Haryana Abhitak News 09/01/26

मनरेगा में बदलाव दलित, पिछड़े, गरीबों व पंचायतों के अधिकारों पर कुठाराघात- हुड्डा
झज्जर, 09 जनवरी, अभीतक: मनरेगा में बदलाव करके बीजेपी सरकार ने दलित, पिछड़े, गरीबों, ग्रामीणों और पंचायतों के अधिकारों पर कुठाराघात किया है। ये कहना है पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा का। हुड्डा यहां पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर विधायक रघुबीर सिंह कादयान, गीता भुक्कल और कुलदीप वत्स समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। हुड्डा ने कहा कि बीजेपी सत्ता में आते मनरेगा को कमजोर करने में जुट गई थी। कांग्रेस द्वारा संसद में पूछे गए सवाल के जवाब से पता चला कि हरियाणा में 8 लाख से अधिक मनरेगा मजदूर पंजीकृत थे। लेकिन 2024-25 में सरकार ने सिर्फ 2100 परिवारों को ही 100 दिन का काम दिया। यानी इस योजना को हरियाणा में बीजेपी पहले ही खत्म कर चुकी थी। अब नाम बदलने के साथ-साथ इस योजना के अस्तित्व को ही मिटा दिया गया है। लेकिन कांग्रेस हर स्तर पर इसका विरोध करेगी और सरकार को यह जनविरोधी फैसला वापिस लेने के लिए मजबूर करेगी। मनरेगा मजदूरों के साथ कांग्रेस मजबूती से खड़ी है और पूरे देश में उनके रोजगार की रक्षा के लिए अभियान चला रही है। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस सरकार द्वारा लाई गई मनरेगा योजना महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज अभियान को आगे बढ़ाने वाली थी। इसमें मांग के आधार पर बजट का निर्धारण होता था। यानी इस कानून में बजट की कोई सीमा नहीं थी। तमाम राज्यों और जिलों, जितने लोग काम मांगते थे, उन्हें काम देना होता था। यह केंद्र सरकार की जिम्मेदारी थी कि उन तमाम मजदूरों के लिए बजट जारी करे। लेकिन अब उस बजट को भी केंद्र व राज्यों के बीच में इस तरह बांटा है कि उसका निर्धारण ही मुश्किल हो जाए। पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए हुड्डा ने एकबार फिर अपनी इसबात पर आपत्ति दर्ज करवाई कि एचपीएससी का चेयरमैन अन्य राज्य से बुलाकर नियुक्त किया गया है। वह प्रदेश की तमाम भर्तियों में गैर-हरियाणवियों को भर्ती कर रहा है। एक साजिश के तहत स्थानीय बेरोजगार युवाओं के हकों पर डाका डाला जा रहा है, जो नाकाबिले बर्दाश्त है।
नेता प्रतिपक्ष ने उदाहरण दिया कि किस तरह बीजेपी सरकार तमाम बड़ी भर्तियों में गैर-हरियाणवियों को भर्ती करता जा रहा है-
1) असिस्टेंट प्रोफेसर पोलिटिकल साइंस की भर्ती में 18 पदों में से 11 बाहर के सलेक्ट हुए।
2) एसडीओ इलेक्ट्रिकल 80 में से 78 बाहर के सलेक्ट हुए। (ये भर्ती विरोध के बाद रद्द करनी पड़ी थी)
3) लेकिन ये भर्ती फिर से हुई तो एसडीओ इलेक्ट्रिकल में 99 में से 77 बाहर के सलेक्ट हुए।
4) लेक्चरर ग्रुप-बी टेक्निकल एजुकेशन 157 में से 103 बाहर के सलेक्ट हुए।
5) भ्ब्ै मग 2017- तीन में से एक बाहर का सलेक्ट हुए।
6) भ्च्ैब् द्वारा हुई क्भ्व् (जिला हॉर्टिकल्चर ऑफिसर) की भर्ती में 16 में से 12 बाहर के सलेक्ट हुए।
7) भ्ब्ै म्ग् में 7 ठक्च्व् में से 4 बाहर के सलेक्ट हुए।
हुड्डा ने कहा कि हरियाणा बेरोजगारी के मामले में देश का नंबर वन राज्य बन गया है। इसके चलते अपराध भी लगातार बढ़ रहे हैं। खासकर संगठित अपराध इस हद तक बढ़ चुका है कि हत्या, डकैती, फिरौती, फायरिंग जैसी वारदातें आम हो चली हैं। आज हरियाणा में करीब 60 गैंग सक्रिय हैं। खुद केंद्र सरकार का सामाजिक प्रगति सूचकांक बताता है कि हरियाणा देश का सबसे असुरक्षित राज्य बन गया है।

38वीं सब-जूनियर सॉफ्टबॉल नेशनल चैंपियनशिप का भव्य शुभारंभ संस्कारम यूनिवर्सिटी, झज्जर हरियाणा में हुआ
सॉफ्टबॉल नेशनल चैंपियनशिप के उद्घाटन अवसर पर बोले ओम प्रकाश धनखड़ – एक सच्चा खिलाड़ी कभी हिम्मत नहीं हारता
खेल हमें संघर्ष करने की प्रेरणा देता है : धनखड़

झज्जर, 09 जनवरी, अभीतक: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सचिव ओम प्रकाश धनखड़ ने कहा है कि हार -जीत खेल का हिस्सा है, लेकिन असली खिलाड़ी प्रतियोगिता हारने के बाद भी हिम्मत नहीं हारता और वो तब तक खेलता है, जब तक कि जीत हासिल न हो जाए। धनखड़ शुक्रवार को 38वीं सब-जूनियर सॉफ्टबॉल नेशनल चैंपियनशिप के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। झज्जर में स्थित संस्कार यूनिवर्सिटी के खेल परिसर में आयोजित नेशनल चैंपियनशिप में 17 राज्यों की टीमें हिस्सा ले रही है। हरियाणा सॉफ्टबॉल एसोसिएशन के तत्वावधान में यह चैम्पियनशिप 12 जनवरी तक चलेगी। प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश के 17 राज्यों से लड़के एवं लड़कियों की कुल 34 टीमें भाग ले रही हैं, जिनमें केरल, आंध्र प्रदेश, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, गुजरात सहित अनेक राज्यों की टीमें शामिल हैं। ओम प्रकाश धनखड़ ने अपने संबोधन में कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि युवाओं के सर्वांगीण विकास, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव है। उन्होंने इस प्रकार की राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए हरियाणा सॉफ्टबॉल एसोसिएशन एवं संस्कार यूनिवर्सिटी को बधाई दी और खिलाड़ियों से खेल भावना के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का आह्वान किया। श्री धनखड़ ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साहवर्धन किया और कहा कि ऐसे मंच से ही भविष्य के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी निकलते हैं। उन्होंने कहा कि शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त युवा ही एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं, जिससे देश का भविष्य उज्ज्वल होता है। श्री धनखड़ ने कहा कि खेल हमारे जीवन का एक अभिन्न और महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। एक स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है, इसलिए मानसिक और बौद्धिक विकास के लिए शारीरिक रूप से फिट रहना अत्यंत आवश्यक है। खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाते हुए श्री धनखड़ ने कहा कि खेल में हार और जीत एक सिक्के के दो पहलू हैं। केवल जीतना ही खेल का एकमात्र उद्देश्य नहीं होना चाहिए, बल्कि सबसे महत्वपूर्ण बात खेल में निरंतरता बनाए रखना है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को अनुशासित रहकर निरंतर अभ्यास और प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में संस्कार यूनिवर्सिटी चांसलर, डॉ. महिपाल यादव, हरियाणा भाजपा के मीडिया प्रभारी अरविंद सैनी, डॉ. प्रवीण अलंकार, महासचिव सॉफ्टबॉल एसोसिएशन ऑफ इंडिया एवं श्री संतोष चैहान कोषाध्यक्ष उपस्थित रहे। साथ ही विभिन्न राज्यों से आए सॉफ्टबॉल संघों के प्रधान एवं सचिव भी समारोह में मौजूद रहे। आज दोपहर तक खेले गए मुकाबलों में खिलाड़ियों के बीच कड़े और रोमांचक संघर्ष देखने को मिले। लड़कियों के वर्ग में तेलंगाना ने गोवा को 10-0 से पराजित किया, जबकि महाराष्ट्र ने केरल को 1-0 से हराया। वहीं लड़कों के वर्ग में मध्य प्रदेश ने गुजरात को 1-0 से तथा जम्मू-कश्मीर ने दिल्ली को 4-3 से शिकस्त दी। इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय सॉफ्टबॉल खिलाड़ी चिराग सांगवान को मुख्य अतिथि ओम प्रकाश धनखड़ द्वारा उनकी उत्कृष्ट खेल उपलब्धियों एवं देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करने के लिए सम्मानित किया गया जिससे उपस्थित खिलाड़ियों में विशेष उत्साह और प्रेरणा देखने को मिली। कार्यक्रम में हरियाणा सॉफ्टबॉल एसोसिएशन के महासचिव सतवीर सैनी एवं प्रधान जोगेंद्र सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और सफल आयोजन के लिए आयोजक टीम, तकनीकी अधिकारियों एवं खिलाड़ियों का आभार व्यक्त किया। इस दौरान सुभाष सिंह, रोहित सैनी, धीरज कुमार, जोगिंदर आर्य, विनोद वर्मा, कुलदीप सिंह, मनमोहन सिंह सहित बड़ी संख्या में खेल प्रेमी एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।

झज्जर विधानसभा क्षेत्र के गाँव मारौत में पहुंचे नेता प्रतिपक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा
झज्जर, 09 जनवरी, अभीतक: शुक्रवार को श्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, नेता प्रतिपक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री के साथ श्रीमती गीता भुक्कल विधायक व पूर्व शिक्षा मंत्री ने ’गाँव मारौत’ में ’हरियाण स्टाईल कबड्डी चैम्पियनशिप’ में भाग लिया। इस मौके पर ’डॉ रघुबीर कादयान विधायक व पूर्व स्पीकर, श्री कुलदीप वत्स विधायक, नेतागण, पदाधिकारीगण व समस्त ग्रामवासी मौजूद रहे।
झज्जर स्थित लघु सचिवालय के सभागार में समाधान शिविर की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते उपायुक्त स्वप्निल रविन्द्र पाटिल।

जन समस्याओं का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करें अधिकारी: डीसी
समाधान शिविर की साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित, समयबद्ध समाधान के निर्देश

झज्जर, 09 जनवरी, अभीतक: उपायुक्त स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने कहा कि समाधान शिविर जनता की समस्याओं के त्वरित एवं संतोषजनक निवारण के लिए सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा शिकायतकर्ता की संतुष्टि को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। वे शुक्रवार को लघु सचिवालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित साप्ताहिक समाधान शिविर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में डीसीपी लोगेश कुमार पी उपस्थित रहे। डीसी ने विभागवार प्राप्त शिकायतों की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों से मौके पर ही प्रगति की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायत के समाधान के उपरांत एटीआर (एक्शन टेकन रिपोर्ट) बिना विलंब संबंधित पोर्टलध्कार्यालय को भेजी जाए। डीसी ने कहा कि समाधान शिविर का मूल उद्देश्य जनता की समस्याओं का शीघ्र, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण समाधान है, जिसे प्रत्येक अधिकारी अपनी जिम्मेदारी समझकर पूरा करे।
यह अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर एसडीएम झज्जर आईएएस अंकित कुमार चैकसे, सीईओ जिला परिषद मनीष कुमार फौगाट, सीटीएम नमिता कुमारी, एसीपी सुरेंद्र कुमार, डीआरओ मनबीर सांगवान, डीडीपीओ निशा तंवर, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी सुमित कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

लघु सचिवालय सभागार में पत्रकार सम्मेलन को संबोधित करते हुए डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल।

जिला झज्जर के चहुंमुखी विकास के लिए शासन-प्रशासन सजग: डीसी
झज्जर शहर में दीवारों पर पेंटिंग से दिया जा रहा स्वच्छता का संदेश
बहादुरगढ़ में रेडक्रॉस सोसायटी की जमीन पर वृद्धाश्रम और महिला हॉस्टल बनाने की योजना
उपायुक्त स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने पत्रकारों से बातचीत में दी जानकारी

झज्जर, 09 जनवरी, अभीतक: उपायुक्त स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने कहा कि जिला के चहुंमुखी विकास को लेकर शासन प्रशासन सजगता के साथ कार्य कर रहा है। आमजन को सरकार की योजनाओं का तत्परता से लाभ मिले,इसके लिए शासन प्रशासन पूरी तरह सजग है। उन्होंने कहा कि शहरों में सीसीटीवी को लेकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी,जिसके लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं। डीसी शुक्रवार को लघु सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इस अवसर पर उनके साथ पुलिस उपायुक्त लोगेश कुमार पी भी उपस्थित थे। डीसी ने कहा कि शहरों के सौंदर्यीकरण की बात हो या फिर खेल स्टेडियमों के जीर्णोद्वार का विषय हो,सभी विभागों के सहयोग से विकास कार्यों को तेज गति से आगे बढाया जा रहा है। उनकी कोशिश है कि जनसहयोग से शहर स्वच्छ व सुंदर बनें। शहर में आने वाले नागरिक को सुखद अहसास हो। उन्होंने कहा कि झज्जर शहर में गलियों के पुर्ननिर्माण ,चैराहों का सौंदर्यकरण को लेकर शहरी स्थानीय विभाग द्वारा प्रभावी रूप से कार्य किया जा रहा है। शहर की विरान दीवारों को देश भक्ति व स्वच्छ भारत मिशन से जुड़ी पेंटिंग से सजाया जा रहा है। आवारा पशुओं की स्थिति पर चर्चा करते डीसी ने कहा कि खुले में घूम रहे पशुओं की समस्या के स्थाई समाधान को लेकर गौशाला प्रबंधकों से बातचीत की जाएगी। उन्होंने मत्स्य पालन पर जोर देते हुए कहा कि झज्जर जिला देश की राजधानी दिल्ली से सटा हुआ है,ऐसे में मछली की डिमांड बढ़ने से यहां मछली पालन की संभावनाएं हैं। जलभराव क्षेत्रों में मत्स्य पालन के लिए प्रभावी योजना बनाकर मूर्त रूप दिया जाएगा। डीसी ने कहा कि जिला के सभी खेल स्टेडियमों का अधिकारियों द्वारा निरीक्षण कर सुविधाओं की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिला में खेल स्टेडियमों में बेहतर सुविधाएं देना ही प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि बहादुरगढ़ में रेड क्रॉस की लगभग छः एकड़ की जमीन है, जिस पर वृद्धाश्रम और वर्किंग महिलाओं के लिए हॉस्टल बनाने की योजना है। इस अवसर पर एसडीएम झज्जर अंकित कुमार चैकसे आईएएस, एसडीएम बादली डाॅ रमन गुप्ता, सीटीएम नमिता कुमारी, डीआईपीआरओ सतीश कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

झज्जर में शुक्रवार को आयोजित अधिकारियों की बैठक में मत्स्य विभाग से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा करते हुए डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल

झज्जर जिला में मछली पालन की अपार संभावनाएं: डीसी
डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने अधिकारियों की बैठक में लो लाइन एरिया में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के दिए निर्देश

झज्जर, 09 जनवरी, अभीतक: उपायुक्त स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने जिला में लो लाइन एरिया में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मत्स्य विभाग को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में ऐसी भूमि, जहां जलभराव की स्थिति बनी रहती है, वहां मत्स्य पालन की अपार संभावनाएं हैं और इससे किसानों की आय में वृद्धि की जा सकती है। इस बीच जिला मत्स्य अधिकारी अमित सिंह ने डीसी को विभागीय योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिला में 1255 हेक्टेयर क्षेत्र में मत्स्य पालन हो रहा है। जिला में कुल 566 तालाब हैं।उन्होंने जिले में मत्स्य पालन की वर्तमान स्थिति, संभावित क्षेत्रों और संचालित योजनाओं की प्रगति से उपायुक्त को अवगत कराया। बैठक में बहादुरगढ़ के एसडीएम अभिनव सिवाच आईएएस वीसी से जुड़े। डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने मत्स्य विभाग से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा करते हुए मत्स्य पालन में झज्जर प्रदेश भर में दूसरे स्थान पर है। राजधानी से सटा होने के कारण झज्जर में मछली पालन का व्यवसाय बढ़ाने की दिशा में धरातल पर प्रयास किये जाएं। उन्होंने कहा कि किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ मछली पालन के लिए प्रोत्साहित किया जाए, ताकि वे अतिरिक्त आय अर्जित कर सकें। इसके लिए मत्स्य विभाग किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराए। उन्होंने निर्देश दिए कि विभागीय योजनाओं की जानकारी किसानों तक पहुंचाने के लिए गांव-स्तर पर जागरूकता कैंप लगाए जाएं। इन कैंपों के माध्यम से मछली पालन से जुड़ी सब्सिडी, बीज, चारा, तालाब निर्माण, आधुनिक तकनीक और मार्केटिंग से संबंधित जानकारी दी जाए, ताकि अधिक से अधिक किसान इस व्यवसाय से जुड़ सकें। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों से प्रस्ताव पास कराते हुए जलभराव भूमि पर मत्स्य पालन को बढ़ावा दिया जाए। उपायुक्त ने कहा कि मत्स्य पालन रोजगार सृजन का एक सशक्त माध्यम है और इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और लाभार्थियों के चयन में पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश भी दिए। डीसी ने कहा कि भविष्य में भी इस दिशा में नियमित समीक्षा कर प्रगति सुनिश्चित की जाएगी। इस अवसर पर एसडीएम झज्जर आईएएस अंकित कुमार चैकसे, एसडीएम बादली डॉ रमन गुप्ता, सीटीएम नमिता कुमारी, सीएमजीजीए खुशी कौशल, डीडीपीओ निशा तंवर, मत्स्य अधिकारी मंजू बाल व अंजू रानी, सभी बीडीपीओ सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

वीर परिवार योजना के तहत 11 जनवरी को लगेंगे कानूनी जागरूकता शिविर
झज्जर, 09 जनवरी, अभीतक: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा वीर परिवार योजना के अंतर्गत मानव तस्करी की रोकथाम को लेकर 11 जनवरी को जिला के 7 गांवों में कानूनी जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जााएगा। वीर परिवार योजना के अंतर्गत आयोजित होने वाले कैंपों में पैरा लीगल वालंटियर ग्रामीणों को कानूनी जानकारी प्रदान करेंगे। यह जानकारी सीजेएम एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव विशाल ने शुक्रवार को यहां दी। सीजेएम विशाल ने बताया कि 11 जनवरी को गांव खैरपुर में आयोजित कानूनी जागरूकता शिविर में पीएलवी शिवधन, गांव लडरावण में सरोज देवी, गांव दहकौरा में पीएलवी नवीन कुमारी व गांव शाहपुर में पीएलवी बबीता द्वारा ग्रामीणों को कानूनी जानकारी प्रदान की जाएगी। इसी प्रकार गांव फतेहपुर में पीएलवी रोशनी, गांव नौरंगपुर में नीता देवी और गांव खोरड़ा में आयोजित होने वाले कैंप में पीएलवी प्रेमवती द्वारा काूननी जानकारी प्रदान की जाएगी।

