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जनगणना-2027: मकान सूचीकरण सर्वे कार्य को समय रहते पूरा करें अधिकारी कर्मचारी – डीसी
जिलाभर में चल रहा मकान सूचीकरण कार्य,किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
डीसी एवं प्रधान जनगणना अधिकारी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने नागरिकों से जनगणना कार्य में सहयोग का किया आह्वान
झज्जर, 18 मई, अभीतक: डीसी एवं प्रधान जनगणना अधिकारी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने कहा कि जनगणना देश की महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रियाओं में से एक है और इससे प्राप्त आंकड़ों से भविष्य के लिए विकास की योजनाएं बनती हैं,जनगणना कार्य में लगे सभी प्रगणक, सर्कल सुपरवाइजर इस कार्य को लग्न के साथ ध्यानपूर्वक पूरा करें। यह कार्य हर हाल में 30 मई तक पूरा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिला में जनगणना का कार्य पूरी जिम्मेदारी और सुव्यवस्थित ढंग से लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है। सभी चार्ज अधिकारियों द्वारा नियमित रूप से फील्ड में पहुंचकर मकान सूचीकरण कार्य का निरीक्षण किया जा रहा है ताकि जनगणना का कार्य तय समय सीमा के भीतर प्रभावी तरीके से पूरा किया जा सके। डीसी ने प्रगणकों को निर्देश दिए कि जहां कार्य पूरा हो चुका है वो अपनी रिपोर्ट तुरंत सबमिट करते हुए संबंधित सुपरवाइजर को अवगत कराएं। उन्होंने बताया कि जिन प्रगणकों ने कार्य पूरा कर लिया है उन्हें जनगणना से संबंधित कोई अन्य कार्य नहीं दिया जाएगा। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। प्रधान जनगणना अधिकारी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने जिला के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे जनगणना कार्य में प्रशासन का सहयोग करें और प्रगणकों को सही जानकारी उपलब्ध करवाएं। उन्होंने बताया कि जनगणना कार्य के लिए नियुक्त प्रगणक एवं सुपरवाइजर आपके घरों पर जानकारी एकत्र करने के लिए आएंगे। जिला के सभी नागरिक उन्हें सही, पूर्ण एवं आवश्यक जानकारी प्रदान कर जनगणना कार्य में पूर्ण सहयोग दें। यदि आपने स्व-गणना की है, तो प्रगणक को एसई आईडी प्रदान करें। उन्होंने आश्वस्त करते हुए कहा कि जनगणना के दौरान प्राप्त समस्त जानकारी गोपनीय रखी जाएगी। किसी भी व्यक्ति द्वारा दी गई व्यक्तिगत जानकारी को किसी अन्य व्यक्ति अथवा संस्था के साथ साझा नहीं किया जाएगा तथा इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय एवं नीतिगत उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।

समाधान शिविर में प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता से करें निपटारा : डीसी
जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिला प्रशासन निरंतर कर रहा समाधान शिविरों का आयोजन
झज्जर, 18 मई, अभीतक: जिला मुख्यालय स्थित लघु सचिवालय सभागार में सोमवार को डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल के दिशा-निर्देशानुसार समाधान शिविर का आयोजन हुआ। समाधान शिविर में आधा दर्जन से ज्यादा शिकायतें पंजीकृत की गई। समाधान शिविर की अध्यक्षता करते हुए एडीसी जगनिवास ने आमजन की समस्याएं सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। इस दौरान डीसीपी धारणा यादव भी मौजूद रही। उन्होंने कहा कि समाधान शिविर सरकार की जनहितकारी पहल है, जिसका उद्देश्य आमजन की समस्याओं का एक ही स्थान पर त्वरित एवं पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, संवेदनशील एवं संतोषजनक निपटारा किया जाए, ताकि नागरिकों का प्रशासन पर विश्वास और मजबूत हो। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा प्रत्येक सोमवार और वीरवार को प्रातरू 10 बजे से 12 बजे तक जिला मुख्यालय सहित बहादुरगढ़, बेरी और बादली उपमंडल मुख्यालयों पर नियमित रूप से समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से लोगों की समस्याओं का समाधान उनके नजदीकी स्तर पर ही सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे आमजन को विभिन्न कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे। एडीसी जगनिवास ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण के दौरान संबंधित शिकायतकर्ता से लगातार संवाद बनाए रखें तथा समाधान की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सोमवार को जिला मुख्यालय के अलावा बहादुरगढ़ में एसडीएम अभिनव सिवाच, बादली में एसडीएम विशाल कुमार तथा बेरी में एसडीएम रेणुका नांदल ने भी आमजन की समस्याएं सुनकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर डीआरओ मनबीर सिंह, डीडीपीओ निशा तंवर, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी सुमित कुमार, एसीपी अनिल कुमार, सीएम विंडो एमीनेंट पर्सन गौरव सैनी व चुन्नी लाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।




गर्मी और लू से बचाव के लिए जरूरी सावधानी बरतें नागरिक: डीसी
डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने नागरिकों से की हीट वेव को लेकर सतर्कता बरतने की अपील
झज्जर, 18 मई, अभीतक: डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने दिन प्रतिदिन गर्मी के बढ़ते प्रभाव के चलते झज्जर जिलावासियों से सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अत्यधिक गर्मी के दौरान विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों, किसानों और बीमार व्यक्तियों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बचाव ही सबसे बेहतर उपाय है। उन्होंने कहा कि हीट वेव एडवाइजरी के अनुसार दोपहर 12 बजे से शाम 3 बजे तक की तेज धूप से बचें, हल्के रंग के ढीले और सूती कपड़े पहने, बाहर निकलते समय सिर को कपड़े, टोपी या छतरी से ढकें, नियमित रूप से पानी का ज्यादा से ज्यादा सेवन करें, भले ही प्यास न लगी हो, लस्सी, छाछ, नींबू पानी, ओआरएस जैसे पेय पदार्थों का सेवन करें। इसके अलावा नागरिक काम करते समय बीच-बीच में आराम करें और छायादार स्थान पर ठहरें, घर का बना ताजा भोजन करें और जंक फूड से परहेज करें।
बुजुर्गों और बीमार लोगों का रखें विशेष ध्यान
डीसी ने कहा कि गर्मी में अकेले रहने वाले वृद्धों की दिन में दो बार जांच अवश्य करें। उन्हें ठंडक देने के प्रयास करेंकृजैसे ठंडे पानी से स्नान, गीले तौलिए का प्रयोग और उनके पास हमेशा पानी की बोतल सुनिश्चित करना। यदि किसी व्यक्ति को चक्कर, उल्टी, घबराहट, तेज सिरदर्द या सांस लेने में तकलीफ हो तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। डीसी ने कहा कि हीट वेव से निपटने के लिए जागरूकता जरूरी है।

उपमंडल स्तरीय समाधान शिविर में एसडीएम रेणुका नांदल ने सुनी समस्याएं
समाधान शिविर का आयोजन सरकार की महत्वपूर्ण पहलः एसडीएम
बेरी, 18 मई, अभीतक: मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के दिशा-निर्देशन में उपमंडल प्रशासन द्वारा सोमवार को आयोजित समाधान शिविर में एसडीएम रेणुका नांदल ने नागरिकों की शिकायतें सुनीं। उन्होंने नागरिकों की शिकायत सुनते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। एसडीएम ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का समाधान तय समय-सीमा में किया जाए और कार्यवाही की रिपोर्ट तुरंत प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि समाधान शिविर सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य है कि नागरिकों की समस्याओं का निवारण उनके घर द्वार के समीप ही त्वरित गति से हो। एसडीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रत्येक शिकायत का समाधान शिकायतकर्ता की संतुष्टि के साथ किया जाना चाहिए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस अवसर एसडीओ जनस्वास्थ्य विभाग राजीव कुमार, एसडीओ पशुपालन विभाग डॉ ऋषिपाल, एआईपीआरओ डॉ अश्वनी कुमार, जेई लोक निर्माण विभाग प्रवीण अहलावत, अनिल कुमार, पटवारी पवन कुमार, मंजीत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।



सीएम विंडो से जुड़ी शिकायतों का जल्द समाधान करें अधिकारी: डीसी
पोर्टल पर शिकायतों के समाधान की एटीआर अपलोड करना जरूरी
डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने अधिकारियों की बैठक में सीएम विंडो कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए दिए जरूरी निर्देश
झज्जर, 18 मई, अभीतक: डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने कहा कि सीएम विंडो प्रदेश सरकार का फ्लैगशिप प्रोग्राम है और मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी समय समय पर कार्यक्रम की समीक्षा करते हैं ,ऐसे में अधिकारी सीएम विंडो पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का निर्धारित समयावधि में निपटान करना सुनिश्चित करें। डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल सोमवार को अधिकारियों की बैठक में सीएम विंडो, एसएमजीटी पोर्टल से प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए जरूरी दिशा-निर्देश दे रहे थे। डीसी ने सभी विभागों के नोडल अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि इन शिकायतों के समाधान की ऑनलाइन प्लेटफार्म पर एटीआर जरूर अपलोड करें। डीसी ने सीएम विंडो व एसएमजीटी पोर्टल की क्रमवार समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी सीएम विंडो, जन संवाद और एसएमजीटी पोर्टल से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लें और इनका समयबद्ध निपटान करना सुनिश्चित करें। हर रोज अपना पोर्टल जरूर चेक करें और निर्धारित समय पर एक्शन टेकन रिपोर्ट अपलोड करें।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रतिदिन सीएम विंडो पोर्टल को एक बार अवश्य खोल कर चेक करें और शिकायत की वास्तविक स्थिति से ऑनलाइन प्लेट फार्म प्रणाली से ही पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायत मिलते ही उसका प्राथमिकता के साथ समाधान सुनिश्चित करें, शिकायत को ओवरडयू न होने दें।डीसी ने कहा कि सभी संबंधित अधिकारी सीएम विंडो,जनसंवाद पोर्टल से संबंधित शिकायतों को रिव्यू करें। उन्होंने कहा कि कई शिकायतें ऐसी होती हैं, जिसमें एक से ज्यादा विभागों से संबंधित होती है, इसलिए आपसी तालमेल के साथ उस समस्या का समाधान करें।
इन विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर एडीसी जगनिवास, सीईओ जिला परिषद मनीष फोगाट, एसडीएम बेरी रेणुका नांदल, एसडीएम बादली विशाल कुमार, डीआरओ मनबीर सिंह, डीडीपीओ निशा तंवर, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी सुमित कुमार, एक्सईएन जन स्वास्थ्य विभाग अश्वनी सांगवान सहित सभी विभागाध्यक्ष मौजूद रहे।

सभी सुविधाओं से परिपूर्ण होगा राजकीय महाविद्यालय बावल: डा. कृष्ण कुमार
बावल के विधायक डा. कृष्ण कुमार ने मेडिकल की चल रही कक्षाओं का किया निरीक्षण
बोले, मेडिकल की सीटें बढ़ाने और नॉन मेडिकल कक्षा शुरू करवाने के लिए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी से मिलेंगे
बावल, 18 मई, अभीतक: बावल के विधायक डा. कृष्ण कुमार ने सोमवार को बावल के राजकीय प्राथमिक विद्यालय भवन में संचालित राजकीय महाविद्यालय की मेडिकल कक्षाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी शैक्षणिक आवश्यकताओं और सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। विधायक डा. कृष्ण कुमार ने कहा कि बावल क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर उच्च शिक्षा उपलब्ध करवाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मेडिकल सहित अन्य संकाय की सीटें बढ़ाने और नॉन मेडिकल संकाय शुरू करवाने के लिए वे जल्द ही हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी तथा शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में संचालित कक्षाओं को जल्द ही राजकीय महाविद्यालय के नवनिर्मित भवन में स्थानांतरित करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके। उन्होंने आश्वासन दिया कि महाविद्यालय में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी और शिक्षा के स्तर को और अधिक ऊंचा उठाया जाएगा। विधायक ने कहा कि केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह तथा हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के प्रयासों से बावल विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्य तेजी से करवाए जा रहे हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में सरकार लगातार कार्य कर रही है, जिससे क्षेत्र के युवाओं को भविष्य में बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। इस मौके पर बावल मंडल प्रधान रमेश लोर झाबुआ, एडवोकेट निहाल सिंह चैकन और घनश्याम बागड़ी आदि मौजूद रहे।





आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान करना जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य – डीसी
डीसी अभिषेक मीणा ने समाधान शिविर में आई शिकायतों का किया निवारण
रेवाड़ी, 18 मई, अभीतक: आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान करने के उद्देश्य से हरियाणा सरकार के दिशा निर्देशानुसार जिला में प्रत्येक सोमवार व बृहस्पतिवार को सुबह 10 से 12 बजे तक समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। जिला स्तरीय समाधान शिविर लघु सचिवालय स्थित सभागार हॉल में तथा उपमंडल स्तर के समाधान शिविर बावल व कोसली एसडीएम कार्यालय में आयोजित किए जा रहे हैं। सोमवार को लघु सचिवालय स्थित सभागार में आयोजित समाधान शिविर में डीसी अभिषेक मीणा ने एसपी हेमेंद्र मीणा के साथ जनसमस्याओं को सुना और उनका मौके पर समाधान किया गया। समाधान शिविर में गांव जाडरा में खेतों के रास्ते पर अवैध कब्जा की शिकायत पर डीसी ने पंचायत विभाग के अधिकारियों को कब्जा हटवाने के निर्देश दिए। धारूहेड़ा सेक्टर-4 में ग्रीन बेल्ट पर शौचालय निर्माण की शिकायत पर डीसी ने एचएसवीपी के अधिकारियों को ग्रीन बेल्ट से शौचालय हटवाने के निर्देश दिए। गांव अकबरपुर में दूषित पानी की निकासी न होने पर डीसी ने पंचायत विभाग के अधिकारियों को जांच करते हुए निकासी की व्यवस्था करवाने के निर्देश दिए। गांव गोठड़ा टप्पा में पंचायत भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत पर डीसी ने अवैध कब्जा हटवाने के निर्देश दिए। डीसी ने कहा कि समाधान शिविर का मुख्य उद्देश्य है जनता और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है ताकि समस्याओं को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से निवारण किया जा सके। इन शिविरों के माध्यम से नागरिकों को अपनी शिकायतों के समाधान के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते बल्कि वे एक ही स्थान पर अधिकारियों से सीधे संवाद कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार के मार्गदर्शन में चल रही इस पहल को जनता का भी भरपूर सहयोग और सराहना मिल रही है। इस अवसर पर एडीसी राहुल मोदी और सीटीएम जितेंद्र कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

