



ग्रामीण क्षेत्र में फाइबर कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट की प्रगति से संबंधित मुख्य सचिव की वीसी में मौजूद डी सी कैप्टन शक्ति सिंह ।
जिला के हर गांव में पहुंचेगी फाइबर कनेक्टिविटी – डीसी
डीसी ने दिए कार्य में तेजी लाने के निर्देश, अभी तक 16 गांवों में पहुंची फाइबर कनेक्टिविटी
झज्जर, 01 फरवरी, अभीतक:- सरकार ने नेटवर्क की बेहतर सेवाएं मुहैया कराने के लिए हर गांव में फाइबर कनेक्टिविटी पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। हरियाणा के मुख्य सचिव संजीव कौशल ने वीसी के माध्यम से जिला प्रशासन के साथ भारत नेट प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा की। डीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने बताया कि बीएसएनएल ने अभी तक जिला के 16 गांवों में फाइबर कनेक्टिविटी पंहुचा दी है और इन गांवों में काफी लोग इस फास्ट स्पीड की नेट वर्क सेवा का लाभ ले रहे हैं। डीसी ने ग्राम विकास और प्रौद्योगिकी विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि अगले तीन माह में हर गांव तक फाइबर कनेक्टिविटी पहुंचाने के लक्ष्य को ध्यान में रखकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि आजकल ज्यादातर ऑनलाइन सेवाएं नेटवर्क से जुड़ी हुई हैं। सुशासन व पारदर्शी नीति के तहत सरकार सरल पोर्टल के माध्यम से ज्यादातर सेवाओं व योजनाओं का लाभ ऑनलाइन पहुंच रही है। ऐसी पारदर्शी व्यवस्था में अगर नेट कनेक्टिविटी की गुणवत्ता अच्छी होगी तो लोगों को सुविधा होगी और सुशासन का लक्ष्य प्राप्त होगा। डीसी ने कहा कि बीएसएनएल द्वारा टेलीकॉम इंफ्रा प्रोवाइडर की नीति के तहत ग्राम पंचायत या कोई इच्छुक ग्रामीण योजना में भागीदारी कर सकता है। इसके लिए रेवेन्यू शेयर की सीमा निर्धारित की गई है। ग्राम पंचायतों के भागीदार बनने से गांव के विकास के लिए आय का अतिरिक्त स्त्रोत होगा। ग्राम पंचायत द्वारा इक्विपमेंट पर 40 हजार रुपये निवेश करने और गांव में 100 कनैक्शन होने पर 25 हजार रूपये प्रति माह की आमदनी होगी। यह कार्य कोई गांव का व्यक्ति भी कर सकता है। मीटिंग में ग्रामीण विकास, पुलिस, शिक्षा और प्रौद्योगिकी विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

डीसी कैप्टन शक्ति सिंह
पशुपालक किसान क्रेडिट कार्ड योजना का उठाएं ज्यादा से ज्यादा लाभ – डीसी
पशुपालकों को ऋण पर केवल 4 प्रतिशत दर करना होगा से ब्याज का भुगतान
झज्जर, 01 फरवरी, अभीतक:- डीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने बताया कि पशुधन किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत किसानों को गाय, भैंस, भेड़, बकरी, सूकर, मुर्गी के रखरखाव के लिए तीन लाख रुपए तक का ऋण देने का प्रावधान है ताकि पशुपालकों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके। डीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि पशुधन किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत किसान अपने पशुओं की देखभाल के लिए होने वाले खर्च के लिए पशुधन किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से ऋण प्राप्त कर सकता है। कोई भी पशुपालक एक लाख 60 हजार रुपए तक की राशि की लिमिट तक का पशुधन किसान क्रेडिट कार्ड बिना कोई जमीन गिरवी रखे व बिना किसी गारंटी के कोलैटरल सुरक्षा बनवा सकता है। यदि कोई पशुपालक इस राशि से अधिक लिमिट का पशुधन किसान क्रेडिट कार्ड बनवाना चाहता है तो उसे अपनी जमीन या कोई जमानत देना अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि पशुधन किसान क्रेडिट कार्ड धारक को सालाना सात प्रतिशत साधारण ब्याज दर पर बैंक द्वारा ऋण दिया जायेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कार्डधारक अपने ऋण का समय पर भुगतान करता है तो उसे केंद्र सरकार की तरफ से तीन प्रतिशत ब्याज दर का अनुदान दिया जाएगा तथा उस पशुपालक को यह ऋण केवल चार प्रतिशत के हिसाब से चुकाना होगा। उन्होंने बताया कि सात प्रतिशत ब्याज दर के हिसाब से अधिकतम तीन लाख रुपये तक की ऋण राशि पर केंद्र सरकार की ओर से तीन प्रतिशत ब्याज दर का अनुदान दिया जायेगा। कार्डधारक द्वारा ऋण की राशि जरूरत के अनुसार समय-समय पर ली जा सकती है और सुविधा अनुसार जमा करवाई जा सकती है। कार्ड धारक को ऋण राशि निकलवाने या खर्च करने के एक साल की अवधि के अन्दर किसी भी एक दिन लिए गए ऋण की पूरी राशि को जमा करवाना अनिवार्य है ताकि साल में एक बार ऋण शून्य हो जाए।




हरियाणा में 17 जिलों की 264 कॉलोनियां हुई नियमित – मनोहर लाल
इनमें नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग की 91 तथा शहरी स्थानीय विभाग की 173 कॉलोनियां हैं शामिल
वर्तमान सरकार द्वारा अब तक कुल 2101 कॉलोनियां की जा चुकी नियमित
चंडीगढ़, 01 फरवरी, अभीतक:- हरियाणा में संस्थागत शहरी विकास और नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने के दृष्टिगत अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने की कड़ी में आज एक बार फिर मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने 17 जिलों की 264 अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित किया। इनमें नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग की 91 तथा शहरी स्थानीय विभाग की 173 कॉलोनियां शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि इससे पहले भी वर्तमान सरकार द्वारा प्रदेश में अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित किया जा चुका है। आज की 264 कॉलोनियों का मिलाकर अब यह संख्या 2101 हो जाएगी। इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री श्री रणजीत सिंह भी उपस्थित थे। वहीं शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डा. कमल गुप्ता वर्चुअल रूप से जुडे। नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग की नियमित होने वाली 91 कॉलोनियों में पानीपत में 14, पलवल में 44, पंचकुला में 21 और महेन्द्रगढ में 12 कॉलोनियों को नियमित किया गया है। इसी प्रकार, शहरी स्थानीय विभाग की शहरी स्थानीय विभाग की 173 कॉलोनियां मंे अंबाला की 7, जींद की 3, हिसार की 4, रोहतक, कुरूक्षेत्र और पानीपत की 11-11, सिरसा और फरीदाबाद की 5-5, पलवल और करनाल की 9-9, पंचकुला की 3, सोनीपत की 41, गुरूग्राम की 44, कैथल और नूंह की 2-2 और भिवानी की 6 कॉलोनियां शामिल हैं। इन कॉलोनियां में नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं जैसे कि सड़कें, सीवरेज, जलापूर्ति और स्ट्रीट लाइट उपलब्ध करवाई जाएंगी। ऐसी कॉलोनियों के विकास के लिए सरकार द्वारा 438 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है जिसमें से 54 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है ताकि कॉलोनियों में विकास कार्य करवाए जा सकें। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री वी. उमाशंकर, नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अरुण गुप्ता, वित विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, हाउसिंग फार आॅल विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजा शेखर वुंडरू, ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री ए.के. सिंह, बिजली निगमों के अध्यक्ष श्री पी के दास, सूचना, जन सम्पर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के महानिदेशक श्री मनदीप सिंह बराड़, डीएचबीवीएन के प्रबंध निदेशक श्री पी सी मीणा, हाउसिंग फार आॅल विभाग के महानिदेशक श्री टी एल सत्यप्रकाश, नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के निदेशक श्री अमित खत्री सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना पंजीकरण पोर्टल का हुआ शुभांरभ
प्रथम चरण में पिंजौर, रोहतक, सिंरसा सहित प्रदेश में 14 शहरों में 10542 आवेदकों को मिलेगा अपना घर – मनोहर लाल
पोर्टल 1 फरवरी 2024 से हुआ लाइव, 2.90 लाख पात्र परिवारों द्वारा घर के लिए किया गया है आवेदन
चंडीगढ़, 01 फरवरी, अभीतक:- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने पात्र लोगों को रियायती दरों पर आवास उपलब्ध करवाने के लिए ’मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना’ के तहत आवेदन करने वाले लाभार्थियों के लिए आज मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना पंजीकरण पोर्टल का शुभांरभ किया। योजना के तहत अपना प्लाट सुरक्षित करने के लिए यह पोर्टल आज यानि 1 फरवरी 2024 से लाइव होगा। पात्र आवेदक आज से ही हाउसिंग फाॅर आल विभाग की वेबसाइट पर पंजीकरण कर सकते हैं। शुरूआती चरण में 14 शहरों में 10,542 प्लाट पात्र लोगों को दिए जाएगें। लगभग 15 दिनों में यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्लाट आवंटन प्रक्रिया में घूमंतु जाति, विधवा तथा अनुसूचित जाति के आवेदकों को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही फलैट के लिए आवेदन करने वाले आवेदकों को फलैट प्रदान करने के लिए भी जल्द आवश्यक कार्यवाही करें। मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा हर परिवार को अपना घर देने के उद्देश्य से शुरू की गई प्रधानमंत्री आवास योजना के सकारात्मक प्रभाव को देखते हुए हरियाणा सरकार द्वारा ’मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना’ सितंबर 2023 मंे प्रारंभ की गई थी। जिसके तहत शहरों में रहने वाले वाले लगभग 2.90 लाख ऐसे परिवारों द्वारा घर के लिए आवेदन किया गया था जिनके पास अपना घर नहीं है और जिनकी वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये से कम है। इसमें प्लाट के लिए लगभग 1.51 लाख तथा फलैट के लिए करीब 1.38 लाख लोगांे ने आवेदन किया है।
इन शहरों में मिलेगा आशियाना
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना पंजीकरण पोर्टल पर आवेदकों का आवेदन करते समय 10,000 रुपये की बुकिंग राशि जमा करवानी होगी। पोर्टल पर प्लाट बुकिंग के प्रथम चरण में 14 शहरों के लिए आवेदन किए जा सकते हैं जिनमे चरखी दादरी, गोहाना, सिरसा, झज्जर, फतेहाबाद, जगाधरी, सफीदों, पिंजौर, रोहतक, रेवाडी, महेंद्रगढ, करनाल, पलवल और जुलाना शामिल हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री वी. उमाशंकर, नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अरुण गुप्ता, वित विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, हाउसिंग फार आॅल विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजा शेखर वुंडरू, ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री ए.के. सिंह, बिजली निगमों के अध्यक्ष श्री पी के दास, सूचना, जन सम्पर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के महानिदेशक श्री मनदीप सिंह बराड़, डीएचबीवीएन के प्रबंध निदेशक श्री पी सी मीणा, हाउसिंग फार आॅल विभाग के महानिदेशक श्री टी एल सत्यप्रकाश, नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के निदेशक श्री अमित खत्री सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।




मुख्यमंत्री ने किया हरियाणा ट्रस्ट बेस्ड रीडिंग मोबाइल ऐप का शुभारंभ
उपभोक्ता मर्जी से चुन सकेंगे बिजली बिल भरने का विकल्प
द्विमासिक अथवा मासिक बिल का कर सकते हैं चयन
चंडीगढ़, 01 फरवरी, अभीतक:- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल बिजली विभाग के उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए आज हरियाणा ट्रस्ट बेस्ड रीडिंग मोबाइल ऐप का शुभारंभ किया। यह मोबाइल ऐप हरियाणा डिस्कॉम के श्हरियाणा ट्रस्ट आधारित रीडिंगश् के आधार पर बनाई गई है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बताया कि यह हरियाणा ट्रस्ट बेस्ड रीडिंग मोबाइल ऐप प्रथम चरण में पायलट आधार पर पंचकुला, करनाल, महेन्द्रगढ और हिसार जिलों में शुरू की जा रही है। इससे 10 लाख 70 हजार बिजली उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री श्री रणजीत सिंह भी उपस्थित थे। वहीं शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डा. कमल गुप्ता वर्चुअल रूप से जुडे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में बिजली का बिल 2 महीने में एक बार जारी किया जाता है। अनेक बिजली उपभोक्ता 2 महीने का बिल एक बार में भरने में वित्तीय परेशानी महसूस कर रहे थे, ऐसे उपभोक्ता चाहते थे कि बिल प्रतिमाह मिले। उनकी मांग पर बिल का विकल्प चुनने के लिए यह ऐप बनाई है। इसके माध्यम से उपभोक्ता द्विमासिक अथवा मासिक बिल का चयन कर सकता है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश सरकार ने बिजली का बिल बनाने का काम भी बिजली उपभोक्ता के हाथ में देने का निर्णय लिया है। इस एप का उपयोग करके उपभोक्ता स्वयं अपने बिलिंग शेड्युल को द्विमासिक से मासिक में बदल सकता है और स्वयं ही अपने मीटर की वर्तमान रीडिंग दर्ज करके अपना बिजली बिल ऑनलाइन उत्पन्न कर सकता है। उन्होंने बताया कि इसी मोबाइल एप के माध्यम से उपभोक्ता अपने बिल का भुगतान भी कर सकता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री वी. उमाशंकर, नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अरुण गुप्ता, वित विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, हाउसिंग फार आॅल विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजा शेखर वुंडरू, ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री ए.के. सिंह, बिजली निगमों के अध्यक्ष श्री पी के दास, सूचना, जन सम्पर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के महानिदेशक श्री मनदीप सिंह बराड़, डीएचबीवीएन के प्रबंध निदेशक श्री पी सी मीणा, हाउसिंग फार आॅल विभाग के महानिदेशक श्री टी एल सत्यप्रकाश, नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के निदेशक श्री अमित खत्री सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।


