



एनसीसी कैंप में इंडो अमेरिकन स्कूल के विद्यार्थी प्रतीक, देव व प्रिंस ने वॉलीबॉल प्रतियोगिता में शानदार खेल प्रतिभा का परिचय देते हुए पाया गोल्ड मेडल
झज्जर, 10 जनवरी, अभीतक: इंडो अमेरिकन स्कूल के विद्यार्थी समय-समय पर अपनी प्रतिभा, अनुशासन और परिश्रम के बल पर विद्यालय का नाम रोशन करते आ रहे हैं। इसी क्रम में 1 जनवरी से 10 जनवरी तक आयोजित एनसीसी कैंप में विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। एनसीसी कैंप के दौरान इंडो अमेरिकन स्कूल के विद्यार्थी प्रतीक, देव एवं प्रिंस ने वॉलीबॉल प्रतियोगिता में अपनी शानदार खेल प्रतिभा का परिचय देते हुए गोल्ड मेडल प्राप्त किया। खिलाड़ियों के बेहतरीन तालमेल, अनुशासन और मेहनत ने प्रतियोगिता में सभी का ध्यान आकर्षित किया। वहीं दूसरी ओर रिले रेस प्रतियोगिता में आदित्य ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। आदित्य की इस उपलब्धि ने विद्यालय का गौरव और बढ़ा दिया। इस अवसर पर स्कूल निदेशक बिजेंद्र काद्यान ने सभी विजेता विद्यार्थियों को उनकी सफलता पर हार्दिक बधाई दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि एनसीसी जैसे कैंप विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीम वर्क और राष्ट्रभक्ति की भावना का विकास करते हैं। विद्यालय सदैव विद्यार्थियों को खेलकूद एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करता रहेगा। विद्यार्थियों की इस सफलता से विद्यालय परिसर में हर्ष का माहौल है तथा शिक्षकगण एवं अभिभावकों ने भी छात्रों की उपलब्धियों पर गर्व व्यक्त किया है।

संस्कारम के होनहार छात्र रक्षित जांगड़ा का एसएसबी में चयन, एनडीए और प्रतियोगी परीक्षाओं में स्कूल का परचम
झज्जर, 10 जनवरी, अभीतक: संस्कारम पब्लिक स्कूल, खातीवास के नाम एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। झज्जर निवासी छात्र रक्षित जांगड़ा ने भारतीय सेना में अधिकारी बनने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव एसएसबी (सर्विस सिलेक्शन बोर्ड) को सफलतापूर्वक पार कर लिया है। रक्षित (सुपुत्र श्री विकास) को सेना के लिए रिकमेंड किया गया है, जिससे पूरे क्षेत्र और विद्यालय में खुशी की लहर दौड़ गई है। रक्षित की इस सफलता पर संस्कारम ग्रुप ऑफ स्कूल्स के चेयरमैन डॉ. महिपाल ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि विद्यालय में रक्षा सेवाओं के प्रति छात्रों को शुरू से ही तैयार किया जाता है। उन्होंने बताया कि संस्कारम में केवल शैक्षणिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि एनडीए की लिखित परीक्षा के साथ-साथ एसएसबी के पांच दिवसीय कठिन साक्षात्कार के लिए अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा विशेष ट्रेनिंग और पर्सनालिटी डेवलपमेंट सत्र आयोजित किए जाते हैं। रक्षित का चयन इसी सुनियोजित प्रशिक्षण का परिणाम है। संस्कारम स्कूल आज एक ऐसे केंद्र के रूप में उभरा है जहाँ एक ही छत के नीचे विद्यार्थियों को स्कूलिंग के साथ-साथ देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं जैसे एनईईटी, आईआईटी, सीएलएटी, सीए व सीएस के लिए विशेषज्ञ कोचिंग प्रदान की जाती है। डॉ. महिपाल ने जोर देकर कहा कि विद्यालय का डिफेंस विंग विशेष रूप से छात्रों में ऑफिसर लाइक क्वालिटीज विकसित करने और उनकी शारीरिक व मानसिक दृढ़ता को निखारने पर केंद्रित है, ताकि वे रक्षा सेवाओं में उच्च पदों पर आसीन हो सकें। रक्षित के पिता श्री विकास और उनके परिवार ने इस गौरवशाली क्षण पर विद्यालय प्रबंधन का आभार जताया, वहीं रक्षित की इस सफलता ने झज्जर और आसपास के क्षेत्रों के उन सभी युवाओं के लिए एक नई मिसाल पेश की है जो सेना में जाकर देश सेवा करने का जज्बा रखते हैं।





संस्कारम में एनसीसी कैडेट्स के गले में चमके पदक, डॉ. महिपाल ने विजेताओं को किया सम्मानित
झज्जर, 10 जनवरी, अभीतक: संस्कारम पब्लिक स्कूल, खातीवास में 8 हरियाणा एनसीसी बटालियन, रेवाड़ी द्वारा आयोजित 10 दिवसीय संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर (ब्।ज्ब्-157) के नौवें दिन आज भव्य मेडल सेरेमनी और ड्रिल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। समारोह में संस्कारम ग्रुप ऑफ स्कूल्स के चेयरमैन डॉ. महिपाल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत कर विजेता कैडेट्स का उत्साहवर्धन किया। शिविर के मुख्य आकर्षण के रूप में आज मैदान पर कैडेट्स के बीच ड्रिल प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें कैडेट्स ने अपने सधे हुए कदमों और अनुशासन से सैन्य कौशल का शानदार परिचय दिया। इस प्रतियोगिता में डेल्टा कंपनी (गर्ल्स) ने अपनी श्रेष्ठता सिद्ध करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि डेल्टा कंपनी (बॉयज) दूसरे स्थान पर रही और चार्ली कंपनी (बॉयज) ने तृतीय स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। समारोह के दौरान डॉ. महिपाल और कैंप कमांडेंट कर्नल वीरेंद्र मोहन सिंह ने कल आयोजित हुई स्पोर्ट्स मीट के विजेताओं को पदक पहनाकर सम्मानित किया। इसके साथ ही, शिविर के सफल संचालन में निरंतर योगदान दे रहे ।छव्, ब्ज्व् और अन्य सहयोगी स्टाफ सदस्यों को भी स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर रेवाड़ी बटालियन से आए विशेष सैन्य स्टाफ का भी सम्मान किया गया, जिन्होंने पूरे कैंप के दौरान कैडेट्स के प्रशिक्षण में अहम भूमिका निभाई। इस अवसर पर डॉ. महिपाल ने कहा मैदान पर पसीना बहाने वाला कैडेट ही कल का सशक्त नागरिक बनता है। आज इन कैडेट्स के चेहरे की चमक और अनुशासन यह बता रहा है कि भविष्य के ये सैनिक देश सेवा के लिए पूरी तरह तैयार हैं। विद्यालय के एनसीसी कार्यवाहक मनीष योगी ने भविष्य की योजनाओं की जानकारी साझा करते हुए एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने बताया कि आगामी 11 से 20 जनवरी तक संस्कारम विद्यालय में दो और बड़े कैंपों का आयोजन किया जा रहा है, जिनमें एनसीसी स्किल डेवलपमेंट कैंप और श्युवा आपदा मित्र स्कीम कैंपश् शामिल हैं। योगी जी ने बताया कि वर्तमान प्रशिक्षण शिविर का कल औपचारिक समापन होगा, जिसमें शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियों के साथ कैडेट्स इस दस दिवसीय प्रशिक्षण यात्रा को पूर्ण करेंगे। शिविर के सफल समापन की ओर बढ़ते हुए कर्नल वीरेंद्र मोहन सिंह ने सभी कैडेट्स के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

जिले में भव्य व गरिमामय तरीके से मनाया जाएगा गणतंत्र दिवस: डीसी
डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने 77वें गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियों को लेकर अधिकारियों की बैठक में दिए जरूरी निर्देश
झज्जर, 10 जनवरी, अभीतक: देश का 77वां गणतंत्र दिवस समारोह आगामी 26 जनवरी को जिले में देशभक्ति एवं गरिमा के साथ भव्य रूप से मनाया जाएगा। जिला एवं उपमंडल स्तर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को लेकर प्रशासनिक तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं। जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह रोडवेज वर्कशॉप प्रांगण, झज्जर में आयोजित किया जाएगा और फाइनल रिहर्सल 24 जनवरी को आयोजित की जाएगी। उपायुक्त स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने शुक्रवार को लघु सचिवालय स्थित कॉन्फ्रेंस रूम में गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियों को लेकर संबंधित अधिकारियों की बैठक लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस देश की एकता, अखंडता एवं संविधान की गरिमा का प्रतीक है, ऐसे में इस राष्ट्रीय पर्व को हर वर्ष की भांति इस बार भी अनुशासित, सुव्यवस्थित एवं गरिमामय ढंग से मनाया जाए। डीसी ने निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध रूप से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन सुनिश्चित करें। समारोह के अवसर पर शहीद वीरांगनाओं, स्वतंत्रता सेनानियों, वीर सैनिकों, पूर्व सैनिकों एवं विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान सामाजिक समरसता एवं सरकार की जनहितकारी योजनाओं का संदेश देने वाली विभागीय झांकियों का भी प्रदर्शन किया जाएगा। संबंधित विभागों को अपनी-अपनी उत्कृष्ट झांकियों की तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त स्कूली विद्यार्थियों द्वारा देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं, वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के सफल आयोजन के लिए शिक्षा विभाग को समन्वय स्थापित कर टीमों के चयन के निर्देश दिए गए।
बैठक में डीसीपी लोगेश कुमार पी. एसडीएम झज्जर आईएएस अंकित कुमार चैकसे, एसडीएम बादली डॉ रमन गुप्ता, सीटीएम नमिता कुमारी, सीएमजीजीए खुशी कौशल,डीआरओ मनवीर सिंह,डीआईपीआरओ सतीश कुमार,डीईओ रतिंद्र सिंह, डीडीपीओ निशा तंवर, सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।




