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यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में झज्जर जिले के अभ्यर्थियों का शानदार प्रदर्शन
उपायुक्त स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने सफल अभ्यर्थियों से की मुलाकात
अभ्यर्थियों ने साझा किए अनुभव, बोले एकाग्रता से मेहनत ही सफलता की कुंजी
झज्जर जिले की 5 बेटियों सहित कुल सात अभ्यर्थियों का सिविल सेवा में हुआ चयन
युवाओं के लिए प्रेरणा बने सफल अभ्यर्थी, मेहनत से हासिल होती है बड़ी सफलता: डीसी
झज्जर, 09 मार्च, अभीतक: संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा घोषित सिविल सेवा परीक्षा-2025 के परिणाम में जिला झज्जर के अभ्यर्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिले का नाम रोशन किया है। उपायुक्त स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने सोमवार को लघु सचिवालय स्थित कार्यालय में जिले के सफल अभ्यर्थियों से मुलाकात कर उन्हें बधाई दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उपायुक्त ने कहा कि जिला झज्जर के लिए यह अत्यंत गौरव की बात है कि सामान्य पृष्ठभूमि से आने वाले युवाओं ने देश की प्रतिष्ठित अखिल भारतीय सिविल सेवा परीक्षा को उत्तीर्ण कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत, समर्पण और दृढ़ संकल्प के बल पर इन युवाओं ने यह उपलब्धि हासिल की है, जो जिले के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। डीसी ने कहा कि सिविल सेवक सरकार की नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू करते हुए समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। उन्होंने सफल अभ्यर्थियों के अभिभावकों को भी बधाई देते हुए कहा कि इस सफलता में अभिभावकों का भी महत्वपूर्ण योगदान होता है, जो पूरे तैयारी काल में अपने बच्चों का मार्गदर्शन और हौसला बढ़ाते हैं। इस अवसर पर सफल अभ्यर्थियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर एकाग्रता के साथ मेहनत करना ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने बताया कि सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है, जिसमें लाखों युवा सफलता का सपना लेकर शामिल होते हैं, लेकिन सही दिशा में निरंतर प्रयास करने से सफलता अवश्य मिलती है। सफल अभ्यर्थियों में पांच बेटियां भी शामिल हैं, जो महिला सशक्तिकरण का प्रतीक हैं और क्षेत्र की छात्राओं को सिविल सेवा में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेंगी
झज्जर जिले के सफल अभ्यर्थी
बहादुरगढ़ सेक्टर-6 निवासी तथा मूल रूप से गांव मांडौठी की राखी ने सिविल सेवा परीक्षा-2025 में 65वीं रैंक हासिल की है। गांव साल्हावास निवासी जतिन जाखड़ पुत्र दीपक जाखड़ ने परीक्षा में 191वीं रैंक हासिल की है। गांव बादली की बेटी प्रख्या गुलिया पुत्री रामबीर गुलिया ने इस परीक्षा में 265 वीं रैंक प्राप्त की है। इससे पहले उन्होंने पिछली बार 584 वीं रैंक प्राप्त की थी। गांव खेड़ी सुल्तानपुर की बेटी शीतल चैहान पुत्री प्रमोद चैहान ने सिविल सेवा परीक्षा में 405 वीं रैंक हासिल की है। गांव पहाड़ीपुर (अछेज) की बेटी डॉ. अंकिता सिवाच ने सिविल सेवा परीक्षा में 442 वीं रैंक प्राप्त की है। गांव डीघल निवासी साहिल अहलावत पुत्र संजीव अहलावत ने सिविल सेवा परीक्षा में 735 वीं रैंक प्राप्त की है। बहादुरगढ़ सहकारी समिति के सहायक रजिस्ट्रार जीत कुमार भुक्कल ने सिविल सेवा परीक्षा में 776 वीं रैंक प्राप्त की है। गांव जसौर खेड़ी निवासी मानसी पुत्री वीरेंद्र कुमार ने सिविल सेवा परीक्षा में 852 वीं रैंक हासिल की है। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त जगनिवास, एसडीएम झज्जर अंकित कुमार चैकसे, बहादुरगढ़ एसडीएम अभिनव सिवाच, एसडीएम बेरी रेणुका नांदल, एसडीएम बादली डॉ रमन गुप्ता, नगराधीश नमिता कुमारी, डीआईपीआरओ सतीश कुमार तथा सफल अभ्यर्थियों के अभिभावक उपस्थित रहे।

यूपीएससी में भी सफलता का परचम फहराने में हमारे युवा अग्रणी: धनखड़
धनखड़ ने फोन करते हुए दी जिला के सातों सफल अभ्यर्थियों को बधाई
किसानों, सैनिकों, पहलवानों की धरा से युवा प्रतियोगी परीक्षाओं में भी आगे
झज्जर, 09 मार्च, अभीतक: हरियाणा को किसानों ,सैनिकों और पहलवानों की भूमि कहा जाता रहा है। अब हमारे युवा विशेषकर ग्रामीण पृष्ट भूमि से युवा अखिल भारतीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सफलता का परचम फहरा रहे हैं। भाजपा के राष्ट्रीय सचिव औमप्रकाश धनखड़ ने जिला से उत्र्तीण हुए अभ्यर्थियों को फोन पर बधाई देने उपरांत यह बात कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर से युवक युवती काफी संख्या में यूपीएससी की परीक्षा में सफल हुए हैं, सभी बधाई के पात्र हैं। अपने झज्जर जिला की बात करें तो सात होनहार युवाओं ने यूपीएससी की परीक्षा उर्तीण की है। इनमें से पांच बेटियां हैं। बादली से प्रख्या बेटी ने अपनी रैंक में सुधार किया है। यह हौसला है हमारी बेटियों का। गांव खेड़ी सुल्तानपुर की बेटी शीतल चैहान, जैसौर खेड़ी से मानसी, मांडौठी से राखी, पहाड़ीपुर से डॉ अंकिता सिवाच की सफलता से अन्य दूसरी बेटियों को भी प्रेरणा मिलेगी। बहादुरगढ़ सेक्टर-6 निवासी तथा मूल रूप से गांव मांडौठी की राखी ने सिविल सेवा परीक्षा-2025 में 65वीं रैंक हासिल की है। गांव साल्हावास निवासी जतिन जाखड़ पुत्र दीपक जाखड़ ने परीक्षा में 191वीं रैंक हासिल की है। गांव बादली की बेटी प्रख्या गुलिया पुत्री रामबीर गुलिया ने इस परीक्षा में 265वीं रैंक प्राप्त की है। इससे पहले उन्होंने पिछली बार 584वीं रैंक प्राप्त की थी। गांव खेड़ी सुल्तानपुर की बेटी शीतल चैहान पुत्री प्रमोद चैहान ने सिविल सेवा परीक्षा में 405वीं रैंक हासिल की है। गांव पहाड़ीपुर (अछेज) की बेटी डॉ. अंकिता सिवाच ने सिविल सेवा परीक्षा में 442वीं रैंक प्राप्त की है। गांव डीघल निवासी साहिल अहलावत पुत्र संजीव अहलावत ने सिविल सेवा परीक्षा में 735वीं रैंक प्राप्त की है। गांव जसौर खेड़ी की निवासी मानसी पुत्री वीरेंद्र कुमार ने सिविल सेवा परीक्षा में 852वीं रैंक हासिल की है। वहीं एआरसीएस बहादुरगढ़ जीत कुमार भुक्कल निवासी दादरी को भी बधाई दी। राष्ट्रीय सचिव धनखड़ ने कहा कि पिछले कई वर्षों से हरियाणा के युवा यूपीएससी परीक्षा में बड़ी सख्यां में सफल हो रहे हैं। यह साबित करता है हमारे युवा मेहनती है। अपने लक्ष्य को फोकस करना जानते हैं। युवाओं को सही समय पर सही मार्गदर्शन करने की जरूरत है। उन्होंने सफल अभ्यर्थियों से भी अन्य युवाओं को पे्रेरित करने को कहा।
मातनहेल में पीपीपी मोड पर सैनिक स्कूल खोलने को रक्षा मंत्रालय की मंजूरी: राव नरबीर सिंह
ग्राम पंचायत से 60 एकड़ जमीन हस्तांतरण का प्रस्ताव पारित किया जाएगा
चंडीगढ़, 09 मार्च, अभीतक: हरियाणा के सैनिक व अर्धसैनिक कल्याण विभाग के मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि झज्जर जिले के मातनहेल गांव में पीपीपी मोड पर सैनिक स्कूल खोलने की मंजूरी रक्षा मंत्रालय द्वारा दे दी गई है। इसके लिए ग्राम पंचायत से 60 एकड़ जमीन हस्तांतरित करने का प्रस्ताव पारित किया जाना है। राव नरबीर सिंह आज यहां हरियाणा विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल में विधायक गीता भुक्कल द्वारा पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में सदन में बोल रहे थे। उन्होंने सदन को अवगत कराया कि वर्ष 1987 में तत्कालीन मुख्यमंत्री स्वर्गीय देवी लाल द्वारा मातनहेल में सैनिक स्कूल खोलने की घोषणा की गई थी। इसके बाद यह मांग वर्ष 2024 तक लंबित रही। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चैटाला ने एक बार तथा पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दो बार रक्षा मंत्री को पत्र लिखकर सैनिक स्कूल खोलने की मांग की थी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में हरियाणा में सैनिक स्कूल कुंजपुरा (करनाल) और सैनिक स्कूल रेवाड़ी संचालित हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा छोटा प्रदेश होने के बावजूद यहां के युवाओं में सेना में जाने का विशेष उत्साह और जज्बा है। इसी को ध्यान में रखते हुए अब रक्षा मंत्रालय ने मातनहेल में पीपीपी मोड पर सैनिक स्कूल खोलने की मंजूरी प्रदान की है। राव नरबीर सिंह ने कहा कि सैनिक स्कूलों में दाखिले के लिए स्थानीय गांव के लिए प्रावधान तय करना रक्षा मंत्रालय के नियमों के अनुसार होता है। उन्होंने यह भी कहा कि माननीय विधायक द्वारा ग्रुप-डी में स्थानीय लोगों को रोजगार देने का जो मुद्दा उठाया गया है, उस पर भी सरकार विचार करेगी।





संस्कारम स्कूल, खातीवास में करियर काउंसलिंग और स्ट्रीम सिलेक्शन सत्र का भव्य आयोजनय चेयरमैन डॉ. महिपाल ने छात्रों को दिखाया भविष्य का मार्ग
झज्जर, 09 मार्च, अभीतक: शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी संस्कारम ग्रुप ऑफ स्कूल्स द्वारा खातीवास कैंपस में कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों के लिए एक विशाल स्ट्रीम सिलेक्शन एवं करियर काउंसलिंग सत्र का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बोर्ड परीक्षाओं के बाद छात्रों के मन में करियर और विषयों के चुनाव को लेकर उठने वाली शंकाओं को दूर करना था। सत्र के दौरान विशेषज्ञों ने छात्रों को एक विस्तृत रोडमैप प्रदान किया, जिसमें प्प्ज्ए श्रम्म् और छम्म्ज् जैसी कठिन परीक्षाओं की तैयारी से लेकर ब्स्।ज् (कानून), ब्। (कॉमर्स), और रक्षा सेवाओं (छक्।) में करियर बनाने के सुनहरे अवसरों पर प्रकाश डाला गया। इसके साथ ही, बदलते दौर की जरूरतों को देखते हुए साइबर सिक्योरिटी, डिजिटल सेफ्टी और सरकारी सेवाओं के बारे में भी गहन चर्चा की गई। स्कूल के ऑडिटोरियम में आयोजित इस सत्र में छात्रों और उनके अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विशेषज्ञों से अपनी शंकाओं का समाधान पाया। इस आयोजन ने छात्रों को यह समझने में मदद की कि वे किस प्रकार अपनी मेहनत और सही मार्गदर्शन के समन्वय से एक प्रतिष्ठित करियर की ओर कदम बढ़ा सकते हैं। इस अवसर पर संस्कारम ग्रुप के चेयरमैन डॉ. महिपाल ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा कि ष्विद्यार्थियों को भेड़चाल का हिस्सा बनने के बजाय अपनी नैसर्गिक रुचि, योग्यता और जुनून के आधार पर ही अपने विषयों का चयन करना चाहिए, क्योंकि आज लिया गया एक सही निर्णय ही उनके आने वाले 50 वर्षों के सुखद भविष्य की मजबूत नींव रखेगा।ष् डॉ. महिपाल ने जोर देते हुए कहा कि संस्कारम संस्थान का लक्ष्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि प्रत्येक छात्र की प्रतिभा को पहचानकर उन्हें श्रम्म्ए छम्म्ज्ए छक्।ए सिविल सेवा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (।प्) जैसी आधुनिक वैश्विक चुनौतियों के लिए मानसिक रूप से तैयार करना है।