पीएम विश्वकर्मा योजना कारीगरों और शिल्पकारों के हुनर को दिला रही नई पहचान – डीसी
कारीगरों और शिल्पकाअंत्योदय परिवारों का सहारा बनी मनोहर सरकार की ‘दयालु योजना’
2180 लाभार्थियों के खातों में सीधे पहुंची 84 करोड 01 लाख की आर्थिक सहायता राशि
चंडीगढ़, 01 फरवरी, अभीतक:- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने आज अंत्योदय परिवारों को सामाजिक-वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना (दयालु) के तहत 2180 लाभार्थियों को 84.01 करोड़ की राशि सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचाई। दयालू योजना को देश की अनूठी योजना बताते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि इससे पहले भी वर्तमान सरकार द्वारा 2145 लाभपात्रों के बैंक खातों मंे 82.12 करोड रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है। आज प्रदान की गई राशि को मिलाकर अब तक कुल 4325 लाभार्थियों को 166.13 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की जा चुकी है। इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री श्री रणजीत सिंह भी उपस्थित थे। वहीं शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डा. कमल गुप्ता वर्चुअल रूप से जुडे। मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि दुर्घटना में परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु होने अथवा दिव्यांग हो जाने पर उस परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ता है। ऐसे परिवारों की चिंता करते हुए उन्हें आर्थिक मदद पहुंचाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना (दयालु) चलाई जा रही है। इससे पहले भी इस योजना में 1 लाख 80 हजार रुपये तक की वार्षिक आय वाले परिवार के 6 वर्ष से 60 वर्ष तक की आयु के सदस्य की मृत्यु या दिव्यांग होने पर सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने बताया कि दयालु योजना के तहत विभिन्न आयु वर्ग के अनुसार लाभ दिया गया है। 6 से 12 वर्ष आयु तक के लिए 1 लाख रुपये, 12 से अधिक व 18 वर्ष तक 2 लाख रुपये, 18 से अधिक व 25 वर्ष तक 3 लाख रुपये, 25 से अधिक व 45 वर्ष तक 5 लाख रुपये, 45 से अधिक व 60 वर्ष तक 3 लाख रुपये की राशि दी जाती है। इस लाभ में 18 से 40 वर्ष की आयु वर्ग में प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत मिलने वाली राशि भी शामिल है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री वी. उमाशंकर, नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अरुण गुप्ता, वित विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, हाउसिंग फार ऑल विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजा शेखर वुंडरू, ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री ए.के. सिंह, बिजली निगमों के अध्यक्ष श्री पी के दास, सूचना, जन सम्पर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के महानिदेशक श्री मनदीप सिंह बराड़, डीएचबीवीएन के प्रबंध निदेशक श्री पी सी मीणा, हाउसिंग फार ऑल विभाग के महानिदेशक श्री टी एल सत्यप्रकाश, नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के निदेशक श्री अमित खत्री सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।




शिल्पकारों व कारीगरों की आर्थिक स्थिति सुदृढ करने में लाभकारी सिद्ध हो रही पीएम विश्वकर्मा योजना
झज्जर, 01 फरवरी, अभीतक:- शिल्पकार व कारीगर समाज के नवनिर्माण में अपना बहुमूल्य सहयोग देते हैं। शिल्पकारों व कारीगरों के हुनर को सम्मान देते हुए केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के लिए पीएम विश्वकर्मा योजना की शुरुआत की गई है जिससे शिल्पकारों व कारीगरों के हुनर को नई पहचान मिल रही है। साथ ही पीएम विश्वकर्मा योजना भारत की पारंपरिक कला और शिल्पकला को जीवित रखने और देश के कारीगरों और शिल्पकारों की आर्थिक स्थिति सुदृढ करने में लाभकारी सिद्ध हो रही है। ये जानकारी गुरुवार को डीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने दी। डीसी ने बताया कि पीएम विश्वकर्मा योजना का मुख्य फोकस कारीगरों और शिल्पकारों के उत्पादों और सेवाओं की पहुंच के साथ-साथ गुणवत्ता में सुधार करना और यह सुनिश्चित करना है कि वे घरेलू और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं के साथ एकीकृत हों। यह योजना पूरे में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के कारीगरों और शिल्पकारों को सहायता प्रदान करेगी. योजना के तहत विभिन्न प्रकार के पारंपरिक व्यवसायों को शामिल किया गया है। पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत सरकार की ओर से विश्वकर्मा भाइयों-बहनों को 3 लाख रुपए तक बिना गारंटी ऋण,15 हजार रुपए के टूलकिट, स्किल अपग्रेडेशन के लिए स्किल ट्रेनिंग के साथ 500 रुपए प्रतिदिन स्टाइपेंड, तैयार उत्पादों के लिए क्वालिटी सर्टिफिकेशन, ब्रांडिंग और विज्ञापन जैसी मार्केटिंग सहायता उपलब्ध कराए जाने का प्रावधान है।
पीएम विश्वकर्मा के तहत कौन कर सकते हैं आवेदन
पीएम विश्वकर्मा योजना में बढ़ई, नाव निर्माता, अस्त्रकार, लोहार, हथौड़ा और टूलकिट निर्माता, ताला बनाने वाला, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार, पत्थर तराशने वाला, पत्थर तोडने वाला जैसे कई कौशल कारीगर शामिल हैं। इस योजना के जो भी लाभार्थी होंगे उन्हें सरकार द्वारा सर्टिफिकेट और आईडी भी मिलेगी। इस योजना में परिवार का केवल एक सदस्य ही आवेदन दे सकता है। भारत सरकार की नई स्कीम पीएम विश्वकर्मा के तहत 18 श्रेणियों के कारीगरों को सस्ती ब्याज दरों पर लोन, मुफ्त औजार, प्रशिक्षण, मार्केटिंग सपोर्ट, डिजिटल ट्रांजेक्शन (यूपीआई) को प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहन, सर्टिफिकेट तथा पहचान पत्र प्रदान किया जाएगा।
पीएम विश्वकर्मा योजना का किया जाए अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार – डीसी
डीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने योजना की शर्तों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रार्थी की आयु 18 वर्ष या इससे अधिक हो और पिछले 5 वर्षों में केंद्र सरकार अथवा राज्य सरकार की किसी भी स्वरोजगार की योजना में ऋण ना लिया हो। सरकारी सेवा में कार्यरत व्यक्ति और उनके परिवार के सदस्य इस योजना के पात्र नहीं होंगे। सभी पात्र दस्तकार एवं कारीगर अपने आधार नंबर, मोबाइल, बैंक विवरण एवं राशन कार्ड के साथ अपने नजदीकी सीएससी केंद्रध्अटल सेवा केंद्र से अपना पंजीकरण करवाकर इस योजना के लाभ प्राप्त कर सकते हंै। उन्होंने निर्देश दिए कि पात्र व्यक्ति योजना के अधिक से अधिक लाभ उठा सके इसके लिए योजना का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करते हुए ज्यादा लोगों को जागरूक करें। वहीं जिला के सभी सीएससी केंद्रों पर आने वाले पात्र व्यक्तियों को भी योजना की जानकारी अवश्य दी जाए।

साइबर ठगों से सावधान व सतर्क रहें नागरिक, गोपनीय जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड न करें शेयर – डीसी
डीसी कैप्शन शक्ति सिंह ने नागरिकों से किया आह्वान
साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल व हेल्पलाइन 1930 पर दें साइबर धोखाधड़ी की सूचना
झज्जर, 01 फरवरी, अभीतक:- डीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने डिजिटल व सोशल मीडिया के दौर में बढ़ते साइबर अपराधों के मद्देनजर नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे साइबर ठगों से सावधान व सतर्क रहें। किसी भी प्रकार के साइबर फ्रॉड से बचने के लिए अपनी गोपनीय जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड आदि किसी के साथ शेयर न करें और न ही किसी झांसे में आएं। उन्होंने बताया कि किसी भी कारणवश साइबर अपराध का शिकार होने पर केंद्र सरकार के पोर्टल नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पर शिकायत दर्ज की जा सकती है। सरकार के इस पोर्टल की मदद से यूजर को ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की सुविधा मिलती है। इस पोर्टल पर सभी तरह के साइबर अपराध की शिकायत की जा सकती है। डीसी ने बताया कि डिजिटल वर्ल्ड में साइबर अपराध से जुड़ी घटनाएं अब बेहद आम हो गई हैं। आए दिन साइबर अपराध से जुड़ी अलग-अलग खबरें सुनने को मिलती हैं। साइबर अपराधी अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल कर यूजर्स को अपने जाल में फंसाने का काम करते हैं। ऐसे में कई बार यूजर किसी बड़े अपराध का शिकार बन जाता है और उसे यह तक समझ नहीं आता कि इसकी शिकायत कहां करें। इसके लिए केंद्र सरकार के नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर इस तरह के अपराध की शिकायत की जा सकती है। इस पोर्टल के साथ यूजर्स अपने साथ हुए किसी साइबर अपराध की ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। इस पोर्टल पर महिलाओं और बच्चों के साथ होने वाले अपराधों के लिए भी शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है। सरकार का यह पोर्टल चैबीस घंटे काम करता है। यूजर्स की मदद करने के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 की सुविधा भी मिलती है।
नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर ऐसे करें शिकायत – कैप्टन शक्ति सिंह
डीसी कैप्टन सिंह ने बताया कि पोर्टल पर शिकायत करने के लिए सबसे पहले साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल ओपन कर होम पेज पर ‘फाइल ए कंपलेंट’ ऑप्शन पर क्लिक करना होगा। एग्रीमेंट को ठीक से पढने के बाद असेप्ट पर क्लिक करना होगा। महिला और बच्चों से संबंधित शिकायत के लिए ‘रिपोर्ट साइबर क्राइम रिलेटेड टू वूमेनध्चाइल्ड’ और इससे अलग शिकायत के लिए रिपोर्ट साइबर क्राइम पर क्लिक करना होगा। पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी होगा, इसके लिए ‘क्लिक हियर फॉर ए न्यू यूजर’ पर क्लिक करना होगा। यहां सारी जानकारियों को दर्ज कर प्रोसेस को पूरा करना होगा। अब आपसे क्राइम का टाइप जानने के लिए एक लिस्ट देकर जानकारी ली जाएगी। इसके अलावा, जहां क्राइम हुआ है उस सोशल प्लेटफॉर्म (व्टसएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम, आदि) की जानकारी देनी होगी। अपराध के बारे जानकारी देने के लिए इसके बारे में लिखना होगा। सारी जानकारियों को रिव्यू करने के बाद सबमिट पर क्लिक करना होगा। फॉर्म सबमिट करने के बाद पोर्टल से एक कन्फर्मेशन मैसेज मिलेगा। इस कन्फर्मेशन को फोन, ईमेल पर शिकायत आईडी के साथ पाया जा सकेगा।
पंचकूला में चित्र भारती फिल्मोत्सव का आयोजन 23 से 25 फरवरी तक – डीआईपीआरओ
जिला झज्जर के फिल्म से जुड़े कलाकारों को फिल्मोत्सव में भाग लेने का किया आह्वान
झज्जर, 01 फरवरी, अभीतक:- जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी सतीश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि 23 फरवरी से 25 फरवरी तक रेड बिशप पंचकूला में चित्र भारती फिल्मोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यह फिल्मोत्सव फिल्मों से जुड़े कलाकारों के लिए आयोजित किया जा रहा है। डीआईपीआरओ ने जिला के फिल्मों से जुड़े हुए सभी कलाकारों का आह्वान किया है कि जो कलाकार इस फिल्मोत्सव में भाग लेने का इच्छुक है वह कलाकार जिला सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय झज्जर में 9 फरवरी तक अपना नाम दें सकते हंै। उन्होंने बताया कि जिला सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय झज्जर में वही कलाकार अपना नाम दें जो जिला झज्जर का स्थाई निवासी हो। फिल्मोत्सव में भागीदारी करने वाले कलाकारों के लिए फिल्मोत्सव के दौरान रहने व खानपान की व्यवस्था चित्र भारती संस्था द्वारा की जाएगी।




व्यवसायिक मार्गदर्शन सप्ताह के अंतर्गत उपस्थित युवाओं को रोजगार संबंधी जानकारी देते जिला रोजगार कार्यालय के अधिकारी।
आईटीआई जहांगीरपुर में रोजगार विभाग द्वारा व्यवसायिक मार्गदर्शन सप्ताह आज
झज्जर, 01 फरवरी, अभीतक:- जिला रोजगार कार्यालय झज्जर द्वारा आई0 टी0 आई0 गुढा, जिला रोजगार कार्यालय, झज्जर तथा राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय माजरी बहादुरगढ़ में व राजकीय महाद्यिालय दुजाना में मुख्य वक्ता डा. नीलम जिला रोजगार अधिकारी झज्जर द्वारा उपस्थित युवाओं को व्यवसायिक मार्गदर्शन के साथ-साथ किसी भी क्षेत्र में निपुण बनने बारे मार्गदर्शन दिया गया। इस अवसर पर सहायक रोजगार अधिकारी सुनीता फौगाट द्वारा भी रोजगार से संबंधित व बच्चों की गंभीर परिस्थितियों का कैसे निवारण किया जाए बारे भी जानकारी दी गई, अपनी योग्यता रूचि व अन्य उपलब्धियों अनुसार सही मार्ग का चुनाव कैसे करें, समय का सही उपयोग कैसे करें व कठिन परिस्थितियों में अपने दिमाग व विचारों को कैसे संतुलित करें बारे प्रकाश डाला गया। सहायक रोजगार अधिकारी बहादुरगढ काजल कुन्डू द्वारा भी बच्चों को तकनीकी शिक्षा, स्व-रोजगार व कैरियर संबंधित जानकारी दी गई।
दो फरवरी को व्यवसायिक सप्ताह के अंतर्गत आईटीआई जहांगीरपुर में होगा कार्यक्रम
सहायक रोजगार अधिकारी सुनीता फौगाट ने जानकारी देते हुए बताया कि दो फरवरी को व्यवसायिक सप्ताह के अंतर्गत आईटीआई जहांगीरपुर में कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में युवाओं को व्यवसायिक मार्गदर्शन सहित रोजगार संबंधी जानकारी दी जाएगी।