गौसेवा सामाजिक समरसता की सशक्त मिसाल: उपायुक्त
झज्जर, 09 जनवरी, अभीतक: उपायुक्त स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने कहा कि गौसेवा भारतीय संस्कृति की आत्मा है तथा गौशालाएं केवल पशु संरक्षण का केंद्र ही नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, सेवा भाव और मानवीय मूल्यों की सशक्त मिसाल भी हैं। उपायुक्त यह बात श्री राम कृष्ण गौशाला, खेड़का गुज्जर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि गौशालाओं के माध्यम से समाज में सेवा, करुणा और सहयोग की भावना सुदृढ़ होती है। समाज के प्रत्येक वर्ग को गौसेवा एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता निभानी चाहिए। उपायुक्त ने गौशाला प्रबंधन समिति द्वारा गौशाला के विकास एवं सुचारू संचालन के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संस्थान ग्रामीण परिवेश में सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के दौरान गौशाला प्रबंधन समिति द्वारा भविष्य की योजनाओं की जानकारी भी साझा की गई। इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने गौसेवा से जुड़े कार्यों में निरंतर सहयोग का आश्वासन दिया। भाजपा के राष्ट्रीय सचिव औमप्रकाश धनखड़ को भी गोशाला कार्यक्रम में शामिल होना था। दिल्ली में आवश्यक बैठक के कारण रास्ते से ही वापस जाना पड़ा। उन्होंने अपने प्रतिनिधि के तौर पर नरेंद्र जाखड़ को भेजा और अपनी नेक कमाई से 11 हजार रुपए दान दिए, और प्रशासन से पचास लाख रुपए की लागत से होने वाले कार्यों की मंजूरी दिलवाई। यह नप द्वारा करवाया जाएगा। कार्यक्रम में नगर परिषद चेयरपर्सन बहादुरगढ़ सरोज राठी, भाजपा के राष्ट्रीय सचिव औमप्रकाश धनखड़ के निजी सचिव नरेंद्र जाखड़, गौशाला प्रबंधन समिति के प्रधान सतपाल देशवाल, अमर प्रधान वेद प्रधान, प्रदीप पहलवान, लक्ष्मण शास्त्री, सुनील प्रधान (खेड़का), मंखराम, प्रेम साहब, कृष्ण गुभाना, इओ अरुण नांदल बहादुरगढ़, पंचायती प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

छोटूराम का जीवन और विचार आज भी किसानों व मजदूरों के लिए प्रेरणा का स्रोत
झज्जर, 09 जनवरी, अभीतक: चैधरी छोटूराम किसान और मजदूर वर्ग के सच्चे मसीहा थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन शोषित, वंचित और मेहनतकश लोगों के अधिकारों की रक्षा में समर्पित किया। वे मानते थे कि किसान और मजदूर मजबूत होंगे, तभी देश मजबूत बनेगा। ब्रिटिश शासन के समय उन्होंने किसानों को साहूकारों के चंगुल से मुक्त कराने के लिए कई ऐतिहासिक कानून बनवाए, जिनमें कर्ज राहत और भूमि संरक्षण जैसे कदम प्रमुख रहे। उनकी नीतियों से किसान को आत्मसम्मान, सुरक्षा और न्याय मिला। चैधरी छोटूराम केवल एक नेता नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय के प्रतीक थे। आज उनकी पुण्य तिथि पर छोटूराम धर्मशाला में उनकी प्रतिमा पर पुष्पार्पण कर उन्हें नमन किया गया। इस अवसर पर चैधरी मेहर सिंह जाखड़, कैप्टन सतबीर बड़क, सेवादल अध्यक्ष रमेश जाखड़, मुख्य अध्यापक राजबीर राहड़, महेश कुमार सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। चैधरी छोटूराम का जीवन और विचार आज भी किसानों व मजदूरों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

रेवाड़ी में गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियों को लेकर अधिकारियों की बैठक लेते डीसी अभिषेक मीणा।

गणतंत्र दिवस पर गरिमामयी ढंग से मनाया जाएगा जिला स्तरीय समारोह: डीसी
डीसी अभिषेक मीणा ने गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियों को लेकर अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा निर्देश
पुलिस लाइन प्रांगण में मनेगा जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह

रेवाड़ी, 09 जनवरी, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी गणतंत्र दिवस समारोह, 26 जनवरी को जिला मुख्यालय पर पुलिस लाइन प्रांगण में देशभक्ति से सराबोर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ गरिमामयी ढंग से मनाया जाएगा। गणतंत्र दिवस समारोह में ध्वज फहराया जाएगा व मार्च पास्ट का निरीक्षण करते हुए परेड की सलामी ली जाएगी जिसके लिए सभी संबंधित विभाग तैयारियों में जुट जाएं। डीसी शुक्रवार को लघु सचिवालय सभागार में जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियों के संबंध में अधिकारियों के साथ बैठक ले रहे थे। डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि जिला मुख्यालय सहित उपमंडल कोसली व बावल में भी गणतंत्र दिवस समारोह गरिमामयी ढंग से मनाया जाएगा। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे परेड, मार्च पास्ट और सांस्कृतिक कार्यक्रम की तैयारियों पर विशेष ध्यान दें ताकि मनोहारी व देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति प्रभावी रूप से दी जा सके। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग गणतंत्र दिवस पर निकाली जाने वाली झांकियों की तैयारियां भी समय रहते पूर्ण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि गणतंत्र दिवस समारोह की फुल ड्रेस रिहर्सल 24 जनवरी को पुलिस लाइन रेवाड़ी में आयोजित की जाएगी। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को समारोह स्थल की स्वच्छता, स्वागत गेट, आसपास की सडकों की मरम्मत, स्टेज प्रबंधन, मार्च पास्ट, सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर सराहनीय कार्य करने वाले प्रशासनिक अधिकारियों व कर्मचारियों को सम्मानित भी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर मुख्यातिथि द्वारा बावल रोड स्थित शहीद स्मारक पर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने उपरांत पुलिस लाइन मैदान में समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराते हुए शुभ संदेश पढ़ा जाएगा। बैठक में पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र मीणा, एडीसी राहुल मोदी, डीएमसी ब्रह्म प्रकाश, एसडीएम रेवाड़ी सुरेश कुमार व सीटीएम जितेंद्र कुमार सहित अन्य विभागाध्यक्ष मौजूद रहे।

अधिकारी लंबित शिकायतों का शीघ्र करें निपटान: डीसी
डीसी अभिषेक मीणा ने की समाधान शिविर में आई शिकायतों की समीक्षा

रेवाड़ी, 09 जनवरी, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा ने कहा है कि किसी विभाग में दो माह से अधिक समय तक कोई शिकायत लंबित न रहे, शिकायतों पर तुरंत संज्ञान लेते हुए कार्रवाई सुनिश्चित करें और नागरिकों की जन शिकायतों का शीघ्र समाधान करें। डीसी अभिषेक मीणा शुक्रवार को लघु सचिवालय सभागार में समाधान शिविर में आई शिकायतों की समीक्षा कर रहे थे। बैठक से पहले आयुक्त एवं सचिव शेखर विद्यार्थी ने वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से प्रदेश के सभी उपायुक्त के साथ समाधान प्रकोष्ठ में आई शिकायतों की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। डीसी ने कहा कि आमजन की शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी समाधान कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आमजन की शिकायतों को नजरअंदाज करना किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। अधिकारी आमजन की शिकायतों के निवारण की दिशा में तत्परता से कार्रवाई कर उन्हें राहत पहुंचाई जाएं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार की ओर से जिला और उपमंडल स्तर पर लगाए जा रहे समाधान शिविर आमजन की शिकायतों के समाधान का सशक्त माध्यम बन रहे हैं। समाधान शिविर के साथ ही जनसेवा के लिए सरकार के ऑनलाइन पोर्टल का उद्देश्य जनता और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है और लोगों को उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान मुहैया करवाना है। सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए प्रत्येक शुक्रवार को प्रदेश स्तर पर समीक्षात्मक बैठक वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से ली जा रही है और निवारण की प्रगति रिपोर्ट लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए जाते है। उन्होंने कहा कि सभी विभागाध्यक्ष शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए नियमित निगरानी और त्वरित कार्रवाई करना सुनिश्चित करें। डीसी ने बताया कि मुख्यमंत्री आमजन से जुड़ी योजनाओं व सेवारत पोर्टल की स्वयं मॉनिटरिंग करते हैं, ऐसे में सभी विभागाध्यक्ष अपने विभाग से संबंधित शिकायतों को उक्त पोर्टल पर समाधान सुनिश्चित करने में सक्रियता बरतें। बैठक में एडीसी राहुल मोदी, डीएमसी ब्रह्म प्रकाश, एसडीएम रेवाड़ी सुरेश कुमार व सीटीएम जितेंद्र कुमार सहित सभी विभागाध्यक्ष मौजूद रहे।

खर्च लेखा न देने पर जिला परिषद का चुनाव लड़ने वाले 29 उम्मीदवारों को किया अयोग्य घोषित
जिला निर्वाचन अधिकारी पं. एवं डीसी अभिषेक मीणा ने दिए आदेश

रेवाड़ी, 09 जनवरी, अभीतक: उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी पंचायत अभिषेक मीणा ने हरियाणा राज्य निर्वाचन आयोग पंचकूला की हिदायत अनुसार प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला के 29 जिला परिषद का चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को चुनाव खर्च रजिस्टर जमा न करवाने के कारण आगामी 5 वर्ष के लिए अयोग्य घोषित किया है। जिला निर्वाचन अधिकारी पंचायत अभिषेक मीणा ने जारी आदेश में बताया कि हिदायत अनुसार चुनाव खर्च लेखा रजिस्टर चुनाव परिणाम जारी होने के एक माह के अन्दर अन्दर जमा करवाना था। उन्होंने बताया कि जिला परिषद के चुनाव लड़ने वाले कुल 133 उम्मीदवारों में से 48 उम्मीदवारों द्वारा पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव 2022 के दौरान जिला परिषद का चुनाव लड़ा था लेकिन उनके द्वारा चुनाव खर्च लेखा रजिस्टर अभी तक जमा नहीं करवाया है। जिन 48 उम्मीदवारों ने चुनाव खर्च लेखा जमा नहीं करवाया उनको 06 अक्टूबर 2025 को निजी सुनवाई का अवसर प्रदान किया गया था। निजी सुनवाई के दौरान 10 जिला परिषद उम्मीदवार उपस्थित हुए। निजी सुनवाई के दौरान उम्मीदवारों को 15 दिन के अन्दर-अन्दर चुनाव खर्च लेखा जमा करवाने के निर्देश दिये गए थे तथा दूरभाष पर भी 48 जिला परिषद उम्मीदवारों को चुनाव खर्च लेखा जमा करवाने बारे भी सूचना दी गई। इसके उपरांत 28 नवंबर 2025 को पुनरू निजी सुनवाई का अवसर प्रदान करते हुए पुनरू 15 दिन के अन्दर अन्दर चुनाव खर्च लेखा जमा करवाने के लिए अंतिम अवसर दिया गया था। उन्होंने बताया कि 29 जिला परिषद उम्मीदवारों द्वारा अपना चुनाव खर्च रजिस्टर अभी तक जमा नहीं करवाया, न ही निजी सुनवाई के दौरान उपस्थित हुए तथा न ही इस सम्बन्ध में कोई दस्तावेज इस कार्यालय में जमा करवाएं। डीसी ने जारी आदेश में वार्ड नं0-1 के सुरेन्द्र कुमार पुत्र मोहर सिंह निवासी बव्वा, वार्ड नंबर-1 के चन्द्रदीप पुत्र सत्यपाल निवासी खुर्शीदनगर, वार्ड नंबर-1 के अजीत पुत्र सत्यपाल निवासी झौलरी, वार्ड नंबर-3 के प्रेम कुमार पुत्र शिवकुमार निवासी कोसली, वार्ड नंबर-4 सुनील कुमार पुत्र हरिराम निवासी गुरावडा, वार्ड नंबर-5 मन्जुबाला पत्नी कपिल मुनी निवासी बाबडोली, वार्ड नंबर-5 उर्मिला पुत्र कुलजीत सिंह निवासी चैकी नं0 2, वार्ड नंबर-5 मीना पत्नी तपेश्वर निवासी बेरली कला, वार्ड नंबर-5 जया यादव पत्नी देवेन्द्र निवासी बिहारीपुर, वार्ड नंबर-6 अनिल कुमार पुत्र सत्यपाल सिंह निवासी डहीना, वार्ड नंबर-6 सुरेश पुत्र रामनिवास निवासी गोठडा टप्पा डहीना, वार्ड नंबर-8 संदीप कुमार पुत्र वेद प्रकाश निवासी ढाणी कोलाना, वार्ड नंबर-8 राजबीर पुत्र महेन्द्र सिंह निवासी अहरोध, वार्ड नंबर-8 गोपीराम पुत्र रामपत निवासी खोल, वार्ड नंबर-8 विराट पुत्र छोटेलाल निवासी ढाणी शोभा, वार्ड नंबर-10 लक्ष्मीबाई पत्नी रणधीर सिंह निवासी लिसाना, वार्ड नंबर-13 अनिरुध मातादीन निवासी नन्दरामपुर बांस, वार्ड नंबर-13 राजेश कुमार पुत्र शादीराम निवासी रसगण, वार्ड नंबर-14 राजेन्द्र प्रसाद पुत्र हरनारायण सिंह निवासी राजपुरा इस्तमुरार, वार्ड नंबर-14 कृष्ण कुमार पुत्र विनोद कुमार निवासी खोरी, वार्ड नंबर-14 दयानन्द पुत्र सुमेर सिंह निवासी धामलावास, वार्ड नंबर-14 देवेन्द्र सिंह पुत्र विजय सिंह निवासी बधराना, वार्ड नंबर-15 मन्जुबाला पत्नी नरेश कुमार निवासी मसानी, वार्ड नंबर-15 रेणू पत्नी राजकुमार निवासी गोलियाकी, वार्ड नंबर-15 कोमल पत्नी रोहताश निवासी नंगली गोधा, वार्ड नंबर-16 मन्जु पत्नी महेन्द्र सिंह निवासी मुकन्दपुर बंसई, वार्ड नंबर-17 अजय कुमार पुत्र सुमेर सिंह निवासी रामसिहपुरा, वार्ड नंबर-17 विरेन्द्र सिंह, फूल सिंह निवासी शाहपुर, वार्ड नंबर-18 की सुदेश देवी पत्नी नरेन्द्र कुमार निवासी झाबुआ को चुनाव खर्च रजिस्टर जमा न करवाने के कारण आगामी 5 वर्ष के लिए अयोग्य घोषित किया जाता है।

प्रधानमंत्री सूर्य मुफ्त बिजली घर योजना के लाभार्थियों को सब्सिडी के चेक वितरित करते हुए विधायक डाॅ. कृष्ण कुमार।
लोक निर्माण विश्राम गृह बावल में अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा बैठक करते विधायक डा. कृष्ण कुमार।

प्रधानमंत्री सूर्य मुफ्त बिजली घर योजना का लाभ उठाएं आमजन: डाॅ. कृष्ण कुमार
विधायक डा. कृष्ण कुमार ने भाड़ावास में बिजली और जनता दरबार में सुनी जनसमस्याएं
योजना के लाभ पात्रों को सब्सिडी के चेक किए वितरित

रेवाड़ी, 09 जनवरी, अभीतक: बावल के विधायक डा. कृष्ण कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य मुफ्त बिजली घर योजना केंद्र सरकार की जनहितैषी पहल है। इस योजना का उद्देश्य देशभर में अधिक से अधिक घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाकर मुफ्त में बिजली प्रदान करना है। योजना के तहत बावल के सभी गांवों में सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं। आमजन को योजना का लाभ उठाते हुए अपने घरों की छतों पर सोलर पैनल लगवाने के लिए आवेदन करें। विधायक डा. कृष्ण कुमार ने शुक्रवार को भाड़ावास में बिजली और जनता दरबार लगाकर जनसुनवाई करने के साथ-साथ योजना के लाभार्थियों को सब्सिडी के चेक वितरित भी किए। दक्षिणी हरियाणा बिजली वितरण निगम की ओर से आयोजित कार्यक्रम में पहुंचने पर अधिकारियों और ग्रामीणों द्वारा विधायक का भव्य स्वागत एवं अभिवादन किया गया। विधायक डा. कृष्ण कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू करवाई गई प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना महत्वाकांक्षी योजना है। योजना के तहत बीपीएल श्रेणी के उपभोक्ता, जिनकी वार्षिक आय 1.80 लाख रुपए तक है, उन्हें 2 किलोवाट तक के सोलर कनेक्शन पर केंद्र सरकार द्वारा 60,000 रुपए की सब्सिडी उपलब्ध करवाई जा रही है। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी द्वारा भी इस योजना का लाभ हर जरूरतमंद परिवार को देन के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा भी 50,000 रुपए की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। इस प्रकार कुल 1,10,000 रुपए तक की सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। विधायक ने बताया कि इसके अतिरिक्त, जिन उपभोक्ताओं की वार्षिक आय 1.80 लाख से 3.00 लाख रुपए तक है, उन्हें केंद्र सरकार द्वारा 60,000 तथा राज्य सरकार द्वारा 20,000 रुपए की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। इस प्रकार इन उपभोक्ताओं को कुल 80,000 रुपए तक की सब्सिडी दी जा रही है। अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं को 2 किलोवाट तक के सोलर कनेक्शन पर केंद्र सरकार द्वारा 60,000 रुपए की सब्सिडी दी जा रही है, जबकि 3 किलोवाट अथवा उससे अधिक क्षमता के सोलर कनेक्शन पर 78,000 रुपए तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। उन्होंने बताया कि बावल विधानसभा क्षेत्र में कुल 1469 उपभोक्ताओं द्वारा सोलर कनेक्शन के लिए आवेदन किए गए हैं, जिनमें से 640 से अधिक उपभोक्ताओं के सोलर कनेक्शन चालू किए जा चुके हैं। इनमें से 590 उपभोक्ताओं को केंद्र सरकार की सब्सिडी तथा 110 से अधिक उपभोक्ताओं को राज्य सरकार की सब्सिडी प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने अधिक से अधिक संख्या में परिवारों को योजना का लाभ उठाने का आह्वान किया।
बावल विधानसभा क्षेत्र में विद्युत संबंधी चल रहे विकास कार्य
विधायक डा. कृष्ण कुमार ने बताया कि ग्रामीणों की मांग को देखते हुए पावर हाउस भाड़ावास में 6.3 केवीए ट्रांसफार्मर को बढ़ाकर 12.5 केवीए किया जा रहा है। वहीं गांव भांडोर में एक नया पावर हाउस स्थापित किया जा रहा है, जिसे आगामी 15 दिनों के भीतर चालू किया जाएगा। इसके चालू होने से आसपास के लगभग 20 गांवों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध होगी। उन्होंने बताया कि गांव मनेठी, रणसिंह माजरा व गिधावास में करीब 20 करोड़ रुपए की लागत से नए पावर हाउस निर्माण के लिए स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। बावल सब-डिवीजन एवं डिवीजन कार्यालय के लिए नई भवन निर्माण परियोजना का कार्य भी प्रारंभ कर दिया गया है।
आमजन की समस्याओं का मौके पर कराया समाधान
भाड़ावास में आयोजित बिजली दरबार में विधायक डाॅ. कृष्ण कुमार ने आसपास के गांवों से आए ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनी। विधायक के जन सुनवाई करते हुए अधिकारियों को निर्देश देते हुए मौके पर ही निवारण करवाया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन की शिकायतों का समाधान प्राथमिकता से करवाया जाए। उन्हें अपनी समस्याओं के निवारण के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़े। इस अवसर पर काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
विकास कार्यों को लेकर अधिकारियों की ली बैठक
बावल स्थित लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में विकास कार्यों को लेकर शुक्रवार को बावल के विधायक डॉ.कृष्ण कुमार की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। बैठक में विभागीय अधिकारियों ने विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के कुशल नेतृत्व और केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के कुशल मार्गदर्शन में बावल क्षेत्र में विकास कार्यों की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। बावल के विकास कार्यों को तीव्रता के साथ पूरा करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार में स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह की अगुवाई में बावल क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होने से क्षेत्र में आमजन को सभी स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने लगी हैं। विधायक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विकास कार्यों को तय सीमा में पूरा करवाएं ताकि सरकार की योजनाओं को अमलीजामा पहनाया जाए।

विकसित भारत 2047 के विजन को साकार करने में शिक्षकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका: डीसी
आज के विद्यार्थी विकसित भारत में होंगे मुख्य कड़ी
राजकीय मॉडल संस्कृति विद्यालय जलियावास में कार्यक्रम का आयोजन

