Haryana Abhitak News 10/02/26

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अवैध कालोनियों में प्लाट ना खरीदें नागरिक – एसडीएम अभिनव सिवाच’
प्रशासन ने बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांव बालौर ,ईशरहेड़ी और बहादुरगढ़ शहरी क्षेत्र में अवैध निर्माण किए ध्वस्त

बहादुरगढ़, 10 फरवरी, अभीतक:उपमंडल के ईशरहेड़ी व बालौर गांव और बहादुरगढ़ शहरी क्षेत्र में मंगलवार को जिला नगर योजनाकार और एचएसवीपी की टीम द्वारा अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए अवैध कॉलोनियों में निर्माणाधीन ढांचों, डीलर कार्यालय सहित दीवारों को जेसीबी मशीन से ध्वस्त किया गया। एसडीएम अभिनव सिवाच ने बताया कि पूरी कार्रवाई विभागीय नियमों के तहत की गई। एसडीएम अभिनव सिवाच ने आमजन से आह्वान करते हुए कहा कि लोग अपनी मेहनत की कमाई से बिना लाइसेंस शुदा कॉलोनियों में प्लॉट खरीदने से बचें। उन्होंने कहा कि अवैध कॉलोनियों में निवेश करने से भविष्य में लोगों को कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का उद्देश्य अवैध निर्माण पर रोक लगाना और नियोजित विकास को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि प्रशासन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रखेगा। जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) अंजू जून ने बताया कि गांव ईशरहेड़ी और बालौर की राजस्व संपदा में अवैध निर्माण के खिलाफ तोडफोड़ अभियान चलाया गया है। जिसमें चार अनधिकृत कॉलोनियों जिनका क्षेत्रफल लगभग 40 एकड है, इसमें 87 डीपीसी, 12 ढांचे निर्माणाधीन, डीलर कार्यालय सहित 300 मीटर की बाउंड्री वॉल पर जेसीबी की सहायता से अवैध निर्माण तोड़े गए हैं। वहीं एचएसवीपी की टीम ने शहर में सेक्टर में अवैध निर्माण और रास्तों में किए निर्माण को हटाया। इस अवसर पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट, पुलिस टीम सहित सम्बन्धित विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

एआई तकनीक का समझदारी से सदुपयोग करें: डीसी
सुरक्षित इंटरनेट दिवस पर आयोजित कार्यशाला को डीसी ने किया संबोधित
साइबर जागरूकता अभियान को बड़े स्तर पर चलाना जरूरी -बोले डीसी

झज्जर, 10 फरवरी, अभीतक: सुरक्षित इंटरनेट दिवस अवसर पर लघु सचिवालय स्थित सभागार में एक दिवसीय वर्कशॉप आयोजित की गई। डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने बतौर मुख्य अतिथि वर्कशॉप को संबोधित करते हुए कहा कि एआई तकनीक ने हमारी जीवन शैली को काफी हद तक प्रभावित किया है। काफी कार्य सरल हो गए हैं , लेकिन फेक एकाउंट और डीपफेक से कई तरही की नई परेशानियां पैदा हो रही हैं। इसके जरूरी है कि साइबर जागरूकता अभियान को बड़े स्तर पर चलाया जाए और जहां तक इंटरनेट की पहुंच है, वहां तक जागरूकता अभियान भी पंहुचे। इस कार्य में शिक्षित युवा और सीएससी सेंटर संचालक अहम भूमिका निभा सकते हैं। उपायुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में इंटरनेट हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। शासन-प्रशासन से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग और विभिन्न सरकारी सेवाएं तेजी से डिजिटल हो रही हैं। ऐसे में यह आवश्यक है कि प्रत्येक नागरिक तकनीक का उपयोग समझदारी और सतर्कता के साथ करे। उन्होंने कहा कि मजबूत पासवर्ड का उपयोग, समय-समय पर उन्हें बदलना, अनजान लिंक पर क्लिक न करना और व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचना जैसे छोटे-छोटे कदम साइबर अपराधों से सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं। डीसी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से विकसित हो रही तकनीक है, जो कार्यक्षमता बढ़ाने और निर्णय प्रक्रिया को बेहतर बनाने में सहायक है। हालांकि, इसके उपयोग के दौरान नैतिकता, पारदर्शिता और डेटा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से आह्वान किया कि वे एआई का प्रयोग जनसेवा को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए करें, साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि तकनीक का दुरुपयोग न हो। उपायुक्त ने कहा कि सुरक्षित इंटरनेट का अर्थ केवल खतरों से बचाव नहीं, बल्कि एक भरोसेमंद, सकारात्मक और सशक्त डिजिटल समाज का निर्माण भी है। डीआईओ अमित बंसल ने वर्क शाप की अध्यक्षता करते हुए मुख्य अतिथि का स्वागत किया और बताया कि वर्कशाप का उद्देश्य सीएससी संचालकों को डिजिटल माध्यमों के सुरक्षित उपयोग, साइबर खतरों से बचाव तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के जिम्मेदार प्रयोग के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में ष्स्मार्ट तकनीक, सुरक्षित विकल्प और एआई का सुरक्षित व जिम्मेदार उपयोगष् विषय पर विस्तार से चर्चा की गई। वर्कशॉप साइबर सैल से दीपक ने डिजिटल तकनीक से हो रहे फ्रॉड से बचने के बारे विस्तार से जानकारी दी। वकशॉप में उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने सुरक्षित डिजिटल वातावरण बनाने का संकल्प लिया। साथ ही आमजन को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने और डिजिटल साक्षरता बढ़ाने के लिए निरंतर अभियान चलाने पर भी बल दिया गया। इस दौरान विभिन्न डीआईओ अंमित बंसल, डीपीआरो सतीश कुमार, जिला के सीएसी सैंटरों के संचालक सहित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे और सभी को सुरक्षित, जागरूक तथा जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने का संदेश दिया गया।

म्हारी सडक’ ऐप पर दर्ज शिकायतों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते उपायुक्त स्वप्निल रविंद्र पाटिल।

म्हारी सडक’ एप पर अपलोड शिकायतों का त्वरित निस्तारण करें विभाग डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल
बिना समाधान शिकायत बंद करने पर तय होगी जवाबदेही
डी सी ने म्हारी सडक एप के बारे में जागरूकता अभियान चलाने के दिए निर्देश

झज्जर, 10 फरवरी, अभीतक: उपायुक्त स्वप्निल रविंद्र पाटिल की अध्यक्षता में मंगलवार को लघु सचिवालय सभागार में म्हारी सडक’ एप की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा एप पर प्राप्त शिकायतों की स्थिति, उनके निस्तारण की गति तथा प्रक्रिया की विस्तार से समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि आम नागरिकों द्वारा दर्ज प्रत्येक शिकायत का त्वरित समाधान प्रशासन के प्रति उनके विश्वास का प्रतीक है, इसलिए हर शिकायत का संतोषजनक तरीके से समाधान करें । उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी शिकायत को बिना निस्तारण के बंद किया गया तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय करते हुए आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। डीसी ने कहा कि म्हारी सडक एप पर अपलोड होने वाली हर शिकायत का प्राथमिक स्तर पर गंभीरता से वेरिफिकेशन किया जाए और तत्पश्चात संबंधित विभागीय अधिकारी की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का अलग-अलग वर्गीकरण कर उनकी प्रकृति के अनुरूप प्राथमिकता तय करें, ताकि निर्धारित समयावधि में प्रभावी समाधान सुनिश्चित हो सके। स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने कहा कि शिकायत निवारण प्रणाली जितनी पारदर्शी और जवाबदेह होगी, उतना ही प्रशासन के प्रति आमजन का विश्वास मजबूत होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें और केवल औपचारिकता पूरी करने के बजाय स्थायी समाधान सुनिश्चित करें। बैठक में यह भी समीक्षा की गई कि एप के अपेक्षाकृत कम डाउनलोड होने के कारण अनेक नागरिक अभी इस सुविधा का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। डी सी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे व्यापक जागरूकता अभियान चलाएं। ग्राम स्तर से लेकर शहरी क्षेत्रों तक प्रचार-प्रसार कर लोगों को एप डाउनलोड करने, सडक मार्ग खराब होने जैसी समस्याएं दर्ज कराने तथा समाधान की प्रक्रिया से जुडने के लिए प्रेरित किया जाए। उपायुक्त ने कहा कि ‘म्हारी सडक’ एप प्रशासन और नागरिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का एक सशक्त डिजिटल माध्यम है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन से न केवल सडक संबंधी समस्याओं का त्वरित समाधान संभव होगा, बल्कि विकास कार्यों की निगरानी भी अधिक मजबूत होगी।

चिन्हित अपराधों की गहनता से जांच और प्रभावी ढंग से पैरवी जरूरी – डीसी
अपराधियों को सजा होने पर शासन -प्रशासन के प्रति नागरिकों का विश्वास बढ़ता है -बोले डीसी

झज्जर, 10 फरवरी, अभीतक: डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने कहा कि चिन्हित अपराधों की गहनता से जांच और प्रभावी पैरवी ही अपराधियों को सजा दिलाने का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने मंगलवार को चिन्हित अपराध योजना की मासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह बात कही। बैठक में डीसीपी (मुख्यालय) जसलीन कौर भी मौजूद रही। डीसी ने कहा कि कई बार मामूली तकनीकी खामियों और अधूरी साक्ष्य श्रृंखला के कारण गंभीर अपराधों में भी आरोपी बच निकलते हैं। इसलिए प्रारंभिक स्तर से ही केस फाइल मजबूत की जाए और अभियोजन पक्ष हर सुनवाई में सशक्त पैरवी सुनिश्चित करें। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि जांच रिपोर्ट निर्धारित समयसीमा में प्रस्तुत हो और गवाहों की सुरक्षा व उपस्थिति पर विशेष ध्यान दिया जाए। बैठक में पुलिस विभाग की ओर से चिन्हित अपराधों से जुड़े ताजा मामलों की स्थिति प्रस्तुत की गई। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए न केवल अपराधियों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है बल्कि जांच और पैरवी की प्रक्रिया में पारदर्शिता व जवाबदेही भी सुनिश्चित होनी चाहिए। डीसी ने इस उपरांत एनकोर्ड की बैठक की अध्यक्षता करते हुए एनडीपीएस के तहत दर्ज मामलों और जागरूकता अभियान की समीक्षा की। डीसीपी जसलीन कौर ने बताया कि एनडीपीएस एक्ट के तहत वर्ष 2025-26 में कुल 118 मामले दर्ज किए गए और 164 आरोपियों को गिरफतार किया गया । उन्होंने बताया कि 124 गांवों, 11 वार्ड, छह कालोनी,14 सेक्टर व सोसाइटी ड्रग फ्री घोषित की गई हैं। उन्होंने बताया कि 370 ड्रग एडिक्ट का ईलाज करवाया गया है। 562 की काउसिंलिंग की गई है। डीसी ने जागरूकता अभियान को और सघन रूप से चलाने के निर्देश दिए। जागरूकता अभियान के दौरान खंड स्तर पर खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। डीसी ने कहा कि खंड स्तर के विजेताओं की जिला स्तर पर प्रतियोगिताएं करवाएं। खेलों के प्रति जागरूकता बढेगी तो नशावृति कम होगी। इस अवसर पर एसडीएम झज्जर अंकित कुमार चैकसे, एसडीएम बहादुरगढ़ अभिनव सिवाच, एसडीएम बेरी रेणुका नांदल,एसडीएम बादली डॉ रमन गुप्ता सहित जिला अटॉर्नी व सम्बंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

जिला कारागार झज्जर में 18 फरवरी को स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित होगा
झज्जर, 10 फरवरी, अभीतक: जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विशाल ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, झज्जर द्वारा जिला कारागार परिसर में बंदियों के स्वास्थ्य संरक्षण एवं बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 18 फरवरी 2026 को स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया जाएगा। यह शिविर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित होगा, जिसमें जेल में बंदियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। शिविर के दौरान चिकित्सकों की टीम द्वारा सामान्य स्वास्थ्य जांच के साथ आवश्यक परामर्श एवं उपचार संबंधी मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा, ताकि बंदियों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी सुनिश्चित हो सके। संबंधित अधिकारियों को शिविर के सफल आयोजन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सके।

डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल, झज्जर के छात्र अभिनव ने स्कूल नेशनल गेम्स में जीता रजत पदक, बढ़ाया विद्यालय का मान’
झज्जर, 10 फरवरी, अभीतक: डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल, झज्जर के कक्षा 12वीं के प्रतिभाशाली छात्र मास्टर अभिनव ने स्कूल नेशनल गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए मुक्केबाजी (बॉक्सिंग) प्रतियोगिता में रजत पदक जीतकर विद्यालय और जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता 4 से 9 फरवरी तक बैंगलोर, कर्नाटक में स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित की गई। अंडर-19 आयु वर्ग की 75दृ81 किलोग्राम भार वर्ग में अभिनव ने उत्कृष्ट खेल कौशल, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प का परिचय देते हुए यह उपलब्धि हासिल की। उनकी शानदार सफलता के सम्मान में स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा उन्हें नकद पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। अभिनव की इस उपलब्धि से विद्यालय परिवार में हर्ष और गर्व का वातावरण है। विद्यालय के प्रधानाचार्य श्रीमान पंकज वालिया एवं समस्त स्टाफ ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और आगामी प्रतियोगिताओं में और अधिक सफलता की कामना की।

