Haryana Abhitak News 08/01/26

झज्जर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मांडोठी चैकी टीम ने नाकाबंदी कर 1 किलो 200 ग्राम चरस सहित चार आरोपियों को किया गिरफ्तार, दो पुलिस रिमांड पर
बहादुरगढ़, 08 जनवरी, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉ राजश्री सिंह के कुशल नेतृत्व में झज्जर पुलिस अपने खुफियातंत्र और जिले के जिम्मेदार नागरिकों के साथ मिलकर लगातार नशीले पदार्थ की खरीद फिरौख्त करने वालों पर कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में थाना आसोदा के अंतर्गत पुलिस चैकी मांडोठी की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर चार व्यक्तियों को नशीले पदार्थ के साथ गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। चैकी प्रभारी उपनिरीक्षक रविंद्र कुमार ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि मातनहेल निवासी प्रियांशु नशीला पदार्थ बेचने का कार्य करता है वह अपने अन्य तीन साथियों के साथ गाड़ी में सवार होकर हिमाचल प्रदेश से नशीला पदार्थ खरीद कर ला रहा है जो एननएच 334 से होता हुआ आसंडा से झज्जर की तरफ जाएगा। चैकी की पुलिस टीम ने एननएच 334बी भापड़ोदा फ्लाओवर के पास पहुंचकर सांपला से झज्जर जाने वाली साइट पर नाकाबंदी कर दी मिली सूचना के अनुसार कुछ समय के बाद सांपला की तरफ से मिली गुप्त सूचना के अनुसार नंबर की गाड़ी आती दिखाई दी। गाड़ी को रोक कर चेक किया तो उसमें चार नौजवान लड़के सवार थे गाड़ी को प्रियांशु निवासी मातनहैल चला रहा था जिसके साथ दीपेंद्र निवासी मातनहेल, सतबीर निवासी मेंदुआ जिला मथुरा उत्तर प्रदेश, कृष्ण निवासी गढ़िया सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश के तौर पर की गई।शक के आधार पर उनको काबू किया गया और राजपत्रित अधिकारी को बुलाया गया जिसके समक्ष तलाशी ली गई तो गाड़ी से नशीला पदार्थ चरस बरामद हुआ जिसका वजन करने पर 1 किलो 200 ग्राम पाया गया। जिस संबंध में थाना आसोदा में मामला दर्ज किया गया। दर्ज मामले पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को अदालत बहादुरगढ़ में पेश किया गया माननीय अदालत के आदेश अनुसार प्रियांशु व कृष्ण को पूछताछ के लिए 5 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया वहीं अन्य दो आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

गुरुवार को झज्जर में जिला के खेल स्टेडियमो की स्थिति की समीक्षा करते डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल।

खिलाड़ियों को खेल सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता: डीसी
डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में खेल स्टेडियमों में जरूरी खेल उपकरणों, रखरखाव व निर्माण कार्य के लिए सर्वे रिपोर्ट तैयार करने दिए निर्देश

झज्जर, 08 जनवरी, अभीतक: उपायुक्त स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने गुरुवार को अधिकारियों की बैठक में जिला के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के खेल स्टेडियमों की स्थिति, रखरखाव तथा उपलब्ध खेल सामग्री की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सर्वे रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला के हर स्टेडियम की अलग अलग विस्तृत रिपोर्ट तैयार करें। कौन से स्टेडियम में किस सामान की जरूरत है, मूलभूत सुविधाओं में बढ़ोतरी और किसी प्रकार के रिपेयर वर्क्स जरूरत होने पर एस्टीमेट तैयार करें। जिला खेल अधिकारी ने बैठक में डीसी को खेल स्टेडियमों की स्थिति, मरम्मत कार्यों तथा खेल उपकरणों की स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि झज्जर, बहादुरगढ़, बेरी के अलावा जिला के ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 17 खेल स्टेडियम में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं। डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।
डीसी ने कहा कि जिन स्टेडियमों में मरम्मत की आवश्यकता है, वहां आवश्यक कार्यों को डी-प्लान और सीएसआर (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) स्कीम के तहत समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जाए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि खेल स्टेडियमों में साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, बैठने की व्यवस्था तथा खेल सामग्री की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाओं (सीएम अनाउंसमेंट) के तहत जो खेल स्टेडियम निर्माणाधीन हैं, उन्हें निर्धारित समय सीमा में जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि खिलाड़ी इन सुविधाओं का लाभ उठा सकें। डीसी ने निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा कि खेल स्टेडियम युवाओं को खेलों की ओर प्रोत्साहित करने के साथ-साथ उन्हें नशे से दूर रखने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। इसलिए खेलों से जुड़े उपकरणों को दुरुस्त रखना हमारी पहली प्राथमिकता है। उन्होंने जिला खेल अधिकारी सतेंद्र कुमार से स्टेडियमों की वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट तैयार करने और लंबित कार्यों की प्राथमिकता के आधार पर योजना बनाने को कहा। इस अवसर पर एडीसी जगनिवास, एसडीएम झज्जर अंकित कुमार चैकसे आईएएस, एसडीएम बहादुरगढ़ अभिनव सिवाच आईएएस, एसडीएम बादली डॉ रमन गुप्ता, पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन सुमित कुमार व अनिल रोहिल्ला, डीआईपीआरओ सतीश कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

महिलाओ को स्वरोजगार शुरु करने के लिए जागरूकता अभियान पंजाब नेशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान ने गाँव अम्बोली में उधमिता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया
झज्जर, 08 जनवरी, अभीतक: वीरवार को पंजाब नेशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान झज्जर ने गाँव अम्बोली में उधमिता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में स्वंय सहायता समूह की भी महिलाये मौजूद रहीद्य जिन्हें आरसेटी के द्वारा दी जाने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम की जानकारी दी। संस्थान से संकाय सतपाल सिंह ने बताया कि महिलाओं के उत्थान के लिए उन्हें प्रोत्साहित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह समाज की प्रगति और समृद्धि के लिए आवश्यक है। जब महिलाएँ अपनी पूरी क्षमता को पहचानती हैं और उसे साकार करती हैं, तो यह न केवल उनके जीवन को सुधारता है, बल्कि पूरे समाज को भी लाभ पहुँचता है। महिलाओं के उत्थान के लिए शिक्षा सबसे प्रभावी साधन है। महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना उनके आत्मविश्वास को बढ़ाता है और उन्हें अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करता है। जब महिलाएँ शिक्षित होती हैं, तो वे अपने परिवार और समाज को बेहतर दिशा में मार्गदर्शन कर सकती हैं। इस कार्यक्रम में आशीष शर्मा ने महिलाओं को ऋण योजनाओ से सम्बंधित जानकारी दी और बैंक में खाता खुलवाने और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा और जीवन ज्योति बीमा योजना से जुडी हुई जानकारी भी दी। आज के दौर में एकल परिवार है और महंगाई का दौर है एक घर में अकेले पुरुष की कमाई से घर चलाना मुश्किल है तो महिलाओ को भी आर्थिक तौर पर आत्मनिर्भर होना चाहिए ताकि घर और बच्चो की शिक्षा अच्छी तरह चल सके। संस्थान द्वारा स्वरोजगार स्थापित करने के लिए 60 तरह के अलग-अलग प्रशिक्षण दिए जा रहे है और सभी प्रशिक्षण निःशुल्क है इसके साथ ही कुशलता से स्वरोजगार करने के लिए बैंक द्वारा तय मानदंडो के अनुसार ऋण देने में सहयोग प्रशिक्षण पूरा कर चुके लोगो को दिया जाता है। इस कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूह से निशा ने विशेष योगदान दियाद्यसंस्थान में ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण कार्यक्रम पीएनबी आरसेटी, पुरानी तहसील झज्जर में शुरू किया जा रहा है।

एसडीएम अभिनव सिवाच ने डॉ. भीमराव अंबेडकर स्टेडियम का किया निरीक्षण
बहादुरगढ़, 08 जनवरी, अभीतक: उपमंडल में सरकारी और सार्वजनिक संपत्तियों को अतिक्रमण मुक्त रखने की दिशा में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। इसी क्रम में एसडीएम अभिनव सिवाच ने बादली रोड स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर स्टेडियम का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्टेडियम परिसर में अवैध निर्माण को लेकर प्राप्त शिकायतों का मौके पर जायजा लिया। एसडीएम अभिनव सिवाच ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि स्टेडियम में यदि किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण पाया जाता है तो उसे नियमानुसार तत्काल हटाने की कार्रवाई करें। इस विषय में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि खेल परिसरों की मूल संरचना से छेड़छाड़ अथवा अतिक्रमण किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने स्टेडियम की मौजूदा व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था को और अधिक बेहतर बनाया जाए, ताकि खिलाड़ियों और आम नागरिकों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि स्टेडियम का उद्देश्य खेल गतिविधियों को बढ़ावा देना है और इसके लिए आधारभूत सुविधाओं का सुचारू रहना अत्यंत आवश्यक है। एसडीएम अभिनव सिवाच ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में इस तरह की शिकायतें दोबारा सामने न आएं, इसके लिए नियमित निरीक्षण किए जाएंगे।

समाधान शिविर के दौरान नागरिकों की समस्याएं सुनते हुए उपायुक्त स्वप्निल रविंद्र पाटिल।

