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माजरा-डी खरीद केंद्र के पुनर्निर्माण को 4.10 करोड़ की मंजूरी, जल्द शुरू होंगे विकास कार्य
एसडीएम रेणुका नांदल ने सोमवार को माजरा-डी खरीद केंद्र का किया दौरा’
बेरी, 06 अप्रैल, अभीतक: एसडीएम रेणुका नांदल ने सोमवार को माजरा-डी स्थित खरीद केंद्र का निरीक्षण करते हुए बताया कि खरीद केंद्र पर किसानों व आढ़तियों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार और प्रसाशन सजग है। इस खरीद केंद्र पर मूल भूत सुविधाएं प्रदान करने के लिए सरकार द्वारा 4.10 करोड़ रुपये (410.21 लाख रुपये) की प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है। इस राशि से खरीद केंद्र पर आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी और जरूरी कार्य जल्द शुरू कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि खरीद केंद्र में जमीन को समतल करने तथा निचले हिस्सों को ऊंचा उठाने के लिए कच्चे क्षेत्रों में मिट्टी भराई का कार्य किया जाएगा। इसके साथ ही साइट की आवश्यकता के अनुसार सड़क और पार्किंग का निर्माण किया जाएगा, एसडीएम ने बताया कि खरीद केंद्र की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चारों ओर ईंटों से चारदीवारी को ऊंचा किया जाएगा। जल निकासी के लिए स्टॉर्म वॉटर लाइन, संग्रहण टैंक और चैम्बर मोटर की व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि बारिश के पानी का उचित निपटान सुनिश्चित हो सके। एसडीएम रेणुका नांदल ने कहा कि सरकार से मिली स्वीकृति के बाद अब विकास कार्यों को तेजी से पूरा कराया जाएगा, जिससे किसानों और आढ़तियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

समाधान शिविर में प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निपटारा जरूरी: डीसी
जनसमस्याओं के त्वरित समाधान हेतु निरंतर आयोजित किए जा रहे समाधान शिविर
झज्जर, 06 अप्रैल, अभीतक: जिला मुख्यालय स्थित लघु सचिवालय सभागार में सोमवार को जिला स्तरीय समाधान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने आमजन की समस्याएं सुनते हुए शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। समाधान शिविर में आधा दर्जन से ज्यादा शिकायतें प्राप्त हुई। इस अवसर पर डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि समाधान शिविर में प्राप्त प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध एवं संतोषजनक निपटारा सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य नागरिकों की समस्याओं का एक ही स्थान पर त्वरित समाधान करना है, ताकि लोगों को विभिन्न कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा प्रत्येक सोमवार व गुरुवार को प्रातः 10 से 12 बजे तक जिला मुख्यालय सहित बहादुरगढ़, बेरी व बादली उपमंडल मुख्यालयों पर नियमित रूप से समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से आमजन की समस्याओं का समाधान उनके निकटतम स्तर पर सुनिश्चित किया जा रहा है। डीसी ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि शिकायतों के निपटारे के दौरान संबंधित नागरिक से संवाद स्थापित करें, ताकि समाधान की गुणवत्ता और संतुष्टि सुनिश्चित हो सके। इस अवसर पर एडीसी जगनिवास, एसडीएम झज्जर रवि मीणा, सीटीएम ऋतु बंसीवाल, एसीपी दिनेश कुमार, डीडीपीओ निशा तंवर, एक्सईन पीडब्ल्यूडी सुमित कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।




बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म करने के लिए हर वर्ग का सहयोग जरूरी: डीसी
डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल की अध्यक्षता में अधिकारियों की बैठक आयोजित
झज्जर, 06 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा सरकार के निर्देशानुसार जिला झज्जर में बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म करने और महिलाओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। इसी कड़ी में सोमवार को डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल की अध्यक्षता में लघु सचिवालय सभागार में बैठक आयोजित की गई।
बैठक में विशेष रूप से आगामी अक्षय तृतीया (आखा तीज) के पर्व पर होने वाले संभावित बाल विवाहों को रोकने के लिए तैयार किए गए विशेष एक्शन प्लान की समीक्षा की गई और अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश दिए गए। डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने कहा कि बाल विवाह न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि यह बच्चों के भविष्य और उनके स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ है। उन्होंने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बाल विवाह रोकने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। विशेष रूप से 19 अप्रैल 2026 को अक्षय तृतीया के अवसर पर जिला प्रशासन की पैनी नजर रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायालय के आदेशों की अनुपालना में जिला स्तर पर गठित कमेटियों को और अधिक सक्रिय किया गया है ताकि समाज से इस कुप्रथा को पूरी तरह मिटाया जा सके। डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे गांवों और शहरों में जमीनी स्तर पर निगरानी बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि प्रोटेक्शन ऑफ वीमेन फ्रॉम डोमेस्टिक वायलेंस एक्ट 2005 के तहत महिलाओं को घरेलू हिंसा से बचाने के लिए भी प्रशासन प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कानून के अनुसार शादी के लिए लड़की की आयु 18 वर्ष और लड़के की आयु 21 वर्ष से कम होना अपराध है। यह एक संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में आता है, जिसमें संलिप्त पाए जाने वाले या सहायता करने वाले व्यक्ति को 2 साल तक की सजा और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। उन्होंने पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर सीटीएम ऋतु बंसीवाल, चेयरपर्सन सीडब्ल्यूसी सतीश कुमार, डीपीओ सपना रानी,डिप्टी डीईओ देवेंद्र कुमार, बाल विवाह निषेध अधिकारी करमिंद्र कौर, एसएचओ डॉ. किरण देवी, डीसीपीओ विकास वर्मा, डब्ल्यू सीडीपीओ प्रियंका, नोडल अधिकारी पीएनडीटी डॉ संदीप कुमार, उपाधीक्षक राजेश कुमार, मनोज कुमार, पीएलवी कर्मजीत सिंह छिल्लर,लिपिक संजय कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


सटीक डेटा और पारदर्शिता के साथ करें जनगणना कार्य: डीसी
जिले में जनगणना-2027 को लेकर सुपरवाइजरों और एनमरेटर के तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आगाज
मकान सूचीकरण और गणना से जुड़े बिंदुओं को लेकर दिया जा रहा प्रशिक्षण
झज्जर, 06 अप्रैल, अभीतक: डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने कहा कि भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित जनगणना 2027 देश में एक नया अध्याय जोड़ने जा रही है, क्योंकि यह भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होगी। इसी उद्देश्य से जिला में एन्यूमरेटर और सुपरवाइजरों को जनगणना कार्य को पूरी जिम्मेदारी से निभाने के लिए तीन दिवसीय (6 अप्रैल से 8 अप्रैल तक) प्रशिक्षण शुरू किया गया है। ट्रेनिंग के लिए जिलाभर मे 17 स्थानों पर सेंटर बनाए गए हैं। कार्यक्रम की मॉनिटरिंग के लिए सम्बंधित एसडीएम और डिप्टी सेन्सस अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। उन्होंने बताया कि 16से 30 अप्रैल तक स्वगणना का विकल्प है,जोकि नागरिक स्वयं कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जनगणना से जुड़े कर्मचारी और अधिकारी जनगणना सटीक व पारदर्शिता के साथ करें, चूंकि यह देश की आगामी विकास योजनाओं और नीतियों की नींव रखते हैं। डीसी ने निर्देश दिए कि एन्यूमरेटर और सुपरवाइजर क्षेत्र में जाकर सावधानीपूर्वक डेटा जुटाएं ताकि भविष्य की नीतियों के लिए विश्वसनीय आंकड़े प्राप्त हो सकें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि आम नागरिकों और जनप्रतिनिधियों को इस प्रक्रिया की पूरी जानकारी दें ताकि किसी प्रकार का भ्रम न रहे। उन्होंने बताया कि इस बार जनगणना प्रक्रिया पूरी तरह पेपरलेस होगी। मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से घर-घर जाकर आंकड़े सीधे डिजिटल रूप से दर्ज किए जाएंगे। इससे न केवल डेटा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा, बल्कि मानवीय त्रुटियां भी न्यूनतम होंगी और डेटा प्रोसेसिंग में लगने वाला समय भी काफी कम हो जाएगा। डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग से जनगणना प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और भरोसेमंद बनेगी। उन्होंने जानकारी दी कि जनगणना 2027 दो चरणों में संपन्न की जाएगी। पहला चरण हाउस लिस्टिंग का कार्य एक मई 2026 से आरंभ होगा, जबकि दूसरा चरण जनसंख्या गणना (एन्यूमरेशन) फरवरी 2027 में आयोजित किया जाएगा। इन दोनों चरणों में प्रत्येक परिवार और प्रत्येक व्यक्ति का सटीक विवरण दर्ज किया जाएगा। वहीं मास्टर ट्रेनर्स द्वारा यूजर मैनेजमेंट सिस्टम पर विस्तार से जानकारी दी गई। इसमें अकाउंट क्रिएशन, डेटा अपलोडिंग और एन्यूमरेटर-सुपरवाइजर की भूमिकाओं पर तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया।




झज्जर में घरेलू गैस के दुरुपयोग पर सख्ती, 171 सिलेंडर जब्त
डीएफएससी राजेश्वर मुदगिल ने दी जानकारी
झज्जर, 06 अप्रैल, अभीतक: डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल के मार्गदर्शन में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग झज्जर की तीन जांच टीमों द्वारा दुकानों व ढाबों पर घरेलू गैस सिलेंडरों के दुरुपयोग को रोकने के लिए लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। विभाग द्वारा अब तक विभिन्न स्थानों पर छापेमारी करते हुए कुल 171 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं। यह जानकारी डीएफएससी राजेश्वर मुदगिल ने सोमवार को दी। डीएफएससी ने बताया कि जिलाभर में 26 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं, जिनके माध्यम से औसतन 75 सौ घरेलू गैस सिलेंडर प्रतिदिन उपभोक्ताओं तक पहुंचाए जा रहे हैं। जिला झज्जर में गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। पीएनजी गैस कनेक्शन के लिए आवेदन करें उपभोक्ता : डीएफएससी
उन्होंने बताया कि बहादुरगढ़ के सेक्टर 15, 6, 3, 2, 37, 14 में हरियाणा सिटी गैस की पाइपलाइन उपलब्ध हैं, वहां के उपभोक्ता जल्द से जल्द पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन करें। उन्होंने बताया कि बहादुरगढ़ के सेक्टर 9 व 9 ए तथा झज्जर के सेक्टर 6 में पीएनजी गैस पाइप लाइन का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि पीएनजी गैस एलपीजी की तुलना में सस्ती, उपयोग के बाद भुगतान की सुविधा वाली, 24 घंटे उपलब्ध, अधिक सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल है। पीएनजी कनेक्शन से संबंधित हर प्रकार की जानकारी के लिए उपभोक्ता टोल फ्री नंबर 18008338600, 8586047611, ईमेल info@hcggroup.co.in व Rohan.prashar@hcggroup.co.in पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा प्लाट नंबर 395, प्रथम तल, गांव संखोल (मेट्रो पिलर नंबर 909 के पास), बहादुरगढ़ में व्यक्तिगत रूप से भी संपर्क किया जा सकता है।उपभोक्ता ऑनलाइन आवेदन के लिए www.hcgonline.co.in पर विजिट करें। जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक ने आमजन से अपील की है कि घरेलू गैस की पर्याप्त उपलब्धता है, ऐसे में एलपीजी सिलेंडरों का अनावश्यक भंडारण न करें। बहादुरगढ़ शहर से जुड़े सम्बन्धित चिन्हित क्षेत्रों के नागरिक पीएनजी कनैक्शन के लिए आवेदन करें।
झज्जर में बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों की सुनवाई के लिए बैठक 7 अप्रैल को
झज्जर, 06 अप्रैल, अभीतक: उपभोक्ताओं की बिजली संबंधी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) द्वारा अधीक्षण अभियंता कार्यालय में मंगलवार 7 अप्रैल को बिजली उपभोक्ता कष्ट निवारण फोरम की बैठक का आयोजन किया जाएगा। उपभोक्ता कष्ट निवारण फोरम की बैठक का आयोजन सुबह 11 बजे से दोपहर दो बजे तक किया जाएगा। यह बैठक फोरम के चेयरमैन एवं बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता ऑपरेशन सर्कल झज्जर की अध्यक्षता में होगी। प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों को झज्जर कार्यालय में सुना जाएगा। उन्होंने बताया कि इसी दिन 11 से 1 बजे तक बिजली अदालत का आयोजन किया जायेगा। इस दौरान बिजली बिल, कनेक्शन और अन्य तकनीकी समस्याओं से जुड़े परिवादों की समीक्षा की जाएगी।





