Haryana Abhitak News 07/01/26

गांव बालौर में अवैध निर्माण गिराती जेसीबी और मौके पर अधिकारियों की टीम।

अवैध कालोनियों में प्लाट ना खरीदें नागरिक: एसडीएम अभिनव सिवाच
गांव बालौर में अवैध निर्माण पर जिला नगर योजनाकार विभाग की कार्रवाई, बालौर गांव में जेसीबी की सहायता से गिराए गए अवैध निर्माण

बहादुरगढ़, 07 जनवरी, अभीतक: उपमंडल के बालौर गांव में बुधवार को जिला नगर योजनाकार विभाग की टीम द्वारा अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए अवैध ढांचों को गिराया गया। यह कार्रवाई विभागीय नियमों के तहत की गई। इस अवसर पर बहादुरगढ़ के एसडीएम अभिनव सिवाच आईएएस ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि लोग अपनी मेहनत की कमाई से बिना लाइसेंस शुदा कॉलोनियों में प्लॉट खरीदने से बचें। उन्होंने कहा कि अवैध कॉलोनियों में निवेश करने से भविष्य में लोगों को कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का उद्देश्य अवैध निर्माण पर रोक लगाना और नियोजित विकास को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रखेगा। जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) अंजू जून ने बताया कि गांव बालोर की राजस्व संपदा में अवैध निर्माण के खिलाफ तोड़फोड़ अभियान चलाया गया है जिसमें दो अनधिकृत कॉलोनी जिनका क्षेत्रफल लगभग 70 एकड है, 400 मीटर की बाउंड्री की दीवार और लगभग 1500 मीटर सड़क नेटवर्क और 10 ढांचों पर जेसीबी की सहायता से अवैध निर्माण तोड़े गए हैं। इस अवसर पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अभिषेक कौशिक, एसआई प्रवीण कुमार सहित सम्बन्धित विभाग की टीम मौजूद रही।

डिजिटल माध्यम से होगी देश की जनगणना-2027: डीसी
एक मई 2026 से जिलाभर में घरों का सूचीबद्ध कार्य और एक फरवरी 2027 से होगी जनगणना

झज्जर, 07 जनवरी, अभीतक: उपायुक्त स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने कहा कि भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित जनगणना 2027 देश के प्रशासनिक इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने जा रही है, क्योंकि यह भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होगी। उपायुक्त ने जनगणना की तैयारियों को लेकर आयोजित जिला स्तरीय बैठक में अधिकारियों को यह जानकारी दी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जनगणना के लिए नियुक्त स्टाफ का प्रशिक्षण कराएं। प्रशिक्षण में सभी बिंदुओं को सही तरीके से कवर करें। बैठक में गृह मंत्रालय भारत सरकार की ओर से नियुक्त जिला जनगणना समन्वयक मोहित कुमार ने डिजिटल जनगणना प्रक्रिया की विस्तार से बिंदुवार जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनगणना कार्य की तैयारियां प्रारंभ हो चुकी हैं। सभी गांवों, शहरों, खंडों, तहसीलों और जिलों की लिस्टिंग हो चुकी है। जनगणना पूरी होने तक अब कोई भी बदलाव नहीं होगा। उपायुक्त ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि राष्ट्र की नीतिगत दिशा तय करने की आधारशिला है। भारत जैसे विशाल देश में लगभग 140 करोड़ नागरिकों की गणना एक अत्यंत व्यापक, संवेदनशील और जिम्मेदारी पूर्ण कार्य है। इसकी शुद्धता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए पूर्व परीक्षण (प्री-टेस्ट) किया जा चुका है तथा अब प्रशिक्षण एवं रिहर्सल का अगला चरण शुरू किया जा रहा है। उपायुक्त ने बताया कि इस बार जनगणना प्रक्रिया पूरी तरह पेपरलेस होगी। मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से घर-घर जाकर आंकड़े सीधे डिजिटल रूप से दर्ज किए जाएंगे। इससे न केवल डेटा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा, बल्कि मानवीय त्रुटियां भी न्यूनतम होंगी और डेटा प्रोसेसिंग में लगने वाला समय भी काफी कम हो जाएगा। डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग से जनगणना प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और भरोसेमंद बनेगी। उन्होंने जानकारी दी कि जनगणना 2027 दो चरणों में संपन्न की जाएगी। पहला चरण हाउस लिस्टिंग का कार्य एक मई 2026 से आरंभ होगा, जबकि दूसरा चरण जनसंख्या गणना (एन्यूमरेशन) फरवरी 2027 में आयोजित किया जाएगा। इन दोनों चरणों में प्रत्येक परिवार और प्रत्येक व्यक्ति का सटीक विवरण दर्ज किया जाएगा। उपायुक्त ने कहा कि जनगणना के आंकड़े केंद्र व राज्य सरकारों की योजनाओं, संसाधनों के उचित वितरण तथा विकास कार्यों की प्राथमिकताएं तय करने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। इससे यह भी आकलन होता है कि सरकारी योजनाएं जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी सिद्ध हुई हैं और किन क्षेत्रों में अतिरिक्त प्रयास की आवश्यकता है। ऐसे में प्रत्येक नागरिक की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी व्यक्ति जनगणना से वंचित न रहे। उपायुक्त ने कहा कि प्रशिक्षण, हाउस लिस्टिंग तथा जनसंख्या गणना सहित जनगणना के सभी आगामी चरणों में जिला प्रशासन द्वारा सभी विभागों का आपसी समन्वय और सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि यह राष्ट्रीय कार्य पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और सटीकता के साथ संपन्न हो सके। बैठक में जिला राजस्व अधिकारी मनबीर सांगवान, डीआईपीआरओ सतीश कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी रतिंदर सिंह सहित तहसीलदार, बीडीपीओ और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

स्वप्निल रविंद्र पाटिल, डीसी झज्जर।

जिला व उपमंडल स्तर पर आज (वीरवार 08 जनवरी) को आयोजित होंगे समाधान शिविर
सुबह 10 से 12 बजे तक नागरिकों की समस्याओं का होगा त्वरित समाधान

झज्जर, 07 जनवरी, अभीतक: जिले में आमजन की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी समाधान के उद्देश्य से आज सोमवार को जिला मुख्यालय सहित सभी उपमंडलों में समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। ये शिविर प्रातः 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक संचालित होंगे। जिला स्तरीय समाधान शिविर का आयोजन लघु सचिवालय, झज्जर के कॉन्फ्रेंस हॉल में किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त करेंगे। इस अवसर पर उपायुक्त नागरिकों की विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतें एवं समस्याएं सुनेंगे तथा संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही समयबद्ध समाधान के निर्देश देंगे। वहीं, उपमंडल स्तर पर समाधान शिविरों का आयोजन संबंधित लघु सचिवालय परिसरों में किया जाएगा। बहादुरगढ़ में एसडीएम अभिनव सिवाच, आईएएस, बेरी में एसडीएम आईएएस अंकित कुमार चैकसे व बादली में एसडीएम डॉ. रमन गुप्ता की अध्यक्षता में समाधान शिविर आयोजित होंगे, जहां नागरिकों की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निपटान सुनिश्चित किया जाएगा। उपायुक्त ने बताया कि समाधान शिविर प्रशासन और नागरिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का एक प्रभावी मंच हैं। उन्होंने कहा कि जिला मुख्यालय में समाधान शिविर प्रत्येक सप्ताह सोमवार एवं गुरुवार को नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं। शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौके पर उपस्थित रहते हैं, जिससे आमजन को एक ही स्थान पर उनकी समस्याओं का समाधान उपलब्ध हो सके।

