Haryana Abhitak News 28/10/2025

एल. ए. स्कूल प्रांगण में कार्तिक मास कि शुक्ल पक्ष षष्ठी पर सुंदर कांड पाठ का किया गया आयोजन
झज्जर, 27 अक्तूबर, अभीतक:- एल. ए. सी. सै. स्कूल प्रांगण में कार्तिक मास कि शुक्ल पक्ष षष्ठी के शुभावसर पर सुंदर कांड पाठ का शुभ आयोजन किया गया। लिपिक अमित शर्मा, संस्कृत प्राध्यापक धर्मेंद्र शास्त्री, गोपाल कौशिक, धर्मदास शर्मा, भूगोल प्राध्यापक मुकेश शर्मा के मार्गदर्शन में संगीत मय सुंदर कांड पाठ का आयोजन किया गया। स्कूल संचालक जगपाल गुलिया, जयदेव दहिया, अनीता गुलिया व नीलम दहिया, योजित गुलिया, भविष्य दहिया के नेतृत्व में यह शुभकार्य सम्पन्न हुआ। स्कूल मैनेंजर ने बताया की अब पूरा भारत राममय हो चुका है, उसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए आज स्कूल से यह पावन कार्य किया गया। स्कूल प्राचार्या निधि कादयान ने बताया की कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष षष्ठी को मंगलवार के शुभावसर पर स्कूल प्रांगण में भगवान हनुमान जी का सुंदरकांड पाठ करवाया गया। भगवान हनुमान जी से बल, बुद्धि प्राप्ति के लिए स्कूल में सभी बच्चों की मौजूदगी में सुंदरकांड का पाठ पूरा किया गया। इस अवसर पर एचऑडी रविंद्र लोहचब, पिंकी अहलावत व पुष्पा यादव, सपना अहलावत के साथ सभी अध्यापकगण ने मौजूद रहकर सुंदर कांड के पाठ में चैपाइयों का उच्चारण किया व पाठ समापन पर सभी अध्यापकों व बच्चों के लिए प्रसाद वितरण करवाया गया।

एच.डी. स्कूल बिरोहड़ में टाटा बिल्डिंग इंडिया निबंध प्रतियोगिता का आयोजन
आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए छात्रों ने पेश किए अपने विचार

झज्जर, 27 अक्तूबर, अभीतक:- देश की अग्रणी कंपनियों में से एक टाटा समूह द्वारा आयोजित टाटा बिल्डिंग इंडिया स्कूल निबंध प्रतियोगिता का आयोजन एच.डी. स्कूल, बिरोहड़ में बड़े उत्साह के साथ किया गया। प्रतियोगिता में कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों ने भाग लिया और आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए मैं, ये पाँच कार्य करूँगा या करूँगी विषय पर अपने विचार कलमबद्ध किए। प्रतियोगिता समन्वयक मंदीप पंघाल ने बताया कि यह प्रतियोगिता छात्रों में राष्ट्र निर्माण की भावना जागृत करने और सामाजिक मुद्दों पर उनकी सोच को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। प्रतियोगिता में छात्रों ने अपनी रचनात्मकता और गहन सोच का परिचय दिया। निबंधों में छात्रों ने शिक्षा, पर्यावरण, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने, नवाचार और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे क्षेत्रों में अपने योगदान को रेखांकित किया। छात्रों ने बताया कि वे कैसे डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देकर, कचरा प्रबंधन में मदद करके, और अपने समुदाय में छोटे व्यवसायों का समर्थन करके आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपना योगदान दे सकते हैं। निदेशक बलराज फौगाट ने छात्रों की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा, हमें अपने छात्रों पर गर्व है। उनके विचार यह दर्शाते हैं कि देश का भविष्य सुरक्षित हाथों में है। यह प्रतियोगिता छात्रों को न केवल एक मंच प्रदान करती है, बल्कि उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में सोचने के लिए भी प्रेरित करती है। प्राचार्या श्रीमती नमिता दास ने कहा, आत्मनिर्भरता का विचार देश के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस प्रतियोगिता के माध्यम से हमने छात्रों को इस महत्वपूर्ण विषय पर गहराई से सोचने का अवसर दिया। हमें विश्वास है कि इन युवाओं के विचार एक दिन हकीकत में बदलेंगे और देश को और मजबूत बनाएंगे। प्रतियोगिता के सफल समापन पर, स्कूल प्रशासन ने सभी प्रतिभागियों की सराहना की। उप प्राचार्य नवीन सनसनवाल ने कहा कि यह आयोजन छात्रों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

झज्जर स्थित लघु सचिवालय सभागार में राजस्व अधिकारियों की बैठक में पेपरलेस रजिस्ट्रेशन प्रणाली की समीक्षा करते डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल।

पेपरलेस रजिस्ट्री सिस्टम व लंबित म्यूटेशन की समीक्षा बैठक आयोजित
डी सी ने दिए राजस्व कार्यों में पारदर्शिता व दक्षता सुनिश्चित करने के निर्देश

झज्जर, 27 अक्तूबर, अभीतक:- उपायुक्त श्री स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने पेपरलेस रजिस्ट्री सिस्टम एवं लंबित म्यूटेशन मामलों की समीक्षा बैठक करते हुए राजस्व अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक से पहले एफसीआर एवं एसीएस राजस्व सुमिता मिश्रा ने वीसी के माधयम से जिला प्रशासन के साथ प्रगति रिपोर्ट के साथ समीक्षा की। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त, एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार व अन्य संबंधित राजस्व अधिकारी मौजूद रहे। उपायुक्त ने कहा कि प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार एक नवंबर से रजिस्ट्री कार्य पूर्णतारू पेपरलेस व ऑनलाइन प्रणाली से किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस नई व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी, नागरिकों को सुविधा मिलेगी और समय की बचत होगी।
डीसी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि नागरिकों को नई प्रक्रिया की जानकारी समय रहते उपलब्ध कराई जाए और आमजन में भ्रम की स्थिति न बनने पाए। उन्होंने यह भी कहा कि लंबित म्यूटेशन प्रकरणों का शीघ्रता से निपटान सुनिश्चित किया जाए तथा राजस्व रिकॉर्ड को अद्यतन रखा जाए। डीसी पाटिल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक नागरिक को निर्धारित समय सीमा में राजस्व सेवाएं प्राप्त हों। बैठक में सभी मंडलों से प्राप्त प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने राजस्व कार्यों में दक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने पर बल दिया।
यह अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर एडीसी जगनिवास, एसडीएम झज्जर अंकित कुमार चैकसे, सीईओ जिला परिषद मनीष कुमार फौगाट, एसडीएम बहादुरगढ नसीब कुमार, एसडीएम बेरी रेणुका नांदल, सीटीएम नमिता कुमारी, डीआरओ मनवीर सांगवान, डीआईपीआरओ सतीश कुमार, तहसीलदार सुदेश मेहरा सहित राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

स्वप्निल रविंद्र पाटिल, डीसी झज्जर।

वायु प्रदूषण नियंत्रण में आमजन की सक्रिय भागीदारी जरूरी – डीसी
ग्रैप के दूसरे चरण की पाबंदी के नियमों की कड़ाई से पालना जनहित में जरूरी
डीसी ने कहा, वाटर स्प्रिंकलर सहित प्रदूषण नियंत्रण के सभी संसाधनों का पूरा उपयोग करें आमजन

झज्जर, 27 अक्तूबर, अभीतक:- डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने कहा कि झज्जर सहित एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण नियंत्रण केवल सरकारी एजेंसियों का कार्य नहीं, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। यह हम सभी की सामुहिक जिम्मेदारी है कि पर्यावरण संरक्षण व प्रदूषण नियंत्रण में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने बताया कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) द्वारा जारी निर्देशों के तहत ग्रैप के दूसरे चरण की पाबंदियों को कड़ाई से लागू किया जा रहा है। इसलिए नागरिक किसी भी ऐसी गतिविधि से बचें जिससे धूल या धुआं उत्पन्न होता हो। डीसी ने नागरिकों से अनुरोध किया कि सार्वजनिक परिवहन का अधिक से अधिक उपयोग करें तथा निजी वाहनों का प्रयोग न्यूनतम रखें। चूंकि अधिक निजी वाहन सडकों पर बढ़ते धुएं और जाम का कारण बनते हैं। बसों, साझंा टैक्सियों और साइकिलों का उपयोग करके ईंधन की खपत घटाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि नागरिक यात्रा करते समय कम जाम वाले मार्गों का चयन करें, भले ही मार्ग थोड़ा लंबा हो। गूगल मैप्स जैसे डिजिटल साधनों से ट्रैफिक की स्थिति देखी जा सकती है। कम ट्रैफिक वाले मार्गों से वाहन चलाने से ईंधन की बचत और प्रदूषण दोनों कम होते हैं। अपने वाहनों के एयर फिल्टर नियमित अंतराल पर बदलें, ताकि धुआं उत्सर्जन कम हो। जाम फिल्टर इंजन पर दबाव बढ़ाते हैं जिससे अधिक धुआं निकलता है। समय पर सर्विस करवाने से न केवल प्रदूषण घटता है बल्कि माइलेज भी बढ़ता है।
निर्माण स्थलों पर नियमित पानी का छिडकाव जरूरी
उन्होंने बताया कि धूल उत्पन्न करने वाले निर्माण कार्यों से परहेज करें। निर्माण स्थलों से निकलने वाली धूल वायु गुणवत्ता को गंभीर रूप से प्रभावित करती है। निर्माण कार्यों के दौरान ढकाव और नियमित पानी का छिडकाव आवश्यक है। ठोस अपशिष्ट व जैविक पदार्थों को खुले में जलाने से बचें। खेतों, गलियों या खाली स्थलों पर कचरा या सूखे पत्ते जलाने से हवा में कार्बन और सूक्ष्म कणों की मात्रा बढ़ जाती है, जो श्वसन संबंधी बीमारियों का कारण बनती है।
सुबह और देर शाम टहलने से करें परहेज
डीसी ने बताया कि नागरिक सुबह और देर शाम के समय बाहर टहलने, दौडने या शारीरिक व्यायाम करने से बचें, क्योंकि इस समय प्रदूषण का स्तर अधिक रहता है। घरों के दरवाजे और खिड़कियां भी सुबह और शाम न खोलें, यदि आवश्यक हो तो दोपहर 12 से 4 बजे के बीच ऐसा किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लकड़ी, कोयला, गोबर या मिट्टी के तेल जैसे बायोमास को जलाने से परहेज करें। खाना पकाने और हीटिंग के लिए स्वच्छ, धुआं रहित ईंधन (गैस या बिजली) का प्रयोग करें।
आरडब्ल्यूए को भी निभानी होगी जिम्मेदारी
डीसी ने झज्जर व बहादुरगढ़ की सभी आरडब्ल्यूए से अपील की कि जिनके पास पेड़ों की धुलाई के लिए स्प्रिंकलर या अन्य संसाधन हैं, वे उनका पूरा उपयोग करते हुए प्रदूषण नियंत्रण में सहयोग करें। साथ ही यह सुनिश्चित करें कि उनके क्षेत्र में जिला प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों की पूरी पालना हो।

