Haryana Abhitak News 07/04/26

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झज्जर स्थित अग्रसेन पीजी महिला कालेज के दीक्षांत एवं वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में छात्राओं को पुरष्कृत करते मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री श्री विपुल गोयल। समारोह को संबोधित करते मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री श्री विपुल गोयल।

झज्जर स्थित महाराजा अग्रसेन महिला महाविद्यालय का दीक्षांत समारोह आयोजित
हरियाणा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, शहरी स्थानीय निकाय मंत्री श्री विपुल गोयल ने दीक्षांत एवं पुरस्कार वितरण समारोह में छात्राओं को किया पुरस्कृत

झज्जर, 06 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, शहरी स्थानीय निकाय मंत्री श्री विपुल गोयल ने कहा कि बेटियां हमारे देश और समाज का गौरव है, एक बेटी के शिक्षित होने से दो परिवारों का भला होता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 2047 के विकसित भारत विजन में हमारी बेटियां ध्वजवाहक बनेंगी। कैबिनेट मंत्री श्री विपुल गोयल मंगलवार को महाराजा अग्रसेन महिला महाविद्यालय के दीक्षांत एवं वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधन दे रहे थे। उन्होंने महाविद्यालय के विकास के लिए 11 लाख रुपये देने की घोषणा की
इस बीच कालेज प्रबंधन समिति के अध्यक्ष राजकुमार गोयल ने कैबिनेट मंत्री का स्वागत करते हुए कालेज की गतिविधियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। वहीं प्राचार्या नीलम गर्ग ने कालेज की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की।
बेटी पढ़ेगी तो समाज बढ़ेगा: गोयल
मुख्य अतिथि श्री विपुल गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश के पानीपत शहर से बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत की थी। निरंतर प्रयासों और सकारात्मक बदलावों के परिणामस्वरूप आज हमारा लिंगानुपात बढ़कर लगभग 950 तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में शिक्षा सहित हर क्षेत्र में विकास परियोजनाओं और योजनाओं को बढ़ावा मिल रहा है। बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा लगातार नए स्कूल और कॉलेज खोले जा रहे हैं, ताकि हर बेटी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। वर्ष 2014 से पहले जहां एमबीबीएस की केवल 700 सीटें थीं, वहीं आज यह संख्या बढ़कर लगभग 2000 हो गई है। यह परिवर्तन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व और वर्तमान प्रदेश सरकार की नीतियों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि पुरुष अकेला पढ़ता है, लेकिन जब एक महिला शिक्षित होती है तो वह पूरे परिवार को शिक्षित करती है। बेटियों को चाहिए कि वे डिग्री प्राप्त कर अपने जीवन के सपनों को साकार करें और समाज में अपनी पहचान स्थापित करें। उन्होंने बेटियों से आह्वान किया कि वो इस वातावरण में देश व समाज के उत्थान में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करे। मुख्य अतिथि श्री विपुल गोयल ने कहा कि महिला सशक्तिकरण प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का संकल्प है, जिसे हरियाणा में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सिद्धि तक लेकर जाने के लिए काम किया जा रहा है। आज हर क्षेत्र में बेटियां मेहनत के बलबूते पर प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। उन्होंने डिग्री हासिल करने वाली सभी छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि डिग्री लेना बहुत बड़ी बात है,डिग्री मिलने से केवल विद्यार्थी ही नहीं उनके माता पिता भी फक्र महसूस करते हैं। उन्होंने समारोह के दौरान स्नातकोत्तर व स्नातक उतीर्ण कर चुकी छात्राओं को डिग्री प्रदान करते हुए जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कठिन परिश्रम के साथ जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में मंच संचालन संजय शर्मा ने किया
यह अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति रहे मौजूद
इस अवसर डीएमसी अभिनव सिवाच आईएएस, तहसीलदार शेखर नरवाल, दीपक अग्रवाल, महाराजा अग्रसेन कालेज प्रबंधन समिति के उप प्रधान प्रवीण गोयल, सचिव गौरव गोयल, तरुण सिंघल, कार्यकारिणी सदस्य शीतल कुच्छल, मनीष बसंल, झज्जर गौशाला प्रधान प्रमोद बंसल, केशव सिंघल, प्रकाश चंद गर्ग, श्यामलाल जिंदल, प्रदीप ऐरन, अंशुल गर्ग, गोपाल गोयल, दिनेश गोयल, सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

रिलायंस ने स्वास्थ्य जाँच शिविर लगाकर मनाया विश्व स्वास्थ्य दिवस
रिलायंस फाउंडेशन एवं मॉडल इकोनॉमिक टाउनशिप द्वारा सुहरा गाँव में विशाल मेगा स्वास्थ्य जाँच शिविर का आयोजन किया गया

झज्जर, 06 अप्रैल, अभीतक: जिले के सुहरा गाँव स्थित बाबा रामदास मंदिर में आज विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर रिलायंस फाउंडेशन एवं मॉडल इकोनॉमिक टाउनशिप द्वारा एक विशाल मेगा स्वास्थ्य जाँच शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना रहा। इस मेगा स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से कुल 400 से अधिक ग्रामीणों ने विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। इस मेगा शिविर में विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं, जिनमें नेत्र जाँच, दंत चिकित्सा, सामान्य रोग जाँच, स्त्री रोग जाँच तथा योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा प्रमुख रूप से शामिल रहे। शिविर में कुल 115 लोगों ने नेत्र जाँच, 53 ने दंत जाँच, 129 लोगों ने सामान्य स्वास्थ्य जाँच, 53 ने प्राकृतिक चिकित्सा एवं 52 महिलाओं ने स्त्री रोग संबंधी जाँच का लाभ उठाया। नेत्र जाँच के दौरान 46 मरीजों को निःशुल्क चश्मे प्रदान करने की अनुशंसा की गई, वहीं 7 मरीजों को मोतियाबिंद से पीड़ित पाया गया, जिनकी सर्जरी रिलायंस के सहयोग से निःशुल्क करवाई जाएगी। इस शिविर में एसजीटी यूनिवर्सिटी से डॉ. मीनाक्षी एवं उनकी टीम ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। नेत्र विभाग का संचालन डॉ. सुनील दत्त ने किया, जबकि स्त्री रोग विभाग में डॉ. तन्वी एवं विपिन ने सेवाएं दीं। सामान्य ओपीडी में डॉ. अशोक, प्रिंस एवं नरेश ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा विभाग में डॉ. ज्योति जाट, आशीष एवं सोमवीर ने लोगों को विभिन्न योगासन एवं व्यायाम के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। इसके अतिरिक्त मिशन सहयोग से श्री वीरूमल, जगत एवं हरपाल ने भी शिविर के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में गाँव के सरपंच भी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस प्रकार के जनहितकारी आयोजन के लिए आयोजकों का आभार व्यक्त किया। रिलायंस की ओर से नीलम सिंह, चंचल, अक्षय धनखड़ एवं राजकंवर भी उपस्थित रहे और उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाई। यह शिविर ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में एक सराहनीय पहल साबित हुआ।

पंजाब नैशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान का ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण सम्पन्न
झज्जर, 06 अप्रैल, अभीतक: मंगलवार को पंजाब नैशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान, झज्जर द्वारा स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित 35 दिन की ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन समारोह बड़े उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में 24 युवतियों एवं महिलाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को सौंदर्य एवं सौंदर्य उपचार से संबंधित आधुनिक तकनीकों जैसे स्किन केयर, हेयर कटिंग एवं स्टाइलिंग, मेकअप आर्ट, फेशियल, मेहंदी, ब्राइडल मेकअप एवं अन्य व्यावसायिक कौशलों का गहन प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण पूरी तरह व्यावहारिक एवं रोजगार उन्मुख रहा, जिससे प्रतिभागियों को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में मजबूत आधार प्राप्त हुआ। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक उमेश भुकर गोरिया ने बताया कि संस्थान द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 75 अभ्यर्थियों को ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। इनमें से लगभग 20-25 प्रशिक्षु अपना स्वयं का कार्य प्रारंभ कर चुके हैं, जो न केवल अपनी आजीविका कमा रहे हैं बल्कि अन्य लोगों को भी रोजगार के अवसर प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में कौशल आधारित प्रशिक्षण ही आत्मनिर्भर भारत की नींव है, और ब्यूटी एवं वेलनेस क्षेत्र में स्वरोजगार की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने आगे कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना अत्यंत आवश्यक है, और इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम उन्हें घर बैठे या छोटे स्तर पर अपना व्यवसाय शुरू करने का अवसर प्रदान करते हैं। ब्यूटी पार्लर जैसे व्यवसाय कम निवेश में शुरू होकर अच्छी आय का माध्यम बन सकते हैं, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार होता है और महिलाओं का आत्मविश्वास भी बढ़ता है। संस्थान द्वारा अप्रैल- मई में डेयरी फार्मिंग, मशरूम उत्पादन, कंप्यूटर एकाउंटिंग स्वरोजगार आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य युवाओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार प्रदान करने वाला बनाना है। समापन समारोह के दौरान सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए तथा उन्हें भविष्य में अपना व्यवसाय स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। साथ ही बैंकिंग एवं ऋण सुविधाओं के बारे में भी जानकारी दी गई, ताकि वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकें। इस अवसर पर संस्थान से आशीष रोहिल्ला, सतपाल सिंह, आशीष शर्मा, कुसुम, प्रिया और शशी कुमार उपस्थित रहे। अंत में संस्थान द्वारा यह संदेश दिया गया कि यदि युवाओं के पास कौशल और सही मार्गदर्शन हो, तो वे किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते हैं और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

ओलम्पियाड परीक्षा में नवयुग स्कूल के विद्यार्थियों ने रचा इतिहास, स्टेट लेवल पर प्रथम स्थान
बहादुरगढ़, 06 अप्रैल, अभीतक: नवयुग हाई स्कूल के विद्यार्थियों ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए डपजजेनतम व्सलउचपंक डंेजमत -2025 में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। विज्ञान विषय की इस प्रतिष्ठित परीक्षा में कक्षा प्ग् के विद्यार्थी संदीप पुत्र लल्लूराम ने स्टेट लेवल पर प्रथम स्थान और आदर्श कुमार झा पु़त्र मंजेश कुमार झा ने तीसरा स्थान प्राप्त कर विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया। इस उपलब्धि पर विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। उनकी इस सफलता ने न केवल विद्यालय बल्कि पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। विद्यालय के चेयरमैन डायरेक्टर प्रिंसिपल एवं समस्त स्टाफ ने विद्यार्थियों की इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन से ही इस प्रकार की उपलब्धियां प्राप्त की जा सकती हैं। विद्यालय प्रबंधन ने भी विद्यार्थियों को आगे भी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते रहने के लिए प्रेरित किया।

मंगलवार को अधिकारियों के साथ छारा खरीद केंद्र का निरीक्षण करती एसडीएम रेणुका नांदल।

एसडीएम रेणुका नांदल ने खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के साथ छारा खरीद केंद्र का किया निरीक्षण’
गेहूं उपज बिक्री में किसानों को ना हो कोई परेशानी: एसडीएम’

बहादुरगढ़, 06 अप्रैल, अभीतक: एसडीएम रेणुका नांदल ने मंगलवार को छारा खरीद केंद्र का दौरा कर गेहूं खरीद प्रक्रिया का जायजा लिया। उन्होंने खरीद एजेंसियों व संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार खरीद कार्य सुचारू रूप से संचालित करने व तिरपाल की समुचित व्यवस्था के लिए जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने यह सुनिश्चित करने को कहा कि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि खरीद एजेंसी अनुमानित आवक का सही अध्ययन कर अपनी रणनीति तैयार करें, ताकि छारा खरीद केंद्र में भीड़भाड़ न हो और किसानों को अपनी फसल बेचने में कोई कठिनाई न आए। उन्होंने केंद्र पर स्वच्छ पेयजल, शौचालय, बिजली और सफाई व्यवस्था का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खरीद प्रक्रिया को सुविधाजनक और पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। एसडीएम ने कहा कि सरकार द्वारा गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भुगतान प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो और पूरी पारदर्शिता के साथ राशि सीधे किसानों के खातों में भेजी जाए। प्रशासन खरीद प्रक्रिया को सुचारू रखने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है।
गेंहू उपज सुखाकर बिक्री के लिए लाएं किसान’
एसडीएम रेणुका नांदल ने क्षेत्र के किसानों से अपील करते हुए कहा कि किसान अपनी उपज को पूरी तरह सुखाकर ही मंडियों व केंद्रों पर लाएं, ताकि नमी की समस्या के कारण किसी को परेशानी न हो और खरीद प्रक्रिया सुगमता से हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की ओर से तय मानकों के अनुसार ही उपज खरीद की जाएगी। इस अवसर पर डीएफएससी राजेश्वर मुदगिल, एएफएसओ अमरजीत सिंह व सपना देवी, सचिव विधासागर, निरीक्षक अजय कबलाना और रंजन यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।’

जिला झज्जर में जनगणना 2027 को लेकर चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम में जानकारी देते फील्ड ट्रेनर्स।

मकान सूचीकरण व गणना कार्य जिम्मेदारी से करें: डीसी
जनगणना 2027 के पहले चरण को लेकर जिलाभर में चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों में डीसी ने दिए पारदर्शिता के निर्देश
झज्जर, 06 अप्रैल, अभीतक: भारत की जनगणना-2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं गणना कार्य को लेकर डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल के मार्गदर्शन में जिलाभर में एन्यूमरेटर और सुपरवाइजर हेतु 3 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी है। ट्रेनिंग के दूसरे दिन मंगलवार को फील्ड ट्रेनरों ने गणना को लेकर विस्तार से जानकारी दी। जिला में 17 स्थानों पर तीन दिवसीय ट्रेंनिग कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने कहा कि जनगणना एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जिसके आंकड़े देश की भविष्य की विकास योजनाओं और नीतियों के निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रथम चरण के कार्य को पूरी जिम्मेदारी, पारदर्शिता और सावधानी के साथ संपादित किया जाए, ताकि सटीक और विश्वसनीय आंकड़े प्राप्त हो सकें। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों और जनप्रतिनिधियों को जनगणना प्रक्रिया की पूरी जानकारी दी जाए, जिससे किसी प्रकार का भ्रम उत्पन्न न हो और सभी के सहयोग से यह कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया जा सके। उन्होंने जनगणना 2027 से संबंधित दिशा-निर्देशों का गहन अध्ययन कर उसी के अनुरूप कार्य करने पर जोर दिया। प्रशिक्षण सत्र के दौरान फील्ड ट्रेनर्स ने एन्यूमरेटर और सुपरवाइजर को उनके दायित्वों से अवगत कराते हुए बताया कि किस प्रकार सही और प्रमाणित डेटा एकत्रित कर निर्धारित प्रणाली में समय पर अपलोड किया जाएगा, जिससे गणना कार्य का सुचारू संचालन सुनिश्चित हो सके। फील्ड ट्रैनर द्वारा यूजर मैनेजमेंट सिस्टम पर भी विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें यूजर अकाउंट निर्माण, एडमिन व जनरल यूजर की भूमिकाएं, ट्रेनर्स, एन्यूमरेटर और सुपरवाइजर (ई एंड एस) की जिम्मेदारियां, सिंगल व बल्क अकाउंट क्रिएशन सहित विभिन्न प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई।