झज्जर में बुधवार को आयोजित अधिकारियों की बैठक में एग्रीस्टैक फार्मर आईडी कार्यक्रम की समीक्षा करते उपायुक्त स्वप्निल रविंद्र
झज्जर में बुधवार को आयोजित अधिकारियों की बैठक में एग्रीस्टैक फार्मर आईडी कार्यक्रम की समीक्षा करते उपायुक्त स्वप्निल रविंद्र

एग्रीस्टैक फार्मर आईडी से ही पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ: डीसी
गांव-गांव पहुंचकर फार्मर आईडी बनवाएं अधिकारी: डीसी

झज्जर, 07 जनवरी, अभीतक: उपायुक्त स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक किसान के लिए एग्रीस्टैक फार्मर आईडी बनवाना अनिवार्य है। पीएम किसान सम्मान निधि सहित सभी कृषि एवं किसान कल्याण से जुड़ी सरकारी योजनाओं का लाभ इसी आईडी के माध्यम से प्रदान किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांवों में विशेष अभियान चलाकर किसानों की फार्मर आईडी जनरेट करवाई जाए तथा इस कार्य की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उपायुक्त बुधवार को जिला मुख्यालय झज्जर में आयोजित बैठक में एग्रीस्टैक फार्मर आईडी कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। बैठक के दौरान उन्होंने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के डीडीए डॉ. जितेंद्र अहलावत से जिले में चल रहे फार्मर आईडी निर्माण कार्य की जानकारी लेते हुए इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा कि गांवों में सीपीएलओ के साथ-साथ अब प्रशिक्षणाधीन पटवारियों सहित अन्य कर्मचारियों की भी सेवाएं भी इस कार्य में ली जाएंगी। प्रशिक्षणाधीन पटवारियों की आईडी बनाकर उन्हें गांवों में फार्मर आईडी बनाने के लिए सक्रिय किया जाए, ताकि निर्धारित समय सीमा में अधिक से अधिक किसानों की एग्रीस्टैक आईडी तैयार की जा सके।
फार्मर आईडी से मिलेंगे ये प्रमुख लाभ
उपायुक्त ने बताया कि एग्रीस्टैक फार्मर आईडी का मुख्य उद्देश्य किसानों की पहचान को सुरक्षित करना तथा उन्हें सरकारी सेवाओं और योजनाओं का सीधा लाभ उपलब्ध कराना है। भविष्य में बैंक ऋण, पीएम किसान सम्मान निधि, फसल क्षतिपूर्ति, खाद व बीज वितरण सहित विभिन्न कृषि अनुदान आधारित योजनाओं का लाभ एग्रीस्टैक फार्मर आईडी के माध्यम से ही दिया जाएगा। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारी मिशन मोड में कार्य करें।
किसान ऐसे करें एग्रीस्टैक आईडी के लिए सेल्फ रजिस्ट्रेशन
किसान एग्रीस्टैक फार्मर आईडी जनरेट करने के लिए सबसे पहले हरियाणा फार्मर रजिस्ट्रेशन पोर्टल खोलें। डैशबोर्ड पर अपना अकाउंट बनाकर ई-केवाईसी सत्यापन प्रक्रिया पूरी करें। इसके बाद लॉगिन कर अपनी जमीन से संबंधित विवरण अपलोड करें। मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी के सत्यापन के उपरांत किसान की एग्रीस्टैक फार्मर आईडी जनरेट हो जाएगी।
इन दस्तावेजों से बनेगी फार्मर आईडी
एग्रीस्टैक आईडी बनवाने के लिए किसान को मोबाइल नंबर से लिंक आधार कार्ड, पिछली फसल के लिए मेरी फसल मेरा ब्यौरा पंजीकरण की प्रति अथवा जमीन से संबंधित फर्द साथ लानी होगी। किसान स्वयं सेल्फ रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, वहीं सीएससी केंद्रों के माध्यम से भी फार्मर आईडी जनरेट कराई जा सकती है।
बैठक में ये अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में एसडीएम झज्जर आईएएस अंकित कुमार चोकसे, एसडीएम बहादुरगढ़ आईएएस अभिनव सिवाच, एसडीएम बादली डॉ. रमन गुप्ता, डीआरओ मनबीर सिंह, डीआईओ अमित बंसल, कृषि विभाग उपनिदेशक जितेंद्र अहलावत के सहित राजस्व, विकास एवं पंचायत विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

झज्जर के बिजली उपभोक्ताओं की आज (वीरवार, 08 जनवरी) को होगी रोहतक में सुनवाई
झज्जर, 07 जनवरी, अभीतक: उपभोक्ताओं की बिजली एवं बिजली बिल से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के निवारण के उद्देश्य से आज (वीरवार, 08 जनवरी) को प्रातः 11 बजे से दोपहर 01 बजे तक चेयरमैन जोनल फॉर्म उपभोक्ता कष्ट निवारण फोरम रोहतक द्वारा चीफ इंजीनियर ओपी, प्रवर्तन परिमण्डल, राजीव गांधी विद्युत सदन, पावर हाउस, रोहतक स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में सुनवाई की जाएगी। प्रवक्ता ने बताया कि इस दौरान चेयरमैन, चीफ इंजीनियर जोनल फॉर्म रोहतक स्वयं उपभोक्ताओं की समस्याएं सुनेंगे तथा उनका त्वरित निवारण सुनिश्चित करेंगे। विशेष रूप से झज्जर जिले के उपभोक्ता भी अपने बिजली बिल संबंधी मामलों को बैठक में प्रस्तुत कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि यदि उपभोक्ता अधीक्षण अभियंता, कार्यकारी अभियंता या उपमंडल अभियंता के निर्णय से संतुष्ट ना हो तो वे अपनी शिकायत चेयरमैन, जोनल फॉर्म रोहतक के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।