गर्मी व हीट वेव से बचाव के लिए एहतियात बरतें नागरिक – डीसी
हीट वेव से बचाव के लिए जारी एडवाइजरी की करें अनुपालना
रेवाड़ी, 18 मई, अभीतक: गर्मी के मौसम में हवा के गर्म थपेड़ों और बढ़े हुए तापमान से लू (हीट वेव) लगने का खतरा बढ़ जाता है। खासकर धूप में घूमने वालों, बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को लू लगने का डर ज्यादा रहता है। लू लगने पर उसके इलाज से बेहतर है, हम लू से बचे रहें। यानी बचाव इलाज से बेहतर है। डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा जनहित में लू से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की गई है, जिसका सभी पालन करते हुए स्वास्थ्य सुरक्षा बनाए रखें।
हीट वेव से बचाव के लिए अपनाएं ये उपाय
डीसी ने आमजन से आह्वान किया कि प्रशासन की ओर से जारी की गई एडवाइजरी की पालना करें और हीट वेव से बचे रहें। उन्होंने बताया कि हीट वेव से बचाव के लिए स्थानीय मौसम संबंधी खबरों के लिए रेडियो सुनें, टीवी देखें, समाचार पत्र पढ़ें। गर्मी में हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहने, अपना सिर ढककर रखें, कपड़े, हैट अथवा छतरी का उपयोग करें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं-भले ही प्यास न लगी हो, ओआरएस (ओरल रीहाइड्रेशन सॉल्यूशन), घर में बने पेय जैसे लस्सी, तोरानी (चावल का मांड) नींबू पानी, छाछ आदि का सेवन कर तरोताजा रहें। पार्किंग के समय बच्चों को वाहनों में छोडकर न जाएं, उन्हें लू लगने का खतरा हो सकता है, नंगे पांव बाहर न जाएं, गर्मी से राहत के लिए हाथ का पंखा अपने पास रखें, काम के बीच में थोड़ा-थोड़ा विश्राम लें, खेत खलिहान में काम कर रहे हैं तो समय-समय पर पेड़ या छाया में आसरा लें। गर्मी के मौसम में जंक फूड का सेवन न करें। ताजे फल, सलाद तथा घर में बना खाना खाएं। खासतौर से दोपहर 12 बजे से सायं 3 बजे के बीच धूप में सीधे ना जाएं। यदि बच्चे को चक्कर आए, उल्टी, घबराहट अथवा तेज सिरदर्द हो, सीने में दर्द हो अथवा सांस लेने में कठिनाई हो तो चिकित्सक को दिखाएं।
वृद्ध एवं कमजोर व्यक्तियों की खास देखभाल करें
डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि ी गर्मी में वृद्ध एवं कमजोर व्यक्तियों व छोटे बच्चों की खास देखभाल करें। तेज गर्मी, खासतौर से जब वे अकेले हों तो कम से कम दिन में दो बार उनकी जांच करें। ध्यान रहे कि उनके पास फोन हो। इसके अलावा यदि वे गर्मी से बेचैनी महसूस कर रहे हों तो उन्हें ठंडक देने का प्रयास करें, उनके शरीर को गीला रखें, उन्हें नहलाएं अथवा उनकी गर्दन तथा बगलों में गीला तौलिया रखें, उनके शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ आवश्यक लगे तो डॉक्टर को दिखाएं। वहीं हमेशा उनके पास पानी जरूरी रखें।





धार्मिक व सामाजिक संगठन सतीभाई साईंदास सेवादल झज्जर द्वारा 25 वां वार्षिकोत्सव आयोजित
विनम्रता ज्ञान का आभूषण है: मंहत राम सुखदास महाराज
झज्जर, 18 मई, अभीतक: धार्मिक व सामाजिक संगठन सतीभाई साईंदास सेवादल झज्जर पंजाबी सभा द्वारा मेन बाजार स्थित पंजाबी धर्मशाला में सुंदरकांड पाठ, भजन, सत्संग, प्रवचन व भंडारे का आयोजन किया गया। समिति के प्रधान वासुदेव भूटानी ने बताया कि परम् पूज्य श्री श्री 1008 महंत सतीश दास महाराज के आशीर्वाद से परम् पूजनीय श्री श्री 1008
महंत राम सुखदास महाराज के सानिध्य में श्री महावीर मंडली बहादुरगढ़ द्वारा संगीतमय श्री सुंदरकांड पाठ का सामूहिक गायन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। महंत राम सुखदास महाराज जी का धर्मशाला में पहुंचने पर समिति के सदस्यों ने फूल मालाओं से स्वागत किया। धर्मशाला के प्रथम तल पर शहीद मदन लाल ढींगड़ा हाल में सिविल अस्पताल एवं जिला रेड क्रॉस सोसाइटी झज्जर के सहयोग से लगाए गए रक्तदान शिविर में युवाओं ने बढ़ चढ़ कर भाग लेते हुए जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए रक्तदान किया। नगर परिषद उप प्रधान अंशुल गर्ग, जिला मीडिया प्रभारी भाजपा गीतांशु चावला, कमल कुमार गिरोत्रा मनोनीत पार्षद ने कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की और महाराज से आशीर्वाद लिया। समिति द्वारा अतिथियों का स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। वहीं राजेश कुमार जुनेजा द्वारा सर्वाइकल के धागे वितरित किए गए। समिति में प्रधान वासुदेव भूटानी व सदस्यों ने सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के समापन पर विशाल भंडारे में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया और भक्तों ने कार्यक्रम की सराहना की। महंत रामसुख दास महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि विनम्रता ज्ञान का आभूषण है। सच्चा ज्ञान सदैव विनम्रता लाता है। जो जितना अधिक जानता है, वह उतना ही अधिक नरम होता है, जैसे फलों से लदा वृक्ष नीचे झुकता है। भगवान श्री राम इसके सर्वोत्तम उदाहरण हैं। अयोध्या के राजकुमार होते हुए, सर्वगुण संपन्न होते हुए भी उनके व्यवहार में सदैव विनम्रता थी। उन्होंने केवट को, शबरी को, वनवासियों को वहीं राजर्षि सम्मान दिया। इस अवसर पर प्रधान वासुदेव भूटानी, पूर्व नगर पालिका चेयरमैन ईश्वर शर्मा, समाजसेवी विनीत पोपली, सामाजिक धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु उपस्थित रहे।





अपने भांजे महीपाल ढांडा के स्वागत में पलक पावड़ा बिछाएंगे माजरा के लोग
झज्जर, 18 मई, अभीतक: झज्जर जिले के दूबलधन के नजदीकी माजरा गांव के लोग हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा व देवेंद्र कादयान विधायक का बड़ी गर्मजोशी से स्वागत करेंगे तथा इसके साथ ही माजरा की बेटी और राई की विधायक कृष्णा गहलोत का भी गांव की महिलाएं देहाती अंदाज में स्वागत-सत्कार करेंगी। इसकी तैयारी के लिए माजरा स्थित छोटू राम धर्मशाला में एक पंचायत का आयोजन किया गया,जिसकी अध्यक्षता शिक्षाविद् नसीब ने की। इस पंचायत में सर्वसम्मत से दूबलधन कॉलेज रूपी पौधे को रोपने वाले संस्थापक स्तंभ प्रिंसिपल हुकम सिंह के प्रति स्रध्दासुमन अर्पित किए गए। पंचायत में पूर्व जिला पार्षद मास्टर जय भगवान, नरेंद्र पूर्व सरपंच, नीरज सरपंच, विनोद सरपंच, समाजसेवी डॉक्टर सुरेंद्र,जागेराम,सूरजमल बीडीसी,चांद मास्टर ,सुखचंद कादयान,प्रोफेसर अजय कादयान,राजबीर डबास,सुरेश सरपंच आदि वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि हर घर से एक आदमी ट्रैक्टरों के काफिले के साथ कॉलेज के सम्मान-समारोह में जाएंगे, ताकि दूबलधन कॉलेज में विज्ञान व स्नातकोत्तर के विषयो की पढ़ाई का विस्तारीकरण हो सके। इसमे अतिथि व विशिष्ट अतिथियों का स्वागत किया जाएगा इस सम्मान समारोह को बल तब मिला जब महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर मिलाप सिंह पूनिया ने भी इस समारोह का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है। जटेला धाम के पीठाधीश्वर महंत राजेंद्र दास की गरिमामयी उपस्थिति जनता का विशेष आकर्षण होगी। गांव में प्रोफेसर ओमपति बेनीवाल, प्रोफेसर सुमन कुंडू कादयान और मूर्ति देवी की रहनुमाई में महिलाओं ने भी प्रचार का बीङा उठा लिया है, जिससे महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रहेगी। युवा समाजसेवी लाखा प्रधान सैकड़ो के काफिले के साथ दूबलधन कॉलेज में गाजेबाजे के साथ जाएंगे, वहीं इस गांव के लोगों ने मलिकपुर, सफीपुर, सिवाना, अच्छेज पहाड़ीपुर,बिगोवा, पिलाना व पलङा आदि गांव में भी प्रचार करने का जिम्मा ले लिया है। अतः दूबलधन कॉलेज का सम्मान समारोह अब ऐतिहासिक स्वरूप धारण करने की ओर बढ़ रहा है। समाजसेवी कृष्ण फोर्ड जिलापार्षद, समंदर थानेदार,सतेंद्र पटवारी, जयपाल नंबरदार, मनोज कुमार, बल्लू मास्टर, भरथरी मास्टर प्रोफेसर समंद्र कौशिक, प्रोफेसर कुलताज सिंह, शिवनारायण शास्त्री भी आयोजन की तैयारी में जुटे हुए हैं।



हरियाणा स्कूल एजुकेशन ऑफिसर एसोसिएशन का जिला स्तरीय चुनाव हुआ संपन्न, संजय मलिक प्राचार्य र्वसम्मति से चुने गए जिला प्रधान
झज्जर, 18 मई, अभीतक: रविवार के दिन राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, झज्जर में हरियाणा स्कूल एजुकेशन ऑफिसर एसोसिएशन का जिला स्तरीय चुनाव संपन्न हुआ। इस चुनाव में जिला शिक्षा अधिकारी महोदय रतिंद्र सिंह, स्टेट बॉडी की ओर से बतौर पर्यवेक्षक डॉ जयपाल दहिया, खंड शिक्षा अधिकारी सालहावास, खंड शिक्षा अधिकारी बहादुरगढ़ शेर सिंह भी उपस्थित रहे। संजय मलिक प्राचार्य राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय छारा को हरियाणा स्कूल एजुकेशन ऑफिसर एसोसिएशन का सर्वसम्मति से जिला झज्जर का प्रधान चुना गया। सभी साथियों ने व अधिकारियों ने नव नियुक्त प्रधान संजय मलिक को शुभकामनाएं दी। सभी ने संगठन के माध्यम से साथियों के लिए तथा विद्यालय विद्यार्थियों के लिए बेहतरीन कार्य करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर विभिन्न विद्यालयों से प्राचार्य रवि धनखड़, कर्मवीर तहलान, बलबीर सिंह, मुकेश कुमार, जोगेंद्र सिंह, कृष्ण धनखड़,अरविंद, अजय खोखर, राजकुमार, संजीव खत्री, लोकेंद्र, कप्तान सिंह, कृष्ण धनखड़, शमशेर सिंह, अश्विनी शर्मा, ऋषि, सहरावत, विजय खत्री, बलजीत सिंह, श्याम सिंह श्याम कुमार, डॉ राजेंद्र सिंह उपस्थित रहे।




कंडम सामान की नीलामी 25 में को पुलिस लाइन झज्जर में होगी
झज्जर, 18 मई, अभीतक: पुलिस विभाग में कडंम सामान की खुली बोली द्वारा नीलामी 25 मई को की जाएगी। पुलिस के सरकारी कडंम सामान की नीलामी करने के संबंध में पुलिस उपायुक्त दीप्ति गर्ग द्वारा आवश्यक दिशा निर्देश किए गए हैं। इस संबंध में जानकारी देते हुए परिवहन शाखा प्रभारी सहायक उपनिरीक्षक रविंद्र कुमार ने बताया कि पुलिस के पुराने वाहनों के कंडम पार्ट, टायर, ट्यूब व अन्य सामान की नीलामी झज्जर बहादुरगढ़ रोड़ पर स्थित नई पुलिस लाईन परिसर झज्जर में प्रात 11 बजे की जाएगी।इस खुली बोली द्वारा नीलामी की प्रक्रिया में कोई भी व्यक्ति भाग ले सकता है।नीलामी के संबंध में नियम व शर्तें मौके पर ही बताई जाएगी। कंडम सामान की जानकारी के लिए कोई भी व्यक्ति झज्जर सहायक उपनिरीक्षक रविंद्र कुमार से उनके मोबाइल नं 7056667269 पर संपर्क कर सकता है।