झज्जर स्थित लघु सचिवालय सभागार में अधिकारियों की बैठक में जरूरी निर्देश देते डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल।

डीसी ने फसल खरीद एवं एलपीजी आपूर्ति व्यवस्थाओं की समीक्षा कर दिए आवश्यक निर्देश
लघु सचिवालय स्थित सभागार में अधिकारियों की बैठक आयोजित

झज्जर, 06 अप्रैल, अभीतक: उपायुक्त स्वप्निल रविंद्र पाटिल की अध्यक्षता में मंगलवार को लघु सचिवालय सभागार में रबी फसल खरीद एवं घरेलू गैस आपूर्ति व्यवस्था को लेकर संबंधित विभागों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फसल खरीद प्रक्रिया पूरी तरह सुचारू एवं पारदर्शी ढंग से संचालित हो, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि सरसों एवं गेहूं की खरीद के दौरान अनाज मंडियों एवं खरीद केंद्रों पर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखी जाएं। किसानों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि फसल बिक्री के दौरान उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। बैठक के दौरान मुख्य सचिव हरियाणा श्री अनुराग रस्तोगी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े और प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए खरीद व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने पर जोर दिया। डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि ई-खरीद प्रक्रिया के अंतर्गत वेरिफिकेशन का कार्य समय रहते पूर्ण किया जाए, ताकि मंडियों में अधिक आवक के समय जाम की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने यह भी कहा कि फसल खरीद में अनावश्यक देरी न हो तथा तेजी से कार्य सुनिश्चित किया जाए, जिससे मंडियों में भीड़ नियंत्रित रहे। साथ ही किसानों से अपील की कि वे अपनी फसल को अच्छी तरह सुखाकर ही मंडियों में लाएं, ताकि खरीद प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके। उपायुक्त ने लिफ्टिंग व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के निर्देश देते हुए कहा कि नीलामी के बाद फसल के उठान में किसी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए। गोदामों में अधिक से अधिक अनलोडिंग पॉइंट स्थापित किए जाएं, जिससे समय पर उठान सुनिश्चित हो सके।
उपभोक्ताओं को समय पर उपलब्ध कराएं घरेलू गैस सिलेंडर
डीसी ने खाद्य एवं पूर्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित है, ऐसे में उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर प्राप्त करने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को घर-घर गैस की डिलीवरी समय पर सुनिश्चित की जाए, ताकि एजेंसियों पर भीड़ न बढ़े। साथ ही घरेलू गैस का कमर्शियल उपयोग रोकने के लिए नियमित रूप से जांच एवं छापेमारी अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने पीएनजी गैस कनेक्शन को लेकर जरूरी निर्देश दिए। इस अवसर पर एसडीएम बहादुरगढ़ अभिनव सिवाच, एसडीएम झज्जर रवि मीणा, डीएफओ साहिती रेड्डी, एसडीएम बेरी रेणुका नांदल एसडीएम बादली विशाल, सीटीएम ऋतु बंसीवाल, डीएफएससी राजेश्वर मुदगिल, एएफएसओ अमरजीत सिंह, सुमित हुड्डा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

झज्जर स्थित लघु सचिवालय सभागार में अधिकारियों की बैठक में जरूरी निर्देश देते डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल।


ओलंपियन खिलाड़ी एसीपी अखिल कुमार ने डिघल स्टेडियम में युवाओं को किया प्रेरित, खेल और संस्कारों का दिया संदेश’
ओलंपियन खिलाड़ी एसीपी अखिल कुमार और ग्रामीणों के सहयोग से यह कार्यक्रम किया गया’
ग्रामीण खिलाड़ियों को अनुशासन, मेहनत और नशामुक्त जीवन की दी सीख’
स्टेडियम की सुविधाओं और खिलाड़ियों को देख बचपन हुआ याद, खिलाड़ियों में दिखा उज्ज्वल भविष्य’

झज्जर, 06 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा पुलिस के सामाजिक सरोकारों को आगे बढ़ाते हुए गांव डिघल के स्टेडियम में एक प्रेरणादायक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ओलंपियन खिलाड़ी एवं एसीपी अखिल कुमार ने शिरकत करते हुए ग्रामीण आंचल के खिलाड़ियों और युवाओं को जीवन में सफलता के लिए आवश्यक मूल्यों से अवगत कराया।अपने संबोधन में एसीपी अखिल कुमार ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं होती, बल्कि सही दिशा और मार्गदर्शन मिलने पर यही खिलाड़ी देश का नाम रोशन करते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को अच्छा खान-पान अपनाने, नियमित अभ्यास करने और अनुशासन में रहने की सीख दी। उन्होंने कहा कि खेल केवल शरीर को ही नहीं, बल्कि सोच और व्यक्तित्व को भी मजबूत बनाते हैं।कार्यक्रम के दौरान उन्होंने भावुक अंदाज में कहा कि डिघल स्टेडियम की सुविधाओं और यहां अभ्यास करते खिलाड़ियों को देखकर उन्हें अपना बचपन याद आ गया। उन्होंने बताया कि इसी तरह के मैदानों से निकलकर खिलाड़ी बड़े मुकाम हासिल करते हैं, और यहां मौजूद युवा भी उसी जुनून और लगन के साथ आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियां ही इंसान को मजबूत बनाती हैं और जो खिलाड़ी संघर्ष से नहीं घबराता, वही असली विजेता बनता है।एसीपी अखिल कुमार ने युवाओं को बड़ों का सम्मान करने और जीवन में सकारात्मक सोच बनाए रखने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि निरंतर मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास के बल पर ही खिलाड़ी अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने नशे और अपराध से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि यह बुराइयां युवाओं के सपनों को खत्म कर देती हैं।उन्होंने स्टेडियम में उपलब्ध सुविधाओं की सराहना करते हुए कहा कि यहां कबड्डी, कुश्ती, हैंडबॉल और बास्केटबॉल जैसे खेलों के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध है। साथ ही यहां लगाई गई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की तस्वीरें युवाओं को प्रेरणा देती हैं कि वे भी एक दिन देश का नाम रोशन करें।इस अवसर पर एसीपी अखिल कुमार ने अनुभवी खिलाड़ियों और कोच के साथ संवाद किया। कार्यक्रम में अंतर्राष्ट्रीय अशोक पहलवान कुश्ती अकादमी डिघल, जय सिंह कोच, ईश्वर पहलवान, बलराज, देव कुमार, अजीत सिंह, गोले पहलवान, कुलदीप, सचिन सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। यह कार्यक्रम पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के कुशल नेतृत्व में गांव के गणमान्य व्यक्तियो के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों और खिलाड़ियों ने भाग लेकर इसे सफल बनाया।

झाड़ौदा बॉर्डर बहादुरगढ़ पर सख्त नाकाबंदीरू अपराध पर लगाम, आमजन में सुरक्षा का भरोसा मजबूत’
30 जवानों की तैनाती, 398 वाहनों की जांच, 48 चालान कर नियमों का कराया पालन’
अवैध हथियार, नशीले पदार्थ और चोरी के वाहनों पर अंकुश के लिए चला विशेष अभियान’

बहादुरगढ़, 06 अप्रैल, अभीतक: पुलिस महानिदेशक हरियाणा श्री अजय सिंघल के दिशा निर्देशन एवं पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के नेतृत्व में बहादुरगढ़ के झाड़ौदा बॉर्डर पर विशेष नाकाबंदी अभियान चलाया गया। यह नाकाबंदी रात्रि 11 बजे से लेकर सुबह 4 बजे तक सख्ती और सतर्कता के साथ संचालित की गई, जिसमें कुल 30 पुलिस जवानों की तैनाती सुनिश्चित की गई थी। अभियान का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करना तथा आमजन में सुरक्षा की भावना को और मजबूत बनाना था। नाकाबंदी के दौरान आने-जाने वाले प्रत्येक वाहन की गहनता से जांच की गई। इस दौरान कुल 398 वाहनों को चेक किया गया जांच के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की गई। कुल 48 चालान किए गए, जिनमें 5 ड्रिंक एंड ड्राइव तथा 1 वाहन इन पाउंड किया गया। इस विशेष नाकाबंदी का मुख्य उद्देश्य आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाना था। पुलिस द्वारा अवैध हथियारों, नशीले पदार्थों की तस्करी तथा चोरी के वाहनों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाया गया। इस तरह के सघन जांच अभियान अपराधियों के लिए स्पष्ट संदेश हैं कि कानून से बचना अब आसान नहीं है। पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे कानून का पालन करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि मिलकर एक सुरक्षित और अपराधमुक्त समाज का निर्माण किया जा सके।

महिला थाना बहादुरगढ़ और दुर्गा शक्ति टीम ने छात्राओं को किया जागरूक
बहादुरगढ़, 06 अप्रैल, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के कुशल नेतृत्व में महिला थाना बहादुरगढ़ की प्रबंधक उप निरीक्षक नीलम तथा सेल्फ डिफेंस दुर्गा शक्ति टीम द्वारा राजकीय संस्कृति स्कूल में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को उनकी सुरक्षा, अधिकारों और कानूनों के प्रति जागरूक करना था।कार्यक्रम के दौरान टीम ने छात्राओं को क्राइम अगेंस्ट वूमेन, पोक्सो एक्ट, डायल 112 आपातकालीन सेवा, महिला सुरक्षा उपायों तथा नशा मुक्ति अभियान के बारे में विस्तार से जानकारी दी।इस दौरान उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में तुरंत डायल 112 पर संपर्क कर सहायता प्राप्त की जा सकती है। साथ ही, महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों की रिपोर्ट करने में संकोच न करने की अपील की गई। दुर्गा शक्ति टीम ने छात्राओं को सेल्फ डिफेंस के महत्वपूर्ण टिप्स भी दिए और बताया कि आत्मरक्षा के सरल तरीके अपनाकर वे खुद को सुरक्षित रख सकती हैं। कार्यक्रम के दौरान नशे के दुष्प्रभावों पर भी प्रकाश डाला गया और युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान किया गया।

96.26 ग्राम चरस के साथ एक आरोपी को किया काबू
बहादुरगढ़, 06 अप्रैल, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉक्टर राजश्री सिंह के कुशल नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए थाना आसौदा के अंतर्गत पुलिस चैकी मांडोठी की टीम ने चैकी के एरिया से एक आरोपी को चरस के साथ काबू करने में सफलता हासिल की है। जिस संबंध में जानकारी देते हुए पुलिस चैकी मांडोठी प्रभारी सहायक उप निरीक्षक मुकेश कुमार ने बताया पुलिस कमिश्नर डॉ राजश्री सिंह ने जिला में नशीले पदार्थों की खरीद फिरोख्त करने व अपराधिक गतिविधियों में संलिप्त आरोपियों को पकड़ने तथा वांछित आरोपियों को पकड़ने के संबंध में कड़े दिशा निर्देश दिए गए थे। पुलिस कमिश्नर के दिशा निर्देशों की पालना करते हुए चैकी में तैनात सहायक उप निरीक्षक रजनेस की पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली कि प्रिंस निवासी गांव आसौदा मादक पदार्थ बेचने का अवैध धंधा करता है और वह मादक पदार्थ लिए हुए आसौदा रोड नियर फन टाउन के पास खड़ा हुआ है।इस गुप्त सूचना के आधार पर चैकी की पुलिस टीम उपरोक्त स्थान पर पहुंची तो वहां पर मिली सूचना के अनुसार उपरोक्त स्थान से एक व्यक्ति को काबू किया गया। पकड़े गए व्यक्ति के पास मादक पदार्थ होने के संदेह पर नियमानुसार राजपत्रित अधिकारी को सूचित किया गया। जिसके पश्चात मौका पर पहुंचे राजपत्रित अधिकारी के समक्ष नियम अनुसार कार्रवाई करते हुए तलाशी ली गई तो उसके कब्जे से चरस बरामद हुआ। जिसका वजन करने पर 96.26 ग्राम चरस बरामद हुआ। नशीले पदार्थ के साथ पकड़े गए आरोपी की पहचान उपरोक्त के तौर पर की गई। पकड़े गए आरोपी के खिलाफ मादक पदार्थ अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए थाना आसौदा में मामला दर्ज करके आगामी कार्रवाई अमल में लाई गई।

झज्जर स्थित लघु सचिवालय सभागार में मंगलवार को मुख्यमंत्री राहत कोष के आवेदनों को लेकर बैठक करते उपायुक्त स्वप्निल रविंद्र पाटिल व अन्य अधिकारी।

मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए आए आवेदनों को लेकर मीटिंग आयोजित
डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल की अध्यक्षता में बैठक आयोजित

झज्जर, 06 अप्रैल, अभीतक: गंभीर बीमारियों से जूझ रहे जरूरतमंद मरीजों के इलाज में आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से मंगलवार को उपायुक्त स्वप्निल रविंद्र पाटिल की अध्यक्षता में लघु सचिवालय स्थित सभागार में मुख्यमंत्री राहत कोष से संबंधित मामलों पर निर्णय लेने हेतु बैठक आयोजित की गई। बैठक में हरियाणा सरकार द्वारा निर्धारित 25 गंभीर बीमारियों की सूची के आधार पर जिला झज्जर में प्राप्त हुए कुल 9 आवेदनों पर विचार किया गया, जिसमें जरूरी दस्तावेजों की पूर्ति या चिकित्सा सत्यापन के उपरांत निर्णय लिया जाएगा। डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने बैठक के दौरान कहा कि मुख्यमंत्री राहत कोष राज्य सरकार की एक संवेदनशील और जन-कल्याणकारी योजना है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज में मदद देना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे जरूरतमंदों की पहचान समय पर की जाए और उनके केस को त्वरित कार्रवाई के साथ संबंधित स्तर तक पहुंचाया जाए। इस अवसर पर सीटीएम ऋतु बंसीवाल, नगर परिषद के चेयरमैन जिले सिंह सैनी, बहादुरगढ़ पंचायत समिति अध्यक्ष रचिता रानी, स्वास्थ्य विभाग से नोडल अधिकारी डॉ पूनम बिश्नोई सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