समाधान शिविरों से मजबूत हो रहा सुशासन, जनता को मिल रहा त्वरित न्याय: डीसी
झज्जर, 08 जनवरी, अभीतक: सुशासन की अवधारणा को सशक्त बनाने तथा प्रशासन को आमजन के और अधिक निकट लाने में समाधान शिविर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसी क्रम में आज लघु सचिवालय परिसर में जिला स्तरीय समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में उपायुक्त स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने नागरिकों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान 7 नागरिकों ने विभिन्न विषयों से जुड़ी अपनी शिकायतें दर्ज कराईं।
समाधान शिविर केवल शिकायत मंच नहीं: डीसी
उपायुक्त ने कहा कि समाधान शिविर केवल शिकायतें सुनने का मंच नहीं हैं, बल्कि यह बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था, पारदर्शिता और त्वरित सेवा प्रदान करने का प्रभावी माध्यम हैं। इन शिविरों से आमजन को सीधे प्रशासन से संवाद का अवसर मिलता है, जिससे समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सकता है।
बिजली, पानी, पेंशन सहित कई मुद्दों पर आईं शिकायतें
शिविर के दौरान बिजली, पेयजल आपूर्ति, सामाजिक सुरक्षा योजनाएं, राजस्व से जुड़े मामले, पेंशन, अवैध कब्जे, स्वच्छता तथा सड़कों से संबंधित समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं। उपायुक्त ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए शीघ्र समाधान किया जाए।
सोमवार व गुरुवार को नियमित आयोजन
उपायुक्त ने जानकारी दी कि प्रत्येक सोमवार व गुरुवार को जिला व उपमंडल स्तर पर समाधान शिविरों का आयोजन किया जाता है। आमजन इन शिविरों के माध्यम से अपनी समस्याएं दर्ज कराकर समाधान प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में इन शिविरों में पहुंचकर लाभ उठाएं।
उपमंडलों में भी आयोजित हुए समाधान शिविर
जिला मुख्यालय के साथ-साथ उपमंडल स्तर पर भी समाधान शिविर आयोजित किए गए। बेरी में उपमंडल स्तरीय समाधान शिविर एसडीएम अंकित कुमार चैकसे (आईएएस) की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। बादली में एसडीएम रमन गुप्ता तथा बहादुरगढ़ में एसडीएम अभिनव सिवाच की अध्यक्षता में समाधान शिविर लगाए गए, जहां नागरिकों की समस्याएं सुनी गईं।
इन विभागों के अधिकारी रहे उपस्थित
जिला स्तरीय समाधान शिविर में एडीसी जगनिवास, एसीपी प्रणय कुमार, मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी खुशी कौशल, डीआरओ मनवीर सिंह सांगवान, डीडीपीओ निशा तंवर, एक्सईएन लोक निर्माण विभाग सुमित कुमार, कष्ट निवारण कमेटी सदस्य राजपाल बम्बुलिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

स्वप्निल रविन्द्र पाटिल, डीसी झज्जर।

शीतलहर व ठंड से बचाव के लिए जरूरी सावधानी बरतें नागरिक: डीसी
डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल का चालकों से आह्वान, घने कोहरे में सावधानी से चलाए वाहन
शीतलहर को लेकर सरकार ने जारी की एडवाइजरी

झज्जर, 08 जनवरी, अभीतक: सरकार द्वारा आमजन के साथ साथ पशुओं को सर्दी व शीतलहर से बचाव को लेकर विशेष एडवाइजरी जारी की गई है। डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने नागरिकों से शीतलहर व सर्दी से बचाव के लिए एडवाइजरी की पूर्ण रूप से पालना करते हुए सावधानी बरतने की अपील की है। डीसी ने बताया कि आमजन सावधानी बरतकर सर्दी से अपना व अपने पशुओं का बचाव कर सकते हैं। सर्दी से बचाव के लिए आमजन अपने पास पर्याप्त कपड़ों का स्टॉक करें। घर में ठंडी हवा का प्रवेश रोकने के लिए दरवाजों तथा खिड़कियों को ठीक से बंद रखें। जितना संभव हो सके घर के अंदर रहें और ठंडी हवा, बारिश, बर्फ के संपर्क में आने से बचने के लिए कम से कम यात्रा करें। गर्म कपड़े पहनें ताकि ठंड बिल्कुल न लगे। खुद को सूखा रखें और पानी में भीगने से बचें। शरीर की गरमाहट बनाए रखने के लिए अपने सिर, गर्दन, हाथ और पैर की उंगलियों को पर्याप्त रूप से ढककर रखें। गीले कपड़े तुरंत बदलें। हाथों में दस्ताने रखें। फेफड़ों को बचाने के लिए मास्क का प्रयोग करें। डीसी ने बताया कि सिर पर टोपी या मफलर पहने, स्वास्थ्य वर्धक भोजन लें। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पर्याप्त रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने के लिए विटामिन सी से भरपूर फल और सब्जियां खाएं। गर्म तरल पदार्थ नियमित रूप से पीएं, इससे ठंड से लड़ने के लिए शरीर की गर्मी बनी रहेगी। शराब का सेवन न करें, यह शरीर के तापमान को कम करता है। बुजुर्ग लोगों, नवजात शिशुओं तथा बच्चों का विशेष ध्यान रखें। जरूरत के अनुसार ही रूम हीटर का प्रयोग करें तथा रूम हीटर के प्रयोग के दौरान पर्याप्त हवा निकासी का प्रबंध रखें। उन्होंने कहा कि शीत-घात से बचने के लिए मौसम पूर्वानुमान के लिए रेडियोध्टीवीध्समाचार पत्र जैसे सभी मीडिया प्रकाशन का ध्यान रखें ताकि यह पता चल सके कि आगामी दिनों में शीतलहर की संभावना है या नहीं। उन्होंने हिदायत देते हुए कहा कि बंद कमरों में कोयले को जलाना खतरनाक हो सकता है। डीसी ने बताया कि शीतलहर के दौरान पशुधन को जीवन यापन के लिए अधिक भोजन की आवश्यकता होती है क्योंकि ऊर्जा की आवश्यकता बढ़ जाती है। रात के समय पशुओं के आवास को सभी तरफ से ढक दें ताकि ठंडी हवाओं के सीधे संपर्क में आने से बचाया जा सके। शीत लहर के दौरान जानवरों को खुले क्षेत्र में न छोड़ें। जानवरों को ठंडा चारा और ठंडा पानी देने से बचें। पशु आश्रय में नमी और धुएं को नहीं रहने दें।
कोहरे में ओवरटेक करने से बचें चालक
डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने कहा कि सर्दी के मौसम में घने कोहरे के दौरान विशेषकर सुबह और रात के समय कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम हो जाती है। ऐसे में वाहन चालकों को सीमित गति में, अपनी निर्धारित लेन में रहकर और यातायात नियमों का पूरी तरह पालन करते हुए वाहन चलाना चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके और नागरिक सुरक्षित यात्रा कर सकें। उन्होंने वाहन चालकों से अपील की है कि वे धुंध के मौसम में गलत दिशा में वाहन न चलाएं और धुंध के समय जहां तक संभव हो ओवरटेक करने से बचें। उन्होंने बताया कि ट्रैफिक नियमों का पालन कर ही हम अपने और दूसरों के सफर को सुरक्षित बना सकते हैं। उन्होंने वाहन चालकों से जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने की अपील की है।

स्वप्निल रविन्द्र पाटिल, डीसी झज्जर।

वरिष्ठ नागरिकों, ग्राम पंचायतों व एनजीओ के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कार हेतु आनलाइन आवेदन 12 जनवरी तक
डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने दी जानकारी

झज्जर, 08 जनवरी, अभीतक: सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, हरियाणा द्वारा वर्ष 2025-26 के लिए वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण, सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायतों तथा सर्वश्रेष्ठ गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) को राज्य स्तरीय पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। पुरस्कारों के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 12 जनवरी निर्धारित की गई है। डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने जानकारी देते हुए बताया कि इन पुरस्कारों का उद्देश्य समाज में उत्कृष्ट एवं सराहनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों व संस्थाओं का सम्मान कर उनका मनोबल बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, अनुसूचित जातियों एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण तथा अंत्योदय (सेवा) विभाग, हरियाणा द्वारा पत्र जारी किया गया है। इसके तहत पात्र वरिष्ठ नागरिकों, ग्राम पंचायतों, एनजीओ, वृद्धाश्रम एवं डे केयर सेंटर से विभिन्न श्रेणियों में नामांकन आमंत्रित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि इन पुरस्कारों में शताब्दी पुरस्कार, सर्वश्रेष्ठ माँ पुरस्कार, साहस एवं वीरता पुरस्कार, लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड, वरिष्ठ कलाकारध्संगीतकारध्नृत्य अभ्यास पुरस्कार, वरिष्ठ खिलाड़ी पुरस्कार, सर्वश्रेष्ठ पंचायत पुरस्कार, सर्वश्रेष्ठ स्वयंसेवी संगठन (एनजीओ) पुरस्कार, सर्वश्रेष्ठ वृद्धाश्रम पुरस्कार तथा सर्वश्रेष्ठ डे केयर सेंटर पुरस्कार शामिल हैं। पुरस्कारों की राशि 20 हजार रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक निर्धारित की गई है। इच्छुक एवं पात्र आवेदक विभाग की वेबसाइट https://award.socialjusticehry.gov.in पर आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने जिले के सभी पात्र वरिष्ठ नागरिकों, ग्राम पंचायतों, स्वयंसेवी संगठनों एवं संबंधित संस्थाओं से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि तक आवेदन कर अवसर का लाभ उठाएं।

