Haryana Abhitak News 10/04/26

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किर्गिस्तान में लहराया एच.डी. स्कूल का परचम, सचिन सहरावत ने जीता ब्रॉन्ज मेडल
झज्जर, 10 अप्रैल, अभीतक: एच.डी. स्कूल बिरोहड़ के पूर्व छात्र सचिन सहरावत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय सेना की तरफ से अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। सचिन सहरावत सुपुत्र श्री विरेन्द्र, माता निर्मला देवी ने किर्गिस्तान में आयोजित सीनियर एशियन चैंपियनशिप में 67 किलोग्राम ग्रीको-रोमन कुश्ती प्रतियोगिता में भारतीय सेना की तरफ से शानदार प्रदर्शन करते हुए ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र और विद्यालय का नाम रोशन हुआ। बिरोहड़ गांव के सरपंच, पूर्व सरपंच, बारह प्रधान, उप प्रधान, पूर्व प्रधान, जिला प्रधान, क्षेत्र के खेल प्रेमियों व क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने यह जानकारी सुनकर प्रसन्नता जाहिर की। हैड मास्टर भरपूर, जोगेन्द्र, हैड मास्टर आनन्द, अनुप कुमार, विजय डीपीई भी इस जानकारी पर फुले नहीं समा रहे थे। विजय कुमार डीपीई ने बताया कि जब वे छुट्टी आते हैं तो अखाड़े में और बच्चों की तैयारी बड़ी लग्न और चाव से करवाते हैं। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर एच.डी. स्कूल के निदेशक श्री बलराज फौगाट ने सचिन के परिजनों से दूरभाष पर बात कर उन्हें हार्दिक बधाई दी और छात्र के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि सचिन की मेहनत, लगन और अनुशासन सभी विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं और बताया कि विद्यालय पहुंचने पर पहलवान सचिन सहरावत का भव्य स्वागत किया जाएगा। सचिन सहरावत ने पहली कक्षा से लेकर दसवीं कक्षा तक एच.डी. स्कूल में शिक्षा ग्रहण की और शुरू से ही एक होनहार छात्र के रूप में अपनी पहचान बनाई। पढ़ाई के साथ-साथ खेलों, विशेषकर कुश्ती में उनकी विशेष रुचि रही। उन्होंने स्कूल के दौरान ही ब्लॉक और जिला स्तर पर कई प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अनेक मेडल और प्रमाण पत्र अर्जित किए तथा अपनी प्रतिभा को लगातार निखारा। विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती नमिता दास ने भी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सचिन जैसे प्रतिभाशाली छात्र विद्यालय के लिए गर्व का विषय हैं। वहीं उप-प्राचार्य श्री नवीन सनसनवाल ने कहा कि यह सफलता अन्य विद्यार्थियों को भी खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। समस्त स्टाफ ने भी सचिन सहरावत व उसके माता-पिता को शुभकामनाएं दी व उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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167 से अधिक हाई-रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरों से शहर की निगरानी होगी मजबूत
ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर भी कैमरों से होगी सख्ती, किए जाएंगे चालान

बहादुरगढ, 10 अप्रैल, अभीतक: दिल्ली से सटे होने के कारण बहादुरगढ़ क्षेत्र सुरक्षा की दृष्टि से काफी संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में शहर को और अधिक सुरक्षित एवं हाईटेक बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए ‘दृष्टि’ सिटी सर्विलांस सिस्टम का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस आधुनिक परियोजना का उद्घाटन पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह द्वारा किया गया। इस दौरान शहर के प्रधान, गणमान्य नागरिकों एवं पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में कार्यक्रम आयोजित हुआ। दृष्टि प्रोजेक्ट के तहत बहादुरगढ़ चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के सहयोग से शहर के विभिन्न प्रमुख स्थानों पर 167 से अधिक अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे हाई-रेजोल्यूशन होने के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (।प्) तकनीक से लैस हैं, जिससे संदिग्ध गतिविधियों की पहचान और निगरानी पहले से अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।इस सिस्टम का कंट्रोल रूम सिटी थाना बहादुरगढ़ में स्थापित किया गया है, जहां से पूरे शहर की गतिविधियों पर एक ही स्थान से नजर रखी जाएगी। इससे पुलिस की कार्यक्षमता में बढ़ोतरी होगी और अपराधों की रोकथाम के साथ-साथ उनके शीघ्र खुलासे में भी मदद मिलेगी। पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह ने बताया कि सीसीटीवी कैमरों की मदद से पुलिस पहले ही कई आपराधिक मामलों को सुलझाने में सफल रही है। उन्होंने कहा कि अब इस सिस्टम के जरिए ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी सख्ती से नजर रखी जाएगी और फुटेज के आधार पर उनके चालान किए जाएंगे। यह व्यवस्था शहर में कानून व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ ट्रैफिक प्रबंधन को भी बेहतर बनाएगी। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि डिघल गांव में हुए फाइनेंसर हत्याकांड के आरोपियों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस मौके पर बहादुरगढ़ चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रधान कुमार गुप्ता, सुभाष जग्गा, नरेंद्र छिकारा और विकास आनंद दहिया का विशेष योगदान सराहा गया। उन्होंने कहा कि दिल्ली से सटे बहादुरगढ़ जैसे क्षेत्रों में इस प्रकार के सर्विलांस सिस्टम बेहद आवश्यक हैं और ऐसे मॉडल को पूरे प्रदेश में लागू किया जाना चाहिए, जिससे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।कार्यक्रम में डीसीपी बहादुरगढ़ मयंक मिश्रा, डीसीपी हेडक्वार्टर दीप्ति गर्ग, डीसीपी धारणा यादव, डीसीपी क्राइम शुभम सिंह, एसीपी प्रदीप नैन, एसीपी प्रदीप खत्री सहित अनेक पुलिस अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। पुलिस कमिश्नर डॉक्टर राजश्री सिंह ने बताया कि ‘दृष्टि’ सिटी सर्विलांस सिस्टम के शुरू होने से बहादुरगढ़ में सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी और आमजन में सुरक्षा का विश्वास और अधिक सुदृढ़ होगा। यह पहल स्मार्ट और अपराध मुक्त शहर के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

सीजेएम ने कानूनी सहायता केन्द्र का किया औचक निरीक्षण
झज्जर, 10 अप्रैल, अभीतक: मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर के सचिव विशाल ने सिविल अस्पताल में कानूनी सहायता केंद्र का निरीक्षण किया। इस अवसर पर सीजेएम ने कानूनी सहायता केंद्र पर उपस्थित लोगों को बताया कि जिला झज्जर के सभी खंडों के एक-एक गांव में कानूनी सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं जिसमें कोई भी व्यक्ति रविवार को पैनल अधिवक्ता व पैनल पैरा लीगल वालंटियर से मुफ्त कानूनी सलाह व सहायता प्राप्त कर सकता है इसके अलावा पैरा लीगल वॉलिंटियर हर बुधवार को कानूनी सहायता केंद्र पर मुफ्त कानूनी सेवाओं की जानकारी देते हैं उन्होंने यह भी बताया कि कोई भी सेवा निवृत सेनानी व उसका परिवार मुफ्त कानूनी सेवाओं के हकदार हैं। उन्होंने बताया कि कोई भी व्यक्ति कानूनी सलाह व सहायता हेतु जिला सैनिक बोर्ड झज्जर में स्थापित मुफ्त कानूनी सहायता केंद्र पर संपर्क कर सकता है उन्होंने बताया कि जिला झज्जर में 11 मुफ्त कानूनी सहायता केंद्र खोले गए हैं जो इस प्रकार हैं सिविल हॉस्पिटल झज्जर, सिविल हॉस्पिटल बेरी, सिविल हॉस्पिटल बहादुरगढ़, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बादली, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मातनहेल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र माछरौली, उपरोक्त मुफ्त कानूनी सहायता केंद्र पर पैनल अधिवक्ता माह के हर रविवार सुबह 9 बजे से 12 बजे तक कानूनी सलाह व सहायता करेंगे। व पैरा लीगल वालंटियर माह के हर बुधवार को सुबह 9 बजे से 12 बजे तक कानूनी सलाह व सहायता करेंगे। तथा जगन्नाथ लॉ यूनिवर्सिटी कबलाना, पी डी एम लॉ यूनिवर्सिटी बहादुरगढ़, मेरी लॉ यूनिवर्सिटी आसंडा में मुफ्त कानूनी सहायता केंद्र पर माह के हर शुक्रवार सुबह 10 बजे से 4 बजे तक पैनल अधिवक्ता व पैरा लीगल वालंटियर कानूनी सलाह व सहायता करेंगे। और जिला ए डी आर सेंटर मिनी सेक्टररेट झज्जर में स्थापित कानूनी सहायता केंद्र पर किसी भी कार्य दिवस में संपर्क करके कानूनी सलाह व सहायता प्राप्त कर सकता है।

मातनहेल स्थित अनाज मंडी में अधिकारियों के साथ खरीद प्रक्रिया का जायजा लेते हुए डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल।

खरीद प्रक्रिया को सुविधाजनक व पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन सजग: डीसी
गेहूं व सरसों उपज की सुचारु रूप से खरीद करने के दिए निर्देश
डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने अधिकारियों के साथ मातनहेल अनाज मंडी का दौरा कर खरीद प्रक्रिया का लिया जायजा
स्टोरेज व लिफ्टिंग की पुख्ता योजना बनाएं खरीद एजेंसियां

झज्जर, 10 अप्रैल, अभीतक: डीसी स्वप्निल रविंद्र ने शुक्रवार को अधिकारियों के साथ मातनहेल अनाज मंडी का दौरा कर खरीद प्रक्रिया का जायजा लिया। इसके उपरांत उन्होंने छुछकवास मार्ग पर स्थित अनाज भंडारण के गोदामों का निरीक्षण करते हुए जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खरीद प्रक्रिया को किसानों के लिए सुविधाजनक और पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने खरीद एजेंसियों व संबंधित अधिकारियों को खरीद कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने के निर्देश दिए और यह सुनिश्चित करने को कहा कि किसानों को अपनी उपज बिक्री में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। इस बार सरकार द्वारा 2585 रुपये गेंहू और 6200 रुपये सरसों प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य लागू किया गया है।
उन्होंने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, हैफेड, हरियाणा स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन और अन्य खरीद एजेंसियों को निर्देश दिए कि वे सरसों व गेहूं के खरीद कार्य को लेकर अपनी सभी तैयारियां पूरी रखें। डीसी ने खासतौर पर भंडारण (स्टोरेज) की बेहतर योजना पर जोर दिया, ताकि पीक सीजन के दौरान अनाज की लिफ्टिंग को लेकर किसानों व आढ़तियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि सभी खरीद एजेंसियां अनुमानित आवक का सही अध्ययन कर अपनी रणनीति तैयार करें, ताकि मंडियों में भीड़भाड़ न हो और किसानों को अपनी फसल बेचने में कोई कठिनाई न आए। डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने कहा कि मंडियों में किसानों की सुविधा के लिए सभी जरूरी सुविधा प्रदान की जाएं। इसके अलावा, मंडी में स्वच्छ पेयजल, शौचालय, बिजली और सफाई व्यवस्था का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने इस दौरान आढ़तियों व किसानों से भी बातचीत कर समस्याएं सुनी।
गेंहू और सरसों उपज अच्छी तरह सुखाकर बिक्री के लिए लाएं किसान
डीसी ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि किसान अपनी उपज को पूरी तरह सुखाकर ही मंडियों में लाएं, ताकि नमी की समस्या के कारण किसी को परेशानी न हो और खरीद प्रक्रिया में किसी प्रकार की रुकावट न आए। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से तय मानकों के अनुसार ही खरीद की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से मंडियों का निरीक्षण करें और किसानों को किसी भी तरह की असुविधा न होने दें। इस अवसर पर एडीसी जगनिवास, एसडीएम झज्जर रवि मीणा आईएएस, तहसीलदार मातनहेल कृष्ण कुमार, हैफेड से जयप्रकाश, हरियाणा वेयर हाउस से अजय बेनीवाल, मार्किट कमेटी से अमरजीत, नितेश कुमार, दीपक सुहाग मंडी प्रधान रविंद्र सुहाग सहित खरीद एजेंसियों से जुड़े अधिकारी उपस्थित थे।

