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एडवोकेट वैलफेयर फंड एक्ट को प्रभावी ढंग से लागू कराना बार काऊंसिल की प्राथमिकता
झज्जर बार पहुंचे पंजाब एवं हरियाणा बार काऊंसिल के नव निर्वाचित सदस्य एवं पूर्व चेयरमैन डॉ विजेन्द्र सिंह अहलावत का वादा
लगातार चैथी बार चुनाव जीतने के बाद झज्जर में अपने साथी वकीलों के बीच पहुंचे थे अहलावत
कहा: एडवोकेट प्रोटैक्शन एक्ट लागू करवाना पंजाब-हरियाणा बार काऊंसिल की प्राथमिकता
झज्जर पहुंचने पर बार की तरफ से किया गया डॉ विजेंद्र अहलावत का भव्य स्वागत
झज्जर, 19 मई, अभीतक: हाल हीं में सम्पन्न हुए पंजाब एवं हरियाणा बार काऊंसिल के चुनाव में लगातार चैथी बार निर्वाचित होकर डॉ विजेन्द्र अहलावत मंगलवार को झज्जर बार में पहुंचे। यहां उन्होंने बार के सभी साथियों का आभार जताया और कहा कि झज्जर बार हीं नहीं बल्कि पूरे हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ के वकीलों की तरफ से इस बार भी उन्हें पूरा प्यार मिला,जिसके लिए वह अपने साथियों के ऋणी है और वह चाहेंगे कि वह अपने सभी साथियों के दुख-सुख में हमेशा साथ खड़े दिखाई दे। झज्जर बार में पहुंचने पर विजेंद्र अहलावत का बार प्रधान दीपक गोयल और सचिव दीपक खत्री की अध्यक्षता में बार के वकीलों ने स्वागत किया। इसके पश्चात् डॉ अहलावत ने सभी वकीलों के चैंबर्स और सीट पर जाकर व्यक्तिगत रूप से आभार प्रकट किया और जीत की खुशी में लड्डू खिलाये ।अपने स्वागत से अभिभूत हुए अहलावत ने कहा कि पंजाब और हरियाणा बार काऊंसिल हमेशा ही वकीलों के हितों की पक्षधर रही है। इसी दिशा में उनका प्रयास है कि वह अपनी काऊंसिल के प्रयासों से उन नए अधिवक्ताओं के लिए स्टाईफंड शुरू करवाने का प्रयास करेंगे जोकि प्रैक्टिस के शुरूआती दौर में कुछ सालों तक कठिनाई के दौर से गुजरते है। वह चाहते है कि एडवोकेट वैलफेयर फंड से असमय मृत्यु के आगोश में समाने वाले अपने साथी वकीलों के आश्रितों को आर्थिक सहायता व मेडिकल सहायता की राशि कम से कम दस लाख रुपये की जाए। उनका प्रयास है कि काऊंसिल के माध्यम से ही वकील साथियों की सुरक्षा के लिए् एड़वोकेट प्रौटेक्शन एक्ट लागू कराया जाए। जब यह एक्ट धरातल पर उतर जाएगा तो निश्चित तौर पर वकीलों को इसका लाभ मिलेगा। झज्जर बार में अधिवक्ताओं का अपनी जीत के लिए आभार जताने के बाद विजेन्द्र अहलावत ने बताया कि पंजाब एवं हरियाणा बार कांउसिल के तहत वर्तमान में एक लाख 70 हजार वकील पंजीकृत है। विजेन्द्र अहलावत ने बार के सभी वकीलों का आभार जताया और कहा कि प्रयास यहीं रहेगा कि वह समय-समय पर अपने साथी वकीलों के काम आ सके। उल्लेखनीय है की डॉ अहलावत झज्जर बार एसोसिएशन के सदस्य हैं तथा उनका पैतृक गाँव डीघल झज्झर जिले में स्थित है। डॉ अहलावत के नाम झज्झर जिले से लगातार चार बार सदस्य और दो बार चेयरमैन बनने का रिकॉर्ड है।


सुबाना निवासी हितेश उर्फ गुल्लू हत्याकांड का झज्जर पुलिस ने किया बड़ा खुलासा
दो आरोपी गिरफ्तार,आपसी रंजिश में रची गई थी हत्या की साजिश – पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह’
तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई,गिरफ्तार आरोपी 6 दिन के पुलिस रिमांड पर’
पुरानी दुश्मनी और वर्ष 2022 के फायरिंग मामले से जुड़ा हत्या का तार, फरार अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश जारी’
झज्जर, 19 मई, अभीतक: झज्जर पुलिस ने सुबाना निवासी हितेश हत्याकांड मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए वारदात में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस कमिश्नर डॉ.राजश्री सिंह ने मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में मामले का खुलासा करते हुए कहा कि यह हत्या आपसी रंजिश के चलते की गई थी तथा मामले का किसी भी गैंग या अन्य लाइन से कोई संबंध नहीं है। फिलहाल पुलिस मामले की गहनता से जांच में जुटी हुई है। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि 15 मई की रात करीब 10ः30 बजे गांव सुबाना निवासी हितेश उर्फ गुल्लू की उसके घर के बाहर अज्ञात हमलावरों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की विभिन्न टीमें गठित कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की गई। तकनीकी जांच,सीसीटीवी फुटेज और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने वारदात में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान अंकित उर्फ बनिया तथा अनुज के रूप में हुई है स गिरफ्तार आरोपियों को झज्जर अदालत में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें पूछताछ के लिए 6 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से वारदात में इस्तेमाल हथियारों,अन्य फरार आरोपियों और घटना की साजिश के संबंध में गहन पूछताछ की जाएगी। डॉ. राजश्री सिंह ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि मृतक और उसके साथियों के खिलाफ वर्ष 2022 में माछरोली थाना में मुकदमा नंबर 120 धारा 307, 506 व 34 आईपीसी के तहत मामला दर्ज हुआ था। उक्त मामले में हितेश उर्फ गुल्लू, दीपक, रोहित, मोहित, विजय और रवि आरोपी थे। आरोप था कि उन्होंने प्रदीप,डिकेश और सोनू पर फायरिंग की थी तथा उनके साथी रविंद्र और संजीव को जान से मारने की धमकी दी थी। पुलिस जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि मृतक हितेश उर्फ गुल्लू जमानत पर बाहर आया हुआ था। पुरानी रंजिश के चलते ही आरोपियों ने उसकी हत्या की साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया। पूछताछ में यह भी जानकारी मिली है कि हितेश और डिकेश पहले अच्छे मित्र थे,लेकिन किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया था,जिसके बाद दोनों एक-दूसरे के दुश्मन बन गए।पुलिस कमिश्नर ने कहा कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है और जल्द ही फरार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि झज्जर पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए मामले की गंभीरता से जांच कर रही है ताकि पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जा सके।






