Haryana Abhitak News 17/03/26

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बादली ने कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स ने कहा मेरा दिल दिमाग आत्मा दुःखी है
कांग्रेस में भ्रष्ट लोगों की कदर है। कांग्रेस में रहने पर बोले : वक्त बताएगा

राम कृष्ण गुर्जर ने कांग्रेस की सदस्यता और सभी पदों से दिया इस्तीफा,
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजा इस्तीफा,
पार्टी की सदस्यता और सभी जिम्मेदारियों से अलग होने की बात कही,
हरियाणा कांग्रेस में कार्यकारी अध्यक्ष पद पर थे राम कृष्ण गुर्जर…

हरियाणा कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष राम किशन गुज्जर ने छोड़ी कांग्रेस, पत्नी शैली चैधरी नारायणगढ़ से हैं विधायक। विधायक शैली चैधरी भी दे सकती हैं इस्तीफा!
बहुत ही दुखद
हमारे हरियाणा व्यापार मंडल जिला झज्जर के महामंत्री बहादुरगढ़ से डॉक्टर ओमवीर राठी का सड़क दुर्घटना में देहांत हो गया है
बड़े दुख से बताना पड़ रहा है आज शाम को हरिद्वार से बीजेपी प्रशिक्षण शिविर से वापसी आते हुए ऋषि भारद्वाज ओर साथ में डॉ ओमवीर राठी जी का एक्सीडेंट होने की वजह से डॉ ओमवीर राठी जी का देहांत हो गया ओर ऋषि के पैर में फ्रैक्चर हो गया है भगवान, डॉ ओमवीर राठी जी आत्मा को शांति दे

इंडो-अमेरिकन स्कूल की छात्रा डिंपल ने पास की सीए फाउंडेशन परीक्षा
झज्जर, 17 मार्च, अभीतक: इंडो-अमेरिकन स्कूल, झज्जर के लिए यह अत्यंत गर्व और हर्ष का विषय है कि विद्यालय की पूर्व छात्रा डिंपल ने चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) की प्रतिष्ठित फाउंडेशन परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर ली है। उनकी इस शानदार उपलब्धि से पूरे विद्यालय परिवार में खुशी और उत्साह का माहौल है। डिंपल की इस सफलता ने न केवल उनके परिवार का बल्कि विद्यालय का भी नाम रोशन किया है। सीए फाउंडेशन परीक्षा को वाणिज्य क्षेत्र की महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण परीक्षाओं में से एक माना जाता है। इस परीक्षा को उत्तीर्ण करने के लिए विद्यार्थियों को कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प की आवश्यकता होती है। डिंपल ने अपनी लगन और निरंतर प्रयास से यह सिद्ध कर दिया कि मेहनत और समर्पण से कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। विद्यालय प्रबंधन, प्रधानाचार्य तथा सभी शिक्षकों ने डिंपल को इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि डिंपल की यह सफलता वर्तमान विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणा है। ऐसे उदाहरण विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा देते हैं। विद्यालय के शिक्षकों ने भी डिंपल की मेहनत और लगन की सराहना करते हुए कहा कि वह पढ़ाई के प्रति हमेशा गंभीर और समर्पित रही हैं। उनकी यह सफलता आने वाले समय में अन्य विद्यार्थियों को भी बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए प्रेरित करेगी। विद्यालय के निर्देशक बिजेंद्र कादियान ने भी डिंपल की इस उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि उनकी मेहनत, लगन और समर्पण सभी विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक है। इंडो-अमेरिकन स्कूल परिवार डिंपल के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता है और आशा करता है कि वह आगे भी अपनी प्रतिभा, मेहनत और लगन से सफलता की नई ऊँचाइयों को प्राप्त करेंगी तथा अपने परिवार, विद्यालय और समाज का नाम रोशन करती रहेंगी।

चैत्र नवरात्र मेला की तैयारियों को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश देते डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल।
बेरी स्थित माता भीमेश्वरी देवी मंदिर परिसर में मंगलवार को नवरात्र मेला को लेकर व्यवस्थाओं का जायजा लेते डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल’

चैत्र नवरात्र मेला में श्रद्धालुओं को जरूरी सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रशासन सजग: डीसी
डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने बेरी में देवी मेला की तैयारियों को लेकर अधिकारियों को दिए निर्देश, -बाहरी और अंदर वाले मंदिर परिसरों में तैयारियों का भी लिया जायजा
डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने देवी माता के दर्शन कर पूजा अर्चना की
बेरी स्थित माता भीमेश्वरी देवी मंदिर में 24 से 26 मार्च तक आयोजित होगा मुख्य मेला

बेरी, 17 मार्च, अभीतक: डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने धर्मनगरी बेरी स्थित माता भीमेश्वरी देवी मंदिर परिसर में मंगलवार को अधिकारियों के साथ चैत्र नवरात्र मेला की तैयारियों का जायजा लिया और मौके पर आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए। इससे पहले डीसी ने अंदर वाले मन्दिर में माता के दर्शन कर पूजा अर्चना की। उन्होंने कहा कि माता भीमश्वरी देवी दर्शन के लिए देश के कोने – कोने से श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा ना हो, इसके लिए जरूरी सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रशासन सजग है। इस बीच डीसी ने 24 मार्च से 26 मार्च तक लगने वाले चैत्र नवरात्र मुख्य मेला के दौरान धर्मनगरी बेरी आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक प्रबंधों को लेकर विभागीय अधिकारियों के साथ विस्तार से समीक्षा की। एसडीएम एवं माता भीमेश्वरी देवी श्राइन बोर्ड की सीईओ रेणुका नांदल ने डीसी को मेला की तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि 19 मार्च से नवरात्र पर्व शुरू हो रहा है, इस बार मुख्य मेला 24 मार्च से 26 मार्च को होगा। डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने कहा कि बेरी मेला में सप्तमी और अष्टमी के दिन मां भीमेश्वरी देवी के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। ऐसे में मेला के पिछले अनुभवों के आधार पर श्रद्धालुओं का अनुमान लगाते हुए मेला परिसर में सुरक्षा व अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने मेला परिसर में ड्यूटी देने वाले कर्मचारियों के पहचान पत्र, पार्किंग, सुरक्षा, पीने के पानी, रात्रि के समय रोशनी के इंतजाम, स्वास्थ्य सुविधाएं, अस्थाई शौचालय, सीसीटीवी, माइक सर्विस, अग्निशमन सेवाएं आदि इंतजामों का बारीकी से निरीक्षण किया। डीसी ने मेला के दौरान तहबाजारी तथा संवेदनशील दिवसों की पहचान को लेकर भी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की उमडने वाली भीड़ को लेकर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी नियुक्त किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि व्यवस्था करते समय यह ध्यान रखा जाए कि धर्मनगरी बेरी के मेले में पहुंचने वाले किसी भी श्रद्धालु माता के दर्शन करने व आवागमन में कोई भी परेशानी न हो। उन्होंने 24 से 26 मार्च तक लगने वाले अश्व मेला को लेकर भी बीडीपीओ और पशुपालन विभाग के अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि मेला के दौरान लगने वाले भंडारों में सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूरी तरह पाबंधी रहेगी। जिसके चलते स्टील बर्तन का उपयोग किया जाए । उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मंदिर परिसर में नवरात्र से ही मेडिकल यूनिट स्थापित करने के निर्देश दिए। साथ ही श्रद्धालुओं के जरूरत अनुसार टोकन सुविधा बढ़ाई जाए।
यह अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर एडीसी जगनिवास, नपा चेयरमैन देवेंद्र कादयान, सीएमओ डॉ मंजू कादयान, एसीपी अनिल कुमार, तहसीलदार शेखर, डीआईपीआरओ सतीश कुमार, डीआईओ अमित बंसल, बीडीपीओ राजाराम, नायब तहसीलदार सुरेंद्र कुमार, नपा सचिव पूजा साहू, देवी मंदिर से पंडित कुलदीप वशिष्ठ, एसडीओ लोक निर्माण विभाग अजय कुमार, पशुपालन विभाग के एसडीओ डॉ ऋषिपाल, बीएओ डॉ अशोक रोहिल्ला, बीईओ रोहताश दहिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

इनेलो और कांग्रेस के साथ-साथ भाजपा की टिकट पर जितने वाले पार्षदों ने भी दिया अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए एफिडेविट।
वाइस चेयरमैन पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने और विकास कार्यों में रोड़ा अटकाने का लगाया आरोप।
अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए एफिडेविट देने वाले पार्षदों में कई महिला पार्षद भी शामिल।
झज्जर के डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटील से बहादुरगढ़ नगर परिषद के पार्षदों ने जल्द कार्रवाई करने की मांग की।
डीसी बोले – पार्षदों के आरोपी की जल्द करवाई जाएगी जांच।
नियम अनुसार की जाएगी आगे की कार्रवाई।
हम आपको बता दें- पिछले लंबे समय से पार्षदों और वाइस चेयरमैन के बीच चल रहा है विवाद।
बहादुरगढ़ से पूर्व भाजपा विधायक नरेश कौशिक खेमे से हैं वाइस चेयरमैन पाले राम शर्मा।
प्रशासन करेगा तय कि अविश्वास प्रस्ताव के लिए कब बुलाई जाए बैठक।

बहादुरगढ़ नगर परिषद के वाइस चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए पार्षदों ने डीसी को सौंपे एफिडेविट।
भाजपा के वाइस चेयरमैन पाले राम शर्मा के खिलाफ 25 पार्षद पहुंचे जिला उपयुक्त के पास।

गांव जहाजगढ़ स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में बने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करते एसडीएम रेणुका नांदल।

सफल व शांतिपूर्ण परीक्षाएं हों, यही प्रशासन का प्रथम उद्देश्य: रेणुका नांदल
एसडीएम रेणुका नांदल ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जहाजगढ़ में बोर्ड परीक्षा केंद्रों का किया औचक निरीक्षण

बेरी, 17 मार्च, अभीतक: उपमंडल के चिन्हित स्कूलों में चल रही हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं के नकल रहित संचालन को लेकर एसडीएम रेणुका नांदल ने मंगलवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जहाजगढ़ में बने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। परीक्षाओ की पवित्रता बनाए रखने और नकल रहित परीक्षाओं के संचालन के लिए डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल के निर्देशन में उपमंडल प्रशासन गंभीरता से कार्य कर रहा है। एसडीएम नांदल ने परीक्षा केंद्रों का जायजा लेते हुए शिक्षा विभाग के अधिकारियों से परीक्षा से जुड़ी जानकारी ली और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नकल से पास की गई परीक्षा स्वयं विद्यार्थी के लिए ही खतरनाक है। नकल रहित परीक्षा से ही भविष्य संवर सकता है। इसलिए सफल व शांतिपूर्ण परीक्षा करवाना प्रशासन का प्रथम उद्देश्य है। परीक्षा केंद्रों की जांच के लिए विभिन्न फ्लाइंग स्क्वायड का गठन किया गया है। साथ हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की फ्लाइंग स्क्वायड भी निरंतर केंद्रों का निरीक्षण कर रही है। उन्होंने परीक्षा केंद्रों के बाहर तैनात पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए कि परीक्षा में किसी प्रकार की हेराफेरी और गड़बड़ी रोकने के लिए पुलिस अलर्ट मोड में रहें। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं में कोई भी व्यक्ति विघ्न डालने की चेष्टा करें तो कड़ी कार्रवाई करें।