स्वप्निल रविन्द्र पाटिल, डीसी झज्जर।

जिला की मंडियों में अब तक 70 हजार 150 मीट्रिक टन गेहूँ तथा तीन सौ छः मीट्रिक टन सरसों की आवक दर्ज
झज्जर, 10 अप्रैल, अभीतक: डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने कहा कि जिले में रबी सीजन की फसलों का खरीद एजेंसियों द्वारा अधिकारियों की निगरानी में निरन्तर खरीद व उठान कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिला की मंडियों में अब तक 70 हजार,150 मीट्रिक टन गेहूँ तथा तीन सौ छरू मीट्रिक टन सरसों की आवक दर्ज हो चुकी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को उपज की खरीद के साथ उठान की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। डीसी ने बताया कि अब तक जिला की मंडियों में 24 हजार 93 एमटी गेहूं की खरीद की गई है जबकि 2 हजार 432 मीट्रिक टन गेहूं का उठान हो चुका है। उन्होंने बताया कि जिला के चिन्हित खरीद केंद्रों पर गेहूं की खरीद निर्धारित एमएसपी मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल तथा सरसों की 6200 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीद की जा रही है। उन्होंने खरीद एजेंसियों के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि स्टोरेज को लेकर बेहतर प्लानिंग के साथ कार्य करें जिससे लिफ्टिंग के कार्य में किसी प्रकार की देरी ना हो। उन्होंने मार्केट कमेटी के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसानों को अनाज मंडियों में सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं, जिससे किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

कानूनी सहायता केंद्र से मुफ्त कानूनी सलाह एवं सहायता का लाभ उठाएं आमजन: सचिव
सीजेएम विशाल कुमार ने सिविल अस्पताल में बनाए गए कानूनी सहायता केंद्र का किया औचक निरीक्षण

झज्जर, 10 अप्रैल, अभीतक: सीजेएम एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव विशाल कुमार ने शुक्रवार को सिविल अस्पताल स्थित कानूनी सहायता केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वहां उपस्थित लोगों को मुफ्त कानूनी सेवाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। सीजेएम ने बताया कि जिला झज्जर के सभी खंडों के एक-एक गांव में कानूनी सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां कोई भी व्यक्ति प्रत्येक रविवार को पैनल अधिवक्ता और पैरा लीगल वॉलंटियर से मुफ्त कानूनी सलाह एवं सहायता प्राप्त कर सकता है। इसके अलावा हर बुधवार को पैरा लीगल वॉलंटियर द्वारा लोगों को मुफ्त कानूनी सेवाओं की जानकारी दी जाती है। उन्होंने बताया कि जिले में कुल 11 मुफ्त कानूनी सहायता केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें सिविल अस्पताल झज्जर, बेरी, बहादुरगढ़, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बादली, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मातनहेल और माछरौली शामिल हैं। इन केंद्रों पर पैनल अधिवक्ता हर रविवार सुबह 9 बजे से 12 बजे तक सेवाएं देते हैं, जबकि पैरा लीगल वॉलंटियर हर बुधवार इसी समय पर उपलब्ध रहते हैं। इसके अतिरिक्त, जगन्नाथ लॉ यूनिवर्सिटी कबलाना, पीडीएम लॉ यूनिवर्सिटी बहादुरगढ़ और लॉ यूनिवर्सिटी आसंडा में स्थापित केंद्रों पर प्रत्येक शुक्रवार सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने बताया कि सभी सेवानिवृत्त सैनिक और उनके परिवार भी मुफ्त कानूनी सेवाओं के पात्र हैं। ऐसे व्यक्ति जिला सैनिक बोर्ड, झज्जर में स्थापित कानूनी सहायता केंद्र से भी संपर्क कर सकते हैं। सीजेएम ने बताया कि जिला एडीआर सेंटर, मिनी सचिवालय झज्जर में स्थापित कानूनी सहायता केंद्र पर किसी भी कार्य दिवस में संपर्क कर कानूनी सलाह और सहायता प्राप्त की जा सकती है।
विशाल कुमार, सीजेएम एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण,झज्जर।

रेणुका नांदल, एसडीएम बेरी।

व्यावसायिक सिलेंडर के लिए गैस एजेंसी पर पंजीकरण जरूरी: एसडीएम
व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति के लिए नए नियम जारी
रेगुलेशन ऑफ कमर्शियल सिलेंडर सप्लाई आर्डर के तहत हिदायतें हुई जारी

बेरी, झज्जर, 10 अप्रैल, अभीतक: उपमंडल क्षेत्र में एलपीजी गैस को लेकर स्थिति सामान्य है। उन्होंने बताया कि सरकार व सम्बन्धित विभाग के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति को विनियमित करने के लिए नए आदेश लागू हो गए हैं। एसडीएम रेणुका नांदल ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब व्यावसायिक गैस सिलेंडरों का वितरण जिला स्तरीय कमेटी की बजाय तेल विपणन कंपनियों द्वारा सीधे पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा नियमानुसार प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। एसडीएम रेणुका नांदल ने बताया कि बेरी क्षेत्र के सभी व्यावसायिक और औद्योगिक प्रतिष्ठानों को व्यावसायिक सिलेंडर प्राप्त करने के लिए अधिकृत गैस एजेंसी या वितरक के पास अपना पंजीकरण कराना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के सभी गैस एजेंसी मालिकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे पात्र व्यावसायिक आवेदकों के आवेदन स्वीकार करने से मना न करें और पंजीकरण प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखें। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि यदि कोई गैस एजेंसी आवेदन स्वीकार करने से मना करती है या इन नियमों का उल्लंघन करती है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी व्यापारिक संगठनों और औद्योगिक इकाइयों से अपील की है कि वे सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जल्द से जल्द अपना पंजीकरण पूरा करें। उन्होंने बताया कि गैस सिलेंडर की कालाबाजारी व भंडारण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

झज्जर के गांव सिकंदरपुर में शुक्रवार को जीपीएस रोवर प्रशिक्षण का निरीक्षण करते डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल।
प्रशिक्षण के दौरान राजस्व विभाग की टीम को दिशा-निर्देश देते डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल।

जीपीएस रोवर से होंगे भूमि पैमाइश और निशादेही संबंधी कार्य: डीसी
डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने गांव सिकंदरपुर में जीपीएस रोवर ट्रेनिंग का किया निरीक्षण
जमीनों की डिजिटल पैमाइश वर्तमान समय की जरूरत

झज्जर, 10 अप्रैल, अभीतक: उपायुक्त स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने शुक्रवार को नजदीकी गांव सिकंदरपुर में आयोजित जीपीएस रोवर प्रशिक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण किया और राजस्व विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रशिक्षण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। इस दौरान उन्होंने ट्रेनर्स से जीपीएस रोवर के माध्यम से जमीन की पैमाइश की प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने कहा कि तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानूनगो और पटवारियों के लिए यह प्रशिक्षण बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि भविष्य में जमीन से जुड़े सभी मापन कार्य जीपीएस रोवर तकनीक से ही किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा जमीन की पैमाइश को डिजिटल स्वरूप देने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे न केवल कार्य में तेजी आएगी बल्कि पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि पारंपरिक मैनुअल पैमाइश की तुलना में जीपीएस रोवर से की गई पैमाइश अधिक सटीक और विश्वसनीय होती है। इससे जमीन की निशानदेही, सीमांकन और अन्य संबंधित कार्य अधिक सरल और प्रभावी ढंग से पूरे किए जा सकेंगे। इस बीच सर्वे ऑफ इंडिया चंडीगढ़ के आफिसर सर्वेयर राहुल वर्मा ने बताया कि झज्जर जिले में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 11 अप्रैल तक जारी रहेगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रशिक्षण के दौरान यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी को जीपीएस रोवर के उपयोग में कोई समस्या आती है, तो उसका तुरंत समाधान किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान तहसीलदार बहादुरगढ़ सुदेश महरा, नायब तहसीलदार बेरी सुरेंद्र शर्मा, नायब तहसीलदार प्रवीण कुमार, प्रदीप खत्री, संजय कुमार सहित राजस्व विभाग के अन्य अधिकारी व कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

झज्जर स्थित लघु सचिवालय के सभागार में समाधान शिविर की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल।

जन समस्याओं का त्वरित निपटान सुनिश्चित करें विभागाध्यक्ष: डीसी
जिला में आयोजित समाधान शिविरों में दर्ज 5833 शिकायतों में से 172 शिकायतें ही पेंडिंग
डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल की अध्यक्षता में समाधान शिविर की साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित

झज्जर, 10 अप्रैल, अभीतक: डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने कहा कि समाधान शिविर जनता की समस्याओं के त्वरित एवं संतोषजनक निवारण के लिए सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा शिकायतकर्ता की संतुष्टि को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने बताया कि अब तक जिला व उपमंडल स्तर पर आयोजित समाधान शिविर में कुल 5833 शिकायतें दर्ज हुई हैं, जिनमें से 172 शिकायते ही पेंडिंग हैं। डीसी शुक्रवार को लघु सचिवालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित वीसी उपरांत साप्ताहिक समाधान शिविर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। डीसी ने विभागवार प्राप्त शिकायतों की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों से मौके पर ही प्रगति की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायत के समाधान के उपरांत एटीआर (एक्शन टेकन रिपोर्ट) बिना विलंब संबंधित पोर्टलध्कार्यालय को भेजी जाए। उन्होंने कहा कि समाधान शिविर का मूल उद्देश्य जनता की समस्याओं का शीघ्र, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण समाधान है, जिसे प्रत्येक अधिकारी अपनी जिम्मेदारी समझ कर पूरा करे। उन्होंने कहा कि सभी विभागाध्यक्ष एटीआर हर सप्ताह के बुधवार तक भेजना सुनिश्चित करें।
यह अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर एडीसी जगनिवास, डीएफसी साहिती रेड्डी, सीटीएम रीतू बंसीवाल, डीडीपीओ निशा तंवर, एसीपी अनिरुद्ध चैहान, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी सुमित कुमार, एक्सईएन जनस्वास्थ्य विभाग अश्विनी सांगवान सहित सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

जनसहभागिता से मजबूत होगा स्थानीय वित्तीय ढांचा: डीसी
सातवें राज्य वित्त आयोग के लिए आमजन से सुझाव आमंत्रित
नागरिक गूगल फॉर्म के माध्यम से दे सकेंगे अपनी राय

झज्जर, 10 अप्रैल, अभीतक: डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा 27 जून 2025 की अधिसूचना के तहत सातवें राज्य वित्त आयोग का गठन किया गया है। यह आयोग संविधान के अनुच्छेद 243-आई एवं 243-वाई, हरियाणा पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 213 तथा हरियाणा वित्त आयोग नियम, 1994 के अंतर्गत कार्य करते हुए राज्य में पंचायती राज संस्थाओं एवं शहरी स्थानीय निकायों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करेगा। डीसी ने बताया कि आयोग द्वारा पारदर्शी एवं सहभागी प्रक्रिया को अपनाते हुए आमजन, जनप्रतिनिधियों, संस्थानों, विषय विशेषज्ञों, संगठनों एवं अन्य हितधारकों से सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। इसके लिए गूगल फॉर्म के माध्यम से सुझाव देने की व्यवस्था की गई है, ताकि अधिक से अधिक लोग अपनी राय सहजता से साझा कर सकें। उन्होंने बताया कि शहरी स्थानीय निकायों से संबंधित सुझाव https://forms.gle/G5avsDt6QRGJtWLF8 लिंक के माध्यम से दिए जा सकते हैं,वहीं पंचायती राज संस्थाओं से संबंधित सुझाव https://forms.gle/7nhzH7TBGdbydTAn6 के लिए लिंक उपलब्ध है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि गूगल फॉर्म लिंक को जिला की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाए। उन्होंने कहा कि वित्त आयोग का उद्देश्य विभिन्न हितधारकों से व्यापक और सार्थक सुझाव प्राप्त करना है, ताकि आयोग की सिफारिशें व्यवहारिक, प्रभावी एवं स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप हो सकें। डीसी ने आमजन से आह्वान किया कि वे अपने सुझाव देकर स्थानीय शासन व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने में योगदान दें।