रिलायंस एमईटी सिटी ने कनेक्टिविटी, बेहतर सुविधाओं और कम्युनिटी डेवलपमेंट के साथ ग्रेटर गुरुग्राम के पश्चिमी कॉरिडोर को दी नई पहचान’
झज्जर, 19 मई, अभीतक: गुरुग्राम का विकास हमेशा बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ आगे बढ़ा है। एनएच-8 ने शहर के विकास की शुरुआत की। इसके बाद गोल्फ कोर्स रोड, द्वारका एक्सप्रेसवे और एसपीआर ने आसपास के इलाकों को तेजी से आगे बढ़ाया। अब वजीरपुर, फर्रुखनगर और झज्जर से होकर गुजरने वाला नया विकास कॉरिडोर आकार ले रहा है और रिलायंस एमईटी सिटी इसी के बीचोंबीच स्थित है। श्रीवल्लभ गोयल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी और पूर्णकालिक निदेशक, रिलायंस मॉडल आर्थिक टाउनशिप (एमईटी सिटी) ने बताया कि यहां पहले से मौजूद सुविधाएं और तेजी से हो रहा विकास, एमईटी सिटी को बाकी सामान्य प्रोजेक्ट्स से अलग बनाती है। टाउनशिप के आसपास पांच बड़े कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। अस्पताल, स्कूल और जरूरी नागरिक सेवाएं पहले से शुरू हो चुकी हैं। वहीं दूसरी ओर, रिलायंस फाउंडेशन 2008 से झज्जर जिले के एमईटी गांवों में स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यक्रम चला रहा है, जिनका लाभ लाखों लोगों तक पहुंच चुका है। एनसीआर में बहुत कम ऐसे प्रोजेक्ट हैं जहां कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और सामुदायिक विकास एक साथ आगे बढ़ रहे हों। हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर इस क्षेत्र को रेल कनेक्टिविटी देगा और इसे एनसीआर के बड़े कार्गो परिवहन और यात्री नेटवर्क से जोड़ेगा। इसी क्षेत्र में बनने वाला गति शक्ति मल्टी-मॉडल कार्गो टर्मिनल इलाके को एक मजबूत लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित करेगा। सड़क कनेक्टिविटी के तहत पटौदी रोड से झज्जर तक एनएचएआई का छह लेन मार्ग यात्रा में लगने वाला समय कम करेगा और व्यापारिक आवाजाही को आसान बनाएगा। गुरुग्राम-फर्रुखनगर रोड चैड़ीकरण परियोजना से गुरुग्राम से आने-जाने की सुविधा बेहतर होगी। वहीं गढ़ी हरसरू-फर्रुखनगर रेल लाइन के दोहरीकरण और उसके झज्जर तक विस्तार से कार्गो और पैसेंजर क्षमता में बढ़ोतरी होगी। ये सभी परियोजनाएं मिलकर एमईटी सिटी को गुरुग्राम के बाहरी इलाके की छवि से आगे बढ़ाकर अगले बड़े विकास केंद्र के रूप में स्थापित कर रही हैं। एमईटी सिटी की खास बात सिर्फ भविष्य की योजनाएं नहीं, बल्कि यहां पहले से मौजूद सुविधाएं हैं। यहां एक मल्टी-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल निर्माणाधीन है और एक हाई स्कूल का निर्माण भी किया जा रहा है। बैंकिंग, डाक सेवा और कैंटीन जैसी सुविधाएं पहले से उपलब्ध हैं। नए पुलिस स्टेशन के लिए जमीन भी आवंटित की जा चुकी है। कर्मचारियों और स्थानीय लोगों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ईएसआईसी और आरोग्य साझेदारियों पर भी काम चल रहा है। भविष्य में यहां होटल, क्लब, लाइफस्टाइल सुविधाएं और मंदिर भी विकसित किए जाएंगे। पूरी टाउनशिप को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यहां लोग आसानी से रह सकें, काम कर सकें और अपना व्यवसाय चला सकें। किसी भी विकास कॉरिडोर की सफलता सिर्फ कनेक्टिविटी से तय नहीं होती, बल्कि अस्पताल, स्कूल और रोजमर्रा की सुविधाएं भी उतनी ही जरूरी होती हैं। एमईटी सिटी में ये सुविधाएं पहले से मौजूद हैं और इनका लाभ आसपास के क्षेत्रों तक भी पहुंच रहा है। रिलायंस एमईटी सिटी और रिलायंस फाउंडेशन 2008 से झज्जर जिले के एमईटी गांवों में लगातार कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोग्राम चला रहे हैं। मोबाइल मेडिकल यूनिट के जरिए अब तक 5 लाख से ज्यादा लोगों तक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा चुकी हैं। जूबिलेंट भारतीय फाउंडेशन के सहयोग से दादरी तोए में स्थापित आरोग्य क्लिनिक 8,187 से अधिक लोगों को लाभ पहुंचा चुका है। आंख, दांत और महिला स्वास्थ्य से जुड़े विशेष शिविरों के जरिए 27,000 से ज्यादा लोगों को सेवाएं दी गई हैं, जिनमें 1,000 से अधिक मोतियाबिंद ऑपरेशन भी शामिल हैं। शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में भी कई पहल की गई हैं। जवाहर नवोदय तैयारी कार्यक्रम के तहत 2019 से अब तक 164 बच्चों ने प्रवेश परीक्षा पास की है। कौशल विकास प्रशिक्षण के जरिए 480 से ज्यादा युवाओं को रोजगार मिला है। 2013 से चल रहे महिला सशक्तिकरण केंद्रों में 1,500 से अधिक महिलाओं को सिलाई और ब्यूटी कल्चर का प्रशिक्षण दिया गया है, जिनमें से कई महिलाएं आज अपना खुद का व्यवसाय चला रही हैं। मिशन सहयोग के तहत 5,000 से ज्यादा ग्रामीणों को राशन कार्ड, पेंशन और आयुष्मान भारत जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में मदद की गई है। यह सिर्फ एक सामान्य सीएसआर गतिविधि नहीं, बल्कि स्थानीय समुदायों के साथ लगभग दो दशकों से बना मजबूत जुड़ाव है, जिसने एमईटी सिटी और आसपास के गांवों के बीच विश्वास को और मजबूत किया है। गुरुग्राम के विकास के हर दौर में वही क्षेत्र सबसे ज्यादा आगे बढ़े जहां बेहतर कनेक्टिविटी, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और स्थानीय लोगों का भरोसा साथ-साथ बना। एमईटी सिटी फिलहाल उसी दौर में है। कनेक्टिविटी परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं, टाउनशिप की सुविधाएं पहले से चालू हैं और आसपास के गांवों के साथ लंबे समय से बना जुड़ाव इस परियोजना को मजबूत आधार दे रहा है। एनसीआर रियल एस्टेट बाजार के लिए झज्जर अब सिर्फ भविष्य की संभावना नहीं, बल्कि तेजी से उभरता हुआ विकास केंद्र बन चुका है, जिसे मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और सामुदायिक सहयोग का समर्थन प्राप्त है।



मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सीएम विंडो कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए दिए जरूरी निर्देश’
सीएम विंडो से प्राप्त शिकायतों का ध्यान पूर्वक समाधान करें अधिकारी: डीसी’
झज्जर, 19 मई, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार की सांय वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सीएम विंडो पोर्टल से प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए अविलंब समाधान के निर्देश दिए। इस बीच डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने जिला झज्जर में सीएम विंडो कार्यक्रम के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों के समाधान की विस्तृत जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने सभी जिला अधिकारियों एवं विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि आमजन द्वारा दर्ज करवाई गई शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि सीएम विंडो प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण जनसेवा व्यवस्था है, जिसके माध्यम से आम नागरिक अपनी समस्याएं सीधे सरकार तक पहुंचा रहे हैं। ऐसे में शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग उपरांत डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक लेते हुए निर्देश दिए कि सीएम विंडो पर प्राप्त शिकायतों का निपटान गंभीरता एवं प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जाए। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के समाधान में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए तथा शिकायतकर्ता को संतुष्ट करना प्राथमिक उद्देश्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी नियमित रूप से पोर्टल की मॉनिटरिंग करें और लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी कहा कि आमजन की समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और अधिकारी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ करें ताकि लोगों को समय पर राहत मिल सके।
इन विभागों के अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति रहे मौजूद
इस अवसर पर डीसीपी दीप्ति गर्ग,डीएमसी अभिनव सिवाच,एसडीएम झज्जर रवि मीणा, सीईओ जिला परिषद मनीष फौगाट,एसडीएम बेरी रेणुका नांदल, एसडीएम बादली विशाल कुमार, डीडीपीओ निशा तंवर,उपनिदेशक अमित पंवार, सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता सतीश जनावा, जनस्वास्थ्य विभाग के अधीक्षण अभियंता अमित श्योकंद, डीईओ रतिंद्र सिंह, डीईईओ राजबाला मलिक, एडीटीओ राजेश कुमार के अलावा सीएम एमिनेंट पर्सन वीरभान, चेष्ठा कौशिक, मनोज राठी, विकास, रमेश आर्य, मंजीत कुमार, रामकुमार सैनी, नीरज, संदीप कुमार, विनोद चैहान, विनोद गुलिया, कुलदीप कुमार, रविन्द्र गहलावत, बिजेंद्र सिंह, चुन्नी लाल, सज्जन कुमार, हरविलास, राजेश कुमार, राज सैनी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति और अधिकारी उपस्थित थे




मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर अधिकारियों की बैठक (20 मई) आज
नगराधीश रितु बंसीवाल ने दी जानकारी
झज्जर, 19 मई, अभीतक: मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल की अध्यक्षता में बुधवार 20 मई को दोपहर 2ः30 बजे लघु सचिवालय स्थित सभागार में , अधिकारियों की बैठक आयोजित की जाएगी। यह जानकारी नगराधीश रितु बंसीवाल ने मंगलवार को यहां दी। नगराधीश ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मुख्य निर्वाचन अधिकारी, हरियाणा द्वारा मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण करवाने हेतु कार्यक्रम जारी किया गया है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार विशेष गहन पुनरीक्षण की अर्हता तिथि 1 जुलाई रहेगी। उन्होंने बताया कि पुनरीक्षण कार्य के तहत 5 जून से 14 जून तक तैयारियां, प्रशिक्षण एवं मुद्रण कार्य किया जाएगा। इसके उपरांत 15 जून से 14 जुलाई तक बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर सत्यापन किया जाएगा तथा इसी अवधि में मतदान केंद्रों का युक्तिकरण भी किया जाएगा। नगराधीश रितु बंसीवाल ने बताया कि मतदाता सूची का ड्राफ्ट प्रकाशन 21 जुलाई को किया जाएगा। इसके बाद 21 जुलाई से 20 अगस्त तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण 21 जुलाई से 18 सितंबर तक किया जाएगा तथा अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 22 सितंबर को होगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों निर्धारित समय पर बैठक में भाग लेने के निर्देश दिए हैं।


जिला की आइटीआई में पहली जून के शुरू होगी दाखिला प्रक्रिया: प्राचार्य
झज्जर, 19 मई, अभीतक: राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान झज्जर एट गुढ़ा के प्रधानाचार्य जीतपाल ने बताया कि दसवीं तथा बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम आते ही युवा पीढ़ी का रुझान कौशल विकास की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में सभी आइटीआई में जून माह के पहले सप्ताह से आगामी सत्र (2026-2027) के लिए दाखिला प्रक्रिया शुरु हो रही है। उन्होंने बताया कि निदेशालय के निर्देशानुसार जून के प्रथम से सभी राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में दाखिला प्रक्रिया आरम्भ कर दी जाएगी, जिसमें इच्छुक अभ्यर्थी समय रहते अपना रजिस्ट्रेशन करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि कक्षा दसवीं पास करने उपरांत अभ्यर्थी कोपा, इलेक्ट्रीशियन, फिटर, आर एंड एसी, मैकेनिक मोटर व्हीकल, मैकेनिक डीजल, इलेक्ट्रॉनिक्स इत्यादि व्यवसायों में आईटीआई कर सकते हैं। महिलाएं कॉस्मेटोलॉजी, ड्रेस मेकिंग, सेविंग टेक्नोलॉजी व्यवसाय में अपना भविष्य बना सकती हैं।




यूजी व पीजी परीक्षाओं के चलते परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर दायरे में धारा 163 लागू
फोटोस्टेट दुकानें बंद रहेंगी, पांच या अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर प्रतिबंध
झज्जर, 19 मई, अभीतक: जिलाधीश एवं डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक की यूजीध्पीजी परीक्षाओं के शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष संचालन को सुनिश्चित करने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी किए हैं। यह परीक्षाएं जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर प्रातः कालीन सत्र (सुबह 9ः30 बजे से दोपहर 12ः30 बजे तक) तथा सायं कालीन सत्र (दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक) आयोजित की जा रही हैं। जारी आदेशों के अनुसार परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में पांच या अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर प्रतिबंध रहेगा। साथ ही किसी भी प्रकार के हथियार जैसे आग्नेयास्त्र, तलवार, लाठी, बरछा, कुल्हाड़ी, गंडासी, चाकू आदि लेकर चलने पर भी पूर्ण रोक लगाई गई है। इसके अतिरिक्त परीक्षा केंद्रों के आसपास स्थित फोटोस्टेट, जेरॉक्स एवं कॉपी ट्रांसमिटिंग गतिविधियों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है, ताकि किसी प्रकार की नकल सामग्री की आपूर्ति न हो सके और परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ एवं अव्यवस्था को रोका जा सके। आदेशों की अवहेलना करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता-2023 की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अनियमितताओं के चलते गांव बिरड़ माजरा की सरपंच निलंबित
झज्जर, 19 मई, अभीतक: डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने हरियाणा पंचायती राज अधिनियम, 1994 के प्रावधानों के अंतर्गत निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए बेरी खंड के गांव बिरड़ माजरा की सरपंच योगिता को तत्काल प्रभाव से सरपंच पद से निलंबित कर दिया गया है। जारी आदेशों के अनुसार योगिता के विरुद्ध गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनकी नियमित जांच के आदेश जारी किए जा चुके हैं। उपमंडल अधिकारी (नागरिक), बेरी को मामले में जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उपायुक्त द्वारा हरियाणा पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 51(1) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए सरपंच पद से निलंबित किया गया है। इसके अतिरिक्त हरियाणा पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 51(2) के तहत उसे ग्राम पंचायत की किसी भी कार्यवाही में भाग लेने से भी वंचित किया गया है। आदेशों में यह भी निर्देश दिए गए हैं कि पंचायत की चल एवं अचल संपत्ति, अभिलेख तथा अन्य सामग्री जो उनके नियंत्रण में है, उसे अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार ग्राम पंचायत में बहुमत रखने वाले पंच को तत्काल प्रभाव से सौंपा जाए।




12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियां शुरू, ब्लॉक व जिला स्तर पर प्रशिक्षण शिविर आयोजित
झज्जर, 19 मई, अभीतक: जिलाभर में आयुष विभाग द्वारा 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन हेतु तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं। इस अभियान में हरियाणा योग आयोग, पतंजलि योग समिति, योग भारती, शिक्षा विभाग, खेल विभाग, जेल विभाग तथा पुलिस विभाग का सहयोग लिया जा रहा है। यह जानकारी जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. संगीता ने दी। उन्होंने बताया कि 20 मई तक जिले के विभिन्न ब्लॉकों में योग प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत बेरी खेल स्टेडियम, बहादुरगढ़ स्थित डॉ. बी.आर. अंबेडकर स्टेडियम, बादली, देवरखाना, माछरौली तथा साल्हावास में ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण शिविर लगाए गए हैं। वहीं जिला स्तरीय प्रशिक्षण शिविर महर्षि दयानंद स्टेडियम हॉल झज्जर में संचालित किया जा रहा है। जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. संगीता ने बताया कि सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों में कार्यरत पीटीआई तथा डीपीई को सामान्य योग प्रोटोकॉल का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आयुष विभाग झज्जर में कार्यरत आयुष योग सहायकों द्वारा संबंधित शिक्षकों एवं अन्य प्रतिभागियों को योगाभ्यास और योग प्रोटोकॉल का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, ताकि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने बताया कि जिला कारागार झज्जर में भी पांच दिवसीय योग प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जाएगा,जोकि 23 मई तक चलेगा। इस दौरान जेल में बंद कैदियों एवं स्टाफ सदस्यों को नियमित रूप से योगाभ्यास करवाया जाएगा, जिससे उनके शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सके।