जिला में 12 जनवरी से 12 फरवरी तक चलेगा सूर्य नमस्कार अभियान
शहर के बाबा प्रसाद गिरी मंदिर में सूर्य नमस्कार अभियान की तैयारियों को लेकर आयुष योग सहायकों की कार्यशाला आयोजित
झज्जर, 10 जनवरी, अभीतक: आयुष विभाग , हरियाणा योग आयोग तथा जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल के मार्गदर्शन में सूर्य नमस्कार अभियान का आयोजन 12 जनवरी से 12 फरवरी तक किया जाएगा। आयोजन को लेकर आयुष विभाग द्वारा आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। शनिवार को बाबा प्रसाद गिरी मंदिर में सूर्य नमस्कार अभियान की तैयारियों को लेकर आयुष योग सहायकों की एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. संगीता ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य ऋषि संस्कृति एवं कृषि संस्कृति के संदेश को जन-आंदोलन के रूप में घर-घर तक पहुंचाना है।जिला प्रशासन द्वारा इस अभियान को सफल बनाने के लिए व्यापक स्तर पर समन्वय व सहयोग सुनिश्चित किया जा रहा है। शनिवार को आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला योग संयोजक डॉ. पवन कुमार ने बताया कि कार्यशाला में योग विशेषज्ञ बलदेव तथा आयुष योग सहायक विजेंद्र एवं गुरमीत द्वारा हरियाणा योग आयोग द्वारा जारी प्रोटोकॉल के अनुसार सूर्य नमस्कार का अभ्यास करवाया गया। अभियान के अंतर्गत रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया, सूर्य नमस्कार की एकरूप विधि तथा रिपोर्टिंग प्रणाली के संबंध में विस्तृत जानकारी एवं आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान जिले के प्रत्येक गांव में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अंतर्गत सभी स्कूलों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, आईटीआई, पॉलिटेक्निक संस्थानों, विभिन्न सरकारी विभागों, जेलों तथा शहरी क्षेत्रों में भी सूर्य नमस्कार के कार्यक्रम आयोजित कर आमजन को प्रतिदिन सूर्य नमस्कार करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
स्वामी विवेकानंद व सुभाष चंद्र बोस जयंती पर होंगे विशेष कार्यक्रम’
डॉ पवन कुमार ने बताया कि सूर्य नमस्कार अभियान के अंतर्गत 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद जयंती, 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती तथा 12 फरवरी को महर्षि दयानंद सरस्वती जयंती के उपलक्ष्य में गुरुकुल में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस अभियान में आर्ट ऑफ लिविंग, ब्रह्माकुमारीज, गुरुद्वारा, विभिन्न धार्मिक संस्थाएं, पतंजलि योग समिति, आरोग्य भारती, योग भारती, योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन, योग से संबंधित अनेक संस्थाओ की सक्रिय भागीदारी रहेगी।


प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त योजना से सस्ती बिजली की राह, पात्र परिवारों को मिलेगी सब्सिडी: डीसी
झज्जर, 10 जनवरी, अभीतक: डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने बताया कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा आमजन को स्वच्छ, सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त योजना प्रभावी रूप से क्रियान्वित की जा रही है। योजना के तहत पात्र परिवारों को अपने घरों की छतों पर रूफ टॉप सोलर पैनल स्थापित करने पर आकर्षक सब्सिडी का लाभ दिया जा रहा है। उपायुक्त ने कहा कि योजना के अंतर्गत हरियाणा प्रदेश के एक लाख गरीब परिवारों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस योजना में केंद्र सरकार द्वारा 60 हजार रुपये तथा राज्य सरकार द्वारा 50 हजार रुपये की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। इस प्रकार लाभार्थियों को कुल 1 लाख 10 हजार रुपये की सब्सिडी का प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सोलर सिस्टम स्थापित होने से बिजली बिलों में उल्लेखनीय कमी आएगी, साथ ही पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी। ऊर्जा विभाग द्वारा मार्च 2027 तक प्रदेश में 2 लाख 20 हजार रूफ टॉप सोलर सिस्टम स्थापित करने का लक्ष्य तय किया गया है। उपायुक्त ने जिले के सभी पात्र उपभोक्ताओं से आह्वान किया कि वे इस महत्वाकांक्षी योजना का अधिकतम लाभ उठाएं। योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए नजदीकी बिजली कार्यालय या अधिकृत पोर्टल से संपर्क किया जा सकता है।
कैबिनेट मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी 12 जनवरी को पाटौदा दौरे पर
झज्जर, 10 जनवरी, अभीतक: हरियाणा सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी सोमवार 12 जनवरी को पाटौदा का दौरा करेंगे। कैबिनेट मंत्री दोपहर 3 बजे गांव पाटौदा स्थित संस्कारम यूनिवर्सिटी में आयोजित सब जूनियर राष्ट्रीय सॉफ्टबॉल चैम्पियनशिप के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। यह राष्ट्रीय स्तर की चैम्पियनशिप हरियाणा सॉफ्टबॉल एसोसिएशन द्वारा आयोजित की जा रही है, जिसमें कई टीमें भाग ले रही हैं। इस दौरान कैबिनेट मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी खिलाड़ियों से संवाद करेंगे तथा उन्हें खेलों के माध्यम से अनुशासन, टीम भावना और राष्ट्रीय गौरव की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगे।




आमजन शीत लहर व कड़ाके की ठंड से बचाव के लिए जिला प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी की करें पालना: डीसी
डीसी अभिषेक मीणा ने कड़ाके की ठंड व शीत लहर के मद्देनजर आमजन से की सावधानी बरतने की अपील
रेवाड़ी, 10 जनवरी, अभीतक: शीत लहर व अत्यधिक सर्दी के चलते शीत-घात से बचाव को लेकर हरियाणा सरकार द्वारा विशेष एडवाइजारी जारी की है। डीसी अभिषेक मीणा ने आम नागरिकों से शीत लहर व सर्दी से बचाव के लिए एडवाइजरी की पूर्ण रूप से पालना करते हुए सावधानी बरतने की अपील की है। डीसी ने बताया कि आमजन सावधानी बरतकर सर्दी से अपना व अपने पशुओं का बचाव कर सकते हैं। सर्दी से बचाव के लिए आमजन अपने पास पर्याप्त कपड़ों का स्टॉक करें। घर में ठंडी हवा का प्रवेश रोकने के लिए दरवाजों तथा खिड़कियों को ठीक से बंद रखें। जितना संभव हो सके घर के अंदर रहें और ठंडी हवा, बारिश, बर्फ के संपर्क में आने से बचने के लिए कम से कम यात्रा करें। गर्म कपड़े पहनें ताकि ठंड बिल्कुल न लगे। खुद को सूखा रखें और पानी में भीगने से बचें। शरीर की गरमाहट बनाए रखने के लिए अपने सिर, गर्दन, हाथ और पैर की उंगलियों को पर्याप्त रूप से ढककर रखें। गीले कपड़े तुरंत बदलें। हाथों में दस्ताने रखें। फेफड़ों को बचाने के लिए मास्क का प्रयोग करें।
शीत लहर व ठंड से बचाव के लिए इन बातों की करें पालना
डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि सिर पर टोपी या मफलर पहने, स्वास्थ्य वर्धक भोजन लें। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पर्याप्त रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने के लिए विटामिन सी से भरपूर फल और सब्जियां खाएं। गर्म तरल पदार्थ नियमित रूप से पीएं, इससे ठंड से लडने के लिए शरीर की गर्मी बनी रहेगी। शराब का सेवन न करें, यह शरीर के तापमान को कम करता है। बुजुर्ग लोगों, नवजात शिशुओं तथा बच्चों का विशेष ध्यान रखें। जरूरत के अनुसार ही रूम हीटर का प्रयोग करें तथा रूम हीटर के प्रयोग के दौरान पर्याप्त हवा निकासी का प्रबंध रखें। उन्होंने कहा कि शीत-घात से बचने के लिए मौसम पूर्वानुमान के लिए रेडियो, टीवी, समाचार पत्र जैसे सभी मीडिया प्रकाशन का ध्यान रखें ताकि यह पता चल सके कि आगामी दिनों में शीतलहर की संभावना है या नहीं। उन्होंने हिदायत देते हुए कहा कि बंद कमरों में कोयले को जलाना खतरनाक हो सकता है। उन्होंने बताया कि शीतलहर के दौरान पशुधन को जीवन यापन के लिए अधिक भोजन की आवश्यकता होती है क्योंकि ऊर्जा की आवश्यकता बढ़ जाती है। रात के समय पशुओं के आवास को सभी तरफ से ढक दें ताकि ठंडी हवाओं के सीधे संपर्क में आने से बचाया जा सके। शीत लहर के दौरान जानवरों को खुले क्षेत्र में न छोड़ें। जानवरों को ठंडा चारा और ठंडा पानी देने से बचें। पशु आश्रय में नमी और धुएं को नहीं रहने दें।
कोहरे में ओवरटेक करने से बचें चालक
डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि सर्दी के मौसम में घने कोहरे के दौरान विशेषकर सुबह और रात के समय कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम हो जाती है। ऐसे में वाहन चालकों को सीमित गति में, अपनी निर्धारित लेन में रहकर और यातायात नियमों का पूरी तरह पालन करते हुए वाहन चलाना चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके और नागरिक सुरक्षित यात्रा कर सकें। उन्होंने वाहन चालकों से अपील की है कि वे धुंध के मौसम में गलत दिशा में वाहन न चलाएं और धुंध के समय जहां तक संभव हो ओवरटेक करने से बचें। उन्होंने बताया कि ट्रैफिक नियमों का पालन कर ही हम अपने और दूसरों के सफर को सुरक्षित बना सकते हैं। उन्होंने वाहन चालकों से जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने की अपील की है।