औमप्रकाश धनखड़, राष्ट्रीय सचिव भाजपा
मोदी की गारंटी का आईना दिखाने वाला है अंतरिम बजट – धनखड़
अंतरिम बजट किसान, गरीब, महिला व युवा शक्ति की प्रगति का प्रतिबिम्ब
मोदी के नेतृत्व दुनिया की सबसे तेज रफ्तार वाली अर्थव्यवस्था है भारत – बोले धनखड़
झज्जर, 01 फरवरी, अभीतक:- भाजपा के राष्ट्रीय सचिव औमप्रकाश धनखड़ ने अंतरिम बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि यह बजट भारत वर्ष को विकास के मार्ग पर तेजी से प्रशस्त करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी का आईना दिखा रहा है। यह अंतरिम बजट देश के किसान, गरीब, नारी शक्ति और युवा शक्ति की प्रगति का प्रतिबिंब है, जिनके विकास का संकल्प मोदी सरकार ने लिया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार द्वारा किए अनेक उपाय निश्चित ही हमारे अन्नदाताओं का जीवन स्तर और ऊंचा उठाएंगे। धनखड़ ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और निवेश के लिए ग्लोबल ब्राइट स्पॉट बनकर उभरा है।
अन्नदाता का रखा पूरा ख्याल – बोले धनखड़
धनखड़ ने कहा कि पीएम मोदी ने संकल्पबद्ध होकर कहा है कि गरीबों, महिलाओं, युवाओं और किसानों की आवश्यकताएं, आकांक्षाएं और कल्याण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अंतरिम बजट में सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास-सबका प्रयास की भावना परिलक्षित होती है। किसानों के कल्याण के लिए एक के बाद एक अनेक ठोस कदम पिछले कुछ वर्षों में उठाए गए हैं। इनमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) स्कीम अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसके अंतर्गत अभी तक 11.80 करोड़ किसानों को प्रत्यक्ष लाभ हुआ है और पूरी पारदर्शिता के साथ, बिना बिचैलियों के लगभग 2.81 लाख करोड़ रुपये पूरी पारदर्शिता के साथ किसानों के बैंक खातों में जमा कराए गए हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के माध्यम से भी लगभग 4 करोड़ किसानों को सुरक्षा कवच प्रदान किया गया है। इसी तरह, किसानों के लाभ के लिए 1361 ई-नाम मंडियां शुरू की गई है, जिन पर अभी तक 3 लाख करोड़ रु. का व्यापार दर्ज हो चुका है। इससे किसानों को मनचाहे भाव मिले हैं। मोदी ने बीज से बाजार तक अन्नदाताओं की चिंता की है। धनखड़ ने कहा कि आत्मनिर्भर तिलहन अभियान के तहत सरसों, मूंगफली, तिल, सोयाबीन, सूरजमुखी जैसे तिलहनों के लिए आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए एक रणनीति तैयार की जाएगी। इसमें अधिक उपज देने वाली किस्मों के लिए अनुसंधान, आधुनिक कृषि तकनीकों को व्यापक रूप से अपनाना, बाजार संपर्क, खरीद, मूल्य संवर्धन व फसल बीमा शामिल होंगे। राष्ट्रीय सचिव ने बताया कि किसानों का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार एकत्रीकरण, आधुनिक भंडारण, कुशल आपूर्ति श्रृंखला, प्राथमिक व माध्यमिक प्रसंस्करण और विपणन एवं ब्रांडिंग सहित फसल कटाई के बाद की गतिविधियों में निजी-सार्वजनिक निवेश को बढ़ावा देगी। सभी कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभिन्न फसलों पर नैनो डीएपी (उर्वरक) का विस्तार किया जाएगा। डेयरी किसानों को समर्थन देने के लिए एक व्यापक कार्यक्रम तैयार किया जाएगा। मत्स्य पालन को बढ़ावा देते हुए 5 एकीकृत एक्वा पार्क स्थापित किए जाएंगे, वहीं प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (पीएमएमएसवाई) के कार्यान्वयन को आगे बढ़ाया जाएगा।
हर गरीब का होगा अपने सपनों का घर
धनखड़ ने कहा कि मोदी सरकार ने जनता पर टैक्स का कोई भार नहीं डाला है। अगले 5 वर्षों में पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के तहत दो करोड़ और घर बनाए जाएंगे। कोविड के कारण उत्पन्न चुनौतियों के बावजूद सरकार इस योजना के तहत 3 करोड़ घर के लक्ष्य को प्राप्त करने के करीब है। इसी तरह, किराए के मकानों, झुग्गियों, चालों और अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले मध्यम वर्ग को अपना घर खरीदने या बनाने में मदद करने के लिए एक योजना शुरू की जाएगी।
बजट में ढांचागत विकास को प्राथमिकता
धनखड़ ने कहा कि भारत को दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने के लिए ढांचागत विकास को और तेज गति प्रदान करने का रोडमैप तैयार किया गया है। ऊर्जा, खनिज और सीमेंट को त्वरित व सस्ती दर से पंहुचाने के लिए अंतरिम बजट में रेलवे कॉरिडोर कार्यक्रम लागू करने की घोषणा की है। इनमें पोर्ट कनेक्टिविटी कॉरिडोर, उच्च यातायात घनत्व गलियारे बनाए जाएंगे। मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी को सक्षम करने के लिए पीएम गति शक्ति के तहत पहचानी गई ये परियोजनाएं, लॉजिस्टिक्स दक्षता में सुधार करेगी और लागत कम करेगी। रेल यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा व आराम बढ़ाने के लिए 40 हजार सामान्य रेल बोगियों को वंदे भारत मानकों में परिवर्तित किया जाएगा। नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता है। इस दिशा में 2070 तक नेट-शून्यश् के लिए भारत की प्रतिबद्धता को पूरा करने के लिए 1 गीगा-वाट की प्रारंभिक क्षमता के लिए अपतटीय पवन ऊर्जा क्षमता के दोहन के लिए व्यवहार्यता अंतर निधि प्रदान की जाएगी। 2030 तक 100 मीट्रिक टन की कोयला गैसीकरण व द्रवीकरण क्षमता स्थापित की जाएगी। इससे प्राकृतिक गैस, मेथनॉल, अमोनिया के आयात को कम करने में भी मदद मिलेगी। परिवहन के लिए सीएनजी व घरेलू उद्देश्यों के लिए पीएनजी में सीबीजी (संपीड़ित बायोगैस) का चरणबद्ध मिश्रण अनिवार्य किया जाएगा। संग्रह में सहायता के लिए बायोमास एकत्रीकरण मशीनरी की खरीद के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। हरित विकास को बढ़ावा देने के लिए बायो-मैन्युफैक्चरिंग व बायो-फाउंड्री की नई योजना शुरू की जाएगी। यह बायोडिग्रेडेबल पॉलिमर, बायो-प्लास्टिक, बायो-फार्मास्यूटिकल्स और बायो-एग्री इनपुट जैसे पर्यावरण अनुकूल विकल्प प्रदान करेगी। स्वास्थ्य सेवा में सुधार के तहत मौजूदा अस्पताल के बुनियादी ढांचे का उपयोग करके अधिक मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे।
महिला उत्थान पर फोकस: तीन करोड़ लखपति दीदियां
धनखड़ ने कहा कि आयुष्मान भारत का विस्तार करते हुए, आयुष्मान भारत योजना के तहत हेल्थ केयर कवर सभी आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं तक बढ़ाया जाएगा। लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य भी बढ़ाकर 2 करोड़ से 3 करोड़ कर दिया गया है। 9 करोड़ महिलाओं के साथ 83 लाख स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) सशक्तिकरण व आत्मनिर्भरता के साथ ग्रामीण सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य को बदल रहे हैं। उनकी सफलता ने लगभग एक करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनने में मदद की है।
परिवार को 300 यूनिट बिजली मुफ्त: सोलर ऊर्जा को बढ़ावा
धनखड़ ने कहा कि सोलर ऊर्जा का उपयोग बढ़ाने की दिशा में मोदी सरकार ने अनूठी पहल शुरू की है। उन्होंने बताया कि बजट में रूफटॉप सोलराइजेशन के माध्यम से, एक करोड़ परिवार हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्राप्त करने में सक्षम होंगे।




ई-भूमि पोर्टल से जमीन की खरीद प्रक्रिया में आई पारदर्शिता-मुख्यमंत्री
प्रदेश में शीघ्र ही होंगे नए जमीन के कलेक्टर रेट जारी
चंडीगढ़, 01 फरवरी, अभीतक:- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि विकास के नाते प्रदेश सरकार निरंतर कार्य कर रही है। विकास परियोजनाओं के लिए जमीन की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। किसी सरकारी विभाग के पास अपनी जमीन उपलब्ध है तो परियोजना पर कार्य शीघ्र शुरू हो जाता है। भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया से अब जमीन का अधिग्रहण नहीं होता है, बल्कि अब पारदर्शी तरीके से जमीन की खरीद की जाती है। इसके लिए सरकार ने ई-भूमि पोर्टल आरंभ किया है, ताकि किसान कलेक्टर रेट व मार्केट रेट के अनुसार अपनी जमीन बेचने के लिए पोर्टल पर ब्यौरा डाले। जमीन की खरीद-फरोख्त में एग्रीगेटर भू मालिकों को सहमत करें। कम से कम 100 एकड़ या उससे अधिक जमीन का एक चक तैयार करें और ई-भूमि पोर्टल पर डाले। जैसे ही जमीन की अदायगी किसान को दी जाएगी, वैसे ही एग्रीगेटर को कमिश्न भी दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि एग्रीटेडर को प्रति एकड़ पर 2000 रुपये का कमिश्न दिया जाता है। ये अलग-अलग जिलों के कलेक्टर रेट के अनुसार निर्धारित है। कलेक्टर रेट ज्यादा है और मार्केट रेट कम है तो उसकी जानकारी भी संबंधित उपायुक्त को लिखकर दी जानी चाहिए। मुख्यमंत्री आज यहां हरियाणा निवास में ई-भूमि पोर्टल पर जमीन की खरीद प्रक्रिया के लिए बुलाए गए 100 से अधिक पंजीकृत एग्रीगेटर्स को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पदमा योजना के तहत कम से कम 100 एकड़ जमीन की जरूरत होती है, जबकि कालेज, अस्पताल, स्कूल, इत्यादि के लिए 10 से 15 एकड़ जमीन की आवश्यकता होती है। एग्रीगेटर पहले दिन ही किसानों को रजामंद करते समय बहुआयामी विकल्प पेश करेगा और कई किसानों का समूह बनाकर परियोजना की अवश्यकता अनुसार जमीन की जानकारी का ब्यौरा ई-भूमि पोर्टल पर डालेगा। उन्होंने कहा कि कलेक्टर रेट और मार्केट रेट में 10 से 15 प्रतिशत का अंतर नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों के पास जहां जमीन उपलब्ध है, वहां सरकार एक विभाग से दूसरे विभाग में हस्तांतरित करेगी और आवश्यक हुआ तो खरीदेगी भी। इस मौके पर राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव तथा वित्त आयुक्त, राजस्व श्री टीवीएसएन प्रसाद ने बताया की शीघ्र ही नए कलेक्टर रेट जारी कर दिए जाएंगे, ताकि किसान को अपनी जमीन के नवीनतम कलेक्टर रेट व मार्केट रेट की जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि एग्रीगेटर इस बात का ध्यान रखें कि किसान से खरीदी जाने वाली जमीन के ऊपर से हाईटेंशन तार, कोर्ट केस, मलकियत को लेकर विवाद या बीच में पंचायती जमीन का रास्ता, नाला या डेरा न आता हो। उन्होंने बताया कि राजस्व विभाग जिलावार जांच कराएगा कि किस जिले में विकास परियोजना को लेकर कितनी जमीन की अवश्यकता है और उसी के अनुसार एग्रीगेटर जमीन के मालिक व काश्तकार या कब्जाधारी को सरकार को जमीन देने के लिए रजामंद कराएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा डा. सुमिता मिश्रा, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री आनंद मोहन शरण, शहरी स्थानीय निकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के महानिदेशक श्री मंदीप सिंह बराड़, परिवहन विभाग के प्रधान सचिव श्री नवदीप विर्क व अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

पीएम मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने में कारगर साबित होगा बजट – विक्रम कादियान
झज्जर, 01 फरवरी, अभीतक:- भारत के युवा, महिला, किसान व वंचितों के आर्थिक विकास का संतुलित दस्तावेज है यह बजट। यह ऐतिहासिक बजट है जो पीएम नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने में सक्षम साबित होगा और भारत का हर नागरिक ऊर्जावान होगा। यह बात केंद्रीय बजट पर पीएम मोदी व वित्त मंत्री सीतारमन का आभार व्यक्त करते हुए भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष विक्रम कादयान ने कहीं। उन्होंने कहा कि बजट से आम आदमी के चेहरे पर आर्थिक खुशहाली आएगी। मुद्रा लोन, स्टार्ट अप, चिकित्सा, शिक्षा, खेल, मेडिकल कॉलेज व नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में यह बजट संजीवनी साबित होगा। उन्होंने कहा कि रेल परियोजनाओं,रेल कॉरिडोर, रेल के आधुनिकीकरण के लिए विशेष बजट का प्रावधान किया गया है। आशा वर्कर्स, लखपति दीदी के लिए विशेष बजट आवंटित किया गया है। देश में विकास के साथ-साथ नई आर्थिक व्यवस्था स्थापित होगी। भारत के विकास व सांस्कृतिक उत्थान में भारत के हर नागरिक के भागीदारी तय करेगा यह बजट। उन्होंने कहा कि यह बजट स्वास्थ्य व अन्नदाताओं के भाग्य को स्वर्णमयी बनाएगा। इस बजट में देश की बुनियादी ढांचे के निवेश को प्राथमिकता देते हुए एक स्थाई राजकोषीय दृष्टिकोण पर जोर दिया गया है।देश की ब्लू इकोनामी को बढ़ावा देकर मत्स्य पालन को ऊर्जा देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब लखपति दीदी के लक्ष्य को 2 करोड़ से बढा कर 3 करोड़ करने का विशेष उद्देश्य तय किया गया है। बजट में ब्याज मुक्त् ऋण का विशेष हिस्सा तय किया गया है। कौशल विकास पर केंद्रित बजट देश की आर्थिक सेहत के विकास में गुणात्मक सुधार लाएगा। इसके साथ-साथ कम बजट घाटा और उच्च पूंजीगत व्यय को बनाए रखने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने गरीबों को 300 यूनिट तक बिजली फ्री करके ऐतिहासिक काम किया है। यह बजट विकसित भारत की संकल्पना को पूर्ण करने में कारगर साबित होगा।