उपमंडल स्तरीय समाधान शिविर में एसडीएम रेणुका नांदल ने सुनी समस्याएं’
’समाधान शिविर का आयोजन सरकार की महत्वपूर्ण पहलः एसडीएम’
बेरी, 18 मई, अभीतक: मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के दिशा-निर्देशन में उपमंडल प्रशासन द्वारा सोमवार को आयोजित समाधान शिविर में एसडीएम रेणुका नांदल ने नागरिकों की शिकायतें सुनीं। उन्होंने नागरिकों की शिकायत सुनते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। एसडीएम ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का समाधान तय समय-सीमा में किया जाए और कार्यवाही की रिपोर्ट तुरंत प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि समाधान शिविर सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य है कि नागरिकों की समस्याओं का निवारण उनके घर द्वार के समीप ही त्वरित गति से हो। एसडीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रत्येक शिकायत का समाधान शिकायतकर्ता की संतुष्टि के साथ किया जाना चाहिए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस अवसर एसडीओ जनस्वास्थ्य विभाग राजीव कुमार, एसडीओ पशुपालन विभाग डॉ ऋषिपाल, एआईपीआरओ डॉ अश्वनी कुमार, जेई लोक निर्माण विभाग प्रवीण अहलावत, अनिल कुमार, पटवारी पवन कुमार, मंजीत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान को लेकर जिलेभर में आयोजित की जा रही हैं पेरेंट्स मीटिंग्स’
झज्जर, 18 मई, अभीतक: देशभर में एचपीवी वैक्सीनेशन को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है और बच्चों को एचपीवी की वैक्सीन लगाई जा रही है झज्जर जिले में जिला उपायुक्त स्वप्निल रविंद्र पाटील के आदेशानुसार तथा सिविल सर्जन डॉ मंजू कादयान के दिशा-निर्देशन में जिलेभर में एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में जिला शिक्षा अधिकारी रितेंद्र सिंह के नेतृत्व में सरकारी एवं निजी विद्यालयों में पेरेंट्स मीटिंग आयोजित की जा रही हैं, ताकि अभिभावकों एवं बच्चों को एचपीवी वैक्सीन के महत्व एवं लाभों के बारे में जागरूक किया जा सके। स्वास्थ्य विभाग एवं शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयासों से शुरू किए गए इस विशेष अभियान का उद्देश्य किशोरियों को भविष्य में होने वाले सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित करना है। आज जिले के कुछ विद्यालयों में पेरेंट्स मीटिंग आयोजित की गई, जबकि शेष विद्यालयों में भी जल्द ही बैठकें आयोजित कर अभिभावकों को जागरूक किया जाएगा। जागरूकता गतिविधियों के बाद चरणबद्ध तरीके से वैक्सीनेशन अभियान संचालित किया जाएगा। इसी क्रम में आज पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय दुजाना में एक प्रभावी पेरेंट्स मीटिंग का आयोजन किया गया, जिसमें सिविल सर्जन डॉ मंजू कादयान ने स्वयं उपस्थित होकर अभिभावकों से संवाद किया। इस दौरान अभिभावकों को एचपीवी वैक्सीन की सुरक्षा, उपयोगिता एवं कैंसर से बचाव में इसकी भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
एचपीवी वैक्सीन बेटियों के सुरक्षित भविष्य की सुरक्षा कवच: डॉ मंजू कादयान
सिविल सर्जन डॉ मंजू कादयान ने कहा कि एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान केवल एक स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि बेटियों के स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मिशन है। उन्होंने कहा कि समय पर लगाई गई एचपीवी वैक्सीन भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव करने में अत्यंत प्रभावी साबित होती है। उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रांति पर विश्वास न करें और अपने बच्चों को वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित करें। इस अवसर पर पीएचसी इंचार्ज डॉ गुलशन, जिला किशोर स्वास्थ्य काउंसलर संदीप कुमार जांगड़ा, विद्यालय प्राचार्य रामवीर,एलएचवी सुनीता, एएनएम अनीता, एमपीएचडब्ल्यू अंकित कुमार तथा आशा वर्कर सुमन सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर अभिभावकों एवं परिवारजनों को एचपीवी वैक्सीनेशन के प्रति जागरूक किया। जिला किशोर स्वास्थ्य काउंसलर संदीप कुमार जांगड़ा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्कूलों एवं समुदाय स्तर पर लगातार जागरूकता गतिविधियां चलाई जा रही हैं, ताकि प्रत्येक परिवार तक सही जानकारी पहुंच सके और अधिक से अधिक बच्चों को इस अभियान का लाभ मिल सके। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एवं उप सिविल सर्जन डॉ बसंत दुबे के नेतृत्व में यह अभियान जिलेभर में प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है एवं बताया गया है कि सरकार द्वारा सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम हेतु भ्च्ट टीकाकरण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। यह टीका किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर (गर्भा शय के निचले हिस्से का कैंसर) से बचाव प्रदान करता है 15 वर्ष की आयु से पहले अपनी बालिकाओं को भ्च्ट टीकाकरण कार्यक्रम से सर्वाइकल कैंसर, योनि ओरवल्वा कैंसर (टंहपदंसध्टनसअंत ब्ंदबमत), गुदा कैंसर, लिंग का कैंसर (च्मदपसम ब्ंदबमत), गले ओर मुंह का कैंसर (व्तवचींतलदहंस) रूपी घातक बीमारियों से बचाया जा सकता है
राजकीय कन्या विद्यालय बहादुरगढ़ में एचपीवी टीकाकरण और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के तहत जागरूकता कार्यक्रमय छात्राओं को दी गई सुरक्षा खुराक
बहादुरगढ, 18 मई, अभीतक: भारत सरकार के निर्देशानुसार झज्जर जिले में एचपीवी टीकाकरण अभियान सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है। सिविल सर्जन डॉ मंजू कादयान ने बताया कि जिले में एचपीवी टीकाकरण को लेकर स्वास्थ्य विभाग व शिक्षा विभाग के आपसी सहयोग से विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में आज राजकीय कन्या विद्यालय, किला मोहल्ला, बहादुरगढ़ में श्बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओश् और श्एचपीवी टीकाकरणश् कार्यक्रम के अंतर्गत एक विशेष जागरूकता गतिविधि का सफल आयोजन किया गया।
छात्राओं को लगी वैक्सीन
विद्यालय परिसर में आयोजित इस विशेष शिविर के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा लाभार्थी छात्राओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु एचपीवी वैक्सीन की खुराक दी गई। यह टीकाकरण डॉ. ममता की देख-रेख में एएनएम दर्शना, और आशा वर्कर्स सुमन, उर्मिला व लक्ष्मी की टीम द्वारा कुशलतापूर्वक संपन्न किया गया।
पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता और स्वास्थ्य वार्ता
छात्राओं में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विद्यालय में एक श्पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिताश् भी आयोजित की गई, जिसमें छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस प्रतियोगिता का सफल संचालन फाइन आर्ट्स शिक्षिका श्रीमती रितु ने किया। इसके साथ ही, कार्यक्रम के दौरान किशोरावस्था स्वास्थ्य (।कवसमेबमदज भ्मंसजी) एवं एचपीवी टीकाकरण के महत्व पर एक विस्तृत स्वास्थ्य वार्ता दी गई। डॉक्टरों ने छात्राओं को जानकारी देते हुए बताया कि एचपीवी एक आम वायरस है, जो आगे चलकर गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) के कैंसर का कारण बन सकता है। इससे बचाव के लिए 14 वर्ष पूर्ण कर चुकी तथा 15 वर्ष से कम आयु की किशोरियों का समय पर टीकाकरण करवाना बेहद जरूरी है।
विद्यालय प्रशासन और वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन
यह पूरा कार्यक्रम विद्यालय के प्रधानाचार्य परवीन और उप-प्रधानाचार्या राकेश कुमारी के कुशल नेतृत्व में संपन्न हुआ। स्कूल की एचपीवी समन्वयक (ब्ववतकपदंजवत) श्रीमती पुनीता चैधरी और श्रीमती निर्मला ने कार्यक्रम की सभी व्यवस्थाएं बखूबी संभालीं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस अभियान को जिला टीकाकरण अधिकारी (क्प्व्) डॉ. बसंत दुबे,एसएमओ डॉ. मधुप सेठी का मार्गदर्शन एवं डॉ. गगन और डॉ ममता डॉ अनुज का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।
शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने का भरोसा
इस अवसर पर जिला टीकाकरण अधिकारी ने पूर्ण विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग झज्जर, जनसहभागिता एवं विभागीय समन्वय से शीघ्र ही जिले में एचपीवी टीकाकरण का 100ः लक्ष्य प्राप्त कर लेगा। विद्यालय प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के इस संयुक्त प्रयास का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को सशक्त बनाना, उनके स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें एक सुरक्षित व स्वस्थ भविष्य प्रदान करना है।



जनगणना-2027: चलो निभाएं अपनी जिम्मेदारी, करें जनगणना में भागीदारी
जिले के 1952 में से 107 ब्लॉकों में पूरा हुआ मकान सूचीकरण कार्य
धारूहेड़ा में हुआ 54.2 प्रतिशत कार्य
डीसी अभिषेक मीणा ने की आमजन से जनगणना कार्य में सहयोग की अपील
रेवाड़ी, 18 मई, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि जिला में जनगणना का कार्य पूरी जिम्मेदारी और सुव्यवस्थित ढंग से लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है। सभी चार्ज अधिकारियों द्वारा नियमित रूप से फील्ड में पहुंचकर मकान सूचीकरण कार्य का निरीक्षण किया जा रहा है। अधिकारी विभिन्न क्षेत्रों में प्रगणकों से संवाद कर सर्वे कार्य की जानकारी ले रहे हैं और आवश्यक दिशा-निर्देश भी दे रहे हैं। साथ ही कार्य की प्रगति और गुणवत्ता की लगातार समीक्षा की जा रही है, ताकि जनगणना का कार्य तय समय सीमा के भीतर प्रभावी तरीके से पूरा किया जा सके। डीसी अभिषेक मीणा ने जिला के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे जनगणना कार्य में प्रशासन का सहयोग करें और प्रगणकों को सही जानकारी उपलब्ध करवाएं। उन्होंने बताया कि जनगणना कार्य के लिए नियुक्त प्रगणक एवं पर्यवेक्षक आपके घरों पर जानकारी एकत्र करने के लिए आएंगे। जिला के सभी नागरिक उन्हें सही, पूर्ण एवं आवश्यक जानकारी प्रदान कर जनगणना कार्य में पूर्ण सहयोग दें। यदि आपने स्व-गणना की है, तो प्रगणक को एसई आईडी प्रदान करें। उन्होंने आश्वस्त करते हुए कहा कि जनगणना के दौरान प्राप्त समस्त जानकारी गोपनीय रखी जाएगी। किसी भी व्यक्ति द्वारा दी गई व्यक्तिगत जानकारी को किसी अन्य व्यक्ति अथवा संस्था के साथ साझा नहीं किया जाएगा तथा इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय एवं नीतिगत उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। डीसी ने जिला के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि जनगणना कार्य में लगे प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को पूर्ण सहयोग प्रदान कर इस राष्ट्रीय दायित्व के कार्य के सफल संचालन में सहभागी बनें। उन्होंने कहा कि यह कार्य देश की योजनाओं और विकास से सीधे जुड़ा हुआ है, इसलिए सभी नागरिकों की भागीदारी जरूरी है। साथ ही उन्होंने बताया कि जिला के कुल 1952 ब्लॉकों में से 107 ब्लॉकों में कार्य पूरा हो चुका है। कई क्षेत्रों में कार्य पूरा होने की स्थिति में पहुंच चुका है और बाकी ब्लॉकों में भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिला के धारूहेड़ा ब्लॉक में 54.2 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। डीसी ने प्रगणकों को निर्देश दिए कि जहां कार्य पूरा हो चुका है वो अपनी रिपोर्ट सबमिट करे। उन्होंने बताया कि जिन प्रगणकों ने कार्य पूरा कर लिया है उन्हें जनगणना से संबंधित कोई अन्य कार्य नहीं दिया जाएगा। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।


