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परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर दायरे में धारा 163 लागू, 25 फरवरी से 1 अप्रैल तक रहेगा प्रतिबंध
झज्जर, 20 फरवरी, अभीतक: जिलाधीश जगनिवास ने हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड, भिवानी द्वारा जिला झज्जर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर 25 फरवरी 2026 से 1 अप्रैल 2026 तक आयोजित की जा रही परीक्षाओं को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से धारा 163 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं। जिलाधीश जगनिवास द्वारा जारी आदेश के अनुसार परीक्षा केंद्रों के आसपास भीड़ एकत्र होने, अवरोध उत्पन्न होने अथवा सार्वजनिक शांति एवं व्यवस्था भंग होने की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। जारी आदेश के अनुसार जिले में परीक्षा के दिनों के दौरान 25 फरवरी से 1 अप्रैल 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 12रू00 बजे से शाम 4रू00 बजे तक सभी परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में व्यक्तियों के एकत्र होने, अनावश्यक आवागमन तथा फोटोस्टेट मशीनों के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


जन समस्याओं का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करें विभागाध्यक्ष: एसडीएम
जिला में आयोजित समाधान शिविरों में दर्ज 5636 शिकायतों में से 125 शिकायते ही पेंडिंग
समाधान शिविर की साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित
झज्जर, 20 फरवरी, अभीतक: एसडीएम अंकित कुमार चैकसे आईएएस ने कहा कि समाधान शिविर जनता की समस्याओं के त्वरित एवं संतोषजनक निवारण के लिए सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा शिकायतकर्ता की संतुष्टि को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने बताया कि अब तक जिला व उपमंडल स्तर पर आयोजित समाधान शिविर में कुल 5636 शिकायतें दर्ज हुई हैं, जिनमें से 125 शिकायते ही पेंडिंग हैं। एसडीएम शुक्रवार को लघु सचिवालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित साप्ताहिक समाधान शिविर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस दौरान एसडीएम बेरी रेणुका नांदल भी उपस्थित रही। एसडीएम ने विभागवार प्राप्त शिकायतों की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों से मौके पर ही प्रगति की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायत के समाधान के उपरांत एटीआर (एक्शन टेकन रिपोर्ट) बिना विलंब संबंधित पोर्टलध्कार्यालय को भेजी जाए। उन्होंने कहा कि समाधान शिविर का मूल उद्देश्य जनता की समस्याओं का शीघ्र, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण समाधान है, जिसे प्रत्येक अधिकारी अपनी जिम्मेदारी समझ कर पूरा करे। उन्होंने कहा कि सभी विभागाध्यक्ष एटीआर हर सप्ताह के बुधवार तक भेजना सुनिश्चित करें।
यह अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर एसीपी दिनेश कुमार, डीडीपीओ निशा तंवर, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी सुमित कुमार, एक्सईएन जनस्वास्थ्य विभाग अश्विनी सांगवान सहित सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



राष्ट्रीय मिशन-खाद्य, तेल और तिलहन के अंतर्गत जिला स्तरीय कृषि मेला एवं किसान सम्मेलन का हुआ आयोजन
गांव पाटोदा स्थित देवी मंदिर परिसर में किया गया जिला स्तरीय मेले का आयोजन
झज्जर, 20 फरवरी, अभीतक: जिलाभर में इन दिनों किसानों को विभिन्न कृषि संबंधी योजनाओं की जानकारी व लाभ प्रदान करने के उद्देश्य से कृषि जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में शुक्रवार को गांव पाटोदा स्थित देवी मंदिर परिसर में जिला कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा राष्ट्रीय मिशन-खाद्य, तेल और तिलहन के अंतर्गत जिला स्तरीय कृषि मेला एवं किसान सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को पोषक अनाज की खेती, पोषण लाभ और सरकारी योजनाओं से जोड़ना रहा। इस दौरान प्रगतिशील किसानों को सम्मानित भी किया गया। कृषि विभाग के एपीपीओ डॉ भैया राम ने मेले का शुभारंभ करते हुए विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया और किसानों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। एपीपीओ ने कहा कि पोषक अनाज न केवल स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हैं, बल्कि कम पानी में बेहतर उत्पादन देने के कारण किसानों के लिए आर्थिक रूप से भी फायदेमंद हैं। सरकार का लक्ष्य पोषण सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ किसानों की आय में वृद्धि करना है। उन्होंने किसानों से बाजरा, तिलहन जैसे पोषक अनाजों को अपनाने और मूल्य संवर्धन पर ध्यान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उन्नत बीज, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, फसल बीमा, ड्रिप-स्प्रिंकलर जैसी सिंचाई तकनीकें और प्राकृतिक खेती को अपनाकर किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं। किसान मेले में एग्री स्टैक विषय तकनीकी अधिकारी डॉ रोहित वत्स ने विस्तार से प्रकाश डालते हुए किसानों से फार्मर आईडी बनवाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कृषि संबंधी योजनाओं का लाभ लेने के लिए फार्मर आईडी बनवाना जरूरी है किसान यह आईडी जरूर बनवाएं साथ दूसरे किसानों को भी एग्रीस्टैक फार्मर आईडी बनवाने के लिए प्रेरित करें। कृषि विशेषज्ञ डॉ रमेश लांबा, डॉ यगदीप, डॉ मंगेश, कुलदीप व साहिल ने फसल विविधीकरण, उन्नत कृषि यंत्रों, कीट-रोग प्रबंधन और बाजार से जुड़ाव पर तकनीकी सत्रों के माध्यम से मार्गदर्शन दिया। मेले में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और योजनाओं का लाभ उठाने की जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम के दौरान गांव में स्थित पीएचसी में कार्यरत डॉक्टर श्री पवन कुमार ने किसानों को स्वास्थ्य के बारे में विस्तृत जानकारियां दी और किसानों से प्राकृतिक खेती से पैदा हुआ अनाज ही अपने खाने में शामिल करने के अपील की ताकि हम जहर मुक्त अनाज अपनी थाली में परोस सके और बीमारियों से छुटकारा पाया जाए। प्रगतिशील किसान सुरेंद्र मछरौली ने किसानों के साथ प्राकृतिक खेती के अपने अनुभव को साझा किया जबकि श्री सोमबीर सांख्यिकी सहायक ने किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के बारे में संपूर्ण जानकारी दी। इस अवसर पर सहायक तकनीकी प्रबंधक कुलदीप कोड़ान, रिंकू, इंदु व दीपा, साहिल, दीपक, प्रदीप गुढ़ा, रोहित, अनिल आदि उपस्थित रहे।


सरकारी योजना से सशक्त होंगे किसान, ट्रैक्टर सहायता से बढ़ेगी उत्पादकता: एसडीएम
लघु सचिवालय स्थित सभागार में एसडीएम अंकित कुमार चैकसे की अध्यक्षता में निकाला गया ऑनलाइन ड्रा
झज्जर, 20 फरवरी, अभीतक: लघु सचिवालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में राज्य योजना (एसबी-89) वर्ष 2025-26 के अंतर्गत ट्रैक्टरों का ऑनलाइन ड्रा आयोजित किया गया। ड्रा प्रक्रिया की अध्यक्षता एसडीएम अंकित कुमार चैकसे आईएएस ने की। इस अवसर पर एसडीएम अंकित कुमार चैकसे ने चयनित किसानों को बधाई देते हुए कहा कि सरकार की यह पहल किसानों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि खेती-किसानी के कार्यों में ट्रैक्टर अत्यंत सहायक सिद्ध होता है और इससे किसानों को समय व श्रम दोनों की बचत होती है। एसडीएम ने बताया कि अनुसूचित जाति श्रेणी के किसानों को योजना के तहत ड्रा प्रक्रिया के माध्यम से ट्रैक्टर आवंटित किए गए हैं, जिनसे किसान फसल अवशेष प्रबंधन अपनाकर अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन ड्रा प्रक्रिया आवेदक किसानों की उपस्थिति में पूरी तरह पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई गई। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सहायक कृषि अभियंता राजीव चावला ने बताया कि योजना के अंतर्गत कुल 222 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए, जबकि विभाग को 11 ट्रैक्टरों का लक्ष्य मिला है। इसके अतिरिक्त 11 किसानों को प्रतीक्षा सूची में भी रखा गया है। जिन किसानों का चयन हुआ है, उनके दस्तावेजों का सत्यापन 24 फरवरी तक किया जाएगा तथा 3 मार्च को स्वीकृति पत्र डाउनलोड किए जा सकते हैं। इसके बाद 8 मार्च तक ट्रैक्टर खरीद कर विभागीय पोर्टल पर बिल अपलोड करना होगा, जिसके उपरांत अंतिम स्वीकृति प्रदान की जाएगी। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने किसानों को कृषि यंत्रों के उपयोग, फसल अवशेष प्रबंधन तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर एलडीएम विजय सिंह, मार्किट कमेटी के पूर्व चेयरमैन मनीष शर्मा नम्बरदार, विभागीय अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि, कृषि विशेषज्ञ तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
सत्यापन के लिए आवश्यक दस्तावेज
जिन किसानों का ड्रा में चयन हुआ है, वे अपना आवेदन फार्म, परिवार पहचान पत्र (पीपीपी), आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाते की प्रति, मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पंजीकरण, किसान आईडी, अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र तथा शपथ पत्र की फोटो प्रति व मूल दस्तावेज सत्यापन हेतु सहायक कृषि अभियंता कार्यालय झज्जर में प्रस्तुत करेंगे।
अनुदान का प्रावधान
योजना के अनुसार किसान को 45 एचपी या उससे अधिक क्षमता का ट्रैक्टर खरीदना होगा। ट्रैक्टर की लागत पर 50 प्रतिशत या अधिकतम 3 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। छह लाख रुपये तक की लागत पर आधी राशि तथा इससे अधिक लागत होने पर भी अधिकतम तीन लाख रुपये तक ही सहायता प्रदान की जाएगी।








रात्रि ठहराव एक परिवर्तनकारी प्रयास, प्रभावी शासन को आमजन के करीब लाना ही मुख्य उद्देश्य रू एडीसी
एडीसी जगनिवास ने कहा, नागरिकों की समस्याओं का निदान हमारी प्राथमिकता, सरकार की योजनाओं का लाभ उठाएं ग्रामीण
गांव रायपुर में रात्रि ठहराव कार्यक्रम आयोजित
झज्जर, 20 फरवरी, अभीतक: अंत्योदय उत्थान लक्ष्य के साथ हरियाणा सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ तय समय में मिलें व उनकी शिकायतों का प्राथमिकता के साथ निवारण किया जा सके, इन्हीं उद्देश्य के साथ शुक्रवार को झज्जर जिला के गांव रायपुर में जिला प्रशासन द्वारा रात्रि ठहराव कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान एडीसी ने विभिन्न विभागीय स्टॉल का निरीक्षण करने उपरान्त ग्रामीणों की दो दर्जन से ज्यादा शिकायतों की सुनवाई करते हुए उनके निवारण की दिशा में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए। रात्रि ठहराव कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए एडीसी जगनिवास ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुन मौके पर समाधान किया। इससे पहले गांव रायपुर पहुंचने पर एडीसी जगनिवास, डीसीपी लोगेश कुमार पी सहित अन्य अधिकारियों का ग्रामीणों ने पगड़ी व फूलमालाओं के साथ भव्य स्वागत किया। एसडीएम अंकित कुमार चैकसे ने उपमंडल प्रशासन की तरफ से सभी अधिकारियों का स्वागत किया।
प्रभावी शासन को आमजन के करीब लाना ही कार्यक्रम का उद्देश्य: एडीसी’
एडीसी जगनिवास ने ग्रामीणों से रूबरू होते हुए कहा कि हरियाणा सरकार के सुशासन के उद्धेश्य में रात्रि ठहराव कार्यक्रम महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि अंत्योदय उत्थान के ध्येय में यह एक परिवर्तनकारी प्रयास है जिसका उद्देश्य प्रभावी शासन को ग्रामीण लोगों के करीब लाना है। यही लोकतंत्र की सही परिभाषा है जहां जनता और शासन एक दूसरे के समानांतर दिखाई दे। जनसेवा को समर्पित समाधान शिविर के साथ ही लोगों के घर द्वार उनकी जन सुनवाई करने के उद्देश्य से रात्रि ठहराव कार्यक्रम के तहत प्रशासन गांव में पहुंच रहा है।