टीबी उन्मूलन लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए आपसी समन्वय बेहद जरूरी: डॉ निधि
झज्जर स्थित सिविल अस्पताल परिसर में जिला स्तरीय फॉलोअप पेडियाट्रिक टीबी मीटिंग विद चाइल्ड हेल्थ प्रोग्राम आयोजित
झज्जर, 19 मई, अभीतक: राष्ट्रीय क्षयरोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जिला प्रशिक्षण केंद्र में डिस्ट्रिक्ट लेवल फॉलोअप पेडियाट्रिक टीबी मीटिंग विद चाइल्ड हेल्थ प्रोग्राम स्टेकहोल्डर्स का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता डिप्टी सिविल सर्जन (टीबी) डॉ. निधि मोमिया ने की। उन्होंने जिले में पेडियाट्रिक टीबी उन्मूलन हेतु समन्वित प्रयासों को और अधिक मजबूत बनाने के लिए प्रेरित किया। डॉ भूपेंद्र ने पेडियाट्रिक टीबी मामलों की समय पर पहचान एवं उचित प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डाला तथा टीबी उन्मूलन लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया गया। वहीं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ पियूष ने पेडियाट्रिक टीबी स्क्रीनिंग, शीघ्र निदान, कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग एवं राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के विभिन्न पहलुओं के संबंध में प्रतिभागियों को जागरूक करते हुए विचार साझा किए। बैठक के दौरान पेडियाट्रिक टीबी स्क्रीनिंग को सुदृढ़ करने, रेफरल प्रणाली को बेहतर बनाने एवं एनटीईपी गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा की गई।
इस अवसर पर नोडल अधिकारी डॉ. आकृति, एनसीडी स्टाफ, एनटीईपी स्टाफ, डब्ल्यूसीडी विभाग के प्रतिनिधि, आयुर्वेद मेडिकल ऑफिसर्स तथा निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
गांव छपार व जाखोदा में आयुष्मान आरोग्य शिविर आयोजित
दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग द्वारा पीएचसी तुम्बाहेड़ी एवं पीएचसी मांडोठी के अंतर्गत आने वाले गांव छपार व जाखोदा में आयुष्मान आरोग्य शिविर” का सफल आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। उपसिविल सर्जन डॉ निधि मोमिया ने बताया कि शिविर के दौरान कुल 170 ओपीडी की गईं। इसके अतिरिक्त 104 एक्स-रे व 31 स्पुटम सैंपल एकत्रितध्जांच किए गए, जबकि 115 हीमोग्लोबिन और 115 ब्लड शुगर जांच की गईं। उन्होंने बताया कि शिविर के अंतर्गत समुदाय में टीबी जागरूकता गतिविधियां संचालित की गईं तथा संभावित टीबी मरीजों की स्क्रीनिंग एवं पहचान की गई।







दूबलधन कॉलेज दाखिला प्रचार की कमान संभाली सुधार-समिति ने
झज्जर, 19 मई, अभीतक: 22 मई को शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के सम्मान तैयारिया जोरों पर है,वही कॉलेज सुधार समिति के कार्यकर्ताओं ने दाखिला के प्रचार की कमान भी संभाली है। दूबलधन, माजरा, सिवाना, चिमनी ढराणा, बाकरा, बिगोवा, पिलाना, अछेज-पहाड़ीपुर, मलिकपुर, सफीपुर आदि गांवो में पंचायत करके बच्चों को कालेज मे दाखिले के लिए प्रेरित किया जा रहा है। वही विवेकानंद लाइब्रेरी समिति, स्वतंत्रता सेनानी ललतीराम ट्रस्ट,नितानंद सेवा समिति जटेलाधाम, ग्राम-पंचायत के सरपंच-पंचगणऔर कॉलेज की फैकलटी और छात्र विद्यार्थियो को घर घर जाकर दाखिले के लिए मना रहे हैं वही आंगनवाड़ी वर्कर और सेल्फ-हेल्पग्रुप की महिला कार्यकर्ता भी महिलाओ से संपर्क कर रही हैं। उल्लेखनीय है कि पिछले साल हिंदी और इतिहास विषय की एमए आई थी। सुधार समिति के प्रयासों से अल्प समय में भी टारगेट से दुगने विद्यार्थियों के दाखिले का चमत्कार कर दिया था। दूबलधन कॉलेज में स्नातक और परास्नातक की 240 सीटे हैं। इन दाखिलो के लिए सुधार समिति के कार्यकर्ता दिन रात मारामारी कर रहे हैं। अबकी बार भी दाखिला के लिए सोशल मीडिया ग्रुप और व्यक्तिगत संपर्क किए जा रहे है।यह दाखिला अभियान अपने आप में एक अनूठा है जिससे अभिभावक और युवा विद्यार्थी दाखिले के लिए तैयार हो रहे हैं। इससे भी कहीं बढ़कर बीएससी के विद्यार्थियों को भी एडवांस में दाखिले हेतु तैयार किया जा रहा है क्योंकि बीएससी और बीसीए कक्षा का शिक्षा मंत्री ऐलान करने आ रहे हैं। जटेला धाम की साधसंगत भी दाखिलो के लिए अनोखे अंदाज में जुटी हुई है। दाखिलों के लिए ये सामाजिक अभियान एक इतिहास बनने जा रहा है। दाखिला अभियान भी चर्चा का विषय बना हुआ है। निपुण मिशन के अंतर्गत जिला स्तरीय कार्यक्रम क्रियान्वयन इकाई की बैठक आज जिला शिक्षा अधिकारी रतिन्दर सिंह तथा जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी राजबाला मलिक के नेतृत्व में जिले के सभी मेंटर्स के साथ आयोजित की गई। बैठक का एजेंडा जिला एफएलएन समन्वयक डॉ सुदर्शन पूनिया द्वारा सभी के साथ साझा किया गया। बैठक में शिक्षा संबंधी विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इनमें मेंटर्स एवं मॉनिटर्स की विजिट अनुपालना, सीआरपी कार्यक्रम के विद्यार्थियों के प्रदर्शन का खंडवार डेटा, गत वर्ष की तुलना में जिला झज्जर में विद्यार्थियों के नामांकन की स्थिति, विद्यालयों में पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता तथा पिछले तीन-चार महीनों से जिन विद्यालयों का दौरा नहीं हुआ, उनकी जानकारी प्रमुख रूप से शामिल रही। इसके अतिरिक्त निपुण डैशबोर्ड पर शिक्षक आवंटन, सीआरपी आकलन तथा डेटा आधारित बीपीआईयू एवं सीपीआईयू बैठकों के संचालन को लेकर भी चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी राजबाला मलिक ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं हितधारकों से सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों के नामांकन को बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यालय भ्रमण के दौरान मध्यान्ह भोजन योजना तथा पुस्तकालयों के सक्रिय उपयोग पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए। मीटिंग में दिखाए गए विभिन्न पहलुओं पर खंड तथा क्लस्टर स्तरीय मीटिंग में चर्चा करने को कहा। जिला शिक्षा अधिकारी रतिंदर सिंह ने मेंटर्स की क्षेत्र में कार्य करते समय आने वाली चुनौतियों तथा समस्याओं को सुना तथा उनका निवारण करने का आश्वासन दिया। उन्होने सभी अधिकारियों को मीटिंग में साझा किए गए आंकड़ों का सूक्ष्म विश्लेषण करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी हितधारकों को विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान विस्तृत अवलोकन एवं प्रभावी मॉनिटरिंग पर बल देने की बात की ताकि निपुण मिशन के उद्देश्यों को बेहतर ढंग से पूरा किया जा सके। बैठक में खंड शिक्षा अधिकारी जयपाल दहिया, सुनीता देवी, रोहताश दहिया, शेर सिंह मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी खुशी, एसपीआईयू प्रतिनिधि अभिषेक शर्मा, डाइट से सुनील कुमार, डॉ मनोज कौशिक तथा भूपेन्दर रोज तथा संपर्क फाउंडेशन से अमित कुमार आदि मौजूद रहे।