एल. ए. सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कक्षा नर्सरी और यू. के.जी. क्लास की ग्रेजुएशन सेरेमनी आयोजित की गई
झज्जर, 09 मार्च, अभीतक: एल. ए. सीनियर सेकेंडरी स्कूल झज्जर में कक्षा नर्सरी और यू. के.जी. क्लास की ग्रेजुएशन सेरेमनी आयोजित की गई। इस सेरेमनी में प्रतिभावान बच्चों को सम्मानित किया गया। स्कूल प्राचार्य निधि कादयान ने बताया कि हर वर्ष प्राइमरी विंग के मल्टी टैलेंटेड स्टूडेंट्स को ग्रेजुएशन सेरेमनी के तहत सम्मानित किया जाता है। स्कूल प्रबंधन के. एम. डागर ने बताया कि छोटी सी उम्र में बच्चों को बड़े सपने दिखाकर उनको एक टारगेट दिया जाता है जिसके तहत वह लगातार अपनी परफॉर्मेंस में सुधार कर सके। इस अवसर पर स्कूल मैनेजमेंट सदस्य जगपाल गलिया, जयदेव दहिया, अनीता गलिया, नीलम दहिया ने मिलकर बच्चों को उनकी डिग्रियां प्रदान की। इस पूरे कार्यक्रम को प्राइमरी विंग एचऑडी सपना अहलावत ने तैयार करवाया। सभी बच्चों की तैयारी रितिका आर्ट एंड क्राफ्ट टीचर ने तैयार करवाई। इस अवसर पर एचऑडी सपना अहलावत के साथ सभी प्राइमरी विंग के टीचर मोना व सविता मौजूद रहे।




पुलिस कमिश्नर कार्यालय में पदोन्नत अधिकारियों को पुलिस कमिश्नर डॉ राजश्री सिंह ने स्टार लगाकर किया सम्मानित
झज्जर, 09 मार्च, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह ने आज पुलिस कमिश्नर कार्यालय में उप निरीक्षक से निरीक्षक पद पर पदोन्नति प्राप्त करने वाले दो पुलिस अधिकारियों को स्टार लगाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने दोनों अधिकारियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और नई जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाने का आह्वान किया। पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह ने कहा कि पदोन्नति केवल पद में वृद्धि नहीं बल्कि जिम्मेदारियों में भी वृद्धि होती है। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग में लंबे समय तक ईमानदारी, मेहनत और कर्तव्यनिष्ठा से सेवा देने वाले अधिकारियों को यह सम्मान मिलना पूरे विभाग के लिए गर्व की बात है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों अधिकारी अपने अनुभव और कार्यशैली से कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।निरीक्षक पद पर पदोन्नत हुए सुरेंद्र कुमार ने अपनी सेवा 1 दिसंबर 1988 को फोर्थ बटालियन मधुबन से शुरू की थी। अपने लंबे सेवा काल के दौरान उन्होंने पानीपत, वर्ष 1993 में झज्जर, चैकी इंचार्ज डीघल तथा थाना सदर झज्जर में ैभ्व् के रूप में कार्य करते हुए कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सफलतापूर्वक निभाईं। उन्होंने हमेशा कानून व्यवस्था बनाए रखने और जनता की सेवा के प्रति समर्पित होकर कार्य किया। इसी प्रकार निरीक्षक पद पर पदोन्नत हुए नरेश कुमार ने 1 अक्टूबर 1989 को हरियाणा आर्म्ड पुलिस मधुबन से अपनी सेवा शुरू की थी। उन्होंने अपने सेवा काल के दौरान करनाल, कैथल, सोनीपत और झज्जर सहित विभिन्न स्थानों पर अपनी सेवाएं देते हुए विभागीय दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया।इस दौरान उपस्थित पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने दोनों पदोन्नत अधिकारियों को शुभकामनाएं दीं। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि विभाग को ऐसे अनुभवी और समर्पित अधिकारियों पर गर्व है और उनके अनुभव का लाभ आगे भी विभाग और समाज को मिलता रहेगा।

समाधान शिविर केवल औपचारिकता नहीं, जनसेवा का माध्यम है: एसडीएम
हर शिकायत का समयबद्ध व स्थायी समाधान सुनिश्चित करें अधिकारी’
बेरी, 09 मार्च, अभीतक: बेरी स्थित लघु सचिवालय में सोमवार को एसडीएम रेणुका नांदल की अध्यक्षता में समाधान शिविर का आयोजन किया गया। समाधान शिविर में एसडीएम ने आमजन की समस्याएं सुनते हुए समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने 19मार्च से शुरू होने वाले बेरी नवरात्र मेले को लेकर जरूरी निर्देश दिये। इस दौरान एसडीएम रेणुका नांदल ने संबंधित विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि जो शिकायतें दोबारा खुली हैं, उनके कारणों की जांच की जाए और उनका त्वरित निपटान किया जाए। उन्होंने कहा कि विभागाध्यक्ष स्वयं ऐसी शिकायतों पर संज्ञान लें और शिकायतकर्ता की संतुष्टि को ध्यान में रखते हुए समाधान करवाएं, ताकि वही शिकायत दोबारा न खुले। उन्होंने कहा कि आमजन प्रशासन पर विश्वास करके अपनी समस्याएं लेकर आते हैं, इसलिए प्राथमिकता के आधार पर लोगों की छोटी से छोटी समस्या का भी समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समाधान शिविर को केवल औपचारिकता न मानते हुए जनसेवा का माध्यम समझें और हर शिकायत का समयबद्ध व स्थायी समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए निर्धारित दिन पर समाधान शिविर में पहुंचे और अपनी शिकायत दर्ज करवाएं। इस दौरान नगरपालिका सचिव पूजा साहू,जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ राजीव कुमार यादव,पीडब्ल्यूडी जेई प्रवीण कुमार अहलावत, बिजली निगम से जेई योगेश कुमार, पटवारी पवन कुमार व मंजीत सहित अनेक अधिकारीगण उपस्थित रहे।




विधायक डाॅ. कृष्ण कुमार ने विधानसभा में बावल की अनाज मंडी और सब्जी मंडी को अपग्रेड कर प्रिंसिपल यार्ड बनाने की उठाई मांग
विधायक ने बावल शहर के लिए वर्ष 2013 से लंबित डेवलपमेंट प्लान को जल्द लागू करने पर दिया जोर
बावल, 09 मार्च, अभीतक: हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बावल के विधायक डा. कृष्ण कुमार ने बावल विधानसभा क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे सदन में उठाए। उन्होंने बावल की अनाज मंडी और सब्जी मंडी को सब-यार्ड से अपग्रेड कर प्रिंसिपल यार्ड बनाने की मांग की, ताकि किसानों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। विधायक डा. कृष्ण कुमार ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए कैशलेस मेडिकल पॉलिसी लागू करने की मांग भी की। इसके साथ ही बावल शहर के लिए वर्ष 2013 से लंबित डेवलपमेंट प्लान को जल्द लागू करने पर जोर दिया। इसके अलावा नगर पालिका की सीमा बढ़ाने और आसपास के गांवों के विकास के लिए विशेष योजनाएं लागू करने का प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली हरियाणा सरकार में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह और स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के प्रयासों से बावल विधानसभा क्षेत्र का चहुंमुखी विकास करवाया जा रहा है। विधायक ने क्षेत्र के युवाओं के लिए आईटीआई, पॉलिटेक्निक और कौशल विकास विद्यालय खोलने की मांग की। साथ ही बलवाड़ी स्कूल के लिए राशि स्वीकृत करने और तिहाड़ा में बने नए महाविद्यालय में सभी आवश्यक सुविधाओं के साथ कक्षाएं व सत्र जल्द शुरू करने की बात कही। उन्होंने गांव खोल में नया महाविद्यालय खोलने और जलियावास गांव के प्राथमिक विद्यालय को मिडिल स्कूल में अपग्रेड करने की भी मांग उठाई।इसके अलावा बवाल में 150 बिस्तरों के अस्पताल को कंप्लीट चालू करवाना और खोल ब्लॉक को उपमंडल का दर्जा देना भी प्रमुखता से रखा। इसके अतिरिक्त एचएसआईआईडीसी क्षेत्र में जिमखाना, ऑडिटोरियम और कम्युनिटी हॉल का निर्माण तथा सभी सड़कों के निर्माण की मांग की गई। उन्होंने बनीपुर चैक और बावल बाईपास के जल्द निर्माण तथा ढाणी शोभा से अहरोद और अहरोद से ऊंचा तक सड़क बनाने का मुद्दा भी सदन में रखा। विधायक ने माजरा में बन रहे एम्स से बावल तक सीधी कनेक्टिविटी की मांग की। साथ ही बावल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को अपग्रेड कर उपमंडल स्तर का अस्पताल बनाने और एम्स की ओपीडी जल्द शुरू करने पर जोर दिया।

राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 14 मार्च को: जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजकुमार यादव
लोक अदालत के लिए पांच बैंचों गठन किया
झज्जर, 09 मार्च, अभीतक: जिला झज्जर एवं बहादुरगढ़ परिसर में 14 मार्च 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसमें दोनों पक्षों की सहमति से मामलों का निपटारा करवाया जाएगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर के चेयरमैन जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजकुमार यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य लंबित मामलों का आपसी समझौते के माध्यम से त्वरित निपटारा करवाना है लोक अदालत में ट्रैफिक चालान बैंक रिकवरी मोटर वाहन दुर्घटना अधिनियम पारिवारिक विवाद दीवानी एवं फौजदारी मामले श्रम विभाग भूमि अधिग्रहण बिजली पानी के बिलों तथा राजस्व आदि का निपटारा किया जाएगा। राजकुमार यादव ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए पांच बैंचों का गठन किया है जिसमें प्रिंसिपल जज फैमिली कोर्ट श्री प्रवीण कुमार लाल, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुखप्रीत सिंह, सिविल जज सिनियर डिवीजन मीनू, सिविल अतिरिक्त जज जूनियर डिवीजन विनीत कुमार, अतिरिक्त सिविल जज जूनियर डिवीजन सुमन की कोर्ट मामलों की सुनवाई करेगी। राजकुमार यादव ने आमजन से अपील की हैं कि शनिवार 14 मार्च को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर का लाभ उठाएं।

लीगल सर्विस कैंप का आयोजन 11 मार्च को गांव तुम्बाहेडी में: सीजेएम विशाल
झज्जर, 09 मार्च, अभीतक: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर के चेयरमैन जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजकुमार यादव के कुशल मार्गदर्शन में सचिव एवं सीजेएम विशाल के आदेश अनुसार गांव तुम्बाहेडी में 11 मार्च को लीगल सर्विस कैंप का आयोजन किया जाएगा। सीजेएम विशाल ने बताया कि इस कैंप में का मुख्य उद्देश्य है कि लोगों को कानूनी जानकारी घर घर तक पहुंचाना। और सरकारी योजनाओं का लाभ एक छत के नीचे मिले। इस कैंप में आधार कार्ड, परिवार पहचान पत्र, बिजली, पानी, राजस्व विभाग, पुलिस विभाग, शिक्षा विभाग, समाज कल्याण विभाग, राशन कार्ड, वन स्टॉप सेंटर आदि विभाग शामिल होगे। लोगों की समस्याओं को सुना जाएगा और मौके पर समाधान किया जाएगा। सीजेएम विशाल ने लोगों से अपील की हैं लीगल सर्विस कैंप का ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाएं।





