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झज्जर जिला में 15 जून से घर-घर जाएंगे बीएलओ – उपायुक्त वर्षा खांगवाल
एसआईआर सर्वे में सहयोग करें सभी नागरिक एवं राजनैतिक पार्टियां
उपायुक्त ने एसआईआर को लेकर पत्रकारों से की बातचीत
झज्जर, 04 जून, अभीतक: भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिला में सघन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) को पूरी निष्ठा और पारदर्शिता के साथ संचालित किया जाएगा। इसके लिए जिला के चारों विधानसभा क्षेत्र बेरी, झज्जर, बहादुरगढ़ व बादली में तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं। इस अभियान में सभी मतदाता एवं राजनैतिक दलों को भी अपना सक्रिय सहयोग देना चाहिए। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त वर्षा खांगवाल ने आज लघु सचिवालय सभागार में आयोजित हुई पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एक जुलाई, 2026 को निर्धारण तिथि मानकर यह अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए बीएलए, बीएलओ, सुपरवाइजर को प्रशिक्षण तथा फार्म प्रकाशित करने का कार्य 14 जून तक पूरा कर लिया जाएगा। इसी माह 15 जून से बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को वोटर फार्म वितरित करेेंगे। जिन्हें मतदाताओं को स्वयं भरना है और उन्हें हस्ताक्षर कर अगले राउंड में बीएलओ जब घर आए तो उसे वापस करना है। उपायुक्त ने बताया कि 21 जुलाई को चारो विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन किया जाएगा। जिस पर मतदाताओं से दावे और आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी। ये दावे एवं आपत्ति मतदाता 20 अगस्त, 2026 तक जमा करवाई जा सकती हैं। उन्होंने बताया कि 18 सितंबर तक इन दावे और आपत्तियों का निपटान किया जाएगा। इसके पश्चात 22 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया जाएगा। उपायुक्त ने कहा कि एसआईआर का मुख्य उद्देश्य एक शुद्ध एवं वास्तविक मतदाता सूची तैयार करना है। इसे लेकर कोई व्यक्ति सोशल मीडिया या प्रचार के अन्य किसी माध्यम से भ्रामक खबरें फैलाता है तो डीआईपीआरओ बतौर नोडल अधिकारी इस मामले में कार्रवाई करेंगे। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि इस समय जिला में कुल 8 लाख 15 हजार 711 मतदाता हैं, जिनमें बहादुरगढ़ विधानसभा क्षेत्र में 2 लाख 52 हजार 866, बादली में एक लाख 88 हजार 662, झज्जर में एक लाख 89 हजार 592 और बेरी में एक लाख 84 हजार 591 वोटर हैं। जिला में 807 पोलिंग बूथ और इतने ही बीएलओ एवं 82 सुपरवाइजर हैं। उन्होंने कहा कि जो युवा एक जुलाई, 2026 को 18 साल या इससे अधिक आयु के हो जाएंगे, वे अपना वोटर फार्म अवश्य भरें। जिला में इसके लिए स्वीप गतिविधियां चलाई जा रही हैं। उपायुक्त ने बताया कि एसआईआर सर्वे को सटीक बनाने के लिए चारों विधानसभा क्षेत्र की मैपिंग की गई है और यह कार्य 65 प्रतिशत पूरा हो चुका है।
नागरिकों के सहयोग के लिए लघु सचिवालय परिसर में एक हेल्प डेस्क बनाया जाएगा, हेल्प लाइन नंबर 1950 जारी किया गया है
उपायुक्त वर्षा खांगवाल ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से एसआईआर में आम नागरिकों के सहयोग के लिए लघु सचिवालय परिसर में एक हेल्प डेस्क बनाया जाएगा। इसके लिए एक हेल्प लाइन नंबर 1950 जारी किया गया है, जो कि सुबह सात बजे से रात 9 बजे तक कार्यशील रहेगा। किसी मतदाता को एसआईआर के बारे में पूछना है तो वह इस नंबर पर कॉल कर सकता है। इस अवसर पर झज्जर के एसडीएम रवि मीणा, बादली के एसडीएम विशाल, बेरी की एसडीएम रेणुका नांदल, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के उप निदेशक अमित पवार, निर्वाचन विभाग के नायब तहसीलदार कुलदीप तथा मीडियाकर्मी उपस्थित रहे।


समाधान शिविर आमजन की समस्याओं के त्वरित निवारण का बेहतरीन प्लेटफार्म: डीसी
अधिकारी प्रत्येक शिकायत का प्राथमिकता के आधार पर करें समाधान, लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त: डीसी
डीसी वर्षा खांगवाल ने जिला स्तरीय समाधान शिविर में सुनीं नागरिकों की समस्याएं
परिवार पहचान पत्र, राजस्व, बिजली, राशन कार्ड सहित विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतों पर दिए जल्द समाधान के निर्देश
झज्जर, 04 जून, अभीतक: आमजन की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गुरुवार को लघु सचिवालय स्थित सभागार में जिला स्तरीय समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता करते हुए डीसी वर्षा खांगवाल ने जिलाभर से पहुंचे नागरिकों की शिकायतें सुनीं और मौके पर मौजूद संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समाधान शिविर के दौरान परिवार पहचान पत्र, इंतकाल, बिजली बिल, राशन कार्ड, आय संशोधन और राजस्व विभाग सहित विभिन्न विषयों से संबंधित सात शिकायतें प्राप्त हुईं। डीसी ने प्रत्येक शिकायत पर संबंधित अधिकारियों से जानकारी लेते हुए कहा कि नागरिकों की समस्याओं के समाधान में अनावश्यक देरी न हो और हर शिकायत पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन में आयोजित किए जा रहे समाधान शिविर प्रशासन और जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं। इन शिविरों के माध्यम से नागरिकों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती और एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों से जुड़ी समस्याओं की सुनवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं का घर-द्वार के नजदीक समाधान करना शासन-प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से जिला एवं उपमंडल स्तर पर प्रत्येक सोमवार व गुरुवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए इन शिविरों का लाभ उठाएं।
इन विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर एडीसी जगनिवास, एसडीएम झज्जर रवि मीणा, डीएमसी अभिनव सिवाच, सीईओ जिला परिषद मनीष फौगाट, सीटीएम ऋतु बंसीवाल, एसीपी सुरेंद्र सिंह, जिला राजस्व अधिकारी मनवीर सिंह, डीडीपीओ निशा तंवर, जिला कष्ट निवारण समिति सदस्य सुरेंद्र शर्मा व सीएम विंडो एमिनेंट पर्सन चुन्नी लाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
झज्जर स्थित लघु सचिवालय सभागार में गुरुवार को आयोजित जिला स्तरीय समाधान शिविर में नागरिकों की समस्याएं सुनती हुईं डीसी वर्षा खांगवाल।





जल प्रबंधन करके जल बचाएँ: श्याम अहलावत
जिले के एक दर्जन से ज्यादा गांव में चला जल संरक्षण अभियान
382 ग्रामीण अवैध पेयजल उपभोगताओं को किये नोटिस जारी
झज्जर, 04 जून, अभीतक: जल प्रबंधन को अपनाकर जल संरक्षण का कार्य किया जा सकता है, यह बात जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के जिला आई.ई.सी कंसलटेंट श्याम अहलावत ने कही स उन्होंने कहा कि दैनिक जीवन में रोजमर्रा के कार्यों में होने वाले पेयजल के प्रयोग को व्यवस्थित ढंग से पूर्ण किया जाये तो बड़े पैमाने पर पेयजल की बर्बादी को रोककर जल संरक्षण किया जा सकता है स अहलावत ने बताया कि नल पर टूटी लगाकर, नहाते वक्त शावर या खुले नल की बजाय मग और बाल्टी का प्रयोग कर, वाहनों को नल पर पाईप लगाकर धोने की बजाय बाल्टी और मग के प्रयोग कर, बर्तनों को खुले नल के नीचे सिंक में धोने की बजाय बाल्टी में पानी लेकर, खेतोँ में खुला पानी भरने की बजाय फव्वारे या ड्रिप सिंचाई का प्रयोग कर जल संरक्षण में अहम कदम उठाया जा सकता है स वहीं उन्होंने बताया कि अधीक्षक अभियंता अमित श्योकन्द के दिशानिर्देश पर नॉडल ऑफिसर अश्वनी सांगवान द्वारा जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन व तकनीकी स्टॉफ की संयुक्त टीमों का गठन किया गया है स जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग इन टीमों के माध्यम से जिले भर के विभिन्न गांव में जल संरक्षण मुहीम के तहत अवैध पेयजल कनेक्शन व इंसेंट्री कनेक्शन काटे जा रहें हैँ। वीरवार को जल संरक्षण अभियान के तहत जिले के गांव सुबाना में 65, साल्हावास में 15, सुरहेती में 10, ढाकला में 8, नीलाहेड़ी में 15, मारोत में 18, नंगला में 16, गीजड़ोद में 7, खेड़ी खुम्मार में 31, छोछी में 35, जेतपुर में 2, भटेडा में 18, दादनपुर में 10, किल्डोद में 11, मेहंदीपुर में 37 वहीं सिलोठी में 60,पाहसोर में 12, माजरी में 9, लाडपुर में 3 उपभोगताओं को नोटिस बाँट कर विशेष अभियान चलाया गया स अभियान के तहत सबसे पहले उन अवैध पेयजल कनेक्शन धारकों को नोटिस जारी किये गए जो पेयजल की बर्बादी कर सब्जी या हरा चारा उगाने में प्रयोग कर रहें हैँ या फिर खुले नल चलाकर पेयजल की बर्बादी कर रहें हैँ। अभियान के दौरान सभी बीआरसी, जेई व पम्प ऑपरेटर उपस्थित रहे।
अधीक्षक अभियंता अमित श्योकन्द ने ग्रामीण पेयजल उपभोगताओं से की सहयोग की अपील