जिला लोक संपर्क एवं परिवेदना समिति की मासिक बैठक आज
प्रदेश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा करेंगे बैठक की अध्यक्षता

झज्जर, 27 अक्तूबर, अभीतक:- जिला लोक संपर्क एवं परिवेदना समिति की बैठक बुधवार 29 अक्तूबर को दोपहर 2 बजे लघु सचिवालय स्थित संवाद भवन में आयोजित की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता हरियाणा सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा करेंगे। यह जानकारी देते हुए सीटीएम नमिता कुमारी ने बताया कि बैठक में जिला स्तर पर प्राप्त शिकायतों को समिति के समक्ष रखा जाएगा, जिनका मौके पर ही समाधान करने का प्रयास किया जाएगा। बैठक में कुल 14 शिकायतें प्रस्तुत की जाएंगी। इस अवसर पर संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहेंगे।

समयबद्ध विकास कार्यों से ग्रामीण क्षेत्रों का होगा सर्वांगीण विकास – डीसी
डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने अधिकारियों के साथ बैठक में की डी प्लान, ग्रामीण विकास, सांसद निधि सहित अन्य योजनाओं की समीक्षा

झज्जर, 27 अक्तूबर, अभीतक:- डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने मंगलवार को लघु सचिवालय स्थित सभागार में आयोजित अधिकारियों की बैठक में डी प्लान, ग्रामीण विकास, सांसद क्षेत्र विकास योजना, सांसद आदर्श ग्राम योजना, एचआरडीएफ, सीएम अनाउंसमेंट तथा जिला परिषद के कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्धारित समयवधि में विकास परियोजनाओं को पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में उपायुक्त ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विकास कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए ताकि योजनाओं का लाभ जनसामान्य तक शीघ्र पहुंच सके। डीसी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के सतत विकास के लिए सभी विभागों में बेहतर समन्वय जरूरी है। डी-प्लान तथा अन्य योजनाओं के तहत स्वीकृत परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और प्रत्येक कार्य स्थल पर प्रगति की रिपोर्ट साप्ताहिक रूप से कार्यालय में भेजी जाए।
इन विभागों के अधिकारी रहे उपस्थित
इस अवसर पर एडीसी जगनिवास, एसडीएम झज्जर अंकित कुमार चैकसेे, सीईओ जिला परिषद मनीष कुमार फौगाट, एसडीएम बहादुरगढ नसीब कुमार, एसडीएम बेरी रेणुका नांदल, डीडीपीओ निशा तंवर, जनस्वास्थ्य, पंचायती राज, ग्रामीण विकास विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय एकता दिवस पर 31 अक्टूबर को रन फॉर यूनिटी में दौड़ेंगे झज्जरवासी
लौह पुरूष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150 वीं जयंती पर जिला स्तर पर होगा भव्य आयोजन
डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में सक्रिय भागीदारी का किया आहवान

झज्जर, 27 अक्तूबर, अभीतक:- देश के प्रथम उप प्रधानमंत्री और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150 वीं जयंती, जो कि प्रत्येक वर्ष 31 अक्टूबर को मनाई जाती है, इस बार भी जिले में राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में बड़े उत्साह से मनाई जाएगी। इस अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा रन फॉर यूनिटी का आयोजन किया जा रहा है। यह जानकारी डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने मंगलवार को दी। उपायुक्त ने बताया कि रन फॉर यूनिटी कार्यक्रम का आयोजन शुक्रवार 31 अक्टूबर को प्रातरू 7 बजे शहर के महर्षि दयानंद सरस्वती स्टेडियम, झज्जर से किया जाएगा। दौड़ स्टेडियम से शुरू होकर पुरानी तहसील रोड, जलघर,बीकानेर चैक, अंबेडकर चैक, पुराना बस स्टैंड से होते हुए वापिस स्टेडियम में संपन्न होगी। डीसी ने बताया कि इस अवसर पर जिले के अधिकारी-कर्मचारी, स्कूली विद्यार्थी, विभिन्न खेलों के खिलाड़ी, सामाजिक संगठन एवं बड़ी संख्या में नागरिक भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल के आदर्शों को स्मरण करते हुए इस आयोजन का उद्देश्य समाज में एकता, अखंडता एवं देशभक्ति की भावना को सुदृढ़ करना है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे रन फॉर यूनिटी में बढ़-चढकर हिस्सा लें और एक भारत, श्रेष्ठ भारत के संदेश को जन-जन तक पहुंचाएं।

संस्कृति और तकनीकी का संगम बनेगा जिला युवा महोत्सव
झज्जर में 6 और 7 नवंबर को होगा जिला युवा महोत्सव का भव्य आयोजन
आगामी 5 नवंबर तक माई भारत पोर्टल पर कर सकेंगे युवा अपना पंजीकरण

झज्जर, 27 अक्तूबर, अभीतक:- डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल के मार्गदर्शन में जिला मुख्यालय पर आगामी 6 व 7 नवंबर को आयोजित होने वाले जिला युवा महोत्सव की तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं। जिला युवा समन्वयक अधिकारी एवं राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान झज्जर एट गुढ़ा के प्रधानाचार्य जीतपाल ने बताया कि युवा अधिकारिता एवं उद्यमिता विभाग हरियाणा तथा नेहरू युवा केंद्र के सौजन्य से इस बार जिला युवा महोत्सव का आयोजन 6 एवं 7 नवंबर को किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 15 से 29 वर्ष की आयु वर्ग का कोई भी युवा इस कार्यक्रम में भाग ले सकता है। जिला युवा महोत्सव का आयोजन राजकीय स्नातकोत्तर नेहरू महाविद्यालय, झज्जर तथा राजकीय बहुतकनीकी संस्थान, झज्जर में किया जाएगा। इस बार के युवा महोत्सव में लोक नृत्य समूह, लोक गीत समूह, कविता लेखन, कहानी लेखन, पेंटिंग, भाषण, आविष्कारिक साइंस मेला (ग्रुप व एकल), लोक संगीत वाद्य यंत्र (ग्रुप व एकल) सहित विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इच्छुक प्रतिभागी माई भारत पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं तथा पंजीकरण उपरांत अपना आवेदन पत्र राजकीय आईटीआई झज्जर एट गुढ़ा में 5 नवंबर तक फिजिकली जमा करवा सकते हैं। प्रत्येक प्रतिभागी केवल एक ही प्रतियोगिता में भाग ले सकेगा। विजेताओं को प्रोत्साहन स्वरूप प्रथम पुरस्कार 3100 रुपये, द्वितीय पुरस्कार 2100 रुपये और तृतीय पुरस्कार 1100 रुपये नकद राशि के रूप में प्रदान की जाएगी। आवेदन के साथ प्रतिभागियों को दसवीं की मार्कशीट, आधार कार्ड, फैमिली आईडी, फोटो व बैंक खाता की प्रति संलग्न करना अनिवार्य होगा। जिला युवा समन्वयक अधिकारी जीतपाल ने युवाओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर इस महोत्सव को भव्य और सफल बनाने में सहयोग करें।

रेणुका नांदल, एसडीएम बेरी।

बदलते मौसम में स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें नागरिक – एसडीएम
पौष्टिक भोजन लें तथा सुबह शाम योगा एवं ध्यान करें नागरिक

बेरी, 27 अक्तूबर, अभीतक:- एसडीएम रेणुका नांदल ने कहा कि दिन – प्रतिदिन ठंड के बढने मौसम में निरन्तर बदलाव आ रहा है। हमें बदलते मौसम में स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि मौसम में बदलाव के साथ ही आमजन को एहतियात बरतनी चाहिए और शरीर में किसी भी तरह की समस्या होने पर स्वास्थ्य जांच अवश्य करवाएं। उन्होंने कहा कि आमजन को बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन सजग है। उन्होंने कहा कि बदलते मौसम में बुखार, खांसी,जुकाम, एलर्जी, जोड़ों में दर्द आदि कोई भी लक्षण प्रतीत होने पर तुरंत अपने नजदीकी चिकित्सा केंद्र में स्वास्थ्य जांच करवाएं। नागरिक इस मौसम में शरीर को निरोगी रखने के लिए पूरी सावधानियां बरतें। उन्होंने कहा कि आमजन पौष्टिक भोजन करें और सुबह शाम नियमित योगा एवं ध्यान करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय-समय पर जारी किए जाने वाले परामर्श की भी अनुपालन करनी चाहिए।

अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी शर्मा ने गिलाकोर विद्यालय का निरीक्षण किया
जोधपुर, 27 अक्तूबर, अभीतक:- चामू क्षेत्र की ग्राम पंचायत गिलाकोर स्थित स्वतंत्रता सैनानी स्वर्गीय श्री मंगलसिंह राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय का अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी बाबूलाल शर्मा ने निरीक्षण किया। प्राध्यापक शैताना राम बिश्नोई ने बताया कि एसीबीईओ शर्मा ने विद्यालय के शिक्षकों और छात्रों से मुलाकात करते हुए प्रखर 2.0 कार्यक्रम के तहत छात्रों की प्रगति का मूल्यांकन, वर्कबुक जांच स्थिति, पीएम पोषण के अंतर्गत दुग्ध एवं मध्याह्न भोजन व्यवस्था सहित विद्यालय की विभिन्न गतिविधियों जैसे कि खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रम और शैक्षिक गतिविधियों का जांच किया। एसीबीईओ शर्मा ने विद्यालय स्टाफ को संबलन प्रदान किया और उन्हें आवश्यक सुधारों के लिए सुझाव दिए। इस मौके पर व्याख्याता ओम प्रकाश, किशोर कुमार, वरिष्ठ अध्यापक बाबू सिंह राजपुरोहित, देवीलाल सोनी, भगवान सिंह राठौड, रमेश कुमार, भैरा राम, खुशाला राम, नरेंद्र कुमार, समू कंवर सहित विद्यार्थी उपस्थित रहे।