डाइट मछरौली में एफएलएस 2026 के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित’
झज्जर, 09 मार्च, अभीतक: जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान माछरौली में फाउंडेशनल लर्निंग स्टडी 2026 के लिए एक दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डाइट के प्राचार्य अनिल श्योराण ने की। इस अवसर पर 21 फील्ड इन्वेस्टिगेटर के रूप एबीआरसी और बीआरपी ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य के अध्यक्षीय उद्बोधन से हुआ। उन्होंने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस सर्वेक्षण को पूर्ण निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ संपन्न किया जाए, ताकि सटीक आंकड़े एकत्रित हो सकें। इन आंकड़ों के आधार पर भविष्य में प्रभावी रणनीतियां तैयार की जा सकेंगी। उन्होंने सर्वेक्षण की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि एफएलएन के लक्ष्यों को प्राप्त करने में यह अध्ययन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम में जिला निपुण समन्वयक डॉ. सुदर्शन पुनिया एवं भूपेन्द्र रोज ने संसाधन व्यक्तियों के रूप में प्रशिक्षण प्रदान किया। भूपेंद्र रोज ने सर्वेक्षण के लिए सेक्शन एवं छात्रों का चयन कैसे करें, विद्यार्थी प्रश्नावली, शिक्षक प्रश्नावली एवं स्कूल प्रश्नावली को कैसे अपडेट करें, इसकी विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने डिजिटल टूल्स के उपयोग पर विशेष बल दिया। वहीं, डॉ. सुदर्शन पुनिया ने साक्षरता एवं अंकगणित आधारित दक्षताओं का आकलन कैसे किया जाए, इस पर गहन प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष सर्वेक्षण प्रौद्योगिकी के माध्यम से संचालित होगा। फील्ड इन्वेस्टिगेटर टैबलेट्स का उपयोग करके आंकड़े एकत्र करेंगे, जिससे डेटा संग्रहण की प्रक्रिया तेज एवं त्रुटिरहित होगी। डॉ. पुनिया ने स्पष्ट किया कि यह सर्वेक्षण कक्षा चयनित स्कूलों के कक्षा तीसरी के छात्रों पर केंद्रित होगा। सर्वेक्षण की संभावित अवधि मार्च के अंतिम सप्ताह से अप्रैल के प्रथम सप्ताह तक निर्धारित की गई है। इस ओरिएंटेशन से फील्ड इन्वेस्टिगेटर को सर्वेक्षण की तकनीकी बारीकियों से परिचित कराया गया, जिससे निपुण हरियाणा मिशन के तहत आधारभूत शिक्षा के स्तर का सही मूल्यांकन संभव हो सकेगा। इस अवसर पर संपर्क फाउंडेशन से अमित कुमार डाइट से मनोज मलिक और राजीव देसवाल आदि भी उपस्थित रहें। यह पहल हरियाणा शिक्षा विभाग की ओर से बच्चों की आधारभूत सीखने की क्षमताओं को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

सांपला में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में घायल हुए आरोपी दीपक गिरफ्तार
रोहतक, 09 मार्च, अभीतक: रोहतक पुलिस की गत दिनों सांपला में मुठभेड़ हुई थी। वारदात में घायल हुए आरोपी दीपक को आज इलाज के बाद पीजीआईएमएस से छुट्टी मिलने पर गिरफ्तार किया गया है। आरोपी को कल पेश अदालत किया जाएगा। प्रभारी थाना सांपला उप.नि पकंज ने बताया कि दिनांक 05.03.2026 को शाम के समय सीआईए-2 स्टाफ टीम को सूचना मिली की थी की सत्यवान हत्याकांड मे शामिल रहा आरोपी गांधरा से अटायल रोड पर घूम रहा है। प्रभारी सीआईए-2 स्टाफ उप.नि. सतीश कादयान ने सूचना पर तुंरत कार्यवाही करते हुये सीआईए-2 स्टाफ की टीम का गठन कर मौके का रवाना किया गया। सीआईए-2 स्टाफ की टीम ने गांधरा से अटायल रोड पर मोटरसाइकिल सवार संदिग्ध युवक को रोकने की कोशिश की। युवक ने पुलिस पर जान से मारने की नीयत से सीधे फायर किये। पुलिस टीम ने युवक को सरेंडर करने की चेतावनी देते हुये हवाई फायर किया। उसके बाद भी युवक ने पुलिस टीम पर फॉयर किये। सीआईए-2 स्टाफ की टीम ने सूझबूझ व बहादुरी का परिचय देते हुए अपना बचाव किया तथा आत्मरक्षा में युवक पर फायर किया। जो इसी दौरान युवक को दोनो पैरो पर गोली लग गई। सीआईए-2 स्टाफ द्वारा युवक को काबू किया जिसकी पहचान दीपक पुत्र धर्मबीर निवासी लाठ के रूप मे हुई है। युवक के पास से एक देसी पिस्तौल व एक मोटरसाइकिल बरामद हुई है। युवक को तुरंत उपचार के लिए पीजीआईएमएस रोहतक में दाखिल कराया गया है। आज दिनांक 08.03.2026 को आरोपी दीपक को इलाज के उपरांत गिरफ्तार किया गया है। आरोपी को कल पेश अदालत किया जाएगा।
आरोपी का आपराधिक रिकार्ड
आरोपी दीपक पर 4 आपराधिक मामले दर्ज है। आरोपी के खिलाफ हत्या, अवैध हथियार, मारपीट आदि धाराओं के तहत मामले दर्ज है।
गिरफ्तार आरोपी
दीपक पुत्र धर्मबीर निवासी गॉव लाठ, जिला सोनीपत।







स्टीम मेला राजकीय विद्यालयों में उभरती प्रतिभा का जीवंत प्रमाण: मनोज वशिष्ठ’
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रेवाड़ी में स्टीम मेला का भव्य आयोजन : नन्हे वैज्ञानिकों ने दिखाया नवाचार का हुनर
रेवाड़ी, 09 मार्च, अभीतक: राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, रेवाड़ी के प्रांगण में आज मिडिल विंग द्वारा स्टीम मेला का एक अद्भुत और अविस्मरणीय आयोजन किया गया। विद्यालय के प्राचार्य विनोद कुमार यादव की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपनी सृजनात्मकता, तार्किक क्षमता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का अद्वितीय परिचय दिया।
अतिथियों का सारगर्भित उद्बोधन
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, खंड शिक्षा अधिकारी रेवाड़ी राजेश वर्मा ने छात्रों द्वारा निर्मित मॉडल्स का गहनता से अवलोकन किया। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा आज का युग पूर्णतः नवाचार का है। इस प्रकार के श्स्टीम मेलेश् छात्रों में रटने की संकुचित प्रवृत्ति को समाप्त कर उनमें श्खोजी जिज्ञासाश् उत्पन्न करते हैं। हमारे राजकीय विद्यालयों के बच्चों में जो अतुलनीय प्रतिभा है, उसे निखारने के लिए ऐसे मंच एक मील का पत्थर साबित होते हैं। विशिष्ट अतिथि एबीआरसी मधु यादव एवं जितेंद्र यादव ने भी विद्यार्थियों के प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की और इसे आधुनिक शिक्षा पद्धति की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताया।
प्राचार्य का प्रेरणादायी वक्तव्य
अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य विनोद कुमार यादव ने विद्यार्थियों के प्रदर्शन पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा किसी भी शिक्षण संस्थान की वास्तविक सफलता उसकी चारदीवारी में नहीं, बल्कि उसके विद्यार्थियों की स्वतंत्र और मौलिक सोच में निहित होती है। यह स्टीम मेला इस बात का जीवंत प्रमाण है कि यदि छात्रों को उचित अवसर और प्रयोगात्मक परिवेश मिले, तो वे कठिन विषयों को भी सहजता से आत्मसात कर सकते हैं। हमारा लक्ष्य वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों का ऐसा संगम बनाना है, जिससे विद्यार्थी भविष्य की चुनौतियों के लिए सक्षम बन सकें।
शिक्षाविद मनोज कुमार वशिष्ठ के अद्वितीय विचार
प्रख्यात शिक्षाविद एवं साहित्यकार मनोज कुमार वशिष्ठ ने मेले के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए इसे एक अनूठा प्रयोग बताया। उन्होंने अपनी अतुलनीय व्याख्या में कहा यह स्टीम मेला केवल एक प्रदर्शनी मात्र नहीं, बल्कि हमारे राजकीय विद्यालयों के बदलते स्वरूप और उभरती प्रतिभा का जीवंत प्रमाण है। शिक्षा का वास्तविक मर्म केवल उपाधियाँ प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थी के भीतर तार्किक चिंतन (स्वहपबंस ज्ीपदापदह) और समस्या समाधान (च्तवइसमउ ैवसअपदह) के कौशल को पल्लवित करना है। उन्होंने आगे कहा कि जब छात्र अपने हाथों से मॉडल का निर्माण करता है, तो वह किताबी ज्ञान को क्रियात्मक रूप में जीता है। लर्निंग बाय डूइंग की यह संस्कृति ही आने वाले समय में देश को नवाचारी वैज्ञानिक और सजग नागरिक प्रदान करेगी।
बहु-विषयक प्रदर्शनी: ज्ञान और कला का संगम
शिक्षाविद मनोज कुमार वशिष्ठ ने बताया कि मेले में कक्षा छठी, सातवीं और आठवीं के 35 प्रतिभावान छात्रों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। यहाँ केवल विज्ञान ही नहीं, बल्कि ैज्म्।ड की मूल भावना के अनुरूप सामाजिक विज्ञान, अंग्रेजी, गणित और हिंदी जैसे विषयों पर भी अद्भुत प्रोजेक्ट्स प्रस्तुत किए गए। इन नन्हे वैज्ञानिकों की अतुलनीय प्रस्तुतियों ने उपस्थित सभी पर्यवेक्षकों और अतिथियों का मन मोह लिया।
मार्गदर्शक शिक्षकों का अनुकरणीय समर्पण
इस सफल आयोजन के पीछे विद्यालय के शिक्षकों का विशेष श्रम और मार्गदर्शन रहा। प्राचार्य विनोद यादव ने मिडिल विंग के समर्पित शिक्षक साथियोंकृ सरोज धनखड़, रंजू बाला, मनोज वशिष्ठ, सरोज बाला, राजेश यादव, रीना यादव एवं ओम बाला को विशेष रूप से साधुवाद दिया। इन शिक्षकों ने अत्यंत अल्प समय में छात्रों को तैयार कर इस मेले में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की।

एसडीएम अभिनव सिवाच ने 38 लाख 16 हजार 099 रुपये की स्टाम्प ड्यूटी जमा कराने के दिए निर्देश
रजिस्ट्री करवाते समय स्टांप ड्यूटी राशि की जांच करवाएं क्रेता
बहादुरगढ़, 09 मार्च, अभीतक: उपमंडल अधिकारी (नागरिक) बहादुरगढ़ अभिनव सिवाच द्वारा स्टाम्प ड्यूटी से संबंधित एक महत्वपूर्ण आदेश पारित किया गया है। जारी आदेशों के अनुसार सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में पंजीकृत कुछ वसीकाओं (दस्तावेजों) के मूल्यांकन की जांच के दौरान पाया गया कि निर्धारित मानकों के अनुसार स्टाम्प ड्यूटी पूर्ण रूप से जमा नहीं करवाई गई थी। मामले पर संज्ञान लेते हुए एसडीएम अभिनव सिवाच ने संबंधित दस्तावेजों का नियमानुसार पुनः मूल्यांकन करवाया, जिसमें स्टाम्प शुल्क की कमी पाई गई। एसडीएम ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए संबंधित पक्षों द्वारा कम जमा की गई स्टाम्प ड्यूटी की राशि भरने के निर्देश जारी किए हैं। आदेशों के अनुसार कुल 38 लाख 16 हजार 99 रुपये की स्टाम्प ड्यूटी जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित पक्षों को निर्धारित समयावधि के भीतर यह राशि सरकारी खजाने में जमा कराने के लिए कहा गया है। एसडीएम अभिनव सिवाच ने स्पष्ट किया कि राजस्व से संबंधित मामलों में किसी भी प्रकार की अनियमितता को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने कहा रजिस्ट्री करवाते समय पूरी स्टांप ड्यूटी भरें। यह राशि विकास कार्यों पर खर्च होती है। भविष्य में भी इस प्रकार के मामलों की नियमित रूप से जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाती रहेगी। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय सीमा में कम पाई गई स्टांप ड्यूटी की राशि न भरने पर लैंड रेवेन्यू हो जाएगी।