अभियान को लेकर अधीक्षक अभियंता अमित श्योकन्द ने ग्रामीणों पेयजल उपभोगताओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि गर्मी के मौसम को देखते हुए पानी की बर्बादी न करें और पेयजल की बर्बादी का कारण बन रहें अवैध पेयजल कनेक्शन व इंसेंट्री कनेक्शन हटाने में विभाग का सहयोग करें ताकि प्रत्येक ग्रामीण को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हों सके स उन्होंने बताया कि जल संरक्षण अभियान में अनेक ग्राम पंचायत व ग्रामीण बेहतरीन सहयोग कर रहें हैँ जिसके चलते वीरवार को ही 382 ऐसे पेयजल उपभोगताओं को नोटिस जारी किये गए हैँ जो पेयजल की बर्बादी कर रहे थे स अभियान को लेकर उन्होंने ग्राम जल एवं सीवरेज कमेटी (वी.डबल्यू.एस.सी ) सदस्यों से भी विशेष सहयोग की अपील की ।
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झज्जर: जेएलएन में डूबी किशोरी,बचाने के चक्कर में किशोर भी डूबा
रूयूपी के रहने वाली थी 21 वर्षीय तमन्ना व 22 वर्षीय किशोर अनिल
रूएसडीएम बेरी रेणुका नांदल ने दी जानकारी।
सूचना के बाद मौके पर बुलाए गए गोताखोर व नहीं मिले शव
यूपी बदायू के गांव खोड़ादास व खंडवा गांव के रहने वाले थे अनिल व तमन्ना
कस्बा छुछकवास में अपने परिवार के साथ किराए पर रहती भी तमन्ना
घटनास्थल के पास ही खेत में कर रहे थे मजदूरी, खाना खाए जाने के दौरान हुआ हादसा
एसडीएम बेरी ने लोगो से अपील की है। नहर में न नहाए नहर का भाव होता है तेज।
गाँव गाँव पंचायत कर लोगो को किया जाएगा जागरूक।
एसडीएम बेरी ने सख्त निर्देश दिए हैं अगर फिर भी नहर में कोई भी नहाता पाया गया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
झज्जर: झज्जर में भीषण सड़क हादसा
खेत से लौट रहे बाइक सवारों पर पलटा रेत से भरा डम्फर
डम्फर के नीचे दबने से बाइक सवार दोनों युवकों की मौत
झज्जर के बेरी गेट क्षेत्र के रहने वाले मृतक बाइक सवार
झज्जर के बिरधाना गांव की ओर जाने वाले छोटे बाईपास पर हुआ हादसा
रेत के नीचे दबे बाइक सवारों के शवों को क्रेन की मदद से निकलवाया गया बाहर
घटना के बाद डम्फर चालक मौके से फरार,पुलिस मौके पर पहुंची
दोनों मृतकों के शवों को एम्बूलैंस की मदद से भिजवाया गया नागरिक अस्पताल
घटना को लेकर लोगों में रोष,प्रशासन पर लगाया लापरवाहीं का आरोप
कहा: स्पीड़ ब्रेकर न होने की वजह से आए दिन होते है यहां पर बड़े हादसे

एसवी एंड एसीबी टीम ने पटवारी को 1,700 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया
चंडीगढ, 04 जून, अभीतक: हरियाणा सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति को प्रभावी रूप से लागू करते हुए राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसवी एंड एसीबी), हरियाणा ने एक और सफल ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया है। ब्यूरो की टीम ने कृषि भूमि के इंतकाल (म्यूटेशन) के बदले रिश्वत मांगने वाले महेंद्र सिंह पटवारी को 1,700 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस संबंध में थाना एसवी एंड एसीबी, हिसार में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है। ब्यूरो के प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि शिकायतकर्ता ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी कृषि भूमि के इंतकाल की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए गांव सिसवाल, तहसील आदमपुर, जिला हिसार स्थित पटवारखाना में कार्यरत पटवारी महिंदर सिंह द्वारा 1,700 रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत का सत्यापन करने के उपरांत एसवी एंड एसीबी की सिरसा इकाई ने ट्रैप का आयोजन किया। कार्रवाई के दौरान आरोपी पटवारी को शिकायतकर्ता से 1,700 रुपये की रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। प्रवक्ता ने बताया कि ट्रैप कार्रवाई के दौरान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 105 के तहत निर्धारित सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया गया। मामले की जांच जारी है तथा जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। राज्य सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने आमजन से पुनः आह्वान किया है कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ाई में सक्रिय भागीदारी निभाएं। यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी किसी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी सूचना तत्काल ब्यूरो के टोल-फ्री नंबर 1800-180-2022 अथवा 1064 पर दें। शिकायतकर्ता की पहचान पूर्णत गोपनीय रखी जाती है तथा प्राप्त शिकायतों पर त्वरित एवं निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।
राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो लाॅन्च करने जा रहा अत्याधुनिक मोबाइल ऐप
इस ऐप के माध्यम से नागरिक भ्रष्ट अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ वीडियो, फोटो और अन्य साक्ष्य सीधे ब्यूरो तक पहुंचा सकेंगे लोग
चंडीगढ, 04 जून, अभीतक: भ्रष्टाचार के खिलाफ आमजन की भागीदारी बढ़ाने और शिकायत प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं सरल बनाने की दिशा में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसवी एंड एसीबी) जल्द ही एक अत्याधुनिक मोबाइल ऐप लॉन्च करने जा रहा है। इस ऐप के माध्यम से नागरिक भ्रष्ट अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ वीडियो, फोटो और अन्य साक्ष्य सीधे ब्यूरो तक पहुंचा सकेंगे। यह जानकारी आज पंचकूला स्थित एसीबी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान ब्यूरो प्रमुख श्री ए.एस. चावला ने दी। श्री चावला ने बताया कि प्रस्तावित मोबाइल ऐप को आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बेहद सरल बनाया जा रहा है। ऐप के माध्यम से शिकायतकर्ता भ्रष्टाचार से संबंधित वीडियो एवं फोटो अपलोड कर सकेंगे, हेल्पलाइन से सीधे संपर्क कर सकेंगे तथा संबंधित जिले की एसीबी यूनिट के अधिकारियों की जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे। शिकायतकर्ता अपनी पहचान गोपनीय रखते हुए भी भ्रष्टाचार की सूचना दे सकेंगे, जबकि प्राप्त सूचनाओं का सत्यापन कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 के पहले पांच महीनों में ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ उल्लेखनीय अभियान चलाते हुए कुल 83 आपराधिक मामले दर्ज किए, जिनमें 67 ट्रैप ऑपरेशन के दौरान रिश्वत लेते हुए अधिकारियों, कर्मचारियों एवं निजी व्यक्तियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। यह आंकड़ा दर्शाता है कि ब्यूरो ने जनवरी से मई तक के 117 कार्यदिवसों में औसतन हर दूसरे दिन एक सफल रेड की है। श्री चावला ने बताया कि 1 जनवरी से 31 मई 2026 के दौरान ब्यूरो ने भ्रष्टाचार से संबंधित 40 विभागीय जांचें दर्ज कीं, जिनमें नगर योजनाकार, तहसीलदार, बीडीपीओ, वरिष्ठ लेखा अधिकारी, चिकित्सक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हैं। इस अवधि में 36 जांचें पूरी की गईं, जिनके आधार पर 63 राजपत्रित अधिकारियों तथा 10 अराजपत्रित कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की गई है। वहीं, चार मामलों में 3 राजपत्रित अधिकारियों, 1 अराजपत्रित कर्मचारी तथा 16 निजी व्यक्तियों के विरुद्ध आपराधिक मुकदमे दर्ज करने की अनुशंसा की गई है। ब्यूरो प्रमुख ने बताया कि दर्ज 67 ट्रैप मामलों में गिरफ्तार आरोपियों में 8 ग्रुप-बी अधिकारी, 51 ग्रुप-सी कर्मचारी तथा 9 निजी व्यक्ति शामिल हैं। सभी मामलों में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत मुकदमे दर्ज कर जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रभावी जांच और मजबूत अभियोजन के कारण इस अवधि में 18 मामलों में 20 आरोपियों को सजा दिलाई गई है, जिनमें विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एवं निजी व्यक्ति शामिल हैं। अधिकांश मामलों में अदालतों ने आरोपियों को पांच वर्ष तक के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। श्री चावला ने बताया कि ब्यूरो अब उन शिकायतकर्ताओं को भी सम्मानित करेगा जिन्होंने भ्रष्टाचार के मामलों में न केवल रेड को सफल बनाया बल्कि अदालत में गवाही देकर दोषियों को सजा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके लिए वर्ष 2021 से ऐसे शिकायतकर्ताओं की पहचान की जा रही है जिन्हें प्रशस्ति पत्र एवं नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। इसी प्रकार, विभाग ने पूरे प्रदेश में ऐसे 5 पुलिसकर्मियों को सूचीबद्ध किया है जिन्होने पिछले पांच महीनों में सफल व अच्छी रेड करवाई है। इनमें एसीबी यूनिट गुरूग्राम से निरीक्षक जाकिर हुसैन प्रथम स्थान पर है जिन्होंने 7 रेड की हैं। इसी प्रकार, दूसरा स्थान सीडीसीध्निरीक्षक एसीबी भिवानी यूनिट जगजीत सिंह(6 रेड), तथा तीसरे स्थान पर एसीबी यूनिट कैथल से निरीक्षक सुबे सिंह (4 रेड), गुरूग्राम युनिट से निरीक्षक राजकरण(4 रेड) तथा एसीबी रेवाड़ी यूनिट से निरीक्षक जयपाल सिंह (4रेड) रहे हैं। इन पुलिसकर्मियों को प्रशंसा पत्र, नकद ईनाम तथा मेडल आदि से सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि ट्रैप मामलों में शिकायतकर्ताओं को राहत देने के लिए रिवॉल्विंग फंड प्रणाली को सरल बनाया जा रहा है। अब शिकायतकर्ता को रेड के लिए अपनी राशि खर्च करने के 15 से 20 दिन में रिवॉल्विंग फंड से पैसे वापिस किये जायेंगे, जिससे आमजन का विश्वास और सहभागिता दोनों बढ़ेंगे।