रात्रि ठहराव कार्यक्रम के जरिए हो रहा आमजन की समस्याओं त्वरित समाधान’
रात्रि ठहराव कार्यक्रम में ग्रामीणों से संवाद करते हुए एडीसी जगनिवास ने कहा कि रात्रि ठहराव कार्यक्रम सरकार का फ्लैगशिप प्रोग्राम है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के कुशल नेतृत्व में सरकार द्वारा रात्रि ठहराव कार्यक्रम के माध्यम से आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की सोच है कि जिला प्रशासन के अधिकारी गांव में ठहरें और जन समस्या सुनते हुए मौके पर ही उनका समाधान करें। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों का सम्मान करना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। रात्रि ठहराव कार्यक्रम में गांव रायपुर,गिजड़ौद, सहित आसपास के ग्रामीणों ने सडक, जल निकासी, बीमा, आंगनवाड़ी भवन, पशु बिजली और शिक्षा से जुड़ी समस्याएं खुलकर रखीं। एडीसी ने मौके पर संबंधित अधिकारियों को निर्देश देकर अधिकांश शिकायतों का समाधान कराया। इस बीच पुलिस उपनिरीक्षक अनिल कुमार ने ग्रामीणों को यातायात नियमों के पालन, साइबर फ्रॉड से बचाव तथा नशामुक्त जीवन की आवश्यकता पर संबोधित किया। उन्होंने कहा कि अपराधों से बचाव के लिए समाज को सजग रहना जरूरी है और किसी भी फ्रॉड की स्थिति में तुरंत 1930 नंबर पर शिकायत करें। इसके अलावा 112 की जानकारी दी।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों व स्टॉलों से योजनाओं के प्रति जागरूकता का प्रसार
कार्यक्रम में सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग की कलाकार मंडली ने हरियाणवी लोकगीतों और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से स्वच्छता पखवाड़ा, नशा मुक्ति और सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर ग्रामीणों को जागरूक किया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने निरूशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर लगाकर 4 दर्जन ग्रामीणों की शुगर, बीपी और सामान्य जांच की तथा आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराईं।
इन विभागों के अधिकारी रहे उपस्थित’
इस अवसर पर एसीपी सुरेंद्र कुमार,डीडीपीओ निशा तंवर,एलडीएम विजय सिंह,एक्सईएन जन स्वास्थ्य अश्विनी सांगवान, डीएफओ प्रवीण यादव,डीईओ रतिंद्र सिंह, बीडीपीओ माछरौली धर्मपाल,एएफएसओ अमरजीत सिंह, सरपंच मोनिका रानी,समाजसेवी रामेश्वर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
पेंशन बहाली के उपलक्ष्य में इनेलो ने झज्जर में विजय दिवस मनाया
झज्जर, 20 फरवरी, अभीतक: शुक्रवार को इनेलो ने पेंशन बहाली के उपलक्ष्य में जिला पार्टी कार्यालय, झज्जर में हर्षोल्लास के साथ विजय दिवस मनाया गया। गौरतलब है कि वृद्धावस्था सम्मान पेंशन पर विभिन्न प्रकार की शर्तें लगाकर सरकार द्वारा पेंशन में कटौती किए जाने के विरोध में अभयसिंह चैटाला ने 20 फरवरी को सरकार का घेराव करने का ऐलान किया था। उनके इस ऐलान से सरकार बैकफुट पर आ गई और पेंशन बहाल करने के साथ-साथ 200 रुपये की बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया। इसी खुशी के अवसर पर जिला पार्टी कार्यालय में कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बुजुर्गों को मालाएं पहनाकर और लड्डू खिलाकर उनका सम्मान किया गया। जिला अध्यक्ष सतपाल पहलवान ने मंच के माध्यम से कहा कि यदि भविष्य में सरकार इसी प्रकार की जनविरोधी नीतियां लाती है तो पार्टी के कार्यकर्ता उसका पुरजोर विरोध करेंगे। इस अवसर पर प्रदेश.युवा उपाध्यक्ष अमित सिंह गूलिया, हल्का अध्यक्ष देवेंद्र जाखड़, बेरी हल्का अध्यक्ष बलराज खरखहर, बादली हल्का अध्यक्ष रमेश चाहर, चिकित्सा प्रकोष्ठ से डॉ. रविंदर मलिक, महेंद्र सिंह ओमपाल गुज्जर, मास्टर बलजीत फोगाट, चेतराम चैहान तथा मंच संचालक पवन धनखड़ सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।






विद्यार्थियों को यातायात नियमों का पालन करने तथा नशे के दुष्प्रभाव बारे किया गया जागरूक
बहादुरगढ़, 20 फरवरी, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉक्टर राजश्री सिंह के कुशल नेतृत्व में नवयुग हाई स्कूल बहादुरगढ़ विद्यालय में आयोजित एक जागरूकता कार्यक्रम के दौरान यातायात प्रबंधक बहादुरगढ़ व थाना प्रबंधक लाइनपार बहादुरगढ़ की संयुक्त टीम ने विद्यार्थियों को यातायात नियमों तथा नशे के दुष्प्रभाव बारे जानकारी देते हुए जागरूक किया गया। झज्जर पुलिस द्वारा यातायात नियमों की जानकारी व उनका पालन करने तथा नशे के दुष्प्रभाव के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें यातायात प्रबंधक बहादुरगढ़ निरीक्षक सतीश कुमार व थाना प्रबंधक लाइनपार बहादुरगढ़ की संयुक्त पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को बताया कि वाहन चलाते समय हमेशा यातायात नियमों का पालन करना चाहिए और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग नहीं करना चाहिए और ना ही नशे में वाहन चलना चाहिए। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि पढ़ाई का कितना महत्व है पढ़ लिखकर आप अपने माता-पिता का नाम रोशन करने के साथ साथ अपने देश का भी नाम रोशन कर सकते हो। पढ़ाई के साथ-साथ खेलों का भी बहुत ही महत्व है इसलिए खेलों में भी बढ़ चढ़कर भाग ले। नशे और शरारती तत्वों से दूर रहे। पढ़ाई खेलकूद के साथ अपने माता-पिता के साथ भी टाइम बिताएं, अपने पूरे दिन की दिनचरियां अपने माता-पिता को बताएं और उनकी बातों पर पूरा अमल करें। आपके माता-पिता ही हैं जो कभी भी आपका बुरा नहीं चाहेंगे।

बहादुरगढ़ में अवैध हथियार के साथ एक आरोपी को किया गिरफ्तार, पिस्तौल व चार कारतूस बरामद
बहादुरगढ, 20 फरवरी, अभीतक: बहादुरगढ़ में सीआईए वन की टीम ने अवैध हथियार रखने के मामले में कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को काबू किया है। मामले की जानकारी देते हुए प्रभारी सीआईए वन बहादुरगढ़ प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार ने बताया कि पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह द्वारा जिले में अवैध असला रखने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इन निर्देशों की पालना करते हुए सीआईए वन बहादुरगढ़ की टीम लगातार अभियान चला रही है। इसी दिशा में उप निरीक्षक राजीव की टीम को गुप्त सूचना मिली, जिसके आधार पर थाना आसौदा क्षेत्र में गांव भापदौड़ा बाईपास के पास छापेमारी की गई। पुलिस ने वहां से निरंजन नामक आरोपी को काबू किया। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से एक अवैध पिस्तौल और चार जिंदा कारतूस बरामद हुए। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना आसौदा में शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे अदालत बहादुरगढ़ में पेश करके आगामी कार्रवाई अमल मे लाई जा रही है।

पुलिस ने झज्जर में नशे के खिलाफ विशेष सर्च अभियान चलाया, डॉग स्क्वॉड के साथ ढाबों और वेयरहाउस में की गहन जांच
झज्जर, 20 फरवरी, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के कुशल नेतृत्व में जिले में नशीले पदार्थों की रोकथाम के लिए एक विशेष सर्च अभियान चलाया गया। इस अभियान का उद्देश्य क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाना और आमजन में सुरक्षा की भावना को मजबूत करना रहा। अभियान के तहत पुलिस टीमों ने डॉग स्क्वॉड के साथ मिलकर वेयरहाउस और ढाबो पर सघन जांच की।इस विशेष अभियान का नेतृत्व एसीपी अखिल कुमार द्वारा किया गया। उनकी अगुवाई में थाना माछरौली क्षेत्र में आने वाले ढाबों, वेयरहाउस और अन्य संदिग्ध स्थानों पर व्यापक स्तर पर तलाशी अभियान चलाया गया। पुलिस टीमों ने हर स्थान पर बारीकी से जांच करते हुए संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी और सुरक्षा मानकों का भी निरीक्षण किया।इस अभियान के दौरान वेयरहाउस और अन्य संस्थानों में कार्य करने वाले कर्मचारियों को पुलिस वेरिफिकेशन करवाने के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस दौरान एसीपी अखिल कुमार ने कर्मचारियों को बताया कि सत्यापन प्रक्रिया से न केवल सुरक्षा मजबूत होती है बल्कि अपराधों की रोकथाम में भी मदद मिलती है। इसके साथ ही वहां मौजूद प्रबंधकों और संचालकों को भी स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे अपने यहां काम करने वाले सभी कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य रूप से करवाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें। एसीपी अखिल कुमार ने कहा कि इस तरह के अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे ताकि नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। उन्होंने आमजन से भी अपील की कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके और जिले में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखा जा सके।



प्रदेश सरकार श्नारी शक्तिश् को राज्य के सर्वांगीण विकास का आधार मानती है : राज्यपाल’
सरकार महिला सशक्तिकरण को महिलाओं में नेतृत्व और निर्णय क्षमता के विकास के रूप में देखती है’
चंडीगढ़, 20 फरवरी, अभीतक: हरियाणा के राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष ने कहा कि हरियाणा सरकार नारी शक्ति को राज्य के सर्वांगीण विकास का आधार मानती है और उनके सामाजिक, आर्थिक व शैक्षणिक उत्थान के लिए लगातार काम कर रही है। प्रोफेसर असीम कुमार घोष शुक्रवार को हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के शुभारंभ अवसर पर अपना अभिभाषण दे रहे थे। राज्यपाल ने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति का सबसे सशक्त संकेत महिलाओं की स्थिति से मिलता है। हरियाणा सरकार महिला सशक्तिकरण को महिलाओं में नेतृत्व और निर्णय क्षमता के विकास के रूप में देखती है। उन्होंने महिलाओं के उत्थान के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि श्ड्रोन दीदी योजनाश् के तहत ग्रामीण महिलाओं को राज्य स्वामित्व वाली कंपनी श्ड्रोन इमेजिंग एंड इंफॉर्मेशन सर्विसेज ऑफ हरियाणा लिमिटेडश् के माध्यम से 29 सितंबर, 2021 से स्टेट-ऑफ-द-आर्ट स्किल ट्रेनिंग दी जा रही है। इनमें 33 श्ड्रोन दीदियोंश् को प्रशिक्षण दिया जा चुका है और 15 का प्रशिक्षण जारी है। इनके अतिरिक्त, लगभग 1,350 श्ड्रोन दीदियोंश् के लिए जल्द ही प्रशिक्षण शुरू किया जाएगा। उन्होंने महिला सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता जताते हुए बताया कि राज्य में महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वर्तमान में, 33 महिला पुलिस थाने और 239 महिला हेल्प डेस्क पूरी क्षमता से काम कर रहे हैं। इनके अलावा, अगले वर्ष 7 नए महिला पुलिस थाने – लोहारू, बरवाला (हिसार), नरवाना, समालखा, महम, रादौर और पेहोवा में खोलने का निर्णय किया गया है। प्रदेश सरकार ने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए उदाहरणीय प्रयास किए हैं। राज्य के विभिन्न जिलों में श्सांझा बाजारश् और बस स्टैंडों पर विशेष दुकानें स्थापित की गई हैं। यह सुदृढ़ बाजार ग्रामीण महिला उद्यमियों को अपने उत्पाद बेचने और सम्मानजनक आय अर्जित करने में मदद करते हैं। श्रमिकों को भोजन सेवाएं प्रदान करने के लिए इन समूहों को 124 श्अटल श्रमिक-किसान कैंटीनश् का संचालन भी सौंपा गया है। राज्यपाल ने बताया कि प्रदेश सरकार के श्लखपति दीदीश् कार्यक्रम से राज्य में एक मूक क्रांति आई है, जिसके परिणास्वरूप, 1 लाख 6 हजार 325 महिलाएं श्लखपति दीदीश् बन गई हैं। सेल्फ हेल्प ग्रुप (ैभ्ळ) के उत्पादों को वैश्विक और डिजिटल पहचान दिलाने के लिए विशेष ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किए गए हैं और उन्हें मेलों और प्रदर्शनियों के माध्यम से सीधे मुख्य बाजार से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने बताया कि बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा के विजन को पूरा करने के लिए राज्य के सभी सरकारी प्राथमिक स्कूलों में कक्षा एक से पहले एक साल की प्री-प्राइमरी शिक्षा, यानि श्बालवाटिका-प्प्प्श् शुरू की गई है। बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने के लिए शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात को 1रू30 के आदर्श स्तर पर बनाए रखा गया है। बच्चों को सुरक्षित व घर जैसा माहौल देने के लिए राज्य भर के लगभग 8,600 स्कूलों में बाल अनुकूल और समर्पित क्लासरूम बनाए गए हैं। यह गर्व की बात है कि शैक्षणिक सत्र-2025-26 में बालवाटिका-प्प्प् में 79,000 से ज्यादा बाल विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है। इन बच्चों को खेल-आधारित, गतिविधि-आधारित और भय-मुक्त वातावरण में शिक्षा दी जा रही है। मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम के माध्यम से इन बच्चों की पढ़ाई-लिखाई की प्रगति की निरंतर निगरानी की जा रही है। बालवाटिका-प्प्प् के इंफ्रास्ट्रक्चर को विश्व स्तरीय बनाने के लिए खेल सामग्री और आवश्यक सुविधाओं से युक्त 119 मॉडल बालवाटिका बनाई गई हैं।