जिला कारागार में कानूनी हेल्प डेस्क शुरू: सीजेएम विशाल
झज्जर, 19 मई, अभीतक: हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण पंचकूला के तत्वाधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर के चेयरमैन जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजकुमार यादव के कुशल मार्गदर्शन व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर के सचिव एवं सीजेएम विशाल के आदेशनुसार जिला कारागार झज्जर में मुलाकातियों के लिए हेल्प डेस्क शुरू किया गया है सीजेएम विशाल ने बताया कि जिला कारागार में बंद बंदियों से मुलाकात हेतु मुलाकात करने वालों की परेशानियों को मध्य नजर रखते हुए एक हेल्प डेस्क की स्थापना की गई है यहां पर एक पैरा लीगल वालंटियर को नियुक्त किया गया है जिसे निर्देश दिया गया है कि कोई भी वरिष्ठ नागरिक व महिला मुलाकाती को मुलाकात करने में परेशानी न आए । इसमें अतिरिक्त उपस्थित पैरा लीगल वालंटियर से कारागार में बंद बंदी के विचाराधीन केस के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते है। सीजेएम विशाल ने बताया कि हेल्प डेस्क पर सुबह 08ः30 बजे से 01ः30 बजे तक जानकारी प्राप्त कर सकते है अन्य जानकारी के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर के हेल्पलाइन नंबर 01251-252013 पर किसी भी कार्य दिवस को सुबह 09ः30 बजे से श्याम 05ः00 बजे तक संपर्क कर सकते हैं।




महिलाओं को आत्मनिर्भर बना सकती है व्यक्तिगत ऋण योजना – डीसी
महिला विकास निगम की स्वरोजगार स्कीम
रेवाड़ी, 19 मई, अभीतक: हरियाणा सरकार ने महिला विकास निगम के माध्यम से ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में महिलाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक व सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए व्यक्तिगत ऋण योजना शुरू की है, जिसके तहत बैंकों के माध्यम से 1.50 लाख रुपए तक का ऋण उपलब्ध करवाया जाता है। डीसी अभिषेक मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा व्यक्तिगत ऋण योजना के तहत जिला रेवाड़ी के लिए 2026-27 में 74 केस का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि 1.80 लाख रुपए से कम वार्षिक आय वाली व हरियाणा की स्थायी निवासी महिला इस योजना के लिए पात्र होंगी। आवेदक के समय महिला उद्यमी की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी आवश्यक है और आवेदक पहले से लिए गए ऋण का डिफाल्टर न हो। उन्होंने बताया कि महिला विकास निगम के माध्यम से जनरल श्रेणी की महिला को 10 हजार रुपए तथा अनुसूचित श्रेणी की महिला को 25 हजार रुपए अनुदान राशि दी जाएगी। योजना के तहत उद्योग विभाग की सूची में शामिल नकारात्मक गतिविधियों तथा केवीआईबी को छोडकर अन्य सभी गतिविधियां शामिल है। इन गतिविधियों में परचून की दुकान, कपड़े की दुकान, सैलून, सिलाई सेंटर, ब्यूटी पार्लर, टेलरिंग, बुटीक, हलवाई की दुकान, फूड स्टाल, टिफिन सर्विस, मिट्टी के बर्तन आदि बनाने का काम शामिल है। इच्छुक महिला को योजना का लाभ लेने के लिए अपने दस्तावेज आवेदन पत्र के साथ जमा करवाने होंगे। इन दस्तावेजों में आवेदन पत्र, परिवार पहचान पत्र, आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज की फोटो आदि शामिल है। सभी दस्तावेजों की दो-दो प्रतियां होनी आवश्यक है। योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए हरियाणा महिला विकास निगम रेवाड़ी कार्यालय नाई वाली चैक, सती कॉलोनी, गली नं 3, रेवाड़ी या दूरभाष नंबर 01274-225294 पर संपर्क कर सकते हैं।


गांव लुहाना में प्राकृतिक खेती शिविर संपन्न
कृषि उपनिदेशक डॉ. जितेंद्र अहलावत ने दिया लागत मुक्त खेती का मंत्र
रेवाड़ी, 19 मई, अभीतक: कृषि एवं किसान कल्याण विभाग रेवाड़ी द्वारा राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के अंतर्गत खंड खोल के गांव लुहाना में एक दिवसीय प्राकृतिक खेती शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण शिविर में क्षेत्र के 50 किसानों ने भाग लेकर रसायनों का त्याग करने और प्राकृतिक कृषि पद्धतियों को अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. जितेंद्र अहलावत ने की।
बाजार पर निर्भरता छोड़ आत्मनिर्भर बनें किसान: डॉ. जितेंद्र अहलावत
अपने अध्यक्षीय भाषण में कृषि उपनिदेशक डॉ. जितेंद्र अहलावत ने किसानों को लागत मुक्त खेती का मूल मंत्र दिया। उन्होंने आंकड़ों के माध्यम से स्पष्ट किया कि कैसे रासायनिक खादों, कीटनाशकों और महंगे बीजों पर होने वाला भारी खर्च किसान की शुद्ध आय को खत्म कर रहा है। डॉ. अहलावत ने कहा, जब किसान बाजार से महंगे खाद और जहर खरीदना बंद कर अपने घर के संसाधनों, जैसे देसी गाय के गोबर और गौमूत्र का उपयोग शुरू करता है, तो खेती की लागत शून्य हो जाती है और मुनाफे की गारंटी बढ़ जाती है।
मिट्टी को पुनर्जीवित करने का अभियान है प्राकृतिक खेती – डॉ. मनोज वर्मा
शिविर में उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए कृषि अधिकारी डॉ. मनोज वर्मा ने मिट्टी के गिरते कार्बन स्तर पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, रासायनिक खादों के अंधाधुंध और अत्यधिक उपयोग ने हमारी उपजाऊ भूमि को हार्ड पैन (कठोर परत) में बदल दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्राकृतिक खेती केवल खेती की एक विधि नहीं है, बल्कि यह हमारी मिट्टी को पुनर्जीवित करने का एक पावन अभियान है। उन्होंने सूक्ष्मजीवों की संख्या बढ़ाने के लिए जीवामृत के महत्व को समझाया जो मिट्टी की संरचना में सुधार कर उसकी जल धारण क्षमता को बढ़ाता है। खंड कृषि अधिकारी (खोल) डॉ. मनोज ने कीटों के प्राकृतिक नियंत्रण व पर्यावरण संतुलन पर महत्वपूर्ण जानकारी सांझा की। उन्होंने किसानों को जागरूक करते हुए बताया कि प्रकृति में मित्र कीट (जैसे लेडीबग, मकड़ी और मधुमक्खी) फसलों को नुकसान पहुँचाने वाले कीटों को प्राकृतिक रूप से नियंत्रित करते हैं। रसायनों के छिडकाव से ये मित्र कीट मर जाते हैं। उन्होंने किसानों को घर पर ही नीम अस्त्र, ब्रह्मास्त्र और दशपर्णी अर्क जैसी प्राकृतिक औषधियां बनाने की सरल विधि बताई। शिविर के सफल आयोजन में स्थानीय पंचायत और मौजिज लोगों ने अहम भूमिका निभाई। इस अवसर पर सरपंच मामचंद, महीपाल ङ्क्षसह, नंबरदार भाल सिंह, चेयरमैन इंद्रजीत, नरेंद्र नंबरदार, ऋषिपाल पंच और रोशन लाल सहित गांव लुहाना व आसपास के क्षेत्रों के 50 से अधिक गणमान्य एवं प्रगतिशील किसान मुख्य रूप से उपस्थित रहे।