जिला ट्रेनिंग सेंटर मेंएमपीएचएस (मेल) की हुई मीटिंग
झज्जर, 28 अक्तूबर, अभीतक:- मंगलवार को जिला ट्रेनिंग सेंटर में जिले के सभी एमपीएचएस (मेल) की मीटिंग की गई। और सभी ने अपने विचार विमर्श करके स्वास्थ्य निरीक्षक संघ का गठन किया। जिसमें सर्व समिति से रूपेश कुमार डीघल को प्रधान, सुधीर बदली को सचिव, नरेंद्र दूबलधन को कैशियर, सतीश ढाकला को प्रेस सचिव, सत्यवान जमालपुर को उप प्रधान, देवेंद्र छारा को ऑडिटर चुना गया। प्रधान बनने के बाद रूपेश कुमार ने कहा कि हमारी प्राथमिकता पे नॉमिनी को दूर करवाना, एस एमआई पद को क्लास 2 में करवाना, समाप्त किए गए पदों को बहाल करवाना हमारे मुख्य प्राथमिकता है। इस मीटिंग में राजेश कुमार, राजवीर, विजय, करण सिंह, अशोक कुमार, रणबीर दहिया, जितेंद्र दुजाना, रामेश्वर बादली, राजेश राणा, राजवीर डीजल, विजय नांदल, सुनील, जोगेंद्र, जगदीप सिंह सिलानी, सुनील राणा, देवेंद्र नूना माजरा, रामनिवास चाहर उपस्थित रहे।

श्री श्याम प्रभु खाटू वाले की असीम कृपा से श्री श्याम जन्मोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस शुभ अवसर पर आप सादर सह परिवार आमंत्रित है, कृपया सह परिवार पधार कर बाबा श्याम का आशीर्वाद लें व भजनों का आनंद लें।
आयोजक: श्री श्याम अखंड ज्योति मंदिर झज्जर धाम

जिला प्रशासन ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए बढ़ाई सख्ती, जिला में ग्रैप-टू लागू
प्रदूषण नियंत्रण के लिए ग्रैप-टू के नियमों की सख्ती से पालना जरूरी : डीसी अभिषेक मीणा
डीसी अभिषेक मीणा ने जिला वासियों से वायु प्रदूषण नियंत्रण करने में भागीदार बनने का किया आह्वान

रेवाड़ी, 28 अक्तूबर, अभीतक:- जिले में बढ़ते वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए उपायों को और सख्ती से लागू करने के उद्देश्य से डीसी अभिषेक मीणा ने स्पष्ट कहा कि जिला में ग्रेडिड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के दूसरे चरण में निर्धारित सभी निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाए। इस संबंध में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीसी ने कहा कि जिला में ग्रेप- टू की पाबंदी लागू हो गई हैं, जिसके लिए हमें प्रदूषण नियंत्रण उपायों को पूरी गंभीरता से अपनाना होगा। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, शहरी निकायों सहित अन्य संबंधित विभागाध्यक्षों को कड़े निर्देश दिए कि वे जिला में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम उठाएं। सभी विभाग जिला में एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी वायु गुणवत्ता सूचकांक को नियंत्रित रखने लिए जमीनी स्तर पर मिलकर काम करें। डीसी ने निर्देश दिए कि शहर की सभी प्रमुख सड़कों और औद्योगिक इलाकों में धूल नियंत्रण उपायों पर विशेष ध्यान दिया जाए। संबंधित विभाग नियमित रूप से सड़कों के किनारे पेड़ों और पौधों पर पानी का छिड़काव करवाएं, ताकि धूलकणों से राहत मिल सके। जहां धूल का स्तर अधिक है, उन स्थानों पर एंटी-स्मॉग गन का प्रयोग किया जाए। एनएचएआई और नगर परिषद सड़कों व राष्ट्रीय राजमार्गों पर धूल के हॉटस्पॉट चिन्हित कर नियमित साफ-सफाई और पानी का छिड़काव सुनिश्चित करवाएं। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित सभी विभागों के निर्माण कार्यों और औद्योगिक इकाइयों की नियमित जांच करने के निर्देश दिए तथा यह सुनिश्चित करने को कहा कि ग्रैप नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। डीसी ने कहा कि कूड़ा या किसी भी प्रकार के अपशिष्ट जलाने की घटनाओं पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। विभागों को ऐसे मामलों पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण विभाग यह सुनिश्चित करें कि 500 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में होने वाले सभी निर्माण कार्यों का विवरण ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज किया जाए। निर्माण के दौरान उत्पन्न मलबे को निर्धारित स्थल पर ही डाला जाए। उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण से जुड़ी सभी गतिविधियों की निगरानी और रिपोर्टिंग नियमित रूप से की जाए, ताकि जिला प्रशासन समय पर आवश्यक निर्णय ले सके। डीसी ने कहा कि प्रशासन के प्रयास तभी सार्थक होंगे जब जनता भी सक्रिय सहयोग देगी। उन्होंने जिला वासियों से अपील की कि वे अपने आस-पास स्वच्छता बनाए रखें, कूड़ा न जलाएं और वाहन प्रदूषण को नियंत्रित रखने के लिए नियमित सर्विसिंग कराएं। उन्होंने नागरिकों से यह भी अनुरोध किया कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें ताकि सभी के सम्मिलित प्रयासों से पर्यावरण की गुणवत्ता सुधारी जा सके।

प्रशासन का रात्रि ठहराव कार्यक्रम आज गांव सुरेहली में
डीसी व एसपी करेंगे जनसुनवाई

रेवाड़ी, 28 अक्तूबर, अभीतक:- जिला प्रशासन रेवाड़ी की ओर से बुधवार, 29 अक्टूबर को जिला के गांव सुरेहली में रात्रि ठहराव कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। नगराधीश जितेंद्र कुमार ने बताया कि डीसी अभिषेक मीणा व एसपी हेमेंद्र कुमार मीणा रात्रि ठहराव के दौरान ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित करेंगे। नगराधीश ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के दिशा निर्देशों की अनुपालन जिला प्रशासन की ओर से प्रभावी ढंग से की जा रही है। इसी कड़ी में समाधान शिविर के साथ ही रात्रि ठहराव कार्यक्रम भी निरंतर किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के दौरान सार्वजनिक व व्यक्तिगत समस्याओं को सुनकर उनका समाधान किया जाएगा। हरियाणा सरकार की जनहितकारी नीतियों की जानकारी देने के लिए विभागीय प्रदर्शनी लगाई जाएगी। रात्रि ठहराव कार्यक्रम में सभी विभागों के प्रमुख अधिकारी मौजूद रहेंगे।

पीएम श्री रा.व.मा.वि. पाल्हावास में हुआ प्रतिभा सम्मान समारोह
रेवाड़ी, 28 अक्तूबर, अभीतक:- शहीद रविंद्र कुमार पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पाल्हावास में प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। विद्यालय के प्रिंसिपल शोभा भारद्वाज में बताया कि कल्चरल फेस्ट में विद्यार्थियों ने बहुत ही अच्छी उपलब्धियां अर्जित की जिसमें राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए ग्रुप डांस का चयन हुआ है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कंवाली में आयोजित जिला स्तरीय कल्चरल फेस्ट में चार इवेंट हुए थे, उनमें चारों ही इवेंट में पीएमश्री पाल्हावास ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है, जिसमें प्रथम हरियाणवी ग्रुप डांस, द्वितीय स्थान पर रागनी, द्वितीय स्थान पर स्किट और सोलो डांस में कुमारी बेबी तृतीय स्थान पर रही। इस उपलब्धि पर किरण यादव, सुमन यादव, मोना यादव को भी सम्मानित किया गया। प्राचार्य शोभा भारद्वाज और सभी स्टाफ सदस्यों ने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयन होने पर सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर सतीश कुमार, मुकेश कुमार, उर्मिला यादव, डेजी, सुमन, सोनू यादव, पुष्पा यादव, पूनम यादव, किरण यादव, मोना यादव, राजबाला, वंदना, सुषमा शर्मा, मांगेराम, अनीता यादव, सुशील यादव, मंजीत, सुमन लता, शोभा देवी, उषा यादव, रेनू, पूजा, सपना, संतोष, होशियार सिंह, नीलम, पूनम, करण सिंह और इंद्र आदि उपस्थित रहे।

सर्दी का मौसम शुरू, सभी रोड पर मार्किंग करें सुनिश्चित : डीसी
डीसी अभिषेक मीणा ने सडक सुरक्षा समिति की बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश
सभी रोड से अवैध कट पूर्णत किए जाएं बंद

रेवाड़ी, 28 अक्तूबर, अभीतक:- सर्दी का मौसम शुरू हो चुका है। ऐसे में जिला में नए बनाए और मुरम्मत किए रोड सहित सभी सडकों की पूरी तरह से मार्किंग होनी चाहिए, उन पर साइन बोर्ड, सफेद पट्टी, रिफ्लेक्टर आदि लगने सुनिश्चित कर लिए जाएं, ताकि धुंध के समय वाहन चालकों को परेशानी न हो पाए। यह निर्देश डीसी अभिषेक मीणा ने मंगलवार को लघु सचिवालय सभागार में सडक सुरक्षा समिति की जिलास्तरीय बैठक में दिए। डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि जिला से निकल रहे राष्टड्ढ्रीय व राज्य मार्गों सहित संपर्क सडक तंत्र की मजबूती के साथ सडक दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है। ऐसे में संबंधित विभाग अपने अधिकार क्षेत्र की सडकों के सुधारीकरण पर पूरी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करते हुए सही रखरखाव रखे। जिला की सडकों पर सभी ब्लैक स्पॉट पर दुर्घटनाओं को कम करने के लिए सुरक्षात्मक उपाय किए जाएं। लोक निर्माण विभाग, एचएसवीपी, राजमार्ग प्राधिकरण, नेशनल हाईवे व एचएसआईडीसी आदि विभागों के अधीन सडकों पर जो भी ब्लैक स्पॉट हैं, उनको तत्परता से दूर किया जाए। वहीं जिला के सभी रोड से अवैध कटों को पूर्णत बंद किया जाए। उन्होंने कहा कि रेवाड़ी से होकर गुजरने वाले राष्टड्ढ्रीय राजमार्गों, स्टेट मार्गों सहित अन्य सडकों व चैराहों पर राहगीरों व वाहन चालकों की सुरक्षा के मद्देनजर आवश्यक कार्यवाही अमल में लाते हुए क्षतिग्रस्त सडकों की तुरंत प्रभाव से मुरम्मत करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि नेशनल हाईवे ऑथोरिटी द्वारा फ्लाई ओवर के साथ सर्विस लेन दोनों साइड से सही ढंग से बनाई जाए और इस कार्य को जल्द पूरा कर लिया जाए, ताकि वाहन चालकों को कोई परेशानी न हो। डीसी ने कहा कि संबंधित विभाग अपने अधिकार क्षेत्र की सडकों पर गड्ढों को दुरुस्त करने के साथ ही टी-प्वाइंट आदि आवश्यक स्थानों पर साइन बोर्ड और ब्रेकर बनवाएं। इसके अलावा ओवरलोड वाहनों के चालान करने के निर्देश दिए। साथ ही सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के तहत स्कूल बसों की नियमित जांच सुनिश्चित करने के भी आदेश दिए गए। इस अवसर पर एडीसी राहुल मोदी, आरटीए सचिव एवं एसडीएम रेवाड़ी सुरेश कुमार, एसडीएम बावल मनोज कुमार व नगराधीश जितेंद्र कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारीगण मौजूद रहे।