हर दूसरे दिन एक रेड, भ्रष्टाचारियों में कानून का डर जरूरीः ए.एस. चावला
श्री चावला ने स्पष्ट कहा कि जो सरकारी अधिकारी व कर्मचारी भ्रष्ट हैं और बिना रिश्वत के लोगों के काम नही करते, उन्हें बख्शा नही जाएगा। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के स्पष्ट निर्देश हैं कि ऐसे भ्रष्टाचारियों पर कड़ी कार्यवाही करें। ऐसे भ्रष्टाचारियों के मन में कानून का डर बिठाना है जो अपने पद का दुरूपयोग करते हैं। मुख्यमंत्री श्री सैनी का मानना है कि सरकारी तंत्र में पारदर्शिता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ईमानदार लोगों को डरने की जरूरत नहीं और भ्रष्टचारी व्यक्ति के खिलाफ एक्शन जरूर होगा। निर्दोष व्यक्ति बेखौफ होकर अपना काम करें जबकि भ्रष्ट व्यक्ति आज नही तो कल कानून की गिरफत में जरूर होंगे। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो प्रमुख ए एस चावला ने बताया कि 1 जनवरी 2026 से लेकर 31 मई 2026 तक ब्यूरो ने 117 दिनों (शनिवार-रविवार तथा अन्य अवकाश आदि छोड़कर) कुल 67 रेड की हैं जिसका अभिप्राय यह है कि ब्यूरों द्वारा कार्यदिवस में हर दूसरे दिन एक रेड की गई है।
एसवी एंड एसीबी की भिवानी टीम ने हांसी के विशाल पटवारी और उसके सहयोगी पवन, निजी व्यक्ति को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया
चंडीगढ, 04 जून, अभीतक: हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसवी एंड एसीबी) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी मुहिम को जारी रखते हुए एक और सफल ट्रैप ऑपरेशन को अंजाम दिया है। ब्यूरो की भिवानी टीम ने हांसी के विशाल पटवारी और उसके सहयोगी पवन, निजी व्यक्ति को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस संबंध में आरोपियों के विरूद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 एवं 7ए में पुलिस थाना एसवी एंड एसीबी, हिसार में मामला दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता ने एसीबी को शिकायत दी थी कि उसके प्लॉट के इंतकाल की प्रक्रिया पूर्ण करने के बदले विशाल, पटवारी द्वारा 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत के सत्यापन उपरांत एसीबी की भिवानी यूनिट द्वारा योजनाबद्ध ढंग से ट्रैप लगाया गया। ट्रैप के दौरान आरोपी पटवारी विशाल के कहने पर पवन नामक निजी व्यक्ति ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की राशि प्राप्त की। जैसे ही रिश्वत की रकम का लेन-देन हुआ, एसीबी टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को रंगे हाथ काबू कर लिया। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह कार्रवाई एसवी एंड एसीबी यूनिट भिवानी के नेतृत्व में की गई।



बहादुरगढ़ में अवैध पीवीसी मार्केट और प्लास्टिक कचरे की डंपिंग के खिलाफ धारा 163 लागू आदेश तत्काल प्रभाव से लागू
बहादुरगढ़, 04 जून, अभीतक: जिलाधीश वर्षा खांगवाल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी करते हुए बहादुरगढ़ क्षेत्र में अवैध तरीके से प्लास्टिक कचरे की डंपिंग व अनलोडिंग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। जारी आदेशों के अनुसार बहादुरगढ़ में अवैध पीवीसी बाजार के चलते प्लास्टिक कचरा अनधिकृत रूप से सार्वजनिक स्थानों व भूमि पर डंपिंग करने से वायु और जल प्रदूषण की स्थिति उत्पन्न हो रही है। यह जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है और आमजन के जीवन की गुणवत्ता एवं शांति व्यवस्था को भी प्रभावित कर रहा है। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए आदेश आमजन के हित में पारित किया गया है। यह आदेश 3 जून 2026 से 2 अगस्त 2026 तक प्रभावी रहेंगे। इन आदेशों के अनुपालन की जिम्मेदारी पुलिस विभाग, आरटीए, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी, नगर परिषद बहादुरगढ़ के कार्यकारी अधिकारी तथा संबंधित खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों को सौंपी गई है। उल्लेखनीय है कि आदेशों के उल्लंघन पर संबंधित व्यक्ति या संस्था के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
जिला लोक संपर्क एवं परिवेदना समिति की बैठक 12 जून को
हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह करेंगे बैठक की अध्यक्षता
बैठक में 16 परिवादों पर होगी सुनवाई, अधिकारियों को दिए गए उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश
झज्जर, 04 जून, अभीतक: आमजन की शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के उद्देश्य से गठित जिला लोक संपर्क एवं परिवेदना समिति की बैठक शुक्रवार, 12 जून को लघु सचिवालय स्थित संवाद भवन में आयोजित की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य, वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री राव नरबीर सिंह करेंगे। सीटीएम रितु बंसीवाल ने बताया कि बैठक में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 16 परिवाद सुनवाई के लिए रखे जाएंगे। उन्होंने कहा कि जिला लोक संपर्क एवं परिवेदना समिति की बैठक आमजन की समस्याओं के समाधान का एक महत्वपूर्ण मंच है, जहां जनहित से जुड़े मामलों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को बैठक में निर्धारित समय पर उपस्थित रहने और परिवादों से संबंधित पूर्ण जानकारी के साथ भाग लेने के निर्देश दिए हैं, ताकि नागरिकों की समस्याओं का त्वरित एवं स्थायी समाधान किया जा सके।
बेरी निगम कार्यालय में उपभोक्ता कष्ट निवारण की बैठक व बिजली अदालत 5 जून को
बेरी, 04 जून, अभीतक: बिजली निगम डिवीजन बेरी के उपभोक्ताओं की बिजली से संबंधित शिकायतों के निवारण के लिए आज (05 जून, शुक्रवार) को बिजली अदालत और उपभोक्ता कष्ट निवारण फोरम की बैठक की आयोजित की जाएगी। निगम के एसडीओ सुनील कुमार ने यह जानकारी देते हुए बताया कि बैठक उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएनएल) के बेरी कार्यालय में सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक आयोजित होगी। उन्होंने बताया कि बैठक में बिजली उपभोक्ताओं की बिजली बिल, कनेक्शन, लोड संबंधित समस्याओं को सुना जाएगा और उनका मौके पर ही समाधान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कोई उपभोक्ता फैंसले से संतुष्ट नहीं है तो वह अपनी शिकायत अध्यक्ष अभियंता झज्जर के समक्ष रख सकता है।





श्री सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने के लिए वरिष्ठ नागरिकों को करवाई जाएगी निःशुल्क यात्रा
बीपीएल परिवारों के वरिष्ठ नागरिक 6 जून तक सरल पोर्टल पर करें आवेदन
श्रद्धालुओं को ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर स्पेशल ट्रेन में मिलेगी बुकिंग, मेडिकल प्रमाण पत्र अनिवार्य
झज्जर, 04 जून, अभीतक: भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा देशभर में 11 जनवरी 2026 से 11 जनवरी 2027 तक मनाए जा रहे ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व कार्यक्रम के तहत हरियाणा सरकार की ओर से मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेशभर के श्रद्धालुओं को श्री सोमनाथ की धार्मिक यात्रा करवाने का निर्णय लिया गया है। इच्छुक श्रद्धालु यात्रा का लाभ उठाने के लिए 6 जून तक सरल पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। श्रद्धालुओं को ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर स्पेशल ट्रेन में बुकिंग मिलेगी। आठ जून को कुरुक्षेत्र से मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी इस ट्रेन को झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। डीसी वर्षा खांगवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि स्पेशल ट्रेन सहित धार्मिक स्थल पर किसी भी प्रकार का नशा प्रतिबंधित रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं को पंजीकरण कराने उपरांत ही स्पेशल ट्रेन में बैठने की अनुमति दी जाएगी। कोई भी श्रद्धालु विभाग द्वारा जारी आईडी कार्ड के बिना स्पेशल ट्रेन में यात्रा नहीं कर सकेंगे। यात्रा के लिए पंजीकरण करवाना अति अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य सुरक्षा के दृष्टिगत सोमनाथ यात्रा पर जाने से पहले अपनी मेडिकल हिस्ट्री के बारे में जानकारी भी साझा करनी होगी ताकि बाद में कोई परेशानी न आए। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे यात्रा के लिए अपना अधिकृत और योग्य चिकित्सक द्वारा प्रमाणित मेडिकल प्रमाण पत्र अवश्य लगाएं। उन्होंने बताया कि यात्रा के लिए आवेदन करने के लिए कुछ आवश्यक दस्तावेज अनिवार्य किए गए हैं, जिनमें वैध फोटो पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड या अन्य सरकारी आईडी), परिवार पहचान पत्र (पीपीपी), शारीरिक रूप से यात्रा के लिए फिट होने की स्वयं घोषणा तथा पिछले तीन वर्षों में योजना का लाभ न लेने की घोषणा शामिल है। डीसी ने पात्रता की जानकारी देते हुए बताया कि आवेदक का हरियाणा का निवासी होना और परिवार पहचान पत्र होना अनिवार्य है। आवेदक 60 वर्ष से अधिक आयु और 1.80 लाख तक वार्षिक आय वाले वरिष्ठ नागरिक योजना का लाभ उठा सकते हैं। योजना के नियमों के अनुसार, कोई भी व्यक्ति हर तीन वर्षों में केवल एक बार ही इस सुविधा का लाभ ले सकता है। ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर संचालित इस योजना में आवेदन के लिए परिवार पहचान पत्र अनिवार्य है और हर तीन वर्ष में एक बार ही इस योजना का लाभ लिया जा सकता है।