राज्य में शांति, सुरक्षा और कानून का राज’
राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष ने प्रदेश में कानून व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार हरियाणा में शांति, सुरक्षा और कानून के राज को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दे रही है। आज इसके सकारात्मक परिणाम धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। यह हरियाणा के लिए गर्व की बात है कि तीन नए आपराधिक कानूनों को पूर्णरूप से लागू करने में हरियाणा देश में दूसरे स्थान पर है। राज्य में बेहतर जांच और मॉडर्न पुलिसिंग के परिणामस्वरूप, 1 जुलाई, 2024 से 31 दिसम्बर, 2025 तक पंजीकृत मामलों में सजा की दर बढ़कर 74.13 प्रतिशत हो गई है। प्रदेश सरकार की महिलाओं के प्रति सुरक्षा की प्रतिबद्धता से वर्ष 2025 में महिलाओं के विरूद्ध अपराधों में 16 प्रतिशत की कमी आई है। साइबर क्राइम के खिलाफ संघर्ष में हरियाणा देश में सबसे आगे हैं। हरियाणा ने रियल टाइम में 36 प्रतिशत फ्रॉड अमाउंट बचाकर और 1.5 लाख फ्रॉड मोबाइल नंबर ब्लॉक करके हमारे नागरिकों की 256 करोड़ रुपये की संपत्ति सुरक्षित की है। राज्यपाल ने आगे कहा कि खुशी की बात है कि पिछले 4-5 वर्षों में अनुसूचित जाति की महिलाओं के खिलाफ हुए अपराधों में कमी आई है। ऐसी महिलाओं के प्रति दुर्व्यवहार के मामलों में पिछले 4 वर्षों में 67 प्रतिशत की कमी आई है, जो वर्ष 2021 में 257 से घटकर वर्ष 2025 में 83 रह गए हैं। बलात्कार के मामले वर्ष 2022 में 211 से घटकर वर्ष 2025 में 105 रह गए हैं, जो 50 प्रतिशत की कमी है। वर्ष 2020 से अपहरण के मामलों में लगभग 50 प्रतिशत की कमी आई है। वर्ष 2020 में ऐसे 23 मामले थे, जो वर्ष 2025 में घटकर 10 रह गए हैं। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत आने वाले मामले वर्ष 2021 में 132 से घटकर वर्ष 2025 में 48 रह गए हैं। संगठित अपराध पर कड़ी कार्रवाई करते हुए, राज्य पुलिस ने 426 आपराधिक गैंग का भंडाफोड़ किया है और विदेश में शरण लिए हुए 15 गैंगस्टरों का प्रत्यार्पण सुनिश्चित किया है। इससे फिरौती की घटनाओं में 40 प्रतिशत की कमी आई है। राज्यपाल ने जानकारी दी कि पुलिस बल के आधुनिकीकरण पर 300 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जा रही है और 5,500 नए पुलिस सिपाहियों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। डायल-112 पर 9 मिनट और 44 सेकंड का तेज रिस्पॉन्स टाइम जवाबदेह गवर्नेंस सिस्टम की निशानी है। नशा-मुक्त हरियाणा के संकल्प के साथ, सरकार कार्य योजना-2029 के साथ मजबूती से आगे बढ़ रही है।
युवा शक्ति नवाचार के माध्यम से ‘विकसित भारत- विकसित हरियाणा’ के विजन को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभा रही है: राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष
कहा, हरियाणा सरकार ने युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों को प्राथमिकता दी
चंडीगढ़, 20 फरवरी, अभीतक: हरियाणा के राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष ने कहा कि युवा शक्ति नवाचार के माध्यम से ‘विकसित भारत- विकसित हरियाणा के विजन को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभा रही है। हरियाणा सरकार ने भी युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों को प्राथमिकता दी है। प्रोफेसर असीम कुमार घोष शुक्रवार को हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के शुभारंभ अवसर पर अपना अभिभाषण दे रहे थे। प्रोफेसर असीम कुमार घोष ने युवा शक्ति को हरियाणा का भविष्य बताते हुए कहा कि हरियाणा की सबसे बड़ी ताकत उसका युवा वर्ग है। यह वही युवा शक्ति है, जो खेतों में परिश्रम करती है, खेल के मैदानों में देश का नाम रोशन करती है और नवाचार के माध्यम से ‘विकसित भारत- विकसित हरियाणा’ के विजन को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभा रही है। राज्य सरकार ने युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों को प्राथमिकता दी है। इससे रोजगार की संभावनाएं बढ़ी हैं और युवाओं में आत्मविश्वास जगा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम ने राज्य की भर्ती प्रक्रिया में एक परिवर्तनकारी भूमिका निभाई है। इसके द्वारा अब तक लगभग 1 लाख 18 हजार संविदा कर्मचारियों को नियुक्त किया गया है। इन युवाओं को न सिर्फ रोजगार मिला है, बल्कि उन्हें सेवा अवधि की सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा लाभ, चिकित्सा और जीवन बीमा सुरक्षा देकर उनका भविष्य सुरक्षित किया गया है। राज्यपाल ने कहा कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम ने खुद को एक अधिकृत भर्ती एजेंसी के रूप में भी पंजीकृत किया है और विदेशी नियोक्ताओं के साथ तालमेल भी बनाया है। इससे राज्य के युवाओं के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानजनक रोजगार के अवसरों के द्वार खुले हैं। राज्य के 200 युवाओं को इजराइल में कंस्ट्रक्शन वर्कर और 210 अन्य युवाओं को यूनाइटेड अरब अमीरात में बाइक राइडर और वेयरहाउस असिस्टेंट के तौर पर निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से नियुक्त किया गया है। प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को सशक्त बनाने के लिए कौशल प्रशिक्षण को उच्च प्राथमिकता दे रही है। दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के तहत 4,826 ग्रामीण युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया गया है। ग्रामीण स्व-रोजगार प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से इस साल 14 हजार 198 युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है। साथ ही, इनमें से 70 प्रतिशत युवाओं को स्व-रोजगार से जोड़ा गया है। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है कि हर हरियाणवी युवा अपने क्षेत्र में हुनरमंद बने। श्री विश्वकर्मा स्किल यूनिवर्सिटी के जरिए अत्याधुनिक प्रशिक्षण की शुरुआत इसका जीवंत उदाहरण है। वैश्विक और स्थानीय चुनौतियों से निपटने के लिए, हमने देश में अपनी तरह का पहला ‘डिपार्टमेंट ऑफ फ्यूचर’ बनाया है। यह पहल वर्ष 2047 तक ‘विकसित हरियाणा’ के विजन को पूरा करने की दिशा में एक दूरदर्शी कदम है। यह डेटा विश्लेषण और भविष्योन्मुखी नीतियों से प्रशासन को नई ऊंचाइयां प्रदान करेगा। राज्यपाल ने कहा कि देश की सेवा और सुरक्षा प्रदेश के युवाओं के संस्कारों में रची-बसी है। हरियाणा सरकार देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए शहीद होने वाले वीर जवानों और उनके परिवारों की आभारी है। उनके बलिदान को सर्वोपरि रखते हुए, अक्तूबर, 2014 से अब तक सशस्त्र बलों एवं केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के शहीदों के 418 आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। राज्य सरकार प्रदेश के अग्निवीरों के त्याग और समर्पण को भी पूरा समर्थन दे रही है। हरियाणा के अग्निवीरों को सुरक्षा बलों के नियमित कर्मचारियों की तरह ही एक्स-ग्रेसिया ग्रांट और अवॉर्ड दिए जा रहे हैं।
शिक्षा: ज्ञान से सशक्त समाज
राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की दीर्घकालिक पूंजी होती है। प्रदेश सरकार ने शिक्षा की गुणवत्ता, पहुंच और समान अवसर पर विशेष ध्यान दिया है। विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित किया जा रहा है, ताकि विद्यार्थी केवल डिग्री नहीं, वरन जीवन कौशल भी प्राप्त कर सकें।



मुख्यमंत्री ने पेश किया सरकारी संकल्प, विधानसभा में हुआ पारित
हरियाणा आवासन बोर्ड का एचएसवीपी में हुआ विलय
चंडीगढ़, 20 फरवरी, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार ने प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने, नागरिकों को बेहतर आवासन सुविधाएं उपलब्ध करवाने तथा शहरी योजना एकीकरण में सुधार के उद्वेश्य से आवासन बोर्ड हरियाणा को भंग कर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण में विलय कर दिया है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी शुक्रवार को बजट सत्र के पहले दिन हरियाणा विधानसभा में सरकारी संकल्प पेश करते हुए बोल रहे थे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आवासन बोर्ड और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, दोनों के कार्य लगभग एक समान थे। उन्होंने आश्वस्त किया कि आवासन बोर्ड हरियाणा में कार्यरत सभी कर्मचारियों के हितों का पूरा ध्यान रखा गया है। यह संकल्प हरियाणा आवासन बोर्ड अधिनियम, 1971 की धारा 80 की उपधारा (1) के प्रावधानों के तहत पारित किया गया है। अब बोर्ड की सभी जिम्मेदारियां हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की होंगी।
किसानों की आय बढ़ाने, लागत कम करने और उनके जोखिम को न्यूनतम करने के लिए बहुआयामी रणनीतियां अपनाई हैं: राज्यपाल
कहा, अन्नदाता के सम्मान से प्रदेश प्रगति के पथ पर तेजी से आगे बढ़ा है
चंडीगढ़, 20 फरवरी, अभीतक: हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि हरियाणा सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने, लागत कम करने और उनके जोखिम को न्यूनतम करने के लिए बहुआयामी रणनीतियां अपनाई हैं। अन्नदाता के सम्मान से प्रदेश प्रगति के पथ पर तेजी से आगे बढ़ा है। प्रोफेसर असीम कुमार घोष शुक्रवार को हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के शुभारंभ अवसर पर अपना अभिभाषण दे रहे थे। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने किसानों के हितों की रक्षा करने और संसाधनों का दक्षता से वितरण सुनिश्चित करने के लिए प्रौद्योगिकी को अपनाया गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान रबी सीजन के दौरान ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ पोर्टल को इंटीग्रेटेड फर्टिलाइजर मैनेजमेंट सिस्टम के साथ एकीकृत करने से उर्वरक वितरण की पारदर्शिता में सुधार हुआ है। गत 8 अक्टूबर, 2025 से 11 फरवरी, 2026 के बीच यूरिया की खपत 1 लाख 28 हजार 231 मीट्रिक टन और डी.ए.पी. की खपत 24 हजार 168 मीट्रिक टन कम हुई है। इससे केंद्र सरकार को उर्वरकों पर सब्सिडी के तहत 716 करोड़ रुपये की बचत हुई। राज्यपाल ने कहा कि मृदा की उपजाऊ शक्ति बनाए रखने के लिए प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। अब तक 10 हजार 36 किसानों ने प्राकृतिक खेती पोर्टल पर पंजीकरण करवाया है और उनमें से 7 हजार 580 किसान 18 हजार 559 एकड़ जमीन पर प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। इसके अलावा, 163 गांवों में 1 लाख 58 हजार एकड़ लवणीय और जलभराव वाली भूमि का सुधार करके इसे खेती योग्य बनाया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों को जोखिमों से बचाने के लिए, खरीफकृ2016 से ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ के तहत 9 हजार 243 करोड़ रुपये के क्लेम दिए गए हैं। ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना’ के तहत, 21 किस्तों में 7 हजार 235 करोड़ रुपये किसानों के बैंक खातों में सीधे डाले गए हैं। पर्यावरण से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के लिए, फसल अवशेष प्रबंधन हेतु 9 हजार 885 मशीनें सब्सिडी पर दी गई हैं। यह हर्ष की बात है कि 5 लाख 54 हजार किसानों को दिए गए 461 करोड़ 75 लाख रुपये के प्रोत्साहन से वर्ष 2025 के दौरान फसल अवशेष जलाने की घटनाओं में 52.9 प्रतिशत की कमी आई है। प्रोफेसर घोष ने कहा कि गन्ना पिराई सीजन 2025-26 के लिए 415 रुपये प्रति क्विंटल का राज्य सुझावित मूल्य तय किया गया है। सहकारी क्षेत्र में रेवाड़ी और कुरुक्षेत्र में नई तेल मिलें लगाने की दिशा में भी कदम उठाए गए हैं और जाटूसाना में एक मॉडर्न आटा मिल का उद्घाटन केंद्रीय सहकारिता मंत्री द्वारा 24 दिसंबर, 2025 को किया गया है। उन्होंने कहा कि डेयरी किसानों की मदद के लिए, मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक प्रोत्साहन योजना के तहत सब्सिडी दी जा रही है। अंत्योदय परिवारों के लिए 10 रुपये प्रति लीटर का विशेष प्रोत्साहन भी दिया जाता है। ऋण का समय पर भुगतान करने वाले किसानों को बिना ब्याज के ऋण उपलब्ध करवाया जा रहा है। ‘भावांतर भरपाई योजना’ के तहत 157.16 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। हाल ही में, मधुमक्खी पालकों को बाजार के उतार-चढ़ाव के जोखिम से बचाने के लिए शहद को भी इस योजना में शामिल किया गया है। राज्यपाल ने कहा कि हरियाणा ने पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ खेती की दिशा में देश के लिए एक मिसाल कायम की है। वर्ष 2021 में जहां फसल अवशेष जलाने की 6 हजार 987 घटनाएं दर्ज की गईं, वहीं सीजन-2025 में यह संख्या घटकर सिर्फ 662 रह गई है। फसल अवशेष प्रबंधन के लिए चालू वित्त वर्ष में प्रोत्साहन राशि 1,000 रुपये प्रति एकड़ से बढ़ाकर 1,200 रुपये कर दी गई है। ‘मेरा पानी-मेरी विरासत’ योजना के तहत धान की जगह दूसरी वैकल्पिक फसलें बोने पर मिलने वाली प्रोत्साहन राशि भी 7,000 रुपये से बढ़ाकर 8,000 रुपये प्रति एकड़ कर दी गई है। इसके साथ ही, धान की सीधी बिजाई के लिए प्रोत्साहन राशि 4,000 रुपये से बढ़ाकर 4,500 रुपये प्रति एकड़ कर दी गई है।
सिंचाई एवं जल प्रबंधन
राज्यपाल ने सिंचाई एवं जल प्रबंधन के मामले में सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की और कहा कि राज्य सरकार का दृढ़ विश्वास है कि श्जल ही जीवन हैश् और हमारे अस्तित्व के लिए जल प्रबंधन मूलभूत जरूरत है। उन्होंने कहा कि श्च्मत क्तवच-डवतम ब्तवचश् की अवधारणा को साकार करने के लिए, प्रदेश में सूक्ष्म सिंचाई को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया जा रहा है। ‘अमृत सरोवर योजना’ के तहत ग्रामीण तालाबों का जीर्णोद्धार करके ग्रामीण जल सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। इसके साथ ही, अटल भूजल योजना और नेशनल हाइड्रोलॉजी प्रोजेक्ट को मिशन मोड में लागू करने से भूमिगत जल प्रबंधन और डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया को अभूतपूर्व शक्ति मिली है। उन्होंने छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार-2024 में पानी बचाने के लिए हरियाणा को देश के तीसरे श्रेष्ठ राज्य का पुरस्कार मिलने पर सरकार की पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के लिए हरियाणा के जल के अधिकारों की रक्षा सर्वोच्च प्रतिबद्धता है। राज्य सरकार सतलुज-यमुना लिंक नहर बनाने के लिए पूर्णतः वचनबद्ध हैं। राज्यपाल ने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित यमुना एक्शन प्लान के तहत यमुना नदी के जल की गुणवत्ता को सुधारने के लिए प्रतिबद्ध है। यमुना नदी दिल्ली पहुंचने से पहले हरियाणा से 180 किलोमीटर तक और दिल्ली से निकलने के बाद फिर 70 किलोमीटर तक बहती है। यमुना के जल को प्रदूषण रहित करने की एक विस्तृत कार्य योजना के तहत, मार्च 2028 तक 146 एम.एल.डी. क्षमता वाले 8 कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ब्म्ज्च्े) और 622 एम.एल.डी. क्षमता वाले 13 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (ैज्च्) बनाने का प्रस्ताव है।
एंटी करप्शन ब्यूरो टीम ने पब्लिक हेल्थ विभाग के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट सहित 3 कर्मचारियों को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया
चंडीगढ़, 20 फरवरी, अभीतक: एंटी करप्शन ब्यूरो टीम ने कैथल के पब्लिक हेल्थ विभाग के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट सहित 3 कर्मचारियों को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया है। पकडे गए कर्मचारी एक ठेकेदार से 30 लाख पेंडिंग बिल पास करने के बदले रिश्वत मांग रहे थे। एंटी करप्शन ब्यूरो से ठेकेदार ने इसकी शिकायत की थी। जिसके बाद तीनों को ट्रैप लगाकर पकड़ लिया गया। तीनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच में पता चला कि रिश्वत के पैसे में से डिप्टी सुपरिंटेंडेट को 20 हजार रुपये और बाकी दोनों कर्मचारियों को 5-5 हजार रुपये मिलने थे। कैथल के ठेकेदार विशाल ने एसीबी में शिकायत दी थी कि उन्होंने साल 2016 से 2025 के दौरान पब्लिक हेल्थ विभाग के तहत कई विकास कार्य किए थे। इन कार्यों के लगभग 30 लाख रुपये के बिल पेंडिंग थे। इन बिलों को पास करने के बदले डिप्टी सुपरिंटेंडेंट कमल कांत और एचकेआरएन कर्मचारी बलजीत व अशोक उनसे 30 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहे थे। एसीबी ने रिश्वतखोर कर्मचारियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। प्लानिंग के अनुसार विशाल को 30 हजार रुपये देकर कर्मचारियों के पास भेजा गया। जैसे ही उन्होंने रिश्वत के पैसे पकड़े, वहां पहले से मौजूद एंटी करप्शन ब्यूरो टीम ने तीनों को पकड़ लिया। इस छापेमारी के दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में डीआरओ चंद्रमोहन मौके पर उपस्थित थे। एंटी करप्शन ब्यूरो इंस्पेक्टर सूबे सिंह का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। तीनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और यह भी जांच की जा रही है कि इस मामले में कोई अन्य कर्मचारी या अधिकारी शामिल तो नहीं है।
एएसआई को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार, दो मामलों में न्यायालय द्वारा दोषियों को सुनाई गई सजा
चंडीगढ़, 20 फरवरी, अभीतक: हरियाणा में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, रोहतक ने कार्रवाई करते हुए अलग-अलग मामलों में एएसआई को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। दो अन्य मामलों में न्यायालय द्वारा दोषियों को सजा सुनाई गई है।
पहला मामला (एएसआई विजय पाल गिरफ्तारी)
राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, रोहतक ने आरोपी एएसआई विजय पाल नं. 129, सोनीपत (उम्र 44 वर्ष), पुलिस चैकी सैदपुर, थाना खरखौदा, जिला सोनीपत को 5,000 रुपये रिश्वत लेते हुए पुलिस चैकी सैदपुर से रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। शिकायतकर्ता रविन्द्र कुमार निवासी खांडा, जिला सोनीपत ने शिकायत दी थी कि एक सड़क दुर्घटना मामले (मुकदमा नं. 740 दिनांक 02.12.2025, थाना खरखौदा) में जांच अधिकारी के रूप में कार्यरत एएसआई विजय पाल ने उसके जीजा जयबीर से फाइल खर्च व वाहन सुपरदारी के नाम पर कुल 13,000 रुपये की मांग की थी। आरोपी पहले 5,000 रुपये ले चुका था तथा शेष राशि देने का दबाव बना रहा था। शिकायत पर अभियोग संख्या 35 दिनांक 24.12.2025 धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत थाना राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, रोहतक में मामला दर्ज किया गया। निरीक्षक सचिव कुमार के नेतृत्व में गठित रेडिंग पार्टी ने आरोपी को 5,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
दूसरा मामला (अतर सिंह लाईनमैन को सजा)
दिनांक 19.02.2026 को माननीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सोनीपत द्वारा आरोपी अतर सिंह, लाईनमैन, बिजली विभाग सोनीपत को धारा 7 व 13 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत 4 वर्ष के कारावास व 10,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। मामले में शिकायतकर्ता ने 29.08.2022 को शिकायत दी थी कि बिजली मीटर लगाने के एवज में आरोपी ने 7,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। ब्यूरो ने अभियोग संख्या 17 दिनांक 29.08.2022 दर्ज कर आरोपी को 6,500 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। जांच पूर्ण होने पर चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी को दोषी ठहराया गया।
तीसरा मामला (सुमेर सिंह लाईनमैन को सजा)
इसी दिन माननीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सोनीपत द्वारा आरोपी सुमेर सिंह, लाईनमैन, बिजली विभाग मुरथल, जिला सोनीपत को भी धारा 7 व 13 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत 4 वर्ष के कारावास व 10,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। शिकायतकर्ता ने 22.07.2022 को शिकायत दी थी कि सोसाइटी के बिजली बिल में संशोधन करने के बदले आरोपी ने 20 लाख रुपये की रिश्वत मांगी, जो बाद में 18 लाख रुपये में तय हुई। अग्रिम राशि के रूप में रिश्वत लेते समय आरोपी को अभियोग संख्या 13 दिनांक 22.07.2022 के तहत 50,000 रुपये लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था। अनुसंधान पूर्ण कर चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जिसके आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराया। ए एस चावला, भा.पु.से., निदेशक, राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, हरियाणा ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। भ्रष्टाचारी चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी सरकारी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है तो इसकी सूचना तुरंत हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो के टोल फ्री नंबर 1800-180-2022 तथा 1064 पर दें।




विश्व सामाजिक न्याय दिवस पर व्यापक विधिक जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन
जागरूकता शिविर में नागरिकों को अधिकारों एवं सहायता सुविधाओं की दी जानकारी