मॉडल इकोनॉमिक टाउनशिप एवं रिलायंस फाउंडेशन ने याकूबपुर में लगाया दंत चिकित्सा शिविर
झज्जर, 17 मार्च, अभीतक: मॉडल इकोनॉमिक टाउनशिप एवं रिलायंस फाउंडेशन के संयुक्त सहयोग से वर्ष 2025-26 में सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से विभिन्न स्वास्थ्य शिविरों का सफलतापूर्वक आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में आज गांव याकूबपुर में एक दंत चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 75 ओपीडी दर्ज की गईं। शिविर के दौरान 3 दांतों का निष्कर्षण (एक्सट्रैक्शन), 14 स्केलिंग तथा 2 दंत पुनर्स्थापन (रेस्टोरेशन) किए गए, जिससे ग्रामीणों को त्वरित एवं प्रभावी उपचार प्राप्त हुआ। इन निरंतर प्रयासों के तहत पूरे वर्ष भर विभिन्न स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं। स्त्री स्वास्थ्य के क्षेत्र में कुल 12 स्त्री रोग (गायनी) शिविरों का आयोजन किया गया, जिनमें 564 महिला मरीजों ने परामर्श एवं उपचार का लाभ प्राप्त किया। इन शिविरों ने महिलाओं में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दंत स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत, परियोजना क्षेत्र के 18 गांवों में 18 दंत चिकित्सा शिविरों का आयोजन किया गया, जिनसे 1723 ग्रामीण लाभान्वित हुए। इन शिविरों में दंत जांच, उपचार एवं जागरूकता सेवाएं प्रदान की गईं। नेत्र स्वास्थ्य के क्षेत्र में, 18 गांवों में 18 नेत्र शिविरों का आयोजन किया गया, जिनसे 1439 ग्रामीणों को लाभ मिला। इसके अतिरिक्त, 678 लोगों को चश्मे वितरित किए गए तथा 32 मोतियाबिंद (कैटरेक्ट) सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न की गईं। इसके साथ ही, एम.ई.टी एवं रिलायंस फाउंडेशन द्वारा संचालित रिलायंस मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से परियोजना क्षेत्र के गांवों में लगभग 40,000 लोगों को उनके घर के निकट प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं। वहीं, रिलायंस आरोग्य क्लिनिक के माध्यम से 9,000 से अधिक परामर्श (कंसल्टेशन) योग्य चिकित्सकों द्वारा प्रदान किए गए। एम.ई.टी एवं रिलायंस फाउंडेशन द्वारा संचालित ये सभी स्वास्थ्य कार्यक्रम समुदाय को सुलभ, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल हैं। रिलायंस भविष्य में भी जन-स्वास्थ्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को बनाए रखते हुए और अधिक व्यापक स्तर पर सेवाएं प्रदान करने के लिए संकल्पित हैं।

अवैध हथियार के साथ एक आरोपी गिरफ्तार
झज्जर, 17 मार्च, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के कुशल नेतृत्व में कार्यवाही करते हुए सीआईए झज्जर की टीम ने थाना सदर झज्जर क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए एक युवक को गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए अवैध पिस्तौल के साथ गिरफ्तार किया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए सीआईए झज्जर प्रभारी निरीक्षक कर्मवीर ने बताया कि सीआईए झज्जर में तैनात मुख्य सिपाही प्रदीप कुमार की टीम को गुप्त सूचना मिली की हर्ष निवासी छबीली जिला झज्जर रेवाड़ी रोड नजदीक दादनपुर किसी के इंतजार में अवैध हथियार लिए हुए खड़ा है।जिस सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम मौके पर पहुंची और संदिग्ध व्यक्ति को काबू कर लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक अवैध पिस्तौल बरामद हुआ। अवैध हथियार के साथ पकड़े गए आरोपी के खिलाफ थाना सदर झज्जर में शस्त्र अधिनियम के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर उसे अदालत झज्जर में पेश किया। अदालत के आदेशानुसार आरोपी न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल लघु सचिवालय का निरिक्षण करते हुए।

लघु सचिवालय का औचक निरीक्षण, नागरिक सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दें अधिकारी-डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल
अंत्योदय सरल केंद्र की व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा, सेवाओं में पारदर्शिता व समयबद्धता सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

झज्जर, 17 मार्च, अभीतक: उपायुक्त स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने मंगलवार को लघु सचिवालय का औचक निरीक्षण करते हुए विभिन्न शाखाओं में कार्यप्रणाली का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालयों में आने वाले नागरिकों को दी जा रही सेवाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता की विस्तार से समीक्षा की। इसके उपरांत उन्होंने लघु सचिवालय परिसर स्थित अंत्योदय सरल केंद्र का भी निरीक्षण किया तथा वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं का गहनता से अवलोकन किया। इस अवसर पर झज्जर एसडीएम अंकित कुमार चैकसे व डीआईओ अमित बंसल भी उनके साथ मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि लघु सचिवालय प्रशासन का प्रमुख केंद्र है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में नागरिक अपनी समस्याओं के समाधान एवं विभिन्न सेवाओं का लाभ लेने के लिए आते हैं। ऐसे में यह सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है कि प्रत्येक नागरिक को सहज, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से सेवाएं उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक देरी आमजन के विश्वास को प्रभावित करती है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। अंत्योदय सरल केंद्र के निरीक्षण के दौरान डीसी ने पेपरलेस रजिस्ट्रेशन प्रणाली, टोकन व्यवस्था, जमाबंदी सेवाएं, प्रतीक्षा कक्ष, बैठने की सुविधा, स्टॉल टेस्ट, साफ-सफाई, सूचना पट्ट, हेल्प डेस्क तथा विभिन्न काउंटरों की कार्यप्रणाली का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी सेवाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर प्रदान की जाएं तथा नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उपायुक्त ने कर्मचारियों को विशेष रूप से निर्देशित किया कि वे आमजन के साथ शालीन, संवेदनशील एवं सहयोगात्मक व्यवहार करें। उन्होंने कहा कि नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर यथासंभव मौके पर ही समाधान किया जाए, ताकि उन्हें बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने यह भी कहा कि सरल केंद्र में आने वाले लोगों को आवश्यक जानकारी स्पष्ट एवं सरल भाषा में उपलब्ध कराई जाए, जिससे पारदर्शिता और विश्वास का वातावरण मजबूत हो। डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने कहा कि अंत्योदय सरल केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इसकी कार्यप्रणाली जितनी अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं उत्तरदायी होगी, उतना ही नागरिकों का प्रशासन के प्रति विश्वास सुदृढ़ होगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि केंद्र में निर्बाध सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए बिजली बैकअप, आईटी सिस्टम की सुचारू कार्यप्रणाली एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सरल केंद्र एवं लघु सचिवालय में कार्य व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा समय-समय पर समीक्षा बैठकों के माध्यम से कमियों को दूर किया जाए। साथ ही, नागरिकों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर सेवाओं में निरंतर सुधार लाया जाए, ताकि प्रशासनिक सेवाएं और अधिक प्रभावी एवं जनहितैषी बन सकें। उपायुक्त ने अंत में कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य आमजन को सुगम, पारदर्शी एवं जवाबदेह सेवाएं उपलब्ध कराना है, और इसके लिए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पूर्ण जिम्मेदारी एवं संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा।

डोर टू डोर कार्यक्रम के तहत झज्जर पुलिस ने ग्रामीणों को किया नशा मुक्ति, डायल 112 व साइबर फ्रॉड के प्रति जागरूक
झज्जर, 17 मार्च, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉक्टर राजश्री सिंह के कुशल नेतृत्व में झज्जर पुलिस द्वारा आमजन को जागरूक करने के लिए लगातार प्रभावी अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में झज्जर पुलिस की टीम ने गांव बिसान और गोच्छी में डोर टू डोर कार्यक्रम के तहत विशेष जन-जागरूकता अभियान आयोजित किया। इस अभियान का नेतृत्व सहायक उप निरीक्षक पवन कुमार ने अपनी टीम के साथ किया।पुलिस टीम ने घर-घर जाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और उन्हें नशे के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। सहायक उप निरीक्षक पवन कुमार ने बताया कि नशा न केवल व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति और सामाजिक माहौल को भी प्रभावित करता है। विशेष रूप से युवाओं से नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की गई।इसके साथ ही ग्रामीणों को साइबर फ्रॉड के मामलों के प्रति भी जागरूक किया गया। पुलिस ने फर्जी कॉल, ओटीपी मांगने, लिंक भेजकर ठगी करने और ऑनलाइन धोखाधड़ी के तरीकों के बारे में जानकारी दी तथा उनसे बचाव के उपाय बताए। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचित करने की सलाह दी गई और आपातकालीन स्थिति में डायल 112 का प्रयोग करें। आपके आसपास अगर कोई नशा की खरीद फिरोख्त करता है तो उसकी जानकारी मानस हेल्पलाइन नंबर 1933 पर दें। सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी।

मादक पदार्थ स्मैक 14.07 ग्राम के साथ एक आरोपी काबू
बहादुरगढ़, 17 मार्च, अभीतक: नशा विरुद्ध अभियान के तहत पुलिस कमिश्नर डॉक्टर राजश्री सिंह के दिशा निर्देशन में एंटी नारकोटिक सेल झज्जर की टीम द्वारा एक व्यक्ति को मादक पदार्थ स्मैक के साथ काबु किया गया। एंटी नारकोटिक सेल झज्जर प्रभारी निरीक्षक दिनकर ने बताया कि एंटी नारकोटिक सेल झज्जर की पुलिस टीम थाना लाइनपार बहादुरगढ़ के एरिया में मौजूद थी। टीम को गुप्त सूचना मिली कि रोहित निवासी विकास नगर लाइनपार बहादुरगढ़ नशीला पदार्थ बेचने का अवैध धंधा करता है। जो अब बलजीत नगर लाइनपार बहादुरगढ़ नजदीक जय दुर्गे प्रॉपर्टी आज के पास खड़ा हुआ है। जिस सूचना पर तत्परता से कार्रवाई करते हुए एंटी नारकोटिक सेल झज्जर में तैनात सहायक उप निरीक्षक अजय कुमार की पुलिस टीम उपरोक्त स्थान पर पहुंची तो वहां पर एक व्यक्ति खड़ा दिखाई दिया।जो पुलिस पार्टी ने संदेह के आधार पर उपरोक्त व्यक्ति को काबू किया। पकड़े गए व्यक्ति की पहचान उपरोक्त के तौर पर हुई। पकड़े गये व्यक्ति के पास मादक पदार्थ होने के संदेह पर नियमानुसार राजपत्रित अधिकारी को सूचित किया गया। जिसके पश्चात मौका पर पहुंचे राजपत्रित अधिकारी के समक्ष नियम अनुसार कार्रवाई करते हुए पकड़े गए उपरोक्त व्यक्ति की तलाशी ली गई तो उसके कब्जे से नशीला पदार्थ स्मैक बरामद हुआ। जिसका वजन करने पर 14.07 ग्राम पाया गया। मादक पदार्थ स्मैक के साथ पकड़े गए आरोपी के खिलाफ मादक पदार्थ अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए थाना लाइनपार बहादुरगढ़ में मामला दर्ज किया गया। पकड़े गए आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए नियम अनुसार आगामी कार्रवाई अमल में लाई गई।