वर्षा खांगवाल, डीसी झज्जर।

नशा मुक्ति टीम ने शैक्षणिक संस्थानों में जाकर युवाओं को नशे के दुष्प्रभाव, डायल 112 नशा और यातायात के नियमों के बारे में किया जागरूक
झज्जर, 04 जून, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉक्टर राजश्री सिंह के कुशल नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए झज्जर पुलिस की अलग-अलग टीमें शैक्षणिक संस्थाओं और घर-घर जाकर युवाओं और आमजन को नशे के दुष्प्रभाव के बारे में कर रही है जागरूक। इसी कड़ी में निरीक्षक सतीश कुमार और उसकी टीम ने शहर झज्जर में अशोक कोचिंग सेंटर में आए हुए युवाओं को नशे के दुष्प्रभाव, यातायात नियमों और डायल 112 के बारे में जागरूक किया।इस दौरान नशा मुक्ति टीम ने मौजूदा युवाओं को बताया की नशा समाज के लिए गंभीर समस्या है। इसे मिटाने के लिए जन आंदोलन की आवश्यकता है जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपने गांव, मोहल्ला तथा वार्ड की जिम्मेदारी लेगा और ना ही स्वयं नशा करेगा और ना ही अपने क्षेत्र में नशे को बिकने देगा तभी हम अपने क्षेत्र से नशे को दूर भगाने में कामयाब होंगे। युवा नशे की चपेट में आकर अपराध की तरफ बढ़ रहा है इसलिए माता-पिता को भी अपने बच्चों की दैनिक गतिविधि पर ध्यान रखना चाहिए और उन्हें शिक्षा खेल-कूद तथा सामाजिक हित की गतिविधियों में आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करना चाहिए।उन्होंने कहा कि झज्जर पुलिस द्वारा नशीले पदार्थ की खरीद फिरौत करने वालों पर भी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर आपके आसपास में कोई व्यक्ति नशा करता है तो आप उसे सिविल अस्पताल के एडिशन सेंटर में काउंसलिंग करवा कर दवाई दिला सकते हो। नशा हंसते खेलते परिवार को तबाह कर देता है। यातायात नियमों के बारे में बताते हो कहा कि हमें दो पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का प्रयोग करना चाहिए। चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का प्रयोग करें। सड़क पर दर्शाए गए चिन्हों पालन करना चाहिए। यातायात नियमों की पालना करना चाहिए। इन्हें अनदेखा न करें। आगे उन्होंने डायल 112 के बारे में बताते हुए कहा कि आपातकालीन स्थिति में इसका प्रयोग करें।उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति नशे की खरीद फिरौत कर रहा है तो इसकी सूचना 1933 मानस हेल्पलाइन पर दें आपके द्वारा दी गई सूचना पर पुलिस द्वारा तुरंत कार्रवाई की जाएगी और आपकी पहचान को गुप्त रखा जाएगा।





हितेश हत्याकांड में मुख्य आरोपी गिरफ्तार, 5 दिन के पुलिस रिमांड पर
झज्जर, 04 जून, अभीतक: झज्जर पुलिस ने गांव सुबाना निवासी हितेश उर्फ गुल्लू हत्याकांड मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए वारदात में शामिल मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की गई। झज्जर पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है,ताकि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की गहनता से जांच की जा सके।माछरौली थाना प्रभारी रामावतार और स्पेशल स्टाफ प्रभारी राजेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि 15 मई की रात करीब 10रू30 बजे गांव सुबाना निवासी हितेश उर्फ गुल्लू की उसके घर के बाहर अज्ञात हमलावरों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद झज्जर पुलिस कमिश्नर डॉ.राजश्री सिंह के दिशा निर्देश पर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विभिन्न टीमों का गठन किया गया था। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों,सीसीटीवी फुटेज और गुप्त सूचनाओं के आधार पर लगातार छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान पुलिस ने पहले ही वारदात में शामिल दो आरोपियों अंकित उर्फ बनिया और अनुज को गिरफ्तार कर लिया था। दोनों आरोपियों से पूछताछ के दौरान पुलिस को मामले से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिले,जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि वर्ष 2022 में माछरौली थाना में जानलेवा हमला का एक मामला दर्ज हुआ था। इस मामले में हितेश उर्फ गुल्लू,दीपक,रोहित,मोहित,विजय और रवि आरोपी थे। आरोप था कि इन लोगों ने प्रदीप,दीकेश और सोनू पर फायरिंग की थी तथा उनके साथियों रविंद्र और संजीव को जान से मारने की धमकी दी थी। पुलिस जांच में यह भी पता चला कि हितेश उर्फ गुल्लू उक्त मामले में जमानत पर बाहर आया हुआ था। पुरानी रंजिश और आपसी दुश्मनी के चलते आरोपियों ने उसकी हत्या की साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया। जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि हितेश और दीकेश कभी अच्छे मित्र हुआ करते थे,लेकिन किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया था। समय के साथ यह विवाद गहरी दुश्मनी में बदल गया, जिसके चलते हत्या की साजिश रची गई स माछरौली थाना पुलिस, स्पेशल स्टाफ झज्जर और एसटीएफ हिसार की पुलिस टीम ने की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी दीकेश को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया,जहां से उसे पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया हैं। पुलिस रिमांड अवधि के दौरान मामले में शामिल अन्य आरोपियों, हथियारों और साजिश से जुड़े तथ्यों के बारे में पूछताछ की जाएगी। मामले की जांच अभी जारी है।


गुरुग्रामवासियों के लिए बड़ी सौगात
एचएसआईआईडीसी एजेंसी करेगी गुरुग्राम के सरकारी अस्पताल का निर्माण
₹1054 करोड़ की लागत से बनेगा सिविल अस्पताल का भव्य नया भवन
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने दिए निर्माण संबंधी औपचारिकताएं जल्द पूरी करने के निर्देश
चंडीगढ़, 04 जून, अभीतक: हरियाणा के गुरुग्राम शहर के निवासियों के लिए एक राहत भरी और बड़ी खबर है। शहरवासियों की वर्षों पुरानी और बहुप्रतीक्षित मांग को अमलीजामा पहनाते हुए राज्य सरकार ने सिविल अस्पताल निर्माण के लिए एचएसआईआईडीसी को निर्माण एजेंसी के तौर पर नियुक्त किया है। हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने इस महत्वपूर्ण परियोजना की विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि गुरुग्राम की पुलिस लाइन के समीप इस अत्याधुनिक और भव्य अस्पताल का निर्माण किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी और विशाल स्वास्थ्य परियोजना पर लगभग 1054 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। सरकार ने इस बड़े प्रोजेक्ट को समय पर और कुशलता से पूरा करने की जिम्मेदारी हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं बुनियादी ढांचा विकास निगम यानी एचएसआईआईडीसी (भ्ैप्प्क्ब्) एजेंसी को सौंपी है, जो इस पूरे भवन के निर्माण कार्य की देखरेख करेगी। उन्होंने कहा कि अस्पताल निर्माण के संबंध में अन्य औपचारिकताएं जल्द पूरी करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। आम जनता को बेहतरीन और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए इस अस्पताल के बुनियादी ढांचे को दो अलग-अलग चरणों में तैयार करने का खाका खींचा गया है। इसके तहत प्रथम चरण में इस अस्पताल को 400 बेड की क्षमता के साथ तैयार किया जाएगा, ताकि स्थानीय मरीजों को तुरंत आधुनिक इलाज की सुविधा मिल सके। इसके बाद अगले चरण में अस्पताल की क्षमता का विस्तार करते हुए अतिरिक्त 200 बेड का इंफ्रास्ट्रक्चर निर्मित किया जाएगा, जिससे भविष्य में यह एक विशाल और सर्वसुविधायुक्त चिकित्सा केंद्र के रूप में जनता की सेवा कर सकेगा। स्वास्थ्य मंत्री ने इस महत्वपूर्ण कार्य की प्रक्रिया को तेजी से शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया। इस नए सिविल अस्पताल के बन जाने से गुरुग्राम और आसपास के लाखों लोगों को इलाज के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।






नीट-2026 परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह तैयार, 21 जून को 2668 परीक्षार्थी देंगे परीक्षा
उपायुक्त नेहा सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 21 जून को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (छम्म्ज्.2026) का आयोजन शांतिपूर्ण, पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से सुनिश्चित किया जाए।
जिले में बनाए गए हैं 08 परीक्षा केंद्र
2668 परीक्षार्थी होंगे शामिल