अपहरण करके मारपीट करने के मामले में एक और आरोपी गिरफ्तार, 13 आरोपियों को पहले किया जा चुका है गिरफ्तार’
झज्जर, 10 फरवरी, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉक्टर राजश्री सिंह के कुशल नेतृत्व में सीआईए झज्जर की पुलिस टीम ने मारपीट करके अपहरण करने के मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल कि है। जिस संबंध में मामले की जानकारी देते हुए सीआईए झज्जर प्रभारी निरीक्षक कर्मवीर ने बताया कि संदीप निवासी जाटोली ने पुलिस को शिकायत देते हुए बताया कि 24 जून 2025 को वह अपने दोस्त की गाड़ी में बैठकर लुहारी बस अड्डा पर गया हुआ था जहां पर उसने एक दुकान से सामान खरीदा और जब वह वापिस गाड़ी की तरफ जाने लगा तो एक सफेद रंग की कार उसके पास आकर रूकी और उन्होंने पिस्तौल दिखाते हुए संदीप को जान से मारने की धमकी दी। जिस शिकायत पर कार्यवाही करते हुए आरोपियों के खिलाफ थाना माछरौली में अपराधिक मामला दर्ज किया गया। उन्होंने बताया की दर्ज मामले पर कार्यवाही करके अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने के संबंध में पुलिस कमिश्नर डॉक्टर राजश्री सिंह द्वारा कड़े दिशा निर्देश दिए गए थे। पुलिस कमिश्नर के दिशा निर्देशों की पालना करते हुए सीआईए झज्जर की पुलिस टीम ने एक और आरोपी को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है पकड़े गए आरोपी की पहचान मनजीत निवासी हरी नगर डूम्मा गुरुग्राम के तौर पर की गई। पकड़े गए आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें अदालत झज्जर में पेश किया गया माननीय अदालत के आदेश अनुसार आरोपी को पूछताछ के लिए एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया।

थाना शहर झज्जर में छात्राओं का शैक्षणिक भ्रमण, पुलिस कार्यप्रणाली से करवाया गया अवगत’
झज्जर, 10 फरवरी, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉक्टर राजश्री सिंह के कुशल नेतृत्व में उप निरीक्षक सत्य प्रकाश द्वारा राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, झज्जर की छात्राओं को थाना शहर झज्जर का शैक्षणिक भ्रमण करवाया गया। इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को पुलिस की कार्यशैली, कानून व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े विषयों की व्यावहारिक जानकारी देना था।थाना परिसर में पहुँचने पर छात्राओं का मार्गदर्शन थाना प्रबंधक शहर झज्जर निरीक्षक बलदेव द्वारा किया गया। उन्होंने छात्राओं को पुलिस विभाग की दैनिक कार्यप्रणाली, थाने में होने वाले कार्य, शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया तथा आमजन की सहायता में पुलिस की भूमिका के बारे में विस्तार से बताया। निरीक्षक बलदेव ने डायल 112 के महत्व को समझाते हुए कहा कि यह सेवा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता का सशक्त माध्यम है, जिसका सही समय पर उपयोग जीवन रक्षक सिद्ध हो सकता है। इस अवसर पर छात्राओं को साइबर क्राइम के प्रति जागरूक करते हुए ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया के सुरक्षित प्रयोग तथा व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा के उपाय बताए गए। साथ ही महिला विरुद्ध अपराधों से संबंधित कानूनों, सहायता सेवाओं और आत्मरक्षा के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए स्वस्थ और सकारात्मक जीवन अपनाने का संदेश दिया गया। इस दौरान विद्यालय के प्राचार्य श्री जोगिंदर धनखड़ ने पुलिस प्रशासन का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण छात्राओं में आत्मविश्वास, जागरूकता और कानून के प्रति सम्मान बढ़ाते हैं। उनके साथ अनु देशवाल, सुशीला, सिंपल, पूनम चाबा सहित अन्य शिक्षकगण भी उपस्थित रहे।

पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, कलोई (झज्जर) में प्रेरणा उत्सव 2026 का भव्य आयोजन
झज्जर, 10 फरवरी, अभीतक: पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, कालोई, झज्जर में प्रेरणा उत्सव 2026 का भव्य एवं प्रेरणादायक आयोजन किया गया। इस उत्सव में कुल 75 विद्यालयों ने सहभागिता की, जिसमें लगभग 130 से अधिक विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री धर्मेंद्र, एसीपी झज्जर एवं सहायक परियोजना समन्वयक रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री योगेश जी उपस्थित रहे और कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री राजेश गुप्ता जी के द्वारा की गई। कार्यक्रम की शुरुआत नवोदय विद्यालय की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुई। इसके पश्चात छात्राओं ने हरियाणवी, राजस्थानी एवं मराठी लोकनृत्य प्रस्तुत कर भारत की सांस्कृतिक विविधता को प्रभावशाली रूप में प्रदर्शित किया। छात्राओं द्वारा प्रस्तुत प्रेरणादायक गीत ने उपस्थित सभी लोगों को आत्मविश्वास एवं सकारात्मक सोच का संदेश दिया। प्रेरणा उत्सव के अंतर्गत विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए विभिन्न मुख्य प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें निबंध लेखन, कहानी लेखन, कविता लेखन, चित्रकला (ड्राइंग) एवं गीत (सॉन्ग) प्रतियोगिता शामिल रहीं। विद्यार्थियों ने इन प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी रचनात्मक क्षमता और अभिव्यक्ति कौशल का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। प्रतियोगिताओं के आधार पर 30 विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा, जिनका आगे साक्षात्कार आयोजित किया जाएगा। साक्षात्कार के पश्चात दो विद्यार्थियों का अंतिम चयन किया जाएगा, जिन्हें आगे विशेष शैक्षणिक एवं प्रेरणात्मक कार्यक्रम के अंतर्गत गुजरात भेजा जाएगा। मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारण, अनुशासन, आत्मविश्वास एवं निरंतर परिश्रम के महत्व के बारे में प्रेरित किया। प्रधानाचार्य श्री राजेश गुप्ता ने कहा कि प्रेरणा उत्सव विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, रचनात्मक सोच एवं राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करने का एक सशक्त माध्यम है। प्रेरणा उत्सव 2026 सभी प्रतिभागियों एवं उपस्थितजनों के लिए एक प्रेरक, यादगार और सफल आयोजन रहा।

अफोर्डेबल फ्लैट के लिए आवेदन राशि जमा करवाने की 11 फरवरी है आखिरी तारीख
रेवाड़ी, 10 फरवरी, अभीतक: हरियाणा सरकार के हाउसिंग फॉर ऑल विभाग द्वारा रेवाड़ी शहरी क्षेत्र में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के पात्र व्यक्तियों को फ्लैट दिए जाने हैं। जिसके लिए 11 फरवरी, 2026 को दस हजार रुपए की राशि जमा करवाई जानी अति आवश्यक है। एडीसी राहुल मोदी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि 980 आवेदकों ने अफोर्डेबल फ्लैट के लिए आवेदन किया था। इनमें कुछ आवेदकों को स्कीम के लिए पात्र पाया गया है। उन्होंने कहा कि जिन आवेदकों ने फ्लैट के लिए दस हजार रुपए की राशि जमा नहीं करवाई है, वे 11 फरवरी, 2026 तक इस राशि को जमा करवा दें, अन्यथा उनके आवेदन को निरस्त कर दिया जाएगा। रेवाड़ी तहसील के समीप गढ़ी बोलनी रोड पर बीडीपीओ ऑफिस से इस बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है। एडीसी ने बताया कि विभाग के पास 254 ऐसे पात्र व्यक्तियों के नाम हैं, जिन्होंने अफोर्डेबल फ्लैट की आवेदन राशि नहीं दी है, इनकी सूची क्रिड के जोनल अधिकारी आशुतोष के पास से भी ली जा सकती है, जिनका मोबाइल नंबर 8053413311 है। हाऊसिंग फॉर ऑल विभाग द्वारा ये अफोर्डेबल फ्लैट ईडब्ल्यूएस श्रेणी के पात्रों को रेवाड़ी शहर में सेक्टर 25 स्थित अमनगिनी, सेक्टर एक धारुहेड़ा व सेक्टर 23 धारुहेड़ा में आवंटित किए जाएंगे। राशि जमा न करवाने वाले आवेदकों के आवेदन नंबर व नाम की सूची
एडीसी ने बताया कि जिन आवेदकों की राशि जमा नहीं हुई है, उनमें 298939- ऊषा देवी, 32345 मधु बाला गुप्ता, 162277-ऊषा पल्लव, 114148-राहुल, 77416-दीपक कुमार, 89782-शकुंतला, 150749- सुरेश कुमार, 23831- जेसा राम शर्मा, 66145- मालती, 165540- दीपक कुमार, 206524-सत्यनारायण, 192711-संतोष देवी, 298512-धर्मा, 125794-नौरंग लाल, 60070-संतोष, 15808-पवन कुमार, 127511-धरमबीर, 60624-गीता, 193350-सुषमा, 14188- मुकेश कुमार, 233982-कैलाश, 161781-सुभाष चंद, 136288- निर्मला, 113512-परमिला, 257859-पारुल, 232500- नीतू सैन, 188606 संगीता, 41184- कश्मीरो देवी, 41366- रेखा, 80893- अर्चना, 73622- अजय कुमार गुप्ता, 208025-सरमिला, 150420 बबीता, 14510 -केवल राम, 283739- पूरन देई, 159574-ज्योति, 164904- राजकुमार,131197- पूनम, 81673- अमित, 94224 -रजनी कौर, 216819- ऊषा, 24829- पारुल,63741- नीतू देवी, 240772- ज्योति, 220621- रजनी देवी, 267254- दीपिका, 24223- सुमन, 287475-प्रदीप कुमार, 262425- प्रवीण देवी, 88450-बीना देवी, 238285- कुशुम लता, 16318- राजेश, 196092 -रेखा देवी, 88332- पूनम, 205675- गंगा राम, 247960- राम भटेरी, 259768- अजीत, 211925- संजय, 90560- अमला देवी, 26686- पायल रानी, 114468- सोमेश सैनी, 158332- भागवत, 178885 -बिमला, 53467- मनोज कुमार, 78425- बिमलेश, 146852- नरेंद्र कुमार, 81214- इंद्र, 127130- महाबीर, 211938- गिरधर, 127192- पूरन चंद,177569- कोमल, 22895- शकुंतला, 43448- अनिल कुमार,98812- कुलविंदर कौर, 92252- मंजू,19489- धरविंदर सिंह, 30157- भीम सिंह,113969- पवन,25490- मनोज, 182291- सुरेंद्र कुमार, 191233-अनीता, 246734- सरिता, 272414- परवीन,35583- पूजा कुकरेजा,257749- स्नेह लता,264868- विनय प्रकाश,147966- परमोद कुमार,13299 -राजकौर,212321- श्री देवी, 151575- मंजू देवी,30444 -मुकेश,77730 -हेमंत,166084- प्रवीण कुमार,217404- अंजू, 45561- पारुल यादव, 241691- जयबीर,15576- गोपाल दास, 48351 -संदीप, 247307- हरीश, 160334- सुषमा शर्मा, 170155- मनोज,187972- शुकांत, 203609- चंदर बॉस,48731- सरोज देवी, 36316- कविता, 286608- नंदनी कुमारी, 187615- रजत, 256745- मनोज कुमार, 110404-भारत, 113292-दिनेश कुमार, 221077- नरेश कुमार, 140578- प्रिंका, 47970 योगिता, 122980-ज्योति, 251669-हरीश कुमार, 31793- संगीता, 38603-पूजा, 23537- गजेंद्र, 297036-खुशी राम, 16151- अंकुर कुमार, 30477 -मंजू, 81003 -भावना, 66578 -सतपाल, 249845- कर्मपता, 67015- शशि गुप्ता, 179850- रामहंस, 245456-पूजा, 103500-गोपाल कुमार, 239917-रोहित, 24129 -रवि कुमार, 37776- राजेंद्र, 245988-अविनाश यादव, 125530-हरपाल सिंह, 26283- मोहन श्याम शर्मा, 26443- पूनम कुमारी, 219056- सीमा, 14924 -शकुंतला देवी, 24975 -संतोष, 163346- सुनीता, 157567- सुषमा सतीजा, 215183- इंदु रानी, 79745 -लक्ष्मी देवी, 242539- रीता देवी, 144836- भूपेंद्र शर्मा, 59716 -मनोज, 172391- रेखा कुमारी मेहरा, 24613 -आशा रानी, 256841- हर विलाश, 73988 -देवेंद्र कुमार, 106309- सुरेंद्र, 271369- पूजा कुमारी, 87213 -गंगा देवी, 64978- मीना, 26098- सुनीता यादव, 118341- हीरा लाल, 212664- सावित्री देवी, 59817- अनिल कुमार, 34385- निशा वर्मा, 126486- शकुंतला, 90394- बबीता देवी, 92295- रामफल, 144119- कुमारी संगीता, 92433- रतन, 46462 -संतोष मलिक, 132649- रितेश, 84235- नीलम रघुनाथ शर्मा, 38778- पवन कुमार, 133148- आशा, 20664 -शशि, 22938- गीता, 24181 -कैलाश, 282088- प्रवीण कुमार, 142023- हीमा, 46510- वीर सिंह, 101657- संतोष, 96944 -बृज रानी, 34420- प्रवीण, 266197- रजनी बाला, 184447- सैमुअल राजा उमरैल, 187548- राधा देवी,103513- दीपक, 233384- राजेंद्र, 14571 -रोहित शर्मा, 23317 -गौरव सोनी, 295810- सुशीला, 130522- शेर सिंह, 190855- शैलेंद्र सिंह, 106744- अनिल कुमार, 26760- घनवी, 78325 राजकुमार, 180855- दिनेश कुमार, 58380 -नवीन कुमार, 176839- मनीषा देवी, 61315- सुनीता जैन, 106250- हरि सिंह, 242396- पिंकी देवी, 131169- उमेश्वरी, 114049- रेखा, 220891- मनीष शर्मा, 215760- शबनम, 40322- नंद किशोर, 43264- बंधन देवी, 64447- उषा, 25243- बिष्णु दत्त, 96312- चंद्र प्रकाश वर्मा, 139254- त्रिलोक चंद शर्मा, 40598 -अनिल कुमार, 77020 -अशोक कुमार, 72721- सुनीता, 161621- नितेश, 67811 -राजकुमारी, 31888 -कोशल कमल, 105836- योगेश कुमार, 58102- राजवीर सिंह, 30522- गोपाल, 24137 -स्नेह कुमार, 55755- राज रानी, 254531- पिंकी सैन, 25252- सोनू, 67085- सुभाष चंद, 188472- रामकिशन, 102958- चंद्रावती, 160310- सिमरन, 224850- रेणु गिरी, 15281- पवन, 75152 -बबीता, 293602- करण, 63826 -दीपक कुमार, 216108- बेबी तिवारी, 185069- मंजू मैसी, 66852- दिनेश कुमार, 168995- मोनू सिंघल, 47969-अंजुम जेहरा, 75905 -दीपा सैनी शामिल है

मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा बैठक करते हुए डीसी अभिषेक मीणा।

सीएम अनाउंसमेंट के लंबित कार्य अगले महीने तक शुरू करवाएं: डीसी अभिषेक मीणा
डीसी ने सीएम द्वारा घोषित कार्यो की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को दिए निर्देश

रेवाडी, 10 फरवरी, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मार्च माह के अंत तक जिला में मुख्यमंत्री की ओर से की गई घोषणाओं में जो लंबित विकास कार्य हैं, उन सभी का काम शुरु हो जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा घोषित विकास योजनाओं की मौजूदा स्थिति को अधिकारी डीसी ऑफिस में आकर अपडेट करवाएं, जिससे कि उनकी सही जानकारी प्रशासन को मिल सके। डीसी अभिषेक मीणा मंगलवार को लघु सचिवालय सभागार में मुख्यमंत्री द्वारा रेवाड़ी जिला में की गई विकास घोषणाओं की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने बताया कि जिला में मुख्यमंत्री की ओर से 372 विकास घोषणाएं की गई हैं, इनमें से 198 घोषणाएं पूरी हो चुकी हैं। जिला में अभी मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 85 विकास योजनाओं पर काम चल रहा है और 83 शुरुआती चरण में आना बाकी है, जिनकी आज समीक्षा की जा रही है। जो घोषणाएं अभी लंबित हैं, उनमें एक बड़ी योजना रेवाड़ी शहर के सीवरेज सिस्टम की है। नई सीवरेज लाइनों के लिए एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है, इस पर करीब 150 करोड़ की राशि खर्च होगी। डीसी ने बैठक में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को शहर की सीवरेज लाइनों का काम जल्दी शुरु करवाने के निर्देश दिए, ताकि बारिश से पहले जल निकासी की उचित व्यवस्था हो सके। पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डा. नसीब सिंह ने बताया कि कनोरी में वेटरनिरी डिस्पेंसरी का निर्माण होगा, जिस पर 32.58 लाख की राशि खर्च होगी। यह कार्य शीघ्र आरंभ हो जाएगा। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता अशोक यादव ने बताया कि गांव मोतला कला में 6 करोड़ 63 लाख की लागत से जलघर का निर्माण करवाया जाएगा। इसकी निविदा आवंटित कर दी गई है। इसी प्रकार गांव डूंगरवास में पेयजल आपूर्ति की पाइप लाइन तथा गांव गोपालपुरा में जलघर व पाइप लाइन बिछाने का काम करवाया जाएगा। बैठक में डीसी अभिषेक मीणा ने निर्देश दिए कि धारूहेड़ा में पीएचसी का निर्माण करवाने के लिए तीन एकड़ भूमि की आवश्यकता है। जिसके लिए भूमि का निर्धारण नहीं हुआ, इस काम को जल्दी करवाया जाए। उन्होंने डीआरओ को निर्देश दिए कि धारूहेड़ा में राजस्व विभाग की जमीन पर कोई नाजायज कब्जा है तो नोटिस जारी कर उनको हटवाया जाए। लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता सतेंद्र श्योराण ने बताया कि जिला पुस्तकालय के लिए जेल के समीप भूमि चिन्हित कर ली गई है। जल्दी ही वहां उच्चतर शिक्षा विभाग के तत्वावधान में डिस्ट्रिक्ट लाइब्रेरी बनाने का काम शुरु कर दिया जाएगा। इस अवसर पर एसडीएम सुरेश कुमार, बावल के एसडीएम मनोज कुमार, नगराधीश जितेंद्र कुमार, जिला राजस्व अधिकारी प्रदीप देसवाल, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी एचपी बंसल, रोडवेज जीएम निरंजन शर्मा, सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता विकास कटारिया, एसडीओ इंद्रजीत सिंह इत्यादि मौजूद रहे।

सुरक्षित इंटरनेट दिवस पर डिजिटल साक्षरता और इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करते हुए एनआईसी के अधिकारी।

सुरक्षित इंटरनेट दिवस-2026 : रा.व.मा. विद्यालय रेवाड़ी में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
एआई के सुरक्षित उपयोग, साइबर अपराध व डिजिटल साक्षरता की दी जानकारी

रेवाडी, 10 फरवरी, अभीतक: इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा डीसी अभिषेक मीणा के मार्गदर्शन में मंगलवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (बाल) रेवाड़ी में सुरक्षित इंटरनेट दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जागरूकता कार्यक्रम में स्मार्ट तकनीक, सुरक्षित विकल्प, एआई के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गई। एनआईसी के जिला सूचना विज्ञान अधिकारी (डीआईओ) सचिन ने विद्यार्थियों को जागरूक करते हुए बताया कि सुरक्षित इंटरनेट दिवस प्रतिवर्ष फरवरी के दूसरे सप्ताह में इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र भारत सरकार द्वारा मनाया जाता है। इस जागरूकता कार्यक्रम का उद्देश्य डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देना और नागरिकों को इंटरनेट के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग के प्रति जागरूक करना है। साइबर अपराधों से बचने के लिए डिजिटल साक्षरता और सुरक्षा उपायों को अपनाना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में हम सभी किसी न किसी रूप में इंटरनेट सेवाओं से जुड़े हुए है, ऐसे में हमें पूरी सजगता और जिम्मेवारी से इंटरनेट का इस्तेमाल करना चाहिए। एआई द्वारा बनाए गए डीपफेक वीडियो और क्लोन की गई आवाजें बिल्कुल असली लग सकती हैं। किसी भी प्रतिक्रिया से पहले विश्वसनीय स्रोतों से पुष्टि अवश्य की जाए। अतिरिक्त जिला सूचना विज्ञान अधिकारी (एडीआईओ) सुनील ने सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि साइबर अपराध, ऑनलाइन धोखाधड़ी, घोटाले तथा डिजिटल फुटप्रिंट और व्यक्तिगत गोपनीयता के प्रति हर नागरिक सचेत रहे और इसके बारे में अपने परिवार व मित्रों को भी जागरूक करे। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपने अकाउंट को सुरक्षित रखने के लिए मजबूत पासवर्ड का प्रयोग करें। डिजिटल लेन-देन और यूपीआई से जुड़ी सेवाओं और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के दौरान सिर्फ आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें और संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। उन्होंने फेक वेबसाइट्स की पहचान करने के लिए एंटी-फिशिंग टूल्स का उपयोग करने की सलाह दी। फर्जी वेबसाइट्स के बचाव के लिए लॉगइन आइकॉन (पैडलॉक सिंबल) देखने और सुरक्षित रहने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि मोबाइल ऐप डाउनलोड करते समय हमेशा आधिकारिक एप स्टोर का उपयोग करें, अनजान स्रोतों से डाउनलोड किए गए एप्स में मालवेयर हो सकता है। पुलिस विभाग की साइबर ब्रांच के एएसआई इकबाल द्वारा साइबर अपराध बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि साइबर अपराध होने की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर रिपोर्ट की जा सकती है। उन्होंने कहा कि साइबर जागरूकता ही साइबर अपराध से बचने का सबसे बड़ा हथियार है। नागरिकों को हमेशा सतर्क रहना चाहिए और संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्ट साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने में करनी चाहिए। सीएससी संचालकों द्वारा ग्रामीण स्तर पर साइबर जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा। उपस्थित प्रतिभागियों ने भी इस विषय पर अपने विचार सांझा किए और इंटरनेट सुरक्षा से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी राजेश वर्मा, एएसआई अनिल कुमार, सीएसई जिला प्रबंधक जगदीप सहित विद्यालय के विद्यार्थी व स्टॉफ सदस्य मौजूद रहे।

स्वयं सहायता समूह के सदस्यों को स्वरोजगार एवं सूक्ष्म उद्योग की जानकारी देते हुए अधिकारी।

पीएमएफएमई एवं प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना पर जागरूकता शिविर का आयोजन
रेवाडी, 10 फरवरी, अभीतक: सूक्ष्म एवं लघु केंद्र व डीपीएम के संयुक्त सहयोग से मंगलवार को खण्ड विकास एवं पंचायत कार्यालय रेवाड़ी में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योग औपचारीकरण योजना एवं प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के संबंध में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जागरूकता कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूह सदस्यों ने भाग लिया। सूक्ष्म एवं लघु केंद्र रेवाड़ी के औद्योगिक प्रसार अधिकारी करण सिंह ने स्वयं सहायता समूह सदस्यों को जागरूक करते हुए बताया कि जागरूकता शिविर का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं एवं समूह आधारित उद्यमियों को स्वरोजगार एवं सूक्ष्म उद्योग स्थापना की सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी देना है। उन्होंने जागरूकता शिविर में पीएमएफएमई योजना के अंतर्गत उपलब्ध अनुदान, प्रशिक्षण, ब्रांडिंग एवं विपणन सहायता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। करण सिंह ने बताया कि यह योजना सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को औपचारिक रूप देने और उन्हें बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाने में सहायक है। साथ ही प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत पारंपरिक कारीगरों एवं शिल्पकारों को कौशल प्रशिक्षण, टूलकिट सहायता एवं रियायती ऋण सुविधाओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान पात्रता मानदंड, आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज एवं योजना लाभ प्राप्त करने की संपूर्ण प्रक्रिया की जानकारी दी गई। जागरूकता कार्यक्रम के उपरांत एक इंटरैक्शन सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें स्वयं सहायता समूह सदस्यों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने बताया कि यह जागरूकता शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा देने एवं स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल होगी।

राज्य सरकार मिलावटी एवं असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी: आरती सिंह राव
मिलावटी दूध उत्पादों पर हरियाणा सरकार की बड़ी कार्रवाई