झज्जर साइबर सेल का बड़ा कमाल : 2025 में 331 और 2026 में अब तक 66 स्मार्टफोन सहित, मोबाइल ट्रेस, करोड़ों रुपए के मोबाइल फोन बरामद करके डेटा को किया सुरक्षित’
’तकनीक और सतर्कता का असररू 2025-26 में सैकड़ों गुमशुदा फोन ट्रेस कर लोगों को मिली राहत’
पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के मार्गदर्शन व डीसीपी क्राइम अमित दहिया के नेतृत्व में बड़ी कार्रवाई’
फरवरी महीने में 6.25 लाख के 31 गुमशुदा मोबाइल बरामद, कई महंगे स्मार्टफोन शामिल’

झज्जर, 17 मार्च, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के कुशल मार्गदर्शन एवं डीसीपी क्राइम अमित दहिया के नेतृत्व में झज्जर पुलिस की साइबर सेल और अपराध शाखाएं लगातार सक्रिय रहते हुए अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए काम कर रही हैं। इसी कड़ी में बीते एक महीने के दौरान साइबर सेल टीम ने उल्लेखनीय सफलता हासिल करते हुए करीब 6 लाख 25 हजार रुपये मूल्य के 31 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद मोबाइलों में कई महंगे और आधुनिक स्मार्टफोन शामिल हैं, जो अलग-अलग स्थानों से गुम हुए थे।साइबर सेल की टीम ने आधुनिक तकनीकी विश्लेषण, डिजिटल ट्रैकिंग और सतत मॉनिटरिंग के माध्यम से इन मोबाइल फोनों को ट्रेस किया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए गए। पुलिस कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में जब लोगों को उनके फोन लौटाए गए, तो उनके चेहरों पर खुशी और संतोष साफ दिखाई दिया।मोबाइल प्राप्त करने वालों में सीमा ने बताया कि उनका फोन बाजार में गुम हो गया था और उन्हें इसके मिलने की उम्मीद नहीं थी। नरेंद्र ने बताया कि उनका मोबाइल वर्ष 2023 में जेब से गिर गया था, जिसे अब वापस पाकर उन्हें काफी राहत मिली। वहीं मनोज, जो पेशे से सिक्योरिटी गार्ड हैं, भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि उनके फोन में उनके दिवंगत पिता की तस्वीरें और यादें सुरक्षित थीं। फोन मिलने पर उन्होंने इसे अपनी अनमोल यादों की वापसी बताया।झज्जर साइबर सेल की यह उपलब्धि केवल एक महीने तक सीमित नहीं है। वर्ष 2025 के दौरान टीम ने 331 गुमशुदा मोबाइल फोन, जिनकी कीमत करीब 80 लाख रुपये है, ट्रेस कर उनके मालिकों को लौटाए। वहीं वर्ष 2026 में अब तक 66 मोबाइल फोन, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 15 लाख रुपये है, बरामद किए जा चुके हैं।पुलिस उपायुक्त क्राइम अमित दहिया ने कहा कि डिजिटल युग में मोबाइल फोन केवल बातचीत का साधन नहीं, बल्कि व्यक्तिगत डाटा, बैंकिंग जानकारी और महत्वपूर्ण दस्तावेजों का संग्रह होता है। ऐसे में मोबाइल गुम होने पर उसके दुरुपयोग की आशंका भी बढ़ जाती है।झज्जर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि मोबाइल गुम होने की स्थिति में तुरंत ब्म्प्त् पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते फोन को ब्लॉक और ट्रेस किया जा सके और किसी भी प्रकार के दुरुपयोग से बचा जा सके।

गुभाना में अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला को पुष्प अर्पित कर किया याद
झज्जर, 17 मार्च, अभीतक: गुभाना गांव के लोकहित पुस्तकालय में लोकहित समिति के सदस्यों व ग्रामीणों द्वारा कल्पना चावला की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर मौजूद लोगों द्वारा कल्पना चावला के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किये गए। इस अवसर पर समिति अध्यक्ष नरेश कौशिक ने बताया 17 मार्च 1962 को कल्पना चावला का जन्म हुआ कल्पना चावला का विलक्षण प्रतिभा के कारण उनका चयन अमेरिका की स्पेस रिसर्च एजेंसी नासा में हो गया था। इसके कारण उनका बचपन का सपना पूरा हुआ और उन्हें कोलंबिया सेटेलाइट के द्वारा अंतरिक्ष में जाने का अवसर प्राप्त हुआ आज भी कल्पना चावला को महिला शक्ति के रूप में हमेशा याद रखा जाता है।

जिला जेल रेवाड़ी में हुआ स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन
जांच शिविर में की गई कैदियों की स्वास्थ्य जांच

रेवाड़ी, 17 मार्च, अभीतक: हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण पंचकूला के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी के सचिव एवं सीजेएम अमित वर्मा की अध्यक्षता में मेदांता द मेडिसिटी गुरुग्राम व स्वास्थ्य विभाग रेवाड़ी के सहयोग से जिला जेल रेवाड़ी में सभी कैदियों के लिए स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। कैंप में जिला जेल में उपस्थित सभी कैदियों का चिकित्सा परीक्षण किया गया। इस कैंप में कैदियों के लिए स्वास्थ्य विभाग रेवाड़ी द्वारा सामान्य चेकअप, दंत तथा नेत्र चिकित्सा की जांच की गई। वहीं मेदांता द मेडिसिटी की तरफ से इसीजी तथा बोन डेंसिटी का चेकअप किया गया। मेदांता के कार्डियोलॉजिस्ट तथा जनरल फिजिशियन ने शिविर में कैदियों का विटल टेस्ट किया। इस अवसर पर सीजेएम अमित वर्मा, सीएमओ रेवाड़ी डॉ नरेंद्र दहिया तथा मेदांता द मेडिसिटी के चिकित्सक व उनकी टीम सहित जिला जेल के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

गिलाकोर विद्यालय में विदेशी पर्यटकों का शैक्षिक भ्रमण गुरूवार को
जोधपुर, 17 मार्च, अभीतक: चामू क्षेत्र की गिलाकोर ग्राम पंचायत स्थित स्वतंत्रता सैनानी स्वर्गीय श्री मंगलसिंह राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में यूरोप के बेल्जियम से सैलानियों का दल शैक्षिक भ्रमण पर आएगा। इवेंट प्रभारी प्राध्यापक शैताना राम बिश्नोई ने बताया कि थार ओएसिस रिजॉर्ट एवं कैंप गुमानपुरा के सौजन्य से 30 विदेशी पर्यटकों का दल गुरुवार को विद्यालय का भ्रमण कर शैक्षिक एवं सहशैक्षणिक गतिविधियों का जायजा लेगा। इस अवसर पर राजस्थानी एवं यूरोपीय संस्कृति को जोड़ने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन होगा। विदेशी सैलानी विद्यार्थियों और विद्यालय स्टाफ के साथ बातचीत करेंगे और भारतीय एवं बेल्जियम की भाषा, संस्कृति और इतिहास के बारे में विचारों का आदान प्रदान करेंगे। विद्यालय परिवार एवं ग्रामवासियों द्वारा सैलानियों की टीम का राजस्थानी परंपरा अनुसार ढोल – नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत किया जाएगा। चीफ मैनेजिंग डायरेक्टर एवं युवा उद्यमी जसवंत सिंह देवड़ा एवं प्रधानाचार्य धर्मपाल सिंह मीणा ने बताया कि यह भ्रमण विद्यालय के छात्रों के लिए एक यादगार अनुभव होगा।

डीसी अभिषेक मीणा।

भू-मित्र’ व्हाट्सएप चैटबॉट के माध्यम से 24*7 मिलेगी भूमि व राजस्व सेवाएं: डीसी
हिंदी व अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध होंगी सेवाएं

रेवाड़ी, 17 मार्च, अभीतक: हरियाणा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने ‘भू-मित्र’ नामक व्हाट्सएप आधारित चैटबॉट लॉन्च किया है, जो भूमि और राजस्व से संबंधित सेवाएं लेने वाले नागरिकों को 24*7 सहायता प्रदान करेगा। हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध यह चैटबॉट राज्य के हर नागरिक के लिए सरकारी सेवाओं को अधिक सुलभ, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। डीसी अभिषेक मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि भू-मित्र एक स्मार्ट, संवादात्मक (कन्वर्सेशन) चैटबॉट है, जिसे सीधे व्हाट्सएप के माध्यम से उपयोग किया जा सकता है। यह प्लेटफॉर्म पहले से ही हरियाणा के नागरिकों के बीच व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाता है। अब नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने या जटिल पोर्टलों का उपयोग करने की आवश्यकता नहीं होगी। वे अपने स्मार्टफोन पर कुछ ही क्लिक के माध्यम से घर बैठे दिन के किसी भी समय आवश्यक राजस्व सेवाएं प्राप्त कर सकेंगे। डीसी ने बताया कि भू-मित्र चैटबॉट के माध्यम से नागरिक फिलहाल चार प्रमुख राजस्व सेवाओं का लाभ ले सकते हैं भूमि स्वामित्व और खेती संबंधी रिकॉर्ड के लिए जमाबंदी की प्रति, भूमि स्वामित्व में परिवर्तन से संबंधित इंतकाल (म्यूटेशन) की प्रति, संबंधित मामलों के लिए मुआवजा पंजीकरण तथा दस्तावेज पंजीकरण (डीड रजिस्ट्रेशन) से संबंधित सहायता। इसके अतिरिक्त चैटबॉट के माध्यम से डीड टोकन जनरेशन, भूमि सीमांकन के लिए आवेदन, भूमि एवं राजस्व से जुड़ी शिकायत दर्ज करना तथा शिकायत की स्थिति की रियल-टाइम ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं भी एक सरल संवादात्मक इंटरफेस के जरिए व्हाट्सऐप पर उपलब्ध होंगी। नागरिक व्हाट्सएप नंबर 9593300009 को सेव करके और उस पर मैसेज भेजकर भू-मित्र सेवा का उपयोग कर सकते हैं। यह चैटबॉट साल के 365 दिन, चैबीसों घंटे उपलब्ध रहेगा। डीसी ने बताया कि व्हाट्सएप जैसे परिचित और व्यापक रूप से उपयोग किए जाने वाले प्लेटफार्म पर महत्वपूर्ण राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराकर राजस्व विभाग का उद्देश्य प्रशासनिक देरी को कम करना, कार्यालयों के अनावश्यक दौरे घटाना और नागरिकों को वास्तविक समय में जानकारी उपलब्ध कराकर उन्हें सशक्त बनाना है। द्विभाषी इंटरफेस यह सुनिश्चित करेगा कि यह सेवा समाज के सभी वर्गों, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों तक भी आसानी से पहुंचे। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में भू-मित्र प्लेटफॉर्म में और भी सेवाएं जोड़ी जाएंगी, जिससे डिजिटल शासन को और मजबूती मिलेगी तथा नागरिकों को अधिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह पहल हरियाणा में पारदर्शी और तकनीक आधारित प्रशासनिक व्यवस्था को बढ़ावा देने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।