समाधान शिविर में आई शिकायतों की समीक्षा करते हुए डीसी अभिषेक मीणा।

समाधान शिविर की शिकायतों को लंबित न रखे विभागाध्यक्ष: डीसी
डीसी अभिषेक मीणा ने की समाधान शिविर में आने वाली शिकायतों के समाधान की समीक्षा
आमजन से जुड़ी समस्याओं का प्राथमिकता से निदान सुनिश्चित करें अधिकारी

रेवाड़ी, 10 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा सरकार जनसेवा की भावना अनुरूप सरकारी योजनाओं को लागू कर रही है और इन योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावी रूप से करते हुए लोगों को लाभ पहुंचाने में अधिकारी-कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी सजगता से निभाएं। डीसी अभिषेक मीणा शुक्रवार को लघु सचिवालय सभागार में समाधान शिविर में आने वाली शिकायतों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दे रहे थे। डीसी अभिषेक मीणा ने अधिकारियों को कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी आमजन से जुड़ी योजनाओं व सेवारत पोर्टल की स्वयं मॉनिटरिंग कर रहे हैं, ऐसे में सभी विभागाध्यक्ष अपने विभाग से संबंधित शिकायतों को समाधान प्रकोष्ठ पोर्टल पर समाधान सुनिश्चित करने में सक्रियता बरतें। उन्होंने कहा कि जिन विभागों की शिकायतें लंबित हैं उनका शीघ्र समाधान करें। इसके अलावा अधिकारी समाधान शिविर और सीएम विंडो पोर्टल की निरंतर मॉनिटरिंग करते हुए अपने-अपने विभागों से संबंधित शिकायतों का प्राथमिकता से निवारण करते हुए पोर्टल पर दुरुस्त अवश्य करें। अधिकारी निर्धारित समय में ही शिकायतों का निवारण करें ताकि आमजन को सुविधा का लाभ मिल सके। डीसी अभिषेक मीणा ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि समाधान शिविर में प्राप्त प्रत्येक शिकायत को अधिकारी अच्छे से जांच करके उस शिकायत का समाधान करें और इसकी रिपोर्ट भी भिजवाएं। उन्होंने कहा कि लंबित शिकायतों को जल्द से जल्द समाधान करके पूर्ण एटीआर के साथ पोर्टल पर भी अपडेट करें। अधिकारी हर शिकायत को गंभीरता से लेकर जल्द से जल्द उनका निवारण करें। इस अवसर पर एसडीएम रेवाड़ी सुरेश कुमार, जिला नगर आयुक्त ब्रह्म प्रकाश, सीटीएम जितेंद्र कुमार, डीडीपीओ एचपी बंसल, डीआरओ प्रदीप दहिया सहित विभागों के विभागाध्यक्ष मौजूद रहे।

बाल विवाह की रोकथाम के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए डीसी अभिषेक मीणा।
बैठक में उपस्थित अधिकारियों व कर्मचारियों को बाल विवाह रोकथाम की शपथ दिलाते हुए डीसी अभिषेक मीणा।

बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के तहत कानूनी अपराध -डीसी अभिषेक मीणा
बाल विवाह के आयोजन पर होगी कार्यवाही
डीसी अभिषेक मीणा ने अधिकारियों व कर्मचारियों को दिलाई बाल विवाह रोकथाम की शपथ

रेवाड़ी, 10 अप्रैल, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि आगामी 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया (अक्खा तीज) के अवसर पर लोगों द्वारा बड़ी संख्या में विवाह, शादियों का आयोजन किया जाता है जिसकी आड़ में बाल विवाह होने का अंदेशा भी बना रहता है। बाल विवाह रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। जिला प्रशासन की ओर से बाल विवाह करने व करवाने वालों पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। डीसी अभिषेक मीणा ने शुक्रवार को संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक लेते हुए बताया कि 19 अप्रैल अक्षय तृतीया पर होने वाले सामूहिक विवाह, जिसमें बाल विवाह होने की संभावना होती है, उसके रोकथाम के लिए विशेष जागरूकता गतिविधियां आयोजित कर लोगों को जागरूक किया जाए। इसमें सभी सरकारी स्कूल और कॉलेज में विद्यार्थियों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसमें न केवल सरकारी तंत्र बल्कि समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि बाल विवाह को रोका जा सकें। उन्होंने कहा कि बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के अनुसार कानूनन अपराध है। बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में भी आमजन को जागरूक किया जाए। डीसी ने घरेलू हिंसा को लेकर दिशा निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में दोनों पक्षों की काउंसलिंग करवाई जाए। उन्होंने सरपंचों और आंगनबाड़ी वर्करों सहित संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को घरेलू ङ्क्षहसा न हो, इसको लेकर नागरिकों को जागरूक किया जाए। बैठक में डीसी अभिषेक मीणा ने उपस्थित अधिकारियों व कर्मचारियों को बाल विवाह रोकथाम की शपथ भी दिलवाई। डीसी ने जिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी सरिता शर्मा को निर्देश दिए कि अक्षय तृतीया के अवसर पर विवाह करवाने वाले पुजारी, पाठी, गांव के पंच, सरपंच, नंबरदार व शहरों में नगर पार्षदों एवं सामुदायिक केन्द्र, सार्वजनिक भवन, बैंकट हाल, मैरिज पैलेस, धर्मशाला इत्यादि के मालिकध्प्रभारियों कार्ड प्रिंटिंग, फोटोग्राफर, बैंड बाजा व टेंट हाउस आदि के संचालकों को सचेत करने के साथ-साथ इस तरह की शादी पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विवाह करवाने वाली धार्मिक संस्थाओं पर विशेष नजर रखी जाएं। उन्होंने कहा कि वे अपने क्षेत्र में आयोजित होने वाले विवाह समारोह के संबंध में पहले से दुल्हा व दुल्हन के आयु प्रमाण पत्रों की जांच कर लें व आयु प्रमाण पत्रों की एक प्रति अपने पास भी रखे। अपने क्षेत्र में बाल विवाह का आयोजन न होने दें। ऐसा पाए जाने पर इसकी सूचना प्रशासन को दें और बाल विवाह रोकना सुनिश्चित करें। जिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी सरिता शर्मा ने बताया कि विवाह के लिए लडकी की शादी की उम्र 18 वर्ष व लडके की शादी की उम्र 21 वर्ष निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व विवाह करना कानून अपराध है। नियम के तहत बाल विवाह के आयोजन में भागीदार सभी लोगों पर कानूनी कार्यवाही किए जाने का भी प्रावधान है, जिसके तहत 2 साल की जेल व एक लाख रुपए तक के जुर्माने का भी प्रावधान हैै। उन्होंने कहा कि झूठी शिकायत करने वाले व्यक्ति के खिलाफ प्रशासन द्वारा सख्त कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि बाल विवाह के आयोजन के संबंध में सूचना समय रहते नजदीक के पुलिस थाना, चैकी में, आंगनवाड़ी वर्कर, डब्ल्यू सीडीपीओ, बाल संरक्षण अधिकारी, डीपीओ, महिला एवं बाल विकास, एसडीएम, बीडीपीओ, तहसीलदार, सीटीएम, पुलिस अधीक्षक व बाल विवाह निषेध अधिकारी व पुलिस कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर 112, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, तथा महिला हेल्पलाइन नंबर 181 पर दी जा सकती है। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी बिजेंद्र हुड्डा, बीडीपीओ शुभम सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

बस स्टेंड धारूहेड़ा की भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों पर होगी कार्रवाई, 15 दिन में कब्जा हटाने के निर्देश
रेवाड़ी, 10 अप्रैल, अभीतक: जिला में धारूहेड़ा बस स्टेंड की भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कब्जा न हटवाने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। रोडवेज विभाग द्वारा कब्जा करने वालों को 15 दिनों में अवैध रूप से किया गया कब्जा हटाने का समय दिया गया है। इसके बाद नियमानुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। हरियाणा राज्य परिवहन रेवाड़ी के महाप्रबंधक निरंजन शर्मा ने बताया कि धारूहेड़ा बस स्टेंड की भूमि पर कुछ लोगों ने अवैध रूप से कब्जा किया हुआ है। इन अवैध कब्जाधारियों को 15 दिनों में स्वंत कब्जा हटवाने का समय दिया गया है। इसके बाद विभाग द्वारा नियमानुसार कार्रवाई करते हुए कब्जा कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। कब्जा न हटाने की सूरत में कार्रवाई के दौरान आई लागत का समस्त खर्चा कब्जा करने वाले लोगों से वसूला जाएगा।

रेडक्रॉस सोसायटी में हुआ स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन
रेवाड़ी, 10 अप्रैल, अभीतक: डीसी एवं जिला रैडक्रॉस सोसायटी प्रधान अभिषेक मीणा के मार्गदर्शन व रेडक्रॉस सोसायटी सचिव बिजेंद्र सौरोत के नेतृत्व में जिला रेडक्रास सोसायटी रेवाड़ी द्वारा शुक्रवार को रेडक्रॉस कार्यालय में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर लगाया गया। रक्तदान शिविर में पूर्व नगर परिषद ईओ मनोज यादव मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे। शिविर में एडवोकेट एवं रेडक्रॉस कार्यकारिणी सदस्य कैलाश चन्द व रणजीत सिंह ने विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इस अवसर पर अतिथियों ने रक्तदान को जीवनदान बताते हुए कहा कि रक्त शरीर के अन्दर ही बनता है। इसे अन्य किसी भी तरह एक उत्पाद की तरह नहीं बनाया जा सकता। युवा वर्ग को रक्तदान करने के लिए आगे आना चाहिए ताकि रक्त के अभाव में किसी भी मनुष्य की मौत न हो पाए। सचिव बिजेंद्र सोरोत ने इस अवसर पर कहा कि प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को रक्तदान अवश्य करना चाहिए, रक्त किसी को जीवनदान दे सकता है। इस रक्तदान शिविर में प्राथमिक चिकित्सा के प्रशिक्षणार्थियों के द्वारा बढ़चढ़कर भाग लिया गया। रक्तदान शिविर में सामान्य अस्पताल रेवाड़ी की टीम ने कुल 40 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। इस अवसर पर जिला प्रशिक्षण अधिकारी प्रेम प्रकाश, राजकुमार, संजय, कविता, प्राथमिक सहायता प्रवक्ताओं तथा ब्लड बैंक की टीम एवं रेड क्रॉस स्टाफ के सभी कर्मचारियों का सराहनीय सहयोग रहा।

हुडा डिस्पेंसरी में विशेष निशुल्क होम्योपैथिक कैंप का आयोजन
रेवाड़ी, 10 अप्रैल, अभीतक: आयुष विभाग हरियाणा के निर्देशानुसार व डीसी अभिषेक मीणा के मार्गदर्शन में आयुष विभाग रेवाड़ी द्वारा फ्रेडरिक सैमुएल हैनीमेन के जन्मदिवस पर शुक्रवार को हुडा डिस्पेंसरी, सेक्टर-4, रेवाड़ी में निरूशुल्क होम्योपैथिक कैम्प का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डा. बसंत कुमार द्वारा होम्योपैथिक पद्धति के जनक डॉ. सैमुअल हैनीमैन के चित्र पर माल्यार्पण एवं पूजन करके किया। जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डा. बसंत कुमार ने इस अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि विश्व होम्योपैथी दिवस प्रतिवर्ष 10 अप्रैल को होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति के जनक डॉ. सैमुअल हैनीमेन की जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य होम्योपैथी के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, इसके वैज्ञानिक आधार और प्रभावशीलता को आमजन तक पहुंचाना तथा इसे एक सुरक्षित, सरल और किफायती उपचार प्रणाली के रूप में प्रोत्साहित करना है। उन्होंने बताया कि रेवाड़ी जिले में सरकारी होम्योपैथिक औषधालय उपलब्ध है तथा आमजन इनका लाभ ले सकते हैं। डा. मनोज यादव ने होम्योपैथी के इतिहास एवं डा. सीएफएस हैनीमेन के जीवन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस कैम्प में फार्मासिस्ट रायसिंह, इंद्रजीत व दीपक यादव द्वारा कुल 187 मरीजों की ओपीडी की गई और मरीजों को होम्योपैथिक औषधियां प्रदान की। कैम्प के सफल समापन पर जिला आयुर्वेदिक अधिकारी ने सभी चिकित्सकों, फार्मासिस्टों एवं कर्मचारियों, तथा पंचकर्म विशेषज्ञ डा. पूनम व योग विशेषज्ञ राकेश छिल्लर को बधाई देते हुए भविष्य में ऐसे ही जनसेवा हेतु अपनी निरंतर गतिविधियां करते रहने का आह्वान किया। इस अवसर पर कैम्प के नोडल अधिकारी डा. नरेश कुमार यादव, डा. नीतू यादव, डा. मनोज यादव, डा. निशा यादव व डा. राजीव कुमार द्वारा ओपीडी की सेवाएं प्रदान की गई।