रेवाड़ी, 20 फरवरी, अभीतक: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी अमित वर्मा के मार्गदर्शन में द्वारा शुक्रवार को विश्व सामाजिक न्याय दिवस के अवसर पर विभिन्न स्थानों पर विशेष विधिक जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिला कारागार रेवाड़ी में आयोजित विधिक जागरूकता शिविर में डिप्टी चीफ एलएडीसी यशपाल शर्मा, सहायक एलएडीसी हेमलता द्वारा जेल बंदियों को उनके विधिक अधिकारों एवं निरूशुल्क विधिक सहायता सुविधाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने बंदियों को बताया कि विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के अंतर्गत पात्र व्यक्तियों को पूर्णतरू निरूशुल्क विधिक सहायता प्रदान की जाती है, जिसमें अधिवक्ता की नियुक्ति, न्यायालय शुल्क से छूट, गवाहों का खर्च, प्रतिलिपियां प्राप्त करना तथा वाद दायर करने एवं उसकी पैरवी करने में सम्पूर्ण सहायता शामिल है। उन्होंने बताया कि हिरासत में बंद प्रत्येक व्यक्ति को उसकी आय की परवाह किए बिना निरूशुल्क विधिक सहायता का अधिकार है। इस अवसर पर बंदियों की समस्याएं सुनी गईं तथा उन्हें आवश्यक कानूनी परामर्श प्रदान किया गया। ग्राम ढालियावास रेवाड़ी में आयोजित विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में अधिवक्ता निशा रानी व पैरा लीगल वालंटियर प्रियंका द्वारा उपस्थित ग्रामीणों को नालसाध्हालसा की निरूशुल्क विधिक सहायता योजनाओं के बारे में विस्तार से अवगत कराया गया। उन्हें बताया कि महिलाएं, बच्चे, अनुसूचित जातिध्जनजाति वर्ग, औद्योगिक श्रमिक, दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक, अपराध के पीड़ित तथा निर्धारित आय सीमा के अंतर्गत आने वाले व्यक्ति निरूशुल्क विधिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं। नालसा वेब पोर्टल एवं हेल्पलाइन नंबर 15100 के माध्यम से घर बैठे विधिक सलाह लेने की प्रक्रिया भी समझाई गई। उन्होंने बताया कि मुकदमा दायर करने, उसका बचाव करने, अपील दाखिल करने, समझौताध्मध्यस्थता के माध्यम से विवाद समाधान कराने तथा लोक अदालतों में मामलों के निपटारे हेतु निरूशुल्क सहायता उपलब्ध कराई जाती है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय एवं विधिक सहायता क्लीनिकों में प्रतिदिन निरूशुल्क विधिक परामर्श उपलब्ध है। शांति देवी लॉ कॉलेज सहारनवास में विधिक सहायता क्लिनिक के प्रभारी एवं विधि विद्यार्थियों द्वारा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों को सामाजिक न्याय की अवधारणा, संविधान द्वारा प्रदत्त समान न्याय के अधिकार तथा निरूशुल्क विधिक सहायता की वैधानिक व्यवस्था के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। इन सभी कार्यक्रमों में आमजन एवं विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। उपस्थित व्यक्तियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया तथा निरूशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने की सरल एवं सुलभ प्रक्रिया से अवगत कराया गया। उन्होंने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी भविष्य में भी समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों के हित में ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा, ताकि नागरिकों को अपने अधिकारों के बारे में जानकारी मिल सके।





गांव मालपुरा में ग्राम वासियों की मांग पर लाइब्रेरी बनवाने का एडीसी ने दिया आश्वासन
बच्चों को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ें- पुलिस अधीक्षक
गांव मालपुरा में जिला प्रशासन का रात्रि ठहराव कार्यक्रम आयोजित
रेवाड़ी, 20 फरवरी, अभीतक: गांव मालपुरा में जिला प्रशासन के रात्रि ठहराव कार्यक्रम के दौरान एडीसी राहुल मोदी व पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र मीणा ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनी और उनके निराकरण के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। इस अवसर पर विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर ग्रामीणों को जनहित के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी। रात्रि ठहराव कार्यक्रम में ग्रामीणों ने एडीसी को बताया कि धारूहेड़ा फ्लाईओवर के सर्विस रोड पर रात के समय डंपरों का जाम लगा रहता है। जिससे वाहन चालकों को आवागमन में परेशानियां उठानी पड़ती हैं। डीएसपी रविंद्र सिंह ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि यहां यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए एक पीसीआर को नियुक्त कर दिया जाएगा। ग्रामवासी परमानंद ने बताया कि दूषित पेयजल आपूर्ति की समस्या के कारण यहां लोगों के बीमार होने का खतरा बना हुआ है। एडीसी राहुल मोदी ने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता वीपी चैहान को पानी की जांच करवाने और समस्या का स्थाई रूप से समाधान करने के निर्देश दिए। मालपुरा की बुजुर्ग महिला अनारो देवी ने वृद्धावस्था सम्मान भत्ता पेंशन शुरू करवाने की गुहार लगाई। ग्रामीणों ने बताया कि यह महिला आर्थिक रूप से कमजोर है और कैंसर की सर्जरी करवा चुकी है। एडीसी ने इस महिला का क्रोनिकल डिजीज का सर्टिफिकेट बनवाने, कैंसर के इलाज के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता दिलवाने और पेंशन बनवाने के निर्देश दिए। ग्रामवासी अवनेश कुमार ने बताया कि एक प्राइवेट स्कूल दो बच्चों की टीसी नहीं दे रहा है, जबकि फीस पूरी भरी जा चुकी है। एडीसी ने शिक्षा विभाग के अधिकारी को मामले की छानबीन करवाने के निर्देश दिए। सत्यवीर ने गांव में दूषित जलभराव की समस्या से अवगत करवाया। एडीसी ने कहा कि इस बारे में ग्राम पंचायत एक प्रस्ताव पारित कर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को दे। गांव में नई सीवरेज की लाइन डलवा दी जाएगी। उमेश कुमार ने शिकायत रखी कि उसके घर के ऊपर से 11 हजार की हाईवोल्टेज तार गुजर रही हैं, जिनसे कभी भी कोई हादसा हो सकता है। एडीसी ने बिजली वितरण निगम के कर्मचारियों को तार हटाने के निर्देश दिए। ग्रामीणों की मांग पर एडीसी ने ग्राम पंचायत द्वारा प्रस्ताव भिजवाने पर एक लाइब्रेरी बनवाने का आश्वासन दिया। पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र मीणा ने इस अवसर पर ग्रामीणों से अनुरोध किया कि वे पुलिस विभाग द्वारा चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियान में सक्रिय सहयोग करें। बच्चों को खेल व रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ें और अपने आसपास की संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखें। डीएसपी रविंद्र सिंह ने कहा कि मोबाइल फोन पर इंटरनेट यूजर्स को साइबर क्राइम से सावधान रहना चाहिए। एसडीएम सुरेश कुमार ने बताया कि लोगों की समस्याओं का निवारण करने के लिए रात्रि ठहराव और समाधान शिविरों का नियमित रूप से आयोजन किया जा रहा है। इनमें आने वाली शिकायतों पर पूरी गंभीरता से कार्रवाई की जाती है। इस अवसर पर जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी एचपी बंसल, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के उप निदेशक अमित पवार, रोडवेज जीएम निरंजन शर्मा, एलडीएम राजीव रंजन, सरपंच मलखान सिंह, डा. राजेश रावत आदि मौजूद रहे।





समाधान शिविर में आने वाली शिकायतों का शीघ्र करें निपटान : एसडीएम
एसडीएम सुरेश कुमार ने की शिकायतों की समीक्षा
रेवाड़ी, 20 फरवरी, अभीतक: एसडीएम रेवाड़ी सुरेश कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समाधान शिविर में आने वाली शिकायतों को लंबित न रखते हुए शीघ्र कार्रवाई करें और समाधान प्रकोष्ठ पोर्टल पर रिपोर्ट को अवश्य अपडेट कर दें। एसडीएम सुरेश कुमार लघु सचिवालय सभागार में समाधान शिविर पर आई शिकायतों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक कर रहे थे। एसडीएम सुरेश कुमार ने समाधान शिविर में आई शिकायतों की विभागवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि 30 दिन से पुरानी सभी लंबित शिकायतों का शीघ्र समाधान करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शिकायत पोर्टलों की प्रतिदिन निगरानी रखते हुए प्राप्त शिकायतों का शीघ्र समाधान करना सुनिश्चित करें। इसके साथ ही शिकायत के समाधान उपरांत एटीआर अवश्य अपलोड करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रि-ओपन शिकायतों को प्राथमिकता से हल करते हुए शिकायत का स्थाई समाधान करना सुनिश्चित करें। एसडीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार की ओर से जिला और उपमंडल स्तर पर लगाए जा रहे समाधान शिविर आमजन की शिकायतों के समाधान का सशक्त माध्यम बन रहे हैं। समाधान शिविर के साथ ही जनसेवा के लिए सरकार के ऑनलाइन पोर्टल का उद्देश्य जनता और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है और लोगों को उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान मुहैया करवाना है। उन्होंने कहा कि सभी विभागाध्यक्ष शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर पारदर्शिता के साथ नियमित निगरानी करते हुए त्वरित समाधान करना सुनिश्चित करें। बैठक में सीटीएम जितेंद्र कुमार, डीडीपीओ एचपी बंसल, डीआरओ प्रदीप देशवाल, डीएफएससी नितिश कुमार सिंगला सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
पंचायती राज संस्थाओं के उप चुनाव के लिए मतदाता सूची तैयार करने का शेड्यूल जारी
27 मार्च को जारी होगी पंचायतों की फाइनल वोटर लिस्ट
सभी 7 खंडों में निर्वाचक अधिकारी किए नियुक्त
रेवाड़ी, 20 फरवरी, अभीतक: पंचायती राज संस्थाओं के उप चुनाव के लिए राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची तैयार करने का शेड्यूल जारी किया गया है। जिसके तहत 27 मार्च तक मतदाता सूची तैयार की जाएगी। एडीसी राहुल मोदी ने बताया कि जिला रेवाड़ी में एक सरपंच पद, एक पंचायत समिति सदस्य व 19 पंचों के लिए उपचुनाव होने हैं। उन्होंने बताया कि 2 मार्च को ड्राफ्ट लिस्ट जारी की जाएगी। इसके बाद 9 मार्च तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। उन्होंने बताया कि 28 फरवरी तक वार्ड के हिसाब से ड्राफ्ट लिस्ट तैयार की जाएगी। इसके बाद 2 मार्च को ड्राफ्ट जारी किया जाएगा, 9 मार्च तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जाएंगी और 12 मार्च तक उनका निपटारा किया जाएगा। दावे और आपत्तियों का निपटान होने के बाद अपील करने की आखिरी तारीख 16 मार्च है। इसके उपरांत 19 मार्च तक अपीलों का निपटारा किया जाएगा तथा 27 मार्च को अंतिम वोटर लिस्ट जारी की जाएगी। एडीसी ने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और समय पर पूरा करने के लिए निर्वाचक अधिकारी (पं.) नियुक्त किए गए हैं, ताकि पंचायत उप चुनाव की यह प्रक्रिया पूरी निष्पक्ष और सुचारू रूप से पूरी हो सकें। खंड रेवाड़ी के लिए उपमंडल अधिकारी ना. रेवाड़ी, खंड बावल के लिए उपमंडल अधिकारी ना. बावल, खंड नाहड़ के लिए उपमंडल अधिकारी ना. कोसली, खंड खोल के लिए नगराधीश रेवाड़ी, खंड डहीना के लिए जिला राजस्व अधिकारी रेवाड़ी, खंड जाटूसाना के लिए महाप्रबंधक हरियाणा राज्य परिवहन विभाग रेवाड़ी तथा खंड धारूहेड़ा के लिए जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी रेवाड़ी को निवार्चक अधिकारी नियुक्त किया गया है। डहीना ब्लॉक के गांव फतेहपुरी टप्पा डहीना में सरपंच पद के लिए, बावल ब्लॉक के वार्ड नंबर 5 के पंचायत समिति सदस्य के लिए उप चुनाव होंगे। इसके अलावा जिला के नाहड़ ब्लॉक के गांव नेहरूगढ़ में वार्ड 10 में पंच पद, भाकली-2 में वार्ड 13 में पंच पद व गांव कुहारड़ में वार्ड-1 में पंच पद के लिए उपचुनाव होंगे। बावल ब्लॉक के गांव रघुनाथपुरा में वार्ड-5 में पंच पद, गांव नैचाना में वार्ड-9 में पंच पद, गांव सुलखा में वार्ड-5 में पंच पद, खंड डहीना के गांव ढाणी जैरावत में वार्ड-6 में पंच पद, गांव डहीना के वार्ड-5 में पंच पद, गांव कहाड़ी में वार्ड-1 में पंच पद, खंड धारूहेड़ा के गांव डवाना में वार्ड-3 में पंच पद, खंड जाटूसाना के गांव बेरली खुर्द में वार्ड-10 में पंच पद, गांव बेरली कलां में वार्ड-5 में पंच पद, गांव नांगलिया रणमोख में वार्ड-6 में पंच पद, गांव मालियाकी में वार्ड-3 में पंच पद, खंड रेवाड़ी के नया गांव में वार्ड-4 व वार्ड-6 में पंच पद, गांव हांसाका के वार्ड-5 में पंच पद, गांव ढ़ालियावास के वार्ड-8 में पंच पद तथा खंड खोल के गांव हर्जीपुर में वार्ड-3 में पंच पद के लिए उप चुनाव करवाए जाएंगे।




बेंगलुरु के वरिष्ठ साहित्यकार दंपति के डॉक्टर पुत्र भारतीय वायु सेवा में प्रोन्नत होकर विंग कमांडर बने’
