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सीआईए झज्जर की पुलिस टीम ने मादक पदार्थ स्मैक के साथ दो आरोपियों को किया काबु
झज्जर, 02 अप्रैल, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉ राजश्री सिंह के कुशल नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए झज्जर पुलिस की टीम द्वारा दो आरोपियों को मादक पदार्थ स्मैक के साथ काबू करने में सफलता हासिल की। मामले की जानकारी देते हुए सीआईए झज्जर प्रभारी निरीक्षक कर्मवीर ने बताया कि सीआईए की एक टीम थाना दुजाना के एरिया में मौजूद थी। टीम को गुप्त सूचना मिली कि रेनूपाल व संदीप मादक पदार्थ बेचने का अवैध धंधा करते हैं। जो झज्जर रोहतक रोड गांव गुड्डा के पास स्मैक के लिए हुए स्कॉर्पियो गाड़ी में लिए हुए खड़े हैं।इस गुप्त सूचना के आधार पर सीआईए झज्जर में तैनात उप निरीक्षक प्रीतम की पुलिस टीम ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए उपरोक्त स्थान से दो व्यक्तियों को काबू किया। पकड़े गए व्यक्तियों के पास मादक पदार्थ होने के संदेह पर नियमानुसार राजपत्रित अधिकारी को सूचित किया गया। जिसके पश्चात मौका पर पहुंचकर राजपत्रित अधिकारी के समक्ष नियम अनुसार कार्रवाई करते हुए पकड़े गए उपरोक्त आरोपियों की गाड़ी सहित तलाशी ली गई तो गाड़ी के अंदर से नशीला पदार्थ स्मैक बरामद हुआ। जिसका वजन करने पर 18.7 ग्राम पाया गया।मादक पदार्थ स्मैक के साथ पकड़े गए आरोपियों की पहचान संदीप निवासी छावनी मोहल्ला झज्जर व रेनूपाल निवासी शिव कॉलोनी बेरी गेट झज्जर के तौर पर की गई। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ मादक पदार्थ अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए थाना दुजाना में मामला दर्ज करके आरोपियों को अदालत झज्जर में पेश किया गया। अदालत के आदेश अनुसार दोनों आरोपियों को पूछताछ के लिए दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया।

5 अप्रैल को सैक्टर-9 में भगवान परशुराम भवन की आधारशिला कार्यक्रम के लिये ब्राह्मण महासभा के महासचिव पंडित संत सुरेहती दिया निमंत्रण
झज्जर, 02 अप्रैल, अभीतक: आगामी 5 अप्रैल को सैक्टर-9 झज्जर में भगवान परशुराम भवन की आधारशिला कार्यक्रम के लिये ब्राह्मण महासभा के महासचिव पंडित संत सुरेहती, उपाध्यक्ष पंडित रविंदर कौशिक, पंडित नरेंद्र नौरंगपुर, योगेश, खेड़ी खुम्मार आदि सभा के सदस्यों ने आज कासनी, सुबाना, बाबेपुर, तुम्बाहेड़ी, न्यौला आदि गाँव मे निमंत्रण दिया। जांगड़ा महासभा के प्रधान नंद किशोर को भी निमंत्रण दिया। सभा महासचिव पंडित संत सुरेहती ने बताया कि यह हमारी वर्षों पुरानी माँग थी जो अब जाके पूरी हुई है। संत सुरहेती ने बताया कि यह कैबिनेट मंत्री श्री अरविन्द शर्मा व पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री रामबिलास शर्मा के अथक प्रयासों के कारण यह संभव हो पाया है। उन्होंने बताया कि सभी गांवों के लोगों में भरपूर जोश व इस मौके पर ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुँचेंगे। श्री रामकेश जीवनपुरिया द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। इस मोके पर देसी घी के भण्डारे का आयोजन किया गया है।




ज्ञान भारतम मिशन का होगा प्रभावी क्रियान्वयन: डीसी
डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने अधिकारियों को जिला स्तर पर सर्वे, मॉनिटरिंग व समन्वय के दिए निर्देश
झज्जर, 02 अप्रैल, अभीतक: जिला में ज्ञान भारतम मिशन के अंतर्गत राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वे को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस मिशन के तहत प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण, दस्तावेजीकरण और राज्यभर में एक व्यापक डाटाबेस तैयार करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने गुरुवार को वीसी उपरांत अधिकारियों को निर्देश दिए कि सर्वे कार्य को निर्धारित समयावधि में पूरा करने के लिए ठोस कार्य योजना बनाई जाए और सभी संबंधित संस्थानों की पहचान सुनिश्चित की जाए। इस संबंध में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने प्रदेश के सभी उपायुक्तों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने जिला अधिकारियों से कहा कि जिला स्तर पर सर्वे कार्य को गंभीरता से लेते हुए पुस्तकालयों, शैक्षणिक संस्थानों, धार्मिक स्थलों तथा निजी संग्रहों में मौजूद पांडुलिपियों की पहचान की जाए। उन्होंने फील्ड सर्वे, भौतिक सत्यापन और जियो-टैगिंग कार्य को निर्धारित मानकों के अनुरूप समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जिला स्तरीय समिति के माध्यम से कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी, ताकि मिशन का प्रभावी क्रियान्वयन हो सके। डीसी ने कहा कि इस अभियान की सफलता के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय और जन-जागरूकता बेहद आवश्यक है। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों, मीडिया तथा आमजन की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। बैठक में सीटीएम ऋतु बंसीवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।




आसौदा खरीद केंद्र पर पहुंचने पर हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले राज्य मंत्री श्री राजेश नागर का स्वागत करते किसान।
किसानों व आढ़तियों के हितों की रक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध: राज्य मंत्री श्री राजेश नागर
मंडियों में व्यवस्थाएं दुरुस्त रखें अधिकारी, किसानों को न हो कोई परेशानी- बोले राज्य मंत्री
हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले राज्य मंत्री श्री राजेश नागर ने अधिकारियों के साथ किया झज्जर व आसौदा मंडियों का निरीक्षण
मंडियों में अधिकारियों के साथ गेहूं खरीद व्यवस्थाओं का लिया जायजा
झज्जर, 02 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले राज्य मंत्री श्री राजेश नागर ने गुरुवार को जिला की झज्जर व आसौदा अनाज मंडी एवं खरीद केंद्र का दौरा कर रबी फसलों की खरीद व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। आसौदा खरीद केंद्र पर पहुंचने पर एसडीएम अभिनव सिवाच व भाजपा नेता दिनेश सेवा मूर्ति व किसानों ने राज्य मंत्री का स्वागत किया। वहीं झज्जर पहुंचने पर भाजपा जिलाध्यक्ष विकास वाल्मिकी व जिला परिषद के चैयरमैन कप्तान सिंह बिरधाना ने स्वागत किया। इस बीच राज्य मंत्री श्री नागर ने मंडियों में किसानों व आढतियों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें आश्वस्त किया कि देश में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी व प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह सजग है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी किसान को अपनी फसल बेचते समय किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि किसानों की फसल का एक-एक दाना समय पर और उचित मूल्य पर खरीदा जाए तथा पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, प्रभावी और किसान हितैषी बनाया जाए। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मंडियों में लगातार मौजूद रहकर सभी व्यवस्थाओं की निगरानी करें।
एमएसपी पर फसल खरीद सुनिश्चित करने के निर्देश
इस अवसर पर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले राज्य मंत्री श्री राजेश नागर ने कहा कि इस बार सरकार द्वारा गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल तथा सरसों का 6200 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य समय पर मिले, यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भुगतान प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो और पूरी पारदर्शिता के साथ राशि सीधे किसानों के खातों में भेजी जाए।
मंडियों में जरूरी सुविधाओं का लिया जायजा, राज्य मंत्री ने दिए आवश्यक निर्देश
हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले राज्य मंत्री श्री राजेश नागर ने निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई, शैड, पेयजल, शौचालय, सीसीटीवी, मापतोल व्यवस्था, बायोमेट्रिक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, गेट पास,बारदाना उपलब्धता और फसल उठान जैसी व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। राज्य मंत्री ने निर्देश दिए कि मंडियों में सभी आवश्यक सुविधाएं बेहतर स्तर पर उपलब्ध करवाई जाएं, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
कंट्रोल रूम से हो रही खरीद प्रक्रिया की निगरानी
डीएफएससी राजेश्वर मुदगिल ने राज्य मंत्री को बताया कि रबी फसलों की खरीद की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए मार्केटिंग बोर्ड कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। यह कंट्रोल रूम जिले की सभी मंडियों में चल रही खरीद प्रक्रिया पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार नजर रखेगा। इससे पारदर्शिता बनी रहेगी और किसी भी प्रकार की अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई संभव हो सकेगी।
यह अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति रहे मौजूद
इस अवसर पर मार्किट कमेटी झज्जर के चैयरमैन सतबीर सिंह,वाईस चेयरमैन जसबीर सिंह, सीए नितिन बंसल,जिला पार्षद रवि बराही, किसान अतर सिंह, सुरेंद्र प्रधान, के अलावा प्रशासन की ओर एसडीएम रवि मीणा, एसीपी प्रदीप कुमार, एसीपी अनिरुद्ध चैहान, हैफेड के जिला प्रबंधक कृष्ण श्योराण, वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के डीएम रोहतास दहिया,सचिव मार्किट कमेटी रामनिवास सहित अन्य अधिकारीगण, आढती व किसान उपस्थित थे।




हनुमान जयंती के अवसर पर ऑफिसर कॉलोनी में हुआ भंडारे का आयोजन
झज्जर, 02 अप्रैल, अभीतक: हनुमान जयंती के पावन अवसर पर जिला स्तरीय लघु सचिवालय के साथ लगती ऑफिसर कालोनी में भंडारे का भव्य आयोजन किया गया। इस धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और सेवा-भाव से योगदान भी दिया। मंदिर के सेवक अनिल कपूर ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकाल हनुमान जी की पूजा-अर्चना, आरती एवं सुंदरकांड पाठ के साथ हुई। इसके पश्चात भंडारे का शुभारंभ किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक प्रसाद स्वरूप भोजन वितरित किया गया। उन्होंने बताया कि भंडारे में पूरी-सब्जी, कढ़ी-चावल एवं लड्डू का प्रसाद श्रदालुओं ने ग्रहण किया। आयोजन में कोर्ट परिसर सहित लघु सचिवालय स्थित सभी कार्यालयों सहित स्थानीय नागरिकों एवं स्वयंसेवकों ने सक्रिय रूप से सहयोग किया और व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित किया। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के धार्मिक एवं सेवा कार्य समाज में भाईचारे, एकता एवं सहयोग की भावना को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से आव्हान करते हुए कहा कि नेक कार्य में अपना समय लगाएं तथा भगवान के बताए रास्तों पर चलने से ही इस जीवन का कल्याण हो सकता है। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान हनुमान से सुख-शांति, समृद्धि एवं देश की उन्नति के लिए प्रार्थना की।

अवैध हथियार के साथ एक आरोपी काबू
बहादुरगढ़, 02 अप्रैल, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉ राजश्री सिंह के दिशा निर्देशन में कार्यवाही करते हुए एवीटी स्टाफ झज्जर की पुलिस टीम ने थाना लाइनपार बहादुरगढ़ के एरिया से एक आरोपी को अवैध हथियार के साथ काबू करने में कामयाबी हासिल की गई। मामले की जानकारी देते हुए एवीटी स्टाफ झज्जर उप निरीक्षक जितेंद्र कुमार ने बताया कि पुलिस कमिश्नर डॉ राजश्री सिंह ने जिला में अवैध असला रखने वाले आरोपियों को पकड़ने तथा वांछित आरोपियों की धरपकड़ करने के संबंध में कड़े दिशा निर्देश दिए गए थे। पुलिस कमिश्नर के दिशा निर्देशों की पालना करते हुए एवीटी स्टाफ झज्जर में तैनात सहायक उप निरीक्षक संदीप कुमार की पुलिस टीम थाना लाइनपार बहादुरगढ़ के एरिया में मौजूद थी। पुलिस टीम गस्त के दौरान एचपी गैस एजेंसी नाहरा नाहरी रोड की तरफ से शहर बहादुरगढ़ की तरफ एक नौजवान लड़का आता दिखाई दिया जो सामने खड़ी पुलिस पार्टी को देखकर एकदम पीछे मुड़कर तेज कदमों से चलने लगा। पुलिस टीम ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए शक की बिना पर युवक को काबू करके तलाशी ली गई तो उसके कब्जे से एक अवैध हथियार बरामद हुआ। पकड़े गए आरोपी की पहचान अंकित निवासी नई बस्ती बहादुरगढ़ हाल जोहरी नगर बहादुरगढ़ के तौर पर की गई। पकड़े गए आरोपी के खिलाफ थाना लाइनपार बहादुरगढ़ में शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। पकड़े गए आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए नियम अनुसार आगामी कार्रवाई अमल में लाई गई।







आगामी सत्र की तैयारियों को लेकर विद्यालय मुखियाओं व मेंटर्स की बैठक आयोजित
झज्जर, 02 अप्रैल, अभीतक: जिला शिक्षा अधिकारी रितेंद्र सिंह तथा जिला मौलिक शिक्षाअधिकारी राजबाला मलिक की अध्यक्षता में आगामी शैक्षणिक सत्र की तैयारियों को लेकर खंड मातनहेल और खंड साल्हावास के सभी विद्यालय मुखियाओं एवं मेंटर्स की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, मातनहेल में संपन्न हुई। बैठक में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, जिला परियोजना समन्वयक, दोनों खंडों के खंड शिक्षा अधिकारी तथा जिला एफ.एल.एन. समन्वयक भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत खंड शिक्षा अधिकारी सुरेशपाल सुहाग ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए की। इसके बाद सुदर्शन पूनिया ने पिछले कुछ वर्षों के नामांकन से संबंधित आंकड़े प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि किन-किन कक्षाओं में पूरे जिले में छात्र संख्या में वृद्धि हुई है तथा किन कक्षाओं में कमी दर्ज की गई है। साथ ही दोनों खंडों के विद्यालयवार और कक्षावार आंकड़े भी साझा किए गए। जिला परियोजना समन्वयक अनिल शर्मा ने विद्यालय मुखियाओं से विद्यालयों को मिलने वाली विभिन्न ग्रांट्स का समय पर और उचित उपयोग करने का आग्रह किया, ताकि विद्यालयों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें और नामांकन में बढ़ोतरी हो सके। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी राजबाला मलिक ने सभी को छात्र संख्या बढ़ाने के लिए प्रेरित करते हुए प्राथमिक स्तर पर बालवाटिका में कम से कम 20 बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करने का लक्ष्य दिया। उन्होंने दोनों खंडों द्वारा किए जा रहे सराहनीय कार्यों के लिए सभी को बधाई भी दी। जिला शिक्षा अधिकारी रितेंद्र सिंह ने विद्यालय मुखियाओं और मेंटर्स को छात्र संख्या बढ़ाने के लिए लक्ष्यबद्ध और सुनियोजित प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पिछली कक्षा उत्तीर्ण करने वाले सभी विद्यार्थियों को एम.आई.एस. पोर्टल पर अगली कक्षा में समय पर स्थानांतरित किया जाए। इसके साथ ही विद्यालयों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने, ग्राम गौरव पट्ट लगाने, विभागीय सूचनाएं समय पर भेजने तथा विभागीय पत्रों को ध्यानपूर्वक पढ़कर उनका पालन करने पर भी जोर दिया। अंत में खंड शिक्षा अधिकारी साल्हावास जयपाल दहिया ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए अधिकारियों को आश्वस्त किया कि दोनों खंड शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी मामले में पीछे नहीं रहेंगे।