प्रदेश में टीबी जांच को तेज किया जाए: स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव
स्वास्थ्य अवसंरचना और आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता
क्हा: शीघ्र ही सभी जिला अस्पतालों में सीटी स्कैन और एमआरआई सेवाएं शुरू की जाएं

बेरी स्थित लघु सचिवालय में वीरवार को आयोजित समाधान शिविर में नागरिकों की शिकायतें सुनते एसडीएम अंकित कुमार चैकसे आईएएस।

समाधान शिविर केवल औपचारिकता नहीं, जनसेवा का माध्यम है: एसडीएम
हर शिकायत का समयबद्ध व स्थायी समाधान सुनिश्चित करें अधिकारी’

बेरी, 08 जनवरी, अभीतक: बेरी स्थित लघु सचिवालय में वीरवार को एसडीएम अंकित कुमार चैकसे आईएएस की अध्यक्षता में समाधान शिविर का आयोजन किया गया। समाधान शिविर में एसडीएम ने आमजन की समस्याएं सुनते हुए समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। इस दौरान एसडीएम अंकित कुमार चैकसे ने संबंधित विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि जो शिकायतें दोबारा खुली हैं, उनके कारणों की जांच की जाए और उनका गुणवत्तापूर्ण निपटान किया जाए। उन्होंने कहा कि विभागाध्यक्ष स्वयं ऐसी शिकायतों पर संज्ञान लें और शिकायतकर्ता की संतुष्टि को ध्यान में रखते हुए समाधान करवाएं, ताकि वही शिकायत दोबारा न खुले। उन्होंने कहा कि आमजन प्रशासन पर विश्वास करके अपनी समस्याएं लेकर आते हैं, इसलिए प्राथमिकता के आधार पर लोगों की छोटी से छोटी समस्या का भी समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समाधान शिविर को केवल औपचारिकता न मानते हुए जनसेवा का माध्यम समझें और हर शिकायत का समयबद्ध व स्थायी समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए निर्धारित दिन पर समाधान शिविर में पहुंचे और अपनी शिकायत दर्ज करवाएं। इस दौरान नायब तहसीलदार सुरेंद्र शर्मा, उपाधीक्षक राजेश देवी, एसडीओ डॉ ऋषिपाल, एआईपीआरओ डॉ अश्वनी कुमार, जेई प्रवीण अहलावत, पटवारी पवन कुमार व मंजीत सहित अनेक अधिकारीगण उपस्थित रहे।

श्रुति चैधरी ने तोशाम में एसटीपी के पानी को सिंचाई में प्रयोग के लिए प्रोजेक्ट तैयार करने के दिए निर्देश
सिंचाई मंत्री श्रुति चैधरी ने बुधवार को तोशाम में एसटीपी के औचक निरीक्षण के दौरान ली सीवरेट ट्रीटमेंट प्लांट के बारे में विस्तार से जानकारी

भिवानी, 08 जनवरी, अभीतक: सिंचाई एवं जल संसाधान और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चैधरी ने बुधवार को अपने तोशाम कार्यक्रम के दौरान कस्बे में सीवरेट ट्रीटमेंट प्लांट का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों से एसटीपी के पानी को खेती में प्रयोग किए जाने के बारे में विस्तार से जानकारी ली। विभाग के अधिकारियों ने केबिनेट मंत्री को बताया कि एसटीपी प्लांट से साफ किए गए पानी को खेती में प्रयोग लाया जा सकता है, जिससे किसानों को लाभ होगा। इस पर सिंचाई मंत्री श्रुति चैधरी ने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को संयुक्त रूप से एक प्रोजेक्ट तैयार करने के निर्देश दिए ताकि उसको अमलीजामा पहनाया जा सके। उल्लेखनीय है कि सिंचाई मंत्री श्रुति चैधरी ने बुधवार को कस्बा तोशाम में करोंड़ों रुपए की लागत की पेयजल परियोजनाओं की सौगात दी थी। इसी दौरान उन्होंने तोशाम में एसटीपी का औचक निरीक्षण किया, जिसका निर्माण पूर्व मंत्री एवं वर्तमान में राज्यसभा सांसद किरण चैधरी ने अपने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री के कार्यकाल के दौरान करवाया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों से एसटीपी के बारे में विस्तार से जानकारी ली। विभाग के कार्यकारी अभियंता विकास धनखड़ ने श्रुति चैधरी को बताया कि एसटीपी से पानी को साफ कर क्षेत्र की ड्रेन में डाला जा रहा है, ड्रेन से किसान पानी लेकर सिंचाई कर रहे हैं, जिससे क्षेत्र की करीब 300 एकड़ भूमि में पानी का प्रयोग हो रहा है।
श्रुति चैधरी ने प्रोजेक्ट तैयार करने के निर्देश
विभाग के अधिकारियों ने सिंचाई मंत्री श्रुति चैधरी को बताया कि भिवानी में दादरी रोड़ पर एक प्रोजेक्ट बनाया गया है, यदि उसी तरह का प्रोजेक्ट तोशाम में बन जाता है तो क्षेत्र के किसानों को सीधा लाभ होगा। इस प्लांट से किसान सीधे तौर पर पानी ले सकेंगे। इस पर सिंचाई मंत्री ने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को निर्देश कि वे सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से प्रोजेक्ट तैयार करें ताकि उसको अमलीजामा पहनाया जा सके। वहीं इस बारे में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता विकास धनखड़ ने बताया कि सिंचाई मंत्री श्रुति चैधरी ने तोशाम में एसटीपी के बारे में जानकारी ली थी, जिस पर उनको भिवानी में बने एक प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी दी गई थी। श्रुति चैधरी ने भिवानी प्रोजेक्ट की तरह से तोशाम में एक प्रोजेक्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल, झज्जर के खिलाड़ियों का राष्ट्रीय खेलों में परचम, चार स्वर्ण व एक रजत पदक जीतकर रचा इतिहास’
झज्जर, 08 जनवरी, अभीतक: डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल, झज्जर के होनहार खिलाड़ियों ने डीएवी राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए विद्यालय का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। विद्यालय के खिलाड़ियों ने कुश्ती, तैराकी एवं भारोत्तोलन जैसी विभिन्न खेल स्पर्धाओं में उत्कृष्ट खेल कौशल का प्रदर्शन कर कुल पाँच पदक (चार स्वर्ण एवं एक रजत) जीतकर विद्यालय, जिला और अभिभावकों का मान बढ़ाया है। रायपुर, छत्तीसगढ़ में आयोजित डीएवी राष्ट्रीय खेलों में अंडर-14 बालक वर्ग (38 किलोग्राम) कुश्ती स्पर्धा में छात्र अंकित ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसी क्रम में 07 जनवरी 2026 को अंडर-17 बालक वर्ग (45 किलोग्राम) कुश्ती स्पर्धा में मास्टर दीपांशु ने भी शानदार जीत दर्ज करते हुए स्वर्ण पदक प्राप्त किया। प्रतियोगिता के दौरान अंडर-19 बालक वर्ग (57 किलोग्राम) कुश्ती स्पर्धा में मास्टर रितिक ने अपने दमदार खेल से स्वर्ण पदक जीतकर विद्यालय की उपलब्धियों में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ा। वहीं अंडर-19 बालक वर्ग (81 किलोग्राम) भारोत्तोलन स्पर्धा में मास्टर तनुज ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए रजत पदक प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त, 07 जनवरी 2026 को हैदराबाद, आंध्र प्रदेश में आयोजित डीएवी राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में अंडर-14 बालक वर्ग की 100 मीटर बटरफ्लाई तैराकी स्पर्धा में मास्टर वंश ने शानदार प्रदर्शन कर स्वर्ण पदक जीतकर विद्यालय का नाम रोशन किया। इन सभी उपलब्धियों से विद्यालय परिसर में हर्ष और गर्व का वातावरण है। विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री पंकज वालिया एवं समस्त स्टाफ ने सभी विजेता खिलाड़ियों एवं उनके अभिभावकों को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य तथा आगामी प्रतियोगिताओं में और अधिक सफलता की शुभकामनाएँ दी हैं। यह उपलब्धि न केवल विद्यालय की खेल संस्कृति को दर्शाती है, बल्कि विद्यार्थियों के अनुशासन, परिश्रम और समर्पण का भी जीवंत प्रमाण है।

