Haryana Abhitak News 05/02/26

झज्जर में बाल श्रम के खिलाफ अभियान, 3 बच्चों का रेस्क्यू
डीएलएसए के निर्देश पर चला संयुक्त अभियान, परिजनों को शिक्षा से जोड़ने के निर्देश

झज्जर, 05 फरवरी, अभीतक: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर के सचिव एवं सीजेएम श्री विशाल के आदेश अनुसार मानव तस्करी विरोधी इकाई (एएचटीयू), श्रम विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई तथा एमडीडी आफ इंडिया संस्था ने मिलकर झज्जर शहर से बाल श्रम करते हुए 3 बच्चों को रेस्क्यू करवाकर बाल कल्याण समिति में पेश किया गया ताकि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। इस अभियान के तहत आज जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर,से पैनल अधिवक्ता विक्रम, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट से सहायक उपनिरीक्षक जगबीर, सहायक उपनिरीक्षक संदीप कुमार, पवन कुमार, श्रम विभाग से लेबर इंस्पेक्टर सुनीता कुमारी, जिला बाल संरक्षण इकाई से सुनीता कुमारी,एम डी डी आफ इंडिया संस्था से जिला समन्वयक मनोज कुमार, सामुदायिक सामाजिक कार्यकर्ता संदीप शामिल रहे। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर से पैरा लीगल वालंटियर कर्मजीत छिल्लर ने कहा कि बाल श्रम रोकने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर गांव गांव शहर शहर में जागरूकता अभियान चला रही है। बाल श्रम निषेध एवं संशोधन अधिनियम के तहत यदि कोई भी व्यक्ति छोटे बच्चों से बाल श्रम करवा रहा है तो बाल श्रम की गतिविधी में शामिल व्यक्ति के खिलाफ 20 हजार से ₹50 हजार तक की राशि का जुर्माना व 6 महीने की सजा का प्रावधान है मुक्त करवाए गए बच्चों की आयु 13 साल से 15साल के बीच है इनके परिवार युपी, बिहार के रहने वाले हैं और यहां मजदूरी करने आए हैं। यह बच्चे भी गरीबी और अनपढ़ता के चलते बाल श्रम कर रहे थे। बच्चों का कहना है कि वह भी पढ़ना चाहते हैं लेकिन परिवार की आर्थिक हालात के चलते नहीं पढ़ पा रहे। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर के पैनल अधिवक्ता विक्रम ने कहा कि वह अलग अलग विभागों और संस्थाओं के साथ मिलकर बाल श्रम और बाल भिक्षावृत्ति मुक्त अभियान के तहत जागरूकता अभियान चला रहे हैं तथा और दुकानदारो, फैक्ट्री मालिकों से अपील की जा रही है कि वह किसी भी बच्चे को काम पर लगाने की बजाय उन्हें स्कूल भेजे तथा सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं। इसलिए जो दुकानदार व फैक्ट्री मालिक बच्चो से बाल श्रम करवा रहे हैं उन पर कार्यवाही करके बच्चो को बाल श्रम व बाल भिक्षावृत्ति से मुक्त करवाकर उन्हें मुख्या धारा से जोड़ने की कोशिश कर रहे है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर के सचिव एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री विशाल के निर्देशानुसार जिले में बाल श्रम उन्मूलन को लेकर विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान का नेतृत्व डीएलएसए पैनल अधिवक्ता विक्रम सिंह ने किया। अभियान के दौरान झज्जर शहर के विभिन्न क्षेत्रों से 18 वर्ष से कम आयु के तीन बच्चों को बाल श्रम करते हुए रेस्क्यू किया गया। रेस्क्यू के बाद बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां उनकी आवश्यक जांच एवं काउंसलिंग कराई गई। प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत बच्चों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। इस दौरान परिजनों को बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 की विस्तृत जानकारी दी गई तथा बच्चों को नियमित शिक्षा से जोड़ने के स्पष्ट निर्देश दिए गए। वहीं, बाल श्रम कराने वाले व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई के आदेश भी जारी किए गए। अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बाल श्रम एवं भिक्षावृत्ति में संलिप्त बच्चों का रेस्क्यू कर उनका पुनर्वास सुनिश्चित करना और उन्हें समाज की मुख्यधारा की शिक्षा प्रणाली से जोड़ना है। डीएलएसए झज्जर द्वारा इस दिशा में निरंतर सक्रिय प्रयास किए जा रहे हैं। इस संयुक्त अभियान में जिला बाल संरक्षण इकाई, श्रम विभाग झज्जर, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट, स्पेशल जुवेनाइल पुलिस यूनिट, बाल कल्याण समिति झज्जर, जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग तथा एमडीडी ऑफ इंडिया (एनजीओ) का सराहनीय सहयोग रहा।

प्रतिभा मंथन से निखर रही विद्यार्थियों की प्रतिभा, सही करियर चयन को मिल रही दिशा: डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल
झज्जर, 05 फरवरी, अभीतक: उपायुक्त श्री स्वप्निल रविंद्र पाटिल की अध्यक्षता में कैंप कार्यालय में प्रतिभा मंथन कार्यक्रम की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के स्कूलों में चल रहे इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक अभियान की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई तथा विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने के लिए इसे और प्रभावी बनाने पर बल दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि प्रतिभा मंथन कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को उनके कौशल, रुचि और क्षमता के अनुरूप सही करियर चुनने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करना है। उन्होंने अधिकारियों व शिक्षकों को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों की प्रतिभा को प्रारंभिक स्तर पर पहचानकर उन्हें उचित दिशा देने का कार्य पूरी गंभीरता से किया जाए, ताकि वे भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकें। बैठक में बताया गया कि पिछले तीन वर्षों से जिले में यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत झज्जर जिला के 177 स्कूलों को जोड़ा गया है, जबकि 177 स्कूलों के प्रिंसिपल और लगभग 340 शिक्षक सक्रिय रूप से इस पहल में योगदान दे रहे हैं। इस कार्यक्रम में अब तक करीब 17 हजार विद्यार्थी जुड़ चुके है, जिससे वे अपनी रुचि के अनुसार करियर विकल्पों के प्रति जागरूक हो रहे हैं। उपायुक्त पाटिल ने कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों की व्यक्तिगत क्षमताओं को पहचानकर उन्हें सही अवसर उपलब्ध कराना भी उतना ही आवश्यक है। प्रतिभा मंथन जैसे प्रयास विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें लक्ष्य निर्धारित करने में भी सहायक सिद्ध हो रहे हैं। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों का नियमित मार्गदर्शन करें और अभिभावकों को भी इस प्रक्रिया में शामिल करें, ताकि बच्चों के करियर से जुड़े निर्णय सोच-समझकर लिए जा सकें। बैठक के दौरान कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन, करियर काउंसलिंग सत्रों के विस्तार तथा अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक इस पहल को पहुंचाने पर भी विचार-विमर्श किया गया। प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले का प्रत्येक विद्यार्थी अपनी प्रतिभा के अनुरूप आगे बढ़े और सफलता की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करे। इस अवसर पर सीएमजीजीए खुशी कौशल, जिला शिक्षा अधिकारी रतिंद्र सिंह, मुजतबा, परनीता आमरीन, सभी खंड शिक्षा अधिकारी उपस्थित रहे।

महाविद्यालय बिरोहड़ की छात्रा ललिता कुमारी ने नेट परीक्षा पास की
झज्जर, 05 फरवरी, अभीतक: राजकीय महाविद्यालय बिरोहड़ की एमए, इतिहास विभाग की छात्रा ललिता कुमारी पिता श्री नरेंद्र कुमार गांव बिरोहड़ निवासी, ने पीजी की पढ़ाई के दौरान पीएच.डी. हेतु राष्ट्रस्तरीय परीक्षा उत्तीर्ण कर महाविद्यालय का नाम रोशन किया है। साथ ही उन्होंने असिस्टेंट प्रोफेसर हेतु राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा भी उत्तीर्ण की है। महाविद्यालय प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ0) सतवीर सिंह ने ललित को नेट परीक्षा पास करने पर बधाई दी व छात्रों को इस प्रकार की परीक्षाएं पास करने के लिए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी डॉ. सुरेंद्र सिंह ने ललिता की अभूतपूर्व सफलता के लिए उनको हार्दिक बधाई दी तथा इतिहास विभाग के सभी प्राध्यापको का हार्दिक धन्यवाद किया कि उन्होंने ललित को उचित मार्गदर्शन एवं शिक्षण करके नेट की परीक्षा पास करने में उपयोगी एवं सराहनीय भूमिका अदा की। उन्होंने विद्यार्थियों एवं उनके परिवार वालों को महाविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों को प्रदान की जाने वाली शैक्षणिक सुविधाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर ललित कुमारी ने उपस्थित सभी विद्यार्थियों को प्रेरित किया। उनके साथ उनके ताऊ जी भी उपस्थित रहे। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर महाविद्यालय परिवार द्वारा छात्र को बधाई दी गई तथा उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई. विभागाध्यक्ष श्री जितेन्द्र ने छात्र की शैक्षणिक यात्रा का उल्लेख करते हुए उसके निरंतर परिश्रम, लगन और कठिन प्रयासों की सराहना की तथा अन्य विद्यार्थियों को उससे प्रेरणा लेने का संदेश दिया। कार्यक्रम में विभाग के अन्य सदस्य डॉ. सुरेंद्र सिंह, डॉ. राजपाल गुलिया एवं डॉ. अजय कुमार, डॉ. नरेंद्र कुमार, डॉ. अजय भी उपस्थित रहे।

गांव अच्छेज के जलघर का निरीक्षण करती एसडीएम रेणुका नांदल।

ग्रामीणों को स्वच्छ और नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करें: एसडीएम’
एसडीएम रेणुका नांदल ने गांव अच्छेज के जलघर व सड़क निर्माण कार्य का किया निरीक्षण

बेरी, 05 फरवरी, अभीतक:एसडीएम रेणुका नांदल ने शुक्रवार को निकटवर्ती गांव अच्छेज का दौरा कर वहां स्थित जलघर का निरीक्षण किया और पेयजल आपूर्ति व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पब्लिक हेल्थ विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि ग्रामीणों को स्वच्छ और नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जलघर की मशीनरी, पानी की स्टोरेज क्षमता और वितरण व्यवस्था की भी जानकारी ली तथा किसी भी प्रकार की तकनीकी खामी को समय रहते दूर करने के निर्देश दिए। इसके उपरांत एसडीएम ने गांव पहाड़ीपुर – अच्छेज से गोधड़ी- छुछकवास तक बन रहे सड़क निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच की और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क निर्माण में मानकों का पूरा ध्यान रखा जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ सीधे आम लोगों तक पहुंचे, इसके लिए सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ काम करें। इस दौरान जन स्वास्थ्य विभाग से एसडीओ वीरेंद्र सिंह, पटवारी पवन कुमार सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

बेरी निगम कार्यालय में आज लगेगी बिजली अदालत
बेरी, 05 फरवरी, अभीतक: बिजली निगम डिवीजन बेरी के उपभोक्ताओं की बिजली से संबंधित शिकायतों के निवारण के लिए आज (06 फरवरी, शुक्रवार) को बिजली अदालत और उपभोक्ता कष्ट निवारण फोरम की बैठक की आयोजित की जाएगी। प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि बैठक उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएनएल) के बेरी कार्यालय में सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक आयोजित होगी। उन्होंने बताया कि बैठक में बिजली उपभोक्ताओं की बिजली बिल, कनेक्शन, लोड संबंधित समस्याओं को सुना जाएगा और उनका मौके पर ही समाधान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कोई उपभोक्ता फैंसले से संतुष्ट नहीं है तो वह अपनी शिकायत अध्यक्ष अभियंता झज्जर के समक्ष रख सकता है।

रामा भारती स्कूल बामडोली में सड़क सुरक्षा, नशा मुक्ति व महिला अपराधों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित’
बहादुरगढ, 05 फरवरी, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉक्टर राजश्री सिंह के दिशा निर्देशन में प्रबंधक थाना यातायात बहादुरगढ़ एवं यातायात प्रबंधक थाना केएमपी की संयुक्त टीम ने रामा भारती सी. सै. स्कूल, बामडोली में सड़क सुरक्षा, नशा मुक्ति तथा महिला अपराधों के विरुद्ध जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को सुरक्षित यातायात, नशे से होने वाले दुष्प्रभावों तथा महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े कानूनों के प्रति जागरूक करना था।इस अवसर पर निरीक्षक सतीश कुमार मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने सड़क सुरक्षा पर बोलते हुए विद्यार्थियों को यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट व सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि थोड़ी सी लापरवाही गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है।नशा मुक्ति विषय पर अपने संबोधन में निरीक्षक सतीश कुमार ने कहा कि नशा युवाओं के भविष्य को अंधकार में धकेल देता है। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने और अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने की अपील की।महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर जानकारी देते हुए उन्होंने महिला सुरक्षा कानूनों, हेल्पलाइन नंबरों एवं शिकायत प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया।

डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल, झज्जर में भावपूर्ण विदाई समारोह, 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों ने दी 12वीं को शुभकामनाएँ
झज्जर, 05 फरवरी, अभीतक: डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल, झज्जर में 05 फरवरी को कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों के सम्मान में भव्य विदाई समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कक्षा 11वीं के विद्यार्थियों द्वारा बड़े ही उत्साह, प्रेम और भावनात्मक माहौल में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत भाषण एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई। 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों ने गीत, नृत्य और मनोरंजक कार्यक्रमों के माध्यम से अपने सीनियर्स के साथ बिताए यादगार पलों को साझा किया। वहीं 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए विद्यालय और शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर कुछ विद्यार्थियों को मुख्य भूमिका के तौर पर चुना गया। जिसमें मिस पर्सनालिटी सुरभि, मिस्टर पर्सनालिटी प्रतीक, मिस्टर डीएवी हिमांशु और मिस डीएवी पारुल को चुना गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य श्रीमान पंकज वालिया ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए आगामी बोर्ड परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएँ दीं और उन्हें मेहनत, अनुशासन तथा आत्मविश्वास के साथ उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी विद्यालय के गौरव हैं और उनका उज्ज्वल भविष्य ही विद्यालय की सबसे बड़ी उपलब्धि है। कार्यक्रम का समापन भावुक विदाई संदेशों एवं शुभकामनाओं के साथ हुआ। इस अवसर पर विद्यालय का समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे और सभी ने 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

झज्जर में आज (06 फरवरी को) उपभोक्ता कष्ट निवारण फोरम की बैठक
झज्जर, 05 फरवरी, अभीतक: उपभोक्ताओं की बिजली संबंधी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) द्वारा कार्यकारी अभियंता कार्यालय में आज (06 फरवरी को) बिजली उपभोक्ता कष्ट निवारण फोरम की बैठक का आयोजन किया जाएगा। सुबह 11 बजे से 01 बजे तक उपभोक्ता कष्ट निवारण फोरम का आयोजन होगा। यह कष्ट निवारण फॉर्म की बैठक फोरम के चेयरमैन एवं बिजली निगम के कार्यकारी अभियंता ऑप्रेशन सर्कल झज्जर की अध्यक्षता में होगी। प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में झज्जर क्षेत्र के बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों को झज्जर कार्यालय में सुना जाएगा। इस दौरान बिजली बिल, कनेक्शन और अन्य तकनीकी समस्याओं से जुड़े परिवादों की सुनवाई की जाएगी।

विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत कर्मचारियों को दिया गया प्रशिक्षण
मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर रहा जोर

