगम आयुक्तों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। केन्द्र सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन, प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों की नियुक्ति, प्रशिक्षण, जिले का पूर्ण कवरेज तथा निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा करना उनकी जिम्मेदारी है। मंडलायुक्त अपने अधीन जिलों की नियमित समीक्षा करें और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तायुक्त तथा अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि जनगणना से जुड़ी पूरी प्रक्रिया में त्रुटि या लापरवाही की कोई गुंजाइश न रहे। उन्होंने कहा कि इस कार्य में अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रशिक्षण और संवेदनशीलता का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि जनगणना कार्य के लिए जारी की गई धनराशि का समुचित उपयोग किया जाए। उन्होंने बताया कि देश में पहली बार पूरी तरह से डिजिटल जनगणना होगी। इसके पहले चरण में ‘मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना’ 1 मई से 30 मई, 2026 तक की जाएगी। वर्ष 1966 में राज्य गठन के बाद से, हरियाणा के लिए यह छठी जनगणना होगी। परंपरागत प्रक्रिया से हटकर इस बार नागरिकों को स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) का विकल्प भी दिया जाएगा, जिसके लिए 16 अप्रैल, 2026 से एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया जाएगा। डॉ. मिश्रा ने बताया कि नागरिक अपने विवरण पहले ही ऑनलाइन भर सकेंगे। जानकारी सबमिट करने के बाद उन्हें एसएमएस और ई-मेल के माध्यम से एक विशिष्ट सेल्फ-एन्यूमरेशन आईडी प्राप्त होगी। इसके बाद जब गणनाकर्मी मौके पर आएंगे, तो वे केवल पहले से भरी गई जानकारी का सत्यापन करेंगे, जिससे समय की बचत होगी और आंकड़ों की गुणवत्ता में सुधार होगा। हरियाणा के जनगणना संचालन निदेशक श्री ललित जैन ने बताया कि आगामी जनगणना के अंतर्गत लगभग 50,000 हाउस लिस्टिंग ब्लॉकों को 203 ग्रामीण और शहरी चार्जों में कवर किया जाएगा। इस विशाल कार्य के लिए 50,000 से अधिक गणना कर्मी और 8,000 से अधिक पर्यवेक्षक तैनात किए जाएंगे। इनके प्रशिक्षण के लिए मास्टर ट्रेनर और फील्ड ट्रेनर की चरणबद्ध प्रशिक्षण व्यवस्था अपनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि गणना कर्मियों और पर्यवेक्षकों की प्रतिबद्धता सुनिश्चित करने तथा कार्य में निरंतरता बनाए रखने के लिए सरकार ने दोनों चरणों को सफलतापूर्वक पूरा करने पर 25,000 का मानदेय देने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि गणनाकर्मी एक विशेष हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करेंगे, जिसे उनके पंजीकृत निजी मोबाइल उपकरणों पर इंस्टॉल किया जाएगा। यह एप्लिकेशन ऑफलाइन मोड में भी कार्य करेगा, ताकि दूर-दराज और नेटवर्क-विहीन क्षेत्रों में भी जनगणना का कार्य बाधित न हो। नेटवर्क उपलब्ध होते ही डाटा स्वतः सिंक्रोनाइज हो जाएगा। यह मोबाइल एप्लिकेशन एंड्रॉयड और आईओएस दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगा, जिसके लिए न्यूनतम ऑपरेटिंग सिस्टम, रैम और स्टोरेज की शर्तें निर्धारित की गई हैं। रियल-टाइम मॉनिटरिंग और तकनीक-आधारित डैशबोर्ड के माध्यम से प्रत्येक स्तर पर प्रगति की सतत निगरानी की जाएगी। इस दौरान बताया गया कि जनगणना कार्य में आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए प्रत्येक