माजरा डी गांव में अनुपचारित पेयजल आपूर्ति से जनजीवन खतरे में
झज्जर, 07 जनवरी, अभीतक: झज्जर जिले का 10000 से ऊपर की आबादी का माजरा गांव अनुपचारित पेयजल आपूर्ति का सबसे जीवंत उदाहरण बन गया है। वैसे कागजों में पेयजल व्यवस्था के अपडेटीकरण और सुधारीकरण हेतु 5-6 वर्षों से कार्य चलाने का ढिंढोरा पीटा जा रहा है। परंतु जनस्वास्थ्य विभाग की तकनीकी अनियमितताओं से यह परियोजना कामयाबी की बजाय बदहाली की ओर पहुंच गई है। इस गांव में अभी 70 प्रतिशत से अधिक घरों में निजी पेयजल सप्लायरों के प्राइवेट कनेक्शन है, जिससे लोग पानी खरीद कर पी रहे हैं। पेयजल आपूर्ति का प्राइवेट धंधा विभाग की देखरेख में बड़े सुनियोजित ढंग से चल रहा है। जबकि जन स्वास्थ्य विभाग की वाटर सप्लाई तो सप्ताह में दो बार ही आती है जबकि बीमान पाने और देसी वाला कॉलोनी में तो पेयजल आए लंबा अरसा बीत चुका है। गांव में करोड़ों रुपए खर्च होने के बाद भी लोगों को अनुपचारित पेयजल मिल रहा है।जहां तक माजरा के वाटर वर्क्स का सवाल है इसके एसएस टैंक,हाई लेवल टैंक, स्टोरेज टैंक और फिल्टर मीडिया की हालत बहुत ही दयनीय है। यहां तक कि एसएस टैंकों की क्षमता इतनी थोड़ी है कि लोहारू केनाल के बंद होने के 5-6 दिन बाद ही एसएस टैंक खाली हो जाते हैं और वाटर वर्क्स के अंदर लगे ट्यूबवेल का अनुपचारित जल सप्ताह में एकाध बार भेज दिया जाता है।एक एस एस टेंक 1968 का बना हुआ है जो जर्जर होकर के सड़े हुए तालाब से भी बदतर हो गया है। दूसरे से टैंक में सफाई की औपचारिकता के बाद भी नीचे गाद छोड़ दी गई तथा वही जल गांव में सप्लाई किया जा रहा है। वाटर वर्क्स और लोहारू कैनाल पर पंपिंग सीटों की मोटरों की क्षमता भी बिल्कुल कम है तथा बिजली की सोलर व्यवस्था में होने के कारण आपूर्ति भी यहां संतोषजनक नहीं रहती। पाईप लाईन बिछाने के काम में बहुत ही तकनीकी अनियमिताएं बढरती गई है। बहुत से मोहल्लों में पानी ही नहीं पंहुचता। प्रभावशाली लोगों ने विभाग के साए में अवैध कनेक्शन कर रखे हैं जिससे बीमान पाने और कंधावाली के बूस्टर में पानी ही नहीं पंहुचता। माजरा (बीमान) पंचायत के लिए नया वाटर वर्क्स का की ग्रांट आ चुकी है परंतु पूरा साल बीत जाने के बाद भी धरातल पर कोई कार्य नहीं हुआ है। अब लोगों ने फिर निजी पेयजल सप्लायरों की शरण में जाकर संतोष करना पड़ रहा है। माजरा (दूबलधन) के पेयजल आपूर्ति का मामला अखबारों की सुर्खियों में छाया रह चुका है तथा 30 जुलाई 2025 को झज्जर जिले की ग्रीवेंस कमेटी की मीटिंग में भी यह मामला उठ चुका है। हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने इस गांव के हर घर को प्रतिदिन 500 लीटर पेयजल की आपूर्ति देने के दिशा निर्देश दिए जा चुके हैं ताकि पीएम मोदी का जल जीवन मिशन का जनकल्याणकारी कार्य की पहुँच हर घर तक हो। इतना ही नहीं झज्जर जिले की दिशा की मीटिंग में रोहतक के सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी माजरा गांव में पेयजल आपूर्ति के सुधारीकरण के लिए कड़े शब्दों में हिदायत दी थी। परंतु आज तक विभाग ने कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया है। जबकि फिल्टर टैंकों की कागजी छंटाई करके शिकायतकर्ताओं को ही कटघरे में खङा करने का प्रयास किया गया है। जबकि वाटर-वर्क्स का फिल्टर मीडिया अब भी ठीक ढंग से फंक्शन में नहीं है। अब 5 वर्षों के अरसे में 10 बार इसकी शिकायत सीएम विंडो पर भी दर्ज हो चुकी है। परंतु विभाग झूठे आंकड़े देकर के इस गांव को अनुपचारित पेयजल सप्लाई का पानी पीने के लिए मजबूर कर रहा है। गांव के ही एक सामाजिक कार्यकर्ता डॉ दयानंद कादयान ने सीएम विंडो पर बार-बार इसकी शिकायत की है इसका नतीजा यह निकला कि आज तक उसके घर पर पेयजल कनेक्शन नहीं होने दिया गया है तथा बहुत सी कॉलोनी में पाइपलाइन भी नहीं बिछी है, जबकि पाइपलाइन का बजट तीन बार आ चुका है इस मामले में ग्राम पंचायत और विभाग मिलकर इस गांव को अनुपचारित जल पिलाने का माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। पाइप लाइन बिछाने का ठेका विभाग के अधिकारियों के रिश्तेदारों को देकर के इसमें खानापूर्ति की जाती है। अनुपचारित जल से कैंसर तथा दूसरे जल जनित रोग गांव में पैर पसार रहे हैं।अतः झज्जर जिले के 180 जलघरों में माजरा दूबलधन के जलघर की हालत सबसे दयनीय है, जबकि 1968 से 1990 तक यहां की वाटर सप्लाई सबसे आदर्श रही थी। अमर शहीद मेजर महेंद्र सिंह की याद में 1968 में यहां पर एक आदर्श जल घर बनाया गया था। परंतु पीएम मोदी के जल जीवन मिशन के बाद बाद यहां की जल आपूर्ति की स्थिति चिंताजनक रही है। पेयजल की अनुपलब्धता के कारण गांव से सभ्य लोग शहरों की ओर पलायन करने को मजबूर हो गए है। पूर्व जिला पार्षद मास्टर जय भगवान का कहना है की छोटू राम कॉलोनी और सीआर स्कूल के पेयजल कनेक्शन लिए मैं कई बार आवेदन कर चुका हूं परंतु अब तक यहां पर कोई पाइप लाइन नहीं बिछाई गई है।पूर्व पंच जय भगवान उर्फ हैनाऔर जयपाल नंबरदार ने कहा कि जल भराव के बाद माजरा बीमान का बूस्टर बिल्कुल नकारा हो चुका है तथा यहां पर पेयजल की आपूर्ति नाम मात्र की रह गई है। नए जल घर का निर्माण भी कागजों में ही सिमटकर रह गया है। पूर्व सरपंच नरेंद्र कादयान ने मांग की है कि माजरा गांव के जलघर का अपडेटीकरण तथा इसकी पाइप लाइनों का वैज्ञानिककरण करके गांव में शुद्ध पेयजल की सुनिश्चितता की जाए क्योंकि कुंओं और जोहड़ों का पानी आर्सेनिक तथा जहरीले पदार्थ मिलने से बिल्कुल खराब हो चुका है। इससे गांव में कैंसर जैसे रोग पैर पसार रहे हैं। हरिजन कॉलोनियों और बैकवर्ड कॉलोनियों में पेयजल की सप्लाई बहुत ही चिंताजनक है।गांव के लोगों की मांग है कि माजरा के वाटर वर्क्स अपडेटीकरण व पाईप लाइन बिछाने के घोटाले की विजिलेंस जांच करके माजरा गांव के हर घर को 500 लीटर हर दिन शुद्ध जल उपलब्ध कराया जाए। देखना है कि वर्ष 2026 में माजरा को शुध्द पेयजल मिलेगा या यहां के लोगों को अनुपचारित पेयजल के सहारे ही अपनी जिंदगी व्यतीत करनी पड़ेगी।