अधिकारी समाधान शिविर की हर शिकायत का समयबद्ध व संतोषजनक निपटारा सुनिश्चित करें : डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल
एक छत के नीचे सभी विभागों की शिकायतों के त्वरित समाधान के उद्देश्य से लगाए जा रहे समाधान शिविर
झज्जर, 09 मार्च, अभीतक: उपायुक्त स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि समाधान शिविर में प्राप्त प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, पारदर्शी एवं संतोषजनक निपटारा सुनिश्चित किया जाए, ताकि नागरिकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का एक ही स्थान पर त्वरित समाधान करना है, जिससे सुशासन की अवधारणा को और अधिक मजबूती मिले। स्थानीय लघु सचिवालय स्थित सभागार में आयोजित जिला स्तरीय समाधान शिविर में उपायुक्त नागरिकों की समस्याओं की सुनवाई कर रहे थे। शिविर के दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित 9 शिकायतें दर्ज की गईं। उपायुक्त ने सभी शिकायतों का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई कर शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए। उपायुक्त पाटिल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा प्रत्येक सोमवार और वीरवार प्रातः 10 से 12 बजे तक जिला मुख्यालय के साथ-साथ बहादुरगढ़, बेरी और बादली उपमंडल मुख्यालयों पर समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से प्रशासन आमजन की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि शिकायतों का निपटारा करते समय संबंधित नागरिक से संवाद अवश्य स्थापित करें तथा उन्हें विभाग द्वारा की जा रही कार्रवाई से अवगत कराएं। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि शिकायतों का स्थायी समाधान भी सुनिश्चित होगा और नागरिकों का प्रशासन पर विश्वास मजबूत होगा। इस अवसर पर डीएफओ साहित्ती रेड्डी, एडीसी जगनिवास, सीटीएम नमिता कुमारी, डीआरओ मनबीर सिंह, डीडीपीओ निशा तंवर, एसीपी दिनेश कुमार, एक्सईन लोक निर्माण विभाग सुमित कुमार, डीआईओ अमित बंसल, जिला कष्ट निवारण समिति के सदस्य गौरव सैनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
झज्जर स्थित लघु सचिवालय सभागार में आयोजित जिला स्तरीय समाधान शिविर के दौरान आमजन की समस्याएं सुनते उपायुक्त स्वप्निल रविंद्र पाटिल।



झज्जर में बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों की सुनवाई के लिए बिजली अदालत आज
झज्जर, 09 मार्च, अभीतक: उपभोक्ताओं की बिजली संबंधी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) द्वारा अधीक्षण अभियंता कार्यालय में 10 मार्च मंगलवार को उपभोक्ता कष्ट निवारण फोरम की बैठक एवं बिजली अदालत का आयोजन किया जाएगा। उपभोक्ता कष्ट निवारण फोरम की बैठक का आयोजन सुबह 11 बजे से दोपहर दो बजे तक किया जाएगा। यह अदालत फोरम के चेयरमैन एवं बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता ऑपरेशन सर्कल झज्जर की अध्यक्षता में होगी। प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि बिजली उपभोक्ताओं की (बिजली चोरी संबंधी शिकायतों को छोडकर) अन्य शिकायतों को झज्जर कार्यालय में सुना जाएगा। इस दौरान बिजली बिल, कनेक्शन और अन्य तकनीकी समस्याओं से जुड़े परिवादों की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने बताया कि बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं का निवारण किया जाएगा। यदि कोई उपभोक्ता कार्यकारी अभियंता या एसडीओ की कार्यवाही से संतुष्ट नहीं है, तो वह चेयरमैन और अधीक्षण अभियंता के समक्ष अपनी बात रख सकता है।

झज्जर जिला में मछली पालन की अपार संभावनाएं: डीसी
डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने अधिकारियों की बैठक में प्रोसेसिंग यूनिट लगाने के साथ साथ मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के दिए निर्देश
झज्जर, 09 मार्च, अभीतक: डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने जिला में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रोसेसिंग यूनिट लगाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में ऐसी भूमि, जहां जलभराव की स्थिति बनी रहती है, वहां मत्स्य पालन की अपार संभावनाएं हैं और इससे किसानों की आय में वृद्धि की जा सकती है। इस बीच जिला मत्स्य अधिकारी अमित सिंह ने डीसी को विभागीय योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिला में 1255 हेक्टेयर क्षेत्र में मत्स्य पालन हो रहा है। जिला में कुल 566 तालाब हैं और गत माह के दौरान 13 हजार 913 मीट्रिक टन मत्स्य उत्पादन दर्ज किया गया है। उन्होंने जिले में मत्स्य पालन की वर्तमान स्थिति, संभावित क्षेत्रों और संचालित योजनाओं की प्रगति से उपायुक्त को अवगत कराया। डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने मत्स्य विभाग से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा करते हुए मत्स्य पालन को बढ़ावा देने की दिशा में सजगता से कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ मछली पालन के लिए प्रोत्साहित किया जाए, ताकि वे अतिरिक्त आय अर्जित कर सकें। इसके लिए मत्स्य विभाग किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराए। उन्होंने निर्देश दिए कि विभागीय योजनाओं की जानकारी किसानों तक पहुंचाने के लिए गांव-स्तर पर जागरूकता कैंप लगाए जाएं। इन कैंपों के माध्यम से मछली पालन से जुड़ी सब्सिडी, बीज, चारा, तालाब निर्माण, आधुनिक तकनीक और मार्केटिंग से संबंधित जानकारी दी जाए, ताकि अधिक से अधिक किसान इस व्यवसाय से जुड़ सकें। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों से प्रस्ताव पास कराते हुए जलभराव भूमि पर मत्स्य पालन को बढ़ावा दिया जाए। उपायुक्त ने कहा कि मत्स्य पालन रोजगार सृजन का एक सशक्त माध्यम है और इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और लाभार्थियों के चयन में पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश भी दिए। डीसी ने कहा कि भविष्य में भी इस दिशा में नियमित समीक्षा कर प्रगति सुनिश्चित की जाएगी। इस अवसर पर सीटीएम नमिता कुमारी, डीआरओ मनवीर सांगवान, सीएमजीजीए खुशी कौशल, डीडीपीओ निशा तंवर, मत्स्य अधिकारी मंजू बाला व अंजू रानी सभी बीडीपीओ सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।





अन्न भंडारण से जुड़ी योजना के कार्य को गति प्रदान करें संबंधित विभाग: डीसी
गोदामों के निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पुरा कर इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारें
झज्जर, 09 मार्च, अभीतक: उपायुक्त स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने सोमवार को लघु सचिवालय स्थित सभागार में भारत सरकार द्वारा प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (पैक्स)की भागीदारी के साथ अन्न भंडारण की महत्वाकांक्षी योजना की प्रगति की समीक्षा की। दुनिया की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना के तहत जिला में गोदामों का निर्माण होना है। जिसमें झज्जर जिला अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने अधिकारियों को इस परियोजना को गंभीरता और समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अन्न भंडारण की सुविधा स्थानीय किसानों के लिए लाभदायक साबित होगी। डीसी ने इस कार्य की नियमित मॉनिटरिंग और गति प्रदान करने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने यह निर्देश सोमवार को लघु सचिवालय में प्राथमिक कृषि समितियों की बैठक में अन्न भंडारण योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए दिए। बैठक में सहायक रजिस्ट्रार सहकारी समितियां झज्जर (मीटिंग संयोजक), महाप्रबंधक सहकारी बैंक झज्जर सहित खाद्य आपूर्ति विभाग, केंद्रीय भंडारण निगम, राज्य भंडारण निगम, नाबार्ड तथा भारतीय खाद्य निगम के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में योजना के तहत जिले में प्रस्तावित गोदामों के निर्माण को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। उपायुक्त एवं समिति अध्यक्ष ने सभी संबंधित अधिकारियों से फीडबैक लेते हुए कार्य की प्रगति सुनिश्चित करते हुए जल्द से जल्द डीपीआर तैयार करेने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा कि लक्ष्य यह है कि कम समय में गोदामों का निर्माण कार्य पूरा कराकर इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारा जाए, ताकि भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की पहल सहकारी से समृद्धि को आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर अधिकारियों ने जिले में भंडारण क्षमता बढ़ाने, किसानों को बेहतर सुविधाएं देने और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने को लेकर अपने-अपने सुझाव भी रखे।


डीएलएसए द्वारा पोश एक्ट पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित
रेवाड़ी, 09 मार्च, अभीतक: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण पंचकूला के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी द्वारा जिला न्यायालय परिसर रेवाड़ी में कार्यस्थल पर महिलाओं के प्रति लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 (पोश एक्ट) विषय पर एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कम सचिव एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी अमित वर्मा ने की। कार्यशाला का उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक एवं संवेदनशील वातावरण सुनिश्चित करने के प्रति कर्मचारियों को जागरूक करना था। इस दौरान सीजेएम अमित वर्मा तथा चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसल सिस्टम रेवाड़ी हरिश शर्मा ने उपस्थित कर्मचारियों को पोश एक्ट के विभिन्न प्रावधानों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की। उन्होंने कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न की रोकथाम, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया तथा आंतरिक शिकायत समिति की भूमिका के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। इस अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि किसी भी संस्थान में महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा सर्वोपरि है तथा पोश एक्ट का उद्देश्य कार्यस्थल को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाना है। इस अवसर पर एलएडीसीएस स्टाफ तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रेवाड़ी के कर्मचारी उपस्थित रहे और उन्होंने कार्यशाला के माध्यम से विषय से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।




सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए पीएमएफएमई योजना काफी कारगार: डीसी
योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को 35 प्रतिशत तक दिया जा रहा अनुदान
रेवाड़ी, 09 मार्च, अभीतक: केंद्र सरकार द्वारा सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों के विकास एवं सुदृढ़ीकरण के उद्देश्य से प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के अंतर्गत विशेष पहल की गई है। इस योजना के तहत इच्छुक लाभार्थी अपने नए अथवा मौजूदा सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम की स्थापना, विस्तार एवं उन्नयन के लिए आवेदन कर सकते हैं। सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देने में पीएमएफएमई योजना काफी कारगर साबित हो रही है। डीसी अभिषेक मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि पीएमएफएमई योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को ऋण पूंजी पर 35 प्रतिशत तक कैपिटल सब्सिडी प्रदान की जाती है, जिसकी अधिकतम सीमा 10 लाख रुपये निर्धारित है। योजना का लाभ नए व मौजूदा निजी तथा समूह आधारित सूक्ष्म उद्यमों को दिया जा रहा है। योजना के लिए 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी भारतीय नागरिक पात्र हैं। व्यक्तिगत उद्यमी, गैर-सरकारी संगठन, सरकारी समितियां, प्रोपराइटरशिप फर्म, साझेदारी फर्म, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी), किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) तथा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के रूप में भी आवेदन किया जा सकता है। अन्य सरकारी योजनाओं के लाभार्थी भी इस योजना का लाभ लेने के लिए पात्र हैं। डीसी ने जिला के इच्छुक उद्यमियों से आह्वान किया कि वे पीएमएफएमई योजना का अधिकतम लाभ उठाकर स्वरोजगार को बढ़ावा दें तथा स्थानीय स्तर पर खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को सशक्त बनाएं।
योजना की यह है पात्रता
डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि पीएमएफएमआई योजना का लाभ 18 वर्ष से ऊपर की आयु का भारतीय नागरिक होना चाहिए। इसके अलावा व्यक्तिगत, गैर सरकारी संगठन, सरकारी समिति, प्रोपराइटरशिप फर्म, साझेदारी फर्म, एस.एच.जी.ध्एफ.पी.ओ. तथा एकल इकाई के तौर पर व्यक्तिगत, एस.एच.जी.ध्एफ.पी.ओ.ध्प्राइवेट लिमिटेड कंपनी आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि अन्य योजनाओं के लाभार्थी भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं।

आईटीआई रेवाड़ी में आम जनता के लिए खुली लाइब्रेरी व तकनीकी वर्कशॉप
सुविधा का लाभ लेने के लिए पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य
रेवाड़ी, 09 मार्च, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण निदेशालय हरियाणा के माध्यम से आम नागरिकों के लिए ऑनलाइन पोर्टल खोला गया है, जिससे आमजन सरकारी आईटीआई की लाइब्रेरी और वर्कशॉप की सुविधा का लाभ उठा सकते है। इसी कड़ी में पहल करते हुए आईटीआई रेवाड़ी मेें लाइब्रेरी और विभिन्न तकनीकी वर्कशॉप को आम जनता के लिए खोल दी गई है। डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्थानीय नागरिकों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को शांत व संसाधन-संपन्न वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार लगातार जनता के हित में काम कर रही है। ऑनलाइन पंजीकरण करवाकर आम नागरिक आईटीआई की वर्कशॉप और उसमें जितने भी इक्विपमेंट और टूल है उनका इस्तेमाल कर सकेंगे, इसके साथ-साथ लाइब्रेरी का भी इस्तेमाल कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य लाइब्रेरी और वर्कशॉप सुविधा के माध्यम से उन लोगों की मदद करना है, जो संसाधनों के अभाव में अपने कौशल को आगे नहीं बढ़ा पा रहे हैं। आईटीआई रेवाड़ी के लाइब्रेरियन इंस्ट्रक्टर राकेश यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि कोई भी नागरिक और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवा आईटीआई रेवाड़ी में अपना पंजीकरण करवाकर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक लाइब्रेरी का उपयोग कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए संस्थान में कंप्यूटर साक्षरता, इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल, वेल्डिंग और मोटर मैकेनिक व्हीकल जैसी विभिन्न वर्कशॉप भी आम जनता के लिए खोली गई हैं, इन वर्कशॉप का उपयोग करने के लिए समय और स्लॉट पहले से निर्धारित करने होंगे, जिनकी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी। उन्होंने बताया कि कोई भी नागरिक ऑनलाइन पोर्टल ीजजचेरूध्ध्पजपींतलंदंण्हवअण्पदध् के माध्यम से इस सुविधा का लाभ उठा सकता है। उन्होंने बताया कि लाइब्रेरी की फीस मात्र 100 रुपए प्रति माह निर्धारित की गई है। वहीं यदि कोई व्यक्ति वर्कशॉप का उपयोग करना चाहता है तो वह 300 रुपए प्रति घंटा की दर से इक्विपमेंट और टूल की सुविधाओं का लाभ ले सकता है। उन्होंने बताया कि उक्त सुविधा का लाभ उठाने के लिए आवश्यक दस्तावेज के रूप में आधार कार्ड अनिवार्य है। अधिक जानकारी के लिए इच्छुक व्यक्ति राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान रेवाड़ी में संपर्क कर सकते हैं।