जिला में अवैध निर्माण को पूर्णतः किया जाए ध्वस्त – डीसी
डीसी अभिषेक मीणा ने जिला नगर योजनाकार, खनन व नार्को के अधिकारियों के साथ की बैठक

रेवाड़ी, 28 अक्तूबर, अभीतक:- डीसी अभिषेक मीणा ने जिला नगर योजनाकार के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला में अवैध निर्माण न होने दिए जाएं। ऐसा करने वालों पर तुरंत प्रभाव से कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण को पूर्णतरू ध्वस्त किए जाएं। वहीं कानूनी कार्रवाई भी अमल में लाई जाए। डीसी मीणा ने मंगलवार को लघु सचिवालय सभागार में जिला नगर योजनाकार, खनन व नार्को के अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक की। डीसी ने अवैध कॉलोनियों में नियमानुसार विभागीय कार्यवाही (तोडफोड़ की कार्यवाही व एफ.आई.आर. दर्ज करवाने) करने के निर्देश देते हुए कहा कि जो अवैध कॉलोनियां नियमितिकरण पॉलिसी के अंतर्गत नहीं आती हैं उनके खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही अमल में लाई जाए। जहां कहीं भी अवैध निर्माण हो रहा है उसे तुरंत प्रभाव से ध्वस्त किया जाए। डीटीपी मनदीप सिहाग ने विभागीय गतिविधियों से संबंधित विस्तार से जानकारी दी और बताया कि सरकार के निर्धारित नियमों की पालना जिला में प्रभावी ढंग से क्रियान्वित की जा रही है। डीसी ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि आप अपनी मेहनत की पूंजी को प्लॉट की खरीदारी की उत्सुकता में अवैध कॉलोनाइजर के हाथों न सौंपे, अन्यथा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है। पूरी जांच परख के बाद ही जमीन की खरीद फरोख्त करें, ताकि किसी भी प्रलोभन का शिकार न हो पाएं। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति प्लाट खरीदने से पहले कॉलोनी की वैधता बारे जिला नगर योजनाकार रेवाड़ी कार्यालय से किसी भी कार्य दिवस को छानबीन कर सकता है।
अवैध खनन न हो इसके लिए मॉनिटरिंग जरूरी – डीसी
डीसी अभिषेक मीणा ने खनन अधिकारियों के साथ बैठक में कहा कि जिला में किसी भी रूप से अवैध खनन न हो इसके लिए संबंधित विभाग नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि कहीं भी अवैध खनन हो रहा हो तो दोषी व्यक्ति के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कहीं भी अवैध माइनिंग की जा रही है तो खनन विभाग उस मामले में तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए माइनिंग को बंद करवाएं।
युवाओं को नशा न करने बारे करें जागरूक
डीसी अभिषेक मीणा ने नार्को समन्वय कमेटी अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए कहा कि जिला में नशा करने वालों की पहचान करें और उनकी काउंसलिंग करवाएं। उन्होंने कहा कि जिला के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में आमजन के साथ-साथ विद्यालय व महाविद्यालय के विद्यार्थियों को नशा न करने बारे जागरूक किया जाए। युवाओं को नशे की लत से रोकने के लिए विशेष अभियान चलाते हुए जागरूकता गतिविधियां आयोजित लगातार चलाई जाएं। उन्होंने कहा कि जिला में गठित टीम द्वारा नियमित रूप से रेड करते हुए जिले में नशीले पदार्थों की आपूर्ति के नेटवर्क को ध्वस्त करने पर फोकस करें। उन्होंने आह्वान किया कि युवा वर्ग नशे की प्रवृत्ति से दूर रहकर अपनी ऊर्जा का प्रयोग सकारात्मक कार्यों में करें। युवाओं को नशे की लत से बचाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा टोल फ्री ड्रग हेल्पलाइन नंबर-9050891508 जारी किया गया है। साथ ही कोई भी व्यक्ति मानस पोर्टल के माध्यम से भी नशे की बिक्री अथवा इससे संबंधित जानकारी साझा कर सकता है। इस अवसर पर एडीसी राहुल मोदी, आरटीए सचिव एवं एसडीएम रेवाड़ी सुरेश कुमार, एसडीएम बावल मनोज कुमार व नगराधीश जितेंद्र कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारीगण मौजूद रहे।

एसडीएम बावल ने विद्यालयों का किया निरीक्षण
विद्यालयों में व्यवस्थाओं का लिया जायजा

रेवाड़ी, 28 अक्तूबर, अभीतक:- एसडीएम बावल मनोज कुमार ने मंगलवार को बावल उपमंडल के विभिन्न विद्यालयों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान विद्यालयों के अध्यापकों और विद्यार्थियों से बातचीत कर फीडबैक लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। एसडीएम मनोज कुमार ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय राजगढ, राजकीय प्राथमिक विद्यालय कालडावास व राजकीय उच्च विद्यालय सुठाना का निरीक्षण किया। विद्यालयों में किसी भी प्रकार की खामियां नही पाई गई। इस दौरान उन्होंने स्कूलों में सफाई व्यवस्था दुरूस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यार्थियों से बातचीत करते हुए निरंतर पढ़ाई करने को लेकर जागरूक किया। वहीं पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी आगे बढने के लिए प्रेरित किया।

हरियाणा दिवस पर आयोजित होगी हरियाणवी फोक सांग व लोकनृत्य प्रतियोगिताएं – डीआईपीआरओ
आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर
प्रतियोगिताओं के तहत प्रथम पुरस्कार 1,00,000, द्वितीय पुरस्कार 75,000 और तृतीय पुरस्कार 50,000

रेवाड़ी, 28 अक्तूबर, अभीतक:- हरियाणा दिवस के उपलक्ष्य में कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग हरियाणा द्वारा दिनांक 1 से 3 नवंबर 2025 तक यवनिका ग्राउंड, सेक्टर-5 पंचकूला में “हरियाणवी फोक सांगध्रागनी तथा हरियाणवी लोक नृत्य (समूह)” प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन का उद्देश्य हरियाणा की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपरा और लोक कलाओं को बढ़ावा देना है। जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी दिनेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु प्रतिभागियों के लिए स्पष्ट नियम व पात्रता निर्धारित की गई है।
हरियाणवी फोक सोंग, रागनी
एकल प्रतिभागी के साथ संगतकारों की प्रस्तुति की संख्या अधिकतम 5 होनी चाहिए और संगतकार कोरस में भी तथा रागनी समूह में भी गा सकते हैं। प्रस्तुति की अवधि 4 से 6 मिनट होगी। प्रस्तुति को उसकी मूल लोक धुन में प्रस्तुत किया जाना अनिवार्य है। अभिव्यक्ति का माध्यम हरियाणवी भाषा की किसी भी बोली में होना चाहिए। निर्णय आवाज की गुणवत्ता, धुन की प्रमाणिकता, रचना, प्रस्तुति और समग्र प्रभाव पर आधारित होगा।
हरियाणवी लोकनृत्य
प्रति टीम अधिकतम 10 प्रतिभागी तथा अधिकतम 5 संगतकारों का होना अनिवार्य है। प्रस्तुति की अवधि 6 से 8 मिनट होगी। निर्णय लय, संरचना, अभिव्यक्ति, वेषभूषा, मेकअप, सैट और सामग्री, नृत्य की गुणवत्ता इत्यादि पर आधारित होगा।
प्रति कॉलेज प्रति विधा में केवल एक-एक प्रविष्टि की अनुमति
जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि प्रति कॉलेज प्रति विधा में केवल एक-एक प्रविष्टि की अनुमति है। फिल्मी गाने और रिकॉर्ड की गई धुनों की सख्त मनाही है। मंच की स्थापना, उपकरण व्यवस्था, ध्वनि जांच और समग्र तैयारी के लिए दिया जाने वाला समय 10 मिनट से अधिक नहीं होगा। प्रस्तुति का विषय सभ्य, सांस्कृतिक होना अनिवार्य है। विषय अभद्र व अश्लील नहीं होना चाहिए। भाग लेने वाली टीम अपनी प्रस्तुति पूर्ण होने के बाद अपने सैट और सामग्री तुरंत हटाने के लिए स्वयं जिम्मेदार होगी। आवेदन के समय प्रविष्टि के साथ गीत के विषय (हिन्दीध्अंग्रेजी) और पाठ (यदि कोई हो) का वर्णन करने वाले संक्षिप्त नोट की प्रतियां साथ भेजी जानी चाहिए। संगत लाइव होनी चाहिएय रिकॉर्डेड संगीत या ऑडियोध्सीडी की अनुमति नहीं है। जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी दिनेश कुमार ने बताया कि प्रतियोगिता में विजेताओं के लिए आकर्षक नगद पुरस्कार भी रखे गए हैं प्रथम पुरस्कार 1,00,000, द्वितीय पुरस्कार 75,000 और तृतीय पुरस्कार 50,000। आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर 2025 निर्धारित की गई है। कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग हरियाणा द्वारा आयोजित यह प्रतियोगिता न केवल कलाकारों के लिए मंच प्रदान करेगी बल्कि राज्य की लोक परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर को भी संरक्षण प्रदान करेगी।

छठ पूजा पर पक्का तोहफा: ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने 24 घंटे में 50 लाख रूपये जारी कर निभाया पक्का घाट बनाने का वादा’
ऊर्जा मंत्री ने अंबाला सदर की नगर परिषद को जारी की राशि, इंदिरा पार्क के पास धोबीघाट के साथ बनेगा पक्का घाट, श्रद्धालुओं को मिलेगा फायदा’
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने गत दिवस सोमवार को छठ पूजा कार्यक्रम के दौरान पक्का घाट बनाने की घोषणा की थी’