झज्जर: झज्जर नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लेने पहुंची कायाकल्प की टीम
अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं और स्वच्छता के प्रति काफी संतुष्ट दिखाई दी कायाकल्प की टीम
कहा: निरीक्षण के दौरान कुछ खामियां सामने आई, इन कमियों को दुरुस्त करने के दिए गए हैं निर्देश
इमरजेंसी सेवाओं के दौरान जंग लगे औजार और इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर किए गए सवाल पर बोली डॉ अनामिका बिश्नोई
समय सीमा और नियमों के हिसाब से दिया जाएगा ध्यान, औजारों को बदलने की विधि गई है हिदायत
नागरिक अस्पताल में बने हर्बल पार्क को लेकर भी दी जानकारी
कहा: हर्बल पार्क में लगे सभी पेड़ पौधों को चिन्हित करने के लिए दिए गए हैं निर्देश
बायो मेडिकल वेस्ट की समस्या को लेकर भी बोली डॉ अनामिका
कहा: सभी पर ध्यान देने की जरूरत, बायोमेडिकल वेस्ट बड़े साइज की बजाय छोटे साइज के लगाने के दिए गए हैं निर्देश
कुछ समस्याएं अन्य विभागों से संबंधित, समन्वय स्थापित कर दूर की जाएगी समस्याएं

झज्जर: झज्जर में गंदे नालों की सफाई के नाम पर परेशानी ही परेशानी
सफाई के नाम पर तोड़ डालें दुकानदारों के स्लैब, दुकानदारों में रोष
नगर परिषद द्वारा जेसीबी मशीन से अंबेडकर चैक से शुरू हुआ गंदे नाले की सफाई का अभियान
दुकानदार बोले, सफाई के नाम पर नगर परिषद ने पैदा कर डाली परेशानी
दुकानों के बाहर पड़ी दिखी भारी गंदगी, ग्राहकी भी हो रही है बुरी तरह प्रभावित
दुकानदार बोल सफाई करना अच्छी बात, लेकिन दुकानदारों को भी परेशान ना करें नगर परिषद
दिन की बजाय यदि अल सुबह होती सफाई, नहीं होती दुकानदारी प्रभावित
चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर अविनाश बोले, दुकानदारों की समस्याओं का रखा जा रहा है ध्यान, समय रहते उठा ली जाएगी नालों से निकाली गई गंदगी
राहगीरो ने बताया नगर परिषद ने सफाई की अच्छी बात है समय समय पर होनी चाहिए सफाई ताकि जल भराव ना हो पालिका का किया धन्यवाद

संगठन का विस्तार करते हुए चंडीगढ़ यूटी के लिए इनेलो की छात्र इकाई आईएसओ में महत्वपूर्ण पदों पर की गई नियुक्तियां
तेजस्वी को चंडीगढ़ यूटी के लिए आईएसओ का प्रभारी किया गया नियुक्त

चंडीगढ़, 07 जनवरी, अभीतक: संगठन का विस्तार करते हुए इनेलो की छात्र इकाई आईएसओ के राष्ट्रीय प्रभारी अर्जुन चैटाला ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चैटाला और प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा से विचार विमर्श करके विभिन्न पदों पर चंडीगढ़ यूटी के लिए 3 महत्वपूर्ण नियुक्तियां की हैं। तेजस्वी को चंडीगढ़ यूटी के लिए आईएसओ का प्रभारी, प्रशांत माजरा को चंडीगढ़ यूटी का सहप्रभारी और विपुल भादू को पंजाब यूनिवर्सिटी का प्रभारी नियुक्त किया गया है।

निपुण हरियाणा मिशन के अंतर्गत प्राथमिक शिक्षकों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ समापन
झज्जर, 07 जनवरी, अभीतक: निपुण हरियाणा मिशन के अंतर्गत खंड मातनहेल और साल्हावास में आज प्राथमिक शिक्षकों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ। इस कार्यक्रम के समापन अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी राजबाला फोगाट, जयपाल दहिया एवं जिला निपुण समन्वयक डॉ सुदर्शन पूनिया द्वारा किया गया। दो दो बैच में चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में मातनहेल कुल 88 तथा साल्हवास में 74 शिक्षकों तथा मैंटर्स को प्रशिक्षित किया गया। इन दो दिनों में शिक्षकों को मुख्य रूप से रेमेडियल शिक्षण पर कार्य करने की रूपरेखा के विषय में बताया गया जिसका आधार विभाग द्वारा किया गया सेन्सस असेसमेंट है। हिंदी तथा गणित विषय के निपुण लक्ष्यों के अनुसार छात्रों की प्रगति को ट्रैक करना, दक्षता आधारित शिक्षण कार्य की रूपरेखा तथा रणनीतियाँ तथा रेमेडियल ट्रैकर के प्रयोग से संबंधित सत्र इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिक्षकों के साथ साझा किए गए। इसके अलावा एक सत्र आने वाले बुनियादी अधिगम अध्ययन के तहत होने वाले आकलन पर भी लिया गया। प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर की भूमिका मोनिका, सरिता, सुधा तथा परमिला, मुकेश, कृष्णा, नीतू और अनूप ने निभाई। जिला एफएलएन समन्वयक डॉ सुदर्शन पुनिया ने सभी शिक्षकों को प्रशिक्षण को संजीदगी से लेने की बात कही और कक्षाकक्ष में इस प्रशिक्षण में सीखी गई बारीकियों को क्रियान्वित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अब आउटपुट अर्थात बच्चों के अधिगम स्तर में बढ़ोतरी पर ध्यान देना चाहिए क्योंकि इनपुट पर काफी अच्छा काम हो रहा है। इस प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान को कक्षाकक्ष में उतारें और अपने विद्यार्थियों को निपुण बनाएँ। खंड शिक्षा अधिकारी राजबाला फोगाट और जयपाल दहिया ने सभी शिक्षकों को कहा कि शिक्षण एक ऐसा पवित्र और परिवर्तनकारी कार्य है, जो न केवल कक्षाकक्ष तक सीमित रहता है, बल्कि पूरे समाज की दिशा और दशा को नई ऊँचाइयों पर ले जाता है। शिक्षण ही एक ऐसा कार्य है जिससे पूरे समाज को सही दिशा प्रदान की जा सकती है। समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। प्रशिक्षण का अवलोकन डाइट से प्राध्यापक मांगे राम, रमेश दहिया तथा सुमित कटारिया ने किया। इस अवसर पर संपर्क फाउंडेशन से अमित कुमार, खंड निपुण समन्वयक चेतना जठोल और वीरेंद्र सिंह एवं नीरज, सुरेंद्र अहलावत और कुलदीप आदि भी उपस्थित रहें।