‘आत्मनिर्भर और विकसित’ भारत के सपने को साकार करेगा बजट – डा. बनवारी लाल
सहकारिता मंत्री डा. बनवारी लाल ने बावल में नपा उप प्रधान के नवनिर्मित कार्यालय का किया उद्घाटन
सहकारिता मंत्री ने बजट को बताया समावेशी और इनोवेटिव
रेवाड़ी, 01 फरवरी, अभीतक:- हरियाणा सरकार में सहकारिता एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री डा. बनवारी लाल ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रभावी मार्गदर्शन में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा समाज के हर वर्ग को समर्पित पेश किया गया अंतरिम बजट ‘आत्मनिर्भर और विकसित’ भारत के सपने को साकार करेगा। उन्होंने कहा कि बजट में गरीब कल्याण, युवा सशक्तिकरण, किसान कल्याण व नारी शक्ति सशक्तिकरण समेत समाज के हर वर्ग की आशाओं और देश के संपूर्ण विकास की अपेक्षाओं का पूरा ख्याल रखा गया है। आज का यह अंतरिम बजट समावेशी और इनोवेटिव है। सहकारिता मंत्री डा. बनवारी लाल गुरूवार को बावल नगर पालिका में उप प्रधान नगर पालिका के नवनिर्मित कार्यालय का रिबन काटकर उद्घाटन करने उपरांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह बजट ‘आत्मनिर्भर और विकसित’ भारत के चार स्तंभों युवा, गरीब, महिला और किसान कल्याण पर केंद्रित है और सभी को सशक्त करेगा। केंद्र सरकार का यह बजट देश के भविष्य के निर्माण का बजट है। उन्होंने कहा कि इस बजट में 2047 के ‘आत्मनिर्भर और विकसित’ भारत की नींव को मजबूत करने की गारंटी है। उन्होंने सर्वजन कल्याणकारी बजट के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और उनकी पूरी टीम को शुभकामनाएं दीं।

सरकार ने कामगार महिलाओं के लिए शुरू की ‘मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता’ योजना – डीसी
योजना के तहत अब दूसरा बच्चा लडका होने पर मिलेगी पांच हजार रुपए की आर्थिक सहायता
रेवाड़ी, 01 फरवरी, अभीतक:- प्रदेश सरकार ने कामगार महिलाओं को सुविधा प्रदान करते हुए अहम कदम उठाया है। अब कामगार महिलाओं को दूसरा बच्चा लडका होने पर भी प्रदेश सरकार की ‘मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता’ योजना के तहत पांच हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। डीसी राहुल हुड्डा ने जानकारी देते हुए बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग ने गर्भावस्था में मजदूरी के दौरान नुकसान की भरपाई व स्तनपान कराने वाली महिलाओं में पोषण सुनिश्चित करने के लिए ‘मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता’ योजना शुरू की है। इस योजना के तहत दूसरे बच्चे के रूप में लडके को जन्म देने वाली अनुसूचित जाति और जनजाति की महिलाएं इस योजना का लाभ उठा सकती हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आदेश जारी कर दिए गए हैं। अब 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग महिलाओं सहित मनरेगा जॉब कार्ड, ई-श्रम कार्ड, बीपीएल राशन कार्ड, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और किसान सम्मान निधि की लाभार्थी महिलाएं भी इस योजना का लाभ लेने के लिए पात्र होंगी। योजना का लाभ लेने के लिए संबंधित महिला के परिवार की सालाना आय 8 लाख रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए। इस योजना के लिए आधार कार्ड अनिवार्य है। केंद्र या प्रदेश सरकार की नौकरियों और सार्वजनिक उपक्रमों में तैनात महिला कर्मचारी योजना का लाभ लेने के लिए पात्र नहीं होंगी। सहायता राशि लेने के लिए गर्भावस्था के पंजीकरण के बाद कम से कम एक बार प्रसव पूर्व जांच के साथ ही बच्चे का पंजीकरण और उसे बीसीजी, ओपीवी, डीपीटी और हेपेटाइटिस बी के टीके लगवाना जरूरी है। डीसी ने बताया कि मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता योजना का लाभ लेने के लिए आंगनबाड़ी वर्कर या आशा वर्कर के माध्यम से आवेदन किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई कामगार महिलाओं के लिए पहले से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना संचालित की जा रही है, जिसके तहत पांच हजार रुपये की सहायता राशि तीन किस्तों में दी जाती थी। अब सरकार द्वारा नियमों में बदलाव कर सहायता राशि दो किस्तों में देने का निर्णय लिया है। उपायुक्त ने बताया कि अधिक जानकारी के लिए इच्छुक एवं पात्र महिलाएं आंगनबाड़ी केंद्र, आशा वर्कर, संबंधित सीडीपीओ कार्यालय अथवा रेवाड़ी स्थित महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय के दूरभाष नंबर 01274-223694 पर किसी भी कार्य दिवस के दौरान सुबह 9 बजे से सायं 5 बजे तक संपर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकती हैं।




किसान 100 रुपए में नैनो यूरिया स्प्रे करवाने के लिए 15 फरवरी तक करें आवेदन – डीसी
सरकार ने रेवाड़ी जिला में 4000 एकड़ भूमि पर नैनो यूरिया स्प्रे छिडकाव का लक्ष्य किया है निर्धारित
रेवाड़ी, 01 फरवरी, अभीतक:- रासायनिक उर्वरकों का इस्तेमाल कम करने और प्राकृतिक खेती को बढावा देने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार किसानों को आधी कीमत पर नैनो तरल यूरिया देगी। सरकार की इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 15 फरवरी 2024 है। सरकार द्वारा जिला रेवाड़ी में 4000 एकड़ भूमि पर नैनो यूरिया स्प्रे छिडकाव का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। डीसी राहुल हुड्डा ने जानकारी देते हुए बताया कि स्कीम के तहत नैनो की बोतल 100 रुपये में दी जाएगी तथा बाकि खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। इतना ही नहीं है खेत में ड्रोन व अन्य माध्यम से छिडकाव का प्रबंध भी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि रासायनिक उर्वरकों के ज्यादा प्रयोग से मिट्टी की उर्वरता में गिरावट आती है। फसल व सब्जियों में इसका प्रभाव आता है नाइट्रोजन युक्त उर्वरक मिट्टी की उपजाऊ शक्ति को कम करते हैं यह पीएच व पोटेशियम उर्वरक पोषक तत्वों के संतुलन को बिगाड़ देते हैं उन्होंने बताया कि नाइट्रोजन ऑक्साइड जो अन्य वायुमंडलीय गैसों के साथ मिलकर इसमें योगदान करते हैं इससे वायु प्रदूषण भी होता है। उन्होंने बताया कि किसानों को मेरी फसल मेरा ब्यौरा ंिेंस.ींतलंदं.हवअ.पद पोर्टल के पंजीकरण विवरण के साथ ही ंहतपींतलंदं.हवअ.पदध्दंदवमितजपसप्रमत पर भी नैनो यूरिया के लिए आवेदन करना होगा।

फरीदाबाद में 37वें अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले का भव्य आगाज आज, राष्ट्रपति करेंगीं मेले का उद्घाटन
मेले में दिखेगी बेहतरीन एवं शानदार हैंडीक्राफ्ट और शिल्प उत्पादों की झलक
पर्यटकों को मिलेगा दूसरे देशों व राज्यों की कला एवं संस्कृति से रूबरू होने का अवसर
रेवाड़ी, 01 फरवरी, अभीतक:- यदि आप वीकेंड पर या अन्य दिन अपने घरवालों, रिश्तेदारों व मित्रों के साथ समय व्यतीत करना चाहते हैं तो फरीदाबाद के सूरजकुंड में शुक्रवार 2 फरवरी से रविवार 18 फरवरी तक लगने वाला अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला आपके लिए बेहतरीन जगह हो सकती है। 37वें अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले का उद्घाटन भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा किया जाएगा। डीसी राहुल हुड्डा ने जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा सरकार व पर्यटन विभाग हरियाणा की ओर से प्रदेश के जिला फरीदाबाद में 37वें अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले का आयोजन किया जा रहा हैं। सूरजकुंड हस्तशिल्प मेला 18 फरवरी तक लगेगा। उन्होंने बताया कि इस साल सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले की थीम गुजरात राज्य पर रखी गई है। सूरजकुंड मेला ‘पार्टनर नेशन’ के रूप में तंजानिया को चुना गया है। यह पर्यटकों के लिए भारत की संस्कृति और रीति-रिवाजों को करीब से जानने के लिए यह बहुत अच्छी जगह है। डीसी ने बताया कि एक अनोखा अंतर्राष्ट्रीय शिल्प उत्सव सूरजकुंड मेला 2024 दुनिया भर के कलाकारों के लिए अपनी संस्कृति और प्रतिभा दिखाने का एक मंच है। हर साल सूरजकुंड में हरियाणा पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित इस मेले में हर उम्र के पर्यटकों के लिए कई अनोखे आकर्षण हैं। दक्षिण एशिया, अफ्रीका और यूरोप के 20 से अधिक देश इस मेले को भव्य व सफल बनाने में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं। इस साल सूरजकुंड मेला 2024 थीम राज्य गुजरात है। हालांकि, यहां आपको हर राज्य की चीजें और कलाकृतियां देखने को मिलेंगी। यहां आपको हैंड पेंटिंग से लेकर छोटी-बड़ी घर में इस्तेमाल होने वाली कई चीजें मिलेंगी। सूरजकुंड मेले में दर्शकों को बेहतरीन एवं शानदार हैंडीक्राफ्ट और शिल्प उत्पादों की झलक भी देखने को मिलेगी। उन्होंने कहा कि मेले में जहां एक ओर लोगों को मनोरंजन होगा वहीं दूसरे देशों व राज्यों की कला एवं संस्कृति से रूबरू होने का भी अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि मेले में विद्यार्थियों के सीखने के लिए भी बहुत कुछ है। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि वे सूरजकुंड मेले में पहुंचकर मेले का आनंद लें और दूसरे देशों व राज्यों के खान-पान, पहनावे व संस्कृति आदि को करीब को जाने। सूरजकुंड मेला पर्यटकों के लिए सुबह 10 बजे से लेकर शाम 8 बजे तक खुला रहेगा।




फ्रांसीसी सैलानियों का दल शैक्षिक भ्रमण पर शनिवार को कालाणी नगर आएगा
जोधपुर, 01 फरवरी, अभीतक:- फ्रांस की इजीरेडियूसेस कंपनी द्वारा हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी विदेशी सैलानियों का दल शनिवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कलानियों की ढाणी में शैक्षणिक भ्रमण पर आएगा। संस्था प्रधान शैताना राम बिश्नोई ने बताया कि होटल द थार ओएसिस रिजॉर्ट एंड कैंप गुमानपुरा के सौजन्य से मुख्य दल संयोजक लिटरर फिलीप एवं चीफ टूर गाइड अरुण सिन्हा के नेतृत्व में 37 फ्रांसीसी सैलानियों का दल विद्यालय में शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों से रूबरू होकर संस्कृति का आदान – प्रदान करेगा। भ्रमण के दौरान विद्यालय परिवार एवं ग्रामीणों द्वारा सैलानियों का ढोल- नगाड़ों के साथ राजस्थानी परम्परा अनुसार स्वागत – सत्कार किया जाएगा, साथ ही विद्यालय में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति एवं खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। युवा उद्यमी जसवंत सिंह देवड़ा बताते हैं कि विदेशी सैलानी शैक्षिक भ्रमण के दौरान विद्यालय में छात्र – छात्राओं को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए स्कूल बैग्स, वॉटर बॉटल, टिफिन बॉक्स, स्टेशनरी सामान सहित अन्य आकर्षक गिफ्ट आइटम प्रदान करेंगे।
11 फरवरी को एचसीएस (कार्यकारी शाखा) एवं एलाईड सर्विसेज की प्रारम्भिक परीक्षा का आयोजन – संजीव कौशल
6 जिलों में 371 केन्द्रों पर 87091 उम्मीदवार देंगे परीक्षा
चण्डीगढ़, 01 फरवरी, अभीतक:- हरियाणा के मुख्य सचिव श्री संजीव कौशल ने कहा कि एचसीएस (कार्यकारी शाखा) एवं एलाईड सर्विसेज की प्रारम्भिक परीक्षा का आयोजन 11 फरवरी को दो चरणों में किया जाएगा। इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई है। मुख्य सचिव आज एचसीएस (कार्यकारी शाखा) एवं एलाईड सर्विसेज परीक्षा को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन के चेयरमैन श्री आलोक वर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री आनन्द मोहन शरण, प्रधान सचिव परिवहन विभाग श्री नवदीप सिंह विर्क, एचपीएससी के सचिव श्री मुकेश आहुजा, सदस्य श्रीमती सोनिया खुल्लर सहित कई सदस्य एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक से 6 जिलों के उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। मुख्य सचिव ने कहा कि एचसीएस(कार्यकारी शाखा) एवं एलाईड सर्विसेज की प्रारम्भिक परीक्षा प्रातः 10 से 12 बजे तक सामान्य स्टडीज और सांयकाल के समय 3 से 5 बजे तक सीएसएटी परीक्षा होगी। इसके लिए 6 जिलोें में 317 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं जिनमें 87091 उम्मीदवार परीक्षा देंगे। उन्होंने कहा कि संबंधित जिला उपायुक्त ओवरऑल इंचार्ज होंगें और जिला में वरिष्ठ अधिकारी को नोडल आफिसर एवं जिला शिक्षा अधिकारी को जिला कोर्डिनेटर नियुक्त किया गया है जो इस परीक्षा का सुचारू ढंग संचालन करवाएंगे। मुख्य सचिव ने कहा कि यह एचसीएस परीक्षा महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण है। इसलिए इस परीक्षा का आयोजन बहुत ही सावधानीपूर्वक और अच्छे ढंग से करवाया जाएगा। कानून व्यवस्था बनाए रखने और निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से आयोजन के लिए परीक्षा केन्द्र के 500 मीटर के दायरे में धारा 144 लगाकर सभी फोटोस्टेट एवं कोचिंग सेंटर की दुकानें बंद की जाएंगी। इसके अलावा 10 फरवरी को ड्राई रन का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने सभी उम्मीदवारों की बायोमैट्रिक हाजिरी एवं सभी केन्द्रों में एम्बुलेंस, बिजली, पानी, शौचालय आदि अन्य आवश्यक सेवाएं सुलभ करवाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि अम्बाला में 39 केन्द्रों पर 11184 उम्मीदवार, फरीदाबाद में 79 केन्द्रों पर 21312 उम्मीदवार, गुरुग्राम में 69 केन्द्रों पर 18456 उम्मीदवार, करनाल में 47 केन्द्रों पर 14664 उम्मीदवार, कुरूक्षेत्र में 41 केन्द्रों पर 10584 उम्मीदवार तथा पंचकूला में 42 परीक्षा केन्द्रों पर 10896 उम्मीदवार परीक्षा देंगे।