रेवाड़ी, 09 जनवरी, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के विजन को पूरा करने में शिक्षकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। शिक्षकों द्वारा निपुण बनाए गए विद्यार्थी विकसित भारत में मुख्य कड़ी का कार्य करेंगे। डीसी ने शुक्रवार को राजकीय मॉडल संस्कृति विद्यालय जलियावास में विशेष कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत कर विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में डीसी ने मृदुल आश्रय सामाजिक संस्था द्वारा विद्यार्थियों के लिए ट्रेकसूट और किताबों का वितरण करने के साथ शिक्षा विभाग द्वारा निपुण हरियाणा के तहत शिक्षकों के लिए आयोजित की जा रही ट्रेनिंग का भी निरीक्षण किया। डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा शिक्षा में गुणवत्ता लाने के उद्देश्य से निपुण हरियाणा के तहत शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाता है, ताकि वे और बेहतर ढंग से बच्चों शिक्षा देते हुए उन्हें मुख्यधारा से जोड़े। निपुण हरियाणा मिशन के तहत कक्षा तीसरी तक के विद्यार्थियों को मूलभूत साक्षरता और संख्या ज्ञान करने के लिए शुरू किया गया है। इसके तहत शिक्षकों को एफएनएल ट्रेनिंग दी जाती है। उन्होंने प्रशिक्षण ले रहे शिक्षकों से आह्वान किया वे अच्छे से प्रशिक्षण लेकर विद्यार्थियों को सहजता के साथ ज्ञान अर्जित करें। डीसी ने मृदुल आश्रय सामाजिक संस्था की भी सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था राजकीय विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए हमेशा अग्रणी भूमिका में रहती है। विद्यार्थियों का किसी न किसी रूप में सहयोग करती रहती है। इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा मलखंभ सहित की गई अन्य गतिविधियों की भी सराहना करते हुए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर मृदुल आश्रय संस्था से देवेंद्र रुस्तोगी, जिला कोऑर्डिनेटर चरण सिंह, विद्यालय इंचार्ज राजेश भारद्वाज, सेवानिवृत्त प्राचार्य राजीव रुस्तोगी, सेवानिवृत्त हेडमास्टर जयसिंह आदि मौजूद रहे।

माजरा में अनुपचारित पेयजल आपूर्ति से जनजीवन खतरे में
झज्जर, 09 जनवरी, अभीतक: झज्जर जिले का 10000 से ऊपर की आबादी का माजरा गांव अनुपचारित पेयजल आपूर्ति का सबसे जीवंत उदाहरण बन गया है। वैसे कागजों में पेयजल व्यवस्था के अपडेटीकरण और सुधारीकरण हेतु 5-6 वर्षों से कार्य चलाने का ढिंढोरा पीटा जा रहा है। परंतु जनस्वास्थ्य विभाग की तकनीकी अनियमितताओं से यह परियोजना कामयाबी की बजाय बदहाली की ओर पहुंच गई है। इस गांव में अभी 70 प्रतिशत से अधिक घरों में निजी पेयजल सप्लायरों के प्राइवेट कनेक्शन है, जिससे लोग पानी खरीद कर पी रहे हैं। पेयजल आपूर्ति का प्राइवेट धंधा विभाग की देखरेख में बड़े सुनियोजित ढंग से चल रहा है। जबकि जन स्वास्थ्य विभाग की वाटर सप्लाई तो सप्ताह में दो बार ही आती है जबकि बीमान पाने और देसी वाला कॉलोनी में तो पेयजल आए लंबा अरसा बीत चुका है। गांव में करोड़ों रुपए खर्च होने के बाद भी लोगों को अनुपचारित पेयजल मिल रहा है।जहां तक माजरा के वाटर वर्क्स का सवाल है इसके एसएस टैंक, हाई लेवल टैंक, स्टोरेज टैंक और फिल्टर मीडिया की हालत बहुत ही दयनीय है। यहां तक कि एसएस टैंकों की क्षमता इतनी थोड़ी है कि लोहारू केनाल के बंद होने के 5-6 दिन बाद ही एसएस टैंक खाली हो जाते हैं और वाटर वर्क्स के अंदर लगे ट्यूबवेल का अनुपचारित जल सप्ताह में एकाध बार भेज दिया जाता है।एक एस एस टेंक 1968 का बना हुआ है जो जर्जर होकर के सड़े हुए तालाब से भी बदतर हो गया है। दूसरे से टैंक में सफाई की औपचारिकता के बाद भी नीचे गाद छोड़ दी गई तथा वही जल गांव में सप्लाई किया जा रहा है। वाटर वर्क्स और लोहारू कैनाल पर पंपिंग सीटों की मोटरों की क्षमता भी बिल्कुल कम है तथा बिजली की सोलर व्यवस्था में होने के कारण आपूर्ति भी यहां संतोषजनक नहीं रहती।पाईप लाईन बिछाने के काम में बहुत ही तकनीकी अनियमिताएं बढरती गई है। बहुत से मोहल्लों में पानी ही नहीं पंहुचता। प्रभावशाली लोगों ने विभाग के साए में अवैध कनेक्शन कर रखे हैं जिससे बीमान पाने और कंधावाली के बूस्टर में पानी ही नहीं पंहुचता। माजरा (बीमान) पंचायत के लिए नया वाटर वर्क्स का की ग्रांट आ चुकी है परंतु पूरा साल बीत जाने के बाद भी धरातल पर कोई कार्य नहीं हुआ है। अब लोगों ने फिर निजी पेयजल सप्लायरों की शरण में जाकर संतोष करना पड़ रहा है। माजरा (दूबलधन) के पेयजल आपूर्ति का मामला अखबारों की सुर्खियों में छाया रह चुका है तथा 30 जुलाई 2025 को झज्जर जिले की ग्रीवेंस कमेटी की मीटिंग में भी यह मामला उठ चुका है। हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने इस गांव के हर घर को प्रतिदिन 500 लीटर पेयजल की आपूर्ति देने के दिशा निर्देश दिए जा चुके हैं ताकि पीएम मोदी का जल जीवन मिशन का जनकल्याणकारी कार्य की पहुँच हर घर तक हो। इतना ही नहीं झज्जर जिले की दिशा की मीटिंग में रोहतक के सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी माजरा गांव में पेयजल आपूर्ति के सुधारीकरण के लिए कड़े शब्दों में हिदायत दी थी।परंतु आज तक विभाग ने कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया है। जबकि फिल्टर टैंकों की कागजी छंटाई करके शिकायतकर्ताओं को ही कटघरे में खङा करने का प्रयास किया गया है। जबकि वाटर-वर्क्स का फिल्टर मीडिया अब भी ठीक ढंग से फंक्शन में नहीं है। अब 5 वर्षों के अरसे में 10 बार इसकी शिकायत सीएम विंडो पर भी दर्ज हो चुकी है। परंतु विभाग झूठे आंकड़े देकर के इस गांव को अनुपचारित पेयजल सप्लाई का पानी पीने के लिए मजबूर कर रहा है। गांव के ही एक सामाजिक कार्यकर्ता डॉ दयानंद कादयान ने सीएम विंडो पर बार-बार इसकी शिकायत की है इसका नतीजा यह निकला कि आज तक उसके घर पर पेयजल कनेक्शन नहीं होने दिया गया है। तथा बहुत सी कॉलोनी में पाइपलाइन भी नहीं बिछी है, जबकि पाइपलाइन का बजट तीन बार आ चुका है इस मामले में ग्राम पंचायत और विभाग मिलकर इस गांव को अनुपचारित जल पिलाने का माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। पाइप लाइन बिछाने का ठेका विभाग के अधिकारियों के रिश्तेदारों को देकर के इसमें खानापूर्ति की जाती है। अनुपचारित जल से कैंसर तथा दूसरे जल जनित रोग गांव में पैर पसार रहे हैं। अतः झज्जर जिले के 180 जलघरों में माजरा दूबलधन के जलघर की हालत सबसे दयनीय है, जबकि 1968 से 1990 तक यहां की वाटर सप्लाई सबसे आदर्श रही थी। अमर शहीद मेजर महेंद्र सिंह की याद में 1968 में यहां पर एक आदर्श जल घर बनाया गया था। परंतु पीएम मोदी के जल जीवन मिशन के बाद बाद यहां की जल आपूर्ति की स्थिति चिंताजनक रही है। पेयजल की अनुपलब्धता के कारण गांव से सभ्य लोग शहरों की ओर पलायन करने को मजबूर हो गए है। पूर्व जिला पार्षद मास्टर जय भगवान का कहना है की छोटू राम कॉलोनी और सीआर स्कूल के पेयजल कनेक्शन लिए मैं कई बार आवेदन कर चुका हूं परंतु अब तक यहां पर कोई पाइप लाइन नहीं बिछाई गई है।पूर्व पंच जय भगवान उर्फ हैनाऔर जयपाल नंबरदार ने कहा कि जल भराव के बाद माजरा बीमान का बूस्टर बिल्कुल नकारा हो चुका है तथा यहां पर पेयजल की आपूर्ति नाम मात्र की रह गई है। नए जल घर का निर्माण भी कागजों में ही सिमटकर रह गया है। पूर्व सरपंच नरेंद्र कादयान ने मांग की है कि माजरा गांव के जलघर का अपडेटीकरण तथा इसकी पाइप लाइनों का वैज्ञानिककरण करके गांव में शुद्ध पेयजल की सुनिश्चितता की जाए क्योंकि कुंओं और जोहड़ों का पानी आर्सेनिक तथा जहरीले पदार्थ मिलने से बिल्कुल खराब हो चुका है। इससे गांव में कैंसर जैसे रोग पैर पसार रहे हैं। हरिजन कॉलोनियों और बैकवर्ड कॉलोनियों में पेयजल की सप्लाई बहुत ही चिंताजनक है।गांव के लोगों की मांग है कि माजरा के वाटर वर्क्स अपडेटीकरण व पाईप लाइन बिछाने के घोटाले की विजिलेंस जांच करके माजरा गांव के हर घर को 500 लीटर हर दिन शुद्ध जल उपलब्ध कराया जाए। देखना है कि वर्ष 2026 में माजरा को शुध्द पेयजल मिलेगा या यहां के लोगों को अनुपचारित पेयजल के सहारे ही अपनी जिंदगी व्यतीत करनी पड़ेगी।

झज्जर पुलिस की टीम ने गांव बिठला में नशा मुक्ति एवं साइबर जागरूकता अभियान के तहत ग्रामीणों को दी महत्वपूर्ण जानकारी’
झज्जर, 09 जनवरी, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के कुशल नेतृत्व में नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत गांव बिठला में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अभियान में नशा मुक्ति टीम में तैनात महिला मुख्य सिपाही सपना एवं एसपीओ संजीत ने ग्रामीणों को नशे के दुष्परिणामों, डायल 112 की उपयोगिता तथा साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया।इस कार्यक्रम के दौरान मुख्य सिपाही सपना ने कहा कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि परिवार और समाज को भी कमजोर करता है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की। साथ ही यह भी बताया कि यदि कोई व्यक्ति नशे की गिरफ्त में है, तो उसे समय रहते परामर्श और उपचार के माध्यम से सही रास्ते पर लाया जा सकता है।वहीं उन्होंने डायल 112 सेवा की जानकारी देते हुए बताया कि किसी भी आपात स्थिति में यह सेवा तुरंत पुलिस सहायता उपलब्ध कराती है। उन्होंने ग्रामीणों को साइबर अपराधों जैसे ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, ओटीपी साझा करने से होने वाले नुकसान के बारे में भी विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि किसी भी संदिग्ध कॉल या ऑनलाइन धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।

सेक्टर-13 बहादुरगढ़ में सड़क किनारे मिला फैक्ट्री कर्मचारी का शव, पहचान के बाद पुलिस ने तेज की जांच’
बहादुरगढ़, 09 जनवरी, अभीतक: थाना सदर बहादुरगढ़ की पुलिस टीम को सूचना प्राप्त हुई थी कि सेक्टर-13 बहादुरगढ़ क्षेत्र में सड़क किनारे एक व्यक्ति का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, जांच टीम तथा फॉरेंसिक विशेषज्ञ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया गया। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र की जांच करते हुए सभी जरूरी साक्ष्य जुटाए और मामले को गंभीरता से लिया। मृतक की पहचान दिलबाग निवासी नयागांव ने अपने भाई विनोद के रूप में की है। परिजनों के अनुसार विनोद सेक्टर-16ध्17 बहादुरगढ़ स्थित एक निजी फैक्ट्री में कार्यरत था। वह 8 जनवरी 2026 को सुबह लगभग 7 बजे रोजाना की तरह ड्यूटी के लिए घर से निकला था, लेकिन उसके बाद वापस नहीं लौटा। परिजनों द्वारा उसकी काफी तलाश की गई, इसी बीच आज सुबह सूचना मिली कि सेक्टर-13 बहादुरगढ़ रोड के किनारे एक शव मिला है, जिसकी पहचान बाद में विनोद के रूप में हुई।पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल बहादुरगढ़ में पोस्टमार्टम करवाया। सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। फिलहाल मृतक की मौत के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। डॉक्टरों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।थाना सदर प्रभारी ने बताया कि पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है और किसी भी संभावित कारण को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है। पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।

झज्जर पुलिस ने गांव आसौदा सिवान में नशा मुक्ति व सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशिक्षण केंद्र और दो टू डोर अभियान चलाकर किया जागरूकता
बहादुरगढ़, 09 जनवरी, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के कुशल एवं प्रभावी नेतृत्व में बहादुरगढ़ पुलिस द्वारा नशा मुक्ति एवं सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में नशा मुक्ति टीम के उप निरीक्षक सत्य प्रकाश के नेतृत्व में औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र (आईटीआई) आसौदा सिवान तथा आसौदा सिवान क्षेत्र में डोर टू डोर जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान का उद्देश्य युवाओं और आम नागरिकों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना तथा सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करना था। उप निरीक्षक सत्य प्रकाश ने प्रशिक्षण केंद्र में उपस्थित विद्यार्थियों को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि परिवार और समाज को भी गंभीर नुकसान पहुंचाता है। युवाओं से आह्वान किया गया कि वे नशे से दूर रहकर अपने भविष्य को सुरक्षित बनाएं।इसके साथ ही आसौदा सिवान क्षेत्र में घर-घर जाकर नागरिकों को नशा मुक्ति का संदेश दिया गया। लोगों को समझाया गया कि किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों का सेवन कानूनन अपराध है और इससे जीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। टीम ने सड़क सुरक्षा को लेकर भी जागरूक करते हुए हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, तेज गति से वाहन न चलाने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की।

रेवाड़ी में सडक सुरक्षा समिति की बैठक में अधिकारियों को निर्देश देते डीसी अभिषेक मीणा।

सभी सडकों पर सफेद पट्टी व मार्किंग की जाए सुनिश्चित: डीसी
डीसी अभिषेक मीणा ने सडक सुरक्षा समिति की बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश
31 जनवरी तक जिला में मनाया जा रहा सडक सुरक्षा माह

रेवाड़ी, 09 जनवरी, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा ने शुक्रवार को लघु सचिवालय सभागार में सडक सुरक्षा समिति की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में डीसी ने सर्दी के मौसम के मद्देनजर संबंधित अधिकारियों को जिला की सभी सडकों पर सफेद पट्टी, मार्किंग व रिफ्लेक्टर आदि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं केंद्र सरकार की ओर से 31 जनवरी तक मनाए जा रहे सडक सुरक्षा माह के तहत जिला में वाहन चालकों को सडक नियमों के बारे में जागरूक करने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए। डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि सर्दी के मौसम में कोहरे व धुंध को देखते हुए वाहन चालकों की सुविधा के लिए सडकों की पूरी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करे, ताकि धुंध के समय वाहन चालकों को परेशानी न हो। उन्होंने सडकों पर लाईट को सुचारू रूप से चलाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला के सभी रोड से अवैध कटों को पूर्णत बंद रखा जाए तथा क्षतिग्रस्त सडकों की तुरंत प्रभाव से मुरम्मत करवाना सुनिश्चित करें। जिला की सडकों पर दुर्घटनाओं को कम करने के लिए सुरक्षात्मक उपाय किए जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों में भी सडक सुरक्षा नियमों को लेकर निरंतर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाए। वहीं स्कूल वाहनों की सडक सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के तहत नियमों के अनुसार जांच सुनिश्चित की जाए। डीसी ने कहा कि संबंधित विभाग अपने अधिकार क्षेत्र की सडकों पर गड्ढों को दुरुस्त करने के साथ ही टी-प्वाइंट आदि आवश्यक स्थानों पर साइन बोर्ड और ब्रेकर बनवाएं।
घने कोहरे के दौरान वाहन चालक सीमित गति में करें ड्राइव
डीसी अभिषेक मीणा वाहन चालकों से अपील करते हुए कहा कि सर्दी के मौसम में घने कोहरे के दौरान वाहन सीमित गति में, निर्धारित लेन में रहकर और यातायात नियमों का पालन करते हुए वाहन चलाएं, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके और नागरिक सुरक्षित यात्रा कर सकें। उन्होंने कहा कि विशेषकर सुबह और रात के समय कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम हो जाती है। उन्होंने कहा कि धुंध के मौसम में गलत दिशा में वाहन न चलाएं और धुंध के समय जहां तक संभव हो ओवरटेक करने से बचें। उन्होंने बताया कि ट्रैफिक नियमों का पालन कर ही हम अपने और दूसरों के सफर को सुरक्षित बना सकते हैं। इस अवसर पर आरटीए सचिव एवं एसडीएम रेवाड़ी सुरेश कुमार व डीएसपी रविंद्र सहित अन्य विभागीय अधिकारीगण मौजूद रहे।

रेवाड़ी में जिला नगर योजनाकार, खनन व एनकॉर्ड विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करते डीसी अभिषेक मीणा।

जिला में न पनपने दी जाए अवैध कालोनियां: डीसी
डीसी अभिषेक मीणा ने की नगर योजनाकार, खनन व एनकॉर्ड की समीक्षा बैठक

रेवाड़ी, 09 जनवरी, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा ने शुक्रवार को लघु सचिवालय सभागार में जिला नगर योजनाकार, खनन व एनकॉर्ड विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। डीसी ने जिला नगर योजनाकार के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला में अवैध कॉलोनियां न पनपने दी जाएं, ऐसा करने वालों पर तुरंत प्रभाव से कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण को पूर्णतरू ध्वस्त किए जाएं। वहीं पुलिस विभाग से समन्वय स्थापित करते हुए कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए। डीसी ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि मेहनत से कमाई गई पूंजी को प्लॉट की खरीदारी की उत्सुकता में अवैध कॉलोनाइजर के हाथों न सौंपे, अन्यथा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है। पूरी जांच परख के बाद ही जमीन की खरीद फरोख्त करें, ताकि किसी भी प्रलोभन का शिकार न हो पाएं। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति प्लाट खरीदने से पहले कॉलोनी की वैधता बारे जिला नगर योजनाकार रेवाड़ी कार्यालय से किसी भी कार्य दिवस को छानबीन कर सकता है। अवैध खनन न हो इसके लिए मॉनिटरिंग जरूरी : डीसी
डीसी अभिषेक मीणा ने खनन अधिकारियों के साथ बैठक में कहा कि जिला में किसी भी रूप से अवैध खनन न हो इसके लिए संबंधित विभाग नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि कहीं भी अवैध खनन हो रहा हो तो दोषी व्यक्ति के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कहीं भी अवैध माइनिंग की जा रही है तो खनन विभाग उस मामले में तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए माइनिंग को बंद करवाएं।
सभी मेडिकल स्टोर्स पर सीसीटीवी कैमरे हो सुनिश्चित
डीसी अभिषेक मीणा ने जिला स्तरीय नार्को समन्वय समिति (एनकॉर्ड) के अधिकारियों के साथ बैठक कर नशा की बुराई को मिटाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग व ड्रग कंट्रोल अधिकारी को निर्देश दिए कि वे नशीली दवाएं बेचने वाली दुकानों पर कड़ी निगरानी रखें और समय-समय पर नशीली दवाओं के क्रय-विक्रय का डाटा भी चेक करें। वहीं सभी मेडिकल स्टोर्स पर सीसीटीवी कैमरे होना सुनिश्चित करने के साथ चेकिंग भी की जाए। उन्होंने नशा मुक्ति केंद्र का भी निरीक्षण करते हुए व्यवस्थाएं जांचने के निर्देश दिए। इस अवसर पर एसडीएम रेवाड़ी सुरेश कुमार, डीएसपी रविंद्र सहित अन्य विभागीय अधिकारीगण मौजूद रहे।