डीसी अभिषेक मीणा।

निराश्रित बच्चों को दी जा रही प्रति माह 2100 रुपए की वित्तीय सहायता: डीसी
रेवाड़ी, 17 मार्च, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि हरियाणा सरकार के सामाजिक न्याय एवं सहकारिता विभाग द्वारा 21 वर्ष तक की आयु के निराश्रित बच्चों को प्रतिमाह 2100 रुपए की वित्तीय सहायता दी प्रदान की जा रही है। डीसी ने बताया कि जिला में 21 वर्ष तक की आयु का बच्चा जो अपने माता-पिता की सहायता अथवा देखभाल से उनकी मृत्यु होने के कारण, अपने पिता के घर से पिछले 2 वर्ष की अवधि से अनुपस्थित होने के कारण अथवा माता-पिता के लंबी सजा, जोकि एक वर्ष से कम न हो या मानसिक व शारीरिक अक्षमता के कारण वंचित हो जाते हैं और जिनके माता-पिता, अभिभावक की सभी साधनों से वार्षिक आय दो लाख से अधिक नहीं है। वह बच्चा हरियाणा सरकार के सामाजिक न्याय एवं सहकारिता विभाग द्वारा दी जा रही वित्तीय सहायता का लाभ पात्र है। उन्होंने बताया कि उपरोक्त विभाग द्वारा एक परिवार में दो बच्चों तक 2100 रुपए प्रति माह प्रति बच्चा पेंशन प्रदान की जा रही है। डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि इस स्कीम का लाभ लेने के इच्छुक व्यक्ति के पास निराश्रित होने का प्रमाण पत्र, बच्चों के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र व आवेदक का 5 वर्ष या उससे अधिक की अवधि का हरियाणा राज्य में निवासी होने का दस्तावेज जैसे कि फोटोयुक्त वोटर कार्ड या राशन कार्ड आदि की स्वयं सत्यापित फोटो प्रति सहित परिवार पहचान पत्र होना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि आवेदक के पास यदि उपरोक्त दस्तावेजों में से कोई दस्तावेज नहीं है तो वह कोई अन्य प्रमाण पत्र सहित 5 वर्ष से हरियाणा में रिहायश का हलफनामा दे सकता है। उन्होंने कहा कि यदि बच्चे के माता-पिता या अभिभावक किसी भी सरकार द्वारा पारिवारिक पेंशन प्राप्त कर रहा है वो उपरोक्त स्कीम का लाभ नहीं ले पाएंगे। स्कीम का लाभ लेने के इच्छुक प्रार्थी अपने नजदीकी अंत्योदय सरल केंद्र सहित सीएससी केंद्र पर आवेदन कर सकते हैं।

विपक्ष कर्ज के गलत आंकड़े देकर जनता को कर रहा गुमराह: मुख्यमंत्री’
हरियाणा की वित्तीय स्थिति पंजाब से अधिक मजबूत और संतुलित: मुख्यमंत्री

चंडीगढ़, 17 मार्च, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने विपक्ष ने आशंका व्यक्त की है कि यदि कर्ज बढ़ता रहा तो हरियाणा भी पंजाब की तरह आर्थिक संकट में फंस सकता है और आने वाली पीढ़ियों को इसका श्डिफर्ड बर्डनश् झेलना पड़ेगा। विपक्ष की यह आशंका वास्तविकता से बहुत परे है। विपक्ष कर्ज के गलत आंकड़े देकर जनता को केवल गुमराह करने का काम कर रहा है। प्रदेश की आर्थिक स्थिति का आकलन केवल भावनात्मक टिप्पणियों से नहीं, बल्कि ठोस तथ्यों और आंकड़ों के आधार पर किया जाना चाहिए। हरियाणा की वित्तीय स्थिति को यदि पड़ोसी राज्य पंजाब के साथ तुलनात्मक रूप से देखा जाए, तो यह साफ दिखाई देता है कि हरियाणा आज भी आर्थिक प्रबंधन और विकास के मामले में कहीं अधिक संतुलित और मजबूत स्थिति में है। मुख्यमंत्री मंगलवार को हरियाणा विधानसभा में बजट पर चर्चा के उपरांत जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2004-05 में जब हरियाणा और पंजाब दोनों राज्यों में कांग्रेस की सरकार थीं, उस समय हरियाणा का कुल बजट 15 हजार 526 करोड़ रुपये था। जबकि, पंजाब का बजट 25 हजार 627 करोड़ रुपये था अर्थात उस समय पंजाब का बजट हरियाणा की तुलना में अधिक था। यदि उस समय के सरकारी ऋण की बात करें तो हरियाणा का कुल ऋण 17 हजार 347 करोड़ रुपये था, जो बजट का लगभग 112 प्रतिशत था। जबकि, पंजाब का कुल ऋण 37 हजार 796 करोड़ रुपये था, जो उनके बजट का लगभग 147 प्रतिशत था। इसका अर्थ यह है कि उस समय भी पंजाब की वित्तीय स्थिति हरियाणा की तुलना में अधिक दबाव में थी। वर्ष 2005-06 और 2006-07 में भी यही स्थिति बनी रही, जब हरियाणा में कांग्रेस सरकार का बजट पंजाब की कांग्रेस सरकार से कम था परंतु पंजाब के बजट का ऋण प्रतिशत हरियाणा से ज्यादा था। श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यदि हम हाल के वर्षों की स्थिति देखें तो वर्ष 2021-22 में जब पंजाब में कांग्रेस की सरकार थी और हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी की सरकार थी, उस समय हरियाणा का बजट 1 लाख 35 हजार 910 करोड़ रुपये था और कुल ऋण बजट का लगभग 167 प्रतिशत था। वहीं, पंजाब का बजट हरियाणा से कम होकर 1 लाख 25 हजार 501 करोड़ रुपये था, लेकिन उसका कुल ऋण बजट का लगभग 186 प्रतिशत था अर्थात उस समय भी पंजाब पर कर्ज का बोझ हरियाणा की तुलना में अधिक था जबकि हरियाणा का बजट पंजाब से ज्यादा हो गया था। उन्होंने कहा कि यदि वर्तमान स्थिति देखें तो यह अंतर और स्पष्ट दिखाई देता है। वर्ष 2026-27 के बजट में हरियाणा का कुल बजट 2 लाख 23 हजार 658 करोड़ रुपये है और कुल ऋण बजट का लगभग 175 प्रतिशत है। वहीं, दूसरी ओर पंजाब का कुल बजट केवल 1 लाख 80 हजार 437 करोड़ रुपये है। लेकिन, उसका कुल ऋण उसके बजट का लगभग 248 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए विकास की गति को भी तेज किया है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और कृषि जैसे सभी क्षेत्रों में लगातार निवेश किया जा रहा है, जिसका सकारात्मक परिणाम प्रदेश की तेजी से बढ़ रही अर्थव्यवस्था में दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष ने हरियाणा प्रदेश पर भी कर्ज के बारे में अलगकृअलग आंकड़े देकर सदन और प्रदेश की जनता को गुमराह किया है। उन्होंने आंकड़े देते हुए कहा कि वर्ष 2014-15 का लोन 96 हजार 875 करोड़ (70,925़25,950), जो 2014-15 की जी.एस.डी.पी. 4 लाख 37 हजार 145 करोड रुपये का 22.16 प्रतिशत बनता है। उस समय वित्त आयोग की ऋण लेने की सीमा थी 22.9 प्रतिशत।
इंडस्ट्रियल सेक्टर का कर्ज’
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि श्री बतरा ने उद्योगों के बारे में सवाल उठाया है कि हरियाणा में बड़ी-बड़ी इंडस्ट्रीज हैं जैसे ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स आदि। इन उद्योगों पर भी लगभग 1 लाख 85 हजार 767 करोड़ रुपये का कर्ज है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष के सदस्य बताएं कि क्या बड़े-बड़े उद्योगों का कर्ज सरकार ने चुकाना होता है? क्या इनके पास किसी बैंक अथवा वाणिज्यिक संस्थान का अनुरोध आया है कि उनके द्वारा किसी उद्योग को दिया गया कर्ज सरकार से दिलवाया जाए ? अब की बात तो छोड़ो, ये अपने कार्यकाल का भी कोई उदाहरण बताएं, जिसमें उद्योगों का कर्ज सरकार द्वारा चुकाये जाने की बात हुई हो।