अबकी बार जिले के 95 हजार 232 बुजुर्गों की बढ़ी हुई पेंशन से जेब होगी भारी
प्रदेश सरकार ने हाल ही में वृद्धावस्था सम्मान भत्ता योजना को 2750 से बढ़ाकर तीन हजार रूपए किया है
भिवानी, 01 फरवरी, अभीतक:- प्रदेश सरकार के पेंशन बढ़ोतरी के निर्णय से जिला के 95 हजार 232 बुजुर्गों को फायदा होगा और बढ़ी हुई पेंशन से उनकी जेब भारी होगी। इसके अलावा दिव्यांगजन, विधवा, लाडली पेंशन, विदुर पेंशन और बौना पेंशन धारियों को भी बढ़ी हुई पेंशन का लाभ मिलेगा। उल्लेखनीय है कि सरकार द्वारा सामाजिक सुरक्षा पेंशन के माध्यम से बुजुर्गों, दिव्यांगों, लड़कियों-लाडली पेंशन, विधवा, विदुर, बौनों एवं आश्रितों को पेंशन के रूप में आर्थिक सहायता दी जा रही है। हाल ही में मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आयोजित केबिनेट की बैठक में पेंशन राशि में बढ़ोतरी का निर्णय लिया गया है, जिसका सीधा लाभ पेंशन पात्रों को मिलेगा। डीसी नरेश नरवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला में कुल एक लाख 58 हजार 836 पेंशन लाभपात्र हैं। इनमें 95 हजार 232 वृद्घावस्था पेंशन धारक हैं। इसके अलावा 8945 दिव्यांगजन, 41 हजार 231 विधवा पेंशन, 1526 लाडली, चार बौना तथा 717 विदुर व अविवाहित श्रेणी के पेंशन धारक है, जो 2750 रूपए से बढ़ाकर तीन हजार रूपए पेंशन पाएंगे। स्कूल नहीं जाने वाले दिव्यांग बच्चों को वित्तीय सहायता 2150 से बढ़ाकर 2400 रुपये की गई है, जिनकी संख्या जिला में 444 है। इसी प्रकार से निराश्रित बच्चों को वित्तीय सहायता 1850 से बढ़ाकर 2100 रुपए किया गया है, इस श्रेणी में जिला में 10 हजार 737 बच्चे पेंशन योजना का लाभ ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार समाज कल्याण के माध्यम से लोगों को वृद्धावस्था सम्मान भत्ता, विधवा एवं निराश्रित महिला को पेंशन, दिव्यांग पेंशन, लाडली सामाजिक सुरक्षा भत्ता, निराश्रित बच्चों को वित्तीय सहायता, बौनों को भत्ता, किन्नरों को भत्ता, स्कूल न जाने वाले दिव्यांग बच्चों को वित्तीय सहायता, विधुर एवं अविवाहित व्यक्तियों को पेंशन योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। इसके अलावा तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कैंसर रोगियों के लिए वित्तीय सहायता और असाध्य बीमारियों से पीडित व्यक्तियों को वित्तीय सहायता दी जाती है। विभाग की अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पात्र लोगों को समय पर पेंशन योजनाओं का लाभ दिलाना शुरू करें। जिला में लाभपात्रों के खातों में पेंशन योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। सरकार के निर्देशानुसार बढ़ी हुई पेंशन का लाभ भी पात्र लोगों को समय पर मिलेगा।
केन्द्रीय बजट विकसित भारत की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा – गृह मंत्री अनिल विज’
बजट में सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास के मूलमंत्र के साथ सभी वर्गों और क्षेत्रों के व्यापक विकास का ध्यान रखा गया- अनिल विज’
’बजट में विकसित भारत-2047 के विजन को ध्यान में रखते हुए सभी हितधारकों पर फोकस किया – विज’
आगामी जुलाई के पूर्ण बजट में विकसित भारत का खाका केन्द्र सरकार द्वारा रखा जाएगा और भारत नई ऊंचाईयों को छूएगा’
चण्डीगढ़, 01 फरवरी, अभीतक:- हरियाणा के गृह मंत्री श्री अनिल विज ने आज कहा कि केन्द्रीय वित मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमन द्वारा प्रस्तुत किया गया केन्द्रीय बजट विकसित भारत की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा क्योंकि ‘‘सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास’’ के मूलमंत्र के साथ सभी वर्गों और क्षेत्रों के व्यापक विकास का ध्यान इस बजट में रखा गया है। श्री विज ने कहा कि बजट में विकसित भारत-2047 के विजन को ध्यान में रखते हुए सभी हितधारकों पर फोकस किया गया हैं। उन्होंने कहा कि लखपति दीदी योजना का लक्ष्य 2 करोड से बढाकर 3 करोड किया जा रहा है क्योंकि इस योजना से 9 करोड महिलाओं के जीवन में बदलाव आया है। इसी प्रकार, सर्वाइकल कैंसर को रोकने के लिए सरकार ने कदम उठाया है और इस दिशा में टीकाकरण को बढाया जाएगा और सरकार नए मैडीकल कालेज खोलेगी। श्री विज ने कहा कि आज के बजट में सर्वागीण, सर्वस्पर्शी और सर्वसमावेशी की दृष्टिकोण के साथ सरकार आगे बढ रही है और इसी दिशा में अगले पांच सालों में ग्रामीण इलाकों में दो करोड नए घर बनाए जाएंगें। श्री विज ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी मानते हैं कि हमें गरीब, महिलाएं, युवा और अन्नदाता (किसान) पर फोकस करना होगा। इसी दिशा में केन्द्रीय बजट में किराए के मकानों, झुग्गियों, चालों या अनाधिकृत कालोनियों में रहने वाले निवासियो की सहायता के लिए सरकार एक योजना शुरू करेगी और इसके लिए अलग से अधिसूचना जारी की जाएगी। इसके अलावा, बजट में ई-वाहनों के लिए मदद, सौर ऊर्जा को बढावा, ग्रीन रोड बनाने की योजना, पर्यटन क्षेत्रों में संभावनाओं का विकास, 9 से 14 साल की लडकियों को टीके में प्राथमिकता, 3 रेलवे कॉरीडोर, सभी आशा कार्यकर्ताओं तक आयुष्मान योजना, अनुसंधान क्षेत्र में कम ब्याज पर लोन, डेयरी और पशुपालन के लिए योजनाएं, राज्यों के सुधारों के लिए 75 हजार करोड रूपए के साथ-साथ 40 हजार सामान्य रेलबोगियों को वंदे भारत रेल के स्तर पर लाने की योजनाओं का जिक्र बजट में किया गया है। उल्लेखनीय है कि जुलाई के पूर्ण बजट में विकसित भारत का खाका केन्द्र सरकार द्वारा रखा जाएगा और भारत नई ऊंचाईयों को छूएगा।


समृद्धिशाली एवं स्थाई सरकार का परिचायक है मोदी सरकार का यह बजट – बिप्लब कुमार देब
25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर लाना मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धि – बिप्लब कुमार देब
बिप्लब देब ने बजट को विकसित भारत’ की संकल्पना को साकार करने वाला बजट भी बताया
चण्डीगढ़, 01 फरवरी, अभीतक:- हरियाणा भाजपा प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देब ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए 2024-25 के अंतरिम बजट को समृद्धिशाली एवं स्थाई सरकार का परिचायक बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट युवाओं के सपने को उड़ान देने वाला और महिला सशक्तिरण की दिशा में अहम है। त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा हरियाणा के प्रभारी श्री देब ने अंतरिम बजट को बेहतरीन बताते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार जताया। भाजपा प्रदेश प्रभारी बिप्लब देब ने कहा कि कोरोनाकाल के बावजूद देश के 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर लाना मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धि है। बजट में युवाओं के लिए स्टार्टअप शुरू करने में सरल किश्तों में लोन की व्यवस्था करना नए भारत की पहचान को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में टैक्स का ना बढ़ाना स्मृद्ध और स्थायी सरकार की पहचान है। प्रदेश प्रभारी ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत देशभर में लगभग 4 करोड़ मकान बन चुके हैं। घर देने के लक्ष्य को और बड़ा करते हुए दो करोड़ घर देने की भी व्यवस्था बजट में की गई है। गरीब लोगों को पक्का घर देने का मोदी सरकार का बेहतरीन काम है। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों को बिजली, प्रत्येक व्यक्ति को 5 किलो निशुल्क अनाज, मूलभूत सुविधाएं इन दस सालों से मोदी सरकार द्वारा दी जा रही है। गरीब कल्याण की योजनाओं से देश के नागरिकों का जीवन सरल हुआ है। बिप्लब कुमार देब ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रैक्चर और महिला सशक्तिकरण की रूपरेखा इस बजट में वित्त मंत्री ने पेश की है। उन्होंने कहा कि बजट में महिला, गरीब, किसान और युवाओं के सकारात्मक और उर्जावान बनाने पर फोकस रखा गया है। बिप्लब देब ने कहा कि वर्ष 2047 के भारत को ध्यान में रखते हुए बजट को पेश किया गया है। उन्होंने कहा कि जब हमारी आजादी को पूरे 100 साल होंगे तब तक भारत विकसित राष्ट्र बन चुका होगा। उन्होंने कहा कि यह बजट भारत को हर क्षेत्र में अग्रणी बनाने की यात्रा में मोदी सरकार द्वारा पिछले 10 वर्षों में प्राप्त उपलब्धियों पर रोशनी डालता है। श्री देब ने मोदी सरकार के इस अंतरिम बजट को करोड़ों भारतीयों की अपेक्षा व आकांक्षाओं की पूर्ति करने वाला और विकसित भारत’ की संकल्पना को साकार करने वाला बजट बताते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन का आभार जताया।
भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में अहम भूमिका निभाने वाला बजट – नायब सिंह सैनी’
देशवासियों की उम्मीदों के अनुरूप संतुलित एवं विकासोन्मुखी है यह बजट – सैनी’
चण्डीगढ़, 01 फरवरी, अभीतक:- भाजपा हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष नायब सिंह सैनी ने गुरुवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किए गए अंतरिम बजट को भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में अहम भूमिका निभाने वाला बजट बताया है। बजट को किसानों, कारोबारियों, युवाओं, महिलाओं, गरीबों एवं मध्यमवर्ग सहित सभी देशवासियों की उम्मीदों और सपनों के अनुरूप संतुलित एवं विकासोन्मुखी बताते हुए नायब सैनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार जताया। श्री सैनी ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा आज पेश किया गया बजट आत्मविश्वास से लबरेज, मजबूत और आत्मनिर्भर विकसित भारत की दृष्टि को रेखांकित करता है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इस बजट में समाज के हर वर्ग का ध्यान रखा गया है, साथ ही प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण को साकार करने की रूपरेखा भी बजट में साफ झलकती है। श्री सैनी ने कहा कि वित्त मंत्री ने मोदी सरकार की उन उपलब्धियों को बजट में रखा है, जिससे भारत दुनिया की पांचवीं अर्थव्यवस्था वाला देश बना। नायब सैनी ने कहा कि स्टार्टअप करने वाले युवाओं के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। युवाओं को आसान किश्तों पर लोन मिलेगा, ताकि युवा देश के प्रगति और उन्नति में भागीदारी हो सके। स्टार्टअप स्कीम के तहत ही एक करोड़ परिवारों को सोलर रूफटॉप स्कमी के तहत मुफ्त बिजली देने की भी व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि इस बजट से विकसित भारत की नींव रखी गई है और किसानों के लिए भी बड़े निर्णय लिए गए है ताकि किसान और अधिक स्मृद्ध हो सकें। नायब सैनी ने कहा कि मोदी सरकार ने गरीब लोगों के लिए 4 करोड़ से अधिक घर बनवाए हैं। इस बजट में 2 करोड़ और घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। राम राज्य की परिकल्पना पर काम कर रही मोदी सरकार का लक्ष्य अब 3 करोड़ बहनों को लखपति दीदी बनाना है। बजट में आयुष्मान भारत का दायरा भी बढ़ाया गया है। भाजपा सरकार अब आंगनबाड़ी और आशा वर्कर को भी इस स्कीम का लाभ देगी। नायब सैनी ने कहा कि मोदी सरकार का बजट युवा भारत की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है। इस बजट में रिसर्च और इनोवेशन पर एक लाख करोड़ रुपये के फंड का ऐलान किया गया है। इसके अलावा स्टार्टअप्स पर टैक्स छूट को भी एक साल और बढ़ाने का ऐलान किया गया है, जोकि सराहनीय है। उन्होंने कहा कि इस बजट में 11 लाख 11 हजार 111 करोड़ रुपये इन्फ्रास्च्रट्रचर पर खर्च करने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा वंदे भारत की 40 हजार बोगियां भी आम ट्रेनों में लगाने का फैसला लिया गया है। इससे देश भर के रूटों पर आरामदायक सफर का आनंद मिलेगा। नायब सैनी ने कहा कि मोदी सरकार का अंतरिम बजट युवा, किसान और महिलाओं को सशक्त करेगा। उन्होंने कहा कि यह बजट गरीब कल्याण को समर्पित है और अर्थव्यवस्था को नई ताकत देकर देश के सर्वांगीण विकास में मदद करेगा। बजट के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की सराहना करते हुए श्री सैनी ने कहा कि यह बजट भारत को ‘‘आत्मनिर्भर’’ बनाने के साथ ही स्वतंत्रता के 100वें वर्ष के नए भारत की नींव डालेगा।