जिले में जिला जनगणना समन्वय समिति गठित की जाएगी। राजस्व, शिक्षा, पुलिस, स्वास्थ्य, पंचायती राज, सूचना प्रौद्योगिकी और जन संपर्क जैसे विभिन्न विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा। आमजन में विश्वास और सहयोग बढ़ाने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनगणना में एकत्रित व्यक्तिगत जानकारी पूर्णतः गोपनीय रहेगी और किसी अन्य उद्देश्य के लिए उपयोग नहीं की जाएगी। सम्मेलन के दौरान खास तौर से जनगणना के लिए तैयार की गई रागनी ‘जनगणना बुनियाद देश की, लोकतंत्र की है पहचान’ भी सुनाई गई।

9 से 23 फरवरी तक मनाया जा रहा है स्मार्ट मीटर पखवाड़ा
चंडीगढ़, 19 फरवरी, अभीतक: स्मार्ट मीटरिंग को बढ़ावा देने और इसके प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय द्वारा 9 फरवरी से 23 फरवरी 2026 तक सभी राज्यों में ‘स्मार्ट मीटर पखवाड़ा’ मनाया जा रहा है। इस संबंध में जानकारी देते हुए उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड (यूएचबीवीएनएल) के प्रवक्ता ने बताया कि अब तक यूएचबीवीएन के तीन शहरों करनाल, पानीपत और पंचकूला में लगभग पांच लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इन शहरों के उपभोक्ता अपने कनेक्शन को पोस्टपेड से प्रीपेड बिलिंग मोड में परिवर्तित कर बिजली शुल्क पर 5 प्रतिशत की छूट का लाभ उठा सकते हैं। स्मार्ट मीटर यूएचबीवीएन’ मोबाइल एप्लिकेशन गूगल प्ले स्टोर और एप्पल आईओएस स्टोर, दोनों पर उपलब्ध है। इस ऐप के माध्यम से उपभोक्ता अपनी दैनिक बिजली खपत पर निगरानी रख सकते हैं, प्रीपेड बिलिंग की स्थिति में क्रेडिट बैलेंस से संबंधित दैनिक अलर्ट प्राप्त कर सकते हैं तथा स्मार्ट मीटर से संबंधित शिकायतें दर्ज कर सकते हैं। वर्तमान में यूएचबीवीएन में लगभग 31,600 उपभोक्ता मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग कर रहे हैं। प्रवक्ता ने बताया कि किसी भी सहायता के लिए उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर 1912 या 1800-180-1550 पर संपर्क कर सकते हैं। यूएचबीवीएनएल ने उपभोक्ताओं से प्रीपेड बिलिंग अपनाने और अपने बिजली उपयोग के बेहतर नियंत्रण तथा प्रभावी प्रबंधन के लिए मोबाइल एप्लिकेशन डाउनलोड करने की अपील की है।

पशुओं के पॉलिक्लिनिक एवं अस्पतालों के लिए आधुनिक मशीनें खरीदी जाएंगी: श्याम सिंह राणा
गैस एनेस्थीसिया मशीन, अल्ट्रासाउंड मशीन, ब्लड टेस्ट उपकरण तथा बायो सेफ्टी लैब्स लेवल – 2 स्थापित करने को दी मंजूरी

चंडीगढ़, 19 फरवरी, अभीतक: हरियाणा के पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में पशुओं के पॉलिक्लिनिक एवं अस्पतालों के लिए आधुनिक मशीनें खरीदी जाएंगी ताकि पशुपालकों के पशुधन का सस्ते में ईलाज हो सके। उन्होंने बताया कि आज हाई पावर्ड परचेज कमेटी में गैस एनेस्थीसिया मशीन, अल्ट्रासाउंड मशीन, ब्लड टेस्ट उपकरण तथा ष्बायो सेफ्टी लैब्स लेवल – 2 स्थापित करने को मंजूरी दी गई है। श्री राणा की अध्यक्षता में हुई बैठक में कमेटी के सदस्य हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा भी उपस्थित थे। इनके अलावा, पशुपालन एवं डेयरी विभाग के प्रधान सचिव श्री विजय सिंह दहिया, महानिदेशक डॉ प्रेम सिंह, सयुंक्त निदेशक डॉ सुखदेव राठी, आपूर्ति एवं निपटान विभाग के महानिदेशक श्री पंकज, वित्त विभाग के विशेष सचिव डॉ जय इंद्र सिंह समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे। पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि हाई पावर्ड परचेज कमेटी में प्रदेश में पशुओं के ईलाज के लिए स्थापित पॉलीक्लिनिकों हेतु गैस एनेस्थीसिया मशीन खरीदने की मंजूरी दी गई है। इससे डॉक्टरों को पशुओं की सर्जरी करने में सुविधा होगी। उन्होंने बताया कि पशुओं के इलाज (सर्जरी) में गैस एनेस्थीसिया मशीन इंजेक्टेबल की तुलना में अधिक सुरक्षित है, जो सटीक खुराक, तेज रिकवरी और बेहतर नियंत्रण प्रदान करती है। यह ऑक्सीजन के साथ मिलकर काम करती है, जिससे पशुओं के हृदय और अन्य अंगों पर दबाव कम पड़ता है। यह प्रणाली दर्द प्रबंधन और छोटे-बड़े जानवरों के लिए अत्यंत विश्वसनीय है। उन्होंने आगे बताया कि हिसार, रायपुररानी तथा सोनीपत में बायो सेफ्टी लैब्स लेवल – 2 स्थापित की जाएंगी। पशुओं में मध्यम जोखिम वाली बीमारियों की जांच के लिए उक्त लैब का उपयोग किया जाता है। यह लैब मानवध्पशु स्वास्थ्य के लिए मध्यम-जोखिम वाले संक्रामक एजेंटों के परीक्षण के लिए होती है, इनमें विशेष पीपीई, बायोसेफ्टी कैबिनेट, और कीटाणुशोधन (।नजवबसंअम) की सुविधा होती है, जो श्वसन या त्वचा के संपर्क से संक्रमण रोकती है। उन्होंने बताया कि बायो सेफ्टी लैब्स लेवल – 2 में पशुओं से इंसानों में फैलने वाली संक्रामक बिमारियों की जांच की जाती है ताकि इंसान बीमार पशुओं के सम्पर्क में आकर संक्रमित न हों और वे सुरक्षित रह सकें। श्री श्याम सिंह राणा ने यह भी बताया कि पशुओं के ईलाज के लिए अल्ट्रासाउंड मशीने भी खरीदी जाएंगी। पशु चिकित्सा में प्रयुक्त होने वाली ये अल्ट्रासाउंड मशीन जानवरों के आंतरिक अंगों, ऊतकों और गर्भावस्था का गैर-आक्रामक (दवद.पदअंेपअम) और विकिरण-मुक्त निदान करने के लिए एक अच्छी तकनीक है। यह तकनीक पालतू जानवरों (कुत्ते, बिल्ली) से लेकर पशुधन (गाय, भैंस, भेड़) में ट्यूमर, पेट की बीमारियों और प्रजनन संबंधी समस्याओं का सही पता लगाने में सहायक है। उन्होंने यह भी बताया कि कई बार डॉक्टर को बीमार पशु के खून की जांच करवाने की जरुरत पड़ती है। अभी तक यह टेस्ट सुविधा लुवास यूनिवर्सिटी हिसार में ही उपलब्ध थी। आज की मीटिंग में पशुओं के खून टेस्ट के लिए उपकरण खरीदने की भी स्वीकृति दे दी गई है। अब सरकारी अस्पतालों में आने वाले बीमार पशुओं के ब्लड टेस्ट फ्री में किये जाएंगे और पशुओं का जल्द ईलाज करने में आसानी होगी। पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि किसी भी पशुपालक या किसान का आर्थिक आधार पशु होते हैं जिनसे वे अपना परिवार चलाने के अलावा अतिरिक्त आमदनी कमाने का जरिया भी मानते हैं। राज्य सरकार अपने प्रदेश के पशु पालकों को समृद्ध बनाने के लिए हर आवश्यक कदम उठा रही है।

नवगठित हांसी जिले में बजट सत्र से पहले सृजित होंगे सभी जरूरी पद’
चंडीगढ़, 19 फरवरी, अभीतक: हरियाणा सरकार ने नवगठित हांसी जिले में प्रशासनिक कार्यों का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए बजट सत्र 2026 से पहले सभी जरूरी पद सृजित करने की कवायद शुरू कर दी है। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा सभी प्रशासनिक सचिवों को जारी पत्र में कहा गया है कि नए जिले की प्रशासनिक संरचना को सुदृढ़ करने हेतु ग्रुप-ए, बी, सी तथा ग्रुप-डी श्रेणियों के अंतर्गत आवश्यक पदों का सृजन किया जाएगा। सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन पदों की आवश्यकता का आकलन करें और प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करें। यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि सभी जरूरी पद निर्धारित समय-सीमा के भीतर सृजित किए जाएं। इसके अतिरिक्त, इस संबंध में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट यथाशीघ्र मानव संसाधन विभाग को भेजने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बजट सत्र से पूर्व हांसी जिले की प्रशासनिक व्यवस्था पूर्ण रूप से सुदृढ़ हो सके।