हनुमान जी की पूजा-अर्चना से दूर होते है मनुष्य के सभी दुख-दर्द: डॉ राजेश भाटिया
सिद्धपीठ श्री हनुमान मंदिर में धूमधाम से मनाई गई हनुमान जयंती
फरीदाबाद, 02 अप्रैल, अभीतक: सिद्धपीठ श्री हनुमान मंदिर मार्किट नंबर एक में हनुमान जन्म उत्सव धूमधाम के साथ मनाया गया। इस दौरान मंदिर में विशेष पूजा अर्चना की गई, जिसमें समाजसेवी बृजेश चावला सहित अनेकों गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया और हनुमान जी का आर्शीवाद लिया। मंदिर प्रांगण ‘जय बजरंग बली’ व ‘जय वीर हनुमान’ जैसे जयकारों से गुंजामय हो गया। इस मौके पर मंदिर के प्रधान डा. राजेश भाटिया ने बताया कि हनुमान जन्मोत्सव को लेकर मंदिर प्रांगण में पिछले कई दिनों से तैयारियां की जा रही थी, मंदिर को जहां भव्य रुप में सजाया गया वहीं हनुमान जी की मूर्ति को भी विशेष रुप से तैयार किया गया। उन्होंने बताया कि सुबह से ही भक्तजनों का मंदिर में आना शुरु हो गया और जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ती गई। श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा के साथ हनुमान जी की पूजा अर्चना की और उनसे आर्शीवाद लिया। श्री भाटिया ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम, हनुमान जी को अपना मित्र मानते थे परंतु हनुमान जी सदैव उन्हें प्रभु कहकर पुकारते थे और उनकी सच्चे हृदय से सेवा करते थे। भगवान राम के प्रति हनुमान जी का स्नेह और श्रद्धा वर्षो से एक मिसाल बनी हुई है, यही कारण है कि जहां भगवान श्रीराम की पूजा होती है वहीं हनुमान जी की भी पूजा होती है। उन्होंने कहा कि संकट मोचक हनुमान जी का जन्मदिन आज पूरे शहर भर में धूमधाम से मनाया जा रहा है और जो कोई सच्चे हृदय से उनकी पूजा करता है, वे उनके सभी दुख-दर्द दूर कर देते है। इस मौके पर रिंकल भाटिया प्रेम बब्बर भरत कपूर रविंद्र गुलाटी आशीष भाटिया आशीष शर्मा आशीष अरोड़ा अजय शर्मा अमित नरूला सचिन भाटिया व अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे



जिला शिक्षा अधिकारी रतिंदर सिंह की अध्यक्षता में नए सत्र की तैयारियों को लेकर विद्यालय मुखिया तथा मैंटर्स के साथ हुई मीटिंग
झज्जर, 02 अप्रैल, अभीतक: जिला शिक्षा अधिकारी रतिंदर सिंह तथा जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी राजबाला मलिक की अध्यक्षता में आगामी सत्र की तैयारियों को लेकर खंड मातनहेल तथा खंड साल्हावास के सभी विद्यालय मुखिया तथा मैंटर्स के साथ एक मीटिंग का आयोजन किया गया। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मातनहेल में आयोजित की गई इस मीटिंग में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, जिला परियोजना समन्वयक, दोनों खंडों के खंड शिक्षा अधिकारी तथा जिला एफएलएन समन्वयक इस मौके पर उपस्थित थे। मीटिंग का शुभारंभ खंड शिक्षा अधिकारी सुरेशपाल ने सभी का स्वागत करते हुए किया। तत्पश्चात सुदर्शन पूनिया ने सभी हितधारकों को पिछले कुछ वर्षों के नामांकन से संबंधित आंकड़े बताते हुए किया। इन आंकड़ों के माध्यम से उन्होंने बताया कि किन कक्षाओं में पूरे जिले में छात्रों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है, साथ ही उन कक्षाओं के बारे में भी बताया जिनमें छात्र संख्या कम हुई है। दोनों खंड के विद्यालयवार तथा कक्षावार आंकड़े भी साझा किए गए। जिला परियोजना समन्वयक अनिल शर्मा ने सभी विद्यालय मुखियाओ से विद्यालय संबंधी ग्रांट्स का उचित समय पर प्रयोग करने का निवेदन किया जिससे विद्यालयों में सुविधाएं उपलब्ध हों और अधिक से अधिक नामांकन हो। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी राजबाला मलिक ने सभी को छात्र संख्या बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करते हुए प्राथमिक स्तर पर बालवाटिका में कम से कम बीस बच्चों का नामांकन करने का लक्ष्य दिया। उन्होंने दोनों खंडों द्वारा किए जा रहे अच्छे कार्यों के लिए सभी को बधाई दी। जिला शिक्षा अधिकारी रतिन्द्र सिंह ने सभी विद्यालय मुखियाओं तथा मैंटर्स से छात्र संख्या बढ़ाने के लिए लक्ष्यबद्ध तथा सुनियोजित प्रयास करने को कहा। इसके साथ ही उन्होंने पिछली कक्षा को उत्तीर्ण करने वाले सभी विद्यार्थियों को एमआईएस पर अगली कक्षा में स्थानांतरित करने का आदेश दिया। इसके अलावा उन्होंने विद्यालयों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने, ग्राम गौरव पट्ट लगवाने, सभी सूचनाएँ समय पर देने तथा सभी विभागीय पत्र ध्यान से पढ़ने तथा अनुसरण करने पर भी जोर दिया। खंड शिक्षा अधिकारी साल्हावास जयपाल दहिया ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया और सभी अधिकारियों को आश्वस्त किया कि दोनों खंड किसी भी मामले में पीछे नहीं रहेंगे।



हनुमान जी के आदर्श हमें कर्म के प्रति निष्ठा और लोककल्याण की प्रेरणा देते हैं: मोहन लाल बड़ौली
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बड़ौली गांव लोवा कलां (बहादुरगढ़) में आयोजित हनुमान जन्मोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए
मोहन लाल बड़ौली ने प्रदेशवासियों को हनुमान जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं दी
झज्जर, 02 अप्रैल, अभीतक: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंडित मोहन लाल बड़ौली गुरुवार को गांव लोवा कलां (बहादुरगढ़) में आयोजित हनुमान जन्मोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। हनुमान जयंती के अवसर पर यहां उन्होंने पूजा अर्चना की और प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि तथा खुशहाली एवं उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने प्रदेशवासियों को हनुमान जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं भी दी। श्री बड़ौली ने देसी घी के देशव्यापी भंडारे में शामिल होकर हजारों श्रद्धालुओं के साथ प्रसाद भी ग्रहण किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए हनुमान जी को शक्ति, भक्ति, समर्पण और सेवा का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि सभी लोगों को हनुमान जी के आदर्शों को अपनाते हुए सत्य, परिश्रम और निष्ठा से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हनुमान जी ने अपने पराक्रम और विवेक से धर्म की रक्षा करते हुए साहस और कर्तव्य का मार्ग दिखाया है। श्री बड़ौली ने कहा कि भक्ति, शक्ति और सेवा के प्रतीक पवनपुत्र हनुमान के आदर्श हमें कर्म के प्रति निष्ठा और लोककल्याण की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि पवन पुत्र हनुमान जी विनम्रता के सर्वोच्च प्रतीक भी हैं, जो निस्वार्थ सेवा, अटूट विश्वास, साहस और ज्ञान के आदर्श प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने कहा कि हनुमान जी अत्यंत शक्तिशाली होने के बावजूद, विनम्र हैं, जो हमें सिखाता है कि शक्ति का उपयोग अहंकार के लिए नहीं, बल्कि रक्षा के लिए किया जाना चाहिए। श्री बड़ौली ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि हनुमान जी के आदर्शों पर चलते हुए देशहित को सर्वोपरि रखें और सकारात्मक सोच के साथ समाज सेवा में आगे आएं। उन्होंने सभी नागरिकों से धर्म के मार्ग पर चलने, समाज में आपसी भाईचारा बनाए रखने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का भी आह्वान किया। कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष विकास वाल्मिकी, कप्तान बिरधाना, संजय कब्लाना,, झज्जर से प्रभारी कैप्टन भूपेन्द्र, नितिन बंसल सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।


जनसहभागिता से मजबूत होगा स्थानीय वित्तीय ढांचा: डीसी
सातवें राज्य वित्त आयोग के लिए आमजन से सुझाव आमंत्रित
नागरिक गूगल फॉर्म के माध्यम से दे सकेंगे अपनी राय
झज्जर, 02 अप्रैल, अभीतक: डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा 27 जून 2025 की अधिसूचना के तहत सातवें राज्य वित्त आयोग का गठन किया गया है। यह आयोग संविधान के अनुच्छेद 243-आई एवं 243-वाई, हरियाणा पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 213 तथा हरियाणा वित्त आयोग नियम, 1994 के अंतर्गत कार्य करते हुए राज्य में पंचायती राज संस्थाओं एवं शहरी स्थानीय निकायों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करेगा। डीसी ने बताया कि आयोग द्वारा पारदर्शी एवं सहभागी प्रक्रिया को अपनाते हुए आमजन, जनप्रतिनिधियों, संस्थानों, विषय विशेषज्ञों, संगठनों एवं अन्य हितधारकों से सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। इसके लिए गूगल फॉर्म के माध्यम से सुझाव देने की व्यवस्था की गई है, ताकि अधिक से अधिक लोग अपनी राय सहजता से साझा कर सकें। उन्होंने बताया कि शहरी स्थानीय निकायों से संबंधित सुझाव ीजजचेरूध्ध्वितउे.हसमध्ळ5ंअेक्ज6फत्ळश्रजॅस्थ्8 लिंक के माध्यम से दिए जा सकते हैं,वहीं पंचायती राज संस्थाओं से संबंधित सुझाव ीजजचेरूध्ध्वितउे.हसमध्7दी्रभ्7ज्ठळकइलकज्।द6 के लिए लिंक उपलब्ध है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि गूगल फॉर्म लिंक को जिला की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाए। उन्होंने कहा कि वित्त आयोग का उद्देश्य विभिन्न हितधारकों से व्यापक और सार्थक सुझाव प्राप्त करना है, ताकि आयोग की सिफारिशें व्यवहारिक, प्रभावी एवं स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप हो सकें। डीसी ने आमजन से आह्वान किया कि वे अपने सुझाव देकर स्थानीय शासन व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने में योगदान दें।


जनगणना कार्य में सटीकता व पारदर्शिता बेहद जरूरी: डीसी
डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने लघु सचिवालय में जनगणना 2027 को लेकर चल रही तैयारियों की समीक्षा की
डिजिटल मोड में होने वाली जनगणना के लिए डीसी ने अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश
झज्जर, 02 अप्रैल, अभीतक: डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने कहा कि जनगणना देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसके आधार पर विकास योजनाओं का निर्माण और संसाधनों का उचित वितरण सुनिश्चित किया जाता है। इस बार जनगणना डिजिटल माध्यम से की जाएगी, इसलिए सभी अधिकारियों को तकनीकी पहलुओं की जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है। डीसी गुरुवार को जिला में होने वाली जनगणना 2027 को लेकर वीसी उपरांत अधिकारियों की बैठक में तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जनगणना-2027 को डिजिटल मोड में सफलतापूर्वक संपन्न कराने के उद्देश्य से सभी तैयारियां समय से पहले पूरी कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि तहसीलदार व नगर निकायों के अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में जनगणना कार्य से जुड़े कार्यों को पूरा करना सुनिश्चित करें और यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक अधिकारी व कर्मचारी डिजिटल एप्लिकेशन तथा निर्धारित प्रक्रिया से भली-भांति परिचित हो। उन्होंने निर्देश दिए कि जनगणना से संबंधित सभी तैयारियां निर्धारित समय सीमा में पूरी की जाएं, ताकि आगामी प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित की जा सके। डीसी ने कहा कि जनगणना कार्य में सटीकता और पारदर्शिता बनाए रखना अत्यंत जरूरी है। इसके लिए अधिकारियों को क्षेत्र स्तर पर निरंतर निगरानी रखनी होगी और किसी भी प्रकार की त्रुटि की संभावना को समाप्त करना होगा। उन्होंने कहा कि गत माह जिला स्तर पर फील्ड ट्रेनर्स का प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा हो चुका है जिसमें मास्टर ट्रेनर द्वारा प्रशिक्षण दिया गया है जबकि 6 से 8 अप्रैल तक उपमंडल स्तर पर जनगणना कार्य में लगे स्टाफ को प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को जनगणना-2027 की प्रक्रिया, डिजिटल डाटा संकलन प्रणाली, प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा अन्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर जरूरी निर्देश भी दिए।
16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक चलेगी सेल्फ इन्यूमरेशन प्रक्रिया
उन्होंने बताया कि जनगणना 2027 के चलते आमजन 16से 30 अप्रैल तक घर बैठे ही सेल्फ इन्यूमरेशन कर सकते हैं। इसके लिए नागरिकों को ेम. बमदेने. हवअ. पद पोर्टल पर जाना होगा। जिसके लिए मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन करना जरूरी है।
नागरिक सेल्फ इन्यूमरेशन के लिए
16 भाषाओं में से अपनी पसंद की भाषा चुन सकते हैं। फॉर्म में कुल 33 सवालों के जवाब देने होंगे। नागरिकों को घर और उसकी सुविधाओं से जुड़ी जानकारी भरनी होगी, जिसमें मैप पर अपने घर की सटीक लोकेशन मार्क करना अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक बार फॉर्म सबमिट होने के बाद बदलाव नहीं किया जा सकता। फॉर्म सबमिट करने के बाद व्ज्च् के जरिए वेरिफिकेशन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ैम् प्क् आपके डेटा की पहचान के रूप में काम करेगा। गणनाकर्मी घर आने पर यही ैम् प्क् दिखानी होगी। इस अवसर पर सीटीएम ऋतु बंसीवाल, सभी सेन्सस कलर्क व जिला प्रशासन के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।