बजट ने किसान, मजदूर, कर्मचारी, व्यापारी समेत हर वर्ग को किया निराश- हुड्डा’
पटवारी की मांगें माने ठश्रच्-श्रश्रच्, नहीं तो कांग्रेस सरकार करेगी पूरा- हुड्डा’
रोहतक, 01 फरवरी, अभीतक:- पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि बजट के नाम पर सिर्फ औपचारिकता पूरी की गई है। इससे ना करदाता को कोई राहत मिली, ना इसमें बेतहाशा महंगाई को कम करने का कोई रोडमैप दिखाई दिया। इसमें किसान की एमएसपी व अन्य मांगों को भी पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है। गृहणी, मजदूर, कर्मचारी और व्यापारी वर्ग को भी बजट से सिर्फ निराशा हाथ लगी। हुड्डा ने कहा कि 10 साल में सरकार का राजकोषीय घाटा लगातार बढ़ता गया। 2014 तक यूपीए सरकार में यह सिर्फ 4.8ः था, जो अब बढ़कर 5.8 हो गया है। जबकि जीडीपी की विकास दर में भारी कमी देखने को मिली है। यूपीए सरकार के दौरान औसत विकास दर लगभग 8 प्रतिशत रही, जो बीजेपी के 10 साल में 6 प्रतिशत तक भी नहीं पहुंच सकी। इस बार के बजट से भी अर्थव्यवस्था में बेहतरी की कोई उम्मीद नजर नहीं आती। बजट पर प्रतिक्रिया देने के बाद हुड्डा पटवारियों के धरनास्थल पर गए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि बीजेपी व जेजेपी ने धरनारत कर्मचारियों के साथ धोखा किया है। सरकार ने पहले मांग मानने का आश्वसन दिया और अब उसको अमलीजामा पहनाने से पीछे हट रही है। कर्मचारियों के आंदोलन की वजह से बहुत सारे काम प्रभावित हो रहे हैं और जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार पटवारी ही नहीं बल्कि आम जनता की भी अनदेखी कर रही है. उसे जल्द से जल्द पटवारियों की मांग पूरी करनी चाहिए. अगर मौजूदा सरकार ने इनकी मांगे नहीं मानी तो कांग्रेस सरकार बनने पर उनको पूरा किया जाएगा.

37वां सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला – 50 देश ले रहे हैं भागय तंजानिया पार्टनर देश, गुजरात थीम राज्य
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू 2 फरवरी को मेले का उद्घाटन करेंगी
18 फरवरी तक लगातार चलेगा मेला
चण्डीगढ़, 01 फरवरी, अभीतक:- भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू 2 फरवरी, 2024 को फरीदाबाद के सूरजकुंड में 37वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला 2024 का उद्घाटन करेंगी। इस कार्यक्रम में हरियाणा के राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय और मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के अलावा केंद्रीय भारी उद्योग राज्य मंत्री श्री कृष्ण पाल उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा, हरियाणा के पर्यटन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री श्री कंवर पाल, हरियाणा के उच्च शिक्षा मंत्री श्री मूलचंद शर्मा और बडखल की विधायक श्रीमती सीमा त्रिखा भी उपस्थित रहेंगे। हरियाणा पर्यटन निगम के प्रबंध निदेशक डॉ. नीरज कुमार, जो कि सूरजकुंड मेला प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक भी हैं, ने आज यह जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष के मेले में लगभग 50 देश भाग लेंगे। संयुक्त गणराज्य तंजानिया ‘पार्टनर नेशन’ के रूप में भाग ले रहा है और यह मेले में अफ्रीका के कलर्स और वाइब्स लाएगा, जबकि थीम राज्य गुजरात है जो क्षेत्र की विभिन्न कला रूपों और हस्तशिल्प के माध्यम से अपनी अनूठी संस्कृति और समृद्ध विरासत का प्रदर्शन कर रहा है। सूरजकुंड मेला दुनियाभर के क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय शिल्प, हथकरघा, रीति-रिवाजों और पाक व्यंजनों की विशेषता वाले प्रभावशाली अनुभव का अवलोकन करता है। भारत तथा विदेश से वार्षिक दस लाख से अधिक पर्यटकों को आकर्षित करने वाला सूरजकुंड मेला सांस्कृतिक आदान-प्रदान और उत्सव का एक प्रमाण है। उन्होंने कहा कि मेले में साफ-सफाई, सर्वोच्च सुविधाएं, सुरक्षा, सडक बुनियादी ढांचा, प्रकाश व्यवस्था, बिजली, स्वच्छता सुविधाएं और पार्किंग आदि सहित सावधानीपूर्वक व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इस कार्यक्रम में हर दिन मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी किए जाएंगे। सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला सांस्कृतिक विविधता का प्रतीक है जो क्षेत्रीय और वैश्विक हस्तशिल्प, हथकरघा और सांस्कृतिक विरासत की समृद्धि को बड़े पैमाने पर प्रदर्शित करता है।
मेला 2 फरवरी से 18 फरवरी तक प्रतिदिन प्रातरू 10.00 बजे से रात्रि 8 बजे तक खुला रहेगा
उन्होंने कहा कि केंद्रीय पर्यटन, कपड़ा, संस्कृति, विदेश मंत्रालय और हरियाणा सरकार के सहयोग से सूरजकुंड मेला प्राधिकरण और हरियाणा पर्यटन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित यह मेला अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन कैलेंडर में शिल्प और संस्कृति का प्रदर्शन करेगा। ये मेला 2 फरवरी से 18 फरवरी, 2024 तक प्रतिदिन सुबह 10.00 बजे से शाम 8 बजे तक खुला रहेगा। डॉ. नीरज कुमार ने कहा कि हस्तशिल्प, हथकरघा और भारत की सांस्कृतिक विरासत की समृद्धि और विविधता को प्रदर्शित करने के लिए 1987 में पहली बार इस मेले की मेजबानी की गई थी। सूरजकुंड शिल्प मेले के इतिहास में एक बेंचमार्क स्थापित किया गया था क्योंकि इसे 2013 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपग्रेड किया गया था। 2023 में, यूरोप, अफ्रीका और एशिया के 40 से अधिक देशों ने मेले में भाग लिया।
आठ पूर्वी राज्य ‘अस्टलक्ष्मी’ सांस्कृतिक भागीदार के रूप में भाग ले रहे हैं
दिन के विभिन्न प्रकार के कलाकार आगंतुकों को मंत्रमुग्ध कर देंगे
डॉ. नीरज कुमार ने कहा कि इस वर्ष हमारे आठ उत्तर पूर्वी राज्य, ‘अस्टलक्ष्मी’ सांस्कृतिक भागीदार के रूप में भाग ले रहे हैं। अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा के सभी आठ राज्य मेले के आगंतुकों के लिए कला, शिल्प, व्यंजन और प्रदर्शन कला की पहले कभी न देखी गई माला पेश करने के लिए एक छतरी के नीचे एक साथ आए हैं। विभिन्न प्रकार के कलाकार दिन में आगंतुकों का मनोरंजन करेंगे, जैसे पंजाब से भांगड़ा, असम से बिहू, बरसाना की होली, हरियाणा से लोक नृत्य, हिमाचल प्रदेश से जमकड़ा, हाथ की चक्की और सदैव प्रसिद्ध बहरूपियों का लाइव प्रदर्शन करेंगे। इसके अलावा, मेले के दौरान शाम को मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आगंतुकों का भरपूर मनोरंजन करेंगी। इनमें परिक्रमा जैसे बैंड्स की शानदार प्रस्तुतियां, मेथली ठाकुर की गूंजती भक्ति प्रस्तुति, पदम श्री उस्ताद अहमद हुसैन और उस्ताद मोहम्मद हुसैन की भावपूर्ण सूफी प्रस्तुति, गीता राबड़ी की शास्त्रीय गुजराती लोक प्रस्तुति, नॉर्थ ईस्टर्न बैंड्स, इंटरनेशनल फ्यूजन, कैलाश खेर की मंत्रमुग्ध कर देने वाली धुनें शामिल हैं। दर्शक चैपाल-1 में शाम 6.00 बजे से दलेर मेहंदी द्वारा पंजाबी पॉप प्रदर्शन के अलावा, गुजरात, तंजानिया और अन्य अंतरराष्ट्रीय कलाकारों के आकर्षक नृत्य और गीत शो सभी गतिविधियां देख सकते हैं।
हरियाणा और गुजरात की पारंपरिक जीवनशैली को अपना घर में प्रदर्शित किया गया
पर्यटन विभाग के प्रबंधन निदेशक डॉ. नीरज के अनुसार अपना घर हरियाणा का एक परिवार राज्य की प्रामाणिक जीवनशैली को प्रदर्शित करेगा। अपना घर आगंतुकों को राज्य के लोगों की जीवनशैली का अनुभव करने का मौका देगा और उन्हें उनकी संस्कृति के बारे में बातचीत करने और सीखने का मौका भी प्रदान करता है। अपना घर पारंपरिक मिट्टी के बर्तन आदि प्रदर्शित करेगा और शिल्पकार इन पारंपरिक शिल्पों का लाइव प्रदर्शन करेंगे। इस बार न केवल हरियाणा बल्कि गुजरात ने भी गुजराती परिवार की पारंपरिक जीवनशैली को प्रदर्शित करने के लिए एक अपना घर बनाया है जो उन लोगों के लिए एक शानदार अनुभव होगा जो मेले में सांस्कृतिक रंगों का आनंद लेना चाहते हैं।
37वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला-2024 की अन्य मुख्य विशेषताएं
उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) की प्रगति के साथ तालमेल रखते हुए, पार्किंग की परेशानी को कम करने के लिए मेला प्रवेश टिकट ठववाउलेीवू.बवउ के माध्यम से ऑनलाइन बुक किए जा सकते हैं। भुगतान फास्ट टैग और कैशलेस होगा। मेले को पूरी तरह से परेशानी मुक्त करने के लिए आगंतुक पहले से पार्किंग बुक कर सकेंगे। कला और संस्कृति विभाग कच्ची घोड़ी, स्टिक वॉकर, कालबेलिया, राजस्थान से बहरूपिया, हिमाचल से कांगड़ी नाटी, असम से बिहू, भांगड़ा, जिंदुआ, पंजाब से झूमर, उत्तराखंड से छपेली, उत्तर प्रदेश से बरसाना की होली, मेघालय से वांगिया, संभलपुरी ओडिशा, मध्य प्रदेश से बधाई जैसे पारंपरिक और सांस्कृतिक कलाकारों का प्रदर्शन करेगा। उन्होंने कहा कि एक कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी पहल के रूप में सूरजकुंड मेला प्राधिकरण दिव्यांग व्यक्तियों, वरिष्ठ नागरिकों और सेवारत रक्षा कर्मियों और पूर्व सैनिकों को प्रवेश टिकटों पर 50 प्रतिशत की छूट प्रदान करता है। मेले के दौरान स्कूली छात्रों के लिए कई रोमांचक और नवीन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। मेला पखवाड़े के दौरान निर्यातकों और खरीदारों की बैठक आयोजित की जाती है जो शिल्पकारों को निर्यात बाजार तक पहुंचने और टैप करने के लिए एक तैयार सहायता प्रणाली प्रदान करती है। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए मेला मैदान में नाइट विजन कैमरों के साथ 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। किसी भी अप्रिय घटना या दुर्घटना को रोकने के लिए मेला परिसर में महिला गार्ड सहित बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। डॉ. नीरज ने कहा कि मेला परिसर में प्लास्टिक, पॉलिथीन बैग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।