चंडीगढ़, 28 अक्तूबर, अभीतक:- हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने छठ पूजा पर बड़ा तोहफा दिया है। उन्होंने अपनी घोषणा के चैबीस घंटे के भीतर ही छठ पूजा हेतु पक्का तालाबध्घाट बनाने के लिए 50 लाख रुपए नगर परिषद अम्बाला सदर को अपने स्वैच्छिक कोष से जारी कर दिए हैं। पक्का घाट इंदिरा पार्क के पास धोबीघाट के साथ बनेगा। गौरतलब है कि ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने सोमवार शाम बब्याल के निकट टांगरी बांध पर छठ पूजा कार्यक्रम में लोगों की मांग पर पक्का घाट बनाने की घोषणा की थी जिसे उन्होंने चैबीस घंटे में ही पूरा कर दिया है। ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने नगर परिषद को निर्देश दिए हैं कि घाट को आधुनिक और बेहतर तरीके से बनाया जाए जिसे समाज के लोग छठ पूजा के लिए इस्तेमाल कर सकें। यह घाट बड़ा बनेगा जोकि लगभग 75 मीटर लंबा और 20 मीटर चैड़ा होगा। इसकी गहराई लगभग पांच फुट होगी और घाट में उतरने के लिए सीमेंट की सीढ़ियां बनाई जाएंगी। घाट के चारों ओर सुरक्षा हेतु स्टील की ग्रिल भी लगाई जाएगी। घाट की सुरक्षा के लिए चारों तरफ चार दिवारी के साथ-साथ आने व जाने के लिए दो अलग-अलग गेट लगाए जाएंगे। इसके अलावा, यहां पर अन्य व्यवस्थाएं भी होगी। घाट के बनने से छठ पूजा उत्सव के लिए लोगों को परेशानी नहीं होगी और उन्हें कच्चे तालाब नहीं बनाने पड़ेंगे। पक्के घाट में त्यौहारी छठ उत्सव के दौरान पूजा-अर्चना कर सकेंगे तथा सूर्य को अर्घ्य देंगे। गौरतलब है कि अम्बाला छावनी में ऊर्जा मंत्री अनिल विज की वजह से पक्का घाट बन रहा है। इससे पहले लोग मिट्टी में गड्ढे कर अस्थाई तौर पर पानी इकट्ठा कर छठ त्यौहार मनाते थे। मगर अब उन्हें पक्का घाट मिलेगा जिससे उन्हें सुविधा होगी।

शहर में हो रही दूषित पेयजल सप्लाई की समस्या ने लिया विक्राल रूप
तीन माह से दूषित पेजयल की समस्या झेल रहे विजय नगर वासियों का फूटा गुस्सा, किया रोड़ जाम
नागरिकों की समस्या को देखते हुए कांग्रेस शहरी जिला अध्यक्ष प्रदीप गुलिया जोगी पहुंचे मौके पर
दूषित पेयजल की समस्या से कांग्रेस कई बार करवा चुकी अवगत, सरकार व प्रशासन बने असंवेदनशील – प्रदीप गुलिया जोगी

भिवानी, 28 अक्तूबर, अभीतक:- एक तरफ जहां मौसमी बुखार अपने पैर पसार रहा है तो वही दूसरी तरफ पिछले कई दिनों से भिवानी शहर में दूषित पेयजल की समस्या गहराई हुई है, जिसके कारण नागरिकों की परेशानियां गुणाात्मक रूप से बढ़ रही है। दूषित पेयजल सप्लाई के कारण नागरिक बीमारियां का शिकार हो रहे है। हद की बात तो यह है कि इस समस्या से कई बार प्रशासनिक व संबंधित विभाग के अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को अवगत करवाने के बावजूद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा। पिछले कई दिनों से दूषित पेयजल की समस्या से परेशान स्थानीय विजय नगर निवासियों का गुस्सा फूटा पड़ा तथा उन्होंने मंगलवार को स्थानीय हांसी रोड़ पर रोड़ जाम कर रोष जताया। इस दौरान नागरिकों की समस्या को देखते हुए कांग्रेस शहरी जिला अध्यक्ष प्रदीप गुलिया जोगी के नेतृत्व में अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे तथा नारेबाजी करते हुए सरकार व प्रशासन को चेताया कि यदि जल्द ही नागरिकों की पेयजल संबंधी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो कांग्रेस बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगी। प्रदर्शन को देखते हुए संबंधित विभाग के एसडीओ मौके पर पहुंचे तथा दो दिन में समस्या का समाधान का आश्वासन दिया। जिसके बाद क्षेत्रवासियों का गुस्सा शांत हुआ। इस मौके पर कांग्रेस शहरी जिला अध्यक्ष प्रदीप गुलिया जोगी ने कहा कि पूरे शहर में दूषित पेयजल की सप्लाई लगातार की जा रही है, जिसके विरोध में नागरिक समय-समय पर अपनी मांग भी उठाते रहते है, लेकिन सरकार, प्रशासन व संबंधित विभाग नागरिकों की समस्याओं को पूरी तरह से नजरअंदाज किए हुए है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहले भी इस समस्या से अवगत करवा चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार व प्रशासन का दायित्व है कि वह नागरिकों को पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाए, लेकिन सरकार व प्रशासन अपने इस दायित्व से मुंह फेरे बैठी है, जिसका खामियाजा नागरिक भुगत रहा है। प्रदीप गुलिया जोगी ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को चाहिए कि वे मौके पर जाकर मुआयना करे, ताकि स्वयं अपनी आंखों से लोगों की समस्या को देखे। कांग्रेस शहरी जिला अध्यक्ष प्रदीप गुलिया जोगी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पूरी तरह से असंवेदनशील सरकार है, जिसको आमजन के हित व समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि वे क्षेत्रवासियों को साथ लेकर उपायुक्त से मिलने पहुंचे है तथा समस्या से अवगत करवाया है, लेकिन अब भी पेयजल संबंधी समस्या का समाधान नहीं होता है तो कांग्रेस बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने पर मजबूर होगी। इस मौके पर विजय नगर क्षेत्र के निवासी आनंद सांगवान डा. अजीत गुलिया, सुधीर रोहिल्ला, अभिमन्यु, सुनील सहित अन्य ने कहा कि हांसी रोड़ व विजय नगर में सड़ा हुआ व बदबूदार पानी की सप्लाई होती है। जिसके समाधान की मांग वे पिछले तीन माह से लगातार कर रहे है। लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं हुआ। इस मौके पर संजय गांधी, ईश्वर मान, सुरेश प्रजापत, शिव कुमार चांगिया, विरेंद्र बापोड़ा, चांद पंघाल, तोला राम शर्मा, तेजपाल परमार, महेंद्र यादव, शिव कुमार धानक, श्याम लाल चारण, सुनील कुमार, दिनेश धनखड़ सहित मुकेश सैनी, प्रभात अग्रवाल, विजय शर्मा, स्वाति शर्मा, अरूण अरोड़ा, अमित बंसल, हरि ओम शर्मा, प्रवीण पोपली, सुनील सचदेवा, राकेश चावला, गौरव शर्मा, हिमांशु रखेजा, रामबीर, दिनेश पोपली सहित अनेक कॉलोनवासी मौजूद रहे।

डीएपी लेने के लिए हाथों पर मुहर लगाके बीजेपी सरकार किसानों के साथ मुजरिमों जैसा व्यवहार कर रही है: अभय सिंह चैटाला
डीएपी की भारी किल्लत के लिए पूर्ण रूप से बीजेपी सरकार जिम्मेदार है, किसान फसल की बुआई नहीं कर पा रहे हैं

चंडीगढ़, 28 अक्तूबर, अभीतक:- इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चैधरी अभय सिंह चैटाला ने प्रदेश में डीएपी की भारी किल्लत के कारण परेशानी झेल रहे किसानों की आवाज को बुलंद करते हुए कहा कि इसकी जिम्मेदार पूरी तरह से बीजेपी सरकार है। अन्नदाता की कैसे बेकद्री की जा रही है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सुबह चार बजे से ही न केवल नौजवान किसान बल्कि उसके परिवार के बुजुर्ग और महिलाएं भी डीएपी लेने के लिए लाइन में लगे हैं। उसके बाद भी सभी को जरूरत के हिसाब से डीएपी नहीं मिल रहा है। कई किसान तो बिना डीएपी के खाली हाथ ही घर वापिस घर आते हैं। बीजेपी सरकार किसान विरोधी सरकार है यह इस बात से साफ हो जाती है कि सरकार के आदेशों पर पुलिस किसानों के साथ अत्याचार कर रही है। किसानों के हाथों पर मुहर लगाई जा रही है, ऐसा करके किसानों को मुजरिमों जैसा अहसास करवाया जा रहा है। एक आधार कार्ड पर डीएपी के सिर्फ दो ही कट्टे दिए जा रहे हैं। किसानों पर इतने जुल्म और अत्याचार तो अंग्रेजों ने भी नहीं किए जितने आज बीजेपी सरकार कर रही है। अभी तक प्रदेश के कई जिलों में किसानों के खेतों में खड़े पानी की न तो निकासी की गई है और न ही जलभराव के कारण बर्बाद हुई फसलों का आज तक मुआवजा दिया गया है। उपर से डीएपी की भारी किल्लत के कारण किसान अपनी अगली फसल की बुआई भी नहीं कर पा रहा है। यही सिलसिला चलता रहा तो किसानों को आर्थिक संकट के कारण और कर्जा लेने पर मजबूर होना पड़ेगा जिसकी भरपाई वो कैसे कर पाएंगे?

स्वास्थ्य मंत्री श्रीमती आरती सिंह राव ने बताया कि राज्य सरकार ने सभी एलोपैथिक दवा निर्माताओं को रिस्की-सॉल्वैंट्स (जैसे प्रोपीलीन ग्लाइकोल, ग्लाइकोल, ग्लिसरीन आदि) के उपयोग में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने इस दिशा में पहले ही निरीक्षण शुरू कर दिए थे कृ अब तक 37 निरीक्षण किए जा चुके हैं और 54 नमूने परीक्षण के लिए भेजे गए हैं। उन्होंने बताया कि ष्सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (ब्क्ैब्व्)ष् के साथ संयुक्त निरीक्षण भी प्रारंभ किए गए हैं, जिनमें अब तक 14 निरीक्षण और 31 नमूने लिए जा चुके हैं। जिन दवा निर्माताओं में विसंगतियां पाई गई हैं, उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी बताया कि हरियाणा का स्वास्थ्य विभाग पहले से ही ऑनलाइन नेशनल ड्रग्स लाइसेंसिंग सिस्टम (व्छक्स्ै) पर कार्य कर रहा है और सभी विनिर्माण व बिक्री लाइसेंस इसी पोर्टल के माध्यम से जारी किए जा रहे हैं।