चंडीगढ़: हरियाणा पुलिस प्रशासन में हुआ फेरबदल
17 प्च्ै और 3 भ्च्ै अधिकारियों के तबादला आदेश जारी हुए
पुलिस में ।क्ळच्, प्ळ,क्प्ळ लेवल अधिकारियों के किए गए तबादले
गुरुग्राम के पुलिस कमीश्नर विकास अरोड़ा का हुआ तबादला
अब गुरुग्राम के नए कमिश्नर प्च्ै शिबास कविराज होंगे
हरियाणा सरकार ने तबादला एवं नियुक्ति आदेश जारी किए
हरियाणा कैबिनेट ने ‘मेवात कैडर’ में पीजीटी पदों पर भर्ती के लिए विशेष प्रावधान को मंजूरी दी
मेवात कैडर’ के रिक्त पदों पर ‘शेष हरियाणा कैडर’ के योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति का मिलेगा अवसर
चंडीगढ़, 18 मई, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित हरियाणा कैबिनेट की बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग से संबंधित एक महत्वपूर्ण एजेंडा को मंजूरी प्रदान की गई। यह एजेंडा ‘मेवात कैडर’ में पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (पीजीटी) के पदों पर भर्ती से संबंधित है। यह निर्णय मेवात क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने तथा विद्यार्थियों के शैक्षणिक हितों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2012 में प्रदेश सरकार द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग में दो अलग-अलग कैडरों का गठन किया गया था, जिनमें ‘मेवात कैडर’ और ‘शेष हरियाणा कैडर’ शामिल हैं। वर्ष 2024 में हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) द्वारा दोनों कैडरों में 20 विषयों के कुल 3069 पीजीटी पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किए गए थे। इनमें 282 पद मेवात कैडर के लिए तथा 2787 पद शेष हरियाणा कैडर के लिए निर्धारित किए गए थे। भर्ती प्रक्रिया के दौरान दोनों कैडरों के लिए एक समान परीक्षा आयोजित की गई। अधिकतर मेधावी अभ्यर्थियों द्वारा अपनी प्राथमिकता ‘शेष हरियाणा कैडर’ को दिए जाने के कारण ‘मेवात कैडर’ के लिए चयनित उम्मीदवारों की संख्या कम हो गई थी। इसके परिणामस्वरूप मेवात कैडर के अनेक पद रिक्त रहने की संभावना उत्पन्न हो गई थी। इसी स्थिति के समाधान हेतु कैबिनेट ने हरियाणा लोक सेवा आयोग को सलाह दी है कि ‘शेष हरियाणा कैडर’ के चयनित अभ्यर्थियों के बाद मेरिट सूची में आने वाले पात्र उम्मीदवारों को ‘मेवात कैडर’ के रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए विचार एवं अनुशंसा की जाए। यह निर्णय मेवात क्षेत्र में शिक्षकों की कमी को दूर करने में सहायक सिद्ध होगा तथा वहां के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।



हरियाणा मंत्रिमंडल ने गुरुग्राम मेट्रो परियोजना की संशोधित परियोजना लागत, पूरक रिपोर्टों और विश्व बैंक से ऋण के प्रस्ताव को दी मंजूरी
कुल परियोजना लागत को 5,452.72 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10,266.54 करोड़ रुपये करने के संशोधन को भी दी है मंजूरी
गुरुग्राम में शहरी गतिशीलता (अर्बन मोबिलिटी) के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी तक बहुप्रतीक्षित मेट्रो कनेक्टिविटी परियोजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने की दिशा में है एक बड़ा कदम
गुरुग्राम सेक्टर-5 स्टेशन से गुरुग्राम रेलवे स्टेशन तक प्रस्तावित मेट्रो स्पर के संबंध में पूरक रिपोर्ट को दी मंजूरी
चंडीगढ़, 18 मई, अभीतक: मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां हुई हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में गुरुग्राम मेट्रो परियोजना की संशोधित लागत, रैपिड मेट्रो और गुरुग्राम रेलवे स्टेशन स्पर (लिंक) के साथ जुड़ाव से संबंधित पूरक रिपोर्ट और गुरुग्राम मेट्रो रेल परियोजना के पूरे सॉफ्ट लोन (सस्ते ऋण) के हिस्से को विश्व बैंक के माध्यम से वित्तपोषित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। यह निर्णय गुरुग्राम में शहरी गतिशीलता (अर्बन मोबिलिटी) के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी तक बहुप्रतीक्षित मेट्रो कनेक्टिविटी परियोजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी गुरुग्राम तक 28.50 किलोमीटर लंबी मेट्रो कनेक्टिविटी के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) मैसर्स राइट्स द्वारा तैयार की गई थी, जिसमें 27 स्टेशन शामिल हैं। इसे 13 अगस्त 2020 को हरियाणा मंत्रिपरिषद द्वारा और बाद में भारत सरकार द्वारा अनुमोदित किया गया था। मंत्रिमंडल ने कुल परियोजना लागत को 5,452.72 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10,266.54 करोड़ रुपये करने के संशोधन को मंजूरी दे दी है। लागत में इस वृद्धि का मुख्य कारण 2019 और 2023 के बीच कीमतों में बढ़ोतरी, जीएसटी दरों में संशोधन, मिलेनियम सिटी सेंटर-साइबर सिटी कॉरिडोर के लिए स्वतंत्र नियोजन आवश्यकताएं, एक पूर्ण डिपो और अतिरिक्त रोलिंग स्टॉक की आवश्यकता, आरआरटीएस एलाइनमेंट में बदलाव और गुरुग्राम रेलवे स्टेशन के लिए एक मेट्रो स्पर का प्रावधान है। संशोधित लागत संरचना में कीमतों में बढ़ोतरी और जीएसटी बदलावों से उत्पन्न संशोधित परियोजना लागत के लिए 7,098.70 करोड़ रुपये, अतिरिक्त स्वतंत्र कॉरिडोर आवश्यकताओं के लिए 947.06 करोड़ रुपये और सेक्टर-5 से गुरुग्राम रेलवे स्टेशन तक मेट्रो स्पर के निर्माण के लिए 454.32 करोड़ रुपये शामिल हैं। रैपिड मेट्रो के साथ जुड़ाव से संबंधित पूरक रिपोर्ट को भी मंजूरी दी गई। यह रिपोर्ट रैपिड मेट्रो के साथ जुड़ाव के परिदृश्य में आए बदलावों के बाद गुरुग्राम मेट्रो को एक स्वतंत्र परियोजना के रूप में विकसित करने के लागत प्रभावों को रेखांकित करती है। इसमें सेक्टर-33, गुरुग्राम में 22.86 हेक्टेयर सरकारी भूमि पर फैले एक डिपो और संबंधित सुविधाओं के विकास के प्रावधान शामिल है। इसके अलावा मंत्रिमंडल ने सेक्टर-5 स्टेशन से गुरुग्राम रेलवे स्टेशन तक प्रस्तावित मेट्रो स्पर के संबंध में पूरक रिपोर्ट को मंजूरी दी। लगभग 1.80 किलोमीटर की लंबाई वाले इस प्रस्तावित स्पर का उद्देश्य मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी में सुधार करना और गुरुग्राम में मेट्रो व रेलवे सेवाओं के बीच निर्बाध यात्रा जुड़ाव की सुविधा प्रदान करना है। एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में मंत्रिमंडल ने परियोजना के पूरे सॉफ्ट लोन घटक को विश्व बैंक के माध्यम से वित्त पोषित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। 5,452.72 करोड़ रुपये की मूल स्वीकृत परियोजना लागत में 2,688.57 करोड़ रुपये का सॉफ्ट लोन घटक शामिल था, जिसमें से 1,075.428 करोड़ रुपये विश्व बैंक से और 1,613.14 करोड़ रुपये यूरोपीय निवेश बैंक (ईआईबी) से प्रस्तावित थे। मंत्रिमंडल को अवगत कराया गया कि ईआईबी से पुष्टि मिलने में लगातार हो रही देरी के कारण गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड के बोर्ड ने 13 अक्टूबर, 2025 को आयोजित अपनी बैठक में निर्णय लिया था कि और अधिक देरी होने की स्थिति में, परियोजना की समय-सीमा पर किसी भी प्रतिकूल प्रभाव से बचने के लिए ईआईबी द्वारा वित्तपोषित किए जाने वाले हिस्से को भी विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषित किया जा सकता है। इस प्रस्ताव को बाद में 12 दिसंबर 2025 को मुख्यमंत्री से मंजूरी मिल गई थी। मंत्रिमंडल ने परियोजना के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक समझौतों और अन्य संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए प्रशासनिक सचिव नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग और हरियाणा को नोडल अधिकारी के रूप में नामित करने को भी मंजूरी दी। इसके अलावा मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी को केंद्र सरकार के साथ परामर्श के दौरान यदि आवश्यकता हो तो किसी भी बदलाव या संशोधन को मंजूरी देने, या परियोजना के क्रियान्वयन के दौरान आने वाली कठिनाइयों और बाधाओं को दूर करने के लिए अधिकृत किया है।
कैबिनेट ने बाबा श्री खाटू श्याम श्राइन बोर्ड, चुलकाना धाम की स्थापना और मसौदा अध्यादेश को मंजूरी दी
चंडीगढ़, 18 मई, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज हुई कैबिनेट की बैठक में बाबा श्री खाटू श्याम श्राइन बोर्ड, चुलकाना धाम, समालखा, जिला पानीपत की स्थापना से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके साथ ही ष्हरियाणा बाबा श्री खाटू श्याम चुलकाना धाम श्राइन अध्यादेश, 2026ष् नामक मसौदा अध्यादेश को भी मंजूरी दी गई है। यह निर्णय चुलकाना धाम स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल के बेहतर प्रबंधन, प्रशासन, विकास और रखरखाव को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। यह स्थल हरियाणा और देश के अन्य हिस्सों से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए आस्था और भक्ति का एक प्रमुख केंद्र है। गौरतलब है कि श्राइन बोर्ड की स्थापना और द हरियाणा बाबा श्री खाटू श्याम चुलकाना धाम श्राइन विधेयक, 2025 से संबंधित एक प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद ने अपनी 23 जनवरी, 2025 को हुई बैठक में मंजूरी दी थी। हालांकि, बाद में यह मामला एक सिविल रिट याचिका के माध्यम से पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के समक्ष विचारार्थ आया। कैबिनेट को सूचित किया गया कि 14 मई, 2026 को पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने उक्त रिट याचिका का निपटारा कर दिया। यह निपटारा तब हुआ जब हरियाणा के महाधिवक्ता ने न्यायालय के समक्ष यह प्रस्तुत किया कि प्रस्तावित श्राइन बोर्ड में श्री श्याम मंदिर सेवा समिति (पंजीकृत), चुलकाना धाम के एक प्रतिनिधि को शामिल किया जाएगा। उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में, हरियाणा सरकार ने मसौदा कानून में एक संशोधन को मंजूरी दी है, जिसमें प्रस्तावित श्राइन बोर्ड के सदस्यों में से श्री श्याम मंदिर सेवा समिति (पंजीकृत), चुलकाना धाम के एक प्रतिनिधि को सदस्य के रूप में नामित करने का प्रावधान शामिल किया गया है। कैबिनेट ने भारत के सर्वोच्च न्यायालय के 7 मई, 2025 के फैसले के अनुपालन में मसौदा विधेयक में एक और संशोधन को भी मंजूरी दे दी। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों और शहरी स्थानीय निकाय विभाग से संबंधित विभिन्न अधिनियमों में पहले से किए गए संशोधनों के अनुसार, मसौदा कानून के संबंधित खंड से भेदभावपूर्ण शब्द या यदि वह बहरा, गूंगा है या संक्रामक कुष्ठ रोग या किसी उग्र संक्रामक रोग से पीड़ित है हटा दिए गए हैं। कैबिनेट को आगे जानकारी दी गई कि फिलहाल राज्य विधानसभा का सेशन नहीं चल रहा है और मामले की तात्कालिकता, इस मुद्दे से जुड़ी धार्मिक भावनाएं और श्राइन बोर्ड के शीघ्र गठन के लिए पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए, भारत के संविधान के अनुच्छेद 213 के तहत एक अध्यादेश जारी करना आवश्यक हो गया है। बाबा श्री खाटू श्याम श्राइन बोर्ड की स्थापना से चुलकाना धाम के व्यवस्थित प्रबंधन और विकास को सुनिश्चित करने, भक्तों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने और इस तीर्थ स्थल के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के संरक्षण को मजबूत करने की उम्मीद है।
एचपीएससी भर्तियों पर विरोध कांग्रेस व इनेलो का राजनीतिक स्टंट: मुख्यमंत्री
हरियाणा कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने की प्रेस वार्ता
चंडीगढ़, 18 मई, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) में हरियाणा के अलावा दूसरे राज्यों के बच्चों को नौकरी मिलने का विरोध कांग्रेस व इनेलो का राजनीतिक स्टंट है। हरियाणा में एचएसएससी व एचपीएससी की भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी है जिसमें केवल योग्यता के आधार पर युवाओं को नौकरियां मिलती हैं। यह बात मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में मंत्रीमंडल की बैठक के उपरांत एक प्रेस वार्ता के दौरान कही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस व इनेलो ने अपने शासनकाल में कभी मैरिट को प्राथमिकता नहीं दी जिसके कारण युवाओं के साथ-साथ उनके मां-बाप का विश्वास भी सरकार से गिर गया था। उस समय हर कोई यही मानने लगा था कि पढ़ने-लिखने से नौकरी नहीं मिलेगी। लेकिन हमारी सरकार ने नौकरियों के लिए पारदर्शी व्यवस्था लागू की जिसमें मेरिट के आधार पर कोई भी युवा हरियाणा में नौकरी पा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हरियाणा के युवा यूपीएससी सहित पंजाब, उत्तर प्रदेश, गुजरात तथा अन्य राज्यों में नौकरियां लग रहे हैं तो अन्य राज्यों के बच्चे हरियाणा में नौकरी क्यों नहीं लग सकते। यह एक संवैधानिक व्यवस्था है जिसमें कोई भी युवा अपनी काबिलियत के आधार पर किसी भी राज्य में नौकरी पा सकता है। हरियाणा में मैरिट के आधार पर युवाओं को नौकरियां मिल रही है, यह हमारी भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता का प्रमाण है। एक अन्य सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के चलते पूरे विश्व में ऊर्जा का संकट बना हुआ है, इसलिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अपील की है कि वे ऊर्जा की बचत के लिए हर संभव प्रयास करें। इसके लिए नागरिक पैदल, साईकिल, ट्रेन और अन्य सार्वजनिक परिवहन का अधिक से अधिक उपयोग करें। जरूरी होने पर ही अपने वाहनों का इस्तेमाल करें। यह किसी एक देश अथवा भारत की समस्या नहीं है बल्कि यह एक वैश्विक समस्या है जिससे बाहर निकलने के लिए हम सबको सहयोग करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में भी सरकार ने आदेश दिए हैं कि सरकारी कार्यालयों में अधिक से अधिक मीटिंगें वर्चुअल माध्यम से करें और जहां संभव हो वहां वर्क फ्रॉम होम के नियम को अपनाएं। उन्होंने कहा कि पूरे देश के साथ-साथ हरियाणा के लोग भी माननीय प्रधानमंत्री की अपील पर अमल कर रहे हैं और हम सबको विश्वास है कि प्रधानमंत्री के आह्वान के अनुरूप हम विकसित भारत, मजबूत भारत व सशक्त भारत के निर्माण में सफल होंगे। एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस आज महंगाई का रोना रो रही है जबकि हकीकत यह है कि कांग्रेस के शासनकाल में महंगाई बेलगाम हो गई थी। कांग्रेस कोरोना की ही तरह आज के हालात में भी केवल राजनीति कर रही है जबकि हमें समझना चाहिए कि यह राजनीति करने का समय नहीं है बल्कि आपसी सहयोग से समस्या पर नियंत्रण पाने का समय है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की नीतियों के चलते न केवल हमारा देश कोरोना की समस्या को हराने में सफल रहा बल्कि पिछले साढ़े 11 सालों में महंगाई पर भी अंकुश लगा है। उन्होंने कहा कि हमें यह भी समझना चाहिए कि हमारे सामने आज जो समस्या है वह केवल हमारे देश की नहीं है बल्कि यह विश्वव्यापी समस्या है। उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार प्रयास कर रही हैं कि ईवी गाड़ियों को अधिक से अधिक बढ़ावा मिले ताकि पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम हो और पर्यावरण प्रदूषण पर भी अंकुश लग सके। इस अवसर पर सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक श्री केएम पांडुरंग, अतिरिक्त निदेशक कैप्टन मनीष लोहान तथा मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव श्री प्रवीन अत्रे भी उपस्थित थे।