झज्जर, 05 फरवरी, अभीतक: आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मद्देनजर जिला प्रशासन द्वारा संवाद भवन, झज्जर में मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य से जुड़े बीएओ एवं सुपरवाइजर्स को जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण कार्य को सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराना रहा। प्रशिक्षण सत्र में जिला के सभी सहायक निर्वाचक पंजीयन अधिकारियों (प्रथम व द्वितीय), बीएलओ सुपरवाइजरों तथा बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) ने भाग लिया। उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन स्वप्निल रविंद्र पाटिल के मार्गदर्शन में 66 झज्जर विधान सभा के निर्वाचक पंजीयन अधिकारी एसडीएम अंकित कुमार चैकसे की अध्यक्षता में निर्वाचन उप तहसीलदार कुलदीप एवं निर्वाचन कानूनगो मनीष ने बीएलओ एवं सुपरवाइजर्स को पुनरीक्षण प्रक्रिया, निर्धारित दिशानिर्देशों तथा कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वे निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी जिम्मेदारी व सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें, ताकि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल हो सके। प्रशिक्षण के दौरान मतदाता सूची के अद्यतन, नए मतदाताओं के पंजीकरण, अपात्र नामों की विलोपन प्रक्रिया तथा आवश्यक प्रपत्रों के सही उपयोग संबंधी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी मार्गदर्शन दिया गया। साथ ही यह भी निर्देश दिए गए कि पुनरीक्षण कार्य के दौरान किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और सभी प्रक्रियाएं निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी की जाएं। जिला निर्वाचन अधिकारी के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को आगामी तिथियों 6 फरवरी व 9 फरवरी को भी जारी रखा जाएगा, ताकि सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रभावी रूप से प्रशिक्षित किया जा सके और पुनरीक्षण कार्य को सफल बनाया जा सके। प्रशिक्षण के दौरान चुनाव कार्यालय के नायब तहसीलदार कुलदीप, कानूनगों मनोज, मनीष, जुनियर प्रोग्रामर अरूण, लिपिक राहुल सहित बीएलओ उपस्थित रहे।

महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में डॉ भीमराव अंबेडकर स्टेडियम में आज खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा शहरी व ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं ने दिखाया खेल प्रतिभा का दम

बहादुरगढ़, 05 फरवरी, अभीतक: महिलाओं के शारीरिक व मानसिक विकास तथा उनके आत्मविश्वास को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विकास विभाग द्वारा बहादुरगढ़ में महिला खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी खेल प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। इस दौरान 100 मीटर, 300 मीटर, 400 मीटर दौड़, साइकिल रेस, डिस्कस थ्रो तथा म्यूजिकल चेयर जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। विभाग की ओर से बताया गया कि यह आयोजन महिलाओं के विकास और उनके मनोबल को बढ़ाने की दिशा में एक सराहनीय पहल है। खेल प्रतियोगिताओं को दो आयु वर्गों में आयोजित किया गया, जिसमें 18 से 30 वर्ष तथा 30 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को शामिल किया गया। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली प्रतिभागियों को 2100 रुपये, 1100 रुपये और 750 रुपये की पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया गया। शहरी वर्ग के 300 मीटर दौड़ में मुस्कान प्रथम, शीतल द्वितीय और अस्मिता तृतीय स्थान प्राप्त किया। 400 मीटर दौड़ में भारती, अर्चना और वनिशा विजेता रहीं। ग्रामीण वर्ग-2 में म्यूजिकल चेयर प्रतियोगिता में पूनम प्रथम, कमलेश द्वितीय कृष्णा तृतीया स्थान प्राप्त किया। 100 मीटर रेस में कविता प्रथम दर्शन द्वितीय बबीता ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए स्थान हासिल किए। कार्यक्रम के अंत में सीडीपीओ प्रियंका ने सभी विजेताओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि इस प्रकार के आयोजन महिलाओं को आगे बढने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं।

अधिकारी समाधान शिविर की हर शिकायत का यथाशीघ्र करें उचित निपटारा: उपायुक्त स्वप्निल रविंद्र पाटिल
एक छत के नीचे सभी विभागों से संबंधित हर शिकायत के तुरंत निपटारे के उद्देश्य से आयोजित किये जा रहे समाधान शिविर

झज्जर, 05 फरवरी, अभीतक: उपायुक्त स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वे समाधान शिविर में प्राप्त हर शिकायत का यथाशीघ्र उचित निपटारा सुनिश्चित करें। समाधान शिविर में हर विभाग से संबंधित हर शिकायत का एक छत के नीचे तुरंत निपटारा करने का लक्ष्य रखा गया है। उपायुक्त स्थानीय लघु सचिवालय स्थित सभागार में आयोजित समाधान शिविर में नागरिकों की समस्याओं की सुनवाई कर रहे थे। इस अवसर पर इस अवसर पर एडीसी जगनिवास, एसडीएम झज्जर अंकित कुमार चैकसे, सीटीएम नमिता कुमारी, जिला राजस्व अधिकारी मनवीर सिंह, डीडीपीओ निशा तंवर, एसीपी सुरेन्द्र कुमार, नितिन बंसल बीजेपी प्रदेश संयोजक, गौरव सैनी जिला कष्ट निवारण समिति के सदस्य सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा हर सोमवार व वीरवार को सुबह 10 से 12 बजे तक जिला मुख्यालय एवं बहादुरगढ़, बेरी व बादली उपमंडल मुख्यालयों पर समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। उपायुक्त पाटिल ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वे समाधान शिविरों की शिकायतों का निपटारा करते समय संबंधित नागरिक से संवाद करें। अधिकारी नागरिक को शिकायत निपटारे के लिए विभाग द्वारा की जा रही कार्यवाही की जानकारी देकर संतुष्ट करें, ताकि शिकायत का स्थायी समाधान हो सके।
झज्जर स्थित लघु सचिवालय सभागार में आयोजित जिला स्तरीय समाधान शिविर के दौरान आमजन की समस्याएं सुनते उपायुक्त स्वप्निल रविंद्र पाटिल।

राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी में भाग लेने का सुनहरा अवसर, झज्जर के पशुपालकों के लिए विशेष बस सुविधा
झज्जर, 05 फरवरी, अभीतक: कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड मेला ग्राउंड, कुरुक्षेत्र में 6 से 8 फरवरी, 2026 तक आयोजित होने वाली तीन दिवसीय 41वीं राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी पशुपालकों के लिए आधुनिक पशुपालन तकनीकों से रूबरू होने और उन्नत नस्ल के पशुओं को देखने का महत्वपूर्ण मंच साबित होगी। इस प्रदर्शनी में प्रदेशभर से लगभग 1500 उन्नत नस्ल के पशु विभिन्न श्रेणियों में भाग लेंगे। आयोजन का मुख्य उद्देश्य श्रेष्ठ नस्लों का प्रदर्शन कर पशुपालकों को नस्ल सुधार के लिए प्रेरित करना तथा दुग्ध उत्पादन बढ़ाकर किसानों की आय में वृद्धि करना है। यह जानकारी पशुपालन एवं डेयरिंग विभाग के उपनिदेशक डॉ. मनीष डबास ने देते हुए बताया कि आयोजन को सफल बनाने के लिए विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में पशुपालकों से संपर्क कर उन्हें प्रदर्शनी में भाग लेने के लिए प्रेरित करें। साथ ही पशुपालकों से आग्रह किया कि वे अपने उत्तम नस्ल के पशुओं का विवरण संबंधित पशु चिकित्सक को समय रहते उपलब्ध कराएं और पशु प्रवेश याचिका पूर्ण करना सुनिश्चित करें। उपनिदेशक ने बताया कि प्रदर्शनी में मुर्राह भैंस, साहीवाल, गिर, थारपारकर, राठी व बेलाही जैसी देशी नस्ल की गायें, क्रॉस ब्रीड गाय, घोड़े, गधे, ऊंट, नाली व हिसार डेल नस्ल की भेड़, बकरी तथा गौशाला पशु शामिल होंगे। प्रदर्शनी के दौरान चयनित सर्वश्रेष्ठ पशुओं को नकद पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा, जिससे पशुपालकों को बेहतर पशुपालन अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी में भाग लेने वाले पशु मालिकों को अपने साथ आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक, कैंसिल चैक तथा परिवार पहचान पत्र (पीपीपी आईडी) अनिवार्य रूप से लाने होंगे। डॉ. डबास ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि पशुपालन विभाग झज्जर द्वारा जिला के पशुपालकों को प्रदर्शनी स्थल तक ले जाने और वापस लाने के लिए प्रतिदिन 07 बसों की विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि अधिक से अधिक पशुपालक इस राज्य स्तरीय आयोजन का लाभ उठा सकें। उन्होंने जिला के सभी पशुपालकों से प्रदर्शनी में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।

डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल, झज्जर में भावपूर्ण विदाई समारोह, 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों ने दी 12वीं को शुभकामनाएँ
झज्जर, 05 फरवरी, अभीतक: डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल, झज्जर में 05 फरवरी को कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों के सम्मान में भव्य विदाई समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कक्षा 11वीं के विद्यार्थियों द्वारा बड़े ही उत्साह, प्रेम और भावनात्मक माहौल में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत भाषण एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई। 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों ने गीत, नृत्य और मनोरंजक कार्यक्रमों के माध्यम से अपने सीनियर्स के साथ बिताए यादगार पलों को साझा किया। वहीं 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए विद्यालय और शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर कुछ विद्यार्थियों को मुख्य भूमिका के तौर पर चुना गया। जिसमें मिस पर्सनालिटी सुरभि, मिस्टर पर्सनालिटी प्रतीक, मिस्टर डीएवी हिमांशु और मिस डीएवी पारुल को चुना गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री पंकज वालिया ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए आगामी बोर्ड परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएँ दीं और उन्हें मेहनत, अनुशासन तथा आत्मविश्वास के साथ उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी विद्यालय के गौरव हैं और उनका उज्ज्वल भविष्य ही विद्यालय की सबसे बड़ी उपलब्धि है। कार्यक्रम का समापन भावुक विदाई संदेशों एवं शुभकामनाओं के साथ हुआ। इस अवसर पर विद्यालय का समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे और सभी ने 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

सुविधाओं की बाट जोह रहा माजरा का स्टेडियम
झज्जर, 05 फरवरी, अभीतक: बुधवार को झज्जर जिले के स्टेडियमों की खेल सुविधाओं के विस्तार व रखरखाव के लिए डीसी स्वप्निल पाटील की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई, जिसमें इन स्टेडियमों में सुविधा विस्तार के लिए रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए। परंतु बड़े ही आश्चर्य की बात है कि जिले के अधिकारियों के एजेंडे में ओलंपियन पहलवानों के माजरा गांव का स्टेडियम नहीं था। इस खेल स्टेडियम के ऊपर कोई भी चर्चा नहीं की गई, जिससे सिद्ध होता है कि हरियाणा का खेल विभाग खिलाड़ियों की टकसाल माजरा गांव के खेल सुधार के प्रति गंभीर नहीं है। यह खेल स्टेडियम शैशव काल से ही जल भराव की मार झेल रहा है, जिसमें अवैध खरपतवार और काबली कीकरो ने अपना डेरा जमा लिया है। खेल के लिए बनाया गया मंच तथा दो कमरों का भवन भी अब जर्जर स्थिति की ओर जा रहा है। इतना ही नहीं इसमें खिलाड़ियों की बजाय नशाखोरों और जुआरियों का डेरा जमा रहता है। डाबङा के खेल स्टेडियम से खिलाड़ी, भिवानी से मुक्केबाज व छारा, मांडोठी, मोखरा के अखाड़ों से अंतरराष्ट्रीय पहलवान निकले हैं। झज्जर जिले के माजरा (दूबलधन) का खेल स्टेडियम एक ऐसा अभागा क्रीड़ास्थल है जिसे बनने के बाद खेल व खिलाड़ियों के दर्शन नही हुए है। यह आवारा पशुओं,जलीय घास व जल भराव की शरणस्थली बनकर रह गया है। लगभग पांच एकड़ में जर्जर दीवारी से घिरे स्टेडियम में मंच व दो कमरों का जर्जर भवन दयनीय हालत में खड़ा है, जिसका शुभारंभ अभय चैटाला ने किया था। नरेंद्र सरपंच के कार्यकाल में चार दीवारी बनी।परंतु खेल सुविधाओं के नाम पर यह बदनसीब ही रहा है। जिंदगी के 25 वर्ष पार कर चुके इस खेल स्टेडियम को देखें तो यह जोहड़नुमा दलदली झील बनकर रह गया है। चार दिवारी भी जर्जर हालत में है। कई स्थानों पर गिरकर मिट्टी में मिल चुकी है। काबली कीकर, जलखुंभी व अन्य जलीय खरपतवारों ने स्टेडियम पर डेरा जमा रखा है। जहां तक गांव की खेल उपलब्धियां की बात है यहां की मिट्टी में खेल कर उभरते पहलवान उधम सिंह ने थाईलैंड में भारत का परचम फहराया था तथा बुधवार को ही इस होनहार पहलवान का गांव की तरफ से सामुदायिक भवन में सम्मान समारोह किया गया, क्योंकि यहां का स्टेडियम तो जल भराव के पानी की गिरफ्त में है। सत्यवान और सत्यव्रत ने एशियाड व ओलंपिक खेलों में धूम मचाई जिसके लिए उन्हें अर्जुन अवॉर्डों से भी नबाजा गया था। इस गांव की बहू साक्षी मलिक ने पद्म श्री, ध्यानचंद खेल रत्न व महिला कुश्ती का पहला पदक भारत-माता की झोली में डाला था है। अतः माजरा गांव में तीन ओलंपिक, अर्जुन पहलवान देश को दिए हैं। यहां परंतु यहां पर स्टेडियम के नाम पर जलभरा तालाब है। युवाओं को सड़कों पर अभ्यास करना पड़ता है। कई बार अभ्यास करते-करते युवा चोट भी खा चुके हैं।यहां से दर्शन व पवन जैसे प्रो-कब्बड्डी के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी भी हुए हैं। अब हितेश कुमार कबड्डी में बहुत अच्छे खिलाड़ी के रूप में प्रदर्शन कर रहा है। कालू कोच, साधूराम, अनूप सिंह तथा नरेंद्र कोच आदि भी कुश्ती व कबड्डी के राष्ट्रीय खिलाड़ी रह चुके हैं। इससे पहले ईश्वर सिंह ने सर्विसेज खेलों में एथलीट में धूम मचाई थी, जिसे एथलीट-हीरा कहा जाता था। एमडीयू रोहतक में खेल गतिविधियों का नेतृत्व कर रहे प्रोफेसर कुलताज सिंह को कौन नहीं जानता, जिन्होने यहां की मिट्टी से संस्कारित होकर खेल-उपलब्धि के लिए खिलाड़ियों को तैयार किया है। एमडीयू आज कुश्तीव खेलों के बलबूते पर राष्ट्रीय स्तर पर छाया हुआ है। एमडीयू का खेल विभाग प्रोफेसर कुलताज सिंह के दिशा निर्देशन में दिन दूनी रात चैगुनी तरक्की कर रहा है। इससे पहले यहां के गौरवे व बणियों में खेलों का अभ्यास करके हजारों युवा सेना में भारत माता की सेवा कर चुके हैं। इस गांव को सैनिक अफसरों की खान कहा जाता है। यहां के सैनिक जांबाजों ने प्रथम विश्व युद्ध,द्वितीय विश्वयुद्ध ,चीन व पाकिस्तान की लड़ाई और कारगिल में दुश्मन के दांत खट्टे किए थे, जो गांव से खेल कर वीरता के गुणों में सामर्थ्यवान हुए हैं। बदकिस्मती से यहां के गौरवे व बणी खत्म हो गए। खेल स्टेडियम जलभराव की मार झेल रहा है। यह अपनी बदहाली पर खून के आंसू बहा रहा है। गांव में खेलने,सैर करने व टहलने की कोई जगह नहीं है। युवाओं की खेल प्रतिभा बिना किसी निखार के कुंठित होकर मर रही है। बल्कि युवा नशे व बुरी आदतों के शिकार हो रहे हैं। हरियाणा सरकार ने ओलिंपिक खिलाड़ियों के गांव में खेल स्टेडियम की सुविधा देने का ऐलान किया था, जिसमें फोगाट बहनों के गांव बलाली में सुविधासम्पन्न खेल स्टेडियम बनाया गया था। परंतु इस खेल स्टेडियम के काले दिन तब भी समाप्त नहीं हुए। इसके अतिरिक्त जिले के बीस से ऊपर खेल स्टेडियमों की खेल सुविधा विस्तार की समीक्षा की गई, परंतु जिला प्रशासन ने इसे तो समीक्षा के काबिल भी नहीं समझा। यहां के खेल स्टेडियम पर खिलाङी नहीं बल्कि आवारा पशु अटखेलिया करते हैं। यहां से पानी निकासी की दो सिस्टमों की पाइपलाइन गुजरती हैं, परंतु सरकार ने खेल स्टेडियम की जल निकासी का कोई प्रावधान नहीं किया है। राष्ट्रमंडल खेलों के को देखते हुए भी भारत में पहलवानों के माजरा गांव के स्टेडियम की विजिट विदेशी खिलाडियों ने कर दी, तो यह भारत माता की शान के लिए अच्छा नहीं होगा। यद्यपि हरियाणा सरकार ने मिशन ओलंपिक 2036 के लिए धाकड़ तैयारी शुरू कर दी है। विश्वविद्यालयों और खिलाड़ियों के गांव में खेल उत्कृष्टता केंद्र बनाने का मास्टर प्लान तैयार किया गया है। डॉ दयानंद कादयान का कहना है कि खेल स्टेडियम के सुधार के लिए कई बार सीएम विंडो व ईमेल के माध्यम से गुहार लगाई जा चुकी है। डॉक्टर दयानंद कादयान का मानना है कि उधम सिंह जैसे होनहार पहलवान थोक के भाव में तैयार हो सकते हैं, बशर्ते कि सरकर इस खेल स्टेडियम की सुध ले ले।पेरिस ओलंपिक में हरियाणा के खिलाड़ियों की बदौलत भारत खेल महा शक्ति बना है। माजरा के खेल स्टेडियम को जल भराव से मुक्ति दिला कर ही मिशन ओलंपिक लक्ष्य प्राप्त करना आसान हो सकता है। माजरा का खेल स्टेडियम यदि ठीक रहता तो इस गांव में ओलंपियन पहलवानों की संख्या सैंकङों में होती। जयभगवान पूर्व जिलापार्षद का कहना है कि माजरा के शराब ठेके को लग्जरियस बनाया जा रहा है तथा यहां के खेल स्टेडियम को जिला प्रशासन अपने सुधार एजेंडे में नहीं ले रहा। जबकि खेल स्टेडियम ही युवा शक्ति को नशे के दंस से बचा सकते है।माजरा खेल व शिक्षा के क्षेत्र अग्रणी रहा है। यहां पर खेल स्टेडियम की दयनीय हालत खेलसुविधा विस्तार के प्रति सरकार की सोच पर सवालया निशान लग रही है। ग्रामीणों की मांग है कि ओलंपियन पहलवानों के स्टेडियम को हरियाणा के खेल एजंडे में शामिल किया जाए तथा इस खेल स्टेडियम के ढांचागत विकास के लिए विशेष अनुदान दिया जाए। ये स्टेडियम तीन जिलों झज्जर, चरखीदादरी व रोहतक की सीमा पर पड़ता है तथा यह एनसीआर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का खेल हब साबित हो सकता है।