वरिष्ठ नागरिकों और संस्थाओं को राज्य पुरस्कार से किया जाएगा सम्मानित
12 जनवरी तक विभाग के पोर्टल पर कर सकते हैं आवेदन
रेवाड़ी, 10 जनवरी, अभीतक: हरियाणा सरकार बुजुर्गों को मान-सम्मान देने और समाज निर्माण में उनके अनुभव का लाभ उठाने के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है। इसी कड़ी में हरियाणा सरकार द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान और उनके कल्याण के लिए वर्ष 2025-26 के लिए वरिष्ठ नागरिक सम्मान पुरस्कार योजना के तहत आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। डीसी अभिषेक मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा सरकार सामाजिक न्याय, अधिकारिता, अनुसूचित जातियां एवं पिछड़े वर्ग कल्याण विभाग हरियाणा द्वारा योजना के तहत समाज सेवा, कला, खेल और बहादुरी जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले बुजुर्गों को नई पहचान और प्रोत्साहन प्रदान करेगी। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत विभिन्न श्रेणियों जैसे शतवर्षीय पुरस्कार, श्रेष्ठ माता, शौर्य और बहादुरी, आजीवन उपलब्धि के साथ-साथ वरिष्ठ पेंटर, मूर्तिकार, संगीतकार और खिलाडियों को सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा, श्रेष्ठ पंचायत पुरस्कार, श्रेष्ठ स्वैच्छिक संगठन पुरस्कार, श्रेष्ठ वृद्धाश्रम और श्रेष्ठ दैनिक देखभाल केन्द्र को भी पुरस्कृत किया जाएगा। पुरस्कार के रूप में कला और खेल श्रेणियों के लिए प्रथम पुरस्कार 50 हजार रुपए, द्वितीय पुरस्कार 30 हजार रुपए और तृतीय पुरस्कार 20 हजार रुपए निर्धारित है। इसी प्रकार, संस्थागत श्रेणियों (जैसे श्रेष्ठ पंचायत और एनजीओ) के लिए प्रथम पुरस्कार एक लाख रुपए, द्वितीय 75 हजार रुपए और तृतीय पुरस्कार 50 हजार रुपए प्रदान किया जाएगा। डीसी ने बताया कि इच्छुक व्यक्ति या संस्थाएं अपनी उपलब्धियों के प्रमाण पत्र और दस्तावेजों सहित विभाग के पोर्टल ीजजचेरूध्ध्ंूंतकण्ेवबपंसरनेजपबमीतलण्हवअण्पद पर 12 जनवरी, 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि जिन व्यक्तियों या संस्थाओं ने पिछले तीन वर्षों के दौरान यह पुरस्कार प्राप्त किया है, वे उसी श्रेणी में दोबारा आवेदन के पात्र नहीं होंगे।
डीसी अभिषेक मीणा।



अनुसूचित जाति के सदस्यों को दिया जाएगा निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण, आवेदन करने की अंतिम तिथि 20 जनवरी
रेवाड़ी, 10 जनवरी, अभीतक: हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से हरियाणा कौशल विकास मिशन द्वारा हरियाणा राज्य के अनुसूचित जाति वर्ग के पात्र युवाओं को विभिन्न ट्रेडों में निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। आवेदन की अंतिम तिथि 20 जनवरी, 2026 है। हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एव विकास निगम के जिला प्रबंधक पवन कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रशिक्षण सहायक ब्यूटी थेरेपिस्ट, सहायक हेयर ड्रेसर एवं स्टाइलिस्ट (पुरुष, महिला), ब्राइडल फैशन एवं पोर्टफोलियो मेकअप आर्टिस्ट (केवल महिला), स्व-रोजगार दर्जी (पुरुष, महिला) तथा सहायक फॉल्स सीलिंग एवं ड्राईवॉल इंस्टॉलर (केवल पुरुष) ट्रेडों में दिया जाएगा।
आवेदन की पात्रता
जिला प्रबंधक ने बताया कि आवेदक की आयु 18 से 42 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदक हरियाणा राज्य के अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित हो तथा परिवार पहचान पत्र में सत्यापित वार्षिक आय 3 लाख रुपये तक होनी चाहिए। योग्यता अनुसार 8वी अथवा 10वीं पास होना आवश्यक है। इच्छुक अभ्यर्थी आधार कार्ड, परिवार पहचान पत्र, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र एवं दो पासपोर्ट साइज फोटो सहित कार्यालय शॉप नंबर-10 पहली मंजिल नई अनाज मंडी रेवाड़ी में आवेदन जमा करा सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए कार्यालय हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एव विकास निगम शॉप नंबर-10 पहली मंजिल नई अनाज मंडी रेवाड़ी या दूरभाष नंबर 01274-221035 पर संपर्क कर सकते है।

प्राध्यापक बिश्नोई ने जन्मदिवस पर बच्चों को बांटी चॉकलेट
जोधपुर, 10 जनवरी, अभीतक: चामू क्षेत्र की गिलाकोर ग्राम पंचायत स्थित स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय श्री मंगलसिंह राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में व्याख्याता शैताना राम बिश्नोई ने 53 वां जन्मदिवस बड़े ही उत्साह और खुशी के साथ विद्यालय के बच्चों को चॉकलेट बांटकर मनाया। विद्यालय के शिक्षकों और छात्रों ने खुशियों के पल साझा करते हुए जन्मदिन को यादगार बनाया एवं जन्मदिन की शुभकामनाएं दी और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। व्याख्याता बिश्नोई ने सभी का आभार जताते हुए बच्चों को शिक्षा के महत्व के बारे में बताया और उन्हें अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया, साथ ही बताया कि बच्चों की खुशी ही हमारी वास्तविक खुशी है। इस अवसर पर व्याख्याता ओम प्रकाश, किशोर कुमार, वरिष्ठ अध्यापक बाबू सिंह राजपुरोहित, देवी लाल सोनी, रावल सिंह, भगवान सिंह गिलाकोर, ओम प्रकाश, रमेश बामनिया, भैरा राम बरबड़, रूपा राम, खुशाल राम, नरेंद्र कुमार, समू कंवर सहित विद्यालय स्टाफ, अभिभावकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।







सभी की भलाई के लिए स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं का पालन करें : राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष
चंडीगढ़, 10 जनवरी, अभीतक: हरियाणा के माननीय राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने शनिवार को सभी की भलाई के लिए महान हिंदू संत स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं का पालन करने की आवश्यकता पर जोर दिया। माननीय राज्यपाल प्रो. घोष चंडीगढ़ के रामकृष्ण मिशन आश्रम में स्वामी विवेकानंद की जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर बोल रहे थे। इस अवसर पर लेडी गवर्नर श्रीमती मित्रा घोष भी रामकृष्ण मिशन आश्रम, चंडीगढ़ के सचिव स्वामी भीतिहरानंद जी महाराज और आश्रम के अन्य पदाधिकारियों के साथ उपस्थित थीं। स्वामी रामकृष्ण परमहंस के युग के दौरान भारत के सामने आने वाली सामाजिक-आर्थिक, राजनीतिक और आध्यात्मिक चुनौतियों पर गहराई से बात करते हुए, माननीय राज्यपाल प्रो. घोष ने कहा कि इन दो महान आत्माओं ने धर्म को लोगों को समग्र रूप से आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाने के साधन के रूप में इस्तेमाल किया ताकि उनमें से सर्वश्रेष्ठ बाहर आ सके। राज्यपाल प्रो. घोष ने कहा, ष्स्वामी रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद के लिए, धर्म मानवता की सेवा करने और उनमें से अच्छाई को बाहर लाने का एक साधन था ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे हिंदू धर्म के उच्चतम मानकों के अनुसार एक सार्थक जीवन जी सकें, जो मानवता के लिए केंद्रीय मूल्यों में निहित है। शिकागो में स्वामी विवेकानंद के प्रसिद्ध भाषण को याद करते हुए, जहाँ उन्होंने धर्म का एक बिल्कुल अलग दृष्टिकोण प्रस्तुत किया, जिसमें महान भारतीय संस्कृति और सभ्यता पर ध्यान केंद्रित किया गया था, माननीय राज्यपाल ने कहा कि उनकी शिक्षाएँ मुख्य रूप से हमें निस्वार्थ भाव से मानवता की सेवा करने के लिए प्रोत्साहित करती है। राज्यपाल प्रो. घोष ने कहा, ष्स्वामी विवेकानंद का मानना था कि ईश्वर हर जीवित आत्मा में मौजूद है, खासकर गरीबों, कमजोरों और दुखियों में। इस दर्शन ने उन्हें मनुष्य को भगवान के रूप में सेवा करने का आह्वान करने के लिए प्रेरित किया, लोगों से करुणा, निस्वार्थ सेवा और मानवीय गरिमा के प्रति सम्मान के माध्यम से आध्यात्मिकता व्यक्त करने का आग्रह किया। सभी मनुष्यों में ईश्वर को देखकर, उन्होंने सार्वभौमिक भाईचारा, सामाजिक समानता और यह विचार कि सच्चा धर्म दूसरों का उत्थान करने में है, को बढ़ावा दिया।