पलवल, हिसार, नूंह, महेंद्रगढ़, झज्जर, रेवाड़ी और पानीपत सहित कई जिलों के विक्रेताओं के खिलाफ होगी कानूनी कार्रवाई
चंडीगढ़, 10 फरवरी, अभीतक: हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि राज्य सरकार मिलावटी एवं असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। मिलावट के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है और जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ छापामारी करने के निर्देश दिए गए हैं, यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, हरियाणा के आयुक्त डॉ मनोज कुमार ने बताया कि प्रदेश में लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हरियाणा खाद्य एवं औषधि प्रशासन (थ्क्।) ने दूध और दूध से बने उत्पादों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया है। दिसंबर 2025 से 20 जनवरी 2026 तक राज्य के विभिन्न जिलों में पनीर, देसी घी, दूध एवं अन्य दुग्ध उत्पादों के सैंपल लेकर जांच के लिए सरकारी प्रयोगशालाओं में भेजे गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर कई नमूने असुरक्षित, अवमानक तथा गलत ब्रांडिंग वाले पाए गए। इसके बाद विभाग ने संबंधित खाद्य कारोबार संचालकों (थ्ठव्े) के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
इन जिलों में की गई कार्रवाई
डॉ मनोज कुमार ने बताया कि पलवल, हिसार, नूंह, महेंद्रगढ़, झज्जर, रेवाड़ी और पानीपत सहित कई जिलों के विक्रेताओं की जांच की गई। कई स्थानों पर पनीर और देसी घी के नमूने फेल पाए गए, जिनकी बिक्री पर रोक लगाई गई है। कुछ मामलों में दुकानों को सील करने और एफआईआर दर्ज करने जैसी कार्रवाई भी की गई है, जबकि अन्य मामलों में कानूनी प्रक्रिया जारी है। उन्होंने बताया कि पलवल में श्री सैकुल खान पुत्र श्री जंगी के मिल्क प्लांट में पनीर की रिपोर्ट असुरक्षित एवं अवमानक पाई गई। इसी प्रकार , हिसार जिला में राधिका इंटरप्राइजिज पर छापा मरकर देसी घी के सैंपल लिए गए जो कि असुरक्षित , अवमानक और बिक्री के लिए प्रतिबंधित पाए गए। इस मामले में श्री सुरेंद्र कुमार पुत्र श्री रामचंद तथा श्री अमित सचदेवा पुत्र श्री सुरेंद्र कुमार की दुकान सील कर दी गई और एफआईआर भी दर्ज की गई है। इसी जिला में श्री शिव कुमार पुत्र श्री ऋषिकेश, दिनेश सिंगल पुत्र शेर सिंगल तथा श्री रविंद्र पुत्र श्री कृष्ण के इंटरप्राइजिज पर देसी घी के सैंपल लिए गए जो असुरक्षित, अवमानक और बिक्री के लिए प्रतिबंधित पाए गए। नूह जिला में श्री जकारिया खान पुत्र सहीद अहमद का देसी घी का ब्रांड गलत पाया गया। इसी जिला में मोहम्मद सोहिल पुत्र ताहिर तथा ताहिर पुत्र असलम के संस्थानपर पनीर की जाँच की गई जिसमें असुरक्षित, अवमानक और बिक्री के लिए प्रतिबंधित पाया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि महेंद्रगढ़ जिला में श्री अंकित शर्मा पुत्र श्री शिव कुमार के संस्थान, एमएफजी मेसर्स परम डेयरी लिमिटेड तथा वितरक गुरु नानक सेल्स एजेंसी में देसी घी के सैंपल को असुरक्षित, अवमानक और बिक्री के लिए प्रतिबंधित पाया गया है। इसी जिला में माई डेयरी मिल्क में देसी घी का सैंपल लिया गया जिसमें वह घी असुरक्षित, अवमानक और बिक्री के लिए प्रतिबंधित पाया गया है, इसी को देखते हुए श्री राधेश्याम पुत्र श्री छोटे लाल, मेसर्स सोनी सरस डेयरी तथा निर्माता मेसर्स रिद्धि सिद्धि फूड प्रोडक्ट्स तोशाम के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। डॉ मनोज कुमार ने आगे झज्जर जिला में श्री कृष्णा देसी घी पर छापा मारा गया, जिसमें देसी घी को असुरक्षित, अवमानक और बिक्री के लिए प्रतिबंधित मिलने पर श्री गौरव पुत्र कश्मीरी लाल, मेसर्स गौरव किरयाना स्टोर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। रेवाड़ी जिला में डेयरी नइस शुद्ध देसी घी संस्थान पर छापा मारा गया जिसमें यह घी असुरक्षित, अवमानक और बिक्री के लिए प्रतिबंधित पाया गया है, इसके बाद श्री अतुल गुप्ता पुत्र श्री कृष्ण चाँद, मेसर्स अतुल एजेंसीज के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पानीपत जिला में मेसर्स अंकुर डेयरी पर देसी घी का सैंपल लिया गया जो कि जांच में असुरक्षित पाया गया है, इस मामले में श्री रजत पुत्र श्री रामपाल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि वर्ष 2025-26 में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 में दिये गये प्रावधानों की पालना न करने के कारण संबंधित अधिकारी द्वारा खाद्य व्यवसाय संचालकों (थ्ठव्े) के 4 लाईसेंस व 2 पंजीकरण रद्द किये गये।
सोया उत्पादों को खुले रूप में बेचना प्रतिबंधित है
फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, हरियाणा के आयुक्त डॉ मनोज कुमार ने बताया कि कई खाद्य व्यवसाय संचालक दूध उत्पादों के समान दिखने वाले उत्पादों को पनीर के नाम से बेच रहे हैं, जबकि वास्तव में ये सोया पाउडर और वनस्पति (रिफाईड) से प्राप्त तेल या रसायनों से बने होते हैं जो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 और उसके अंतर्गत नियमों एवं विनियमों की धारा 26 के तहत यह अपराध है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 और उसके अंतर्गत नियमों एवं विनियमों के अनुसार, सोया उत्पादों को खुले रूप में बेचना प्रतिबंधित है। सोया उत्पादों या परिष्कृतध्वनस्पति (रिफाइंड) तेल या अन्य रसायनों से तैयार उत्पादों को पनीरध्घी के नाम से बेचने वाले सभी निर्माताओं पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक (खाद्य व्यवसायों का लाइसेंस एवं पंजीकरण) विनियम, 2011 के अन्तर्गत जारी लाइसेंस की शर्त संख्या 6 के तहत धारा 26 के अंतर्गत मुकदमा चलाया जाएगा और खाद्य व्यवसाय संचालक के लाइसेंस में उल्लिखित उत्पादों के अलावा अन्य उत्पादों के निर्माण के लिए उनका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि यदि पनीर, घी या किसी अन्य खाद्य उत्पाद का नमूना दूसरी बार निम्न गुणवत्ताध्असुरक्षित पाया जाता है और उस पर गलत ब्रांडिंग की गई है, तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 64(1) (पपप) के प्रावधानों के अनुसार खाद्य व्यवसाय संचालक का लाइसेंसध्पंजीकरण रद्द कर दिया जाएगा। डॉ मनोज कुमार ने बताया कि होटल, रेस्तरां, क्लब कैंटीन, कैटरर्स, खाद्य विक्रेता एजेंसियां, ढाबा, भोजन परोसने वाले बोर्डिंग हाउस, घर आधारित कैंटीन ध्ढाबावाले, स्थायीध्अस्थायी स्टॉल धारक, धार्मिक सभाओं, मेलो आदि में खाद्य स्टॉल, व्यवस्था करने वाले खाद्य सेवा व्यवसायों यो संचालकों को निर्देश दिया जाता है कि होटल, रेस्तरां और अन्य खाद्य प्रतिष्ठान जो नमकीन, मिठाई या अन्य खाद्य पदार्थ बेचते है या बिक्री के लिए प्रदर्शित करते हैं। उन्हें एक नोटिस बोर्ड लगाना होगा जिसमें खाद्य तेल, वनस्पति और अन्य पौधों से प्राप्त वसा (ऐसी सभी प्रकार की वसा जो पूरी तरह से दूध से तैयार नहीं होती) में पकाए गए खाद्य पदार्थों की अलग-अलग सूचियां हों, ताकि इच्छुक खरीदारोंध्उपयोगकर्ताओंध्उपभोक्ताओं को उत्पाद की प्रकृति के बारे में सही जानकारी मिल सके। उन्होंने यह भी बताया कि व्यवसाय संचालकों को अपनी पैकेजिंग सामग्री पर यह उल्लेख करना होगा, ष्रेस्तरां केवल लाइसेंस प्राप्तध्पंजीकृत विक्रेताओं से ही खाद्य कच्चा माल खरीदेंगे और उसका रिकॉर्ड रखेंगे, और ऐसा करने में विफल रहने पर उन पर मुकदमा चलाया जाएगा। उन्होंने आगे बताया कि ष्रेस्तरां के मामले में कम से कम एक तकनीकी व्यक्ति या खाद्य सुरक्षा पर्यवेक्षक को नियुक्त करना अनिवार्य है जिसे भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण द्वारा प्रशिक्षित किया गया हो। डॉ मनोज कुमार ने बताया कि पिछले पांच वर्षों (वर्ष 2020-21 से वर्ष 2024-25) के दौरान विभाग ने 17,350 नमूने एकत्र किए। इनमें से 12,743 नमूने सुरक्षित पाए गए, 529 असुरक्षित, 2,994 अवमानक, 1,084 अन्य कमियों वाले पाए गए। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की है कि वे दूध और दुग्ध उत्पाद केवल लाइसेंस प्राप्त और विश्वसनीय विक्रेताओं से ही खरीदें। किसी भी प्रकार की मिलावट की आशंका होने पर तुरंत खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचना दें। उन्होंने दोहराया कि खाद्य पदार्थों की शुद्धता सुनिश्चित करना सबकी जिम्मेदारी है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

शहरी स्थानीय निकायों की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित
म्हारी सड़क योजना में लापरवाही पर कार्रवाई
नगर पालिका शाहाबाद के जेई निलंबित,सचिव को चार्जशीट के आदेश
स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं पर जोर
अधिकारियों को समयबद्ध कार्य और सामूहिक समन्वय से काम करने के निर्देश

चंडीगढ़, 10 फरवरी, अभीतक: प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने, नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने तथा केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए आज चंडीगढ़ में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश की नगर पालिकाओं के अधिकारियों ने भाग लिया और अपने-अपने क्षेत्रों में चल रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। यह बैठक मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव एवं हरियाणा सरकार के शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. साकेत कुमार की अध्यक्षता में आयोजित हुई। शहरी स्थानीय निकायों के महानिदेशक एवं विभाग के सचिव श्री अशोक कुमार मीणा भी बैठक में उपस्थित रहे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वच्छता, ठोस कचरा प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा सभी कार्य तय समयसीमा में पूरे किए जाएं। आयुक्त एवं सचिव ने म्हारी सड़क योजना के अन्तर्गत सर्वे न करने के कारण नगर पालिका शाहाबाद के कनिष्ठ अभियन्ता को निलंबित करने तथा सचिव को चार्जशीट करने के आदेश दिए।
मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति पर चर्चा
बैठक में मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा भी की गई। अधिकारियों से संबंधित परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, जारी बजट और कार्यों की गति की जानकारी ली गई। इस दौरान अर्बन ड्रेनेज, राइट-टू-वे स्मार्ट रोड, स्मार्ट मार्केट, मशीनरी व उपकरणों की खरीद, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तथा दिव्यांगजनों के लिए अल्ट्रा मॉडर्न पार्क जैसे कार्यों पर विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी घोषणाओं से जुड़े कार्य प्राथमिकता के आधार पर समयसीमा में पूरे किए जाएं और उनकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
केंद्र व राज्य वित्त आयोग अनुदानों की समीक्षा
बैठक में केंद्र और राज्य वित्त आयोग के अंतर्गत प्राप्त अनुदानों के उपयोग की समीक्षा की गई। अधिकारियों से नगर निकायों को जारी धनराशि के उपयोग, चल रहे कार्यों और शेष राशि की स्थिति की जानकारी ली गई। उन्हें निर्देश दिए गए कि अनुदान राशि का उपयोग निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से किया जाए, ताकि विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके।
स्वीकृत विकास कार्यों की स्थिति की समीक्षा
बैठक में मुख्यालय स्तर से स्वीकृत विकास कार्यों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। विभिन्न नगर निकायों में स्वीकृत परियोजनाओं, उनके बजट और प्रगति की जानकारी ली गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि लंबित परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए और बजट का प्रभावी व पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
पीएम स्वनिधि योजना की प्रगति
पीएम स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि अधिक से अधिक रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को योजना का लाभ दिलाया जाए। पात्र लाभार्थियों के पंजीकरण, ऋण वितरण और पुनर्भुगतान प्रक्रिया को सरल व पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि यह योजना छोटे कारोबारियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, इसलिए कोई भी पात्र लाभार्थी वंचित न रहे।
घर-घर कचरा संग्रहण और प्रोसेसिंग
बैठक में घर-घर कचरा संग्रहण की व्यवस्था की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक घर तक नियमित रूप से कचरा संग्रहण सेवा पहुंचे और किसी क्षेत्र में यह व्यवस्था बाधित न हो। ताजा कचरे की वैज्ञानिक प्रोसेसिंग पर भी चर्चा हुई और पर्यावरण मानकों के अनुरूप निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
सड़क सफाई और मैकेनिकल स्वीपिंग
सड़क सफाई और मैकेनिकल स्वीपिंग की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि मुख्य मार्गों के साथ-साथ आंतरिक गलियों में भी नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए। सफाई कार्यों की प्रभावी मॉनिटरिंग और नागरिक शिकायतों के त्वरित समाधान पर भी जोर दिया गया।
लीगेसी कचरे के निपटान पर जोर
बैठक में लीगेसी कचरे के निपटान की प्रगति पर चर्चा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पुराने कचरे के ढेरों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाए और संबंधित स्थलों का पुनर्विकास किया जाए, ताकि वहां स्वच्छ और उपयोगी स्थान विकसित किए जा सकें।
मानसून से पहले नालों की सफाई
आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए नालों की सफाई और जलभराव से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी नालों और ड्रेनों की समय रहते सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि वर्षा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।
सार्वजनिक शौचालय निर्माण की प्रगति
बैठक में शहरों में नए सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि निर्धारित स्थलों पर निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए और गुणवत्ता मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि नागरिकों को शौचालय सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।
म्हारी सड़क योजना के अंतर्गत मैपिंग
म्हारी सड़क योजना के तहत सड़कों की मैपिंग की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी शहरी क्षेत्रों की सड़कों का समयबद्ध सर्वेक्षण और डिजिटल मैपिंग कार्य पूरा किया जाए, ताकि विकास कार्यों की योजना और संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो सके।
सामूहिक समन्वय से कार्य करने के निर्देश
अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा गया कि शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं के क्षेत्र में बेहतर परिणाम लाने के लिए सभी अधिकारी सामूहिक समन्वय के साथ कार्य करें। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। बैठक में अधिकारियों से फीडबैक भी लिया गया और उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए।