भारत 1.20 लाख मान्यता प्राप्त स्टार्टअप के साथ विकास की नई शक्ति का प्रतीक: राज्यपाल
हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने टाईकाॅन चंडीगढ़-2026 की दो दिवसीय काॅन्फ्रेंस का किया शुभारंभ
हरियाणा सरकार की स्टार्टअप नीति के चलते राज्य ने 7000 से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप का योगदान किया
युवाओं से रोजगार मांगने की बजाय रोजगार देने की सोच रखने का आह्वान किया

चंडीगढ़, 10 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि आज भारत का स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र नवाचार-आधारित विकास की शक्ति का प्रमाण है जिसमें 1 लाख 20 हजार से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स हैं जिनसे 12 लाख से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं। राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने यह बात आज चंडीगढ़ स्थित हयात रिजेंसी में टाईकाॅन चंडीगढ़-2026 की दो दिवसीय काॅन्फ्रेंस के उद्घाटन अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि उपस्थितगण को संबोधित करते हुए कही। उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए आयोजित इस काॅन्फ्रेंस की सराहना करते हुए उन्होंने आयोजकों को बधाई व शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारत के युवाओं को रोजगार मांगने की नहीं बल्कि रोजगार देने की सोच के साथ नवाचार की ओर प्रवृत्त होना चाहिए। ऐसा करके हम माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपनों के अनुरूप विकसित भारत बनाने के यज्ञ में अपनी आहुति डाल सकते हैं। राज्यपाल प्रो. घोष ने कहा कि भारत देश में विशाल मध्यम वर्ग है जिनकी जरूरतों को ध्यान में रखकर यदि आधुनिक तकनीक के साथ नए प्रयोग किए जाएं तो युवा वर्ग के सामने रोजगार की कोई कमी नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि देश में खाद्य प्रौद्योगिकी जैसे अनेक क्षेत्रों में नवीन प्रयोग करने की असीम संभावनाएं हैं, क्योंकि देश में इसके लिए कच्चा माल प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। राज्यपाल प्रो. घोष ने कहा कि यह खुशी और गर्व की बात है कि हरियाणा राज्य 7000 से अधिक स्टार्टअप्स के साथ एक महत्वपूर्ण योगदान कर्ता के रूप में उभरा है। उन्होंने हरियाणा की स्टार्टअप नीति की सराहना करते हुए इसे उद्यमियों के अनुकूल बताया। प्रो. घोष ने कहा कि हरियाणा के गुरुग्राम ने खुद को एक वैश्विक स्टार्टअप और प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में स्थापित कर लिया है। उन्होंने कहा कि टाईकाॅन चंडीगढ़ उत्तर भारत के नवाचार और उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुका है। उन्होंने कहा कि यह बहुत उत्साहजनक है कि पंचकूला एक उभरते हुए विकास केंद्र के रूप में सामने आ रहा है। अपनी सुनियोजित अवसंरचना, रणनीतिक कनेक्टिविटी और चंडीगढ़ के निकट होने के कारण, पंचकूला अगली पीढ़ी के स्टार्टअप्स, आईटी कंपनियों और नवाचार-आधारित निवेश को आकर्षित करने के लिए अच्छी स्थिति में है। उन्होंने कहा कि मुझे यह जानकर प्रसन्नता हुई कि टाई चंडीगढ़ 23 देशों में फैले 67 से अधिक चैप्टर्स वाले वैश्विक टाई नेटवर्क का हिस्सा है और यह सबसे सक्रिय और प्रभावशाली इकाइयों में से एक है। 450 से अधिक चार्टर सदस्यों और उद्यमियों के मजबूत समुदाय के साथ, इसने पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़ और अन्य क्षेत्रों में सैकड़ों स्टार्टअप्स को मार्गदर्शन और समर्थन प्रदान किया है। इसके प्रमुख कार्यक्रम, टाई वुमैन, टाई यूनिवर्सिटी और टाई यंग एंटरप्रोन्योर सभी स्तरों पर प्रतिभा को विकसित कर रहे हैं जो हर वर्ष 300 से अधिक प्रतिभागियों को जोड़ते हुए भविष्य के उद्यमियों की मजबूत आधारशिला तैयार कर रहे हैं। उन्होंने खुशी जताई कि टाई चंडीगढ़-2026 में 2000 से अधिक प्रतिनिधि, 50 से अधिक निवेशक, 80 से अधिक वक्ता और 50 से अधिक स्टार्टअप्स शामिल हैं, उन्होंने इसे पारिस्थितिकी तंत्र के विस्तार और ऊर्जा का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के स्वप्न को साकार करने के लिए यह आवश्यक है कि हम सहयोग, नवाचार और समावेशन के माध्यम से इस पारिस्थितिकी तंत्र को और मजबूत बनाते रहें। इस अवसर पर लेडी गवर्नर श्रीमती मित्रा घोष, टाई चंडीगढ़ के अध्यक्ष पुनीत वर्मा, पूर्व अध्यक्ष मुरली बुक्कापटनम, ब्रह्म अलरेजा, रवि शर्मा, विशाल केडिया, सुमेध सचदेव, आशु शर्मा, ऋतिका सिंह, पूजा नायर, जेबी सिंह, अजय तिवारी, हिरदेश मदान, सतीश के. अरोड़ा व हरित मोहन सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री मोरारजी देसाई की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की
चंडीगढ़, 10 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने लेडी गवर्नर श्रीमती मित्रा घोष के साथ शुक्रवार को लोक भवन में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री मोरारजी देसाई की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

हरियाणा में एक आईएएस व दो एचसीएस अधिकारियों के तबादले
चंडीगढ़, 10 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा ने तत्काल प्रभाव से एक आईएएस और 2 एचसीएस अधिकारियों के स्थानांतरण एवं नियुक्ति आदेश जारी किए हैं। आईएएस अधिकारी डॉ. सुभिता ढाका को रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां नियुक्त किया गया है। वहीं, एचसीएस अधिकारी सुश्री चिनार को स्कूल शिक्षा विभाग में उप सचिव नियुक्त किया गया है। श्री हरि राम को श्री अप्रतिम सिंह के स्थान पर उपमंडल अधिकारी (नागरिक), हथीन नियुक्त किया गया है। श्री अप्रतिम सिंह के नियुक्ति के आदेश बाद में जारी किए जाएंगे। वे अपना कार्यभार छोड़ने के बाद मुख्य सचिव कार्यालय में अपनी ज्वाइनिंग रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।

पीएम श्री स्कूलों को लेकर नई दिल्ली में हुई महत्वपूर्ण बैठक
चंडीगढ़, 10 अप्रैल, अभीतक: भारत सरकार के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग (क्वैम्स्) और हरियाणा सरकार के शिक्षा विभाग के बीच कर्तव्य भवन, नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता श्री संजय कुमार, आईएएस, सचिव, क्वैम्स्, भारत सरकार ने की। इस अवसर पर श्री धीरज साहू, आईएएस, अतिरिक्त सचिव, भारत सरकार भी उपस्थित रहे। हरियाणा की ओर से प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व श्री विजय सिंह दहिया, आईएएस, प्रधान सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग ने किया। उनके साथ श्रीमती वर्षा खांगवाल, आईएएस, राज्य परियोजना निदेशकय डॉ. मयंक वर्मा, एचसीएस, संयुक्त राज्य परियोजना निदेशकय डॉ. बलकिशन यादव, सलाहकार (योजना) सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य हरियाणा के पीएम श्री स्कूलों के लिए भारत सरकार से वित्तीय सहायता प्राप्त करना था। हरियाणा सरकार ने लगभग 200 करोड़ परियोजनाओं का प्रस्ताव सफलतापूर्वक प्रस्तुत किया। इन प्रस्तावों का उद्देश्य पीएम श्री स्कूलों का सर्वांगीण विकास करते हुए उन्हें उत्कृष्टता के केंद्र बनाना है। इन में स्कूल भवन और अन्य बुनियादी ढांचे का विस्तार, खेल सुविधाओं का विकास, कौशल विकास (स्किलिंग) सुविधाओं की स्थापना, स्कूलों को पर्यावरण के अनुकूल बनाना, नवाचार क्लब (इनोवेशन क्लब) की स्थापना, रोबोटिक्स और एआई प्रशिक्षण की शुरुआत, दिव्यांग बच्चों (ब्ॅैछ) के लिए विशेष योजनाएं, ताकि उनका नामांकन बढ़े और वे मुख्यधारा की शिक्षा से जुड़ सकें। बैठक के दौरान भारत सरकार ने हरियाणा सरकार की विभिन्न सराहनीय पहलों की प्रशंसा की। इनमें कुशल बिजनेस चैलेंज (जो छात्रों में उद्यमिता कौशल विकसित करने के लिए है), सरकारी स्कूलों के छात्रों के इसरो दौरे और आईसीएमआर के साथ मिलकर शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल हैं। प्रधान सचिव श्री विजय सिंह दहिया ने बताया कि हरियाणा में वर्तमान में 250 पीएम श्री स्कूल हैं, जिनमें लगभग 1.5 लाख छात्र पढ़ते हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य इन स्कूलों को उत्कृष्ट मॉडल स्कूलों के रूप में विकसित करना है। उन्होंने कहा कि बैठक सकारात्मक रही और हरियाणा को जल्द प्रस्तावित फंड प्राप्त होगा। इससे शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और बच्चों के लिए बेहतर व आधुनिक शिक्षा सुनिश्चित होगी।

पेयजल सप्लाई के लिए की जाएगी गुरूग्राम वाटर सप्लाई चैनल की रिमोडलिंग – मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
70 किलोमीटर लम्बे सप्लाई चैनल के निर्माण पर आएगी 1993 करोड़ रुपये की लागत
आगामी 2050 तक की आबादी को सुलभ होगा पर्याप्त पेयजल

चंडीगढ़, 10 अप्रैल, अभीतक: मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गुरूग्राम में पेयजल सप्लाई के लिए बनाए जा रहे गुरूग्राम वाटर सप्लाई चैनल का कार्य तेज गति से पूरा किया जाए ताकि लोगों को निश्चित समय में पर्याप्त मात्रा में पेयजल सुलभ हो सके। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी शुक्रवार को रिमोडलिंग ऑफ गुरूग्राम वाटर सप्लाई चैनल की स्टेडिंग फाईनेंस कमेटी की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, सिंचाई मंत्री श्रीमती श्रुति चैधरी, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरूण गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल सहित सिंचाई विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सोनीपत के काकरोई हैड से बसई जल घर तक बनने वाले इस चैनल से गुरूग्राम को 686 क्यूसेक पानी मिलेगा, जो आगामी 2050 तक की आबादी को पर्याप्त मात्रा में सुलभ हो सकेगा। लगभग 70 किलोमीटर लम्बाई के इस चैनल के निर्माण पर लगभग 1993 करोड़ रुपए से अधिक की राशि व्यय की जाएगी। इस कार्य में पूर्ण रूप से अण्डर ग्राउण्ड पाइप लाईन बिछाई जाएगी ताकि पानी की शुद्धता को बरकरार रखा जा सके। उन्होंने कहा कि इस सप्लाई चैनल की क्षमता को बढ़ाकर एक हजार क्यूसिक की जाए ताकि इसका लाभ ओर अधिक आबादी को अधिक समय तक मिलता रहे। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत करवाया कि गुरूग्राम को 500 क्यूसिक पानी सप्लाई एनसीआर कैनाल से किया जाएगा। इस प्रकार गुरूग्राम को आगामी वर्षो में 1500 क्यूसिक पानी की सप्लाई होगी। इसके अलावा मेवात क्षेत्र के लिए भी 389 क्यूसिक पेयजल का अलग से प्रावधान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्य पारदर्शी ढंग से किया जाए और उच्च क्वालिटी का होना चाहिए।
गुरूग्राम की पूरी आबादी को निर्बाध रूप से स्वच्छ पेयजल सुलभ करवाना सरकार का दायित्व
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पेयजल सप्लाई प्रोजेक्ट का कार्य अढाई साल में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इसकी लगातार मोनिटरिगं की जाए और इस कार्य को लक्ष्य से लगभग तीन माह पहले पूरा कर लिया जाए। गुरूग्राम की आबादी लगातार बढ़ रही है और अब गुरुग्राम महाग्राम बन गया है। इसकी पूरी आबादी को निर्बाध रूप से स्वच्छ पेयजल सुलभ करवाना हरियाणा सरकार का दायित्व एंव जिम्मेवारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अण्डर ग्राउण्ड बिछाई जाने वाली इस पेयजल पाईप लाईन पर सोलर पैनल लगाने का भी प्रावधान किया जाए ताकि सौर ऊर्जा से बिजली सुलभ हो सके। इसके अलावा गुरूग्राम वाटर सप्लाई चैनल से मिलने वाले पानी का उचित डिस्ट्रीब्यूशन सुनिश्चत करने के लिए वाटर ट्रिटमेंट प्लांट बनाने के लिए भी जगह का चयन कर लिया जाए ताकि उन पर जल्द कार्य शुरू करवाया जा सके।