अधिकारी समाधान शिविर की हर शिकायत का यथाशीघ्र करें उचित निपटारा: डीसी
हर शिकायत के तुरंत निपटारे के उद्देश्य से आयोजित किये जा रहे समाधान शिविर
झज्जर स्थित लघु सचिवालय सभागार में जिला स्तरीय समाधान शिविर आयोजित
झज्जर, 02 अप्रैल, अभीतक: जिला मुख्यालय स्थित लघु सचिवालय सभागार में गुरुवार को डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल के मार्गदर्शन में जिला स्तरीय समाधान शिविर का आयोजन हुआ। इस अवसर पर एडीसी जगनिवास ने आमजन की समस्याएं सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को अविलंब समाधान के निर्देश दिए। एडीसी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वे समाधान शिविर में प्राप्त हर शिकायत का यथाशीघ्र उचित निपटारा सुनिश्चित करें। समाधान शिविर में हर विभाग से संबंधित हर शिकायत का एक छत के नीचे तुरंत निपटारा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस दौरान लगभग आधा दर्जन शिकायतें दर्ज की गई हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा हर सोमवार व गुरुवार को सुबह 10 से 12 बजे तक जिला मुख्यालय एवं बहादुरगढ़, बेरी व बादली उपमंडल मुख्यालयों पर समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य यही है कि आमजन की समस्याओं का समाधान उनके घर द्वार के नजदीक हो सके।
एडीसी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वे समाधान शिविरों की शिकायतों का निपटारा करते समय संबंधित नागरिक से संवाद करें। इस अवसर पर डीएफओ साहिती रेड्डी, सीटीएम रीतू बंसीवाल, एसीपी सुरेंद्र कंबोज, डीडीपीओ निशा तंवर, एक्सईन जन स्वास्थ्य विभाग अश्वनी सांगवान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

झज्जर में एलपीजी गैस, पेट्रोल व डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य: डीसी
किसी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान ना दें नागरिक
झज्जर, 02 अप्रैल, अभीतक: डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने जिलावासियों से अपील की है कि घबराहट में ईंधन की अनावश्यक खरीदारी न करें। पर्याप्त भंडार उपलब्ध होने के कारण केवल आवश्यकता अनुसार ही खरीदारी करें, ताकि व्यवस्था सुचारू बनी रहे। डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने कहा कि ईंधन की कमी को लेकर अफवाह फैलाने, जमाखोरी या ब्लैक मार्केटिंग करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन द्वारा लगातार पेट्रोल पंपों व गैस एजेंसियों का निरीक्षण किया जा रहा है और सप्लाई चेन की निगरानी की जा रही है। डीसी ने कहा कि घरेलू गैस सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग करने वालों पर भी कार्रवाई होगी। गैस के मामले में आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। किसी भी समस्या के लिए 01251-254270 पर संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि जिला में 26 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं। गुरुवार को एलपीजी गैस सिलेंडरों का कुल स्टॉक लगभग 9 हजार रहा, जबकि खपत 7500 की दर्ज की गई है। उन्होंने दोहराया है कि जिला में ईंधन की कोई कमी नहीं है और स्थिति पूरी तरह सामान्य है।
बेरी निगम कार्यालय में आज लगेगी बिजली अदालत
बेरी, 02 अप्रैल, अभीतक: बिजली निगम डिवीजन बेरी के उपभोक्ताओं की बिजली से संबंधित शिकायतों के निवारण के लिए आज (03 अप्रैल, शुक्रवार) को बिजली अदालत और उपभोक्ता कष्ट निवारण फोरम की बैठक की आयोजित की जाएगी। प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि बैठक उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएनएल) के बेरी कार्यालय में सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक आयोजित होगी। उन्होंने बताया कि बैठक में बिजली उपभोक्ताओं की बिजली बिल, कनेक्शन, लोड संबंधित समस्याओं को सुना जाएगा और उनका मौके पर ही समाधान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कोई उपभोक्ता फैंसले से संतुष्ट नहीं है तो वह अपनी शिकायत अधीक्षण अभियंता झज्जर के समक्ष रख सकता है।




केएमपी एक्सप्रेस-वे पर अतिक्रमण व अवैध पार्किंग पर पूर्ण प्रतिबंध
जिलाधीश स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने जारी किए आदेश
झज्जर, 02 अप्रैल, अभीतक: जिलाधीश स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 152 के तहत आदेश जारी करते हुए जिला झज्जर के अधिकार क्षेत्र में आने वाले केएमपी एक्सप्रेसवे के किनारे संचालित अवैध ढाबों, खोखों एवं अन्य अनाधिकृत खाद्य प्रतिष्ठानों पर प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं। जारी आदेश में कहा गया है कि केएमपी एक्सप्रेस वे पर अवैध पार्किंग और किसी प्रकार का अतिक्रमण पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि सडक सुरक्षा और यातायात के सुचारू संचालन को बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि ऐसे अवैध प्रतिष्ठानों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए। इन आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिलाधीश ने स्पष्ट किया कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होकर 30 जून 2026 तक प्रभावी रहेंगे।

अवैध प्लास्टिक, कचरा जलाने पर प्रतिबंध, उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई: जिलाधीश
झज्जर, 02 अप्रैल, अभीतक: जिलाधीश स्वप्निल रविंद्र पाटिल, ने जिला में बढ़ती अवैध औद्योगिक गतिविधियों, विशेषकर प्लास्टिक एवं कचरा जलाने से उत्पन्न प्रदूषण को गंभीरता से लेते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की गतिविधियां न केवल आमजन के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, बल्कि सार्वजनिक शांति एवं कानून-व्यवस्था के लिए भी खतरा उत्पन्न कर सकती हैं। जारी आदेशों के अनुसार गांव परनाला, निजामपुर रोड, बामनोली, कानौंदा, खैरपुर, लडरावन, सिदीपुर, लोवा कलां, लोवा खुर्द सहित जिला के अन्य क्षेत्रों में आवासीय एवं कृषि क्षेत्रों में अवैध औद्योगिक गतिविधियों पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाया गया है। साथ ही बिना हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) की अनुमति के बिजली कनेक्शन का उपयोग कर किसी भी प्रकार की औद्योगिक गतिविधि संचालित करने पर भी रोक लगाई गई है। जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि इन गतिविधियों के कारण वातावरण में प्रदूषण फैल रहा है, जिससे आमजन के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किए गए हैं और ये 4 अप्रैल 2026 से 3 जून 2026 तक प्रभावी रहेंगे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि आदेशों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
बहादुरगढ़ में जॉब फेयर आयोजित, 43 युवाओं को मिले ऑफर लेटर
बहादुरगढ़, 02 अप्रैल, अभीतक: उपमंडल रोजगार कार्यालय, बहादुरगढ़ द्वारा कार्यालय परिसर में गुरुवार को जॉब फेयर आयोजन किया गया। सहायक रोजगार अधिकारी सुनीता फोगाट ने बताया कि रोजगार मेले में कार्यक्रम में 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के स्नातक एवं स्नातकोत्तर पास 60 अभ्यर्थियों ने इंटरव्यू दिया, जिनमें से 43 युवाओं को विभिन्न पदों के लिए ऑफर लेटर प्रदान किए गए। इनमें से 10 अभ्यर्थियों का चयन असिस्टेंट और डिप्टी मैनेजर पदों पर हुआ। इस दौरान विभिन्न बैंकों ने भाग लिया। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी निजी क्षेत्र के नियोक्ताओं के सहयोग से इस प्रकार के रोजगार मेले आयोजित किए जाएंगे ताकि अधिक से अधिक बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा सके।








फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव स्मृति वाटिका का किया लोकार्पण
हरियाणा सरकार में स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव को किया नमन
बावल के विधायक डा. कृष्ण कुमार ने भी वीर जवान की शहादत को बताया गौरवशाली
रेवाड़ी, 02 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा सरकार में स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने वीरवार को जिला के गांव माजरा में फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव की स्मृति में निर्मित ‘स्मृति वाटिका’ का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने वीर शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनकी शहादत पर पूरे देश और प्रदेश को गर्व है। उन्होंने कहा कि फ्लाइट लैफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव ने अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया, जो आने वाली पीढियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा। स्वास्थ्य मंत्री ने शहीद के परिजनों पिता सुशील यादव, माता सुशीला और बहन दिव्या से भेंट कर उन्हें सांत्वना दी और आश्वस्त किया कि सरकार सदैव उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि शहीदों का सम्मान करना और उनके परिवारों की देखभाल करना सरकार की प्राथमिकता है। मंत्री आरती सिंह राव ने युवाओं से आह्वान किया कि वे फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं और राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पित रहें। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और विकास में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने गांव माजरा में प्रस्तावित एम्स संस्थान के किसी विभाग का नाम फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव के नाम पर रखने की मांग रखी। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि इस मांग को सरकार के समक्ष रखा जाएगा और इसे पूरा करने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे। कार्यक्रम में बावल के विधायक डा. कृष्ण कुमार ने भी शहीद को श्रद्धांजलि दी और उनकी शहादत को गौरवशाली बताते हुए कहा कि ऐसे वीर सपूतों के कारण ही देश सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि समाज को शहीदों के बलिदान को सदैव स्मरण रखना चाहिए। उन्होंने युवाओं को भी उनके दिखाए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। इस अवसर पर जिला परिषद चेयरमैन मनोज यादव, पार्षद जयसिंह, डॉ. अरविंद, इंजीनियर सचिन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।


ज्ञान भारतम मिशन के तहत किया जाएगा राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वे
डीसी अभिषेक मीणा ने मिशन के संबंध में बैठक कर दिए दिशा-निर्देश
रेवाड़ी, 02 अप्रैल, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि ज्ञान भारतम मिशन के तहत राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वे का उद्देश्य प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण तथा व्यापक दस्तावेज तैयार करना है। यह सर्वे निर्धारित समयावधि में पूरा किया जाए। डीसी ने वीरवार को लघु सचिवालय के सभागार में केंद्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय की प्रमुख पहल ‘ज्ञान भारतम मिशन’ के संबंध में बैठक की। इससे पहले हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने प्रदेश के सभी जिलों के उपायुक्त व अन्य अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस कर ज्ञान भारतम मिशन के तहत राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वे के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर दिशा-निर्देश दिए। डीसी अभिषेक मीणा ने बैठक में मिशन के उद्देश्यों, प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण, दस्तावेजीकरण तथा व्यापक डेटाबेस तैयार करने को लेकर दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर सर्वे कार्य को गंभीरता से लेते हुए सभी संबंधित संस्थानों, पुस्तकालयों, धार्मिक स्थलों व निजी संग्रहों की पहचान सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि फील्ड सर्वे, भौतिक सत्यापन एवं जियो-टैगिंग का कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार किया जाए तथा समयबद्ध तरीके से रिपोर्टिंग सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही जिला स्तरीय समिति के माध्यम से कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग की जाएगी। डीसी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मिशन के सफल क्रियान्वयन के लिए समन्वय व जन-जागरूकता पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों व आमजन की सहभागिता से इस अभियान को व्यापक बनाया जाए। बैठक में सीटीएम जितेंद्र कुमार, डीईओ विजेंद्र हुड्डा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।




समाधान शिविर जनसुनवाई का बन रहे सशक्त माध्यम
समाधान शिविर में आमजन की शिकायतें सुनकर करवाया निवारण
रेवाड़ी, 02 अप्रैल, अभीतक: प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार लघु सचिवालय के सभागार में समाधान शिविर का आयोजन किया गया। डीसी अभिषेक मीणा के मार्गदर्शन में आयोजित समाधान शिविर में एसडीएम सुरेश कुमार ने सीटीएम जितेंद्र कुमार के साथ आमजन की शिकायतें सुनते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्राथमिकता से निवारण करवाने के निर्देश दिए। एसडीएम सुरेश कुमार ने कहा कि जिला और उपमंडल स्तर पर आयोजित किए जा रहे समाधान शिविर जनसुनवाई का सशक्त माध्यम बन रहे हैं। इन शिविरों में आमजन की शिकायतें सुनने के लिए सभी विभागों के अधिकारी एक छत के नीचे मौजूद रहते हैं। इन शिविरों का उद्देश्य जनता की शिकायतों का मौके पर ही निपटान करना है। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि सोमवार व वीरवार को सुबह 10 से 12 बजे तक आयोजित किए जा रहे समाधान शिविर में अपनी समस्याओं को प्रशासन के समक्ष रखकर निवारण करवाएं। समाधान शिविर में एसडीएम सुरेश कुमार ने गांव सुलखा में श्मशान भूमि पर अवैध कब्जा की शिकायत पर डीडीपीओ को कब्जा हटवाने के निर्देश दिए। गांव जाटूवास में अवैध रूप से रैंप बनवाने की शिकायत पर डीडीपीओ को जांच कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। गांव चांदनवास के राजकीय विद्यालय में एक शिक्षक द्वारा अभिभावक व विद्यार्थी से दुर्व्यवहार करने के आरोप में डीईईओ को एक सप्ताह में जांच कर रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए। रेवाड़ी शहर के स्वर्ण जयंती पार्क माडल टाउन में लाइट की समस्या और रेलवे रोड पर अतिक्रमण की शिकायत पर संबंधित अधिकारियों को जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके अलावा समाधान शिविर में पुलिस, परिवार पहचान पत्र, पेंशन व बिजली संबंधित शिकायतों पर संबंधित विभागों के अधिकारियों प्राथमिकता से निवारण करने के निर्देश दिए।


प्रवेश उत्सव में नवागंतुकों का किया भव्य स्वागत
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, संगवाड़ी में मनाया प्रवेश उत्सव
रेवाड़ी, 02 अप्रैल, अभीतक: राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय संगवाड़ी में प्रवेश उत्सव के तहत वीरवार को सत्र 2026-27 के शुभारंभ अवसर पर हवन का आयोजन किया गया। जिला शिक्षा अधिकारी विजेंद्र हुड्डा के मार्गदर्शन में आयोजित प्रवेश उत्सव कार्यक्रम में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का पारंपरिक तरीके से तिलक लगाकर स्वागत किया गया तथा प्रत्येक विद्यार्थी को एक-एक पेन भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। कार्यवाहक प्राचार्या डॉ. ज्योत्स्ना यादव ने बताया कि इस प्रकार के आयोजनों का उद्देश्य विद्यार्थियों में विद्यालय के प्रति अपनापन, अनुशासन एवं सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना है। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण सेल्फी पॉइंट्स रहे, जहां विद्यार्थियों ने शिक्षकों के साथ स्मरणीय क्षणों को कैमरे में कैद किया। विद्यालय परिसर को सुंदर रंगोलियों से सजाकर उत्सवमय वातावरण बनाया गया। इस अवसर पर एसएमसी प्रधान ममता, सोमदत्त, नथूराम, डायरेक्टर पैक्स इंदर कुमार, सरपंच राम सिंह, प्रेम प्रकाश, नरेश कुमार, विनोद शर्मा, सूबेदार इंदर सिंह, जगमाल, सुरेश, डॉ. रामपाल, स्टाफ सदस्य सतीश कुमार, अरुण, गजेंद्र, जयभगवान, रमेश, मोहन, पूनम, मीनू, संजोगिता, नवीन, ममता, अलका, उषा, अनीता, नीरू, रितु आदि मौजूद रहे।
भारत की कला दुनिया में एक बड़ा और ऐतिहासिक रिकॉर्ड बना है
राजा रवि वर्मा की मशहूर पेंटिंग ‘यशोदा और कृष्ण’ अब भारत की सबसे महंगी बिकने वाली पेंटिंग बन गई है।यह पेंटिंग ैंिितवदंतज की नीलामी में करीब 167.2 करोड़ रुपये (लगभग 18 मिलियन डॉलर) में बिकी है,और इसे उद्योगपति सायरस पूनावाला ने खरीदा है। यह पेंटिंग करीब 130 साल पुरानी है और इसे 1890 के दशक में बनाया गया था। इसमें माता यशोदा और बाल कृष्ण के बीच का प्यार दिखाया गया है,जो भारतीय संस्कृति में मां-बच्चे के रिश्ते का सबसे सुंदर प्रतीक माना जाता है। राजा रवि वर्मा की खासियत यह थी कि उन्होंने पौराणिक कहानियों और पात्रों को इस तरह चित्रित किया कि आम लोग भी उनसे जुड़ सकें।उनकी कला ने भारतीय पेंटिंग को एक नई पहचान दी, इसी वजह से उन्हें “आधुनिक भारतीय कला का पिता” कहा जाता है। इससे पहले भारत की सबसे महंगी पेंटिंग का रिकॉर्ड एम. एफ. हुसैन के नाम था, जिनकी पेंटिंग ‘ग्राम यात्रा’ करीब 118.7 करोड़ रुपये में बिकी थी।अब यह नया रिकॉर्ड भारतीय कला बाजार के बढ़ते महत्व को दिखाता है। यह घटना सिर्फ एक पेंटिंग की ऊंची कीमत की नहीं है,बल्कि यह इस बात का संकेत है कि भारतीय कला और संस्कृति की कीमत अब पूरी दुनिया में बढ़ रही है। लोग अब न सिर्फ आधुनिक कला,बल्कि पारंपरिक और ऐतिहासिक कला को भी उतनी ही अहमियत दे रहे हैं।