ग्रुप-सी पदों के लिए सीईटी फेज-2 हेतु ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया आज से शुरू
चंडीगढ़, 10 फरवरी, अभीतक: हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन श्री हिम्मत सिंह ने बताया कि ग्रुप-सी पदों के लिए कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट फेज-2 हेतु ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है। इस संबंध में आयोग ने विज्ञापन संख्या 04ध्2026 जारी किया है। उन्होंने बताया कि इस भर्ती प्रक्रिया के लिए विज्ञापन का प्रकाशन 6 फरवरी 2026 को किया गया था। ऑनलाइन आवेदन जमा करने की प्रक्रिया 9 फरवरी 2026 से शुरू होकर 23 फरवरी 2026 की रात 11रू59 बजे तक जारी रहेगी। इस विज्ञापन के तहत विभिन्न विभागों में एमपीएचडब्ल्यू (महिला), एमपीएचडब्ल्यू (पुरुष), स्टाफ नर्सध्नर्स, सिस्टर ट्यूटर, रेडियोग्राफर, डिस्पेंसर (आयुर्वेदिक), डाइटिशियन, फॉरेस्ट गार्ड, जूनियर इंजीनियर (सिविल), जूनियर इंजीनियर (हॉर्टिकल्चर), जूनियर टेक्निकल असिस्टेंट, टेक्नीशियन (इंस्ट्रूमेंटेशन एंड कंट्रोल), प्लांट अटेंडेंट (इंस्ट्रूमेंटेशन एंड कंट्रोल) तथा लीगल असिस्टेंट के पद शामिल हैं। चेयरमैन ने स्पष्ट किया कि इस भर्ती प्रक्रिया में किसी भी अभ्यर्थी से आवेदन शुल्क नहीं लिया जाएगा और सभी उम्मीदवार बिना किसी शुल्क के आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि पिछड़ा वर्ग (ठब्।ध्ठब्ठ) एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (म्ॅै) के अभ्यर्थियों के लिए आवश्यक प्रमाण पत्र 1 अप्रैल 2025 या उसके बाद जारी होना चाहिए तथा आवेदन की अंतिम तिथि तक मान्य होना अनिवार्य है। इसी प्रकार, क्ैब्ध्व्ैब् श्रेणी के अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र 13 नवंबर 2024 के बाद जारी हुए होने चाहिए और अंतिम तिथि तक मान्य होने चाहिए। भूतपूर्व सैनिक (म्ैड) के पारिवारिक सदस्यों के लिए पात्रता प्रमाण पत्र 10 फरवरी 2025 या उसके बाद जारी या नवीनीकृत होना चाहिए तथा आवेदन की अंतिम तिथि तक मान्य रहना आवश्यक है। उन्होंने सभी इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थियों से अपील की कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना आयोग की आधिकारिक वेबसाइट www.hssc.gov.in पर जाकर समय रहते अपना ऑनलाइन आवेदन अवश्य जमा करें, ताकि किसी भी प्रकार की तकनीकी असुविधा से बचा जा सके।

39वें सूरजकुंड मेले में रौनक बढ़ा रहे टेडी बियर
मखमल, साटन, सिंथेटिक फर, कपास, डेनिम और क्रोशे से बने गए है आकर्षक टेडी बियर
सिंथेटिक फर, कपास से बनाए कछुआ, हाथी और गुडिया की बच्चे कर रहे खरीद

चंडीगढ़, 10 फरवरी, अभीतक: सूरजकुंड में आयोजित अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला-2026 में इस वर्ष रंग-बिरंगे और आकर्षक टेडी बियर खास आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। शिल्पकारों द्वारा तैयार किए गए ये टेडी बियर बच्चों के साथ-साथ युवाओं और पर्यटकों को खूब लुभा रहे हैं। मेला परिसर में टेडी बियर की स्टॉल पर भीड़ उमड़ रही है, जिससे मेले की रौनक और भी बढ़ गई है। मेला परिसर में टेडी बियर के स्टॉल संचालकों ने बताया कि मखमल, साटन, सिंथेटिक फर, कपास, डेनिम और क्रोशे जैसे विभिन्न प्रकार के कपड़ों और धागों का उपयोग कर इन टेडी बियर को तैयार किया है। अलग-अलग आकार, रंग और डिजाइन में उपलब्ध ये टेडी बियर न केवल देखने में सुंदर हैं, बल्कि बेहद मुलायम और टिकाऊ भी हैं। मेले में केवल टेडी बियर ही नहीं, बल्कि सिंथेटिक फर और कपास से बनाए गए कछुआ, हाथी और विभिन्न प्रकार की गुडिया आदि खिलौने भी बच्चों और युवाओं की पहली पसंद बने हुए हैं। मेला परिसर में ये टेडी बियर न केवल बच्चों के चेहरे पर मुस्कान ला रहे हैं, बल्कि शिल्पकारों के लिए भी रोजगार और पहचान का माध्यम बन रहे हैं।
टेराकोटा कला से बनाए कुकर और कढ़ाई पर्यटकों को खूब पसंद आए
सूरजकुंड मेला में टेराकोटा कला (पकी हुई मिट्टी) से निर्मित बर्तनों की खूब हो रही बिक्री

सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेला हस्तशिल्प कला को देश के साथ विष्व भर में पहचान दे रहा है। यह मेला शिल्पकारों के हुनर को नई पहचान दिलाने के साथ-साथ आर्थिक रूप से भी सशक्त बना रहा है। इन्हीं में से टेराकोटा कला (पकी मिट्टी से निर्मित वस्तु) से बर्तन तैयार करने वाले शिल्पकारों के स्टॉल पर पर्यटकों की खूब भीड़ लग रही है और इन बर्तनों जमकर खरीदारी भी हो रही है। इन स्टॉल पर टेराकोटा कला से तैयार कुकर और कढ़ाई पर्यटकों को खूब पसंद आ रही है। मेला परिसर में टेराकोटा कला को बढ़ावा दे रहे शिल्पकार ने बताया कि मिट्टी के बर्तनों में जहां खाना स्वादिष्ट बनता है, वहीं इनमें बना खाना स्वास्थ्य की दृष्टि से भी काफी लाभकारी होते हैं। इस बार मेला में पकी हुई मिट्टी से बनाए अलग-अलग साइज में कुकर और कढ़ाई की काफी मांग है। इसके अलावा मिट्टी के तवे भी पर्यटकों को खूब पसंद आ रहे हैं।

खेल नर्सरी आवंटन के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित
शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए 15 फरवरी तक किए जा सकेंगे आवेदन

चंडीगढ़, 10 फरवरी, अभीतक: खेल विभाग, हरियाणा की ओर से शैक्षणिक सत्र 2026-27 के दौरान खेल नर्सरी के आवंटन हेतु सरकारी स्कूलों, ग्राम पंचायतों एवं निजी शिक्षण संस्थानों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 फरवरी 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक संस्थान विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.haryanasports.gov.in  पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। खेल विभाग के एक प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि खेल नर्सरी केवल ओलंपिक, एशियन एवं कॉमनवेल्थ खेलों में शामिल खेलों के लिए ही खोली जाएंगी। खेल विभाग ने सभी पात्र सरकारी एवं निजी शिक्षण संस्थानों से अपील की है कि वे विभाग द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुरूप संबंधित वेबसाइट पर समय रहते अपना आवेदन पंजीकृत करना सुनिश्चित करें, ताकि खेल नर्सरी आवंटन की प्रक्रिया में शामिल किया जा सके।

उत्कृष्ठ पंचायतों को प्रोत्साहन में दी जाने वाली अनुदान राशि दोगुनी करने की घोषणा- मुख्यमंत्री
एससी एसटी के विरूद्व उत्पीड़न किसी भी स्तर पर नहीं किया जाएगा सहन -नायब सिंह सैनी
एससी, एसटी मामलों में 60 दिनों में चार्जशीट की जाए प्रस्तुत

चंडीगढ़, 10 फरवरी, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अनुसूचित जाति के कल्याणार्थ कार्य करने वाली उत्कृष्ठ पंचायतों को प्रोत्साहन स्वरूप में दी जाने वाली अनुदान राशि 50 हजार रुपए से बढाकर एक लाख रुपए करने की घोषणा की। इसके अलावा हर थाने में इन्वेस्टिगेशन विंग की स्थापना करने की भी घोषणा की ताकि जांच कार्य प्रभावित न हो सके। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी चंडीगढ़ में अनुसूचित जाति अत्याचार अधिनियम 1989 और नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम 1955 के प्रावधानों के कार्यान्वयन की समीक्षा हेतू राज्य स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में विकास एंव पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्कृष्ट पंचायतों में एससी के विरूद्व अत्याचार न हो, एससी कम्पोंनेंट का पूरा पैसा खर्च किया जा रहा हो, गांव में नशे के विरूद्व अभियान चलाया जाए, पराली न जलाई जाए, पेयजल समस्या का समाधान आदि शामिल किए गए हैं। इसके लिए राज्य, जिला एवं उपमण्डल स्तर पर पंचायत प्रोत्साहन का भी प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एससी, एसटी मामलों में 60 दिनों की अवधि में न्यायालय में चार्जशीट प्रस्तुत की जाए ताकि ऐसे मामलों का जल्द निपटारा हो सके। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा लागू तीन नए अपराधिक अधिनियमों के तहत भी 60 दिन में जार्चशीट प्रस्तुत किए जाने का प्रावधान किया गया है। इन मामलों में भी अलग से जांच अधिकारियों की नियुक्ति की जाए। श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य में वर्ष 2021 से अनुसूचित जाति के अलावा महिलाओं के विरूद्व अपराध में भी कमी दर्ज की गई है। इसके अलावा लूटपाट, सम्पति के विरूद्व तथा धमकी देने के मामलों में भी कमी आई है। उन्होंने कहा कि एससी जाति के विरूद्व अत्याचार या उत्पीड़न किसी भी स्तर पर सहन नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में तुरंत कार्यवाही की जानी चाहिए। इसके अलावा यदि कोई झूठी शिकायत दर्ज करवाता है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। आपसी समझौते वाले मामलों में यह भी जांच की जाए कि यह किसी दबाव या प्रलोभन में तो नहीं किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला एवं उपमण्डल स्तर पर आयोजित की जाने वाली बैठकों में प्रबुद्व नागरिकों को भी शामिल किया जाए। इसके अलावा हर जिले में उपायुक्त एक साल के अन्दर जिला सतर्कता निगरानी की चार बैठकें आयोजित कर एससी एक्ट की अवश्य समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 के दौरान 796 अत्याचार से पीड़ितों को राहत एवं पुनर्वास के लिए 8.84 करोड़ रुपए की राशि आर्थिक सहायता मुहैया करवाई गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सामाजिक समरसता अंतर्जातीय विवाह शगुन योजना के तहत चालु वित वर्ष के दौरान 1265 लाभार्थियों को 31.62 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है जिसमें 807 महिलाएं एवं 458 पुरूष शामिल है। यह सामाजिक समरसता के प्रति बड़ा सराहनीय कदम है। इसके अलावा अत्याचार निवारण पर स्कूल एवं महाविद्यालयों में भाषण, लेखन प्रतियोगिताओं के साथ डिबेट एवं सेमिनार आयोजित किए जा रहे है। बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल, जी अनुपमा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरूण गुप्ता, अतिरिक्त प्रधान सचिव डा. साकेत कुमार, डीजीपी अजय सिंघल सहित कई सरकारी व गैर सदस्य मौजूद रहे।

वित्तीय आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने राजस्व अधिकारियों को सहानुभूतिपूर्ण विचार का दिया आश्वासन
हरियाणा में कामकाज सामान्य रूप से हुआ बहाल

चंडीगढ़, 10 फरवरी, अभीतक: राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तीय आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा और भूमि जोत एवं भूमि अभिलेख समेकन निदेशक डॉ. यश पाल के साथ मिलकर आज यहां राजस्व अधिकारियों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत और रचनात्मक चर्चा की है और उन्हें आश्वासन दिया है कि उनकी सभी समस्याओं पर कानून और स्थापित प्रक्रियाओं के अनुसार सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। डा. मिश्रा ने उन्हें आश्वासन दिया कि उचित प्रक्रिया का पालन किया जाएगा और प्रत्येक मामले पर निष्पक्ष और वस्तुनिष्ठ रूप से विचार किया जाएगा। डॉ. मिश्रा ने कहा कि राजस्व अधिकारी प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ हैं और कई विभाग उनके काम पर निर्भर करते हैं। उन्होंने कहा कि विभाग और सरकार की हमेशा से यह नीति रही है कि नए उपक्रमों में फील्ड अधिकारियों को सक्रिय रूप से शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व अधिकारियों के साथ परामर्श को और अधिक संस्थागत रूप दिया जाएगा ताकि फील्ड और मुख्यालय के बीच नियमित संवाद सुनिश्चित हो सके, जिससे संचार की कमियों को दूर किया जा सके और गलतफहमियों को रोका जा सके। उन्होंने अधिकारियों का आह्वान किया कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन कानून के दायरे में रहकर ही करें और आधिकारिक जिम्मेदारियों को निभाते समय आने वाली किसी भी कठिनाई को तुरंत सूचित करें। उन्होंने कहा कि समस्याओं को बढ़ने से पहले ही सुलझाने के लिए पारदर्शी और समय पर संचार अत्यंत महत्वपूर्ण है। सरकार द्वारा दिए गए आश्वासनों और आम जनता को हुई असुविधा को ध्यान में रखते हुए, राजस्व अधिकारियों ने आज से बिना किसी शर्त के अपना कार्यभार संभालने का निर्णय लिया है। डॉ. मिश्रा ने इस निर्णय का स्वागत किया और विश्वास व्यक्त किया कि सुदृढ़ समन्वय और आपसी विश्वास से राज्य में सार्वजनिक सेवा वितरण में और सुधार होगा। बैठक में यह भी आश्वासन दिया गया कि बेहतर समन्वय और नीतिगत मुद्दों के लिए अधिकारियों की एक अंतर-विभागीय समिति का गठन किया जाएगा।

एयरोड्रोम पर विमानन सुरक्षा होगी मजबूत
हरियाणा सरकार ने किया उच्च स्तरीय समिति का गठन