लोकसभा चुनावों के मद्देनजर हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राजनैतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों के साथ की बैठक
चण्डीगढ़, 01 फरवरी, अभीतक:- हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री अनुराग अग्रवाल ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए 22 जनवरी, 2024 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया है, जिसे विभाग की वैबसाइट पर अपलोड किया गया है। श्री अग्रवाल आज यहां मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में बुलाई गई मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय व राज्य की राजनैतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों की बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने राजनैतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्र की मतदाता सूची का बारीकी से अध्ययन करें और यदि कोई अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल है तो उसकी जानकारी नाम हटवाने के लिए निर्धारित फार्म भरें। इसी प्रकार, अगर कोई नया नाम सूची में शामिल करना है तो भी निर्धारित फार्म भरें। उन्होंने कहा कि आयोग ने 1950 हैल्पलाइन नम्बर जारी किया हुआ है, उस पर भी जानकारी दी जा सकती है व प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने कुछ मोबाइल एप्लीकेशन तैयार किए हैं जिनमें वोटर हेल्पलाइन, सूक्ष्म ईसीआई, सी विजिल, वोटर टर्न आउट, अपने प्रत्याशी के बारे में जाने, चुनाव सीजर मैनेजमेंट सिस्टम शामिल है। इन एप्लीकेशन से मतदाताओं को घर बैठे तमाम जानकारियां उपलब्ध करवाने की सुविधा दी गई है। प्रदेश में अंतिम प्रकाशित मतदाता सूची में कुल 1 करोड़ 97 लाख मतदाता पंजीकृत किए गए है जिसमें 1 करोड़ 5 लाख पुरुष और 92 लाख 50 हजार महिला मतदाता शामिल है। इसके अलावा प्रदेश में कुल 19 हजार 812 मतदान केन्द्र भी स्थापित किए गए है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 100 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं की संख्या 11479 है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के संशोधन के दौरान कुल 5 लाख 25 हजार 615 लोग मतदाता के रूप में पंजीकृत हुए है। उन्होंने अपील करते हुए कहा है कि सभी पात्र व्यक्तियों को सबसे पहले अपना वोट जरूर बनवाना चाहिए और इसके बाद अपने बूथ पर जाकर अपना वोट जरूर डालना चाहिए। इस लोकतंत्र की मजबूती के लिए प्रत्येक मतदाता को अपने मत का प्रयोग अवश्य करना चाहिए। राजनैतिक पार्टियों की ओर से भारतीय जनता पार्टी से श्री वरिंदर गर्ग, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से श्री तलविंद्र सिंह व आर डी सैनी और आम आदमी पार्टी की ओर से सुश्री वीनस मलिक तथा जननायक जनता पार्टी से श्री राम नारायण यादव और इनेलो की ओर से श्री सत्यव्रत ने प्रतिनिधियों के रूप बैठक में हिस्सा लिया। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्रीमती हेमा शर्मा, संयुक्त निर्वाचन अधिकारी श्री अपूर्व व श्री राजकुमार के अलावा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
चार एसपी को डीआईजी प्रमोट किया
चण्डीगढ़, 01 फरवरी, अभीतक:- हरियाणा सरकार ने वर्ष 2010 बैच के चार आईपीएस अधिकारियों को एसपी रैंक से डीआईजी पद पर प्रमोट करने के आदेश जारी किये हैं। प्रमोट किये गए अधिकारियों में श्रीमती संगीता कालिया, श्रीमती सुलोचना गजराज, श्री राजेश दुग्गल तथा श्री सुरिंदर पाल सिंह शामिल हैं।
केन्द्रीय बजट विकसित भारत की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा – गृह मंत्री अनिल विज
बजट में ‘‘सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास’’ के मूल मंत्र के साथ सभी वर्गों और क्षेत्रों के व्यापक विकास का ध्यान रखा गया- अनिल विज
बजट में विकसित भारत-2047 के विजन को ध्यान में रखते हुए सभी हितधारकों पर फोकस किया – विज
आगामी जुलाई के पूर्ण बजट में विकसित भारत का खाका केन्द्र सरकार द्वारा रखा जाएगा और भारत नई ऊंचाइयों को छूएगा
चण्डीगढ़, 01 फरवरी, अभीतक:- हरियाणा के गृह मंत्री श्री अनिल विज ने आज कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत किया गया केन्द्रीय बजट विकसित भारत की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा क्योंकि सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास के मूल मंत्र के साथ सभी वर्गों और क्षेत्रों के व्यापक विकास का ध्यान इस बजट में रखा गया है। विज ने कहा कि बजट में विकसित भारत-2047 के विजन को ध्यान में रखते हुए सभी हितधारकों पर फोकस किया गया हैं। उन्होंने कहा कि लखपति दीदी योजना का लक्ष्य 2 करोड़ से बढ़ाकर 3 करोड़ किया जा रहा है क्योंकि इस योजना से 9 करोड़ महिलाओं के जीवन में बदलाव आया है। इसी प्रकार, सर्वाइकल कैंसर को रोकने के लिए सरकार ने कदम उठाया है और इस दिशा में टीकाकरण को बढ़ाया जाएगा और सरकार नए मेडिकल कॉलेज खोलेगी। श्री विज ने कहा कि आज के बजट में सर्वांगीण, सर्वस्पर्शी और सर्वसमावेशी की दृष्टिकोण के साथ सरकार आगे बढ़ रही है और इसी दिशा में अगले पांच सालों में ग्रामीण इलाकों में दो करोड़ नए घर बनाए जाएंगें। श्री विज ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी मानते हैं कि हमें गरीब, महिलाएं, युवा और अन्नदाता (किसान) पर फोकस करना होगा। इसी दिशा में केन्द्रीय बजट में किराए के मकानों, झुग्गियों, चालों या अनाधिकृत कालोनियों में रहने वाले निवासियों की सहायता के लिए सरकार एक योजना शुरू करेगी और इसके लिए अलग से अधिसूचना जारी की जाएगी। इसके अलावा, बजट में ई-वाहनों के लिए मदद, सौर ऊर्जा को बढावा, ग्रीन रोड बनाने की योजना, पर्यटन क्षेत्रों में संभावनाओं का विकास, 9 से 14 साल की लड़कियों को टीके में प्राथमिकता, 3 रेलवे कॉरिडोर, सभी आशा कार्यकर्ताओं तक आयुष्मान योजना, अनुसंधान क्षेत्र में कम ब्याज पर लोन, डेयरी और पशुपालन के लिए योजनाएं, राज्यों के सुधारों के लिए 75 हजार करोड रुपए के साथ-साथ 40 हजार सामान्य रेल बोगियों को वंदे भारत रेल के स्तर पर लाने की योजनाओं का जिक्र बजट में किया गया है। उल्लेखनीय है कि जुलाई के पूर्ण बजट में विकसित भारत का खाका केन्द्र सरकार द्वारा रखा जाएगा और भारत नई ऊंचाइयों को छूएगा।