सडक सुरक्षा माह के तहत वाहन चालकों को किया जागरूक
रेवाड़ी, 09 जनवरी, अभीतक: आरटीए सचिव एवं एसडीएम रेवाड़ी सुरेश कुमार ने 31 जनवरी तक मनाएं जा रहे सडक सुरक्षा माह के तहत शुक्रवार को बनीपुर चैक स्थित बस स्टैड पर वाहन चालकों को जागरूक किया। एसडीएम ने सडक सुरक्षा नियमों की वाहन चालकों को विस्तार से जानकारी दी। एसडीएम ने बताया कि वाहन चालक सडकों के नियमों का पालन करते हुए वाहन चलाए। उन्होंने कहा कि वाहन चलाते समय जल्दबाजी न करें, लेन में वाहन चलाए। उन्होंने कहा कि वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग न करे और सीट बेल्ट का प्रयोग अवश्य करे। उन्होंने कहा कि सुरक्षित वाहन चलाने से अपनी व दूसरे की जिंदगी भी सुरक्षित रख सकते है। इस अवसर पर काफी संख्या में वाहन चालक मौजूद रहे।
सडक सुरक्षा माह के तहत वाहन चालकों को जागरूक करते हुए आरटीए सचिव एवं एसडीएम रेवाड़ी सुरेश कुमार।

ग्रामीणों को नालसा योजनाओं व कानूनी सहायता बारे किया जा रहा जागरूक
रेवाड़ी, 09 जनवरी, अभीतक: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जिला के विभिन्न गांवों में कानूनी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीणों को नालसा योजनाओं व कानूनी सहायता बारे जानकारी दी रही है। हालसा सदस्य सचिव जगदीप सिंह लोहान व सीजेएम अमित वर्मा के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी द्वारा शुक्रवार को गांव हजारीवास, चंदावास, भूड़पुर, कालूवास, गिंदोखर व बिहारीपुर में ग्रामीणों को जागरूक किया गया, जिसमें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अधिवक्ता मीनाक्षी व पीएलवी नरेश द्वारा ग्रामीणों को नालसा योजनाओं व कानूनी सहायता बारे जानकारी दी गई। सचिव अमित वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि एडवोकेट पूनम व पीएलवी भगवान दास द्वारा ग्रामीणों को नालसा योजनाएं, महिला अधिकार, बाल अधिकार और वरिष्ठ नागरिक अधिकार नशीली दवाओं, बाल यौन शोषण के बारे में भी जानकारी दी गई। इसके अलावा डीएलएसए से मिलने वाली निशुल्क कानूनी सहायता के बारे में भी ग्रामीणों को विस्तार से जानकारी देते हुए अवगत कराया गया। उन्होंने बताया कि लोगों की सहायता के लिए डीएलएसए द्वारा एक टोल फ्री नंबर 15100 जारी किया गया है। कानूनी मदद के लिए टोल फ्री नंबर का इस्तेमाल कर बच्चे लाभ उठा सकते हैं और लोगों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए। एमडीडी ऑफ इंडिया टीम रेवाड़ी से तुषार शर्मा ने बाल विवाह मुक्त भारत के 100 दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम की जानकारी देते हुए ग्रामीणों को बताया कि 18 से कम उम्र में लड़कियों की शादी बाल अपराध हैं। इस अपराध से बचने के लिए जागरूक होना जरूरी हैं ताकि हम अपने बच्चों को भविष्य बनाने में मददगार बन सकें। इस अवसर पर बाल विवाह मुक्त भारत की शपथ भी करवाई गई।

ग्रामीणों को नालसा योजनाओं व कानूनी सहायता बारे किया जा रहा जागरूक’
रेवाड़ी, 09 जनवरी, अभीतक: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जिला के विभिन्न गांवों में कानूनी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीणों को नालसा योजनाओं व कानूनी सहायता बारे जानकारी दी रही है। हालसा सदस्य सचिव जगदीप सिंह लोहान व सीजेएम अमित वर्मा के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी द्वारा शुक्रवार को गांव हजारीवास, चंदावास, भूड़पुर, कालूवास, गिंदोखर व बिहारीपुर में ग्रामीणों को जागरूक किया गया, जिसमें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अधिवक्ता मीनाक्षी व पीएलवी नरेश द्वारा ग्रामीणों को नालसा योजनाओं व कानूनी सहायता बारे जानकारी दी गई। सचिव अमित वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि अधिवक्ता मीनाक्षी व पीएलवी नरेश द्वारा ग्रामीणों को नालसा योजनाएं, महिला अधिकार, बाल अधिकार और वरिष्ठ नागरिक अधिकार नशीली दवाओं, बाल यौन शोषण के बारे में भी जानकारी दी गई। इसके अलावा डीएलएसए से मिलने वाली निशुल्क कानूनी सहायता के बारे में भी ग्रामीणों को विस्तार से जानकारी देते हुए अवगत कराया गया। उन्होंने बताया कि लोगों की सहायता के लिए डीएलएसए द्वारा एक टोल फ्री नंबर 15100 जारी किया गया है। कानूनी मदद के लिए टोल फ्री नंबर का इस्तेमाल कर बच्चे लाभ उठा सकते हैं और लोगों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए। एमडीडी ऑफ इंडिया टीम रेवाड़ी से तुषार शर्मा ने बाल विवाह मुक्त भारत के 100 दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम की जानकारी देते हुए ग्रामीणों को बताया कि 18 से कम उम्र में लड़कियों की शादी बाल अपराध हैं। इस अपराध से बचने के लिए जागरूक होना जरूरी हैं ताकि हम अपने बच्चों को भविष्य बनाने में मददगार बन सकें। इस अवसर पर बाल विवाह मुक्त भारत की शपथ भी करवाई गई।

हरियाणा इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (एचईआरसी) उपभोक्ताओं के हितों में काम करने के बजाय सरकार के निर्देशों पर कर रहा है काम: प्रो. संपत सिंह
एचईआरसी के सदस्यों का व्यवहार बेहद खराब, ऐसा लगता है कि वे उपभोक्ताओं के हितों के लिए बने आयोग के सदस्य न होकर सरकारी अधिकारी हैं
प्रक्रिया संबंधी चूकों को किया उजागर- एआरआर फाइलिंग में किसी भी टैरिफ प्रस्ताव का अभाव, उपभोक्ता प्रभावों को छिपाने वाले भ्रामक सार्वजनिक नोटिस, पिछले दशक में वोल्टेज-वार तथा उपभोक्ता-श्रेणी-वार कॉस्ट ऑफ सर्विस अध्ययन के लिए एचईआरसी और एपटेल के निर्देशों का अनुपालन न होना शामिल
मांग – फिक्स्ड चार्ज, बढ़े एनर्जी चार्ज, फ्यूल सरचार्ज, फ्यूल कॉस्ट समायोजन और क्रॉस-सब्सिडाइजेशन को तुरंत समाप्त किया जाए और किसानों के 2 लाख लंबित ट्यूबवेल कनेक्शनों को मंजूर करने के लिए डिस्कॉम को दिए जाएं आदेश

चंडीगढ़, 09 जनवरी, अभीतक: पूर्व मंत्री और इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय संरक्षक प्रो. संपत सिंह ने शुक्रवार को चंडीगढ़ स्थित पार्टी मुख्यालय में प्रेस वार्ता कर हरियाणा इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (एचईआरसी) पर एक उपभोक्ताओं के हितों में स्वतंत्र आयोग के बजाय सरकार के निर्देशों पर काम करने के गंभीर आरोप जड़े। एचईआरसी के सदस्यों का व्यवहार बेहद खराब है और ऐसा लगता है कि वे उपभोक्ताओं के हितों के लिए बने आयोग के सदस्य न होकर सरकारी अधिकारी हों। उन्होंने कहा कि एचईआरसी को पारदर्शिता सुनिश्चित करने और बिजली उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए स्थापित किया गया था। लेकिन अब यह आयोग उसके उलट सरकार, यूएचबीवीएन और डीएचबीवीएन के पक्ष में काम कर रहा है। आयोग पावर वितरण कंपनियों (डिस्कॉमस) द्वारा मनमाने और गैर-तार्किक टैरिफ वृद्धि को रोकने में विफल रहा है। पॉवर वितरण कंपनियां डिस्ट्रिब्यूशन लॉस, लाइन लॉस और बिजली चोरी को रोक नहीं पा रही हैं और उस सारे नुकसान की भरपाई उपभोक्ताओं को करनी पड़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग पूरी तरह से राज्य सरकार के निर्देशों पर काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार ने वित्त वर्ष 2018-19, 2020-21 और 2023-24 में राजनीतिक लाभ पाने के मंसूबे से बिना एचईआरसी के सब्सिडी निर्देशों के कुछ उपभोक्ता वर्गों के लिए टैरिफ रियायतें घोषित की थी जिससे अन्य निर्दोष उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ गया। इलेक्ट्रिसिटी एक्ट, 2003 की धारा 65 के तहत, सरकार द्वारा निर्देशित किसी भी सब्सिडी का भुगतान पहले से किया जाना आवश्यक है। आयोग को इस प्रावधान को लागू करना चाहिए था। ये बातें उन्होंने डिस्कॉम द्वारा एग्रीगेट रेवेन्यू रिक्वायरमेंट (एआरआर) दाखिल किए जाने के संदर्भ में कहीं। प्रो. संपत सिंह ने कई प्रक्रिया संबंधी चूकों को भी उजागर किया। इनमें एआरआर फाइलिंग में किसी भी टैरिफ प्रस्ताव का अभाव, उपभोक्ता प्रभावों को छिपाने वाले भ्रामक सार्वजनिक नोटिस, पिछले दशक में वोल्टेज-वार तथा उपभोक्ता-श्रेणी-वार कॉस्ट ऑफ सर्विस अध्ययन के लिए एचईआरसी और एपटेल के निर्देशों का अनुपालन न होना शामिल हैं। स्टेकहोल्डर वही आपत्ति कर सकते हैं जो प्रस्तुत किया गया हो। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो वित्त वर्ष 2026-27 में दोनों डिस्कॉम (डीएचबीवीएन और यूएचबीवीएन)1,605 करोड़ रूपए का राजस्व सरप्लस प्रोजेक्ट कर रहे हैं जबकि दूसरी ओर वे 4,484.85 करोड़ रूपए का राजस्व गैप मांग रहे हैं। उन्होंने बताया कि एचईआरसी द्वारा अनुमोदित औसत पावर लागत 3.12 रूपए प्रति यूनिट है। बावजूद इसके फरीदाबाद गैस पावर प्लांट से 85 रूपए से 153 रूपए प्रति यूनिट (तीन वर्षों में 864 रूपए करोड़ का खर्च) और पानीपत थर्मल से 6.50 रूपए प्रति यूनिट पर महंगी बिजली खरीद रही है और उपभोक्ताओं को 7.29 रूपए प्रति यूनिट पर बेच रहे हैं। पूर्व मंत्री ने कहा कि सुधारों की कमी, अनुशासनहीनता और खराब बुनियादी ढांचे के कारण बिजली उपक्रमों की स्थिति बिगड़ी है, और उपभोक्ता बोझ तले दब रहे हैं। आज तक 22 लाख डिफॉल्टर्स से 8000 करोड़ रूपए बकाया अनसुलझा पड़ा है। 47 पैसे प्रति यूनिट के अतिरिक्त शुल्क (फ्यूल एंड पॉवर कॉस्ट) को जून 2024 के अंत तक पूरी तरह वसूल किया जाना था। परंतु यह अभी भी उपभोक्ताओं पर लगाया जा रहा है इससे छोटे और मध्यम उपभोक्ताओं को लगभग 50 प्रतिशत अधिक बिलों का भुगतान करना पड़ रहा है। वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ता भी फिक्स्ड तथा ऊर्जा शुल्क दोनों में भारी वृद्धि का सामना कर रहे हैं। संपत सिंह ने मांग की कि फिक्स्ड चार्ज, बढ़े एनर्जी चार्ज, फ्यूल सरचार्ज, फ्यूल कॉस्ट समायोजन और क्रॉस-सब्सिडाइजेशन को तुरंत समाप्त किया जाए ताकि पावर वितरण को सुव्यवस्थित किया जा सके, टैरिफ को तर्कसंगत बनाया जा सके और पावर उपभोक्ताओं को राहत दी जा सके। एचईआरसी किसानों के 2 लाख लंबित ट्यूबवेल कनेक्शनों को मंजूर करने के लिए डिस्कॉम को आदेश दे। साथ ही 24-घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति भी सुनिश्चित करे। संपत सिंह ने एचईआरसी से प्रदर्शन मानकों को लागू करने के लिए भी कहा। साथ ही उन्होंने कहा कि एचईआरसी को यह भी जांच करनी चाहिए कि डीएचबीवीएन और यूएचबीवीएन कैसे 2020-21 में 800 करोड़ के लाभ से 2023-24 में 4,484 करोड़ रूपए के घाटे तक पहुंच गए। एचईआरसी इस 4,484 करोड़ रूपए के घाटे को उपभोक्ताओं पर न थोपने के निर्देश दे। एचईआरसी को अपने उपभोक्ता-संरक्षण जनादेश को बनाए रखना चाहिए।

जननायक जनता पार्टी ने अपने संगठन में की कई नई नियुक्तियां
चंडीगढ़, 09 जनवरी, अभीतक: जननायक जनता पार्टी ने अपने संगठन में विस्तार करते हुए कई महत्वपूर्ण नियुक्तियां की है। जेजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अजय सिंह चैटाला, पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चैटाला, जेजेपी प्रदेश अध्यक्ष बृज शर्मा, राष्ट्रीय संगठन सचिव राजेंद्र लितानी व अन्य वरिष्ठ नेताओं ने विचार-विमर्श करके 21 पदाधिकारियों की नियुक्तियों की सूची जारी की। इनमें हरी सिंह दहिया को राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य और इंद्र सिंह फौजी को राष्ट्रीय कार्यकारिणी में विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया हैं। जेजेपी ने नए जिले हांसी में पदाधिकारियों की नियुक्तियां की हैं। हांसी में अमित बूरा को जिला अध्यक्ष की कमान सौंपी गई है। ारनौंद विधानसभा क्षेत्र में ईश्वर सिंघवा और हांसी में राजेंद्र सोरखी को हलका अध्यक्ष बनाया गया हैं। वहीं सुरेंद्र फौजी को किसान प्रकोष्ठ का जिला अध्यक्ष, रामकुमार भट्ट को पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ का जिला अध्यक्ष, रामफल धानक को अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ का जिला अध्यक्ष और हर्ष दूहन को युवा जिला अध्यक्ष घोषित किया गया हैं। हिसार जिले में अनिल बालकिया को जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया हैं। उकलाना विधानसभा क्षेत्र में नरेश पूनिया, हिसार में विपिन गोयल, आदमपुर में सुनील मूंड, बरवाला में सत्यवान कुहाड़ और नलवा में सरपंच राजेश झाझड़िया को हलका अध्यक्ष बनाया गया हैं। वहीं हिसार में ही भागबीर बेनीवाल को किसान प्रकोष्ठ का जिला अध्यक्ष, अनिल शर्मा को युवा जिला अध्यक्ष, सुमन श्योराण को महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष, सतबीर सरपंच को पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ का जिला अध्यक्ष बनाया गया हैं। हिसार जिले में अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के जिला प्रभारी रोहताश कुंडल और जिला अध्यक्ष विजेंद्र धानक होंगे।

साहस, विश्वास और तालमेल का उत्कृष्ट प्रदर्शनक:राष्ट्रीय टेंट पेगिंग प्रतियोगिता में विजेता खिलाड़ियों ने दिखाया कौशल’
गुरुग्राम, 09 जनवरी, अभीतक: राष्ट्रीय टेंट पेगिंग घुड़सवार प्रतियोगिता का शुभारंभ 6 जनवरी से रिक्रूट प्रशिक्षण केंद्र में किया गया। प्रतियोगिता के तहत आज रिंग एंड पेग स्पर्धा का आयोजन हुआ, जिसमें सेना, अर्धसैनिक बलों तथा विभिन्न राज्य पुलिस बलों की कुल 18 टीमों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में घुड़सवारी कौशल, घोड़े और सवार के बीच तालमेल तथा साहस का उच्च स्तरीय प्रदर्शन देखने को मिला। पुरुस्कार वितरण समारोह में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, पुलिस परिसर भोंडसी एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, चारु बाली मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। पुरस्कार वितरण के उपरांत उन्होंने प्रतिभागी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन नई प्रतिभाओं की पहचान और उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि विजेता खिलाड़ी विशेष रूप से प्रशंसा के पात्र हैं। यह प्रतियोगिता न केवल घुड़सवारी के अद्वितीय कौशल को प्रदर्शित करती है, बल्कि घोड़े की शक्ति, निष्ठा और सवार के साथ उसके गहरे तालमेल का भी प्रतीक है। प्रतियोगिता में ध्रुव पानुयवेशन मोड के सदस्य संदीप कुमार ने अपने घोड़े “हैली किंग” के साथ उत्कृष्ट तालमेल और विश्वास का परिचय देते हुए 6.08 सेकंड में 18 अंक अर्जित कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। भारतीय नौसेना के अंकित कुमार ने घोड़ी “पौड़ी चांदनी” के साथ 6.11 सेकंड का समय लेकर द्वितीय स्थान हासिल किया। असम राइफल्स के राइफलमैन दिनेश कालेकर ने घोड़े “जीनियस” के साथ 6.12 सेकंड में तृतीय स्थान प्राप्त किया। भारतीय थल सेना की 61 कैवेलरी बटालियन के प्रवीन जगताप चतुर्थ स्थान पर रहे। मुख्य अतिथि अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक चारु बाली ने विजेता खिलाड़ियों एवं घोड़ों को रिबन पहनाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर ब्रिगेडियर संदीप सिंह कश्यप, पूर्व पुलिस महानिदेशक रामकृष्ण, सेवानिवृत्त कर्नल ए. के. यादव, सरप्रताप सोहेल, डॉ. अक्तर अफसर, आकिफ अफसर, निरीक्षक सुनील कुमार, उपनिरीक्षक कृष्ण, राजबीर, प्रवीन्द्र कुमार सहित प्रशिक्षकगण एवं अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

रोहतक में साई नेशनल बॉक्सिंग सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में 20 वर्षों के लिए विस्तार
खेल विभाग हरियाणा और साई के बीच एमओयू

चंडीगढ़, 09 जनवरी, अभीतक: सिविल सचिवालय चंडीगढ़ में आज हुई अहम बैठक में खेल विभाग, हरियाणा और मिनिस्ट्री ऑफ यूथ अफेयर्स एंड स्पोर्टस के अधीन भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के बीच रोहतक के सेक्टर-6 स्थित राजीव गांधी स्पोर्टस कॉम्प्लेक्स में बॉक्सिंग के साई नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के 20 वर्षों के लिए विस्तार को लेकर समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर सहमति बनी। इस एमओयू के तहत खेल विभाग हरियाणा द्वारा रोहतक के राजीव गांधी स्पोर्टस कॉम्प्लेक्स में नेशनल बॉक्सिंग सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के संचालन हेतु आवश्यक भूमि और आधारभूत स्थान उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) द्वारा इस सेंटर के लिए आधुनिक ढांचागत सुविधाएं, अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल उपकरण, उच्च गुणवत्ता की ट्रेनिंग व्यवस्था तथा अनुभवी और प्रशिक्षित कोचिंग स्टाफ उपलब्ध कराया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता करते हुए खेल विभाग हरियाणा के प्रधान सचिव श्री विजय सिंह दहिया ने कहा कि यह नेशनल बॉक्सिंग सेंटर ऑफ एक्सीलेंस प्रदेश के उभरते और प्रतिभावान मुक्केबाजों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण प्रदान करेगा, जिससे भारत को अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग प्रतियोगिताओं में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि एमओयू की अवधि 20 वर्ष निर्धारित की गई है, जिसमें 10 वर्षों के पश्चात इसकी समीक्षा कर आवश्यकतानुसार संशोधन एवं पुनरीक्षण किया जाएगा, ताकि समय की जरूरतों और खेल विज्ञान में हो रहे नवाचारों के अनुरूप इस केंद्र को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। यह पहल हरियाणा को बॉक्सिंग के क्षेत्र में राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि इस नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना से हरियाणा के मुक्केबाजों को अत्याधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे भविष्य में ओलंपिक, एशियाई और विश्व स्तरीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रदर्शन और अधिक सशक्त होगा। बैठक में खेल विभाग निदेशक श्री पार्थ गुप्ता, भारतीय खेल प्राधिकरण के क्षेत्रीय निदेशक श्री डा. शिवम शर्मा, खेल विभाग के एडिशनल डायरेक्टर श्री अश्वनी मलिक डिप्टी डायरेक्टर श्री गौरव रावत एवं श्री अशोक कुमार उपस्थित रहे।