सरकारी और निजी जिमों में महिला ट्रेनर की नियुक्ति अनिवार्य करने को आयोग ने हरियाणा सरकार को लिखा पत्र
चंडीगढ़, 28 अक्तूबर, अभीतक:- हरियाणा सरकार के जिमों में महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा को लेकर नया कदम उठाया गया है। हरियाणा महिला आयोग ने खेल विभाग को पत्र लिखा है, जिसमें सभी सरकारी और निजी जिमों में महिला ट्रेनर की नियुक्ति अनिवार्य करने का अनुरोध किया गया है। आयोग ने पत्र में बताया कि यह कदम महिलाओं की सुरक्षा, सुविधा और फिटनेस गतिविधियों में भागीदारी बढ़ाने के लिए जरूरी है। आयोग की अध्यक्षा रेणू भाटिया ने अपने पत्र में लिखा कि उन्हें कई शिकायतें मिली हैं, जिनमें बताया गया है कि महिला प्रशिक्षकों या सहायक कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण कई महिलाओं को जिम और फिटनेस सेंटरों में असुविधा और झिझक का सामना करना पड़ता है। कुछ मामलों में तो महिलाओं को अनुचित व्यवहार का भी सामना करना पड़ता है। यह स्थिति महिलाओं को नियमित फिटनेस गतिविधियों से हतोत्साहित करती है, जो उनके स्वास्थ्य और कल्याण के लिए महत्वपूर्ण हैं। महिला आयोग ने खेल विभाग से अनुरोध किया है कि हरियाणा के सभी सरकारी और निजी जिमों में कम से कम एक योग्य महिला जिम प्रशिक्षक या सहायक प्रशिक्षक की नियुक्ति अनिवार्य की जाए। आयोग का कहना है कि यह कदम न केवल महिलाओं की सुरक्षा और समावेशिता सुनिश्चित करेगा, बल्कि खेलों और फिटनेस गतिविधियों में उनकी भागीदारी को भी बढ़ावा देगा। यह पहल महिला सशक्तिकरण और “फिट इंडिया” अभियान के उद्देश्यों के अनुरूप है। रेणू भाटिया ने पत्र में कहा कि खेल विभाग को सभी संबंधित पक्षों को निर्देश जारी करने चाहिए ताकि सार्वजनिक और निजी फिटनेस प्रतिष्ठानों में महिला ट्रेनर की नियुक्ति शीघ्र सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने इस मामले में विभाग की दयालु विचार और आवश्यक कार्रवाई के लिए आभार भी व्यक्त किया।

50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों के लिए आई बड़ी खुशखबरी, 8वें वेतन आयोग को मिली मंजूरी
दिल्ली़, 28 अक्तूबर, अभीतक:- 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की शर्तों को मंजूरी दी गई है। जानकारी के मुताबिक, इस आयोग की सिफारिशें लगभग 50 लाख केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों, जिनमें रक्षा सेवा कर्मी भी शामिल हैं और करीब 69 लाख पेंशनभोगियों को कवर करेंगी। मिली जानकारी के अनुसार, 8वां केंद्रीय वेतन आयोग एक अस्थायी निकाय होगा और अपनी स्थापना की तारीख से 18 महीनों के भीतर अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करेगा। आयोग में एक चेयरपर्सन (अध्यक्ष), एक सदस्य (आंशिककालिक व पार्ट टाईम) और एक सदस्य-सचिव शामिल होंगे। जानकारी के मुताबिक, अगर आवश्यक हुआ, तो आयोग अपनी सिफारिशों को अंतिम रूप दिए जाने पर किसी भी विषय पर अंतरिम रिपोर्ट भी सरकार को भेज सकता है। सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज रंजना प्रकाश देसाई आठवें वेतन आयोग की अध्यक्ष बनाई गईं है। आईआईएम बैंगलुरु के प्रोफेसर पुलक घोष और पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस के सचिव पंकज जैन सदस्य होंगे। मिली जानकारी के अनुसार, 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू मानी जाएंगी। 8वां केंद्रीय वेतन आयोग एक अस्थायी निकाय होगा। जानकारी के मुताबिक, आयोग में एक अध्यक्ष, एक सदस्य और एक सदस्य-सचिव होंगे। यह आयोग अपने गठन की तारीख से 18 माह के भीतर अपनी सिफारिशें देगा।
सिफारिशें देगा आयोग
देश की आर्थिक स्थिति और राजकोषीय अनुशासन की आवश्यकता
यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता कि विकासात्मक व्यय और कल्याणकारी उपायों के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हों
गैर-योगदान आधारित पेंशन योजनाओं की अवित्तपोषित लागत
आयोग की सिफारिशों का राज्य सरकारों के वित्त पर संभावित प्रभाव, जो आमतौर पर इन सिफारिशों को कुछ संशोधनों के साथ अपनाती हैं
केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों एवं निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को उपलब्ध वेतन संरचना, लाभ और कार्य स्थितियां।
वेतन आयोग
जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय वेतन आयोग समय-समय पर गठित किए जाते हैं ताकि केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के वेतन ढांचे, सेवानिवृत्ति लाभ और अन्य सेवा शर्तों से संबंधित विभिन्न मुद्दों की समीक्षा की जा सके और आवश्यक परिवर्तनों की सिफारिश की जा सके। आम तौर पर, वेतन आयोगों की सिफारिशें हर दस वर्ष के अंतराल पर लागू की जाती हैं। मिली जानकारी के अनुसार, इसे देखते हुए, 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों का प्रभाव 1 जनवरी 2026 से लागू हो सकती हैं। सरकार ने जनवरी 2025 में 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन की घोषणा की थी, ताकि केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के वेतन और अन्य लाभों में आवश्यक परिवर्तन की समीक्षा कर सिफारिशें दी जा सकें।

झज्जर ब्रेकिंग
प्लाट के विवाद में चली कुल्हाड़ी, लाठियां और तेजधार हथियार
झज्जर के गांव ऊंटलौधा में प्लाट के विवाद में दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष
दोनों पक्षों के करीब डेढ़ दर्जन लोगों हुए घायल,कुछ को किया गया पीजीआई रेफर
प्लाट की नींव भरे जाने के दौरान हुआ दोनों पक्षों में झगड़ा,दोनों पक्षों ने लगाया एक-दूसरे पर आरोप
क्हा: सरपंच की मिलीभगत से मौके पर लगी सीसीटीवी कैमरे की वायर भी काटी, योजना बनाकर दिया घटना को अंजाम
झगड़े के दौरान कुछ महिलाओं के भी घायल होने का समाचार, नागरिक अस्पताल में हो रहा है ईलाज
विवादित प्लाट की मलकीयत पर दोनों पक्षों ने ठोका दावा,सबूत अपने-अपने पास होने की कही बात
पुलिस को भी दी गई है मामले की सूचना,पुलिस कर रही है मामले की जांच

झज्जर: झज्जर में चोरों ने एक बार फिर दी पुलिस की चुस्ती व दक्षता को चुनौती
झज्जर के ज्वलर्स की दुकान से लाखों के सोने के जेवरात चोरी
सिटी व सदर पुलिस स्टेशन से कुछ ही दूरी पर है पीड़ित ज्वैलर्स की दुकान
सीसीटीवी में कैद हुई चोरी की वारदात,ज्वैलरी का डिब्बा उठाकर महिला को देते दिखाई दे रहा है चोर
घटना के बाद ई-रिक्शा में बैठकर महिला के साथ फर्र हुआ चोर, घटना के तीन घंटे बाद दुकानदार को पता लगी चोरी की घटना
सीसीटीवी खंगालने के बाद दी गई ज्वर्लस द्वारा पुलिस को सूचना, पुलिस कर रही है मामले की जांच
कैमरे के सामने पुलिस ने कुछ भी बोलने से किया इन्कार,चोरी की घटना में 15 से 20 लाख रूपए के सोने के जेवरात चोरी होने की सूचना
कुछ रोज पूर्व पुलिस कमीश्नर डाॅ. राजश्री ने जिलाभर के स्वर्णकारों की बैठक लेकर दिए थे सजग रहने के निर्देश

हरियाणा 58 साल पुराने जमीन प्रबंधन सिस्टम को डिजिटल और नागरिक-अनुकूल मॉडल में बदल रहा है: वित्त आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा
हरियाणा में भूमि निशानदेही के सभी आवेदन अब केवल ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से
तहसीलों में शुरू होगा क्यूआर आधारित नागरिक फीडबैक सिस्टम
कैश पेमेंट खत्म, हरियाणा ने अपनाई 100 प्रतिशत डिजिटल फीस व्यवस्था

चंडीगढ़, 28 अक्तूबर, अभीतक:- हरियाणा ने भूमि एवं राजस्व प्रशासन को पूर्ण रूप से डिजिटल करते हुए पारदर्शी और नागरिक-अनुकूल शासन के नए युग की शुरुआत कर दी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन की वित्त आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने आज सभी उपायुक्तों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये उच्च स्तरीय बैठक करते हुए डिजिटल सुधारों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में 58 साल पुराने पारंपरिक प्रणाली से एक आधुनिक और डिजिटल रुप में किए गए ऐतिहासिक बदलाव को लेकर चर्चा करते हुए बताया गया कि इसका उद्देश्य, कार्यक्षमता के साथ साथ पारदर्शिता और नागरिक सुविधा को बढ़ाना है। जल्द ही सभी तहसील कार्यालयों में क्यूआर-कोड आधारित फीडबैक सिस्टम शुरू किया जाएगा, जिसके माध्यम से नागरिक अपनी सेवा अनुभव को तुरंत रेट कर सकेंगे और किसी भी समस्या की रियल-टाइम रिपोर्टिंग कर सकेंगे। वित्त आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि 1 नवंबर से हरियाणा पूरी तरह पेपरलेस भूमि पंजीकरण प्रणाली में प्रवेश करेगा, जिसके बाद किसी भी तहसील में भौतिक दस्तावेज की आवश्यकता नहीं रहेगी। अब सभी रजिस्ट्री केवल डिजिटल सिग्नेचर के माध्यम से ही मान्य होंगी। ऐसा होने के बाद जालसाजी या दस्तावेज खोने के जोखिम समाप्त हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि आमजन की सुविधा के लिए, 3 नवंबर से पहले खरीदे गए स्टाम्प 15 नवंबर 2025 तक नए डिजिटल सिस्टम में मान्य रहेंगे। यदि आवश्यकता हो तो गवाहों को भी डिजिटल रूप से बदला जा सकेगा। डॉ. मिश्रा ने सभी तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों व पंजीयन कर्मियों को निर्देश दिए कि वे राजस्व विभाग पोर्टल पर अपने यूजर अकाउंट का कार्य तुरंत पूरा करें ताकि हर जिले का ऑनलाइन ट्रांजिशन सुचारू रूप से हो सके। सेवाओं की समयबद्ध डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए डॉ. मिश्रा ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी लंबित म्यूटेशन (नामांतरण) मामलों का निपटान इस सप्ताह के अंत तक कर दिया जाए। विभाग वर्तमान 10-दिवसीय सत्यापन नियम की समीक्षा कर रहा है और 25 नवंबर को ऑटो-म्यूटेशन सिस्टम लागू किया जाएगा जिससे स्वामित्व हस्तांतरण स्वतः रिकॉर्ड हो सकेगा और देरी तथा विवाद समाप्त होंगे। इसके साथ ही मैनुअल फीस कलेक्शन की जगह अब सभी भुगतान केवल सरकारी ई-गवर्नेंस पेमेंट गेटवे के माध्यम से होंगे, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। डी़ड राइटर्स को मैनुअल ड्राफ्टिंग बंद करने के निर्देश दिए गए हैं, क्योंकि केवल पोर्टल द्वारा तैयार की गई ऑनलाइन डीड ही कानूनी मान्यता प्राप्त होगी। इन डीड्स को भूमि अभिलेखों से स्वतः सत्यापित किया जाएगा और संबंधित अधिकारियों द्वारा डिजिटल हस्ताक्षरित किया जाएगा। डॉ. मिश्रा ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि सभी 7ए भूमि रिकॉर्ड नंबर और कोर्ट स्टे ऑर्डर्स को इस शुक्रवार तक केंद्रीय प्रणाली में अपडेट व सत्यापित किया जाए, ताकि डेटा की सटीकता और विश्वसनीयता बनी रहे। उन्होंने हरियाणा लार्ज स्केल मैपिंग प्रोजेक्ट (भ्ंस्डैच्) की समीक्षा की और सभी उपायुक्तों को तितामा अपडेट कार्य को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। यह प्रोजेक्ट हर प्लॉट के लिए जीपीएस आधारित डिजिटल मानचित्र तैयार करेगा, जिससे सीमा विवाद समाप्त होंगे और नागरिकों को सटीक तथा विधिक रूप से प्रमाणित संपत्ति रिकॉर्ड मिल सकेगा। हरियाणा में सभी निशानदेही आवेदन अब केवल ऑनलाइन पोर्टल से ही स्वीकार किए जाएंगे। ऑफलाइन आवेदन पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं। फीस को नागरिक-अनुकूल रखा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में 1 हजार प्लस प्रति अतिरिक्त एकड़ 500 रुपये और शहरी क्षेत्रों में 2 हजार रुपये फिक्स किए गए है। यह प्रक्रिया जीपीएस-इनेबल्ड रोवर तकनीक के माध्यम से उच्च सटीकता से की जाएगी, और अनुमोदन सर्कल रेवेन्यू ऑफिसर्स व कानूनगो द्वारा किया जाएगा। डॉ. सुमिता मिश्रा ने जिला टीमों की प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा कि हम ऐसा शासन तंत्र बना रहे हैं जहाँ हर भूमि रिकॉर्ड सटीक हो। हर नागरिक की आवाज सुनी जाए, और हर अधिकारी जवाबदेह हो। उन्होंने कहा कि पेपरलेस रजिस्ट्री, ई-पेमेंट, ऑटो-म्यूटेशन और रियल-टाइम डेटा मॉनिटरिंग जैसी पहल के साथ हरियाणा डिजिटल भूमि शासन में राष्ट्रीय स्तर पर बैंचमार्क स्थापित कर रहा है।