बेंगलुरु, 20 फरवरी, अभीतक: बेंगलुरु के वरिष्ठ साहित्यकार दंपति कुँवर प्रवल प्रताप सिंह राणा प्रवल और कवित्री अरुणा राणा के सुपुत्र डॉक्टर गौरव जी राणा भारतीय वायुसेना में विंग कमांडर के पद पर प्रोन्नत हुए, डॉ गौरव जी राणा मानसिक चिकित्सा के स्पेशलिस्ट डॉक्टर हैं और अपने अच्छे कार्य व व्यवहार के लिए जाने जाते हैं पिछले तीन वर्ष से यह बेंगलुरु के एयरफोर्स कमांड हॉस्पिटल में मानसिक चिकित्सा स्पेशलिस्ट के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, साहित्यकार कुंवर प्रवल प्रताप सिंह राणा प्रवल ने बताया कि डॉक्टर गौरव राणा का जन्म उत्तर प्रदेश के हाथरस नगर में हुआ था प्रारंभिक शिक्षा दीक्षा उनके पैतृक गांव के नजदीक ही शकरौली स्थित सरस्वती ज्ञान मंदिर विद्यालय से हुई इसके पश्चात इन्होंने जलेसर नगर के न्यू एरा पब्लिक स्कूल से जूनियर हाई स्कूल पास किया फिर मेधावी होने के कारण इनका चयन केंद्रीय विद्यालय में हुआ और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में भी हुआ अंततः इन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में हाई स्कूल में प्रवेश लिया और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से इन्होंने हाई स्कूल और सीनियर सेकेंडरी परीक्षाऐं उच्च श्रेणी में पास कीं, इसके पश्चात इनका चयन रूहेलखंड विश्वविद्यालय से संबंधित तीर्थंकर महावीर मेडिकल कॉलेज मुरादाबाद में हुआ और सफलतापूर्वक एमबीबीएस करने पर इन्होंने तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय में दूसरा स्थान प्राप्त किया, जिसके लिए इनको रजत पदक से सम्मानित किया गया, और विश्वविद्यालय द्वारा इनको तीर्थंकर महावीर मेडिकल कॉलेज मुरादाबाद में ही नियुक्ति दे दी गई। डॉ गौरव जी राणा अपने दादाजी ठाकुर प्रेम पाल सिंह दरोगा जी से बचपन से ही बहुत प्रभावित रहे जो उत्तर प्रदेश पुलिस में इंस्पेक्टर थे और उनके संरक्षण में ही इनका लालन पालन हुआ था उनके दादाजी भी चाहते थे कि यह पुलिस अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी या सेना के अधिकारी बनें तो अपने स्वर्गीय दादा जी और अम्मा जी की प्रेरणा और उनके सपनों को पूरा करने के दृष्टिकोण से मेडिकल कॉलेज में कार्यरत रहते हुए इन्होंने भारतीय सेना में डॉक्टर बनने के लिए आवेदन किया और परीक्षा और साक्षात्कार के पश्चात इनका भारतीय सेना में कैप्टन के पद पर चयन हुआ, डॉक्टर गौरव जी राणा ने सन 2015 में भारतीय सेवा में कमीशन प्राप्त किया। भारतीय सेना में भी इन्होंने उत्कृष्ट कार्य किया और विशिष्ट बलों में भी स्वयंसेवी कार्य किया, शीघ्र ही स्थाई कमीशन प्राप्त किया और 2019 में मेजर के पद पर प्रोन्नत हुए कालांतर में डॉ गौरव राणा ने नीट पीजी की परीक्षा क्वालीफाई करके साइकिएट्री विभाग में पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री प्राप्त की और भारतीय वायुसेना में स्क्वाड्रन लीडर के पद पर स्थानांतरित हुए
साहित्यकार दंपति ने बताया कि जिस प्रकार वे अपने स्वर्गीय पिता ठाकुर प्रेम पाल सिंह दरोगा जी का सम्मान करते हैं और उनकी ईमानदारी और वीरता पर गर्व करते हैं उसी प्रकार अपने पुत्र डॉक्टर गौरव जी राणा की ईमानदारी, वीरता, मेहनत और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भी सराहना करते हैं और गर्व की अनुभूति करते हैं, बेंगलुरु और देश के वरिष्ठ साहित्यकारों यथा ज्ञानचंद मर्मज्ञ, राही राज जी, प्रीति राही,सूबेदार रामस्वरूप कुशवाहा, वरुण दीक्षित, विनीता लवानियां, एडवोकेट अंजू भारती, बिजेंद्र सैनी, प्रयास जोशी, कोमल प्रसाद राठौर, नंद सारस्वत नंद, इंदु झुनझुनवाला, वीणा मेदनी, ब्रिगेडियर दिलीप कुमार अचल, कर्नल प्रभात कुमार, लेफ्टिनेंट किशोर सिंह, पद्मा श्रीनिवासन, राश दादा राश, ममता सिंह, प्रेम प्रकाश पांडे, रामगोपाल भारतीय, सुदेश वत्स, संदीप उपाध्याय, मधु माहेश्वरी, अजय यादव आवारा, विजय लक्ष्मी भारद्वाज और राधेश्याम यादव आदि ने बधाइयां प्रेषित की हैं।
राजनीति का अखाड़ा बनाया महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक को – विक्रम कादयान
रोहतक, 20 फरवरी, अभीतक: शोध, शिक्षा और नवाचार के लिए प्रसिद्ध महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक आज राजनीति और हंगामे का अखाड़ा बन गया है जबकि भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कार्यकाल में ये विश्वविद्यालय अपने चरमोत्कर्ष पर था। दस साल से इस विश्वविद्यालय में नई भर्ती रूकी हुई है, जिसके कारण शोध और एकेडमिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। ईसी की मीटिंग में हंगामा कर के भरती को रोकने का प्रयास किया गया है। यह सरकार की कार्रवाई विश्वविद्यालय के शैक्षणिक माहौल के प्रतिकूल है। ये विचार महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक में हुए हंगामे पर प्रतिक्रिया को व्यक्त करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विक्रम कादयान ने व्यक्त किये। विक्रम कादयान ने कहा कि विश्वाविद्यालय में शैक्षणिक माहौल के लिए वीसी, रजिस्ट्रार और शैक्षणिक परिषद का आपस में तालमेल बहुत ही जरूरी है। परंतु सरकार ने अनावशयक हस्तक्षेप सौहार्दपूर्ण वातावरण को बिगाड़ने का प्रयास किया है। विश्वाविद्यालय में प्रोफेसर,एसोसिएट प्रोफेसर,सहायक प्रोफेसर की भरती को स्वीकृति मिलनी थी।परंतु सरकर ने अपने कार्यकाल में इस विश्वाविद्यालय में कोई भरती नहीं होने दी। पिछले एक दशक से यह विश्वविद्यालय उप कुलपति और रजिस्ट्रार की रस्सा-कस्सी का केंद्र रहा है। लंबे समय तक यह तनातनी शीत युद्ध की तरह चलती रही परंतु अब यह है आक्रोश का लावा विवाद के रूप में जनता के सामने आ गई है। यह विश्वविद्यालय राष्ट्रीय चेतना के प्रवर्तक और भारत की स्वतंत्रता के प्रथम उद्घोषक महर्षि दयानंद सरस्वती के नाम पर बना हुआ है। अतः शिक्षा,शोध, भारतीय ज्ञान परंपरा और नवाचार के रूप में विश्व का सिरमौर होना चाहिए था। अब यहां पर शिक्षा और शोध का निम्न दिशा की ओर जा रहा है। इस सब के लिए प्रदेश की भाजपा सरकार जिम्मेदार है। यह विश्वाविद्यालय आरपी हुडडा के कार्यकाल में उत्कृष्ट विश्वाविद्यालयों में शीर्ष पर था। उनके कार्यकाल को विश्वाविद्यालय का स्वर्णयुग कहा जता है।जबकि पिछले 11 वर्षों से हरियाणा के विश्वाविद्यालयों में पढ़ाई व शोध का माहौल नहीं बनने दिया गया है। इस तरह शिक्षा शोध और नवाचार अभी राम के हवाले हैं जबकि विश्वाविद्यालय किसी भी देश व समाज के लिए बौद्धिक शक्ति तैयार करने के केंद्र होते हैं। विश्वाविद्यालय में राजनीति का प्रवेश हरियाणा प्रदेश के लिए दुर्भाग्यवश है। हरियाणा की पहचान महर्षि दयानंद विश्वाविद्यालय से है। यहां से शिक्षित और दीक्षित होकर उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश तक के पद को सुशोभित कर रहे हैं। आज वही विश्वाविद्यालय आर्थिक तंगी, फैकेल्टी की कमी और ढांचागत सुविधाओं के लिए जूझ रहा है। उन्होंने एमडीयू में तुरंत शैक्षणिक माहौल कायम करने की अपील की और विश्वाविद्यालय में नई भरती तथा शोध को बढ़ावा देकर देश की तरक्की में इस विश्वविद्यालय की भूमिका को निश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार की बदनीयत ने एचपीएससी को सिलेक्शन एजेंसी की जगह रिजेक्शन आयोग की भूमिका में लाकर के खड़ा कर दिया है, जिससे महाविद्यालय में फैकल्टी का संकट गहराया हुआ है तथा अब विश्वविद्यालय में माहौल खराब करके नई भरती में अड़ंगा लगाया जा रहा है। जो हरियाणा की ज्ञान परंपरा के बिल्कुल ही प्रतिकूल है उन्होंने सरकार से तुरंत अपना रवैया बदल करके पारदर्शी भरती के दरवाजे खोलने की अपील की। महाविद्यालय और विश्वविद्यालय शिक्षा और शोध के केंद्र बने रहे।



’राजनीतिक हताशा में आरोपों की राजनीति कर रहा विपक्ष: मुख्यमंत्री’
ऑपरेशन लोट्स’ जैसे आरोप पूरी तरह निराधार, जनता स्वयं बदलाव चाहती है’
चंडीगढ़, 20 फरवरी, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जब कोई राजनीतिक दल जनता के बीच अपनी स्वीकार्यता खोने लगता है तो वह मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए आरोपों की राजनीति करता है। पंजाब में भाजपा की बढ़ती सक्रियता और जनसमर्थन को देखते हुए लगाए जा रहे तथाकथित ऑपरेशन लोट्स जैसे आरोप पूरी तरह निराधार हैं और राजनीतिक हताशा का प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री वीरवार को चंडीगढ़ में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यदि जनता स्वयं तुलना कर रही है और विकल्प तलाश रही है तो इसका दोष किसी अन्य पर नहीं डाला जाना चाहिए। पंजाब की जनता अब शांति और विकास चाहती है और यह केवल भाजपा ही दे सकती है। जैसे हरियाणा विकास के पथ पर अग्रसर है, वैसे ही पंजाब भी बदलाव के लिए तैयार है।
एमएसपी खरीद पर खुली चुनौती, 24 फसलों की खरीद देश में रिकॉर्ड’
मुख्यमंत्री ने एमएसपी खरीद के मुद्दे पर विपक्ष को खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि आंकड़ों के साथ चर्चा हो तो “दूध का दूध और पानी का पानी” हो जाएगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष चाहता है कि किसान धरनों पर बैठा रहे, जबकि हमारी सरकार चाहती है कि किसान खेती कर देश और प्रदेश को खुशहाल बनाए। 24 फसलों की एमएसपी पर खरीद पूरे देश में एक रिकॉर्ड है, यह कोई जुमला नहीं बल्कि हकीकत है।
अमेरिका व यूरोपीय संघ के साथ व्यापार से किसानों और उद्योग को लाभ’
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील से देश के किसानों को लाभ होगा। हरियाणा जैसे कृषि प्रधान राज्य के किसान बासमती चावल, डेयरी उत्पाद, फल, सब्जियां और प्रोसेस्ड फूड के लिए अमेरिकी बाजार तक पहुंच बना सकेंगे। साथ ही यूरोपीय संघ के साथ टैक्टाइल, ऑटोमोबाइल और हैवी इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में निर्यात बढ़ाने के अवसर मिलेंगे, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
बुजुर्ग पेंशन पर विपक्ष फैला रहा भ्रम
बुजुर्गों की पेंशन काटे जाने के आरोपों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष संवेदनशील विषय पर झूठ और भ्रम फैलाकर सस्ती लोकप्रियता लेना चाहता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन दो लाख मामलों का उल्लेख किया जा रहा है, उनमें से 1 लाख तीन हजार से अधिक मामलों में लाभार्थियों का निधन हो चुका था। लगभग 37 हजार मामलों में आयु गलत दर्ज करवाई गई थी और 39 हजार मामलों में सत्यापन लंबित था। दस्तावेजों की जांच की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1992 में कांग्रेस सरकार ने 10 हजार रुपये आय सीमा निर्धारित की थी, जो 2009 तक नहीं बढ़ाई गई। हमारी सरकार ने वर्ष 2023 में आय सीमा 2 लाख से बढ़ाकर 3 लाख की, जिससे लाभार्थियों की संख्या 17 लाख 98 हजार तक पहुंची और आज 20 लाख से अधिक बुजुर्ग पेंशन प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इनेलो शासन में पेंशन 200 रुपये और कांग्रेस के 10 वर्षों में 700 रुपये बढ़ी, जबकि हमारी सरकार ने 11 वर्षों में 2200 रुपये की ऐतिहासिक वृद्धि की है।
एचपीएससी भर्ती में पारदर्शिता, मैरिट सर्वोपरि
एचपीएससी भर्ती पर विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों को निराधार बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ण पारदर्शिता रखते हुए नौकरियों के लिए भरती की जा रही है पूर्व की सरकारों की पर्ची खर्ची की नीति को खत्म कर मेरिट को आधार बनाकर भरती की जा रही हैं भर्ती का आधार मैरिट ही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह भी सार्वजनिक मंचों से हरियाणा की पारदर्शी भर्ती प्रणाली की सराहना करते हैं और अन्य राज्यों में हरियाणा का उदाहरण दिया जाता है।
मुख्यमंत्री ने सीएमजीजीए के साथ सफाई, कचरा प्रबंधन एवं प्रशासनिक सुधारों पर की समीक्षा बैठक
मुख्यमंत्री ने कचरा प्रबंधन, ड्रेन सफाई और शिकायत निवारण पर तुरंत कार्रवाई करने के दिये निर्देश
मुख्यमंत्री ने सुशासन सहयोगियों से कहा, शिक्षा, स्वास्थ्य और सफाई को बेहतर बनाने के लिए उपायुक्तों के साथ मिलकर करें काम