आईडीटीआर सेंटर बहादुरगढ़ में कमर्शियल वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा, नशा मुक्ति व साइबर अपराध के प्रति किया गया जागरूक
बहादुरगढ़, 08 जनवरी, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के दिशा-निर्देशन में यातायात पुलिस बहादुरगढ़ द्वारा सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान के अंतर्गत आईडीटीआर (इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च) सेंटर, बहादुरगढ़ में कमर्शियल वाहन चालकों के लिए एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में यातायात बहादुरगढ़ के प्रभारी निरीक्षक सतीश कुमार ने उपस्थित चालकों को सड़क सुरक्षा, नशा मुक्ति तथा साइबर अपराध से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी।निरीक्षक सतीश कुमार ने कहा कि वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि इससे न केवल हमारी बल्कि दूसरों की जान भी सुरक्षित रहती है। उन्होंने बताया कि ठंड और कोहरे के मौसम में तेज गति से वाहन न चलाएं तथा फॉग लाइट का प्रयोग अवश्य करें। कमर्शियल वाहन निर्धारित लेन में ही चलाएं और ओवरलोडिंग से बचें। सड़क पर लगे यातायात संकेतों का पालन करना सभी चालकों का कर्तव्य है।नशा मुक्ति पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि वाहन चलाते समय किसी भी प्रकार का नशा करना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि यह चालक के स्वास्थ्य और परिवार दोनों के लिए घातक साबित हो सकता है। नशा व्यक्ति को स्वयं के साथ-साथ अपने परिवार को भी बर्बादी की ओर ले जाता है, इसलिए इससे पूर्णत दूर रहना चाहिए। वहीं उन्होंने साइबर अपराध पर जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि आज के डिजिटल युग में ऑनलाइन ठगी एक गंभीर समस्या बन चुकी है। साइबर अपराध से बचाव के लिए मजबूत और अनोखे पासवर्ड का उपयोग करें, अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें तथा अपनी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। यदि किसी प्रकार का साइबर फ्रॉड हो जाए तो तुरंत नजदीकी पुलिस थाना में शिकायत करें या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।

बहादुरगढ़ को जाम मुक्त बनाने के लिए यातायात पुलिस की सख्त कार्रवाई, 174 रॉन्ग पार्किंग सहित 292 चालान
बहादुरगढ, 08 जनवरी, अभीतक: बहादुरगढ़ शहर को जाम मुक्त और सुचारू यातायात व्यवस्था प्रदान करने के उद्देश्य से पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के दिशा-निर्देशन में यातायात पुलिस द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। यातायात प्रभारी निरीक्षक सतीश कुमार के नेतृत्व में नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ प्रतिदिन विशेष अभियान चलाया जा रहा है।शहर में जाम की समस्या से निपटने के लिए नो पार्किंग में खड़े वाहनों पर विशेष कार्रवाई की गई। नियमों का उल्लंघन करने वाले कई वाहनों के चालान काटे गए, जबकि कई गाड़ियों को क्रेन की सहायता से टो कर सड़क से हटाया गया, जिससे यातायात बाधित न हो और आम जनता को राहत मिल सके। यातायात पुलिस बहादुरगढ़ द्वारा जनवरी माह में अब तक की गई कार्रवाई के दौरान गलत पार्किंग के 174 चालान किए गए। बिना हेलमेट वाहन चलाने पर 145, बिना नंबर प्लेट 07, बिना सीट बेल्ट 05, ब्लैक फिल्म लगाने पर 09, बुलेट पटाखा से शोर करने पर 01, खतरनाक यू-टर्न लेने पर 10, गलत लेन चेंज करने पर 27, प्रदूषण प्रमाण पत्र न होने पर 04 और ट्रिपल राइडिंग के 10 चालान किए गए। इस प्रकार कुल 292 चालान काटे गए हैं।पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह ने वाहन चालकों से अपील करते हुए कहा कि धुंध के मौसम में विशेष सावधानी बरतें। तेज रफ्तार से बचें, लो-बीम लाइट का प्रयोग करें और यातायात नियमों का पालन करें। शहर में जाम की स्थिति न बने, इसके लिए गलत पार्किंग और जल्दबाजी से बचें। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करें, नशे या नींद की अवस्था में वाहन न चलाएं।सभी यातायात नियमों का सख्ती से पालन करें। उन्होंने कहा कि शहर में जाम की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए गलत पार्किंग से बचें और जल्दबाजी में लापरवाही न करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करें, नशे या नींद की अवस्था में वाहन चलाना जानलेवा हो सकता है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट और चारपहिया वाहन चालकों के लिए सीट बेल्ट का प्रयोग अनिवार्य है। यातायात पुलिस का उद्देश्य चालान काटना नहीं, बल्कि लोगों को सुरक्षित और अनुशासित यातायात व्यवस्था के प्रति जागरूक करना है।यातायात पुलिस ने आम जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि नियमों का पालन करके ही बहादुरगढ़ को जाम मुक्त और सुरक्षित शहर बनाया जा सकता है।

एंटी व्हीकल थेफ्ट झज्जर की पुलिस टीम ने 5.87 ग्राम नशीले पदार्थ के साथ एक व्यक्ति को किया काबू
बहादुरगढ़, 08 जनवरी, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के कुशल नेतृत्व में झज्जर पुलिस द्वारा नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी व्हीकल थेफ्ट झज्जर की पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए हीरोइन जैसे खतरनाक नशीले पदार्थ के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। मामले की जानकारी देते हुए एंटी व्हीकल थेफ्ट प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार ने बताया कि पुलिस टीम को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि विकास नामक निवासी साखौंल, नशीले पदार्थ बेचने का अवैध धंधा करता है। मिली गुप्त सूचना के अनुसार आरोपी सब्जी मंडी के पीछे नहर वाली सड़क के पास हीरोइन लेकर खड़ा था। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर संदिग्ध व्यक्ति को काबू किया। नियमानुसार कार्रवाई करते हुए एक राजपत्रित अधिकारी को मौके पर बुलाया गया और उनकी मौजूदगी में आरोपी की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से 5.87 ग्राम नशीला पदार्थ हीरोइन बरामद हुआ।पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना सेक्टर-6 बहादुरगढ़ में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे अदालत में पेश किया। अदालत के आदेशानुसार आरोपी को पूछताछ के लिए एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया।

सेवा सुरक्षा कानून को लेकर ठेका कर्मचारियों की एकजुट आवाज: लोकेश शर्मा
जिला केंद्रीय सहकारी बैंक मुख्यालय पर दिया गया सांकेतिक धरना
कर्मचारियों को कानून का लाभ दिलाने की मांग
सेवा सुरक्षा पोर्टल में सहकारी बैंकों को शामिल करने पर जोर
विभिन्न जिलों से अतिरिक्त मुख्य सचिव के नाम भेजे गए ज्ञापन

झज्जर, 08 जनवरी, अभीतक: वित्तीय संस्थान ठेका कर्मचारी संघ से संबंधित भारतीय मजदूर संघ के आह्वान पर हरियाणा के सभी जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के मुख्यालयों पर सेवा सुरक्षा कानून को लेकर सांकेतिक धरना आयोजित किया गया। इसी क्रम में झज्जर केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड के गुरुग्राम रोड स्थित मुख्यालय पर बैंक में कार्यरत सभी अनुबंधित कर्मचारी एकत्रित हुए। कर्मचारियों ने विकास अधिकारी प्रियवृत डबास के माध्यम से अतिरिक्त मुख्य सचिव, सहकारिता विभाग, हरियाणा सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान विकास अधिकारी प्रियवृत डबास ने कर्मचारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि आप सभी की मांगें सरकार तक अवश्य पहुंचाई जाएंगी, चिंता का कोई विषय नहीं है। जिला संयोजक पं. लोकेश शर्मा ने बताया कि सेवा सुरक्षा कानून के अंतर्गत पात्र कर्मचारियों को इसका लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून की अधिसूचना तथा मुख्य सचिव के पत्र में स्पष्ट उल्लेख है कि 15 अगस्त 2019 से पूर्व कार्यरत कर्मचारियों को इस कानून का लाभ दिया जाना है। पं. लोकेश शर्मा ने जानकारी दी कि सुशासन दिवस पर जारी सेवा सुरक्षा पोर्टल में सहकारी बैंकों को शामिल किया जाना आवश्यक है, ताकि सभी पात्र कर्मचारियों का डाटा पोर्टल पर अपलोड किया जा सके। साथ ही जो कर्मचारी फिलहाल सेवा सुरक्षा कानून के दायरे में नहीं आते हैं, उन्हें सेवा अवधि पूर्ण होने पर इसका लाभ दिया जाए तथा तब तक सम्मानजनक वेतन प्रदान किया जाए। उन्होंने बताया कि इसी मांग को लेकर पूरे हरियाणा के सभी जिलों में जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के माध्यम से अतिरिक्त मुख्य सचिव, सहकारिता विभाग को ज्ञापन भेजे गए हैं और कर्मचारियों को सकारात्मक समाधान की उम्मीद है।
ये रहे मौजूद
भारतीय मजदूर संघ जिला मंत्री धीरज जाखड़, प्रदीप गौच्छी, जिला अध्यक्ष मुकेश कुमार, पं. लोकेश शर्मा, राहुल अहलावत, सीमा देवी, सिद्धार्थ कौशिक, अरुण दुजाना, सुरेश अहलावत, रीना, दीपक दलाल, युद्धवीर अहलावत, पुष्पा देवी, शकुंतला, जितेन्द्र सिंह, अनूप सिंह, सावित्री देवी, रीतु शर्मा, हरीश, दीपक शर्मा, अशोक गार्ड, सुखबीर चाहर, राकेश गार्ड, देवेन्द्र अहलावत, सीमा शर्मा, नीतू देवी, रेनू, सुन्दर, पूजा गहलोत, अशोक कुमार, पिंकी देशवाल, अमित गुलिया, विजय कुमार।