एफडीए विभाग में अतिरिक्त पद सृजित करने संबंधी रेशनलाइजेशन आयोग की सिफारिशों को मंजूरी
एफडीए विभाग में वर्तमान 582 स्वीकृत पदों की संख्या को बढ़ाकर 1,424 किया गया
प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सुधार के लिए मुख्यालय को तीन विंग में विभाजित किया
चंडीगढ़, 18 मई, अभीतक: मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) विभाग में अतिरिक्त पद सृजित करने संबंधी रेशनलाइजेशन आयोग की सिफारिशों को मंजूरी प्रदान की गई। रेशनलाइजेशन आयोग ने विभाग के बढ़ते कार्यभार और नियामकीय जिम्मेदारियों का आकलन करने के बाद अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए एफडीए विभाग को व्यापक रूप से मजबूत करने की सिफारिश की है। इसके अंतर्गत आयोग ने एफडीए विभाग में वर्तमान 582 स्वीकृत पदों की संख्या को बढ़ाकर 1424 करने की सिफारिश की है ताकि विभाग की कार्यक्षमता और प्रवर्तन क्षमता को बढ़ाया जा सके। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में, एफडीए विभाग प्रदेश में लगभग 756 दवा निर्माण इकाइयों, 40565 थोक एवं खुदरा दवा दुकानों, 27139 फूड लाइसेंस तथा 84095 पंजीकृत फूड बिजनेस ऑपरेटर्स की निगरानी एवं विनियमन कर रहा है। इसके साथ ही आयोग ने एफडीए में विशेषज्ञता और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और अधिक बेहतर बनाने के लिए मुख्यालय स्तर के कार्यालय का पुनर्गठन करते हुए इसे तीन अलग-अलग विंग- ड्रग विंग, फूड विंग और एडमिनिस्ट्रेटिव विंग में विभाजित करने की भी सिफारिश की है। इसके अतिरिक्त गुणवत्तापूर्ण परीक्षण और नियामकीय व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पूर्ण रूप से कार्यशील दो ड्रग टेस्टिंग तथा फूड टेस्टिंग प्रयोगशालाएं स्थापित करने का भी प्रस्ताव किया गया है। एफडीए विभाग मुख्य रूप से दो प्रमुख केंद्रीय कानूनों, ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 तथा फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 को लागू करने के लिए जिम्मेदार है। इन कानूनों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम जनता को उपलब्ध करवाए जाने वाले खाद्य पदार्थ और दवाइयां निर्धारित गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों के अनुरूप हों, क्योंकि घटिया गुणवत्ता वाले उत्पाद आमजन के स्वास्थ्य और जीवन पर गंभीर प्रभाव डाल सकते हैं।
हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में लगी मोहर अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर परियोजना धरातल पर लेगी साकार रूप
चंडीगढ़, 18 मई, अभीतक: मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां हुई हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (।ज्ञप्ब्) परियोजना के तहत हिसार एयरपोर्ट पर इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर के विकास हेतु हरियाणा के नागरिक उड्डयन विभाग द्वारा नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के पक्ष में 2988 एकड़ भूमि के हस्तांतरण पर भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 की अनुसूची 1-ए के अनुच्छेद 23(ए) के तहत देय स्टाम्प शुल्क तथा पंजीकरण अधिनियम, 1908 की धारा 78 एवं 79 के तहत देय पंजीकरण शुल्क को माफ करने की मंजूरी दी गई। अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (।ज्ञप्ब्) परियोजना के तहत हिसार एयरपोर्ट पर इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (प्डब्) विकसित करने के उद्देश्य से कुल 2988 एकड़ भूमि, जिसमें प्रथम चरण में 1605 एकड़ तथा द्वितीय चरण में 1383 एकड़ भूमि शामिल है, हरियाणा के नागरिक उड्डयन विभाग द्वारा विशेष प्रयोजन वाहन (ैच्ट) अर्थात नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के पक्ष में हस्तांतरित किए जाने का प्रस्ताव है। इस हस्तांतरण पर भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 तथा पंजीकरण अधिनियम, 1908 के प्रावधानों के तहत स्टाम्प शुल्क एवं पंजीकरण शुल्क में छूटध्माफी प्रदान की जाएगी। हरियाणा के नागरिक उड्डयन विभाग से एक प्रस्ताव प्राप्त हुआ है, जिसमें अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (।ज्ञप्ब्) परियोजना के तहत हिसार एयरपोर्ट पर इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (प्डब्) के विकास के लिए विशेष प्रयोजन वाहन (ैच्ट) अर्थात नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के पक्ष में 2988 एकड़ भूमि कृ जिसमें प्रथम चरण में 1605 एकड़ तथा द्वितीय चरण में 1383 एकड़ भूमि शामिल है कृ के हस्तांतरण पर स्टाम्प शुल्क एवं पंजीकरण शुल्क में छूटध्माफी प्रदान करने का अनुरोध किया गया है। स्टाम्प शुल्क एवं पंजीकरण शुल्क को माफ करने से लगभग 132.41 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रभाव पड़ेगा, जिसमें लगभग 131.91 करोड़ रुपये स्टाम्प शुल्क तथा 50 हजार रुपये पंजीकरण शुल्क शामिल हैं, जिन्हें माफ किया जाना है। हिसार एयरपोर्ट पर प्रस्तावित इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर को एक बड़े औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित किए जाने की परिकल्पना की गई है, जिससे योजनाबद्ध औद्योगिकीकरण को बढ़ावा मिलेगा, घरेलू एवं विदेशी निवेश आकर्षित होंगे, बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे तथा क्षेत्र एवं राज्य के आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी। यह परियोजना हरियाणा में कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर तथा व्यापार सुगमता को भी बढ़ावा देने की संभावना रखती है। चूंकि भूमि का हस्तांतरण एक सरकारी विभाग द्वारा विशेष रूप से ।ज्ञप्ब् परियोजना के क्रियान्वयन हेतु एक सरकारी समर्थित विशेष प्रयोजन वाहन के पक्ष में किया जाना प्रस्तावित है, इसलिए स्टाम्प शुल्क एवं पंजीकरण शुल्क लगाए जाने से परियोजना पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा, जबकि व्यावहारिक रूप से राज्य को इससे कोई अतिरिक्त राजस्व लाभ प्राप्त नहीं होगा। ऐसे में शुल्क में छूटध्माफी प्रदान करने से परियोजना का सुचारु एवं किफायती क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा तथा औद्योगिक कॉरिडोर परियोजना के समयबद्ध कार्यान्वयन को समर्थन मिलेगा। उल्लेखनीय है कि भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 की धारा 9 के अंतर्गत राज्य सरकार को ऐसे शुल्कों में आंशिक अथवा पूर्ण माफी प्रदान करने का अधिकार प्राप्त है। यह प्रावधान सरकार को भविष्य अथवा पूर्व प्रभाव से देय शुल्क को कम करने अथवा माफ करने की शक्ति प्रदान करता है।