चंडीगढ़, 10 फरवरी, अभीतक: हरियाणा के नागरिक उड्डयन विभाग ने राज्य के एयरोड्रोम पर सुरक्षित और संरक्षित उड़ान संचालन सुनिश्चित करने के लिए एक उच्च स्तरीय तकनीकी समिति का गठन किया है। यह समिति डीजीसीए के दिशा-निर्देशों के अनुरूप व्यापक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करेगी। इस समिति की अध्यक्षता विभाग के अकाउंटेबल मैनेजर करेंगे और इसमें विमानन तथा योजना क्षेत्र के अनुभवी विशेषज्ञ शामिल होंगे। समिति विभाग में तकनीकी पदों की आवश्यकता का भी आकलन करेगी, ताकि सभी विनियामक मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित हो सके। यह पहल मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई वर्चुअल समीक्षा बैठक के दौरान सामने आई, जिसमें प्रदेशभर के रनवे और एयरोड्रोम के रखरखाव तथा विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि एयरोड्रोम का रखरखाव एक सतत प्रक्रिया है। विभाग द्वारा रनवे की समय-समय पर रीकार्पेटिंग और नियमित निरीक्षण जैसे कई सुधारात्मक कदम पहले ही उठाए जा चुके हैं। अब इन प्रयासों को एक सुव्यवस्थित एसओपी ढांचे के माध्यम से और मजबूत किया जाएगा। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने लोक निर्माण विभाग (भवन एवं सड़क), बागवानी शाखा और संबंधित उपायुक्तों को डीजीसीए के सुरक्षा एवं परिचालन मानकों के अनुरूप एयरोड्रोम का व्यवस्थित, समन्वित और समयबद्ध रखरखाव सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए। ये निर्देश भिवानी, नारनौल, पिंजौर और करनाल समेत राज्य के सभी ऑपरेशनल एयरोड्रोम पर लागू होंगे, जहां सुधार और रखरखाव कार्य सक्रिय रूप से विचाराधीन हैं। लोक निर्माण विभाग (भवन एवं सड़क) को रनवे और संबद्ध अवसंरचना कार्यों के लिए कच्चा लागत अनुमान तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। इनमें डीजीसीए की आवश्यकताओं के अनुसार रीकार्पेटिंग, रनवे चैड़ीकरण, शोल्डर निर्माण, रनवे मार्किंग, बाउंड्री वॉल, गार्ड रूम, परिधि सड़क और अन्य सुरक्षा सुविधाएं शामिल हैं। विभाग को सभी स्वीकृत कार्य समय पर पूरा करने और एयरोड्रोम का मासिक निरीक्षण करने को कहा गया है। निरीक्षण रिपोर्ट नागरिक उड्डयन विभाग और संबंधित उपायुक्तों के साथ साझा की जाएगी। साथ ही, विभाग को रनवे के लिए अनुमेय विनिर्देशों के अनुसार डीएनआईआईटी तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, न कि सड़कों के लिए। बागवानी शाखा को एयरोड्रोम परिसर में पेड़-पौधों की नियमित और पूर्ण सफाई सुनिश्चित करने तथा समय-समय पर छंटाई और रखरखाव करने का दायित्व सौंपा गया है। यह कार्य एयरोड्रोम अधिकारियों के साथ समन्वय में किया जाएगा। भिवानी, नारनौल, पिंजौर और करनाल से संबंधित उपायुक्तों को अंतर-विभागीय समन्वय के लिए नोडल अधिकारी नामित किया गया है। उन्हें एयरोड्रोम प्राधिकारियों द्वारा उठाई गई आवश्यकताओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने, लोक निर्माण विभाग, बागवानी शाखा, वन विभाग और जिला प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित करने तथा निर्धारित समय-सीमा के अनुसार कार्यों की प्रगति की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य सचिव ने दोहराया कि विमानन सुरक्षा, विनियामक अनुपालन और अवसंरचना की तैयारी राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। उन्होंने सभी संबंधित विभागों से निरंतर समन्वय बनाए रखते हुए एयरोड्रोम पर उच्च परिचालन मानक सुनिश्चित करते हुए सुरक्षित व कुशल उड़ान संचालित करने का आह्वान किया। बैठक में नागरिक उड्डयन विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती अमनीत पी. कुमार, नागरिक उड्डयन विभाग के सलाहकार एवं सचिव श्री अंशज सिंह, महेंद्रगढ़ के उपायुक्त श्री मनोज कुमार-प्, अंबाला के उपायुक्त श्री अजय सिंह तोमर, करनाल के उपायुक्त श्री उत्तम सिंह, भिवानी के उपायुक्त श्री साहिल गुप्ता तथा हिसार के उपायुक्त श्री महेंद्र पाल ने भी भाग लिया। इसके अलावा, पंचकूला की अतिरिक्त उपायुक्त सुश्री निशा यादव, नागरिक उड्डयन विभाग के अतिरिक्त निदेशक श्री मनीष कुमार लोहान, योजना सलाहकार श्री एम. एस. दुहन, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, हिसार के एयरपोर्ट निदेशक श्री ओ. पी. सैनी तथा लोक निर्माण विभाग (भवन) के इंजीनियर-इन-चीफ-सह-विभागाध्यक्ष श्री अनिल कुमार दहिया भी बैठक में उपस्थित रहे।

कैबिनेट मंत्री श्याम सिंह राणा ने रादौर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों का दौरा कर लोगों की समस्याएं सुनीं
चंडीगढ़, 10 फरवरी, अभीतक: हरियाणा के कृषि एवं पशुपालन मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने केंद्रीय बजट एवं विकसित भारत जी.राम.जी. अभियान तथा किसान चैपाल कार्यक्रम के तहत विधानसभा क्षेत्र रादौर के गांव गुमथला, संधाला, नाहरपुर, कमालपुर, बीच का माजरा, करेड़ा-2, कांसापुर, फर्कपुर, ईशोपुर, मंडौली और दामला सहित कई गांवों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने हाल ही में देश की वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट पर चर्चा की और लोगों की समस्याएं भी सुनीं। श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट में विशेष रूप से कृषि प्रणाली को मजबूत और बेहतर बनाने के लिए लाखों करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस बजट में हर वर्ग के हितों को ध्यान में रखा गया है, जिससे देश के विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि कृषि के लिए निर्धारित राशि से किसानों को फसलों के बेहतर भाव, कृषि यंत्रों पर सब्सिडी तथा किसानों के हित में नई योजनाएं लागू की जाएंगी। केंद्र और प्रदेश सरकार का लक्ष्य प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना है। कृषि मंत्री ने कार्यक्रम में बताया कि मनरेगा योजना को विकसित भारत अभियान से जोड़ा गया है और इसका विस्तार विकसित भारत जी.राम.जी. योजना के रूप में किया गया है। उन्होंने कहा कि पहले मनरेगा के तहत 100 दिन का रोजगार दिया जाता था, जिसे अब बढ़ाकर 125 दिन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और उसकी विदेश नीति मजबूत हाथों में है, जहां देश की कार्यप्रणाली संविधान के अनुसार चलती है। इसके विपरीत पाकिस्तान में सेना का प्रभाव अधिक है, जिससे वहां की व्यवस्था प्रभावित होती है। यही कारण है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान की अपेक्षा भारत की विदेश नीति को अधिक महत्व दिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली तथा दूरदर्शिता को देखते हुए भारत के साथ दोस्ती का हाथ बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने में सभी की सहभागिता आवश्यक है। श्री राणा ने कहा कि भाजपा एक संगठित पार्टी है और संगठित दल ही विकास के पथ पर आगे बढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा का राष्ट्रीय नेतृत्व युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है और संगठन को नई ऊर्जा प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि संतों के संग से आध्यात्मिक शांति मिलती है और प्रदेश सरकार ने सभी वर्गों के संतों की जयंती मनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सुरक्षित हाथों में है। उन्होंने बताया कि रादौर विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक अंबेडकर भवनों का निर्माण कराया गया है और खेतों के रास्तों को पक्का करने का कार्य भी यहीं से शुरू हुआ था। सरकार पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए देशी गाय की खरीद पर सब्सिडी भी उपलब्ध करा रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश के हर क्षेत्र में विकास कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और उनके शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।

हरियाणा बना खेलों का पावर हाउस हब, माटी में फसल ही नहीं मैदान में चैंपियन भी कर रहा पैदा: मुख्यमंत्री नायब सिंह
मुख्यमंत्री ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के 417 खिलाडियों को 24 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि की प्रदान
मुख्यमंत्री ने देवीलाल स्टेडियम गुरूग्राम में मुख्यमंत्री कप-2025 का किया शुभारंभ