राष्ट्रीय युवा दिवस पर विशेष आलेख
विश्व विजेता विवेकानंद’
प्रस्तावना: काल के कपाल पर अंकित एक महागाथा
भारतीय इतिहास के अनंत क्षितिज पर कुछ नक्षत्र ऐसे उदित होते हैं, जिनकी आभा काल की सीमाओं को लांघकर युग-युगांतर तक मानवता का पथ प्रशस्त करती है। स्वामी विवेकानंद एक ऐसा ही देदीप्यमान सूर्य हैं, जिन्होंने अपनी वैचारिक रश्मियों से न केवल भारत के अज्ञान-तिमिर का नाश किया, बल्कि संपूर्ण विश्व को श्वेदांतश् के शाश्वत और सार्वभौमिक आलोक से साक्षात्कार कराया। वे केवल एक गेरुआधारी संन्यासी नहीं थेय वे आध्यात्मिक राष्ट्रवाद के प्रणेता, समाज सुधार के पुरोधा और एक ऐसे भविष्यद्रष्टा थे जिन्होंने भारत को श्विश्व गुरुश् के रूप में पुनः प्रतिष्ठित करने का स्वप्न देखा था। उनके श्विश्व विजेताश् होने का अर्थ किसी भू-भाग को शस्त्रों से जीतना नहीं था, बल्कि अपने अजेय विचारों, करुणा और ज्ञान के बल पर विश्व के मानस पटल पर प्रेमपूर्ण विजय प्राप्त करना था।
१. शिकागो का शंखनाद : वैश्विक चेतना का उदय
स्वामी विवेकानंद की वैश्विक विजय का औपचारिक शंखनाद ११ सितंबर, १८९३ को शिकागो की श्विश्व धर्म संसदश् में हुआ। वह केवल एक भाषण नहीं, बल्कि मृतप्राय भारतीय आत्मा की गर्जना थी। जब उन्होंने मंच पर खड़े होकर अमेरिका के भाइयों और बहनों (ैपेजमते ंदक ठतवजीमते व ि।उमतपबं) के जादुई शब्दों का उच्चारण किया, तो सात हजार की भीड़ ने दो मिनट तक करतल ध्वनि से उनका स्वागत किया। वह केवल एक संबोधन नहीं था, बल्कि सहस्राब्दियों पुरानी वसुधैव कुटुंबकम् की भारतीय भावना का वैश्विक प्रकटीकरण था। उन्होंने तर्क और साक्ष्यों से सिद्ध किया कि हिंदू धर्म केवल कर्मकांडों का शुष्क संकलन नहीं है, बल्कि एक वैज्ञानिक, तार्किक और उदार जीवन पद्धति है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस प्रकार सभी नदियाँ अंततः समुद्र में विलीन हो जाती हैं, उसी प्रकार संसार के सभी मत-मतांतर एक ही ईश्वर तक पहुँचने के मार्ग हैं। उनके इस उद्घोष ने पश्चिम के उस अहंकार को जड़ से उखाड़ दिया जो पूर्व की सभ्यता को श्अंधविश्वासीश् और श्असभ्यश् मानता था। विवेकानंद ने विश्व को सहिष्णुता और सार्वभौमिक स्वीकृति का वह पाठ पढ़ाया, जिसकी आवश्यकता आज की अशांत दुनिया को सबसे अधिक है।
२. शिक्षा दर्शन: श्मनुष्य-निर्माण का महायज्ञ
एक शिक्षाविद् के रूप में विवेकानंद के विचार आज की राष्ट्रीय शिक्षा नीति (छम्च् 2020) की आत्मा के समान हैं। उनके लिए शिक्षा का अर्थ सूचनाओं का मस्तिष्क में निर्जीव संचय नहीं था।
उन्होंने स्पष्ट कहा था कि शिक्षा मनुष्य के भीतर पहले से ही विद्यमान पूर्णता की अभिव्यक्ति है।
उनका शिक्षा दर्शन श्पंच-आयामी विकास पर आधारित था।
बौद्धिक उत्कृष्टताः जो तर्क और विज्ञान पर आधारित हो।
शारीरिक सौष्ठव: क्योंकि फौलाद की नसों के बिना उच्च विचार क्रियान्वित नहीं हो सकते।
नैतिक शुद्धता: जो छात्र को चरित्रवान और विश्वसनीय बनाए।
आत्मनिर्भरता: शिक्षा ऐसी हो जो व्यक्ति को अपने पैरों पर खड़ा करना सिखाए।
सामाजिक बोध: जो व्यक्ति को समाज के प्रति उत्तरदायी बनाए।
वे किताबी ज्ञान के स्थान पर चरित्र निर्माण (ब्ींतंबजमत ठनपसकपदह) को प्रधानता देते थे। उनका मानना था कि यदि शिक्षा हमें दीन-दुःखियों के प्रति संवेदनशील नहीं बनाती, तो वह शिक्षा व्यर्थ है।
३. सामाजिक क्रांति: जन्म की रूढ़ियों का खंडन और दरिद्र नारायण की सेवा
स्वामी विवेकानंद एक महान समतावादी (म्ुनंसपजंतपंद) थे। उन्होंने तत्कालीन समाज की जड़ता और छुआछूत जैसी कुरीतियों पर करारा प्रहार किया। उनका क्रांतिकारी सूत्र थाकृ जन्म कुछ भी नहीं है, परिवेश और कर्म ही सब कुछ है। उन्होंने जातिगत श्रेष्ठता के दंभ को नकारते हुए श्मानवताश् को ही सर्वोच्च जाति माना। उन्होंने ईश्वर को मंदिरों और मूर्तियों से बाहर निकालकर श्दरिद्र नारायणश् (गरीबों में ईश्वर) के रूप में प्रतिष्ठित किया। उन्होंने शिक्षित समाज को चेतावनी दी थी कि जो व्यक्ति गरीबों के श्रम पर शिक्षित होकर उनकी सेवा नहीं करता, वह श्देशद्रोहीश् और श्कृतघ्नश् है। नर सेवा ही नारायण सेवा है: यह मंत्र आज भी समाज सेवा के क्षेत्र में सबसे बड़ा मार्गदर्शक है। उनके लिए वास्तविक समाज वह था जहाँ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को भी ज्ञान, धन और गरिमा के समान अवसर प्राप्त हों।
४. पूर्व और पश्चिम का समन्वयरू एक वैश्विक सेतु
विवेकानंद जी ने विश्व को एक नया ग्लोबल विजन प्रदान किया। उन्होंने देखा कि पश्चिम के पास श्विज्ञान और संगठन शक्तिश् है, किंतु शांति का अभाव है, वहीं भारत के पास आध्यात्मिक शांति है, किंतु भौतिक दरिद्रता है। उन्होंने दोनों के समन्वय पर बल दिया। वे चाहते थे कि भारत के हर घर में उपनिषदों की गूँज हो और साथ ही विज्ञान की अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं भी हों। वे पश्चिमी प्रगति से सीखने के पक्षधर थे, किंतु अपनी सांस्कृतिक जड़ों को छोड़ने के सख्त विरोधी थे। यह संतुलन ही उन्हें एक आधुनिक संन्यासी के रूप में स्थापित करता है।
५. युवा शक्ति: राष्ट्र निर्माण की अजेय ऊर्जा
विवेकानंद का सबसे गहरा विश्वास भारत की युवा शक्ति पर था। वे युवाओं को अमिय शक्ति का पुंज मानते थे। उनका मूल मंत्र था: शक्ति ही जीवन है, कमजोरी ही मृत्यु है। उन्होंने युवाओं को मानसिक कायरता त्यागने और आत्मशक्ति पहचानने का आह्वान किया।
युवाओं के लिए उनके पंच-सूत्र आज भी स्वर्णाक्षरों में अंकित करने योग्य हैं
निर्भयताः डर ही दुखों और बुराइयों का मूल कारण है।
आत्मविश्वासः स्वयं पर विश्वास ईश्वर पर विश्वास के समान है।
एकाग्रतारू एकाग्रता ही ज्ञान के बंद कपाट खोलने की एकमात्र चाबी है।
ब्रह्मचर्य और संयमः ऊर्जा का संरक्षण ही चरित्र का निर्माण करता है।
ध्येय के प्रति समर्पणरू ष्उठो, जागो और तब तक मत रुको, जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए।
५ (अ). राष्ट्रीय युवा दिवस: संकल्प से सिद्धि का पर्व
स्वामी विवेकानंद का जन्मदिवस, १२ जनवरी, संपूर्ण भारत में राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। १९८४ में भारत सरकार ने यह निर्णय लिया था कि स्वामी जी के विचार और आदर्श ही भारतीय युवाओं के लिए प्रेरणा के सबसे उपयुक्त स्रोत हैं। यह दिवस केवल एक कैलेंडर की तिथि नहीं है, बल्कि यह युवाओं के लिए अपनी सुशुप्त शक्तियों को जगाने का एक वार्षिक रिमाइंडर है। विवेकानंद जी का मानना था कि युवावस्था जीवन का वह स्वर्णकाल है जिसमें संकल्प लेने की शक्ति और उसे पूरा करने का साहस चरम पर होता है। आज के डिजिटल युग में, जहाँ युवा सूचनाओं के भँवर में भटकाव महसूस करते हैं, वहाँ विवेकानंद का एकाग्रता (ब्वदबमदजतंजपवद) का सिद्धांत और ष्राष्ट्र प्रथमष् की भावना उन्हें सही दिशा प्रदान करती है। राष्ट्रीय युवा दिवस हमें स्मरण कराता है कि यदि देश का युवा चारित्रिक रूप से सशक्त और मानसिक रूप से स्थिर है, तो भारत को पुनः जगद्गुरु बनने से कोई रोक नहीं सकता।
६. गुरु-शिष्य परंपरा : रामकृष्ण परमहंस का प्रभाव
विवेकानंद के व्यक्तित्व का निर्माण उनके गुरु श्री रामकृष्ण परमहंस की छत्रछाया में हुआ। एक तर्कवादी श्नरेंद्रश् को आध्यात्मिक श्विवेकानंदश् बनाने में परमहंस जी की श्अनुभूतिश् का बड़ा हाथ था। गुरु ने सिखाया कि धर्म वाद-विवाद का विषय नहीं, साक्षात्कार का विषय है। इसी दीक्षा ने विवेकानंद को वह आत्मविश्वास दिया कि वे शिकागो के मंच पर निर्भीकता से खड़े हो सके।
७. विजन २०२६ : शिक्षा से राष्ट्र निर्माण तक
शिक्षा के संदर्भ में स्वामी जी के विजन को लागू करना हमारा संकल्प है। श्विजन २०२६श् के अंतर्गत हमारा लक्ष्य छात्रों को न केवल परीक्षाओं के लिए तैयार करना है, बल्कि उन्हें एक श्संपूर्ण मनुष्यश् बनाना है।
डिजिटल साक्षरता और एआईरू स्वामी जी के वैज्ञानिक विजन के अनुरूप छात्रों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना।
योग और मानसिक स्वास्थ्यरू परीक्षा के तनाव से मुक्ति हेतु श्कर्मयोगश् का अभ्यास।
सामुदायिक सेवारू स्थानीय स्तर पर साक्षरता और स्वच्छता के माध्यम से समाज सेवा।
८. उपसंहार : कालजयी विवेकानंद
स्वामी विवेकानंद ने मात्र ३९ वर्ष की अल्पायु में वह कार्य कर दिखाया जिसे करने के लिए शताब्दियां भी कम पड़ जाती हैं। वे आज भी हमारे बीच एक श्टॉर्च-बियररश् (मशाल) की तरह उपस्थित हैं। उनका दर्शन किसी एक धर्म या संप्रदाय का नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता का है। आज जब भारत श्विकसित भारत / २०४७श् की ओर अग्रसर है, तब विवेकानंद के विचार ही वह आधारशिला हैं जिस पर एक समर्थ, समृद्ध और सुसंस्कृत राष्ट्र का प्रासाद निर्मित होगा। हम सब का दायित्व है कि हम उनके विचारों को केवल पुस्तकालयों तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें अपने आचरण में उतारें। ष्शक्ति ही जीवन है।ष् आइए, हम सब मिलकर इस वीर संन्यासी के स्वप्न का भारत बनाएँ।आज जब हम प्रतिवर्ष राष्ट्रीय युवा दिवस मनाते हैं, तो हमारा उद्देश्य केवल समारोह आयोजित करना नहीं, बल्कि स्वयं से यह प्रश्न करना होना चाहिए कि क्या हम विवेकानंद के श्मनुष्य-निर्माणश् के स्वप्न को जी रहे हैं? वा वह है जो अनीति से लड़े, जो दुर्गम पथ पर चले और जिसके हृदय में राष्ट्र के प्रति अगाध प्रेम हो।