बेरी स्थित लघु सचिवालय में गुरुवार को आयोजित समाधान शिविर में जनसमस्याएं सुनती एसडीएम रेणुका नांदल।’

जनता से जुड़े कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें अधिकारी
एसडीएम रेणुका नांदल ने गुरुवार को समाधान शिविर में सुनीं जनसमस्याएं

बेरी, 05 फरवरी, अभीतक: एसडीएम रेणुका नांदल ने गुरुवार को बेरी स्थित लघु सचिवालय में आयोजित समाधान शिविर में क्षेत्र के लोगों की समस्याएं सुनते हुए अविलंब समाधान के निर्देश दिए। समाधान शिविर में स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, और सामाजिक कल्याण से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की गई। समाधान शिविर में प्रमुख तौर से प्रॉपर्टी आईडी, परिवार पहचान पत्र, जमीन का पंजीकरण, समाज कल्याण पेंशन, राशन कार्ड आदि शिकायतें शामिल हैं। इसके निवारण के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए। इस दौरान एसडीएम रेणुका नांदल ने कहा कि लोगों की शिकायतों का निवारण करना ही सरकार व प्रशासन की प्राथमिकता है। समाधान शिविर सरकार और जनता के बीच संवाद को मजबूत करता है। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता से जुड़े कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
इन विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर जन स्वास्थ्य विभाग से एसडीई वीरेंद्र कुमार, पीडब्ल्यूडी जेई प्रवीण अहलावत, पटवारी पवन कुमार व मंजीत कुमार, बिजली निगम से जेई योगेश कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

मान्या सैनी ने लहराया सफलता का परचम, नेट-जेआरएफ-पीएचडी के लिए हुई क्वालीफाई
रेवाडी, 05 फरवरी, अभीतक: प्रतिभा किसी परिचय की मोहताज नहीं होती, इसे चरितार्थ कर दिखाया है शहर की होनहार बेटी मान्या सैनी ने। मान्या ने हाल ही में घोषित परिणामों में 98.6079323 पर्सेंटाइल अंक प्राप्त कर असिस्टेंट प्रोफेसर और पीएचडी की पात्रता हासिल कर जिले व प्रदेश का नाम रोशन किया है।
प्रतिभा और शैक्षणिक सफर
शिक्षाविद मनोज वशिष्ठ ने मान्या की सराहना करते हुए बताया कि वह बचपन से ही विलक्षण प्रतिभा की धनी रही हैं। उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों का ग्राफ निरंतर ऊंचाइयों को छूता रहा है।
विद्यालयी शिक्षा: जैन गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल रेवाड़ी से 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में टॉप कर मेधा सूची में स्थान बनाया।
स्नातक: के.एल.पी. कॉलेज, रेवाड़ी में कॉलेज टॉप कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
उच्च शिक्षा: वर्तमान में मान्या आई.जी.यू. मीरपुर से अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रही हैं।
संस्कार और पारिवारिक पृष्ठभूमि
मान्या की इस सफलता के पीछे उनके शिक्षक माता-पिता का विशेष मार्गदर्शन रहा है। उनके पिता श्री बबरूभान सैनी वर्तमान में पीएमश्री रा०व०मा०वि० पीथड़ावास में अंग्रेजी प्रवक्ता हैं (पूर्व में जैन बॉयज स्कूल) और माता श्रीमती बीना सैनी जैन बॉयज स्कूल में हिंदी शिक्षिका के रूप में कार्यरत हैं। यहां यह बात रेखांकित करना अति आवश्यक है कि बबरूभान सैनी का फर्श से अर्श तक का सफर जैन बॉयज स्कूल से जुड़ा है क्योंकि वे यहां केवल शिक्षक ही नहीं अपितु इसी स्कूल के विद्यार्थी भी रहे हैं। मेरी सफलता का पूरा श्रेय माता-पिता, दादा-दादी और गुरुजनों के आशीर्वाद व सही मार्गदर्शन को जाता है। उनकी प्रेरणा ने ही मुझे कठिन परिश्रम के लिए प्रेरित किया।
मान्या सैनी के घर लगा बधाइयों का तांता
बिटिया की इस गौरवमयी उपलब्धि पर समस्त शिक्षक समाज,जैन एजुकेशन बोर्ड के अध्यक्ष मोहित जैन एवं प्रबंधकारिणी तथा जैन स्कूल के प्रिंसिपल व समस्त स्टाफ, के एल पी कॉलेज प्रिंसिपल व स्टाफ, आई जी यू मीरपुर अंग्रेजी विभाग, सैनी सभा और शहर की विभिन्न गणमान्य विभूतियों ने खुशी जाहिर की है। सभी ने मान्या के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए इसे अन्य छात्राओं के लिए एक मिसाल बताया है।

रेवाड़ी में समाधान शिविर के दौरान जन शिकायतों का निदान करते डीसी अभिषेक मीणा।

जन शिकायतों का निश्चित समय अवधि में होना चाहिए निपटारा- डीसी
समाधान शिविर में डीसी अभिषेक मीणा ने सभी विभागों के अधिकारियों को दिए निर्देश

रेवाड़ी, 05 फरवरी, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा की अध्यक्षता में गुरुवार लघु सचिवालय सभागार में आयोजित किए गए समाधान शिविर में पचास से अधिक शिकायतों का मौके पर ही निवारण किया गया। शिविर के दौरान एडीसी राहुल मोदी, एसडीएम सुरेश कुमार, नगराधीश जितेंद्र कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि समाधान शिविर जन समस्याओं के निदान का केंद्र बन रहा है और लोगों को प्रभावी रूप से राहत पहुंचाई जा रही है। समाधान शिविर में गांव कुंभावास निवासी राकेश ने शिकायत दी कि उसके घर के समीप बिजली का खंभा काफी जर्जर हालत में है। यह पोल कभी भी हादसे का सबब बन सकता है। अतएव इसे शीघ्र अति शीघ्र हटाया जाए। डीसी ने बिजली वितरण निगम के कार्यकारी अभियंता को तत्काल प्रभाव से यह खंभा हटाकर नया खंभा लगवाने के निर्देश दिए। वहीं रेवाड़ी निवासी सुनीता देवी ने डीसी को बताया कि उसे प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत एलपीजी का कनेक्शन नहीं मिल रहा है। डीसी ने जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रणक को निर्देश दिए कि महिला को गैस का कनेक्शन दिलवाया जाए। समाधान शिविर में पंचायती जमीन से अवैध कब्जे हटाए जाने, परिवार पहचान-पत्र में आय का विवरण का दुरुस्त करवाए जाने, वृद्घावस्था पेंशन को बहाल करवाने, लुहाना गांव में सडक मार्ग से वृक्षों को हटवाने के लिए वन विभाग से अनुमति दिलवाने जैसी शिकायतों का निवारण तत्परता से किया गया। डीसी अभिषेक मीणा ने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी जन शिकायतों का निपटारा निश्चित समय अवधि में करें, जिससे कि समाधान शिविर का उद्देश्य सार्थक हो सके। उन्होंने कहा कि लंबित शिकायत पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट शीघ्र जमा करवा दें।

अभिषेक मीणा, डीसी रेवाड़ी।

हरियाणा मातृशक्ति उद्यमिता योजना-महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम: डीसी
महिलाओं को उपलब्ध करवाया जा रहा पांच लाख रुपए तक का ऋण
डीसी अभिषेक मीणा ने योजना के बारे में दी जानकारी

रेवाड़ी, 05 फरवरी, अभीतक: हरियाणा सरकार द्वारा महिला विकास निगम के माध्यम से हरियाणा मातृशक्ति उद्यमिता योजना शुरू की हुई है। योजना के तहत महिलाओं को बैंकों के माध्यम से 5 लाख रुपए तक का ऋण उपलब्ध करवाते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सकारात्मक कदम बढ़ाए जा रहे हैं। डीसी अभिषेक मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी आर्थिक व सामाजिक स्थिति में सुधार लाने के लिए हरियाणा मातृशक्ति उद्यमिता योजना शुरू की हैै। इस योजना के तहत जिला रेवाड़ी के लिए 2025-26 में 48 केस का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत डेयरी, उद्योग विभाग की सूची में शामिल नकारात्मक गतिविधियों तथा केवीआईबी को छोडकर अन्य सभी गतिविधियां शामिल है। इन गतिविधियों में यातायात वाहन के तहत ऑटो रिक्शा, छोटा सामान ढ़ोने के वाहन, थ्री व्हीलर, ई रिक्शा, टैक्सी, सामाजिक व व्यक्तिगत सेवा गतिविधियों के तहत सैलून, ब्यूटी पार्लर, टेलरिंग, बुटीक, फोटोस्टेट की दुकान, पापड़ बनाना, आचार बनाना, हलवाई की दुकान, फूड स्टाल, आइसक्रीम बनाने की यूनिट, बिस्कुट बनाना, टिफिन सर्विस, मिट्टी के बर्तन आदि बनाने का काम शुरू कर सकती है। डीसी ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए महिला की वार्षिक आय पांच लाख रुपए से कम व हरियाणा की स्थायी निवासी होनी चाहिए। ऋण के लिए आवेदक के समय महिला उद्यमी की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी आवश्यक है। आवेदक पहले से लिए गए ऋण का डिफाल्टर नहीं होना चाहिए। योजना के तहत समय पर किस्त का भुगतान करने पर तीन वर्षों तक सात प्रतिशत ब्याज अनुदान राशि हरियाणा महिला विकास निगम के माध्यम से दी जाएगी।
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन पत्र के साथ परिवार पहचान पत्र, आधार कार्ड, पासपोर्ट फोटो, प्रोजेक्ट रिपोर्ट, ट्रेनिंग प्रमाण पत्रध्अनुभव प्रमाण पत्र आदि दस्तावेज शामिल हो तथा सभी दस्तावेजों की दो- दो कॉपी होनी चाहिए। योजना के बारे में अन्य जानकारी के लिए हरियाणा महिला विकास निगम कार्यालय रेवाड़ी व कार्यालय के दूरभाष नंबर 01274-225294 पर संपर्क कर सकते हैं।

चामू ब्लॉक संस्था प्रधान सत्रांत दो दिवसीय वाक्पीठ का समापन
जोधपुर, 05 फरवरी, अभीतक: चामू की गिलाकोर पीईईओ परिक्षेत्र स्थित राउप्रावि ईशरवालों की ढाणी में गुरुवार को ब्लॉक की राजकीय व निजी विद्यालयों के संस्था प्रधानों की दो दिवसीय सत्रांत वाक्पीठ का समापन बतौर संरक्षक बाबूलाल शर्मा, सह संरक्षक मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ढगला राम गुर्जर, वाक्पीठ अध्यक्ष कमल किशोर चैधरी, पीईईओ धर्मपाल सिंह मीणा, सचिव जितेंद्र वैष्णव की उपस्थिति में हुआ। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य गंगा राम जाखड़, कमल किशोर चैधरी, डॉक्टर चावंड सिंह इंदा, शैताना राम बिश्नोई, ढगल चंद जोशी ने शैक्षिक एवं सह शैक्षिक विभिन्न विषयों पर अपनी वार्ता प्रस्तुत की। इस अवसर पर उपस्थित महानुभावों ने विद्यालय विकास एवं विद्यार्थियों के हितार्थ सहयोग प्रदान करने वाले हरचंद राम फौजी, कानाराम जांगू, भगवाना राम भूरानी, शैतान राम, गोपी लाल, अभय सिंह, दुर्ग सिंह, इंद्रा राम, माणक राम, पेमाराम, कोजाराम, राणाराम, चंपालाल वैष्णव, अशोक भादू, बाबूराम लोल, पुना राम सहित दर्जनों भामाशाहों का सम्मान किया। वाक्पीठ अध्यक्ष चैधरी ने सत्र 2026- 27 सत्रारंभ वाक्पीठ राउमावि प्रहलादपुरा में करवाने की घोषणा की। वाक्पीठ संयोजक एवं सचिव वैष्णव ने सभी का आभार व्यक्त किया। वाक्पीठ सह संरक्षक शर्मा ने वाक्पीठ समापन की घोषणा की, कार्यक्रम का संचालन संस्था प्रधान लक्ष्मणराम चैधरी ने किया। इस दौरान चामू ब्लॉक के राजकीय एवं निजी विद्यालयों के प्रधानाचार्य दौलत सिंह जोधा, काना राम चैधरी, त्रिलोक चंद सोनी, श्रवण कुमार, प्रधानाध्यापक, संस्था प्रधान, गणमान्य व्यक्ति, स्थानीय विद्यालय के अध्यापक भंवर सिंह, सावित्री कंवर, शोभा चैधरी सहित धर्मेंद्र सोलंकी, देवीलाल सोनी, सुरता राम, जितेंद्र कुमार मौजूद रहे।

भिवानी:- मनरेगा की बहाली को लेकर कांग्रेस ने भिवानी में दिखाई ताकत
कांग्रेस की नई कार्यकारिणी के गठन के बाद मनरेगा बहाली सहित विभिन्न मांगों को लेकर कांग्रेसजनों ने सौंपा ज्ञापन
यूरोपियन यूनियन के लिए भारत का बाजार खोले जाने से देश के किसानों पर पड़ेगा विपरीत असर: अनिरूद्ध चैधरी ग्रामीण जिला प्रधान भिवानी
भारत में जौत छोटी, मौसम व अन्य परिस्थितियां अलग ऐसे में यूरोपियन देशों के लिए भारत की मार्केट खोलने से देश के किसानों की हालत बिगड़ेगी: अनिरूद्ध चैधरी
मनरेगा का प्रारूप बदलकर 125 दिन काम देने की बात कही जा रही, जबकि गारंटी एक दिन की भी नहीं: अनिरूद्ध चैधरी का आरोप
प्रदेश पहले से ही कर्जो में डूबे, नए कानून के तहत 40 प्रतिशत शेयर राज्यों का कैसे देंगे: शहरी जिला प्रधान प्रदीप गुलिया जोगी
कांग्रेस का मनरेगा बहाली सहित 200 दिन रोजगार की गारंटी की मांग को लेकर प्रदेश के विभिन्न जिला मुख्यालयों पर कर रही है प्रदर्शन: शहरी जिला प्रधान प्रदीप जोगी
कांग्रेस के प्रदर्शन में विभिन्न पदाधिकारियों सहित पूर्व विधायकों ने भी लिया हिस्सा, प्रदर्शन में दोपहर तक जिला के एकमात्र वर्तमान विधायक कार्यक्रम में नही दिखे