निपुण मिशन के अंतर्गत जिला स्तरीय कार्यक्रम क्रियान्वयन इकाई की बैठक जिला शिक्षा अधिकारी रतिन्दर सिंह के नेतृत्व में आयोजित की गई
झज्जर, 19 मई, अभीतक: निपुण मिशन के अंतर्गत जिला स्तरीय कार्यक्रम क्रियान्वयन इकाई की बैठक आज जिला शिक्षा अधिकारी रतिन्दर सिंह तथा जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी राजबाला मलिक के नेतृत्व में जिले के सभी मेंटर्स के साथ आयोजित की गई। बैठक का एजेंडा जिला एफ़एलएन समन्वयक डॉ सुदर्शन पूनिया द्वारा सभी के साथ साझा किया गया। बैठक में शिक्षा संबंधी विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इनमें मेंटर्स एवं मॉनिटर्स की विजिट अनुपालना, सीआरपी कार्यक्रम के विद्यार्थियों के प्रदर्शन का खंडवार डेटा, गत वर्ष की तुलना में जिला झज्जर में विद्यार्थियों के नामांकन की स्थिति, विद्यालयों में पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता तथा पिछले तीन-चार महीनों से जिन विद्यालयों का दौरा नहीं हुआ, उनकी जानकारी प्रमुख रूप से शामिल रही। इसके अतिरिक्त निपुण डैशबोर्ड पर शिक्षक आवंटन, सीआरपी आकलन तथा डेटा आधारित बीपीआईयू एवं सीपीआईयू बैठकों के संचालन को लेकर भी चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी राजबाला मलिक ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं हितधारकों से सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों के नामांकन को बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यालय भ्रमण के दौरान मध्यान्ह भोजन योजना तथा पुस्तकालयों के सक्रिय उपयोग पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए। मीटिंग में दिखाए गए विभिन्न पहलुओं पर खंड तथा क्लस्टर स्तरीय मीटिंग में चर्चा करने को कहा। जिला शिक्षा अधिकारी रतिंदर सिंह ने मेंटर्स की क्षेत्र में कार्य करते समय आने वाली चुनौतियों तथा समस्याओं को सुना तथा उनका निवारण करने का आश्वासन दिया। उन्होने सभी अधिकारियों को मीटिंग में साझा किए गए आंकड़ों का सूक्ष्म विश्लेषण करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी हितधारकों को विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान विस्तृत अवलोकन एवं प्रभावी मॉनिटरिंग पर बल देने की बात की ताकि निपुण मिशन के उद्देश्यों को बेहतर ढंग से पूरा किया जा सके।
बैठक में खंड शिक्षा अधिकारी जयपाल दहिया, सुनीता देवी, रोहताश दहिया, शेर सिंह मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी खुशी, एसपीआईयू प्रतिनिधि अभिषेक शर्मा , डाइट से सुनील कुमार, डॉ मनोज कौशिक तथा भूपेन्दर रोज़ तथा संपर्क फ़ाउंडेशन से अमित कुमार आदि मौजूद रहे।

परिवार पहचान पत्र में आय सत्यापन का कार्य ग्राम सभाओं के माध्यम से करवाकर पात्र परिवारों को लाभ दें: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने नागरिक संसाधन सूचना विभाग (क्रिड) के कार्यों की समीक्षा की
चंडीगढ़, 19 मई, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि नागरिक संसाधन सूचना विभाग (क्रिड) परिवार पहचान पत्रों में नागरिकों की आय सत्यापन का कार्य ग्राम सभाओं के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर पूरा करवाएं ताकि जरूरतमंदों की पहचान कर उन तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा सके। यह बात मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में क्रिड व ‘सेवा’ विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। उन्होंने विभाग के कार्यों, परिवार पहचान पत्रों बारे आ रही समस्याओं तथा इनके समाधान के संबंध में अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। क्रिड के आयुक्त एवं सचिव श्री जे गणेशन ने बताया कि प्रदेश में कई परिवारों की आय का सत्यपान न होने के कारण इन लोगों तक योजनाओं का लाभ नहीं पहुंच पा रहा है। हालांकि इस कार्य के लिए इन्कम वेरीफिकेशन कमेटी कार्य कर रही है जिसमें एक सरकारी कर्मचारी टीम लीडर के रूप में और एक लोकल ऑपरेटर तथा एक वोलेंटियर शामिल हैं, लेकिन इनसे प्राप्त अलग-अलग रिपोर्ट में परिवार विशेष की आय में अंतर होने के कारण स्पष्ट निर्णय नहीं हो पाता है कि परिवार की वास्तविक आय क्या रखी जाए। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि टीम लीडर और लोकल ऑपरेटर से प्राप्त आय के आंकड़ों को उस गांव की ग्राम सभा की बैठक में रखा जाए और ग्राम सभा तसदीक करे कि उस परिवार की वास्तविक आय क्या हो सकती है। ग्राम सभा द्वारा लिए गए निर्णय को अंतिम मान लिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन व्यक्तियों की आयु तसदीक के आवेदन लंबित हैं उन्हें अतिरिक्त उपायुक्त के माध्यम से वेरीफाई करवाया जाए। इसके लिए आवेदक की सबसे बड़ी संतान की आयु को आधार मानकर भी व्यक्ति की आयु का निर्धारण किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी प्रकार की पेंडेंसी को एक माह में दूर किया जाए। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने निर्देश दिए कि कृषि से हुई 5 लाख रुपये तक की वार्षिक आय के आधार पर किसी व्यक्ति या परिवार को ऐसी सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न किया जाए जिनके लिए अधिकतम 1.80 लाख रुपये वार्षिक आय की शर्त है। उन्होंने दयालु योजना में आधार लिंक से संबंधित समस्या का समाधान जिला समाज कल्याण अधिकारी और अतिरिक्त उपायुक्त की संयुक्त कमेटी बनाने के भी निर्देश दिए। इसके लिए उन्होंने सेवा विभाग और क्रिड को आपसी तालमेल के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में क्रिड पंचायत लोकल ऑपरेटर (सीपीएलओ) तथा लोकल कमेटी लोकल ऑपरेटर (एलसीएलओ) की समस्याओं के संबंध में भी विचार किया गया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जल्द ही इनके लिए एक ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया जाए ताकि इनकी समस्याओं का समाधान किया जा सके और इन्हें बेहतर कार्य के लिए प्रशिक्षित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने विभाग के कार्य को सुचारू ढंग से संचालित करने के लिए कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की भी अनुमति प्रदान की। क्रिड के आयुक्त एवं सचिव श्री जे गणेशन ने विभाग की कार्यप्रणाली के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा मेें तैयार किया गया परिवार पहचान पत्र का प्लेटफार्म देश में सबसे अनूठा प्रयोग है। उन्होंने बताया कि क्रिड द्वारा परिवार पहचान पत्र के माध्यम से प्रदेश के सभी 23 जिलों में कुल 77,41,912 परिवारों के 2,98,47,359 सदस्यों को पंजीकृत किया गया है। पीपीपी के माध्यम से 50 से अधिक विभागों को एकीकृत किया गया है जिनके माध्यम से 400 से अधिक योजनाएं संचालित हो रही हैं। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा जल्द ही पीपीपी 2.0 नामक नया डाटा प्लेटफोर्म तैयार किया जाएगा और नागरिकों को पीपीपी स्मार्ट कार्ड भी उपलब्ध करवाए जाएंगे। बैठक में ‘सेवा’ विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती जी. अनुपमा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण गुप्ता, क्रिड के आयुक्त एवं सचिव श्री जे गणेशन, मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री विवेक कालिया व स्टेट कॉर्डिनेटर सतीश खोला सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।




मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई हाई पावर्ड परचेज कमेटी की बैठक में लगभग 252 करोड़ रुपये की विभिन्न खरीदों को मंजूरी
हरियाणा पुलिस, बिजली निगमों, एचवीपीएनएल तथा परिवहन विभाग से जुड़े प्रस्तावों को दी गई स्वीकृति
चंडीगढ़, 19 मई, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में सोमवार देर सायं हरियाणा निवास में आयोजित हाई पावर्ड परचेज कमेटी की बैठक में विभिन्न विभागों के लिए लगभग 252 करोड़ रुपये की खरीद संबंधी प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न कंपनियों के साथ नैगोशिएशन कर कई वस्तुओं की दरों में उल्लेखनीय कमी सुनिश्चित कर सरकारी धन के प्रभावी उपयोग पर बल दिया। बैठक में हरियाणा पुलिस के लिए सुरक्षा उपकरणों की खरीद को स्वीकृति दी गई। इसके अलावा, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम तथा उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के लिए लगभग 175 करोड़ रुपये की लागत से 50 स्क्वेयर एमएम आकार के 18000 रैबिट कंडक्टर की खरीद को भी मंजूरी दी गई। साथ ही, एचवीपीएनएल के लिए लगभग 13 करोड़ रुपये की लागत से 5 प्रकार के 132ध्66 केवी सीएंडआर पैनल्स की खरीद को भी स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में हरियाणा परिवहन विभाग की साधारण बसों, एसी बसों, मिनी बसों तथा ड्राइवर ट्रेनिंग स्कूल की बसों के दो वर्ष के बीमा संबंधी प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री ने सरकारी बीमा कंपनी यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस को पिछले वर्ष की दरों पर ही बीमा करने के लिए सहमत करवाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का पैसा जनता का पैसा है और सरकार केवल इसकी कस्टोडियन है। उन्होंने कहा कि सरकारी धन के व्यय में पूर्ण पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए तथा प्रत्येक विभाग को खरीद प्रक्रिया में बाजार दरों, पिछले वर्षों की दरों और अन्य राज्यों में प्रचलित दरों का तुलनात्मक अध्ययन अवश्य करना चाहिए, ताकि सरकारी धन का अधिकतम सदुपयोग सुनिश्चित किया जा सके। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा, महिला एवं बाल विकास तथा सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रीमती श्रुति चैधरी, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल, परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजा शेखर वुंडरू, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण गुप्ता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनुराग अग्रवाल, एडीजीपी एएस ढिल्लों, ऊर्जा विभाग की आयुक्त एवं सचिव श्रीमती आशिमा बराड़, एचवीपीएन के एमडी आदित्य दहिया तथा डीएचबीवीएन के एमडी श्री विक्रम सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने की हरियाणा तालाब और अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक की अध्यक्षता
तालाबों के प्रबंधन व रख-रखाव को लेकर अधिकारियों को दिए निर्देश
चंडीगढ़, 19 मई, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ में हरियाणा तालाब और अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांवों में तालाबों के प्रबंधन एवं रख-रखाव पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि तालाबों के सौंदर्यीकरण के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित किया जाए कि उनमें गंदा पानी न पहुंचे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अमृत सरोवर योजना के तहत तालाबों की नियमित सफाई करवाई जाए तथा इस कार्य में पूर्ण पारदर्शिता रखते हुए गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य सुनिश्चित किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन गांवों में जोहड़ आबादी के बीच आ गए हैं, वहां उनकी सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने तालाबों के किनारों को मजबूत करने, गाद निकालने और किनारों पर उगी घास की सफाई करवाने के निर्देश दिए। साथ ही तालाबों के आसपास लोगों के सैर के लिए पक्की पगडंडी, बैठने के लिए बेंच तथा सोलर लाइट लगाने की व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने निर्देश दिए कि तालाबों के रखरखाव की जिम्मेदारी संबंधित ग्राम पंचायतों द्वारा सुनिश्चित की जाए। अधिकारियों को समय-समय पर निरीक्षण करने तथा किसी प्रकार की कमी पाए जाने पर उसे तत्काल दूर करवाने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि गांवों के गंदे पानी को सीधे तालाबों में न डाला जाए। इसके लिए थ्री-पॉन्ड सिस्टम विकसित किया जाए ताकि पानी को साफ करने के बाद ही तालाबों में छोड़ा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का विजन है कि गांवों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं तथा तालाबों को स्वच्छ एवं सुंदर बनाया जाए ताकि लोग वहां सैर और अन्य गतिविधियों का आनंद ले सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े तालाबों में मछली पालन को बढ़ावा दिया जाए। इसके लिए ऑनलाइन ऑक्शन पोर्टल के माध्यम से तालाबों की बोली लगाई जाए और उससे प्राप्त राशि को तालाबों के रखरखाव पर खर्च किया जाए। उन्होंने आगामी मानसून सीजन को ध्यान में रखते हुए सभी ड्रेनों की सफाई करवाने के भी निर्देश दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में कुल 20,039 तालाब हैं, जिनमें से 19,129 ग्रामीण क्षेत्रों तथा 910 शहरी क्षेत्रों में स्थित हैं। अब तक 6,777 तालाबों की सफाई का कार्य पूरा किया जा चुका है और शेष तालाबों की सफाई का कार्य भी शीघ्र पूरा किया जाएगा। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनुराग अग्रवाल, श्री विजयेंद्र कुमार, निदेशक श्री जे गणेशन, श्री मुकुल कुमार, मुख्यमंत्री के डिप्टी प्रिंसिपल सेक्रेटरी श्री यशपाल यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।