भारत 1.20 लाख मान्यता प्राप्त स्टार्टअप के साथ विकास की नई शक्ति का प्रतीक: राज्यपाल
हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने टाईकाॅन चंडीगढ़-2026 की दो दिवसीय कान्फ्रेंस का किया शुभारंभ
हरियाणा सरकार की स्टार्टअप नीति के चलते राज्य ने 7000 से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप का योगदान किया
युवाओं से रोजगार मांगने की बजाय रोजगार देने की सोच रखने का आह्वान किया

चंडीगढ़, 10 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि आज भारत का स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र नवाचार-आधारित विकास की शक्ति का प्रमाण है जिसमें 1 लाख 20 हजार से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स हैं जिनसे 12 लाख से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं। राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने यह बात आज चंडीगढ़ स्थित हयात रिजेंसी में टाईकाॅन चंडीगढ़-2026 की दो दिवसीय काॅन्फ्रेंस के उद्घाटन अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि उपस्थितगण को संबोधित करते हुए कही। उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए आयोजित इस काॅन्फ्रेंस की सराहना करते हुए उन्होंने आयोजकों को बधाई व शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारत के युवाओं को रोजगार मांगने की नहीं बल्कि रोजगार देने की सोच के साथ नवाचार की ओर प्रवृत्त होना चाहिए। ऐसा करके हम माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपनों के अनुरूप विकसित भारत बनाने के यज्ञ में अपनी आहुति डाल सकते हैं। राज्यपाल प्रो. घोष ने कहा कि भारत देश में विशाल मध्यम वर्ग है जिनकी जरूरतों को ध्यान में रखकर यदि आधुनिक तकनीक के साथ नए प्रयोग किए जाएं तो युवा वर्ग के सामने रोजगार की कोई कमी नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि देश में खाद्य प्रौद्योगिकी जैसे अनेक क्षेत्रों में नवीन प्रयोग करने की असीम संभावनाएं हैं, क्योंकि देश में इसके लिए कच्चा माल प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। राज्यपाल प्रो. घोष ने कहा कि यह खुशी और गर्व की बात है कि हरियाणा राज्य 7000 से अधिक स्टार्टअप्स के साथ एक महत्वपूर्ण योगदान कर्ता के रूप में उभरा है। उन्होंने हरियाणा की स्टार्टअप नीति की सराहना करते हुए इसे उद्यमियों के अनुकूल बताया। प्रो. घोष ने कहा कि हरियाणा के गुरुग्राम ने खुद को एक वैश्विक स्टार्टअप और प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में स्थापित कर लिया है। उन्होंने कहा कि टाईकाॅन चंडीगढ़ उत्तर भारत के नवाचार और उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुका है। उन्होंने कहा कि यह बहुत उत्साहजनक है कि पंचकूला एक उभरते हुए विकास केंद्र के रूप में सामने आ रहा है। अपनी सुनियोजित अवसंरचना, रणनीतिक कनेक्टिविटी और चंडीगढ़ के निकट होने के कारण, पंचकूला अगली पीढ़ी के स्टार्टअप्स, आईटी कंपनियों और नवाचार-आधारित निवेश को आकर्षित करने के लिए अच्छी स्थिति में है। उन्होंने कहा कि मुझे यह जानकर प्रसन्नता हुई कि टाई चंडीगढ़ 23 देशों में फैले 67 से अधिक चैप्टर्स वाले वैश्विक टाई नेटवर्क का हिस्सा है और यह सबसे सक्रिय और प्रभावशाली इकाइयों में से एक है। 450 से अधिक चार्टर सदस्यों और उद्यमियों के मजबूत समुदाय के साथ, इसने पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़ और अन्य क्षेत्रों में सैकड़ों स्टार्टअप्स को मार्गदर्शन और समर्थन प्रदान किया है। इसके प्रमुख कार्यक्रम, टाई वुमैन, टाई यूनिवर्सिटी और टाई यंग एंटरप्रोन्योर सभी स्तरों पर प्रतिभा को विकसित कर रहे हैं जो हर वर्ष 300 से अधिक प्रतिभागियों को जोड़ते हुए भविष्य के उद्यमियों की मजबूत आधारशिला तैयार कर रहे हैं। उन्होंने खुशी जताई कि टाई चंडीगढ़-2026 में 2000 से अधिक प्रतिनिधि, 50 से अधिक निवेशक, 80 से अधिक वक्ता और 50 से अधिक स्टार्टअप्स शामिल हैं, उन्होंने इसे पारिस्थितिकी तंत्र के विस्तार और ऊर्जा का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के स्वप्न को साकार करने के लिए यह आवश्यक है कि हम सहयोग, नवाचार और समावेशन के माध्यम से इस पारिस्थितिकी तंत्र को और मजबूत बनाते रहें। इस अवसर पर लेडी गवर्नर श्रीमती मित्रा घोष, टाई चंडीगढ़ के अध्यक्ष पुनीत वर्मा, पूर्व अध्यक्ष मुरली बुक्कापटनम, ब्रह्म अलरेजा, रवि शर्मा, विशाल केडिया, सुमेध सचदेव, आशु शर्मा, ऋतिका सिंह, पूजा नायर, जेबी सिंह, अजय तिवारी, हिरदेश मदान, सतीश के. अरोड़ा व हरित मोहन सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी चंडीगढ़ स्थित आवास संत कबीर कुटीर पर लोगों की समस्याएं सुनते हुए।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार महिला सशक्तिकरण और आर्थिक विकास के लिए कर रही है काम: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत लाभार्थियों के खातों में जारी की गई 1665 करोड़ 25 लाख रुपये की राशि
फरीदाबाद में 2 फायरकर्मियों की मृत्यु के मामले में परिजनों को मिलेगी सहायता राशि और नौकरी: मुख्यमंत्री

चंडीगढ़, 10 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आज विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत लाभार्थियों के खातों में 1665 करोड़ 25 लाख रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे हस्तांतरित की है। इसमें ‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी’ योजना, 15 तरह की सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, दयालु योजना और अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों को ट्रैक्टर सब्सिडी शामिल है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा निवास में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संकल्प के अनुरूप डबल इंजन की सरकार महिला सशक्तिकरण और उनके आर्थिक विकास के लिए लगातार काम कर रही है। इस दौरान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी भी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि आज ‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी’ योजना की छठी किस्त जारी की है। इस योजना के तहत 9 लाख 68 हजार लाभार्थी महिलाओं के खातों में 203 करोड़ 28 लाख रुपये की राशि डाली गई है। इसे मिलाकर अब तक 6 किस्तों में 1,038 करोड़ 5 लाख रुपये की राशि जारी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि बजट में लाडो लक्ष्मी योजना के लिए 6 हजार 500 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 तरह की सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत भी 1144 करोड़ 55 लाख रुपये की राशि सीधे 35 लाख 55 हजार 187 लाभार्थियों के खातों में डाली गई है। इनमें वृद्धावस्था सम्मान भत्ता और दिव्यांगजन भत्ता और अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन शामिल हैं। उन्होंने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस के समय में तो 6-6 महीने और 1कृ1 साल तक पेंशन ही नहीं बनती थी, और अगर बनती भी थी तो उसमें भ्रष्टाचार होता था। लेकिन हमारी सरकार ने व्यवस्था परिवर्तन करते हुए ‘प्रो-एक्टिव मॉडल’ को अपनाया है। इसके तहत परिवार पहचान पत्र डेटाबेस के आधार पर पात्रता स्वयं निर्धारित होती है और पात्र नागरिकों को बिना दफ्तरों के चक्कर काटे, बिना आवेदन किए घर बैठे ही भत्ते का लाभ मिल रहा है। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से किया जा रहा यह भुगतान हमारी पारदर्शिता और सुशासन के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिससे यह सुनिश्चित हो रहा है कि राज्य की सहायता हर जरूरतमंद तक समयबद्ध तरीके से पहुंचे। उन्होंने कहा कि आज दयालु योजना के तहत भी 7 हजार 875 परिवारों को 298 करोड़ 7 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई हैं। अब तक इस योजना में 56 हजार 223 परिवारों को 2 हजार 118 करोड़ 23 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। आज जारी की गई आर्थिक सहायता को मिलाकर 64 हजार 98 परिवारों को 2 हजार 416 करोड़ 30 लाख रुपये की आर्थिक सहायता जारी की जा चुकी है। इसके अलावा अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों को ट्रैक्टर सब्सिडी प्रदान की गई है। इसके तहत अनुसूचित जाति के 645 किसानों को ट्रैक्टर खरीदने के लिए 19 करोड़ 35 लाख रुपये की सब्सिडी जारी की गई है। प्रत्येक पात्र किसान को ट्रैक्टर खरीद पर 3 लाख रुपये की सब्सिडी उपलब्ध करवाई जाती है।
फरीदाबाद में 2 फायरकर्मियों की मृत्यु के मामले में परिजनों को मिलेगी सहायता राशि और नौकरी
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने फरीदाबाद में एचकेआरएन के तहत कार्यरत दो फायरकर्मियों की डयूटी के दौरान हुए दुखद हादसे में मृत्यु पर सरकार ने तुरंत राहत के रूप में प्रति परिवार 30 लाख रुपये की राशि जारी करने का निर्णय लिया है। हरियाणा परिवार सुरक्षा न्यास के माध्यम से 10 लाख रुपये प्रति परिवार तथा मुख्यमंत्री राहत कोष से 20 लाख रुपये प्रति परिवार जारी की जा रही है। इसके अतिरिक्त उनके परिवार के किसी एक आश्रित को एचकेआरएन के तहत नौकरी भी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त इंश्योरेंस के रूप में भी वित्तीय सहायता पीड़ित परिवारों को दिलवाने के लिए सरकार प्रयासरत है। इस दौरान मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, कृषि विभाग के महानिदेशक श्री राजनारायण कौशिक, महिला एवं बाल विकास विभाग की निदेशक डॉ प्रियंका सोनी, हरियाणा परिवार सुरक्षा न्यास के सीईओ डॉ जयेंद्र सिंह छिल्लर, सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग की अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) श्रीमती वर्षा खांगवाल, मुख्यमंत्री के मीडिया एडवाइजर श्री राजीव जेटली, मीडिया सचिव श्री प्रवीण आत्रेय उपस्थित रहे।

हरियाणा में गंभीर कुपोषण को समाप्त करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री दूध उपहार योजना के लिए 170 करोड़ आवंटित
मुख्य सचिव ने की पोषण अभियान की प्रगति की समीक्षा