मुख्यमंत्री घोषणाओं के विकास कार्यों में तेजी लाएं विभाग: डीसी
तय समय में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे हों सभी प्रोजेक्ट – डीसी
डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने अधिकारियों की बैठक में की विकास परियोजनाओं की समीक्षा’
झज्जर, 06 अप्रैल, अभीतक: डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाओं (सीएम अनाउंसमेंट) के तहत जिले में स्वीकृत विकास कार्य जनता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इन परियोजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए ताकि आमजन को शीघ्र लाभ मिल सके। डीसी सोमवार को लघु सचिवालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। मुख्यमंत्री घोषणाओं के तहत चल रही परियोजनाओं की विस्तृत प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। इस बीच डीडीपीओ निशा तंवर ने डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल को जिला में मुख्यमंत्री घोषणा से जुड़े कार्य व बड़े प्रोजेक्ट्स की विस्तृत जानकारी दी। डीसी ने सभी प्रोजेक्ट्स की बारीकी से समीक्षा करते हुए जरूरी दिशा-निर्देश दिए। डीसी ने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाएं को समय पर पूरा करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि किसी भी स्तर पर लापरवाही व देरी न हो। यदि किसी परियोजना में बाधा आ रही है, तो उसे तत्काल जिला प्रशासन के संज्ञान में लाया जाए ताकि शीघ्र समाधान हो सके और काम में रुकावट न आए। इसके उपरांत डीसी ने राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों की बैठक ली और जरूरी निर्देश भी दिए।
इन विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में एडीसी जगनिवास, एसडीएम झज्जर रवि मीणा,सीटीएम ऋतु बंसीवाल, डीडीपीओ निशा तंवर,डीईओ रतिंद्र सिंह, डीएसओ सतेंद्र कुमार, पीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता सुमित कुमार व अनिल रोहिल्ला, रोडवेज महाप्रबंधक संजीव तिहाल सहित राजस्व, खेल, स्वास्थ्य सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

हर शिकायत का तत्परता से किया जा रहा समाधान: डीसी
डीसी अभिषेक मीणा ने समाधान शिविर में की जन शिकायतों की सुनवाई
रेवाड़ी, 06 अप्रैल, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि हरियाणा सरकार की ओर से लगाए जा रहे समाधान शिविर में आमजन की शिकायतों का प्राथमिकता से निपटान किया जा रहा है, ताकि लोगों को मौके पर राहत मिल सके। डीसी अभिषेक मीणा सोमवार को लघु सचिवालय सभागार में आयोजित समाधान शिविर में आमजन की शिकायतों की सुनवाई कर रहे थे। गांव लुखी में अवैध कब्जा हटवाने की शिकायत पर डीसी ने डीडीपीओ को कब्जा हटवाने के निर्देश दिए। गांव बेरली कलां में कुमरोधा जाने वाले रास्ते पर हो रहे अवैध कब्जे की शिकायत पर डीसी ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को जांच करते हुए कार्यवाही करने के निर्देश दिए। अधिकृत कालोनी की एनओसी नहीं जारी किए जाने पर डीसी ने डीटीपी को तुरंत एनओसी देने के निर्देश दिए। समाधान शिविर में आई अधिकांश शिकायतों का मौके पर ही निदान किया गया। शिविर में पेंशन, परिवार पहचान पत्र, बिजली, पुलिस आदि से संबंधित शिकायतों पर डीसी ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को इनका संतोषजनक निवारण किए जाने के निर्देश दिए। समाधान शिविर में परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) के स्टेट कोऑर्डिनेटर डा. सतीश खोला ने परिवार पहचान पत्र से संबंधित शिकायतों को सुना और मौके पर ही कई शिकायतों का समाधान करवाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन में आम जन को पर्याप्त सुविधाएं मुहैया करवाने और शिकायतों का निराकरण करने के लिए समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा, एसडीएम सुरेश कुमार व सीटीएम जितेंद्र कुमार सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।





राजस्व मामलों का तेजी से किया जाए निपटारा- डीसी अभिषेक मीणा
ऑनलाइन रजिस्ट्री का आवेदन रद्द करने से पहले उसे अच्छी तरह जांच लें
रेवाड़ी, 06 अप्रैल, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा ने कहा है कि ऑनलाइन रजिस्ट्री करवाने में आम नागरिकों को किसी तरह की परेशानी नहीं आनी चाहिए। ऑनलाइन जमीन की रजिस्ट्री करवाने का कोई आवेदन अस्वीकृत किया जाता है, उसके लिए कोई ठोस व वाजिब कारण जरुर हो। डीसी अभिषेक मीणा सोमवार को लघु सचिवालय के सभागार में राजस्व विभाग की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा हरियाणा सरकार द्वारा लागू की गई नई व्यवस्था के अनुसार रेवाड़ी, बावल, डहीना, धारूहेड़ा, कोसली, मनेठी, नाहड़, पाल्हावास तहसील में 9 हजार 747 रजिस्ट्री हो चुकी हैं। इनमें से करीब 500 रजिस्ट्रियों के आवेदन रद्द किए गए हैं। जिनकी वजह जमीन का तकसीम ना होना, मालिकाना हक सही नहीं पाया जाना, जमीन रिहायशी एरिया से बाहर होना, सेक्शन 7 ए लागू होना आदि बताई गई है। डीसी ने कहा कि वह किसी भी समय रजिस्ट्री को चेक कर सकते हंै। अगर ऑनलाइन आवेदन नामंजूर किए जाने का कोई ठोस कारण नहीं मिला तो उस मामले में अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। डीसी ने जिला राजस्व अधिकारी प्रदीप देसवाल को निर्देश दिए कि इंतकाल, तकसीम गिरदावरी आदि मामलों का तेजी से निपटारा किया जाए। प्रतिदिन कम से कम दो मामलों का निराकरण किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 16 अप्रैल से जिला में जनगणना का कार्य शुरु होने वाला है, इसके लिए जनगणना के खंड जल्दी बनाए जाएं। उन्होंने कहा कि जनगणना के कार्य में जिन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, वे अपनी ट्रेनिंग लेकर कर्तव्य का निष्ठा से निवर्हन करें। जनगणना के आधार पर ही देश की नई विकास योजनाएं और नीतियां निर्धारित की जाती हैं। एक मई से यह अभियान घर-घर जाकर चलाया जाएगा। डीसी ने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग के कर्मचारी एवं अधिकारी निशानदेही के आवेदनों का भुगतान होने के बाद इन पर तत्काल प्रभाव से कार्य शुरु कर दें। इस अवसर पर जिला राजस्व अधिकारी प्रदीप देसवाल ने डीसी को विश्वास दिलाया कि उनके निर्देश की पालना की जाएगी। बैठक में नायब तहसीलदार अशोक कुमार, श्याम सुंदर, हरिकिशन, अमित व कानूनगो उपस्थित रहे।

हर शिकायत का तत्परता से किया जा रहा समाधान: डीसी
डीसी अभिषेक मीणा ने समाधान शिविर में की जन शिकायतों की सुनवाई
रेवाड़ी, 06 अप्रैल, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि हरियाणा सरकार की ओर से लगाए जा रहे समाधान शिविर में आमजन की शिकायतों का प्राथमिकता से निपटान किया जा रहा है, ताकि लोगों को मौके पर राहत मिल सके। डीसी अभिषेक मीणा सोमवार को लघु सचिवालय सभागार में आयोजित समाधान शिविर में आमजन की शिकायतों की सुनवाई कर रहे थे। गांव लुखी में अवैध कब्जा हटवाने की शिकायत पर डीसी ने डीडीपीओ को कब्जा हटवाने के निर्देश दिए। गांव बेरली कलां में कुमरोधा जाने वाले रास्ते पर हो रहे अवैध कब्जे की शिकायत पर डीसी ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को जांच करते हुए कार्यवाही करने के निर्देश दिए। अधिकृत कालोनी की एनओसी नहीं जारी किए जाने पर डीसी ने डीटीपी को तुरंत एनओसी देने के निर्देश दिए। समाधान शिविर में आई अधिकांश शिकायतों का मौके पर ही निदान किया गया। शिविर में पेंशन, परिवार पहचान पत्र, बिजली, पुलिस आदि से संबंधित शिकायतों पर डीसी ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को इनका संतोषजनक निवारण किए जाने के निर्देश दिए। समाधान शिविर में परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) के स्टेट कोऑर्डिनेटर डा. सतीश खोला ने परिवार पहचान पत्र से संबंधित शिकायतों को सुना और मौके पर ही कई शिकायतों का समाधान करवाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन में आम जन को पर्याप्त सुविधाएं मुहैया करवाने और शिकायतों का निराकरण करने के लिए समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा, एसडीएम सुरेश कुमार व सीटीएम जितेंद्र कुमार सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।