प्रदेशवासियों की समस्याओं का समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी – नायब सिंह सैनी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने लाडवा में सुनीं जनसमस्याएं
सामाजिक सुरक्षा पेंशन बढ़ाकर 3,200 रुपये मासिक की गई

चंडीगढ़, 28 अक्तूबर, अभीतक:- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रत्येक नागरिक की हर समस्या का समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है। नागरिकों की समस्या सुनने के लिए मुख्यमंत्री आवास के दरवाजे 24 घंटे खुले हुए हैं, इसके अलावा जिला प्रशासन द्वारा भी सोमवार और वीरवार को समाधान शिविरों में जनता की समस्याएं सुनीं जा रही हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मंगलवार को लाडवा में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में लाडवा विधानसभा के लोगों की समस्याओं को सुन रहे थे। मुख्यमंत्री ने करीब 200 लोगों की समस्याओं को सुना, इनमें बीपीएल राशन कार्ड, परिवार पहचान पत्र, बिजली और पुलिस से संबंधित शिकायतें शामिल रही। मुख्यमंत्री ने समस्याएं सुनने के बाद पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस परिसर में पौधारोपण भी किया। श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि किसान हित वर्तमान सरकार की नीतियों के केंद्र में है। प्रदेश में अब सभी फसलें न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी जा रही हैं। हाल ही में गन्ने का समर्थन मूल्य 415 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 12 लाख किसानों के खातों में फसल खरीद के रूप में लगभग 1,48,000 करोड़ रुपए जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश राज के समय से चली आ रही आबियाना प्रणाली को समाप्त कर किसानों को राहत दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देशभर में हरियाणा में सामाजिक सुरक्षा पेंशन सबसे अधिक दी जा रही है, जिसे हाल ही में 3,000 रुपये से बढ़ाकर 3,200 रुपये मासिक किया गया है। इसके अतिरिक्त, “दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना” की शुरुआत की गई है, जिसके तहत गरीब महिलाओं को आगामी 1 नवंबर से 2,100 रुपये मासिक आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। इसी दिशा में प्रधानमंत्री ने वोकल फॉर लोकल और ‘मेक इन इंडिया’ का आह्वान किया है और जीएसटी सुधारों के माध्यम से अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है। उन्होंने वर्तमान सरकार के विकास और कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख भी किया। इस मौके पर पूर्व राज्यमंत्री श्री सुभाष सुधा, उपायुक्त श्री विश्राम कुमार मीणा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ज्योतिसर अनुभव केन्द्र का किया निरीक्षण, अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
ज्योतिसर गीता स्थली को बनाया जा रहा है विश्व का सबसे दर्शनीय ऐतिहासिक स्थल
देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को होंगे ज्योतिसर अनुभव केंद्र में जीवंत इतिहास के दर्शन

चंडीगढ़, 28 अक्तूबर, अभीतक:- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की सांस्कृतिक विरासत को मजबूती मिली है। इसी विरासत को सहेजने के लिए सरकार की तरफ से ज्योतिसर में महाभारत थीम पर आधारित प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है। इसके तहत गीता स्थली ज्योतिसर को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करते हुए विश्व का सबसे दर्शनीय ऐतिहासिक स्थल बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री मंगलवार को जिला कुरुक्षेत्र में ज्योतिसर तीर्थ स्थित अनुभव केंद्र का निरीक्षण कर रहे थे। इस मौके पर विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज और मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने अनुभव केंद्र में स्वागत कक्ष, महाकाव्य का सृजन कक्ष, प्राचीन महाभारत, कुरु वंशावली, गीता श्लोक, कृष्ण भूमिका, दशव अवतार सहित अन्य कक्षों का बारीकी से निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ज्योतिसर अनुभव केंद्र में देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को कुरुक्षेत्र के इतिहास के जीवंत दर्शन होंगे। इस दौरान विरासत एवं पर्यटन विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती कला रामचंद्रन ने मुख्यमंत्री को पीपीटी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अनुभव केंद्र की बारीकियों से अवगत करवाया। मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा कि तमाम विकास कार्यों को जल्द पूरा किया जाए ताकि ज्योतिसर अनुभव केन्द्र में पर्यटक महाभारत और कुरुक्षेत्र के इतिहास के दर्शन कर सकें। श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण ने कुरुक्षेत्र की पावन धरा से गीता के उपदेश दिए। इस पावन धरा के इतिहास को जहन में रखते हुए सरकार की तरफ से ज्योतिसर में विकास कार्यों को तेज गति के साथ किया जा रहा है। इसलिए संबंधित अधिकारी विकास कार्यों को तय समय सीमा में पूरा करें। इस मौके पर पूर्व राज्यमंत्री श्री सुभाष सुधा, सूचना, जनसंपर्क भाषा एवं संस्कृति विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल, महानिदेशक श्री के. मकरंद पांडुरंग, पर्यटन विभाग के निदेशक डॉ. शालीन, उपायुक्त श्री विश्राम कुमार मीणा, केडीबी के मानद सचिव उपेन्द्र सिंघल, चेयरमैन मदन मोहन छाबड़ा आदि उपस्थित थे।

सीआईएसएफ ने भाखड़ा बांध परियोजना की सुरक्षा की आधिकारिक संभाली जिम्मेदारी
चंडीगढ़, 28 अक्तूबर, अभीतक:- भारत की सबसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में से एक भाखड़ा बांध परियोजना की सुरक्षा की सुरक्षा अब केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) करेगी। सीआईएसएफ यूनिट बीडीपी नंगल का भाखड़ा बांध परियोजना (बीडीपी), नंगल में एक आधिकारिक अधिष्ठापन समारोह हुआ। इस अवसर पर श्री नवज्योति गोगोई, महानिरीक्षक, सीआईएसएफ (उत्तरी खंड), श्री एम. के. यादव, उप महानिरीक्षक, सीआईएसएफ (उत्तरी क्षेत्र-प्प्) तथा श्री मनोज त्रिपाठी, अध्यक्ष, भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) सहित सीआईएसएफ यूनिट बीडीपी नंगल के कमांडेंट श्री प्रतीक रघुवंशी उपस्थित रहे। यह समारोह बांध की सुरक्षा को राज्य पुलिस से औपचारिक रूप से सीआईएसएफ को हस्तांतरित करने का प्रतीक बना। भाखड़ा बांध, हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में सतलुज नदी पर स्थित एक विशाल कंक्रीट गुरुत्वाकर्षण बांध है, जिसकी ऊंचाई 226 मीटर और लंबाई 518 मीटर है। यह बांध गोबिंद सागर जलाशय का निर्माण करता है, जो 168 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है और 9.34 बिलियन क्यूबिक मीटर जल संग्रहण क्षमता रखता है। सीआईएसएफ के एक प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि अब तक भाखड़ा बांध की सुरक्षा संबंधित राज्य पुलिस बलों द्वारा बीबीएमबी की देखरेख में की जा रही थी। किन्तु तोड़फोड़ और आतंकवादी गतिविधियों के बढ़ते खतरों को ध्यान में रखते हुए गृह मंत्रालय ने मई 2025 में 296 सशस्त्र कर्मियों वाली सीआईएसएफ की एक समर्पित इकाई की तैनाती को स्वीकृति प्रदान की थी। उन्होंने बताया कि सीआईएसएफ अब भाखड़ा बांध के मुख्य दीवारों, जलद्वारों, बिजलीघरों, नियंत्रण कक्षों तथा प्रवेश द्वारों की निगरानी एवं सुरक्षा का दायित्व संभालेगी। राज्य पुलिस बलों को बीबीएमबी की समग्र सुरक्षा व्यवस्था में सहायक भूमिका में रखा गया है ताकि समन्वित सुरक्षा तंत्र सुनिश्चित हो सके। उन्होंने बताया कि सीआईएसएफ की तैनाती से भाखड़ा बांध परियोजना की सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिली है और यह कदम भारत की जल, ऊर्जा एवं राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक मील का पत्थर सिद्ध होगा।

हरियाणा की लोक-संस्कृति के महाकुंभ ‘रत्नावली महोत्सव’ का मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किया भव्य शुभारंभ
रत्नावली महोत्सव हरियाणा की लोक-संस्कृति, कला और परंपरा को सहेजने का प्रेरक मंच – मुख्यमंत्री
रत्नावली महोत्सव में 3500 युवा कलाकारों की होगी भागीदारी, 34 विधाओं में करेंगे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन
सरकार का लक्ष्य हरियाणा को कृषि और औद्योगिक विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक धरोहर के केंद्र के रूप में स्थापित करना