एसएलएससी ने दी 402 करोड़ रुपये से अधिक की सौर ऊर्जा आधारित सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी
हरियाणा के 94 गांवों के लगभग 8,900 किसानों को मिलेगा लाभ
11,040 हेक्टेयर क्षेत्र आएगा आधुनिक सिंचाई के दायरे में

चंडीगढ़, 19 फरवरी, अभीतक: सतत कृषि और वैज्ञानिक जल प्रबंधन को बढ़ावा देने के मकसद से राज्य स्तरीय स्वीकृति समिति (एसएलएससी) ने हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में सूक्ष्म सिंचाई एवं कमान एरिया विकास प्राधिकरण (मिकाडा) के अंतर्गत चार सामुदायिक सौर ऊर्जा आधारित एकीकृत सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। कुल 402.41 करोड़ रुपये लागत की ये परियोजनाएं भिवानी, झज्जर, कुरुक्षेत्र और महेंद्रगढ़ जिलों के 20 ब्लॉकों में स्थित 61 नहरी आउटलेट्स पर लागू की जाएंगी। वर्ष 2026-27 से 2028-29 के बीच पूरी होने वाली इन परियोजनाओं से 11,040 हेक्टेयर कृषि योग्य कमांड एरिया आधुनिक सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के अंतर्गत आ जाएगा तथा 94 गांवों के 8,926 किसानों को सीधा लाभ होगा। जिला-वार स्वीकृत राशि में भिवानी के लिए 95.78 करोड़, झज्जर के लिए 114.68 करोड़, कुरुक्षेत्र के लिए 77.17 करोड़ तथा महेंद्रगढ़ के लिए 114.78 करोड़ रुपये शामिल हैं। परियोजनाओं का लाभ-लागत अनुपात 1.21रू1 से 1.65रू1 के बीच है, जो उनकी आर्थिक व्यवहार्यता और दीर्घकालिक लाभ को दर्शाता है। नहरी क्षेत्रों में ड्रिप और स्प्रिंकलर प्रणाली को बढ़ावा देकर, इन परियोजनाओं का लक्ष्य जल उपयोग दक्षता बढ़ाना, ट्रांसमिशन हानि कम करना और फसल उत्पादकता बढ़ाना है। बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि जल की आपूर्ति और मांग का समन्वित प्रबंधन जलवायु परिवर्तन और गिरते भूजल स्तर की चुनौतियों से निपटने के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विभागों को परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन, सख्त निगरानी और बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि निर्धारित अवधि में किसानों तक इनका लाभ पहुंच सके। सौर ऊर्जा आधारित प्रणाली से परिचालन लागत में कमी आएगी और सिंचाई पर्यावरण के अनुकूल बनेगी। उन्होंने अधिकारियों को खेतों में जाकर किसानों के साथ श्रेष्ठ प्रथाओं को साझा करने के निर्देश भी दिए। समिति ने पीडीएमसी (पर ड्रॉप मोर क्रॉप) दिशानिर्देश, 2025 के अनुसार निर्माता एवं आपूर्तिकर्ताओं के पंजीकरण सहित 16 व्यापक सुधार एजेंडों की समीक्षा कर उन्हें मंजूरी दी। 