विश्व हिन्दू परिषद बजरंगदल द्वारा हनुमान जन्मोत्सव पर शहर में निकली गयी शौर्य यात्रा’
रेवाड़ी, 02 अप्रैल, अभीतक: हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर विश्व हिन्दू परिषद बजरंगदल रेवाड़ी द्वारा शौर्य यात्रा का भव्य आयोजन किया गया। यह यात्रा रेवाड़ी नगर के प्राचीन हनुमान मंदिर बड़ा तालाब से सुरु हुई व सर्कुलर रोड मार्ग से होकर वापिस हनुमान मंदिर पर समापन हुई। शहर का पूरा वातावरण जय श्री राम तथा हनुमान जी के जयकारे गूंज उठा। यात्रा में सैकड़ो बजरंगदल कार्यकर्ताओ, युवाओं और श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भगवा ध्वज और भजन संकीर्तन के साथ यात्रा का दृश्य अत्यंत प्रेरणादायी रहा। विभिन्न स्थानों पर नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। यात्रा में विश्व हिन्दू परिषद के प्रांत मंत्री वरुण कुमार की विशेष उपस्थिति रही। उन्होंने कहा कि इस शौर्य यात्रा का उद्देश्य समाज में धर्म, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति की भावना को सुदृढ़ करना रहा। यह यात्रा अनुशासन, संगठन तथा सेवा भाव के प्रदर्शन को दर्षाती है। बजरंगदल एक ऐसा संगठन है जो देश मे बढ़ती अशुरी व दुर्जन शक्ति का नाश करने का कार्य करता है। जिलाध्यक्ष राधेश्याम मित्तल ने समाज में एकता और सद्भाव का संदेश देते हुए कहा की इन यात्राओं का उद्देश्य हिंदू समाज को एकजुट करना और संस्कृति की रक्षा का संकल्प लेना होता है। उन्होंने कहा है कि यह यात्रा भव्य और अनुशासित रही इसके लिए स्थानीय प्रशासन के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते है। बजरंगदल जिला सह संयोजक शिव कुमार ने बताया कि इस शौर्य यात्रा में मुख्य रूप से युवाओं द्वारा शौर्य प्रदर्शन किया गया एवं सांस्कृतिक झांकियाँ प्रस्तुत की गई। बजरंगदल रेवाड़ी ने इस आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी नागरिकों का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी इसी प्रकार धर्म, संस्कृति और राष्ट्रप्रेम के लिए कार्य करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में ब्। नितिन गोयल व उनकी पत्नी बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। इस अवसर पर संत ब्रिजेन्द्रपुरी, जिला संघचालक रामअवतार गौतम, भिवानी विभाग मंत्री राजकुमार यादव की विशेष उपस्थिति रही व जिला मंत्री परमेश कुमार, सामाजिक समरसता प्रमुख पवन भारद्वाज, नगर संयोजक चिराग सैनी व सैकड़ो की संख्या में बजरंगदल के कार्यकर्ता व समाज के बंधु उपस्थित रहे।