हरियाणा मंत्रिमंडल ने नगर पालिका सीमा के भीतर पुनर्वास योजना में स्थित औद्योगिक भूखंडों के नए उप-विभाजन तथा पहले से अवैध रूप से उप-विभाजित औद्योगिक भूखंडों के नियमितीकरण के लिए नीति को मंजूरी दी
चंडीगढ़, 18 मई, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज चंडीगढ़ में आयोजित हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में शहरी स्थानीय निकाय विभाग के उस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई, जिसमें इंडस्ट्रियल प्लॉट्स के नए सब-डिवीजन और नगर निगम सीमा के अंदर पुनर्वास योजना में मौजूद गैर-कानूनी सब-डिवाइडेड इंडस्ट्रियल प्लॉट्स को रेगुलर करने के लिए एक पॉलिसी बनाने का प्रस्ताव है। यह नीति उन औद्योगिक भूखंड मालिकों पर लागू होगी, जो नए उप-विभाजन की अनुमति प्राप्त करना चाहते हैं तथा उन औद्योगिक भूखंडों को नियमित करवाना चाहते हैं, जिन्हें पहले ही अवैध रूप से उप-विभाजित किया जा चुका है। ये भूखंड नगर पालिका सीमा के भीतर भारत सरकार के पुनर्वास मंत्रालय द्वारा विकसित पुनर्वास योजना क्षेत्रों में स्थित हैं। नीति के अनुसार, मूल औद्योगिक भूखंड का न्यूनतम क्षेत्रफल एक एकड़ होना चाहिए तथा उसका संपर्क कम से कम 12 मीटर चैड़ी मौजूदा सड़क से होना आवश्यक है। प्रत्येक उप-विभाजित अथवा नए उप-विभाजित भूखंड का न्यूनतम आकार 500 वर्ग गज से कम नहीं होगा। इसके अतिरिक्त, सभी उप-विभाजित भूखंडों में हरियाणा बिल्डिंग कोड-2017 के प्रावधानों के अनुरूप परिसर के भीतर पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। नए उप-विभाजन अथवा पहले से अवैध रूप से उप-विभाजित भूखंडों के नियमितीकरण के इच्छुक आवेदकों को अपना आवेदन संबंधित नगर निगम क्षेत्रों में आयुक्त, नगर निगम तथा नगर परिषद या नगर समिति क्षेत्रों में जिला नगर आयुक्त को प्रस्तुत करना होगा। आवेदन प्राप्त होने के बाद संबंधित प्राधिकारी निर्धारित नीति मानकों के अनुसार मामले की जांच करेगा और आवेदन प्राप्ति की तिथि से 60 दिनों के भीतर निर्णय लेगा। आवेदक को समय-समय पर जारी नैशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) तथा हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी सभी निर्देशों, मानकों और दिशानिर्देशों का पालन करना भी अनिवार्य होगा। सक्षम प्राधिकारी के निर्णय से असंतुष्ट कोई भी व्यक्ति, सक्षम प्राधिकारी द्वारा आदेश जारी किए जाने की तिथि से 60 दिनों के भीतर शहरी स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक के समक्ष अपील दायर कर सकेगा।
हरियाणा मंत्रिमंडल ने हरियाणा लोक सेवा आयोग (ग्रुप-बी) राज्य सेवा विनियम, 1999 में संशोधन को दी मंजूरी
एचपीएससी के लिए सुपरिंटेंडेंट के दो तथा अकाउंट्स ऑफिसर के एक पद को स्वीकृति दी
अब दसवीं कक्षा तक हिंदी या संस्कृत में से किसी एक विषय का होना पर्याप्त होगा
चंडीगढ़, 18 मई, अभीतक: मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में सोमवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में आयोजित हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा लोक सेवा आयोग (ग्रुप-बी) राज्य सेवा विनियम, 1999 में संशोधन को मंजूरी प्रदान की गई। यह बदलाव मौजूदा नियमों को नई स्वीकृत पद संख्या और वर्तमान सरकारी नियमों के अनुसार अपडेट करने के लिए किया गया है। यह निर्णय हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) में परीक्षाओं तथा अन्य संबंधित कार्यों की संख्या में वृद्धि के कारण आयोग पर बढ़ते कार्यभार को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। संशोधन के तहत एचपीएससी में सुपरिंटेंडेंट के दो नए पद और अकाउंट्स ऑफिसर का एक नया पद जोड़ा जाएगा। इसके बाद सुपरिंटेंडेंट पदों की संख्या 5 से बढ़कर 7 हो जाएगी, जबकि अकाउंट्स ऑफिसर के एक पद को भी शामिल किया गया है। मंत्रिमंडल ने सेवा नियमों में भी कुछ बदलावों को मंजूरी दी है, ताकि वे वर्तमान सरकारी नीतियों और नियमों के अनुरूप हो सकें। पात्रता, अनुशासन और सजा से जुड़े प्रावधानों को हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 2016 के अनुरूप किया गया है। इसके अलावा हिंदी की शैक्षणिक योग्यता से जुड़ा नियम भी बदला गया है। पहले दसवीं कक्षा तक हिंदी विषय में पढ़ाई अनिवार्य थी लेकिन अब दसवीं कक्षा में हिंदी या संस्कृत में से कोई एक विषय होना या उच्च शिक्षा में हिंदी विषय होना पर्याप्त माना जाएगा। इन बदलावों से एचपीएससी का प्रशासनिक कामकाज और मजबूत होगा तथा राज्य में ग्रुप-ए और ग्रुप-बी पदों की भर्ती प्रक्रिया अधिक प्रभावी और तेज बनेगी।
हरियाणा मंत्रिमंडल ने अभिलेखागार विभाग सेवा नियमों में संशोधन को दी मंजूरी
चंडीगढ़, 18 मई, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज चंडीगढ़ में आयोजित हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा अभिलेखागार विभाग (ग्रुप-बी) सेवा नियम, 1992 में संशोधन को मंजूरी प्रदान की गई। संशोधित नियमों के तहत “डिप्लोमा इन आर्काइव्स कीपिंग” की योग्यता के स्थान पर “डिप्लोमा इन आर्काइव्स कीपिंग अथवा डिप्लोमा इन आर्काइवल स्टडीज अथवा डिप्लोमा इन आर्काइव्स एंड रिकॉर्ड मैनेजमेंट अथवा उसके समकक्ष मान्यता प्राप्त डिप्लोमा” को शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त, अभ्यर्थियों के लिए मैट्रिक स्तर तक हिंदी या संस्कृत का ज्ञान होना अथवा उच्च शिक्षा में हिंदी विषय का अध्ययन किया होना अनिवार्य होगा। यह संशोधन विभाग को वर्तमान रिक्त पदों को भरने में सहायता करेगा तथा समकक्ष डिप्लोमा योग्यताओं को मान्यता देकर सहायक निदेशक के पद के लिए पात्र अभ्यर्थियों के दायरे का विस्तार करेगा। संशोधित प्रावधान हरियाणा सरकार के राजपत्र (ऑफिशियल गजट) में प्रकाशित होने के तुरंत बाद प्रभावी हो जाएंगे।
कैबिनेट ने डेयरी फार्मिंग के लिए स्वयं सहायता समूहों को शामलात देह भूमि पट्टे पर देने को मंजूरी दी
चंडीगढ़, 18 मई, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज हुई कैबिनेट की बैठक में विकास एवं पंचायत विभाग के एक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस प्रस्ताव के तहत, हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (भ्ैत्स्ड) के साथ पंजीकृत स्वयं सहायता समूहों (ैभ्ळे) को डेयरी फार्मिंग के उद्देश्य से श्शामलात देहश् (सामुदायिक) भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। इस उद्देश्य के लिए कैबिनेट ने हरियाणा ग्राम सांझी भूमि (विनियमन) नियम, 1964 के नियम 6 में संशोधन को संबंधित नियमों और शर्तों के साथ मंजूरी दे दी है। संशोधित प्रावधानों के बाद, ग्राम पंचायतों को हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के साथ पंजीकृत स्वयं सहायता समूहों और स्वयं सहायता समूहों की सहकारी समितियों को डेयरी स्थापित करने के लिए 500 वर्ग गज तक की श्शामलात देहश् भूमि पट्टे पर देने की अनुमति होगी। यह पट्टा शुरू में पांच साल की अवधि के लिए दिया जाएगा, और डेयरी के संतोषजनक संचालन के आधार पर (जैसा कि हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा प्रमाणित किया जाएगा), इसे और तीन साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। इस नीति को स्वयं सहायता समूह के सदस्यों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है, ताकि वे डेयरी इकाइयों का सफलतापूर्वक संचालन करने के बाद अंततः स्वतंत्र रूप से अपनी भूमि खरीद सकें। पट्टे की अवधि बढ़ाने के लिए, संबंधित उपायुक्त (क्मचनजल ब्वउउपेेपवदमत) की पूर्व मंजूरी अनिवार्य होगी। उपायुक्त ही ग्राम पंचायतों को ऐसी भूमि पट्टे पर देने के लिए मंजूरी प्रदान करने हेतु सक्षम प्राधिकारी के रूप में कार्य करेंगे। संशोधित नीति में आगे यह भी निर्धारित किया गया है कि स्वयं सहायता समूहों के सदस्य उसी गाँव या ग्राम पंचायत के निवासी होने चाहिए। इसके अलावा, कोई भी स्वयं सहायता समूह भूमि आवंटन के लिए तब तक पात्र नहीं होगा, जब तक कि उसके किसी सदस्य या उनके परिवार के सदस्यों (जैसा कि परिवार पहचान पत्र – च्च्च् के माध्यम से पहचाना गया हो) के पास 500 वर्ग गज या उससे अधिक की अपनी निजी भूमि न हो।
कैबिनेट ने अनधिकृत औद्योगिक इकाइयों के नियमितीकरण हेतु नीति संशोधनों को दी मंजूरी
चंडीगढ़, 18 मई, अभीतक: मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां हुई हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा प्रबंधन नागरिक सुविधाएं एवं आधारभूत संरचना की कमी वाले क्षेत्र (विशेष प्रावधान) संशोधन अधिनियम, 2025 के प्रावधानों को लागू करने हेतु संशोधनों को मंजूरी दी गई। इस निर्णय का उद्देश्य राज्यभर में अनधिकृत औद्योगिक प्रतिष्ठानों के नियमितीकरण को सुगम बनाना तथा ऐसे क्षेत्रों में बुनियादी नागरिक सुविधाएं एवं आधारभूत संरचना उपलब्ध कराना है। कैबिनेट को अवगत कराया गया कि राज्य सरकार ने नगरपालिकाओं की सीमा से बाहर स्थित आधारभूत संरचना एवं नागरिक सुविधाओं से वंचित क्षेत्रों में आवश्यक सेवाएं एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा वहां रहने वाले लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने के उद्देश्य से वर्ष 2021 में हरियाणा प्रबंधन नागरिक सुविधाएं एवं आधारभूत संरचना अभावग्रस्त क्षेत्र (विशेष प्रावधान) अधिनियम लागू किया था। इसके बाद 19 जुलाई 2022 को नीति अधिसूचित की गई तथा 6 अप्रैल 2023 को राहत संबंधी निर्देश जारी किए गए। हालांकि, वर्तमान व्यवस्था औद्योगिक कॉलोनियों पर लागू नहीं होती थी। मुख्यमंत्री द्वारा राज्य बजट 2025 के दौरान की गई घोषणा के अनुरूप सरकार ने यह निर्णय लिया कि अनधिकृत औद्योगिक प्रतिष्ठानों को भी इसी प्रकार का लाभ दिया जाए ताकि ऐसे क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा एवं नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। इसी उद्देश्य से अधिनियम में संशोधन किए गए, जिन्हें 3 अक्टूबर 2025 को हरियाणा अधिनियम संख्या 22, 2025 के माध्यम से अधिसूचित किया गया। स्वीकृत संशोधनों के तहत, कम से कम 10 एकड़ के निरंतर क्षेत्र में फैली, न्यूनतम 50 औद्योगिक इकाइयों वाली तथा 3 अक्टूबर 2025 से पूर्व निर्मित औद्योगिक कॉलोनियां इस नीति के अंतर्गत पात्र होंगी। कैबिनेट ने एक ऑनलाइन पोर्टल के निर्माण को भी मंजूरी दी है, जिसके माध्यम से उद्यमी या उनके अधिकृत प्रतिनिधि आधारभूत संरचना से वंचित औद्योगिक क्षेत्रों की घोषणा तथा औद्योगिक प्रतिष्ठानों के नियमितीकरण हेतु आवेदन कर सकेंगे। संशोधित नीति में “अधिकृत व्यक्ति” की अवधारणा भी जोड़ी गई है, जो औद्योगिक कॉलोनी में स्थित उद्यमियों एवं औद्योगिक प्रतिष्ठानों की ओर से आवेदन कर सकेगा। कैबिनेट को बताया गया कि आवेदन प्रक्रिया को पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने के लिए विस्तृत दस्तावेजी आवश्यकताएं, जांच प्रणाली तथा जिला स्तरीय स्वीकृति प्रक्रियाएं भी शामिल की गई हैं। इस निर्णय से राज्य में अनधिकृत औद्योगिक क्लस्टरों में संचालित हजारों औद्योगिक प्रतिष्ठानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही इससे योजनाबद्ध आधारभूत संरचना विकास, पर्यावरणीय अनुपालन तथा हरियाणा में औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
सभी गर्भवती महिलाएं हेपेटाइटिस-बी की जांच अवश्य करवाएं: आरती सिंह राव
हरियाणा ने हेपेटाइटिस-बी और सी के मामलों की रिपोर्टिंग के लिए ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया
पूरे राज्य में स्क्रीनिंग, जांच और इलाज मुफ्त उपलब्ध
चंडीगढ़, 18 मई, अभीतक: हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने राज्य की सभी गर्भवती महिलाओं से आह्वान किया कि वे हेपेटाइटिस-बी की जांच करवाएं। यदि जांच में वे पॉजिटिव पाई जाती हैं, तो उनकी डिलीवरी किसी ऐसे जिला अस्पताल में करवाई जानी चाहिए, जहाँ नवजात शिशु की सुरक्षा के लिए एचबीआईजी (भ्ठप्ळ) और हेपेटाइटिस-बी वैक्सीन दोनों आसानी से उपलब्ध हों। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश में हेपेटाइटिस-बी और सी के मामलों की रिपोर्टिंग के लिए ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया गया है और पूरे राज्य में स्क्रीनिंग, जांच और इलाज मुफ्त उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने प्रदेश में हेपेटाइटिस-बी और सी को अधिसूचित रोग घोषित किया हुआ है। इसके अनुसार, राज्य की सभी स्वास्थ्य सुविधाओं को हेपेटाइटिस-बी और सी के मामलों की रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को देना अनिवार्य है। आरती सिंह राव ने जानकारी देते हुए कहा कि हेपेटाइटिस-बी और सी के मामलों की रिपोर्टिंग को सुव्यवस्थित करने के लिए, विशेष रूप से निजी स्वास्थ्य सुविधाओं द्वारा कृएक समर्पित ऑनलाइन डैशबोर्डध्पोर्टल विकसित किया गया है। इस पोर्टल को पायलट आधार पर प्रथम चरण में पंचकूला, कैथल, नूंह, जींद, हिसार, रेवाड़ी समेत छह जिलों में लॉन्च किया गया है, और अगले माह जून, 2026 से पूरे प्रदेश में इसे लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि हेपेटाइटिस-बी और सी की स्क्रीनिंग, जांच और इलाज पूरे राज्य के सभी जिला अस्पतालों के साथ-साथ सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त मेडिकल कॉलेजों में भी मुफ्त उपलब्ध है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हरियाणा के मिशन निदेशक डॉ. आर.एस. ढिल्लों ने जानकारी साझा करते हुए कहा कि हेपेटाइटिस-बी एक हेपेटाइटिस-बी सरफेस एंटीजन पॉजिटिव गर्भवती महिला से उसके नवजात शिशु में फैल सकता है। इस संक्रमण को जन्म के 24 घंटे के भीतर नवजात शिशु को हेपेटाइटिस-बी इम्यून ग्लोबुलिन (भ्ठप्ळ) और हेपेटाइटिस-बी वैक्सीन टीके लगाकर प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है। ये दोनों ही टीके राज्य सरकार की सभी स्वास्थ्य सुविधाओं पर मुफ्त उपलब्ध हैं।