अभ्यर्थियों की सहायता हेतु पुलिस भर्ती पर अध्यक्ष हिम्मत सिंह ने की पहल
चंडीगढ़, 09 जनवरी, अभीतक: हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष श्री हिम्मत सिंह ने पुलिस विभाग की भर्ती प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों द्वारा उठाए जा रहे विभिन्न प्रश्नों एवं समस्याओं पर आज विस्तृत रूप से स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि आयोग द्वारा सभी निर्णय विज्ञापन में निर्धारित नियमों एवं शर्तों के अनुरूप लिए गए हैं और सभी अभ्यर्थियों पर समान रूप से लागू होंगे। आयु में छूट एवं आयु गणना को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए श्री हिम्मत सिंह ने बताया कि आयु में छूट केवल विज्ञापन संख्या 14ध्2024 के अभ्यर्थियों (पूर्व सैनिक सहित) के लिए ही मान्य है। इस विज्ञापन के अंतर्गत आयु की गणना 01.09.2024 को आधार मानकर की जाएगी। वहीं विज्ञापन संख्या 01ध्2026 के लिए आयु की गणना 01.01.2026 के अनुसार की जाएगी। नए अभ्यर्थी को आयु संबंधी छूट विज्ञापन में निर्धारित श्रेणियों एवं शर्तों के अनुसार ही देय होगी। शारीरिक मानकों (च्ीलेपबंस ैजंदकंतके) के संबंध में उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम ऊंचाई सामान्य वर्ग में 158 सेंटीमीटर तथा आरक्षित वर्ग में 156 सेंटीमीटर निर्धारित है। महिला अभ्यर्थियों के लिए दौड़ की दूरी 1 किलोमीटर, जिसे 6 मिनट में पूरा करना अनिवार्य है। पुरुष अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम ऊंचाई सामान्य वर्ग में 170 सेंटीमीटर तथा आरक्षित वर्ग में 168 सेंटीमीटर निर्धारित है। पुरुष अभ्यर्थियों के लिए दौड़ की दूरी 2.5 किलोमीटर, जिसे 12 मिनट में पूरा करना होगा। पूर्व सैनिक (म्ैड) अभ्यर्थियों के लिए दौड़ 1 किलोमीटर निर्धारित है, जिसे 5 मिनट में पूरा करना अनिवार्य होगा। सीने (ब्ीमेज) के मापदंडों को लेकर श्री हिम्मत सिंह ने बताया कि पुरुष अभ्यर्थियों के लिए सामान्य वर्ग में सीना 83 सेंटीमीटर बिना फुलाए, तथा 4 सेंटीमीटर फुलाव अनिवार्य है। आरक्षित वर्ग के पुरुष अभ्यर्थियों के लिए सीना 81 सेंटीमीटर बिना फुलाए, तथा 4 सेंटीमीटर फुलाव निर्धारित है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पीएसटी (च्ीलेपबंस ैजंदकंतक ज्मेज) में दौड़ से छूट केवल गर्भवती महिलाओं को दी जाएगी, लेकिन उन्हें नियुक्ति से पूर्व शारीरिक मानक परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा।पूर्व सैनिक (म्ैड), आश्रित पूर्व सैनिक (क्म्ैड) एवं डिपेंडेंट डेड एक्स-सर्विसमैन (क्क्म्ैड) से संबंधित पात्रता को स्पष्ट करते हुए आयोग अध्यक्ष ने कहा कि कोई भी व्यक्ति तभी म्ैड श्रेणी में आवेदन कर सकता है जब वह सेना अथवा संबंधित सेवा से आधिकारिक रूप से मुक्त (क्पेबींतहमक) हो चुका हो। क्म्ैडध्क्क्म्ैड के पात्रता प्रमाण-पत्र 12.01.2025 के बाद जारी या नवीनीकृत होने चाहिए और ये प्रमाण-पत्र विज्ञापन संख्या 14ध्2024 एवं 01ध्2026 दोनों के लिए अंतिम तिथि तक मान्य होंगे। आरक्षण प्रमाण-पत्रों की वैधता को लेकर उन्होंने बताया कि ठब्।, ठब्ठ एवं म्ॅै श्रेणी के प्रमाण-पत्र 01.04.2025 से लेकर आवेदन की अंतिम तिथि तक जारी होने चाहिए। पंचायती राज के लिए जारी ठब्।ध्ठब्ठ प्रमाण-पत्र तथा केंद्र सरकार की नौकरियों के लिए जारी व्ठब्ध्म्ॅै प्रमाण-पत्र इस भर्ती के लिए मान्य नहीं होंगे। म्ॅै प्रमाण-पत्र निर्धारित परफॉर्मा में होना आवश्यक है। अनुसूचित जाति (क्ैब्ध्व्ैब्) के प्रमाण-पत्र 13.11.2024 के बाद जारी होने चाहिए, जबकि इससे पूर्व जारी पुराने प्रमाण-पत्र मान्य नहीं होंगे। दिव्यांग (च्ॅक्) अभ्यर्थियों को लेकर श्री हिम्मत सिंह ने स्पष्ट किया कि पुलिस विभाग में दिव्यांग श्रेणी के लिए कोई पद आरक्षित नहीं हैं। श्रवण बाधित अभ्यर्थियों के मामले में यह अनिवार्य है कि अभ्यर्थी चिकित्सकीय रूप से पूर्णतः फिट हो। एक कान से सुनने वाले अभ्यर्थी पुलिस पदों के लिए पात्र नहीं माने जाएंगे। आवेदन पत्र भरने एवं सत्यापन से संबंधित दिशा-निर्देशों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी हालिया रंगीन फोटो (सफेद पृष्ठभूमि पर, जिसमें नाम एवं तिथि अंकित हो) अपलोड करें। आवेदन पत्र में सही पता भरें, सभी विवरणों का सत्यापन करें तथा हस्ताक्षरित आवेदन ही जमा करें। सभी प्रमाण-पत्र विज्ञापन के अनुसार वैध होने चाहिए और आवेदन भरने से पूर्व विज्ञापन को ध्यानपूर्वक पढ़ना अनिवार्य है। आयोग ने स्पष्ट किया कि आवेदन सीएससी (ब्ैब्) के माध्यम से न भरे जाएं। पीएमटीध्पीएसटी एवं लिखित परीक्षा के संबंध में अध्यक्ष ने बताया कि इनकी तिथियां अलग-अलग जारी की जाएंगी। लिखित परीक्षा का पाठ्यक्रम विज्ञापन के पृष्ठ संख्या 5 पर उपलब्ध है। लिखित परीक्षा 97 अंकों की होगी। एनसीसी प्रमाण-पत्र धारक अभ्यर्थियों को नियमानुसार अधिकतम 3 अतिरिक्त अंक प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस भर्ती में पदों की संख्या पुलिस विभाग द्वारा निर्धारित की जाती है और इसमें हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग कोई परिवर्तन नहीं कर सकता। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष श्री हिम्मत सिंह ने अभ्यर्थियों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आयोग द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें। आयोग भर्ती प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं नियमों के अनुरूप पूर्ण करने के लिए प्रतिबद्ध है। उल्लेखनीय है कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने हाल ही में विज्ञापन संख्या 01ध्2026 जारी करते हुए सीईटी फेज-प्प् के अंतर्गत हरियाणा पुलिस कांस्टेबल पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ की है। इस विज्ञापन के माध्यम से पुरुष कांस्टेबल, महिला कांस्टेबल एवं हरियाणा रेलवे पुलिस के पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस भर्ती विज्ञापन के अंतर्गत कुल 5500 पद निर्धारित किए गए हैं, जिनमें 4500 पद पुरुष कांस्टेबल, 600 पद महिला कांस्टेबल तथा 400 पद हरियाणा रेलवे पुलिस के लिए निर्धारित हैं।

उत्तर भारत के आठ राज्यों की महिला साइकिलिस्ट दिखाएंगी अस्मिता साइकलिंग लीग में अपनी प्रतिभा
चंडीगढ़, 09 जनवरी, अभीतक: उत्तर भारत के आठ राज्यों की महिला साइकिलिस्ट ष्अस्मिता महिला साइकिलिंग लीगष् में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी। यह प्रतियोगिता 10 व 11 जनवरी को शाहाबाद (कुरुक्षेत्र) में आयोजित की जाएगी। हरियाणा राज्य साइकलिंग संघ के प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि यह प्रतियोगिता खेल मंत्रालय भारत सरकार, भारतीय खेल प्राधिकरण तथा भारतीय साइकलिंग महासंघ के सहयोग से आयोजित की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता में हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर एवं चंडीगढ़ से महिला साइकिलिस्ट भाग लेने के लिए शाहाबाद पहुंच चुकी हैं। प्रतियोगिता में सब जूनियर एवं जूनियर वर्ग की महिला साइकिलिस्टों के बीच रोमांचक मुकाबले होंगे। यह लीग महिला साइकिलिंग को प्रोत्साहित करने तथा युवा प्रतिभाओं को आगे लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

प्रदेश के प्रत्येक वर्ग की उन्नति के लिए कार्य कर रही है सरकार: कृष्ण बेदी
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी ने शास्त्री नगर स्थित माता मदानण मंदिर में 14वें वार्षिक उत्सव में लिया हिस्सा
वाल्मीकि धर्मशाला एवं माता मदानण के हॉल का किया शिलान्यास, निर्माण के लिए 11 लाख रुपए देने की करी घोषणा

कुरुक्षेत्र, 09 जनवरी, अभीतक: सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब ङ्क्षसह सैनी सरकार प्रदेश के प्रत्येक वर्ग की उन्नति के लिए कार्य कर रही है। हर वर्ग की उन्नति के साथ ही प्रदेश विकसित होगा, जो देश के विकसित भारत की उन्नति में अपना योगदान होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने प्रदेश के हर कोने का समान रूप से विकास किया है, जो आगे भी निरंतर जारी रहेगा। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी शुक्रवार को शास्त्री मार्केट में स्थित माता मदानण मंदिर में आयोजित 14 वां वार्षिक उत्सव में बोल रहे थे। मंत्री कृष्ण बेदी ने वाल्मीकि धर्मशाला एवं माता मदानण प्रबंध समिति के हॉल का शिलान्यास किया और हॉल निर्माण के लिए 11 लाख रुपए देने की घोषणा की। मंत्री कृष्ण बेदी ने माता मदानण मंदिर की नगर शोभा यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि धर्मशाला का निर्माण कार्य शुरू किया जाए, इस निर्माण कार्य को रुकने नहीं दिया जाएगा। सरकार धार्मिक, सामाजिक, विकासात्मक कार्यों को गति के साथ करवा रही है। इन धर्मशालाओं का प्रयोग देश के विकास के लिए कार्यों को शुरू करके किया जाना चाहिए, ताकि युवा वर्ग इन स्थानों पर कोई ना कोई स्कील को सीखकर नशे जैसी लत से दूर रहें। इस मौके पर वाल्मीकि धर्मशाला एवं माता मदानण प्रबंध समिति प्रधान गौतम झंझोटड़, जाट धर्मशाला प्रधान कृष्ण श्योकंद, सैनी सभा के प्रधान गुरनाम सैनी, करनैल सैनी, श्याम लाल जांगड़ा, रेखा वाल्मीकि, रजवंत कौर, रामकिशन, दीपक, राकेश, वेद प्रकाश, अजय गिल, अमित, जोगराम, सुरजभान सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

घटिया गुणवत्ता की दवाओं को लेकर अधिकारी सतर्क रहें: आरती सिंह राव
एथिलीन ग्लाइकोल युक्त घटिया गुणवत्ता की खांसी की दवा को लेकर जारी किया अलर्ट

चंडीगढ़, 09 जनवरी, अभीतक: हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने स्वाथ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे घटिया गुणवत्ता की दवाओं को लेकर सतर्क रहें , अगर मानकों से कम गुणवत्ता की दवा की बिक्री की शिकायत मिले तो तुरंत कार्रवाई करें। उन्होंने आज ष्अलमोन्ट- किड लेवेक्टीरिजिन तथा मोंतेलुकास्ट सोडियम सिरपष्( “।सउवदज-ज्ञपक (स्मअवबमजपतप्रपदम क्पीलकतवबीसवतपकम ंदक डवदजमसनांेज ैवकपनउ ैलतनच)” नामक दवा के एक बैच में एथिलीन ग्लाइकोल (म्ळ) की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक पाए जाने पर तुरंत प्रतिबंधित करने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने खांसी की इस दवा में हानिकारक रसायन पाए जाने के मामले में प्रदेश में जनहित अलर्ट जारी करने के निर्देश देते हुए कहा है कि केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (ब्क्ैब्व्), पूर्वी क्षेत्र, कोलकाता से प्राप्त आधिकारिक सूचना के आधार पर हरियाणा खाद्य एवं औषधि प्रशासन (थ्क्।) ने एक दवा नमूने को मानक गुणवत्ता के अनुरूप नहीं पाया है। आरती सिंह राव ने बताया कि “।सउवदज-ज्ञपक (स्मअवबमजपतप्रपदम क्पीलकतवबीसवतपकम और डवदजमसनांेज ैवकपनउ ैलतनच)” नामक दवा के एक बैच में एथिलीन ग्लाइकोल (म्ळ) की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक पाई गई है, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है। यह दवा बच्चों के उपयोग में लाई जाती है, इसलिए इसका जोखिम और भी गंभीर है। आरती सिंह राव ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस बैच की दवा की बिक्री, वितरण, भंडारण, पर्ची पर लिखना और उपयोग तत्काल प्रभाव से पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाता है। उन्होंने राज्य के सभी दवा विक्रेताओं, थोक विक्रेताओं, वितरकों, अस्पतालों और चिकित्सकों को निर्देश दिए हैं कि वे इस दवा को तुरंत बाजार से हटाएं। स्वास्थ्य मंत्री ने औषधि नियंत्रण विभाग को पूरे प्रदेश में निगरानी बढ़ाने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी। हरियाणा खाद्य एवं औषधि प्रशासन के स्टेट ड्रग्स कंट्रोलर श्री ललित कुमार गोयल ने बताया कि उक्त प्रतिबंधित दवा का बैच नंबर ।स्-24002, निर्माण तिथि जनवरी 2025 तथा समाप्ति तिथि दिसंबर 2026 है। यह दवा मैसर्स ट्राइडस रेमेडीज, प्लॉट नंबर क्-42 व क्-43, फेज-प्प्, औद्योगिक क्षेत्र, हाजीपुर, वैशाली (बिहार) द्वारा निर्मित है। उन्होंने जनता से अपील की है कि यदि कहीं भी इस प्रतिबंधित दवा की बिक्री या उपयोग की जानकारी मिले, तो तुरंत निकटतम औषधि नियंत्रण अधिकारी या थ्क्।, हरियाणा को सूचित करें।

आईआईएम रोहतक के निदेशक प्रो. धीरज शर्मा को 46वें विश्व प्रबंधन कांग्रेस में ‘उत्कृष्ट शासन नेतृत्व पुरस्कार’ से सम्मानित
रोहतक, 09 जनवरी, अभीतक: भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रोहतक के निदेशक प्रो. धीरज शर्मा को वर्ल्ड मैनेजमेंट कांग्रेस की पुरस्कार एवं प्रशंसा समिति द्वारा ‘उत्कृष्ट शासन नेतृत्व पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित 46वें विश्व प्रबंधन कांग्रेस के दौरान एक गरिमामय समारोह में प्रदान किया गया। पुरस्कार समारोह में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जो कांग्रेस की वैश्विक प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता को दर्शाती है। प्रमुख रूप से उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में अर्जेंटीना के राजदूत महामहिम श्री मारियानो काउचिनो, अंतर-धार्मिक संवाद के वैश्विक विशेषज्ञ एवं कार्मेलाइट्स ऑफ मैरी इमैक्युलेट से जुड़े फादर रोबी कन्ननचिरा, मोंटेनेग्रो की मानद कौंसुल जनरल महामहिम डॉ. जैनिस दरबारी, ग्लोबल पीस फाउंडेशनदृइंडिया के अध्यक्ष एवं अरुणाचल प्रदेश स्थित इंदिरा गांधी टेक्नोलॉजिकल एंड मेडिकल साइंसेज यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. मार्कंडेय राय, अमेरिका में डेनमार्क के राजदूत जेस्पर मोलर सोरेनसन तथा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इकोलॉजी एंड एनवायरनमेंट के संस्थापक अध्यक्ष, कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज के अध्यक्ष एवं 46वें विश्व प्रबंधन कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ. प्रिया रंजन त्रिवेदी शामिल रहे। इसके अतिरिक्त, देशभर से कई कुलपति, प्रमुख संस्थानों के निदेशक, वरिष्ठ शिक्षाविद्, नीति-निर्माता और विचारक भी समारोह में उपस्थित रहे। ‘उत्कृष्ट शासन नेतृत्व पुरस्कार’ के लिए चयन प्रक्रिया अत्यंत कठोर, पारदर्शी और प्रतिस्पर्धात्मक रही। विश्वभर से 1,400 से अधिक नामांकन प्राप्त हुए, जिनमें से केवल सात व्यक्तियों का चयन किया गया, जो इस सम्मान की विशिष्टता और उच्च मानकों को दर्शाता है। प्रो. धीरज शर्मा को उनके दूरदर्शी नेतृत्व, उत्कृष्ट शासन पद्धतियों और संस्थान निर्माण की असाधारण क्षमता के लिए सम्मानित किया गया। उनके नेतृत्व में आईआईएम रोहतक ने एसोसिएशन ऑफ एमबीएज (।डठ।) और बिजनेस ग्रेजुएट्स एसोसिएशन (ठळ।) से अंतरराष्ट्रीय मान्यताएँ प्राप्त कीं, जिससे संस्थान की वैश्विक शैक्षणिक गुणवत्ता, शासन और जवाबदेही के प्रति प्रतिबद्धता और सुदृढ़ हुई। उनके कार्यकाल की एक प्रमुख उपलब्धि वर्ष 2018 में आईआईएम रोहतक का स्थायी परिसर में सफल स्थानांतरण रहा, जो अनुमानित लागत से कम में पूरा हुआ। यह मजबूत वित्तीय अनुशासन, प्रभावी परियोजना प्रबंधन और पारदर्शी प्रशासन का उदाहरण है। शैक्षणिक स्तर पर, उन्होंने आईआईएम रोहतक में इंटीग्रेटेड प्रोग्राम इन मैनेजमेंट (प्च्ड) और इंटीग्रेटेड प्रोग्राम इन लॉ (प्च्स्) जैसे नवोन्मेषी कार्यक्रमों की शुरुआत की, जो सभी आईआईएम में अपनी तरह का पहला कार्यक्रम है। एक प्रतिष्ठित शोधकर्ता के रूप में, प्रो. शर्मा को वर्ष 2023 में स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा जारी टॉप 2ः शोधकर्ताओं की सूची में स्थान मिला। उन्होंने गृह मंत्रालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, उपभोक्ता कार्य मंत्रालय तथा वाणिज्य मंत्रालय द्वारा प्रायोजित कई उच्च प्रभाव वाले शोध प्रोजेक्ट्स में प्रमुख अन्वेषक (च्तपदबपचंस प्दअमेजपहंजवत) के रूप में कार्य किया है, जिससे नीति-निर्माण और राष्ट्रीय विकास को महत्वपूर्ण योगदान मिला। उनके नेतृत्व में आईआईएम रोहतक छात्र संख्या के आधार पर देश का सबसे बड़ा आईआईएम बना। इसके साथ ही, संस्थान ने खेल प्रबंधन में कार्यकारी स्नातकोत्तर कार्यक्रम की शुरुआत की, जिसे भारत के माननीय प्रधानमंत्री द्वारा विशेष सराहना प्राप्त हुई। पुरस्कार स्वीकार करते हुए प्रो. धीरज शर्मा ने उच्च शिक्षा में उत्कृष्ट नेतृत्व पर एक विचारोत्तेजक संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि संस्थागत उत्कृष्टता की शुरुआत स्वायत्तता से होती है, विशेषकर वित्तीय स्वायत्तता से, जिसके बिना नवाचार और सतत गुणवत्ता संभव नहीं है। उन्होंने भारतीय उच्च शिक्षा संस्थानों की सरकारी अनुदानों पर अत्यधिक निर्भरता को नवाचार में बाधक बताया। आईआईएम के अनुभवों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आईआईएम की सफलता का आधार उनकी वित्तीय स्वतंत्रता है, जिससे वे संचालन और पूंजीगत व्यय का उत्तरदायी प्रबंधन कर पाते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा को रोजगारपरक बनाना आईआईएम की नैतिक जिम्मेदारी है, ताकि छात्रों की क्षमताओं को बाजार में पहचान और सम्मान मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा का वास्तविक मूल्य डिग्रियों में नहीं, बल्कि मानव क्षमता की बाजार में मान्यता में निहित है। सीखने की प्रक्रिया को उन्होंने बहुआयामी, निरंतर और अनुभव-आधारित बताया, जो औपचारिक शिक्षा से कहीं आगे जाती है। विश्वास, भाषा विकास और संज्ञानात्मक क्षमता जैसे मूलभूत गुण प्रारंभिक जीवन अनुभवों से विकसित होते हैं। प्रारंभिक बाल शिक्षा पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रो. शर्मा ने प्री-स्कूल शिक्षा क्षेत्र में नियमन की कमी और परीक्षा-केंद्रित सफलता तथा बुनियादी सीखने के बीच बढ़ते अंतर की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि बाल शिक्षा के साथ-साथ अभिभावक शिक्षा भी उतनी ही आवश्यक है, क्योंकि वही मूल्यों, व्यवहार, भावनात्मक बुद्धिमत्ता और आजीवन सीखने की नींव रखती है। अपने संबोधन के समापन में उन्होंने कहा कि शिक्षा में महान नेतृत्व का उद्देश्य केवल भौतिक अवसंरचना का विकास नहीं, बल्कि मूल्य-आधारित नागरिकों और बेहतर मानव समाज का निर्माण होना चाहिए। प्रो. धीरज शर्मा को प्रदान किया गया यह सम्मान आईआईएम रोहतक के लिए गौरव का विषय है और राष्ट्रीय व वैश्विक प्रबंधन शिक्षा परिदृश्य में संस्थान की बढ़ती प्रतिष्ठा को पुनः स्थापित करता है।