चंडीगढ़, 10 फरवरी, अभीतक: मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा खेलों का पावर हाउस बन चुका है, जिसकी माटी फसल ही नहीं उगाती अपितु मैदान में चैंपियन भी पैदा करती है। अब हरियाणा केवल किसानों और जवानों की भूमि ही नहीं, बल्कि खेलों की धरती के रूप में पूरे देश में अपनी पहचान बना चुका है। आज राष्ट्रीय खेलों से लेकर ओलंपिक तक हरियाणा की गूंज सुनाई देती है। सरकार का उद्देश्य है प्रदेश का कोई भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी संसाधनों के अभाव में पीछे न रहे। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी सोमवार को गुरूग्राम स्थित ताऊ देवी लाल स्टेडियम में मुख्यमंत्री कप का शुभारंभ एवं 38वें राष्ट्रीय खेलों के पदक विजेताओं को पुरस्कार वितरित करने के उपरांत उपस्थितगण को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने राष्ट्रीय खेलों के 417 पदक विजेता तथा प्रतिभागी खिलाड़ियों को लगभग 24 करोड़ रूपए की राशि पुरस्कार स्वरूप प्रदान की। उन्होंने हॉकी खिलाड़ी पद्मश्री सविता पूनिया को भी सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन हरियाणा की खेल प्रतिभा, अनुशासन, परिश्रम और संकल्प का उत्सव है तथा आज गुरुग्राम की यह पावन धरती दो खेल उत्सवों के रंग में रंगी है। हरियाणा की मिट्टी केवल फसल ही नहीं बल्कि चैंपियन भी पैदा करती है। इस भूमि पर पसीना बहाकर खेलों में इतिहास रचा जाता है। कार्यक्रम में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, पटौदी से विधायक बिमला चैधरी, खेल विभाग के प्रधान सचिव विजय सिंह दहिया तथा खेल विभाग के निदेशक पार्थ गुप्ता उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि खेल मंच हमारे युवाओं के सपनों को पंख देते हैं और खिलाड़ी राष्ट्र के गौरव को नई ऊँचाइयों पर ले जाने का संकल्प लेते हैं। प्रदेश के खिलाड़ियों ने उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों में अद्भुत प्रदर्शन करते हुए पूरे देश में अपनी पहचान बनाई है। प्रदेश के 689 खिलाड़ियों ने 33 विभिन्न खेलों में भाग लेकर अपने दमखम, समर्पण और प्रतिभा का परिचय देते हुए 153 पदक जीतकर यह सिद्ध कर दिया कि हरियाणा आज खेलों का पावर हाउस बन चुका है। इन खेलों में खिलाड़ियों ने अपनी वर्षों की मेहनत, त्याग व संघर्ष से 48 स्वर्ण, 47 रजत और 58 कांस्य पदक प्राप्त किए है। श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि खिलाड़ी प्रदेश के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं। सरकार द्वारा राष्ट्रीय खेलों के स्वर्ण पदक विजेता को 7 लाख रुपये, रजत पदक विजेता को 5 लाख रुपये और कांस्य पदक विजेता को 3 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। साथ ही प्रतिभागियों को भी 51-51 हजार रूपए की राशि भी प्रोत्साहन स्वरूप प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों के माता-पिता व प्रशिक्षकों का भी आभार व्यक्त किया, जिनकी प्रेरणा के परिणाम स्वरूप ही ये खिलाड़ी देश और प्रदेश का गौरव बनकर खड़े हैं। मुख्यमंत्री कप के प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तीन दिवसीय मुख्यमंत्री कप की 6 खेल प्रतियोगिताओं में 3600 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। इस कप में स्वर्ण पदक विजेता को 1 लाख रुपये, रजत पदक विजेता को 70 हजार रुपये तथा कांस्य पदक विजेता को 50 हजार रुपये का नकद इनाम दिया जाएगा। इस कप का आयोजन प्रदेश सरकार की उस सोच का प्रतीक है, जिसमें हर गांव व हर शहर से प्रतिभा को पहचान कर आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रदेश के पहलवान, मुक्केबाज, एथलीट, निशानेबाज, हॉकी और अनेक अन्य खेलों के खिलाड़ी देश का नाम रोशन कर रहे हैं। यह हम सभी के लिए गर्व की बात है। श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया’ जैसे कार्यक्रमों ने देश में खेल संस्कृति को नई दिशा दी है। आज खेल केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का माध्यम बन चुके हैं। स्वस्थ युवा, विकसित भारत की नींव हैं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों का आचरण, मेहनत भावी पीढ़ियों को दिशा देगी। खिलाड़ी सदैव अनुशासन, विनम्रता और देशभक्ति को अपने जीवन का आधार बनाए। हार से कभी निराश न हो और जीत पर कभी अहंकार न करे, यह दोनों ही समान रूप से आगे बढ़ने का अवसर देते हैं।
हरियाणा में खेलों के लिए दोगुना किया बजट
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हरियाणा में खिलाड़ियों के कल्याण व प्रोत्साहन के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। सरकार ने पूरे राज्य में खेल सुविधाएं विकसित करने पर पिछले 11 सालों में 989 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। खेल विभाग का बजट भी बढ़ाकर दोगुना से ज्यादा कर दिया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014-15 में यह 275 करोड़ रुपये था। बीजेपी सरकार ने इसे बढ़ाकर चालू वित्त वर्ष में 602 करोड़ 18 लाख रुपये का प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ओलंपिक, पैरालंपिक व अन्य अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाडियों को 6 करोड़ रुपये तक के नकद पुरस्कार दे रही है।
खेल सुविधाओं का किया जा रहा विस्तार: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने राई जिला सोनीपत में खेल विश्वविद्यालय की स्थापना की है। वर्तमान में राज्य में 3 राज्य स्तरीय खेल परिसर, 21 जिला स्तरीय खेल स्टेडियम, 25 उपमंडल स्टेडियम, 163 राजीव गांधी ग्रामीण खेल परिसर, 245 ग्रामीण स्टेडियम तथा गांवों में 382 इनडोर जिम उपलब्ध हैं। इनके अलावा, 10 स्विमिंग पूल, 11 सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक, 14 हॉकी एस्ट्रोटर्फ, 2 फुटबॉल सिंथेटिक सतह और 9 बहुउद्देशीय हॉल भी बनाए गए हैं। साथ ही प्रदेश के 16 जिलों में जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी के कार्यालय में सुविधा केन्द्रों का निर्माण 3 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार खिलाडियों को खेल उपकरण भी उपलब्ध करवा रही हैं। इसके लिए हरियाणा खेल उपकरण प्रावधान योजना बनाई है। इसके तहत 15 हजार 634 खिलाडियों को उपकरण प्रदान किये जा चुके हैं। प्रदेश में वर्तमान में 1 हजार 472 खेल नर्सरियां संचालित हैं। इनमें 37 हजार से अधिक बच्चे नियमित प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इन नर्सरियों में 8 से 14 वर्ष के खिलाडियों को 1500 रुपये तथा 15 से 19 वर्ष के खिलाडियों को 2 हजार रुपये प्रतिमाह की वित्तीय सहायता दी जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाडियों के सुरक्षित भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने ‘हरियाणा उत्कृष्ट खिलाड़ी सेवा नियम 2021’ लागू किए हैं। इनके तहत खेल विभाग में 550 नए पद सृजित किए गए हैं और 231 खिलाडियों को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। साथ ही खिलाडियों के लिए ताऊ देवी लाल खेल परिसर पंचकुला में रिहैबिलिटेशन सेंटर शुरू किया गया है।
देश के इतिहास में पहली बार 800 से अधिक खिलाडियों का सम्मान: गौरव गौतम
हरियाणा के खेल एवं युवा अधिकारिता मंत्री गौरव गौतम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा यह दिन देश के खेल इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हुआ है जिसमें सैकड़ों खिलाडियों को एक ही अवसर पर सम्मानित किया जा रहा है। 38वें राष्ट्रीय खेलों में हरियाणा के 689 खिलाडियों ने भाग लिया, जिनमें से 153 खिलाडियों ने पदक जीतकर प्रदेश और देश का मान बढ़ाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा एक क्लिक के माध्यम से करोड़ों रुपये की प्रोत्साहन राशि खिलाडियों को दी जा रही है, जो खिलाडियों के संघर्ष, अनुशासन और समर्पण का सम्मान है। यह पहल न केवल खिलाडियों का हौसला बढ़ाएगी, बल्कि आने वाली पीढ़ी को भी खेलों की ओर प्रेरित करेगी।
हरियाणा का मतलब खेल, खेल का मतलब हरियाणा
गौरव गौतम ने कहा कि आज हरियाणा देश में खेलों की पहचान बन चुका है। चाहे कुश्ती का अखाड़ा हो, खेल महाकुंभ हो या सीएम कप जैसे बड़े आयोजनकृप्रदेश के 50 हजार से अधिक खिलाड़ी निरंतर विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले रहे हैं। कम जनसंख्या वाला हरियाणा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदकों पर सबसे अधिक कब्जा कर रहा है। उन्होंने कहा कि कभी ष्खेलोगे कूदोगे बनोगे खराब जैसी कहावत प्रचलित थी, लेकिन हरियाणा के खिलाडियों ने इसे बदलकर ष्खेलोगे कूदोगे बनोगे लाजवाब साबित कर दिया है।
मिशन ओलंपिक 2036 से खिलाडियों के भविष्य को नई दिशा
खेल मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के संयुक्त विजन से आज हरियाणा खेलों की महाशक्ति के रूप में उभर रहा है। केंद्र सरकार की खेलो इंडिया और टॉप्स जैसी योजनाओं से खिलाडियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं, वहीं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य सरकार सीएम कप, खेल नर्सरी, खेल अकादमी और मिशन ओलंपिक 2036 ‘विजयी भव’ जैसी योजनाओं के माध्यम से खिलाडियों को मजबूत और स्थायी मंच प्रदान कर रही है। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों में हरियाणा के खिलाड़ी पदक जीतकर देश का नाम रोशन करें। ‘विजयी भव’ योजना के तहत खेल अकादमियों, उत्कृष्टता केंद्रों और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रशिक्षण सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। चोटिल खिलाडियों के लिए 20 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज, बीमा कवर, कम ब्याज दर पर ऋण तथा उत्कृष्ट कोचिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा खेल बजट में 33 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी यह दर्शाती है कि आज खेल राष्ट्र निर्माण का अहम आधार बन चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में हरियाणा के खिलाड़ी अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं और केंद्र व राज्य सरकार मिलकर उन्हें हर संभव सहयोग और अवसर प्रदान कर रही हैं। इस अवसर पर डीसी अजय कुमार, हरियाणा खेल विश्वविद्यालय राई के कुलपति अशोक कुमार सहित अन्य अधिकारीगण एवं गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

हर प्रतिभा को मंच और हर सपने को उड़ान देना हमारा संकल्प- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
नागेश ट्रॉफी दृष्टिबाधित राष्ट्रीय टी-20 क्रिकेट प्रतियोगिता का शुभारंभ, 21 लाख रुपये की सहायता राशि की घोषणा
प्रदेश में दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए अलग स्टेडियम और बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी
मुख्यमंत्री ने पहले टी 20 दृष्टिबाधित विश्व कप की विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम को किया सम्मानित
29 राज्यों की टीमें, 73 मुकाबले, चयनित 17 खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे

चंडीगढ़, 10 फरवरी, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि खिलाड़ी का साहस ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। जब हौसले बुलंद हों तो कोई भी कमी सफलता की राह नहीं रोक सकती। हमारी सरकार का संकल्प है कि हर प्रतिभा को मंच और हर सपने को उड़ान मिले। दिव्यांग खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और अवसर देने के लिए प्रदेश में उनके लिए विशेष खेल सुविधाएं और अलग स्टेडियम विकसित किया जाएगा। यह बात मुख्यमंत्री ने सोमवार को ताऊ देवीलाल स्टेडियम, गुरुग्राम के क्रिकेट ग्राउंड में नागेश ट्रॉफी दृष्टिबाधित राष्ट्रीय टी-20 क्रिकेट प्रतियोगिता (पुरुष) के उद्घाटन अवसर पर कही। उन्होंने बतौर मुख्य अतिथि प्रतियोगिता का शुभारंभ करते हुए आयोजन के लिए 21 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की। इस अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम तथा पटौदी से विधायक विमला चैधरी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। मुख्यमंत्री ने पहले टी 20 दृष्टिबाधित महिला विश्व कप की विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम का अभिनंदन किया और टीम की खिलाड़ियों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि टीम ने अपने अदम्य साहस, अनुशासन और कड़ी मेहनत के दम पर देश का नाम रोशन किया है और यह उपलब्धि पूरे राष्ट्र, विशेषकर दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रतियोगिता केवल खेल आयोजन नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, संकल्प, साहस और समान अवसरों का उत्सव है। दृष्टिबाधित खिलाड़ी अपनी मेहनत और आत्मबल से यह सिद्ध कर रहे हैं कि सफलता के लिए दृष्टि नहीं, बल्कि मजबूत इच्छाशक्ति की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि देश में वर्ष 1990 से दृष्टिबाधित क्रिकेट खेला जा रहा है तथा यह टूर्नामेंट सीएबीआई के संस्थापक अध्यक्ष श्री एस.पी. नागेश की स्मृति में आयोजित किया जाता है। नागेश ट्रॉफी के 8वें संस्करण में 29 राज्यों की टीमें भाग ले रही हैं और कुल 73 मुकाबले खेले जाएंगे। प्रतियोगिता से चयनित 17 सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी वर्ष 2026-27 की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र को साकार कर रही है। दिव्यांगजनों और खिलाड़ियों के सशक्तिकरण के लिए खेल ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। प्रशिक्षण सुविधाएं, आर्थिक सहायता और रोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं ताकि हर खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सके। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पिछले 11 वर्षों में खेल सुविधाओं के विकास पर 989 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं तथा खेल विभाग का बजट 275 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 602 करोड़ रुपये से अधिक किया गया है। ‘हरियाणा उत्कृष्ट खिलाड़ी सेवा नियम 2021’ के तहत 550 नए पद सृजित कर 231 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। पंचकूला में खिलाड़ियों के उपचार और पुनर्वास के लिए आधुनिक रिहैबिलिटेशन सेंटर भी स्थापित किया गया है। खेल राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि दिव्यांग खिलाड़ी अपनी मेहनत, अनुशासन और समर्पण से समाज को नई दिशा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार खिलाड़ियों को हर संभव संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है तथा ऐसे आयोजन खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी दौरान अंडर-19 खिलाड़ी तेजस्विनी यादव ने बीसीसीआई से प्राप्त इस वर्ष की धनराशि भारतीय महिला ब्लाइंड क्रिकेट टीम को भेंट कर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया, जिसकी मुख्यमंत्री ने सराहना की। इसके बाद कर्नाटक और हरियाणा की टीमों के बीच एक प्रदर्शनी मैच खेला गया, जिसमें खिलाड़ियों ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया और दर्शकों ने उत्साहपूर्वक उनका हौसला बढ़ाया। कार्यक्रम में संसदीय बोर्ड सदस्य सुधा यादव, एचपीएससी सदस्य ममता यादव, डीसी अजय कुमार, सीपी विकास अरोड़ा, क्रिकेट एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड इन इंडिया के अध्यक्ष डॉ. महांतेश, महासचिव शैलेंद्र यादव सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

सरकार जनसुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए प्रतिबद्ध: कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा
कैबिनेट मंत्री ने 28.11 करोड़ रुपये की बरसाती जल निकासी परियोजना का किया शिलान्यास

चंडीगढ़, 10 फरवरी, अभीतक: लोक निर्माण एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने आज हिसार के आजाद नगर क्षेत्र में लगभग 28.11 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली बरसाती जल निकासी परियोजना का शिलान्यास किया। परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही जलभराव की गंभीर समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित होगा। कैबिनेट मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने बताया कि परियोजना के माध्यम से आजाद नगर क्षेत्र के लगभग 500 एकड़ क्षेत्र को कवर किया जाएगा। बरसात के मौसम में होने वाले जलभराव से निजात दिलाने के उद्देश्य से इस योजना को तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि परियोजना के अंतर्गत विभिन्न आकारों की लगभग 14 किलोमीटर लंबी आरसीसी पाइप लाइन बिछाई जाएगी। इसके साथ ही बरसाती पानी की निकासी के लिए 8 पंप स्थापित किए जाएंगे, जिनमें प्रत्येक पंप की क्षमता 18 हजार 500 लीटर प्रति मिनट होगी। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि पानी के संग्रहण के लिए एक टैंक के निर्माण के साथ-साथ पंपों के संचालन के लिए पंप हाउस भी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में पंपों के निर्बाध संचालन के लिए 600 केवीए क्षमता के दो जनरेटर भी स्थापित किए जाएंगे। पंपों के माध्यम से निकाला गया बरसाती पानी 800 मिमी साइज की डीआई पाइप लाइन की दो लाइनों के जरिए हिसार मल्टीपर्पज ड्रेन में डाला जाएगा, जिनकी कुल लंबाई लगभग 5200 मीटर होगी। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त लघु सचिवालय स्थित बरसाती पानी के डिस्पोजल प्वाइंट पर पंपों की क्षमता 16 क्यूसेक से बढ़ाकर 60 क्यूसेक की जाएगी, जिससे पटेल नगर, जवाहर नगर एवं ग्रीन पार्क क्षेत्र में भी जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने से आजाद नगर क्षेत्र में वर्षा के दौरान होने वाले जलभराव से मुक्ति मिलेगी और नागरिकों को बेहतर एवं सुरक्षित आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार प्रदेश को आधुनिक बुनियादी ढांचे से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश सरकार जनसुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए प्रतिबद्ध है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सरकार की नीतियों का सीधा लाभ आम नागरिक तक पहुंच रहा है और प्रदेश विकास के पथ पर तेजी से अग्रसर है। उन्होंने बताया कि परियोजना के पूर्ण होने के बाद आजाद नगर सहित आसपास के क्षेत्रों के निवासियों को जलभराव की समस्या से मुक्ति मिलेगी और क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।
समस्याओं के समाधान के लिए सरकार कर रहीं आमजन से संवाद
कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि प्रदेश सरकार आमजन से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आजाद नगर क्षेत्र वासियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुना तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को समाधान की दिशा में आवश्यक कदम उठाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के साथ-साथ जनसमस्याओं का समयबद्ध निस्तारण सरकार की प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस अवसर पर नलवा विधायक श्री रणधीर पनिहार, पार्षद श्री सत्यवान पान्नू, पार्षद श्री गुलाब धानक सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