165 आवेदनों की गहन जांच के बाद 147 निर्माताओं एवं आपूर्तिकर्ताओं को वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक पंजीकरण के लिए पात्र पाया गया। विक्रेताओं ने राज्यध्पीडीएमसी मानकों के अनुरूप दरें निर्धारित करने पर सहमति व्यक्त की, जिससे किसानों को कीमतों के उतार-चढ़ाव से संरक्षण मिलेगा। यह योजना लाभार्थी-आधारित प्रत्यक्ष लाभ अंतरणध्इन-काइंड मॉडल के तहत जारी रहेगी। इससे किसान आपूर्तिकर्ता का चयन कर सकेंगे परंतु अनुदान स्वीकृत लागत सीमा के भीतर ही जारी किया जाएगा। पारदर्शिता बढ़ाने के लिए मिकाडा पोर्टल को जीएसटी पोर्टल से जोड़ा जाएगा, ताकि बिलों का डिजिटल सत्यापन हो सके और फर्जी या बढ़े हुए बिलों पर रोक लगे। विक्रेताओं के लिए वित्तीय जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए घटक-वार बैंक गारंटी व्यवस्था को भी मंजूरी दी गई है तथा नियमानुसार जीएसटी को अनुदान हिस्से के तौर पर शामिल किया गया है। गुणवत्ता आश्वासन तंत्र को भी मजबूत किया गया है। प्रयोगशाला परीक्षण रिपोर्टों की राज्य स्तर पर जांच, उल्लंघन पर कड़े दंड प्रावधान तथा प्रतिवर्ष कम से कम 20 प्रतिशत परियोजनाओं की स्वतंत्र निगरानी का प्रावधान किया गया है। क्लस्टर-आधारित क्रियान्वयन रणनीति और सार्वजनिक-निजी-सीएसआर मॉडल पर भी विचार किया गया, ताकि खास तौर पर अनुसूचित जाति, लघु एवं सीमांत किसानों को दीर्घकालिक रखरखाव सहयोग मिल सके। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022-23 से 2024-25 के बीच मिकाडा ने 18 जिलों में नाबार्ड वित्तपोषित 99 माइक्रो सिंचाई फंड योजनाएं 563.43 करोड़ रुपये की लागत से सफलतापूर्वक लागू की हैं। सहायक अवसंरचना का कार्य पूरा किया जा चुका है और लक्षित क्षेत्र के लगभग 40 प्रतिशत भाग में सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली स्थापित की जा चुकी है। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनुराग अग्रवाल, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के प्रधान सचिव श्री पंकज अग्रवाल, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के महानिदेशक श्री राजनारायण कौशिक, मिकाडा के प्रशासक श्री बिरेंद्र सिंह, मिकाडा के मुख्य अभियंता श्री एस.डी. शर्मा, निदेशकदृएमआई (मिकाडा) श्री धूप सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

टीबी को खत्म करने की राह पर मजबूती से आगे बढ़ रहा हरियाणा: एसीएस हेल्थ
राज्य में 90 प्रतिशत टीबी रोगियों का ईलाज सफल – डॉ. सुमिता मिश्रा

चंडीगढ़, 19 फरवरी, अभीतक: हरियाणा में स्वास्थ्य के प्रति दृढ प्रतिबद्धता, डिजिटल नवाचार, मजबूत निदान प्रणाली एवं जनभागीदारी के साथ टीबी को खत्म करने और हर प्रभावित व्यक्ति की सम्मानजनक देखभाल सुनिश्चित करने करने के लिए कार्य किया जा रहा है। अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत रोगियों पर फोकस करते हुए निरीक्षण में टीबी दवा अभियान सबसे आगे रहा है। स्वास्थ्य विभाग का राज्य टीबी सेल वेबसाइट टीबी सेवाओं की सही समय पर लोगों तक पहुँच बनाने, टीबी से होने वाली मौतों को कम करने के लिए चलाए जाने वाले जागरूकता अभियान के रूप में कार्य कर रहा है। नेशनल निक्षय डिजिटल प्लेटफॉर्म टीबी से ठीक हुए लोगों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में सहायता करने वाला अग्रणी केन्द्र है। उन्होंने बताया कि राज्य में टीबी से जुड़ी सेवाओं तक पारदर्शी जनभागीदारी बढ़ाई जा रही है। राज्य सरकार ऐसे लाभार्थियों को जल्द ही लाभ दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि टीबी मुक्त होने के बाद लोगों को सुरक्षित जीवन मिल सके। जनवरी से दिसंबर 2025 तक राज्य की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने बताया कि हरियाणा में एक लाख आबादी पर 9,75,000 लक्ष्य के मुकाबले 3,848 टेस्ट लिए गए जिसमें 2,52,537 थूक सैम्पल में से 88,689 टीबी केस पाए गए, जो सालाना