स्वप्निल रविन्द्र पाटिल, डीसी झज्जर।

युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए खेल एक प्रभावी माध्यम: डीसी
नशे के खिलाफ जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए हर वर्ग का सहयोग जरूरी

गांव डीघल स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय परिसर में जिला स्तरीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता 11 अप्रैल को: डीसी
बहादुरगढ़, 06 अप्रैल, अभीतक: डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने कहा कि युवाओं को नशीले पदार्थों से दूर रखने, स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने तथा खेल गतिविधियों के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 11 अप्रैल को सुबह 7 बजे गांव डीघल स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय परिसर में जिला स्तरीय वॉलीबॉल खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा।
इस प्रतियोगिता में केवल व्लाक स्तर पर चयनित कुल 11 टीमें भाग लेंगी, जिनमें सीनियर वर्ग की 7 लड़के और लड़कियों की 4 टीमें शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता के माध्यम से युवाओं को खेलों के प्रति आकर्षित करने के साथ-साथ उन्हें नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहने का संदेश दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि खेल गतिविधियां न केवल शारीरिक और मानसिक विकास में सहायक होती हैं, बल्कि अनुशासन, टीम भावना और सकारात्मक सोच को भी बढ़ावा देती हैं। वर्तमान समय में युवाओं को नशे जैसी गंभीर समस्या से दूर रखने के लिए खेल एक प्रभावी माध्यम बनकर उभर रहे हैं। उपायुक्त ने संबंधित विभागों एवं अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं जैसे खेल मैदान की तैयारी, पेयजल, चिकित्सा सुविधा, सुरक्षा व्यवस्था एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं समय पर सुनिश्चित की जाएं, ताकि प्रतिभागियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने साथियों को भी खेलों से जुड़ने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि नशे से दूर रहकर खेलों को अपनाना ही एक स्वस्थ, सशक्त एवं समृद्ध समाज की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

आध्यात्मिक विकास समाज में रहकर निष्काम भाव से कर्तव्य निर्वहन में है: प्रो. असीम कुमार घोष
लोक भवन हरियाणा में राज्यपाल के निजी सचिव शंख चटर्जी द्वारा लिखित दो पुस्तकों, अद्वैत वेदांत-एक अनोखा दर्शन’ और ‘सामाजिक दृष्टिकोण में धर्मक्षेत्र-कुरुक्षेत्र’ का विमोचन

चंडीगढ़, 06 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि आध्यात्मिक विकास संसार से दूर जाने में नहीं, बल्कि सजग होकर इसमें सक्रिय भागीदारी करने और निष्काम भाव से अपने कर्तव्यों के निर्वहन में है। राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने यह बात आज लोक भवन हरियाणा में उनके निजी सचिव शंख चटर्जी द्वारा लिखित दो पुस्तकों ‘अद्वैत वेदांत-एक अनोखा दर्शन’ और ‘सामाजिक दृष्टिकोण में धर्मक्षेत्र-कुरुक्षेत्र’ का विमोचन करते हुए कही। राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि अद्वैत वेदांत और कुरुक्षेत्र, जिसे धर्मक्षेत्र के रूप में पूजनीय माना जाता है, दोनों ही मानवता के आध्यात्मिक विकास के बारे में गहन अंतर्दृष्टि प्रदान करते हैं। अद्वैत वेदांत, जिसे आदि शंकराचार्य ने स्पष्ट रूप से प्रतिपादित किया, हमें सिखाता है कि व्यक्तिगत आत्मा और सार्वभौमिक चेतना एक ही हैं। यह अलगाव के भ्रम को समाप्त कर साधक को आत्म-साक्षात्कार और आंतरिक मुक्ति की ओर मार्गदर्शन करता है। कुरुक्षेत्र, जो महाभारत के भीतर भगवद्गीता का पवित्र युद्धक्षेत्र है, मानव जीवन में निहित नैतिक और आध्यात्मिक संघर्ष का प्रतीक है। यहीं भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को शाश्वत ज्ञान प्रदान किया और उन्हें धर्म, वैराग्य और स्पष्ट उद्देश्य के साथ कर्म करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यह पुस्तकें न केवल बौद्धिक विमर्श को समृद्ध करेगी, बल्कि पाठकों को जीवन, कर्तव्य और आध्यात्मिक समझ के गहरे आयामों पर विचार करने के लिए प्रेरित भी करेंगी। अद्वैत वेदांत एकत्व के दार्शनिक सत्य को प्रस्तुत करता है, जबकि कुरुक्षेत्र वह व्यावहारिक मंच है जहाँ इस सत्य को कर्म के माध्यम से साकार करना होता है। माननीय राज्यपाल ने पुस्तकों के लेखक और अपने निजी सचिव श्री शंख चटर्जी की बुद्धिमता, समर्पण और सरल व्यवहार की सराहना करते हुए उन्हें एक बहुआयामी व्यक्तित्व का धनी बताया। उन्होंने कहा कि शंख चटर्जी ने अपने माता-पिता से एक समावेशी बौद्धिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण विरासत में पाया है, जो उनके विचारों और विशेष रूप से आध्यात्मिक विषयों को देखने के उनके नजरिए को समृद्ध बनाता है। हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष श्री हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि पुस्तकें हमें जीवन के उद्देश्य के प्रति हमारे दृष्टिकोण को स्पष्ट करती हैं। पुस्तकें ही हमें जीवन जीने की कला सीखाती हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जिस विकसित राष्ट्र की कल्पना करते हैं और जिस संकल्प के साथ आगे बढ़ने की बात करते हैं वह शंख चटर्जी जैसे सृजनशील युवाओं के माध्यम से ही संभव होगी। उन्होंने कहा कि आज राष्ट्र के लिए प्राचीन संस्कृति और नवीन सोच को साथ लेकर चलने वाले युवाओं की बहुत आवश्यकता है। श्री हरविंद्र कल्याण ने कहा कि आज लोकार्पित हुई इन दोनों पुस्तकों के माध्यम से भारत की प्राचीन संस्कृति की लौ जलाने का कार्य हुआ है। हर युवा में यह सोच जगाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने पूरी दुनिया को कर्म का संदेश दिया। इन पुस्तकों से पूरे समाज को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि हमारे माननीय राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष की नई सोच और विजन से हरियाणा राज्य को नई दिशा मिल रही है। उनके कार्यों से हम सभी को असीम प्रेरणा मिलती है। कार्यक्रम में विशेष रूप से पहुंचे रामकृष्ण मठ एवं मिशन के उपाध्यक्ष स्वामी विमलात्मानंद महाराज ने कहा कि आज लोकार्पित हुईं दोनों ही पुस्तकें हिंदी साहित्य के खजाने को समृद्ध करेंगी। कुरुक्षेत्र हमें सीखाता है कि हमारा जीवन निरंतर चलने वाला युद्ध है जिसमें हमें अपने अहंकार, लोभ, क्रोध और मोह से लड़ते हुए निष्काम कर्म करना होता है। इसी प्रकार अद्वैत वेदांत एक सत्य और एक परमात्मा की अवधारणा के संबंध में जानकारी देते हुए आत्मा और परमात्मा के भेद को समाप्त कर देती है। इस अवसर पर राज्यपाल की धर्मपत्नी श्रीमती मित्रा घोष, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती सुमन सैनी, विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार, रामकृष्ण मिशन, चंडीगढ़ के सचिव स्वामी बिथिरानंद महाराज, इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चैटाला, आचार्य सौमिक राहा, सुमेर जैन व अरिहंत जैन सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति व लोक भवन हरियाणा के अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित थे।

विश्व स्वास्थ्य दिवस पर डीएलएसए रेवाड़ी ने लगाए कानूनी जागरूकता शिविर
रेवाड़ी, 07 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) अमित वर्मा के मार्गदर्शन में विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर जिला रेवाड़ी में विभिन्न स्थानों पर कानूनी जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों के माध्यम से आमजन को उनके स्वास्थ्य से जुड़े मौलिक एवं विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। इसके साथ ही नशा एवं ड्रग्स के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई। डीएलएसए रेवाड़ी द्वारा चलाई जा रही ‘मेडिएशन फॉर नेशन’ योजना के तहत लोगों को आपसी विवाद आपसी सहमति से सुलझाने के लिए प्रेरित किया गया। शिविर में राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से सुलभ एवं त्वरित न्याय के प्रति भी जागरूक किया गया तथा पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क कानूनी सहायता योजनाओं की जानकारी दी गई। शिविरों में पैनल अधिवक्ता भारती अरोड़ा ने उत्तम नगर स्थित आंगनवाड़ी केंद्र में तथा अधिवक्ता गोपेश नारायण एवं पीएलवी संगीता यादव ने रेवाड़ी सिविल अस्पताल में उपस्थित लोगों को उपरोक्त विषयों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी और उनके प्रश्नों का समाधान भी किया। उन्होंने बताया कि विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, बच्चों, अनुसूचित जाति एवं जनजाति के व्यक्तियों तथा तीन लाख रुपए से कम वार्षिक आय वाले सभी पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क कानूनी सहायता प्रदान की जाती है। आमजन अपनी किसी भी कानूनी समस्या के समाधान हेतु उपमंडल विधिक सेवा समिति या जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रेवाड़ी के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। सीजेएम अमित वर्मा ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित इस प्रकार के कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना तथा उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना है। उन्होंने बताया कि उच्चतम न्यायालय द्वारा आमजन की सहायता हेतु टोल फ्री नंबर 15100 तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रेवाड़ी द्वारा हेल्पलाइन नंबर 01274-220062 भी चलाया हुआ है, जिस पर नागरिक किसी भी प्रकार की कानूनी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

जिला में 5 किलो गैस सिलेंडर की भी उपलब्धता, मजदूरों को न होने दी जाए परेशानी: डीसी
डीसी अभिषेक मीणा ने संबंधित अधिकारियों व एजेंसी संचालकों को दिए निर्देश
पीएनजी सुविधा उपलब्ध क्षेत्रों में पीएनजी का लाभ उठाएं उपभोक्ता

रेवाड़ी, 07 अप्रैल, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि जिला में एलपीजी गैस, पेट्रोल व डीजल की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता है, इसके लिए संबंधित अधिकारी व एजेंसियों के संचालक सुचारू रूप से आपूर्ति सुनिश्चित करते हुए निगरानी रखे। डीसी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि रेवाड़ी शहर में जिन क्षेत्रों में पीएनजी पाइपलाइन की सुविधा उपलब्ध है, उन क्षेत्रों में सभी उपभोक्ताओं को पीएनजी कनेक्शन लगाने के लिए जागरूक किया जाए। डीसी अभिषेक मीणा मंगलवार को लघु सचिवालय सभागार में एलपीजी गैस, पीएनजी, पेट्रोल व डीजल तथा फसल खरीद कार्य को लेकर संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक निर्देश दिए दे रहे थे। इससे पहले हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों के डीसी व अन्य अधिकारियों से इस संबंध में समीक्षा करते हुए जरूरी दिशा-निर्देश दिए। डीसी अभिषेक मीणा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला में एलपीजी गैस की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी रहे। उन्होंने बताया कि जिला में 5 किलो के लगभग 1100 सिलेंडर की उपलब्धता है। इन सिलेंडरों का वितरण मजदूरों को इस प्रकार किया जाए कि किसी मजदूर को कोई समस्या नहीं आए। वहीं कोई अनावश्यक रूप से भंडार भी न करे यह भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी गैस एजेंसियों को निर्देश दिए कि आईडी व कंपनी या फर्म के संचालक की ओर से सत्यापित किए गए मजदूरों को ही ये सिलेंडर उपलब्ध करवाए जाए। बैठक में उन्होंने कमर्शियल सिलेंडरों के पारदर्शिता से वितरण और पेट्रोल व डीजल की उपलब्धता की जानकारी लेते हुए आवश्यक निर्देश दिए।
कम प्रदूषण, स्वच्छ ईंधन व सुरक्षित है पीएनजी गैस
डीसी ने कहा कि रेवाड़ी में जहां आईजीएल की पीएनजी की पाइपलाइन से गैस की आपूर्ति की जा रही है, उन क्षेत्रों में सभी उपभोक्ताओं के पीएनजी कनेक्शन लगवाने के लिए कार्य किया जाए। उन्होंने बताया कि पीएनजी किफायती होने के साथ-साथ उससे आगजनी की संभावना भी न के बराबर होती है। उपभोक्ताओं को इस बारे में जागरूक भी किया जाए। उन्होंने बताया कि पीएनजी पाइपलाइन से 24Û7 गैस की निरंतर आपूर्ति के साथ सिलेंडर की जरूरत भी नहीं होती है। इससे बुकिंग, इंतजार और सिलेंडर बदलने का झंझट खत्म होता है। साथ ही यह गैस हल्की होती है और लीक होने पर हवा में फैल जाती है, जिससे यह अधिक सुरक्षित मानी जाती है। पीएनजी गैस का मीटर के अनुसार बिल, उपयोग के बाद भुगतान, कोई चोरी या गड़बड़ी की संभावना नहीं रहती है। डीसी ने बताया कि यह पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ साफ और स्वच्छ ईंधन वाली गैस है। ग्राहक पीएनजी सहायता के लिए 24Û7 टोल-फ्री नंबर 18001025109 तथा रेवाड़ी कंट्रोल रूम नंबर 8448588599 पर संपर्क कर सकते है।
एलपीजी सिलेंडरों का भंडारण व कालाबाजारी करने वालों पर होगी सख्त कार्यवाही
डीसी ने पीएनजी सुविधा वाले क्षेत्रों के उपभोक्ताओं से पीएनजी कनेक्शन लगवाने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एलपीजी के उपभोक्ता गैस संबंधित समस्या आने पर जिला प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर 01274- 225214 पर फोन कर सकते हैं। उनकी समस्या का त्वरित से निवारण करवाया जाएगा। इसके अलावा अनावश्यक रूप से एलपीजी सिलेंडरों का भंडारण व कालाबाजारी करने वालों की सूचना भी हेल्पलाइन नंबर या जिला प्रशासन को दें, ताकि ऐसा करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जा सके। उन्होंने जिला के उपभोक्ताओं से अफवाहों पर ध्यान न देते हुए सरकार व प्रशासन की और से आधिकारिक व तथ्यात्मक सूचना पर ही विश्वास करें।