पंजाब की आढ़ती एसोसिएशन ने हरियाणा के मुख्यमंत्री से की मुलाकात, पंजाब सरकार की नीतियों पर जताई चिंता
भाजपा ही ऐसी सरकार दे सकती है जो किसानों, आढ़तियों और व्यापारियों का भला कर सके: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
चंडीगढ़, 2 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी से पंजाब की आढ़ती एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने चंडीगढ़ स्थित संत कबीर कुटीर आवास पर बुधवार देर शाम मुलाकात की है। इस दौरान पंजाब के आढ़तियों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि पंजाब में लगभग 40 हजार आढ़ती, करीब सवा लाख मुनीम तथा 6-7 लाख श्रमिक इस व्यवस्था से जुड़े हुए हैं। वर्तमान में आढ़तियों के समक्ष आ रही दिक्कतों के चलते पंजाब में आढ़तियों की हड़ताल चल रही है, जिससे व्यापारिक गतिविधियों के साथ-साथ लाखों परिवारों की आजीविका प्रभावित हो रही है। सरकार से वार्ता हुई, लेकिन कोई हल नहीं हुआ। फसल खरीद के इस सीजन में आढ़ती वर्ग के साथ-साथ लेबर तबका और किसान भी परेशान हैं। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने इस विषय पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वह स्वयं कई बार पंजाब का दौरा कर चुके हैं और वहां हर वर्ग चाहे किसान हो, व्यापारी हो या श्रमिक परेशान नजर आता है। समस्याओं के हल की तरफ वहां की आप पार्टी की सरकार कुछ नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार की नीतियों ने पंजाब की आर्थिक स्थिति को कमजोर कर दिया है और प्रदेश को “कंगाल” बनाने का काम किया है। उन्होंने पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अभी भी समय है, पंजाब को वहां की जनता संभाल लें। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा ही वहां ऐसी सरकार दे सकती है जो किसानों, आढ़तियों और व्यापारियों का भला कर सके। मुख्यमंत्री ने हरियाणा का उदाहरण देते हुए कहा कि राज्य में किसानों की सभी फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद की जा रही है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। साथ ही आढ़तियों के कमीशन को भी समय-समय पर बढ़ाया गया है, ताकि उनकी आय और सम्मान दोनों सुरक्षित रहें। मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा में गेहूं पर आढ़तियों को 55 रुपए प्रति क्विंटल का कमीशन दिया है जो कि पंजाब से 9 रुपए अधिक है। आढ़ती एसोसिएशन की ओर से कहा गया कि वे लंबे समय से समस्याओं से जूझ रहे हैं और उन्हें एक ऐसी सरकार की आवश्यकता है जो उनकी बात सुने और ठोस समाधान दे। उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी मांगें रखते हुए सकारात्मक पहल की अपेक्षा जताई। प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई करने वालों में आढ़ती पंजाब फेडरेशन के अध्यक्ष विजय कालरा, पंजाब के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अमरजीत सिंह बराड़, पंजाब के उपाध्यक्ष देवी दयाल, आढ़ती एसोसिएशन पटियाला के अध्यक्ष मुल्ख राज गुप्ता, मोगा के अध्यक्ष समीर जैन शामिल थे।
ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम
8 नई पीएचसी के लिए ₹37.60 करोड़ मंजूर: आरती सिंह राव
चंडीगढ़, 2 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए मुख्यमंत्री द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में 8 नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के निर्माण के लिए ₹37.60 करोड़ की मंजूरी दी गई है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इन नए पीएचसी के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। यह पीएचसी फतेहाबाद जिले के बनगांव और समैण, हिसार जिले के लाडवा, रोहतक जिले के गिरावड़ और समर गोपालपुर, सोनीपत जिले के फरमाणा और सरगथल तथा सिरसा जिले के मल्लेकन गांव में स्थापित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि सिरसा जिले के मल्लेकन गांव में मौजूदा पीएचसी भवन को जर्जर और असुरक्षित घोषित किया जा चुका है, जिसके स्थान पर अब आधुनिक सुविधाओं से युक्त नया भवन बनाया जाएगा। वहीं अन्य गांवों में पहली बार पीएचसी भवनों का निर्माण किया जाएगा, जिससे आसपास के क्षेत्रों के लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उनके नजदीक ही मिल सकेंगी। वित्तीय प्रावधानों की जानकारी देते हुए आरती सिंह राव ने कहा कि इस परियोजना के लिए ₹1144 लाख की राशि 15वें वित्त आयोग (थ्ब्-ग्ट) के तहत और ₹2616.72 लाख राज्य बजट हेड 4210 से खर्च किए जाएंगे। इस प्रकार कुल परियोजना लागत ₹37.60 करोड़ आंकी गई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इन पीएचसी के निर्माण कार्य को पूरा करने में लगभग 18 से 24 महीने का समय लगेगा। परियोजना के सुचारु क्रियान्वयन के लिए धनराशि चरणबद्ध तरीके से जारी की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इन पीएचसी के शुरू होने से न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी, बल्कि बड़े अस्पतालों पर भी दबाव कम होगा। इससे लोगों को समय पर इलाज मिल सकेगा और प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार लगातार स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ करने, नई सुविधाएं जोड़ने और हर नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता: कृषि मंत्री
विभागीय हाई पावर्ड परचेज कमेटी की बैठक आयोजित
चंडीगढ़, 2 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा की अध्यक्षता में आज विभागीय हाई पावर्ड परचेज कमेटी की बैठक आयोजित की गई, जिसमें किसानों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने और कृषि व्यवस्था को मजबूत बनाने से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में हरियाणा बीज विकास निगम के वार्षिक लेबर टेंडर से संबंधित एक अहम प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस निर्णय का उद्देश्य बीज संसाधन, पैकिंग और प्रमाणीकरण की प्रक्रिया को सुचारु बनाना है, ताकि किसानों को समय पर उच्च गुणवत्ता के प्रमाणित बीज रियायती दरों पर उपलब्ध कराए जा सकें। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इस टेंडर की मंजूरी से बीज निगम की विभिन्न इकाइयोंकृहिसार, सिरसा, टोहाना, यमुनानगर, पटौदी और उमरीकृमें बीज उत्पादकों से रॉ बीज की समय पर खरीद सुनिश्चित होगी। इसके बाद बीजों का संसाधन, पैकेजिंग और प्रमाणीकरण भी तय समय सीमा में पूरा किया जा सकेगा। कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है, क्योंकि इससे फसल उत्पादन में वृद्धि होती है और किसानों की आय में सुधार आता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने और किसानों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए लगातार प्रयासरत है। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि इस टेंडर को मंजूरी देने से बीज निगम को लगभग 15 लाख रुपये की बचत होगी। यह निर्णय सरकार की पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन को भी दर्शाता है। बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और हरियाणा बीज विकास निगम के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
सीटी स्कैन और एमआरआई सेवाओं का रिकॉर्ड रखेंगे सभी जिला नागरिक अस्पताल
मरीज की मेडिकल हिस्ट्री होगी फाइल में दर्ज
निर्देशों को तत्काल प्रभाव से लागू करने को कहा
चंडीगढ़, 2 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा के स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक द्वारा राज्य के सभी सिविल सर्जनों और प्रधान चिकित्सा अधिकारियों को सीटी स्कैन और एमआरआई सेवाओं का रिकॉर्ड बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने इस बारे में निर्देश जारी करते हुए जिला नागरिक अस्पतालों में पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर संचालित सीटी स्कैन और एमआरआई सेवाओं के सुचारू संचालन एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। महानिदेशक के अनुसार, राज्य के जिला नागरिक अस्पतालों में वर्ष 2016 से सीटी स्कैन और एमआरआई सेवाएं पीपीपी मॉडल के तहत संचालित हो रही हैं। इन सेवाओं का लाभ बड़ी संख्या में जरूरतमंद मरीज प्रतिदिन उठा रहे हैं। वर्तमान में ये सुविधाएं बीपीएल कार्ड धारकों, दिव्यांग भत्ता प्राप्त करने वाले व्यक्तियों, अनुसूचित जाति वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (म्ॅै), लावारिस सड़क दुर्घटना पीड़ितों, हरियाणा सरकार के कर्मचारियों, पेंशनरों एवं उनके आश्रितों तथा एचआईवी से पीड़ित व्यक्तियों के लिए निःशुल्क उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा है कि इन सुविधाओं के दुरुपयोग को रोकने और उचित रिकॉर्ड बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि संबंधित श्रेणी के किसी भी मरीज को जांच की सलाह दिए जाने पर उसका इंडोर एडमिशन या डे-केयर फाइल अवश्य बनाई जाए। साथ ही, मरीज की मेडिकल हिस्ट्री, लैब जांच, जांच की आवश्यकता, तथा मरीज की सहमति जैसी सभी जानकारी को उपचार कर रहे डॉक्टर द्वारा फाइल में दर्ज किया जाना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त, रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर (त्डव्) को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रतिदिन इन जांचों से संबंधित आदेशों की जांच करें और संबंधित मेडिकल सुपरिटेंडेंट (डै) या प्रधान चिकित्सा अधिकारी (च्डव्) द्वारा इनकी पुष्टि (काउंटरसाइन) सुनिश्चित करें। स्वास्थ्य सेवाएं के महानिदेशक ने सभी अधिकारियों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश देते हुए इसे अत्यंत आवश्यक एवं तत्काल प्रभाव से लागू करने को कहा है।
हरियाणा में ‘ज्ञान भारतम’ पांडुलिपि सर्वे
मुख्य सचिव ने दिया समयबद्ध सर्वेक्षण पर जोर
चंडीगढ़, 2 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने ‘ज्ञान भारतम’ पहल के कार्यान्वयन और राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव आज यहां उपायुक्तों, विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रारों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर ‘ज्ञान भारतम’ पहल के कार्यान्वयन और राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण की समीक्षा कर रहे थे। श्री अनुराग रस्तोगी ने कहा कि यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के उस दृष्टिकोण को दर्शाता है, जिसमें भारत की ज्ञान परंपरा के संरक्षण, नवाचार और अनुकूलन को प्रमुख स्तंभ माना गया है। सितंबर 2025 में शुरू किया गया ‘ज्ञान भारतम’ पोर्टल आधुनिक तकनीक की मदद से सदियों पुरानी पांडुलिपियों की पहचान और संरक्षण के उद्देश्य से विकसित किया गया है। श्री रस्तोगी ने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि हर जिले में व्यवस्थित और समयबद्ध सर्वे सुनिश्चित किया जाए। इस सर्वे में संस्थानों के साथ-साथ मंदिरों, विश्वविद्यालयों, पुस्तकालयों और निजी संग्रहकर्ताओं के पास उपलब्ध पांडुलिपियों को भी शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि व्यापक राष्ट्रीय डाटाबेस तैयार करने के लिए उचित दस्तावेजीकरण, सूचीकरण और मानकीकृत डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना आवश्यक है। कार्य योजना की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने बताया कि सर्वेक्षण एक संरचित प्रक्रिया के तहत किया जाएगा। इसमें पांडुलिपियों और संरक्षकों की पहचान, भौतिक सत्यापन एवं स्थिति का आकलन, विस्तृत सूचीकरण और मेटाडाटा तैयार करना, संरक्षण एवं उच्च गुणवत्ता वाली डिजिटाइजेशन तथा अंत में प्रामाणिकता सुनिश्चित करने के लिए रिपॉजिटरी स्तर पर सत्यापन शामिल होगा। तकनीक की भूमिका पर जोर देते हुए उन्होंने बताया कि उच्च स्तरीय स्कैनर, मेटाडाटा निर्माण और क्लाउड स्टोरेज के साथ सुरक्षित राष्ट्रीय डिजिटल रिपॉजिटरी में डिजिटाइज्ड पांडुलिपियों को अपलोड किया जाएगा। इसके साथ ही प्राचीन ग्रंथों को अधिक सुलभ बनाने के लिए ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन और हैंडरिटन टेक्स्ट रिकग्निशन जैसी उन्नत तकनीकों का भी उपयोग किया जाएगा। क्षमता निर्माण के महत्व पर बल देते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि संरक्षण कार्य के लिए विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। साथ ही प्राचीन लिपियों में विशेष प्रशिक्षण देकर कुशल मानव संसाधन तैयार किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासनिक ढांचे को मजबूत बनाने पर बल देते हुए कहा कि राज्य स्तर पर मुख्य सचिव की निगरानी में तथा जिला स्तर पर उपायुक्तों की अध्यक्षता में समितियां गठित की गई हैं। उन्होंने प्रगति की निगरानी और समस्याओं के समाधान के लिए नियमित और पखवाड़ा समीक्षा बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जून माह तक फील्ड सर्वे पूरा किया जाए। इसके लिए पूर्व-सर्वे समन्वय और निरंतर निगरानी की व्यवस्था की जाए। जनभागीदारी बढ़ाने के लिए मुख्य सचिव ने विश्वविद्यालयों, सांस्कृतिक और धार्मिक संस्थानों, मीडिया विज्ञापनों तथा विशेषज्ञ नेटवर्क के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने अभिलेख दान अभियान और धरोहरशास्त्री इंटर्नशिप कार्यक्रम जैसी पहलों की भी समीक्षा की। इन पहलों का उद्देश्य स्वैच्छिक अभिलेख दान को प्रोत्साहित करना और छात्रों को अभिलेखीय कार्यों से जोड़ना है। श्री रस्तोगी ने कहा कि इस पहल से व्यापक पांडुलिपि डेटाबेस तैयार होगा, दुर्लभ और लुप्तप्राय पांडुलिपियों की पहचान होगी, जीआईएस आधारित राष्ट्रीय रिपॉजिटरी विकसित होगी और भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा के संरक्षण में संस्थागत और सामुदायिक भागीदारी मजबूत होगी। बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री ए.के. सिंह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए, जबकि अभिलेखागार विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री शेखर विद्यार्थी, निदेशक डॉ. बलप्रीत सिंह, उपनिदेशक अभिलेखागार मंजू यादव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे ।
हरियाणा में स्वास्थ्य संस्थानों में पानी के टैंकों की तत्काल सफाई के दिए आदेश – डॉ. सुमिता मिश्रा
सख्ती से पालन कर निर्धारित सुरक्षा व स्वच्छता मानकों के अनुसार टैंकों को कीटाणु-मुक्त करना अनिवार्य
चंडीगढ़, 2 अप्रैल, अभीतक: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, आयुष, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने राज्य भर के सरकारी मेडिकल संस्थानों, विश्वविद्यालयों और स्वास्थ्य केंद्रों में पानी के सभी टैंकों की तत्काल जाँच और सफाई के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सुरक्षित पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने में किसी भी तरह की लापरवाही के प्रति जीरो टॉलरेंस (बिल्कुल भी बर्दाश्त न करने) की नीति पर बल दिया है। डॉ. मिश्रा ने कहा कि समय-समय पर संज्ञान में आया है कि कई संस्थानों में पानी के टैंकों की नियमित रूप से सफाई नहीं की जा रही है, जिससे स्वास्थ्य का गंभीर खतरा पैदा हो रहा है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि मरीजों, कर्मचारियों और आगंतुकों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ पानी उपलब्ध करवाना बेहद जरूरी है और इस मामले में कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने सभी संस्थानों को निर्देश दिए गये है कि वे जमीन के ऊपर और जमीन के नीचे बने, दोनों तरह के पानी के टैंकों की तत्काल और पूरी तरह से जाँच करें। इस जाँच में टैंकों की मौजूदा स्थिति का आकलन किया जाना चाहिए, जिसमें किसी भी तरह के प्रदूषण, रिसाव या ढाँचे को हुए नुकसान के संकेतो की पहचान करना भी शामिल है, ताकि संभावित खतरों को रोका जा सके। जारी निर्देशों के तहत सभी टैंकों की पूरी तरह से सफाई करना अनिवार्य है। इसमें टैंकों में जमा गाद को हटाना, अंदर की सतहों को ठीक से धोना और निर्धारित सुरक्षा व स्वच्छता मानकों के अनुसार कीटाणु-मुक्त करना शामिल है। संस्थानों को निर्देश दिये गये है कि वे यह सुनिश्चित करें कि यह पूरी प्रक्रिया केवल अनुमोदित (मंजूर) तरीकों का उपयोग करके ही की जाए। डॉ. मिश्रा ने संस्थानों को निर्देश दिया है कि वे पानी के टैंकों की समय-समय पर जाँच और सफाई के लिए एक व्यवस्थित कार्यक्रम तय करें, जिसे प्राथमिकता के आधार पर हर तीन महीने (त्रैमासिक) में लागू किया जाए और किसी प्रकार की लापरवाही की पुनरावृत्ति को रोका जाए। इसका उद्देश्य पानी की गुणवत्ता और स्वच्छता मानकों को लगातार बनाए रखना है। सभी संबंधित अधिकारियों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने और 5 अप्रैल, 2026 तक इसकी अनुपालन रिपोर्ट (पालन की रिपोर्ट) जमा करने के लिए कहा गया है। इसके अलावा उपायुक्तों को निर्देश दिये गये है कि वे जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के माध्यम से इन निर्देशों के कार्यान्वयन की निगरानी करें और सात दिनों के भीतर अपनी निगरानी रिपोर्ट जमा करें। डॉ. मिश्रा ने पुनः दोहराया कि स्वच्छ और सुरक्षित पानी पहुँचाना स्वास्थ्य सेवा वितरण का एक बुनियादी और अनिवार्य हिस्सा है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे इस मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और यह सुनिश्चित करें कि हरियाणा भर के स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छता मानकों को बनाए रखने में किसी भी तरह की कोई चूक न हो।
हरियाणा ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में सभी राज्यों में सर्वाधिक सकल एसजीएसटी वृद्धि दर दर्ज की
पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में करदाता आधार में 12ः की हुई वृद्धि