लक्ष्य का 98 प्रतिशत है। इसी प्रकार प्राइवेट सेक्टर में भी पब्लिक-प्राइवेट कोऑर्डिनेशन से 105 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2024 में 74,483 टीबी रोगियों का सफलतापूर्वक इलाज करते हुए 90 प्रतिशत ईलाज रेट हासिल किया। इसमें एचआईवी टेस्टिंग 98 प्रतिशत, जबकि डायबिटीज जांच में 96 प्रतिशत टीबी रोगियों को कवर किया गया, जिससे सहयोगी परिस्थितियों में एकीकरण प्रबंधन मजबूत हुआ। सूक्ष्म जीव विज्ञान से कन्फर्म 90 प्रतिशत मामलों में सर्वभौमिक दवा संवेदनशीलता परीक्षण किया गया, जिससे देखभाल की गुणवता बेहतर हुई और ईलाज के सार्थक परिणाम रहे। डॉ. मिश्रा ने बताया कि हरियाणा में स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर लगातार बढ़ रहा है, जिसमें 23 जिला टीबी सेंटर, 168 टीबी यूनिट और 452 माइक्रोस्कोपी सेंटर में 45 सीबीएनएएटी मशीनों, 53 ट्रूनेट मशीनों और करनाल और पीजीआईएमस रोहतक में दो कल्चर और दवा संवदेनशीलता टेस्टिंग लैब से बेहतर सेवाएं दी जा रही हैं। टीबी मुक्त भारत अभियान (निक्षय शिविर) के तहत 34 लाख से अधिक शारीरिक रूप से कमजोर लोगों का मैप तैयार कर 10 लाख से अधिक की स्क्रीनिंग की गई। निक्षय मित्र पहल के माध्यम से पोषण और जन सहयोग से हजारों लोगों को स्वास्थ्य लाभ मिला। सितंबर 2022 से अब तक 2.64 लाख से अधिक फूड बास्केट बांटे गए। विश्व टीबी दिवस 2025 पर निक्षय मित्र पहल से हरियाणा की देश भर में सराहना हुई और 2024 में 1,855 पंचायतें टीबी मुक्त बनाई गईं।

बीएड में दाखिले हेतु ऑनलाइन आवेदन 27 फरवरी तक
चंडीगढ़, 19 फरवरी, अभीतक: इग्नू द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026 के लिए बैचलर ऑफ एजुकेशन कार्यक्रम में प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस कार्यक्रम में प्रवेश विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। इग्नू क्षेत्रीय केंद्र करनाल के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. धर्मपाल ने जानकारी देते हुए बताया कि अभ्यर्थियों को केवल ऑनलाइन माध्यम से ही पंजीकरण करना होगा। किसी प्रकार के हार्ड कॉपी आवेदन पत्र स्वीकार नहीं किए जाएंगे। ऑनलाइन पंजीकरण की अंतिम तिथि 27 फरवरी, 2026 है। उन्होंने बताया कि अभ्यर्थियों को पहले पोर्टल पर पंजीकरण करना अनिवार्य है, तत्पश्चात वे ऑनलाइन आवेदनध्प्रवेश परीक्षा फॉर्म भर सकेंगे। ऑनलाइन पंजीकरण एवं आवेदन के लिए आधिकारिक पोर्टल ीजजचेरूध्ध्पहदवन-इमक.ेंउंतजी.मकन.पदध्पदकमÛ.चीच पर जाएं। उन्होंने बताया कि बी.एड. कार्यक्रम में प्रवेश के लिए अभ्यर्थी के पास मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातकध्स्नातकोत्तर डिग्री निर्धारित अंकों सहित होना आवश्यक है तथा एनसीटीई के मानकों को पूरा करना अनिवार्य है। अंतिम चयन प्रवेश परीक्षा में प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा। पात्रता, पाठ्यक्रम एवं प्रवेश परीक्षा से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रवेश पोर्टल पर उपलब्ध है। प्रवेश परीक्षा की तिथि विश्वविद्यालय द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार आयोजित की जाएगी। प्रवेश परीक्षा के लिए हॉल टिकट विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराए जाएंगे। अधिक जानकारी एवं अद्यतन विवरण के लिए विश्वविद्यालय की वेबसाइट ूूू.पहदवन.ंब.पद पर देख सकते हैं।

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