एलपीजी, पीएनजी, पेट्रोल व डीजल तथा फसल खरीद कार्य को लेकर संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए डीसी अभिषेक मीणा।

मंडियों में किसानों को गेट पास और बायोमेट्रिक में न आए कोई परेशानी: डीसी
डीसी अभिषेक मीणा ने रबी सीजन फसल खरीद कार्य को लेकर अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि खरीद कार्य के दौरान किसानों और व्यापारियों को कोई परेशानी नहीं आनी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे ड्यूटी प्वाइंट पर मौजूद रहे और किसानों को किसी प्रकार की समस्या आने पर उनका तुरंत समाधान सुनिश्चित करे। उन्होंने अधिकारियों को उठान कार्य पर विशेष फोकस रखते हुए निर्देश दिए कि मंडियों से फसल उठान कार्य भी साथ-साथ सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडियों में आने वाले किसानों को गेट पास, बायोमेट्रिक आदि में किसी प्रकार की असुविधाओं का सामना न करना पड़ें। उन्होंने किसानों से भी आह्वान किया कि वे अपनी उपज को तय मापदंड के अनुरूप मंडियों में सुखाकर लाए, ताकि उन्हें अपनी उपज बेचने में परेशानी न हो। बैठक में जिला नगर आयुक्त ब्रह्म प्रकाश, एसडीएम रेवाड़ी सुरेश कुमार, जिला राजस्व अधिकारी प्रदीप देशवाल सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना: श्री हजूर साहिब नांदेड़ की निःशुल्क यात्रा के लिए वरिष्ठ नागरिक 15 अप्रैल तक करवाएं पंजीकरण
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 5 मई को कुरुक्षेत्र से विशेष ट्रेन को झंडी दिखाकर करेंगे रवाना
सरल पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर योजना का उठाएं लाभ

रेवाड़ी, 07 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा सरकार की मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत तख्त श्री हजूर साहिब नांदेड़, महाराष्ट्र के लिए 5 मई को कुरुक्षेत्र से विशेष ट्रेन संचालित की जाएगी। इस विशेष ट्रेन को हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी झंडी दिखाकर प्रदेश के विभिन्न जिलों से जाने वाली संगत को रवाना करेंगे। डीसी अभिषेक मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि वरिष्ठ नागरिक, जिनकी आयु 60 वर्ष से अधिक है और उनकी पारिवारिक आय एक लाख 80 हजार रुपए से कम है, वे इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। योजना का लाभ उठाने के लिए सरल हरियाणा पोर्टल पर 15 अप्रैल तक पंजीकरण किया जा सकता है। पात्र व्यक्ति नजदीकी सीएससी सेंटर या अपने स्मार्ट फोन से सरल हरियाणा पोर्टल पर घर बैठे इस निरूशुल्क यात्रा के लिए पंजीकरण कर सकते हैं।
योजना का लाभ उठाने के लिए यह होगी पात्रता
डीसी ने बताया कि मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत आवेदन करने के लिए आवेदक हरियाणा का निवासी हो और परिवार पहचान पत्र होना अनिवार्य है। इसके साथ वैध फोटो पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड या अन्य सरकारी आईडी), शारीरिक रूप से यात्रा के लिए फिट होने की स्वयं घोषणा आवश्यक है, इसके अलावा पिछले तीन वर्षों में योजना का लाभ न लिया हो। योजना के तहत यात्रियों के रहने, खाने और स्थानीय परिवहन की पूरी व्यवस्था सरकार द्वारा अपने स्तर पर की जाएगी। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ नागरिक को एक सहायक के रूप में पूर्ण भुगतान पर साथ ले जाने की अनुमति है। वहीं 18 से 60 वर्ष आयु वर्ग या 1.80 लाख से अधिक आय वाले लोग इस योजना का लाभ पूर्ण भुगतान पर उठा सकते हैं। योजना के नियमों के अनुसार, कोई भी व्यक्ति हर तीन वर्षों में केवल एक बार ही इस सुविधा का लाभ ले सकता है। पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर संचालित इस योजना में आवेदन के लिए परिवार पहचान पत्र अनिवार्य है।
पंजीकरण के उपरांत संगत को डीआईपीआरओ कार्यालय में देनी होगी सूचना
सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के उप-निदेशक अमित पंवार ने बताया कि आवेदन करने के उपरांत आवेदक को कमरा नंबर-311, लघु सचिवालय, रेवाड़ी स्थित जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी कार्यालय में अवश्य देनी होगी ताकि पात्र व्यक्तियों की सूचना रेलवे को समय पर भेजी जा सके। पंजीकृत व्यक्ति 16 अप्रैल से पहले यह सूचना डीआईपीआरओ कार्यालय में अवश्य दें।

डीसी अभिषेक मीणा

पीएनजी उपभोक्ता एलपीजी गैस सिलेंडरों का न करे उपयोग : डीसी
रेवाड़ी, 07 अप्रैल, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि भारत सरकार द्वारा जारी राजपत्र अधिसूचना और उच्च अधिकारियों से प्राप्त निर्देशानुसार जिन क्षेत्रों में पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) की सुविधा उपलब्ध है, वहां घरेलू एलपीजी कनेक्शनों का उपयोग प्रतिबंधित किया गया है। डीसी अभिषेक मीणा ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि जिन उपभोक्ताओं के पास पीएनजी की सुविधा उपलब्ध है, वे तत्काल प्रभाव से अपने घरेलू एलपीजी कनेक्शनों का उपयोग बंद कर दें। उन्होंने बताया कि ऐसे उपभोक्ताओं को 3 महीने में एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह से बंद कर दी जाएगी। पीएनजी सुविधा वाले उपभोक्ताओं को किसी भी परिस्थिति में एलपीजी रिफिल रखने या प्राप्त करने की अनुमति नहीं होगी। डीसी ने बताया कि सभी एलपीजी वितरकोंध्एजेंसियों को भी निर्देश दिए गए है कि वे ऐसे उपभोक्ताओं की तुरंत पहचान करते हुए तत्काल आपूर्ति को विनियमित करें और 3 महीने के बाद आपूर्ति पूरी तरह से बंद करें। उन्होंने बताया कि सभी तेल विपणन कंपनियां ओएमसीएस और एलपीजी एजेंसियां इन निर्देशों की सख्ती से पालना करते हुए कार्यान्वयन और निगरानी को सुनिश्चित करेंगी। डीसी ने कहा कि निर्देशों की अवहेलना करने वालों पर आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और एलपीजी (आपूर्ति और वितरण का विनियमन) आदेश, 2000 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जिला के सभी नागरिकों से भी आह्वान किया है कि वे एलपीजी के न्यायसंगत वितरण के हित में इन निर्देशों का पालन करें, ताकि जहां पीएनजी उपलब्ध नहीं है, उन क्षेत्रों में आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

गर्मी के मौसम में मच्छरों की अधिकता की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की हुई बैठक
रेवाड़ी, 07 अप्रैल, अभीतक: सिविल सर्जन डा. नरेंद्र दहिया की अध्यक्षता में मंगलवार को जिले के सभी मल्टीपर्पज हेल्थ सुपरवाइजर की मासिक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में आने वाले गर्मी के मौसम में मच्छरों की अधिकता की रोकथाम की तैयारियों को लेकर विचार विमर्श किया गया। सीएमओ डा. नरेंद्र दहिया ने निर्देश दिए कि वे अपने-अपने स्वास्थ्य संस्थाओं में ग्राम पंचायत के सहयोग से वीबीडी के कार्य को सुचारू रूप से करवाएं। बैठक में उप सिविल सर्जन डा. भंवर सिंह ने स्वास्थ्य प्रोग्राम के बारे मे बताते हुए पर्सनल हाइजीन, वाटर बोर्न डिसिजेस व आस पास उपलब्ध होने वाले रेहड़ी, खोपचो पर मिलने वाले खाने में अशुद्धियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उप सिविल सर्जन डा. जोगेन्द्र सिंह तंवर ने विश्व स्वास्थ्य दिवस के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष का थीम स्वास्थ्य के लिए एकजुट, विज्ञान के साथ खड़े रहें है। उन्होंने बताया कि सभी अपने कार्य क्षेत्र में लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करें। सभी स्वास्थ्य निरीक्षक अपने क्षेत्र में सभी सरकारी व गैर सरकारी संस्थाओं के पीने के पानी की टंकियों का निरीक्षण कर नमूने भेजे और महीने में दो बार टंकियों की सफाई करवाना सुनिश्चित करे। उन्होंने आमजन से भी आह्वान किया कि वे सोर्स रीडक्शन एक्टिविटी, कूलर, पानी की टंकी, गमले, होदी इत्यादि में पानी एकत्रित न होने दे। रविवार को ड्राई डे के रूप मे मनाएं, इस दिन कूलर, पानी की टंकी इत्यादि को साफ करके सुखाकर अगले दिन पानी डाले। बैठक में एन्टोमोलोसिस्ट व इंसेक्ट कलेक्टर ने विस्तार से मलेरिया व डेंगू के मच्छरों की पहचान बताई व मच्छरों की पैदावार को रोकने के बारे मे भी बारीकियों से जानकारी दी। डीएलएसए से अधिवक्ता गोपेश नारायण ने कानूनी संबंधी जानकारियां दी। बैठक में उपस्थित सभी एमपीएचएस ने आश्वस्त किया कि वे इस वर्ष स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाएंगे।

गर्मी के मौसम में मच्छरों की अधिकता की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की हुई बैठक
रेवाड़ी, 07 अप्रैल, अभीतक: सिविल सर्जन डा. नरेंद्र दहिया की अध्यक्षता में मंगलवार को जिले के सभी मल्टीपर्पज हेल्थ सुपरवाइजर की मासिक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में आने वाले गर्मी के मौसम में मच्छरों की अधिकता की रोकथाम की तैयारियों को लेकर विचार विमर्श किया गया। सीएमओ डा. नरेंद्र दहिया ने निर्देश दिए कि वे अपने-अपने स्वास्थ्य संस्थाओं में ग्राम पंचायत के सहयोग से वीबीडी के कार्य को सुचारू रूप से करवाएं। बैठक में उप सिविल सर्जन डा. भंवर सिंह ने स्वास्थ्य प्रोग्राम के बारे मे बताते हुए पर्सनल हाइजीन, वाटर बोर्न डिसिजेस व आस पास उपलब्ध होने वाले रेहड़ी, खोपचो पर मिलने वाले खाने में अशुद्धियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उप सिविल सर्जन डा. जोगेन्द्र सिंह तंवर ने विश्व स्वास्थ्य दिवस के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष का थीम स्वास्थ्य के लिए एकजुट, विज्ञान के साथ खड़े रहें है। उन्होंने बताया कि सभी अपने कार्य क्षेत्र में लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करें। सभी स्वास्थ्य निरीक्षक अपने क्षेत्र में सभी सरकारी व गैर सरकारी संस्थाओं के पीने के पानी की टंकियों का निरीक्षण कर नमूने भेजे और महीने में दो बार टंकियों की सफाई करवाना सुनिश्चित करे। उन्होंने आमजन से भी आह्वान किया कि वे सोर्स रीडक्शन एक्टिविटी, कूलर, पानी की टंकी, गमले, होदी इत्यादि में पानी एकत्रित न होने दे। रविवार को ड्राई डे के रूप मे मनाएं, इस दिन कूलर, पानी की टंकी इत्यादि को साफ करके सुखाकर अगले दिन पानी डाले। बैठक में एन्टोमोलोसिस्ट व इंसेक्ट कलेक्टर ने विस्तार से मलेरिया व डेंगू के मच्छरों की पहचान बताई व मच्छरों की पैदावार को रोकने के बारे मे भी बारीकियों से जानकारी दी। डीएलएसए से अधिवक्ता गोपेश नारायण ने कानूनी संबंधी जानकारियां दी। बैठक में उपस्थित सभी एमपीएचएस ने आश्वस्त किया कि वे इस वर्ष स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाएंगे।

हरियाणा में जलघरों में लगे फिल्टर की जांच करके रिपोर्ट सबमिट करें अधिकारी: कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा
गर्मी में पेयजल की किल्लत ना हो अभी से तैयारियां करने के दिए निर्देश
पंजाब के मुख्यमंत्री को पानी पर नहीं करनी चाहिए राजनीति: गंगवा
मंत्री ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों की पेयजल आपूर्ति और बारिश के सीजन में निकासी संबंधित तैयारियों की बैठक ले की समीक्षा