चंडीगढ़, 2 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में सकल राज्य जीएसटी (पोस्ट-सेटलमेंट) राजस्व की वृद्धि दर के आधार पर देश के सभी राज्यों में पहला स्थान प्राप्त किया है । पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में इस वित्तीय वर्ष में 22 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज की गई है, जबकि वित्तीय वर्ष 2025-26 में एसजीएसटी राजस्व में राष्ट्रीय औसत वृद्धि दर 6 प्रतिशत ही है। इस उल्लेखनीय प्रदर्शन ने हरियाणा को भारत के सभी राज्यों में एसजीएसटी राजस्व वृद्धि में एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित किया है। हरियाणा का सकल एसजीएसटी संग्रह (पोस्ट-सेटलमेंट) वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 48,289 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष के संग्रह से 8,546 करोड़ रुपये अधिक है।तेलंगाना, पश्चिम बंगाल और राजस्थान जैसे राज्यों को पीछे छोड़ते हुए, सकल एसजीएसटी (पोस्ट-सेटलमेंट) संग्रह के मामले में, हरियाणा वित्तीय वर्ष 2025-26 में देश में 6वें स्थान पर पहुंच गया है, जो वित्तीय वर्ष 2024-25 में 9वें स्थान पर था। विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि 1 अप्रैल 2026 को हरियाणा में 6,30,818 पंजीकृत करदाता हैं। पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में करदाता आधार में 12ः की वृद्धि हुई है। जीएसटी के लागू होने के बाद के वर्षों में करदाताओं की संख्या में स्थिर वृद्धि दिखाई दी है। सितंबर 2025 में जीएसटी परिषद द्वारा जीएसटी दरों में सुधारों के बाद, हरियाणा राज्य एसजीएसटी संग्रह में प्रशंसनीय वृद्धि दिखा रहा है, जो राज्य की उभरती अर्थव्यवस्था और डेटा विश्लेषण संचालित कर प्रशासन को दर्शाता है। मुख्यमंत्री हरियाणा श्री नायब सिंह ने पुनः जीएसटी दर सुधारों का स्वागत किया और देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण को इन प्रतीक्षित सुधारों के लिए धन्यवाद दिया। इन प्रमुख जीएसटी सुधारों को राज्य के सभी जिलों में जीएसटी बचत उत्सव के रूप में मनाया गया। मुख्यमंत्री ने कर भुगतान करके राज्य के विकास में योगदान देने वाले करदाताओं का आभार व्यक्त किया। प्रदेश सरकार ने राज्य में कर प्रशासन को मजबूत करने पर जोर दिया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट भाषण के दौरान, मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने औद्योगिक संघों और कर प्रैक्टिशनरों से प्राप्त सुझावों के आधार पर कर प्रशासन में कई सुधारों की घोषणा की। इन सुधारों का उद्देश्य आबकारी और कराधान विभाग और करदाताओं के बीच इंटरफेस में केवल सुधार करना नहीं है, बल्कि कर चोरी के खिलाफ प्रवर्तन को मजबूत करना भी है।
लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा सरकार का बड़ा कदम
उपायुक्त की अध्यक्षता में 18 सदस्यीय जिला स्तरीय समाशोधन समिति गठित, प्रक्रियाएं होंगी और सरल
चंडीगढ़, 2 अप्रैल, अभीतक: लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्योग (डैडम्) क्षेत्र को और अधिक सशक्त एवं प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से हरियाणा सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन नियम-16 के नियम-7 के उपनियम (1) में संशोधन करते हुए प्रत्येक जिले में उपायुक्त की अध्यक्षता में 18 सदस्यीय जिला स्तरीय समाशोधन समिति के गठन का निर्णय लिया है। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह संशोधित नियम अब हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन (संशोधन) नियम, 2026 के नाम से जाने जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य उद्योगों से संबंधित विभिन्न अनुमतियों एवं स्वीकृतियों की प्रक्रिया को सरल, त्वरित और पारदर्शी बनाना है, जिससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। गठित समिति में संबंधित जिले का उपायुक्त अध्यक्ष होगा, जबकि विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी सदस्य के रूप में शामिल किए गए हैं। इनमें बिजली निगमों के अधीक्षक अभियंता, उप आबकारी आयुक्त, जिला नगर योजनाकार, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी, उप-सहायक श्रमायुक्त, जिला श्रम आयुक्त, औद्योगिक सुरक्षा कार्यालय के सहायक निदेशक, मुख्य कारखाना निरीक्षक, औषधि निरीक्षक, एचएसआईआईडीसी एवं एचएसवीपी के संपदा अधिकारी, नगर पालिका के कार्यकारी अधिकारी या नगर निगम के संयुक्त आयुक्त, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक, आयुष विभाग एवं अक्षय ऊर्जा विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी, मंडलीय वन अधिकारी, जिला सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग केंद्र के संयुक्त निदेशकध्उप-निदेशक तथा जिला एमएसएमई संगठन के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त, जिला उद्योग केंद्र के संयुक्त निदेशकध्उप-निदेशक को समिति का सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है। यह समिति उद्योगों से संबंधित मामलों के त्वरित निपटान के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान करेगी, जिससे निवेशकों को ‘म्ंेम व िक्वपदह ठनेपदमेे’ के तहत बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई गति प्राप्त होगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी .
कई अहम और समसामयिक विषयों पर हुई चर्चा.
फल उत्पादन, प्राकृतिक खेती और क्लस्टर आधारित मॉडल से बढ़ेगी किसानों की आय: मुख्यमंत्री
सेम एवं लवणीय भूमि सुधार, जैव निकास और जैविक प्रयोगशाला पर विशेष जोर
नई संकर किस्में, ऊतक संवर्धन और कीटनाशक जांच व्यवस्था होगी मजबूत
चंडीगढ़, 02 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आज चंडीगढ़ में सिविल सचिवालय में कृषि एवं बागवानी विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक में किसानों की आय बढ़ाने के लिए फसल विविधीकरण, बागवानी और उच्च मूल्य वाली फल फसलों के विस्तार पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश में मिट्टी और जलवायु के अनुसार क्लस्टर आधारित खेती मॉडल विकसित किया जाए, ताकि किसानों को कम समय में अधिक उत्पादन और बेहतर मूल्य मिल सके।
फल-फसल क्लस्टर और उच्च मूल्य आधारित खेती
मुख्यमंत्री ने कहा कि पारंपरिक फसलों के साथ-साथ फल उत्पादन को बड़े स्तर पर बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने विशेष रूप से स्ट्रॉबेरी, नींबू, अमरूद और ड्रैगन फ्रूट जैसी प्रमुख फल फसलों के लिए उपयुक्त क्षेत्रों की पहचान कर क्लस्टर विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन फलों की बाजार में मांग और लाभकारी मूल्य को देखते हुए किसानों को इनके उत्पादन, पौध उपलब्धता, प्रसंस्करण और विपणन से जोड़ा जाए, ताकि उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सके। मुख्यमंत्री ने अरहर, सोयाबीन, मूंगफली, दलहन, फल फसलों तथा गन्ने के ऊतक संवर्धन आधारित उत्पादन को बढ़ावा देने के निर्देश देते हुए कहा कि हर जिले की कृषि और बागवानी क्षमता का वैज्ञानिक आकलन किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों को बहु-फसली, बहु-उत्पाद और उच्च मूल्य आधारित खेती से जोड़कर स्थायी आय के अवसर प्रदान करना है।
नई संकर किस्में और अनुसंधान को बढ़ावा
बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि नरमा, सरसों, अरहर, सोयाबीन, मूंगफली और दलहनी फसलों की नई संकर एवं अधिक उत्पादन देने वाली किस्में विकसित की जाएं। साथ ही ऐसे बीजों और पौधों के अनुसंधान को बढ़ावा दिया जाए जो ओलावृष्टि, जलवायु परिवर्तन और प्रतिकूल मौसम के प्रभाव को सहन कर सकें। उन्होंने कहा कि कृषि विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और पंचायत स्तर पर उपलब्ध भूमि को अनुसंधान एवं परीक्षण के लिए चिन्हित किया जाए, ताकि नई किस्मों और तकनीकों का स्थानीय परिस्थितियों में परीक्षण कर किसानों तक तेजी से पहुंचाया जा सके। विद्यार्थियों और शोध संस्थानों को भी इस अभियान से जोड़कर नवाचार को गति देने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि अन्य राज्यों के विश्वविद्यालयों में विकसित सफल संकर किस्मों, फल पौधों और आधुनिक तकनीकों का अध्ययन कर उन्हें हरियाणा की परिस्थितियों के अनुरूप अपनाया जाए, ताकि प्रदेश के किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाली पौध और बीज उपलब्ध हो सकें।
सेम एवं लवणीय भूमि सुधार और जैव निकास
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य सरकार ने 1,40,000 एकड़ सेम एवं लवणीय भूमि के सुधार का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जैव निकास के तहत सफेदा (यूकेलिप्टस) के पेड़ किसानों के खेतों की मेड़ों, नहरों के किनारों तथा नालों की मेड़ों पर बड़े पैमाने पर लगाए जाएं, ताकि जलभराव वाले क्षेत्रों से अतिरिक्त पानी को प्राकृतिक रूप से कम किया जा सके। सफेदा के पेड़ अपनी गहरी जड़ों और अधिक जल अवशोषण क्षमता के कारण सेम प्रभावित भूमि के सुधार में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होते हैं।
प्राकृतिक खेती को अभियान रूप में बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए क्लस्टर चिन्हित किए जाएं। इन क्लस्टरों में किसानों को जीवामृत, जैविक घोल, ड्रम और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं तथा उन्हें व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाए। उन्होंने कहा कि गुरुकुल कुरुक्षेत्र में आचार्य देवव्रत द्वारा अपनाई जा रही प्राकृतिक खेती पद्धति को आधार बनाकर इसे लागू किया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसान कम लागत और टिकाऊ खेती से जुड़ सकें। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि जिन क्लस्टरों में किसान प्राकृतिक खेती को अपनाते हैं और उसमें उत्पादकता कम होती है, तो ऐसे क्लस्टर वाले किसानों के नुकसान की भरपाई सरकार द्वारा की जाए। किसानों को आर्थिक सहायता और तकनीकी मार्गदर्शन देकर उनका विश्वास मजबूत किया जाए, ताकि प्राकृतिक खेती को अभियान रूप में आगे बढ़ाकर इसे जनआंदोलन बनाया जा सके।
कीटनाशक जांच और अत्याधुनिक जैविक प्रयोगशाला
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रयोगशालाओं में फसलों, फल-सब्जियों एवं अन्य कृषि उत्पादों में कीटनाशक दवाइयों और कीटनाशक अवशेषों की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए।जिन रसायनों का अत्यधिक उपयोग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है और जिनसे कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की आशंका बढ़ती है, उनके उपयोग पर तत्काल रोक लगाई जाए। नमूनों की जांच के लिए नमूने नियमित रूप से प्रयोगशाला भेजे जाएं तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि एक अत्याधुनिक जैविक प्रयोगशाला स्थापित की जाए, जिसमें जैविक उत्पादों और जैविक उत्पादन से संबंधित सभी नमूनों की नियमित जांच की जा सके। इस प्रयोगशाला में मिट्टी, पानी, जैविक खाद, फसल और अन्य आवश्यक घटकों के नमूनों का वैज्ञानिक परीक्षण सुनिश्चित किया जाए, ताकि जैविक खेती की गुणवत्ता, शुद्धता और मानकों की प्रभावी निगरानी हो सके। बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजेंद्र कुमार, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार, विभाग के महानिदेशक श्री राजनारायण कौशिक, मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री वीरेंद्र बढ़खालसा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
राज्य में किसानों से जुड़ी योजनाओं को पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में लगातार किया जा रहा है कार्य- श्याम सिंह राणा
प्रदेश में अब तक 7,33,083 किसानों की बन चुकी है किसान आईडी
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चैहान ने हरियाणा सरकार की करी सराहना-कहा ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ एक अनुकरणीय पहल
चंडीगढ़, 02 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि राज्य में किसानों से जुड़ी योजनाओं को पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। हरियाणा में पीएम किसान के कुल 20,82,596 किसान लाभार्थी हैं, जिनमें से 16,33,297 किसानों के खाते सक्रिय हैं। अब तक 7,33,083 किसानों की किसान आईडी बनाई जा चुकी है, जो कुल काम का लगभग 45 प्रतिशत पूरा हो चुका है। हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने यह बात आज केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान द्वारा विभिन्न राज्यों के कृषि मंत्रियों की किसान आईडी व खाद विषय को लेकर आयोजित बैठक में चण्डीगढ़ से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कही। श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल के माध्यम से राज्य में किसानों का पूरा रिकॉर्ड पहले ही तैयार किया जा चुका है। इस पोर्टल पर यह जानकारी उपलब्ध है कि जमीन मालिक की है या बटाई पर, और खेत में कौन सी फसल बोई गई है।
किसानों को उनकी फसल के अनुसार ही दी जाती है खाद
उन्होंने बताया कि अब खाद की आपूर्ति को भी इसी पोर्टल से जोड़ दिया गया है। इसके तहत किसानों को उनकी फसल के अनुसार ही खाद दी जाती है, जिससे जरूरत के हिसाब से सही मात्रा में खाद मिल सके। पहले खाद आधार कार्ड के आधार पर दी जाती थी, जिससे उसका सही उपयोग सुनिश्चित नहीं हो पाता था। लेकिन अब खाद केवल उसी किसान को मिलती है जिसके पास जमीन है, जिससे दुरुपयोग पर रोक लगी है।
केंद्र सरकार की खाद सब्सिडी में हरियाणा को करीब 500 करोड़ रुपये से अधिक की हुई बचत
श्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि इस नई व्यवस्था से खाद के सही उपयोग को बढ़ावा मिला है और अनावश्यक खपत कम हुई है। उन्होंने कहा कि भविष्य में यदि फसल और उसकी खाद की जरूरत का पूरा पूर्व रिकॉर्ड तैयार हो जाए, तो खाद का और बेहतर प्रबंधन किया जा सकेगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस बार केंद्र सरकार की खाद सब्सिडी में हरियाणा को करीब 500 करोड़ रुपये से अधिक की बचत हुई है, जो इस नई व्यवस्था की सफलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा जल्दी किसानों की भलाई के लिए जन जागरण अभियान चलाया जायेगा। जिसमे विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक, आईसीआर के वैज्ञानिक और विभिन्न विभागों के अधिकारी गांव-गांव में जाकर कृषि और इससे सम्बंधित क्षेत्रों की जो भी योजनाए और कृषि में नवीनतम तकनीक के बारे में जानकारी देंगे ताकि किसानों की आय में वृद्धि हो सके।
केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री को दी बधाई
इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान ने हरियाणा सरकार की सराहना करते हुए कहा कि ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ एक अनुकरणीय पहल है। इससे खाद के संतुलित उपयोग और सरकारी संसाधनों की बचत का रास्ता दिखता है। उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी और कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा को इस पहल के लिए बधाई दी और उम्मीद जताई कि इस मॉडल को पूरे देश में लागू किया जा सकता है।
वित्त वर्ष 2025-26 में हरियाणा ने सभी राज्यों में सर्वाधिक स्टेट जीएसटी वृद्धि दर्ज की
चंडीगढ़, 02 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा राज्य ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में सभी राज्यों में एसजीएसटी संग्रह में सर्वाधिक वृद्धि दर्ज की है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड द्वारा आज जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा ने वित्तीय वर्ष 2025दृ26 में पोस्ट-सेटलमेंट एसजीएसटी संग्रह 48,289 करोड़ रुपये दर्ज किया, जो कि वित्तीय वर्ष 2024दृ25 के 39,743 करोड़ रुपये की तुलना में 21.5 प्रतिशत की वृद्धि है। यह वृद्धि राष्ट्रीय औसत 5.7 प्रतिशत से काफी अधिक है, जो कर संग्रह में हरियाणा के मजबूत प्रदर्शन को दर्शाती है। प्रवक्ता ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में हरियाणा का कुल जीएसटी संग्रह 8.6 प्रतिशत बढ़ा, जो कि राष्ट्रीय घरेलू जीएसटी वृद्धि दर 6.4 प्रतिशत से अधिक है। इस प्रदर्शन के साथ, हरियाणा सकल घरेलू जीएसटी संग्रह के मामले में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 5वें स्थान पर रहा है। प्रवक्ता ने बताया कि जीएसटी संग्रह में हुई इस मजबूत वृद्धि का कारण राज्य में सक्रिय आर्थिक गतिविधियां, करदाताओं के आधार का विस्तार तथा डेटा-आधारित विश्लेषण के माध्यम से बेहतर अनुपालन है। राज्य सरकार द्वारा कर प्रशासन को सुदृढ़ बनाने और तकनीक के प्रभावी उपयोग पर निरंतर फोकस ने भी इस उत्कृष्ट प्रदर्शन में अहम भूमिका निभाई है।
हरियाणा सरकार किसान की फसल का एक-एक दाना खरीदने के लिए प्रतिबद्ध: अमित अग्रवाल
‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर पुनः पंजीकरण का मौका देने के लिए भी सरकार प्रतिबद्ध, जल्द खुलेगा पोर्टल
किसान व आढ़ती वर्ग ने सरकार की फसल खरीद प्रक्रिया से संतुष्टि जताते हुए किया आभार
चंडीगढ़, 02 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री अमित अग्रवाल ने जिला उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा के साथ बुधवार को फरीदाबाद जिले की मोहना अनाज मंडी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मंडी से जुड़ी समस्याओं को लेकर किसान, आढ़ती व अन्य संबंधित हितधारकों से चर्चा कर फीडबैक लिया। निरीक्षण दौरे में किसानों की मांग पर प्रतिबद्धता जताते हुए मौके पर ही समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के स्पष्ट निर्देश दिए है कि किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदा जाएगा और साथ ही गेहूं की खरीद के बाद भुगतान किसानों के खातों में सीधे स्थानांतरित किया जाएगा। उन्होंने किसानों के आश्वस्त करते हुए कहा कि ष्मेरी फसल मेरा ब्यौराष् पोर्टल के माध्यम से पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है, जिससे किसान स्वयं अपनी फसल का पंजीकरण और ट्रैकिंग कर सकते हैं। पंजीकरण से किसी कारण वंचित किसानों को पुनः पंजीकरण की सुविधा जल्द उपलब्ध करवाई जाएगी।