चंडीगढ़, 10 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा सरकार ने प्रदेश में पोषण मिशन को और मजबूत करते हुए वर्ष 2026-27 के दौरान कुपोषण, खास तौर पर गंभीर कुपोषण को लगभग समाप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। पोषण अभियान के तहत वित्तीय सहायता और कवरेज को बढ़ाते हुए लाखों लाभार्थियों को दैनिक पोषण सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री दूध उपहार योजना के लिए भी 170 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है, जिससे राज्य में पोषण संबंधी प्रयासों को और गति मिलेगी। बैठक में वर्ष 2025-26 के दौरान हासिल उपलब्धियों की भी समीक्षा की गई। प्रदेशभर में लगभग 9.92 लाख लाभार्थियों की स्क्रीनिंग की गई, जबकि विकास निगरानी कवरेज 99 प्रतिशत से अधिक रहा। निरंतर और लक्षित प्रयासों के परिणामस्वरूप गंभीर कुपोषण के मामलों में गिरावट दर्ज की गई है। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने आज राज्य स्तरीय कन्वर्जेंस कमेटी की सातवीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में स्थायी सुधार के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय, डेटा आधारित निगरानी और अंतिम छोर तक सेवाओं की प्रभावी पहुंच पर जोर दिया। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन पहलों के क्रियान्वयन में स्थानीय पंचायतों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए तथा ग्राम सभा की बैठकों के दौरान जागरूकता अभियान चलाए जाएं। उन्होंने महिला पंचों और सरपंचों को परिवर्तन के प्रमुख वाहक के रूप में शामिल करने पर भी जोर दिया, ताकि समुदाय की भागीदारी बढ़े और व्यवहार में सकारात्मक बदलाव आए। मुख्य सचिव ने आयुष विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर पोषण वाटिकाओं के विकास तथा आंगनवाड़ी केंद्रों पर मासिक योग दिवस आयोजित करने के भी निर्देश दिए। वहीं, बागवानी विभाग को फलों और मौसमी सब्जियों की खेती को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए, ताकि पोषण सुधार के प्रयासों को मजबूती मिल सके। वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना में विकास निगरानी कवरेज को 99 प्रतिशत तक बढ़ाने, गंभीर कुपोषण को नगण्य स्तर तक लाने तथा पूरक पोषण सेवाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके तहत शिशुओं के लिए स्तनपान को बढ़ावा देने, पूरक आहार प्रथाओं में सुधार और तीव्र कुपोषण के लक्षित प्रबंधन पर बल दिया जाएगा। एनीमिया से निपटने के लिए बच्चों, किशोरियों और महिलाओं को आयरन एवं फाॅलिक एसिड की खुराक देने की व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाएगा। साथ ही, ओआरएस और जिंक के माध्यम से दस्त प्रबंधन, टीकाकरण, डिवार्मिंग तथा विटामिन-ए कवरेज का विस्तार कर समग्र बाल स्वास्थ्य सुनिश्चित किया जाएगा। जमीनी स्तर पर आईसीडीएस, स्वास्थ्य विभाग, स्वयं सहायता समूहों और पंचायती राज संस्थाओं के माध्यम से विभागीय समन्वय को मजबूत किया जाएगा। आयरन युक्त आहार, स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थों और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए सामुदायिक पहल का भी विस्तार किया जाएगा। साथ ही कम वजन वाले नवजात शिशुओं की विशेष देखभाल पर भी ध्यान दिया जाएगा। महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री शेखर विद्यार्थी ने बताया कि सेवा वितरण को बेहतर बनाने के लिए लगभग 15,900 आंगनवाड़ी केंद्रों का विद्युतीकरण किया गया है। सभी जिलों में फोर्टिफाइड तेल और डबल फोर्टिफाइड नमक की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है, जबकि ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाए गए हैं। वर्तमान में इस कार्यक्रम के तहत लगभग 9.46 लाख बच्चों तथा 2.56 लाख गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं को दैनिक पोषण सहायता प्रदान की जा रही है, जिसमें राज्य की विभिन्न योजनाओं के तहत विविध खाद्य पदार्थ भी शामिल हैं। इसके अलावा, पोषण ट्रैकर के माध्यम से डिजिटल निगरानी और फेस रिकग्निशन प्रणाली लागू कर पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ाया गया है। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की निदेशक डॉ. प्रियंका सोनी, मौलिक शिक्षा विभाग की निदेशक मनीता मलिक तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

भिवानी : प्रदेश में अवैध रूप से चलने वाली अकेडमी, सैंटर, प्ले स्कूल व अन्य शैक्षणिक संस्थाओं के खिलाफ प्राईवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा ने खोला मोर्चा, एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष बोले: 15 अप्रैल से प्राईवेट स्कूलों की चाबिया जिला उपायुक्त को सौंपने की शुरूआत की जाएगी भिवानी जिला से
प्रदर्शन में प्राईवेट स्कूलों का टीचिंग व नॉन टीचिंग स्टाफ के अलावा बच्चों के अभिभावकों को भी किया जाएगा शामिल रूराम अवतार शर्मा प्रदेशाध्यक्ष
अभिभावकों से की अपील : नियमों को पूरा ना करने वाले संस्थाओं में ना भेजे पढने के लिए बच्चें
एसोसिएशन प्रदेशाध्यक्ष बोले: इनके पास न तो बिल्डिंग के सेफ्टी मापदंड, फायर एनओसी, स्कूल में दो दरवाजे, चलने के लिए रैंप, पर्याप्त प्ले ग्राऊंड व वेल्टीनेशन की व्यवस्था, एफिलेशन की कापी है पहचान, तीन बजे से पहले नहीं हो सकती ऐसी संस्थाओं में पढ़ाई
भिवानी जिले में 29 अवैध अकेडमी व 100 के लगभग अवैध प्ले स्कूल चल रहे: एसोसिएशन प्रदेशाध्यक्ष
एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष का आरोप: विभिन्न प्रकार के दबाव के चलते प्रशासन ऐसी अवैध संस्थाओं पर नहीं कर रहा कार्रवाई
15 अप्रैल को भिवानी प्रदर्शन के बाद प्रदेश के सभी जिलों में क्रमवार तरीको से किए जाएंगे एसोसिएशन द्वार प्रदर्शन
प्राइवेट स्कूलों द्वारा प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबें लगाए जाने के आरोप पर कहा अब ऐसा नहीं होता, सीबीएसई की किताबें लगती है

हरियाणा में खुलेगा सैनिक व अर्धसैनिक कल्याण निगम : राव नरबीर सिंह’
चंडीगढ़, 10 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा के सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण मंत्री श्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से हरियाणा मंत्रिमंडल द्वारा हरियाणा अग्निवीर नीति-2024 को मंजूरी प्रदान की जा चुकी है, जिसे अगस्त 2026 से प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा। इस नीति के माध्यम से अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में होरिजॉनटल आरक्षण को 10 प्रतिशत से बढ़ा कर 20 प्रतिशत किया है। इसके अलावा, पूर्व अग्निवीरों को अन्य क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे और हरियाणा पूर्व अग्निवीरों को रोजगार की गारंटी देने वाला हरियाणा पहला राज्य होगा। उन्होंने जानकारी दी कि वर्ष 2022-23 में जल, थल एवं वायु सेना के लिए राष्ट्रीय स्तर पर 26,649 अग्निवीरों की भर्ती का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसमें से वर्ष 2022-23 में हरियाणा से 1,830 तथा 2023-24 में 2215 अग्निवीरों की भर्ती हुई थी। केंद्र सरकार की रक्षा सुधारों ने की गई विशेष पहल के तह वर्ष 2022 में अग्निपथ योजना लागू की थी जिसके तहत भर्ती अग्निवीरों में से 25 प्रतिशत अग्निवीरों को सेना द्वारा अपनी आवश्यकता के अनुसार नियमित सेवाओं में शामिल किया जाएगा। इस योजना के तहत चार वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण करने के बाद जुलाई 2026 में पहला बैच वापिस लौटेगा और इसमें हरियाणा के 75 प्रतिशत, अर्थात 1,373 अग्निवीर, लौटेंगे, जिन्हें हरियाणा सरकार अपने हरियाणा अग्निवीर नीतिदृ2024 के अंतर्गत समायोजित करेगी। उन्होंने बताया कि अग्निपथ योजना के तहत चार वर्षों की सेवा अवधि में अग्निवीरों द्वारा फंड में दिए गए 30 प्रतिशत अंशदान तथा भारत सरकार के कॉर्पस फंड के योगदान को मिलाकर अग्निवीरों को लगभग ₹11.71 लाख का सेवा निधि पैकेज प्राप्त होगा। इसके अतिरिक्त, हरियाणा सरकार द्वारा अपनी नीति के तहत हरियाणा पुलिस में कांस्टेबल, जेल वार्डन, फॉरेस्ट गार्ड सहित अन्य पदों पर विशेष आरक्षण दिया जाएगा। राव नरबीर सिंह ने कहा कि जो अग्निवीर स्वरोजगार या उद्यमिता के क्षेत्र में कदम बढ़ाना चाहते हैं, उनके लिए सरकार द्वारा तीन वर्षों तक ₹5 लाख तक का ब्याज-मुक्त ऋण भी उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अपने बजट अभिभाषण में 2026-27 में हरियाणा सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण निगम खोलने की घोषणा की है जिसकी प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने आगे बताया कि हरियाणा सरकार ने वर्ष 2016 में भूतपूर्व सैनिकों, अर्धसैनिक बलों एवं उनके आश्रितों के कल्याण के लिए अलग से सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण विभाग का गठन किया। अक्तूबर 2014 से अब तक 420 शहीदों के आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी प्रदान की जा चुकी है, जो सरकार की सैनिक-हितैषी नीति को दर्शाता है।

जमीनी स्तर पर मजबूत हुई अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली
53 यूएलबी में वैज्ञानिक ढंग से अपशिष्ट प्रसंस्करण शुरू

चंडीगढ़, 10 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा निरंतर वैज्ञानिक और सतत अपशिष्ट प्रबंधन की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रदेश के 53 शहरी स्थानीय निकायों में कम्पोस्टिंग के माध्यम से वैज्ञानिक ढंग से अपशिष्ट प्रसंस्करण शुरू हो चुका है और इससे तैयार उत्पाद का उपयोग कृषि एवं बागवानी कार्यों में प्रभावी रूप से किया जा रहा है। सोनीपत में एक वेस्ट-टू-एनर्जी संयंत्र संचालित हो रहा है, जबकि अन्य क्षेत्रों में प्रसंस्करण सुविधाओं के विस्तार का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने आज राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के निर्देशों के अनुपालन को लेकर राज्य में प्रगति की समीक्षा की। उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव ने ट्रिब्यूनल द्वारा पहले की गई टिप्पणियों की भी समीक्षा की और विभागों को डेटा की सटीकता बढ़ाने, रिपोर्टिंग प्रणाली को मजबूत करने तथा ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित, चल रही परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार सुव्यवस्थित और परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण के माध्यम से पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक में पुराने कचरे (लीगेसी वेस्ट) के निस्तारण कार्य में भी तेजी आई है और अधिकतर चिन्हित स्थलों पर कार्य पूरा हो चुका है। शेष कचरे के वैज्ञानिक निपटान के लिए निर्धारित समय-सीमा तय की गई है, जो दीर्घकालिक पर्यावरणीय स्थिरता की दिशा में एक बड़ा कदम है। राज्य ने लगभग 98 प्रतिशत वार्डों में घर-घर कचरा संग्रहण सुनिश्चित कर लिया है, जबकि स्रोत स्तर पर कचरे को अलग-अलग करने के कार्य में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। प्रदेश में अब अपशिष्ट प्रसंस्करण क्षमता में शेष अंतर को दूर करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है और वर्ष 2026 के अंत तक पूर्ण कवरेज हासिल करने का लक्ष्य है। बेहतर समन्वय और निगरानी सुनिश्चित करने के लिए उपायुक्तों की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया गया है, जिसमें एकीकृत कार्रवाई के लिए विभिन्न विभागों को शामिल किया गया है। साथ ही, निगरानी और जवाबदेही बढ़ाने के लिए शहरी स्थानीय निकाय स्तर पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री अशोक कुमार मीणा ने बताया कि निरंतर प्रयासों, मजबूत संस्थागत व्यवस्था और तकनीक-आधारित निगरानी के माध्यम से, हरियाणा पर्यावरण प्रबंधन के क्षेत्र में एक मॉडल राज्य के रूप में तेजी से उभर रहा है। बैठक में पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव श्री योगेश कुमार, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के संयुक्त निदेशक (प्रशासन) श्री कंवर सिंह तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