एचपीएससी द्वारा पीजीटी कंप्यूटर साइंस परीक्षा में मात्र 2.29 प्रतिशत अभ्यर्थियों को पास किया जाना योग्य युवाओं के साथ भद्दा मजाक: अभय सिंह
हरियाणा के युवा सरकारी नौकरियों के लिए दिन रात मेहनत कर रहे हैं लेकिन एचपीएससी उनकी मेहनत पर पानी फेर रही है और उन्हें नालायक और नाकाबिल साबित करने पर तुली है
यह सब भाजपा की सोची समझी रणनीति के तहत हरियाणा के युवाओं की अनदेखी और सभी उच्च पदों पर बाहर के प्रदेशों से संघ से जुड़े लोगों का पूरे सिस्टम पर कब्जा करने के लिए किया जा रहा है

चंडीगढ़, 05 फरवरी, अभीतक: इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चैधरी अभय सिंह चैटाला ने कहा कि एचपीएससी ने नौकरियों के लिए चयन प्रक्रिया का मजाक बना कर रख दिया है। अभी तक एक भी भर्ती ऐसी नहीं है जो एचपीएससी द्वारा हरियाणा के योग्य युवाओं को नौकरी देने के मकसद से की गई हो। बेरोजगारी से त्रस्त हरियाणा में कई सालों के इंतजार के बाद पीजीटी कंप्यूटर साइंस भर्ती का रिजल्ट आया है। पीजीटी कंप्यूटर साइंस की परीक्षा में 1711 पदों के लिए 5100 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी और मात्र 39 अभ्यर्थियों, जो कि 2.29 प्रतिशत बनता है, को ही पास किया गया। हरियाणा के युवा सरकारी नौकरियों के लिए दिन रात मेहनत कर रहे हैं लेकिन एचपीएससी उनकी मेहनत पर पानी फेर रही है और उन्हें नालायक और नाकाबिल साबित करने पर तुली है। हरियाणा के युवा बेहद बुद्धिमान है जो अपनी मेहनत से यूपीएससी जैसी बेहद कठिन परिक्षाओं को पास करके आईएएस, आईपीएस, जज और वैज्ञानिक बन रहे हैं। ऐसे में यह बात गले से नहीं उतरती कि पीजीटी कंप्यूटर साइंस जैसी एक सामान्य परीक्षा में पास हुए मात्र 2.29 प्रतिशत ही योग्य हैं। दूसरी ओर अभी तक जितनी भी भर्तियां की गई हैं उनमें से 90 प्रतिशत बाहर के प्रदेशों के लोगों को भर्ती किया गया है। यह सब भाजपा की सोची समझी रणनीति के तहत किया जा रहा है ताकि हरियाणा के युवाओं को बेरोजगार रखा जा सके और सभी उच्च पदों पर बाहर के प्रदेशों से संघ से जुड़े लोगों का कब्जा किया जा सके और अपने मन मुताबिक पूरे सिस्टम पर कंट्रोल किया जा सके। बीजेपी सरकार तुरंत प्रभाव से एचपीएससी के चेयरमैन को बर्खास्त करे। इनेलो की सरकार आने पर हरियाणा के सभी योग्य युवाओं को बिना किसी भेदभाव के भर्ती किया जाएगा।

पीएम स्वनिधि योजना की अवधि 31 मार्च 2030 तक बढ़ी, दीपक अग्रवाल तौला ने किया जागरूक
समाजसेवी दीपक अग्रवाल तौला ने रेहड़ी-पटरी वालों को किया पीएम स्वनिधि योजना के बारे में जागरूक
रेहड़ी-पटरी वालों के लिए संजीवनी बनी पीएम स्वनिधि योजना: दीपक अग्रवाल तौला
भाजपा का हर कार्यकर्ता केंद्र व राज्य स्तरीय योजनाओं को आम जन तक पहुंचाने में है कृतसंकल्प

भिवानी, 05 फरवरी, अभीतक: कोरोना काल की विभीषिका के बाद छोटे व्यापारियों और रेहड़ी-पटरी वालों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई पीएम स्वनिधि योजना आज जमीनी स्तर पर एक बड़े बदलाव का आधार बन रही है। केंद्र सरकार ने अब इस योजना की अवधि को बढ़ाकर 31 मार्च 2030 तक कर दिया है। इसी क्रम में जनकल्याण सहयोग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष एवं वरिष्ठ भाजपा नेता दीपक अग्रवाल तौला ने वीरवार को शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जनसंपर्क कर स्ट्रीट वेंडर्स को इस योजना का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। दीपक अग्रवाल तौला ने घंटाघर सहित शहर के अन्य क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ठेलेवालों, फेरीवालों और छोटे दुकानदारों से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल ऋण देने का माध्यम नहीं है, बल्कि रेहड़ी-पटरी वालों के आत्म-सम्मान और स्वावलंबन का मार्ग है। तौला ने कहा कि पीएम स्वनिधि योजना हमारे उन रेहड़ी व पटरी वालों के लिए संजीवनी से कम नहीं है, जिनका काम लॉकडाउन के दौरान पूरी तरह ठप हो गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत का यह सपना अब सच हो रहा है। दीपक अग्रवाल तौला ने वेंडर्स को योजना की बारीकियों और मिलने वाले लाभों के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत 10 हजार से लेकर 50 हजार तक का कार्यशील पूंजी ऋण बिना किसी गारंटी के उपलब्ध कराया जाता है। यह ऋण तीन चरणों में मिलता है, जिसके पहले चरण में 10 हजार रूपये की राशि को बढ़ाकर 15 हजार द्वितीय चरण में 20 हजार की राशि को बढ़ाकर 25 हजार व तीसरे चरण पर 50 हजार रुपए तक की राशि बिना बदलाव के जारी की जाती है। तौला ने कहा कि यदि लाभार्थी समय पर किस्तों का भुगतान करता है, तो उसे 7 प्रतिशत प्रतिवर्ष की ब्याज सब्सिडी मिलती है, जो सीधे उनके बैंक खाते में जमा होती है। दीपक अग्रवाल तौला ने जोर देकर कहा कि अब रेहड़ी-पटरी वालों को साहूकारों के ऊंचे ब्याज दर के चंगुल में फंसने की जरूरत नहीं है। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से आह्वान भी किया कि वे पात्र लोगों के फॉर्म भरवाने में मदद करें ताकि कोई भी जरूरतमंद इस कल्याणकारी योजना से वंचित न रहे।

सावधान! शहर में जगह सड़क पर चलता वाहन गहरे गड्ढे में समा सकता है: अशोक भारद्वाज
गड्ढे की गहरी खाई में सुरक्षा संकेत लगा विभाग को सतर्क किया गयारू भारद्वाज
ताकि वाहन चालक सतर्क रहे: भारद्वाज
हनुमान गेट पर एन एच की टूटी सड़क बन रही है हादसो का कारण: भारद्वाज

भिवानी, 05 फरवरी, अभीतक: शहर के व्यस्ततम हनुमान गेट क्षेत्र में एनएच-709ई मार्ग पर जलापूर्ति (वाटर सप्लाई) पाइपलाइन और सीवरेज कार्य के बाद सड़क को सही ढंग से बहाल न किए जाने के कारण अब यह स्थान दुर्घटनाओं का संभावित केंद्र बन गया है। संबंधित विभाग द्वारा पाइपलाइन की मरम्मत तो कर दी गई, परंतु उसके बाद सड़क की ड्रेसिंग अधूरी छोड़ दी गई, जिससे मार्ग के बीचोंबीच गहरा गड्ढा बन गया है। इस बारे में संबंधित विभाग को बार बार चेताया गया। हिट एंड रन सड़क सुरक्षा कानून समिति सदस्य एवं सड़क सुरक्षा कार सेवा अभियान के सूत्र धार अशोक कुमार भारद्वाज अनुसार, यह गड्ढा दिन-प्रतिदिन और गहरा होता गया। भारी वाहन इसके पास से गुजरते समय फंसने या पलटने का खतरा झेलते हैं। वहीं छोटे वाहन चालक असंतुलित होकर दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं। सड़क के नीचे की मिट्टी धंसने से स्थिति और भी खतरनाक बन चुकी है। रात के समय यह गड्ढा स्पष्ट दिखाई नहीं देता था, जिससे दुर्घटना की आशंका कई गुना बढ़ गई थी। इस गंभीर समस्या को लेकर आपदा सड़क सुरक्षा कार सेवा अभियान के सूत्रधार एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस युवा जागृत सेवा समिति के अध्यक्ष, राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता अशोक कुमार भारद्वाज ने इस समस्या को लेकर भिवानी महेंद्रगढ़ लोकसभा सांसद चैधरी धर्मवीर सिंह, विधायक घनश्याम सर्राफ व जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल कार्रवाई की अपील की। उन्होंने कहा कि समय रहते हुए यदि इस गहरे गड्ढे और धंसी सड़क की मरम्मत नहीं की गई तो यहां कोई बड़ा हादसा हो सकता है। जिसका संज्ञान लेते हुए अब तीसरी बार फिर इस समस्या पर संज्ञान लिया गया है, संबंधित विभाग ने यहां खुदाई कर कार्रवाई शुरू कर दी है। भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली-पिलानी-राजस्थान मार्ग से गुजरने वाले हजारों वाहन प्रतिदिन इस स्थान से होकर गुजरते हैं। गड्ढे के कारण यहां अक्सर लंबे जाम की स्थिति बन जाती है और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने मांग की कि लोक निर्माण विभाग, बी एंड आर या संबंधित विभाग, एनएच, एनएचएआई और नगर परिषद तुरंत संयुक्त निरीक्षण कर सड़क को स्थाई रूप से सुरक्षित बनाएं। ताकि कोई बड़ा हादसा ना हो सके और बार बार सड़क जमीन में न धंस सकें।

एसजीटीयू में मेधावी छात्रों को आज दी जाएगी लाखों की स्कॉलरशिप
गुरुग्राम, 05 फरवरी, अभीतक: शिक्षा में नवाचार व अनुसंधान को नए आयाम तथा प्रतिभा को सम्मान देने वाली देश की प्रतिष्ठित श्री गुरु गोबिंद सिंह ट्राई सेंटेनरी यूनिवर्सिटी (एसजीटीयू) अपने मिशन में एक और अध्याय जोड़ने जा रही है। 6 फरवरी को एसजीटीयू में विशेष मेधा सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा जिसमें विभिन्न परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन करने वाले सैकड़ों प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को लाखों रुपये की छात्रवृत्ति देकर सम्मानित किया जाएगा। चै. बंसीलाल विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर दीप्ति धर्माणी इस समारोह में मुख्य अतिथि होंगी। सॉफ्टवेयर इंजीनियर, दिग्गज एजुकेटर एवं करियर पर विशेष टिप्स से युवा वर्ग में खासी लोकप्रिय सौम्या सिंह कार्यक्रम में श्गेस्ट ऑफ ऑनरश् के रूप में दिखाई देंगी। एसजीटीयू की ओर से बताया गया कि हरियाणा का डोमीसाइल रखने वाले मेधावी छात्रों को भी विशेष छात्रवृत्ति देने का प्रबंध किया गया है। उल्लेखनीय है कि एसजीटीयू छात्रों के बहुमुखी विकास के लिए समय-समय पर कला, संस्कृति, विज्ञान, स्वास्थ्य, कृषि से संबंधित कार्यक्रमों का व्यापक स्तर पर पर आयोजन करता रहा है जिनमें छात्र-छात्राओं की बढ़ चढ़कर भागीदारी रहती है। इसके अलावा एसजीटीयू ने विगत कुछ अर्से के दौरान अनेक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों का आयोजन करके अपनी खास पहचान बनाई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, बदलते दौर में शिक्षण संस्थाओं से अपेक्षाएं, तेजी से बदलते वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में भारत का स्थान व भूमिका, नए कानूनों के आलोक में देश की कानून व्यवस्था, भारतीय संस्कृति की अंतरराष्ट्रीय पहचान, भारत के पड़ोसी देशों पर चीन का रणनीतिक प्रपंच, बांग्लादेश, श्रीलंका, पाकिस्तान, म्यांमार, मालदीव से भारत के लिए बढ़ रही चुनौतियों व कई अन्य ज्वलंत विषयों पर सेमिनार, वेबिनार, वर्कशाप आदि का आयोजन एसजीटीयू परिसर में किया गया जिसमें राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों ने भाग लिया।

जोनल अधिकारी ड्यूटी के दौरान अपने निर्धारित स्थान पर उपस्थित नहीं पाए गए, तत्काल प्रभाव से किया गया निलंबित
फरीदाबाद, 05 फरवरी, अभीतक: यातायात पुलिस द्वारा निरंतर औचक निरीक्षण किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सहायक पुलिस आयुक्त यातायात पूर्व श्री संजय कुमार द्वारा विभिन्न स्थानों पर औचक निरीक्षण किया गया।
इस दौरान पाया गया कि जोनल अधिकारी घाटा पावर हाउस सहायक उप निरीक्षक नरेंद्र ड्यूटी के दौरान अपने निर्धारित स्थान पर उपस्थित नहीं पाए गए, जिस कारण उन्हें अनुपस्थित दर्ज करते हुए। तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। इसके अतिरिक्त सूरजकुंड मेले के संबंध में भारी वाहनों के लिए लगाए गए नाकों का निरीक्षण करने पर यह सामने आया कि जोनल अधिकारी फरीदाबाद बंधवाडी टोल पर सहायक उप निरीक्षक आजाद ड्यूटी स्थल पर उपस्थित न रहकर बूथ में बैठे हुए थे तथा जांच करने पर पाया कि सरकारी बॉडी वार्न कैमरा भी उनके पास नहीं था। ड्यूटी में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर सहायक उप निरीक्षक आजाद को भी सहायक पुलिस आयुक्त यातायात पूर्व श्री संजय कुमार भ्च्ै द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। यातायात नियमों एवं विभागीय आदेशों का पालन सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए अनिवार्य है। ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनुशासनहीनता अथवा आदेशों की अवहेलना को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में भी इस प्रकार के औचक निरीक्षण एवं सख्त कार्रवाई जारी रहेंगी।