चंडीगढ़, 20 फरवरी, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने संत कबीर कुटीर निवास स्थान पर मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में जिलों में सफाई, कचरा प्रबंधन, सफाई व्यवस्था, शिकायत निवारण सिस्टम को मजबूत करने और प्रशासनिक क्षमता में सुधार करनरे पर फोकस किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी कार्यक्रम के परियोजना निदेशक डॉ. यशपाल भी मौजूद रहे। सुशासन सहयोगियों ने मुख्यमंत्री को जिलों में जमीनी स्तर पर आने वाली मुख्य चुनौतियां और अपने-अपने जिलों में किए जा रहे नए तरीकों के बारे में अवगत करवाया। उन्होंने कचरा अलग-अलग करने, नालों की सफाई, सीवरेज दुरूस्त करने, मैनपावर की कमी और लोगों में जागरूकता की कमी से जुड़े मुद्दों पर बात की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मीटिंग में शामिल हुए निगम आयुक्तों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अपने-अपने इलाकों में साफ सफाई के साथ कचरा प्रबंधन को मजबूत बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने नालों और सीवर लाइनों की नियमित रूप से सफाई करने और सीवरेज में आने वाली रुकावटों को तुरंत दूर करने तथा सफाई से जुड़े सभी लम्बित कामों को तेजी से पूरा करने की आवश्यकताओं पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि निगम आयुक्त संबंधित जिलों में सीवरेज से जुड़ी सभी शिकायतों के लिए नोडल ऑफिसर के रूप में काम करेंगे और उन्हें जनस्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर काम करना चाहिए ताकि उनका जल्दी समाधान किया जा सके। जनता या शिकायत पोर्टल से मिली किसी भी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की जानी चाहिए और समयबद्व ढंग से शिकायतों का निवारण किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने सफाई और स्वच्छता पैरामीटर में औसत आधार पर कार्य कर रहे जिलों के निगम आयुक्तों के साथ वन-टू-वन बातचीत की और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सुधार के उपाय करने और स्वच्छता पैमाने के साथ अपनी रैंकिंग में सुधार करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर दिखने वाले ऐसे सुधारों के परिणाम भी दिखने चाहिए जिनका आंकलन किया जा सके। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक क्षमता के महत्व को दोहराते हुए अधिकारियों को कार्य के समय आने वाली रुकावटों से बचाव के लिए जिला स्तर पर पर्याप्त स्टाफ को सही ढंग से तैनात करने के निर्देश दिये। उन्होंने निर्देश दिये कि कोई भी फाइल बिना वजह पेंडिंग नहीं रहनी चाहिए और सभी मामलों का आसान प्रक्रिया से तुरंत निपटाया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की भागीदारी और व्यवहार में बदलाव को मजबूत बनाने के लिए सूचना एवं जागरूकता गतिविधियों को तेज किया जाए। उन्होंने सुशासन सहयोगियों को कचरा हॉटस्पॉट स्थानों की पहचान करने और ऐसे इलाकों में स्वच्छता के स्लोगन और जागरूकता संदेश लिखने के साथ-साथ विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने नशे की आदत से बचाव के लिए अहम कदम उठाते हुए हर जिला अस्पताल में 10 बेड का नशा मुक्ति (डी-एडिक्शन) वार्ड बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सुशासन सहयोगि इस पहल की प्रगति पर बारीकी से नजर रखें और जमीनी स्तर पर आने वाली चुनौतियों की पहचान कर उनका समय पर क्रियान्वयन करने में मदद के लिए तथ्यों और सबूतों पर आधारित रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि सुशासन सहयोगी विशेषकर शिक्षा, स्वास्थ्य और सफाई जैसे आवश्यक क्षेत्रों में उपायुक्तों के साथ मिलकर काम करें ताकि पॉलिसी को बेहतर ढंग से लागू कर सेवाओं को बेहतर बनाया जा सके। मीटिंग के दौरान सुुशासन सहयोगियों ने जिले के हिसाब से प्रोग्रेस रिपोर्ट पेश की और चार हफ्ते का लक्ष्य निर्धारित कर विस्तृत एक्शन प्लान बारे अवगत करवाया। इसके अलावा उन्होंने सफाई सेवाओं और नागरिक मुद्दों की स्थानीय स्तर पर मॉनिटरिंग के लिए वार्ड कमेटियों का गठन करने और उनके प्रशिक्षण में तेजी लाने का प्रस्ताव रखा। यह कमेटियाँ जन भागीदारी से शिकायतों की समय पर रिपोर्टिंग करने और जमीनी स्तर पर सफाई करने वाले प्रयासों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगी। बैठक में आयुक्त एवं सचिव, जनस्वास्थ्य मोहम्मद शाईन, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार, महानिदेशक शहरी स्थानीय निकाय अशोक कुमार मीणा, महानिदेशक सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के मकरंद पांडुरंग सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
अफोर्डेबल फ्लैट के लिए आवेदन राशि जमा करवाने की अंतिम तिथि अब 25 फरवरी रेवाड़ी, 20 फरवरी, अभीतक: एडीसी राहुल मोदी ने बताया कि हाउसिंग फार ऑल विभाग हरियाणा द्वारा शहरी क्षेत्रों में गरीबी रेखा से नीचे बसर कर रहें परिवारों को मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना के अन्तर्गत ‘अफोर्डेबल फ्लैट दिये जा रहे है। योजना के अन्तर्गत कुछ पात्र आवेदनकर्ता अफोर्डेबल फ्लैट बुक नही करवा पाए थे उनके लिए सरकार द्वारा अफोर्डेबल फ्लैट बुकिंग के लिए पोर्टल को पुनः खोला गया है। उन्होंने बताया कि अब पात्र आवेदनकर्ता 25 फरवरी 2026 तक पोर्टल पर सरकार द्वारा निर्धारित राशि जमा करवाकर अपने फ्लैट बुक करवा सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए ब्लॉक अधिकारी आशुतोष मोबाइल नंबर 8053413311 पर संपर्क कर सकते है।
पशुओं के पॉलिक्लिनिक एवं अस्पतालों के लिए आधुनिक मशीनें खरीदी जाएंगी: श्याम सिंह राणा
गैस एनेस्थीसिया मशीन, अल्ट्रासाउंड मशीन, ब्लड टेस्ट उपकरण तथा बायो सेफ्टी लैब्स लेवल – 2 स्थापित करने को दी मंजूरी
चंडीगढ़, 20 फरवरी, अभीतक: हरियाणा के पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में पशुओं के पॉलिक्लिनिक एवं अस्पतालों के लिए आधुनिक मशीनें खरीदी जाएंगी ताकि पशुपालकों के पशुधन का सस्ते में ईलाज हो सके। उन्होंने बताया कि आज हाई पावर्ड परचेज कमेटी में गैस एनेस्थीसिया मशीन, अल्ट्रासाउंड मशीन, ब्लड टेस्ट उपकरण तथा बायो सेफ्टी लैब्स लेवल – 2 स्थापित करने को मंजूरी दी गई है। श्री राणा की अध्यक्षता में हुई बैठक में कमेटी के सदस्य हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा भी उपस्थित थे। इनके अलावा, पशुपालन एवं डेयरी विभाग के प्रधान सचिव श्री विजय सिंह दहिया, महानिदेशक डॉ प्रेम सिंह, संयुक्त निदेशक डॉ सुखदेव राठी, आपूर्ति एवं निपटान विभाग के महानिदेशक श्री पंकज, वित्त विभाग के विशेष सचिव डॉ जय इंद्र सिंह समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे। पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि हाई पावर्ड परचेज कमेटी में प्रदेश में पशुओं के ईलाज के लिए स्थापित पॉलीक्लिनिकों हेतु गैस एनेस्थीसिया मशीन खरीदने की मंजूरी दी गई है। इससे डॉक्टरों को पशुओं की सर्जरी करने में सुविधा होगी। उन्होंने बताया कि पशुओं के इलाज (सर्जरी) में गैस एनेस्थीसिया मशीन इंजेक्टेबल की तुलना में अधिक सुरक्षित है, जो सटीक खुराक, तेज रिकवरी और बेहतर नियंत्रण प्रदान करती है। यह ऑक्सीजन के साथ मिलकर काम करती है, जिससे पशुओं के हृदय और अन्य अंगों पर दबाव कम पड़ता है। यह प्रणाली दर्द प्रबंधन और छोटे-बड़े जानवरों के लिए अत्यंत विश्वसनीय है। उन्होंने आगे बताया कि हिसार, रायपुररानी तथा सोनीपत में बायो सेफ्टी लैब्स लेवल – 2 स्थापित की जाएंगी। पशुओं में मध्यम जोखिम वाली बीमारियों की जांच के लिए उक्त लैब का उपयोग किया जाता है। यह लैब मानवध्पशु स्वास्थ्य के लिए मध्यम-जोखिम वाले संक्रामक एजेंटों के परीक्षण के लिए होती है, इसमें विशेष पीपीई, बायोसेफ्टी कैबिनेट (ठैब्), और कीटाणुशोधन (।नजवबसंअम) की सुविधा होती है, जो श्वसन या त्वचा के संपर्क से संक्रमण रोकती है। उन्होंने बताया कि बायो सेफ्टी लैब्स लेवल – 2 में पशुओं से इंसानों में फैलने वाली संक्रामक बीमारियों की जांच की जाती है ताकि इंसान बीमार पशुओं के सम्पर्क में आकर संक्रमित न हों और वे सुरक्षित रह सकें। श्री श्याम सिंह राणा ने यह भी बताया कि पशुओं के ईलाज के लिए अल्ट्रासाउंड मशीने भी खरीदी जाएंगी। पशु चिकित्सा में प्रयुक्त होने वाली ये अल्ट्रासाउंड मशीन जानवरों के आंतरिक अंगों, ऊतकों और गर्भावस्था का गैर-आक्रामक (दवद.पदअंेपअम) और विकिरण-मुक्त निदान करने के लिए एक अच्छी तकनीक है। यह तकनीक पालतू जानवरों (कुत्ते, बिल्ली) से लेकर पशुधन (गाय, भैंस, भेड़) में ट्यूमर, पेट की बीमारियों और प्रजनन संबंधी समस्याओं का सही पता लगाने में सहायक है। उन्होंने यह भी बताया कि कई बार डॉक्टर को बीमार पशु के खून की जांच करवाने की जरुरत पड़ती है। अभी तक यह टेस्ट सुविधा लुवास यूनिवर्सिटी हिसार में ही उपलब्ध थी। आज की मीटिंग में पशुओं के खून टेस्ट के लिए उपकरण खरीदने की भी स्वीकृति दे दी गई है। अब सरकारी अस्पतालों में आने वाले बीमार पशुओं के ब्लड टेस्ट फ्री में किये जाएंगे और पशुओं का जल्द ईलाज करने में आसानी होगी। पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि किसी भी पशुपालक या किसान का आर्थिक आधार पशु होते हैं जिनसे वे अपना परिवार चलाने के अलावा अतिरिक्त आमदनी कमाने का जरिया भी मानते हैं। राज्य सरकार अपने प्रदेश के पशु पालकों को समृद्ध बनाने के लिए हर आवश्यक कदम उठा रही है।
एनसीएलटी और कोर्ट आदेशों का अवश्य करें रजिस्ट्रेशन
एफसीआर डॉ. सुमिता मिश्रा ने जारी किए सख्त निर्देश
पालना न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ होगी अनुशासनात्मक कार्यवाई
चंडीगढ़, 20 फरवरी, अभीतक: हरियाणा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वितायुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने राज्य के मण्डलायुक्त और उपायुक्तों को निर्देश दिये है कि वे नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल और न्यायालय के आदेशों का तय कानूनी नियमों के अनुसार रजिस्ट्रेशन अवश्य सुनिश्चित करें। डॉ. मिश्रा ने कहा कि मुख्य राजस्व अधिकारी, सब-रजिस्ट्रार और संयुक्त सब-रजिस्ट्रार को नेशनल कम्पनी ट्रिब्यूनल और कोर्ट के आदेशों के रजिस्ट्रेशन के संबंध में 13 नवंबर, 2013 को पहले के जारी निर्देशों और 22 नवंबर 2017 की अधिसूचना का पालन करना हैं। उन्होंने बताया कि नेशनल कम्पनी ट्रिब्यूनल के आदेशों से जुड़े मामलों में इंडियन स्टैम्प एक्ट, 1899 के शेड्यूल 1-ए के आर्टिकल 23-ए के तहत 1.5 प्रतिशत की दर से स्टैम्प ड्यूटी लगती है, जिसकी ज्यादा से ज्यादा लिमिट 7.5 करोड़ रुपये है। इसी तरह नॉन-बोनाफाइड कोर्ट के आदेश भी इसी नियम के तहत आते हैं। इन कानूनी नियमों का पालन करके राज्य के खजाने पर स्टैम्प ड्यूटी राजस्व बढाया जाना है। डॉ. मिश्रा ने इस बात पर बल दिया कि इंडियन स्टैम्प एक्ट के नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए और ऐसे मामलों में बिना किसी छूट के सही स्टैम्प ड्यूटी का आंकलन और रजिस्ट्रेशन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अचल संपत्ति के ट्रांसफर से जुड़े कई मामलों में न्यायालय द्वारा जारी स्टे ऑर्डर सब-रजिस्ट्रार के ऑफिस में पहंुचने पर जमाबंदी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह चूक न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन है। इसलिए, सर्कल राजस्व अधिकारी को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये है कि किसी भी न्यायालय से मिला कोई भी स्टे ऑर्डर तुरंत रेवेन्यू रिकॉर्ड में दिखाई दे। वित्तायुक्त राजस्व ने सभी उपमण्डलायुक्तों और उपायुक्तों से कहा है कि वे अपने अधीन सभी संबंधित राजस्व अधिकारियों को निर्देश दें कि वे इन आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि इन मामलों में कोई भी चूक होने पर दोषी अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाई अमल में लाई जाएगी।
हरियाणा में 12 लाख से ज्यादा लोगों का एचआईवी टेस्ट किया, पूरे राज्य में इलाज का नेटवर्क बढ़ाया गया