सभी केंद्रों पर एसओपी की कड़ाई से होगी पालना
सीसीटीवी कैमरे परीक्षा से दो दिन पहले किए जाएंगे स्थापित
फ्लाइंग स्क्वॉड व ड्यूटी मजिस्ट्रेट रहेंगे तैनात
पेयजल, छाया, बिजली, शौचालय एवं बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित
स्वास्थ्य विभाग रहेगा अलर्ट मोड पर
बिजली बाधित होने की स्थिति में जनरेटर की व्यवस्था
परीक्षा केंद्रों के आसपास विशेष ट्रैफिक प्रबंधन किया जाएगा
परीक्षार्थियों के लिए जरूरी निर्देश
केवल हाफ बाजू के कपड़े पहनकर आएं
खुली चप्पल, सैंडल या कम हील वाले जूते पहनें
एडमिट कार्ड और वैध पहचान पत्र साथ लाएं
पारदर्शी पानी की बोतल ले जा सकते हैं
मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, ईयरफोन, स्मार्ट वॉच, हेल्थ बैंड, हैंडबैग, बेल्ट, टोपी एवं किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण की अनुमति नहीं होगी।
धार्मिक, पारंपरिक पोशाक पहनने वाले अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र पर कम से कम 2 घंटे पहले पहुंचें।
खेल राज्य मंत्री ने हरियाणा के 23 उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सीनियर व जूनियर प्रशिक्षकों के नियुक्ति पत्र सौंपे
ओलंपिक 2036 में हरियाणा का 36 मेडल जीतने का है मिशन, इसमें नवनियुक्त प्रशिक्षक निभा सकते हैं अहम भूमिका: खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम
खिलाड़ियों का सुरक्षित भविष्य सरकार की गारंटी, बिना तनाव देश के लिए जीतें मेडल – खेल मंत्री
खेल मंत्री ने प्रशिक्षकों से किया आह्वान- गांवों और कस्बों से जमीनी प्रतिभाएं तराश कर कामनवेल्थ, एशियन, विश्व व ओलंपिक चैंपियन बनाएं
प्रदेश सरकार एक महीने में 33 खिलाड़ियों को दे चुकी है कोचों की नौकरियां
चंडीगढ़, 04 जून, अभीतक: हरियाणा के खेल राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम ने कहा कि हरियाणा का उद्देश्य ओलंपिक 2036 में 36 मेडल जीतने का है। इन मेडलों के लिए हमारे गबरू खिलाड़ी अथक मेहनत कर रहे हैं। इस मिशन को पूरा करने में नवनियुक्त प्रशिक्षक भी अहम भूमिका निभा सकते हैं। कोच ग्रास रूट से खिलाड़ियों को ओलंपिक के लिए तैयार करने में पूरी तल्लीनता से जुट जाएं। मंत्री आज बतौर मुख्य अतिथि हरियाणा निवास चंडीगढ़ में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह मे ग्रुप (क), (ख) और (ग) वर्ग में चयनित प्रशिक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपने के दौरान संबोधित कर रहे थे। खेल मंत्री ने नव चयनित प्रशिक्षकों एवं उनके अभिभावको को बधाई देते हुए इसे युवाओं के पसीने, तपस्या और माता-पिता के त्याग की जीत का उत्सव बताया। इस दौरान मंत्री ने 3 सीनियर व 20 जूनियर प्रशिक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपे। खेल विभाग ने गत महीने भी 10 प्रशिक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपे थे। एक महीने में विभाग 33 खिलाड़ियों को प्रशिक्षक की नौकरी दे चुका है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सरकार राज्य को खेल के क्षेत्र में दुनिया का सबसे आधुनिक और सुविधायुक्त राज्य बनाने के लिए दिन-रात काम कर रही है। उन्होंने रहा कि प्रदेश सरकार खेल नीति के तहत उत्कृष्ट खिलाड़ियों को डी ग्रुप की नौकरियों में 10 प्रतिशत और सी ग्रुप की नौकरियों में 3 प्रतिशत का खेल कोटा देती है।
दूध-दही का खाणाश् सिर्फ कहावत नहीं, हमारी ताकत
खेल राज्य मंत्री ने कहा कि हरियाणा की मिट्टी की यह तासीर है कि यहां का युवा मैदान में सिर्फ खेलने के लिए नहीं, बल्कि तिरंगे की शान बढ़ाने के लिए उतरता है। ओलंपिक से लेकर नेशनल चैंपियनशिप तक हमारे खिलाड़ियों ने हमेशा राज्य का नाम रोशन किया है। उन्होंने सरकार की खेल नीति की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार की खेल नीति का उद्देश्य खिलाड़ियों को भविष्य की चिंता से मुक्त रखना है। सरकार खिलाड़ियों को सिर्फ मेडल जीतने पर बधाई नहीं देती, बल्कि उनके सुरक्षित भविष्य की गारंटी भी देती है, ताकि वे बिना किसी मानसिक तनाव के देश के लिए खेल सकें।
कोचों से आह्वानरू जमीनी स्तर से तराशें नए वैश्विक चैंपियन
खेल मंत्री ने कहा कि कोच ही खिलाड़ियों को तराश कर हीरा बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। बदलते दौर की तकनीक और आधुनिक ट्रेनिंग के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कोचों से अपील की है कि वे गांवों और कस्बों से जमीनी स्तर पर नई खेल प्रतिभाओं को पहचानें, खिलाड़ियों को कामनवेल्थ, एशियन, विश्व चैंपियनशिप व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने में दोगुनी मेहनत करें। इसके लिए प्रदेश सरकार हर आधुनिक सुविधा, इंफ्रास्ट्रक्चर और संसाधन देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
खिलाड़ी अब सरकारी सेवाओं में भी बनें रोल मॉडल
सरकारी नौकरी को जीवन की एक नई पारी बताते हुए श्री गौरव गौतम ने खिलाड़ियों से खेल के मैदान जैसा अनुशासन और समर्पण प्रशासनिक सेवाओं में भी बनाए रखने की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी अब हरियाणा के लाखों युवाओं के श्रोल मॉडलश् हैं, जिन्हें देखकर गांवों के बच्चे खेल के मैदान की तरफ आकर्षित होंगे। उन्होंने खिलाड़ियों को सफलता के बीच सदैव विनम्रता बनाए रखने की सीख दी।खेल राज्य मंत्री ने प्रदेश की खेल नर्सरियों और स्टेडियमों के आधुनिकीकरण के संकल्प को दोहराते हुए सभी से एक स्वस्थ, समृद्ध और श्नंबर वनश् खेल राज्य हरियाणा के निर्माण मंल योगदान देने का आह्वान किया। इस अवसर पर हरियाणा खेल विभाग के प्रधान सचिव श्री विजय सिंह दहिया, एडिशनल डायरेक्टर श्री अश्वनी मलिक व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।



प्रदेश के सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों में शुरू होंगे नए रोजगारोन्मुखी कोर्स- शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा
चंडीगढ़, 04 जून, अभीतक: हरियाणा के शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने कहा कि युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्रदान करने और प्रदेश की तकनीकी शिक्षा को आधुनिक बनाने के लिए सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है। सरकार द्वारा आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से राज्य के विभिन्न राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों में कई नए आधुनिक, उद्योगोन्मुखी डिप्लोमा एवं तकनीकी पाठ्यक्रम (कोर्स) प्रारम्भ किए जा रहे हैं।
उद्योगों की आधुनिक मांग के अनुरूप तैयार किए गए कोर्स
शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने बताया कि तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा यह कदम उद्योगों की वर्तमान एवं भविष्य की आवश्यकताओं, तकनीकों तथा कौशल आधारित रोजगार के अवसरों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। उन्होंने कहा कि आज का युग तेजी से बदलती तकनीक का है, इसलिए हमारे युवाओं के पास ऐसे हुनर होने चाहिए जो उन्हें तुरंत रोजगार दिला सकें।
नए सत्र से शुरू होने वाले ये हैं मुख्य पाठ्यक्रम
उन्होंने बताया कि राजकीय संस्थानों में इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग (वीएलएसआई डिजाइन एवं टेक्नोलॉजी), साइबर फॉरेंसिक्स एवं सूचना सुरक्षा, टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, आर्टिफिसर ट्रेनिंग (इलेक्ट्रिकल), पर्यावरण इंजीनियरिंग, जियो इन्फॉर्मेटिक्स एवं सर्वेक्षण प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग एवं इलेक्ट्रिक व्हीकल टेक्नोलॉजी, टेक्नीशियन एक्स-रे टेक्नोलॉजी, पत्रकारिता एवं जनसंचार, शुगर टेक्नोलॉजी तथा एपैरल डिजाइन एवं फैशन टेक्नोलॉजी कोर्स शुरू होंगे।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और उद्योग 4.0 पर फोकस
श्री महीपाल ढांडा ने कहा कि इन सभी नए पाठ्यक्रमों में प्रत्येक कोर्स के लिए 60-60 विद्यार्थियों के प्रवेश की व्यवस्था की गई है। इन पाठ्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को अत्याधुनिक तकनीकों, डिजिटल सुरक्षा, हरित प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवाओं, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी तथा विशेष औद्योगिक क्षेत्रों से संबंधित व्यावहारिक व रोजगारपरक शिक्षा प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (एनईपी-2020) तथा उद्योग 4.0 की आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीकी शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम साबित होगी। तकनीकी शिक्षा विभाग का यह प्रयास न केवल युवाओं की रोजगार क्षमता को बढ़ाएगा, बल्कि उद्योगों के लिए राज्य में ही कुशल और योग्य मानव संसाधन भी तैयार करेगा।
हरियाणा में नियमों के सरलीकरण से बढ़ी कारोबारी सुगमता
मुख्य सचिव ने राइट टू बिजनेस, भूमि उपयोग और औद्योगिक सुधारों में तेजी लाने के दिए निर्देश