राजस्व मामलों का तेजी से किया जाए निपटारा- डीसी अभिषेक मीणा
ऑनलाइन रजिस्ट्री का आवेदन रद्द करने से पहले उसे अच्छी तरह जांच लें
रेवाड़ी, 06 अप्रैल, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा ने कहा है कि ऑनलाइन रजिस्ट्री करवाने में आम नागरिकों को किसी तरह की परेशानी नहीं आनी चाहिए। ऑनलाइन जमीन की रजिस्ट्री करवाने का कोई आवेदन अस्वीकृत किया जाता है, उसके लिए कोई ठोस व वाजिब कारण जरुर हो। डीसी अभिषेक मीणा सोमवार को लघु सचिवालय के सभागार में राजस्व विभाग की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा हरियाणा सरकार द्वारा लागू की गई नई व्यवस्था के अनुसार रेवाड़ी, बावल, डहीना, धारूहेड़ा, कोसली, मनेठी, नाहड़, पाल्हावास तहसील में 9 हजार 747 रजिस्ट्री हो चुकी हैं। इनमें से करीब 500 रजिस्ट्रियों के आवेदन रद्द किए गए हैं। जिनकी वजह जमीन का तकसीम ना होना, मालिकाना हक सही नहीं पाया जाना, जमीन रिहायशी एरिया से बाहर होना, सेक्शन 7 ए लागू होना आदि बताई गई है। डीसी ने कहा कि वह किसी भी समय रजिस्ट्री को चेक कर सकते हंै। अगर ऑनलाइन आवेदन नामंजूर किए जाने का कोई ठोस कारण नहीं मिला तो उस मामले में अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। डीसी ने जिला राजस्व अधिकारी प्रदीप देसवाल को निर्देश दिए कि इंतकाल, तकसीम गिरदावरी आदि मामलों का तेजी से निपटारा किया जाए। प्रतिदिन कम से कम दो मामलों का निराकरण किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 16 अप्रैल से जिला में जनगणना का कार्य शुरु होने वाला है, इसके लिए जनगणना के खंड जल्दी बनाए जाएं। उन्होंने कहा कि जनगणना के कार्य में जिन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, वे अपनी ट्रेनिंग लेकर कर्तव्य का निष्ठा से निवर्हन करें। जनगणना के आधार पर ही देश की नई विकास योजनाएं और नीतियां निर्धारित की जाती हैं। एक मई से यह अभियान घर-घर जाकर चलाया जाएगा। डीसी ने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग के कर्मचारी एवं अधिकारी निशानदेही के आवेदनों का भुगतान होने के बाद इन पर तत्काल प्रभाव से कार्य शुरु कर दें। इस अवसर पर जिला राजस्व अधिकारी प्रदीप देसवाल ने डीसी को विश्वास दिलाया कि उनके निर्देश की पालना की जाएगी। बैठक में नायब तहसीलदार अशोक कुमार, श्याम सुंदर, हरिकिशन, अमित व कानूनगो उपस्थित रहे।
राजस्व विभाग के कार्यो की समीक्षा करते हुए डीसी अभिषेक मीणा।
जिला में 9 से 23 अप्रैल तक चलाया जाएगा 8वां पोषण पखवाड़ा
पोषण के साथ-साथ मानसिक विकास पर केंद्रित होगा पखवाड़ा
रेवाड़ी, 06 अप्रैल, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिला में 9 अप्रैल से 23 अप्रैल तक सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में 8वां पोषण पखवाड़ा का आयोजन किया जाएगा। इस वर्ष के अभियान का थीम जीवन के पहले 6 वर्षों में बच्चों के मानसिक विकास को प्राथमिकता देना है। उन्होंने बताया कि इस पखवाड़े का मुख्य उद्देश्य परिवारों और समुदायों के बीच उन प्रथाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना है, जो शिशुओं के स्वस्थ विकास और उनके मस्तिष्क के पोषण में सहायक होती हैं। डीसी अभिषेक मीणा ने जन-भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों को सक्रिय रहने के निर्देश दिए। महिला एवं बाल विकास कार्यक्रम अधिकारी शालू यादव ने अभियान के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस अभियान के दौरान माता और बाल पोषण, मस्तिष्क विकास के लिए प्रारंभिक प्रोत्साहन (0-3 वर्ष), प्रारंभिक वर्षों में खेल-आधारित शिक्षा (3-6 वर्ष), बच्चों का स्क्रीन टाइम कम करने में माता-पिता और समुदाय की भूमिका व आंगनबाडियों को सशक्त बनाने के लिए सामुदायिक सहयोग जुटाना पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि मस्तिष्क का 85 प्रतिशत विकास छह वर्ष की आयु तक होता है, जिसमें पहले 1000 दिन सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष पोषण पखवाड़ा स्वास्थ्य के लिए पोषण के साथ-साथ मस्तिष्क के विकास पर केंद्रित होगा।




सीजेएम अमित वर्मा ने किया नशा मुक्ति केंद्र का दौरा
नशा न करने के लिए किया प्रेरित
रेवाड़ी, 06 अप्रैल, अभीतक: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं सीजेएम अमित वर्मा ने नशा मुक्ति केंद्र रेवाड़ी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने नशा मुक्ति केंद्र के कार्यों की समीक्षा की। नशा मुक्ति केंद्र में वोकेशनल काउंसलर ने बताया कि नशा मुक्ति केंद्र में 7 रोगी फिलहाल उपस्थित हैं। उन्होंने बताया कि संदीपा काउंसलर द्वारा रोगियों की समय-समय पर काउंसलिंग की जाती है तथा उन्हें नशा छोडने के प्रति जागरूक किया जाता है। सीजेएम अमित वर्मा ने बताया कि कानूनी सहायता और डीएलएसए की सेवाओं के बारे में इन रोगियों को जागरूक किया जाए, ताकि ये कानून की सहायता का लाभ उठा सके। विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य समाज के कमजोर वर्ग के लोगों के लिए निःशुल्क कानूनी सेवा मुहैया करवाना व साथ में उनके अधिकारों के बारे में जागरूक करना है। इस दौरान सीजेएम अमित वर्मा ने सभी रोगियों को नशा न करने के लिए प्रेरित किया तथा उससे होने वाले नुकसान के बारे में उनको अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि लीगल एड द्वारा सीनियर सिटीजन, महिलाएं, बच्चों, अनुसूचित जाति व तीन लाख से कम वार्षिक आय वाले सभी व्यक्तियों को निरूशुल्क कानूनी सहायता दी जाती है। कोई भी नागरिक कानूनी सहायता के लिए उपमंडल विधिक सेवा समिति या जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय में संपर्क कर सकता है। इसके अलावा टोल फ्री नंबर 15100 एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के हेल्पलाइन नंबर 01274-220062 पर आम नागरिक कार्यालय समय में कानूनी जानकारी ले सकते हैं।


बुनियाद की परीक्षा एवं प्रेरक कार्यक्रम का आयोजन किया गया राजकीय कन्या विद्यालय में
विद्यार्थियों को सफलता की राह सिखा रहा है बुनियाद- डीईओ बिजेंद्र हुड्डा
रेवाड़ी, 06 अप्रैल, अभीतक: रेवाड़ी शहर के पीएम श्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में सोमवार को मिशन बुनियाद 2026-28 बैच के ओरिएंटेशन कार्यक्रम की लेवल-3 परीक्षा का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस परीक्षा में 1200 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें से 289 विद्यार्थी सफल रहे। जिला शिक्षा अधिकारी बिजेंद्र हुड्डा ने बुनियाद परीक्षा में आठवीं कक्षा के सफल होने वाले विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जीवन में कभी हार नहीं माननी चाहिए। बुनियाद और सुपर 100 प्रोग्राम अपनी कामयाबी की नई कहानी गढ़ रहे हैं। विकल्प फाउंडेशन के तत्वावधान में चलाए जा रहे इस कार्यक्रम के अंतर्गत सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थी निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। मिशन बुनियाद के प्रोग्राम डायरेक्टर प्रदीप सनसनवाल ने कहा कि विद्यार्थियों की पढ़ाई पर उनके अभिभावकों को पूरा ध्यान रखना चाहिए। एक अच्छे विद्यार्थी की विशेषता यह होती है कि वह स्वयं अपनी पढ़ाई का कार्य नियमित रूप से पूरा करता है। जिला रेवाड़ी में बुनियाद के पांच सेंटर चलाए जा रहे हैं। अब तक करीब 11 हजार विद्यार्थी बुनियाद व सुपर 100 में शामिल हो चुके हैं। जिनमें से 267 को इंजीनियरिंग व मेडिकल के प्रतिष्ठित संस्थान में पढ़ने का अवसर प्राप्त हुआ है। इस अवसर पर जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी प्रदीप दहिया, डिप्टी डीईओ अरविंद यादव, डा. राजेंद्र सिंह सहित शिक्षक, अभिभावक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। इस दौरान मंच पर मनोहारी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। बुनियाद में सफलता हासिल कर चुके छात्र-छात्राओं व अभिभावकों ने अपने अनुभव मंच पर सांझा किए।

वरिष्ठ कांग्रेसी नेता रमेश वाल्मीकि की चाची के निधन पर शोक
झज्जर, 06 अप्रैल, अभीतक: समाजसेवी वरिष्ठ कांग्रेसी नेता रमेश वाल्मीकि की चाची, भजन गायक विक्की भगाना की माता जी शनिवार को अपनी सांसारिक जीवन यात्रा पूर्ण कर प्रभु चरणों में विलीन हो गई। पूर्व विधायक स्वर्गीय बनारसी दास वाल्मीकि के छोटे भाई योगराज की पत्नी के निधन पर बड़ी संख्या में सामाजिक धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने बेरी गेट स्थित उनके निवास पर पहुंचकर शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी। रविवार को उनका अंतिम संस्कार राम बाग मोक्ष धाम में किया गया। उनके निधन पर इकबाल, शेर सिंह सैनी, हेमंत भगाना, सुरेश वाल्मीकि, रामपत प्रजापत, पार्षद नरेश वाल्मीकि ने शोक व्यक्त किया और कहा कि दिवंगत आत्मा को प्रभु अपने चरणों में स्थान दे, परिवार को असहनीय दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। इंटरनेट मीडिया के माध्यम से लोगों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।