हरियाणा मंत्रिमंडल ने राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए यूनिफाइड पेंशन स्कीम के तहत वन-टाइम, वन-वे स्विच सुविधा को मंजूरी दी
चंडीगढ़, 18 मई, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज चंडीगढ़ में आयोजित हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य सरकार के कर्मचारियों के संबंध में यूनिफाइड पेंशन स्कीम (न्च्ै) के तहत वन-टाइम, वन-वे स्विच सुविधा (व्दम-जपउम, व्दम-ूंल ैूपजबी थ्ंबपसपजल) को मंजूरी प्रदान की गई। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार ने 24 जनवरी, 2025 की अधिसूचना के माध्यम से राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (छच्ै) के अंतर्गत एक विकल्प के रूप में यूनिफाइड पेंशन स्कीम (न्च्ै) लागू की थी, जो 1 अप्रैल, 2025 से प्रभावी हुई। इसी प्रकार, भारत सरकार के अनुरूप हरियाणा सरकार ने भी 2 जुलाई, 2025 की अधिसूचना के माध्यम से राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए यूनिफाइड पेंशन स्कीम (न्च्ै) लागू की थी, जो 1 अगस्त, 2025 से प्रभावी हुई। इसके उपरांत, भारत सरकार ने 25 अगस्त, 2025 के कार्यालय ज्ञापन के माध्यम से यूनिफाइड पेंशन स्कीम (न्च्ै) से राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (छच्ै) में वन-टाइम, वन-वे स्विच सुविधा प्रदान की। इसके मद्देनजर0 उक्त निर्णय को राज्य सरकार द्वारा अपने कर्मचारियों के संबंध में 2 जुलाई, 2025 को अधिसूचित सूचना का भी संदर्भ लिया जाएगा कि एक साथ एक ही प्रकार से यूनिफाइड पेंशन स्कीम को हरियाणा नई पेंशन स्कीम की उपलब्धता सभी राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए होगी जिन्होंने यूनिफाइड पेंशन स्कीम का विकल्प चुना है। यह स्विच सुविधा यूनिफाइड पेंशन स्कीम (न्च्ै) का विकल्प चुनने वाले कर्मचारी किसी भी समय प्रयोग कर सकेंगे, किन्तु अधिवार्षिकी (सेवानिवृत्ति) की तिथि से एक वर्ष पूर्व तक ही इसका लाभ लिया जा सकेगा। यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर स्विच सुविधा का उपयोग नहीं किया जाता है, तो संबंधित कर्मचारी डिफॉल्ट रूप से यूनिफाइड पेंशन स्कीम (न्च्ै) के अंतर्गत ही बना रहेगा। इसके अतिरिक्त, जिन मामलों में कर्मचारी को दंडस्वरूप सेवा से हटाया गया हो, बर्खास्त किया गया हो या अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई हो अथवा जिन मामलों में भारी जुर्माना हो, विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही लंबित या प्रस्तावित हो, उनमें यह स्विच सुविधा अनुमन्य नहीं होगी।
हरियाणा उच्चतर शिक्षा विभाग के नए सेवा नियमों 2026 को दी मंत्रिमंडल ने मंजूरी
चंडीगढ़, 18 मई, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में अधीक्षक (फील्ड कैडर) के पद के लिए नए सेवा नियमों, यानी श्हरियाणा उच्चतर शिक्षा विभाग, उप-कार्यालय कॉलेज कैडर (ग्रुप-बी) सेवा नियम, 2026श् को मंजूरी दी गई। ये नियम आधिकारिक राजपत्र (ऑफिशियल गजट) में उनके प्रकाशन की तिथि से लागू होंगे। नए नियमों के अनुसार नियुक्ति के लिए केवल शैक्षणिक योग्यता और अनुभव (यदि कोई हो), पदोन्नति (प्रमोशन) और स्थानांतरण (ट्रांसफर) या प्रतिनियुक्ति (डेपुटेशन) के माध्यम से तय किया जाएगा। उप-अधीक्षक (डिप्टी सुपरिटेंडेंट) के रूप में एक वर्ष का अनुभव या सहायक (असिस्टेंट) के रूप में 10 वर्ष का अनुभव होना अनिवार्य है। अधीक्षक (सुपरिंटेंडेंट) के रूप में एक वर्ष का अनुभव, मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (ग्रेजुएशन) की डिग्री, और मैट्रिक (दसवीं) में एक विषय के रूप में हिंदी या संस्कृत, या उच्च शिक्षा में एक विषय के रूप में हिंदी विषय होना अनिवार्य है।
हरियाणा कैबिनेट ने एनसीआर में बेहतर परिवहन को बढ़ावा देने के लिए एग्रीगेटर औरध् या डिलीवरी सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए नए नियमों को मंजूरी दी
1 जनवरी, 2026 से एनसीआर बेड़े में सिर्फ सीएनजी, ईवी और स्वछ्तम ईंधन वाली गाड़ियां ही शामिल होंगी
चंडीगढ़, 18 मई, अभीतक: हरियाणा मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां हुई कैबिनेट की मीटिंग में हरियाणा मोटर व्हीकल्स रूल्स, 1993 के तहत मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवेज द्वारा जारी दिशानिर्देश और कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट के निर्देशों के अनुसार एग्रीगेटर लाइसेंस देने के लिए नियमों को मंजूरी दी गई। यह फैसला राज्य के एनसीआर जिलों में बेहतर परिवहन को बढ़ावा देने, वाहनों से होने वाले प्रदूषण को रोकने और वायु गुणवता को बेहतर बनाने के लिए लिया गया है। संशोधित नियमों के तहत 1 जनवरी, 2026 से राष्ट्रीय राजधानी इलाकों में एग्रीगेटर्स, डिलीवरी सर्विस प्रोवाइडर्स और ई-कॉमर्स कंपनियों के बेड़े में शामिल सभी गाड़ियां आवश्यक तौर पर सीएनजी, इलेक्ट्रिक व्हीकल, बैटरी से चलने वाली गाड़ियां या किसी दूसरे स्वछ्तम ईंधन पर आधारित होंगी। इसके अलावा, एनसीआर इलाकों में मौजूदा बेड़े में सिर्फ सीएनजी या इलेक्ट्रिक 3-व्हीलर, ऑटो-रिक्शा को ही शामिल करने की अनुमति होगी। कैबिनेट ने राज्य में चल रहे ऐप-बेस्ड पैसेंजर एग्रीगेटर्स और डिलीवरी सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए एक बड़ा रेगुलेटरी फ्रेमवर्क बनाने के लिए हरियाणा मोटर व्हीकल्स रूल्स, 1993 के रूल 86 ए में बदलाव की भी मंजूरी दी। नए नियमों में एग्रीगेटर्स और डिलीवरी सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए आवश्यक लाइसेंसिंग, ड्राइवरों और गाड़ियों के लिए ऑनबोर्डिंग नियम, पैसेंजर सुरक्षा के उपाय, शिकायत सुलझाने के तरीके, प्रेरणा और पुनरावलोकन प्रशिक्षण कार्यक्रम, ड्राइवरों और पैसेंजर के लिए इंश्योरेंस कवरेज, ऐप्स के लिए साइबर सिक्योरिटी का पालन और किराए का रेगुलेशन शामिल हैं। नियमों अनुसार एग्रीगेटर्स और डिलीवरी सर्विस प्रोवाइडर को यात्रियों के लिए कम से कम 5 लाख रुपये का बीमा कवरेज, ड्राइवरों के लिए कम से कम 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा और ऑनबोर्डेड ड्राइवरों के लिए कम से कम 10 लाख रुपये का टर्म इंश्योरेंस करवाना अनिवार्य होगा। इन नियमों के तहत गाड़ियों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस, पैनिक बटन, फर्स्ट-एड किट और फायर एक्सटिंग्विशर लगाना भी जरूरी है। एग्रीगेटर्स को पैसेंजर की मदद और शिकायत दूर करने के लिए 24Û7 घण्टे कंट्रोल रूम और कॉल सेंटर भी बनाने होंगे। पारदर्षी और जिम्मेवारी को मजबूत करने के लिए नियमों में वाहन और सारथी पोर्टल के जरिए गाड़ी और ड्राइवर की डिटेल्स के वाहन का डिजिटल प्रमाणीकरण का प्रबंध करना है। एग्रीगेटर्स और डिलीवरी सर्विस प्रोवाइडर्स को ऑनबोर्डेड ड्राइवरों और गाड़ियों का डिटेल्ड डिजिटल रिकॉर्ड भी रखना होगा। बैठक में मंत्रिपरिषद को अवगत करवाया गया कि एग्रीगेटर्स, डिलीवरी सर्विस प्रोवाइडर्स और ई-कॉमर्स संस्थाओं के लिए रजिस्ट्रेशन और लाइसेंसिंग प्रोसेस निर्धारित पोर्टल बसमंदउवइपसपजल.ींतलंदंजतंदेचवतज.हवअ.पद. के जरिए संचालन किया जाएगा। नए फ्रेमवर्क में ड्राइवर वेलफेयर, किराया शेयरिंग, सेफ्टी स्टैंडर्ड, दिव्यांगजन-फ्रेंडली गाड़ियों को शामिल करने और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर बढ़ने से जुड़े नियम भी शामिल किए हैं।
कैबिनेट ने पिछली अधिसूचना के तहत 2024-25 में जारी ठब्.।ध्ठब्.ठ नॉन क्रीमी लेयर प्रमाणपत्रों की वैधता को मंजूरी दी
एचपीएससी भर्ती परीक्षाओं में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को होगा लाभ
चंडीगढ़, 18 मई, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज हुई कैबिनेट की बैठक में गत 17 नवंबर, 2021 की अधिसूचना के तहत वर्ष 2024-25 के दौरान जारी ठब्-। और ठब्-ठ नॉन-क्रीमी लेयर प्रमाणपत्रों की वैधता देने के संबंध में एक प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। कैबिनेट द्वारा लिया गया यह निर्णय हरियाणा लोक सेवा आयोग द्वारा वर्ष 2024 में विभिन्न विषयों में पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (च्ळज्) के 3069 पदों के लिए जारी भर्ती विज्ञापनों के मद्देनजर लिया गया है। गत 23 जुलाई, 2024 को जारी भर्ती विज्ञापन के अनुसार, ठब्-। और ठब्-ठ श्रेणियों से संबंधित उम्मीदवारों को नवीनतम सरकारी निर्देशों और 16 जुलाई, 2024 की अधिसूचना के अनुरूप नए प्रमाणपत्र जमा करने की आवश्यकता थी। 16 जुलाई, 2024 की नई अधिसूचना जारी होने के बाद, 17 नवंबर, 2021 की अधिसूचना के तहत पहले जारी किए गए प्रमाण पत्रों को एचपीएससी द्वारा वैध नहीं माना जा रहा था, जिसके परिणामस्वरूप कई आवेदकों की उम्मीदवारी रद्द कर दी गई थी। इसके बाद, पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के समक्ष कई रिट याचिकाएँ दायर की गईं। कैबिनेट को सूचित किया गया कि 16 जुलाई, 2024 की अधिसूचना में किया गया मुख्य बदलाव केवल क्रीमी लेयर की स्थिति निर्धारित करने के लिए वार्षिक आय सीमा को 6 लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख रुपये करने से संबंधित है। इसलिए, जो उम्मीदवार 2021 की अधिसूचना के अनुसार नॉन-क्रीमी लेयर के अंतर्गत वर्गीकृत थे, वे संशोधित मानदंडों के तहत भी नॉन-क्रीमी लेयर श्रेणी में ही बने रहेंगे। इसे ध्यान में रखते हुए, कैबिनेट ने मंजूरी दी कि 17 नवंबर, 2021 की अधिसूचना के तहत वर्ष 2024-25 के दौरान, 23 जुलाई, 2024 से पहले जारी किए गए ठब्-।ध्ठब्-ठ (नॉन-क्रीमी लेयर) प्रमाणपत्रों को सभी प्रयोजनों के लिए वैध माना जाएगा। इस निर्णय से प्रभावित उम्मीदवारों को काफी राहत मिलने और भर्ती प्रक्रिया में निष्पक्षता सुनिश्चित होगी।
जनगणना कार्य में तेजी लाने के निर्देश, समय पर कार्य पूरा करने वाले प्रगणक होंगे सम्मानित: डीसी
जनगणना 2027 को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर, लापरवाही बरतने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने जनगणना 2027 को लेकर अधिकारियों की बैठक में दिए जरूरी निर्देश
झज्जर, 18 मई, अभीतक: डीसी एवं प्रधान जनगणना अधिकारी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने जिले में जनगणना 2027 के प्रथम चरण के तहत चल रहे मकान सूचीकरण कार्य को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी अधिकारी 30 मई तक कार्य पूर्ण करना सुनिश्चित करें। रविवार को झज्जर स्थित लघु सचिवालय में हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के उपरांत आयोजित समीक्षा बैठक में डीसी ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो प्रगणक निर्धारित समय से पहले अपना कार्य पूरा करेंगे, उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। वहीं कार्य में कोताही बरतने वालों के खिलाफ भारत की जनगणना अधिनियम-1948 एवं जनगणना नियम-1990 की धारा-11 के तहत सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। नियामानुसार संबंधित कर्मचारी को निलंबित भी किया जा सकता है। डीसी ने बताया कि जिले में कुल 2219 ब्लॉक बनाए गए हैं, जिनमें सर्वे कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि सर्वे कार्य में जहां किसी प्रकार की तकनीकी रूप कोई दिक्कतें हैं उन्हें दुरुस्त करते हुए सर्वे कार्य में तेजी लाई जाए। साथ ही जिन प्रगणकों ने अपना कार्य पूरा कर लिया है, वे संबंधित सुपरवाइजर को इसकी सूचना अवश्य दें ताकि आगामी प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके। उन्होंने कहा कि जनगणना केवल आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की सामाजिक, आर्थिक एवं जनसंख्या संबंधी स्थिति का व्यापक दस्तावेज है। इसके आधार पर शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, आवास, रोजगार तथा अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की रूपरेखा तैयार की जाती है। इसलिए प्रत्येक परिवार और व्यक्ति की सही जानकारी दर्ज होना अत्यंत आवश्यक है। डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हाउस लिस्टिंग, मकानों का सत्यापन, परिवारों का विवरण, जनसंख्या आंकड़ों का संग्रहण तथा रिकॉर्ड संधारण का कार्य पूरी सावधानी एवं पारदर्शिता के साथ किया जाए। उन्होंने चार्ज अधिकारियों एवं सर्कल सुपरवाइजर्स को नियमित रूप से फील्ड निरीक्षण करने और जनगणना कार्य की सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जनगणना के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाए ताकि लोग सही जानकारी उपलब्ध करवाने के महत्व को समझ सकें। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ सही पात्रों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। वहीं डीएमसी अभिनव सिवाच वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े।