चंडीगढ़, 04 जून, अभीतक: हरियाणा सरकार कारोबारी सुगमता को बढ़ावा देने के लिए नई पीढ़ी की व्यवस्था और नियामकीय सुधारों को आगे बढ़ा रही है। इनमें प्रस्तावित राइट टू बिजनेस फ्रेमवर्क, मांग-आधारित भूमि उपयोग नियोजन, युक्तिसंगत अग्नि सुरक्षा मानदंड, स्वास्थ्य क्षेत्र में एकीकृत अनुमोदन प्रणाली तथा कानूनों एवं सरकारी अधिसूचनाओं का केंद्रीकृत डिजिटल भंडार विकसित करना शामिल है। अनुपालन में कमी एवं विनियमन में ढील देने के लिए चलाए जा रहे अभियान के पहले और दूसरे चरण की प्रगति की समीक्षा के लिए हुई उच्चस्तरीय बैठक में कैबिनेट सचिवालय के विशेष सचिव श्री के.के. पाठक तथा हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने विभागों को अनुपालन संबंधी बोझ कम करने, कारोबारी सुगमता में सुधार लाने तथा नागरिक-केंद्रित शासन को मजबूत करने वाले सुधारों में तेजी लाने के निर्देश दिए। श्री रस्तोगी ने कहा कि इन सुधारों का उद्देश्य शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, प्रौद्योगिकी-संचालित और सुविधाजनक बनाना है। साथ ही नागरिकों, उद्यमियों और निवेशकों के लिए अनावश्यक नियामकीय बाधाओं को कम करना है। बैठक में बताया गया कि भूमि उपयोग अनुमतियों, औद्योगिक स्वीकृतियों, पर्यावरणीय मंजूरियों तथा स्व-प्रमाणीकरण प्रणालियों में पहले ही कई महत्वपूर्ण सुधार किए जा चुके हैं। भूमि उपयोग परिवर्तन (सीएलयू) अनुमति प्राप्त करने के लिए आवश्यक दस्तावेजों की संख्या 19 से घटाकर केवल 3 कर दी गई है, जबकि औद्योगिक क्षेत्रों के लिए ऑटो-सीएलयू व्यवस्था लागू की गई है। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश के लगभग 70 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र में सीएलयू अनुमति की आवश्यकता नहीं है। इससे भूमि मालिकों और निवेशकों को अधिक लचीलापन प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार स्वचालित अनुमोदन प्रणाली का अन्य श्रेणियों तक विस्तार करने की दिशा में भी कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि औद्योगिक विकास से संबंधित नियमों में भी महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। औद्योगिक भूमि उपयोग, परियोजना संशोधन, सब-लीजिंग तथा प्लॉट प्रबंधन में लचीलापन बढ़ाया गया है। औद्योगिक प्लॉटों के उप-विभाजन को प्रोत्साहित करने वाले उपायों से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए औद्योगिक भूमि अधिक सुलभ और किफायती बनने की संभावना है। हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन केन्द्र (एचईपीसी) को निवेशकों के लिए बहु-विभागीय अनुमोदनों की सिंगल विंडो सुविधा के रूप में और अधिक सशक्त बनाया जा रहा है और यह एक व्यापक निवेशक सहायता मंच के रूप में उभर रहा है। कारोबारी सुगमता को बढ़ावा देने और औद्योगिक भूमि के अधिकतम उपयोग के लिए फ्लोर एरिया रेश्यो (एफएआर), ग्राउंड कवरेज और सेटबैक मानकों से संबंधित नियमों को भी उदार बनाया गया है। बैठक में प्रदेश में स्व-प्रमाणीकरण और थर्ड-पार्टी सर्टिफिकेशन प्रणालियों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि कम जोखिम वाली इमारतों के लिए ऑक्युपेशन सर्टिफिकेट स्व-प्रमाणीकरण के आधार पर जारी किए जा रहे हैं, जबकि उच्च जोखिम वाली श्रेणियों के लिए थर्ड-पार्टी सर्टिफिकेशन व्यवस्था का विस्तार किया जा रहा है। इसी प्रकार के सुधार प्रदूषण नियंत्रण और अग्नि सुरक्षा अनुमोदनों में भी लागू किए जा रहे हैं। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ‘कंसेंट टू एस्टैब्लिश’ तथा ‘कंसेंट टू ऑपरेट’ की स्वीकृति अवधि को 30 कार्य दिवसों से घटाकर 21 कार्य दिवस कर दिया है। पात्र उद्योगों के लिए ऑटो-रिन्यूअल की सुविधा भी शुरू की गई है, जिससे अनुपालन लागत और प्रक्रियागत विलंब में उल्लेखनीय कमी आएगी। निजी शैक्षणिक संस्थानों के लिए भूमि एवं आधारभूत संरचना से संबंधित कठोर मानकों को सरल बनाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। इसी प्रकार उच्च शिक्षा क्षेत्र में अधिक सुगम और परिणामोन्मुखी नियामकीय परिवेश विकसित करने की दिशा में पहल की जा रही है। स्वास्थ्य क्षेत्र में अनुमोदन प्रक्रियाओं को सिंगल नोडल मैकेनिज्म के माध्यम से सुव्यवस्थित करने तथा चिकित्सा पेशेवरों के पंजीकरण संबंधी आवश्यकताओं को सरल बनाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। पर्यटन क्षेत्र में हाॅस्पिटैलिटी से जुड़ी परियोजनाओं, किफायती आवास सुविधाओं और निजी निवेश को बढ़ावा देने हेतु अनुपालन प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया जा रहा है। मुख्य सचिव ने प्रस्तावित केंद्रीकृत डिजिटल रिपॉजिटरी की प्रगति की भी समीक्षा की। इस मंच से नागरिकों, व्यवसायों तथा सरकारी विभागों को राज्य के अधिनियमों, नियमों, विनियमों, सरकारी आदेशों और नीतियों तक आसान पहुंच मिलगी, जिससे पारदर्शिता और नियामकीय निश्चितता को बढ़ावा मिलेगा।



हरियाणा के विभिन्न बोर्डों एवं आयोगों के नवनियुक्त अध्यक्षों, उपाध्यक्षों और सदस्यों ने पंचकूला में ग्रहण किया पदभार
पंचकूला में आयोजित समारोह में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी और विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने किया सम्मानित
पिछले 12 वर्षों में प्रदेश में गरीब कल्याण की दिशा में हुए उल्लेखनीय एवं सकारात्मक परिवर्तन – श्री कृष्ण कुमार बेदी
चंडीगढ़, 04 जून, अभीतक: हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता, अनुसूचित जातियां एवं पिछडे वर्ग कल्याण और अंत्योदय विभाग मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी तथा विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने आज पंचकूला में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हरियाणा राज्य सफाई कर्मचारी आयोग, हरियाणा राज्य समाज कल्याण बोर्ड, हरियाणा विमुक्त घुमंतु जाति विकास बोर्ड तथा हरियाणा केशकला एवं कौशल विकास बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्षों, उपाध्यक्षों और सदस्यों को विधिवत पदभार ग्रहण करवाया। पदभार ग्रहण करने वालों में हरियाणा राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष श्री ईष्वर सिंह प्लाका, उपाध्यक्ष श्री भारत भूषण टाक और सदस्य श्री मोहित वाल्मिकी, श्री जितेंद्र वाल्मिकी, श्रीमती रेखा रानी, श्री संजीव घारू और श्री चंद्रप्रकाश बोस्ती, हरियाणा राज्य समाज कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष कैप्टन योगेश बैरागी, हरियाणा विमुक्त घूमंतु जाति विकास बोर्ड के अध्यक्ष जसमेर सिंह बंजारा और उपाध्यक्ष श्री ओमपाल और हरियाणा केशकला और कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री यशपाल ठाकुर और उपाध्यक्ष श्री नरेश कुमार सैन शामिल रहे। श्री कृष्ण कुमार बेदी ने नवनियुक्त अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें जो नई जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसका निर्वहन वे पूरी ईमानदारी, निष्ठा और सेवाभाव के साथ करें। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में प्रदेश में गरीब कल्याण की दिशा में उल्लेखनीय एवं सकारात्मक परिवर्तन हुए हैं। पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में वृद्धावस्था सम्मान भत्ता के वितरण में भ्रष्टाचार व्याप्त था, जबकि आज यह भत्ता सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंच रहा है। उन्होंने नवनियुक्त पदाधिकारियों का आह्वान करते हुए कहा कि प्रदेश के लोगों को उनसे अनेक आशाएं और अपेक्षाएं हैं। इसलिए वे जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास करें। श्री कृष्ण लाल पंवार ने धरातल से जुड़े लोगों को विभिन्न बोर्डों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्य के रूप में नियुक्त करने के लिए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उन्हें पूर्ण विष्वास है कि नवनियुक्त अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े गरीब से गरीब व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे तथा पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करेंगे। इस अवसर पर हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा, सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता विभाग के निदेशक श्री अजय कुमार, हरियाणा विमुक्त घूमंतु जाति विकास बोर्ड के सदस्य सचिव श्री विवेक पदम सिंह, प्रदेश प्रभारी डॉ सतीश पूनिया, प्रदेश महामंत्री श्री सुरेंद्र पूनिया, प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती बंतो कटारिया, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्री मोहन लाल बडौली सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
गुरुग्रामवासियों के लिए बड़ी सौगात
एचएसआईआईडीसी एजेंसी करेगी गुरुग्राम के सरकारी अस्पताल का निर्माण
₹1054 करोड़ की लागत से बनेगा सिविल अस्पताल का नया भव्य भवन
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने दिए निर्माण संबंधी औपचारिकताएं जल्द पूरी करने के निर्देश