हर वर्ग के कल्याण को समर्पित होगा हरियाणा का आम बजट – मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
बजट पूर्व परामर्श बैठक के क्रम में मुख्यमंत्री ने फरीदाबाद में उद्योग एवं विनिर्माण क्षेत्र के प्रतिनिधियों से की बैठक
मुख्यमंत्री का आह्वान- देश और हरियाणा को विकसित बनाने का लें संकल्प

चंडीगढ़, 09 जनवरी, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश का आगामी बजट हर नागरिक की खुशहाली और हर वर्ग के कल्याण को समर्पित होगा। इस बजट निर्माण की प्रक्रिया को बंद कमरों तक सीमित न रखकर सरकार द्वारा सभी हितधारकों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है ताकि एक सर्व समाज के कल्याण में एक हितकारी बजट पेश किया जा सके। बजट पूर्व परामर्श बैठकों के क्रम में मुख्यमंत्री शुक्रवार को फरीदाबाद के सूरजकुंड में उद्योग एवं विनिर्माण क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ सीधा संवाद कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने राजा नाहर सिंह के बलिदान दिवस पर उनको शत-शत नमन किया। उन्होंने कहा कि यह फरीदाबाद के लिए गौरव की बात है, जो इस धरती पर राजा नाहर सिंह का जन्म हुआ। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा में तेज गति से उद्योगों का विकास हो रहा है। आए दिन बड़ी-बड़ी औद्योगिक इकाईयां हरियाणा में आ रही है। ऐसे में प्रदेश सरकार एक बेहतर औद्योगिक इकोसिस्टम बनाने के लिए नई-नई नीतियां बना रही है। हरियाणा के औद्योगिक विकास के लिए बजट प्रावधानों में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। प्रदेश सरकार ने आगामी बजट के लिए यह लक्ष्य रखा है कि यह बजट अधिक से अधिक उद्योगों के अनुकूल हो ताकि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले व 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य पूरा हो। उन्होंने कहा कि इस मंच पर एकत्र होने का उद्देश्य सहभागी लोकतंत्र और सहभागी शासन की भावना को साकार करना है ताकि प्रदेश के विकास को और गति से आगे बढ़ा सके।
बीते वर्ष भी बजट पूर्व परामर्श बैठक के 71 सुझावों की बजट में की गई थी घोषणा
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार ने बीते वर्ष भी बजट पूर्व परामर्श बैठकों का आयोजन किया था, जिसमें विस्तृत और सार्थक विचार-विमर्श हुआ था और 71 सुझावों को हमने सीधे बजट का हिस्सा बनाया था। उन्होंने कहा कि उद्योग एवं श्रम विभाग हरियाणा की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इसी को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2025-26 में इस विभाग के लिए लगभग 1 हजार 951 करोड़ 43 लाख रुपये का प्रावधान किया गया। इसमें से अब तक 873 करोड़ 51 लाख रुपये की राशि खर्च की जा चुकी है।
सरकार ने उद्योगों के दृष्टिगत अनेक दूरगामी निर्णय लिए
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार ने उद्योगों के दृष्टिगत अनेक दूरगामी निर्णय लिए हैं, जिसमें अनधिकृत कॉलोनियों का नियमितीकरण, औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि आवंटन की प्रक्रियाओं को सरल बनाना, नए इन्क्यूबेशन सेंटरों की स्थापना, टेक्सटाइल नीति का विस्तार, पद्मा नीति के अंतर्गत परियोजनाओं की स्वीकृति तथा जीरो वेस्ट और जीरो वॉटर वेस्टेज की दिशा में औद्योगिक क्षेत्रों में ई.टी.पी. प्लांट्स की स्थापना जैसे निर्णय शामिल हैं। इन उपलब्धियों के पीछे आप सभी के बहुमूल्य सुझाव, आपकी समझ और विभागीय समन्वय की बड़ी भूमिका रही है।
औद्योगिक विकास के लिए बजट में नहीं आने दी जाएगी कोई कमी
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कि औद्योगिक विकास के लिए बजट में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। हमारा पूरा प्रयास है कि आगामी बजट रोजगार, निवेश, नवाचार और आत्मनिर्भरता का मजबूत करने वाला बजट हो। उन्होंने कहा कि मैं प्रदेश की जनता को विश्वास दिलाता हूं कि प्रदेश में औद्योगिक विकास, व्यापारिक सुगमता और निवेश प्रोत्साहन के लिए बजट प्रावधानों में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने बजट से जुड़े सभी हितधारकों से आह्वान किया कि वे अपने बहुमूल्य सुझाव एआई चैटबॉट पर दें ताकि बेहतरीन सुझावों को इस बजट में शामिल किया जा सके।
देश और हरियाणा को विकसित बनाने का संकल्प लें
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 2047 में भारत को विकसित बनाने का संकल्प लिया है। हम सभी इस दिशा में सामूहिक प्रयास करे और देश व हरियाणा को विकसित बनाने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि सरकार और उद्योग दो रास्ते नहीं बल्कि दो पहिए हैं, जो विकसित भारत और विकसित हरियाणा बनाने का सपना पूरा करेंगे। आज भी फरीदाबाद और पलवल क्षेत्र में विकास की भारी संभावना है, नया आईएमटी बनाने के लिए भूमि खरीदने के लिए ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से सुलहेड़ा, बागपुर, हसनपुर, मोहना और छायंसा गांवों में प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं वर्किंग लेबर के कल्याण के लिए लेबर हाउसिंग की जगह फाइनल कर दी है। इसकी टेंडर प्रक्रिया चल रही है। सरकार डिफेंस कॉरिडोर पर भी विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में औद्योगीकरण की शुरुआत फरीदाबाद से हुई, यहां मैन्युफैक्चरिंग का एक बेहतर इकोसिस्टम है। इस अवसर पर हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, कैबिनेट मंत्री श्री विपुल गोयल, राज्य मंत्री श्री राजेश नागर, बल्लभगढ़ विधायक श्री मूलचंद शर्मा, बड़खल विधायक श्री धनेश अदलखा, विधायक श्री सतीश फागना, नगर निगम मेयर प्रवीण जोशी, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री मोहम्मद शाइन, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल, एमडी एचएसआईआईडीसी डॉ. आदित्य दहिया, महानिदेशक, हरियाणा वित्तीय प्रबंधन संस्थान व ओएसडी राज नेहरू, महिला आयोग व लघु उद्योग भारती की महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष श्रीमती रेणु भाटिया मौजूद रहे।

मेहनतकश को आर्थिक व सामाजिक संरक्षण सुनिश्चित करेगा विकसित भारत जी राम जी कानून: डॉ. अरविंद शर्मा
देश में सबसे अधिक लाभ हरियाणा के श्रमिकों को, सालाना 10 हजार रुपये का फायदा
मनरेगा खामियों से भरा ढांचा, बिना सुधार ढोना श्रमिकों व राष्ट्र के लिए नुकसानदायक
भ्रष्टाचार के खात्मे और शोषण रोकने का सशक्त माध्यम बनेगा जी राम जी

चंडीगढ़, 09 जनवरी, अभीतक: हरियाणा के सहकारिता, कारागार, निर्वाचन, विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा विकसित भारत जी राम जी कानून के माध्यम से देश के प्रत्येक मेहनतकश को आर्थिक एवं सामाजिक संरक्षण देना सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मनरेगा का खामियों से भरा ढांचा देश और श्रमिकों दोनों के लिए अहितकारी था, जिसकी जगह जी राम जी कानून भ्रष्टाचार के खात्मे और श्रमिकों के शोषण को रोकने का प्रभावी माध्यम बनेगा। शुक्रवार को सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा जींद के लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह में पत्रकारों से संवाद कर रहे थे। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष तेजेन्द्र ढुल एवं विधायक देवेन्द्र चतुर्भुज अत्रि भी उपस्थित रहे। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प की प्राप्ति की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सहकारिता, ग्रामीण विकास, उद्योग, विज्ञान एवं खेल सहित सभी क्षेत्रों में देश निरंतर प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि हर गरीब को रोजगार उपलब्ध कराने और उसकी गरिमा बढ़ाने के उद्देश्य से ग्रामीण विकास का एक नया ढांचा तैयार किया गया है, जो महात्मा गांधी की भावना के अनुरूप तथा राम राज्य की संकल्पना को साकार करने के लिए लाया गया है। विकसित भारत जी राम जी कानून को लेकर कांग्रेस भ्रम फैलाकर मनरेगा की उन खामियों को छिपाने का प्रयास कर रही है, जिनसे श्रमिकों के साथ-साथ देश को भी नुकसान हो रहा था। कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि मनरेगा के तहत श्रमिकों को 100 दिन का रोजगार मिलता था, जबकि जी राम जी कानून में 125 दिनों के गारंटी रोजगार का प्रावधान किया गया है, जिससे हरियाणा के श्रमिकों को सालाना लगभग 10 हजार रुपये का अतिरिक्त लाभ होगा। उन्होंने बताया कि तय समय में काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता तथा मजदूरी के भुगतान में देरी होने पर अतिरिक्त राशि देने का प्रावधान भी नए कानून में किया गया है। उन्होंने कहा कि पहले की तरह ग्राम सभा और ग्राम पंचायतें विकास योजनाएं तैयार करेंगी, जिनमें जल संरक्षण, ढांचागत विकास, आजीविका आधारित कार्य और आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्य शामिल होंगे। ग्रामीण विकास को सुदृढ़ बनाने के लिए जी राम जी कानून के अंतर्गत तालाब, स्कूल, अस्पताल, आंगनबाड़ी केंद्र, सड़क जैसे आवश्यक ढांचे का निर्माण किया जाएगा। साथ ही गरीब परिवारों और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए स्किल सेंटर एवं हाट बाजार स्थापित किए जाएंगे। डॉ. शर्मा ने कहा कि प्रदेश में रबी और खरीफ सीजन के दौरान किसानों को बुवाई एवं कटाई के समय श्रमिकों की कमी का सामना करना पड़ता था। इसे ध्यान में रखते हुए नए कानून में राज्य सरकार को यह अधिकार दिया गया है कि वह खेती के मौसम में, जब श्रमिकों की अधिक आवश्यकता हो, तब अधिकतम 60 दिनों तक जी राम जी कानून के तहत चल रहे कार्यों को स्थगित कर सके। इससे खेतों में श्रमिकों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और श्रमिकों को 125 दिनों की रोजगार गारंटी के अतिरिक्त 60 दिनों तक काम करने का अवसर भी मिलेगा। सहकारिता मंत्री ने कहा कि जी राम जी कानून के तहत देश में प्रत्येक श्रमिक को औसतन 7,180 रुपये का लाभ होगा, जबकि हरियाणा में पात्र श्रमिकों को सालाना 10 हजार रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलेगा, क्योंकि हरियाणा देश में सर्वाधिक न्यूनतम मजदूरी 400 रुपये प्रतिदिन प्रदान कर रहा है। नया कानून मनरेगा में मौजूद खामियों, फर्जी कर्मचारियों, डुप्लीकेट जॉब कार्ड और फर्जी भुगतान जैसी समस्याओं से श्रमिकों एवं राष्ट्र को होने वाले नुकसान से बचाएगा। उन्होंने कहा कि बायोमेट्रिक हाजिरी के माध्यम से केवल पात्र श्रमिकों को भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे फर्जी भुगतान और डुप्लीकेट जॉब कार्ड की समस्या का स्थायी समाधान होगा। विकसित भारत जी राम जी कानून उन वास्तविक श्रमिक लाभार्थियों का समर्थन करता है, जिन्हें पिछली सरकारों के दौरान वंचित किया गया था। प्रत्येक परियोजना की जियो-टैगिंग एवं सैटेलाइट इमेजरी से फर्जी परियोजनाओं का पंजीकरण संभव नहीं होगा। उन्होंने आगे कहा कि मनरेगा में जहां मजदूरी का भुगतान 15 दिनों में किया जाता था, वहीं विकसित भारत जी राम जी कानून के अंतर्गत मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक आधार पर या कार्य पूर्ण होने के अधिकतम 15 दिनों के भीतर करना अनिवार्य किया गया है।

अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता – मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने फरीदाबाद में आयोजित बजट पूर्व परामर्श बैठक के दूसरे सत्र में किया स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ संवाद, स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने आगामी बजट को लेकर दिए अपने सुझाव
प्रदेश के सभी नागरिक मेरा परिवार और परिवार के स्वास्थ्य की रक्षा करना मेरी सबसे बड़ी जिम्मेदारी – मुख्यमंत्री

चंडीगढ़, 09 जनवरी, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आगामी वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश के आम बजट को लेकर बजट पूर्व परामर्श बैठकों की श्रृंखला लगातार जारी है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को फरीदाबाद के सूरजकुंड में आयोजित बैठक के दूसरे सत्र में स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ आगामी बजट को लेकर सार्थक संवाद किया। उन्होंने संवाद में शामिल प्रतिनिधियों को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह बैठक प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र के भविष्य को दिशा देने का एक सशक्त अवसर है। उन्होंने सत्र के शुभारंभ में राजा नाहर सिंह को बलिदान दिवस पर श्रद्धापूर्वक नमन किया। बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री विपुल गोयल, स्वास्थ्य मंत्री कुमारी आरती सिंह राव, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले राज्य मंत्री श्री राजेश नागर, पूर्व मंत्री एवं बल्लभगढ़ के विधायक श्री मूलचंद शर्मा, बड़खल के विधायक श्री धनेश अदलखा, एनआईटी के विधायक श्री सतीश फागना व मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर तथा प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
विकसित भारत 2047 के संकल्प का ग्रोथ इंजन बनेगा हरियाणा
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, जिनके पास वित्त मंत्री का प्रभार भी है, ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश को 2047 में विकसित बनाने का संकल्प लिया है। उस संकल्प में हरियाणा देश का ग्रोथ इंजन बनेगा। बीते माह केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने पंचकूला में हरियाणा के विजन डॉक्यूमेंट 2047 को भी लॉन्च किया। उन्होंने कहा कि इस बार बजट में सभी वर्गों के सुझाव लिए गये है, जिससे यह बजट सरकार का न होकर प्रदेश के जनमानस का बजट होगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हमारा ध्येय
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि इस वर्ष स्वास्थ्य क्षेत्र को बजट-पूर्व परामर्श की प्राथमिकता में रखा गया है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य आम नागरिक के जीवन का आधार है। हरियाणा का प्रत्येक नागरिक मेरा परिवार है और इस परिवार के स्वास्थ्य की रक्षा करना मेरी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। सरकार का संकल्प है कि स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाएं केवल फाइलों तक सीमित न रहें, बल्कि जमीन पर प्रभावी रूप से दिखाई दे और अंतिम व्यक्ति तक उनका लाभ पहुंचे।
हेल्थ इंफ्रा, मानव संसाधन और सेवाओं को बनाया जाएगा सशक्त
मुख्यमंत्री ने कहा कि वही नीति प्रभावी होती है, जो स्वास्थ्य को सुविधा नहीं, बल्कि अधिकार के रूप में देखे। इसी दृष्टिकोण के तहत पिछले वर्ष स्वास्थ्य बजट में 8.7 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष लक्ष्य स्वास्थ्य बजट को दो अंकों की वृद्धि तक ले जाने का है, जिससे हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर, मानव संसाधन और सेवाओं को और सशक्त किया जा सके।
मौजूदा वित्त वर्ष में स्वास्थ्य क्षेत्र खर्च हुए 6 हजार 711 करोड़
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि वर्ष 2025-26 के बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रावधानों पर अब तक 6 हजार 711 करोड़ 82 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। संकल्प पत्र के वायदे को पूरा करते हुए प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में डायलिसिस की सुविधा निशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही है। प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में सीटी स्कैन, एमआरआई, अल्ट्रासाउंड, ब्लड एनालाइजर और डिजिटल एक्स-रे जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने बताया कि जिला अस्पतालों में निजी कमरों की व्यवस्था की गई है, डे-केयर कैंसर सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं तथा सभी जिला अस्पतालों और सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 50 बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक बनाए जा रहे हैं। इसके साथ ही प्रदेश के सभी ब्लड बैंकों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है, ताकि आपात स्थितियों में सुरक्षित और त्वरित रक्त आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
जिनके सुझाव होंगे बजट में शामिल, उन्हें बजट भाषण सुनने के लिए विधानसभा में किया जाएगा आमंत्रित
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना ही सुशासन की वास्तविक पहचान है। मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों से अगले 8दृ10 दिनों में और सुझाव देने तथा चैटबॉट के माध्यम से भेजने का आग्रह किया। बैठक में पहुंचे स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने आगामी बजट को लेकर अपने सुझाव दिए और विभिन्न प्रावधानों को लेकर अधिकारियों के साथ व्यापक विचार विमर्श किया। मुख्यमंत्री ने सभी सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन हितधारकों के सुझाव बजट 2026-27 में शामिल किए जाएंगे, उन्हें विधानसभा में बजट भाषण सुनने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल, स्वर्ण जयंती हरियाणा वित्तीय प्रबंधन संस्थान के महानिदेशक डा. राज नेहरू, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री राजीव जेटली, फरीदाबाद की मेयर श्रीमती प्रवीण जोशी तथा मैक्स हेल्थकेयर, एसएसबी हार्ट एंड मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल, प्रेम हॉस्पिटल, एशियन हॉस्पिटल, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, नीमा, एसोसिएशन ऑफ इंडियन मेडिकल इंडस्ट्री, इंद्रप्रस्थ अपोलो, इंडियन डेंटल एसोसिएशन, आदि संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री की विकसित भारत रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन कानून 2025 को मजबूती के साथ लागू कर रहे हैं मुख्यमंत्री: श्याम सिंह राणा
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने कुरुक्षेत्र में प्रेसवार्ता को किया संबोधित
नए प्रावधानों के तहत, रोजगार गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन करने से श्रमिकों की गारंटीशुदा मजदूरी को मिला बढ़ावा
जी राम जी एक्ट भ्रष्टाचार मुक्त ग्रामीण रोजगार की गारंटी