39वां सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेला कला प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं
फरीदाबाद, 05 फरवरी, अभीतक: फरीदाबाद की सुरम्य अरावली पहाड़ियों में आयोजित 39वां सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेला कला प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है। मेले में देश-विदेश की विविध संस्कृतियों के बीच दक्षिण भारत की पारंपरिक चित्रकला अपनी अमिट छाप छोड़ रही है। तमिलनाडु से आए शिल्पकार केशव की तंजौर पेंटिंग पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। शिल्पकार केशव के स्टॉल पर 12 हजार रुपए से लेकर 12 लाख रुपए तक की बेशकीमती पेंटिंग्स प्रदर्शित की गई हैं। तिरुपति बालाजी की 12 लाख रुपए की कीमत वाली पेंटिंग अपनी सूक्ष्म कारीगरी, शुद्ध सोने की पन्नी के काम और कीमती रत्नों के जुड़ाव के कारण मेले की सबसे महंगी और भव्य कलाकृतियों में से एक है, जो मेले में आकर्षण का केंद्र बनी है। 15 फरवरी तक चलने वाले सूरजकुंड मेले में रोजाना हजारों पर्यटक पहुंच रहे हैं। लोकल टू ग्लोबल-आत्मनिर्भर भारत की पहचान थीम के साथ आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर क्राफ्ट मेले में स्वदेशी, संस्कृति और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। मेले में हरियाणा के साथ अन्य प्रदेशों के कलाकार भी अपनी लोक शैली से पर्यटकों का मनोरंजन कर रहे हैं। मेले में लोक कलाकारों द्वारा पारंपरिक वेशभूषा में परंपरागत वाद्य यंत्र बजाकर दर्शकों का स्वागत किया जा रहा है। इन कलाकारों के वाद्य यंत्रों की ध्वनि इतनी सुरीली है कि पर्यटक खुद को थिरकने से नहीं रोक पा रहे हैं। मेले में डेरु, बैगपाइपर व ढोल की थाप पर युवक युवतियां ही नहीं, बल्कि विदेशी पर्यटक भी जमकर झूमते नजर आ रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर क्राफ्ट मेले को लेकर युवा पीढ़ी में जोश है। मेला परिसर में जगह-जगह पारंपरिक वेशभूषा से सुसज्जित ऐसी सांस्कृतिक टोलियां लोगों का खूब मनोरंजन कर रही हैं। मेला परिसर में स्वदेशी उत्पादों की सुगंध, लोक संगीत की गूंज और प्राचीन संस्कृति की झलक आगंतुकों को आकर्षित कर रही है, वहीं इस मेले में हरियाणा की लोक संस्कृति से बीन, नगाड़ा पार्टी कलाकार पर्यटकों का जोरदार स्वागत कर रहे हैं। अरावली की सुंदर वादियों में आयोजित इस मेले में इस वर्ष पार्टनर नेशन के रूप में मिस्र अपनी अद्भुत कलाकृतियों के साथ मुख्य आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, जहां मेला परिसर में पार्टनर नेशन मिस्र अपनी संस्कृति को प्रदर्शित करते हुए पर्यटकों पर अमिट छाप छोड़ रहा है। वहीं अंतरराष्ट्रीय पवेलियन में मिस्र के शिल्पकारों द्वारा प्रदर्शित हस्तशिल्प न केवल विदेशी संस्कृति की झलक दिखा रहे हैं, जो भारतीय पर्यटकों के बीच भी बेहद लोकप्रिय हो रहे हैं। मिस्र के स्टॉल पर शीशल से बने उत्पाद सबसे अधिक चर्चा बटोर रहे हैं। यहां विशेष रूप से तैयार किए गए ज्वेलरी बॉक्स पर्यटकों की पहली पसंद बने हुए हैं। इसके अतिरिक्त, शीशल से निर्मित बर्नर जो घर में खुशबू फैलाने के काम आते हैं, फूड टोकरी, तथा हाथ और गले के लिए आकर्षक ब्रेसलेट्स और नेकलेस उपलब्ध है। इसके साथ ही स्टॉल पर सिरेमिक से बने सुंदर टी-सेट और बाउल भी सजाए गए हैं, जो अपनी महीन कारीगरी के लिए सराहे जा रहे हैं। मिस्र के शिल्पकार गोहारी ने बताया कि वे अपने इस पुश्तैनी काम को कई पीढियों से संजोए हुए हैं। उन्होंने बताया कि वे मिस्र के मिनिस्ट्री ऑफ सोशल सॉलिडेरिटी और भारत सरकार के विशेष सहयोग से इस मेले में अपनी स्टॉल लगा पाए हैं। उन्होंने मेले की शानदार व्यवस्थाओं और आतिथ्य सत्कार के लिए हरियाणा सरकार का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि सूरजकुंड का यह मंच विश्व भर के शिल्पकारों को एक साथ अपनी कला की प्रतिभा दिखाने का बेहतरीन जरिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कला का आदान-प्रदान होता है। सूरजकुंड मेले में कश्मीर की पेपरमेशी कला को देखकर पर्यटक शिल्पकारों के मुरीद हो रहे हैं। यह कश्मीर की 15वीं शताब्दी की पारंपरिक कला है जिसमें कागज की लुगदी, कपड़े व भूसे को सांचे में मिलाकर बक्से, गुलदस्ते व अन्य वस्तुएं बनाई जाती हैं और जटिल पेंटिंग से तैयार किया जाता है। शिल्पकला को देशभर में काफी पसंद किया जाता है। सूरजकुंड मेला में भी उनके द्वारा तैयार किए फ्रेम, लैंप सहित अन्य सजावटी सामान पर्यटकों को पसंद आ रहे हैं। इसके अलावा, अखरोट की लकड़ी से बच्चों के खिलौने भी काफी पसंद किए जा रहे हैं।

हरियाणा विधानसभा का सत्र 20 फरवरी से शुरू’
चंडीगढ़, 05 फरवरी, अभीतक: हरियाणा विधानसभा का सत्र शुक्रवार, 20 फरवरी 2026 को सुबह 11 बजे हरियाणा विधानसभा भवन, चंडीगढ़ में शुरू होगा। हरियाणा विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार सत्र की शुरुआत माननीय राज्यपाल के अभिभाषण से होगी।

लाडवा क्षेत्र में बुनियादी ढांचे, सिंचाई, स्वास्थ्य, नगरीय सुविधाओं के क्षेत्र में सरकार ने किए अभूतपूर्व कार्य: नायब सिंह सैनी’
सरकार का उद्देश्य विधानसभा क्षेत्र का विकास और यहां के हर नागरिक का उत्थान करना है’
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गांव खैरी में विकास कार्यों के लिए 21 लाख रुपए, पानी की पाइपलाइन के लिए 70 लाख रुपए और गांव की फिरनी निर्माण करवाने की करी घोषणा’

चंडीगढ़, 05 फरवरी, अभीतक: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार ने लाडवा क्षेत्र में बुनियादी ढांचे, सिंचाई, स्वास्थ्य, पशुपालन, खेल, पर्यावरण संरक्षण और नगरीय सुविधाओं के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए हैं। यह मंच हमारे क्षेत्र के सतत विकास, जनकल्याण और उज्ज्वल भविष्य के संकल्प का प्रतीक है। लाडवा विधानसभा क्षेत्र में बीते समय के दौरान जो विकास कार्य हुए हैं, वे यह सिद्ध करते हैं कि हमारी सरकार की नीति और नीयत दोनों जनहित के लिए समर्पित हैं। लाडवा हलके को विकास के मामले में अग्रणी बनाना है। हमारा उद्देश्य सिर्फ एक है, इस क्षेत्र का विकास और यहां के हर नागरिक का उत्थान हो। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बुधवार को गांव खैरी में आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे उन्होंने गांव खैरी में विकास कार्यों के लिए 21 लाख रुपए, पीने के पानी की पाइप लाइन के लिए 70 लाख रुपए और गांव की फिरनी निर्माण के कार्य को करवाने के लिए घोषणा की। मुख्यमंत्री ने सरपंच द्वारा सौंपे गए मांग पत्र के संबंध में कहा कि गांव की अन्य मांगों को संबंधित विभाग के पास भेज कर पूरा करवाया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गरीब महिलाओं को अपनी रसोई चलाने के लिए हर महीने 500 रुपये में गैस सिलेंडर दिया जा रहा है। यह लाभ प्रदेश के लगभग 14 लाख 70 हजार परिवारों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने किडनी के रोग से पीड़ित रोगियों के लिए सभी सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में मुफ्त डायलिसिस की सेवाएं शुरू की हैं। पिछले एक साल में 36 हजार युवाओं को बिना पर्ची-खर्ची के सरकारी नौकरियां दी गई हैं। इन्हें मिलाकर पिछले 11 सालों में 1 लाख 80 हजार नौकरियां दी जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि लाडवा विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों पर पिछले 11 वर्षों में 807 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, जबकि कांग्रेस के 10 साल के शासनकाल में मात्र 310 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हर घर गृहिणी योजना में विधानसभा के 9 हजार 240 परिवारों को 500 रुपये में गैस सिलैण्डर दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना में 364 मकानों का निर्माण किया गया है और 249 मकान निर्माणाधीन हैं। आयुष्मान चिरायु योजना में 1 लाख 59 हजार लोग पात्र पाए गए हैं, इनमें से 1 लाख 20 हजार लोगों के चिरायु कार्ड बन चुके हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि उमरी में उत्तर भारत के पहले राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान की स्थापना 108 करोड़ रुपये की लागत से की गई। लाडवा में 26 करोड़ रुपये की लागत से मल शोधन संयंत्र स्थापित किया व सीवरेज लाइन बिछाई गई। इसी तरह गांव उमरी में संत शिरोमणि गुरु रविदास स्मारक के निर्माण का कार्य लगभग 124 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से किया जा रहा है। यह स्मारक सामाजिक समरसता, समानता और संत परंपरा के मूल्यों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देगा। उन्होंने कहा कि गांव उमरी में ही सरकारी पॉलिटैक्निक भवन का निर्माण 14 करोड़ 51 लाख रुपये की लागत से किया गया। लाडवा विधानसभा क्षेत्र के 65 गांवों में पीने के पानी की पाइप लाइन बिछाने का काम 11 करोड़ 51 लाख रुपये की लागत से किया गया। इस मौके पर पूर्व राज्य मंत्री सुभाष सुधा, उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा, एसडीएम अनुभव मेहता सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के आदेशों पर टीजीटी हिन्दी शिक्षक को किया निलंबित
चंडीगढ़, 05 फरवरी, अभीतक: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के आदेश पर कनीपला राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल के टीजीटी हिन्दी शिक्षक को निलंबित कर दिया है, इस शिक्षक पर स्कूल की छात्रा के साथ दुर्व्यवहार करने के मामले में पोक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया गया था। अब लाडवा में जनसंवाद के दौरान परिजनों द्वारा की गई शिकायत के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शिक्षक को निलंबित करने के लिए आदेश दिए । इन आदेशों के तुरंत बाद हरियाणा मौलिक शिक्षा विभाग के महानिदेशक की तरफ से शिक्षक समीर कौशिक को निलंबित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के समक्ष बुधवार को लाडवा जनसंवाद में पीड़ित छात्रा के परिजनों ने शिकायत रखी कि कनीपला जीएसएसएस स्कूल में उनकी बेटी 7वीं कक्षा में पढ़ती है। इस स्कूल के शिक्षक समीर कौशिक ने उनकी बेटी के साथ दुर्व्यवहार किया। इस मामले में पुलिस को शिकायत दी गई और इस मामले में पुलिस ने 19 दिसंबर को विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया। इस एफआईआर के बाद पुलिस ने आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार भी किया, लेकिन अभी तक आरोपी शिक्षक को निलंबित नहीं किया गया था। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जनसंवाद में ही दूरभाष पर मुख्यालय पंचकुला के आला अधिकारियों को आरोपी शिक्षक को तुरंत निलंबित करने के आदेश जारी करने के निर्देश दिए।

22 जिलों में डे केयर कैंसर केंद्रों ने किया संचालन शुरू: डॉ. सुमिता मिश्रा’
चंडीगढ़, 05 फरवरी, अभीतक: विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि राज्य के 22 जिला नागरिक अस्पतालों में आज से डे केयर कैंसर केंद्र (डीसीसीसी) कार्य करना शुरू कर चुके हैं। यह पहल विकेंद्रीकृत कैंसर देखभाल को सशक्त बनाएगी और आवश्यक उपचार सेवाएं मरीजों के घर के नजदीक उपलब्ध कराएगी। इससे पहले राज्य के पांच जिलोंकृअंबाला, पंचकूला, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर और फरीदाबाद में ऐसे केंद्र संचालित थे। डॉ. मिश्रा ने कहा कि इन केंद्रों की परिकल्पना विकेंद्रीकृत कैंसर देखभाल सुविधाओं के रूप में की गई है, जिसका उद्देश्य मरीजों के लिए उपचार को अधिक सुलभ, किफायती और निरंतर बनाना है। जिला स्तर पर सेवाएं उपलब्ध होने से नियमित और फॉलो-अप उपचार के लिए तृतीयक अस्पतालों में बार-बार रेफरल की आवश्यकता कम होगी। नव-प्रारंभित डे केयर कैंसर केंद्रों के बारे में जानकारी देते हुए डॉ. मिश्रा ने बताया कि ये केंद्र एनसीआई झज्जर, पीजीआईएमएस रोहतक, सर्वोदय अस्पताल फरीदाबाद तथा एसीसीसी अंबाला कैंट को हब बनाकर, हब एवं स्पोक मॉडल के तहत फॉलो-अप कीमोथेरेपी सेवाएं प्रदान करेंगे। डॉ. मिश्रा ने कहा कि कैंसर देश में तेजी से मृत्यु और रोग भार का एक प्रमुख कारण बनकर उभरा है, जो सभी आयु वर्गों, लिंगों और भौगोलिक क्षेत्रों के लोगों को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने कहा कि कैंसर न केवल आर्थिक रूप से सक्रिय आबादी को प्रभावित करता है, बल्कि बढ़ती बुजुर्ग आबादी पर भी इसका प्रभाव है, जिससे शीघ्र पहचान, समय पर उपचार और दीर्घकालिक सहयोग महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य प्राथमिकताएं बन जाती हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग निवारण एवं नियंत्रण कार्यक्रम (एनपी-एनसीडी) के तहत स्वास्थ्य विभाग कैंसर के जोखिम कारकों और स्वस्थ जीवनशैली को लेकर जागरूकता अभियानों को तेज कर रहा है, ताकि रोग भार को कम किया जा सके। विश्व कैंसर दिवस और राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस जैसे अवसरों का उपयोग नागरिकों को स्वस्थ आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि तथा तंबाकू और शराब के सेवन के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए किया जाता है। डॉ. मिश्रा ने कहा कि हरियाणा में सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, उप-मंडलीय अस्पतालों और जिला नागरिक अस्पतालों में सामान्य कैंसरों की स्क्रीनिंग की जा रही है। संदिग्ध मामलों की पुष्टि एफएनएसी, पैप स्मीयर, फ्लूइड साइटोलॉजी और बायोप्सी जैसी जांच सुविधाओं के माध्यम से की जाती है, जो कई जिला स्तरीय अस्पतालों में उपलब्ध हैं। उन्होंने आगे बताया कि नागरिक अस्पताल, अंबाला कैंट में स्थित अटल कैंसर केयर सेंटर (एसीसीसी) एक विशिष्ट और अत्याधुनिक सुविधा है, जो द्वितीयक स्तर पर समग्र कैंसर देखभाल प्रदान करता है। इस केंद्र में कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी और सर्जिकल ऑन्कोलॉजी सेवाएं उपलब्ध हैं तथा यह लिनियर एक्सेलेरेटर, सीटी सिम्युलेटर और ब्रैकीथेरेपी यूनिट जैसी उन्नत तकनीकों से सुसज्जित है। जनवरी से दिसंबर 2025 के बीच एसीसीसी में 20,016 से अधिक मरीजों ने ओपीडी सेवाएं लीं। इसी अवधि में 2,743 मरीजों को 3,829 कीमोथेरेपी सत्रों के माध्यम से उपचार दिया गया, जबकि 396 मैमोग्राफी जांच, 237 ब्रैकीथेरेपी प्रक्रियाएं और 721 सर्जरी सफलतापूर्वक की गईं। मरीजों पर वित्तीय बोझ कम करने के लिए डॉ. मिश्रा ने बताया कि कैंसर मरीजों को एक सहायक के साथ निःशुल्क यात्रा सुविधा प्रदान की जा रही है। इस पहल के तहत जारी किए गए फ्री ट्रैवल फैसिलिटी कार्डों की संख्या वर्ष 2022-23 में 7,617 से बढ़कर 2023-24 में 9,408 और 2024-25 में 10,102 हो गई है, जो बढ़ती पहुंच और उपयोगिता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार स्टेज-प्प्प् और स्टेज-प्ट कैंसर मरीजों को, जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय तीन लाख रुपये से कम है, प्रति माह 3,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। अब तक सेवा विभाग के माध्यम से 5,807 कैंसर मरीजों को इस पेंशन योजना के अंतर्गत लाभान्वित किया जा चुका है। नव-प्रारंभित डे केयर कैंसर केंद्रों के बारे में बताते हुए डॉ. मिश्रा ने कहा कि ये केंद्र फॉलो-अप कीमोथेरेपी, पैलिएटिव केयर, लक्षण प्रबंधन, सहायक सेवाएं तथा अनुमोदित क्लिनिकल प्रोटोकॉल के अनुरूप संरचित पोस्ट-ट्रीटमेंट फॉलो-अप प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी द्वारा बजट भाषण में घोषित यह पहल हरियाणा में सुलभ और मरीज-केंद्रित कैंसर देखभाल की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर डॉ. सुमिता मिश्रा ने कैंसर की रोकथाम, शीघ्र पहचान, समग्र उपचार और दीर्घकालिक सहयोग के प्रति स्वास्थ्य विभाग की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि जिला स्तर की सेवाओं को सशक्त बनाना कैंसर से प्रभावित लोगों के जीवन की गुणवत्ता और उपचार परिणामों में सुधार लाने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।