फर्जी तरीके से रजिस्ट्री करने के मामले में तहसीलदार व लिपिक पर आरोप तय
मंडल आयुक्त ने कार्रवाई के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव को लिखा पत्र
जींद, 06 अप्रैल, अभीतक: शहर की अवैध कॉलोनियों में प्लॉटों की फर्जी रजिस्ट्री करने के मामले में तहसीलदार शालिनी लाठर और लिपिक अमन पर आरोप तय हो गए हैं। शुक्रवार को मंडल आयुक्त हिसार ने जांच पूरी करने के बाद अतिरिक्त मुख्य सचिव को रिपोर्ट भेज दी है। उन्होंने मुख्य सचिव को कार्रवाई के लिए पत्र भी लिखा है। शहर के सैनी मोहल्ला निवासी रिंकू पंडित ने 18 नवंबर 2025 को वित्त आयुक्त (राजस्व) और उच्चाधिकारियों को शिकायत दी थी। तहसीलदार शालिनी लाठर और रजिस्ट्री लिपिक अमन पर राजस्व घोटाले के आरोप लगाए थे। शिकायत में कहा गया था कि भू-माफियाओं के साथ सांठगांठ कर अवैध कॉलोनियों में रजिस्ट्रियां की गई हैं। 17 सितंबर से 30 अक्टूबर 2025 के बीच जींद तहसील में कॉलोनियों के प्लॉटों की रजिस्ट्री की गई, जो पूरी तरह अवैध थी। इनमें से अधिकांश रजिस्ट्रियां सुविधा शुल्क और फर्जी प्रॉपर्टी आईडी के सहारे दर्ज की गई हैं। रजिस्ट्रियां नियमों को ताक पर रखकर अवैध एरिया में वर्गों के हिसाब से की गई हैं। पंजीकृत 16 वसीकाओं में से कुल 12 वसीकाओं में वास्तविक स्थिति छुपाकर पंजीकरण किया गया है। इन वसीकाओं में प्रॉपर्टी आईडी गौशाला की लगी हुई है जबकि वास्तव में यह किसी अन्य स्थान का मामला है। क्योंकि वसीकाओं के पीछे भी रजिस्ट्री में गौशाला या अन्य स्थान दिखाया गया है। अवैध एरिया की वसीका छिपाकर रजिस्ट्री टुकड़ों में की गई है। इसी तरह वसीका नंबर 4180 और 4144 भी नगर परिषद, जींद की सीमा से बाहर है, जिसका नगर परिषद की सीमा के अंदर आने वाले खसरा नंबर से मिलान नहीं होता है।
केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह और स्वास्थ मंत्री आरती सिंह राव द्वारा उद्घाटन से पहले बवाल
कोरियावास मेडिकल कॉलेज के गेट से ‘महर्षि च्यवन’ बोर्ड हटाने पर बड़ा मुद्दा बना
रेवाड़ी, 06 अप्रैल, अभीतक: कोरियावास स्थित महर्षि च्यवन मेडिकल कॉलेज में आज ओपीडी और रेडियोलॉजी विंग के उद्घाटन कार्यक्रम से ठीक पहले एक नया विवाद खड़ा हो गया है। कॉलेज के मुख्य गेट नंबर-1 से ‘महर्षि च्यवन’ का बोर्ड हटाए जाने पर माहौल गर्मा गया है। इतिहास एवं संस्कृति संरक्षन संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नारनौल बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान मनीष वशिष्ठ एडवोकेट ने इस मुद्दे पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि स्वास्थ्य मंत्री आरती राव तुरंत गेट पर ‘महर्षि च्यवन’ का बोर्ड दोबारा लगाने के आदेश नहीं देती हैं, तो यह समझा जाएगा कि वे क्षेत्र में जात-पात की राजनीति कर रही है क्षेत्र का ताना बाना बिगाड़ने में उनकी शह है
मनीष वशिष्ठ का बयान
यह केवल एक बोर्ड नहीं, हमारी इतिहास और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। अगर इसे वापस नहीं लगाया गया, तो बड़ा जनसंघर्ष किया जाएगा। मेडिकल कॉलेज को कुछ चापलूस लोग राजनीतिक अखाड़ा बनाने में लगे हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
सवाल
उद्घाटन से ठीक पहले ही बोर्ड हटाने की जरूरत क्यों पड़ी?
क्या यह केवल प्रशासनिक निर्णय है या इसके पीछे राजनीतिक मंशा?
क्या इससे क्षेत्र में सामाजिक तनाव बढ़ सकता है?
फिलहाल, उद्घाटन कार्यक्रम के बीच यह मुद्दा तूल पकड़ता जा रहा है। अब सबकी नजरें स्वास्थ्य मंत्री के अगले कदम पर टिकी हैं कि वे इस विवाद को शांत करती हैं या यह मामला और ज्यादा गरमाता है।
जनगणना में हरियाणवी को अपनी भाषा बताना मत भूलें
हरियाणवी भाषा विकास मंच ने किया हरियाणवियों से अनुरोध
भिवानी, 06 अप्रैल, अभीतक: वर्ष 2027 मार्च तक भारत की जनगणना पूरी होने जा रही है। जनगणना अधिकारी शीघ्र ही आपसे जानकारी एकत्र करने के लिए मिलेंगे। आपसे जब आपकी मातृभाषा पूछी जाएगी और उसके बाद जब आपसे यह पूछा जाएगा कि आप कौन-कौन सी भाषाएँ जानते हैं, तो कृपया हरियाणवी को उन भाषाओं में अवश्य शामिल करें जिन्हें आप जानते हैं। यद्यपि हमारी बोली को भाषा का दर्जा प्राप्त नहीं है लेकिन हम सभी हिंदी मिश्रण के साथ हरियाणवी बोलते है। इसलिए मातृभाषा काॅलम में हरियाणवी अवश्य लिखवाएं। यह अनुरोध हरियाणवी भाषा विकास मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष डाॅ. वीएम बेचैन ने जारी एक प्रैस विज्ञप्ति के माध्यम से देश भर में बैठे तमाम हरियाणवियों से किया है। मंच के अध्यक्ष ने कहा कि जब तक हम सभी जनगणना में हरियाणवी बोलने वालों की ज्यादा से ज्यादा तादात नहीं दर्शाएंगे तब तक सरकारों के कानों पर जूं नहीं रेंगेगी। उन्होंने बताया कि जब सविंधान की आठवी अनुसूचि में किसी भाषा को शामिल किया जाता है तो उस भाषा के विकास के लिए सरकार वित्तीय भी प्रदान करती है और उस भाषा का गौरव, कला संस्कृति और साहित्य संरक्षित करने में आसानी रहती है। इसके अतिरिक्त भाषाई संरक्षण मिलने के बाद दक्षिण भारतीय और पंजाब जैसे राज्यों की तरह प्रदेश के मूल निवासियों के लिए सरकारी नौकरियों को भी सरंक्षित किया जा सकता है। मंच के अध्यक्ष ने हरियाणा से जुड़े तबके से निवेदन करते हुए कहा कि यदि हम अपनी मातृभाषा को जिंदा रखने के प्रयास नहीं करेंगे, पश्चिमी सभ्यता और भाषाओं के पीछे दौंडेंगे तो हम जल्द ही अपनी जड़ों से कट जाएंगे। भाषा को जिवित रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। अगर हरियाणवी लुप्त हो गई तो धीरे धीरे करके हमारी सभ्यता, संस्कार, परंपरागत तीज त्यौहार और हरियाणवी लहजे को हम खो देंगे। इसलिए जब भी आपके पास जनगणना अधिकारी आएं और आपकी भाषा के बारे में पूछे तो बेहद ही गर्व के साथ हरियाणवी लिखवाना मत भूलें। यह आपका अपने पुरखों पर और हरियाणवी पर अहसान होगा।
हरियाणवी भाषा विकास मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष डाॅ. वीएम बेचैन



झज्जर : आईटीएन बाबा की हुई शादी, दुल्हन के साथ पहुंचे पैतृक स्थान झज्जर
प्रयागराज के महाकुम्भ में चर्चा में आए थे झज्जर के अभय, नाम मिला आईटीएन बाबा
बैंक खाते की केवाईसी अपडेट कराने के चलते अपनी पत्नी प्रीतिका के साथ पहुंचे थे झज्जर
तहसील परिसर में अपने एडवोकेट पिता के चैम्बर में कुछ देर हुए मीडिया से रूबरू
चैम्बर में ही आईटीएन बाबा से सैल्फी लेने वालों का लगा तांता, कुछ ने की अभय से यादें ताजा
आईटीएन बाबा अभय बोले, बैंगलूरू की रहने वाली है उनकी पत्नी प्रीतिका, दोनों एक ही विजन पर कर रहे है काम
माता-पिता से मिलने बाबत पूछने पर बोले, उनसे मिलूंगा जरूर, लेकिन बडेे परिवार के लिए छोड़ना पड़ता है छोटा परिवार
अभय बोले,श्रीयूनिवर्सिटी बनाने पर चल रहा है काम, जिसमें नॉलेज को किया जाएगा कम्बाईन
यूनिवर्सिटी में होगा सिखाने वाला और साधना वाले ज्ञान पर काम, विजन होना चाहिए क्लियर
अलग-अलग टाईप की सारी साधनाएं जानने और सिखाने पर है फोकस
सांसारिक चीजों से दूर रहना जरूरी, फिलहाल रह रहे है हिमाचल में

मादक पदार्थ स्मैक 6.72 ग्राम के साथ एक आरोपी काबू
बहादुरगढ़, 06 अप्रैल, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉक्टर राजश्री सिंह के दिशा निर्देशन में एंटी नारकोटिक सेल झज्जर की टीम द्वारा एक व्यक्ति को मादक पदार्थ स्मैक के साथ काबु किया गया। एंटी नारकोटिक सेल झज्जर प्रभारी निरीक्षक दिनकर ने बताया कि एंटी नारकोटिक सेल झज्जर की पुलिस टीम थाना शहर बहादुरगढ़ के एरिया में मौजूद थी। टीम को गुप्त सूचना मिली कि जलकर्ण निवासी जटवाडा मोहल्ला नजदीक शिव चैक बहादुरगढ़ नशीला पदार्थ बेचने का अवैध धंधा करता है। जो अब मेला ग्राउंड नजदीक गौशाला बहादुरगढ़ के पास खड़ा हुआ है। जिस सूचना पर तत्परता से कार्रवाई करते हुए एंटी नारकोटिक सेल झज्जर में तैनात सहायक उप निरीक्षक राजेश कुमार की पुलिस टीम उपरोक्त स्थान पर पहुंची तो वहा पर एक व्यक्ति खड़ा दिखाई दिया।जो पुलिस पार्टी ने संदेह के आधार पर उपरोक्त व्यक्ति को काबू किया। पकड़े गए व्यक्ति की पहचान उपरोक्त के तौर पर हुई। पकड़े गये व्यक्ति के पास मादक पदार्थ होने के संदेह पर नियमानुसार राजपत्रित अधिकारी को सूचित किया गया। जिसके पश्चात मौका पर पहुंचे राजपत्रित अधिकारी के समक्ष नियम अनुसार कार्रवाई करते हुए पकड़े गए उपरोक्त व्यक्ति की तलाशी ली गई तो उसके कब्जे से नशीला पदार्थ स्मैक बरामद हुआ। जिसका वजन करने पर 6.72 ग्राम पाया गया। मादक पदार्थ स्मैक के साथ पकड़े गए आरोपी के खिलाफ मादक पदार्थ अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए थाना शहर बहादुरगढ़ में मामला दर्ज किया गया। पकड़े गए आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अदालत बहादुरगढ़ में पेश किया गया। माननीय अदालत के आदेश अनुसार आरोपी को दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। पुलिस रिमांड के पश्चात आरोपी को अदालत में पेश करके न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।