चंडीगढ़, 28 अक्तूबर, अभीतक:- हरियाणा की समृद्ध लोक-संस्कृति और कला परंपरा को सहेजने वाले राज्य स्तरीय रत्नावली महोत्सव का आज कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र में भव्य शुभारंभ हुआ। महोत्सव में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की और दीप प्रज्वलित कर महोत्सव का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उत्सव हरियाणा की गौरवशाली विरासत, हमारी माटी की महक और लोक जीवन की झलक प्रस्तुत करता है। यह विद्यार्थियों को न केवल अपने व्यक्तित्व को निखारने का अवसर देता है, बल्कि उन्हें अपनी सांस्कृतिक पहचान पर गर्व करने की भावना से भी ओतप्रोत करता है। रत्नावली महोत्सव केवल सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी जड़ों और पहचान को पुनर्जीवित करने का एक प्रेरक मंच है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी और विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा द्वारा पद्मश्री से अलंकृत संतराम देशवाल तथा कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले श्री अनूप लाठर को सम्मानित किया गया। इसके अलावा, मुख्यमंत्री व अन्य अतिथियों ने हरियाणवी बोली में प्रकाशित रत्नावली टाईम्स पत्रिका का भी विमोचन किया। अपने संबोधन में श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वे ऊर्जावान युवाओं के बीच आकर अत्यंत उत्साहित हैं। यह देखकर गर्व होता है कि नई पीढ़ी भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि यह महोत्सव एक ऐसा मंच है, जो युवा पीढ़ी को हमारी जड़ों से जोड़ता है। रत्नावली महोत्सव हमारी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने, संरक्षित करने और उसे अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का एक अनुपम प्रयास है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के कर्मयोग संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि हरियाणा की संस्कृति में सादगी, स्वाभिमान और देशभक्ति का भाव रचा-बसा है। रत्नावली महोत्सव इन्हीं मूल्यों का उत्सव है और इस मंच से निकलने वाले कलाकार न केवल प्रदेश बल्कि देश का नाम भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करते हैं।
युवा शिक्षा के साथ-साथ अपनी संस्कृति व विरासत से भी जुड़े रहें
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी हमारे प्रदेश का भविष्य है और संस्कृति के संवाहक भी। यह अत्यंत प्रसन्नता का विषय है कि हमारी युवा पीढ़ी अपनी विरासत को लेकर कितनी सजग और उत्साहित है। शिक्षा हमें ज्ञान और कौशल देती है, लेकिन संस्कृति हमें संस्कार और पहचान देती है। उन्होंने कहा कि वेशभूषा, नृत्य, लोकगीत, हरियाणवी श्सांगश् और श्रागनीश्, यहां बनाई गई झोपड़ियां ये सब केवल प्रदर्शन मात्र नहीं हैं, ये हमारे पूर्वजों की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि युवा शिक्षा के साथ-साथ अपनी संस्कृति व विरासत से भी जुड़े रहें। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय हरियाणा का सबसे प्राचीन विश्वविद्यालय है। यह प्रदेश 1966 में बना लेकिन इस विश्वविद्यालय की नींव 1956 में भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद जी ने रखी थी। हरियाणा प्रदेश के शैक्षणिक, आर्थिक एवं सामाजिक विकास में इस विश्वविद्यालय का अमूल्य योगदान है। हरियाणा ने शिक्षा, खेल, संस्कृति, शोध, औद्योगिक क्षेत्र में प्रगति कर अग्रणी राज्य के रूप में भारत में अलग पहचान बनाई है। इस पहचान में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का भी महत्वपूर्ण योगदान है। यह विश्वविद्यालय, ज्ञान-विज्ञान, अनुसंधान, कौशल विकास, खेल, कला, संस्कृति सहित सभी क्षेत्रों में देश के अग्रणी विश्वविद्यालयों में से एक है। श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्राचीन हरियाणवी कला व संस्कृति को बचाने में आजीवन योगदान करने वाले कलाकारों को श्हरियाणा रत्न अवार्डश् से सम्मानित किया जाता है। इसी प्रकार, हरियाणवी थिएटर को जीवंत करने में आजीवन योगदान करने वाले कलाकार को हर वर्ष श्हरियाणा रत्न पुरस्कारश् दिया जाता है। इसके अलावा, हरियाणवी नृत्य के क्षेत्र में आजीवन योगदान करने वाले कलाकार को नृत्य का श्हरियाणा रत्न पुरस्कारश् दिया जाता है।
हरियाणवी संस्कृति का महाकुंभ है रत्नावली महोत्सव
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 38 वर्षों से इस विश्वविद्यालय में रत्नावली महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। हरियाणा की सांस्कृतिक विकास यात्रा में इस उत्सव की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। इस महोत्सव को हरियाणवी संस्कृति का महाकुंभ कहा जाता है। इसमें अहीर, बांगर, बागर, खादर, कोरवी मेवाती जैसी विभिन्न बोलियों की 34 विधाओं में लगभग 3500 युवा कलाकार भाग लेते हैं। उन्होंने महोत्सव में भाग लेने वाले छात्र-छात्राओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव में हर वर्ष नए-नए प्रयास कर युवाओं को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। पिछले वर्षों में पगड़ी बंधाओ, फोटो खिंचवाओ, हरियाणा के रीति-रिवाजों को प्रतियोगिता का रूप दिया गया। सेल्फी विद हरियाणवी गत वर्ष का अनूठा प्रयास रहा है। इस प्रतियोगिता में लूर नृत्य की प्रस्तुति की जा रही है जो हरियाणा की एक लुप्त हो रही नृत्य की विधा है। इसी प्रकार, हरियाणवी फैशन शो भी इस उत्सव के आकर्षण का केन्द्र है। हरियाणा की संगीत यात्रा, हरियाणा फूड फेयर, हरियाणा आर्ट फेयर, सुन गीता का ज्ञान ऐसी प्रतियोगिताएं हैं, जो आने वाले वर्षों में इस महोत्सव की पहचान बनेंगी व इसे एक नए मुकाम तक ले जाएंगी।
सरकार का लक्ष्य हरियाणा को कृषि और औद्योगिक विकास के साथ साथ सांस्कृतिक धरोहर के केंद्र के रूप में स्थापित करना
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार का भी प्रयास है कि शिक्षा और संस्कृति के बीच एक मजबूत सेतु का निर्माण करें। हमारा मानना है कि संस्कृति और पर्यटन एक-दूसरे के पूरक हैं। जब हम अपनी सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करते हैं और उसे बढ़ावा देते हैं, तो हम दुनिया भर से पर्यटकों को भी आकर्षित करते हैं। हरियाणा में कुरुक्षेत्र, करनाल, पंचकूला और अन्य कई ऐसे स्थान हैं, जहां हम सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा दे सकते हैं। हमारा लक्ष्य हरियाणा को केवल कृषि और औद्योगिक विकास के लिए ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक धरोहर के केंद्र के रूप में भी स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अपने लोक कलाकारों के लिए विभिन्न कार्यक्रम और मेलों का आयोजन करती है। इनमें गीता महोत्सव और सूरजकुंड क्राफ्ट मेले तो विश्व प्रसिद्ध हैं। ऐसे आयोजनों से लोक कलाकारों को कला को निखारने और दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का मौका मिलता है। उन्होंने सभी से अपील की कि सब मिलकर अपनी संस्कृति को जीवित रखें। अपनी कलाओं पर गर्व करें, उन्हें सीखें और दूसरों को भी सिखाएं।
रत्नावली का मंच हार-जीत का नहीं, बल्कि सीखने और अनुभव प्राप्त करने का मंच
मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि रत्नावली का मंच हार-जीत का नहीं, बल्कि सीखने और अनुभव प्राप्त करने का मंच है। यहाँ हर कलाकार विजेता है, क्योंकि उसने अपनी संस्कृति के प्रति अपनी श्रद्धा और प्रेम व्यक्त किया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह महोत्सव आने वाले वर्षों में और भी भव्य और प्रभावशाली बनेगा। हम सब मिलकर हरियाणा की इस अनूठी सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करें।
दशकों पहले शुरू हुई परंपरा रत्नावली महोत्सव ने लिया वटवृक्ष का रूप – कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का स्वागत करते हुए कहा कि रत्नावली की शुरुआत हरियाणा दिवस के कार्यक्रम के रूप में वर्ष 1985 से हुई। उस समय केवल 8 से 10 विधाओं का ही मंचन हुआ करता था। आज इसका स्वरूप बहुत बढ़ चुका है और इस वर्ष के संस्करण में 3500 प्रतिभागी हैं। इस तरह से रत्नावली जिसे एक छोटे से पौधे के रूप में लगाया गया था, वो आज एक वट वृक्ष का रूप धारण कर चुका है। उन्होंने कहा कि रत्नावली ने हरियाणा की संस्कृति को सहेजने और संरक्षण का प्रयास किया है। इस वर्ष के संस्करण में हमने निश्चय किया है कि हरियाणा की अपनी लोककला सांझी को पूरे देश में स्थापित करने का करने का प्रयास करेंगे। इस अवसर पर पूर्व मंत्री श्री सुभाष सुधा, चेयरमैन श्री धर्मवीर मिर्जापुर, हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री धूमन सिंह किरमच सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

प्रदेश के लोगों को उनके घर के नजदीक स्वास्थ्य सुविधा देना लक्ष्य – आरती सिंह राव
गांव दुल्हेड़ी में पीएचसी तथा खिल्लूका में उपस्वास्थ्य केंद्र खोलने को दी मंजूरी

चंडीगढ़, 28 अक्तूबर, अभीतक:- हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के लोगों को उनके घर के नजदीक स्वास्थ्य सुविधाएँ देने के लिए प्रयासरत है। शहर और कस्बा के अलावा ग्रामीण स्तर पर भी नए स्वास्थ्य केंद्र खोले जा रहे हैं और जनसँख्या वृद्धि को देखते हुए कई संस्थानों को अपग्रेड किया जा रहा है। आरती सिंह राव ने आज चंडीगढ़ में कार्यालय में उनसे मिलने आए लोगों की समस्याएं सुनते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों की डिमांड पर भिवानी जिला के गांव दुल्हेड़ी में बने उपस्वास्थ्य केंद्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में अपग्रेड करने की मंजूरी दे दी गई है , जल्द ही वहां चिकित्सा अधिकारी एवं अन्य स्टॉफ की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री ने आगे बताया कि पलवल जिला के गांव खिल्लूका में भी उपस्वास्थ्य केंद्र खोलने की मंजूरी दे दी गई है, इसमें भी स्टॉफ की भर्ती की प्रक्रिया जल्द शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के लोगों को सस्ती और सुलभ चिकित्सा सेवाएं देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। स्वास्थ्य विभाग में आवश्यक दवाओं और उपकरणों की खरीद की जा रही है ताकि लोगों को सस्ता ईलाज मिल सके।

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