झज्जर: सात दिनों से कमरे में पड़ी सड़ रही थी लाश
ताला टूटा तो नजारा देखकर सब कोई दिखा हैरान
झज्जर के गांव जाखौदा में बंद पड़े कमरे में मिली युवक की लाश
मृतक के भाई ने मकान मालिक के सामने ताला तुड़वाकर जाने हालात
बहादुरगढ़ में ही किसी कम्पनी में काम करता था मृतक मौहम्म्द कुर्बान
मृतक के भाई मौहम्मद रिजवान ने जताई हत्या की आशंका
सूचना के बाद पुलिस पहुंची मौके पर,फोरेंसिक टीम ने लिए मौके से सबूत
शव के हालात खराब होने की वजह से मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया झज्जर के नागरिक अस्पताल
बिहार के समस्तीपुर जिले के गांव का रहने वाला था मृतक मौहम्मद कुर्बान
पुलिस कर रही है मामले की जांच,पोस्टमार्टम की रिर्पोट आने के बाद सच्चाई सामने आने की कही बात
घटना के बाद से मृतक का साथी अजय मोबाईल फोन बंद कर हुआ फरार

अभिषेक मीणा, डीसी रेवाड़ी।

प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना का लाभ उठाएं कर्मचारी और नियोक्ता: डीसी
योजना से विभिन्न क्षेत्रों में नए रोजगार के बढ़ेंगे अवसर
डीसी अभिषेक मीणा ने दी योजना की जानकारी

रेवाड़ी, 08 जनवरी, अभीतक: केंद्र सरकार द्वारा रोजगार सृजन को बढ़ावा देने तथा उद्योगों को नई दिशा प्रदान करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके तहत युवाओं को अधिक अवसर उपलब्ध होंगे और उद्योगों को कार्यबल सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी। डीसी अभिषेक मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना को लागू किया गया है। विकसित भारत पहल के अनुरूप तैयार की गई यह योजना समावेशी एवं स्थायी रोजगार अवसरों के सृजन में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि यह योजना विभिन्न क्षेत्रों में नए रोजगारों को प्रोत्साहित करेगी तथा विनिर्माण सेक्टर पर विशेष ध्यान केंद्रित करेगी। योजना के दो प्रमुख भाग निर्धारित किए गए हैं।
प्रथम भाग- पहली बार रोजगार प्राप्त करने वाले कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
डीसी ने बताया कि ईपीएफओ में पहली बार पंजीकृत कर्मचारियों को लक्षित करते हुए, इस भाग में एक महीने का ईपीएफ वेतन, अधिकतम 15,000 रुपए दो किस्तों में दिया जाएगा। 1 लाख रुपए तक के वेतन वाले कर्मचारी इसके पात्र होंगे। पहली किस्त 6 महीने की सेवा के बाद और दूसरी किस्त 12 महीने की सेवा और कर्मचारी द्वारा वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूरा करने के बाद देय होगी। बचत की आदत को प्रोत्साहित करने के लिए, प्रोत्साहन राशि का एक हिस्सा एक निश्चित अवधि के लिए बचत साधन या जमा खाते में रखा जाएगा और कर्मचारी बाद में इसे निकाल सकेगा।
दूसरा भाग- नियोक्ताओं को मिलेगा प्रोत्साहन
डीसी मीणा ने बताया कि यह भाग सभी सेक्टर में अतिरिक्त रोजगार सृजन को कवर करेगा, जिसमें विनिर्माण सेक्टर पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। नियोक्ताओं को एक लाख रुपए तक के वेतन वाले कर्मचारियों के लिए प्रोत्साहन राशि मिलेगी। सरकार कम से कम छह महीने तक निरंतर रोजगार वाले प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी के लिए दो वर्षों तक नियोक्ताओं को अधिकतम 3000 रुपए प्रति माह तक का प्रोत्साहन देगी। विनिर्माण सेक्टर के लिए प्रोत्साहन राशि को तीसरे और चैथे वर्ष तक भी बढ़ाया जाएगा। ईपीएफओ के साथ पंजीकृत प्रतिष्ठानों को कम से कम छह महीने के लिए निरंतर आधार पर कम से कम दो अतिरिक्त कर्मचारी (50 से कम कर्मचारियों वाले नियोक्ताओं के लिए) या पांच अतिरिक्त कर्मचारी (50 या अधिक कर्मचारियों वाले नियोक्ताओं के लिए) नियुक्त करने की आवश्यकता होगी।

रेवाड़ी में लगे समाधान शिविर में लोगों की शिकायतें सुनते हुए एडीसी राहुल मोदी।

शिकायतों का मौके पर ही निदान कर आमजन को पहुंचाई जा रही राहत
एडीसी राहुल मोदी ने समाधान शिविर में सुनी आमजन की शिकायतें

रेवाड़ी, 08 जनवरी, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा के निर्देशानुसार गुरुवार को लघु सचिवालय सभागार में आयोजित समाधान शिविर में एडीसी राहुल मोदी ने अन्य अधिकारियों के साथ जिला के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याएं सुनी। उन्होंने नागरिकों की समस्याओं पर सुनवाई करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को तत्काल कार्यवाही करने के निर्देश दिए। जिला स्तरीय समाधान शिविर में आई अधिकांश शिकायतों का मौके पर ही निदान कर दिया गया और शेष पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश संबंधित अधिकारी को दिए गए। गुरुवार को आयोजित समाधान शिविर में गांव बोलनी में गिरदावर द्वारा पैमाइश की रिपोर्ट न देने पर एडीसी मोदी ने डीआरओ को पैमाइश रिपोर्ट प्रार्थी को प्रस्तुत करवाने के निर्देश दिए। शहर के शास्त्री नगर में जोहड़ की सफाई व पक्का करवाने की शिकायत पर एडीसी ने नगर परिषद के अधिकारियों को निर्देश दिए। रेवाड़ी से भाड़ावास रोड पर बने अंडरपास में लाइट लगवाने के लिए नगर परिषद के अधिकारियों को निर्देश दिए गए। झज्जर रोड से बाईपास तक मुख्य सडक की लाइट खराब की शिकायत पर एडीसी ने संबंधित अधिकारियों को लाइट ठीक करने के निर्देश दिए। इसके अलावा समाधान शिविर में नागरिक परिवार पहचान पत्र, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, बिजली, सीवरेज व अवैध कब्जों से संबंधित शिकायतों का संबंधित अधिकारियों को तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए। एडीसी राहुल मोदी ने कहा कि डीसी अभिषेक मीणा के मार्गदर्शन में जिला मुख्यालय व उपमंडल स्तर पर प्रत्येक सोमवार व गुरुवार कार्य दिवस पर सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक लगाए जा रहे समाधान शिविर में लोगों की शिकायतों का समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। इस अवसर पर एसडीएम रेवाड़ी सुरेंद्र कुमार, सीटीएम जितेंद्र कुमार, डीएसपी जोगेंद्र शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियों को लेकर बैठक आज
रेवाड़ी, 08 जनवरी, अभीतक: हर वर्ष की तरह इस बार भी 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह जिला व उपमंडल स्तर पर धूमधाम व गरिमामयी ढंग से मनाया जाएगा। गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियों के संबंध में डीसी अभिषेक मीणा की अध्यक्षता में शुक्रवार, 9 जनवरी को दोपहर 12 बजे सभी विभागाध्यक्षों की बैठक आयोजित होगी। बैठक में सभी विभागाध्यक्षों को उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। नगराधीश जितेंद्र कुमार ने यह जानकारी दी।

रेवाड़ी में सिंगल यूज प्लास्टिक भंडारण करने वाले दुकानदारों के चालान काटते हुए एचएसपीसीबी व नगर परिषद की टीम।

सिंगल यूज प्लास्टिक भंडारण करने वाले दुकानदारों के काटे चालान
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व नगर परिषद की टीम ने संयुक्त रूप से की कार्रवाई

रेवाड़ी, 08 जनवरी, अभीतक: प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व नगर परिषद की टीम ने रेवाड़ी शहर के मुख्य बाजार में सिंगल यूज प्लास्टिक भंडारण करने वाले दुकानदारों के चालान काटे। डीसी अभिषेक मीणा के निर्देशानुसार क्षेत्रीय अधिकारी निपुण गुप्ता की देखरेख में हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने 7 दुकानदारों के 15000 रुपए के चालान किए। वहीं, उन्हें सिंगल यूज प्लास्टिक न बेचने की सख्त हिदायत दी। विभाग की यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। क्षेत्रीय अधिकारी निपुण गुप्ता ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड रेवाड़ी की ओर से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व नगर परिषद कर्मचारियों की संयुक्त टीम ने शहर के मुख्य बाजार में दुकानों पर छापेमारी की। इस दौरान टीम ने 7 दुकानदारों के सिंगल यूज प्लास्टिक के रूप में पॉलीथिन आदि भंडारण करने पर चालान किए व प्लास्टिक सामग्री भी जब्त की। उन्होंने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) व नगर परिषद की टीम ने वर्ष 2025 में कुल 273500 रुपए के 254 चालान किए जा चुके हैं। उनकी यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। क्षेत्रीय अधिकारी श्री गुप्ता ने बताया कि सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग से न केवल पर्यावरण को नुकसान हो रहा है अपितु कई प्रकार की बीमारियां पनप रही हैं। इसके चलते सरकार ने सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण रूप से बैन लगाया है। प्लास्टिक का प्रयोग मानव व पर्यावरण के लिए काफी हानिकारक है इसलिए प्लास्टिक की जगह कपड़े, कागज और जुट से बने थैलों का इस्तेमाल करें। जब भी बाजार में कोई वस्तु खरीदने जाए तो अपने साथ कपड़े का थैला लेकर जाएं जिससे की आपको प्लास्टिक की थैलियों में सामान न लाना पड़े। दुकानदार से सामान खरीदते समय उससे कपड़े या कागज से बने थैलों में ही समान लें। खाने की वस्तुओं के लिए स्टील या फिर मिट्टी के बर्तनों को प्राथमिकता दें।