बीते दस वर्षों से लगातार किसान हित में अग्रणी भूमिका निभा रही हरियाणा सरकार
श्री अमित अग्रवाल ने किसानों को पिछले 10 वर्षों में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में की गई उपलब्धियां की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की नीतियों ने श्अन्नदाताश् को श्उद्यमीश् बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पड़ोसी राज्यों की तुलना में प्रदेश के किसानों को अधिक लाभ दिए जा रहे है। सरकार का एकमात्र उद्देश्य जनहित है। उन्होंने कहा कि किसान व कृषि कार्यों से जुड़े हितधारकों की समस्या व सुझाव पर सरकार का पूरा फोकस है। उन्होंने हितधारकों को आश्वस्त किया कि बीते वर्ष में आई किसी भी समस्या का इस बार दोहराव नहीं होगा। अधिकारी अपने स्तर पर फसल खरीद, उठान व भंडारण के अलावा मंडी में मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने बताया कि मंडी में सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक कांटे, किसान सुविधा केंद्र तथा अटल किसान कैंटीन जैसी व्यवस्थाएं शुरू की गई हैं। अटल किसान कैंटीन में मात्र 10 रुपये में भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे किसानों और मजदूरों के लिए राहत कार्य किए जा रहे हैं। किसान व आढ़ती वर्ग ने सरकार की फसल खरीद प्रक्रिया से संतुष्टि जताई
खाद्य नागरिक, आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग मंत्री राजेश नागर ने जिला रेवाड़ी की अनाज मंडियों का किया निरीक्षण
व्यापारियों की समस्याओं पर तुरंत कार्रवाई, गेहूं खरीद के लिए दूसरी एजेंसी को भी जोड़ा
चंडीगढ़, 02 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा के खाद्य नागरिक, आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले राज्य मंत्री श्री राजेश नागर ने कहा कि अनाज मंडियों पर फसल की खरीद के दौरान किसानों को कोई परेशानी न हो इसके लिए सम्बंधित अधिकारी पूरी संजीदगी बरतते हुए अपने दायित्व का निर्वहन करें। श्री राजेश नागर बुधवार को जिला रेवाड़ी की कोसली, बावल व रेवाड़ी अनाज मंडियों में की गई व्यवस्थाओं, खरीद प्रक्रिया और सुविधाओं का जायजा करने उपरांत बोल रहे थे। उन्होंने निरीक्षण के दौरान आढ़तियों और किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं भी सुनी और संबंधित अधिकारियों को जल्द समाधान करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए कृषि उत्पादन से लेकर खरीद प्रक्रिया तक हर सम्भव सहयोग कर रही है। वहीं उनकी फसलों की खरीद प्रक्रिया भी पारदर्शी ढंग से करने में सजग है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदने के लिए व्यवस्था पूर्ण प्रबंध किए गए है। ऐसे में किसान सहभागी बनते हुए खरीद प्रक्रिया में अपना योगदान दें। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के दिशा-निर्देशानुसार राज्य की सभी अनाज मंडियों में सरसों और गेहूं की खरीद प्रक्रिया को सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं सुचारू बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। मंडियों में किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए आवश्यक सुविधाओं और व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ किया गया है, ताकि उनकी उपज का समय पर और सरल तरीके से उठान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने किसानों के लिए स्थापित हेल्प डेस्क पर दी जा रही सेवाओं, एंट्री गेट व मुख्य द्वार पर बनाए गए कक्ष, आढ़तियों के पास बारदाने की उपलब्धता तथा शिकायत रजिस्टर का भी निरीक्षण किया। मंत्री ने मंडी में आने वाले किसानों के लिए अटल कैंटीन में उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की व्यवस्था की भी जानकारी ली और इसे बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि रबी खरीद सीजन 2026-27 के दौरान मंडियों और खरीद केंद्रों में किसान द्वारा बिक्री के लिए लाई जाने वाली गेहूं की आवक के समय, संबंधित वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर सहित फोटो कैप्चर किया जाएगा, ताकि प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। इस दौरान कोसली में व्यापारियों व किसानों ने मंडी में फसल खरीद को लेकर आ रही परेशानियों से मंत्री को अवगत कराया और एक मांग पत्र सौंपा। मांग पत्र में बारदाना (बोरी) की कमी और गेहूं की खरीद एक ही एजेंसी द्वारा किए जाने से उत्पन्न दिक्कतों का उल्लेख किया गया। मंत्री ने मौके पर ही संज्ञान लेते हुए संबंधित एजेंसी से फोन पर बात की और गेहूं की खरीद के लिए दूसरी एजेंसी को भी शामिल करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों और व्यापारियों को राहत मिल सके।
हरियाणा में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में बड़ा कदम
एसीएस स्वास्थ्य डॉ. सुमिता मिश्रा ने राज्यव्यापी समीक्षा कर व्यापक सुधार के निर्देश किए जारी
स्वास्थ्य व्यवस्था की कमियों पर सख्तीरू साप्ताहिक स्टॉक अपडेट, 24×7 लैब सेवाएं, सभी उपमंडलों में जन औषधि केंद्र, लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस
चंडीगढ़, 02 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने हरियाणा में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी, जवाबदेह और मरीजों की उपचार सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से कई सुधारों की शुरुआत की है। सिविल सर्जनों और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए डॉ. मिश्रा ने दवा प्रबंधन, बेहतर जांच सुविधाओं और अस्पतालों के सुचारु संचालन पर केंद्रित एक स्पष्ट कार्ययोजना प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि यह सिविल सर्जनों की जिम्मेदारी है कि प्रत्येक सोमवार को दवाओं के स्टॉक का डेटा अपडेट किया जाए और सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता बिना किसी रुकावट के सुनिश्चित की जाए। दवा आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने पर सुधार एजेंडा केंद्रित है, जिसके लिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग और जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी। डॉ. मिश्रा ने निर्देश दिए कि सभी जिलों में आवश्यक दवाओं की सूची (म्क्स्) के अनुसार दवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, साथ ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सटीक और समयबद्ध डेटा एंट्री की जाए। उन्होंने असंगत खपत डेटा, वास्तवित स्टॉक और पोर्टल रिकॉर्ड में अंतर तथा डेटा अपडेट में देरी जैसी समस्याओं को रेखांकित किया, जो पूर्वानुमान और खरीद प्रक्रिया को प्रभावित करती हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए जिलों को नियमित स्टॉक मिलान, सिस्टम वैलिडेशन जांच और मासिक स्टॉक का सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, सिविल सर्जनों को समय-समय पर स्टॉक की औचक जांच करने के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। संभावित वैश्विक आपूर्ति व्यवधानों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक दवाओं का बफर स्टॉक बनाए रखने और इस संबंध में एसओपी जारी करने के भी निर्देश दिए गए हैं। डॉ. मिश्रा ने सिविल सर्जनों को साप्ताहिक मॉनिटरिंग करने और जिला स्तर पर समीक्षा प्रणाली स्थापित करने को कहा है, ताकि हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि समग्र निगरानी और अनुपालन की जिम्मेदारी सिविल सर्जनों की होगी, समय पर डेटा एंट्री और स्टॉक सत्यापन की जिम्मेदारी फार्मासिस्टों की तथा दवाओं के विवेकपूर्ण उपयोग और म्क्स् के अनुपालन की जिम्मेदारी चिकित्सा अधिकारियों की होगी। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि दवाओं की मांग, प्राप्ति और खपत से संबंधित सभी रिकॉर्ड नियमित रूप से अपडेट किए जाएं, जिससे रियल-टाइम मॉनिटरिंग और प्रभावी निर्णय संभव हो सके। बैठक में जिला अस्पतालों, उपमंडल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मुफ्त जांच सेवाओं के विस्तार की भी समीक्षा की गई। इस बात की जानकारी दी गई कि जिलों में एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं के संचालन से नागरिकों को किफायती और समय पर जांच सुविधाएं मिल रही हैं। बुनियादी ढांचे के विकास को गति देने के लिए उन्होंने अस्पतालों के अपडेशन के कार्यों को तेज करने और स्वच्छता एवं हाइजीन प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य संस्थानों में साफ-सफाई बनाए रखने के लिए सिविल सर्जन सीधे तौर पर जवाबदेह होंगे। समीक्षा बैठक में 100-दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की गई, जिसमें प्रयासों को तेज करने और समयबद्ध कार्ययोजना लागू करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही सिविल सर्जनों को लिंगानुपात के रुझानों पर कड़ी निगरानी रखने और हालिया सुधारों को बनाए रखने के निर्देश दिए गए। बैठक में डॉ. मिश्रा को अवगत कराया कि सभी जिलों में पीएनडीटी प्रावधानों के सख्त पालन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि सभी निर्देशों के क्रियान्वयन के लिए संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे और निगरानी, डेटा प्रबंधन या सेवा वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना: तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब नांदेड़ की निःशुल्क यात्रा के लिए वरिष्ठ नागरिक 15 अप्रैल तक कराएं सरल पोर्टल पर पंजीकरण
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 5 मई को कुरुक्षेत्र से विशेष रेलगाडी को झंडी दिखाकर श्री हजूर साहिब नांदेड़ के लिए करेंगे रवाना
चंडीगढ़, 02 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा सरकार की मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत श्री हजूर साहिब नांदेड़, महाराष्ट्र के लिए 5 मई को कुरुक्षेत्र से विशेष ट्रेन रवाना होगी। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी इस ट्रेन को झंडी दिखाकर प्रदेश के विभिन्न जिलों से जाने वाली संगत को रवाना करेंगे। सरकार के प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि वरिष्ठ नागरिक, जिनकी आयु 60 वर्ष से अधिक है और उनकी पारिवारिक आय एक लाख 80 हजार रुपए से कम है, वे इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। योजना का लाभ उठाने के लिए सरल हरियाणा पोर्टल पर 15 अप्रैल तक पंजीकरण किया जा सकता है। पात्र व्यक्ति नजदीकी सीएससी सेंटर या अपने स्मार्ट फोन से सरल हरियाणा पोर्टल पर घर बैठे इस निःशुल्क यात्रा के लिए पंजीकरण कर सकते हैं।
योजना का लाभ उठाने के लिए यह होगी पात्रता
प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत आवेदन करने के लिए कुछ आवश्यक दस्तावेज अनिवार्य किए गए हैं, जिनमें वैध फोटो पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड या अन्य सरकारी आईडी), परिवार पहचान पत्र (पीपीपी), शारीरिक रूप से यात्रा के लिए फिट होने की स्वयं घोषणा तथा पिछले तीन वर्षों में योजना का लाभ न लेने की घोषणा शामिल है। उन्होंने पात्रता की जानकारी देते हुए बताया कि आवेदक का हरियाणा का निवासी होना और परिवार पहचान पत्र होना अनिवार्य है। प्रवक्ता ने बताया कि वरिष्ठ नागरिक को एक सहायक को पूर्ण भुगतान पर साथ ले जाने की अनुमति है। वहीं 18 से 60 वर्ष आयु वर्ग या 1.80 लाख से अधिक आय वाले लोग इस योजना का लाभ पूर्ण भुगतान पर उठा सकते हैं। योजना के नियमों के अनुसार, कोई भी व्यक्ति हर तीन वर्षों में केवल एक बार ही इस सुविधा का लाभ ले सकता है। “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर संचालित इस योजना में आवेदन के लिए परिवार पहचान पत्र अनिवार्य है। प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के तहत यात्रियों के रहने, खाने और स्थानीय परिवहन की पूरी व्यवस्था सरकार द्वारा अपने स्तर पर की जाएगी।
पंजीकरण के उपरांत संगत को डीआईपीआरओ कार्यालय में देनी होगी सूचना
प्रवक्ता ने बताया कि आवेदन करने के उपरांत आवेदक को सूचना अपने – अपने जिला में स्थित जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी कार्यालय में अवश्य देनी होगी ताकि पात्र व्यक्तियों की सूचना रेलवे को समय पर भेजी जा सके। पंजीकृत व्यक्ति 16 अप्रैल से पहले यह सूचना डीआईपीआरओ कार्यालय में अवश्य दें।
युवाओं को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बिना खर्ची-पर्ची के योग्यता के आधार पर मुहैया करवा रहे सरकारी नौकरी-सुमन सैनी
चंडीगढ़, 02 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की उपाध्यक्षा श्रीमती सुमन सैनी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी लाडवा विधानसभा के गांवों में विकास कार्यों के लिए 21-21 लाख रुपए दे रहे हैं और इसके साथ ही गांव की तरफ से जिन विकास कार्यों की सूची सौंपी जा रही है, मुख्यमंत्री उन कामों को पूरा करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने उन्हें विधानसभा वासियों की समस्याओं को सुनने के लिए जिम्मेदारी सौंपी हुई है। उसी जिम्मेदारी को निभाते हुए वो लगातार हल्का वासियों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं और शिकायतों को सुनती हैं। उपाध्यक्षा श्रीमती सुमन सैनी बुधवार को लाडवा विधानसभा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रही थी। उन्होंने विधानसभा के गांव ईशरगढ़, गांव अटल नगर, गांव शंकर कॉलोनी, पूर्विया डेरा सिरसमा, गांव मथाना, गांव छारपुरा, गांव मुकरपुर और गांव बोडला में ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। उन्होंने अधिकतर समस्याओं के लिए मौके पर ही अधिकारियों को समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि सभी अपने-अपने बच्चों की पढ़ाई जरुर करवाएं, क्योंकि एक पढ़ा-लिखा नागरिक अपनी चार पीढियों का सुधार तो करता ही है। इसके साथ ही देश की उन्नति और प्रगति में भी अपना अहम योगदान देते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी प्रदेश में बिना खर्ची-पर्ची के युवाओं को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी मुहैया करवा रहे हैं। इससे प्रदेश में बहुत बड़ा परिवर्तन देखने को मिला है। पहले की सरकारों में युवा वर्ग नौकरी पाने के लिए खर्ची लेकर नेताओं के पीछे पर्ची पाने के लिए लगे होते थे और अब पढ़ाई के लिए कोचिंग सेंटर पर पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री प्रदेश की सभी विधानसभाओं का समान रूप से विकास करवा रहे हैं। लाडवा विधानसभा में चार गुणा गति से विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। प्रदेश में पहले की सरकारों में क्षेत्र और जाति को देखकर काम होते रहे थे, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने क्षेत्रवाद, जातिवाद को तो खत्म किया ही है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी को लाडवा की ग्रामीण सीट से चुनाव लड़वाकर ग्रामीण विकास को बढ़ावा दिया है। उन्होंने कहा कि इस सोच से देश, प्रदेश व ग्रामीण क्षेत्र को विकसित करने में गति मिली है। ऐसी योजनाओं से ही वर्ष 2047 तक देश को विकसित भारत बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के हर वर्ग के लिए योजनाएं बनाई है। इन योजनाओं को घर-घर पहुंचाने के लिए भाजपा कार्यकर्ता लगातार काम कर रहे हैं और जरूरतमंदों व योग्य पात्रों का उन योजनाओं में आवेदन करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने चुनाव के दौरान महिलाओं को किए वादे को पूरा करते हुए दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना को लागू किया और इस योजना की पांच किस्तों को महिलाओं के खातों में पहुंचाया जा चुका है।
चंडीगढ़ प्रशासन ने मांगा प्रतिनियुक्ति हेतु एचसीएस अधिकारियों का पैनल
चंडीगढ़, 02 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा सरकार ने चंडीगढ़ प्रशासन में प्रतिनियुक्ति पर कार्य करने के इच्छुक हरियाणा सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) के अधिकारियों से सहमति मांगी है। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा इस संबंध में एक पत्र जारी किया गया है। जारी पत्र के अनुसार चंडीगढ़ प्रशासन ने हरियाणा सरकार से एचसीएस (कार्यकारी शाखा) के ऐसे अधिकारियों का पैनल भेजने का अनुरोध किया है, जिनकी सेवा में कम से कम पांच वर्ष की वरिष्ठता हो और जो चंडीगढ़ प्रशासन में प्रतिनियुक्ति पर कार्य करने के इच्छुक हों। इस संबंध में राज्य सरकार द्वारा उपयुक्त वरिष्ठता वाले तीन एचसीएस अधिकारियों का पैनल तैयार किया जाना है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों से अपनी सहमति भेजने को कहा गया है। इच्छुक अधिकारी पत्र जारी होने की तिथि से 10 कार्य दिवस के भीतर अपनी सहमति विभाग को ई-मेल ेनचेमतअपबमे2ण्बेव/ीतलण्हवअण्पद के माध्यम से भेज सकते हैं।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं: ए. श्रीनिवास