समाधान शिविर जन समस्याओं के निवारण का बन रहे सशक्त माध्यम: एडीसी
एडीसी राहुल मोदी ने समाधान शिविर में सुनी आमजन की समस्याएं
रेवाड़ी, 09 मार्च, अभीतक: एडीसी राहुल मोदी ने कहा कि डीसी अभिषेक मीणा के मार्गदर्शन में प्रत्येक सोमवार व गुरुवार को आयोजित किए जा रहे समाधान शिविर जन समस्याओं के निवारण का सशक्त माध्यम बन रहे है। एडीसी राहुल मोदी सोमवार को लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित समाधान शिविर में लोगों की शिकायतें सुनने उपरांत संबोधित कर रहे थे। एडीसी ने लोगों की शिकायतें सुनते हुए मौके पर ही निवारण करवाया और लंबित शिकायतों के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों प्राथमिकता से निवारण करवाने के निर्देश दिए। समाधान शिविर में गांव औलांत में अवैध कब्जे की शिकायत पर एडीसी ने पंचायत विभाग के अधिकारियों को जांच करते हुए कार्यवाही करने के निर्देश दिए। गांव दौलतपुर में सडकों पर घुम रहे पशुओं की शिकायत पर एडीसी ने नगर परिषद के अधिकारियों को निर्देश दिए कि उचित कार्यवाही करते हुए इन पशुओं को गौशाला व नंदीशाला में भिजवाना सुनिश्चित करें। इसके अलावा समाधान शिविर में प्रॉपर्टी आईडी, परिवार पहचान पत्र, पेंशन और पुलिस संबंधित आई शिकायतों का भी प्राथमिकता से निवारण करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। एडीसी ने बताया कि हरियाणा सरकार के निर्देशानुसार जिला व उपमंडल स्तर पर प्रत्येक सोमवार और वीरवार को सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक समाधान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से आह्वान करते हुए कहा कि समाधान शिविर का लाभ उठाते हुए अपनी शिकायतों का समाधान करवाएं। इस अवसर पर सीटीएम जितेंद्र कुमार व डीएसपी पवन कुमार सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
हरियाणा में भूकंप के झटके :रेवाड़ी रहा केंद्र, गुरुग्राम में लोगों ने घरों में पंखे हिलते देखेय 5 किलोमीटर जमीन के नीचे हुई हलचल
लाखों लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं के तहत बटन दबाकर एक क्लिक से करीब 1884 करोड़ रुपए की राशि डीबीटी के माध्यम से भेजी चंडीगढ़, 09 मार्च, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के लाखों लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं के तहत बटन दबाकर एक क्लिक से करीब 1884 करोड़ रुपए की राशि डीबीटी के माध्यम से भेजी। मुख्यमंत्री ने सोमवार को प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हरियाणा की डबल इंजन सरकार प्रदेश के किसान, महिला, युवा एवं गरीब समेत हर वर्ग को सशक्त करने के लिए कदम उठा रही है। इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा भी उपस्थित थे। श्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि बीते कल अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सिरसा में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में महिलाओं से संबंधित विभिन्न योजनाओं के 1357 करोड़ रुपए की राशि डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खाते में स्थानांतरित की थी, आज 1884 करोड़ रुपए की राशि भेजी गई है। उन्होंने बताया कि आज सेवा विभाग की सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत 842 करोड़ 92 लाख रुपये की राशि सीधे 26 लाख 12 हजार लाभार्थियों के खातों में डाली गई है। इनमें वृद्धावस्था सम्मान भत्ता और दिव्यांगजन भत्ता और अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ-2025 फसलों के लिए किसानों को बीमा क्लेम वितरित किये गए हैं। उन्होंने बताया कि आज 1 लाख 67 हजार 460 किसानों के बैंक खातों में 711 करोड़ 69 लाख रुपये की बीमा राशि वितरित की गई है। इसे मिलाकर प्रदेश में पिछले 11 सालों में किसानों को फसल के मुआवजे और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अब तक 16 हजार 160 करोड़ रुपये की राशि दी गई है। जबकि पूर्व की कांग्रेस सरकार के 10 साल के शासनकाल में केवल 1 हजार 138 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि जारी की गई थी। यही नहीं, कांग्रेस सरकार तो किसानों की 269 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि बकाया छोड़कर चली गई थी। इसे वर्तमान सरकार ने वर्ष 2014 में जनसेवा का दायित्व संभालने के बाद जारी किया। श्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि आढ़तियों को राज्य सरकार द्वारा दिया जाने वाला अतिरिक्त कमीशन भी आज लाभार्थियों के बैंक खातों में स्थानांतरित किया गया है। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा केंद्रीय भंडारण हेतु खरीदे जाने वाले खाद्यान्नों पर आढ़तियों को गेहूं पर 46 रुपये प्रति क्विंटल, धान पर 45 रुपये 88 पैसे तथा बाजरा पर 11 रुपये 75 पैसे प्रति क्विंटल की दर से कमीशन प्रदान किया जाता है। इस निर्धारित दर के अनुसार खरीफ खरीद सत्र 2025-26 के दौरान आढ़तियों को कुल लगभग 239 करोड़ 28 लाख रुपये की राशि दी जा चुकी है। इसके अलावा राज्य सरकार ने प्रदेश के आढ़तियों के हितों को ध्यान में रखते हुए रबी खरीफ सत्र 2024-25 से गेहूं, धान और बाजरा पर आढ़तियों को 55 रुपये प्रति क्विंटल की दर से कमीशन देने का निर्णय लिया था। इसी निर्णय के अनुसार आज धान और बाजरा पर केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित कमीशन के अतिरिक्त राज्य सरकार की ओर से शेष राशि का भुगतान किया गया है। आज प्रदेश के 11 हजार 199 आढ़तियों को कुल 56 करोड़ 97 लाख रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खातों में डाली गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि दयालु योजना के तहत 5409 लाभार्थियों को 205.42 करोड़ तथा आवास सभी के लिए योजना के तहत 12353 परिवारों को 67 करोड़ रुपए की राशि वितरित की गई। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने व्यवस्था परिवर्तन करते हुए श्प्रो-एक्टिव मॉडलश् को अपनाया है। इसके तहत परिवार पहचान पत्र डेटाबेस के आधार पर पात्रता स्वयं निर्धारित होती है और पात्र नागरिकों को बिना दफ्तरों के चक्कर काटे, बिना आवेदन किए घर बैठे ही भत्ते का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से किया जा रहा यह भुगतान राज्य सरकार की पारदर्शिता और सुशासन के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिससे यह सुनिश्चित हो रहा है कि राज्य की सहायता हर जरूरतमंद तक समयबद्ध तरीके से पहुंचे। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजा शेखर वुंडरू, सेवा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती जी. अनुपमा, हरियाणा मत्स्य पालन विभाग के प्रधान सचिव श्री डी. सुरेश, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के प्रधान सचिव श्री पंकज अग्रवाल, आवास सबके लिएष् विभाग के आयुक्त मोहम्मद शाइन, महानिदेशक जे. गणेशन, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ साकेत कुमार, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक श्री के. मकरंद पांडुरंग, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के महानिदेशक श्री अंशज सिंह, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के महानिदेशक श्री राजनारायण कौशिक, सूचना, जनसम्पर्क एवं भाषा विभाग की अतिरिक्त निदेशक (प्रशासनिक) श्रीमती वर्षा खांगवाल, मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण आत्रेय समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विभिन्न योजनाओं के तहत लाभार्थियों को लाभ राशि की वितरित
चंडीगढ़ में आयोजित प्रेसवार्ता में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का संबोधन’
आज विभिन्न योजनाओं के तहत लाभार्थियों को किया गया 1884 करोड़ रूपये किए वितरित
विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत 842 करोड़ 92 लाख रुपए की राशि सीधे 26 लाख 12 हजार लाभार्थियों के खातों में डाली गई
इनमें वृद्धावस्था सम्मान भत्ता, दिव्यांगजन भत्ता और अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन है शामिल
डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से किया जा रहा है यह भुगतान हमारी सरकार की पारदर्शिता और सुशासन के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक
प्रोएक्टिव मॉडल के तहत परिवार पहचान पत्र डेटाबेस के आधार पर पात्रता स्वयं होती है निर्धारित
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ 2025 फसलों के लिए किसानों को बीमा क्लेम किए गए वितरित
1 लाख 67 हजार 460 किसानों के बैंक खातों में 711 करोड़ 69 लाख रुपए की बीमा राशि की गई वितरित
पिछले 11 सालों में किसानों को फसल के मुआवजा और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अब तक 16 हजार 160 करोड रुपए की राशि दी गई
आज प्रदेश के लगभग 11 हजार 199 आढ़तियों को 56 करोड़ 97 लाख रुपए की राशि सीधे उनके बैंक खातों में डाली
निर्धारित दर के अनुसार खरीफ खरीद सत्र 2025 26 के दौरान आढ़तियों को कुल लगभग 239 करोड़ 28 लाख रुपए की राशि दी जा चुकी है
रबी खरीफ सत्र 2024 25 से गेहूं धान और बाजरा पर आढ़तियों को ₹55 प्रति क्विंटल की दर से कमीशन देने का लिया गया निर्णय
आज धान और बाजरा पर केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित कमीशन के अतिरिक्त राज्य सरकार की ओर से शेष राशि का किया गया भुगतान
आज दयालु योजना के तहत 5 हजार 409 परिवारों को 205 करोड़ 42 लाख की आर्थिक सहायता पहुंचाने का किया कार्य
आज जारी की गई राशि को मिलाकर 55407 परिवारों को 2086 करोड़ 77 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है
आवारा पशु के काटने या मारने से घायल या आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में आर्थिक सहायता के लिए सरकार ने लागू की दयालु योजना 2
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत 12 हजार 353 लाभार्थियों के खाते में मकान निर्माण के 67 करोड रुपए पहुंचने का किया कार्य
2016-17 से लेकर अब तक इस योजना के तहत लाभार्थियों को 720 करोड़ 22 लाख रुपए की वित्तीय सहायता की जा चुकी है प्रदान
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विपक्ष द्वारा आयुष्मान भारत योजना पर लाए गए ध्यान आकर्षण प्रस्ताव का दिया जवाब
विपक्ष में इस योजना के तहत भुगतान में अनियमितताओं और निजी अस्पतालों द्वारा इलाज रोकने का दावा किया, जो पूरी तरह निराधार तथ्यात्मक रूप से गलत और सच्चाई से कोसों दूर
प्रधानमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना 23 दिसंबर 2018 को हुई शुरू
इसके तहत पात्र परिवारों को प्रतिवर्ष प्रति परिवार ₹500000 तक का दिया जाता है स्वास्थ्य बीमा कवर
इस योजना में 2694 उपचार पैकेज है शामिल
21 नवंबर 2022 को माननीय मनोहर लाल जी द्वारा की गई चिरायु योजना की शुरुआत
इस योजना के माध्यम से आयुष्मान भारत के लाभ उन अंत्योदय परिवारों तक भी पहुंच गए जिनकी वार्षिक आय 180000 रुपए तक
इस योजना के तहत भी प्रति परिवार 5 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य कर किया जाता है प्रदान और इसका पूरा खर्च राज्य सरकार द्वारा किया जाता है वहन
वर्ष 2023-24 में आयुष्मान भारत चिरायु योजना का दायरा और बढ़ाया गया तथा 180000 से ₹300000 वार्षिक आय वाले परिवारों को भी किया गया इस योजना में शामिल
इस योजना के तहत शिकायत निवारण की भी मजबूत व्यवस्था की गई राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा संचालित कॉल सेंटर 14555 नंबर 24 घंटे उपलब्ध