तीन दशक पुराने हरियाणा टेलीकॉम लिमिटेड से संबंधित विषय का कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से किया गया समाधान: मुख्यमंत्री
चंडीगढ़, 17 मार्च, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को हरियाणा विधानसभा में बजट 2026-27 पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि विपक्ष द्वारा उठाया गया हरियाणा टेलीकॉम लिमिटेड से संबंधित विषय लगभग तीन दशकों से लंबित एक औद्योगिक इकाई और उससे जुड़े वित्तीय दायित्वों का मामला है। सरकार ने इस पूरे प्रकरण में पारदर्शिता, कानूनी प्रक्रिया और राज्य के हितों की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। वर्तमान राज्य सरकार ने किसी भी स्तर पर न तो नियमों से समझौता किया है और न ही राज्य के हितों की अनदेखी की है। लगभग तीन दशक पुराने इस विवाद को कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से सुलझाया गया और राज्य के हित में वर्ष 2000 से बकाया चली आ रही राशि को राज्य कोष में जमा करवाया। श्री नायब सिंह सैनी ने सदन को बताया कि वर्ष 1994 और 1995 के दौरान रोहतक स्थित मैसर्स हरियाणा टेलिकॉम लिमिटेड को राज्य के उद्योग विभाग द्वारा 18 करोड़ 68 लाख रुपये का ब्याज मुक्त ऋण दिया गया था। इस ऋण को औद्योगिक इकाई द्वारा पांच वर्ष की अवधि के बाद वापस करना था। कंपनी द्वारा केवल 39 लाख रुपये की राशि वापस की गई थी। शेष 18 करोड़ 29 लाख रुपये की राशि वर्ष 2000 में वापस की जानी थी। लेकिन जून, 1999 में यह कंपनी दिवालिया घोषित हो गई और इसके बाद इसने सरकार को एक रुपये का ऋण भी वापिस नहीं किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण में दिवालिया हुई कंपनी का एक और वित्तीय दायित्व जुड़ा हुआ था। मैसर्स परिवर्तन इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी नामक एक अन्य कंपनी को भी मैसर्स हरियाणा टेलिकॉम लिमिटेड से 7 करोड़ 92 लाख रुपये की राशि वसूल करनी थी। वर्ष 1998 में मैसर्स हरियाणा टेलिकॉम लिमिटेड ने अपनी 136 कनाल 8 मरला भूमि के संबंध में उद्योग विभाग, हरियाणा के साथ मॉर्गेज डीड निष्पादित की थी। इस मॉर्गेज में पहला चार्ज मैसर्स परिवर्तन इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी के पास था। जबकि, दूसरा चार्ज हरियाणा के उद्योग विभाग के पास था। जमीन गिरवी रखी प्राइवेट कंपनी को, सरकार ने दिया 18 करोड़ 68 लाख रुपये का ब्याज मुक्त लोन, पांच साल में सरकार को वापिस दिए सिर्फ 39 लाख रुपये। 1994 में तब कांग्रेस की सरकार थी। अपने 7 करोड़ 92 लाख रुपये की राशि की वसूली के लिए मैसर्स परिवर्तन इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी ने फरवरी 2020 में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (छब्स्ज्), चंडीगढ़ बेंच का दरवाजा खटखटाया। कोविड के दौरान एन.सी.एल.टी. चंडीगढ़ बेंच द्वारा समाधान आवेदकों से बोलियां आमंत्रित की गई। अप्रैल 2023 में श्री अभिमन्यु मेहलावत नामक बोलीदाता की 25 करोड़ 14 लाख रुपये की सर्वोच्च बोली को छब्स्ज्ए चंडीगढ़ बेंच द्वारा स्वीकृत किया गया। हरियाणा के उद्योग विभाग ने भी इस प्रक्रिया में लगभग 77 करोड़ रुपये का दावा छब्स्ज् के समक्ष रखा गया था। इसमें 18 करोड़ 29 लाख रुपये मूलधन तथा 58 करोड़ 71 लाख रुपये पीनल इंटरेस्ट शामिल था। उन्होंने कहा कि अप्रैल 2023 में पारित अपने आदेश में छब्स्ज्, चंडीगढ़ बेंच ने हरियाणा के उद्योग विभाग को वित्तीय लेनदार के रूप में स्वीकार नहीं किया। इसी कारण, विभाग द्वारा मांगे गए पीनल इंटरेस्ट को स्वीकार नहीं किया। परिणामस्वरूप, स्वीकृत बोली राशि 25 करोड़ 14 लाख में से उद्योग विभाग, हरियाणा को 18 करोड़ 56 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई। हमने इस आदेश के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय में अपील दायर की थी, जिसे अप्रैल 2025 में सर्वोच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया। इससे अधिक वर्तमान सरकार क्या कर सकती थी। कांग्रेस सरकार द्वारा पैदा की गई इस समस्या से जूझने के लिए। इसके बाद हमने कानूनी प्रक्रिया का पूरा सम्मान करते हुए आगे की कार्रवाई की। इसके पश्चात सितंबर 2025 में हरियाणा के एडवोकेट जनरल से कानूनी राय प्राप्त की गई। विभाग को 18 करोड़ 56 लाख रुपये की डिमांड ड्राफ्ट राशि स्वीकार करनी चाहिए और सफल बोलीदाता के पक्ष में नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट जारी कर देना चाहिए। इस कानूनी सलाह के आधार पर वित्त विभाग, हरियाणा तथा राज्य सरकार की स्वीकृति प्राप्त करने के बाद 18 करोड़ 56 लाख रुपये की राशि राज्य कोष में जमा कर दी गई। इस प्रकार लंबे समय से लंबित इस प्रकरण का समाधान किया गया। इसके बाद नवंबर 2025 में सफल बोलीदाता के पक्ष में नो डयूज सर्टिफिकेट भी जारी कर दिया गया ताकि, इस मामले को विधिवत रूप से समाप्त किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पूरे प्रकरण से यह स्पष्ट है कि वर्तमान राज्य सरकार ने किसी भी स्तर पर न तो नियमों से समझौता किया है और न ही राज्य के हितों की अनदेखी की है। लगभग तीन दशक पुराने इस विवाद को कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से सुलझाया गया और राज्य के हित में वर्ष 2000 से बकाया चली आ रही राशि को राज्य कोष में जमा करवाया।

राज्य सरकार ने बजट 2026-27 के प्रस्तावों में एस.वाई.एल. नहर के निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया: मुख्यमंत्री
चंडीगढ़, 17 मार्च, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार ने बजट 2026-27 के प्रस्तावों में एस.वाई.एल. नहर के निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, इसलिए विपक्ष का यह आरोप कि बजट में एस.वाई.एल. नहर का कहीं जिक्र नहीं है, पूरी तरह से निराधार है। मुख्यमंत्री मंगलवार को हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बजट अनुमान 2026-27 पर चर्चा के उपरांत जवाब दे रहे थे। श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि बजट पर चर्चा के दौरान कांग्रेस के साथियों ने यह कहा कि वे तीन दिन से बजट भाषण पढ़ रहे हैं और उसमें एस.वाई.एल. नहर का कहीं जिक्र नहीं है। इन्होंने यह भी कहा कि हरियाणा के गठन के लगभग 60 वर्षों के इतिहास में ऐसा कोई बजट नहीं रहा, जिसमें एस.वाई.एल. का उल्लेख न किया गया हो। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बजट 2026-27 के दस्तावेज खण्ड-प्प्प्, जो कि पूंजीगत व्ययों का ब्यौरेवार अनुमान प्रस्तुत करता है, उसके पृष्ठ संख्या 204 पर स्पष्ट रूप से एस.वाई.एल. नहर का निर्माण के सबकृहेड में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के वर्ष 2005 से 2014 तक के दस वर्षों के कार्यकाल के बजट भाषणों के रिकॉर्ड के अनुसार केवल दो वर्षों 2005-06 और 2006-07 के बजट भाषण में ही एस.वाई.एल. नहर का उल्लेख किया था। बाकी 8 बजट भाषणों में एस.वाई.एल. शब्द का कहीं भी प्रयोग नहीं हुआ था। इतना ही नहीं, 10 में से केवल 2 वर्षों अर्थात् 2013-14 और 2014-15 के बजट में एस.वाई.एल. के निर्माण के लिए मात्र 10 लाख रुपये के बजट का प्रावधान किया था। बाकी आठ वर्षों में एक रुपये का भी प्रावधान इस सबकृहेड के लिए नहीं किया था। श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्तमान सरकार ने तो वर्ष 2016-17 से 2025-26 तक हर साल 100 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान किया है। राज्यपाल द्वारा 20 फरवरी, 2026 को दिए गए अभिभाषण के पैरा नंबर-36 में भी एस.वाई.एल. के बारे में कहा गया है कि ष्मेरी सरकार के लिए हरियाणा के जल के अधिकारों की रक्षा सर्वोच्च प्रतिबद्धता है। हम सतलुज-यमुना लिंक नहर बनाने के लिए पूर्णतः वचनबद्ध हैं।

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, तावडू में एक नशा मुक्ति केन्द्र स्थापित किया जाएगा: स्वास्थ्य मंत्री
चंडीगढ़, 17 मार्च, अभीतक: हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि फिरोजपुर झिरका विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, तावडू में एक नशा मुक्ति केन्द्र स्थापित किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री आज हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन के एक सदस्य द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब दे रही थी। उन्होंने बताया कि जिला नूंह में दो सरकारी नशा मुक्ति केन्द्र कार्यरत हैं, जिनमें शहीद हसन खान मेवाती मेडिकल कॉलेज , नल्हड़ में 10 तथा जिला नागरिक अस्पताल मांडीखेड़ा में 17 बेड नशा मुक्ति हेतु मरीजों के लिए आरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 से अब तक जिला नूंह में नशे के कारण किसी भी व्यक्ति की मृत्यु की सूचना प्राप्त नहीं हुई है। स्वास्थ्य मंत्री ने प्रदेश में नशा मुक्ति के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए बताया कि ष्मानसष् मादक पदार्थ निषेध सूचना सहायता (राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन 1933) एक जन-रिपोर्टिंग मंच के रूप में कार्य करता है, जिसके माध्यम से नागरिक नशीले पदार्थों से संबंधित गतिविधियों की सूचना दे सकते हैं। प्राप्त सूचनाओं की समीक्षा नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा की जाती है। इस मंच को वर्ष 2025 में राज्य भर से 564 कॉल प्राप्त हुई तथा वर्ष 2026 में अब तक 163 कॉल प्राप्त हो चुकी हैं, जिनमें जिला नूंह से वर्ष 2025 में 23 कॉल और वर्ष 2026 में अब तक 8 कॉल प्राप्त हुई हैं। आरती सिंह राव ने बताया कि गत 24 अप्रैल 2025 को हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी द्वारा मुख्यमंत्री जागृत ग्राम पुरस्कार योजना का शुभारम्भ किया गया। इस योजना का उद्देश्य आदर्श गांवों को बढ़ावा देना तथा ग्राम पंचायतों की भूमिका को सुदृढ़ करना है। इस योजना के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण, कृषि, डिजिटल कनेक्टिविटी और सतत अवसंरचना के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली पंचायतों को पुरस्कृत किया जाएगा। साथ ही, नशा रोकथाम, पराली जलाने पर रोक, स्वच्छता और जल संरक्षण को बढ़ावा देने वाले गांवों को विशेष मान्यता दी जाएगी। जनसंख्या श्रेणियों के आधार पर प्रथम पुरस्कार 51 लाख, द्वितीय पुरस्कार 31 लाख तथा तृतीय पुरस्कार 21 लाख रुपए रखा गया है। यह राशि गांवों के विकास कार्यों पर व्यय की जाएगी। उन्होंने बताया कि गत 5 अप्रैल 2025 को मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी द्वारा चैधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार से ष्ड्रग-फ्री हरियाणा साइक्लोथॉन 2.0ष् का शुभारम्भ किया गया। यह राज्यव्यापी नशा विरोधी जागरूकता अभियान था, जिसमें लगभग 4.5 लाख नागरिकों ने भाग लिया और यह अभियान हरियाणा के सभी जिलों से होकर गुजरा। इसके बाद 9 अप्रैल 2025 को यह रैली नूंह पहुंची, जहां लगभग 2,000 नागरिकों ने भाग लिया। आगे 11 अप्रैल 2025 को मुख्यमंत्री ने फरीदाबाद के सेक्टर-12 खेल परिसर से इसके अगले चरण को रवाना किया, जो शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से होते हुए उसी दिन गुरुग्राम में सम्पन्न हुआ और नशा मुक्त राज्य का संदेश दिया गया। स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि हरियाणा में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) द्वारा केमिस्ट दुकानों तथा औषधि वितरण प्रणाली की निगरानी को सुदृढ़ किया जा रहा है।खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के अंतर्गत जनस्वास्थ्य के हित में 5 सितम्बर 2025 से एक वर्ष की अवधि के लिए फ्लेवर्ड तंबाकू उत्पादों (गुटखा, पान मसाला, खैरा आदि) के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य भर में 20,788 निरीक्षण किए गए, जिनके परिणामस्वरूप 81 लाइसेंस पूर्ण रद्द, 18 आंशिक रद्द तथा 1,989 लाइसेंस निलंबित किए गए। इसके अतिरिक्त 438 छापे मारे गए, जिनसे 297 दवा जब्ती की गई। साथ ही नियामक उपायों के तहत 37,083 केमिस्ट दुकानों में से 35,754 दुकानों में सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे 96.4 प्रतिशत सीसीटीवी कवरेज दिसंबर 2025 तक सुनिश्चित की गई है। उन्होंने बताया कि जिला नूंह में 674 में से 644 केमिस्ट दुकानों में सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जा चुके हैं। वर्ष 2025 के दौरान नियामक कार्रवाई के तहत 3 छापे, 25 निरीक्षण तथा 24 लाइसेंस निलंबन किए गए। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने सदन के सभी सदस्यों से राज्य को नशा मुक्त करने में सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि सदन में प्रश्नकर्ता सदस्य द्वारा जिन गांवों में नशा बिक्री की बात कही है उन गाँवों में विशेष जांच करवाई जाएगी।