अम्बाला छावनी इंडस्ट्रियल एरिया का देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान है: अनिल विज
चंडीगढ़, 10 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि अम्बाला छावनी इंडस्ट्रियल एरिया का देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान है। यहां पर साइंस से जुड़े एवं अन्य जो उपकरण तैयार किए जाते हैं उनका रक्षा, इंजीनियरिंग कालेज व मेडिकल कालेजों, स्कूलों, एयरफोर्स में व अन्य क्षेत्रों में प्रयोग किया जाता है। इस दृष्टि से इंडस्ट्रियल एरिया का देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान है। श्री विज आज इंडस्ट्रियल एरिया अम्बाला छावनी की 10 करोड़ 76 लाख रूपए की लागत से आरसीसी रिटेनिंग वाल चार दीवारी के शिलान्यास के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। ऊर्जा मंत्री ने इस मौके पर इंडस्ट्रियल एरिया के लोगों को चार दिवारी के कार्य की शुरूआत होने पर बधाई देते हुए कहा कि अम्बाला छावनी इंडस्ट्रियल एरिया 1970 के आसपास बना था और उनके दोस्त नेत्रपाल ने सबसे पहले यहां इंडस्ट्री लगाई थी। उन्होंने कहा तब से बरसातें आती रही और इंडस्ट्रियल एरिया डूबता रहा और नुक्सान होते रहे, मगर ठोस काम कभी नहीं हुआ। मगर हम इंडस्ट्रियल एरिया वासियों की मांग पर 10.76 करोड़ रुपए की लागत से कंकरीट की चारदीवारी बनाकर दे रहे हैं जोकि आठ फुट ऊंची व 14 फुट जमीन से नीचे होगी ताकि पानी का दबाव दीवार को गिरा न सके। उन्होंने कहा इंडस्ट्री बरसातों में सुरक्षित रहे यह जरूरी है। अम्बाला छावनी की इंडस्ट्री काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां से डिफेंस, एरोनॉटिक्स, इंजीनियरिंग, मेडिकल कालेजों व अन्य प्रमुख संस्थानों को इंस्ट्रूमेंट सप्लाई किए जाते है। ऐसे में इंडस्ट्री रूकती है तो विकास रूकता है। श्री अनिल विज ने कहा कि दीवार बनाने का काम करने के साथ-साथ हम टांगरी नदी तल को भी गहरा कर रहे हैं। गांव रामगढ़ माजरा से गांव दुराना तक अलग-अलग चरणों में नदी तल को गहरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कुछ लोग इस कार्य में व्यावधान डाल रहे हैं जबकि यह जमीन नगर परिषद है और नगर परिषद ने खुदाई के लिए एनओसी दी है। उन्होंने कहा टांगरी बरसाती नदी है और बरसातों में ज्यादा पानी आने से छावनी डूबती थी, मगर अब बचाव के लिए उन्होंने टांगरी के दूसरी ओर शहर की तरफ 8 किलोमीटर लंबा रामगढ़ माजरा से अम्बाला-सहारनपुर रेल लाइन तक बांध बनाकर पक्की सड़क बना दी जिसके कारण आज शहर बच रहा है। उन्होंने कहा पिछले वर्ष टांगरी नदी में रिकार्ड स्तर पर पानी आया था मगर इसी बांध की वजह से शहर में एक बूंद पानी नहीं आया था। इसीलिए अब नदी के इंडस्ट्री एरिया की तरफ भी नदी किनारे बांध बनाकर टांगरी नदी के दोनों किनारे बसे क्षेत्रों को सुरक्षित किया जा रहा है।

मानेसर आईएमटी में हड़ताल के दौरान कंपनी में तोड़फोड़ तथा सरकारी संपत्ति को नुकसान करने पर अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध अभियोग अंकित
स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण व नियंत्रण में
श्रमिकों से शरारती तत्वों के बहकावे में न आने की अपील

चंडीगढ़, 10 अप्रैल, अभीतक: गुरुग्राम जिला के आईएमटी मानेसर में कुछ लोगों द्वारा हड़ताल के दौरान निजी कंपनी में तोड़फोड़ की गई । पुलिस द्वारा समझाने पर भी वे नहीं माने और आरोपियों ने पुलिस बल पर पथराव किया। इसके अलावा कुछ निजी व सरकारी वाहनों को नुकसान भी पहुंचाया गया। इसके बाद पुलिस बल द्वारा कानून व्यवस्था को नियंत्रण में रखने के लिए भीड़ पर हल्का बल प्रयोग किया गया। तोड़फोड़ करने, सरकारी व निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने तथा पुलिस पर पथराव करने पर थाना आईएमटी मानेसर, गुरुग्राम में अज्ञात लोगों के विरुद्ध अभियोग अंकित किया गया है। एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि गुरुग्राम पुलिस द्वारा कानून व्यवस्था को नियंत्रण में रखने के लिए समुचित संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है तथा स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण तथा नियंत्रण में है। पुलिस ने श्रमिकों से अपील है कि किसी भी शरारती तत्व के बहकावे में ना आएं तथा सभी श्रमिक नियमित रूप से अपनी अपनी कंपनियों में काम करें।

अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने की सरकार ने जारी की अधिसूचना, प्राथमिकता के साथ लागू करें औद्योगिक संस्थान: उपायुक्त अजय कुमार
हरियाणा सरकार ने संवेदी भाव से श्रमिकों के हित में लिया महत्वपूर्ण निर्णय, अधिसूचना हुई जारी
उपायुक्त ने कहा, औद्योगिक प्रगति की असली ताकत श्रमिक, उचित पारिश्रमिक देना साझा जिम्मेदारी

चंडीगढ़, 10 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा सरकार ने श्रमिकों को दिए जाने वाले न्यूनतम वेतन (मिनिमम वेजेज) की दरों में वृद्धि की अधिसूचना जारी कर दी है, यह वेतन वृद्धि 1 अप्रैल, 2026 से लागू होगी। गुरुग्राम जिले के उपायुक्त श्री अजय कुमार ने यह जानकारी देते हुए जिले के सभी औद्योगिक संस्थानों एवं औद्योगिक संगठनों से आह्वान किया है कि वे सरकार द्वारा अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि के निर्णय को प्राथमिकता के साथ लागू करने में सहयोग करें।
न्यूनतम वेतन दरों में लगभग 35 प्रतिशत तक हुई वृद्धि
उपायुक्त ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा संवेदी भाव से श्रमिकों के हित में लिए गए इस महत्वपूर्ण निर्णय के तहत अब अकुशल (अनस्किल्ड) श्रमिक का वेतन 11274.60 रुपये से बढ़कर 15220 रुपये होगा, जिसके तहत लगभग 3945.40 रुपये की बढ़ोतरी होगी और यह बढ़ोतरी लगभग 35 प्रतिशत होगी। इसी प्रकार, अर्द्ध-कुशल (सेमी-स्किल्ड) श्रमिकों का वेतन 12430.18 रुपये से बढ़कर 16780.74 रुपये होगा, जिसके अंतर्गत इस श्रेणी के श्रमिकों का 4350.56 रुपये वेतन बढ़ेगा और यह बढ़ोतरी लगभग 35 प्रतिशत होगी। उन्होंने बताया कि कुशल (स्किल्ड) श्रमिकों का वेतन 13704.31 रुपये से बढ़कर 18500.81 रुपये होगा, जिसके तहत इस श्रेणी के श्रमिकों का वेतन 4796.50 रुपये बढ़ेगा और यह बढ़ोतरी लगभग 35 प्रतिशत होगी। इस तरह, उच्च कुशल (हाई-स्किल्ड) श्रमिकों का वेतन 14389.52 रुपये से बढ़कर 19425.85 रुपये होगा, जिसके तहत इस श्रेणी के श्रमिकों का 5036.33 रुपये वेतन बढ़ेगा और यह बढ़ोतरी भी लगभग 35 प्रतिशत होगी। उपायुक्त ने कहा कि औद्योगिक विकास किसी भी क्षेत्र की आर्थिक प्रगति का प्रमुख आधार होता है, लेकिन इस विकास की वास्तविक शक्ति वहां कार्यरत श्रमिक होते हैं। ऐसे में श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करना और उन्हें उचित पारिश्रमिक उपलब्ध कराना सरकार एवं उद्योग जगत की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि न्यूनतम मजदूरी में यह वृद्धि श्रमिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने, उनकी आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा सामाजिक संतुलन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने सभी औद्योगिक इकाइयों एवं एसोसिएशनों से अपील की कि वे इस जनहितकारी पहल को सकारात्मक रूप से अपनाएं और अपने-अपने संस्थानों में इसे प्रभावी रूप से लागू करें। उन्होंने कहा कि इससे न केवल श्रमिकों का मनोबल बढ़ेगा बल्कि उद्योगों की उत्पादकता और कार्यक्षमता में भी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि सभी श्रमिक सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए अपने-अपने औद्योगिक संस्थानों में कार्य पर वापस लौटें और उत्पादन गतिविधियों को सुचारु रूप से आगे बढ़ाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध हैं। उपायुक्त ने कहा कि श्रमिक और उद्योग, दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं, इसलिए आपसी समन्वय और सहयोग से ही विकास की गति को और तेज किया जा सकता है। श्री अजय कुमार ने बताया कि न्यूनतम मजदूरी वृद्धि को जिले में प्रभावी ढंग से लागू करवाने के लिए श्रम विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं, ताकि श्रमिकों को इस निर्णय का पूर्ण लाभ मिल सके और जिले में श्रम कानूनों का पालन सख्ती से सुनिश्चित हो।

हरियाणा में तेज होगी फाइल निपटान प्रक्रिया
मुख्य सचिव ने दिए लंबित फाइलों को 15 दिन में निपटाने के निर्देश

चंडीगढ़, 10 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा सरकार ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सभी विभागों, बोर्डों, निगमों तथा स्वायत्त संस्थाओं को सीएफएमएस एवं टीआईएस पोर्टल पर लंबित फाइलों की समीक्षा कर उन्हें 15 दिनों के भीतर निपटाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, वर्ष 2025 और 2026 से संबंधित बड़ी संख्या में फाइलें पोर्टल पर ‘पेंडिंग’ श्रेणी में दर्ज हैं। इनमें से कई फाइलें भौतिक रूप से निपटाई जा चुकी हैं, लेकिन उनकी स्थिति पोर्टल पर अपडेट नहीं की गई है, जिसके कारण लंबित मामलों की संख्या वास्तविकता से अधिक दिखाई दे रही है। सरकार ने सभी विभागों को ऐसी फाइलों की स्थिति तुरंत अपडेट करने के निर्देश दिए हैं, ताकि सही आंकड़ों के आधार पर निगरानी और मूल्यांकन किया जा सके। इस संबंध में सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, बोर्डों और निगमों के प्रबंध निदेशकों, मंडलायुक्तों तथा उपायुक्तों को 15 दिनों के भीतर यह कार्य पूरा करने को कहा गया है। निर्धारित समयावधि के बाद पोर्टल पर दर्शाए गए लंबित मामलों के आंकड़ों को अंतिम और प्रमाणिक माना जाएगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में सभी फाइलों की स्थिति नियमित रूप से पोर्टल पर अपडेट की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की विसंगति न रहे और फाइलों की वास्तविक स्थिति का सटीक आकलन किया जा सके।

गेंहू की खरीद के दौरान किसानों को न आए किसी भी प्रकार की परेशानी – श्री कृष्ण लाल पंवार
विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने किया गोहाना मंडी का औचक निरीक्षण, व्यवस्थाओं का लिया जायजा, अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

चंडीगढ़, 10 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और गेहूं की खरीद के दौरान किसी भी किसान को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार मंडियों में आने वाले किसानों के एक-एक दाने की खरीद सुनिश्चित करेगी। विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार वीरवार को जिला सोनीपत के गोहाना मंडी का औचक निरीक्षण करने उपरांत बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने मंडी में किसानों के लिए उपलब्ध सुविधाओं और व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गेंहू की गुणवत्ता, नमी की जांच, बायोमेट्रिक पंजीकरण प्रणाली तथा अन्य व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि गेंहू की खरीद प्रक्रिया पारदर्शी और सुचारू रूप से संचालित होनी चाहिए, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने विशेष रूप से गेंहू के उठान, भंडारण तथा बारदाने (बोरी) की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि किसानों के साथ किसी प्रकार की धोखाधड़ी रोकने के लिए बायोमेट्रिक प्रणाली लागू की गई है। यह प्रणाली किसानों के हितों की रक्षा करने और उन्हें सुरक्षित व पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई है, जिसके माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि फसल की बिक्री में किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रथम दायित्व किसानों के हितों की रक्षा करना है और इसके लिए सभी संबंधित विभागों एवं खरीद एजेंसियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए।