चंडीगढ़, 20 फरवरी, अभीतक: हरियाणा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि हरियाणा ने एचआईवीध्एड्स के खिलाफ अपनी लड़ाई को तेजी से बढ़ाते हुए चालू वित्तीय वर्ष में 12.40 लाख से अधिक लोगों का टेस्ट किया और राज्य के हर कोने में मरीजों तक पहुँचने के लिए उपचार के बुनियादी ढ़ाचें का विस्तार किया है। उन्होंने बताया कि अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 के बीच 12,40,205 लोगों की एचआईवी जांच की गई, जिनमें से 5,877 व्यक्ति एचआईवी पॉजिटिव पाए गए। राज्य में वर्तमान में 104 एकीकृत परामर्श एवं जांच केंद्र संचालित हैं, जिनमें फरीदाबाद में एक मोबाइल इकाई भी शामिल है। इन सभी केंद्रों पर निःशुल्क एवं गोपनीय सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। डॉ. मिश्रा ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक बिना किसी भेदभाव के जांच एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। इस वित्त वर्ष में राज्य ने मातृ स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। 5,65,830 गर्भवती महिलाओं की एचआईवी जांच की गई, जिनमें से 613 महिलाएं एचआईवी पॉजिटिव पाई गईं और उन्हें समय पर उपचार से जोड़ा गया, जो एचआईवी, एड्स के ऊर्ध्वाधर संचरण के उन्मूलन में मदद करता है। उपचार सुविधाओं के विस्तार के तहत राज्य में 24 एंटी-रेट्रोवायरल थेरेपी (।त्ज्) केंद्र रोहतक, गुरुग्राम, फरीदाबाद, करनाल, हिसार, अंबाला और मेवात सहित प्रमुख जिलों में संचालित हैं । इनमें से 13 नए केंद्र मेडिकल कॉलेजों में स्थापित किए गए हैं, जिससे मरीजों को उन्नत उपचार सुविधाएं अपने निकट ही उपलब्ध हो रही हैं और उन्हें लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ रही। इसके अतिरिक्त 5 फैसलिटी इंटीग्रेटेड एआरटी केंद्र तथा 4 लिंक एआरटी केंद्र भी कार्यरत हैं। वर्तमान में राज्यभर में कुल 40,851 मरीज जीवन रक्षक उपचार प्राप्त कर रहे हैं।
एचआईवी, एड्स के साथ जीवन यापन कर रहे व्यक्तियों पर आर्थिक बोझ कम करने और उपचार अनुपालन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने दिसंबर 2021 में मासिक वित्तीय सहायता योजना शुरू की थी, जिसके तहत पात्र लाभार्थियों को 2,250 रुपये प्रतिमाह प्रदान किए जाते हैं। अब तक इस योजना के अंतर्गत 54.3 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं। पंजीकृत मरीजों को निःशुल्क फॉलो-अप देखभाल तथा सार्वजनिक-निजी भागीदारी के माध्यम से अल्ट्रासाउंड, एमआरआई और सीटी स्कैन जैसी उन्नत जांच सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। एचआईवी के अतिरिक्त राज्य यौन संचारित संक्रमणों की रोकथाम पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। इसके लिए 31 नामित क्लीनिकों में निःशुल्क परामर्श, सिफिलिस जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध है। साथ ही, रेड क्रॉस सोसाइटी और गैर-सरकारी संगठनों के माध्यम से 42 लक्षित हस्तक्षेप परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं, जो उच्च जोखिम समूहोंकृजैसे महिला यौन कर्मी, पुरुष-पुरुष यौन संबंध रखने वाले व्यक्ति, अंतःशिरा नशीली दवाओं का सेवन करने वाले, ट्रक चालक एवं प्रवासी मजदूरों के साथ कार्य कर रही हैं। इन परियोजनाओं के तहत नियमित स्वास्थ्य जांच, प्रत्येक छह माह में एचआईवी जांच तथा कंडोम वितरण सुनिश्चित किया जाता है। ओपिओइड पर निर्भर व्यक्तियों के लिए राज्य में 12 ओपिओइड प्रतिस्थापन चिकित्सा केंद्र और 3 उपग्रह इकाइयां संचालित हैं। वर्तमान में 9,014 मरीज पंजीकृत हैं, जिनमें से 4,569 नियमित उपचार प्राप्त कर रहे हैं। जन जागरूकता के क्षेत्र में भी राज्य ने व्यापक अभियान चलाया है। रेडियो जिंगल, रेलवे स्टेशनों पर डिजिटल डिस्प्ले, सिनेमा विज्ञापन, एसएमएस अभियान और सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूकता संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं। स्कूलों और कॉलेजों में रेड रिबन क्लबों के माध्यम से 3,397 स्कूलों और 429 कॉलेजों में रैलियां, मैराथन और जागरूकता प्रश्नोत्तरी आयोजित कर संदेश पहुंचाया गया है। इसके अतिरिक्त परिवहन विभाग, कृषि विभाग, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, उत्तरी रेलवे तथा महिला एवं बाल विकास विभाग सहित विभिन्न सरकारी विभागों को भी इस मुहिम से जोड़ा गया है। मुख्यधारा में लाने की पहल (डंपदेजतमंउपदह प्दपजपंजपअम) के तहत अब तक 49,120 व्यक्तियों को जागरूक किया जा चुका है। डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि कार्यक्रम का व्यापक दायरा और समन्वय राज्य की इस दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि एचआईवी संक्रमण की दर को कम किया जाए, संक्रमित व्यक्तियों को सम्मानजनक और गुणवत्तापूर्ण देखभाल सुनिश्चित की जाए तथा एड्स को सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरे के रूप में समाप्त करने के राष्ट्रीय लक्ष्य की दिशा में निरंतर प्रगति की जाए।
पहली डिजिटल जनगणना के लिए हरियाणा तैयार
प्रदेश में जनगणना-2027 की बड़े पैमाने पर तैयारियां
मुख्य सचिव ने की एक दिवसीय सम्मेलन की अध्यक्षता
चंडीगढ़, 20 फरवरी, अभीतक: हरियाणा में जनगणना-2027 को लेकर बड़े पैमाने पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। जनगणना के सफल और समयबद्ध संचालन के लिए मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने आज यहां मंडलायुक्तों, उपायुक्तों, नगर निगम आयुक्तों के एक दिवसीय सम्मेलन को वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि यह जनगणना केवल एक सांख्यिकीय कवायद भर नहीं, बल्कि आने वाले दशक की नीतियों, कल्याणकारी योजनाओं और आधारभूत संरचना के विकास की नींव है। साथ ही, यह राज्य की प्रशासनिक और तकनीकी दक्षता तथा समन्वय कौशल की भी परीक्षा है। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन का उद्देश्य वरिष्ठ अधिकारियों और प्रधान जनगणना अधिकारियों को जनगणना की कार्यप्रणाली और प्रक्रियाओं तथा उनकी भूमिका एवं उत्तरदायित्वों के प्रति संवेदनशील बनाना है। मुख्य सचिव ने कहा कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े नीति निर्माण एवं विकास योजनाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों ने राज्य में कम बाल लिंगानुपात वाले जिलों की पहचान करने में मदद की और ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम के माध्यम से लक्षित हस्तक्षेप संभव हुआ। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने कहा कि जनगणना में उपायुक्तों और नगर निगम आयुक्तों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। केन्द्र सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन, प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों की नियुक्ति, प्रशिक्षण, जिले का पूर्ण कवरेज तथा निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा करना उनकी जिम्मेदारी है। मंडलायुक्त अपने अधीन जिलों की नियमित समीक्षा करें और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तायुक्त तथा अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि जनगणना से जुड़ी पूरी प्रक्रिया में त्रुटि या लापरवाही की कोई गुंजाइश न रहे। उन्होंने कहा कि इस कार्य में अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रशिक्षण और संवेदनशीलता का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि जनगणना कार्य के लिए जारी की गई धनराशि का समुचित उपयोग किया जाए। उन्होंने बताया कि देश में पहली बार पूरी तरह से डिजिटल जनगणना होगी। इसके पहले चरण में ‘मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना’ 1 मई से 30 मई, 2026 तक की जाएगी। वर्ष 1966 में राज्य गठन के बाद से, हरियाणा के लिए यह छठी जनगणना होगी। परंपरागत प्रक्रिया से हटकर इस बार नागरिकों को स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) का विकल्प भी दिया जाएगा, जिसके लिए 16 अप्रैल, 2026 से एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया जाएगा। डॉ. मिश्रा ने बताया कि नागरिक अपने विवरण पहले ही ऑनलाइन भर सकेंगे। जानकारी सबमिट करने के बाद उन्हें एसएमएस और ई-मेल के माध्यम से एक विशिष्ट सेल्फ-एन्यूमरेशन आईडी प्राप्त होगी। इसके बाद जब गणनाकर्मी मौके पर आएंगे, तो वे केवल पहले से भरी गई जानकारी का सत्यापन करेंगे, जिससे समय की बचत होगी और आंकड़ों की गुणवत्ता में सुधार होगा। हरियाणा के जनगणना संचालन निदेशक श्री ललित जैन ने बताया कि आगामी जनगणना के अंतर्गत लगभग 50,000 हाउस लिस्टिंग ब्लॉकों को 203 ग्रामीण और शहरी चार्जों में कवर किया जाएगा। इस विशाल कार्य के लिए 50,000 से अधिक गणना कर्मी और 8,000 से अधिक पर्यवेक्षक तैनात किए जाएंगे। इनके प्रशिक्षण के लिए मास्टर ट्रेनर और फील्ड ट्रेनर की चरणबद्ध प्रशिक्षण व्यवस्था अपनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि गणना कर्मियों और पर्यवेक्षकों की प्रतिबद्धता सुनिश्चित करने तथा कार्य में निरंतरता बनाए रखने के लिए सरकार ने दोनों चरणों को सफलतापूर्वक पूरा करने पर 25,000 का मानदेय देने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि गणनाकर्मी एक विशेष हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करेंगे, जिसे उनके पंजीकृत निजी मोबाइल उपकरणों पर इंस्टॉल किया जाएगा। यह एप्लिकेशन ऑफलाइन मोड में भी कार्य करेगा, ताकि दूर-दराज और नेटवर्क-विहीन क्षेत्रों में भी जनगणना का कार्य बाधित न हो। नेटवर्क उपलब्ध होते ही डाटा स्वतः सिंक्रोनाइज हो जाएगा। यह मोबाइल एप्लिकेशन एंड्रॉयड और आईओएस दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगा, जिसके लिए न्यूनतम ऑपरेटिंग सिस्टम, रैम और स्टोरेज की शर्तें निर्धारित की गई हैं। रियल-टाइम मॉनिटरिंग और तकनीक-आधारित डैशबोर्ड के माध्यम से प्रत्येक स्तर पर प्रगति की सतत निगरानी की जाएगी। इस दौरान बताया गया कि जनगणना कार्य में आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए प्रत्येक जिले में जिला जनगणना समन्वय समिति गठित की जाएगी। राजस्व, शिक्षा, पुलिस, स्वास्थ्य, पंचायती राज, सूचना प्रौद्योगिकी और जन संपर्क जैसे विभिन्न विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा। आमजन में विश्वास और सहयोग बढ़ाने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनगणना में एकत्रित व्यक्तिगत जानकारी पूर्णतः गोपनीय रहेगी और किसी अन्य उद्देश्य के लिए उपयोग नहीं की जाएगी। सम्मेलन के दौरान खास तौर से जनगणना के लिए तैयार की गई रागनी ‘जनगणना बुनियाद देश की, लोकतंत्र की है पहचान’ भी सुनाई गई।
9 से 23 फरवरी तक मनाया जा रहा है स्मार्ट मीटर पखवाड़ा
चंडीगढ़, 20 फरवरी, अभीतक: स्मार्ट मीटरिंग को बढ़ावा देने और इसके प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय द्वारा 9 फरवरी से 23 फरवरी 2026 तक सभी राज्यों में ‘स्मार्ट मीटर पखवाड़ा’ मनाया जा रहा है। इस संबंध में जानकारी देते हुए उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड (यूएचबीवीएनएल) के प्रवक्ता ने बताया कि अब तक यूएचबीवीएन के तीन शहरों करनाल, पानीपत और पंचकूला में लगभग पांच लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इन शहरों के उपभोक्ता अपने कनेक्शन को पोस्टपेड से प्रीपेड बिलिंग मोड में परिवर्तित कर बिजली शुल्क पर 5 प्रतिशत की छूट का लाभ उठा सकते हैं। स्मार्ट मीटर यूएचबीवीएन’ मोबाइल एप्लिकेशन गूगल प्ले स्टोर और एप्पल आईओएस स्टोर, दोनों पर उपलब्ध है। इस ऐप के माध्यम से उपभोक्ता अपनी दैनिक बिजली खपत पर निगरानी रख सकते हैं, प्रीपेड बिलिंग की स्थिति में क्रेडिट बैलेंस से संबंधित दैनिक अलर्ट प्राप्त कर सकते हैं तथा स्मार्ट मीटर से संबंधित शिकायतें दर्ज कर सकते हैं। वर्तमान में यूएचबीवीएन में लगभग 31,600 उपभोक्ता मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग कर रहे हैं। प्रवक्ता ने बताया कि किसी भी सहायता के लिए उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर 1912 या 1800-180-1550 पर संपर्क कर सकते हैं, । यूएचबीवीएनएल ने उपभोक्ताओं से प्रीपेड बिलिंग अपनाने और अपने बिजली उपयोग के बेहतर नियंत्रण तथा प्रभावी प्रबंधन के लिए मोबाइल एप्लिकेशन डाउनलोड करने की अपील की है।