सदन से कांग्रेस के वॉकआउट पर मुख्यमंत्री का तंज, बोले: विपक्ष गैर जिम्मेदार
कांग्रेस की यही फितरत कि आरोप लगाओ और भाग जाओ
विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं, रचनात्मक सुझाव देने की बजाय वॉकआउट की राजनीति कर रही कांग्रेस

चंडीगढ़, 17 मार्च, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आज प्रदेश की जनता देख रही है जिस प्रकार कांग्रेस के विधायक सदन में झूठ बोलकर सदन से वॉक आउट कर जाते हैं। कांग्रेस की फितरत रही है कि आरोप लगाओ और भाग जाओ। उन्होंने शायराना अंदाज में कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो अपने आप को नहीं संभाल सकते वो घर को क्या संभालेंगे। हम पर झूठे आरोप लगाकर वह भाग जाते हैं। विपक्ष का यह रवैया दुर्भाग्यपूर्ण है। मुख्यमंत्री मंगलवार को हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बजट अनुमान 2026कृ27 पर चर्चा के उपरांत जवाब दे रहे थे। कांग्रेस विधायकों द्वारा सदन से वॉकआउट करने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी सदस्य पता नहीं किस चश्मे से बजट को देख रहे हैं। विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है। केवल अखबारों की सुर्खियों में बने रहने के लिए बजट पर निराधार टिप्पणियां कर रहे हैं। विपक्ष ने बजट को गंभीरता से नहीं पढ़ा उन्हें यही नहीं पता कि बजट में विकास के लिए क्या-क्या प्रावधान किए गए हैं तो वे प्रदेश की समस्याओं पर कैसे चर्चा कर सकते थे। जो सड़क पर आरोप लगाते हैं, उन्हीं आरोपों को सदन में बोल देते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा के 2 करोड़ 80 लाख लोग इस महान सदन की तरफ आशा भरी नजर से देखते हैं, परंतु विपक्ष का यह गैरजिम्मेदाराना रवैया हरियाणा प्रदेश के लोग देख रहे हैं। विपक्ष को रचनात्मक सुझाव नहीं देने है, बल्कि झूठ बोलकर के सदन से भाग जाना है, यही विपक्ष की सोच है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार कांग्रेस की भूमिका चिंताजनक है। विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है, केवल हाजिरी लगवानी है, विरोध करना है और झूठ फैलाना है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा किकृ जो खुद चल नहीं पाते रास्तों पर, अक्सर वही मंजिलों पर सवाल करते हैं। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष की मजबूरी है, क्योंकि विपक्ष को खुद सरकार के खिलाफ खड़ा हुआ दिखाई देना पड़ता है। पर काश, वे जनहित में कोई रचनात्मक सुझाव भी देते, कम से कम उनके हलके के लोग तो उन्हें हल्के में न लेते।
5 हजार सुझावों से बना जनहितकारी बजट, विपक्ष कर रहा निराधार आलोचना
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. रघुबीर कादियान को बजट भाषण बहुत लंबा लगा, इन्होंने कहा कि बजट स्पीच 3 घंटे 9 मिनट की थी, यह विधानसभा का एक रिकॉर्ड है। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. रघुबीर कादियान सबसे सीनियर सदस्य हैं। इस सदन के अध्यक्ष भी रहे हैं। वे बताएं कि क्या बजट अभिभाषण को समय सीमा तय करने के लिए कोई फार्मूला है या क्या कांग्रेस के कार्यकाल में इसकी कोई समय सीमा तय की गई थी। इसे घंटों व मिनटों में तोलकर ऐसे अपमानित न करें। श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि मेरा यह दूसरा बजट प्रदेश के सभी हितधारकों के सुझावों को मिलाकर बनाया गया था।
राज्यसभा चुनाव पर मुख्यमंत्री ने कहा कृ निर्दलीय उम्मीदवार ने हमसे समर्थन मांगा तो विपक्ष को इसमें क्या आपत्ति?
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस विधायकों द्वारा राज्यसभा चुनाव प्रक्रिया प्रभावित करने के संबंध में कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने एक प्रत्याशी श्री संजय भाटिया को जीता कर दिल्ली भेजने का काम किया है। लोकतंत्र में हर व्यक्ति को चुनाव लड़ने का अधिकार है। हमने निर्दलीय उम्मीदवार को स्पोर्ट किया। विपक्ष भी अपना उम्मीदवार खड़ा कर लेते, क्यों नहीं खड़ा किया। निर्दलीय उम्मीदवार हमारे पास वोट मांगने के लिए आया तो हमने उसे स्पोर्ट किया, इसमें विपक्ष को आपत्ति क्या है। डॉ रघुबीर कादियान ने आज भी चुनाव जीत कर भी चुनावी प्रक्रिया को कांड बताया, वोट चोरी की बात की। जबकि सच्चाई यह है कि न वोट चोरी होती है, न ईवीएम में मोरी होती है, लोकतंत्र की यही तो खूबी है जनाब, जगा देती है अंतरआत्मा, अगर वो सो रही होती है। इस प्रकार के आरोप लगाना यह दुर्भाग्यपूर्ण है।
प्री-बजट बैठकों में किसानों की भागीदारी पर विपक्ष के आरोप गलत, किसान से लेकर उद्योग तक हर वर्ग की भागीदारी से तैयार हुआ बजट
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. रघुबीर कादियान द्वारा आरोप लगाया गया कि प्री-बजट परामर्श बैठक केवल बड़े उद्योगपतियों और व्यापारियों के साथ ही कीं। जबकि किसानों और किसान संगठनों से कोई संवाद नहीं किया गया। श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह आरोप सरासर गलत है। गत 15 जनवरी को हिसार स्थित चैधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में प्री-बजट परामर्श बैठक मैंने की थी। इसमें 362 किसान, किसान संगठनों के प्रतिनिधियों, एफपीओ, प्रगतिशील किसानों, कृषि वैज्ञानिकों और कृषि शोधकर्ताओं ने भाग लेकर अपने सुझाव दिए। इसके अतिरिक्त, गत 22 जनवरी को कुरुक्षेत्र में आयोजित प्री-बजट परामर्श बैठक में भी भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और किसानों से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण सुझाव रखे। इसलिए यह कहना कि सरकार केवल उद्योगपतियों से मिलकर बजट बना रही है, न केवल तथ्यहीन है बल्कि उन हजारों किसानों, किसान संगठनों और विशेषज्ञों के योगदान का भी अपमान है, जिन्होंने अपनी मेहनत और अनुभव से बहुमूल्य सुझाव दिए। यह बजट किसी एक वर्ग का नहीं, बल्कि किसान, मजदूर, युवा, महिला, उद्योग और समाज के हर वर्ग की भागीदारी से तैयार किया गया है।

हरियाणा की ग्रीन हाइड्रोजन पॉलिसी जल्द
पानीपत में स्थापित की जा रही देश की पहली मेगा ग्रीन हाइड्रोजन परियोजना
मुख्य सचिव ने की परियोजना की समीक्षा

चंडीगढ़, 17 मार्च, अभीतक: हरियाणा सरकार प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जल्द ही ग्रीन हाइड्रोजन पॉलिसी लाने जा रही है। इसके अलावा, आईओसी द्वारा पानीपत में पीपीपी मॉडल पर 10,000 टन प्रति वर्ष क्षमता की देश की पहली मेगा ग्रीन हाइड्रोजन परियोजना स्थापित की जा रही है। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में इस सम्बन्ध में आज यहां एक उच्च स्तरीय बैठक हुई। बैठक में बताया गया कि इस परियोजना के माध्यम से भारतीय तेल निगम लिमिटेड की पानीपत रिफाइनरी को ग्रीन हाइड्रोजन की आपूर्ति की जाएगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को दिसंबर 2026 तक चालू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह देश के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के पंचामृत संकल्पों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। बैठक में परियोजना को बिजली देने सम्बन्धी विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया। बैठक मंे ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनुराग अग्रवाल, हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम के प्रबंध निदेशक श्री जे. गणेशन, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक श्री यश गर्ग और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग की निदेशक डॉ. संगीत तेतरवाल भी मौजूद रहे। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने बताया कि राज्य की नई उद्योग नीति बनाई जा रही है, जिसमें ग्रीन हाइड्रोजन को थर्स्ट सेक्टर में रखा गया है। पानीपत में स्थापित की जा रही इस परियोजना से हरियाणा के औद्योगिक परिदृश्य में व्यापक बदलाव आएगा। खास तौर पर रिफाइनिंग और इस्पात जैसे उच्च उत्सर्जन वाले क्षेत्रों के डीकार्बोनाइजेशन में सहायता मिलेगी। इससे हरियाणा को लो-कार्बन रिफाइनिंग और ग्रीन स्टील उत्पादन के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने में भी मदद मिलेगी। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की साइट योजना के अंतर्गत उपलब्ध प्रोत्साहनों के कारण इस परियोजना से बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित होने की संभावना है। साथ ही, पानीपत और आसपास स्थित उर्वरक तथा अमोनिया इकाइयों को भी ग्रीन अमोनिया अपनाने से लाभ मिलेगा, जिससे जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम होगी। इस परियोजना से व्यापक स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के अंतर्गत अनुमान है कि हरियाणा में 250 केटीपीए ग्रीन हाइड्रोजन क्षमता प्राप्त होने पर विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स और सेवा क्षेत्रों में लगभग 40,000 प्रत्यक्ष और 1.2 लाख अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है। इसके साथ ही, इस पहल से राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा और मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के मजबूत ग्रीन हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था के निर्माण के विजन को बल मिलेगा।

साइबर क्राइम पर सख्ती, मामलों में आई कमी: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
वर्ष 2024 में 6054 मामले थे, वर्ष 2025 में घटकर 5000 रह गए, लगभग 17 प्रतिशत की गिरावट, ठगी के 9804 मामले भी घटकर हुए 6324
वर्ष 2026-27 के बजट प्रस्तावों में साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए तीन नए साइबर पुलिस स्टेशन खोलने की घोषणा
साइबर क्राइम व डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों पर अंकुश लगाने के लिए ड्यूल ओटीपी के प्रावधान पर विचार