फर्जी बिलों पर साइन करने का दबाव बनाने वाले वन विभाग के अधिकारी पर होगी कार्रवाई: नायब सिंह सैनी’
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने लाडवा में जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान सुनी आमजन की समस्याएं’
एलीजिबिलिटी पूरी करने वाली कॉलोनी को जल्द किया जाएगा वैध घोषित’
सोलर लाइट लगाने की परियोजना में भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच करने के लिए मुख्यमंत्री ने उपायुक्त को दिए निर्देश’

चंडीगढ़, 05 फरवरी, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कर्मचारी से फर्जी बिलों पर साइन करने का दबाव बनाने वाले वन विभाग के अधिकारी पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री को शिकायत में गुरमीत ने बताया कि वह फौज से रिटायर है और अब वन विभाग में नौकरी कर रहा है। वन विभाग का एक अधिकारी उससे फर्जी बिलों पर साइन करने का दबाव बना रहा है, जब उसने मना किया तो उसे कार्रवाई करने का डर दिखाया। मुख्यमंत्री ने लाडवा विधानसभा के लोगों की समस्याओं को हल करने में लापरवाही बताने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को फटकार लगाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोई नागरिक अपनी समस्या लेकर आता है तो अधिकारी तुंरत संज्ञान लेते हुए समस्या का समाधान करें। अधिकारी नागरिक की समस्या का समाधान जल्दी करें। चक्कर लगाने वाले अधिकारियों व कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री बुधवार को लाडवा में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान आमजन की समस्याओं को सुन रहे थे। इस मौके पर पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा भी उपस्थित रहे। इस दौरान करीब 225 समस्याओं को सुना और मौके पर ही उन समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए। श्री नायब सिंह सैनी ने उपायुक्त को निर्देश दिए कि कलाल माजरा निवासी सुभाष के सोलर लाइट लगाने की परियोजना में भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की जाए और भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियों की रिपोर्ट बनाकर भेजी जाए। मुख्यमंत्री ने टाटकी की नर्सरी के खिलाड़ियों को डाइट का पैसा न मिलने के मामले में उपायुक्त को जांच करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री को बलजिंदर ने शिकायत में बताया कि 15 जून 2024 से शुरू नर्सरी में खिलाड़ियों को डाइट का पैसा नहीं दिया जा रहा है। इसी तरह पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि ठगी करने वाले आरोपी पर लगे आरोप साबित हो चुके हैं तो आरोपी की प्रॉपर्टी को अटैच किया जाए। मुख्यमंत्री ने राजीव की शिकायत पर बिजली विभाग के अधिकारी को निर्देश दिए कि वह पूरे मामले की जांच करें और पता लगाएं कि जब परिवार यहां नहीं रहता तो बिजली चोरी का केस कैसे और किसने बनाया। इस मामले की पूरी रिपोर्ट बनाकर पेश की जाए। इसी तरह कलाल माजरा निवासी महेंद्र की शिकायत पर उनके डेरे में रहने वाले 20 घरों को बिजली सप्लाई उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। इस दौरान मुख्यमंत्री को वीरपाल ने शिकायत में बताया कि वह विकलांग है और उसके माता-पिता की मृत्यु हो चुकी है। अब उसके पास अपनी बहन की शादी करने के लिए पर्याप्त मात्रा में बजट नहीं है। मुख्यमंत्री ने वीरपाल को उसकी बहन की शादी के लिए आर्थिक मदद करने का आश्वासन दिया। इसी तरह रजनी की शिकायत पर उपायुक्त को लीड बैंक मैनेजर के माध्यम से बातचीत कर उनकी मदद करने के निर्देश दिए। श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जल्द ही एलीजिबिलिटी पूरी करने वाली कॉलोनी को वैध घोषित किया जाएगा। इन कॉलोनियां के वैध होने के बाद इनको सभी सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। मुख्यमंत्री ने अवैध कॉलोनी में पीने के पानी, सफाई जैसी समस्याओं को लेकर आए नागरिकों की सुनवाई के दौरान ऐसा कहा। मुख्यमंत्री ने लाडवा शहर में सीवर पाइप लीक होने के मामले में अधिकारी को फटकार लगाते हुए कहा कि शाम तक इस लीकेज को दुरुस्त किया जाए। श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा में बुजुर्गों को परिवार पहचान पत्र में 60 वर्ष पूरे होने और आयु के सत्यापन के बाद बिना किसी आवेदक के बुढ़ापा पेंशन का लाभ दिया जा रहा है। प्रदेशभर में पेंशन काटने की जो शिकायत उनके पास आ रही है। उनका विभागीय स्तर पर समाधान किया जा रहा है।

केंद्रीय बजट गरीबों के विकास को समर्पित: कृष्ण कुमार बेदी’
चंडीगढ़, 05 फरवरी, अभीतक: हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट गरीबों के विकास का बजट है। इस बजट में किसान, मजदूर, युवा, गरीब तथा महिला कल्याण पर विशेष फोकस किया गया है। केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत बजट में अर्थव्यवस्था की मजबूती, रोजगार सृजन और समाज के गरीब वर्गों के जीवन में आर्थिक समृद्धि को मुख्य प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों के कारोबार और व्यापार मानकों का सर्वांगीण विकास किया गया है, जिससे देश में उत्पादकता, निर्यात क्षमता तथा निवेश में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी। यह बजट पूर्ण रूप से जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और जनहित योजनाओं पर आधारित है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के विजन की स्पष्ट झलक दिखाई देती है। कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने यह विचार बुधवार को नरवाना में क्षेत्रवासियों की समस्याएं सुनते हुए व्यक्त किए। उन्होंने केंद्रीय बजट की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए कहा कि यह बजट गरीब, युवा, किसान, कामगार, छोटे व्यापारियों और उद्यमियों की प्रगति का नया सूत्रपात करेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की तर्ज पर राज्य सरकार भी समग्र एवं संतुलित विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए वे स्वयं भी प्रयासरत हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि निकट भविष्य में नरवाना को विकास की नई रफ्तार मिलेगी। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि गत वर्ष अगस्त में प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं का रोडमैप तैयार हो चुका है, जिसके तहत क्षेत्र में अनेक परियोजनाओं का निर्माण किया जाएगा। इन परियोजनाओं से नरवाना एक विकसित मॉडल के रूप में उभरकर सामने आएगा। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री ने लोगों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड मेला में एक स्टॉल ऐसी जहां लकड़ी पर होती है गजब की नक्काशी, मूर्तियां देख रह जाएंगे निहारते’
तिरुपति बालाजी से आए फूला चंदू ने लगाई हुई है वुड कार्विंग स्टॉल’
हरियाणा सहित देश के अन्य राज्यों के हस्तशिल्प कलाकारों को भी बेहतरीन मंच प्रदान कर रहा है सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला’

चंडीगढ़, 05 फरवरी, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन व हरियाणा पर्यटन मंत्री डा. अरविंद शर्मा की देख-रेख में हरियाणा के जिला फरीदाबाद के सूरजकुंड में लोकल फॉर ग्लोबल-आत्मनिर्भर भारत की पहचान थीम के साथ आयोजित किया जा रहा 39वां सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला हरियाणा प्रदेश ही नहीं अपितु देश के अन्य राज्यों के हस्तशिल्पियों को भी अपनी हस्तकला का प्रदर्शन करने के लिए बेहतरीन मंच प्रदान कर रहा है। सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला में आए ऐसे ही एक हस्तशिल्पी हैं तिरुपति बालाजी से आए फूला चंदू मेला में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के वोकल फॉर लोक व आत्मनिर्भर भारत विजन को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। फूला चंदू को लकड़ी पर नक्काशी करने में महारथ हासिल है, जिसके माध्यम से वे लकड़ी पर गजब की नक्काशी करते हैं और लकड़ी को भगवान की मूर्तियों का रूप देते हैं। फूला चंदू द्वारा लगाई गई स्टॉल दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित करने के साथ-साथ लोगों की आस्था का केंद्र बनी हुई है।
मेले में हस्तनिर्मित जूट उत्पादों की स्टाल बनी आकर्षण का केंद्र’
मेले में लगी एक विशेष स्टाल पर्यटकों के बीच खासा आकर्षण का केंद्र बनी हुई है, जहां जूट बैग, बास्केट, स्टूल सहित 200 से अधिक हस्तनिर्मित उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं और पर्यटकों के लिए बिक्री हेतु उपलब्ध हैं। विशाल सिंह और सम्राट सिंह ने बताया कि यह स्टाल पूरी तरह से हाथ से बने स्वदेशी उत्पादों को समर्पित है, जो न सिर्फ पर्यावरण के अनुकूल हैं, बल्कि स्थानीय कारीगरों की मेहनत और कला को भी दर्शा रही है। स्टाल पर उपलब्ध जूट बैग्स, सजावटी बास्केट, बैठने के लिए स्टूल, होम डेकोर आइटम्स और दैनिक उपयोग की वस्तुएं लोगों को खूब पसंद आ रही हैं। खास बात यह है कि सभी उत्पादों में पारंपरिक डिजाइन के साथ-साथ आधुनिक जरूरतों का भी ध्यान रखा गया है।
सूरजकुंड मेले में स्वच्छता और साफ-सफाई पर दिया जा रहा है विशेष जोर’
सूरजकुंड मेले के हर प्रवेश द्वार, मुख्य मार्गों और स्टालों के आसपास नियमित रूप से साफ-सफाई कराई जा रही है। मेला परिसर को साफ, सुव्यवस्थित और पर्यावरण-अनुकूल बनाए रखने के लिए उपायुक्त आयुष सिन्हा के निर्देशानुसार जिला प्रशासन और हरियाणा पर्यटन विभाग द्वारा व्यापक इंतजाम किए गए हैं। इसके लिए सफाई कर्मचारियों की विशेष टीम तैनात की गई है, जो पूरे दिन परिसर की निगरानी कर रही है। जगह-जगह डस्टबिन और कचरा संग्रहण केंद्र लगाए गए हैं, ताकि आगंतुक कचरा इधर-उधर न फैलाएं और मेले में स्वच्छता बनी रहे। मेले अथॉरिटी द्वारा कारीगरों और दुकानदारों को पर्यावरण-अनुकूल सामग्री के इस्तेमाल के लिए प्रेरित किया गया है। साथ ही, लोगों को स्वच्छ भारत मिशन के तहत जागरूक करने के लिए पोस्टर और संदेश भी लगाए गए हैं।
मेले में गीता पर आधारित पंचजन्य शंख और सुदर्शन चक्र बने पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र’
भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत से जुड़े कलात्मक प्रतीक पर्यटकों का ध्यान कर रहे हैं आकर्षित’

सूरजकुंड मेले में श्रीमद्भगवद्गीता पर आधारित पंचजन्य शंख और सुदर्शन चक्र प्रदर्शित किए गए हैं, जिनके साथ पर्यटक जमकर सेल्फी ले रहे हैं। पंचजन्य शंख भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ा हुआ पवित्र प्रतीक माना जाता है, जबकि सुदर्शन चक्र भगवान श्री हरि विष्णु से जुड़ा हुआ है। सूरजकुंड मेला में इन दोनों प्रतीकों को कलाकृतियों के रूप में प्रस्तुत किया गया है। शंख और चक्र की पारंपरिक कलाकृति कारीगरों की अद्भुत कला को दर्शाती है। सूरजकुंड मेला में इन आकृतियों में गीता के उपदेशों को प्रतीकात्मक रूप से दर्शाने का प्रयास किया गया है, जिससे यह न केवल सजावटी वस्तु बनती है, बल्कि आध्यात्मिक संदेश भी देती है। सूरजकुंड मेला हमेशा से कला, संस्कृति और परंपरा का संगम रहा है। गीता पर आधारित पंचजन्य शंख और सुदर्शन चक्र की कलाकृतियां सूरजकुंड मेले को आध्यात्मिक गरिमा प्रदान कर रही है और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को सशक्त रूप से सामने ला रही है।
एलिफेंटा की प्रसिद्ध त्रिमूर्ति सूरजकुंड मेला की खूबसूरती को चार चांद लगा रही’
क्राफ्ट फेस्टिवल में मुंबई महानगर की प्रसिद्ध एलिफेंटा गुफा की त्रिमूर्ति सूरजकुंड मेला की खूबसूरती को चार चांद लगा रही है और हर आने-जाने वाले को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं। इस त्रिमूर्ति पर दूर से ही पर्यटकां की नजर पड़ जाती है और इस मूर्ति की नायाब खूबसूरती पर आकर ठहर जाती है। एलिफेंटा की गुफाएं कलात्मक कलाकृतियों की श्रृंखला है जो कि एलिफेंटा आईलैंड में स्थित है। मुंबई के गेटवे आफ इंडिया से लगभग 12 किमी की दूरी पर अरब सागर में स्थित टापू है। जहां भगवान शिव के कई रूपों को उकेरा गया है। यहां भगवान शंकर की बड़ी-बड़ी मूर्तियां हैं। यहां का शिल्प दक्षिण भारतीय मूर्तिकला से प्रेरित है। इस त्रिमूर्ति की सुंदरता देखकर हर कोई मंत्रमुग्ध हो जाता है।

वर्ष 2026 की शुरुआत में ही मिली 26 आयुष औषधालय खोलने की स्वीकृति: आरती सिंह राव’
कहा: 5 जिलों में अब, शेष जिलों में भी जल्द खोलेंगे नियमानुसार औषधालय’

चंडीगढ़, 05 फरवरी, अभीतक: हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि आयुष औषधालय भारत की पारंपरिक स्वास्थ्य प्रणालियों को सुरक्षित, सस्ता और सुलभ बनाकर एक स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण में मदद करते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश में राजकीय आयुष औषधालय खोलने का निर्णय लिया है। फिलहाल मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने पांच जिलों में 26 आयुष औषधालय और खोलने की स्वीकृति दे दी है, शेष जिलों में भी जल्द ही मैपिंग करवा कर ये औषधालय खोले जाएंगे। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार राज्य के लोगों को किफायती और सुलभ उपचार उपलब्ध करवाने के लिए लगातार प्रयासरत है और आवश्यकतानुसार अस्पताल खोले जा रहे हैं और सस्ती दवाएं दी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि रेवाड़ी जिला के 5 गांवों लिसान, करवारा मानकपुर, रोहड़ाई, जयसिंहपुरा, झाबुवा, महेंद्रगढ़ जिला के 6 गांवों सुरजनवास, गुढ़ा, बुचावास, बावनिया, रामबास, रसूलपुर, करनाल जिला के 1 गांव फफड़ाना, कुरुक्षेत्र जिला के 4 गांव अजराना कला, कालसा, नलवी, मोहरी तथा यमुनानगर जिला के 10 गांव महियुद्दीनपुर, रतनगढ़, भांगड़ा, तलकपुर, खुर्दबन, ताजेवाला, हड़ौली, लेडी, कोट बासवा सिंह और गांव डारपुर में राजकीय आयुष औषधालय खोले जाएंगे। आरती सिंह राव ने कहा कि हरियाणा सरकार प्रदेश में आयुष पद्धति को बढ़ावा दे रही है। राज्य में आयुष सेवाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। कुरुक्षेत्र में आयुष विश्वविद्यालय स्थापित की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य की जनता की सेहत के सुधार के लिए प्रतिबद्ध है।

मोदी सरकार 3.0 द्वारा पेश किया गया बजट केवल एक वित्तीय दस्तावेज नहीं, बल्कि विकसित भारत की तस्वीर पेश करता है – मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी’
16वें वित्त आयोग की अवधि में हरियाणा को करीब एक लाख करोड़ रुपये केंद्रीय करों से प्राप्त होंगे’
केंद्रीय बजट से हरियाणा को मिलने वाले लाभ के पहलुओं को मुख्यमंत्री ने रखा सामने
बजट में विकसित भारत के स्तंभ गरीब, युवा, महिला और किसान को केंद्र में रखा गया: मुख्यमंत्री’