चंडीगढ़, 09 जनवरी, अभीतक: हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की विकसित भारत रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) कानून 2025 को मजबूती के साथ हरियाणा प्रदेश में लागू कर रहे हैं। ये विकसित भारत रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) कानून 2025 भ्रष्टाचार मुक्त ग्रामीण रोजगार की गारंटी प्रदान करता है। यह ग्रामीण रोजगार नीति अधिक गारंटी वाले कार्य दिवस, उच्च मजदूरी, पारदर्शी भुगतान और टिकाऊ संपत्तियों के निर्माण को सुनिश्चित करता है। इस नए कानून से पहले की मनरेगा योजना में भ्रष्टाचार और खामियों को दूर किया गया है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा शुक्रवार को कुरुक्षेत्र में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने श्रमिकों के कल्याण और गांवों के विकास में एक और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए विकसित भारत-जी राम जी योजना शुरू की है। यह विषय देश के करोड़ों ग्रामीण श्रमिकों, किसानों और मेहनतकश परिवारों से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि वीबी जी राम जी कानून का उद्देश्य उन वास्तविक श्रमिक लाभार्थियों का समर्थन करना है, जिन्हें पिछली सरकारों ने धोखा दिया था। यह अधिनियम परियोजनाओं की वास्तविक समय में निगरानी की व्यवस्था करता है, मजदूरी भुगतान में पारदर्शिता सुनिश्चित करता है। श्रमिकों को गारंटीकृत रोजगार बढ़ाकर अधिक मजदूरी देती है। ये श्रमिक अब भ्रष्ट ठेकेदारों, अधिकारियों या राजनेताओं की तिजोरिया भरने के लिए नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण की दिशा में काम करेंगे।
रोजगार गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किया
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि नए प्रावधानों के तहत रोजगार गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन करने से श्रमिकों की गारंटीशुदा मजदूरी को काफी बढ़ावा मिला है। इसके माध्यम से सरकार श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने का प्रयास कर रही है। इससे पूरे भारत वर्ष में एक ग्रामीण अकुशल श्रमिक की वार्षिक आय में औसतन 7 हजार रुपये से अधिक की बढ़ोतरी होगी। हरियाणा में मजदूरी दर ज्यादा है, इसलिए हर श्रमिक को कम से कम 10 हजार रुपये अधिक मिलेंगे।

पिछले 11 वर्षों में देश ने देखा सकारात्मक परिवर्तन, जनता ने महसूस किया कि यह सरकार मेरी है, यही सच्चा सुशासन है- मुख्यमंत्री
हरियाणा को शिक्षा और गवर्नेस के क्षेत्र में राष्ट्रीय मॉडल राज्य बनाने की दिशा में अहम कदम, मुख्यमंत्री ने नीव पोर्टल का किया शुभारंभ
ज्ञान सेतू के अंतर्गत स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट और विभिन्न विश्वविद्यालयों के बीच हुआ एमओयू
बजट में पहली बार शोध (रिसर्च) के लिए 20 करोड़ रुपये का प्रावधान

चंडीगढ़, 09 जनवरी, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनकल्याण हेतु किए गए कार्यों और नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन से देशवासियों को आज एक बड़ा सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार की मूल जिम्मेदारी जनता के हित में कार्य करना होती है और आज देश व प्रदेश के नागरिक यह अनुभव कर रहे हैं कि यह सरकार वास्तव में उनकी अपनी सरकार हैकृयही सुशासन का सच्चा स्वरूप है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब लोग यह मानते थे कि केवल पाँच वर्ष पूरे करने होते हैं और फिर सरकार बदल ही जाती है, लेकिन आज स्थिति बदल चुकी है। अब जनता बदलाव नहीं, बल्कि धरातल पर दिखाई देने वाला ठोस और परिणाममुखी कार्य चाहती है। मुख्यमंत्री वीरवार को पंचकूला में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों और सतत मूल्यांकन के लिए ‘नेशनल एजुकेशन इवैल्यूएशन एंड वेलिडेशन (नीव) पोर्टल’का शुभारंभ किया। साथ ही, मुख्यमंत्री की उपस्थिति में श्ज्ञान सेतुश् पहल के अंतर्गत स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट और विभिन्न विश्वविद्यालयों के बीच एमओयू पर हस्तासक्षर किए गए।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति डिग्री के साथ कौशल और आत्मनिर्भरता पर आधारित दूरदर्शी पहल
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज का दिन हरियाणा के शैक्षणिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा, क्योंकि आज हरियाणा के शिक्षा परिदृश्य को एक नई दिशा मिली है, जो प्रदेश के भविष्य को सशक्त आधार प्रदान करेगी। आज हुए सभी एमओयू का उद्देश्य दूरदर्शी सोच पर आधारित है, ताकि हरियाणा अपनी जड़ों से जुड़ते हुए मजबूती के साथ आगे बढ़ सके। इसी क्रम में 24 दिसंबर को केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा विजन डॉक्यूमेंटदृ2047 का शुभारंभ किया गया था। यह संकल्प प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के विजन के अंतर्गत है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जिसका उद्देश्य ऐसी शिक्षा व्यवस्था विकसित करना है जो केवल कागजी डिग्रियों तक सीमित न रहे। इस नीति के तहत शिक्षा को कौशल-आधारित बनाया गया है, ताकि युवा शिक्षित होने के साथ-साथ उसके पास ऐसे व्यावहारिक हुनर हों जो उसे आत्मनिर्भर बनाएं और सम्मानजनक आजीविका अर्जित करने में सक्षम करें। इसी सोच के अनुरूप हरियाणा को देश का ग्रोथ इंजन बनाने की बड़ी जिम्मेदारी हम सभी की है और आज हुए एमओयू का लाभ आने वाले समय में प्रदेश की जनता, विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों को मिलेगा।
बजट में पहली बार शोध (रिसर्च) के लिए 20 करोड़ रुपये का प्रावधान
मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में पहली बार शोध (रिसर्च) के लिए 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम है। बजट तैयार करते समय हमारी यह स्पष्ट सोच थी कि विश्वविद्यालय शोध के क्षेत्र में आगे आएँ और विद्यार्थी जमीनी समस्याओं के समाधान से जुड़ें। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि आज हम देख रहे हैं कि जलभराव (वॉटरलॉगिंग) एक गंभीर समस्या बन चुकी है, इसलिए एक विश्वविद्यालय इस विषय पर गहन शोध कर स्थायी समाधान सुझाए।
मोदी सरकार की जनकल्याणकारी पहलों से बदली देश-प्रदेश की तस्वीर
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले जिन मुद्दों पर कभी गंभीरता से विचार नहीं हुआ, उन्हें प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ठोस सोच के साथ अमल में लाकर जनकल्याण का माध्यम बनाया। मोदी सरकार की जनकल्याणकारी पहलों से देश-प्रदेश की तस्वीर बदली है। आयुष्मान भारतदृचिरायु योजना से करोड़ों लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा मिली, हर घर नल से जल योजना ने ग्रामीण महिलाओं की कठिनाइयाँ कम कीं, ‘म्हारा गांव-जगमग गांव’ पहल से हरियाणा में अधिकांश गांवों में 24 घंटे बिजली पहुंची और उज्ज्वला योजना से गरीब परिवारों को गैस कनेक्शन मिले। इन पहलों ने बुनियादी समस्याओं का समाधान कर लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का एक स्पष्ट और दूरदर्शी विजन हैकृविकसित भारत का। उन्होंने 2014 के बाद संकल्प लिया और विजन रखा कि भारत दुनिया की पाँचवीं आर्थिक शक्ति बनेगा और भारत ने इस लक्ष्य को प्राप्त भी किया। इसके बाद आज भारत दुनिया की चैथी बड़ी अर्थव्यवस्थां बन चुका है और तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनने की ओर तेजी से अग्रसर है। उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में देश में एक व्यापक और स्पष्ट बदलाव दिखाई देता है, जिसकी चर्चा आमजन से लेकर हर वर्ग में हो रही है। आज किए गए एमओयू का उद्देश्य भी यही है कि विकसित भारत की परिकल्पना को विकसित हरियाणा से जोड़ते हुए आने वाले समय में प्रमुख स्तंभों को और सुदृढ़ किया जाए, जिसमें रिसर्च के क्षेत्र को प्राथमिकता दी गई है।
एआई प्री-बजट फीडबैक पोर्टल लॉन्च, नागरिकों के सुझावों से बनेगा जनभागीदारी वाला बजट
मुख्यमंत्री ने कहा कि गत दो दिन पहले ही एआई प्री-बजट फीडबैक पोर्टल लॉन्च किया गया है। इस पर नागरिक और विभिन्न हितधारक अपने सुझाव दे सकते हैं। विद्यार्थियों भी अच्छे और उपयोगी सुझाव दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह बजट सरकार का नहीं, बल्कि जनता का बजट है, जिसमें लोगों की भागीदारी जरूरी है। अधिक से अधिक सुझाव आएँगे तो प्रदेश के विकास के लिए बेहतर और प्रभावी निर्णय लिए जा सकेंगे।
हरियाणा सरकार किसानों को फसल विविधीकरण और आधुनिक हॉर्टिकल्चर की ओर कर रही प्रोत्साहित
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि किसान की स्वाभाविक अपेक्षा होती है कि उसकी पैदावार बढ़े और आय में वृद्धि हो, लेकिन अत्यधिक रासायनिक खाद का उपयोग करने या बार-बार एक ही फसल पर निर्भर रहने से सीधा नुकसान मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण पर पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने किसानों को फसल विविधीकरण की ओर ले जाने, विशेषकर हॉर्टिकल्चर की तरफ प्रोत्साहित करने के लिए नीतियाँ बनाई हैं। एक्सीलेंस सेंटर स्थापित करने की घोषणाएँ इसी दिशा में की गईं हैं, ताकि किसान प्राकृतिक खेती अपनाएँ, रसायनों का कम उपयोग करें और इसके लिए उन्हें प्रोत्साहन भी मिले। साथ ही, निर्यात की अपार संभावनाओं को देखते हुए इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। गन्नौर में बन रही अत्याधुनिक हॉर्टिकल्चर मंडी इसका बड़ा उदाहरण है, जिससे किसानों को बेहतर बाजार, बेहतर दाम और अधिक आय मिलेगी। आज समय की जरूरत पारंपरिक फसलों की बजाय नई फसलों, नई तकनीकों और मूल्यवर्धन की दिशा में बढ़ने की है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बल पर किसान इस बदलाव को आत्मसात करेंगे और आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम हरियाणा के लोगों को स्पष्ट रूप से दिखाई देंगे।
मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालयों को कौशल आधारित प्रशिक्षण और उद्योग-विशेष पोर्टल विकसित करने का किया आह्वान
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री और विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के बीच महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष संवाद सत्र आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री ने कुलपतियों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने विश्वविद्यालयों में उद्योगों की मांग के अनुरूप युवाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण उपलब्ध करवाएं। इससे न केवल उद्योगों को आवश्यकतानुसार प्रशिक्षित कार्यशक्ति मिलेगी, बल्कि युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर भी प्राप्त होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दिशा में एक समर्पित पोर्टल विकसित किया जाना चाहिए, जहां औद्योगिक इकाइयां अपनी योग्यता और कौशल के अनुरूप आवश्यकताओं को पोर्टल पर अपलोड कर सकें।
विश्वविद्यालय रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देते हुए हरियाणा को बनाएं अग्रणी: मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी
इससे पहले हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने कहा कि प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय हरियाणा विजन डॉक्यूमेंट-2047 के अनुरूप कृषि प्रधान राज्य हरियाणा को मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर के रूप में तेजी से विकसित करने की दिशा में कार्य करें। उन्होंने विश्वविद्यालयों में शोध और नवाचार को बढ़ावा देने पर बल देते हुए कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा 20 करोड़ रुपये का हरियाणा स्टेट रिसर्च फंड स्थापित किया गया है, ताकि उच्च शिक्षण संस्थानों में रिसर्च और इनोवेशन को प्रोत्साहन दिया जा सके। हरियाणा शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विनित गर्ग ने कहा कि विश्वविद्यालयों और अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों में एआई, सेमीकंडक्टर सहित विभिन्न नए कोर्स शुरू किए जाने चाहिए, ताकि उद्योगों की बढ़ती मांग के अनुरूप युवाओं का कौशल विकास सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में संसाधनों के आपसी आदान-प्रदान के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि राज्य में हर 20 किलोमीटर पर राजकीय महाविद्यालय स्थापित किए जा चुके हैं और उन सभी महाविद्यालयों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के मापदंडों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के ओएसडी एवं हरियाणा वित्तीय प्रबंधन संस्थान के महानिदेशक डॉ. राज नेहरू ने कहा कि हरियाणा में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी कार्यान्वयन तथा प्रदेश को इस दिशा में देश का अग्रणी राज्य बनाने के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के विजन को साकार करने के लिए ‘नीव’ पोर्टल तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि यह पोर्टल स्वर्ण जयंती वित्तीय प्रबंधन संस्थान और विश्वविद्यालयों के सहयोग से विकसित किया गया है, जिस पर सभी स्कूल, महाविद्यालय और विश्वविद्यालय चरणबद्ध तरीके से डेटा अपलोड करेंगे।

कैबिनेट मंत्री श्रुति चैधरी के अथक प्रयासों से चैधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय, भिवानी को पानी की आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने का मार्ग हुआ प्रशस्त
राज्य सरकार ने पंपिंग स्टेशन स्थापित करने हेतु आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने के लिए एनओसी की जारी
इससे विश्वविद्यालय परिसर में पेयजल एवं अन्य जल आवश्यकताओं की पूर्ति होगी सुनिश्चित

चंडीगढ़, 09 जनवरी, अभीतक: हरियाणा की सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रुति चैधरी ने बताया कि राज्य सरकार ने चैधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय, भिवानी को पानी की आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार द्वारा निगाना फीडर के आरडी 33300-एल पर पंपिंग स्टेशन स्थापित करने हेतु आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि इस पंपिंग स्टेशन के माध्यम से विश्वविद्यालय परिसर में पेयजल एवं अन्य जल आवश्यकताओं की पूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी, जिससे विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। यह निर्णय उच्च शिक्षा संस्थानों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री ने बताया कि यह कार्य सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की निगरानी और देखरेख में किया जाएगा, ताकि पास से गुजरने वाले चैनल की सुरक्षा बनी रहे और जल प्रबंधन से संबंधित सभी तकनीकी मानकों का पूर्ण रूप से पालन किया जा सके। विभाग यह भी सुनिश्चित करेगा कि पंपिंग स्टेशन के निर्माण से किसी प्रकार की क्षति या बाधा उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में जल संसाधनों के समुचित उपयोग और संरक्षण के लिए लगातार कार्य कर रही है तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और जनहित से जुड़े संस्थानों को आवश्यक जल सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व, सकारात्मक सोच और समयबद्ध निर्णयों के कारण यह कार्य सफलतापूर्वक संभव हो सका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ा रही है और मुख्यमंत्री स्वयं योजनाओं की निरंतर समीक्षा कर रहे हैं। गौरतलब है कि मंत्री के प्रयासों, संबंधित विभागों के आपसी समन्वय तथा प्रशासनिक सक्रियता के चलते इस कार्य का धरातल पर लाभ मिलेगा।

हरियाणा सरकार की मधुमक्खी पालकों के लिए बड़ी पहल : कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा
शहद भी आया भावांतर भरपाई योजना के तहत
चंडीगढ़, 09 जनवरी, अभीतक: हरियाणा सरकार ने मधुमक्खी पालकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भावांतर भरपाई योजना के तहत शहद के लिए संरक्षित मूल्य तय किया है।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह निर्णय राज्य सरकार की किसान हितैषी सोच और कृषि से जुड़ी सहायक गतिविधियों को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत शहद का संरक्षित मूल्य 120 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया गया है। इससे मधुमक्खी पालकों को बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव से राहत मिलेगी और उन्हें अपने उत्पाद का उचित मूल्य सुनिश्चित होगा। कृषि मंत्री ने कहा कि मधुमक्खी पालन किसानों के लिए आय का एक महत्वपूर्ण अतिरिक्त स्रोत बनकर उभरा है। यह न केवल किसानों की आमदनी बढ़ाता है, बल्कि परागण के माध्यम से फसलों की उत्पादकता बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार कृषि विविधीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। शहद के लिए संरक्षित मूल्य तय करना मधुमक्खी पालकों के हित में एक ऐतिहासिक कदम है। कृषि मंत्री ने जानकारी दी कि उक्त योजना के तहत पंजीकरण और सत्यापन की प्रक्रिया मधुक्रांति पोर्टल (उंकीनातंदजप.पद) तथा भावान्तर भरपाई योजना पोर्टल (शहद) ीवतजींतलंदं.हवअ.पद के माध्यम से की जाएगी। पंजीकरण की अवधि 1 जनवरी से 30 जून 2026 तक निर्धारित की गई है। योजना का लाभ लेने के लिए हरियाणा राज्य की सीमा के भीतर सत्यापन अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि लाभार्थियों को परिवार पहचान पत्र और बैंक खाते के विवरण के आधार पर सत्यापन कराना होगा। यह प्रक्रिया अधिकृत अधिकारियों द्वारा पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न की जाएगी, ताकि योजना का लाभ वास्तविक मधुमक्खी पालकों तक पहुंच सके। श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि यह पहल सरकार के किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य के अनुरूप है और इससे ग्रामीण युवाओं व किसानों को मधुमक्खी पालन अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। कृषि मंत्री ने राज्य के सभी मधुमक्खी पालकों से अपील की कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना पंजीकरण कराएं और योजना का पूरा लाभ उठाएं। अधिक जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 1800-180-2021 पर संपर्क किया जा सकता है। इस पहल के साथ हरियाणा सरकार ने एक बार फिर किसान कल्याण और ग्रामीण विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से दोहराया है।

हरियाणा में लंबित म्यूटेशन निपटाने के लिए ‘जलसा-ए-आम’ अभियान शुरू
एग्रीस्टैक और डिजिटल राजस्व सुधारों को मिलेगी रफ्तार