चैकी प्रभारी ने योकोहामा कंपनी के कर्मचारियों को लालच, डर और लापरवाही से होने वाले साइबर फ्रॉड के बचाव के बारे में किया जागरूक
बहादुरगढ़, 07 जनवरी, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के कुशल नेतृत्व में साइबर अपराधों की रोकथाम एवं आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में सेक्टर 16-17 चैकी प्रभारी उप निरीक्षक राजेंद्र कुमार द्वारा बहादुरगढ़ स्थित योकोहामा कंपनी के कर्मचारियों को साइबर फ्रॉड के प्रति जागरूक किया गया। जिसमें चैकी प्रभारी उप निरीक्षक राजेंद्र कुमार ने उपस्थित कर्मचारियों को संबोधित करते हुए बताया कि वर्तमान समय में साइबर ठग नए-नए तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि साइबर अपराधी मुख्य रूप से लालच, डर और लापरवाही का फायदा उठाकर लोगों को ठगी का शिकार बनाते हैं। अगर व्यक्ति सतर्क रहे और किसी भी प्रकार की संदिग्ध कॉल, मैसेज या लिंक पर बिना जांच किए प्रतिक्रिया न दे, तो साइबर फ्रॉड से बचा जा सकता है। उन्होंने बताया कि अक्सर ठग खुद को बैंक अधिकारी, पुलिसकर्मी, कंपनी प्रतिनिधि या सरकारी कर्मचारी बताकर फोन करते हैं और खाते बंद होने, केवाईसी अपडेट, इनाम मिलने या कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर गोपनीय जानकारी हासिल कर लेते हैं। ऐसे मामलों में कभी भी अपना ओटीपी, पिन नंबर, पासवर्ड या बैंक विवरण किसी के साथ साझा नहीं करना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान कर्मचारियों को यह भी बताया गया कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी सीमित रखें और ऑनलाइन लेन-देन करते समय केवल विश्वसनीय प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें। साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने या नजदीकी पुलिस स्टेशन से संपर्क करने की सलाह दी गई। उन्होंने सभी कर्मचारियों से अपील की कि वे स्वयं जागरूक बनें और अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी साइबर अपराधों के प्रति सचेत करें, ताकि समाज को सुरक्षित बनाया जा सके।

ट्रैक्टर-ट्रॉली छीनने के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार, वाहन बरामद
बहादुरगढ, 07 जनवरी, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉक्टर राजश्री सिंह के कुशल नेतृत्व में थाना आसौदा के अंतर्गत पुलिस चैकी मांडोठी क्षेत्र में ट्रैक्टर-ट्रॉली छीनने के मामले में झज्जर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से छीना गया ट्रैक्टर- ट्रॉली बरामद करने में सफलता हासिल की है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान संदीप व सुमित निवासी गांव छारा के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों को नियमानुसार अदालत बहादुरगढ़ में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।इस संबंध में जानकारी देते हुए चैकी प्रभारी मांडोठी उप निरीक्षक रविंद्र कुमार ने बताया कि इस मामले में 6 जनवरी 2026 को शिकायत सतीश निवासी गांव छारा द्वारा दर्ज कराई गई थी।शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली पर एक ड्राइवर नियुक्त कर रखा था। जब चालक छारा फ्लाईओवर के पास पहुंचा, तभी दो व्यक्तियों ने उससे ट्रैक्टर व ट्रॉली छीन ली और मौके से फरार हो गए।शिकायत प्राप्त होते ही थाना आसौदा में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से दबिश देकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और उनसे ट्रैक्टर-ट्रॉली को भी बरामद कर लिया गया है।

स्व. अनुज गुप्ता की 45वीं जयंती पर 80 छात्राओं को दी छात्रवृति
कर्मों की महानता ही व्यक्ति को इतिहास में अमर बनाती है : अशोक बुवानीवाला

बहादुरगढ़, 07 जनवरी, अभीतक: आयु की लंबाई नहीं, बल्कि कर्मों की महानता ही व्यक्ति को इतिहास में अमर बनाती है। आज हमारे प्रिय अनुज गुप्ता की जयंती हमें एक ऐसे महान व्यक्तित्व के स्मरण का अवसर प्रदान करती है, जिन्होंने अपने सीमित जीवनकाल में असाधारण कर्म कर समाज को नई दिशा दी। ये उद्गार अग्रवाल वैश्य समाज के प्रदेश अध्यक्ष अशोक बुवानीवाला ने स्थानीय वैश्य आर्य कन्या महाविद्यालय में समाजसेवी स्व. अनुज गुप्ता की 45वीं जयंती के अवसर पर आयोजित मेधावी छात्राओं के सम्मान समारोह के दौरान कही। उन्हें श्रद्धांजली अर्पित करते हुए बुवानीवाला ने कहा कि स्व. श्री गुप्ता जी का जीवन इस बात का जीवंत प्रमाण है कि जीवन की सार्थकता वर्षों की संख्या में नहीं, बल्कि उन कर्मों में होती है, जो मानवता के कल्याण के लिए किए जाते हैं। इतिहास साक्षी है कि अनेक महापुरुषों ने कम आयु में ही सांसारिक यात्रा पूर्ण कर ली, किंतु अपने विचारों, आदर्शों और कार्यों से वे युगों तक जीवित रहे। इन्हीं में एक प्रेरणास्रोत उदाहरण हैं स्वामी विवेकानंद जी, जिन्होंने मात्र 39 वर्ष की आयु में देह त्याग किया, लेकिन इतने अल्प समय में उन्होंने जो वैचारिक क्रांति जगाई, वह आज भी करोड़ों लोगों के जीवन को दिशा दे रही है। बुवानीवाला ने कहा कि आज जिन महापुरुष की जयंती या पुण्यतिथि हम मनाते हैं, उनका जीवन भी इसी परंपरा का अनुकरण करता है। जहाँ कम आयु में ही उन्होंने समाज के लिए श्रेष्ठ कर्म किए, सेवा के मार्ग पर रहते हुए अपना जीवन लोककल्याण को समर्पित कर दिया। स्वर्गीय अनुज गुप्ता के जीवन चरित्र ने भी हमें यही सिखाया है कि व्यक्ति का कद या उसका पद आयु से नहीं, बल्कि उसके चरित्र और कर्मों से मापा जाता है। आज उनका ये जयंती अवसर आत्ममंथन और संकल्प का अवसर है। यह दिन हमें यह सोचने के लिए प्रेरित करता है कि हम अपने जीवन को किस उद्देश्य के लिए जी रहे हैं। क्या हम समाज को कुछ सकारात्मक दे पा रहे हैं? उन्होंने कहा कि महापुरुष कभी मरते नहीं, वे अपने विचारों और कर्मों के माध्यम से समाज में सदैव जीवित रहते हैं। श्री अनुज गुप्ता मैमोरियल सोसायटी बहादुरगढ़ द्वारा अनुज गुप्ता की 45वीं जयंती के अवसर पर आयोजित प्रतिभाशाली छात्राओं के इस पुरस्कार वितरण समारोह में 80 छात्राओं को छात्रवृति देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर ब्रहमकुमारी बहन अंजली, श्रीनिवास गुप्ता, सत्यनारायण अग्रवाल, प्रेम बंसल, पवन जैन, अशोक अग्रवाल, सुरेश गुप्ता, राजपाल शर्मा, जयभगवान गोयल, महाविद्यालय प्राचार्या राजवंती शर्मा, बीएड काॅलेज की प्राचार्या आशा शर्मा, सुरेश गुप्ता, मनीष गुप्ता, गजांनद गर्ग, यशपाल गांधी, जयभगवान लोहिया, मार्केट कमेटी के उपाध्यक्ष प्रदीप गुप्ता सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।

राजस्व विभाग के कार्यो की समीक्षा बैठक करते डीसी अभिषेक मीणा।

नागरिकों को पारदर्शी व सुगम राजस्व सेवाएं करवाई जाएं उपलब्ध: डीसी
डीसी अभिषेक मीणा ने राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक, अधिकारियों को दिए दिशा-निर्देश
राजस्व विभाग के लंबित कार्यो का शीघ्र करें निपटान