चंडीगढ़, 04 जून, अभीतक: हरियाणा के गुरुग्राम शहर के निवासियों के लिए एक राहत भरी और बड़ी खबर है। शहरवासियों की वर्षों पुरानी और बहुप्रतीक्षित मांग को अमलीजामा पहनाते हुए राज्य सरकार ने सिविल अस्पताल के निर्माण कार्य हेतु एचएसआईआईडीसी को निर्माण एजेंसी के तौर पर नियुक्त किया है। हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने इस महत्वपूर्ण परियोजना की विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि गुरुग्राम की पुलिस लाइन के समीप इस अत्याधुनिक और भव्य अस्पताल का निर्माण किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी और विशाल स्वास्थ्य परियोजना पर लगभग 1054 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। सरकार ने इस बड़े प्रोजेक्ट को समय पर और कुशलता से पूरा करने की जिम्मेदारी हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं बुनियादी ढांचा विकास निगम यानी एचएसआईआईडीसी (भ्ैप्प्क्ब्) एजेंसी को सौंपी है, जो इस पूरे भवन के निर्माण कार्य की देखरेख करेगी। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को अस्पताल निर्माण के संबंध में अन्य औपचारिकताएं जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। आम जनता को बेहतरीन और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए इस अस्पताल के बुनियादी ढांचे को दो अलग-अलग चरणों में तैयार करने का खाका खींचा गया है। इसके तहत प्रथम चरण में इस अस्पताल को 400 बेड की क्षमता के साथ तैयार किया जाएगा, ताकि स्थानीय मरीजों को तुरंत आधुनिक इलाज की सुविधा मिल सके। इसके बाद अगले चरण में अस्पताल की क्षमता का विस्तार करते हुए अतिरिक्त 200 बेड का इंफ्रास्ट्रक्चर निर्मित किया जाएगा, जिससे भविष्य में यह एक विशाल और सर्वसुविधायुक्त चिकित्सा केंद्र के रूप में जनता की सेवा कर सकेगा। स्वास्थ्य मंत्री ने इस महत्वपूर्ण कार्य की प्रक्रिया को तेजी से शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया। इस नए सिविल अस्पताल के बन जाने से गुरुग्राम और आसपास के लाखों लोगों को इलाज के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
राज्यसभा चुनाव में बीजेपी ने सतीश पूनिया और अलका गुर्जर को उम्मीदवार बनाया है। सतीश पूनिया वर्तमान में हरियाणा प्रभारी हैं
राजस्थान में तीन सीटों पर राज्यसभा चुनाव होना है।
भारतीय जनता पार्टी की केन्द्रीय चुनाव समिति ने विभिन्न प्रदेशों में होने वाले राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव एवं ओडिशा के उप-चुनाव 2026 हेतु निम्नलिखित नामों पर अपनी स्वीकृति प्रदान की है।
1 किलोवाट उपभोक्ताओं के घर बिना बैंक गारंटी लगेगा सोलर सिस्टम, बिजली बिल होगा शून्य : ऊर्जा मंत्री अनिल विज
किसानों की खाली जमीन पर लगेंगे सोलर प्लांट, सरकार खरीदेगी उत्पादित बिजली: अनिल विज
5 किलोवाट तक के नियमित बिल भरने वाले उपभोक्ताओं को बिना बैंक ऋण मिलेगा सोलर सिस्टम, आसान किस्तों में होगी भुगतान व्यवस्था: विज
हरियाणा बनेगा देश का अग्रणी सौर ऊर्जा राज्य, 2.20 लाख सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य: अनिल विज
पीएम सूर्य घर योजना में रिकॉर्ड आवेदन, हरियाणा को राष्ट्रीय स्तर पर मिला बड़ा सम्मान: अनिल विज
पीएम सूर्य घर योजना में हरियाणा को 3 राष्ट्रीय पुरस्कार, सौर ऊर्जा में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा प्रदेश: विज
चंडीगढ़, 04 जून, अभीतक: हरियाणा के ऊर्जा मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि राज्य सरकार एक नई योजना पर कार्य कर रही है, जिसके तहत 1 किलोवाट लोड वाले घरेलू उपभोक्ताओं को भी सौर ऊर्जा प्रणाली उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि इस योजना की विशेषता यह होगी कि लाभार्थियों को बैंक ऋण या गारंटी के लिए किसी बैंक के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। विभाग के कर्मचारी स्वयं उपभोक्ताओं के घर जाकर प्रक्रिया पूरी करेंगे और उनकी छतों पर सोलर सिस्टम स्थापित करवाएंगे। इसके बाद ऐसे उपभोक्ताओं का बिजली बिल लगभग शून्य हो जाएगा। उन्होंने बताया कि हरियाणा में 1 किलोवाट तक के लोड वाले 7 लाख से अधिक उपभोक्ता हैं, जिन्हें इस योजना का लाभ मिल सकता है। श्री विज आज मीडिया कर्मियो के सवालों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने आगे बताया कि नियमित रूप से बिजली बिल जमा करने वाले 5 किलोवाट तक के उपभोक्ताओं के लिए भी इसी प्रकार की व्यवस्था प्रस्तावित है। इस योजना में मिलने वाली सरकारी सब्सिडी के अतिरिक्त शेष राशि उपभोक्ताओं से आसान किस्तों में ली जाएगी तथा इसके लिए भी बैंक ऋण की आवश्यकता नहीं होगी। इसी प्रकार, श्री विज ने कहा कि हाल ही में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री श्री मनोहर लाल के समक्ष उन्होंने एक प्रस्ताव भी रखा है, जिसके तहत ऐसे किसान जिनकी भूमि खाली पड़ी है और जिनके परिवार के सदस्य बाहर रहते हैं, वे अपनी भूमि पर स्वयं के खर्च पर सोलर प्लांट स्थापित कर सकेंगे। इसके बाद सरकार निर्धारित दरों पर उनसे उत्पादित बिजली खरीदेगी। इससे किसानों को अतिरिक्त आय का स्रोत मिलेगा और राज्य में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए हरियाणा को आज राष्ट्रीय स्तर पर तीन प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त होने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुरस्कार सिफारिशों के आधार पर नहीं, बल्कि कार्य के आधार पर मिलते हैं और सरकार हमेशा बेहतर प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित करती है। श्री विज ने बताया कि केंद्र सरकार ने हरियाणा को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में शामिल किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस दिशा में और अधिक प्रयास करेगी तथा हरियाणा को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में पूर्णतः आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है। श्री विज ने कहा कि उन्हें सरकार में जहां भी जिम्मेदारी दी गई, उन्होंने पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य किया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य एवं गृह जैसे महत्वपूर्ण विभागों में कार्य करते हुए उन्होंने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं और स्वास्थ्य विभाग में उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें अभिनेता अमिताभ बच्चन के हाथों सम्मानित भी किया गया था। उन्होंने कहा कि इसी क्रम में आज प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत हरियाणा को केंद्र सरकार द्वारा सम्मानित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत हरियाणा में सर्वाधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। राज्य सरकार ने चालू वर्ष में 2.20 लाख सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसे निर्धारित समय से पहले पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। श्री विज ने कहा कि राज्य सरकार हरियाणा को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य की ऊर्जा का प्रमुख स्रोत सौर ऊर्जा ही है, क्योंकि कोयला, गैस और पेट्रोल जैसे पारंपरिक ऊर्जा संसाधन सीमित हैं। प्रकृति द्वारा प्रदत्त इस अक्षय ऊर्जा स्रोत का अधिकतम उपयोग कर राज्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में सरकार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत भी राज्य के किसानों ने बड़ी संख्या में सोलर पंप स्थापित करवाए हैं। हाल ही में योजना का पोर्टल बंद किया गया है, लेकिन अभी भी हजारों आवेदन लंबित हैं, जिनका शीघ्र निपटारा किया जाएगा और पात्र किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे।



राज्य सरकार प्रदेश के सरकारी अस्पतालों को अत्याधुनिक सुविधाएं देने के लिए उठा रही है कदम: स्वास्थ्य मंत्री
अंबाला नागरिक अस्पताल में अत्याधुनिक पेट और स्पेक्ट सुविधाएं शुरू करने को सीएम ने दी मंजूरी