22 जनवरी 2026 तक हरियाणा में कुल 784 निजी अस्पताल आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध
फरवरी 2026 में 21 फरवरी तक केवल निजी अस्पतालों से ही कुल 33911 प्री ऑथराइजेशन अनुरोध हुए प्राप्त
यदि वास्तव में अस्पतालों ने उपचार बंद कर दिया होता तो इतने बड़े पैमाने पर प्री ऑथराइजेशन अनुरोध प्राप्त होना नहीं होता संभव
इसी प्रकार वित्त वर्ष 2025- 26 के दौरान सूचीबद्ध निजी अस्पतालों द्वारा कुल 5 लाख 91 हजार 863 क्लेम हुए प्रस्तुत
भुगतान से संबंधित मुद्दे पर भी कुछ भ्रांतियां फैलाने का किया जा रहा है प्रयास- मुख्यमंत्री
वित्त वर्ष 2024- 25 के दौरान निजी अस्पतालों द्वारा कुल 1236 करोड रुपए के क्लेम हुए प्रस्तुत
इनमें से 1100 करोड रुपए का किया गया भुगतान, लगभग 89 प्रतिशत का क्लेम निपटान किया गया
पिछले 3 महीने के बीच ही सूचीबद्ध अस्पतालों को लगभग 250 करोड रुपए की राशि हुई जारी
प्रधानमंत्री आयुष्मान चिरायु योजना के तहत प्रदेश में 2742306 लोगों के इलाज के लिए 3862 करोड़ 36 लाख रुपए के क्लेम दिए जा चुके हैं
पिछले 5 महीने के दौरान किसी भी लाभार्थी द्वारा इस आधार पर कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई कि अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत भुगतान न मिलने के कारण उपचार देने से किया हो इनकार
लाभार्थियों को कोई समस्या नहीं तो विपक्ष को इमरजेंसी कहां दिख रही है, यह केवल राजनीति से प्रेरित एक नॉरेटिव करने की कोशिश
विपक्ष द्वारा प्रदेश में हेल्थ एमरजैंसी जैसे हालात हैं ऐसा इल्जाम लगाना न केवल अतिशयोक्ति है बल्कि लाखों डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ का है अपमान
हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के 10वें दिन की कार्यवाही चल रही है। सदन में कांग्रेस विधायक इंदूराज नरवाल को भालू कहने पर नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, ये भालू-भालू क्या है? सही बोलिए। इस पर मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि इंदूराज नरवाल बहुत अच्छे व्यक्ति हैं। जब पहली बार बरोदा के उपचुनाव में मेरी ड्यूटी लगी थी, तो मंच से पूर्व सीएम उन्हें भालू कहते थे। इस पर स्पीकर ने कहा, जिसका ये लाडला है, वह ये कह सकता है। इस पर सैनी ने कहा, इंदूराज नरवाल हमारा भाई है।
गुरुग्राम के सिविल अस्पताल में महिला पर हुए एसिड अटैक के मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। हमलावर महिला अपने पति की एक्स-गर्लफ्रेंड को निशाना बनाने आई थी, लेकिन उसने गलती से एक दूसरी महिला पर एसिड फेंक दिया। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं पीड़िता को रोहतक पीजीआई से इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है। गिरफ्तार महिला की पहचान साक्षी (25) के तौर पर हुई है। वह रेवाड़ी जिले के पातूहेड़ा गांव की रहने वाली है। महिला से पूछताछ में पता चला कि उसका पति की एक्स गर्लफ्रेंड के साथ झगड़ा हुआ था और वह सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती थी। चुन्नी और कपड़े एक जैसे होने के कारण गलतफहमी में दूसरी महिला पर टॉयलेट साफ करने वाला एसिड फेंक दिया।
आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत किसी भी लाभार्थी द्वारा अस्पतालों के भुगतान लंबित होने के कारण उपचार से वंचित किए जाने की कोई शिकायत नहीं: स्वास्थ्य मंत्री
आयुष्मान भारत से संबंधित ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का उत्तर
चंडीगढ़, 09 मार्च, अभीतक: हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत पिछले 5 महीनों में किसी भी लाभार्थी द्वारा अस्पतालों के भुगतान लंबित होने के कारण उपचार से वंचित किए जाने की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। स्वास्थ्य मंत्री आज हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से संबंधित लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का उत्तर दे रही थी। आरती सिंह राव ने बताया कि सूचना में उल्लिखित कथन राज्य में आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन के संबंध में तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है तथा इसे स्पष्ट रूप से अस्वीकार किया जाता है। सभी पात्र लाभार्थियों को हरियाणा में सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में बिना किसी व्यवधान के कैशलेस उपचार निरंतर प्रदान किया जा रहा है, जैसा कि उपलब्ध सांख्यिकीय (म्उचपतपबंस) आंकड़ों से सिद्ध होता है। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक एवं निजी दोनों अस्पतालों के दावों का निस्तारण भारत सरकार के राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (छभ्।) के टीएमएस पोर्टल के माध्यम से निर्धारित ऑनलाइन प्रणाली द्वारा पारदर्शी तरीके से किया जा रहा है। उन्होंने जानकरी दी कि आयुष्मान योजना का शुभारंभ 23 सितंबर 2018 को किया गया, विश्व की सबसे बड़ी सरकारी वित्तपोषित स्वास्थ्य बीमा योजना है। इसके अंतर्गत सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना (ैम्ब्ब्) 2011 के आधार पर चिन्हित परिवारों को प्रति परिवार प्रति वर्ष 25 लाख तक का स्वास्थ्य कवर द्वितीयक एवं तृतीयक अस्पताल में भर्ती उपचार हेतु प्रदान किया जाता है। इस योजना में 2,694 उपचार पैकेज सम्मिलित हैं। हरियाणा में इस योजना का विस्तार अंत्योदय परिवारों तक भी किया गया है। आयुष्मान भारत योजना दुनिया के सबसे बड़े हेल्थ केयर योजनाओं में से एक है जिसे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में शुरू किया गया है। प्रधानमंत्री ने हमेशा इस बात पर जोर दिया है कि अच्छी हेल्थ केयर कुछ लोगों का खास अधिकार नहीं बल्कि हर नागरिक का अधिकार होना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस योजना को इस सोच के तहत शुरू किया गया था कि कमजोर परिवारों को को सम्मानजनक और सस्ती हेल्थ केयर मिल सके। उन्होंने बताया कि योजना के तहत पात्र परिवारों को 5 लाख रूपये तक हेल्थ केयर कवर दिया जा रहा है। इस ऐतिहासिक पहल की वजह से हरियाणा के हजारों परिवारों सहित देश के लाखों परिवारों को मुफ्त और कैशलेस ईलाज मिल पाया है। यह स्कीम एक स्वस्थ और मजबूत भारत बनाने के लिए मोदी जी के कमिटमेंट और समर्पण को दिखाती है। आरती सिंह राव ने बताया कि 21 नवंबर 2022 को हरियाणा के मुख्यमंत्री द्वारा चिरायु योजना (ब्भ्प्त्।ल्न्) का शुभारंभ किया गया, जिसके अंतर्गत ₹1.80 लाख तक वार्षिक आय वाले अंत्योदय परिवारों को आयुष्मान भारत के समान 25 लाख तक का स्वास्थ्य कवर प्रदान किया जाता है। यह योजना पूर्णतः राज्य सरकार द्वारा वित्तपोषित है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के वित्त वर्ष 2023-24 के बजट भाषण के अनुसार आयुष्मान भारत-चिरायु योजना का विस्तार ₹1.80 लाख से ₹3.00 लाख वार्षिक आय वाले सत्यापित परिवारों तक किया गया है। ऐसे परिवारों को 21,500 प्रति परिवार प्रति वर्ष के नाममात्र अंशदान पर योजना का लाभ प्रदान किया जा रहा है। पिछले साल वर्ष 2024 -25 में मुख्यमंत्री ने 70 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को बिना आय -सीमा के देने का ऐलान किया था। इसके तहत 2 लाख से अधिक कार्ड बन चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने आगे बताया कि लाभार्थी की पहचान एवं पंजीकरण से लेकर दावा प्रस्तुतिकरण, दस्तावेजों की जांच, दावा स्वीकृति एवं अस्पताल को भुगतान तक की संपूर्ण कार्यप्रणाली राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से संचालित की जाती है। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत कोई शिकायत करनी होती है तो वह राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण का 24×7 कॉल सेंटर (14555), राज्य स्तरीय 24×7 कॉल सेंटर (1800 180 2026 एवं 1800 180 2415), तथा ऑनलाइन शिकायत पोर्टल जैसे ब्च्ळत्।डैए ब्ळत्डैए ब्ड.ॅपदकवू, जन संवाद एवं ैडळज् सम्मिलित हैं। इन माध्यमों से लाभार्थी उपचार से वंचित किए जाने अथवा अन्य किसी भी शिकायत को दर्ज कर सकते हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने उक्त योजना के तहत आंकड़ों पर उठाये गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि उपलब्ध आंकड़े राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के ऑनलाइन पोर्टल से प्राप्त किए गए हैं। क्योंकि योजना की समस्त गतिविधियां इसी पोर्टल के माध्यम से संचालित होती हैं। उन्होंने बताया कि 22 जनवरी 2026 तक हरियाणा राज्य में 784 निजी अस्पताल आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध हैं और सक्रिय रूप से पात्र लाभार्थियों को उपचार प्रदान कर रहे हैं। उपचार से वंचित किए जाने के आरोप के संदर्भ में स्पष्ट किया कि फरवरी 2026 (21 फरवरी 2026 तक) के दौरान केवल निजी अस्पतालों से 33,911 प्री-ऑथराइजेशन अनुरोध प्राप्त हुए, जिनका प्रतिदिन औसत लगभग 1,615 है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान निजी अस्पतालों द्वारा कुल 5,91,863 दावे प्रस्तुत किए गए, जिनका दैनिक औसत लगभग 1,804 है। जनवरी एवं फरवरी 2026 में कुल 82,563 दावे प्रस्तुत किए गए, जिनका दैनिक औसत लगभग 1,588 है। उन्होंने बताया कि उक्त आंकड़े दर्शाते हैं कि योजना का उपयोग निरंतर जारी है तथा उपचार रोके जाने का आरोप तथ्यात्मक रूप से असत्य है। आरती सिंह राव ने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में निजी अस्पतालों द्वारा ₹1236 करोड़ के दावे प्रस्तुत किए गए, जिनमें से ₹1100 करोड़ का भुगतान किया गया, अर्थात् कुल दावा राशि का लगभग 89ः निस्तारण किया गया। यदि वर्तमान वित्त वर्ष (2025-26) में प्रस्तुत दावों पर भी यही अनुपात लागू किया जाए तो देय राशि लगभग ₹1,128 करोड़ बनती है, जिनमें से 2918 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि लगभग ₹200 करोड़ की राशि विभिन्न चरणों में लंबित है जो कि निर्धारित समय-सीमा के अंतर्गत जांच प्रक्रिया के अधीन है। उन्होंने बताया कि गत दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 (22 फरवरी 2026 तक) के बीच ₹250 करोड़ की राशि सूचीबद्ध अस्पतालों को जारी की गई है। यह भुगतान की प्रक्रिया सतत एवं नियमित रूप से जारी है। वर्ष 2025 पहले का कोई भी क्लेम पोर्टल पर लंबित नहीं है , बशर्ते क्लेम में कोई खामी न हो। उन्होंने बताया कि पिछले 3 महीनों में 280 करोड़ रूपये का संबंधित अस्पतालों को भुगतान किया है और इस वर्ष भी लगभग 950 करोड़ का अस्पतालों को भुगतान किया जा चुका है। राज्य में वर्तमान में आयुष्मान भारत योजना के एक करोड़ 40 लाख कार्ड सक्रिय हैं, जबकि 32.5 लाख लोगों का ईलाज किया गया है। इनकी करीब 2800 करोड़ रूपये का भुगतान आज तक किया जा चुका है। उन्होंने विपक्षी सदस्यों द्वारा उक्त योजना से संबंधित लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए बताया कि गरीब एवं मध्यमवर्गीय वर्गों के लाभार्थी सार्वजनिक एवं निजी दोनों अस्पतालों में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत निरंतर उपचार प्राप्त कर रहे हैं। ऐसे में राज्य में स्वास्थ्य-आपातकाल जैसी स्थिति होने का आरोप निराधार एवं तथ्यहीन है।
नलकूपों वाली प्रणाली को नहरी पानी पर आधारित जलापूर्ति प्रणाली में बदलने का प्रस्ताव विचाराधीन