झज्जर में नई डीसीपी के तौर पर धारणा यादव ने संभाला कार्यभार
झज्जर, 06 अप्रैल, अभीतक: झज्जर पुलिस कमिश्नरी में सोमवार को हरियाणा पुलिस सेवा (भ्च्ै) अधिकारी धारणा यादव ने पुलिस उपायुक्त (क्ब्च्) झज्जर जोन के रूप में कार्यभार संभाल लिया। हरियाणा सरकार द्वारा हाल ही में जारी तबादला आदेशों के तहत उनका स्थानांतरण राज्य अपराध ब्यूरो से झज्जर किया गया है स धारणा यादव इससे पहले रोहतक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (।ककस. ैच्) के पद पर तैनात रह चुकी हैं। अपने अब तक के कार्यकाल में उन्होंने रोहतक, हिसार, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, रेवाड़ी जैसे अहम जिलों में सेवाएं दी हैं। वे हिसार में डीएसपी सिटी और गुरुग्राम में एसीपी सदर के पद पर भी कार्य कर चुकी हैं। इसके अलावा पुलिस अधीक्षक महिला सुरक्षा मुख्यालय पंचकूला के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुकी हैं। झज्जर पहुंचने पर उनका पुलिस अधिकारियों द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस मौके पर एसपी अनिरुद्ध चैहान,एसीपी शमशेर दहिया,एसपी अनिल कुमार,एसीपी दिनेश कुमार सहित अन्य अधिकारियों और थाना प्रभारियों ने उन्हें बुके भेंट कर अभिनंदन किया। कार्यभार संभालने के बाद धारना यादव ने स्पष्ट किया कि जिले में संगठित अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि संगठित अपराध में शामिल अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और उनके पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जाएगा। अपराधियों को सहयोग या पनाह देने वालों को भी किसी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने नशा उन्मूलन,साइबर अपराध पर नियंत्रण,सड़क दुर्घटनाओं में कमी और महिला विरुद्ध अपराधों पर रोक लगाने को भी अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल बताया। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों के कारोबार में लिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और साइबर अपराध पर लगाम कसने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे। डीसीपी ने यह भी कहा कि झज्जर में सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने और आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान करना उनकी प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखते हुए जनता के बीच विश्वास कायम किया जाएगा। कार्यभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने पुलिस कमिश्नर डॉ.राजश्री सिंह से भी मुलाकात की,जिसमें जिले की सुरक्षा व्यवस्था और कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
यूपी फिल्म कॉन्क्लेव में एसजीटीयू को दो बड़े पुरस्कार
द सर्वाइवल को संपादन श्रेणी में पहला व उम्मीद को फिल्म श्रेणी में दूसरा स्थान
गुरुग्राम, 06 अप्रैल, अभीतक: श्री गुरु गोबिंद सिंह ट्राईसेंटेनरी यूनिवर्सिटी (एसजीटीयू) के स्कूल ऑफ इमर्जिंग मीडिया, कम्युनिकेशन एवं फिल्म स्टडीज (एसएमसीएफ) के विद्यार्थियों ने संगीत नाटक अकादमी में आयोजित यूपी फिल्म कॉन्क्लेव 2026 में उल्लेखनीय सफलता हासिल कर संस्थान का नाम रोशन किया। राष्ट्रीय स्तर के इस कॉन्क्लेव में देशभर के 12 राज्यों, 16 शहरों और 20 विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों से 100 से अधिक लघु फिल्मों की प्रविष्टियां प्राप्त हुईं। इनमें से केवल 23 फिल्मों को छात्र श्रेणी में आधिकारिक रूप से नामांकित किया गया। कहानी कहने की कला और तकनीकी दक्षता का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए एसएमसीएफ के छात्रों ने विभिन्न श्रेणियों में शीर्ष सम्मान प्राप्त किए और कॉन्क्लेव में सबसे अधिक सराहे जाने वाले समूहों में से एक बनकर उभरे। हमारे छात्रों की प्रमुख उपलब्धियां इस प्रकार रहीं
द्वितीय पुरस्कार (सर्वश्रेष्ठ फिल्म श्रेणी): “उम्मीद”
लेखन एवं निर्देशन: संदीप कौर
सर्वश्रेष्ठ संपादन पुरस्कार: “द सर्वाइवल”
लेखन: इशिता होता
निर्देशन दृ रोहन शिवन एवं अंशित कथूरिया
लघु फिल्म “उम्मीद” विश्वविद्यालय के एक छात्र के जीवन की भावनात्मक कहानी प्रस्तुत करती है, जो शैक्षणिक और व्यक्तिगत चुनौतियों से जूझते हुए छोटी-छोटी घटनाओं के माध्यम से आशा व उम्मीद को पुनः खोजता है। इस फिल्म को जूरी ने इसके सार्थक कथानक, प्रभावशाली सिनेमैटोग्राफी और सशक्त सामाजिक संदेश के लिए विशेष रूप से सराहा। आईएमडीबी (इंटरनेट मूवी डाटाबेस) पर इसकी उपस्थिति इसके बढ़ते प्रभाव और पहचान को भी दर्शाती है। वहीं “द सर्वाइवल” एक प्रेरणादायक खेल आधारित ड्रामा है, जिसमें एक पूर्व बॉक्सर की कहानी दिखाई गई है, जो अन्याय का सामना करने के बाद एक युवा खिलाड़ी को प्रशिक्षित कर जीवन में नया उद्देश्य पाता है। यह फिल्म विशेष रूप से अपने उत्कृष्ट संपादन और तकनीकी गुणवत्ता के लिए सराही गई। जूरी ने इसके सुगठित कथानक प्रवाह और उच्च स्तरीय पोस्ट-प्रोडक्शन कार्य की प्रशंसा करते हुए इसे सर्वश्रेष्ठ संपादन पुरस्कार से सम्मानित किया। एसएमसीएफ के डीन डॉ. अभिषेक दुबे ने टीम को बधाई देते हुए कहा, “हमारे छात्रों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे देश की उभरती हुई श्रेष्ठ प्रतिभाओं में शामिल हैं। ये सफलताएं हमारे व्यावहारिक शिक्षण, वास्तविक अनुभव और उद्योग उन्मुख प्रशिक्षण पर आधारित दृष्टिकोण को दर्शाती हैं।”
पहले भी शानदार प्रदर्शन’
उल्लेखनीय है कि दमदार सामाजिक संदेश, सजीव अभिनय, कुशल निर्देशन और तकनीकी दक्षता के दम पर एसजीटीयू के छात्रों ने मोहाली के एमिटी विश्वविद्यालय परिसर में हाल ही में आयोजित कल्चरल फेस्ट में श्रेष्ठता की बाजी अपने नाम की थी। एसएमसीएफ के छात्रों ने प्रतिष्ठित सांस्कृतिक उत्सव एमिफोरिया 2026’ में प्रथम स्थान पाया था। देशभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों की 19 लघु फिल्मों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा में एसजीटीयू की प्रविष्टि ईयरफोन-ए वायरस ने श्डायरेक्टर्स कटश् श्रेणी में श्बेस्ट फिल्मश् का अवार्ड जीतने के साथ ₹5000 का नकद पुरस्कार भी अपने नाम किया था। इस फिल्म का लेखन और निर्देशन प्रथम वर्ष के बीएजेएमसी छात्र हर्षित त्यागी ने किया, जबकि इसका निर्माण पूरी तरह छात्रों द्वारा ही किया गया।
राष्ट्रीय युवा महोत्सव में आशुतोष को तीसरा पुरस्कार’
इससे पूर्व एसजीटीयू के छात्र आशुतोष त्यागी ने प्रतिष्ठित एआईयू के 39वें अंतर-विश्वविद्यालय राष्ट्रीय युवा महोत्सव (यूनिफेस्ट) में तृतीय स्थान प्राप्त किया था। बीएजेएमसी तृतीय वर्ष के छात्र आशुतोष त्यागी ने हिंदी वक्तृत्वध् वाक्पटुता या भाषण देने की शैली (वाग्मिता) प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा से प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़ते हुए सम्मान सूचक तीसरा स्थान प्राप्त किया।
एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज के तत्वावधान में चेन्नई में आयोजित इस राष्ट्रीय स्तर के महोत्सव में देशभर के विश्वविद्यालयों के प्रतिभागियों ने भाग लिया।
31 मार्च की रैली में भीड़ न आने व अवैध वसूली करवाने के लिए करवाया खानक पहाड़ बंद: अनिता मलिक चेयरमैन जिला परिषद पहाड़ बंद से 600-700 करोड़ का सरकारी राजस्व को नुकसान: अनिता मलिक चेयरमैन जिला परिषद
भिवानी, 06 अप्रैल, अभीतक: जिला परिषद चेयरमैन अनिता मलिक ने कहा की 3 दिन से खानक पहाड़ बंद है। यहाँ पर अब 30 से 50 रुपए टन के हिसाब से अवैध वसूली की जा रही थी जिससे यहाँ की मजदूर व व्यापारी वर्ग नाराज था। किंतु रैली में भीड़ न होने से मंत्री ने पहाड़ को पूर्ण रूप से बंद करवा दिया है, अब लोकल विधायक मंत्री व प्रशासन मिलकर अवैध वसूली को और बढ़ावा दे रहे हैं। जिसमें इसको बढा कर के 50 रुपए टन नीला पत्थर व 80 रुपए टन लाल पत्थर पर लेने की कोशिश की जा रही है। मैं मुख्यमंत्री से कहना चाहती हूं कि अवैध वसूली को बंद करवाया जाए और पहाड़ को सुचारू रूप से चलाया जाए ताकि आम जनता को रोड़ी बजरी सस्ते रैटों पर मिल सके। पहाड़ बंद होने से यहाँ 60 से 70 हजार लोगों का रोजगार बंद हो जाता है। इनमें क्रेशर मालिक, गाड़ियों के मालिक, गाड़ियों के ड्राइवर व दुकानदार शामिल हैं। सरकार के राजस्व को भी 600-700 करोड़ का नुकसान हो रहा है किंतु हमारी मंत्री को न तो आमजन की चिंता है और न ही सरकारी राजस्व की मंत्री व उसकी माँ तो पहले भी 7 साल पहाड़ बंद करवा चुकी हैं। उसके बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने तोशाम में रैली करके कहा था कि खानक पहाड़ को चलाना दादरी जिला बनाने से भी बड़ा काम है। अब हमारी मंत्री यही से वोट लेती हैं और यही पर अवैध वसूली करवाती है। यह अवैध वसूली मंत्री के प्रतिनिधि व कार्यकर्ताओं द्वारा की जाती है, जो बहुत ही निंदनीय कार्य है। इस तरह अपनी हरकतों से बाज नहीं आई तो नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा को अवगत कराया जाएगा और उनकी एक विशाल रैली का आयोजन किया जाएगा। जिसमे आग्रह किया जाएगा कि यहाँ की अवैध वसूली का मामला हरियाणा विधानसभा व लोकसभा में उठाया जाए। इससे पहले जिला परिषद की सदन की मीटिंग में डाडम, धारण, रिवासा, दुल्हेड़ी आदि सभी पहाड़ियों को चलाने के लिए प्रस्ताव पास किया जा चुका है।
किसान, मजदूर और कमेरों के मसीहा थे चै देवीलाल: अभय सिंह चैटाला
हमारा सर्वप्रथम ध्येय स्वर्गीय देवीलाल की नीतियों का अनुसरण करना: अभय सिंह चैटाला
देश और विदेश से आए गणमान्यों ने नई दिल्ली स्थित स्वर्गीय जननायक ताऊ देवीलाल की समाधि संघर्ष स्थल पर पहुंच श्रद्धासुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी
चै देवीलाल ने देश में बुजुर्गों के लिए 100 रूपए मासिक पेशंन, कर्ज में डूबे किसानों के कर्जे माफ, किसानों के ट्रैक्टर को कमर्शियल वाहन से हटा कर गड्डा घोषित करना, हरिजन चैपालों का निर्माण तथा अनुसुचित जाति के लिए जच्त्रा बच्चा भत्ता जैसी लोक भलाई योजनाओं को लागू किया