चंडीगढ़, 07 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोकनिर्माण मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने निर्देश दिए है कि पूरे हरियाणा में जलघरों में लगे फिल्टर की जांच की जाए। इस बारे में बकायदा प्रदेश के सभी एक्सईएन रिपोर्ट सबमिट करेंगे। इसके अलावा उन्होंने यह भी निर्देश दिए है कि गर्मियों के मद्देनजर पानी की व्यवस्था अभी से की जाएं, इसके तहत नहर बंदी के दौरान दिक्कत ना हो अभी से स्टोरेज और वैकल्पिक व्यवस्था पर फोकस करने के निर्देश भी दिए गए है। मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने चंडीगढ़ सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों की गर्मी में पेयजल आपूर्ति और बारिश के सीजन में निकासी संबंधित तैयारियों की समीक्षा बैठक की। बैठक में पब्लिक हेल्थ विभाग के ईआईसी श्री देवेंद्र दहिया, अन्य चीफ इंजीनियर भी मौजूद थे, जबकि प्रदेश भर से विभाग के एसई, एक्सईएन और एसडीओ वर्चुअल तौर पर जुड़े थे। श्री गंगवा ने विभाग की एक विस्तृत समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए जल आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाने के लिए अधिकारियों को व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक के दौरान विभाग के अधिकारियों ने वर्ष 2026-27 के लिए बजट में 20 प्रतिशत वृद्धि तथा संचालन एवं रखरखाव (ओएंडएम) नीति को स्वीकृति मिलने पर मंत्री श्री रणबीर गंगवा का आभार भी व्यक्त किया। मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने इस दौरान कहा कि राज्य सरकार हर घर तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। श्री गंगवा ने अधिकारियों को कहा कि जब भी वो अपने दौरे के वक्त किसी भी गांव में जाते है तो वहां के ग्रामीणों से पेयजल की सप्लाई और पानी निकासी के बारे में जरूर पूछते है। इसलिए शहरी ही नहीं, ग्रामीण एरिया में भी इस पर अधिकारी फोकस करें कि हर घर में नल और नल में स्वच्छ जल हो। उन्होंने आने वाले गर्मी के मौसम के मद्देनजर बैठक में निर्देश दिए कि जिला प्रशासन, सिंचाई विभाग एवं बिजली विभाग के साथ घनिष्ठ समन्वय स्थापित करते हुए नए ट्यूबवेल, बूस्टिंग स्टेशन एवं नहर आधारित जल परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र चालू किया जाए, ताकि जनता को निर्बाध जल आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि जहां पानी की कमी है, वहां तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि विभाग की ओर से आधारभूत संरचना में किसी भी प्रकार की कमी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पानी के भंडारण, इनलेट चैनलों की स्थिति, फिल्टर बेड की सफाई, साफ पानी के टैंकों का रखरखाव एवं वितरण प्रणाली में लीकेज जैसी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए। साथ ही, वाटर वर्क्स पर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करते हुए चेतावनी बोर्ड एवं बैरिकेडिंग सुनिश्चित की जाए ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जेईध्ऑपरेटिंग स्टाफ एवं ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों (टॅैब्) के सदस्यों के माध्यम से जल आपूर्ति की स्थिति की नियमित निगरानी की जाए तथा इसके लिए व्हाट्सएप समूह बनाकर सूचना का त्वरित आदान-प्रदान सुनिश्चित किया जाए। ग्राम पंचायतों को नई संचालन एवं रखरखाव नीति के प्रति जागरूक करते हुए चरणबद्ध तरीके से एमओयू हस्ताक्षर करवाने के प्रयास किए जाएं, जिससे योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव में सामूहिक जिम्मेदारी सुनिश्चित हो सके। श्री गंगवा ने कहा कि जहां भी पानी की कमी की स्थिति उत्पन्न हो, वहां टैंकरों के माध्यम से जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा टैंकर संचालन का पूरा रिकॉर्ड रखा जाए। इसके लिए अग्रिम रूप से टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत आपूर्ति शुरू की जा सके। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी वाटर वर्क्स को साफ-सुथरा एवं हराभरा रखा जाए तथा पूर्व में जारी निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि कार्यकारी अभियंता एवं उससे ऊपर के अधिकारी ग्रीष्मकाल एवं आगामी मानसून अवधि के दौरान बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे और सभी अधिकारी क्षेत्र में सक्रिय रहकर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक के दौरान जिन जिलों में पिछली बार वॉटर लॉगिंग की दिक्कत आई थी उन जिलों बारे भी एक एक करके चर्चा हुई, साथ ही कुछ एरिया में सामने आए दूषित पेयजल की शिकायतों पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन मामलों में तत्काल प्रभाव से सुधारात्मक कदम उठाए जाएं और नियमित रूप से फील्ड का दौरा कर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जहां नहर या माइनर में पानी की कमी की संभावना हो, वहां कार्यकारी अभियंता अस्थायी बिजली कनेक्शन लेकर पंपिंग के माध्यम से जल आपूर्ति सुनिश्चित करें, ताकि अतिरिक्त खर्च से बचा जा सके। साथ ही, सभी जल आपूर्ति योजनाओं में उचित क्लोरीनेशन सुनिश्चित करने तथा वितरण प्रणाली में लीकेज समाप्त करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने जल संरक्षण को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि आम जनता को पानी बचाने एवं पेयजल के दुरुपयोग से बचने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि संसाधनों का उचित उपयोग सुनिश्चित हो सके। आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए श्री गंगवा ने बाढ़ तैयारी (फ्लड प्रिपेयर्डनेस) पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी प्रमुख नालों की मई 2026 के अंत तक नियमित रूप से सिल्ट सफाई (डी-सिल्टिंग) करवाई जाए तथा यह कार्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में शुरू किया जाए। निकाले गए मलबे का तुरंत निपटान सुनिश्चित किया जाए, ताकि जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो।उन्होंने मैनहोल में बिना सुरक्षा उपकरण के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने तथा सभी खुले मैनहोल एवं नालों को ढकने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, सभी परियोजनाओं को मानसून शुरू होने से पहले पूरा करने तथा मशीनरी एवं उपकरणों को 31 मई 2026 तक कार्यशील स्थिति में रखने के निर्देश दिए गए।
डीजी सेट की रिपोर्ट रखने को कहा मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि मुख्यालय स्तर पर डीजी सेट एवं पंपिंग मशीनरी की पूरी इन्वेंटरी तैयार रखी जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर तुरंत उपयोग के लिए उपलब्ध रहे। उन्होंने कार्यकारी अभियंताओं को यह भी निर्देश दिए कि उनके पास किराये पर डीजी सेट उपलब्ध करवाने वाले निजी व्यक्तियों के संपर्क विवरण पहले से उपलब्ध होने चाहिए। श्री गंगवा ने कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य के प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ, सुरक्षित एवं निरंतर पेयजल उपलब्ध कराना है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से पूरी जिम्मेदारी एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

हरियाणा सरकार ने जारी किए 6 प्रशिक्षणाधीन आईएएस अधिकारियों के नियुक्ति आदेश
चंडीगढ़, 07 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा सरकार ने तुरंत प्रभाव से 6 प्रशिक्षणाधीन आईएएस अधिकारियों के नियुक्ति आदेश जारी किए हैं। अमितेज पांगटे को नूंह तथा मुस्कान श्रीवास्तव को फरीदाबाद में सहायक आयुक्त लगाया गया है। इसी तरह शिवानी पांचाल को कैथल, सोहम शैलेन्द्र को करनाल, विशाल सिंह को रोहतक तथा विवेक यादव को हिसार में सहायक आयुक्त लगाया गया है।

विकसित भारत 2047 के अनुरूप विकसित हरियाणा’ दस्तावेज तैयार: राव नरबीर सिंह
औद्योगिक विकास को गति देने के लिए नई नीतियां, सब्सिडी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर

चंडीगढ़, 07 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को साकार करने के लिए प्रदेश में ‘विकसित हरियाणा’ दस्तावेज तैयार किया गया है। इस दस्तावेज के तहत सभी विभागों को वर्ष 2030, 2036 और 2047 को लक्ष्य मानते हुए अपने-अपने विजन, स्वरूप और चुनौतियों के अनुरूप कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र विकसित भारत का केंद्र बिंदु रहेगा। इसी को ध्यान में रखते हुए हरियाणा सरकार ने अपनी औद्योगिक नीति में आवश्यक संशोधन किए हैं और ‘मेक इन हरियाणा’ नीति का ड्राफ्ट तैयार किया है, जिससे प्रदेश को औद्योगिक निवेश का प्रमुख केंद्र बनाया जा सके।
निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रोत्साहन
राव नरबीर सिंह ने कहा कि नए औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने के लिए कैपिटल सब्सिडी, अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों के लिए वित्तीय प्रोत्साहन तथा हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से युवाओं की भर्ती को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्थानीय युवाओं को उद्योगों में अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वर्तमान में दी जा रही ₹48,000 प्रति कर्मचारी की एम्प्लॉयमेंट सब्सिडी को बढ़ाकर ₹1 लाख प्रति कर्मचारी प्रति वर्ष किया जाएगा।
पुराने औद्योगिक क्षेत्रों का होगा कायाकल्प
उन्होंने संयुक्त पंजाब के समय स्थापित किए गए सोनीपत, हिसार, अंबाला, यमुनानगर, सिरसा, फतेहाबाद, नीलोखेड़ी, बहादुरगढ़, बरवाला और पानीपत जैसे पुराने औद्योगिक क्षेत्रों की स्थिति सुधारने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इन क्षेत्रों में बेहतर बुनियादी ढांचा विकसित करने के लिए वर्ष 2026-27 में ₹500 करोड़ की प्रारंभिक राशि से ‘सक्षम फंड’ स्थापित करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री ने अपने बजट अभिभाषण में किया है, जो स्वागत योग्य है।
नए आईएमटी और औद्योगिक विस्तार को बढ़ावा
उन्होंने बताया कि अंबाला और नारायणगढ़ में नए इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (प्डज्) के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके अलावा तोशाम, जींद, रेवाड़ी, फरीदाबाद और राई में भी नए प्डज् विकसित करने के लिए किसानों से ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं।
नई औद्योगिक नीतियां होंगी लागू
राव नरबीर सिंह ने बताया कि पूर्व में घोषित 12 औद्योगिक नीतियों के नए प्रारूप तैयार कर लिए गए हैं। इसके साथ ही सेमीकंडक्टर, फार्मास्युटिकल एवं मेडिकल डिवाइस, टॉयज एवं स्पोर्ट्स इक्विपमेंट और ।टळब्-ग्त् (एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी) से संबंधित नीतियों के ड्राफ्ट भी तैयार किए गए हैं। इन सभी नीतियों को वर्ष 2026-27 में लागू किया जाएगा।
निवेश प्रक्रिया होगी सरल और पारदर्शी
उन्होंने कहा कि औद्योगिक भूमि की कीमतों को ध्यान में रखते हुए भ्ैप्प्क्ब् द्वारा ‘लैंड ऑन लीज’ नीति लागू की जाएगी, जिसके तहत औद्योगिक प्लॉट दीर्घकालीन लीज पर उपलब्ध कराए जाएंगे और बाद में उन्हें फ्री होल्ड में बदलने का विकल्प भी दिया जाएगा। इसके अलावा, राज्य के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में प्लग-एंड-प्ले सुविधाओं के साथ तैयार फैक्ट्रियां और शेड विकसित किए जाएंगे, ताकि उद्योगों की स्थापना और संचालन में तेजी लाई जा सके। निवेशकों की सुविधा के लिए 45 कार्यदिवसों के भीतर ‘लैंड फिजिबिलिटी सर्टिफिकेट’ जारी करने की व्यवस्था शुरू की जाएगी। साथ ही, निवेशकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए ‘एडवांस रूलिंग पोर्टल’ स्थापित किया जाएगा, जिसमें संबंधित विभागों को 15 दिनों के भीतर जवाब देना अनिवार्य होगा। उद्योग मंत्री ने विश्वास जताया कि इन पहलों से हरियाणा में औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी और प्रदेश ‘विकसित हरियाणा’ के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर होगा।

विश्व स्वास्थ्य दिवस पर हरियाणा में व्यापक जागरूकता अभियान किया शुरू, 4,000 से अधिक नागरिकों की हुई स्वास्थ्य जांच
चंडीगढ़, 07 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि हरियाणा में विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा राज्यभर में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत जमीनी स्तर पर व्यापक गतिविधियां आयोजित की गईं और लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया। उन्होंने बताया कि इस अभियान के दौरान प्रदेश में कुल 99 स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 4,251 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई। इनमें 370 बच्चे (0दृ14 वर्ष), 1,469 वयस्क पुरुष, 1,564 महिलाएं तथा 60 वर्ष से अधिक आयु के 848 बुजुर्ग शामिल रहे। इसके साथ ही 106 हेल्थ टॉक्स, सेमिनार, कार्यशालाएं एवं जन-व्याख्यान आयोजित किए गए। इस अभियान में 40 शैक्षणिक संस्थानों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। इसके अतिरिक्त, विभिन्न जिलों में योग सत्रों के साथ-साथ सोशल मीडिया के माध्यम से भी जागरूकता अभियान चलाया गया। डॉ. मिश्रा ने बताया कि स्वास्थ्य शिविरों में गैर-संक्रामक रोगों (छब्क्े) की जांच पर विशेष ध्यान दिया गया। जांच के दौरान 231 लोगों में उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) और 165 में मधुमेह (डायबिटीज) की पहचान हुई। 326 लोगों को मोटापे के जोखिम का खतरा, जबकि 75 लोग क्रॉनिक श्वसन रोगों से प्रभावित पाए गए। इसके अलावा, 3 व्यक्तियों में कैंसर या प्री-कैंसर के लक्षण संदिग्ध पाए गए और 64 लोगों को एनसीडीध्एमसीएच देखभाल संबंधी परामर्श प्रदान किया गया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में जिला स्तर पर कैथल सबसे सक्रिय रहा, जहां 28 स्वास्थ्य शिविरों में 921 लोगों की जांच की गई और 40 हाइपरटेंशन तथा 51 डायबिटीज के मामले सामने आए। रोहतक में 8 शिविरों में 170 लोग, फरीदाबाद में 3 शिविरों में 169 लोग और यमुनानगर में 9 शिविरों में 376 लोगों की जांच की गई, जहां लोगों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य शिविरों के अलावा, जिलों में सूचना, शिक्षा एवं संचार (प्म्ब्) गतिविधियों के माध्यम से भी व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया गया। उन्होंने बताया कि बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, होर्डिंग्स, सोशल मीडिया तथा आशा वर्कर्स और स्वास्थ्य कर्मचारियों के माध्यम से लोगों तक संदेश पहुंचाया गया। कई जिलों में युवा संगठनों की भागीदारी भी सुनिश्चित की गई, जिससे यह संदेश सुदृढ़ हुआ कि स्वास्थ्य जागरूकता सभी की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष अभियान में ‘वन हेल्थ’ दृष्टिकोण पर विशेष जोर दिया गया, जिसके तहत मानव स्वास्थ्य को पशु, पौधों और पर्यावरण के स्वास्थ्य से जोड़कर देखा गया। हरियाणा सरकार पर्यावरण स्वच्छता और पशु स्वास्थ्य को भी अपने सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में शामिल कर रही है। उन्होंने बताया कि “स्वस्थ हरियाणा, स्वस्थ भारत” के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं, जिसमें समाज, संस्थान और सरकार मिलकर कार्य करें और हर कदम पर विज्ञान को मार्गदर्शक बनाया जाए। उन्होंने बताया कि इस वर्ष की वैश्विक थीम ज्वहमजीमत वित भ्मंसजी, ैजंदक ूपजी ैबपमदबम के अनुरूप कहा कि आज के समय में स्वास्थ्य संबंधी गलत जानकारी से लड़ना भी उतना ही जरूरी है जितना बीमारियों से लड़ना है। उन्होंने बताया कि आज “मोबाइल फोन पर साझा की गई एक गलत स्वास्थ्य जानकारी जमीनी स्तर पर किए गए महीनों के प्रयासों को प्रभावित कर सकती है। हमें एक ऐसे समाज का निर्माण करना होगा जहाँ लोग विज्ञान पर भरोसा करें, मिथकों पर सवाल उठाएं और अपने स्वास्थ्य के बारे में सोच-समझकर निर्णय लें।