चंडीगढ़, 09 मार्च, अभीतक: हरियाणा के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि राई विधानसभा क्षेत्र के मुरथल गांव में और उस के आस-पास के गांवों में वर्तमान नलकूपों वाली प्रणाली को नहरी पानी पर आधारित जलापूर्ति प्रणाली में बदलने का प्रस्ताव विचाराधीन है और इस की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा रही है। श्री रणबीर गंगवा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान राई विधानसभा से विधायक श्रीमती कृष्णा गहलावत द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि मुरथल एरिया में पानी की आपूर्ति 3 नलकूपों से की जा रही है। जनगणना 2011 के अनुसार, मुरथल गांव की जनसंख्या 16722 है, जो महाग्राम योजना के अन्तर्गत सीवरेज प्रणाली देने के लिए कम से कम 10,000 लोगों की जनसंख्या के नियम के अनुकूल है। हालांकि, इस गांव को पहले महाग्राम योजना की श्रेणी में अधिसूचित नहीं किया गया था। महाग्राम योजना के अन्तर्गत मुरथल गांव में पानी की आपूर्ति बढ़ाना और सीवरेज प्रणाली देना व्यवहार्य है और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा रही है। मुरथल को महाग्राम गांव घोषित करने के लिए ग्राम पंचायत द्वारा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने के लिए उचित जमीन देगा और सीवरेज कनेक्शन लेने की सहमति भी जरूरी है, इन दो आवश्यकताओं के पूर्ण होने के उपरान्त अनुमान तैयार किया जाएगा।
कोसली रेलवे अंडरपास का निर्माण प्रस्तावित है
चंडीगढ़, 09 मार्च, अभीतक: लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि कोसली रेलवे स्टेशन के बाजार क्षेत्र में जहां से रेलवे लाइन गुजरती है, वहां रेलवे अंडरपास का निर्माण प्रस्तावित है। रेलवे अंडरपास के निर्माण के लिए सरकार ने 520.15 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। श्री गंगवा हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में कोसली के विधायक श्री अनिल यादव द्वारा पूछे गए एक सवाल का जवाब दे रहे थे। मंत्री ने इस दौरान कहा कि रेलवे द्वारा 27 दिसंबर 2021 को सामान्य व्यवस्था रेखाचित्र को मंजूरी दी गई थी। प्रस्तावित पहुंच मार्गों के साथ निर्मित क्षेत्र होने के कारण स्थानीय निवासियोंध्दुकानदारों ने स्वीकृत एलाइनमेंट (संरेखण) का विरोध किया था। इसलिए, संशोधित एलाइनमेंट (संरेखण) का सामान्य व्यवस्था रेखाचित्र यू-आकार के अंडरपास के साथ तैयार किया गया था, जिसे रेलवे द्वारा 2 मार्च को मंजूरी दे दी गई है। अब, रेलवे को विस्तृत डिजाइन प्रस्तुत किया जाना है और उसकी मंजूरी के बाद कार्य को करने की आगामी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
चैतांग नाला, सोम नदी और नकटी नदी की गाद निकालने का प्रस्ताव है सरकार के विचाराधीन: सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री
चंडीगढ़, 09 मार्च, अभीतक: हरियाणा की सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रीमती श्रुति चैधरी ने बताया कि साढ़ौरा विधानसभा क्षेत्र के चैतांग नाला, सोम नदी और नकटी नदी की गाद निकालने का प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन हैं। हरियाणा की सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रीमती श्रुति चैधरी आज सदन में पूछे गए एक प्रश्न का उत्तर दे रही थी। उन्होंने बताया कि चैतांग नाला बुर्जी संख्या 3000 से 48000 तक गाद निकालने का अनुमान तैयार किया जा रहा है। यह कार्य 30 जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। वहीं सोम नदी से गाद निकालने के लिए टेंडर जारी किए गए थे लेकिन छळज् (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) ने 11 फरवरी 2026 को इस काम पर रोक लगा दी। मामले की अगली सुनवाई 15 मई 2026 को है। इसलिए अभी टेंडर रद्द कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि नकटी नदी से कुछ हिस्सों में गाद निकालने का काम पहले ही हो चुका है। बाकी हिस्सों में काम वन भूमि से जुड़े मुद्दे सुलझने के बाद शुरू होगा। वन विभाग के साथ यह मुद्दा उठाया जा चुका है। समस्या हल होने के बाद काम मानसून से पहले पूरा करने की योजना है।
प्रदेश में गन्ना का उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों को एक आँख वाला गन्ना-बीज लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है: श्याम सिंह राणा
चंडीगढ़, 09 मार्च, अभीतक: हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि प्रदेश में गन्ना का उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों को एक आँख वाला गन्ना-बीज लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, इसके लिए किसानों को सब्सिडी भी प्रदान की जाती है।कृषि मंत्री आज हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन के एक सदस्य द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब दे रही थी। उन्होंने बताया कि गन्ना उत्पादकता बढ़ाने के लिए किसानों को एक आँख का गन्ना लगाने की विधि अपनाने पर प्रति एकड़ 3,000 रुपये की सब्सिडी प्रदान की जाती है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के इस बजट में, सरकार ने प्रोत्साहन राशि को 3,000 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये प्रति एकड़ किए जाने का प्रस्ताव रखा गया है। कृषि मंत्री ने बताया कि किसानों को गन्ना के लिए स्वस्थ और रोग-मुक्त बीज उपलब्ध कराए जाते हैं, जिसके लिए प्रति एकड़ 5,000 रुपये की सब्सिडी दी जाती है। उन्होंने आगे बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में प्रदेश सरकार ने प्रस्ताव रखा है कि गन्ने की खेती के लिए टिशू कल्चर विधि अपनाने वाले किसानों को गन्ने की पौध निःशुल्क प्रदान की जाए। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश सरकार ने प्रस्ताव रखा है कि सहकारी चीनी मिलें किसानों को उनकी उपज की कटाई के लिए गन्ना हार्वेस्टर प्रदान करेंगी, जिससे गन्ना की कटाई की लागत में कमी भी आएगी।
4.2 किमी लंबा सिग्नल-फ्री एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा, जिससे द्वारका एक्सप्रेसवे, एनएच-48 और गुरुग्राम-सोहना एलिवेटेड कॉरिडोर के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी और यातायात सुगम बनेगा चंडीगढ़, 09 मार्च, अभीतक: गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने एनएच-48 से वाटिका चैक तक सदर्न पेरिफेरल रोड (एसपीआर) के विकास, रखरखाव, प्रबंधन और संचालन के लिए एक एलिवेटेड कॉरिडोर के माध्यम से निविदा जारी की है। यह परियोजना लगभग ₹755 करोड़ की अनुमानित लागत से की जाएगी और इससे शहर के इस महत्वपूर्ण कॉरिडोर पर कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है। परियोजना के तहत वाटिका चैक से एनएच-48 के बीच साउदर्न पेरिफेरल रोड (एसपीआर) को सिग्नल-फ्री कॉरिडोर के रूप में उन्नत किया जाएगा, जिससे गुरुग्राम में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को प्रबंधित करने और आवागमन को बेहतर बनाने के लिए एक दीर्घकालिक समाधान उपलब्ध होगा। प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर जमीनी स्तर पर ट्रैफिक भीड़ को कम करने में सहायक होगा, क्योंकि यह वाहनों के लिए एक अतिरिक्त यातायात स्तर उपलब्ध कराएगा, जिससे जाम की स्थिति में कमी आएगी और विशेष रूप से पीक आवर्स के दौरान यात्रा समय में सुधार होगा। जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री पी.सी. मीणा ने कहा कि गुरुग्राम में तेजी से शहरी विस्तार हो रहा है और शहर की बढ़ती आवाजाही आवश्यकताओं को पूरा करने तथा आर्थिक विकास को बनाए रखने के लिए उच्च क्षमता वाली सड़क अवसंरचना का विकास एक प्रमुख प्राथमिकता बना हुआ है। प्रस्तावित अवसंरचना उन्नयन से एसपीआर कॉरिडोर के आसपास स्थित कई सेक्टरों के निवासियों और यात्रियों को लाभ मिलेगा, जिनमें तेजी से विकसित हो रहे आवासीय और वाणिज्यिक क्षेत्र भी शामिल हैं। यह परियोजना गुरुग्राम की सड़क अवसंरचना को मजबूत करने और एक अधिक कुशल तथा भविष्य के लिए तैयार शहरी गतिशीलता नेटवर्क विकसित करने के लिए प्राधिकरण के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है। इस परियोजना के तहत वाटिका चैक से एनएच-48 के बीच 4.2 किलोमीटर लंबा सिग्नल-फ्री 4़4 लेन का एलिवेटेड कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। डिजाइन में 3़3 लेन की मुख्य सर्विस रोड और 2़2 लेन की सेकेंडरी सर्विस लेन भी शामिल हैं। इसके साथ ही प्रमुख जंक्शनों पर ट्रैफिक के सुचारू प्रवेश और निकास को सुनिश्चित करने के लिए दो-लेन के अप और डाउन रैंप बनाए जाएंगे। इसके अलावा एनएच-48 पर एक इंटरचेंज का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के साथ निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित हो सके। इसके अतिरिक्त, परियोजना के द्वितीय चरण (फेज-प्प्) के तहत वाटिका चैक पर एक इंटरचेंज प्रस्तावित किया गया है, जो सदर्न पेरिफेरल रोड (एसपीआर) और गुरुग्राम-सोहना एलिवेटेड कॉरिडोर के बीच कनेक्टिविटी को और अधिक सुदृढ़ करेगा। गुरुग्राम में सदर्न पेरिफेरल रोड (एसपीआर) सबसे महत्वपूर्ण पूर्व-पश्चिम आवागमन मार्गों में से एक बनकर उभरी है, जो कई आवासीय और वाणिज्यिक क्षेत्रों को प्रमुख मुख्य सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्गों से जोड़ती है। इस मार्ग पर तेजी से हो रहे विकास के कारण, बेहतर सड़क अवसंरचना और कुशल यातायात प्रबंधन की आवश्यकता बढ़ती जा रही है। परियोजना पूरी होने पर, द्वारका एक्सप्रेस वे, एनएच-48 और गुरुग्राम-सोहना एलिवेटेड कॉरिडोर के बीच उच्च गति और निर्बाध संपर्क उपलब्ध होगा, जिससे शहर के समग्र सड़क नेटवर्क को मजबूती मिलेगी। इससे वाटिका चैक और सुभाष चैक जैसे प्रमुख चैराहों पर भीड़भाड़ कम करने में भी मदद मिलेगी, साथ ही एसपीआर कॉरिडोर पर यातायात का प्रवाह भी सुधरेगा। वर्तमान में द्वारका एक्सप्रेसवे या साउदर्न गुरुग्रामध्जयपुर की ओर से सोहना या फरीदाबाद जाने वाले यात्रियों को प्रमुख राजमार्गों तक पहुंचने के लिए अक्सर राजीव चैक या सुभाष चैक के रास्ते शहर के आंतरिक मार्गों से होकर गुजरना पड़ता है। प्रस्तावित कॉरिडोर एक अधिक सीधा वैकल्पिक मार्ग प्रदान करेगा, जिससे यात्रा समय में कमी आएगी और शहर के व्यस्त चैराहों पर पड़ने वाला ट्रैफिक दबाव भी कम होगा। यह परियोजना एसपीआर कॉरिडोर के साथ तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों की भविष्य की यातायात आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। इसके माध्यम से आसपास के कई क्षेत्रों के निवासियों और यात्रियों को लाभ मिलने की उम्मीद है, क्योंकि इससे प्रमुख राजमार्गों और महत्वपूर्ण रोजगार केंद्रों तक कनेक्टिविटी बेहतर होगी। यह परियोजना कार्य आवंटन (एवार्ड) की तिथि से निर्धारित 30 महीनों की अवधि के भीतर पूरी की जाएगी।
आप और कांग्रेस का चुनावी-रेवड़ी बांटने की कल्चर रहा है: नायब सिंह सैनी
कहा: आप पार्टी का पंजाब में भी दिल्ली वाला हाल होगा
मोदी ही बनाएंगे पंजाब को नंबर वन स्टेट