चंडीगढ़, 06 अप्रैल, अभीतक: स्वर्गीय जननायक चैधरी देवीलाल की 25वीं पुण्यतिथि सोमवार को हरियाणा समेत पूरे देश में श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर प्रदेश भर में सर्वधर्म प्रार्थना सभाएं एवं सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन कर पूर्व उपप्रधानमंत्री को श्रद्धासुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। मुख्य कार्यक्रम नई दिल्ली स्थित स्वर्गीय चैधरी देवीलाल की समाधि संघर्ष स्थल पर आयोजित किया गया। इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष चै. अभय सिंह चैटाला, राष्ट्रीय संरक्षक प्रो. सम्पत सिंह, प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा, इनेलो के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष हरि सिंह राणा, महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश प्रभारी सुनैना चैटाला, संगठन सचिव उमेद लोहान, प्रदेश प्रधान महासचिव प्रताप सिंह, प्रदेश संगठन सचिव विधायक अदित्य देवीलाल, युवा प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय प्रभारी कर्ण चैटाला, विधायक अर्जुन चैटाला और प्रदेश सचिव प्रदीप गिल समेत पूरे देश और प्रदेश से आए इनेलो नेता, कार्यकर्ता एवं गणमान्य व्यक्तियों ने श्रद्धासुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इससे पहले अभय सिंह चैटाला ने संसद भवन स्थित चै. देवीलाल की मूर्ति पर भी जाकर पुष्पांजलि अर्पित की। चंडीगढ़ स्थित इनेलो मुख्यालय पर राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष आरएस चैधरी, नीति एवं कार्यक्रम समिति के चेयरमैन पूर्व डीजीपी एमएस मलिक, प्रदेश प्रवक्ता डा. सतबीर सैनी और पार्टी सचिव नछत्तर सिंह मलहान ने श्रद्धा सुमन अर्पित कर स्वर्गीय ताऊ देवीलाल को श्रद्धांजलि दी। संघर्ष स्थल पर अपने संबोधन में अभय सिंह चैटाला ने कहा कि स्वर्गीय चै. देवीलाल ने सदैव किसान, मजदूर और कमेरों के हकों के लिए आवाज बुलंद की और प्रदेश के मुख्यमंत्री रहते उन्होंने छतीस बिरादरी और खासकर शोषित वर्ग के लोगों के उत्थान वाली नीतियां बनाई। चै. देवीलाल ने बुजुर्गों के सम्मान के लिए 100 रुपए मासिक पेंशन की, कर्ज में डूबे किसानों के कर्जे माफ किए, किसानों के ट्रैक्टर को कमर्शियल वाहन से हटा कर गड्डा घोषित किया, अनुसूचित वर्ग के लोगों के लिए चैपालों का निर्माण तथा उनकी महिलाओं के लिए जच्चा-बच्चा भत्ता जैसी लोक भलाई योजनाओं को लागू किया। अभय सिंह चैटाला ने कहा कि जननायक स्वर्गीय देवीलाल की नीतियों का अनुसरण करना ही इनेलो पार्टी का सर्वप्रथम उद्देश्य है। सर्व समाज के लोगों का उत्थान सिर्फ जननायक ताऊ देवीलाल के पदचिन्हों पर चल कर ही किया जा सकता है और उनकी बताई नीतियों पर चलकर ही हरियाणा प्रदेश में लोकराज की पुनर्स्थापना की जा सकती है।
चंदे के 5100 रुपए नहीं देने पर सालासर मंदिर में हिसार के परिवार की हत्या की साजिश’
पुलिस बुलाकर पीटा गया, कमरे में बंद करके वीडियो डिलीट करवाई गई, ैब्ध् ैज् केस की धमकी देकर माफीनामा लिखवाया गया’
अमित शाह तक पहुंची बात तो परिवार को गुंडे पुजारियों ने रिहा किया’
हिसार, 06 अप्रैल, अभीतक: राजस्थान के जिस सालासर बालाजी मंदिर में हिसार के परिवार के साथ मारपीट हुई है उहोंने मीडिया के सामने अपनी बात रखी है। पीड़ित परिवार की महिला ने बताया कि उनके ससुरजी बीमार है। वह मोबाइल से अपने ससुर जी को मंदिर प्रतिमा के दर्शन करवा रही थी। तभी वहां मंदिर के गार्ड ने उनसे आकर कहा कि वह बिना 5100 रुपए की पर्ची कटवाए यहां पर वीडियो नहीं बना सकती है, ये कहकर उसने हाथ से मोबाइल छीन लिया और धक्का मारकर उसे जमीन पर गिरा दिया। महिला के अनुसार परिवार के अन्य लोग बेटी, पति व अन्य जब उसको छुड़वाने के लिए आए तो मंदिर में तैनात 30 से ज्यादा लोग आकर उनके पूरे परिवार के साथ लाठी डंडों के साथ मारपीट करने लगे। महिलाओं, बच्चियों को जमीन पर गिराकर लात घूंसों से मारा गया। बाल खींचे गए व उनके साथ बदसलूकी की गई। इसके बाद उनके पूरे परिवार को मंदिर में बने एक कमरे में 4 घंटे बंधक बनाकर रखा गया। वहां पर पुलिस बुलाकर परिवार के पुरुषों के साथ मारपीट की गई। उनके खिलाफ ैब्ध्ैज् एक्ट में केस दर्ज करवाने की धमकी देकर उनके फोन से वीडियो डिलीट करवाई गई, जबरदस्ती उनसे गलती मनवाते हुए माफीनामा लिखवाया गया। परिवार ने आरोप लगाया है कि उनके पूरे परिवार की हत्या होने वाली थी। आखिरी समय में मैने मंदिर के पुजारियों को बताया कि वह बीजेपी से जुड़ा हुआ है और गृहमंत्री अमित शाह उनके नजदीकी हैं। ये सुनने के बाद पुजारियों (गुंडों) ने उनके वहां से जाने दिया गया। मंदिर से निकलने के बाद भी उनका पीछा किया गया। परिवार का कहना है कि अगर वह बीजेपी और अमित शाह का नाम नहीं लेते तो मंदिर के पुजारी उनको जिंदा नहीं लौटने देते। पीड़ित परिवार का कहना है कि मंदिर पर कुछ गुंडे तत्वों ने कब्जा किया हुआ है जो खुद को पुजारी बताते हैं। इनका काम सिर्फ लोगों से पैसे की वसूली करना है। जो पैसे देता है उसी को मंदिर में दर्शन करने दिए जाते हैं बाकियों के साथ ये बाउंसर इसी तरह मारपीट करते हैं। परिवार ने बालाजी मंदिर सालासर को इन गुंडों के कब्जे से मुक्त करवाने की मांग की है।
भिवानी: भाजपा सांसद धर्मबीर सिंह ने कहा: वैश्विक युद्ध की स्थिति में भारत शांतिपूर्ण तरीके से युद्ध से दूर रहकर ईंधन की आपूर्ति बनाए रखने में सफल
भारत की नीति के तहत रूस-यूक्रेन युद्ध, ईरान-इजरायल युद्ध से बनाए रखी है दूरी, भारत की कूटनीति के चलते ईंधन की जहाज समय-समय पर ईंधन लेकर पहुंच रही भारत: सांसद
ईंधन की कमी ना हो, इसीलिए एक्साईज ड्यूटी को कम करने का कार्य किया, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में युद्धग्रस्त क्षेत्रों से गुजरकर भारत पहुंच रहे ईंधन से भरे जहाज: सांसद धर्मबीर सिंह
भाजपा के 47वें स्थापना दिवस पर सांसद धर्मबीर सिंह, विधायक घनश्यमा सर्राफ व विधायक कपूर वाल्मीकि व जिला प्रधान विरेंद्र कौशिक ने पुराने कार्यकर्ताओं को सम्मानित करने के साथ ही केट काटकर मनाया स्थापना दिवस
सांसद बोले रू महिला आरक्षण बिल पास होने के बाद महिलाओं को मिलेगा 33 प्रतिशत आरक्षण, उम्मीद विपक्षी विधायक भी देंगे साथ
सांसद ने कहा: परिसिमन के बाद हरियाणा में 10 की बजाए 15 लोकसभा सीटें तथा विधानसभा की 90 के स्थान पर 135 विधानसभा सीटें होने की संभावना
ग्रुप ‘ए’ और ‘बी’ पदों में आरक्षण का मामला
मुख्य सचिव ने दिए रोस्टर रजिस्टर सत्यापित कराने के निर्देश
चंडीगढ़, 06 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा सरकार ने अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षण नीति का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सभी प्रशासनिक विभागों, बोर्डों, निगमों तथा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को ग्रुप ‘ए’ और ‘बी’ पदों के लिए रोस्टर रजिस्टर तैयार करने, अद्यतन करने तथा सत्यापित कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी एक पत्र के अनुसार सभी विभागों को सटीक और अद्यतन रोस्टर रजिस्टर कायम रखने तथा उसे अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग से विधिवत सत्यापित कराने के निर्देश दिए गए हैं। इन निर्देशों में कहा गया है कि 7 अक्टूबर, 2023 को जारी निर्देशों के तहत ग्रुप ‘ए’ और ‘बी’ श्रेणियों में अनुसूचित जाति कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण का लाभ प्रदान किया गया था। यह भी स्पष्ट किया गया है कि 15 जुलाई, 2014 के दिशानिर्देशों के अनुसार निर्धारित रोस्टर बिंदु यथावत लागू रहेंगे और यह प्रावधान सीधी भर्ती तथा पदोन्नति, दोनों पर समान रूप से लागू होगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि ग्रुप ‘सी’ और ‘डी’ कर्मचारियों के लिए रोस्टर प्रबंधन से संबंधित सभी दिशानिर्देश, जो 24 सितम्बर, 2008 और 22 अक्टूबर, 2008 को जारी किए गए थे, उन्हें उच्च श्रेणियों में आरक्षण लाभ लागू करते समय सख्ती से अपनाया जाए। रिप्लेसमेंट थ्योरी सहित रोस्टर बिंदुओं के उचित अनुप्रयोग से संबंधित सभी सिद्धांतों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
किसानों को फसल बेचने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी: श्याम सिंह राणा
चंडीगढ़, 06 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि किसानों को फसल बेचने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। गेहूं खरीद सीजन के दौरान 24 घंटे मंडियों खुली रहेंगी। गेटपास और बिक्री भी हर समय बनी रहेगी। श्री श्याम सिंह राणा ने आज अनाज मंडी थानेसर की मार्केट कमेटी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य किसानों को बेचने में समय की बचत करने तथा खरीद प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि किसान की फसल का एक-एक दाना एमएसपी पर खरीदा जाएगा और फसल बेचने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी गेहूं खरीद पर बहुत गंभीर है। उन्होंने बताया कि उन्होंने अधिकारियों के साथ गेहूं की आवक व उठान कार्य, माल ढुलाई कार्यों और बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की है। श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश के मंत्री व विधायक लगातार मंडियों का निरीक्षण भी कर रहे हैं, ताकि किसान को अपनी फसल बेचने में पोर्टल संबंधी या अन्य कोई समस्या न आए। उन्होंने किसानों व आढ़तियों से यह भी अपील की कि वे प्रशासन के साथ आपसी सहयोग व तालमेल से फसल के उठान की समस्या को दूर कर सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि किसान अपनी फसल को ट्रैक्टर-ट्रॉली के अतिरिक्त अन्य पारंपरिक साधनों जैसे बैलगाड़ी आदि के माध्यम से भी मंडी में ला सकते हैं। यदि ट्रैक्टर-ट्रॉली पर नंबर प्लेट उपलब्ध नहीं है तो किसान ट्रैक्टर पर पेंट द्वारा पंजीकरण संख्या लिखकर अथवा कागज पेपर स्टीकर पर पंजीकरण संख्या अंकित कर मंडी में फसल ला सकता है। उन्होंने कहा कि किसानों को गेट पास काटने के लिए प्रतीक्षा न करनी पड़े, इसके लिए हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से कच्चे कर्मचारियों की तैनाती की गई है। श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण किसान स्वयं, भूमि का मालिक अथवा वह व्यक्ति जो भूमि को पट्टे पर लेकर खेती कर रहा हो, तीनों में से कोई भी कर सकता है। किसान भूमि मालिक पट्टेदार किसान अपने नामित व्यक्तियों को भी पोर्टल पर पंजीकृत कर सकता है। उन्होंने कहा कि किसान स्वयं या उसके द्वारा नामित अधिकतम तीन व्यक्ति ही रबी फसल विक्रय के लिए मंडी में ला सकेंगे। किसान या नामित व्यक्तियों का सत्यापन फिंगर स्केनिंग बायोमेट्रिक उपकरण के माध्यम से किया जाएगा। यदि फिंगर स्कैनिंग से सत्यापन संभव नहीं हो पाता है, तो आंख स्कैनिंग बायोमेट्रिक उपकरण द्वारा भी सत्यापन किया जा सकेगा। यह बायोमेट्रिक प्रक्रिया मंडी गेट पर नहीं, बल्कि गेहूं की खरीद के समय की जाएगी।
हरियाणा के कर्मचारी होंगे एआई से लैस
मुख्य सचिव ने विभागों को दिए एआई स्किलिंग बढ़ाने के निर्देश