चंडीगढ़, 05 फरवरी, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में चल रही 3.0 केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में पेश किया गया दूसरा बजट केवल एक वित्तीय दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह उस भारत की तस्वीर पेश करता है जो आत्मनिर्भर है, प्रतिस्पर्धी है और सामाजिक रूप से संवेदनशील भी है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह बजट ‘विकास भी, विश्वास भी’ के सिद्धांत पर आधारित है और हरियाणा जैसे अग्रणी राज्य के लिए इसमें अपार अवसर निहित हैं। मुख्यमंत्री बुधवार को हरियाणा निवास पर पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस दौरान केंद्रीय बजट 2026-27 की भावना, दिशा और उसके महत्वपूर्ण पहलुओं पर अपनी बात रखते हुए केंद्र सरकार के बजट का हरियाणा पर पड़ने वाले प्रत्यक्ष प्रभावों को भी बताया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यह बजट उस भारत की सोच को दर्शाता है, जहां विकास का मतलब केवल बड़े शहर नहीं, बल्कि गांव, किसान, महिला, युवा और श्रमिक भी हैं। जहां, अर्थव्यवस्था मजबूत हो, लेकिन समाज का अंतिम व्यक्ति भी सुरक्षित और सम्मानित महसूस करे। उन्होंने कहा कि इस बजट में विकसित भारत के स्तंभ गरीब, युवा, महिला और किसान को केंद्र में रखा गया है। और यही प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में हमारी विकास नीति का भी मूल मंत्र है। इस बजट का मूल उद्देश्य है, संदेह के स्थान पर एक्शन, दिखावे के स्थान पर सुधार और लोक-लुभावन घोषणाओं के स्थान पर जनहित को प्राथमिकता। सरकार ने इस बजट में लगभग 7 प्रतिशत की उच्च आर्थिक विकास दर को लक्ष्य बनाते हुए राजकोषीय अनुशासन और सामाजिक न्याय, दोनों के बीच संतुलन साधा है।
12 लाख 20 हजार करोड़ रुपये तक बढ़ाया गया पूंजीगत व्यय’
मुख्यमंत्री ने कहा कि पेश किए गए बजट में देश की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए सार्वजनिक पूंजीगत व्यय को लगभग 12 लाख 20 हजार करोड़ रुपये तक बढ़ाया गया है। यह निवेश सड़कों, रेल, शहरी अवसंरचना, औद्योगिक कॉरिडोर और लॉजिस्टिक्स को मजबूत करेगा। इसका सीधा लाभ हरियाणा को मिलेगा, क्योंकि हमारा राज्य दिल्ली-एनसीआर, औद्योगिक गलियारों और राष्ट्रीय राजमार्गों का केंद्र है। इस निवेश से न केवल विकास कार्य तेज होंगे, बल्कि लाखों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
’युवाओं के लिए विशेष योजना बनाई गई है’
उन्होंने कहा कि बजट में युवाओं के लिए क्या है? इस पर बड़ी चर्चा हो रही है। केंद्र सरकार हमारे युवाओं को देश की सबसे बड़ी पूंजी मानती है। युवा कौशल विकास व शिक्षा क्षेत्र के लिए 1 लाख 39 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। देश के 1 लाख 50 हजार से अधिक युवाओं को नई उम्र की स्किल्स का प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। इसलिए, केंद्रीय बजट में कौशल विकास, रोजगार और भविष्य की तकनीकों के लिए 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, बायोटेक और साइबर सिक्योरिटी जैसी तकनीकों के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का विशेष फंड रखा गया है। इसका सीधा लाभ गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला और रोहतक जैसे शैक्षणिक व तकनीकी केंद्रों को मिलेगा, जहां हमारे युवा विश्व-स्तरीय अति-आधुनिक कौशल सीखकर उच्च-आय रोजगार प्राप्त कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टार्टअप और उद्यमिता के लिए भी 7,500 करोड़ रुपये के प्रावधान से हरियाणा का स्टार्टअप इकोसिस्टम और मजबूत होगा। इससे प्रदेश में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और हमारा युवा रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनेगा। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा भारत में स्टार्टअप की संख्या में चैथे बड़े राज्य के रूप में उभरा है। वर्तमान में, हरियाणा में 9,100 से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स हैं। प्रदेश में 19 यूनिकॉर्न कंपनियां हैं। इसके अलावा, 250 से अधिक फॉर्च्यून-500 कंपनियां भी यहां हैं। उन्होंने कहा कि इससे भी अधिक खुशी की बात यह है कि लगभग 50 प्रतिशत स्टार्टअप महिलाएं चला रही हैं। प्रदेश सरकार ने ने अगले चरण में स्टार्टअप्स में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाकर 60 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य रखा है। यही नहीं, सरकार नीति आयोग के साथ मिलकर ‘विमेन आंत्रप्रेन्योरशिप प्लेटफॉर्म’ का एक ‘स्टेट चैप्टर’ स्थापित कर रहे हैं। इससे महिला उद्यमियों को 700 से अधिक मेंटर्स, विशेष प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, बाजार तक पहुंच और इन्क्यूबेशन सहयोग प्राप्त होगा। सरकार ने हरियाणा में ‘हरियाणा राज्य स्टार्टअप नीति-2022’ लागू की है। प्रदेश सरकार स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए 2 हजार करोड़ रुपये का फंड ऑफ फंड्स स्थापित करवाने जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘शिक्षा से रोजगार और उद्यमिता’ को जोड़ने के लिए उच्चस्तरीय स्थायी समिति का गठन किया गया है। डिजिटल और क्रिएटिव अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए देशभर के 15 हजार माध्यमिक विद्यालयों और 500 महाविद्यालयों में एवीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब्स स्थापित की जाएंगी। आईटी सेवाओं के क्षेत्र में सुरक्षित मार्जिन सीमा को 300 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2,000 करोड़ रुपये किया गया है। इससे बड़ी संख्या में युवाओं के लिए उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि खेलों के क्षेत्र में ‘खेलो इंडिया मिशन’ को एकीकृत प्रतिभा विकास मार्ग के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसमें वैज्ञानिक प्रशिक्षण, आधुनिक खेल अवसंरचना और तकनीक का समावेश होगा। हरियाणा की लगभग 65 प्रतिशत आबादी युवा है और यह बजट इस युवा शक्ति को शिक्षा, कौशल, तकनीक और रोजगार से जोड़ने का स्पष्ट रोडमैप देता है। महिलाओं और गरीब वर्ग के लिए यह बजट सामाजिक न्याय और आर्थिक सशक्तिकरण का बजट है। सरकार ने महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों के केंद्र में लाने के लिए स्वयं सहायता समूहों को सामुदायिक स्तर पर उद्यमिता हाट के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए लगभग 8 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सामाजिक सुरक्षा, पेंशन, पोषण और आय-सहायता योजनाओं के लिए 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक का बजट रखा गया है।
कृषि को लेकर भी उठाये गए हैं विशेष कदम
उन्होंने कहा कि कृषि, डेयरी, फूड प्रोसेसिंग और ग्रामीण उद्यमिता में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए वित्तीय और संस्थागत समर्थन दिया जा रहा है। हरियाणा में स्वयं सहायता समूहों व महिला उद्यमियों को सीधा लाभ मिलेगा। प्रत्येक जिले में उच्च शिक्षा के ैज्म्ड संस्थानों में महिला छात्रावासों की स्थापना का प्रावधान किया गया है। यह प्रयास दर्शाता है कि प्रदेश सरकार बेटियों की शिक्षा व सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
स्वास्थ्य के क्षेत्र के लिए भी बड़ा अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में यह बजट हरियाणा के लिए एक बड़ा अवसर लेकर आया है। बायोफार्मा शक्ति पहल के अंतर्गत 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान, स्वास्थ्य अवसंरचना के लिए 20 हजार करोड़ रुपये व मेडिकल टूरिज्म के लिए 5 हजार करोड़ रुपये का समर्थन दिया गया है। ऐसे में गुरुग्राम, पंचकूला, रोहतक और करनाल जैसे क्षेत्रों में फार्मा क्लस्टर, मेडिकल कॉलेज और आधुनिक अस्पतालों को नई गति मिलेगी। इससे न केवल स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी, बल्कि डॉक्टरों, नर्सों, तकनीशियनों और पैरामेडिकल स्टाफ के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार भी सृजित होंगे। इनके साथ ही, स्वास्थ्य और देखभाल क्षेत्र में 1 लाख 50 हजार बहु-कुशल केयर गिवर्स को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं होंगी। इससे गुरुग्राम, रोहतक, करनाल और हिसार जैसे शहरों में स्वास्थ्य व केयर सेक्टर में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के लिए यह बजट विशेष रूप से लाभकारी है। कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के लिए लगभग 1 लाख 62 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पशुपालन और डेयरी के लिए 6 हजार 153 करोड़ रुपये से अधिक का आवंटन, मत्स्य पालन के लिए 2 हजार 500 करोड़ रुपये और पीएम-किसान योजना के तहत 63 हजार 500 करोड़ रुपये की निरंतर सहायता किसानों के लिए बड़ी राहत है। भारत विस्तार योजना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे किसान डिजिटल और ए.आई. आधारित कृषि प्लेटफॉर्म से सीधे जुड़ सकेंगे। उन्हें मौसम, मिट्टी और बाजार की सटीक जानकारी मिलेगी। इससे वे बेहतर निर्णय कर सकेंगे। इसका सीधा असर यह होगा कि उनकी कृषि लागत घटेगी और आय बढ़ेगी। बजट का असर हरियाणा के खेत-खलिहानों में साफ दिखाई देगा। हरियाणा में सिंचाई कवरेज पहले ही 80 प्रतिशत से अधिक है। लेकिन, बजट में जलाशयों और अमृत सरोवरों के विकास से जल संरक्षण और भूजल स्तर सुधारने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में डेयरी और पशुपालन किसानों की आय का बड़ा आधार है और मत्स्य पालन व डेयरी मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने से ग्रामीण आय में स्थायी वृद्धि होगी। बागवानी और उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा देने से दक्षिण हरियाणा और शुष्क क्षेत्रों में किसानों के लिए नई संभावनाएं खुलेंगी। एग्रीस्टैक और डिजिटल कृषि से हरियाणा के प्रगतिशील किसान तकनीक के माध्यम से अधिक उत्पादन और बेहतर दाम प्राप्त कर सकेंगे। केन्द्र सरकार ने बजट में भूमि सुधार के लिए कई प्रावधान किए हैं। हाल ही में, केंद्र सरकार ने राज्यों में भूमि संबंधी सुधारों को बढ़ावा देने के लिए पूंजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता योजना के तहत 10 हजार करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि निर्धारित की है। इसके अलावा, किसानों की रजिस्ट्री बनाने के लिए 5,000 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा की 6 लाख एकड़ जलभराव और खारी भूमि को खेती योग्य बनाने के लिए विशेष प्रावधान भी किए गए हैं। इससे राज्य के हजारों किसानों को लाभ होगा और कृषि उत्पादन बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने उद्योगों के संदर्भ में अपनी बात रखते हुए कहा कि यह बजट हरियाणा के लिए विश्वास और अवसर दोनों लेकर आया है। हरियाणा राज्य पहले से ही ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा और टेक्सटाइल के क्षेत्र में अग्रणी है। सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट और बायोफार्मा को बढ़ावा देने की योजनाओं से गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत जैसे क्षेत्रों में नई निवेश परियोजनाएं आएंगी। इसके साथ ही, 200 पुराने औद्योगिक क्लस्टरों के पुनर्जीवन का निर्णय पानीपत, यमुनानगर और अंबाला जैसे पारंपरिक औद्योगिक शहरों को नई ऊर्जा देगा। डैडम् सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपये की विकास निधि का लाभ हरियाणा के भी लाखों छोटे उद्यमियों और कारीगरों को मिलेगा। उन्होंने बताया कि इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के मामले में हरियाणा इस बजट से और मजबूत होगा। हाई-स्पीड रेल, शहरी आर्थिक क्षेत्रों और टियर-2 व टियर-3 शहरों पर ध्यान देने से रोहतक, हिसार, करनाल, सिरसा और रेवाड़ी जैसे शहरों में रोजगार आधारित शहरीकरण को बढ़ावा मिलेगा। दिल्ली एन.सी.आर. से जुड़े हरियाणा के शहरों में कनेक्टिविटी और रियल एस्टेट को बढ़ावा मिलेगा। औद्योगिक व लॉजिस्टिक हब के रूप में राज्य की भूमिका और अधिक मजबूत होगी। बजट में ग्रीन एनर्जी और बैटरी स्टोरेज पर जोर देने से हरियाणा में सोलर और रिन्यूएबल एनर्जी परियोजनाओं का विस्तार होगा। इससे राज्य की ऊर्जा जरूरतें भी पूरी होंगी और पर्यावरण संतुलन भी बना रहेगा।
हरियाणा के मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों को सीधे मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि आम नागरिक के लिए यह बजट राहत का बजट है और इसका लाभ हरियाणा के मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों को सीधे मिलेगा। टैक्स प्रक्रियाओं में सरलता, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाओं पर शुल्क में छूट और शिक्षा व इलाज पर खर्च कम होने से परिवारों की जेब पर बोझ घटेगा। डिजिटल गवर्नेंस के माध्यम से सेवाओं की डिलीवरी तेज होगी, जिससे हरियाणा में पारदर्शिता और सुशासन को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि कर प्रणाली को सरल, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए ज्क्ै, ज्ब्ै में राहत, रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा में लचीलापन और अनुपालन अपराधों के अपराधीकरण को हटाया गया है। कस्टम की डिजिटल सिंगल विंडो से आयात-निर्यात प्रक्रियाएं तेज होंगी और व्यापार करने की लागत भी घटेगी। राज्यों को 1 लाख 40 हजार करोड़ रुपये का अनुदान सहकारी संघवाद को सशक्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।
रेलवे क्षेत्र में हरियाणा को मजबूती मिलेगी
उन्होंने कहा कि रेलवे क्षेत्र में भी हरियाणा को एक मजबूत और दूरदर्शी रोडमैप मिला है। हरियाणा को 3 हजार 566 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसमें से 315 करोड़ रुपये विशेष रूप से राज्य की प्राथमिक और लक्षित परियोजनाओं के लिए रखे गए हैं। हरियाणा के 34 रेलवे स्टेशनों को ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के अंतर्गत आधुनिक बनाया जा रहा है। इनमें स्वच्छता, यात्री सुविधा, डिजिटल सेवाएं, दिव्यांगजन-अनुकूल ढांचा और स्थानीय पहचान को विशेष महत्व दिया गया है। यह रेलवे पहल हरियाणा की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाली है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जुड़ी कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार से राज्य की माल परिवहन क्षमता में लगभग 11 गुणा तक वृद्धि होगी। इससे उद्योगों को तेज और किफायती परिवहन सुविधा मिलेगी। किसानों को अपने उत्पाद बाजार तक पहुंचाने में सहूलियत होगी और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। यह रेलवे पुश हरियाणा को एक मजबूत औद्योगिक और लॉजिस्टिक हब के रूप में स्थापित करेगा और ‘विकसित हरियाणा-विकसित भारत’ की दिशा में हमारी प्रतिबद्धता को और सशक्त बनाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में किये गए प्रावधानों से महान संस्कृति, विरासत और पुरातात्विक महत्व के 15 स्थलों को वैश्विक पहचान मिलेगी। इससे हरियाणा के राखीगढ़ी जैसे स्थलों को भी वैश्विक पहचान मिल सकेगी। उन्होंने 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2026 से 2031 की अवधि के लिए वित्त आयोग की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है। इसके तहत राज्यों को केंद्रीय करों के विभाज्य पूल से 41 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा, जो पहले की तरह ही बरकरार रखा गया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय करों हरियाणा राज्य का हिस्सा 1.093 प्रतिशत से बढ़कर 1.361 प्रतिशत हो गया है। 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा की तुलना में यह लगभग 24.5 प्रतिशत की ऐतिहासिक बढ़ोतरी है और अब तक का सबसे अधिक हिस्सा है। इसका सीधा लाभ यह होगा कि वर्ष 2026दृ27 में हरियाणा को केंद्रीय करों से लगभग 20 हजार 772 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे। यह राशि पिछले वर्ष के संशोधित अनुमान से करीब 5 हजार 547 करोड़ रुपये अधिक है। आने वाले पांच वर्षों में इस बढ़े हुए हिस्से से हरियाणा को लगभग 28 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि मिलने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि 16वें वित्त आयोग की अवधि में हरियाणा को करीब एक लाख करोड़ रुपये केंद्रीय करों से प्राप्त होंगे, जो कि हरियाणा को मिलने वाला अब तक का सबसे ज्यादा फंड है। जबकि, इससे पहले कांग्रेस के शासनकाल में 13वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार प्रदेश को 14 हजार 937 करोड़ रुपये मिले थे। बीजेपी सरकार के शासन काल में 14वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार 34 हजार 758 करोड़ रुपये तथा 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार प्रदेश को कुल 61 हजार 736 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे। यह हरियाणा की आर्थिक मजबूती और केंद्र सरकार के सहयोग का स्पष्ट प्रमाण है। उन्होंने कहा कि सरकार वित्तीय अनुशासन के साथ-साथ विकास को भी समान प्राथमिकता दे रही है। 16वें वित्त आयोग से मिलने वाले अतिरिक्त संसाधन हरियाणा को और तेजी से विकास के पथ पर आगे ले जाने में मदद करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा की आर्थिक स्थिति मजबूत है, प्रबंधनीय है और पूरी तरह नियंत्रण में है। हरियाणा सरकार पारदर्शिता, सुशासन और जवाबदेही के साथ प्रदेश को ‘विकसित हरियाणा- विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ा रही है। यह बजट भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का यह बजट हरियाणा के किसान, युवा, महिला, उद्यमी और आम नागरिक, सभी के लिए अवसरों का बजट है। यह बजट विकास, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और भविष्य की तैयारी को एक साथ आगे बढ़ाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में प्रस्तुत यह केंद्रीय बजट हरियाणा को और सशक्त, आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने में मील का पत्थर साबित होगा। इस मौके पर सूचना, लोक संपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के महानिदेशक के.एम.पांडुरंग, मुख्य प्रवक्ता श्री जवाहर यादव, मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव श्री प्रवीण आत्रेय भी मौजूद थे।