रेवाड़ी में मेडिटेशन प्रक्रिया में भागीदार बनते कर्मचारीगण।

मेडिटेशन को दिनचर्या का बनाएं हिस्सा
लघु सचिवालय में मेडिटेशन का कराया अभ्यास

रेवाड़ी, 08 जनवरी, अभीतक: लघु सचिवालय सभागार में गुरुवार को विभिन्न विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों को आर्ट ऑफ लिविंग संस्था के सदस्यों ने ध्यान एवं योग क्रिया का अभ्यास करवाया। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों व कर्मचारियों को प्राणायाम और मेडिटेशन को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। आर्ट ऑफ लिविंग के सदस्य सुमन यादव व कौशल ग्रेवाल सहित अन्य सदस्यों ने उपस्थित अधिकारियों व कर्मचारियों को वार्म अप, प्राणायाम और इसके बाद मेडिटेशन की क्रियाओं का अभ्यास करवाया। उन्होंने बताया कि तन के साथ-साथ मन का भी स्थिर और एकाग्रचित्त होना बहुत आवश्यक है। हमें दैनिक जीवन में प्राणायाम और मेडिटेशन की क्रियाओं का नियमित रूप से अभ्यास करना चाहिए। इस अवसर पर काफी संख्या में अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

ग्रामीणों को नालसा योजनाओं व कानूनी सहायता बारे किया जागरूक
रेवाड़ी, 08 जनवरी, अभीतक: हालसा सदस्य सचिव जगदीप सिंह लोहान व सीजेएम अमित वर्मा के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी द्वारा गुरुवार को गांव मीरपुर, तुर्कियावास, बुढ़ानी, रामगढ़ व फिदेड़ी गांव में जाकर ग्रामीणों को जागरूक किया गया, जिसमें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण व अधिवक्ता पूनम और पीएलवी भगवान दास द्वारा ग्रामीणों को नालसा योजनाओं व कानूनी सहायता बारे जानकारी दी गई। सचिव अमित वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि एडवोकेट पूनम व पीएलवी भगवान दास द्वारा ग्रामीणों को नालसा योजनाएं, महिला अधिकार, बाल अधिकार और वरिष्ठ नागरिक अधिकार नशीली दवाओं, बाल यौन शोषण के बारे में भी जानकारी दी गई। इसके अलावा डीएलएसए से मिलने वाली निशुल्क कानूनी सहायता के बारे में भी ग्रामीणों को विस्तार से जानकारी देते हुए अवगत कराया गया। उन्होंने बताया कि लोगों की सहायता के लिए डीएलएसए द्वारा एक टोल फ्री नंबर 15100 जारी किया गया है। कानूनी मदद के लिए टोल फ्री नंबर का इस्तेमाल कर बच्चे लाभ उठा सकते हैं और लोगों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए। एमडीडी ऑफ इंडिया टीम रेवाड़ी से तुषार शर्मा ने बाल विवाह मुक्त भारत के 100 दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम की जानकारी देते हुए ग्रामीणों को बताया कि 18 से कम उम्र में लड़कियों की शादी बाल अपराध हैं। इस अपराध से बचने के लिए जागरूक होना जरूरी हैं ताकि हम अपने बच्चों को भविष्य बनाने में मददगार बन सकें। इस अवसर पर बाल विवाह मुक्त भारत की शपथ भी करवाई गई।

एसडीएम बावल मनोज कुमार ने समाधान शिविर में सुनी समस्याएं
बावल, 08 जनवरी, अभीतक: बावल में उपमंडल स्तर पर गुरुवार को आयोजित किए गए समाधान शिविर में एसडीएम मनोज कुमार ने समाधान शिविर में लोगों की शिकायतों को सुना और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को उनका समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समाधान शिविर में बावल शहर के वार्ड नंबर 7 में नए खंभे व नई केबल लगाने बारे शिकायत पर एसडीएम ने बिजली विभाग के अधिकारियों को उचित कार्यवाही करते हुए समाधान करने के निर्देश दिए। अनापत्ति प्रमाण पत्र बारे शिकायत पर एसडीएम ने संबंधित अधिकारियों को कार्यवाही करने के निर्देश दिए। एसडीएम ने बताया कि जनता व प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित करते हुए लोगों की समस्याओं का निवारण व सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से अवगत करवाने के लिए उपमंडल स्तर पर प्रत्येक सोमवार व गुरुवार को समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
गणतंत्र दिवस की तैयारियों के संबंध में अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश
एसडीएम मनोज कुमार ने उपमंडल स्तर पर आयोजित होने वाले गणतंत्र दिवस की तैयारियों के संबंध में अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने गणतंत्र दिवस की तैयारियों के लिए अधिकारियों को उचित प्रबंध करने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

रेवाड़ी पीएम श्री राकवमावि में लगे एनएसएस शिविर में विचार रखते डीईईओ प्रदीप दहिया।

पीएम श्री रा.क.व.मा.वि. रेवाड़ी में एनएसएस का सात दिवसीय शिविर
डीईईओ प्रदीप दहिया ने किया स्वयं सेवकों को प्रेरित

रेवाड़ी, 08 जनवरी, अभीतक: पीएम श्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रेवाड़ी में आयोजित किए गए एनएसएस के सात दिवसीय विशेष शिविर में स्वयं सेवकों को नोट मी बट यू का सार्थक संदेश दिया गया। शिविर में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी प्रदीप दहिया ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयंसेवकों को प्रोत्साहित किया। शिविर में जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी दिनेश कुमार व कार्यवाहक प्राचार्या डॉ. ज्योत्स्ना यादव विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी प्रदीप दहिया ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि बेटियां दो परिवारों को संवारने का सामर्थ्य रखती हैं। आज देश की बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़कर न केवल अपना बल्कि राष्ट्र का भी नाम रोशन कर रही हैं। उन्होंने युवाओं से समाज सेवा को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर एनएसएस के मूल मंत्रकृनिस्वार्थ भाव से समाज और राष्ट्र की सेवा (स्वयं से पहले समुदाय) को आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया गया। शिविर में रावमावि संगवाडी की कार्यवाहक प्राचार्या डॉ. ज्योत्स्ना यादव ने स्वयं सेविकाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि इस प्रकार के शिविर व्यक्तित्व विकास में सहभागी होते हैं। उन्होंने कहा कि एनएसएस शिविर के माध्यम से बेटियां यहां शैक्षणिक पद्धति के साथ ही परोपकारी भावना के साथ एक दूसरे के सहयोगी बनते हुए जीवन में आहे बढ़ने का संदेश ले रही हैं। उन्होंने बेटियों को संस्मरण सुनाते हुए एनएसएस के उद्देश्य से अवगत कराया। इस अवसर पर विद्यालय की कार्यवाहक प्राचार्या मोनिका यादव ने अतिथिगण का स्वागत किया और बताया कि सात दिवसीय एनएसएस शिविर का शुक्रवार को समापन होगा। शिविर में प्रवक्ता पूनम यादव, अनिल यादव, निपुण कॉर्डिनेटर चरण सिंह सहित अन्य शिक्षाविद मौजूद रहे।

आउट ऑफ स्कूल बच्चों के लिए ग्राउंड स्तर पर करें सर्वे: एडीसी
एडीसी राहुल मोदी ने आउट ऑफ स्कूल बच्चों के लिए करवाए जा रहे सर्वे को लेकर की बैठक