ग्राम पंचायत व खाप पंचायत सहयोग करे – छिल्लर’
झज्जर, 10 जनवरी, अभीतक: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर के अध्यक्ष जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय तेवतिया , जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर के सचिव एवं सीजेएम श्री विशाल के मार्गदर्शन में जिला झज्जर में एक सामुदायिक मध्यसथा केंद्र ग्राम सचिवालय छुछकवास में खुला हुआ है, उपरोक्त सामुदायिक मध्यसथा केंद्र में ग्रामीण अंचल के होने वाले छोटे विवादों का आपसी मनमुटाव दूर करके समझा कर विवादों का समाधान समझौता आपसी सहमति से कराया जाता है इस समझौता सदन में जो भी समझौता दोनों पक्षों की सहमति से होगा उसका लिखित विवरण किया जाएगा तथा इस लिखित फैसले के विरुद्ध किसी भी न्यायालय में कोई अपील नहीं की जा सकती। शिकायतकर्ता, प्रार्थी उपरोक्त समझौता सदन में स्वयं प्रार्थना पत्र पेश कर अपने मामले की सुनवाई करा सकता है इस प्रकार प्रार्थी पुलिस थाने व न्यायालय के चक्कर लगाने से बच सकता है। प्रशिक्षित मध्यस्थ कर्मजीत छिल्लर ने बताया कि समझौता सदन में अब तक कुल 14 दरखास्त प्राप्त हुई है जिन पर सुनवाई करते हुए आपसी सहमति से 12 दरखास्तों पर समझौता कराया गया है इस उत्कृष्ट कार्य के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर के सचिव एवं सीजेएम श्री विशाल द्वारा प्रशिक्षित मध्यस्थ कर्मजीत छिल्लर, संदीप कुमार ,सरोज देवी को सम्मानित किया गया है प्रशिक्षित मध्यस्थ कर्मजीत छिल्लर ने अपील की है कि ग्राम पंचायत व खाप पंचायत सामुदायिक मध्यसथा केंद्र में आने वाले विवादों का आपसी सहमति से समझौता करने में सहयोग करे। ताकि आपसी भाईचारा कायम रह सके। उपरोक्त समझौता सदन में नियुक्त प्रशिक्षित मध्यस्थ कर्मजीत छिल्लर ने लोगों से अपील की है कि अपने छोटे विवादों का अधिक से अधिक संख्या में मध्यस्थता केंद्र के समक्ष रखकर लाभ उठाएं और अपने कीमती समय व पैसे की बचत करें।
प्रशिक्षण शिविर में शिक्षकों व मेंटर्स को किया प्रशिक्षित
सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया
प्रशिक्षण शिविर के समापन पर प्रमाण पत्रों के साथ प्राथमिक शिक्षक
झज्जर, 10 जनवरी, अभीतक: निपुण हरियाणा मिशन के तहत खंड झज्जर में प्राथमिक शिक्षकों के लिए सोमवार से चल रहा प्रशिक्षण कार्यक्रम शनिवार को सम्पन्न हुआ। इसमें खंड शिक्षा अधिकारी रूपेंद्र नांदल, जिला संपर्क के जिला समन्वयक अमित कुमार,खंड की थ्स्छ संयोजक मीना बीआर पी मौजूद रहे। दो-दो बैच में चलने वाले इस प्रशिक्षण में झज्जर के अलावा अन्य खंडों व जिलों से आए 400 से अधिक शिक्षकों और मेंटर्स को प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण में शिक्षकों को रेमेडियल शिक्षण पर कार्य करने की रूपरेखा के विषय में बताया गया, जिसका आधार विभाग की तरफ से किया गया असेसमेंट है। इसमें हिंदी तथा गणित विषय के निपुण लक्ष्यों के अनुसार छात्रों की प्रगति को ट्रैक करना, दक्षता आधारित शिक्षण कार्य की रूपरेखा, रणनीतियां और रेमेडियल ट्रैकर के प्रयोग से संबंधित सभी कार्य इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिक्षकों के साथ साझा किए गए।
साथ ही एक सत्र फरवरी माह में आने वाले बुनियादी अधिगम अध्ययन के तहत होने वाले आकलन थ्स्ै पर भी लिया गया। प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर की भूमिका रेखा बाल्यान,स्मृति बाला, ज्योति, विभा, राकेश एवं संजय ने निभाई। खंड शिक्षा अधिकारी श्री रूपेंद्र नांदल जी ने सभी शिक्षकों को प्रशिक्षण को संजीदगी से लेने की बात कही और कक्षा -कक्ष में इस प्रशिक्षण में सीखी गई बातों को क्रियान्वित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षण एक ऐसा पवित्र और परिवर्तनकारी कार्य है, जो न केवल कक्षा कक्ष तक सीमित रहता बल्कि आत्मिक शांति भी प्रदान करता है। अत इस कार्य को हमें पूरी ईमानदारी से करना चाहिए। प्रशिक्षण के दौरान सभी जिला स्तरीय अधिकारियों एवं डाइट के शिक्षकों द्वारा मेंटरिंग एवं मॉनिटरिंग का कार्य किया गया।
डोर टू डोर अभियान चलाकर झज्जर पुलिस लोगों को नशे के प्रति कर रही है जागरूक
झज्जर, 10 जनवरी, अभीतक: पुलिस द्वारा नशा मुक्त भारत अभियान के तहत नशा मुक्ति और सामाजिक जागरूकता की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के कुशल निर्देशन में नशा मुक्ति टीम ने गांव चढ़वाना में डोर-टू-डोर अभियान चलाकर ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया। टीम ने बताया कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और समाज के लिए घातक है तथा यह युवाओं के भविष्य को अंधकारमय बना देता है। ग्रामीणों को जिंदगी को हां, नशे को ना अभियान से जुड़ने और नशामुक्त भारत के निर्माण में सहयोग करने का आह्वान किया गया। नशा संबंधी गतिविधियों की सूचना ड।छ।ै हेल्पलाइन नंबर 1933 पर देने की अपील की गई। इसके साथ ही टीम ने यातायात नियमों और साइबर अपराधों के प्रति भी लोगों को जागरूक किया। साइबर ठगी की स्थिति में राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत शिकायत करने की सलाह दी गई।

एक अवैध हथियार और दो जिंदा कारतूस के साथ एक आरोपी गिरफ्तार
झज्जर, 10 जनवरी, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के कुशल नेतृत्व में थाना शहर बहादुरगढ़ की पुलिस टीम ने अपराध पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को काबू किया, जिसके कब्जे से एक अवैध हथियार और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए। आरोपी के पास हथियार रखने से संबंधित कोई वैध लाइसेंस या दस्तावेज नहीं पाए गए। पकड़े गए आरोपी की पहचान धीरज निवासी पैतावास के तौर पर की गई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया। पकड़े गए आरोपी को नियमानुसार माननीय अदालत बहादुरगढ़ में पेश किया गया, जहां से आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