चंडीगढ़, 06 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा सरकार ने प्रदेश में तकनीक आधारित प्रशासन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए सरकारी कर्मचारियों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) स्किलिंग को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। यह प्रशिक्षण आईजीओटी कर्मयोगी प्लेटफॉर्म के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा इस सम्बन्ध में राज्य के सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, प्रशिक्षण संस्थानों, बोर्डों, निगमों तथा विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को पत्र भेजा गया है। यह पहल राज्य सरकार के उन प्रयासों का हिस्सा है, जिनके तहत अधिकारियों-कर्मचारियों को उभरती डिजिटल क्षमताओं से लैस कर अधिक दक्ष, उत्तरदायी और नागरिक-केंद्रित प्रशासनिक व्यवस्था विकसित की जा रही है। मिशन कर्मयोगी के तहत राष्ट्रीय डिजिटल लर्निंग पोर्टल आईजीओटी कर्मयोगी पर सार्वजनिक प्रशासन से जुड़े अधिकारियों के लिए निःशुल्क, स्वयं-गति (सैल्फ पेस्ड) और प्रमाणित एआई पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। इन पाठ्यक्रमों को कर्मचारी अपनी सुविधा अनुसार बिना नियमित कार्य प्रभावित किए पूरा कर सकते हैं। राज्य के प्रमुख प्रशिक्षण संस्थान हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान (हिपा) द्वारा इस पहल को सक्रिय रूप से समर्थन दिया जा रहा है। प्रशासन में एआई के उपयोग से निर्णय लेने की प्रक्रिया में सुधार, डेटा आधारित नीति निर्माण तथा सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता में बढ़ोतरी की संभावना है। सरकारी कर्मचारियों के लिए सुझाए गए एआई पाठ्यक्रमों में बुनियादी अवधारणाओं से लेकर प्रशासन में उन्नत उपयोग तक के विषय शामिल हैं। इनमें सार्वजनिक क्षेत्र में दक्षता के लिए जनरेटिव एआई, शहरी प्रशासन में एआई आधारित डिजिटल परिवर्तन, ग्रामीण विकास और शिक्षा में एआई का उपयोग तथा माइक्रोसॉफ्ट कोपायलट जैसे उत्पादकता उपकरणों से संबंधित कार्यक्रम शामिल हैं। ये पाठ्यक्रम कर्मयोगी भारत, नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन (एमईआईटीवाई), वाधवानी फाउंडेशन, माइक्रोसॉफ्ट और इन्वेस्ट इंडिया जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सरकारी कर्मचारियों को आईजीओटी कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर लॉग-इन कर इन पाठ्यक्रमों में नामांकन करने और अपने कौशल को उन्नत बनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है, ताकि वे डिजिटल रूप से सशक्त प्रशासन के निर्माण में योगदान कर सकें।
हरियाणा सरकार ने लगाए लिंक अधिकारी
चंडीगढ़, 06 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा सरकार ने विभागों का सुचारू कार्य संचालन सुनिश्चित करने के मकसद से लिंक अधिकारी नामित किए हैं। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी आदेशानुसार, यदि स्थानांतरण, सेवानिवृत्ति, अवकाश, प्रशिक्षण, दौरे अथवा चुनावी कार्य के कारण सामान्य प्रशासन विभाग के आयुक्त एवं सचिव का पद रिक्त रहता है, तो मानव संसाधन विभाग के आयुक्त एवं सचिव लिंक अधिकारी-1 जबकि वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव-1 लिंक अधिकारी-2 के तौर पर काम करेंगे। मानव संसाधन विभाग के आयुक्त एवं सचिव की अनुपस्थिति में सामान्य प्रशासन विभाग के आयुक्त एवं सचिव लिंक अधिकारी-1 जबकि वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव-2 लिंक अधिकारी-2 के रूप में कार्य करेंगे। वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव-1 की अनुपस्थिति में वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव-2 लिंक अधिकारी-1 जबकि सामान्य प्रशासन विभाग के आयुक्त एवं सचिव लिंक अधिकारी-2 का काम देखेंगे। इसी तरह, वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव-2 के मामले में वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव-1 लिंक अधिकारी-1 तथा मानव संसाधन विभाग के आयुक्त एवं सचिव लिंक अधिकारी-2 के तौर पर काम करेंगे। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अवकाश, प्रशिक्षण, दौरे अथवा चुनावी कार्य हेतु जाने वाले अधिकारी को अपने नामित लिंक अधिकारी को अग्रिम तौर पर सूचित करना अनिवार्य होगा।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेशभर में ततीमा मामलों के निपटान के लिए विशेष अभियान चलाने के दिए निर्देश
रेजांगला व अतुल कटारिया चैक का होगा सौंदर्यीकरण
दौलताबाद में खेतों के रास्ते पर कब्जे का मामला, मुख्यमंत्री ने दिए सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने सेक्टर-10 में नए आधुनिक सीवरेज सिस्टम के लिए प्रस्ताव तैयार करने के दिए निर्देश
चंडीगढ़, 06 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम तथा हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेशभर में लंबित ततीमा से संबंधित सभी मामलों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निपटान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में देरी के कारण आमजन को दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं, अनावश्यक विवाद और न्यायालयीन प्रक्रियाएं बढ़ती हैं। मुख्यमंत्री सोमवार को गुरुग्राम में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, पटौदी विधायक श्रीमती बिमला चैधरी, सोहना विधायक श्री तेजपाल तंवर, गुरुग्राम के विधायक श्री मुकेश शर्मा भी उपस्थित रहे। बैठक में कुल 15 परिवाद रखे गए, जिनमें से मुख्यमंत्री ने 11 का मौके पर ही निपटारा किया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वे आमजन की समस्याओं के समाधान के प्रति संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि जहां भी कोई समस्या उनके संज्ञान में आती है या कोई नागरिक सीधे अपनी शिकायत लेकर आता है, उसका प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल कार्यवाही करना नहीं, बल्कि लोगों को राहत पहुंचाना और उनकी समस्याओं का समयबद्ध निवारण करना होना चाहिए, ताकि शासन व्यवस्था के प्रति आमजन का विश्वास और अधिक मजबूत हो सके।
रेजांगला व अतुल कटारिया चैक के सौंदर्यीकरण और स्वच्छता पर जोर
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने रेजांगला चैक की स्वच्छता व्यवस्था का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रेजांगला चैक तथा शहीद लेफ्टिनेंट अतुल कटारिया चैक का सुनियोजित तरीके से सौंदर्यीकरण किया जाए, साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि रेजांगला स्मारक का समुचित सौंदर्यीकरण, पुनर्रचना (रेडिजाइनिंग) और समग्र उन्नयन किया जाए, ताकि इसे और अधिक आकर्षक, गरिमापूर्ण एवं प्रभावशाली बनाया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन स्थानों पर हरित क्षेत्र विकसित किया जाए तथा नियमित सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए, जिससे आमजन को एक स्वच्छ, व्यवस्थित और आकर्षक वातावरण का अनुभव हो सके।
दौलताबाद में खेतों के रास्ते पर कब्जे का मामला, मुख्यमंत्री ने दिए सख्त निर्देश
गांव दौलताबाद से आए एक शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के समक्ष अवगत कराया कि उसके खेत तक जाने वाले करीब 2 करम चैड़े रास्ते पर दो बिल्डर्स द्वारा अवैध कब्जा कर दीवार खड़ी कर दी गई है, जिससे उसका तथा अन्य ग्रामीणों का खेतों में आवागमन बाधित हो रहा है। इस पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कब्जा हटाकर रास्ते को मूल स्वरूप में बहाल किया जाए तथा संबंधित बिल्डर्स से दोनों ओर अतिरिक्त दो-दो फीट जगह भी खाली करवाई जाए, ताकि ग्रामीणों के लिए आवागमन सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से सुनिश्चित किया जा सके।
सेक्टर-10 में नए आधुनिक सीवरेज सिस्टम के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश
सेक्टर-10 से आए आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी को अवगत कराया कि क्षेत्र में पुराना सीवरेज सिस्टम होने के कारण बार-बार ओवरफ्लो की समस्या उत्पन्न हो रही है, जिससे स्थानीय निवासियों को गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इस पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सेक्टर के लिए आधुनिक और सक्षम सीवरेज सिस्टम का विस्तृत प्रस्ताव शीघ्र तैयार किया जाए, ताकि स्थायी समाधान सुनिश्चित हो सके। इस अवसर पर गुरुग्राम की मेयर राजरानी मल्होत्रा, प्रधान सलाहकार (शहरी विकास) डी .एस.ढेसी, जीएमडीए के सीईओ पी.सी मीणा, डीसी अजय कुमार, मुख्यमंत्री के ओएसडी तथा सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के अतिरिक्त निदेशक विवेक कालिया, एडीसी सोनू भट्ट सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
प्रदेश में विशेषज्ञ डॉक्टरों की नहीं रहेगी कमी: स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव
कॉन्ट्रैक्ट पर भर्ती होगी
नूंह जिला के लिए दिया जाएगा डेढ़ गुणा वेतन
चंडीगढ़, 06 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक बड़ा निर्णय लेते हुए घोषणा की है कि राज्य के सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए 195 पदों पर कॉन्ट्रैक्ट आधार पर भर्ती की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि यह भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और मेरिट आधारित होगी। उन्होंने बताया कि नूह जिला को छोड़कर अन्य जिलों के लिए चयनित विशेषज्ञ डॉक्टरों में एमबीबीएस एवं डिप्लोमा की योग्यता वाले विशेषज्ञ डॉक्टरों को एक लाख रूपये प्रति महीना तथा एमबीबीएस एवं एमडी ध्एमएस ध्डीएनबी योग्यता वाले विशेषज्ञ डॉक्टरों को 1.50 लाख रूपये प्रति महीना दिया जाएगा। विशेष तौर पर नूह जिला के लिए चयनित विशेषज्ञ डॉक्टरों में एमबीबीएस एवं डिप्लोमा की योग्यता वाले विशेषज्ञ डॉक्टरों को 1.50 लाख रुपये प्रति महीना तथा एमबीबीएस एवं एमडी ध्एमएस ध्डीएनबी योग्यता वाले विशेषज्ञ डॉक्टरों को 2 लाख रुपये प्रति महीना दिया जाएगा। आरती सिंह राव ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रदेश के सभी नागरिकों को बेहतर और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति से मरीजों को उच्च गुणवत्ता की चिकित्सा सुविधा मिलेगी और मौजूदा डॉक्टरों पर कार्यभार भी कम होगा। उन्होंने जानकारी दी कि स्त्री रोग, बाल रोग, एनेस्थीसिया, मेडिसिन, सर्जरी और ऑर्थोपेडिक जैसे महत्वपूर्ण विभागों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती की जाएगी। इनमें सबसे अधिक पद स्त्री रोग और बाल रोग विभाग में हैं, जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को विशेष रूप से मजबूत किया जाएगा। भर्ती प्रक्रिया को तेज और सरल बनाने के लिए वॉक-इन इंटरव्यू के माध्यम से चयन किया जाएगा। उम्मीदवारों का चयन उनकी शैक्षणिक योग्यता और अनुभव के आधार पर किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह कदम प्रदेश के सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने और दूर-दराज क्षेत्रों में भी विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस निर्णय से हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा और आम जनता को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