रेवाड़ी, 08 जनवरी, अभीतक: एडीसी राहुल मोदी ने कहा कि जिला में आउट ऑफ स्कूल बच्चों के लिए विशेष सर्वे अभियान चलाया जा रहा है ताकि इन बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। एडीसी राहुल मोदी ने गुरुवार को लघु सचिवालय सभागार में ऑउट ऑफ स्कूल बच्चों के करवाए जा रहे सर्वे को लेकर शिक्षा विभाग तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। एडीसी राहुल मोदी ने कहा कि आउट ऑफ स्कूल बच्चों के लिए ग्राउंड स्तर पर कार्य किया जाए। जिला में संचालित ईंट-भऋड्ढों, छोटी व बड़ी औद्योगिक इकाइयों के एरिया में जा कर इन बच्चों की पहचान करें, ताकि इन बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि खंड शिक्षा अधिकारी इससे संबंधित रिपोर्ट पूरी सुनिश्चित करके भेजे। इस कार्य में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने आउट ऑफ स्कूल बच्चों के सर्वे के कार्य में संबंधित विभागों से सहयोग करने के लिए भी कहा, ताकि सर्वे में बेहतर तरीके से हो सके। एडीसी ने बताया कि आउट ऑफ स्कूल बच्चों के सर्वागीण विकास के लिए शैक्षणिक वर्ष 2026-27 में विशेष ट्रेनिंग सेंटर पर शिक्षा वालंटियर द्वारा पढ़ाई करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि विद्यालय, खंड तथा जिला स्तर पर किये जाने सर्वे कार्य की गाइडलाइन जारी की गई है। उन्होंने कहा कि आउट ऑफ स्कूल बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सभी अपनी भूमिका को पूरी लगन से निभाए। उन्होंने बताया कि समग्र शिक्षा के एपीसी कृष्ण, उप अधीक्षक प्रदीप कुमार के मोबाइल नंबर 9416417326 तथा 8901922300 पर किसी भी आउट ऑफ स्कूल बच्चों की जानकारी देने के लिए कोई भी शिक्षक या अभिभावक सम्पर्क कर सकते हैं। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी बिजेंद्र हुड्डा, डीएफएससी डा. अशोक रावत, श्रमिक विभाग से पवन सहित खंड शिक्षा अधिकारी, प्राचार्य और शिक्षक सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
आउट ऑफ स्कूल बच्चों के लिए करवाए जा रहे सर्वे अभियान की समीक्षा बैठक करते हुए एडीसी राहुल मोदी।

कसौली मामले में हरियाणा बीजेपी अध्यक्ष मोहनलाल बडौली को मिली क्लीन चीट’
कसौली अदालत ने एफआईआर को रद्द करने के दिए आदेश’
पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट पर अदालत ने सुनाया फैसला’
कसौली कोर्ट से दूसरी बार हरियाणा बीजेपी अध्यक्ष मोहनलाल बडोली को मिली बड़ी राहत’

विश्व हिंदी दिवस पर विशेष कविता’
हिंदी: हृदय की भाषा से विश्व की भाषा
हिंदी भारत का स्वाभिमान है,
भाषा नहीं, यह प्राण है,
संस्कृत की पावन धाराओं का,
जीवित एक प्रमाण है।
गांधी के श्हृदयश् की वाणी,
जन-जन का आधार बनी,
संविधान के पन्नों में यह,
राजभाषा का हार बनी।
पंत, गुप्त और दिनकर ने,
इसके गौरव को गाया है,
सुभाष की हुंकारों ने,
इसे एकता का सूत्र बनाया है।
अंबेडकर का स्वप्न यही कि,
शिक्षा का यह आधार बने,
हर भारतीय के मानस में,
उन्नति का यह द्वार बने।
प्रिंट के पुराने तटबंधों को,
इसने आज ढहाया है,
गूगल और सोशल मीडिया पर,
अपना परचम लहराया है।
अब संपादकों की मर्जी का,
कोई लेखक मोहताज नहीं है,
फेसबुक और व्हाट्सएप पर,
कोई हिंदी सा जांबाज नहीं है।
कीबोर्ड पर थिरक रही हैं,
देवनागरी की उंगलियाँ,
विश्व मंच पर खिल रही हैं,
हिंदी की नई कलियाँ।
पर मन आज भी क्षुब्ध है मेरा,
देख कचहरी-दफ्तर को,
अंग्रेजी की बेड़ियाँ काटें,
निज भाषा के स्वर को।
विश्व पटल पर तीसरी शक्ति,
बनकर यह उभर रही,
बाजार और तकनीक भी अब,
इसके आगे ठहर रही।
श्निज भाषाश् की उन्नति ही,
सब उन्नति का मूल है,
हिंदी बिन हर ज्ञान अधूरा,
हिंदी बिन सब धूल है।
मनोज वशिष्ठ
शिक्षाविद, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रेवाड़ी, हरियाणा