हरियाणा में एलपीजी, ईंधन आपूर्ति व्यवस्था सुचारू
मुख्य सचिव ने की एलपीजी व पीएनजी नेटवर्क की समीक्षा

चंडीगढ़, 07 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा में रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने आज यहां उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में राज्यभर में एलपीजी सिलेंडरों, जिनमें 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडर भी शामिल हैं, की आपूर्ति तथा पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) नेटवर्क की स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के उपायुक्त भी शामिल हुए और जमीनी स्तर पर स्थिति का व्यापक आकलन किया गया। श्री अनुराग रस्तोगी ने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि प्रदेश का कोई भी परिवार स्वच्छ रसोई ईंधन की उपलब्धता से वंचित न रहे। उन्होंने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों सहित अंतिम छोर तक एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि 5 किलोग्राम के एफटीएल सिलेंडरों की उपलब्धता और पीएनजी कनेक्टिविटी की नियमित निगरानी की जाए। बुकिंग और वितरण में आने वाली बाधाओं को दूर किया जाए तथा खास तौर पर कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को नए गैस कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाया जाए तथा इसे समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने यह निर्देश दिए कि वितरण व्यवस्था न केवल हर समय सतर्क रहे बल्कि संवेदनशील भी हो। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में रबी फसलों की खरीद सुचारू रूप से जारी है। गेहूं की निर्बाध आवक और खरीद सुनिश्चित करने के लिए पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। खरीद केंद्रों पर सुचारू रूप से कार्य किया जा रहा है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री जे. गणेशन ने बताया कि राज्यभर में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति बिना किसी व्यवधान के जारी है। प्रदेश में घरेलू एलपीजी की कोई कमी नहीं है और स्थिति पिछले वर्ष की तरह है। यह इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन तथा हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन जैसी तेल विपणन कंपनियों और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय और अग्रिम योजना का परिणाम है। बैठक में बताया गया कि 28 मार्च, 2026 से तेल विपणन कंपनियों ने होटलों, रेस्तरां, ढाबों और उद्योगों को व्यावसायिक एलपीजी की पूर्ण आपूर्ति भी पुनः शुरू कर दी है। इससे आतिथ्य और खाद्य सेवा क्षेत्र को राहत मिलने के साथ ही व्यावसायिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। व्यावसायिक प्रतिष्ठान समय पर और निर्बाध आपूर्ति के लिए संबंधित कंपनियों के साथ पंजीकरण भी कर सकते हैं। बैठक में जानकारी दी गई कि मार्च 2026 के दौरान प्रदेशभर में कुल 54.39 लाख घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति की गई। इनमें इंडियन ऑयल ने 23.36 लाख, भारत पेट्रोलियम ने 18.83 लाख और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने 12.21 लाख सिलेंडर उपलब्ध कराए। यह वितरण नेटवर्क शहरी और ग्रामीण, दोनों क्षेत्रों में प्रभावी ढंग से कार्य कर रहा है। बैठक में 5 किलोग्राम फ्री ट्रेड एलपीजी (एफटीएल) सिलेंडरों की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया गया, जो प्रवासी श्रमिकों, छोटे परिवारों, रेहड़ी-फड़ी विक्रेताओं तथा छोटे भोजनालयों के लिए सुविधाजनक विकल्प हैं। गत 1 से 5 अप्रैल के बीच राज्य में कुल 4,730 एफटीएल सिलेंडरों की बिक्री हुई। इनमें इंडियन ऑयल ने 1,294, भारत पेट्रोलियम ने 2,422 और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने 1,014 सिलेंडर उपलब्ध कराए। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने भी राज्यों को 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडरों की दैनिक आपूर्ति दोगुनी करने के निर्देश दिए हैं। ऊर्जा पहुंच और स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देने के तहत 15 मार्च, 2026 से अब तक 2,565 नए एलपीजी कनेक्शन जारी किए गए हैं। इनमें 5 किलोग्राम सिलेंडर के 1,090 और 19 किलोग्राम घरेलू सिलेंडर के 1,462 कनेक्शन शामिल हैं। पेट्रोल पंपों पर भी ईंधन की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है और नागरिकों को घबराहट में खरीदारी न करने की सलाह दी गई है। बैठक में पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल, आबकारी एवं कराधान विभाग की आयुक्त एवं सचिव श्रीमती आशिमा बराड़ तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

आज का दिन केवल उपाधि प्राप्त करने का नहीं, बल्कि नए सपनों, नई जिम्मेदारियों और नए भारत के निर्माण में भागीदारी का दिन है: राज्यपाल
चंडीगढ़, 07 अप्रैल, अभीतक: दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीसीआरयूएसटी), मुरथल, जिला सोनीपत के 8वें दीक्षांत समारोह के अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए हरियाणा के राज्यपाल श्री असीम कुमार घोष ने कहा कि आज का दिन केवल उपाधि प्राप्त करने का नहीं, बल्कि नए सपनों, नई जिम्मेदारियों और नए भारत के निर्माण में भागीदारी का दिन है। उन्होंने स्नातक, स्नातकोत्तर और शोधार्थी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय ने उन्हें 21वीं सदी की चुनौतियों के अनुरूप तैयार किया है, जिससे वे समाज और राष्ट्र के विकास में अग्रणी भूमिका निभा सकें। उन्होंने कहा कि भारत इस समय दुनिया की सबसे तेजी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और ऐसे दौर में विश्वविद्यालयों से निकलने वाले युवा देश की सबसे बड़ी पूंजी हैं। स्टार्टअप, रिसर्च, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में युवाओं की भागीदारी भारत को वैश्विक नेतृत्व की ओर ले जाएगी। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी शिक्षा को व्यवहारिक जीवन में उतारते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। राज्यपाल श्री असीम कुमार घोष ने छात्राओं की उल्लेखनीय उपलब्धियों का विशेष उल्लेख करते हुए कहा गया कि स्नातकोत्तर और पीएचडी स्तर पर बड़ी संख्या में युवतियों का आगे आना महिला सशक्तिकरण का मजबूत संकेत है। नई शिक्षा नीति-2020 और विभिन्न छात्रवृत्ति व सहायता योजनाओं से यह बदलाव और अधिक मजबूत होगा। राज्यपाल श्री असीम कुमार घोष ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि समाज के वंचित और कमजोर वर्गों को आगे बढ़ाने में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने युवाओं से स्किल इंडिया मिशन, डिजिटल साक्षरता अभियान और सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों से जुड़कर देश के विकास में सहभागी बनने का आह्वान किया गया। तेजी से बदलते तकनीकी युग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि डिजिटल साक्षरता, कौशल विकास और एआई में भारत के विश्वविद्यालयों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनना होगा। उद्योग और शिक्षा संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय ही युवाओं को नई संभावनाओं के द्वार तक पहुंचाएगा। समारोह के अंत में विश्वविद्यालय परिवार, शिक्षकों और अभिभावकों को बधाई देते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीसीआरयूएसटी), मुरथल के विद्यार्थी अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता और कौशल के दम पर देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।

दीनबंधू छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह हुआ आयोजित
उप-राष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन एवं हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष की रही गरिमामयी उपस्थिति
शिक्षा, शोध और कौशल विकास पर हरियाणा सरकार का विशेष फोकस: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
।प् और डिजिटल शिक्षा से बदल रहा उच्च शिक्षा का स्वरूप्: मुख्यमंत्री
अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा- 20 करोड़ रुपये बजट का प्रावधान

चंडीगढ़, 07 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज का दिन दीनबंधू छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के इतिहास में मील का पत्थर है और उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के जीवन का एक अविस्मरणीय क्षण है। मुख्यमंत्री ने दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे देश के उप-राष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन का स्वागत और अभिनंदन किया। दीक्षांत समारोह में हरियाणा के राज्यपाल और कुलाधिपति प्रो. असीम कुमार घोष भी उपस्थित रहे। दीक्षांत समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सभी विद्यार्थियों को उनकी सफलता पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज प्राप्त की गई डिग्रियां और पदक विद्यार्थियों की वर्षों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम हैं। साथ ही उन्होंने शिक्षकों और अभिभावकों के योगदान की भी सराहना की। श्री सैनी ने कहा कि यह विश्वविद्यालय महान समाज सुधारक एवं किसानों के मसीहा दीनबंधु चैधरी छोटू राम जी के नाम पर स्थापित है, जिन्होंने शिक्षा को गरीबी और अज्ञानता से मुक्ति का सबसे बड़ा साधन बताया था। उन्होंने कहा कि यह संस्थान आज उनके आदर्शों को आधुनिक तकनीक और विज्ञान के साथ जोड़ते हुए राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा ने शिक्षा, खेल, संस्कृति, शोध और औद्योगिक क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए देश में अग्रणी राज्य के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि हरियाणा का प्रत्येक युवा आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए सक्षम बने। इसी उद्देश्य से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने ‘हरियाणा राज्य अनुसंधान कोष’ के तहत 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। वर्ष 2025-26 में 350 से अधिक शोध प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें से लगभग 90 प्रस्तावों को शॉर्टलिस्ट किया गया है। इस वर्ष भी इस कोष के लिए अतिरिक्त 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षा के साथ-साथ युवाओं के कौशल विकास पर भी विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने बताया कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के तहत बिना पर्ची-खर्ची के लगभग 2 लाख युवाओं को रोजगार दिया गया है। उन्होंने आगे बताया कि राज्य सरकार द्वारा एआई एवं डिजिटल कॉलेज की स्थापना की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं, जहां आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षण प्रणाली लागू होगी। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा गुणवत्ता एवं अनुसंधान उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए 10 करोड़ रुपये का विशेष कोष भी स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कड़ी मेहनत करें और मानसिक, शारीरिक एवं नैतिक रूप से मजबूत बनें। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में सफलता के लिए समर्पण और निरंतर प्रयास आवश्यक हैं। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सभी उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और विश्वविद्यालय प्रशासन को सफल आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे मिलकर हरियाणा और भारत को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प लें। इस अवसर पर सहकारिता मंत्री डॉ अरविंद शर्मा, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर श्रीप्रकाश सिंह सहित शिक्षकगण व उपाधि प्राप्त करने वाले युवा उपस्थित रहे।

दीनबंधु छोटूराम ईमानदारी, सामाजिक न्याय और दूरदर्शी नेतृत्व का प्रतीक थे: उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णनन
दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति ने किया संबोधन
छात्रों को नवाचार और राष्ट्र निर्माण के लिए किया प्रेरित

चंडीगढ़, 07 अप्रैल, अभीतक: भारत के उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णनन ने आज हरियाणा के सोनीपत स्थित दीनबंधु छोटूराम यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के 8वें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। उपराष्ट्रपति ने दीनबंधु छोटूराम को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें ईमानदारी, सामाजिक न्याय और दूरदर्शी नेतृत्व का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि दीनबंधु छोटूराम ने किसानों और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित किया और उनके सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि सहकारी संस्थाओं और न्यायसंगत भूमि व्यवस्था पर छोटूराम के प्रयास ने एक मजबूत कृषि ढांचे की नींव रखी, जिससे हरियाणा एक समृद्ध कृषि राज्य के रूप में उभरा और देश की खाद्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया। दीक्षांत समारोह में स्नातक छात्रों को बधाई देते हुए उपराष्ट्रपति ने बताया कि स्वर्ण पदक विजेताओं में लगभग 64 प्रतिशत महिलाएं हैं और कुल उत्तीर्ण छात्रों में भी लगभग 50 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी है। उन्होंने इसे महिला सशक्तिकरण और ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसी योजनाओं के सकारात्मक प्रभाव का परिणाम बताया। उपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि यह नवाचार, आत्मविश्वास और स्वदेशी समाधानों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कोविड -19 महामारी के दौरान भारत की भूमिका को याद करते हुए कहा कि जहां कई देशों ने वैक्सीन पर पेटेंट के माध्यम से लाभ कमाने की कोशिश की, वहीं भारत ने न केवल अपने नागरिकों को मुफ्त टीके उपलब्ध कराए, बल्कि 100 से अधिक देशों को भी वैक्सीन उपलब्ध कराकर अपनी उदारता का परिचय दिया। उपराष्ट्रपति ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स, क्वांटम कंप्यूटिंग और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों की चर्चा करते हुए छात्रों से इन्हें जिम्मेदारी के साथ अपनाने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने नशे की बढ़ती समस्या पर चिंता जताते हुए युवाओं से इसे पूरी तरह त्यागने और स्वस्थ व सकारात्मक जीवन अपनाने की अपील की। उन्होंने युवाओं को नशा मुक्त समाज के दूत बनने के लिए प्रेरित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता केवल उपलब्धियों से नहीं, बल्कि चरित्र, ईमानदारी और कठिनाइयों से उबरने की क्षमता से तय होती है। उन्होंने छात्रों को धैर्य और साहस के साथ चुनौतियों का सामना करने की सलाह देते हुए कहा कि धर्म की हमेशा अधर्म पर विजय होती है। उपराष्ट्रपति ने शिक्षा में औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि सच्ची शिक्षा व्यक्ति को स्वतंत्र सोच, आत्मविश्वास और भारतीय विरासत पर गर्व करना सिखाती है। इस अवसर पर हरियाणा के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री असीम कुमार घोष, मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, सहकारिता मंत्री श्री अरविन्द कुमार शर्मा तथा विश्वविद्यालय के कुलपति श्री प्रकाश सिंह भी उपस्थित रहे।

सिरसा में स्थापित होगा किन्नू जूस संयंत्र
किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम

चंडीगढ़, 07 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा सरकार ने प्रदेश में फल अर्थव्यवस्था को मजबूत करने तथा किन्नू उत्पादक किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा निर्णय लिया है। इसके लिए, सिरसा स्थित वीटा मिल्क प्लांट परिसर में लगभग 26.39 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक किन्नू जूस प्रसंस्करण संयंत्र लगाया जा रहा है। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने आज यहां एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए इस महत्वाकांक्षी परियोजना की समीक्षा की। यह परियोजना 33 वर्ष की रियायत अवधि के साथ सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर विकसित की जाएगी, जिससे सभी हितधारकों को लाभ होगा। हरियाणा डेयरी द्वारा संयंत्र स्थापित करने के लिए लगभग तीन एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जाएगी, जबकि निजी भागीदार संयंत्र एवं मशीनरी, आवश्यक सिविल ढांचा स्थापित करेगा तथा संयंत्र का संचालन करेगा। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि परियोजना के तहत मुख्य रूप से फल एवं सब्जी प्रसंस्करण उद्योग स्थापित किया जाएगा, जिसमें विशेष रूप से किन्नू जूस प्रसंस्करण पर जोर दिया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर परियोजना को वायबिलिटी गैप फंड की सुविधा भी प्रदान की जा सकती है। भविष्य में आवश्यकता अनुसार कृषि आधारित अन्य प्रसंस्करण उद्योगों की संभावनाएं भी तलाश की जा सकती हैं। हरियाणा डेयरी डेवलपमेंट कोऑपरेटिव फेडरेशन के प्रबंध निदेशक श्री रोहित यादव ने बताया कि हरियाणा में प्रतिवर्ष लगभग 4.40 लाख मीट्रिक टन किन्नू का उत्पादन होता है, जिसमें अकेले सिरसा जिले का योगदान लगभग 55 प्रतिशत है। प्रस्तावित संयंत्र में प्रतिवर्ष लगभग 9,000 मीट्रिक टन किन्नू तथा 12,600 मीट्रिक टन अन्य फलों का प्रसंस्करण कर उच्च गुणवत्ता वाला पैकेज्ड जूस तैयार किया जाएगा। विशेष रूप से किन्नू उत्पादन का लगभग 25 प्रतिशत भाग, जो प्रायः बी-ग्रेड फल होता है और पहले कम कीमत पर बिकता था, अब मूल्य संवर्धन के माध्यम से उपयोग में लाया जाएगा, जिससे सीधे तौर पर किसानों की आय बढ़ेगी। इस पहल की एक प्रमुख विशेषता इसका किसान-केंद्रित दृष्टिकोण है, जिसके तहत कच्चे माल की खरीद प्रदेश के किसानों से की जाएगी। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने कहा कि यह परियोजना सरकारी अवसंरचना, सहकारी संस्थाओं और निजी क्षेत्र के समन्वय का एक बेहतरीन उदाहरण है, जो ग्रामीण आय को स्थायी रूप से बढ़ाने में सहायक होगी। पर्याप्त कच्चे माल की उपलब्धता, स्पष्ट भूमि स्वामित्व, आधुनिक एसेप्टिक पैकेजिंग तकनीक और मजबूत पीपीपी ढांचे के साथ सिरसा का यह किन्नू जूस प्रसंस्करण संयंत्र हरियाणा को देश में प्रीमियम फल आधारित पेय पदार्थों का प्रमुख केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं वित्त आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता और मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

सहायक आयुक्त, अतिरिक्त सहायक आयुक्त तथा तहसीलदारों की विभागीय परीक्षा 27 अप्रैल से
16 अप्रैल तक करना होगा आवेदन

चंडीगढ़, 07 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा सरकार ने सहायक आयुक्तध्अतिरिक्त सहायक आयुक्त तथा तहसीलदारों की विभागीय परीक्षाओं के लिए तिथियों की घोषणा कर दी है। एक सरकारी प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि ये परीक्षाएं 27 अप्रैल से 1 मई 2026 तक आयोजित की जाएंगी। परीक्षाओं का आयोजन ष्सार्थक राजकीय एकीकृत वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सेक्टर-12ए, पंचकूला में किया जाएगा। जारी डेटशीट के अनुसार, 27 अप्रैल को सुबह सत्र (10 बजे से 1बजे तक) में क्रिमिनल लॉ (प्रथम पेपर) तथा शाम के सत्र (2 बजे से 5 बजे तक) में सिविल लॉ की परीक्षा होगी। इसके बाद 28 अप्रैल को सुबह क्रिमिनल लॉ (द्वितीय पेपर) और शाम को फाइनेंशियल रूल्स की परीक्षा आयोजित की जाएगी। 29 अप्रैल को सुबह क्रिमिनल लॉ (तृतीय पेपर) आयोजित होगा, जिसमें सहायक आयुक्तध्अतिरिक्त सहायक आयुक्तों के लिए जेल से संबंधित विषय भी शामिल होंगे, जबकि तहसीलदारों के लिए पाठ्यक्रम अलग रहेगा। इसी दिन शाम के सत्र में रेवेन्यू लॉ (प्रथम पेपर) की परीक्षा होगी। इसके बाद 30 अप्रैल को सुबह लोकल फंड्स तथा शाम को रेवेन्यू लॉ (द्वितीय पेपर) आयोजित किया जाएगा। परीक्षाओं का समापन 1 मई को होगा, जिसमें सहायक आयुक्तध्अतिरिक्त सहायक आयुक्तों के लिए भाषा (हिंदी) तथा तहसीलदारों के लिए पटवारी मेंसुरेशन और उर्दू विषयों की परीक्षा होगी। प्रवक्ता ने बताया कि परीक्षा में शामिल होने के इच्छुक उम्मीदवारों को अपने संबंधित विभागाध्यक्ष या प्रशासनिक सचिव के माध्यम से 16 अप्रैल 2026 तक आवेदन करना होगा। केंद्रीय परीक्षा समिति द्वारा सीधे आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। सरकार ने सभी पात्र उम्मीदवारों को निर्धारित तिथियों और नियमों के अनुसार परीक्षा की तैयारी करने की सलाह दी है।

पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के खिलाफ दर्ज अपराधिक मामले का प्रकाशन जरूरी
मतदान की तारीख से दो दिन पहले तक कम से कम तीन बार करवाना होगा प्रकाशित

चंडीगढ़, 07 अप्रैल, अभीतक: राज्य चुनाव आयोग हरियाणा द्वारा पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। इन निर्देशानुसार यदि पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के खिलाफ अपराधिक मामले दर्ज एवं लंबित हैं या जिन मामलों में उन्हें पहले दोषी ठहराया गया हैं, उन्हें ऐसे मामलों के बारे में कम से कम एक हिंदी और एक इंग्लिश सहित दो अखबारों में एक घोषणा प्रकाशित करनी होगी। सरकारी प्रवक्ता ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि नगर पालिकाओं के चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों को पहले ही ऐसे उम्मीदवारों को खड़ा करने वाले राजनैतिक दलों को निर्देश जारी किए थे, जिनके खिलाफ अपराधिक मामले दर्ज एवं लंबित हैं या जिन मामलों में उन्हें पहले दोषी ठहराया गया है। उन्होंने बताया कि हरियाणा राज्य में अब यह घोषणा प्ररुप 1-क में उम्मीदवारी वापस लेने की अंतिम तारीख के अगले दिन से और मतदान की तारीख से दो दिन पहले तक कम से कम तीन बार प्रकाशित करवाई जानी होगी। ऐसे सभी उम्मीदवारों को उन अखबारों की कॉपी भी जमा करनी होंगी। प्रवक्ता ने बताया कि उदाहरण स्वरूप अगर नाम वापस लेने की अंतिम तिथि महीने की 10 तारीख है और मतदान की तिथि महीने की 20 तारीख है, तो यह घोषणा महीने की 11 से 18 तारीख तक अलग-अलग तीन तारीखों पर अवश्य पब्लिश की जानी चाहिए। इस समय के दौरान अपराधिक मामले वाले सभी उम्मीदवारों को लोकल टीवी चैनल या केबल नेटवर्क पर यह घोषणा अवश्य प्रकाशित करवानी होगी और यह मतदान खत्म होने के लिए निर्धारित समय से 48 घंटे पहले पूरी की जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि राजनैतिक दलों द्वारा खड़े किए गए अपराधिक मामलों वाले उम्मीदवारों के मामले में, चाहे वे मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल और पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त दल हो, ऐसे उम्मीदवारों को घोषणा करनी होगी कि उन्होनें इस बारे अपने सम्बन्धित राजनीतिक दल को भी अवगत करवा दिया है। मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल और पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त दल, जो ऐसे उम्मीदवारों को खड़ा करती है तो इनके बारे में उन्हें अपनी वेबसाइट के साथ-साथ लोकल टीवी चैनलों या लोकल में उपलब्ध केबल नेटवर्क और एक हिंदी और एक इंग्लिश कम से कम दो अखबारों में जिनका पंचायत समिति, जिला परिषद इलाके में ज्यादा से ज्यादा प्रसार हो। इस बारे में जानकारी देते हुए एक घोषणा प्रारुप ।-3 में प्रकाशित करनी होगी।
उपायुक्त-कम-जिला निर्वाचन अधिकारी पंचायत को देनी होगी रिपोर्ट
उन्होंने बताया कि मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल और पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त दल, जो अपराधिक मामले वाले उम्मीदवार खड़े करती हैं, उन्हें संबंधित उपायुक्त-कम-जिला निर्वाचन अधिकारी पंचायत को एक रिपोर्ट देनी होगी जिसमें बताया जाएगा कि उन्होंने इन निर्देशों की जरूरतें पूरी कर ली हैं, और इस बारे में राजनैतिक दलों द्वारा प्रकाशित किए गए घोषणा वाले पेपर की कटिंग भी साथ में लगानी होगी। यह चुनाव खत्म होने के 30 दिनों के अंदर करना होगा। इन निर्देशों का पालन आने वाले समय में होने वाले सभी पंचायत आमध्उपचुनावों में चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को करना होगा।

प्रदेश सरकार आगजनी से पीडित परिवारों के साथ है मजबूती से खड़ी- खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम
चंडीगढ़, 07 अप्रैल, अभीतक: जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की तत्परता और मुस्तैदी से आज पलवल के सेक्टर-2 स्थित धर्मनगर कॉलोनी की झुग्गी-झोपड़ियों में लगी आग पर जल्द काबू पा लिया गया। हरियाणा के खेल राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम, उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ तथा पुलिस अधीक्षक नितीश अग्रवाल घटना की सूचना मिलते ही तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। खेल राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम ने झुग्गी-झोपडियों में लगी आग से प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी कुशल क्षेम पूछी और उन्हें सांत्वना देते हुए आगजनी की घटना को बेहद दुखद बताया। मंत्री ने आगजनी के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि आगजनी में किसी के भी हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि आगजनी से झुग्गी-झोपड़ियों में रह रहे परिवारों का सामान आग में जल गया। कहा कि पीड़ित परिवारों के लिए ठहरने, भोजन व अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार दुख की इस घड़ी में मजबूती के साथ आगजनी से पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी पीड़ित को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

हरियाणा में सभी न्यायालयों और राजस्व न्यायालयों में लागू होगी ई-समन प्रणाली
तेजी से होगा मामलों का निपटान

चंडीगढ़, 07 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा सरकार ने राज्य के विभिन्न विभागों के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्यरत सभी न्यायालयों तथा सभी राजस्व न्यायालयों में समन जारी करने और उनकी तामील के लिए ई-समन प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा इस सम्बन्ध में जारी एक पत्र में सभी प्रशासनिक सचिवों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने प्रशासनिक नियंत्रण में आने वाले न्यायालयों और प्राधिकरणों को समन जारी करने और तामील के लिए ई-समन प्रणाली का अनिवार्य रूप से उपयोग करने के निर्देश जारी करें। साथ ही, राज्य के सभी राजस्व न्यायालयों को भी इस प्रणाली को अपनाने और इसका कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मामलों के निपटान में तेजी लाई जा सके। गौरतलब है कि 3 फरवरी, 2026 को गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल की अध्यक्षता में एक बैठक हुई थी, जिसमें नए आपराधिक कानूनों (एनसीएल) के कार्यान्वयन तथा एनसीएल पोर्टल की समीक्षा की गई थी।

प्रदेश में विशेषज्ञ डॉक्टरों की नहीं रहेगी कमी: स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव
कॉन्ट्रैक्ट पर भर्ती होगी
नूंह जिला के लिए दिया जाएगा डेढ़ गुणा वेतन

चंडीगढ़, 07 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक बड़ा निर्णय लेते हुए घोषणा की है कि राज्य के सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए 195 पदों पर कॉन्ट्रैक्ट आधार पर भर्ती की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि यह भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और मेरिट आधारित होगी। उन्होंने बताया कि नूह जिला को छोड़कर अन्य जिलों के लिए चयनित विशेषज्ञ डॉक्टरों में एमबीबीएस एवं डिप्लोमा की योग्यता वाले विशेषज्ञ डॉक्टरों को एक लाख रूपये प्रति महीना तथा एमबीबीएस एवं एमडी ध्एमएस ध्डीएनबी योग्यता वाले विशेषज्ञ डॉक्टरों को 1.50 लाख रूपये प्रति महीना दिया जाएगा। विशेष तौर पर नूह जिला के लिए चयनित विशेषज्ञ डॉक्टरों में एमबीबीएस एवं डिप्लोमा की योग्यता वाले विशेषज्ञ डॉक्टरों को 1.50 लाख रुपये प्रति महीना तथा एमबीबीएस एवं एमडी ध्एमएस ध्डीएनबी योग्यता वाले विशेषज्ञ डॉक्टरों को 2 लाख रुपये प्रति महीना दिया जाएगा। आरती सिंह राव ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रदेश के सभी नागरिकों को बेहतर और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति से मरीजों को उच्च गुणवत्ता की चिकित्सा सुविधा मिलेगी और मौजूदा डॉक्टरों पर कार्यभार भी कम होगा। उन्होंने जानकारी दी कि स्त्री रोग, बाल रोग, एनेस्थीसिया, मेडिसिन, सर्जरी और ऑर्थोपेडिक जैसे महत्वपूर्ण विभागों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती की जाएगी। इनमें सबसे अधिक पद स्त्री रोग और बाल रोग विभाग में हैं, जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को विशेष रूप से मजबूत किया जाएगा। भर्ती प्रक्रिया को तेज और सरल बनाने के लिए वॉक-इन इंटरव्यू के माध्यम से चयन किया जाएगा। उम्मीदवारों का चयन उनकी शैक्षणिक योग्यता और अनुभव के आधार पर किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह कदम प्रदेश के सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने और दूर-दराज क्षेत्रों में भी विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस निर्णय से हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा और आम जनता को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेशभर में ततीमा मामलों के निपटान के लिए विशेष अभियान चलाने के दिए निर्देश
रेजांगला व अतुल कटारिया चैक का होगा सौंदर्यीकरण
दौलताबाद में खेतों के रास्ते पर कब्जे का मामला, मुख्यमंत्री ने दिए सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने सेक्टर-10 में नए आधुनिक सीवरेज सिस्टम के लिए प्रस्ताव तैयार करने के दिए निर्देश