चंडीगढ़, 04 जून, अभीतक: हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सरकारी अस्पतालों को अत्याधुनिक सुविधाएं देने के लिए लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में हरियाणा के जनस्वास्थ्य ढांचे को एक बड़ी मजबूती देते हुए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अंबाला नागरिक अस्पताल में अत्याधुनिक पेट और स्पेक्ट सुविधाएं शुरू करने को औपचारिक मंजूरी दे दी है। राज्य सरकार का यह बड़ा कदम सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर है। इस अपग्रेडेशन के बाद सरकारी अस्पताल भी सुपर-स्पेशियलिटी निजी अस्पतालों की तर्ज पर उच्च स्तरीय डायग्नोस्टिक सेवाएं देने में सक्षम हो सकेंगे। इस न्यूक्लियर मेडिसिन सुविधा की शुरुआत से अस्पताल में भर्ती गंभीर मरीजों, विशेषकर कैंसर, न्यूरोलॉजिकल (मस्तिष्क संबंधी) और हृदय रोगों से पीड़ित लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। पेट और स्पेक्ट जैसी उन्नत तकनीकें शरीर के भीतर कोशिकीय गतिविधियों और रक्त प्रवाह की सटीक मैपिंग करती हैं, जिससे डॉक्टरों को ट्यूमर और अन्य गंभीर विकृतियों का बेहद शुरुआती चरणों में पता लगाने में मदद मिलती है। इसके शुरू होने से गंभीर मरीजों को आपातकालीन स्थिति में तुरंत सटीक इलाज मिल सकेगा। इससे पहले, अंबाला और उसके आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को इन विशेष स्कैन के लिए महंगे निजी डायग्नोस्टिक केंद्रों पर निर्भर रहना पड़ता था या फिर चंडीगढ़ के पीजीआई (च्ळप्डम्त्) जैसे बड़े संस्थानों के चक्कर लगाने पड़ते थे। इस फैसले से अब यह खाई पूरी तरह पट जाएगी और एक ही छत के नीचे सस्ती व विश्वस्तरीय जांच सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे स्थानीय परिवारों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ काफी कम होगा और समय पर इलाज मिलने से मरीजों की जान बचाई जा सकेगी। यह मंजूरी जिला स्तर के अस्पतालों को आधुनिक चिकित्सा तकनीक से लैस करने की हरियाणा सरकार की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। अंबाला नागरिक अस्पताल जैसे क्षेत्रीय केंद्रों को अपग्रेड करके, राज्य सरकार का उद्देश्य विशिष्ट स्वास्थ्य सेवाओं का विकेंद्रीकरण करना है। इससे न केवल बड़े रेफरल अस्पतालों पर मरीजों का दबाव कम होगा, बल्कि उत्तरी हरियाणा में गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों के बचने और उनके जल्द ठीक होने की दर में भी बड़ा सुधार आएगा।
हरियाणा के राज्यपाल ने युवाओं से रोजगार सृजक बनकर ‘विकसित भारत’ के निर्माण में योगदान देने का किया आह्वान
चंडीगढ़, 04 जून, अभीतक: हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार सृजक बनने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि युवा उद्यमिता, नवाचार और आत्मनिर्भरता को अपनाकर अपने विचारों को सफल उद्यमों में परिवर्तित करें तथा दूसरों के लिए रोजगार के अवसर पैदा कर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। राज्यपाल आज यहां लोक भवन में ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ पहल के अंतर्गत आयोजित ‘युवा संगम कार्यक्रम’ के तहत हरियाणा दौरे पर आए त्रिपुरा के छात्र प्रतिनिधिमंडल को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर हरियाणा की प्रथम महिला श्रीमती मित्रा घोष भी उपस्थित थीं। युवाओं की राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख करते हुए प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि भारत वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर आत्मविश्वास के साथ अग्रसर है। इस राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने में केवल सरकारों और संस्थाओं की ही नहीं, बल्कि देश के युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और प्रतिबद्धता की भी अहम भूमिका है। उन्होंने छात्रों से अपनी क्षमता का पूर्ण उपयोग करते हुए वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी स्टार्टअप और नवाचार आधारित उद्यम स्थापित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत के युवाओं में अपार प्रतिभा और अटूट संकल्प है। यदि वे अपनी ऊर्जा को उद्यमिता और नवाचार की दिशा में लगाएं तो वे देश की प्रगति और आर्थिक विकास के प्रमुख वाहक बन सकते हैं। युवा संगम कार्यक्रम’ को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच का परिणाम बताते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह कार्यक्रम देश के विभिन्न राज्यों के युवाओं को एक-दूसरे की संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों को निकट से जानने और समझने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि जब त्रिपुरा का एक युवा छात्र हरियाणा के एक युवा छात्र से मिलता है, तो यह केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं होता, बल्कि दो संस्कृतियों, परंपराओं और आकांक्षाओं का संगम होता है। यही ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की वास्तविक भावना है। हरियाणा और त्रिपुरा के बीच सांस्कृतिक एवं भावनात्मक संबंधों का उल्लेख करते हुए प्रो. घोष ने कहा कि भौगोलिक दूरी के बावजूद दोनों राज्य साहस, दृढ़ता और देशभक्ति की साझा विरासत से जुड़े हुए हैं। उन्होंने त्रिपुरा को प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध जनजातीय संस्कृति और आतिथ्य-सत्कार के लिए प्रसिद्ध बताया, जबकि हरियाणा को वीर सैनिकों, उत्कृष्ट खिलाड़ियों, मेहनती किसानों तथा श्रीमद्भगवद्गीता की पावन भूमि के रूप में वर्णित किया। उन्होंने कहा कि दोनों राज्य मिलकर भारत की विविधता में एकता की भावना को सशक्त रूप से प्रदर्शित करते हैं। राज्यपाल ने छात्र प्रतिनिधिमंडल के साथ संवाद भी किया तथा त्रिपुरा यात्रा के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि त्रिपुरा के युवा राज्य के प्राकृतिक एवं मानवीय संसाधनों का प्रभावी उपयोग कर उसके विकास को नई गति देंगे और देश की प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान निभाएंगे। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव श्री विजय कुमार भाविकट्टी, एडीसी स्क्वाड्रन लीडर पी. भरत, एनआईटी कुरुक्षेत्र के निदेशक प्रो. ब्रह्मजीत सिंह, संकाय सदस्य, छात्र समन्वयक तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
चंडीगढ़ में कर्मचारियों की सैलरी 10 प्रतिशत तक बढ़ी: 20 हजार को फायदा, छुट्टी के दिन की भी वेतन मिलेगी
8 घंटे की ही ड्यूटी होगी…हरियाणा सरकार भी अमल करें
ये आदेश चंडीगढ़ प्रशासन के अधीन काम करने वाले कर्मचारियों पर लागू होगा
चंडीगढ़, 04 जून, अभीतक: चंडीगढ़ में कर्मचारियों की सैलरी 6 प्रतिशत से 10 प्रतिशत तक बढ़ गई है। इससे चंडीगढ़ प्रशासन के अधीन नियमित सैलरी और आउटसोर्सिंग के जरिए काम कर रहे 20 हजार कर्मचारियों को फायदा होगा.प्रहलाद। इसके लिए प्रशासन ने 2026-27 के लिए नई डीसी रेट जारी कर दिए हैं। ये नए आदेश 1 अप्रैल 2026 से लागू हो गए हैं, जो 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेंगे। प्रशासन के मुताबिक मंथली बेसिस पर रखे कर्मचारियों को सरकारी छुट्टियों के दिनों का भी पूरा वेतन मिलेगा। इसके अलावा, पांच साल से काम कर रहे कर्मचारियों को मूल डीसी रेट पर 2 प्रतिशत अतिरिक्त वेतन दिया जाएगा। ऐसे में अब सबसे कम सैलरी वॉच रूम ड्यूटी ऑपरेटर की 18,058 रुपए और सबसे अधिक साइकियाट्रिस्ट की 86,703 रुपए मासिक तय की गई है। इसके अलावा ड्यूटी का टाइम 8 घंटे का रहेगा।’
5 साल पूरा करने वालों को ऐसे मिलेगा फायदा
’प्रशासन की तरफ से ये दरें संशोधित कर 560 से अधिक श्रेणियों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए बढ़ाई गई हैं। नोटिफिकेशन के मुताबिक, जो कर्मचारी 31 मार्च 2026 तक अपने पद पर 5 साल की निरंतर सेवा पूरी कर चुके हैं, उन्हें मूल डीसी रेट पर 2ः अतिरिक्त वेतन दिया जाएगा। ’खास बात यह है कि यदि इस दौरान उनका ठेकेदार या एजेंसी बदली भी है, तो भी उनकी नौकरी को निरंतर माना जाएगा। इस अतिरिक्त 2ः लाभ की गणना वित्तीय वर्ष 2025-26 के वेतन के आधार पर की जाएगी।’
इन कर्मचारियों का नहीं बढ़ा वेतन
आदेश के मुताबिक, कुछ श्रेणियां ऐसी भी हैं जिनके वेतन में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। इनमें असिस्टेंट लेक्चरर, बेयरर, क्लॉक रूम अटेंडेंट, कंसल्टेंट, डेस्क हेल्पर, गेस्ट ट्रेनर और टैक्स कलेक्टर जैसे पद शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि इनका ग्रेड पे 7वें वेतन आयोग में उपलब्ध नहीं होने और संबंधित विभागों से कोई सिफारिश न आने के कारण फिलहाल इनके रेट पुराने (वित्तीय वर्ष 2025-26) वाले ही रखे गए हैं। हालांकि, विभाग से ब्योरा मिलने पर इनकी समीक्षा की जा सकती है।’
पंजाब सरकार आउटसोर्स मुलाजिम करेगी पक्के
पंजाब सरकार ने ग्रुप सी और ग्रुप डी की नौकरियों में (आउटसोर्सिंग) व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त करने जा रही है। सरकार इसके लिए दो कानून श्पंजाब राज्य आउटसोर्स्ड पर्सनल विधेयक-2026श् और श्पंजाब कॉन्ट्रैक्चुअल पर्सनल विधेयक-2026श् को मंजूरी दी है। इससे रज्य के 65,000 कर्मचारियों को लाभ होगा। राज्य के 51 सरकारी विभागों में काम कर रहे कच्चे और आउटसोर्स कर्मचारियों को सीधे सरकारी अनुबंध के दायरे में लाया जाएगा। इससे अब वेतन किसी तीसरे ठेकेदार के बजाय सीधे कर्मचारियों के बैंक खाते में आएगा, जिससे कमीशनखोरी और शोषण बंद होगा। भविष्य में इन पदों पर कोई भी भर्ती ठेके पर नहीं होगी। सीवरमैन, फायरमैन और सफाई सेवक जैसे जोखिम भरे पदों के कर्मचारी 3 वर्ष और अन्य श्रेणियों के कर्मचारी 5 वर्ष की सेवा के बाद सीधे सरकारी अनुबंध के पात्र होंगे। इस अनुबंध पर 10 वर्ष पूरे करने के बाद उन्हें स्थायी (नियमित) किया जाएगा। इन कर्मचारियों को अब मातृत्व लाभ और हर साल 10 दिनों की कैजुअल लीव मिलगी।’