कांग्रेस के पास मुद्दे नहीं, सिर्फ झूठी बयानबाजी: मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी’
’बिना बजट पढ़े ही विपक्ष के नेता केवल हाजिरी लगाने के लिए कर रहा है बयानबाजी: मुख्यमंत्री’
मुख्यमंत्री ने दी सलाहरू ट्वीट मास्टरों को बोलने से पहले सोचना चाहिए’
कहा: कांग्रेस को नकार चुकी है जनता, पंजाब और बंगाल में भी मोदी के नेतृत्व में बनेगी सरकार’

चंडीगढ़, 05 फरवरी, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही केंद्र की 3.0 सरकार की वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारामण द्वारा पेश किए गए दूसरे आम बजट में कोई कमीं नहीं है। लेकिन, केवल हाजिरी लगाने के लिए और जनता को गुमराह करने के लिए विपक्ष के नेताओं द्वारा बयानबाजी की जा रही है। इस बजट से विकसित भारत के सपने को साकार करने में तेजी मिलेगी, साथ ही बजट से भले ही कांग्रेस कमजोर हो लेकिन भारत मजबूत हुआ है। मुख्यमंत्री बुधवार को हरियाणा निवास पर पत्रकारों से रूबरू हो रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि जब बजट को केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण पेश कर रही थी, उस दौरान भी कांग्रेस नेता राहुल गांधी को खुश करने के लिए बजट से पहले ही एक नेता ने ट्वीट कर दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा तो हैं नहीं, बस वो दिखते रहने की कोशिश कर रहे है। बिना बजट के बारे में जाने या उसे पढ़े केवल और केवल भ्रम फैलाने के लिए ऐसा किया जा रहा है।
गरीब वर्ग को केवल और केवल हताश किया जाता था
मुख्यमंत्री ने चुटकी लेते हुए कहा कि आज कांग्रेस नेताओं के घरों में भी देश में हो रहे विकास को लेकर चर्चा होती है। उन्होंने कहा कि पहले के समय में तो ऐसा हाल होता था कि कांग्रेस जब बजट पेश करती थी तो सिर्फ रेवड़िया दिखाई जाती थीं। इतना ही नहीं, बजट में जारी हुए पैसे को खुर्द बुर्द कर दिया जाता था। लोक लुभावने वायदे किये जाते थे और गरीब वर्ग को केवल और केवल हताश किया जाता था। लेकिन पीएम श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पेश होने वाले बजट में विकास को अहम माना जा रहा है, हर वर्ग के उत्थान की दिशा में काम हो रहा है। केंद्र सरकार की तीसरी टर्म में इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत हुआ है और देश तेज गति से आगे बढ़ रहा है यह सब नजर आ रहा है।
राहुल गांधी पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि बजट में जैसेकृजैसे जनता के हितों की बात आती है, वैसे वैसे कांग्रेस पीछे होती जा रही है। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के कुरुक्षेत्र दौरे को लेकर कहा कि वो यहां आए थे और पांडवों ने कोई जीएसटी लगाया था ? जैसे बयान दिए। असल में कांग्रेस के पास कोई मुद्दा है नहीं। मुख्यमंत्री ने इस बीच कहा कि ट्वीट मास्टरों को कुछ भी कहने से पहले सोचना चाहिए, राहुल गांधी को सेशन में बताना चाहिए कि जब उनकी सरकार थी तो कितना विकास हुआ। राहुल गांधी कभी संविधान का मजाक बनाते है, तो कभी इलेक्शन प्रक्रियाओं पर सवाल उठाते हैं। कांग्रेस सोचती थी कि गरीब लोगों को और गरीब कर दो, लेकिन मोदी के नेतृत्व में चल रही सरकार ने 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर किया हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की न कोई नीति है न नियत है। मुख्यमंत्री ने सवाल करते हुए कहा कि जब कांग्रेस की सरकार केंद्र में थी तो उस समय कृषि बजट का कितना प्रावधान था। सिर्फ 25 हजार करोड़ रुपए था। ऐसे में कैसे देश आगे बढ़ता, कैसे विकसित भारत बनता ? मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर देश का विकास हुआ तो प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के राज में हुआ हैं। मोदी सरकार के समय में कृषि बजट में एक लाख बासठ हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
पंजाब और बंगाल में सरकार बनेगी
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि देश ने कांग्रेस को नकार दिया है। बंगाल और पंजाब के अंदर बड़े मैंडेट के साथ पीएम मोदी के नेतृत्व में सरकार बनेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी सोते नहीं है, उन्हें देश के हर एक वर्ग की चिंता है। लेकिन कांग्रेस यह बताएं कि उनके समय में किस वर्ग की चिंता की गई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल में न कोई जन कल्याण की नीतियां बनाई और न विकास की बात की।

युवाओं की भागीदारी से राजनीति के मायने बदल रहे हैं प्रधानमंत्री मोदी: डॉ. अरविंद शर्मा’
विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने का सबसे बड़ा माध्यम युवा, एक करोड़ युवाओं को राजनीति में लाएंगे’
एबीवीपी की ‘स्क्रीन टाइम टू स्पोर्ट्स टाइम’ मुहिम युवाओं में लाएगी सकारात्मक बदलाव’
कैबिनेट मंत्री ने पंजाब विश्वविद्यालय में पीयू ओलंपिक्स खेलों का किया उद्घाटन’

चंडीगढ़, 05 फरवरी, अभीतक: हरियाणा के सहकारिता, कारागार, निर्वाचन, विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते 11 वर्षों में राजनीति के मायने बदलते हुए एक करोड़ युवाओं को राजनीति में लाने का विचार दिया है, ताकि हमारे क्षमतावान युवा देश को सशक्त बनाने और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) द्वारा राष्ट्रव्यापी ‘स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम’ अभियान के तहत पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ से शुरू की गई ‘स्क्रीन टाइम टू स्पोर्ट्स टाइम’ मुहिम न केवल चंडीगढ़, बल्कि हरियाणा और पंजाब के युवाओं में सकारात्मक बदलाव लाने का सशक्त माध्यम बनेगी। बुधवार को पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ में एबीवीपी द्वारा आयोजित पीयू ओलंपिक्स खेलों का शुभारंभ करते हुए सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने युवाओं से संवाद करते हुए कहा कि भारत में खेलों को जो नई दिशा और पहचान मिली है, उसके पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दूरदर्शी नेतृत्व है। उन्होंने खेलों को केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम माना है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में फिट इंडिया मूवमेंट, खेलो इंडिया, ओलंपिक और पैरालंपिक खिलाड़ियों को मिलने वाला प्रोत्साहन इस बात का प्रमाण है कि केंद्र सरकार खेलों को विकसित भारत की नीति के केंद्र में रख रही है। प्रधानमंत्री स्वयं खिलाड़ियों से संवाद करते हैं और उनका मनोबल बढ़ाते हैं। कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने एबीवीपी की ‘स्क्रीन टाइम टू स्पोर्ट्स टाइम’ मुहिम की सराहना करते हुए कहा कि “सशक्त युवा, सशक्त राष्ट्र” की भावना के साथ एबीवीपी के दशकों से चले आ रहे प्रयास, मेहनत और करोड़ों युवाओं के सपनों के प्रहरी के रूप में निभाई जा रही जिम्मेदारी किसी से छिपी नहीं है। एबीवीपी महज एक संगठन नहीं, बल्कि एक युवा आंदोलन है। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह तक चलने वाले पीयू ओलंपिक्स केवल खेलों का उत्सव नहीं हैं, बल्कि यह युवा भारत के चरित्र, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का उत्सव है। आज मोबाइल हमारी जेब में है, लेकिन खेल का मैदान हमारे जीवन से बाहर होता जा रहा है। जब मोबाइल हमारा मालिक बन जाए, तो समझ लीजिए कि खतरा शुरू हो गया है। गैजेट्स हमारी जीवनशैली को सुविधाजनक बनाने के साथ-साथ एक गंभीर चुनौती भी खड़ी कर रहे हैं। पीयू ओलंपिक्स का उद्देश्य स्क्रीन टाइम से स्पोर्ट्स टाइम की ओर युवाओं को प्रेरित करना है, जो वर्तमान समय का सबसे सार्थक और दूरदर्शी संदेश है। पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि खेल मैदान वह स्थान है, जहां शरीर मजबूत होता है, मन संतुलित रहता है और व्यक्तित्व निखरता है। स्क्रीन हमें दुनिया दिखाती है, लेकिन खेल का मैदान हमें स्वयं को पहचानने का अवसर देता है। आज समय की मांग है कि हमारे युवा मोबाइल की स्क्रीन से नजर हटाकर खेल के मैदान की मिट्टी को महसूस करें, पसीने की बूंदों को सम्मान दें और हार-जीत दोनों को जीवन का हिस्सा मानना सीखें। उन्होंने हरियाणा का उदाहरण देते हुए कहा कि आज मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा खिलाड़ियों का प्रदेश बन रहा है। हरियाणा को आज न केवल देश, बल्कि दुनिया एक स्पोर्ट्स पावर हाउस के रूप में जानती है। वर्ष 2014 से अब तक भाजपा सरकार द्वारा 16,418 खिलाड़ियों को 683 करोड़ रुपये नकद पुरस्कार के रूप में दिए जा चुके हैं, जबकि 231 खिलाड़ियों को उनकी शिक्षा के अनुरूप सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार की नीति खिलाड़ियों को सम्मान, सुरक्षा और सुनहरा भविष्य देने की है। इस अवसर पर एबीवीपी के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री देवदत्त जोशी, छात्र कल्याण डीन डॉ. अमित चैहान, एबीवीपी के राष्ट्रीय मंत्री आदित्य तकियार, एबीवीपी पंजाब प्रदेश अध्यक्ष डॉ. प्रशांत गौतम, क्षेत्रीय संगठन मंत्री गौरव अत्री, प्रदेश मंत्री जसकरण भुल्लर, प्रदेश संगठन मंत्री शमशेर सिंह चैहान, पंजाब विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष गौरववीर सोहल, खेलो भारत संयोजक अर्पिता मलिक सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड की 29 सेवाएं राइट टू सर्विस एक्ट के दायरे में’
निश्चित समय-सीमा में मिलेंगी अधिसूचित सेवाएं’

चंडीगढ़, 05 फरवरी, अभीतक: हरियाणा सरकार ने हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड की कुल 29 सेवाओं को हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम, 2014 के दायरे में लाते हुए इन सेवाओं के लिए समय-सीमा निर्धारित की है। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा इस सम्बन्ध में अधिसूचना जारी की गई है। अधिसूचित सेवाओं में श्रमिकों के बच्चों के लिए पहली कक्षा से बारहवीं कक्षा तक स्कूल की वर्दी, किताबों एवं कॉपियों हेतु वित्तीय सहायता, छात्रवृत्ति, व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश परीक्षा की कोचिंग, यूपीएससी तथा एचपीएससी की प्रारम्भिक परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद मुख्य परीक्षा की तैयारी हेतु वित्तीय सहायता शामिल है। इसके अतिरिक्त, खेल प्रतियोगिताओं तथा सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए श्रमिकों के बच्चों को वित्तीय सहायता भी अधिसूचित की गई है। महिला श्रमिकों तथा श्रमिकों की पुत्रियों के विवाह हेतु कन्यादान सहायता, पुरुष श्रमिकों तथा उनके पुत्रों के विवाह हेतु शगुन सहायता, महिला श्रमिकों एवं पुरुष श्रमिकों की पत्नियों के प्रसूति हेतु वित्तीय सहायता को भी सेवा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत लाया गया है। इसके साथ ही, श्रमिकों एवं उनके आश्रितों को दांतों के उपचार, चश्मा, साइकिल, महिला श्रमिकों को सिलाई मशीन, एलटीसी, निःशक्तता, कृत्रिम अंग, श्रवण यंत्रध्श्रवण सहायक उपकरण, तिपहिया साइकिल तथा श्रमिकों के दृष्टि-बाधित, शारीरिक या मनोबाधित निःशक्त बच्चों को वित्तीय सहायता प्रदान करने की सेवाएं भी अधिसूचित की गई हैं। इन सभी सेवाओं के लिए 60 दिनों की समय-सीमा तय की गई है। अधिसूचना में मृतक श्रमिकों के आश्रितों को वित्तीय सहायता, मृतक श्रमिकों के लिए मुख्यमंत्री सामाजिक सुरक्षा योजना तथा मृतक श्रमिकों के आश्रितों को दाह संस्कार हेतु वित्तीय सहायता को भी शामिल किया गया है। इन सेवाओं के लिए 15 दिनों की समय-सीमा निर्धारित की गई है। इसके अतिरिक्त, हरियाणा सिलिकोसिस पुनर्वास नीति के अंतर्गत आने वाली सेवाओं को भी हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम के दायरे में लाया गया है। इनमें सिलिकोसिस से प्रभावित श्रमिकों के लिए पुनर्वास सहायता, सिलिकोसिस पुनर्वास पेंशन, पारिवारिक पेंशन, बच्चों की शिक्षा हेतु वित्तीय सहायता, तथा लड़कियों और लड़कों के विवाह हेतु वित्तीय सहायता शामिल है। इन सेवाओं के लिए 60 दिनों की समय-सीमा निर्धारित की गई है। मृत्यु उपरांत सहायता तथा अंतिम संस्कार सहायता के लिए 15 दिनों की समय-सीमा निर्धारित की गई है। अधिसूचना के अनुसार, हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड की अधिकांश सेवाओं के लिए श्रम कल्याण अधिकारी को पदानामित अधिकारी, उप श्रम आयुक्त (कल्याण) को प्रथम शिकायत निवारण प्राधिकारी तथा कल्याण आयुक्त को द्वितीय शिकायत निवारण प्राधिकारी नामित किया गया है। वहीं हरियाणा सिलिकोसिस पुनर्वास नीति से जुड़ी सेवाओं के मामलों में सहायक निदेशकध्उप निदेशक को पदनामित अधिकारी, संबंधित संयुक्त निदेशक को प्रथम शिकायत निवारण प्राधिकारी तथा श्रम आयुक्त को द्वितीय शिकायत निवारण प्राधिकारी अधिसूचित किया गया है।

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