चंडीगढ़, 09 जनवरी, अभीतक: जन सुविधाओं को सुदृढ़ करने और नागरिक-केंद्रित शासन को मजबूती देने की दिशा में हरियाणा सरकार ने समयबद्ध राज्यव्यापी अभियान ‘जलसा-ए-आम’ शुरू किया है। इसके तहत सभी लंबित म्यूटेशन मामलों का निपटान किया जाएगा। साथ ही एग्रीस्टैक के क्रियान्वयन, डिजिटल राजस्व सुधारों, भूमि विभाजन मामलों के निस्तारण, अंतर-राज्य सीमा चिह्नांकन तथा व्यापक शीतलहर तैयारियों को गति दी जाएगी। इन उपायों की समीक्षा एवं घोषणा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तायुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने आज यहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपायुक्तों के साथ आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में की। जलसा-ए-आम अभियान जनवरी माह के शनिवारों 10, 17, 24 और 31 जनवरी को आयोजित किया जाएगा, ताकि म्यूटेशन मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके। डॉ. मिश्रा ने अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, ताकि अधिकतम जनभागीदारी सुनिश्चित हो सके। वर्तमान में राज्य में 143 तहसीलों और 7,104 गांवों में 1,89,635 म्यूटेशन आवेदन प्रक्रियाधीन हैं। उपायुक्तों को 10 दिनों से अधिक समय से लंबित 50,794 मामलों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं, जिनमें फरीदाबाद, पलवल और अंबाला पर विशेष फोकस रहेगा। जनता की असुविधा को कम करने के लिए राज्य ऑटो-म्यूटेशन की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिसके लिए मौजूदा बैकलॉग का प्राथमिकता से निपटान आवश्यक है। भूमि विभाजन के लंबे समय से लंबित मामलों पर जोर देते हुए डॉ. मिश्रा ने पंजाब भूमि राजस्व अधिनियम की प्रतिस्थापित धारा 111ए के सख्त अनुपालन के निर्देश दिए, जो त्वरित निस्तारण का प्रावधान करती है। निस्तारण में तेजी लाने के लिए प्रत्येक सहायक कलेक्टर (द्वितीय श्रेणी) को प्रति माह न्यूनतम 12 विभाजन मामलों का निपटान करने का लक्ष्य दिया गया है, जबकि कम कार्यभार वाले तहसीलदारों को प्रति माह 20 मामलों का लक्ष्य सौंपा गया है। जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए डॉ. मिश्रा ने त्रि-स्तरीय निगरानी तंत्र स्थापित करने के निर्देश दिए, जिसके तहत जिला, मंडल और राज्य स्तर पर मासिक समीक्षा की जाएगी। उन्होंने वैकल्पिक विवाद समाधान (।क्त्) तंत्र शुरू करने के भी निर्देश दिए, जिसके अंतर्गत सेवानिवृत्त राजस्व अधिकारियों को अनुबंध के आधार पर गांव-स्तरीय शिविरों में सहमति-आधारित समाधान हेतु नियुक्त किया जाएगा। प्रत्येक सफलतापूर्वक सुलझे मामले पर 10,000 रुपये का मानदेय स्वीकृत किया गया है, जिसे विवादित पक्षकारों द्वारा समान रूप से साझा किया जाएगा। उपायुक्तों को अधिक संख्या में लंबित राजस्व मामलों वाले गांवों में ।क्त् शिविर आयोजित करने हेतु सेवानिवृत्त राजस्व अधिकारियों को पैनल में शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
डिजिटल परिवर्तन की उपलब्धियां’
डिजिटल राजस्व प्रशासन की प्रगति की समीक्षा करते हुए डॉ. मिश्रा ने बताया कि हरियाणा में 60 लाख से अधिक भूमि अभिलेखों का डिजिटलीकरण किया जा चुका है। पेपरलेस रजिस्ट्रेशन प्रणाली के शुभारंभ के बाद से 83,379 संपत्ति विलेख पेपरलेस मोड में पंजीकृत किए जा चुके हैं। कुल 1,17,931 विलेखों में से 90,711 को स्वीकृति मिली है, जो 76.9 प्रतिशत की स्वीकृति दर दर्शाता है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन पंजीकरण मामलों को दो से अधिक बार वापस किया गया हो, उन्हें समयबद्ध समाधान के लिए स्वतः वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा जाए।
ततिमा डिजिटलीकरण लगभग पूर्ण’
5 जनवरी, 2026 तक 6,351 जियो-रेफरेंस्ड गांवों में 60.43 लाख ततिमा रिकॉर्ड पूरे किए जा चुके हैं। महेंद्रगढ़ जिले में 99.7 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि भिवानी और जींद जिलों में क्रमशः 3.82 लाख और 4.28 लाख रिकॉर्ड पूरे किए जा चुके हैं। शेष जिलों को 31 जनवरी 2026 तक कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
एग्रीस्टैक का रोल आउट और अनुपालन उपाय’
एग्रीस्टैक के तहत 98 लाख से अधिक किसानों के लिए डेटा बकेट तैयार किए जा चुके हैं, जिनमें से 5.12 लाख नामांकन पूरे हो चुके हैं। डॉ. मिश्रा ने निर्देश दिए कि एग्रीस्टैक शिविरों में भूमि स्वामियों की च्च्च्-प्क् और आधार सीडिंग एक साथ की जाए और इसे एक माह के भीतर पूर्ण किया जाए। पीएम-किसान लाभार्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिन्हें कृषि विभाग द्वारा भेजे जाने वाले एसएमएस अलर्ट के माध्यम से जुटाया जाएगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि कृषि, राजस्व और ब्त्प्क् विभागों के अधिकारी फील्ड-स्तरीय शिविरों में एक साझा मंच पर कार्य करें, ताकि आधार-च्च्च् सीडिंग और राजस्व अभिलेखों का अद्यतन निर्बाध रूप से हो सके। डॉ. मिश्रा ने लंबित अनुशासनात्मक कार्यवाहियों के शीघ्र निस्तारण तथा राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम के तहत मध्यस्थता मामलों में न्यायालय-निर्देशित समय-सीमाओं के कड़ाई से पालन पर भी जोर दिया।
अंतर-राज्य सीमा चिह्नांकन’
हरियाणादृउत्तर प्रदेश सीमा पर 1,221 में से 535 सीमा स्तंभ अब तक स्थापित किए जा चुके हैं। सोनीपत जिले में 74.6 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है, इसके बाद पलवल और करनाल जिले हैं। शेष कार्य 18 फरवरी 2026 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
शीतलहर से निपटने की तैयारी और जन-अपील’
डॉ. मिश्रा ने बताया कि राज्य में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के दिशानिर्देशों के अनुरूप कोल्ड वेव एक्शन प्लान लागू किया गया है। चिकित्सा सामग्री और गर्म कपड़ों से सुसज्जित जिला-स्तरीय आपात प्रतिक्रिया टीमें सक्रिय कर दी गई हैं, जो 24 घंटे के भीतर प्रतिक्रिया देंगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे विशेषकर अकेले रहने वाले बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों वाले परिवारों जैसे संवेदनशील पड़ोसियों का ध्यान रखें। सामुदायिक केंद्रों, ग्राम पंचायतों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों से हाइपोथर्मिया और फ्रॉस्टबाइट के शुरुआती लक्षणों की पहचान पर जागरूकता शिविर आयोजित करने का आग्रह किया गया है। उन्होंने अत्यधिक ठंड के कारण किसी भी संकटग्रस्त व्यक्ति की सूचना आपात हेल्पलाइन 112 पर देने की अपील की।

प्रदेश में टीबी जांच को तेज किया जाए: स्वास्थ्य मंत्री
स्वास्थ्य अवसंरचना और आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता

चंडीगढ़, 09 जनवरी, अभीतक: हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने आज स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक का उद्देश्य राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाना, चिकित्सा संसाधनों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा विभिन्न प्रमुख स्वास्थ्य परियोजनाओं को तेजी से लागू करना रहा। इस बैठक में हरियाणा मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डॉ मनोज कुमार, महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ मनीष बंसल, डॉ कुलदीप सिंह, डॉ वीरेंद्र यादव सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। आरती सिंह राव ने बैठक के दौरान तपेदिक (टीबी) जांच से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि भारत सरकार के निर्देशों के अनुरूप राज्य में टीबी जांच को तेज किया जाए। इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री को जानकारी दी कि हरियाणा में टीबी के निदान हेतु प्रति वर्ष लगभग चार लाख व्यक्तियों की जांच करने की क्षमता है। जिला अस्पतालों में टीबी जांच के लिए पाथोडिटेक्ट मशीनों को खरीदध्रीएजेंट रेंटल मॉडल के माध्यम से स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया, जिस पर संबंधित विक्रेताओं से प्रस्ताव मंगवाकर आगामी स्टेट हाई पॉवर परचेज कमेटी (एसएचपीपीसी) बैठक में विचार किया जाएगा। वहीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (ब्भ्ब्) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (च्भ्ब्) स्तर पर टीबी जांच के लिए ट्रूनैट मशीनें खरीदने का निर्णय लिया गया, जिसका एजेंडा भी अगली एसएचपीपीसी बैठक में रखा जाएगा। बैठक में सीटी स्कैन और एमआरआई सुविधाओं को पीपीपी (च्च्च्) मोड पर संचालित करने के विषय पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि ये सेवाएं राज्य के कई जिलों में पहले से संचालित हैं। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने निर्देश दिए कि शीघ्र ही सभी जिला अस्पतालों में सीटी और एमआरआई सेवाएं शुरू की जाएं। इसके अलावा, सभी जिला अस्पतालों में विभिन्न पैथोलॉजी जांचों को एक ही एजेंसी के माध्यम से संचालित करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया। बताया गया कि उत्तर प्रदेश सहित देश के कई राज्यों में यह मॉडल सफलतापूर्वक अपनाया जा रहा है। बैठक में स्वास्थ्य संस्थानों में ट्रॉमा से संबंधित सेवाओं को और अधिक मजबूत करने पर भी जोर दिया गया, ताकि आपातकालीन स्थिति में मरीजों को बेहतर और त्वरित उपचार मिल सके। स्वास्थ्य मंत्री ने चिकित्सा उपकरणों की चल रही खरीद प्रक्रियाओं की भी समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पतालों की आवश्यकताओं के अनुरूप उपकरणों की खरीद में तेजी लाई जाए। साथ ही, सभी स्वास्थ्य संस्थानों में दवाइयों और उपभोग्य सामग्रियों की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। बैठक में दवाओं के लिए नॉन-अवेलेबिलिटी सर्टिफिकेट (छ।ब्) जारी करने की प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाने पर भी चर्चा हुई। स्वास्थ्य मंत्री ने निर्देश दिए कि इस व्यवस्था को जमीनी स्तर की जरूरतों के अनुरूप और अधिक संवेदनशील बनाया जाए। स्वास्थ्य मंत्री ने सभी अधिकारियों को सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करते रहने का आह्वान किया।

हरियाणा सरकार ने एचसीएस https://hpsc.gov.in/en&us/ परीक्षा पाठ्यक्रम में किया संशोधन
मुख्य परीक्षा में सामान्य अध्ययन के होंगे 4 पेपर

चंडीगढ़, 09 जनवरी, अभीतक: हरियाणा सरकार ने प्रदेश के शीर्ष प्रशासनिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए हरियाणा सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) एवं संबद्ध सेवाओं की परीक्षा के पाठ्यक्रम में व्यापक संशोधन किया है। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा इस संबंध में एक अधिसूचना जारी की गई है। प्रारंभिक परीक्षा में अब कुल 400 अंकों के दो वस्तुनिष्ठ प्रश्नपत्र होंगे। प्रश्नपत्र-प् (सामान्य अध्ययन) में सामान्य विज्ञान, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय समसामयिक घटनाएं, भारतीय इतिहास एवं स्वतंत्रता आंदोलन, भारतीय एवं विश्व भूगोल, भारतीय राजनीति, अर्थव्यवस्था, संस्कृति तथा तार्किक क्षमता से संबंधित विषय शामिल होंगे। इसमें हरियाणा की अर्थव्यवस्था, समाज, संस्कृति और भाषा से जुड़े पहलू भी अंतर्निहित रहेंगे। प्रश्नपत्र-प्प् (सिविल सेवा अभिरुचि परीक्षा) में अभ्यर्थियों की समझ, तार्किक विवेचना, निर्णय क्षमता, समस्या समाधान, सामान्य मानसिक क्षमता, कक्षा 10 के स्तर की संख्यात्मक योग्यता तथा आंकड़ों की व्याख्या का परीक्षण किया जाएगा। मुख्य लिखित परीक्षा में कुल छह वर्णनात्मक प्रश्नपत्र होंगे, प्रत्येक प्रश्नपत्र तीन घंटे और 100 अंक का होगा, जिससे कुल अंक 600 हो जाएंगे। इस संशोधन के तहत वैकल्पिक विषय प्रणाली को समाप्त कर सामान्य अध्ययन के चार प्रश्नपत्र शामिल किए गए हैं। प्रश्नपत्र-प् (अंग्रेजी एवं निबंध) में गद्यांश की समझ, प्रेसी लेखन, शब्दावली, व्याकरण, रचना एवं किसी एक विषय पर सुव्यवस्थित और संक्षिप्त निबंध लेखन का मूल्यांकन होगा। प्रश्नपत्र-प्प् (हिंदी एवं हिंदी निबंधदृदेवनागरी लिपि) में अनुवाद, पत्र एवं प्रेसी लेखन, गद्य-पद्य व्याख्या, मुहावरे, शुद्धि एवं विषय आधारित निबंध शामिल हैं। सामान्य अध्ययन-प् में प्राचीन से आधुनिक काल तक की भारतीय कला, साहित्य एवं स्थापत्य, 18वीं सदी से आधुनिक भारतीय इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम, स्वतंत्रता पश्चात राष्ट्र निर्माण, विश्व इतिहास, भारतीय समाज की विविधता, सामाजिक मुद्दे, भौतिक एवं मानव भूगोल तथा हरियाणा से संबंधित पहलुओं को शामिल किया गया है। सामान्य अध्ययन-प्प् में भारतीय संविधान की विकास यात्रा, विशेषताएं, संशोधन, संघीय ढांचा, संसद एवं विधानमंडलों की कार्यप्रणाली, कार्यपालिका एवं न्यायपालिका, संवैधानिक एवं वैधानिक संस्थाएं, शासन, कल्याणकारी योजनाएं, ई-गवर्नेंस, नागरिक सेवाओं की भूमिका, अंतरराष्ट्रीय संबंध एवं हरियाणा से जुड़े समकालीन मुद्दे सम्मिलित हैं। सामान्य अध्ययन-प्प्प् में भारतीय अर्थव्यवस्था, कृषि, औद्योगिक नीति, अवसंरचना, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण संरक्षण, आपदा प्रबंधन, आंतरिक सुरक्षा तथा हरियाणा से संबंधित विषयों को स्थान दिया गया है। सामान्य अध्ययन-प्ट (नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं अभिरुचि) में केस स्टडी के माध्यम से लोक जीवन में नैतिक मूल्यों, ईमानदारी, उत्तरदायित्व, सहानुभूति, भावनात्मक बुद्धिमत्ता, सार्वजनिक सेवा में आचरण, पारदर्शिता, सूचना का अधिकार तथा भ्रष्टाचार से जुड़ी चुनौतियों का आकलन किया जाएगा।

21 जनवरी सेे संचालित होगी सीनियर सैकेण्डरी (शैक्षिक, मुक्त विद्यालय) की विशेष अंक सुधार परीक्षा
संशोधित तिथि-पत्र बोर्ड की वेबसाइट पर उपलब्ध

चंडीगढ़, 09 जनवरी, अभीतक: हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी द्वारा सीनियर सैकेण्डरी (शैक्षिकध्मुक्त विद्यालय) विशेष अंक सुधार परीक्षा जनवरी-2026 की परीक्षाएं 21 जनवरी से संचालित करवाए जाने का निर्णय लिया गया है। परीक्षाओं का तिथि-पत्र बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट ूूू.इेमी.वतह.पद पर अपलोड कर दिया गया है। ज्ञात रहे यह परीक्षाएं 06 जनवरी से संचालित होनी थी। यह जानकारी देते हुए बोर्ड प्रवक्ता ने बताया कि सीनियर सैकेण्डरी (शैक्षिकध्मुक्त विद्यालय) विशेष अंक सुधार परीक्षा जनवरी-2026 का आयोजन 21 जनवरी से 31 जनवरी, 2026 तक करवाया जाएगा। परीक्षाओं का समय सायं 2 बजे से 5 बजे तक रहेगा। उन्होंने आगे बताया कि विशेष अंक सुधार परीक्षा के लिए लगभग 2600 परीक्षार्थियों ने आवेदन किया है। यह परीक्षाएं प्रदेशभर में 06 परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित करवाई जाएँगी, जिसमें 02 हिसार, 01 गुरूग्राम, 01 रोहतक, 01 करनाल तथा 01 परीक्षा केन्द्र भिवानी में स्थापित किया गया है। उन्होंने बताया कि परीक्षाओं से सम्बन्धित नवीनतम जानकारी हेतु परीक्षार्थी समय-समय पर बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करते रहें।

न्यू रोहतक रोड पर रहेगी पाबंदियां’
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी में बताया कि न्यू रोहतक रोड पर अंडरग्राउंड केबल मेंटेनेंस और अपग्रेडेशन का काम चल रहा है। मेंटिनेंस का काम कमल टी-पॉइंट से लिबर्टी सिनेमा की ओर पहाड़गंज तक के रास्ते पर किया जा रहा है। इसके कारण न्यू रोहतक रोड पर गाड़ियों की आवाजाही 31 जनवरी तक सीमित रहेगी। इस प्रोजेक्ट पर टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड काम कर रहा है।

नेहरू की गलतियों को स्वीकार करना जरूरी, लोकतंत्र विरोधी नहीं मोदी सरकार: थरूर का बड़ा बयान’
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने केरल विधानसभा अंतरराष्ट्रीय पुस्तक महोत्सव में जवाहरलाल नेहरू पर अपने विचार रखे। उन्होंने नेहरू को लोकतंत्र का संस्थापक बताया, लेकिन कहा कि वे उनके अंधभक्त नहीं हैं।

म्हारी सड़क ऐप पर आई शिकायतों का तुरंत हो समाधान!
लोक निर्माण एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने ‘म्हारी सड़क’ ऐप पर प्राप्त शिकायतों को प्रतिदिन देखने और उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिकारी स्वयं ऐप की निगरानी करें और शिकायतों का जवाब तय समय में दें।

गुजरात के राजकोट में भूकंप के झटके, 11 घंटे में 7 बार डोली धरतीय स्कूलों में छुट्टी
गुजरात के राजकोट में 11 घंटे में भूकंप के सात झटके लगे। दहशत में लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। स्कूलं में छुट्टी घोषित की गई है।

10 जनवरी से शुरू हो रहा है ॅवतसक ठववा थ्ंपत 2026, एंट्री रहेगी बिल्कुल फ्रीय पढ़ें सभी जरूरी डिटेल्स’
बुक लवर्स के लिए साल का सबसे बड़ा फेस्टिवल आ गया है। जी हां, 50 वर्षों से भी ज्यादा समय से पाठकों के दिलों पर राज करने वाला नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला इस जनवरी फिर से लौट रहा है। इस साल वर्ल्ड बुक फेयर का 53वां संस्करण आयोजित किया जा रहा है, जो कि 10 जनवरी से 18 जनवरी, 2026 तक चलेगा।

देश को मिला एक और सुरक्षा कवच, छैळ के बम डेटा सेंटर में अब होगी प्म्क् ब्लास्ट की सटीक जांच’
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एनएसजी मानेसर में नेशनल आईईडी डेटा मैनेजमेंट सिस्टम का वर्चुअल शुभारंभ किया। यह सिस्टम आतंकवादी घटनाओं और आईईडी विस्फोटों से जुड़े डेटा का वैज्ञानिक विश्लेषण करेगा, जिससे जांच तेज और सटीक होगी।

हरियाणा सरकार ने पेपरलेस रजिस्ट्री प्रक्रिया में अहम बदलाव’
नवंबर महीने में पेपरलेस रजिस्ट्री लागू होने के बाद टोकन नंबर जारी न होने की समस्या सामने आ रही थी। इस समस्या के समाधान के लिए सरकार ने एनआईसी समेत अन्य तकनीकी टीमों के साथ मिलकर सॉफ्टवेयर के यूनिक फाइल नंबर के आधार पर ही रजिस्ट्री करने का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था के तहत अब रजिस्ट्री के लिए फोटो या अन्य औपचारिकताओं के लिए अलग से टोकन नंबर की जरूरत नहीं होगी। आवेदन करते समय मिलने वाला फाइल नंबर ही टोकन नंबर के रूप में मान्य होगा। राजस्व विभाग ने पेपरलेस रजिस्ट्री को तेज और सुचारु बनाने के लिए सॉफ्टवेयर को अपडेट कर दिया है, जिससे तय समय में रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी हो सकेगी। अपडेट किए गए सॉफ्टवेयर सिस्टम के अनुसार अब पूरी रजिस्ट्री प्रक्रिया अधिकतम 7 दिनों में पूरी की जाएगी। इसमें आवेदन फॉर्म भरने से लेकर तहसीलदार की जांच और फोटो तक सभी कार्य शामिल होंगे। नई व्यवस्था में यदि किसी फाइल में देरी होती है तो संबंधित कर्मचारियों की जवाबदेही तय होगी और उन्हें फाइल रुकने का स्पष्ट कारण बताना होगा।

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के हरिपुरधार में बड़ा सड़क हादसा हो गया है। शिमला से कुपवी जा रही निजी बस ‘जीत कोच’ करीब 300 मीटर गहरी खाई में गिर गई. इस हादसे में 7 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई यात्री घायल बताए जा रहे हैं। रेणुकाजी से विधायक और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने हादसे की पुष्टि करते हुए इसे अत्यंत दुःखद बताया और कांग्रेस कार्यकर्ताओं से राहत-बचाव कार्य में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है।

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