चंडीगढ़, 09 मार्च, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आज पंजाब की आप सरकार पर चुनावी रेवड़ी बांटने का आरोप लगाते हुए कहा कि वहां की जनता मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार से तंग आ चुकी है और आगामी चुनाव में लोगों ने सत्ता परिवर्तन का मन बना लिया है। इस अवसर पर कृषि और किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा भी उपस्थित रहे। श्री नायब सिंह सैनी सोमवार को चंडीगढ़ में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान पत्रकारों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। पंजाब की आप सरकार द्वारा बजट में एससी वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपए तथा अन्य महिलाओं को 1000 रुपए देने की घोषणा के सवाल पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव को नजदीक देख कर आप सरकार रेवड़ी बांट रही है लेकिन इससे उनकी पार्टी को कोई फायदा नहीं होगा क्योंकि पंजाब की जनता सत्ता परिवर्तन का मन बना चुकी है। उन्होंने कहा कि पंजाब में चाहे पूर्व में कांग्रेस की सरकार रही हो या वर्तमान आप पार्टी की सरकार, इनका इतिहास चुनाव के समय में जुमले छोड़ने और रेवड़ी बांटने का रहा है। श्री सैनी ने चुटकी लेते हुए कहा कि दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल भी चुनाव के समय लोक लुभावनी घोषणाएं करते थे, जैसा हाल उनका हुआ है वैसा ही हाल पंजाब में भगवंत मान की सरकार का अगले विधानसभा चुनाव में होगा। उन्होंने कहा कि जब भी पंजाब के लोग उनसे मिलने आते हैं तो वे बताते हैं कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा बनाई गई आयुष्मान भारत योजना का लाभ देने में पंजाब की आप सरकार रोड़े अटका रही है। पात्र लोगों को इस योजना का लाभ नहीं मिला पा रहा है। श्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब सरकार पर पिछले दिनों उनके पंजाब राज्य के दौरे के दौरान हुए कार्यक्रमों में अड़ंगा डालने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा पंजाब के मुख्यमंत्री श्री भगवंत मान के हरियाणा आगमन पर उनके मुख्यमंत्री के प्रोटोकॉल का सम्मान करते हुए पूरा उन्हें पूरा आदर सम्मान दिया जाता है। उन्होंने पंजाब सरकार पर आरोप लगाया कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर अपने अधिकारों के लिए प्रदर्शन करने वाली महिला कर्मचारियों पर आंसू गैस के गोले बरसा कर महिला विरोधी होने का सबूत दिया है जबकि हरियाणा सरकार ने सिरसा में राज्य स्तरीय समारोह आयोजित करके उनको विभिन्न योजनाओं के करोड़ों रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से भेज कर उनका मान-सम्मान बढ़ाने का काम किया। बुजुर्गों की पेंशन के मामले में भी मुख्यमंत्री भगवंत मान को घेरा और कहा कि पंजाब में बुजुर्गों की आमदनी की सीमा 60 हजार रुपये निर्धारित करके गरीब बुजुर्गों का अपमान करके उन को इस सम्मान भत्ता से महरूम करने का काम किया जा रहा है जबकि हरियाणा में यह आय सीमा 3 लाख रुपए है ताकि अधिक से अधिक बुजुर्ग इस वृद्धावस्था सम्मान भत्ते का लाभ उठा सकें। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पंजाब के लोग आप पार्टी की सरकार से तंग आ चुके हैं और उन्होंने वर्तमान सरकार को हटाकर आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता में लाने का मन बना लिया है। उसके बाद प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हरियाणा की भांति पंजाब को भी विकास के मामले में नंबर वन प्रदेश बनाएंगे। उन्होंने टी -20 वर्ड कप में भारत की जीत पर टीम के सभी खिलाड़ियों को बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है। श्री सैनी ने पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान वहां की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का सम्मान न करने की निंदा की और कहा कि वे देश के सर्वोच्च पद पर आसीन हैं उनका सबको सम्मान करना चाहिए।
हरियाणा कैबिनेट की बैठक 24 मार्च को
चंडीगढ़, 09 मार्च, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक आगामी 24 मार्च को प्रातः 11.00 बजे हरियाणा सिविल सचिवालय स्थित चैथी मंजिल पर बुलाई गई है। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा इस आशय की सूचना जारी की गई है।
एमडीयू में ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी पेंचक सिलाट (पुरुष) चैम्पियनशिप का शुभारंभ
कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने किया उद्घाटन, देशभर की 51 यूनिवर्सिटीज के 350 खिलाड़ी ले रहे भाग
रोहतक, 09 मार्च, अभीतक: महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी (एमडीयू) के खेल परिसर स्थित डॉ. मंगल सेन मल्टीपर्पज जिम्नेजियम हॉल में आज ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी पेंचक सिलाट (पुरुष) चैम्पियनशिप का भव्य शुभारंभ हुआ। प्रतियोगिता का उद्घाटन एमडीयू कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने मुख्य अतिथि के रूप में किया, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलसचिव डॉ. कृष्णकांत ने की। इस प्रतियोगिता में देशभर की 51 यूनिवर्सिटीज के लगभग 350 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इस अवसर पर कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल भावना के साथ ईमानदारी और अनुशासन से अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहिए। उन्होंने खिलाड़ियों को सफलता को दिमाग पर हावी न होने देने और असफलता को दिल पर हावी न होने देने की सीख दी। उन्होंने कहा कि खेल केवल जीतने का माध्यम नहीं बल्कि हार से सीख लेकर आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देता है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दी और औपचारिक रूप से प्रतियोगिता के उद्घाटन की घोषणा की। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलसचिव डॉ. कृष्णकांत ने खिलाड़ियों से आह्वान किया कि वे खेल भावना, अनुशासन और आपसी सम्मान को सर्वोपरि रखते हुए प्रतियोगिता में भाग लें। साथ ही उन्होंने खिलाड़ियों को अपनी फिटनेस, संतुलित आहार और खेल के नियमों का पालन करने पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने विश्वास जताया कि यह प्रतियोगिता खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का उत्कृष्ट मंच प्रदान करेगी और देश में खेल संस्कृति को और मजबूत बनाएगी। कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा और कुलसचिव डॉ. कृष्णकांत ने प्रतिभागी खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया। इस दौरान खिलाड़ियों द्वारा पेंचक सिलाट प्रतियोगिता का आकर्षक डेमो भी प्रस्तुत किया गया। कुलपति ने टूर्नामेंट के बेस्ट प्लेयर को अपना स्मृति चिह्न देने की घोषणा भी की। कार्यक्रम के प्रारंभ में एमडीयू खेल परिषद की अध्यक्ष डॉ. राजवंती शर्मा ने स्वागत भाषण दिया। खेल निदेशक डॉ. शकुंतला बेनीवाल ने प्रतियोगिता की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए विश्वविद्यालय की खेल उपलब्धियों की जानकारी दी। ताइक्वांडो कोच अशोक कुमार ने मंच संचालन किया, जबकि प्रतियोगिता के आयोजन सचिव एवं सहायक निदेशक खेल डॉ. तेजपाल ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर टूर्नामेंट के टेक्निकल डायरेक्टर इरफान खान, शिक्षा संकाय के डीन प्रो. जितेंद्र कुमार, शारीरिक शिक्षा विभाग के अध्यक्ष प्रो. भगत सिंह राठी, एमडीयू हेल्थ सेंटर प्रभारी डॉ. स्वाति सिंह, एमडीयू गैर-शिक्षक कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुरेश कौशिक, डॉ. जयपाल धनखड़, डॉ. मस्तराम, पीआरओ पंकज नैन, खेल प्रशिक्षक, प्रतिभागी टीमों के इंचार्ज, स्टाफ सदस्य, खिलाड़ी और खेल प्रेमी उपस्थित रहे।
हांसी में भी जल्द ही डे-केयर कैंसर केंद्र शुरू किया जाएगा : आरती सिंह राव चंडीगढ़, 09 मार्च, अभीतक: हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि नया जिला हांसी में भी जल्द ही डे-केयर कैंसर केंद्र शुरू किया जाएगा, इससे पहले 22 जिलों में शुरू किये जा चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्री आज हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन के एक सदस्य द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब दे रही थी। उन्होंने बताया क मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी 11 फरवरी 2026 को प्रदेश के सभी जिला नागरिक अस्पतालों में डे-केयर कैंसर केंद्रों (डीसीसीसी) का उद्घाटन किया था जिससे रोगियों को अपने घरों के करीब कीमोथेरेपी और सहायक देखभाल उपलब्ध हुई है। फतेहाबाद सहित 22 जिलों में हब और स्पोक मॉडल में समर्पित कैंसर ओपीडी, कीमोथेरेपी वार्ड और पैलिएटिव केयर ओपीडी चालू कर दिए गए हैं (फतेहाबाद स्पोक के रूप में पीजीआईएमएस रोहतक से जुड़ा हुआ)। वर्ष 2025 में, फरीदाबाद, पंचकूला, कुरुक्षेत्र और यमुनानगर जिलों में डीसीसीसीज ने 2,672 रोगियों को कीमोथेरेपी सेवाएं प्रदान की हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि अटल कैंसर केयर सेंटर (।ब्ब्ब्) अंबाला कैंट, क्षेत्रीय कैंसर केंद्र (त्ब्ब्) पीजीआईएमएस रोहतक और राष्ट्रीय कैंसर संस्थान (छब्प्), झज्जर राज्य में व्यापक कैंसर उपचार प्रदान कर रहे हैं। जिला हिसार, सोनीपत, नूह और करनाल के मेडिकल कॉलेज भी कैंसर रोगियों का इलाज कर रहे हैं।
प्रदेश सरकार भविष्य में सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की हाजिरी को बायोमैट्रिक या जिओफेसिंग के माध्यम से करेगी चंडीगढ़, 09 मार्च, अभीतक: हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि प्रदेश सरकार भविष्य में सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की हाजिरी को बायोमैट्रिक या जिओफेसिंग के माध्यम से करेगी। स्वास्थ्य मंत्री आज हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन के एक सदस्य द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब दे रही थी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में फिरोजपुर झिरका विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव मांडीखेड़ा स्थित अल-अफिया सामान्य अस्पताल में डॉक्टरों के हॉस्टल अच्छी हालत में न होने के कारण डॉक्टरों को गुरुग्राम, फरीदाबाद तथा रेवाड़ी में रहने की अनुमति है। भविष्य में ऐसा कोई प्रबंध करने का प्रयास करेंगे कि इस अस्पताल के डॉक्टर उक्त अस्पताल के आस -पास ही रहें। स्वास्थ्य मंत्री ने प्रश्न के अगले भाग का उत्तर देते हुए बताया कि मांडीखेड़ा अस्पताल में ओपीडी, आईपीडी, आपातकालीन विभाग रक्त बैंक, एनसीडी क्लिनिक, एसएनसीयू, आरटीआई और एसटीआई, ऑपरेशन थिएटर, फिजियोथेरेपी, आईसीयू, आइसोलेशन वार्ड, जनरल वार्ड, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, प्रसव कक्ष आदि जैसी सभी स्वास्थ्य सुविधाएं पहले से ही उपलब्ध हैं। उक्त स्वास्थ्य संस्था में पर्याप्त अमला, उपकरण और आवश्यक दवाएं पहले से ही उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि इस अस्पताल में औसतन प्रतिदिन ओपीडी में 800 मरीज तथा 40 मरीज इनडोर में भर्ती होते हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आम जनता के जेब खर्च को कम करने के लिए आवश्यक औषधि सूची के अनुसार सभी मरीजों को दवाएंध्उपभोग्य वस्तुएं मुफ्त में प्रदान कर रहा है। दवाओं की खरीद हरियाणा चिकित्सा सेवा निगम के माध्यम से राज्य स्तर पर की जाती है और निर्दिष्ट गोदामों के माध्यम से आपूर्ति की जाती है। यदि कोई दवा अनुपलब्ध हो जाती है, तो रोगी की देखभाल निर्बाध रूप से सुनिश्चित करने, आवश्यक दवाओं की कमी से बचने और तत्काल आवश्यकता को पूरा करने के लिए, ऑनलाइन ड्रग इन्वेंटरी एंड सप्लाई चेन मैनेजमेंट सिस्टम (ओ डी आई एम एस) पोर्टल से एनएसी प्राप्त करने के बाद एम एम आई वाई ध् यूजर चार्ज का उपयोग करके उसे स्थानीय स्तर पर मंगवाया जाता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में, मंडीखेड़ा के अल-अफिया सामान्य अस्पताल में 460 प्रकार की आवश्यक दवाएं उपलब्ध हैं। आरती सिंह राव ने आगे बताया कि इस अस्पताल में 5 फरवरी 2025 से जन औषधि केंद्र भी कार्यरत है, जिसमें 208 प्रकार की जेनेरिक दवाएं उपलब्ध हैं।