विश्व हिंदी दिवस विशेष
वैश्विक क्षितिज पर हिंदी का बढ़ता वर्चस्व
प्रस्तावना: आत्मा की अभिव्यक्ति
सम्माननीय हिंदी प्रेमियों, जैसाकि कहा गया है। भाषा राष्ट्रीय शरीर की आत्मा है। अतः हिंदी हमारे भारत की राष्ट्रीय संस्कृति की आत्मा है। हमें गर्व है कि हम भारतीय हैं और हमें गर्व है अपनी मातृभाषा हिंदी पर। हिंदी के उन्नयन की दिशा में कार्य करने के लिए हम सभी को प्रयास करने की आवश्यकता है। हिंदी एक प्राचीन भाषा है और संस्कृत की उन धाराओं में से एक है जो आज भी जीवित है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के विचार, कि हृदय की कोई भाषा नहीं है, हृदय-हृदय से बातचीत करता है और हिंदी हृदय की भाषा है, हिंदी दिवस के उपलक्ष में बहुत प्रासंगिक हैं क्योंकि हिंदी भाषा हमारे सम्मान, स्वाभिमान, शान और गर्व की भाषा है।
हिंदी का भविष्य और सांस्कृतिक पहचान
हिंदी दिवस हमें हिंदी भाषा के संरक्षण और प्रचार-प्रसार के लिए प्रेरित करता है।ष् ष्हिंदी का भविष्य उज्ज्वल है, और हमें इसे बढ़ावा देने के लिए काम करना चाहिए।ष् इस बात से यह स्पष्ट होता है कि हिंदी भाषा न केवल हमारी मातृभाषा है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, समाज और देश की पहचान भी है। हिंदी दिवस हमें इसकी महत्ता को समझने और इसके प्रति सम्मान प्रकट करने का अवसर प्रदान करता है। आज भारत में हिंदी साहित्य की भाषा है, सिनेमा की भाषा है, मनोरंजन की भाषा है। ये हम सभी जानते है, लेकिन इसके पीछे का कारण ये है कि हिंदी सिर्फ भाषा ही नहीं, हमारी भावना भी है। ये हमारी आत्मा का हिस्सा है, और हमारी पहचान है। भारत, विविधताओ का देश है, जहां जितनी संस्कृतियां है, उतनी भाषाएं हैं और उतनी ही बोलिया बोली जाती हैं। इसलिए, हमारा देश भाषाओं का गढ़ है। भारत में लगभग 20,000 भाषाएं बोली जाती हैं। प्रत्येक भाषा की अपनी खासियत और खूबसूरती है, अपनी मधुरता है। भारत देश को एकता के सूत्र में पिरोने वाली हिंदी को राजभाषा का गौरव प्राप्त है। हिंदी भाषा के प्रयोग को बढ़ावा देने और इसके महत्व से भारतीयों को अवगत कराने के लिए हर वर्ष 1 से 15 सितंबर तक हिंदी पखवाड़े का आयोजन भी किया जाता है। हम सब जानते हैं कि हिंदी भाषा विश्व में तीसरी सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा है।
भावनात्मक एकता का सूत्र
हिंदी महज भाषा नहीं बल्कि यह हमको रचती है… आशुतोष जी की यह पंक्ति हिंदी भाषा पर सटीक बैठती है। हिंदी को मन की भाषा कहा जाता है, यह मन के बंद ताले को खोल सकती है। हमारी आत्मा और ज्ञान का पथ खोल सकती है। यह महज भाषा नहीं बल्कि भारतीयों को एकता के सूत्र में पिरोती है। यह विश्वभर में बसे भारतीयों को भावनात्मक रूप से एक साथ जोड़ने का काम करती है।
संवैधानिक यात्रा और ऐतिहासिक संघर्ष
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 343 के अंतर्गत 14 सितम्बर, 1949 को हिंदी भाषा को भारत की राजभाषा घोषित किया गया है। तदोपरांत 14 सितंबर 1953 में राष्ट्रभाषा प्रचार समिति की सिफारिश पर प्रत्येक वर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाने लगा है। हिंदी और भारतीय संविधान के परिपेक्ष्य में बी.एन. राव ने कहा कि “भारत के नए संविधान के निर्माण में सबसे कठिन समस्याओं में से एक, भाषाई प्रांतों की मांग और समान प्रकृति की अन्य मांगों को पूरा करना होगा”। इस मुद्दे ने संविधान सभा को उसके तीन साल के जीवनकाल तक परेशान किया। भारत का संविधान राष्ट्रभाषा के मुद्दे पर मौन है। इस प्रकार, हिंदी भारत की क्षेत्रीय भाषाओं में से एक है, न कि हमारी राष्ट्रीय भाषा। अभी तक विश्व के अनेक देशों में राजभाषा स्वीकृत नहीं हुई है। इसी तरह राष्ट्रभाषा का भी मामला अनेक देशों में लंबित है। भारत के संदर्भ में राजभाषा हिंदी को संविधान लागू होने से पहले स्वीकृत किया गया था। यह एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण घटना है। भारतीय संविधान 26 जनवरी 1950 को स्वीकृत किया गया जबकि राजभाषा हिंदी को 14 सितंबर 1949 को स्वीकार किया गया था। यह भाषा सम्बन्धित मामला भारत जैसे बहुभाषिक देश में अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। जिस तरह एक देश, एक ध्वज, एक राष्ट्र गीत एवं एक राष्ट्र भाषा की संकल्पना को विश्व में स्वीकार किया जाता है उसी तरह हमारे देश में राष्ट्रीय स्वाभिमान के प्रतीकों का सम्मान करना चाहिए।
महापुरुषों की दृष्टि में हिंदी
सुमित्रानंदन पंत जी ने मातृभाषा हिंदी भाषा के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि हिंदी हमारे राष्ट्र की अभिव्यक्ति का सरलतम स्रोत है और हिंदी ही भारत की राष्ट्रभाषा हो सकती हैष्। उन्होंने कहारू
“मैं कुंजी कहता हिंदी को खुलता जिससे सामूहिक मन,
क्षेत्रवृति से उठकर ही हम कर सकते जन राष्ट्र संगठन।
मैथिलीशरण गुप्त जी ने भी मातृभाषा हिंदी के महत्व के बारे में कुछ यूं बयां कियाः
ष्है भव्य भारत ही हमारी मातृभूमि हरी भरी।
हिन्दी हमारी राष्ट्रभाषा और लिपि है नागरी
मानस भवन में आर्यजन जिसकी उतारें आरती।
भगवान भारतवर्ष में गूंजे हमारी भारती
रामधारी सिंह दिनकर जी की हिंदी भाषा के महत्व के बारे में कुछ यादगार पंक्तियाँ इस प्रकार हैं:
हिंदी हमारी मातृभाषा, हिंदी भारत की अभिलाषा
नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने हिंदी को राष्ट्रीय एकता की आवश्यक शर्त बताते हुए हुंकार भरी
यदि हम लोगों ने तन मन धन से प्रयत्न किया तो वह दिन दूर नहीं है जब भारत स्वाधीन होगा और उसकी राष्ट्रभाषा होगी -हिंदी।
डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के अनुसार
“हिंदी को ऊंची से ऊंची शिक्षा का माध्यम होना चाहिए”
तकनीक और डिजिटल माध्यमों में हिंदी का उदय
जैसा कि सर्वविदित है कि भारतीय संविधान सभा ने 14 सितंबर 1949 को हिंदी को राजभाषा के रूप में स्वीकृति दी थी। 21वीं सदी के पहले दशक में ही गूगल न्यूज, गूगल ट्रांसलेट तथा ऑनलाइन फोनेटिक टाइपिंग जैसे साधनों ने वेब की दुनिया में हिंदी के विकास में महत्त्वपूर्ण सहायता की। हिंदी की पकड़ इंटरनेट पर दिन-प्रतिदिन मजबूत हो रही है जिससे निश्चय ही हिंदी का भविष्य उज्ज्वल है!
सामाजिक संचार माध्यम अर्थात सोशल मीडिया, डिजिटल मीडिया और तकनीकी विकास, इंटरनेट और डिजिटल प्लेटफार्मों पर हिंदी सामग्री का बढ़ता प्रचार-प्रसार इसे एक महत्वपूर्ण भाषा बनाता है। सोशल मीडिया, ब्लॉग, और ऑनलाइन समाचारों में हिंदी की उपस्थिति में लगातार वृद्धि हो रही है। हिंदी का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्व न केवल इसकी व्यापकता में है, बल्कि इसके माध्यम से सांस्कृतिक, आर्थिक, और सामाजिक संवाद को बढ़ावा देने में भी है। यह भारतीय पहचान और संस्कृति को वैश्विक स्तर पर फैलाने का एक महत्वपूर्ण साधन है, जिससे हिंदी एक प्रभावी और जीवंत भाषा बनती जा रही है।
सोशल मीडिया: एक लोकतांत्रिक मंच
इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में भी सोशल मीडिया ने हिंदी भाषा व साहित्य के विकास में जिस क्रांतिकारी भूमिका का निर्वहन पिछले लगभग एक दशक में किया है उसने सबको विशेषतः परंपरागत प्रिंट मीडिया के पक्षधरों को अचंभित कर दिया है। जहां आज सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसिद्धि प्राप्त कर चुके नवोदित लेखक हिंदी साहित्य की मुख्यधारा में प्रवेश कर रहे हैं वहीं स्थापित हिंदी साहित्यकार भी सोशल मीडिया को माध्यम बनाकर अधिक से अधिक पाठकों तक अपनी पहुंच बना रहे हैं।
सोशल मीडिया के आगमन का सबसे सकारात्मक प्रभाव यह रहा है कि अब समाचार पत्र व पत्र पत्रिकाओं के संपादकों की कृपा दृष्टि की आवश्यकता नहीं और न ही उनकी लेखन दृष्टि का अनुसरण कर लिखने की द्य पारंपरिक मीडिया में अक्सर ऐसा होता था कि अगर किसी पत्रिका का संपादक एक विशेष धर्म-जाति, राजनीतिक दल, विचारधारा, लेखन-शैली या साहित्य-विधा के प्रति अधिक मोह रखता था तो वह पत्रिका में उन्हीं लेखकों की रचनाओं को शामिल करता था जो उसकी विचारधारा के अनुकूल होते थे परंतु सोशल मीडिया ने संपादकों की इस तानाशाही प्रवृत्ति को नकारा है।
तकनीकी समाधान और हिंदी की चमक
फेसबुक, वाट्सएप और ट्विटर जैसे सोशल मीडिया के लोकप्रिय प्लेटफार्म हों या फिर ब्लाग, वेबसाइट अथवा वेब पोर्टल, इंटरनेट के हर कोने में हिंदी चमक रही है। स्मार्टफोन के आने से लोगों की जीवन शैली में बहुत बदलाव आया, ढेरों ऐसे कीबोर्ड ऐप आ चुके हैं जो देवनागरी हिंदी लेखन को बढ़ावा देने में सहायक हैं। हिंदी लंबे समय तक फॉंट की समस्या से जूझती रही, लेकिन बढ़ती जरूरत के बीच हिंदी गूगल इनपुट, यूनीकोड और मंगल जैसे फॉंट के विकास ने हिंदी को नया जीवन प्रदान किया। आज के समय में इंटरनेट पर हिंदी साहित्य प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है।
आरंभिक दौर में प्रिंट मीडिया ने इस भूमिका का बखूबी निर्वहन किया द्य आज भी किसी भाषा को समुन्नत करने में मीडिया की भूमिका सर्वोपरि है परंतु आज प्रिंट मीडिया को कहीं पीछे छोड़ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया इस दिशा में काफी आगे बढ़ चुका है। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ने अन्य भाषाओं की भांति हिंदी के प्रचार-प्रसार व समुन्नयन में महती भूमिका निभाई है। यह ऐतिहासिक सत्य है कि जब भी कोई भाषा पुराने तटबंधो को तोड़कर नये क्षेत्र में प्रवेश करती है तो शुद्धतावादी तत्व उससे चिंतित हो जाते हैं।
थ्हंदी: स्वीकार्यता का राजमार्ग
सच तो यह है कि हिंदी इस समय स्वीकार्यता के राजमार्ग पर सरपट दौड़ रही है और हिंदी अश्वमेध के घोड़ों को रोक पाना किसी के बस में नहीं है। सोशल मीडिया इस दौड़ को और गतिशील बना रहा है। आज का सच यह है कि जिस तरह हिंदी को अपने प्रसार के लिए मीडिया की जरूरत है उसी तरह मीडिया को अपने विस्तार के लिए हिंदी की आवश्यकता हैं।
एक कटु सत्य और चिंतन की आवश्यकता
लेकिन क्षुब्द मन से कहना पड़ रहा है कि हम हिंदी दिवस तो हर वर्ष मना रहे हैं लेकिन हमारे सभी प्रशासनिक, सरकारी कार्यालयों, न्यायालयों में लगभग सभी कार्य अंग्रेजी भाषा में किये जा रहे हैं जो कि भारतीय संस्कृति की आत्मा पर कुठाराघात है। अतः राष्ट्रीय स्तर पर चिंतन का विषय है।
हिंदी दिवस की पुनीत बेला पर मैं भारतेंदु हरिश्चंद्र की शाश्वत पंक्तियां उद्धृत करना चाहूंगा:-
निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल
बिन निज भाषा-ज्ञान के, मिटत न हिय को सूल।
उपसंहाररू वैश्विक क्षितिज पर हिंदी
हिंदी की संवैधानिक स्थिति भारतीय संघ की एकता और अखंडता को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। संविधान में हिंदी को संघ की राजभाषा के रूप में मान्यता दी गई है, और इसके विकास और प्रचार-प्रसार के लिए विभिन्न प्रावधान किए गए हैं। हालांकि, भाषायी विविधता के कारण कुछ चुनौतियाँ भी हैं, जिन्हें संतुलित नीति और जनजागरूकता के माध्यम से सुलझाया जा सकता है। आज वैश्वीकरण के दौर में हिंदी का महत्व और भी बढ़ गया है। हिंदी विश्व स्तर पर एक प्रभावशाली भाषा बनकर उभरी है। आज विदेशों में अनेक विश्वविद्यालयों में हिंदी पढ़ाई जा रही है। ज्ञान-विज्ञान की पुस्तकें बड़े पैमाने पर हिंदी में लिखी जा रही हैं। सोशल मीडिया और संचार माध्यमों में हिंदी का प्रयोग निरंतर बढ़ रहा है। निश्चय ही हिंदी का भविष्य उज्ज्वल है। विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर हम संकल्प लें कि हम हिंदी को केवल दिवसों तक सीमित न रखकर अपने दैनिक जीवन, तकनीक और कार्यक्षेत्र की मुख्य भाषा बनाएंगे।
मनोज वशिष्ठ
शिक्षाविद
राजकीय बाल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, रेवाड़ी

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