रेवाड़ी, 07 जनवरी, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि राजस्व विभाग से संबंधित इंतकाल, ततीमा, पार्टिशन केस से संबंधित कार्यो को जल्द से जल्द पूरा करे तथा नागरिकों को पारदर्शी व सुगम राजस्व सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएं। डीसी अभिषेक मीणा बुधवार को लघु सचिवालय सभागार में राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ ततीमा अपडेटेशन, मॉर्डन राजस्व रिकॉर्ड रूम, इंतकाल, पेपरलैस रजिस्ट्री, व एग्री स्टैक सहित अन्य कार्यो की समीक्षा कर रहे थे। बैठक से पहले वित्त आयुक्त राजस्व एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव डाॅ. सुमिता मिश्रा ने प्रदेशभर के जिला उपायुक्त के साथ वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से जिला में चल रही गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी ली। डीसी ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व विभाग से संबंधित जो भी केस लम्बित है उनका जल्द से जल्द निपटारा किया जाए। उन्होंने कहा कि ततीमा को तय समय में पूरा करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि ततीमा अपडेशन बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य है, जिसे संबंधित विभागीय अधिकारी गंभीरता से लेते हुए कार्य पूरा करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने लंबित पार्टिशन व इंतकालों को भी जल्द से जल्द निपटान करने के निर्देश दिए। डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा नागरिकों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से पेपरलेस सिस्टम शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि नागरिकों को पारदर्शी व सुगम राजस्व सेवाएं दी जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पोर्टल पर प्राप्त होने वाले आवेदनों का समयबद्ध निपटान करते हुए पेपरलेस रजिस्ट्री प्रक्रिया में तेजी लाएं। यदि किसी प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री होती है तो उसके तुरंत बाद ऑनलाइन इंतकाल करना सुनिश्चित करें ताकि भूमि रिकॉर्ड निर्धारित समय में अपडेट हो सके। उन्होंने जिला राजस्व अधिकारी को निर्देश दिए कि वे सभी तहसीलों में हो रही पेपरलेस रजिस्ट्री प्रक्रिया की निरंतर मॉनिटरिंग करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तहसीलों में सरल, निश्चित और प्रभावी प्रक्रियाएं की जाए, ताकि नागरिकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। डीसी ने कहा कि किसानों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए सरकार द्वारा किसानों को एग्रीस्टैक योजना के तहत डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक किसानों को एग्रीस्टैक से जोड़ें। इससे किसानों को जोडने का उद्देश्य एक डेटाबेस तैयार करना जिसमें किसानों की पहचान, भूमि रिकॉर्ड और फसल संबंधी जानकारी एक क्लिक करने पर मिल सकेगी। इस अवसर पर एसडीएम रेवाड़ी सुरेश कुमार, एसडीएम बावल मनोज कुमार और डीआरओ प्रदीप देशवाल सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

डीसी अभिषेक मीणा

ईसीआई नेट ऐप के लिए नागरिक 10 जनवरी तक दे सकते है सुझाव
डिजिटल प्लेटफॉर्म को बेहतर बनाने के लिए भारत निर्वाचन आयोग की सार्थक पहल

रेवाड़ी, 07 जनवरी, अभीतक: भारत निर्वाचन आयोग द्वारा डिजिटल प्लेटफॉर्म को बेहतर बनाने के लिए नागरिकों से सुझाव आमंत्रित किए है। सभी नागरिक ईसीआई नेट ऐप डाउनलोड करने और ऐप पर सुझाव दे सकते है। डीसी अभिषेक मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म को बेहतर बनाने के लिए नागरिक अब 10 जनवरी, 2026 तक अपने सुझाव दे सकते हैं। उन्होंने बताया कि नए ईसीआई नेट ऐप के ट्रायल वर्जन से मतदाताओं को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने, मतदान प्रतिशत के रुझानों को तेजी से उपलब्ध कराने और मतदान समाप्त होने के 72 घंटे के अंदर इंडेक्स कार्ड प्रकाशित करने का कार्य संभव हुआ है। इंडेक्स कार्ड प्रकाशित करने में पहले कई सप्ताह या महीने लग जाते थे। इस प्लेटफार्म को मुख्य निर्वाचन आयोग, जिला निर्वाचन अधिकारी व निर्वाचक पंजीयन अधिकारियों के सुझावों के आधार पर लगातार बेहतर और परिष्कृत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उपयोगकर्ताओं के सुझावों के द्वारा इस प्लेटफार्म को और अधिक यूजर-फ्रेंडली बनाने के लिए और भी अपडेट किया जाएगा। ईसीआईनेट प्लेटफॉर्म को इस महीने आधिकारिक तौर पर शुरू किया जाएगा। डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा शुरू की गई यह प्रमुख पहल है। यह ऐप गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर दोनों पर से डाउनलोड किया जा सकता है।

ग्राम सचिवालय मसानी में शिफ्ट किया गया आधार केंद्र
जिला में विभिन्न स्थानों पर बन रहे आधार कार्ड

रेवाड़ी, 07 जनवरी, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला प्रशासन रेवाड़ी द्वारा नागरिकों के लिए जिले में विभिन्न स्थानों पर आधार केंद्र स्थापित किए हुए हैं, जहां आमजन अपने आधार कार्ड बनवा या अपडेट करा सकते है। उन्होंने बताया कि जिला रेवाड़ी में मॉडल टाउन स्थित बाल भवन, ग्राम सचिवालय मसानी, आंगनबाड़ी केंद्र कन्हौरी, तहसील कार्यालय कोसली और अंबेडकर चैपाल गुरावड़ा में आधार केंद्र स्थापित किए गए है। डीसी अभिषेक मीणा ने नागरिकों से अपील की है कि वे आधार कार्ड बनवाने या अपडेट कराने के लिए अपने नजदीकी आधार केंद्रों का उपयोग करें। सीएससी जिला प्रबंधक जगदीप सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि गुरु रविदास होस्टल में संचालित आधार सेंटर को ग्राम सचिवालय मसानी में शिफ्ट किया गया है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा जिले में विभिन्न सीएससी सेंटर पर बैंक बीसी के माध्यम से यूसीएल (यूनिवर्सल क्लाइंट लोकेटर) आधार सेवाओं की सुविधा आमजन की सेवा के लिए उपलब्ध कराई गई है। इन सेवाओं के अंतर्गत मोबाइल नंबर अपडेट, ई-मेल आईडी अपडेट एवं पता अपडेट की सुविधा प्रदान की जा रही है। उन्होंने बताया कि रामपुरा रोड सीएससी, भगत सिंह चैक, पंछी मार्केट धारूहेड़ा, बास रोड धारूहेड़ा में यूसीएल सेवाएं आमजन के लिए उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने बताया कि नागरिक इन केंद्रों पर जाकर आधार से संबंधित आवश्यक अपडेट की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। आमजन से अपील की है कि वे इन सेंटरों पर आधार कार्ड बनवा या अपडेट करवा सकते है।

लघु सचिवालय बावल में स्थापित की जाएगी लेबर कोर्ट
सरकार ने 26 लाख रुपए की राशि की जारी