गुरुग्राम के विकास और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान पर सरकार का विशेष फोकस: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जनसेवा में प्राथमिकता व संवेदनशीलता बरतने के दिए निर्देश
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गुरुग्राम में आयोजित जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक आयोजित, 17 में से 12 मामलों का हुआ समाधान
एक माह में गुरुग्राम की क्षतिग्रस्त सड़कों को बनाया जाए मोटरेबल: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री की त्वरित पहल से सेक्टर-85 की सड़क समस्या का समाधान, 7,000 से अधिक लोगों को मिलेगी राहत

चंडीगढ़, 10 फरवरी, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि अधिकारी जनहित से जुड़े कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ करें तथा किसी भी स्तर पर कोताही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम के समग्र विकास और आमजन की समस्याओं के समाधान को लेकर सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जिले से जुड़ी प्रत्येक समस्या पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है और उनका शीघ्र एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। सरकार निरंतर जन समस्याओं की समीक्षा कर रही है, ताकि लोगों को समय पर राहत मिल सके और विकास कार्यों में गति बनी रहे। मुख्यमंत्री सोमवार को गुरुग्राम में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, पटौदी विधायक श्रीमती बिमला चैधरी, सोहना विधायक श्री तेजपाल तंवर भी उपस्थित रहे। बैठक में कुल 17 परिवाद रखे गए, जिनमें से मुख्यमंत्री ने 12 का मौके पर ही निपटारा किया, जबकि 5 मामलों को आगामी बैठक तक लंबित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन लंबित मामलों की स्टेटस रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत करें।
एक माह में गुरुग्राम की क्षतिग्रस्त सड़कों को मोटरेबल बनाने के निर्देश
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सेक्टर-10ए स्थित उमंग भारद्वाज चैक से वाया गाडौली होते हुए द्वारका एक्सप्रेसवे तक सड़क की खस्ताहाल स्थिति की शिकायत पर संज्ञान लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगले 24 घंटे के भीतर सड़क को गड्ढा-मुक्त किया जाए। सड़क पर यदि कहीं भी अतिक्रमण है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर तुरंत हटाया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क चाहे किसी भी विभाग से संबंधित हो, चाहे वह एचएसआईआईडीसी, नगर निगम या जीएमडीए के अधीन हो, नियमों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई करते हुए अगले एक महीने के भीतर सभी सड़कों की मरम्मत कर उन्हें मोटरेबल बनाया जाए।
मुख्यमंत्री की त्वरित पहल से सेक्टर-85 की सड़क समस्या का समाधान, 7,000 से अधिक लोगों को मिलेगी राहत
बैठक में सेक्टर-85 स्थित कार्नेशन रेजीडेंसी आरडब्ल्यूए द्वारा प्रस्तुत की गई सड़क अवरोध से संबंधित शिकायत पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने पिछली बैठक में गंभीरता से संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों की एक समिति का गठन किया था। समिति की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित निजी भूमि अब बिल्डर द्वारा खरीद ली गई है तथा वहां बनी पुरानी इमारतों को हटाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इसके उपरांत दो सप्ताह के भीतर 24 मीटर चैड़ी संपर्क सड़क का निर्माण किया जाएगा, जिससे सेक्टर-86 मुख्य मार्ग और द्वारका एक्सप्रेसवे से सीधा संपर्क स्थापित हो सकेगा। इस निर्णय से लगभग 7,000 निवासियों एवं 800 स्कूली छात्रों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी। आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनकी संवेदनशील पहल, त्वरित सुनवाई और समिति गठन के कारण यह लंबे समय से लंबित समस्या हल हो सकी है।
सूरत नगर फेज-1 को जलभराव से मुक्त कर गलियों का जीर्णोद्धार करने के निर्देश
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सूरत नगर फेज-1 में लंबे समय से बनी जलभराव की समस्या पर संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को एक माह के भीतर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र की सभी प्रभावित गलियों को जलभराव से मुक्त कर उनका जीर्णोद्धार किया जाए, ताकि स्थानीय निवासियों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि पानी की निकासी की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से दुरुस्त की जाए और जहां आवश्यकता हो वहां पंप लगाकर पानी निकाला जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए तथा तय समय सीमा में काम पूरा न होने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए। इस अवसर पर गुरुग्राम की मेयर राजरानी मल्होत्रा, प्रधान सलाहकार (शहरी विकास) डी .एस.ढेसी, जीएमडीए के सीईओ पी.सी मीणा, डीसी अजय कुमार, मुख्यमंत्री के ओएसडी तथा सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के अतिरिक्त निदेशक विवेक कालिया सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

अंतर्राष्ट्रीय पवेलियन में लगाई गई विभिन्न देशों की स्टॉलस
पार्टनर कंट्री मिस्र के जूट से बने हैंडमेड बैग्स बने पर्यटकों की पहली पसंद

चंडीगढ़, 10 फरवरी, अभीतक: फरीदाबाद में चल रहे 39 वें अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड शिल्प मेले में इस वर्ष पार्टनर कंट्री के रूप में शामिल मिस्र अपनी प्राचीन सभ्यता और आधुनिक हस्तशिल्प के अनूठे संगम से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय पवेलियन में मिस्र की स्टॉल्स पर सजी कलाकृतियां न केवल आकर्षण का केंद्र हैं, बल्कि मिस्र की सांस्कृतिक जड़ों से भी रूबरू करा रही हैं।
स्टॉल पर हैंडमेड बैग्स का जादू
इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय पवेलियन में मिस्र की स्टॉल पर जूट से तैयार किए गए हैंडमेड बैग्स पर्यटकों, विशेषकर महिलाओं के बीच काफी लोकप्रिय हो रहे हैं। स्टॉल संचालक अमील ने बताया कि इन बैग्स को विशेष कारीगरी से तैयार किया गया है, जिनकी कीमत उनकी गुणवत्ता और डिजाइन के अनुसार 3 हजार से 5 हजार रुपये के बीच रखी गई है।
स्टॉल पर सिरेमिक कला का भी प्रदर्शन
इसी स्टॉल पर शिल्पकार मुहम्मद अली मोहम्मद मिस्र की मशहूर सिरेमिक कला से बने कप, प्लेट और बर्तनों का शानदार संग्रह सजाया गया है। इन बर्तनों पर की गई बारीक नक्काशी और विशिष्ट रंग पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं।
मिस्र की कला जो जानने का मिल रहा मौका
मेले में आने वाले पर्यटक न केवल खरीदारी कर रहे हैं, बल्कि इन स्टॉल्स पर जाकर मिस्र की कला, इसे बनाने की प्रक्रिया और वहां की परंपराओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। पार्टनर कंट्री के रूप में मिस्र इस बार मेले की सबसे बड़ी हाइलाइट्स में से एक है। मिस्र के शिल्पकारों ने साबित कर दिया है कि उनकी पारंपरिक कला आज के आधुनिक दौर में भी वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान रखती है।

बिजली लाइनों व ट्रांसफार्मरों से न करें छेड़छाड़, फॉल्ट की शिकायत निर्धारित माध्यमों से करायें दर्ज: यूएचबीवीएन
चंडीगढ़, 10 फरवरी, अभीतक: उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा एक अधिसूचना जारी करते हुए सभी किसानों व आम उपभोक्ताओं से कहा गया है कि वे बिजली की लाइनों, ट्रांसफार्मरों तथा अन्य विद्युत उपकरणों से स्वयं छेड़छाड़ न करें और न ही उन्हें स्वयं ठीक करने का प्रयास करें। यह देखने में आ रहा है कि कुछ किसान व उपभोक्ता स्वयं ही बिजली फॉल्ट ठीक करने की कोशिश करते हैं तथा बिना किसी सुरक्षा उपाय के बिजली के खंभों और ट्रांसफार्मरों पर चढ़ने का प्रयास करते हैं। इससे बिजली संबंधी दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। यह जानकारी देते हुए निगम के प्रवक्ता ने बताया कि सभी उपभोक्ता स्वयं बिजली उपकरणों को ठीक करने से बचें और अपनी बिजली से संबंधित शिकायत निर्धारित माध्यमों के जरिए दर्ज कराएं। उपभोक्ता अपनी शिकायत ऑनलाइन माध्यमों जैसे यूएचबीवीएन मोबाइल ऐप, टोल फ्री नंबर 1912, 1800-180-1550 अथवा अपने नजदीकी बिजली कार्यालय में जाकर दर्ज करा सकते हैं। निगम के कर्मचारी तकनीकी रूप से प्रशिक्षित होते हैं और इस प्रकार के कार्यों के लिए विशेष प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। निगम की ओर से कहा गया है कि आम जनता स्वयं जोखिम उठाने के बजाय निर्धारित माध्यमों से शिकायत दर्ज कराए, ताकि दुर्घटनाओं को रोका जा सके और सुरक्षित व निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

पहला ऑनलाइन तबादला अभियान
हरियाणा सरकार ने स्पष्ट की ‘नोशनल वैकेंसी’ और ‘नोशनल कैटेगरी’

चंडीगढ़, 10 फरवरी, अभीतक: हरियाणा सरकार ने राज्य के पहले ऑनलाइन तबादला अभियान से पूर्व मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी, 2025 के तहत श्नोशनल वैकेंसीश् और श्नोशनल कैटेगरीश् शब्दों की एक समान व्याख्या सुनिश्चित करने के लिए स्पष्टीकरण जारी किया है। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को भेजे गए पत्र के अनुसार, यह देखने में आया है कि विभिन्न विभाग श्नोशनल वैकेंसीश् और श्नोशनल कैटेगरीश् शब्दों की अलग-अलग व्याख्या कर रहे हैं, जिससे नीति के क्रियान्वयन में विसंगतियां उत्पन्न हो रही हैं और कानूनी विवाद की आशंका भी बढ़ रही है। इस विषय की कानूनी सिद्धांतों, नीति के उद्देश्य और प्रशासनिक व्यवहार्यता के दृष्टिकोण से समीक्षा करने के बाद एक समान निर्णय लिया गया है। जारी स्पष्टीकरण के अनुसार, ट्रांसफर पॉलिसी की अधिसूचना से पहले मौजूद रिक्त पदों को पहले ऑनलाइन तबादला अभियान के दौरान न तो नोशनल वैकेंसी माना जाएगा और न ही उन्हें नोशनल कैटेगरी में रखा जाएगा। हालांकि, अधिसूचना की तिथि और पात्रता तिथि के बीच उत्पन्न रिक्तियों को केवल एक बार के उपाय के रूप में नोशनल वैकेंसी या कैटेगरी माना जाएगा। इसके अतिरिक्त, पात्रता तिथि के बाद उत्पन्न होने वाली रिक्तियों को वर्तमान तबादला प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा। ऐसी रिक्तियों पर केवल आगामी ट्रांसफर अभियानों में नोशनल वैकेंसी या कैटेगरी के रूप में विचार किया जाएगा। सरकार ने राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) को मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी सॉफ्टवेयर में आवश्यक संशोधन करने के निर्देश दिए हैं, ताकि पहले चरण का कोई भी जारी तबादला अभियान फिलहाल रेशनलाइजेशन चरण से बाहर न हो और इसे प्री-रेशनलाइजेशन चरण में वापस लाया जाए। साथ ही, उपरोक्त निर्णयों के अनुरूप सॉफ्टवेयर में अतिरिक्त संशोधन करने के भी निर्देश दिए गए हैं। इन निर्देशों को सभी संबंधित अधिकारियों तक तत्काल पहुंचाने और कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

राइट टू सर्विस एक्ट के तहत पशुपालन एवं डेयरी विभाग की तीन सेवाओं में संशोधन
दो नई सेवाएं भी अधिसूचित

चंडीगढ़, 10 फरवरी, अभीतक: हरियाणा सरकार ने हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम, 2014 के अंतर्गत प्रशासनिक सुधार विभाग की 31 दिसंबर, 2021 की अधिसूचना में संशोधन किया है।पशुपालन एवं डेयरी विभाग की सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से, पूर्व में अधिसूचित तीन सेवाओं में संशोधन किया गया है और दो नई सेवाएं जोड़ी गई हैं। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा इस संबंध में एक अधिसूचना जारी की गई है। अब स्वदेशी पशुधन (देसी गाय) के संरक्षण एवं विकास तथा मुर्राह विकास योजना से संबंधित सेवा 180 दिनों में प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, हाई-टेक डेयरी इकाइयों की स्थापना तथा अनुसूचित जातियों के लाभार्थियों को पशुधन इकाइयों की स्थापना के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने की योजना के लिए 100 दिनों की समय-सीमा तय की गई है। अधिसूचना में क्रम संख्या 4 के बाद दो नई सेवाएं जोड़ी गई हैं। इनमें सूकर, भेड़ तथा बकरी इकाइयों की स्थापना द्वारा रोजगार उपलब्ध कराने की सामान्य योजना के लिए 100 दिन तथा बैकयार्ड पोल्ट्री इकाइयों की स्थापना योजना के लिए 60 दिन की समय-सीमा निर्धारित की गई है। सभी सेवाएं लक्ष्यों की उपलब्धता के अधीन होंगी। इन सेवाओं के लिए संबंधित जिले के उपमंडल अधिकारी, पशुपालन एवं डेयरी को पदनामित अधिकारी बनाया गया है। वहीं, उपनिदेशक, पशुपालन एवं डेयरीध्सघन पशुधन विकास परियोजना को प्रथम शिकायत निवारण अधिकारी तथा निदेशालय स्तर पर क्रेडिट प्लानिंग ऑफिसरध्संयुक्त निदेशक (योजना) को अपीलीय प्राधिकारी नियुक्त किया गया है।

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