बहादुरगढ़ ज्वेलरी शोरूम चोरी का खुलासा, आरोपी 5 दिन के पुलिस रिमांड पर, गहन पूछताछ जारी
बहादुरगढ़, 10 जनवरी, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के कुशल नेतृत्व में झज्जर पुलिस द्वारा अपराधियों के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में बहादुरगढ़ क्षेत्र में हुई ज्वेलरी शोरूम चोरी की वारदात का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार करने में पुलिस को सफलता मिली है। एंटी व्हीकल थैफ्ट झज्जर प्रभारी उप निरीक्षक जितेंद्र कुमार ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि उमेश निवासी सेक्टर-6, बहादुरगढ़ ने थाना शहर बहादुरगढ़ में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसका कबाड़ी मार्केट स्थित कोमल ज्वेलर्स के नाम से सोने-चांदी की दुकान है। दिनांक 7 अक्टूबर 2025 को वह अपनी दुकान को अच्छी तरह बंद कर घर चला गया था। अगली सुबह उसे सूचना मिली कि उसकी दुकान का शटर टूटा हुआ है। मौके पर पहुंचकर जांच करने पर पाया गया कि दुकान से सोने व चांदी के आभूषणों सहित नगद राशि चोरी हो चुकी है। शिकायत के आधार पर थाना शहर बहादुरगढ़ में आपराधिक मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च अधिकारियों द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण किया गया तथा आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सभी अपराध शाखाओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।एंटी व्हीकल थैफ्ट झज्जर की टीम ने सीसीटीवी कैमरों, गुप्तचर विभाग और टेक्निकल जांच की सहायता से मामले की गहन जांच की। इस दौरान एंटी व्हीकल थेफ्ट में तैनात सहायक उप निरीक्षक प्रवीण कुमार के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने एक आरोपी को फरीदाबाद से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सोनू निवासी सरदार मोहल्ला, तुगलकाबाद, नई दिल्ली के रूप में हुई है।गिरफ्तार आरोपी को अदालत बहादुरगढ़ में पेश कर 5 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान आरोपी से उसके अन्य साथियों, वारदात में प्रयुक्त वाहन तथा चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषणों की बरामदगी को लेकर गहन पूछताछ की जाएगी। पुलिस का कहना है कि मामले में जल्द ही और भी अहम खुलासे होने की संभावना है।
बहादुरगढ़ स्कूल गेट फायरिंग कांड में, तीन आरोपी गिरफ्तार, वारदात में प्रयोग हथियार व गाड़ी बरामद
बहादुरगढ़, 10 जनवरी, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के कुशल नेतृत्व में बहादुरगढ़ में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने की दिशा में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। बहादुरगढ़ के सेक्टर-6 स्थित एक स्कूल गेट के बाहर हुई फायरिंग की सनसनीखेज घटना में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।मामले की जानकारी देते हुए थाना सेक्टर-6 बहादुरगढ़ के प्रबंधक निरीक्षक जय भगवान ने बताया कि उक्त फायरिंग की घटना से क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जांच शुरू की। पुलिस की प्रभावी रणनीति और सतर्कता के चलते गोली चलाने वाले मुख्य आरोपी सहित उसके एक साथी को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सितेन्द्र और दीपेंद्र निवासी मोहम्मदपुर माजरा के रूप में हुई थी। गिरफ्तार आरोपियों को अदालत बहादुरगढ़ में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी सितेन्द्र की निशानदेही पर वारदात में प्रयोग की गई एक पिस्तौल, एक मोबाइल फोन तथा आरोपी दीपेंद्र के कब्जे से भी एक मोबाइल फोन बरामद किया गया। बरामदगी के आधार पर पुलिस ने मामले में अहम सबूत जुटाए। इसी क्रम में थाना सेक्टर-6 बहादुरगढ़ की पुलिस टीम ने तीसरे आरोपी वतन निवासी कबलाना को भी गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। तीसरे आरोपी को अदालत में पेश कर पूछताछ के लिए 2 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त एक गाड़ी, एक पिस्तौल और एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है।
एचएच-709 पर अंधेरा: हादसों को दावत दे रही खराब लाइटें
जनकल्याण सहयोग संगठन ने उपायुक्त को सौंपी शिकायत, बंद लाईटें दुरूस्त करवाने की उठाई मांग
धुंध के मौसम में कम दृश्यता के कारण रोड लाइटों का ना जलना बड़ी दुर्घटना को है निमंत्रण : तौला
भिवानी, 10 जनवरी, अभीतक: भिवानी-रोहतक नेशनल हाईवे (एनएच-709) पर सफर करने वाले यात्रियों और स्थानीय निवासियों की सुरक्षा दांव पर है। हाईवे पर बने डिवाइडर पर लगी स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से खराब पड़ी हैं, जिससे रात के समय यह मार्ग अंधेरे के आगोश में डूबा रहता है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए जनकल्याण सहयोग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष एवं वरिष्ठ भाजपा नेता दीपक अग्रवाल तौला ने उपायुक्त को शिकायत सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। माजसेवी दीपक अग्रवाल तौला ने उपायुक्त को सौंपे शिकायत पत्र में मांग की कि संबंधित विभाग और नेशनल हाईवे अथॉरिटी को तुरंत आदेश जारी किए जाएं ताकि एनएच-709 पर बंद पड़ी सभी पोल लाइटों को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए, व किसी की जान-माल का नुकसान न हो। इस बारे में दीपक अग्रवाल तौला ने बताया कि स्थानीय व्यापारियों द्वारा उन्हे एनएच-709 पर लंबे समय से लाईटें खराब होने की समस्या से अवगत करवाया था। जिस पर संज्ञान लेते हुए उन्होंने उपायुक्त को शिकायत सौंपी तथा इस समस्या का तत्काल प्रभाव से समाधान करवाने की मांग उठाई। तौला ने कहा कि संबंधित विभाग द्वारा एनएच-709 पर डिवाइडर तो बना दिए गए हैं, लेकिन उन पर लगी बिजली की लाइटें पिछले काफी सालों से कई जगहों से बंद पड़ी हैं। वर्तमान में सर्दी का मौसम है और भारी धुंध के कारण दृश्यता बेहद कम रहती है। ऐसे में डिवाइडर लाइटों का न जलना किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है। तौला ने कहा कि जैसे ही शाम ढलती है, पूरी सडक पर गहरा अंधेरा छा जाता है। विशेष रूप से नव निर्मित पुल के पास स्थिति और भी भयावह है, जहां लाइटें न होने से वाहन चालकों को सडक और डिवाइडर का अंदाजा लगाने में भारी कठिनाई होती है व पास ही अनेकों रिसॉर्ट में शादी या पार्टी में आमजन को आवागमन में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है,साथ ही अंधेरे का फायदा उठाकर असामाजिक तत्वों की सक्रियता बढने का भी भय बना रहता है।
मनरेगा को खत्म करने के मुद्दे पर कांग्रेस का भाजपा पर हमला, सडक से संसद तक आंदोलन की चेतावनी
भिवानी में कांग्रेस की पत्रकार वार्ता आयोजित, हरियाणा सह प्रभारी जितेंद्र बघेल ने किया संबोधित
गरीबों का हक छीनने के साथ गांधीवादी विचारधारा को भी मिटाने की साजिश रच रही है भाजपा रू जितेंद्र बघेल
मनरेगा केवल एक सरकारी योजना नहीं बल्कि ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था का आधार है: जितेंद बघेल
भिवानी, 10 जनवरी, अभीतक: भिवानी में कांग्रेस ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उन पर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को जानबूझकर कमजोर करने का गंभीर आरोप लगाया। स्थानीय रोहतक रोड स्थित कांग्रेस कार्यालय में आयोजित एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए हरियाणा कांग्रेस के सह-प्रभारी जितेंद्र बघेल ने कहा कि भाजपा सरकार न केवल गरीबों का हक छीन रही है, बल्कि गांधीवादी विचारधारा को भी मिटाने की साजिश रच रही है। इस मौके पर हरियाणा सह प्रभारी जितेंद्र बघेल ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मनरेगा केवल एक सरकारी योजना नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था का आधार है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने सुनियोजित तरीके से इसके बजट में कटौती की है। बघेल ने स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार गरीबों के रोजगार पर हमला कर रही है। कांग्रेस राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के मूल्यों और गरीबों के हक की रक्षा के लिए सडक से संसद तक लड़ाई लड़ेगी। आरोप लगाया गया कि पहले हर परिवार को 100 दिन के काम की कानूनी गारंटी थी, जिसे अब सीमित किया जा रहा है। कांग्रेस का दावा है कि अब फसल कटाई के मौसम में काम नहीं मिलेगा और मजदूरी तय करने के अधिकार सरकार अपने पास रख रही है। पंचायतों को दरकिनार कर पसंदीदा ठेकेदारों के माध्यम से काम कराने का आरोप भी उन्होंने लगाया। इसके साथ ही केंद्र द्वारा 100 प्रतिशत भुगतान के बजाय अब राज्यों पर 40 प्रतिशत हिस्सेदारी का बोझ डालने का विरोध, जिससे राज्य काम देने से कतरा सकते हैं। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि काम और मजदूरी की संवैधानिक गारंटी की पूर्ण बहाली, मनरेगा में किए गए बदलावों को तत्काल वापस लेना, न्यूनतम मजदूरी को बढ़ाकर 400 रुपये करना सरकार को करना चाहिए, ना कि मजदूरों क हक छीनने चाहिए। इस मौके पर कांग्रेस शहरी जिला अध्यक्ष प्रदीप जोगी ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे गांव-गांव जाकर सरकार की जनविरोधी नीतियों की पोल खोलें। वहीं ग्रामीण जिला अध्यक्ष अनिरुद्ध चैधरी ने ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि मजदूरों को समय पर भुगतान न मिलना सरकार की सोची-समझी रणनीति है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अपना रवैया नहीं बदला, तो ग्रामीण स्तर पर एक बड़ा जन-आंदोलन खड़ा किया जाएगा। इस अवसर पर सत्यजीत पिलानिया, ईश्वर शर्मा, बलवान पूर्व पार्षद, समीर खटीक, मनजीत एनएसयूआई, रजत वाल्मीकि, बलबीर सरोहा, राजकुमार धनखड़, दिनेश कौशिक, मा. बलवंत घणघस, अमन तंवर राघव, दीपेश सारसर, विरेंद्र बापोड़ा, रवि सोलंकी, मुकेश प्रजापत, अनिल मास्टर, नरेश तंवर जीएम, लक्ष्मण वर्मा, राजेश बडाला, सुरेंद्र हुद्रा, डा. फूल सिंह धनाना, शिव कुमार धानक, अमित पंघाल, धीरजख् वरूणा कुमार, वेदप्रकाश सहित अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