रेवाड़ी, 07 जनवरी, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि जिला रेवाड़ी के लघु सचिवालय बावल में लेबर कोर्ट स्थापित की जाएगी। इसके लिए हरियाणा सरकार की ओर से करीब 26 लाख रुपए की राशि जारी कर दी गई है। बावल में लेबर कोर्ट स्थापित होने से श्रमिकों से जुड़े मामलों की सुनवाई यहीं हो सकेगी। डीसी ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा बावल में लेबर कोर्ट स्थापित करने के लिए करीब 26 लाख रुपये की राशि जारी की है। बावल के लघु सचिवालय में बनाए जाने वाले लेबर कोर्ट के लिए जल्द ही प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि जिला में काफी संख्या में औद्योगिक ईकाइयां संचालित की जा रही है जिनके चलते काफी संख्या में श्रमिक वर्ग है। बावल में लेबर कोर्ट स्थापित होने से श्रमिकों से जुड़े मामलों की सुनवाई यहीं हो सकेगी, जिससे श्रमिकों को न्याय के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।

गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियों को लेकर बैठक 9 जनवरी को
रेवाड़ी, 07 जनवरी, अभीतक: हर वर्ष की तरह इस बार भी 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह जिला व उपमंडल स्तर पर धूमधाम व गरिमामयी ढंग से मनाया जाएगा। गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियों के संबध में डीसी अभिषेक मीणा की अध्यक्षता में शुक्रवार, 9 जनवरी को दोपहर 12 बजे सभी विभागाध्यक्षों की बैठक आयोजित होगी। बैठक में सभी विभागाध्यक्षों को उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। नगराधीश जितेंद्र कुमार ने यह जानकारी दी।

जिला झज्जर के सभी थाना प्रबंधकों ने अपने-अपने क्षेत्रों में विद्यार्थियों, कर्मचारियों व आमजन को साइबर क्राइम के बारे में किया जागरूक’
साइबर अपराधियों लालच, धमकी और अधिकारी बनकर करते हैं साइबर ठगी’
झज्जर पुलिस द्वारा फेसबुक, इंस्टाग्राम और ट्विटर के माध्यम से साइबर जागरूकता वीडियो जारी’
बीते वर्ष 164 साइबर अपराधी गिरफ्तार, जिनमें अन्य राज्यों के 140 और हरियाणा के 24 आरोपी शामिल।’
आरोपियों से 2 करोड़ 66 लाख रुपये से अधिक की ठगी गई राशि बरामद

झज्जर, 07 जनवरी, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉक्टर राजश्री सिंह के कुशल एवं प्रभावी नेतृत्व में झज्जर पुलिस द्वारा साइबर अपराध की रोकथाम एवं आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से आज बुधवार को एक व्यापक साइबर अवेयरनेस अभियान चलाया गया। इस अभियान के अंतर्गत जिले के सभी थाना प्रबंधकों ने अपने-अपने थाना क्षेत्रों में जाकर विद्यार्थियों, औद्योगिक इकाइयों, भट्टों व विभिन्न कंपनियों में कार्यरत कर्मचारियों तथा आम नागरिकों को साइबर अपराध के प्रति जागरूक किया।इस दौरान लोगों को बताया गया कि वर्तमान समय में साइबर अपराधी अत्यंत शातिर तरीके अपनाकर लोगों को ठगने का प्रयास करते हैं। साइबर अपराधियों के मुख्य हथियार लालच देना, स्वयं को किसी सरकारी अधिकारी या बैंक अधिकारी के रूप में प्रस्तुत कर धमकाना तथा भोले-भाले व्यक्तियों को भ्रमित कर ठगी का शिकार बनाना हैं। झज्जर पुलिस ने आमजन से अपील की कि किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज, लिंक या ई-मेल पर बिना सत्यापन के प्रतिक्रिया न दें तथा अपनी व्यक्तिगत व बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें।साइबर अपराध से संबंधित किसी भी घटना की जानकारी तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दे या नजदीकी पुलिस थाना या साइबर क्राइम सेल से संपर्क करने का आग्रह किया गया। समय पर सूचना देने से न केवल अपराधियों की पहचान संभव होती है, बल्कि ठगी की गई राशि को भी शीघ्र वापिस दिलाने में सहायता मिलती है।साइबर जागरूकता को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए झज्जर पुलिस द्वारा अपने आधिकारिक फेसबुक, इंस्टाग्राम एवं ट्विटर हैंडल के माध्यम से लगातार साइबर अवेयरनेस से संबंधित वीडियो एवं जानकारियां साझा की जा रही हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग जागरूक होकर साइबर अपराध से स्वयं को सुरक्षित रख सकें।झज्जर पुलिस की साइबर क्राइम टीम द्वारा साइबर अपराधों के विरुद्ध निरंतर सख्त कार्रवाई की जा रही है। बीते वर्ष साइबर क्राइम टीम ने विभिन्न मामलों में 164 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गुजरात व दिल्ली के लगभग 140 आरोपी तथा हरियाणा राज्य के 24 आरोपी शामिल हैं। इन आरोपियों से कुल 2 करोड़ 66 लाख रुपये से अधिक की धनराशि बरामद करके कानूनी प्रक्रिया के तहत उनके मालिकों के हवाले की गई।पुलिस कमिश्नर डॉक्टर राजश्री सिंह ने स्पष्ट किया कि साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जन-जागरूकता सबसे सशक्त माध्यम है और झज्जर पुलिस भविष्य में भी ऐसे अभियानों को निरंतर जारी रखेगी।

डालसा सचिव एवं सीजेएम अमित वर्मा ने नशा मुक्ति केंद्र का किया दौरा
रेवाड़ी, 07 जनवरी, अभीतक: हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण पंचकूला के निर्देशानुसार एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की डॉन योजना ड्रग जागरूकता और कल्याण नेविगेशन के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी के सचिव एवं सीजेएम अमित वर्मा ने बुधवार को नशा मुक्ति केंद्र रेवाड़ी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने नशा मुक्ति केंद्र के कार्यों की समीक्षा की। नशा मुक्ति केंद्र में प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर जोगिंदर सिंह एवं वोकेशनल काउंसलर ने बताया कि नशा मुक्ति केंद्र में 6 रोगी फिलहाल उपस्थित हैं। उन्होंने बताया कि संदीपा काउंसलर द्वारा रोगियों की समय समय पर काउंसलिंग की जाती है तथा उन्हें नशा छोड़ने के प्रति जागरूक किया जाता है। निरीक्षण के दौरान सीजेएम अमित वर्मा ने कहा कि कानूनी सहायता और उनकी सेवाओं के बारे में सभी को जागरूक किया जाए ताकि कानून की सहायता का लाभ उठा सके। विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य समाज के कमजोर वर्ग के लोगों के लिए निशुल्क कानूनी सेवाओं की पेशकश करना व साथ में उनके अधिकारों के बारे में जागरूक करने का प्रयास करता है। उन्होंने सभी को नशा न करने के बारे में प्रेरित किया तथा उससे होने वाले नुकसान के बारे में अवगत करवाया। इसके अलावा डालसा सचिव अमित वर्मा ने यह भी बताया कि माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा आमजन के लिए टोल फ्री नंबर 15100 एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी द्वारा 01274-220 062 हेल्पलाइन नंबर चलाया हुआ है, जिस पर आमजन किसी भी प्रकार की कानूनी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इस अवसर पर जिला बाल कल्याण अधिकारी वीरेंद्र यादव भी उपस्थित रहे।