’बैठक में यह अधिकारी रहे मौजूद’
इस अवसर पर एसडीएम झज्जर रवि मीणा, डीईओ रतिंद्र सिंह, डीईईओ राजबाला मलिक, नगर परिषद ईओ संजय रोहिल्ला, सांख्यिकी अधिकारी युद्धवीर नांदल, जनगणना रोहतक मंडल प्रभारी ओमप्रकाश, जिला कॉर्डिनेटर मोहित कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
झज्जर स्थित लघु सचिवालय सभागार में जनगणना कार्य की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल।
बहादुरगढ़ में मातृत्व और नारी शक्ति को नमन, पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह ने किया सम्मान समारोह का नेतृत्व’
माताओं के सम्मान में सजा भव्य मंच, जैकलीन जिंदल के विशेष क्यूरेशन ने जीता दिल’
जहाँ नारी का सम्मान, वहीं समाज का उत्थान”मातृ शक्ति सम्मान 2026 में गूंजा संदेश’
महिला शक्ति और मातृत्व को समर्पित भव्य आयोजन, विशिष्ट माताओं को किया गया सम्मानित’
पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह बोलीं माताएं ही समाज और राष्ट्र की वास्तविक शक्ति’
बहादुरगढ, 18 मई, अभीतक: बहादुरगढ़ स्थित डमींत त्मेवतजे में आयोजित मातृ शक्ति सम्मान 2026 कार्यक्रम महिला शक्ति, मातृत्व और सामाजिक योगदान को समर्पित एक भव्य एवं प्रेरणादायी आयोजन के रूप में संपन्न हुआ।इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी प्रेरणादायक महिलाओं, माताओं एवं विशिष्ट हस्तियों को सम्मानित किया गया। समारोह में वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों, शिक्षाविदों, चिकित्सकों, समाजसेवियों तथा विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह रहीं, जिन्होंने अपने संबोधन में मातृत्व और नारी शक्ति को समाज एवं राष्ट्र की वास्तविक ताकत बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं का सम्मान ही समाज की वास्तविक प्रगति का प्रतीक है तथा ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक सोच और संस्कारों को मजबूत करने का कार्य करते हैं। उनके प्रेरणादायी विचारों ने उपस्थित लोगों को भावुक एवं प्रेरित किया।कार्यक्रम की विशेष आकर्षण रहीं जैकलीन जिंदल, जिन्होंने इस भव्य समारोह का सफल संचालन एवं विशेष क्यूरेशन किया। उनकी सोच, समर्पण और उत्कृष्ट आयोजन क्षमता ने पूरे कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की। कार्यक्रम की संपूर्ण रूपरेखा, मंच संचालन एवं आयोजन की भव्यता में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसकी उपस्थित अतिथियों ने खुलकर सराहना की।समारोह के दौरान महिला पुलिस अधिकारियों एवं कर्मियों, शिक्षकों, चिकित्सकों, समाजसेवियों तथा प्रशासनिक, खेल एवं सामाजिक क्षेत्रों से जुड़ी विशिष्ट हस्तियों की माताओं को ट्रॉफी एवं सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया। विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने वाली पहलवान साक्षी मलिक एवं बजरंग पुनिया की माताओं को भी मंच पर सम्मान प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त कई वरिष्ठ आईएएस एवं आईपीएस अधिकारियों की माताओं को सम्मानित कर उनके त्याग, संस्कार और योगदान को नमन किया गया।कार्यक्रम में मातृत्व, नारी सम्मान एवं भारतीय संस्कृति पर आधारित रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित अतिथियों का मन मोह लिया। माताओं के सम्मान के दौरान पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और वातावरण भावनात्मक एवं प्रेरणादायी बन गया।इस आयोजकों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी प्रायोजकों, मीडिया प्रतिनिधियों, अतिथियों एवं स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त किया।
जिनमें प्रमुख रूप से शामिल रहे
भ्स् ब्पजल, बहादुरगढ़
ऽ स्ंदबमत थ्ववजूमंत प्दकपं
ऽ ।ेपंद थ्ववजूमंत च्अजण् स्जकण्
ऽ ळंतदमज – ळवसकए गुरुग्राम
ऽ ैींउतवबा ैबीववस, बहादुरगढ़
ऽ ठब्ब्प्, बहादुरगढ़
ऽ त्मसंगव थ्ववजूमंत स्जक.
मातृ शक्ति सम्मान 2026 कार्यक्रम समाज में महिलाओं एवं माताओं के सम्मान, गौरव और योगदान को समर्पित प्रेरणादायी संदेश के साथ संपन्न हुआ।
सीआईए टू बहादुरगढ़ की टीम ने 250 नशीली गोलियां के साथ एक आरोपी को किया गिरफ्तार
बहादुरगढ़, 18 मई, अभीतक: पुलिस आयुक्त झज्जर डॉ राजश्री सिंह के कुशल नेतृत्व में झज्जर पुलिस नशीले पदार्थों की खरीद फिरोख्त करने वालों पर लगातार कड़ी कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में सीआईए टू बहादुरगढ़ की टीम ने थाना सेक्टर 6 बहादुरगढ़ क्षेत्र से एक आरोपी को प्रतिबंधित नशीली गोलियां के साथ गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। मामले की जानकारी देते हुए सीआईए टू बहादुरगढ़ प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार ने बताया कि पुलिस कमिश्नर डॉ राजश्री सिंह द्वारा अपराधिक गतिविधियों की रोकथाम तथा वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए कड़े दिशा निर्देश दे रखे हैं। पुलिस कमिश्नर के दिए गए दिशा निर्देशों की पालना करते हुए सीआईए टू बहादुरगढ़ की एक टीम थाना सेक्टर 6 बहादुरगढ़ के क्षेत्र में मौजूद थी। इस दौरान पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली कि राहुल निवासी भदानी जिला झज्जर हाल पटेल नगर बहादुरगढ़ नशीली गोलियां बेचने का अवैध धंधा करता है। आज वह पटेल नगर रोड नजदीक ब्रह्मकुमारी आश्रम के पास खड़ा हुआ है। जिस गुप्त सूचना पर तत्परता से कार्रवाई करते हुए सीआईए टू बहादुरगढ़ में तैनात उप निरीक्षक पुनीत कुमार की पुलिस टीम ने उपरोक्त स्थान से गुप्त सूचना के आधार पर एक व्यक्ति को काबू किया।पकड़े गए आरोपी के पास मादक पदार्थ होने के संदेह पर नियमानुसार राजपत्रित अधिकारी को सूचित किया गया। जिसके पश्चात मौका पर पहुंचे राजपत्रित अधिकारी के समक्ष नियम अनुसार कार्रवाई करते हुए उपरोक्त आरोपी की तलाशी ली गई तो उसके कब्जे से नशीली गोलियों के कुल 25 पत्ते( 250 गोलियां) बरामद हुई।पकड़े गए आरोपी से बरामद नशीले दवाइयां की पुष्टि के लिए ड्रग्स इंस्पेक्टर व सरकारी डॉक्टर से राय ली गई तो उन्होंने बताया कि यह गोलियां नशीली हैं और सरकार द्वारा इन पर रोक लगाई गई है। प्रतिबंधित नशीली दवाइयां के साथ पकड़े गए उपरोक्त व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मादक पदार्थ अधिनियम के तहत थाना सेक्टर 6 बहादुरगढ़ में मामला दर्ज किया गया। पकड़े गए आरोपी के खिलाफ कार्यवाही करते हुए अदालत बहादुरगढ़ में पेश किया गया। अदालत के आदेश अनुसार आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
जन समस्याओं के समाधान के लिए आज (18 मई) को लगेंगे समाधान शिविर रू डीसी
जिला मुख्यालय सहित बेरी, बहादुरगढ़ और बादली उपमंडलों में सुबह 10 से 12 बजे तक आयोजित होंगे शिविर
बहादुरगढ़, 18 मई, अभीतक: आमजन की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी समाधान के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा 18 मई सोमवार को जिला मुख्यालय सहित सभी उपमंडलों में समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे। ये शिविर प्रातःरू 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक लगाए जाएंगे, जहां नागरिकों की शिकायतें सुनकर उनका मौके पर ही निपटान सुनिश्चित किया जाएगा। जिला स्तरीय समाधान शिविर का आयोजन लघु सचिवालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल की अध्यक्षता में लगेगा। इस दौरान उपायुक्त विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतें सुनेंगे तथा उपस्थित अधिकारियों को समस्याओं के समयबद्ध समाधान के निर्देश देंगे, ताकि आमजन को अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिल सके। उपमंडल स्तर पर बेरी में एसडीएम रेणुका नांदल,बहादुरगढ़ में एसडीएम अभिनव सिवाच और बादली में एसडीएम विशाल कुमार की अध्यक्षता में लघु सचिवालय परिसरों में उपमंडल स्तरीय समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निपटान किया जाएगा। डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने कहा कि समाधान शिविर प्रशासन और नागरिकों के बीच सीधे संवाद का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने बताया कि जिला मुख्यालय में समाधान शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं, जिनमें विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहते हैं, ताकि लोगों को एक ही स्थान पर उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान मिल सके।
स्वप्निल रविंद्र पाटिल, डीसी, झज्जर।
गुरु शिष्य परंपरा प्रशिक्षण योजना के तहत आवेदन किए आमंत्रित
गुरु, संगीतकार व शिष्यों को प्रतिमाह मिलेगी 7500, 3750 व 1500 छात्रवृति
रेवाड़ी, 18 मई, अभीतक: भारत की समृद्घ सांस्कृतिक विरासत एवं लुप्त लोक कलाओं के संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उत्तर-मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र प्रयागराज की ओर से महानिदेशक कलां एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग हरियाणा के माध्यम से गुरु शिष्य परंपरा प्रशिक्षण योजना के तहत लुप्त होती विभिन्न विद्याओं के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। डीसी अभिषेक मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि उत्तर-मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र प्रयागराज द्वारा राज्य से लुप्त होती विधाओं के गुरु, संगतकार व शिष्यों को प्रतिमाह की दर से छात्रवृत्ति भी प्रदान जाएगी। विधाओं में लोक गायन, लोकगाथा, लोक चित्रकला, दुर्लभ वाद्य यंत्र, लोक नृत्य आदि विधा शामिल है। उन्होंने बताया कि आवेदन करने के लिए आयु 50 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए तथा संबंधित क्षेत्र में 20 वर्ष का अनुभव होना चाहिए। उन्होंने बताया कि गुरु, संगतकार व शिष्यों को क्रमशरू 7500 रुपए, 3750 रुपए व 1500 रुपए प्रतिमाह की दर से छात्रवृति भी प्रदान जाएगी। डीसी ने बताया कि उक्त विद्याओं में पारंगत प्रशिक्षक अपना आवेदन नाम, पता एवं दूरभाष नंबर सहित अन्य विवरण महानिदेशक कलां एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग, हरियाणा, एससीओ नंबर-29, सेक्टर 7-सी, मध्य मार्ग, चंडीगढ़ के पते पर भिजवा सकते हैं ताकि उन्हें उत्तर-मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र प्रयागराज को भिजवाया जा सके।
योजना की पात्रता व मापदंड
- आवेदक की आयु 50 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए।
- आवेदक के पास अपनी कला क्षेत्र का कम से कम 20 वर्ष का अनुभव होना चाहिए।
- आवेदक अपने बायो-डाटा व नवीनतम छायाचित्र के साथ प्रार्थना पत्र भेजेे।
- अपने कला क्षेत्र में मिले प्रमाण पत्रों की स्वयं द्वारा प्रमाणित प्रतियां संलग्न करें।
- सरकार या प्रमुख कला और संस्कृति से जुड़ी संस्था से मिले पुरस्कार या मान्यता प्राप्त प्रमाण पत्रों की प्रतियां संलग्न करें।
- विधा के प्रशिक्षण हेतु एक गुरु, चार शिष्य (लोक गायन, लोकगाथा, लोक चित्रकला, दुर्लभ वाद्य यंत्रों, लोक नृत्यों), लोकनृत्यों में अधिकतम आठ एवं जिन विधाओं में संगतकारों की आवश्यकता होगी उसमें एक या दो संगतकारों को रखना निर्धारित किया गया है।
अग्निवीर क्लर्क, एस.के.टी. भर्ती 2025-26 के परिणाम घोषित
सफल उम्मीदवार 23 मई को सुबह 5ः30 बजे सभी मूल दस्तावेजों के साथ सेना भर्ती कार्यालय चरखी दादरी में करें रिपोर्ट
रेवाड़ी, 18 मई, अभीतक: अग्निवीर क्लर्कध् एस.के.टी. भर्ती 2025-26 के परिणाम घोषित हो चुके हैं। सेना भर्ती कार्यालय चरखी दादरी के निदेशक कर्नल के संदीप ने बताया कि अग्निपथ योजना के अंतर्गत अग्निवीर रैली जो जनवरी- फरवरी 2026 में भिवानी के भीम स्टेडियम में हुई थी जिसमें चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी और भिवानी जिलों के उम्मीदवार शामिल हुए थे, उनके परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि उम्मीदवार अपना परिणाम रवपदपदकपंदंतउलण्दपबण्पद पर देख सकते हैं। उन्होंने सभी सफल उम्मीदवार से अनुरोध किया है कि वे 23 मई 2026 को सुबह 5ः30 बजे सभी मूल दस्तावेजों के साथ सेना भर्ती कार्यालय चरखी दादरी में रिपोर्ट करें। निदेशक सेना भर्ती कार्यालय चरखी दादरी ने सभी उम्मीदवारों के लिए अपना मुबारक वाद व्यक्त किया है।