स्वामी विवेकानंद जन्मोत्सव व राष्ट्रीय युवा दिवस की तैयारियां तेज
यूथ हॉस्टल में स्वामी विवेकानंद प्रतिमा का सौंदर्यीकरण किया गया
स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा को कलर किया जा रहा है
राष्ट्रीय युवा दिवस पर युवाओं को किया जाएगा सम्मानित: भारद्वाज
भिवानी, 10 जनवरी, अभीतक: स्वामी विवेकानंद जन्मोत्सव एवं राष्ट्रीय युवा दिवस को लेकर जिले में तैयारियां जोरों पर हैं। इसी कड़ी में भिवानी यूथ हॉस्टल परिसर में स्थित स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का सौंदर्यीकरण एवं रंग-रोगन का कार्य किया जा रहा है। यह कार्य माई युवा भारत केंद्र भिवानी, सामाजिक संस्था नेताजी सुभाष चंद्र बोस युवा जागृत सेवा समिति एवं सदाचारी शिक्षा समिति के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। प्रतिमा को स्वयं भारत सरकार से राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता अशोक कुमार भारद्वाज अपने हाथों से कलर कर रहे हैं। इस अवसर पर अशोक कुमार भारद्वाज ने कहा कि स्वामी विवेकानंद युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनका जीवन, विचार और संदेश आज भी युवाओं को राष्ट्र निर्माण, चरित्र निर्माण और आत्मविश्वास के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय युवा दिवस केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि युवाओं को अपने कर्तव्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों का बोध कराने का अवसर है। प्रतिमा का सौंदर्यीकरण इसी उद्देश्य से किया जा रहा है ताकि युवा स्वामी विवेकानंद के विचारों से जुड़ सकें। माई युवा भारत केंद्र भिवानी के पदाधिकारियों ने बताया कि स्वामी विवेकानंद जन्मोत्सव के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, नशा मुक्ति, सड़क सुरक्षा व ठंड कोहरा आपदा,राष्ट्र सेवा और सामाजिक समरसता जैसे विषयों पर जागरूक किया जाएगा। साथ ही युवाओं को स्वामी विवेकानंद के “उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो” जैसे प्रेरक संदेशों से अवगत कराया जाएगा। सामाजिक संस्था नेताजी सुभाष चंद्र बोस युवा जागृत सेवा समिति एवं सदाचारी शिक्षा समिति से राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता अशोक कुमार भारद्वाज ने कहा कि आज स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा को रंग रोगन किया जा रहा है। कहा कि संस्थाएं लंबे समय से युवाओं के सर्वांगीण विकास, समाज सेवा, शिक्षा और जागरूकता के क्षेत्र में कार्य कर रही हैं। राष्ट्रीय युवा दिवस के आयोजन के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का प्रयास किया जाएगा। यूथ हॉस्टल परिसर में प्रतिमा के रंग-रोगन को देखने के लिए युवाओं एवं आम नागरिकों में भी उत्साह देखा गया। सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्य युवाओं में प्रेरणा और राष्ट्रप्रेम की भावना को मजबूत करते हैं। आयोजकों ने युवाओं से अपील की कि वे स्वामी विवेकानंद के विचारों को अपने जीवन में अपनाकर समाज और देश के विकास में योगदान दें।


हांसी में शीघ्र स्थापित होगी सेशन डिवीजन: मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत
नारनौंद में उपमंडलीय न्यायालय का हुआ शुभारंभ, न्यायिक परिसर का किया शिलान्यास
नारनौंद में 21 करोड़ से अधिक की धनराशि से उपमंडलीय न्यायिक परिसर का होगा निर्माण
चंडीगढ़, 10 जनवरी, अभीतक: भारत के सुप्रीम कोर्ट के माननीय मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि हांसी में शीघ्र ही सेशन डिवीजन स्थापित की जाएगी। हांसी को प्रदेश का 23वां जिला बनाने के बाद यहां हांसी वासियों के लिए एक और सुविधा होगी। आमजन को न्याय पहुंचाने की दिशा में यह डिवीजन महत्वपूर्ण साबित होगी। न्यायमूर्ति सूर्यकांत हांसी जिला के नारनौंद में नारनौंद उपमंडल न्यायालय के शुभारंभ तथा उपमंडल न्यायिक परिसर के शिलान्यास के उपरांत उपस्थित न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं तथा गणमान्य नागरिकों को बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे। न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि नारनौंद में उपमंडलीय न्यायालय की स्थापना होना हर्ष का विषय है। उन्होंने लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वे न्याय को हर गरीब व्यक्ति के द्वार तक लेकर जाएंगे। संविधान में सभी को एक समान रूप से न्याय प्राप्त करने का अधिकार दिया है। न्यायपालिका द्वारा गरीब लोगों तक सुलभ न्याय देने के लिए कार्य किया जा रहा है। न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने न्यायिक अधिकारियों एवं अधिवक्ताओं को आह्वान करते हुए कहा कि न्याय के प्रति आस्था को और अधिक मजबूत रखते हुए समय पर न्याय पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। अधिवक्ता न्याय के सजग प्रहरी के तौर पर कार्य करते हुए बार एथिक्स को याद रखें। विकास के साथ तकनीकी युग में अधिवक्ता स्वयं को तकनीकी ज्ञान से युक्त करें तथा न्यायपालिका में हो रहे विकास से स्वयं का अपडेट रखें। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि न्यायिक अधिकारी व अधिवक्ता सकारात्मक सोच के साथ लंबित मामलों को निपटाए। गौरतलब है कि उपमंडलीय न्यायिक परिसर पर 21 करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि खर्च की जाएगी। इस न्यायिक न्यायालय परिसर का निर्माण 7255.30 वर्ग मीटर अथवा 1.79 एकड़ में किया जाएगा। न्यायिक न्यायालय परिसर में भू-तल, प्रथम तल तथा द्वितीय तल पर विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। भू-तल पर न्यायालय कक्ष, साक्षी कक्ष व अन्य कक्ष, प्रथम तल पर फैमिली कोर्ट, मध्यस्था कक्ष आदि तथा द्वितीय तल पर ममटी एवं मशीन रूम का निर्माण होगा। नारनौंद बार एसोसिएशन की ओर से मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश शील नागू व हरियाणा के जनस्वास्थ्य मंत्री रणबीर गंगवा को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश हरसिमरन सिंह सेठी, हिसार डिवीजन की प्रशासनिक न्यायाधीश अलका सरीन, हिसार की जिला एवं सत्र न्यायाधीश अलका मलिक, सहकारिता मंत्री डॉ अरविंद शर्मा, सफीदों विधायक रामकुमार गौतम, विधायक जस्सी पेटवाड़, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जरनल चंद्रशेखर, हांसी के उपायुक्त राहुल नरवाल, पुलिस अधीक्षक अमित यशवर्धन, एसडीएम विकास यादव, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गगनदीप मित्तल, उपमंडल न्यायिक न्यायाधीश आशुतोष, सीजेएम अशोक कुमार भी उपस्थित थे।