सीजेएम अमित वर्मा ने जिला जेल रेवाड़ी में किया लोक अदालत का आयोजन
रेवाड़ी, 07 जनवरी, अभीतक: हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के आदेश अनुसार बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी के सचिव अमित वर्मा द्वारा जिला जेल रेवाड़ी में लोक अदालत का आयोजन किया गया। जेल लोक अदालत में मौके पर ही जिला जेल में बंद विचाराधीन कैदियों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराई गई। उन्होंने इस दौरान जिला जेल का निरीक्षण भी किया। तथा जेल में सफाई व्यवस्था व जेल में चलाए जा रहे क्लिनिक में रजिस्टर की भी जांच की। सचिव अमित वर्मा ने बताया कि कोई भी सजायाफ्ता कैदी अपनी अपील फाइल करना चाहते हैं तो उसका विवरण भी रजिस्टर में रहे तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को सूचना भिजवाए। उन्होंने इस बारे जेल अधिकारियों को उचित दिशा निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी द्वारा एक हेल्पलाइन नंबर 01274-220062 चलाया हुआ है जिस पर आम जन किसी भी प्रकार के कानूनी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा आमजन के लिए चलाए गए टोल फ्री नंबर 15100 पर कॉल करके फ्री कानूनी सहायता ली जा सकती है।

अज्ञात चोरों ने बंद मकान को बनाया निशाना, हजारों रूपये के सामान पर किया हाथ साफ
भिवानी, 07 जनवरी, अभीतक: कोंट रोड पर अज्ञात चोरों ने एक बंद मकान को अपना निशाना बनाते हुए हजारों रूपये के सामान पर हाथ साफ कर दिये जाने का मामला प्रकाश में आया है। चोरों ने जिस समय वारदात को अंजाम दिया उस समय परिवार अपने गांव गया हुआ था। परिवार जब वापिस लौटा तो घर का सामान बिखरा हुआ मिला और अलमारी को खुला पाया। जिसके बाद चोरी की घटना की शिकायत पीड़ित ने पुलिस को दी। भिवानी के गांव दरियापुर निवासी सचिन कुमार ने औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह कोंट रोड के पास डोग फार्म हाउस एरिया में किरायेदार के रूप में रहता है। मकान मालिक पवन शर्मा हैं। सचिन ने बताया कि उसके ताऊ का देहांत हो गया था, जिसके चलते वह 29 दिसंबर को अपने परिवार के साथ गांव चला गया था। जब वह वापस लौटा तो कमरे में रखी लोहे की अलमारी खुली हुई थी और सारा सामान बिखरा पड़ा था। शिकायतकर्ता के अनुसार, जांच करने पर पता चला कि घर से दो जोड़ी चांदी की पाजेब, तीन चांदी की अंगूठियां, दो जोड़ी बच्चों के कुंडल, एक गैस सिलेंडर और एक बुफर चोरी हो गए हैं। अज्ञात व्यक्ति चोरी करके फरार हो गया। पीड़ित ने पहले खुद के स्तर पर आरोपी की तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली, जिसके बाद उसने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट को बुलाया और साक्ष्य जुटाए। पुलिस अब आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।

भिवानी:- सिंचाई मंत्री श्रुति चैधरी ने तोशाम में 22 करोड़ की तीन विभिन्न योजनाओं का किया शिलान्यास व लोकार्पण
मंत्री श्रुति चैधरी ने कहा: प्रदेश के 7 जिलों की 48 नहरों की 315 करोड़ की लागत से की जा रही रिमॉडलिंग व बढ़ाई जा रही पानी ले जाने की क्षमता
श्रुति चैधरी बोली: प्रदेश की विभिन्न नहरों को ग्रामीण क्षेत्रों की जोहड़ों से जोडने के लिए किया जा रहा प्रोजेक्ट तैयार
केंद्रीय जल शक्ति संसाधन मंत्रालय द्वारा पानी गुणवता पर जारी की गई रिपोर्ट पर बोली सिंचाई मंत्री रू पर्यावरण प्रदूषण के कारण बिगड़ी स्थिति, प्रदेश के 157 खंडों में से 88 के लगभग खंडों में डार्क जोन जैसी स्थिति, ऐसी स्थिति से निपटने के लिए युद्ध स्तर पर मुख्यमंत्री की अगुवाई में किया जाएगा कार्य
जी राम जी योजना को लेकर श्रुति चैधरी ने कहा: इस योजना का किया गया है विस्तार, 100 की बजाए 125 दिन रोजगार की दी गई है गारंटी, साथ ही कार्य के प्रकारों को भी बढ़ाया गया
मनरेगा का नाम बदलकर जी राम जी योजना रखे जाने को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर बोली श्रुति चैधरी
कहा: यह नाम बदलना नहीं, बल्कि योजना का विस्तार करना है
श्रुति चैधरी बोली: महात्मा गांधी देश के राष्ट्रपिता, करती है नमन, कांग्रेस संविधान बदलो, वोट चोरी जैसे मुद्दे उछालकर कर रही है जनता को भ्रमित
कांग्रेस की 10 दिन की मंथन बैठक पर कहा, कांग्रेस मंथन करने तक रह जाएगी सीमित: श्रुति चैधरी

फर्जी मार्कशीट पर चुनाव लड़ने का आरोपी सरपंच गिरफ्तार
कुरूक्षेत्र, 07 जनवरी, अभीतक: कुरुक्षेत्र जिले के खरींडवा गांव के सरपंच को 10वीं की फर्जी मार्कशीट पर चुनाव लड़ने के आरोप में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किये जाने की खबर है। जानकारी अनुसार आरोपी सरपंच ने अपने बचाव के लिये सेशन कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक भरपुर कोशिश की, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उसके केस को डिसमिस कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी सरपंच को गिरफ्तार कर लिया। जानकारी अनुसार कुरुक्षेत्र के शाहाबाद के खरींडवा गांव के पवन कुमार ने साल 2022 में अपने गांव से सरपंची का चुनाव लड़ा था। पवन कुमार ने अपने नामांकन पत्र में सीबीएसई की 10वीं क्लास की मार्कशीट लगाई थी। करीब 300 वोट से जीत चुनाव जीतने पर पवन कुमार को गांव का सरपंच नियुक्त किया गया था। जानकारी अनुसार पवन कुमार से चुनाव हारने वाले संजीव कुमार ने नवंबर 2022 में उपायुक्त कुरुक्षेत्र को एक शिकायत दी थी। जिसमें आरोप लगाया गया था कि सरपंच पवन कुमार की 10वीं क्लास की फर्जी मार्कशीट है और चुनाव में झूठा शपथपत्र दिया गया। इसके अलावा तथ्यों को छिपाने का भी आरोप लगाया था। तत्कालीन डीसी ने इस शिकायत की जांच कराई। जांच में पवन कुमार अपनी 10वीं की मार्कशीट को असली साबित नहीं कर पाए। इस पर 27 दिसंबर 2024 को तत्कालीन डीसी ने पवन कुमार को सरपंच पद से तुरंत हटाने ऑर्डर देकर सस्पेंड कर दिया।

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