मुख्यमंत्री ने म्हारी सड़क एप की समीक्षा बैठक में दिए सख्त निर्देश
हर जिले की जनपरिवाद और मासिक समीक्षा बैठकों में बड़ी शिकायतों की अनिवार्य समीक्षा की जाएं: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
डीएलपी के तहत मरम्मत न करने वाली एजेंसियों की बैंक गारंटी जब्त करने को कहा
मुख्यमंत्री ने मरम्मत, निर्माण और सड़क सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए दिए विशेष निर्देश
चंडीगढ़, 19 मई, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के सभी जिलों में आयोजित होने वाली जनपरिवाद बैठकों तथा उपायुक्तों द्वारा ली जाने वाली मासिक समीक्षा बैठक में “म्हारी सड़क एप” पर प्राप्त कम से कम एक बड़ी शिकायत की अनिवार्य रूप से समीक्षा की जाए। इसका उद्देश्य एप की उपयोगिता बढ़ाना तथा शिकायतों के समाधान में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री मंगलवार को सचिवालय में “म्हारी सड़क एप” से संबंधित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि एप का सेकेंड वर्जन दिसंबर 2025 में शुरू किया गया था। 11 मई को आयोजित एपीएक्स कमेटी की बैठक में सामने आए 17 प्रमुख बिंदुओं तथा उन पर उठाए गए कदमों की जानकारी हरसैक अधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री को दी गई। बैठक में जानकारी दी गई कि हरियाणा के विभिन्न विभागों की हुई मैपिंग के तहत अब तक कुल 1,43,065 सड़कों, जिनकी लंबाई लगभग 63,389 किलोमीटर है, की मैपिंग म्हारी सड़क एप पर की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने सड़कों की जियो-टैगिंग का कार्य तेजी और सटीकता के साथ पूरा करने के निर्देश भी दिए। अधिकारियों के अनुसार एप के माध्यम से अब तक 31,939 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। इस दौरान मुख्यमंत्री को एंड्रॉयड और आईओएस प्लेटफॉर्म पर एप डाउनलोड की स्थिति की भी जानकारी दी गई। बैठक में पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई, हरसैक सहित विभिन्न विभागों के लगभग 25 अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों से एप पर प्राप्त शिकायतों और उनके समाधान के लिए उठाए गए कदमों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि “म्हारी सड़क एप” के बारे में अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जाए। विशेष रूप से एग्रीगेटर कंपनियों जैसे ओला और उबर से जुड़े टैक्सी चालकों को भी ऐप के लाभ बताए जाएं। उन्होंने कहा कि हरियाणा के आरटीओ कार्यालयों में टैक्सी पासिंग के लिए आने वाले चालकों के मोबाइल में भी यह एप डाउनलोड करवाया जाए, ताकि वे प्रदेश की सड़कों की स्थिति से संबंधित जानकारी सीधे सरकार और विभागों तक पहुंचा सकें।
एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करने और अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने म्हारी सड़क एप और मुख्यमंत्री कार्यालय से भेजी गई सड़क संबंधी शिकायतों पर लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि डीएलपी (डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड) के तहत कोई ठेकेदार सड़क की मरम्मत नहीं करता है, तो उसकी बैंक गारंटी जब्त की जाए। यदि किसी फर्म पर तीन बार ऐसी कार्रवाई होती है, तो उसे ब्लैकलिस्ट कर दिया जाए। बैठक में भिवानी, हिसार, फतेहाबाद, रोहतक, गुरुग्राम, करनाल और पानीपत जिलों की कुछ ऐसी शिकायतों का भी उल्लेख किया गया, जिन्हें संबंधित विभागों द्वारा अपने क्षेत्राधिकार से बाहर बताकर बार-बार दूसरे विभागों को ट्रांसफर किया गया। लंबित पड़ी इन शिकायतों को लेकर मुख्यमंत्री ने एक दर्जन से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
शॉर्ट-टाइम टेंडर और बॉर्डर क्षेत्रों पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि म्हारी सड़क एप पर आने वाली शिकायतों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर तुरंत किया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों में टेंडर प्रक्रिया में अक्सर अधिक समय लग जाता है, इसलिए अब शॉर्ट-टाइम टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाए। इसके तहत बिड सबमिशन के 10 दिनों के भीतर कार्यवाही शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आमजन को जल्द बेहतर सड़क सुविधाएं मिल सकें। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने हरियाणा के अंतरराज्यीय बॉर्डर क्षेत्रों की सड़कों की विशेष देखभाल, मरम्मत और निर्माण कार्यों पर भी ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी
मुख्यमंत्री ने सड़कों की गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर अधिकारियों की जवाबदेही तय करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पुलों और दीवारों पर पेंटिंग एवं सौंदर्यीकरण के कार्य भी किए जाएं, ताकि सड़क अवसंरचना अधिक आकर्षक दिखाई दे। साथ ही संबंधित अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों की सड़कों का नियमित निरीक्षण करें और समय पर रखरखाव सुनिश्चित करें।उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि नई सड़कों के निर्माण से संबंधित सभी कागजी प्रक्रियाएं जनवरी से जुलाई के बीच पूरी कर ली जाएं, ताकि बारिश के मौसम के कारण कार्य प्रभावित न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सड़क निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए और अगर सड़कों के लिए गर्मी का मौसम अनुकूल हो, वहां निर्माण कार्य शीघ्र पूरा किया जाए। बैठक के दौरान मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, अतिरिक्त मुख्य सचिव पीडब्ल्यू (बीएंडआर) विभाग श्री एके सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव विकास एवं पंचायत विभाग श्री विजेंद्र कुमार,जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री जे गणेशन, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक श्री चंद्रशेखर खरे, शहरी संपदा, हरियाणा के निदेशक श्री अमित खत्री, हरसैक के निदेशक डॉ सुल्तान सिंह सहित कई अधिकारी मौजूद थे।
हरियाणा रोडवेज की एचवीएसी बसें अब केवल हरियाणा पर्यटन विभाग के अधिकृत ढाबों पर ही रुकेंगी: परिवहन मंत्री अनिल विज’
यात्रियों को मिलेंगी स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं, निजी ढाबों पर बस रोकने पर होगी कार्रवाई: अनिल विज’
परिवहन विभाग में अनुशासन और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता, नियम उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई: विज’
चंडीगढ़, 19 मई, अभीतक: हरियाणा के परिवहन मंत्री श्री अनिल विज ने प्रदेश की जनता को बेहतर, सुरक्षित और अनुशासित परिवहन सेवाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है और अब हरियाणा राज्य परिवहन की सभी एच०वी०ए०सी० बसों को जलपान हेतु केवल हरियाणा पर्यटन विभाग के अधिकृत ढाबों पर ही रोका जाएगा। परिवहन मंत्री के निर्देशों की अनुपालना में हरियाणा राज्य परिवहन के महानिदेशक द्वारा एक पत्र प्रदेश के सभी महाप्रबंधकों को जारी किया गया हैं। परिवहन मंत्री श्री अनिल विज ने बताया कि इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को स्वच्छ, गुणवत्तापूर्ण एवं विश्वसनीय सुविधाएं उपलब्ध करवाना है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित एवं बेहतर वातावरण में जलपान की सुविधा मिल सके। श्री विज ने बताया कि हरियाणा पर्यटन विभाग के ढाबे गुणवत्ता, स्वच्छता और सरकारी मानकों के अनुरूप संचालित होते हैं। ऐसे में राज्य परिवहन की एचवीएसी बसों को केवल अधिकृत पर्यटन ढाबों (हरियाणा क्षेत्र) पर रोकने से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी और परिवहन व्यवस्था में अधिक पारदर्शिता एवं अनुशासन सुनिश्चित होगा। उन्होंने बताया कि विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि हरियाणा क्षेत्र में किसी भी स्थिति में एचवीएसी बसों को निजी ढाबों पर न रोका जाए। इसके लिए सभी चालक एवं परिचालकों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने के आदेश भी दिए गए हैं। परिवहन मंत्री श्री अनिल विज ने स्पष्ट करते हुए बताया कि यदि किसी स्तर पर इन निर्देशों की अवहेलना पाई जाती है तो संबंधित चालक अथवा परिचालक के विरुद्ध विभागीय नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। श्री विज ने बताया कि हरियाणा सरकार यात्रियों को आधुनिक, सुरक्षित एवं बेहतर परिवहन सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए निरंतर प्रयासरत व प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि परिवहन विभाग में अनुशासन, पारदर्शिता और यात्रियों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा भविष्य में भी इसी प्रकार जनहित में आवश्यक निर्णय लिए जाते रहेंगे।