स्कूल शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने जनसुनवाई कार्यक्रम में सुनी समस्याएं
मनोहर सरकार ने 9 वर्ष के शासनकाल के दौरान प्रदेश में लगाई विकास कार्यों की झड़ी- कंवरपाल
चण्डीगढ़, 01 फरवरी, अभीतक:- हरियाणा के स्कूल शिक्षा मंत्री श्री कंवरपाल ने आज जगाधरी निवास स्थान पर जनसुनवाई कार्यक्रम में आए लोगों को केंद्र व प्रदेश सरकार के शासनकाल की जनकल्याणकारी नीतियों एवं योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी और इसके साथ-साथ जनसुनवाई कार्यक्रम के तहत लोगों की समस्याओं को सुनकर उनका समाधान किया। जनसुनवाई कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री के समक्ष जगाधरी शहर व ग्राम पंचायतों एवं गांवों के लोगों द्वारा कई समस्याएं रखी गई। अधिकतर समस्याओं का मौके पर ही समाधान कर दिया गया।कुछ समस्याओं के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को फोन पर जल्द से जल्द इन समस्याओं के निपटान के लिए दिशा निर्देश दिए। श्री कंवर पाल ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और हरियाणा प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल प्रदेश को उन्नति के मार्ग पर ले जाने के लिए दिन-रात प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल सभी विधानसभा क्षेत्रों में समान रूप से विकास कार्य करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार ने सभी वर्गों चाहे वह कमेरा वर्ग हो, किसान वर्ग हो इत्यादि सभी वर्गों के हित को ध्यान में रखकर विभिन्न योजनाओं को लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के नेतृत्व में बनी सरकार ने अपने साढ़े नौ वर्षों के शासनकाल के दौरान प्रदेश में विकास कार्यों की झड़ी लगा दी है।
वायु गुणवत्ता में स्थायी सुधार के लिए उठाए कारगर कदम – मुख्य सचिव
इलैक्ट्रिक सिटी बस सेवा, स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू
हाई एक्शन प्लान के तहत प्रदेश में बढ़ रहा ग्रीन कवर
चण्डीगढ़, 01 फरवरी, अभीतक:- हरियाणा के मुख्य सचिव श्री संजीव कौशल ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य हाई एक्शन प्लान को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करके वायु प्रदूषण के स्तर में कमी लाना है। इसी कड़ी में राज्य के शहरों में इलैक्ट्रिक सिटी बस सेवा शुरू की जा रही है और स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम क्रियान्वित किया जा रहा है। मुख्य सचिव आज यहां पर्यावरण विभाग द्वारा आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अब तक 28 लाख वाहनों को चिन्हित कर स्टिकर लगाए गए हैं और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर कार्रवाई की गई है। इसके अलावा, भवन निर्माण एवं तोड़ने से उठने वाले धूल के गुब्बार पर काबू पाने के लिए भी कार्य किया गया है। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता में स्थायी सुधार के लिए बनाई गई नीति के तहत कई कारगर कदम उठाए गए हैं। इस कार्य में प्रदेश के नागरिकों का भी भरपूर समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में वन एवं पर्यावरण तथा अन्य विभागों के सहयोग से हाई एक्शन प्लान के तहत कार्य किया जा रहा है, जिससे प्रदेश में हरियाली युक्त क्षेत्र बढ़ता जा रहा है। वन विभाग द्वारा ग्रीन हरियाणा के लिए वन कलस्टर बनाए गए हैं। राज्य में हरियाली तथा वृक्षारोपण कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए नगर वन और नगर वाटिकाओं का विस्तार किया जा रहा है तथा वृक्षारोपण अभियान के लिए बड़े पैमाने पर जागरुकता अभियान भी चलाये जा रहे हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि पर्यावरण को दूषित होने से बचाने के लिए पराली जलाने पर न केवल सख्त कदम उठाए गए हैं बल्कि आपराधिक कार्रवाई भी अमल में लाई गई है। इसके साथ ही, एक्स-सीटू और इन-सीटू मैनेजमेंट सहित फसल अवशेष प्रबंधन की उचित व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा, राज्य में पटाखे जलाने पर भी प्रभावी ढंग से प्रतिबंध लगाया गया है और उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन जारी कर राज्य को केरोसिन मुक्त बनाया गया है। श्री कौशल ने कहा कि प्रदेश में सीएक्यूएम की नीति की सख्ती से पालना की जा रही है। दिल्ली-एनसीआर में मौजूदा वायु गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए, वायु प्रदूषण को बढ़ाने वाले विभिन्न क्षेत्रों को नियंत्रित करने पर बल दिया जा रहा हैै। इसके साथ ही थर्मल पावर प्लांट, स्वच्छ ईंधन और इलेक्ट्रिक गतिशीलता, सार्वजनिक परिवहन प्रबंधन, सड़क यातायात प्रबंधन, हरियाली और पौधारोपण के माध्यम से वायु प्रदूषण को कम करने के उपायों पर भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उद्योग एवं वाणिज्य विभाग द्वारा औद्योगिक कचरे को जलाने, स्वच्छ ईंधन में परिवर्तन, विद्युत गतिशीलता और जनरेटर सेट के सीमित उपयोग को नियंत्रण किया गया है। कार्यशाला में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद मोहन शरण, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विनीत गर्ग, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ए. के. सिंह, परिवहन विभाग के प्रधान सचिव नवदीप सिंह विर्क तथा खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निदेशक मुकुल कुमार सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
हिसार के उकलाना क्षेत्र में 25 करोड़ रुपये की लागत से सात ओडीआर सड़कों का होगा सुधार
मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने सड़कों की मरम्मत के सुधार के प्रोजेक्ट को दी मंजूरी
चण्डीगढ़, 01 फरवरी, अभीतक:- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने हिसार जिले के उकलाना में 7 ओडीआर सड़कों की विशेष मरम्मत और सुधार के लिए 25 करोड़ रुपये खर्च की प्रशासनिक मंजूरी दे दी है। सरकार के इस निर्णय से हरियाणा में कनेक्टिविटी बढ़ेगी और लोगों को निर्बाध परिवहन की सुविधा मिलेगी। एक सरकारी प्रवक्ता ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों से उत्पादन को बाजार केंद्रों, तहसील मुख्यालयों, ब्लॉक विकास मुख्यालयों, रेलवे स्टेशनों आदि तक पहुंच प्रदान करने वाली सड़कों को अन्य जिला सड़कें (ओडीआर) के रूप में जाना जाता है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं में अनुमानित लागत में 2.26 किलोमीटर तक फैली गांव कंदुल से किनाला सड़क का चैड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण पर 2.75 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसी प्रकार,गांव फरीदपुर से भैणी बादाशपुर तक, 3.52 किमी लंबी सड़क पर 1.75 करोड़ रुपये , गांव दौलतपुर से खेदड़ वाया इस्सरहेड़ी 9.33 किमी लंबी सड़क पर 7.64 करोड़ रुपये तथा उकलाना के गांव नोह में 1.520 किमी तक चैपाल से दोनों बस स्टैंड तक का पुनर्निर्माण पर 2.65 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसके अलावा, ग्राम चन्ना से संदलाना सड़क का सुदृढ़ीकरण, बरवाला से खरकड़ा तक सड़क की विशेष मरम्मत और गैबीपुर बबुवा हसनगढ़ लितानी सड़क का भी सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। प्रवक्ता ने बताया कि उक्त पहल हरियाणा सरकार की बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है और निःसंदेह राज्य भर में सड़क नेटवर्क और कनेक्टिविटी में सुधार करके जनता को पर्याप्त लाभ पहुंचाएगी।
जनसंवाद कार्यक्रम के तहत लाभार्थियों से कर रहे हैं सीधा संवाद किया
यात्रा गांवों-गांवों से होती हुई शहर के मोहल्ले-मोहल्ले तक पहुंची
यात्रा का उद्देश्य सरकारी योजनाओं को गरीबों के घरों तक पहुंचाना है
चण्डीगढ़, 01 फरवरी, अभीतक:- हरियाणा सरकार ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चलाई जा रही विकसित भारत संकल्प यात्रा में अपना सक्रिय योगदान देने का संकल्प किया है। इसी के चलते प्रदेश में इस यात्रा के अधिक से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। यात्रा के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को केंद्र सरकार की योजनाओं के बारे में जागरूक कर नई योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। कोई भी पात्र व्यक्ति सरकार की योजनाओं से ना छूटे यह सुनिश्चित करने के लिए हरियाणा में इस यात्रा के और अधिक कार्यक्रम गांवों के साथ-साथ शहरों में भी बड़े स्तर पर आयोजित किए जा रहे हैं।
यात्रा के दौरान 6698 स्थानों पर हुए कार्यक्रम
विकसित भारत संकल्प यात्रा में 51 लाख 21 हजार से ज्यादा लोगों ने लिया भाग विकसित भारत संकल्प यात्रा के पूरे प्रदेश में आज तक 6698 स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। यात्रा के दौरान आज तक पूरे प्रदेश में 51 लाख 21 हजार से अधिक लोगों ने भाग लिया और भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया। यात्रा के दौरान आज तक 8 लाख 68 हजार से ज्यादा लोगों ने हेल्थ कैंपों में पहुंचे और अपनी स्वास्थ्य संबंधी स्क्रीनिंग करवाई। 5 लाख 94 हजार से अधिक लोगों की टीबी की स्क्रीनिंग की गई। यात्रा के दौरान 10 लाख 13 हजार से अधिक लोगों को आयुष्मान भारत कार्ड व 13 हजार से अधिक किसान क्रेडिट कार्ड जारी किये गए। 15842 लोगों ने पीएम स्वनिधि योजना के लिए जानकारी ली। इस दौरान 18316 लोग आधार कार्ड कैंप में पहुंचे और 5325 लोगों ने नेचुरल फार्मिंग से संबंधित जानकारी ली। यात्रा के दौरान 37964 महिलाओं को, 49457 विद्यार्थियों, 7320 स्थानीय खिलाड़ियों तथा 6954 स्थानीय कलाकारों को अवार्ड भी वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त, यात्रा के दौरान आज तक निरोगी हरियाणा के तहत 4 लाख 63 हजार से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की गई। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के तहत 29195 लोगों का रजिस्ट्रेशन किया गया। 23163 लोगों ने आयुष्मान कार्ड का लाभ प्राप्त किया। प्रदेश सरकार ने इस यात्रा को जनसंवाद के साथ जोडकर लोगों को बड़ी सौगात दी है। इसके चलते लोगों की शिकायतों और समस्याओं को भी सुना जा रहा है और मौके पर ही उसके समाधान के कदम भी उठाए जा रहे हैं। सरकार की इस पहल से प्रदेशवासी खासे लाभान्वित हो रहे हैं। विकसित भारत संकल्प यात्रा को प्रदेश के लोगों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है। बड़ी संख्या में लोग इस यात्रा में शामिल होकर विकसित भारत का संकल्प ले रहे हैं और साथ ही सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी जुटा रहे हैं।
बिजली निगम द्वारा अनेक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम प्रारंभ किये गए
चण्डीगढ़, 01 फरवरी, अभीतक:- उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) उपभोक्ताओं को विश्वसनीय, अच्छी वोल्टेज और निर्बाध बिजली की आपूर्ति के लिए प्रतिबद्ध है। पूर्ण उपभोक्ता संतुष्टि के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बिजली निगम द्वारा अनेक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम प्रारंभ किये गए हैं ताकि उपभोक्ताओं की समस्याओं को त्वरित रूप में सुलझाया जा सके। बिजली निगम के प्रवक्ता ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि जोनल उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच रेगुलेशन 2.8.2 के अनुसार प्रत्येक मामले में एक लाख रुपये से अधिक और 3 लाख रुपये तक की राशि के वित्तीय विवादों से संबंधित शिकायतों की सुनवाई करेगा। रोहतक जोन के अंतर्गत आने वाले जिलों नामतरू करनाल, पानीपत, सोनीपत, झज्जर और रोहतक के उपभोक्ताओं की शिकायतों का 02 फरवरी को मुख्य अभियंता रोहतक के कार्यालय में शिकायतों का निवारण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि रोहतक जोन के अंतर्गत आने वाले जिलों के उपभोक्ताओं के गलत बिलों, बिजली की दरों से संबंधित मामलों, मीटर सिक्योरिटी से जुड़े मामलों, खराब हुए मीटरों से सम्बंधित मामलों, वोल्टेज से जुड़े हुए मामलों का निपटान किया जाएगा। उपभोक्ता और निगम के बीच किसी भी विवाद के निपटान के लिए फोरम में वित्तीय विवादों से संबंधित शिकायत प्रस्तुत करने से पहले पिछले छरू महीनों के दौरान उपभोक्ता द्वारा भुगतान किए गए बिजली के औसत शुल्क के आधार पर गणना की गई प्रत्येक माह के लिए दावा की गई राशि या उसके द्वारा देय बिजली शुल्क के बराबर राशि, जो कम है, उपभोक्ता को जमा करवानी होगी। इस दौरान उपभोक्ता को प्रमाणित करना होगा कि यह मामला अदालत, प्राधिकरण या फोरम के समक्ष लंबित नहीं है क्योंकि इस न्यायालय या फोरम में विचाराधीन मामलों पर बैठक के दौरान विचार नहीं किया जाएगा।
लड़कियों की उच्च शिक्षा के लिए ष्शिक्षा ऋण योजनाष् लागू रू कमलेश ढांडा
10930 लड़कियों ने उठाया लाभ
चण्डीगढ़, 01 फरवरी, अभीतक:- हरियाणा की महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती कमलेश ढांडा, मंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार महिलाओंध्लड़कियों की उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए वचनबद्ध है, इसलिए हरियाणा महिला विकास निगम के माध्यम से शिक्षा ऋण योजना लागू की गई है ताकि महिलाएं एवं लड़कियां उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें। इस योजना के अंतर्गत वर्ष 2008-09 से अब तक 10930 महिलाओं, लड़कियों को 2633.82 लाख रूपये की ब्याज सब्सिडी दी जा चुकी है। श्रीमती ढांडा ने कहा कि आमतौर पर सीमित साधनों, अत्यधिक फीस व बैंकों के शिक्षा ऋण पर ब्याज के भार के कारण वह उच्च शिक्षा (जैसे व्यावसायिकध्तकनीकी डिप्लोमा, स्नातक, स्नातकोत्तर व चिकित्सा संबंधी इत्यादि) प्राप्त करने से वंचित रह जाती हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षा ऋण के भार को कम करने के उद्देश्य से इस योजना के तहत शिक्षा ऋण पर 5ः ब्याज दर पर सब्सिडी प्रदान की जाती है। उदाहरण के तौर पर अगर बैंक 9.50ः ब्याज दर पर शिक्षा ऋण प्रदान करता है तो निगम द्वारा 5ः ब्याज दर के रूप में सब्सिडी दी जाएगी तथा लाभार्थी को केवल 4.50ः ब्याज के रूप में वहन करना पड़ेगा। हरियाणा राज्य की स्थायी निवासी लड़कीध्महिला एवं हरियाणा सरकार में कार्यरत सरकारी कर्मचारियों की लड़कियां व महिलाएं जो देश और विदेश में शिक्षा ग्रहण कर रही हैं, लाभ प्राप्त करने की पात्र हैं। महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री ने बताया कि शिक्षा ऋण बैंक द्वारा बैंक की शिक्षा ऋण स्कीम के अनुसार ही प्रदान किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत आवेदन प्रपत्र के साथ, बैंक का स्वीकृति पत्र, शैक्षणिक संस्था का पत्र, हरियाणा राज्य का स्थायी प्रमाण पत्र, हरियाणा सरकार में कार्यरत कर्मचारियों का पहचान पत्र, परिवार पहचान पत्र, आधार कार्ड तथा बैंक स्टेटमेंट का विवरण आवश्यक है। हरियाणा के बाहर अस्थाई रूप से रहने वाले हरियाणा के कर्मचारियों की महिलाएंध्लड़कियां यदि ऋण लेने की इच्छुक हैं तो वह बैंक से ऋण लेकर नजदीकी जिला प्रबंधक कार्यालय में अपना केस भेज सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अधिक जानकारी के लिए हरियाणा महिला विकास निगम की वेवसाइट ीजजचरूध्ध्ूूू.ीूकबस.वतह पर देख सकते हैं।
ग्राम पंचायतों के भवनों में अप्रैल तक होगी फाइबर कनैक्टिविटी – मुख्य सचिव
100 कनैक्शन पर पंचायत को होगी लगभग 15 से 25 हजार रुपए प्रतिमाह तक आमदनी
चण्डीगढ़, 01 फरवरी, अभीतक:- हरियाणा के मुख्य सचिव संजीव कौशल ने कहा कि राज्य की सभी ग्राम पंचायतों के सरकारी भवनों में 30 अप्रैल तक बीएसएनएल की फाइबर कनैक्टिविटी सुलभ करवाई जाएगी। लगातार राजस्व सृजित करने के अवसरों के तहत पंचायतों को 100 कनैक्शन पर लगभग 15 से 25 हजार रुपए प्रतिमाह तक की आमदनी होगी। श्री कौशल आज यहां हरियाणा टेलिकॉम सर्विस को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। सभी जिलों के उपायुक्त बैठक में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। मुख्य सचिव ने कहा कि जिला उपायुक्त बीएसएनएल के अधिकारियों के साथ एक सप्ताह के अन्दर बैठक कर इस कार्य को गति प्रदान करें ताकि हर गांव में शत-प्रतिशत फाइबर कनेक्टिविटी को सम्भव बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि गांवों के स्कूलों, राशन डिपो, कॉमन सर्विस सेंटर, ग्राम सचिवालय, ई- लाइब्रेरी, पशु अस्पताल, स्वास्थ्य केन्द्र, पुलिस थाना आदि में बीएसएनएल के कनैक्शन दिए जा रहे हैं। इसके लिए बेहतर केबल लाइन बिछाने का कार्य किया जा रहा है। बैठक में मुख्य सचिव को अवगत करवाया गया कि सरकार की योजना के अनुसार बीएसएनएल की ओर से ग्राम पंचायतों को फाइबर कनैक्शन दिए जा रहे हैं। इसके साथ ही ग्राम पंचायतों को टेलीकॉम ढांचा मुहैया करवाने में पार्टनर भी बनाया जा रहा है। इस योजना के तहत ग्राम पंचायत यदि संबंधित गांव में 100 से अधिक कनैक्शन करवाएगी तो उसे 100 कनैक्शन पर लगभग 15 से 25 हजार रुपए प्रतिमाह तक की आमदनी होगी। इस तरह यह योजना ग्राम पंचायतों के लिए आय का स्रोत बनेगी। अब तक राज्य की 6220 ग्राम पंचायतों में से 1213 ग्राम पंचायतों में 5600 से अधिक कनैक्शन जारी किए जा चुके हैं
केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत किया गया अंतरिम बजट जनविरोधी बजट है – अभय सिंह चैटाला
बजट में न तो आम जनता को टैक्स में कोई राहत दी गई है, न किसानों की आय बढ़ाने की बात कही गई है, न छोटे व्यापारियों को कोई लाभ दिया गया है और न ही युवाओं को रोजगार देने की बात कही गई है
भाजपा सरकार के दस साल के कार्यकाल में देश में भुखमरी, कर्ज, बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार और काला धन बढ़ा है
चण्डीगढ़, 01 फरवरी, अभीतक:- इनेलो के प्रधान महासचिव एवं ऐलनाबाद के विधायक अभय सिंह चैटाला ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत किए गए अंतरिम बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बजट जनविरोधी बजट है और कुल मिलाकर बजट में कुछ नहीं है। बजट में न तो आम जनता को टैक्स में कोई राहत दी गई है, न किसानों की आय बढ़ाने की बात कही गई है, न छोटे व्यापारियों को कोई लाभ दिया गया है और न ही युवाओं को रोजगार देने की बात कही गई है। भाजपा सरकार पूरी तरह से अहंकार में डूबी हुई है और सिर्फ बड़े कॉरपोरेट घरानों को लाभ पहुंचा रही है। जबकि किसान, मजदूर, छोटा व्यापारी, कर्मचारियों समेत आम लोगों की अनदेखी कर रही है। अभय सिंह चैटाला ने कहा कि केंद्र में भाजपा सरकार को बने 10 साल हो गए हैं लेकिन आज तक 2 करोड़ प्रति वर्ष सरकारी नौकरी देने, महंगाई घटाने, पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर के रेट कम करने, काला धन वापिस लाने, भ्रष्टाचार खत्म करने, बुलेट ट्रेन चलाने, 100 स्मार्ट सिटी बनाने, किसानों की आय दोगुनी करने, सीमाओं की रक्षा करने जैसे मुद्दे भूल गए हैं। भाजपा सरकार देश में खुशहाली के झूठे दावे कर लोगों को भ्रमा रही है लेकिन उसके उलट आज सच्चाई यह है कि भुखमरी में भारत की हालत पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल से भी बदतर हो चुकी है, 2014 में देश पर कुल 55 लाख करोड़ रूपए का कर्ज था जो अब 205 लाख करोड़ रूपए हो गया है, बेरोजगारी दर जो 2014 में 3.40 प्रतिशत थी वो अब 8.1 प्रतिशत हो गई है, महंगाई चरम पर पहुंच गई है, डॉलर के मुकाबले रूपया अपने सबसे निचले स्तर पर आ गया है, प्रति व्यक्ति आय में बंगलादेश भी भारत से आगे निकल चुका है, चीन ने भारत की 2 हजार वर्ग कि.मी. जमीन पर कब्जा कर लिया है, पड़ोसी देशों से रिश्ते लगातार खराब होते जा रहे हैं, काला धन पिछले दस सालों में तीन गुणा बढ़ गया है।