चंडीगढ़, 07 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम तथा हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेशभर में लंबित ततीमा से संबंधित सभी मामलों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निपटान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में देरी के कारण आमजन को दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं, अनावश्यक विवाद और न्यायालयीन प्रक्रियाएं बढ़ती हैं। मुख्यमंत्री सोमवार को गुरुग्राम में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, पटौदी विधायक श्रीमती बिमला चैधरी, सोहना विधायक श्री तेजपाल तंवर, गुरुग्राम के विधायक श्री मुकेश शर्मा भी उपस्थित रहे। बैठक में कुल 15 परिवाद रखे गए, जिनमें से मुख्यमंत्री ने 11 का मौके पर ही निपटारा किया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वे आमजन की समस्याओं के समाधान के प्रति संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि जहां भी कोई समस्या उनके संज्ञान में आती है या कोई नागरिक सीधे अपनी शिकायत लेकर आता है, उसका प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल कार्यवाही करना नहीं, बल्कि लोगों को राहत पहुंचाना और उनकी समस्याओं का समयबद्ध निवारण करना होना चाहिए, ताकि शासन व्यवस्था के प्रति आमजन का विश्वास और अधिक मजबूत हो सके।
रेजांगला व अतुल कटारिया चैक के सौंदर्यीकरण और स्वच्छता पर जोर
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने रेजांगला चैक की स्वच्छता व्यवस्था का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रेजांगला चैक तथा शहीद लेफ्टिनेंट अतुल कटारिया चैक का सुनियोजित तरीके से सौंदर्यीकरण किया जाए, साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि रेजांगला स्मारक का समुचित सौंदर्यीकरण, पुनर्रचना (रेडिजाइनिंग) और समग्र उन्नयन किया जाए, ताकि इसे और अधिक आकर्षक, गरिमापूर्ण एवं प्रभावशाली बनाया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन स्थानों पर हरित क्षेत्र विकसित किया जाए तथा नियमित सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए, जिससे आमजन को एक स्वच्छ, व्यवस्थित और आकर्षक वातावरण का अनुभव हो सके।
दौलताबाद में खेतों के रास्ते पर कब्जे का मामला, मुख्यमंत्री ने दिए सख्त निर्देश
गांव दौलताबाद से आए एक शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के समक्ष अवगत कराया कि उसके खेत तक जाने वाले करीब 2 करम चैड़े रास्ते पर दो बिल्डर्स द्वारा अवैध कब्जा कर दीवार खड़ी कर दी गई है, जिससे उसका तथा अन्य ग्रामीणों का खेतों में आवागमन बाधित हो रहा है। इस पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कब्जा हटाकर रास्ते को मूल स्वरूप में बहाल किया जाए तथा संबंधित बिल्डर्स से दोनों ओर अतिरिक्त दो-दो फीट जगह भी खाली करवाई जाए, ताकि ग्रामीणों के लिए आवागमन सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से सुनिश्चित किया जा सके।
सेक्टर-10 में नए आधुनिक सीवरेज सिस्टम के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश
सेक्टर-10 से आए आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी को अवगत कराया कि क्षेत्र में पुराना सीवरेज सिस्टम होने के कारण बार-बार ओवरफ्लो की समस्या उत्पन्न हो रही है, जिससे स्थानीय निवासियों को गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इस पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सेक्टर के लिए आधुनिक और सक्षम सीवरेज सिस्टम का विस्तृत प्रस्ताव शीघ्र तैयार किया जाए, ताकि स्थायी समाधान सुनिश्चित हो सके। इस अवसर पर गुरुग्राम की मेयर राजरानी मल्होत्रा, प्रधान सलाहकार (शहरी विकास) डी .एस.ढेसी, जीएमडीए के सीईओ पी.सी मीणा, डीसी अजय कुमार, मुख्यमंत्री के ओएसडी तथा सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के अतिरिक्त निदेशक विवेक कालिया, एडीसी सोनू भट्ट सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय संरक्षक प्रो. सम्पत सिंह ने 2025-26 के बजट में बीजेपी सरकार द्वारा राशि खर्च न किए जाने के आंकड़े किए पेश
महत्वपूर्ण योजनाओं पर एक भी पैसा खर्च न किया जाना बीजेपी सरकार का वित्तीय कुप्रबंधनरू प्रो. सम्पत सिंह
करीब 300 घोषणाओं पर 7500 करोड़ खर्च होना था लेकिन उन पर 2026 तक खर्च हुआ जीरो
बीजेपी कहती कुछ है और करती कुछ है, सिर्फ इवेंट मैनेजमेंट का काम कर रही है

चंडीगढ़, 7 अप्रैल, अभीतक: इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय संरक्षक प्रो. सम्पत सिंह ने मंगलवार को पार्टी मुख्यालय पर प्रेस वार्ता कर बीजेपी सरकार द्वारा 2025-26 के बजट में भारी कुप्रबंधन और प्रदेश की जनता से साथ विश्वासघात करने के गंभीर आरोप जड़े। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने 2 मार्च को बजट अभिभाषण में कहा था बीते वर्ष के बजट का 98 फीसदी खर्च किया गया है। संपत सिंह ने कहा बजट खर्च के मेरे पास 25 फरवरी 2026 तक के आंकड़े उपलब्ध है। 2025-26 के बजट में सरकार ने कुल 729 घोषणाएं की थी। करीब 300 घोषणाओं पर 7500 करोड़ खर्च होना था लेकिन उन पर 31 मार्च 2026 तक जीरो खर्च हुआ। उन्होंने बताया कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग में सब्सिडी वाली कृषि आधारभूत संरचना के लिए 406.12 करोड़ रूपए आवंटित किए गए, खर्च शून्य हुआ। इसी तरह, पंचायती राज एवं विकास विभाग ने ग्रामीण विकास के लिए राज्य वित्त आयोग के तहत आवंटित 890 करोड़ रूपए में से एक भी रुपया खर्च नहीं किया। स्वच्छ भारत मिशन के तहत 248 करोड़ रूपए और करनाल स्मार्ट सिटी के लिए 73 करोड़ रूपए का भी उपयोग नहीं हुआ। स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और राष्ट्रीय कैंसर रोकथाम कार्यक्रम के लिए आवंटित 357 करोड़ रूपए भी खर्च नहीं किए गए। शिक्षा विभाग में स्कूल आधारभूत संरचना, मॉडल स्कूलों और प्रमुख विज्ञान परियोजनाओं के लिए 310 करोड़ रूपए के बजट में खर्च शून्य हुआ। प्रमुख शिक्षा योजनाओं के लिए आवंटित 1,415 करोड़ रूपए में से केवल 240 करोड़ रूपए ही खर्च किए गए। अग्निशमन सेवाओं को मजबूत करने के लिए 306 करोड़ रूपए की योजनाओं पर कोई खर्च नहीं हुआ। सभी शहरी आवास योजनाओं के तहत 1,339.90 करोड़ रूपए खर्च नहीं किए गए, जबकि ग्रामीण आवास के 1,540 करोड़ रूपए में से केवल 205 करोड़ रूपए ही खर्च हुए। सूक्ष्म सिंचाई और संबंधित योजनाओं के लिए 1,129 करोड़ रूपए में से कोई खर्च नहीं हुआ। पेयजल आपूर्ति और क्षेत्रीय विकास परियोजनाओं के लिए आवंटित 865 करोड़ रूपए पर खर्च शून्य। ग्रामीण विकास विभाग में 300 करोड़ रूपए की योजनाओं पर शून्य खर्च हुआ। कुल विभागीय खर्च केवल 18 प्रतिशत तक सीमित रहा। मनरेगा के तहत 446 करोड़ रूपए में से केवल 99 करोड़ रूपए ही खर्च किए गए। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत 591 करोड़ रूपए खर्च शून्य। महिला एवं बाल विकास विभाग में 221 करोड़ रूपए की योजनाओं पर कोई खर्च नहीं हुआ, जबकि पोषण कार्यक्रमों के लिए 90 करोड़ रूपए में से केवल 6 करोड़ रूपए ही खर्च हुए। ड्रोन दीदी और ‘संकल्प’ योजना सहित कौशल विकास और रोजगार योजनाओं के लिए आवंटित 151 करोड़ रूपए में से खर्च शून्य। बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ पर 22 फीसदी खर्च किया गया। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन बजट आवंटन निगरानी एवं विश्लेषण प्रणाली से आंकड़े एकत्रित किए हैं। संपत सिंह ने कहा मैं इस मामले की प्रिंसिपल अकाउंट जरनल, सेंटर फाइनेंस कमीशन और राज्यपाल को शिकायत करूँगा। इन योजनाओं पर एक भी पैसा खर्च न किया जाना बीजेपी सरकार का वित्तीय कुप्रबंधन है। बीजेपी कहती कुछ है और करती कुछ है। सरकार प्रदेश में सिर्फ इवेंट मैनेजमेंट का काम कर रही है। बीजेपी सरकार ने घी, दूध, लस्सी यहां तक कि बच्चों की किताबों पर इतना टैक्स लगा दिया है कि सरकार के पास रेवेन्यू की कोई कमी नहीं है। लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि सत्ता पाने के लिए उन पैसों को लोगों में मुफ्त में रेवडियां बांटने के लिए दुरूपयोग किया जाता है। प्रदेश के लोगों को भीख नहीं रोजगार चाहिए। प्रदेश में शिक्षा और चिकित्सा पर खर्च होना चाहिए लेकिन सरकार इनको निजी हाथों में सौंप रही है। सरकार में बैंकों के फ्रॉड के मामले लगातार सामने आ रहें है। विभागों के अधिकारी 5-6 फीसदी पर एफडी करवाते हैं जबकि सरकार 10-12 फीसदी पर कर्ज ले रही है। संपत सिंह ने कहा मंडियों में आज किसानों को फसल बेचने में दिक्कतें आ रही है। जो किसान हल और कस्सी चलाता है उसके बायोमेट्रिक की मांग की जा रही है। अगर किसी किसान की जमीन माँ के नाम है तो क्या वो मंडी में फसल बेचने जाएगी।

भिवानी: पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा रू पंजाब सरकार की तर्ज पर हरियाणा सरकार मौसम की मार से हुए नुकसान का आंकलन कर किसानों की क्षतिपूर्ति करे
मंडियों में अनाज लाने के दौरान किसानों पर थौंपे गए नियमों की भूपेंद्र हुड्डा ने की आलोचना
कहा: नए नियमों के चलते किसानों को आ रही दिक्कतें
हुड्डा ने कहा रू प्रदेश की विभिन्न अनाज मंडियों में जाकर फसल बिकवाली का लेंगे जायजा, सांपला, नारायणगढ़, कुरूक्षेत्र, करनाल में रहेगा अगले दो दिन का दौरा
ईंधन संकट को लेकर कहा: युद्ध होते है तब ऐसे संकट आना स्वाभाविक
सरकार का बार-बार का ब्यान ईंधन की कमी नहीं, फिर ईंधन के लिए लाईने क्या दर्शाती है: भूपेंद्र हुड्डा
भूपेंद्र हुड्डा ने कहा रू सरकर को लोगों में विश्वास पैदा करना चाहिए, ईंधन आपूर्ति को लेकर लोगों में विश्वास पैदा करना सरकार का कार्य
राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस विधायकों की क्रॉस वोटिंग के सवाल पर हुड्डा ने कहा रू अनुशासन समिति ने रिपोर्ट बनाकर पार्टी हाईकमान को भेज दी
कांग्रेस विधायक रेणू बाला के भूपेंद्र सिंह हुडडा के अपने चहेते विधायकों को बचाने के आरोप पर बोले हुड्डा, कहा रू एक झूठ बोलने के लिए कई झूठ बोलने पड़ते है, हुड्डा का रेणूबाला की तरफ था इशारा
भिवानी में पूर्व सांसद जंगबीर सिंह की रस्म पगड़ी पर शोक व्यक्त करने पहुंचे थे भूपेंद्र सिंह हुड्डा
हुड्डा बोले: चै. जंगबीर सिंह ईमानदार, समाजसेवी व स्पष्टवादी व्यक्ति थे, लोकसभा में सांसद रहते उनके साथ किया था कार्य

3 किलो 89 ग्राम हेरोइन और 15 लाख रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई चंडीगढ़, 7 अप्रैल, अभीतक: पंचकूला पुलिस ने हरियाणा सरकार के ‘ड्रग फ्री हरियाणा’ विजन के तहत नशे के सौदागरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने आज प्रेस वार्ता के दौरान जानकारी देते हुए बताया कि क्राइम ब्रांच सेक्टर-26 की टीम ने इंस्पेक्टर दलीप सिंह के नेतृत्व में एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नशा तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने 5 अप्रैल को सेक्टर-20, कुंडी गांव के पास से 23 वर्षीय लवजोत सिंह, निवासी जलालाबाद (फाजिल्का, पंजाब) को गिरफ्तार किया। आरोपी वर्तमान में चंडीगढ़ में किराए के मकान में रहकर ट्राइसिटी में नशे का जाल फैला रहा था। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से 3 किलो 89 ग्राम हेरोइन और 15 लाख रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस हेरोइन की कीमत 6 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। जांच में यह चैंकाने वाला खुलासा हुआ है कि मुख्य आरोपी लवजोत सिंह एक बीसीए ग्रेजुएट है और वह यह खेप सीधे पाकिस्तान बॉर्डर से लेकर आया था। उसका इरादा महज एक सप्ताह के भीतर पूरी ट्राइसिटी (पंचकूला, चंडीगढ़, मोहाली) में इस नशीले पदार्थ को खपाने का था। आरोपी के खिलाफ सेक्टर-20 थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे 6 अप्रैल को अदालत में पेश किया गया, जहाँ से पुलिस ने उसका 4 दिन का रिमांड हासिल किया है। पूछताछ में लवजोत ने स्वीकार किया कि उसने चंडीगढ़ को अपना ठिकाना बनाया हुआ था। डीसीपी क्राइम एंड ट्रेफिक अमरिंदर सिंह ने आगे बताया कि इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां 3 अप्रैल को हुई एक अन्य गिरफ्तारी से जुड़ी हैं। क्राइम ब्रांच सेक्टर-26 ने पहले गुप्त सूचना के आधार पर रायपुररानी के टाबर गांव से साहिल (डेराबस्सी) को 310 ग्राम हेरोइन के साथ पकड़ा था। साहिल ने खुलासा किया कि वह यह माल अपने बुआ के लड़के सतनाम सिंह से लाता था। पुलिस ने जाल बिछाकर 5 अप्रैल को सतनाम सिंह को दबोचा, जिसने पूछताछ में बताया कि उसका मुख्य सप्लायर लवजोत सिंह है। डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने दावा किया कि हरियाणा में इतनी बड़ी मात्रा में हेरोइन की यह दूसरी बड़ी बरामदगी है और पंचकूला जिला पुलिस के इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी रिकवरी है।

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