चंडीगढ़, 17 मार्च, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य में साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस प्रशासन पूरी गंभीरता और तत्परता के साथ कार्य कर रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। वर्ष 2024 की तुलना में वर्ष 2025 में साइबर क्राइम के मामलों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। वर्ष 2024 में जहां 6054 मामले सामने आए थे, वहीं वर्ष 2025 में यह संख्या घटकर 5000 रह गई, जो लगभग 17 प्रतिशत की गिरावट दर्शाती है। इसी प्रकार ठगी के मामलों में भी बड़ी कमी दर्ज की गई है। वर्ष 2024 में 9804 मामलों की तुलना में वर्ष 2025 में यह संख्या घटकर 6324 रह गई, जो करीब 36 प्रतिशत की कमी है। मुख्यमंत्री मंगलवार को हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल में विधायक श्री आफताब अहमद द्वारा साइबर क्राइम से संबंधित पूछे गए प्रश्न का उत्तर दे रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने साइबर अपराध की बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए अलग से साइबर क्राइम विभाग का गठन किया है, जबकि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय ऐसा कोई समर्पित विभाग नहीं था। मुख्यमंत्री ने बताया कि साइबर अपराध में संलिप्त आरोपियों के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की जा रही है। वर्ष 2024 में 5156 गिरफ्तारियां की गई थीं, जबकि वर्ष 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 8093 हो गया, जो लगभग 57 प्रतिशत की वृद्धि है। मुख्यमंत्री ने कहा कि साइबर अपराध के तौर-तरीकों में लगातार बदलाव आ रहा है और अपराधी नई-नई तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं, जिनमें डिजिटल अरेस्ट जैसे मामले भी सामने आ रहे हैं। ऐसे मामलों में ठगी गई राशि को कई खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता है। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस, बैंकों के सहयोग से संबंधित राशि को तुरंत होल्ड कर देती है। वर्ष 2024 में होल्ड की गई राशि का प्रतिशत 27 था, जो वर्ष 2025 में बढ़कर 40 प्रतिशत हो गया है, अर्थात इसमें 13 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि सरकार ने जीरो एफआईआर की व्यवस्था भी लागू की है, जिसके तहत साइबर अपराध के मामलों में पीड़ित व्यक्ति 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। यह एफआईआर स्वतः संबंधित थाने को स्थानांतरित कर दी जाती है, जिससे त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित होती है।
वर्ष 2026-27 के बजट प्रस्तावों में साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए तीन नए साइबर पुलिस स्टेशन खोलने की घोषणा
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि साइबर क्राइम कंट्रोल रूम में विभिन्न बैंकों के 16 नोडल अधिकारी तैनात हैं, जो पुलिस के साथ समन्वय कर ठगी गई राशि को होल्ड कराने में अहम भूमिका निभाते हैं। जांच पूरी होने तक इस राशि को निकाला नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026-27 के बजट प्रस्तावों में साइबर अपराध पर और प्रभावी नियंत्रण के लिए गोहाना, बहादुरगढ़ और सोनीपत में तीन नए साइबर पुलिस स्टेशन खोलने की घोषणा की गई है, जिससे इस दिशा में कार्यों को और गति मिलेगी।
साइबर क्राइम व डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों पर अंकुश लगाने के लिए ड्यूल ओटीपी के प्रावधान पर विचार
मुख्यमंत्री ने कहा कि साइबर अपराध और डिजिटल अरेस्ट के मामलों में 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग अधिक प्रभावित हो रहे हैं। इसे ध्यान में रखते हुए हमने निर्णय किया है कि ड्यूल ओटीपी का प्रावधान किया जाएगा। क्योंकि जब कोई डिजिटल अरेस्ट होता है और ठगी के लिए बैंक से जुड़े खाते के लिए ओटीपी मांगा जाता है तो उसका ओटीपी बुजुर्ग के साथकृसाथ उसके बच्चे को भी जाएगा। जब दोनों ओटीपी दिए जाएंगे तब जाकर वह ट्रांजैक्शन पूरी होगी। इस ड्यूल ओटीपी के प्रावधान से साइबर क्राइम व डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों में बहुत बड़ा अंकुश लगेगा।

जुलाना नगर पालिका भ्रष्टाचार मामले में एफआईआर दर्ज, जांच के बाद होगी सख्त कार्रवाई – मुख्यमंत्री
चंडीगढ़, 17 मार्च, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि नगर पालिका, जुलाना के प्रधान एवं संबंधित कॉन्ट्रैक्टर के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर एफआईआर दर्ज है और मामले की जांच प्रगति पर है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री मंगलवार को हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल में विधायक श्रीमती विनेश फौगाट द्वारा पूछे गए प्रश्न का उत्तर दे रहे थे। इसके अलावा, विधायक श्री घनश्याम दास द्वारा यमुनानगर में शहर से बाहर ट्रांसपोर्ट नगर विकसित करने बारे पूछे गए प्रश्न का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुनानगर में ट्रांसपोर्ट नगर सेक्टर क्षेत्र के भीतर आ गया है, जहां आबादी का घनत्व काफी अधिक है। इस स्थिति को देखते हुए सरकार इस पर गंभीरता से विचार कर रही है कि ट्रांसपोर्ट नगर को ऐसी उपयुक्त जगह पर विकसित किया जाए, जहां सड़क संपर्क सहित सभी आवश्यक बुनियादी सुविधाएं व्यापारियों को सुगमता से उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि इस संबंध में स्थानीय विधायक का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है और जहां भी सर्वसम्मति एवं उपयुक्त स्थान मिलेगा, वहां नए ट्रांसपोर्ट नगर को विकसित किया जाएगा।

झज्जर: बहादुरगढ़ नगर परिषद के वाइस चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए पार्षदों ने डीसी को सौंपे एफिडेविट।
भाजपा के वाइस चेयरमैन पाले राम शर्मा के खिलाफ 25 पार्षद पहुंचे जिला उपयुक्त के पास।

राज्यसभा चुनाव पर इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय संरक्षक प्रो. सम्पत सिंह की प्रतिक्रिया
भूपेंद्र हुड्डा ने दिखावे के लिए कांग्रेस के 37 विधायकों को हिमाचल में कैदी बनाकर रखा और खुद भाजपा के साथ सौदा करते रहेरू प्रो. सम्पत सिंह
भूपेंद्र हुड्डा चुनाव एजेंट थे, कांग्रेस के चार विधायकों के वोट कैंसल हुए और पांच कांग्रेस विधायकों ने अपने वोट भूपेंद्र हुड्डा को दिखा कर बीजेपी समर्थित आजाद उम्मीदवार को दिए हैं
भाजपा का एक वोट कैंसल होने की वजह से कर्मवीर बौद्ध जीत गए नहीं तो भूपेंद्र हुड्डा ने भाजपा समर्थित उम्मीदवार को जीताने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी थी

चंडीगढ़, 17 मार्च, अभीतक: पूर्व मंत्री व इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय संरक्षक प्रो. सम्पत सिंह ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में विधायकों की खरीद फरोख्त करके कांग्रेस और भाजपा दोनों पार्टियों ने हरियाणा प्रदेश के लाखों लोगों की भावनाओं को ठेस पहुँचाई है। उन्होंने इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष चैधरी अभय सिंह चैटाला के अपने विधायकों को चुनाव से अलग रखने के फैसले की सराहना की। वरना भाजपा और कांग्रेस यह दोष चैधरी अभय सिंह चैटाला पर लगाते। दोनों राष्ट्रीय दलों ने पहले तो 2024 के विधानसभा चुनाव मिलकर लड़े। पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी से दुखी व परेशान होकर प्रदेश की जनता ने कांग्रेस पार्टी की जबरदस्त लहर बनाई। सबको पता था कि कांग्रेस की 72 सीटें भूपेन्द्र सिंह हुड्डा के कहने पर दी है। भूपेंद्र सिंह हुडडा ने जिताऊ उम्मीदवारों की टिकटें काटकर और फिर नामांकन के समय कई जगह अपने आजाद उम्मीदवार खड़े करके भाजपा की जीत को सुनिश्चित किया। इसी तरह उन्होंने कांग्रेस की वरिष्ठ नेता कुमारी सैलजा के समर्थकों की टिकट काटी और बाद में अपने लोगों के द्वारा उनके बारे में बहुत औछे और छोटे शब्द बोलकर अपमानित करवाया। प्रो. सम्पत सिंह ने कहा कि इस चुनाव में राहुल गांधी ने एक अनुसूचित जाति के नेता कर्मवीर बौद्ध को कांग्रेस का उम्मीदवार बनाया। भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने दिखावे के लिए कांग्रेस पार्टी के अपने 37 विधायकों को हिमाचल में कैदी की तरह से रखा और खुद भाजपा के साथ सौदा करते रहे। कांग्रेस पार्टी ने भूपेन्द्र सिंह हुड्डा को ही चुनाव एजेंट नियुक्त किया। राज्यसभा चुनाव में मतदान करने वाला विधायक अपना वोट एजेंट को दिखाकर ही डाल सकता है। कांग्रेस के सभी विधायकों ने इनको अपना वोट दिखाया था। जब नतीजे आए तो इनके पुराने चलन को देखते हुए किसी को भी आश्चर्य नहीं हुआ। कांग्रेस के चार विधायकों के वोट तो कैंसल हुए जोकि बिना इनकी स्वीकृति के संभव नहीं थे। इसी तरह पांच विधायकों ने अपने वोट कांग्रेस को न देकर बीजेपी समर्थित आजाद उम्मीदवार को दिए हैं वो भी इनको दिखाकर दिए है। जब ये खरीद-बेच का व्यापार लोगों के सामने आ गया तो अब कह रहे हैं कि बीजेपी ने कांग्रेस के वोट चोरी कर लिए हैं। यह नहीं बता रहे की वोट चोरी नहीं हुए है यह आपकी सलाह बिना बिक नहीं सकते थे। इसीलिए हरियाणा प्रदेश के लोगों के साथ एक बार फिर भूपेन्द्र सिंह हुडडा ने छल-कपट किया है। 2020 में जब इनका बेटा राज्यसभा का चुनाव लड़ रहा था तो इन्होंने बीजेपी से समझौता करके बीजेपी समर्थित आजाद उम्मीदवार को चुनाव मैदान में नहीं आने दिया। इसलिए बिना चुनाव ही अपने बेटे को राज्यसभा पहुॅचाया। जबकि इससे पहले 2016 में भूपेन्द्र हुड्डा ने अपना वोट न डालकर व 14 कांग्रेस विधायकों के वोट पेन और स्याही बदलवाकर कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार आर.के. आनंद को हरवाया और भाजपा समर्थित आजाद उम्मीदवार सुभाष गोयंका को जीतवाया था। इसी तरह 2022 में कांग्रेस के 31 विधायक होते हुए कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार अजय माकन को हराकर बीजेपी समर्थित कार्तिकेय शर्मा को जीतवाया। भूपेंद्र हुड्डा ने जब भी इनकी पसंद का कांग्रेस का उम्मीदवार नहीं आया तो भाजपा की मदद की है। इस बार उन्होंने भाजपा के साथ समझौता करके अनुसूचित जाति के उम्मीदवार कर्मवीर बौद्ध को हराने का पूरा प्रंबंध कर रखा था जिससे उनका दलित विरोधी चेहरा प्रदेश की जनता के सामने आया। परंतु भाजपा का एक वोट कैंसल होने की वजह से कर्मवीर बौद्ध जीत गए। उन्होंने कहा कि भूपेन्द्र सिंह हुड्डा उसी को दलित मानते है जो इनके इशारे पर नाचता हो। उन्होंने सलाह दी की कांग्रेस पार्टी को भाजपा में अपना विलय कर लेना चाहिए।