आमजन तक सरकारी सेवाओं की समयबद्ध उपलब्धता में हरियाणा की गिनती देश के अव्वल राज्यों में: राज्यपाल
लोक भवन हरियाणा में राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग की 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट का विमोचन किया
निर्धारित समय अवधि में आमजन को शत-प्रतिशत सेवाएं उपलब्ध करवाने वाले अधिकारियों को किया सम्मानित
हरियाणा में लागू ऑटो अपील सिस्टम’ की सराहना की

चंडीगढ़, 10 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि निर्धारित समय अवधि में आमजन तक सरकारी सेवाएं उपलब्ध करवाने में हरियाणा देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है, जो कि हम सबके लिए गर्व की बात है। राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने यह बात आज लोक भवन हरियाणा में हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग की 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट के विमोचन अवसर पर कही। उन्होंने सरकार द्वारा लागू ‘ऑटो अपील सिस्टम’ की भी सराहना की, जिसके कारण निर्धारित समय अवधि गुजरते ही आवेदन स्वचालित रूप से अपील में बदल जाता है और समाधान के लिए उच्च अधिकारियों की जानकारी में पहुंच जाता है। प्रो. असीम कुमार घोष ने आयोग, राज्य सरकार तथा इस प्रयास से जुड़े सभी अधिकारियों को सार्वजनिक सेवा वितरण को सुदृढ़ करने के प्रति उनकी निरंतर प्रतिबद्धता के लिए बधाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने लगातार इस बात पर जोर दिया है कि शासन केवल प्रक्रियाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे वास्तविक परिणामों पर आधारित होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि केवल फाइल का आगे बढ़ना कार्य की पूर्णता नहीं माना जा सकता, जब तक कि शिकायत का समाधान तार्किक निष्कर्ष तक न पहुंचे। राज्यपाल ने यह भी रेखांकित किया कि शिकायत निवारण लोकतंत्र का एक प्रमुख स्तंभ है, जहां प्रत्येक नागरिक को समयबद्ध और सार्थक उत्तर मिलना चाहिए, और जहां प्रौद्योगिकी एवं सुशासन मिलकर सार्वजनिक सेवा के सशक्त माध्यम बनते हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी जानते हैं कि प्रभावी शासन पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध सेवा वितरण पर आधारित होता है। हरियाणा राइट टू सर्विस ढांचा इन सिद्धांतों को सुव्यवस्थित रूप में एक साथ लाता है। निर्धारित समय सीमा, प्रत्येक स्तर पर जिम्मेदारी तय करना तथा विलंब की स्थिति में स्वतः अपील की व्यवस्थाकृये सभी सेवा वितरण को सुनियोजित और अधिकार-आधारित प्रक्रिया बनाते हैं। प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि हरियाणा ने एक सशक्त और उत्तरदायी प्रणाली विकसित की है, जिसे अन्य राज्यों के लिए एक आदर्श के रूप में देखा जा रहा है। विशेष रूप से ऑटो अपील सिस्टम के माध्यम से प्रौद्योगिकी का उपयोग प्रशासनिक निगरानी को मजबूत बनाता है और सेवा वितरण को अधिक सुसंगत एवं मापनीय बनाता है। इसके लिए उन्होंने राज्य सरकार और प्रशासनिक प्रयासों की सराहना की।
राजेश खुल्लर ने नागरिक सेवा को बताया सुशासन का मूल
मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर ने कहा कि किसी भी प्रशासनिक व्यवस्था की सफलता का वास्तविक मापदंड यह है कि आम नागरिक को उसकी सेवा निर्धारित समय सीमा में, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि नागरिक सेवा ही सुशासन का मूल दर्शन है, जिसे आयोग ने हरियाणा में और अधिक सशक्त बनाया है। आयोग की सतत निगरानी, जवाबदेही की व्यवस्था और समयबद्ध सेवा वितरण के कारण विभागों की कार्यसंस्कृति में सकारात्मक परिवर्तन आया है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रकरणों को केवल आगे बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाकर नागरिक को वास्तविक राहत देना ही लोकसेवा का उद्देश्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत की सभ्यता और संस्कृति हमें “सेवा ही परम धर्म” का संदेश देती है और यही भावना आयोग के कार्यों में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। आयोग ने तकनीक, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को साथ जोड़कर नागरिक सेवाओं को अधिक सरल, प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाया है। इससे न केवल नागरिकों का शासन पर विश्वास बढ़ा है, बल्कि विभागों में सेवा प्रदान करने की गुणवत्ता और दक्षता भी मजबूत हुई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आयोग की यह कार्यशैली भविष्य में सुशासन के और भी उच्च मानक स्थापित करेगी तथा प्रत्येक नागरिक को समयबद्ध सेवा का उसका अधिकार सुनिश्चित करेगी।
आयोग बना आम नागरिक के भरोसे का सशक्त माध्यम: अनुराग रस्तोगी
इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने बताया कि आज से लगभग 10दृ15 वर्ष पहले यदि किसी नागरिक ने सरकारी सेवा के लिए आवेदन किया होता, तो उसे यह भी पता नहीं चल पाता था कि उसकी फाइल किस स्तर पर लंबित है और उसे सेवा कब मिलेगी। कई बार तो आवेदन की स्थिति जानना भी मुश्किल होता था। लेकिन हरियाणा में राइट टू सर्विस (त्ज्ै) व्यवस्था लागू होने के बाद यह तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। आज नागरिकों को न केवल तय समय सीमा में सेवाएं मिल रही हैं, बल्कि एक सरल पोर्टल और पारदर्शी प्रणाली के माध्यम से वे अपने आवेदन की हर चरण की स्थिति भी आसानी से जान सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन स्वतः नहीं आया, बल्कि इसके पीछे वर्षों की संस्थागत मेहनत, जवाबदेही और मजबूत प्रशासनिक इच्छाशक्ति है। हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन ने इस दिशा में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। लाखों शिकायतों और आवेदनों के निस्तारण के आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि यह आयोग आम नागरिक के भरोसे का सशक्त माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि टी.सी. गुप्ता के नेतृत्व में आयोग ने जो कार्य किया है, वह वास्तव में सुशासन और प्रशासनिक सुधार का एक प्रभावशाली मॉडल बनकर सामने आया है।
टी.सी. गुप्ता ने गिनाईं 12 वर्षों की उपलब्धियां
इस अवसर पर हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग के मुख्य आयुक्त टी.सी. गुप्ता ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में आयोग ने नागरिक सेवाओं की समयबद्ध डिलीवरी के क्षेत्र में एक मजबूत और विश्वसनीय व्यवस्था स्थापित की है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में आयोग की स्थापना के समय अपील प्रक्रिया पूरी तरह मैनुअल थी, जिससे आम नागरिकों को अनावश्यक जटिलताओं का सामना करना पड़ता था। इसी चुनौती को दूर करने के लिए आयोग ने ऑटो अपील सिस्टम (।।ै) जैसी अभिनव व्यवस्था विकसित की, जो आज सुशासन का एक प्रभावी मॉडल बन चुकी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश के 56 विभागों एवं संगठनों की 802 अधिसूचित सेवाएं इस व्यवस्था से जुड़ी हुई हैं। अब तक 27,43,481 अपीलों एवं रिवीजनों का पंजीकरण किया जा चुका है, जिनमें से 26,98,634 मामलों का निपटारा किया जा चुका है। लगभग 98.4 प्रतिशत निपटान दर आयोग की प्रभावी कार्यप्रणाली, तकनीक आधारित प्रशासन और नागरिक हित के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत अधिसूचित सभी व्यवस्थाओं को मुख्य रूप से तीन श्रेणियों सेवाएं, लाभ और शिकायत निवारण में प्रभावी रूप से लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि आय, जाति, निवासी, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, बिजली, जलापूर्ति, सीवरेज, प्रॉपर्टी आईडी, चरित्र प्रमाण पत्र तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी सेवाओं में यह व्यवस्था लाखों नागरिकों के लिए राहत और सुविधा का माध्यम बनी है। वार्षिक रिपोर्ट के विमोचन अवसर पर उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आयोग भविष्य में भी तकनीक आधारित पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध सेवा वितरण के माध्यम से नागरिकों के विश्वास को और मजबूत करेगा। समारोह के दौरान समयबद्ध सेवा वितरण, शिकायतों के त्वरित निस्तारण तथा ऑटो अपील सिस्टम के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्कृष्ट योगदान देने वाले अधिकारियों एवं तकनीकी विशेषज्ञों को भी सम्मानित किया गया। इनमें हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक श्री चंद्रशेखर खरे, फरीदाबाद नगर निगम के आयुक्त श्री धीरेंद्र खड़गटा, डीएचबीवीएन, हिसार के कार्यकारी अभियंता श्री होशियार सिंह, पीएचईडी, नारायणगढ़ के कार्यकारी अभियंता श्री अनिल कुमार चैहान, एनआईसी की सिस्टम एनालिस्ट सुश्री अंशु सेठी, तथा एनआईसी के सॉफ्टवेयर डेवलपर श्री प्रशांत कुमार शामिल हैं। इस अवसर पर लेडी गवर्नर श्रीमती मित्रा घोष,डॉ. सुमिता मिश्रा, श्री विनीत गर्ग, श्रीमती जी. अनुपमा, श्री ए.के. सिंह, श्री अरुण कुमार गुप्ता, श्री अनुराग अग्रवाल, श्री विजयेन्द्र कुमार तथा श्री अमनीत पी. कुमार सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

हरियाणा राज्य के रेशनलाइजेशन कमीशन ने मुख्य सचिव की 27वीं रिपोर्ट प्रस्तुत की
चंडीगढ़, 10 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा राज्य के रेशनलाइजेशन कमीशन ने अपनी मुख्य सचिव की 27वीं रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है। यह रिपोर्ट हरियाणा स्टॉफ सिलेक्शन कमीशन (एचएसएससी) के पुनर्गठन एवं युक्तिकरण से संबंधित है। एक सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, एचएसएससी राज्य की एक अत्यंत महत्वपूर्ण संस्था है, जिसे ग्रुप-सी एवं ग्रुप-डी के पदों पर भर्ती के लिए सिफारिश करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राज्य सरकार के लगभग 85-90 प्रतिशत पद इन्हीं श्रेणियों में आते हैं। उन्होंने बताया कि कमीशन ने एचएसएससी के अध्यक्ष, सचिव तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई बैठकें कर उनके समक्ष आ रही समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। एचएसएससी को करीब 400 विभिन्न प्रकार के पदों के लिए भर्ती संबंधी सिफारिशें करनी होती हैं, जिसके कारण इसकी कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और सुव्यवस्थित बनाना आवश्यक है। रिपोर्ट में कमीशन ने सुझाव दिया है कि एचएसएससी के लिए एक मजबूत और सुव्यवस्थित संगठनात्मक ढांचा तैयार किया जाए, जिसमें विभिन्न विशेषज्ञ शाखाएं स्थापित की जाएं। इनमें गोपनीय शाखा, भर्ती शाखा, स्क्रूटिनी शाखा, परीक्षा शाखा, प्रशिक्षण एवं विधिक शाखा आदि शामिल हों, ताकि भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और कुशल बन सके। प्रवक्ता ने आगे बताया कि कमीशन अब तक विभिन्न सरकारी विभागों के युक्तिकरण से संबंधित 26 रिपोर्टें (जिनमें तीन सामान्य रिपोर्टें शामिल हैं) प्रस्तुत कर चुका है। इनमें लोक निर्माण विभाग (बी एंड आर), जनस्वास्थ्य, सिंचाई, परिवहन, खान एवं भूविज्ञान, कृषि, उच्च शिक्षा, कोषागार एवं लेखा, खाद्य एवं आपूर्ति आदि विभाग शामिल हैं। इन रिपोर्टों का संबंधित विभागों में विभिन्न स्तरों पर क्रियान्वयन चल रहा है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि कमीशन वर्तमान में 22 अन्य विभागों के युक्तिकरण कार्य के अंतिम चरण में है। इनमें से पांच विभागों का कार्य लगभग पूरा हो चुका है और उनकी रिपोर्टें तैयार की जा रही हैं, जिन्हें आगामी एक माह के भीतर राज्य सरकार को सौंप दिया जाएगा।

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