चंडीगढ़, 02 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री ए. श्रीनिवास ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 15 मार्च, 2026 को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु एवं पश्चिम बंगाल की विधानसभाओं के आम चुनाव तथा 6 राज्यों में उपचुनाव की घोषणा के अनुरूप चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि ईवीएम एवं वीवीपैट मशीनों का आवंटन एक पारदर्शी एवं निष्पक्ष प्रक्रिया के तहत दो चरणों में रैंडमाइजेशन के माध्यम से किया जा रहा है। चुनाव प्रक्रिया के दौरान पहले चरण में जिला स्तर के गोदामों से विधानसभा क्षेत्रों को मशीनों का आवंटन किया जाता है, जबकि दूसरे चरण में विधानसभा क्षेत्र स्तर से मतदान केंद्रों को मशीनें आवंटित की जाती हैं। उन्होंने आगे बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार पहला रैंडमाइजेशन जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा ईवीएम मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में सम्पन्न किया गया। इस प्रक्रिया के तहत लगभग 8.85 लाख ईवीएम यूनिट्स (बैलेट यूनिट, कंट्रोल यूनिट एवं वीवीपैट) चुनावों में उपयोग के लिए आवंटित की गईं। श्री श्रीनिवास ने बताया कि दूसरा रैंडमाइजेशन रिटर्निंग अधिकारियों द्वारा ईवीएम मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से असम, केरल एवं पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों तथा गोवा, कर्नाटक, नागालैंड एवं त्रिपुरा में 9 अप्रैल, 2026 को होने वाले उपचुनावों के लिए सम्पन्न किया जा चुका है। यह प्रक्रिया भी सभी प्रत्याशियों की उपस्थिति में पूर्ण पारदर्शिता के साथ संपन्न की गई। उन्होंने कहा कि पहले एवं दूसरे रैंडमाइजेशन के तहत आवंटित ईवीएम एवं वीवीपैट की सूची सभी प्रत्याशियों के साथ साझा की जाएगी, जिससे चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता और अधिक सुदृढ़ हो सके। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने यह भी बताया कि तमिलनाडु एवं पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनावों तथा शेष 2 राज्यों में उपचुनावों के लिए दूसरा रैंडमाइजेशन उम्मीदवारों द्वारा नाम वापसी की अंतिम तिथि के बाद नियमानुसार किया जाएगा।
यू.एच.बी.वी.एन पंचकूला जोन के उपभोक्ताओं की अप्रैल माह में चार दिन करेगा शिकायतों का निवारण
06, 13, 20 और 27 अप्रैल को विद्युत सदन, पंचकूला में की जाएगी सुनवाई
1 से 3 लाख रुपये तक के वित्तीय विवादों से संबंधित शिकायतों की मंच करेगा सुनवाई
चंडीगढ़, 02 अप्रैल, अभीतक: उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम उपभोक्ताओं को विश्वसनीय, अच्छी वोल्टेज और निर्बाध बिजली की आपूर्ति के लिए प्रतिबद्ध है। ‘पूर्ण उपभोक्ता संतुष्टि’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बिजली निगम द्वारा अनेक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम प्रारंभ किये गए हैं ताकि उपभोक्ताओं की समस्याओं को त्वरित रूप में सुलझाया जा सके।
उक्त जानकारी देते हुए बिजली निगम के प्रवक्ता ने बताया कि जोनल उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच रेगुलेशन 2.8.2 के अनुसार प्रत्येक मामले में 1 लाख रुपये से अधिक और 3 लाख रुपये तक की राशि के वित्तीय विवादों से संबंधित शिकायतों की सुनवाई करेगा। पंचकूला जोन के अंतर्गत आने वाले जिले कुरुक्षेत्र, अंबाला, पंचकूला, कैथल और यमुनानगर के उपभोक्ताओं की शिकायतों का निवारण 06, 13, 20 और 27 अप्रैल को जोनल उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच द्वारा पंचकूला में समाधान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पंचकूला जोन के अंतर्गत आने वाले जिलों के उपभोक्ताओं के गलत बिलों, बिजली की दरों से सम्बंधित मामलों, मीटर सिक्योरिटी से जुड़े मामलों, खराब हुए मीटरों से सम्बंधित मामलों, वोल्टेज से जुड़े हुए मामलों का निस्तारण किया जाएगा। इस दौरान बिजली चोरी, बिजली के दुरूप्योग और घातक गैर-घातक दुर्घटना आदि मामलों पर विचार नहीं किया जाएगा। प्रवक्ता ने बताया कि उपभोक्ता और निगम के बीच किसी भी विवाद के निपटान के लिए फोरम में वित्तीय विवादों से संबंधित शिकायत प्रस्तुत करने से पहले पिछले छह महीनों के दौरान उपभोक्ता द्वारा भुगतान किए गए बिजली के औसत शुल्क के आधार पर गणना की गई प्रत्येक माह के लिए दावा की गई राशि या उसके द्वारा देय बिजली शुल्क के बराबर राशि, जो कम है, उपभोक्ता को जमा करवानी होगी। इस दौरान उपभोक्ता को प्रमाणित करना होगा कि यह मामला अदालत, प्राधिकरण या फोरम के समक्ष पेंडिंग (लंबित) नहीं है क्योंकि इस न्यायालय या फोरम में विचाराधीन मामलों पर बैठक के दौरान विचार नहीं किया जाएगा। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम उपभोक्ताओं से अपील करता है कि वे अपनी बिजली से संबंधित समस्याओं के समाधान के 06, 13, 20 और 27 अप्रैल को यू.एच.बी.वी.एन के मुख्यालय, विद्युत सदन, इंडस्ट्रियल प्लाट-3 और 4, सेक्टर-14, पंचकूला में प्रातः 11.30 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक होने वाली कार्यवाही में सम्मिलित होकर अपनी समस्याओं का समाधान करवाएं। निगम प्रदेश के सभी उपभोक्ताओं को निरंतर एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति मुहैया करवाने के लिए वचनबद्ध है।
खाद्य नागरिक, आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग मंत्री राजेश नागर ने सोहना की अनाज मंडी का किया निरीक्षण
किसानों को सर्वोच्च प्राथमिकता, हरियाणा सरकार ने फसल बिक्री में सुनिश्चित की सुगम व्यवस्था – राजेश नागर
चंडीगढ़, 02 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री श्री राजेश नागर ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के दिशा-निर्देशों के तहत प्रदेश की सभी अनाज मंडियों में सरसों और गेहूं की खरीद प्रक्रिया को सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं सुचारू बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। उन्होंने कहा कि मंडियों में किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए आवश्यक सुविधाओं और व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ किया गया है, ताकि उनकी उपज का समय पर और सरल तरीके से उठान सुनिश्चित किया जा सके। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री श्री राजेश नागर बुधवार को गुरूग्राम जिला के सोहना अनाज मंडी का निरीक्षण करने उपरांत बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने आढ़तियों और किसानों से संवाद कर उनकी समस्याएं भी जानीं। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने किसानों के लिए स्थापित हेल्प डेस्क पर दी जा रही सेवाओं, एंट्री गेट व मुख्य द्वार पर बनाए गए कक्ष, आढ़तियों के पास बारदाने की उपलब्धता तथा शिकायत रजिस्टर का भी बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों से प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए। श्री नागर ने मंडी में आने वाले किसानों के लिए अटल कैंटीन में उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की व्यवस्था की भी जानकारी ली और इसे बेहतर बनाए रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा खाद्यान्न खरीद प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से वर्तमान में संचालित ई-खरीद पोर्टल को अपग्रेड किया गया है, जिसमें कई नए प्रावधान जोड़े गए हैं। उन्होंने बताया कि रबी खरीद सीजन 2026-27 के दौरान मंडियों और खरीद केंद्रों में किसान द्वारा बिक्री के लिए लाई जाने वाली गेहूं की आवक के समय, संबंधित वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर सहित फोटो कैप्चर किया जाएगा, ताकि प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
हरियाणा सरकार ने लगाए तीन जिलों के प्रभारी अधिकारी
चंडीगढ़, 02 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा सरकार ने यमुनानगर, हांसी और रेवाड़ी जिलों के प्रभारी अधिकारी नियुक्त किए हैं। मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी आदेशानुसार, श्सभी के लिए आवासश् विभाग के आयुक्त एवं सचिव मोहम्मद शाइन को यमुनानगरय खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री जे. गणेशन को हांसी और शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री अशोक कुमार मीणा को रेवाड़ी जिले का प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। प्रभारी अधिकारी को तिमाही रिपोर्ट मॉनिटरिंग एवं कोऑर्डिनेशन सेल को भेजनी होगी, जिसमें 25 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की प्रगति, अपराधों व जघन्य अपराधों की स्थिति, सतर्कता संबंधी मामले, सेवा अधिकार अधिनियम के अंतर्गत सेवाओं की डिलीवरी व्यवस्था तथा स्वास्थ्य, शिक्षा व सामाजिक क्षेत्रों की कार्यप्रणाली की समीक्षा शामिल होगी। इसके अतिरिक्त, वे सांसदों, विधायकों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों से जिला उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति में संवाद करेंगे तथा समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग से संबंधित किसी एक महत्वपूर्ण स्थल का निरीक्षण भी करेंगे।
हरियाणा सरकार किसानों की उपज को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदने के लिए पूरी तरह से है प्रतिबद्ध
चालू वर्ष के लिए सूरजमुखी के बीज का एमएसपी है 7721 रुपये प्रति क्विंटल
चंडीगढ़, 02 अप्रैल, अभीतक: हैफेड ने 1 अप्रैल, 2026 को एक प्रमुख राष्ट्रीय हिंदी दैनिक में प्रकाशित उस समाचार को गलत, भ्रामक और तथ्यों से परे बताया है, जिसमें हैफेड द्वारा जारी खरीद संबंधी निर्देशों में सूरजमुखी के बीज के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का गलत उल्लेख किया गया था। आज यहां यह बताते हुए हैफेड के एक प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि खरीद संबंधी निर्देश हैफेड द्वारा दिनांक 19 मार्च 2026 के पत्र के माध्यम से जारी किए गए थे, जिसमें सभी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का सही उल्लेख किया गया था। हालांकि, एक अनजाने लिपिकीय त्रुटि के कारण सूरजमुखी के बीज का एमएसपी चालू वर्ष के एमएसपी के बजाय गलती से 6540 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज कर दिया गया था। उक्त त्रुटि को बाद में ध्यान में लाया गया और सुधारा गया। संशोधित निर्देश पूर्व निर्देशों के स्थान पर 29 मार्च 2026 को ही जारी कर दिए गए थे, जिसमें चालू वर्ष के सूरजमुखी के बीज का सही एमएसपी यानी 7721 रुपये प्रति क्विंटल शामिल किया गया था। संशोधित निर्देशों की सूचना सभी संबंधित पक्षों को यह बताना महत्वपूर्ण है कि समाचार रिपोर्ट में केवल प्रारंभिक निर्देशों का उल्लेख किया गया है और पहले से जारी किए गए संशोधित निर्देशों को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया है, जिससे एक अधूरे और भ्रामक तथ्य प्रस्तुत किए हैं। इसके अलावा समाचार में कुरुक्षेत्र स्थित हैफेड के जिला प्रबंधक के हवाले से एक बयान दिया गया है। इस संबंध में यह स्पष्ट किया गया है कि किसी भी पत्रकार ने संबंधित जिला प्रबंधक से संपर्क नहीं किया है और उनके हवाले से दिया गया बयान गलत और अनधिकृत है। इस तरह की रिपोर्टिंग से न केवल हैफेड की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है, बल्कि किसानों के बीच अनावश्यक भ्रम भी पैदा हो सकता है। प्रवक्ता ने कहा कि सभी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) भारत सरकार द्वारा निर्धारित किया जाता है और हरियाणा में राज्य की खरीद एजेंसियों, जिनमें हैफेड भी शामिल है, द्वारा अधिसूचित एमएसपी पर ही खरीद की जाती है। राज्य सरकार किसानों की उपज को एमएसपी पर खरीदने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
अधिकारियों की व्यवसायिक क्षमताओं, प्रशासनिक दक्षता और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
आंकड़ों पर आधारित और प्रभावी शासन के लिए मानव संसाधनों को सुदृढ़ बनाना रहा मुख्य ध्येय
चंडीगढ़, 02 अप्रैल, अभीतक: आर्थिक एवं सांख्यिकीय कार्य विभाग हरियाणा के निदेशक मनोज कुमार गोयल ने कहा कि अधिकारियों की व्यवसायिक क्षमताओं, प्रशासनिक दक्षता और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए समय समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना चाहिए ताकि शासन में आंकड़ों और प्रौद्योगिकी का बेहतर उपयोग किया जा सकें। निदेशक श्री मनोज कुमार गोयल आर्थिक एवं सांख्यिकीय कार्य विभाग द्वारा सांख्यिकीय सुदृढ़िकरण सहायता उप-योजना के अन्तर्गत क्षमता विकास एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे। लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह, सैक्टर-1, पंचकूला में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में आर्थिक एवं सांख्यिकीय कार्य विभाग के 30 से अधिक अधिकारियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य विषय आंकड़ों पर आधारित और प्रभावी शासन के लिए मानव संसाधनों को सुदृढ़ बनाना रहा। वित्त एवं योजना विभाग के विशेष सचिव डॉ० जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य सॉफ्ट स्किल्स डेवलपमेंट लीडरशिप क्वालिटी, कम्युनिकेशन स्किल्स और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट के विषय पर सरकारी विभागों में नीति निर्माण, निगरानी और निर्णय लेने की प्रक्रिया में डेटा एनालिटिक्स के प्रभावी उपयोग और ए०आई० का जिम्मेदारी पूर्ण उपयोग पर करना है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण में नेतृत्व क्षमता, प्रभावी संचार और भावनात्मक बुद्धिमत्ता के विषय पर ध्यान केंद्रित किया गया, जो अधिकारियों के लिए कुशल सार्वजनिक सेवा वितरण और व्यावसायिक विकास के लिए आवश्यक है। सरकारी कर्मचारियों से सम्बन्धित महत्वपूर्ण सेवा नियमों, प्रक्रियाओं और प्रशासनिक प्रथाओं का संक्षिप्त विवरण भी प्रशिक्षण में प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में ज्ञान सांझा करने और क्षमता निर्माण के लिए एक उपयोगी मंच मिला, जिससे अधिक प्रभावी और डेटा आधारित शासन के लिए मानव संसाधनों को मजबूत करने में योगदान मिलेगा। इसके अलावा प्रतिभागियों को सेवा सम्बन्धी मामलों और दैनिक प्रशासनिक कार्यों में उनके व्यवहारिक अनुप्रयोग को समझने में भी सहायता मिली। प्रशिक्षण में डिजिटल सहायक त्वरित प्रशासन के लिए जनरेटिव ए०आई० का उपयोग शीर्षक से एक तकनीकी सत्र संचालित किया गया। सत्र में प्रतिभागियों को प्रशासनिक कार्यों में जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटैलिजेंस उपकरणों के उपयोग से अवगत करवाया गया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण में सजगता तनाव प्रबंधन के लिए तकनीक, भोजन, योगासन और भावनात्मक बुद्धिमत्ता विषय पर कार्यस्थल के तनाव को प्रबंधित करने और मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में सजगता, स्वस्थ जीवनशैली और भावनात्मक बुद्धिमत्ता की भूमिका पर प्रकाश डाला गया, जो अंततः उत्पादकता और निर्णय लेने की क्षमता में सुधार प्रक्रिया में योगदान देगा। कार्यक्रम में शिक्षाविद प्रेरक वक्ता सुश्री प्रियंका पुनिया, सेवानिवृत मुख्य लेखा अधिकारी वी०के० धमिजा, युवा पेशेवर डॉ० रूदिता गोयल, सुश्री प्रियंका पुनिया ने भी अलग अलग विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम के समापन अवसर पर अतिरिक्त निदेशक आर०के० मोर ने वक्ताओं के बहुमूल्य योगदान और अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी पर आभार जताया।
हरियाणा को जलवायु-अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम
100 करोड़ रुपये के बीज प्रावधान के साथ ‘हरियाणा ग्रीन क्लाइमेट रेजिलिएंट फंड’ की स्थापना का प्रस्ताव: राव नरबीर सिंह
मसानी बैराज और यमुना शुद्धिकरण के लिए भी ठोस पहल
चंडीगढ़, 02 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा के वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार हरियाणा को जलवायु-अनुकूल बनाने की दिशा में एक बड़ा और दूरदर्शी कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी द्वारा वर्ष 2026-27 के बजट अभिभाषण में ₹100 करोड़ के सीड प्रावधान के साथ “हरियाणा ग्रीन क्लाइमेट रेजिलिएंट फंड” की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह फंड राज्य में शून्य-उत्सर्जन वाहनों, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण, शहरी हरित करण, जलवायु-अनुकूल कृषि तथा प्रकृति-आधारित समाधानों जैसे क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देगा। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर पर वायु और जल प्रदूषण को संतुलित करना तथा वर्ष 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन के लक्ष्य के अनुरूप हरियाणा को स्वच्छ, हरित और पर्यावरण-संतुलित राज्य बनाना है। राव नरबीर सिंह ने कहा कि सरकार केवल नीतिगत स्तर पर ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर भी प्रदूषण से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठा रही है। इसी कड़ी में राजस्थान के धारूहेड़ा क्षेत्र से रेवाड़ी जिले के मसानी बैराज में आने वाले दूषित पानी की समस्या को गंभीरता से लिया गया है, जिससे आसपास के 16 से 17 गांवों की उपजाऊ कृषि भूमि प्रभावित हो रही है। उन्होंने बताया कि इस पानी में रासायनिक अपशिष्ट की अधिकता के कारण भूमि की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए सिंचाई विभाग को व्यापक और व्यावहारिक योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मसानी बैराज में पानी का प्रवाह प्राकृतिक है, जिसे पूरी तरह रोका नहीं जा सकता। ऐसे में एक समग्र समाधान के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग-48 से जुड़ी परियोजना तैयार की जाएगी, जिसकी अनुमानित लागत ₹150 करोड़ होगी। इस परियोजना में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा ₹100 करोड़ तथा हरियाणा और राजस्थान सरकार द्वारा ₹25-25 करोड़ का योगदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार 313 किलोमीटर लंबाई की यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए एक विशेष मिशन शुरू करने की दिशा में भी कार्य कर रही है। यह मिशन मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में संचालित होगा, जिसके तहत मल-जल शोधन क्षमता में वृद्धि, अनियंत्रित अपशिष्ट प्रवाह पर रोक, औद्योगिक इकाइयों की वास्तविक समय निगरानी, नदी तटों का संरक्षण, हरित पट्टी विकास तथा भू-जल पुनर्भरण जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026-27 के दौरान यमुना में गिरने वाले सभी नालों के जल का वैज्ञानिक उपचार सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे नदी को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाया जा सके। राव नरबीर सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि इन सभी पहलों से हरियाणा में पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा मिलेगी और प्रदेश सतत एवं हरित विकास की ओर तेजी से अग्रसर होगा।