हरियाणा में सभी न्यायालयों और राजस्व न्यायालयों में लागू होगी ई-समन प्रणाली
तेजी से होगा मामलों का निपटान
चंडीगढ़, 06 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा सरकार ने राज्य के विभिन्न विभागों के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्यरत सभी न्यायालयों तथा सभी राजस्व न्यायालयों में समन जारी करने और उनकी तामील के लिए ई-समन प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा इस सम्बन्ध में जारी एक पत्र में सभी प्रशासनिक सचिवों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने प्रशासनिक नियंत्रण में आने वाले न्यायालयों और प्राधिकरणों को समन जारी करने और तामील के लिए ई-समन प्रणाली का अनिवार्य रूप से उपयोग करने के निर्देश जारी करें। साथ ही, राज्य के सभी राजस्व न्यायालयों को भी इस प्रणाली को अपनाने और इसका कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मामलों के निपटान में तेजी लाई जा सके। गौरतलब है कि 3 फरवरी, 2026 को गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल की अध्यक्षता में एक बैठक हुई थी, जिसमें नए आपराधिक कानूनों (एनसीएल) के कार्यान्वयन तथा एनसीएल पोर्टल की समीक्षा की गई थी।
सहायक आयुक्त, अतिरिक्त सहायक आयुक्त तथा तहसीलदारों की विभागीय परीक्षा 27 अप्रैल से
16 अप्रैल तक करना होगा आवेदन
चंडीगढ़, 06 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा सरकार ने सहायक आयुक्तध्अतिरिक्त सहायक आयुक्त तथा तहसीलदारों की विभागीय परीक्षाओं के लिए तिथियों की घोषणा कर दी है। एक सरकारी प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि ये परीक्षाएं 27 अप्रैल से 1 मई 2026 तक आयोजित की जाएंगी। परीक्षाओं का आयोजन सार्थक राजकीय एकीकृत वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सेक्टर-12ए, पंचकूला में किया जाएगा। जारी डेटशीट के अनुसार, 27 अप्रैल को सुबह सत्र (10ः00 बजे से 1ः00 बजे तक) में क्रिमिनल लॉ (प्रथम पेपर) तथा शाम के सत्र (2ः00 बजे से 5ः00 बजे तक) में सिविल लॉ की परीक्षा होगी। इसके बाद 28 अप्रैल को सुबह क्रिमिनल लॉ (द्वितीय पेपर) और शाम को फाइनेंशियल रूल्स की परीक्षा आयोजित की जाएगी। 29 अप्रैल को सुबह क्रिमिनल लॉ (तृतीय पेपर) आयोजित होगा, जिसमें सहायक आयुक्त, अतिरिक्त सहायक आयुक्तों के लिए जेल से संबंधित विषय भी शामिल होंगे, जबकि तहसीलदारों के लिए पाठ्यक्रम अलग रहेगा। इसी दिन शाम के सत्र में रेवेन्यू लॉ (प्रथम पेपर) की परीक्षा होगी। इसके बाद 30 अप्रैल को सुबह लोकल फंड्स तथा शाम को रेवेन्यू लॉ (द्वितीय पेपर) आयोजित किया जाएगा। परीक्षाओं का समापन 1 मई को होगा, जिसमें सहायक आयुक्त, अतिरिक्त सहायक आयुक्तों के लिए भाषा (हिंदी) तथा तहसीलदारों के लिए पटवारी मेंसुरेशन और उर्दू विषयों की परीक्षा होगी। प्रवक्ता ने बताया कि परीक्षा में शामिल होने के इच्छुक उम्मीदवारों को अपने संबंधित विभागाध्यक्ष या प्रशासनिक सचिव के माध्यम से 16 अप्रैल 2026 तक आवेदन करना होगा। केंद्रीय परीक्षा समिति द्वारा सीधे आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। सरकार ने सभी पात्र उम्मीदवारों को निर्धारित तिथियों और नियमों के अनुसार परीक्षा की तैयारी करने की सलाह दी है।
सिरसा में स्थापित होगा किन्नू जूस संयंत्र
किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम
चंडीगढ़, 06 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा सरकार ने प्रदेश में फल अर्थव्यवस्था को मजबूत करने तथा किन्नू उत्पादक किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा निर्णय लिया है। इसके लिए, सिरसा स्थित वीटा मिल्क प्लांट परिसर में लगभग 26.39 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक किन्नू जूस प्रसंस्करण संयंत्र लगाया जा रहा है। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने आज यहां एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए इस महत्वाकांक्षी परियोजना की समीक्षा की। यह परियोजना 33 वर्ष की रियायत अवधि के साथ सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर विकसित की जाएगी, जिससे सभी हितधारकों को लाभ होगा। हरियाणा डेयरी द्वारा संयंत्र स्थापित करने के लिए लगभग तीन एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जाएगी, जबकि निजी भागीदार संयंत्र एवं मशीनरी, आवश्यक सिविल ढांचा स्थापित करेगा तथा संयंत्र का संचालन करेगा। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि परियोजना के तहत मुख्य रूप से फल एवं सब्जी प्रसंस्करण उद्योग स्थापित किया जाएगा, जिसमें विशेष रूप से किन्नू जूस प्रसंस्करण पर जोर दिया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर परियोजना को वायबिलिटी गैप फंड की सुविधा भी प्रदान की जा सकती है। भविष्य में आवश्यकता अनुसार कृषि आधारित अन्य प्रसंस्करण उद्योगों की संभावनाएं भी तलाश की जा सकती हैं। हरियाणा डेयरी डेवलपमेंट कोऑपरेटिव फेडरेशन के प्रबंध निदेशक श्री रोहित यादव ने बताया कि हरियाणा में प्रतिवर्ष लगभग 4.40 लाख मीट्रिक टन किन्नू का उत्पादन होता है, जिसमें अकेले सिरसा जिले का योगदान लगभग 55 प्रतिशत है। प्रस्तावित संयंत्र में प्रतिवर्ष लगभग 9,000 मीट्रिक टन किन्नू तथा 12,600 मीट्रिक टन अन्य फलों का प्रसंस्करण कर उच्च गुणवत्ता वाला पैकेज्ड जूस तैयार किया जाएगा। विशेष रूप से किन्नू उत्पादन का लगभग 25 प्रतिशत भाग, जो प्रायः बी-ग्रेड फल होता है और पहले कम कीमत पर बिकता था, अब मूल्य संवर्धन के माध्यम से उपयोग में लाया जाएगा, जिससे सीधे तौर पर किसानों की आय बढ़ेगी। इस पहल की एक प्रमुख विशेषता इसका किसान-केंद्रित दृष्टिकोण है, जिसके तहत कच्चे माल की खरीद प्रदेश के किसानों से की जाएगी। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने कहा कि यह परियोजना सरकारी अवसंरचना, सहकारी संस्थाओं और निजी क्षेत्र के समन्वय का एक बेहतरीन उदाहरण है, जो ग्रामीण आय को स्थायी रूप से बढ़ाने में सहायक होगी। पर्याप्त कच्चे माल की उपलब्धता, स्पष्ट भूमि स्वामित्व, आधुनिक एसेप्टिक पैकेजिंग तकनीक और मजबूत पीपीपी ढांचे के साथ सिरसा का यह किन्नू जूस प्रसंस्करण संयंत्र हरियाणा को देश में प्रीमियम फल आधारित पेय पदार्थों का प्रमुख केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं वित्त आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता और मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
दीनबंधु छोटूराम ईमानदारी, सामाजिक न्याय और दूरदर्शी नेतृत्व का प्रतीक थे: उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णनन
दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति ने किया संबोधन
छात्रों को नवाचार और राष्ट्र निर्माण के लिए किया प्रेरित
चंडीगढ़, 06 अप्रैल, अभीतक: भारत के उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णनन ने आज हरियाणा के सोनीपत स्थित दीनबंधु छोटूराम यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के 8वें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। उपराष्ट्रपति ने दीनबंधु छोटूराम को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें ईमानदारी, सामाजिक न्याय और दूरदर्शी नेतृत्व का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि दीनबंधु छोटूराम ने किसानों और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित किया और उनके सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि सहकारी संस्थाओं और न्यायसंगत भूमि व्यवस्था पर छोटूराम के प्रयास ने एक मजबूत कृषि ढांचे की नींव रखी, जिससे हरियाणा एक समृद्ध कृषि राज्य के रूप में उभरा और देश की खाद्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया। दीक्षांत समारोह में स्नातक छात्रों को बधाई देते हुए उपराष्ट्रपति ने बताया कि स्वर्ण पदक विजेताओं में लगभग 64 प्रतिशत महिलाएं हैं और कुल उत्तीर्ण छात्रों में भी लगभग 50 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी है। उन्होंने इसे महिला सशक्तिकरण और ‘बेटी बचो, बेटी पढ़ाओ जैसी योजनाओं के सकारात्मक प्रभाव का परिणाम बताया। उपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि यह नवाचार, आत्मविश्वास और स्वदेशी समाधानों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कोविड -19 महामारी के दौरान भारत की भूमिका को याद करते हुए कहा कि जहां कई देशों ने वैक्सीन पर पेटेंट के माध्यम से लाभ कमाने की कोशिश की, वहीं भारत ने न केवल अपने नागरिकों को मुफ्त टीके उपलब्ध कराए, बल्कि 100 से अधिक देशों को भी वैक्सीन उपलब्ध कराकर अपनी उदारता का परिचय दिया। उपराष्ट्रपति ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स, क्वांटम कंप्यूटिंग और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों की चर्चा करते हुए छात्रों से इन्हें जिम्मेदारी के साथ अपनाने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने नशे की बढ़ती समस्या पर चिंता जताते हुए युवाओं से इसे पूरी तरह त्यागने और स्वस्थ व सकारात्मक जीवन अपनाने की अपील की। उन्होंने युवाओं को नशा मुक्त समाज के दूत बनने के लिए प्रेरित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता केवल उपलब्धियों से नहीं, बल्कि चरित्र, ईमानदारी और कठिनाइयों से उबरने की क्षमता से तय होती है। उन्होंने छात्रों को धैर्य और साहस के साथ चुनौतियों का सामना करने की सलाह देते हुए कहा कि धर्म की हमेशा अधर्म पर विजय होती है। उपराष्ट्रपति ने शिक्षा में औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि सच्ची शिक्षा व्यक्ति को स्वतंत्र सोच, आत्मविश्वास और भारतीय विरासत पर गर्व करना सिखाती है। इस अवसर पर हरियाणा के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री असीम कुमार घोष, मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, सहकारिता मंत्री श्री अरविन्द कुमार शर्मा तथा विश्वविद्यालय के कुलपति श्री प्रकाश सिंह भी उपस्थित रहे।