परमपिता परमेश्वर उनकी आत्मा को शांति देकांग्रेस ने अपने विधायक बेचे और बीजेपी ने उन विधायकों को खरीदारू अदित्य देवीलाल
सभी राज्य सभा चुनावों में कांग्रेस और बीजेपी ने विधायकों की हॉर्स ट्रेडिंग की
प्रश्न काल के दौरान मास्टर प्लान और भू माफिया का मुद्दा उठाया, विधायक अदित्य देवीलाल और विधायक अर्जुन चैटाला ने राज्यसभा चुनाव में हुई क्रॉस वोटिंग के विषय पर नियम-84 के तहत चर्चा करवाए जाने बारे एक प्रस्ताव रखा

चंडीगढ़, 17 मार्च, अभीतक: राज्यसभा चुनाव पर इंडियन नेशनल लोकदल के विधायक आदित्य देवीलाल ने कहा कि इस बार के राज्यसभा चुनाव को लेकर हरियाणा के शहरों और गांव में जोर शोर से चर्चाएं थी। जागरूक मतदाता टक टकी लगाकर हर पल की जानकारी ले रहे थे। हरियाणा की जनता बहुत भावुक है वह अपने नेताओं से जुड़ी रहती है। इंडियन नेशनल लोकदल ने जन भावना को ध्यान में रखते हुए चुनाव से दूरी रखी थी। पिछले दो राज्यसभा चुनाव में भी कांग्रेस और बीजेपी ने विधायकों की हॉर्स ट्रेडिंग की थी। कांग्रेस और भाजपा जनता की भावनाओं से खेलते हैं। कल हुए राज्यसभा चुनाव के बाद कांग्रेस और बीजेपी का पर्दाफाश जनता के बीच में हो गया है। इससे पहले स्याही कांड और कार्तिक शर्मा की जीत में भी हॉर्स ट्रेडिंग हुई थी। सत्ता पक्ष की बीजेपी और विपक्ष के कांग्रेस ने मिलकर प्रदेश की पौने तीन करोड़ की जनता के साथ खेल किया है। इन लोगों को शर्म नहीं आई। एक तरफ हरियाणा की जनता सरकार के कार्यकाल से परेशान है। वहीं कांग्रेस नेता ने अपने विधायकों को बीजेपी की तरफ भेज दिया। मतदान के दौरान कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा और प्रभारी बीके हरिप्रसाद हर मतदाता का वोट देख रहे थे कि किस विधायक ने कहां वोट डाला है। जब कांग्रेस को सब कुछ पता लग गया था। तो 4 बजे मतगणना बंद होते ही जनता के सामने इसका खुलासा कर देना चाहिए था। कांग्रेस को बताना चाहिए था कि उनके किस विधायक ने क्रॉस वोटिंग की है और किस विधायक ने बीजेपी के पक्ष में अपना वोट रद्द करवाया है। भूपेंद्र सिंह हुड्डा की चुप्पी कई सवालों को खड़ा कर रही है। कांग्रेस गरीबों के साथ होने की बात करती है। लेकिन कांग्रेस ने एक दलित समाज के व्यक्ति को हराने में कोई कसर नहीं छोड़ी। बीजेपी हॉर्स ट्रेडिंग में विश्वास करती है। करोड़ों में विधायक बिकने की सूचना है। कांग्रेस ने अपने विधायक बेचे और बीजेपी ने उन विधायकों को खरीदा। कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव में बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के संविधान की धज्जियां उड़ा दी। हलके के लोग जानना चाहते हैं, कहीं उनके विधायक ने क्रॉस वोटिंग तो नहीं की है। मुख्यमंत्री नायब सैनी के इंडियन नेशनल लोकदल को कांग्रेस की बी टीम बताने पर आदित्य देवीलाल ने कहा कि मुख्यमंत्री बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, उनको ज्यादा बोलने की आदत है। उनको अपनी जांच करवानी चाहिए। बीजेपी ने कांग्रेस के लिए जो गड्ढा खोदा था। उसमें बीजेपी ही गिर गई है। बीजेपी के एक सदस्य का वोट भी रद्द हुआ है। कांग्रेस के वोट रद्द करवाने में हुड्डा ने योजनाबद्ध तरीके से मदद की है। आदित्य देवीलाल ने मुख्यमंत्री के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी जिसमें मुख्यमंत्री ने निर्दलीय प्रत्याशी को वोट देने की बात कही थी। इस पर आदित्य देवीलाल ने कहा नामांकन के दिन निर्दलीय प्रत्याशी सतीश नांदल ने कहा था कि वह भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष हैं ऐसे में उनके समर्थन का सवाल ही नहीं उठाता। सदन में इनेलो विधायक दल के नेता अदित्य देवीलाल ने प्रश्नकाल के दौरान कितने शहरों को मास्टर प्लान के तहत अधिसूचित किया गया है? उन्होंने कहा कि जो सवाल पूछे गए हैं उसका जवाब मंत्री ने नहीं दिया। उन्होंने आग्रह किया कि सभी 80 शहरों की सूची दी जाए कि उनमें से कितने नगर मास्टर प्लान के तहत किस स्टेज पर हैं। उन्होंने सप्लीमेंट्री प्रश्न पूछते हुए कहा कि यह बड़ी चिंता का विषय है कि मास्टर प्लान के अभाव में भू माफिया द्वारा अवैध कालोनियां काटी जा रही हैं। जिन शहरों में इस तरह की योजनाएं नहीं बनती वहां भू माफिया पूरी तरह से सक्रिय हैं और सफेदपोश लोगों के साथ मिलकर सरे आम अवैध कालोनियां काट रहे हैं। विधायक अदित्य देवीलाल और विधायक अर्जुन चैटाला ने राज्यसभा चुनाव में हुई क्रॉस वोटिंग के विषय पर नियम-84 के तहत चर्चा करवाए जाने बारे एक प्रस्ताव रखा। प्रस्ताव में कहा गया कि इनेलो पार्टी चाहती है कि इस विषय पर चर्चा करवाई जाए जिससे यह स्पष्ट हो सके कि किन-किन सदस्यों ने क्रॉस वोटिंग की है तथा उसके क्या कारण रहे ताकि प्रदेश की जनता को भी इस बारे जानकारी हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस भी चाहती तो दूसरा कैंडिडेट खड़ा कर लेती, इनको किसी ने कोई रस्सी थोड़ी बंद रखी थी। हमारे पास अतिरिक्त वोट थे तो हमने दूसरा कैंडिडेट खड़ा कर दिया। इसमें हमारा क्या कसूर है, कोई भी व्यक्ति खड़ा हो सकता है लोकतंत्र में। मुख्यमंत्री बोले कि इनेलो वाले भी कांग्रेस से मिले हुए हैं और नीचे नीचे कांग्रेस से मिले हुए हैं।

मौसम विभाग-चंडीगढ के अनुसार ’19-20 मार्च को तेज हवाओ के साथ बारिश की संभावना है’

गीता भुक्कल बोलीं – शैली चैधरी पूरे रास्ते राधे-राधे, माला जपती गईं, राम का नाम लेना और गद्दारी करना’

राज्यसभा चुनाव की वोटिंग से पहले कांग्रेस ने विधायकों के फोन जमा करवाए थे
चर्चा है कि 4 विधायक अपना फोन लेने वापस ही नहीं आए और इन्हीं का नाम गद्दारों में शामिल है
दूसरी चर्चा ये है कि कांग्रेस के दलित उम्मीदवार को हरवाने के प्रयास में दलित वर्ग के विधायक सबसे आगे रहे हैं

कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव में बीजेपी को वोट देने वाले उड़ीसा के तीनों विधायकों को पार्टी से निकाला’
हरियाणा के ष्गद्दारोंष् पर जल्द कार्रवाई संभावित’

कर्मचारी प्रकोष्ठ इनेलो की राज्य कार्यकारिणी की बैठक जीन्द में सम्पन्न: बलवान सिंह दोदवा
चण्डीगढ, 17 मार्च, अभीतक: इंडियन नेशनल लोकदल कर्मचारी प्रकोष्ठ की राज्यस्तरीय मीटिंग 16 मार्च को सैनी धर्मशाला जीन्द में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष बलवान सिंह दोदवा ने व संचालन प्रधान महासचिव सत्यवान शास्त्री ने किया। आज की बैठक में प्रकोष्ठ के सभी जिला संयोजको के साथ-साथ प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य व सैंकङो कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। बैठक में मुख्य तौर पर इनेलो के राष्ट्रीय संगठन सचिव श्री उमेद लोहान, जीन्द के जिलाध्यक्ष विजेंद्र रेढू व हल्का जीन्द के अध्यक्ष पप्पू रेढू ने शिरकत की। राज्यस्तरीय मीटिंग का मुख्य एजेण्डा पार्टी हित में कर्मचारी प्रकोष्ठ को सशक्त व मजबूत करना और 23 मार्च को शहीदी दिवस पर नरवाना में होने जा रहे युवा सम्मेलन को सफल बनाने के लिए प्रदेश के ज्यादा से ज्यादा युवको को सम्मेलन में उतारना रहा। पार्टी के राष्ट्रीय संगठन सचिव उमेद लोहान ने बैठक को सम्बोधित करते हुए बताया कि आज प्रदेश बेरोजगारी,भ्रष्टाचार व मंहगाई के नाम पर पहले स्थान पर है। कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नही है, माता-बहनों की इज्जत खतरे में है, हररोज लूटपाट,डकैती व फिरौती के नाम पर धमकियां मिल रही है। बेरोजगारी के कारण प्रदेश के युवा वर्ग का भविष्य खतरे है। इसलिए प्रदेश के युवा को बचाने के लिए 23 मार्च को नरवाना में युवा सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इसलिए सभी कार्यकर्ताओं से अपील है कि वो प्रदेश के ज्यादा से ज्यादा युवाओ को सम्मेलन में उतारने का काम करें। जिलाध्यक्ष बिजेंद्र रेढू ने भी बैठक को सम्बोधित करते हुए कर्मचारी प्रकोष्ठ को मजबूत करने व युवा सम्मेलन को कामयाब करने पर जोर दिया। प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष बलवान सिंह दोदवा ने बैठक को सम्बोधित करते हुए बताया कि आज प्रदेश का पढा-लिखा युवा वर्ग रोजगार की तलाश में दर-दर की ठोकरे खा रहा है,लेकिन मौजूदा सरकार में रोजगार नहीं मिल रहा। जबकि सरकारी विभागों मे लगभग 2लाख स्वीकृत पद खाली पङे हुए है। रोजगार न मिलने के कारण युवक गलत रास्ते पर चल रहे है, जिसके कारण उनका भविष्य खतरे में पङता जा रहा है। दोदवा ने विश्वास दिलाया कि प्रदेश में इंडियन नेशनल लोकदल की सरकार बनने पर न केवल खाली पङे 2 लाख पदों को स्थाई तौर पर भरा जायेगा बल्कि 2लाख और पद सृजित करके प्रदेश के युवाओं को रोजगार देने का काम किया जायेगा। दोदवा ने विश्वास दिलाया कि 23 मार्च को कर्मचारी प्रकोष्ठ के सभी सदस्य हजारों युवकों को नरवाना में पहुंचाकर सम्मेलन को सफल बनाने का काम करेंगें। उन्होंन कर्मचारी प्रकोष्ठ के सभी सदस्यों को जल्द से जल्द जिला व हल्का कार्यकारीणी गठित करने बारे भी निर्देश जारी किये। आज की बैठक में सैंकङो पदाधिकारी व सदस्यों ने हिस्सा लिया।

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