उच्च गुणवत्ता आलू बीज उत्पादन में हरियाणा अग्रणी कृषि राज्य: कृषि मंत्री
चैथा आलू एक्सपो के समापन समारोह में श्री श्याम सिंह राणा मुख्य अतिथि के रूप में हुए शामिल
उत्कृष्ट कार्य करने वाले 16 किसानों को आलू रत्न व आलू सम्मान से किया पुरस्कृत
चंडीगढ़, 10 जनवरी, अभीतक: हरियाणा के बागवानी विभाग द्वारा करनाल में आयोजित ष्चैथा आलू एक्सपोष् सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह दो दिवसीय कार्यक्रम हरियाणा के साथ अन्य राज्यों से आए प्रगतिशील किसानों, बीज उत्पादकों, वैज्ञानिकों, खरीदारों, विक्रेताओं और सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की कंपनियों के उत्साहपूर्ण भागीदारी में आयोजित किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य आलू उत्पादन में नवीन तकनीकों का प्रदर्शन, उच्च गुणवत्ता वाले बीज आलू को बढ़ावा देना और किसानों को बेहतर बाजार से जोड़ना है। एक्सपो के द्वितीय दिवस एवं समापन समारोह में हरियाणा के कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह के दौरान कृषि मंत्री ने सर्वप्रथम संस्थान में स्थापित अत्याधुनिक टिश्यू कल्चर प्रयोगशाला का निरीक्षण किया, जिसमें रोग-मुक्त एवं गुणवत्तायुक्त बीज आलू उत्पादन की प्रक्रिया को समझाया गया। इसके उपरांत उन्होंने एयरोपोनिक्स यूनिट का अवलोकन किया, जहां बिना मिट्टी के उन्नत तकनीक से पैदा किये गए आलू की प्रक्रिया को दिखाया गया था। कृषि मंत्री ने विभिन्न आलू किस्मों के प्रदर्शन प्रक्षेत्र (ट्रायल्स) का भी निरीक्षण किया, जिसमें कुल 16 विभिन्न किस्मों की उपज क्षमता, रोग प्रतिरोधकता और बाजार उपयोगिता पर चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त उन्होंने नेट हाउस का अवलोकन कर संरक्षित खेती के माध्यम से बीज आलू उत्पादन की संभावनाओं पर जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम में मंत्री ने एक्सपो परिसर में स्थापित विभिन्न फर्मों के स्टॉल का भ्रमण किया, जहाँ सार्वजनिक और निजी कंपनियों द्वारा बीज, मशीनरी, तकनीकी सामग्री और अन्य कृषि उपकरण प्रदर्शित किए गए थे। उन्होंने स्टॉल संचालकों से संवाद कर तकनीकों की जानकारी ली और किसानों के हित में नवाचारों की सराहना की। इसके उपरांत मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने उपस्थित किसानों, खरीदारों और विक्रेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह एक्सपो हरियाणा में उत्पादित उच्च गुणवत्ता वाले आलू के बीज को देश के किसानों से जोडने का एक सशक्त माध्यम है और आलू बीज उत्पादन में हरियाणा एक उभरता अग्रणी कृषि राज्य बन रहा है। नई तकनीकों के माध्यम से हरियाणा ने बीज आलू उत्पादन में उल्लेखनीय प्रगति की है, जिससे किसानों की लागत कम हुई है और आमदनी में वृद्धि हुई है। यह मंच किसानों और खरीदारों को सीधे जोडकर बेहतर बाजार और उचित मूल्य सुनिश्चित करेगा। कृषि मंत्री ने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है। वर्ष 2014 के बाद प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ा है और कृषि क्षेत्र व किसानों को भी आगे बढ़ने का अवसर दिया है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तब साकार होगा जब हर क्षेत्र में विकास होगा। भारत सरकार इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा 24 फसलों को एमएसपी पर खरीदा जा रहा है। इसके अलावा बागवानी को बढ़ावा देने के लिए भावांतर भरपाई योजना चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन तथा बागवानी को बढ़ावा दिया जा रहा है। हरियाणा देश में मछली उत्पादन में दूसरे स्थान पर है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार द्वारा शहद का मूल्य 120 रुपये निर्धारित किया गया। उन्होंने आह्वान किया कि हर नागरिक स्वदेशी को अपनाए ताकि देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो सके। कार्यक्रम में अपने संबोधन के उपरांत कृषि मंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित किया, जिसमें 5 प्रगतिशील किसानों को आलू रत्न पुरस्कार प्रदान किया गया, प्रत्येक को 11,000 की नकद राशि दी गई, और 11 किसानों को आलू सम्मान से सम्मानित किया गया, प्रत्येक को 5,100 नकद राशि प्रदान की गई। इस अवसर पर यह भी अवगत कराया गया कि टिशू कल्चर प्रयोगशाला को 1 अक्टूबर 2025 को नई दिल्ली स्थित जैव प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार द्वारा विधिवत निरीक्षण के उपरांत मान्यता प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया है। इस उपलब्धि पर श्री श्याम सिंह राणा ने बागवानी विभाग एवं वैज्ञानिकों को बधाई दी और इसे हरियाणा के लिए गर्व का विषय बताया। यह मान्यता प्रयोगशाला की तकनीकी क्षमता, गुणवत्ता मानकों और अनुसंधान सुविधाओं की पुष्टि करती है। साथ ही, वर्ष 2024 में राज्य सरकार द्वारा ष्हर-आलू लोगोष् का ट्रेडमार्क पंजीकरण कराया गया है, जो बीज आलू की उच्च गुणवत्ता, शुद्धता और विश्वसनीयता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह ब्रांड हरियाणा के बीज आलू को राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाने में सहायक होगा। इस अवसर पर डॉ. अर्जुन सिंह सैनी (हेड ऑफ द डिपार्टमेंट, स्पेशल) , निदेशक डॉ. रणबीर सिंह समेत विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
उच्च गुणवत्ता आलू बीज उत्पादन में हरियाणा अग्रणी कृषि राज्य, किसानों को मिल रही है बेहतरीन सेवाएं: कृषि मंत्री
चैथा आलू एक्सपो के समापन समारोह में हरियाणा के कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, विभागाध्यक्ष डा. अर्जुन सैनी ने पुष्प-गुच्छ व महानिदेशक डा. रणबीर सिंह ने किया स्मृति चिह्न भेंट और विभिन्न गतिविधियों की दी जानकारी
मंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले 16 किसानों को आलू रत्न व आलू सम्मान से किया पुरस्कृत
करनाल, 10 जनवरी, अभीतक: हरियाणा बागवानी विभाग द्वारा आयोजित 4 आलू एक्सपो सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह दो दिवसीय कार्यक्रम राज्य के साथ अन्य राज्यों से आए प्रगतिशील किसानों, बीज उत्पादकों, वैज्ञानिकों, खरीदारों, विक्रेताओं और सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की कंपनियों के उत्साहपूर्ण भागीदारी में आयोजित किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य आलू उत्पादन में नवीन तकनीकों का प्रदर्शन, उच्च गुणवत्ता वाले बीज आलू को बढ़ावा देना और किसानों को बेहतर बाजार से जोड़ना है। एक्सपो के द्वितीय दिवस एवं समापन समारोह में हरियाणा सरकार के कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डा. अर्जुन सैनी ने पुष्प-गुच्छ व महानिदेशक डा. रणबीर सिंह ने स्मृति चिन्ह भेट किया और उन्हें केंद्र की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। समारोह के दौरान मंत्री ने सर्वप्रथम संस्थान में स्थापित अत्याधुनिक टिश्यू कल्चर प्रयोगशाला का निरीक्षण किया, जिसमें रोग-मुक्त एवं गुणवत्तायुक्त बीज आलू उत्पादन की प्रक्रिया को समझाया गया। इसके उपरांत उन्होंने एयरोपोनिक्स यूनिट का अवलोकन किया, जहां बिना मिट्टी के उन्नत तकनीक से बीज आलू उत्पादन की प्रक्रिया प्रत्यक्ष रूप से अवलोकन किया। कृषि मंत्री ने विभिन्न आलू किस्मों के प्रदर्शन प्रक्षेत्र (ट्रायल्स) का भी निरीक्षण किया, जिसमें कुल 16 विभिन्न किस्मों की उपज क्षमता, रोग प्रतिरोधकता और बाजार उपयोगिता पर चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त उन्होंने नेट हाउस का अवलोकन कर संरक्षित खेती के माध्यम से बीज आलू उत्पादन की संभावनाओं पर जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम में मंत्री ने एक्सपो परिसर में स्थापित विभिन्न फर्मों के स्टॉल का भ्रमण किया, जहाँ सार्वजनिक और निजी कंपनियों द्वारा बीज, मशीनरी, तकनीकी सामग्री और अन्य कृषि उपकरण प्रदर्शित किए गए थे। उन्होंने स्टॉल संचालकों से संवाद कर तकनीकों की जानकारी ली और किसानों के हित में नवाचारों की सराहना की। इसके उपरांत मंत्री श्री श्याम सिंह राणा जी ने उपस्थित किसानों, खरीदारों और विक्रेताओं को संबोधित करते हुए इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह बैठक हरियाणा में उत्पादित उच्च गुणवत्ता वाले बीज आलू को देश के किसानों से जोडने का एक सशक्त माध्यम है और आलू बीज उत्पादन में हरियाणा एक उभरता अग्रणी कृषि राज्य बन रहा है। नई तकनीकों के माध्यम से हरियाणा ने बीज आलू उत्पादन में उल्लेखनीय प्रगति की है, जिससे किसानों की लागत कम हुई है और आप में वृद्धि हुई है। यह मंच किसानों और खरीदारों को सीधे जोडकर बेहतर बाजार और उचित मूल्य सुनिश्चित करेगा। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है। कृषि क्षेत्र का विकसित भारत विकसित हरियाणा बनाने में अग्रीणय योगदान रहेगा और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प पूरा होगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ा है और कृषि क्षेत्र व किसानों का भी आगे बढ़ने का अवसर दिया है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तब साकार होगा जब हर क्षेत्र में विकास होगा। भारत सरकार इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा 24 फसलों पर एमएसपी पर खरीदा जा रहा है। इसके अलावा बागवानी को बढ़ावा देने के लिए भावांतर भरपाई योजना चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन तथा बागवानी को बढ़ाया गया है। हरियाणा देश में मछली उत्पादन में दूसरे स्थान पर है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार द्वारा शहद का मूल्य 120 रुपये निर्धारित किया गया। उन्होंने आह्वान किया कि हर नागरिक स्वदेशी को अपनाए ताकि देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो सके। कार्यक्रम में अपने संबोधन के उपरांत मंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित किया, जिसमें 5 प्रगतिशील किसानों को आलू रत्न पुरस्कार प्रदान किया गया, प्रत्येक को 11,000 की नकद राशि दी गई, और 11 किसानों को आलू सम्मान से सम्मानित किया गया, प्रत्येक को 5,100ध्- नकद राशि प्रदान की गई। इस अवसर पर यह भी अवगत कराया गया कि टिशू कल्चर प्रयोगशाला को 1 अक्टूबर 2025 को नई दिल्ली स्थित जैव प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार द्वारा विधिवत निरीक्षण के उपरांत मान्यता प्रमाणपत्र प्रदान किया गया। इस उपलब्धि पर मंत्री श्री श्याम सिंह राणा जी ने बागवानी विभाग एवं वैज्ञानिकों को बधाई दी और इसे हरियाणा के लिए गर्व का विषय बताया। यह मान्यता प्रयोगशाला की तकनीकी क्षमता, गुणवत्ता मानकों और अनुसंधान सुविधाओं की पुष्टि करती है। साथ ही, वर्ष 2024 में राज्य सरकार द्वारा हर आलू लोगों का ट्रेडमार्क पंजीकरण कराया गया है, जो बीज आलू की उच्च गुणवत्ता, शुद्धता और विश्वसनीयता का प्रतीक है। मंत्री ने कहा कि यह ब्रांड हरियाणा के बीज आलू को राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाने में सहायक होगा। इस अवसर पर डॉ. अर्जुन सिंह सैनी (हेड ऑफ द डिपार्टमेंट, स्पेशल) ने माननीय मंत्री का हार्दिक अभिनंदन करते हुए स्वागत भाषण प्रस्तुत किया और विभागीय गतिविधियों का संक्षिप्त लेकिन स्पष्ट परिचय देते हुए बताया कि एक्सपो के दौरान बीज आलू क्रेता-विक्रेता बैठक का आयोजन किया गया है, जो किसानों और खरीदारों को सीधे जोड़ने और मूल्य संवर्धन के अवसर प्रदान करने का एक प्रभावी मंच साबित हो रहा है। कार्यक्रम के अंत में डॉ. रणबीर, निदेशक, बागवानी विभाग, हरियाणा ने उपस्थित सभी का धन्यवाद देते हुए मंत्री का आभार व्यक्त किया और एक्सपो की सफलता के लिए सभी किसानों, वैज्ञानिकों, अधिकारियों, प्रतिभागी फर्मों और आयोजक टीम को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि बागवानी विभाग भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजनों के माध्यम से किसानों को नवीन तकनीकों, गुणवत्तायुक्त बीज और बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास करता रहेगा। चैथा आलू एक्सपो किसानों के लिए ज्ञान, तकनीक और बाजार को जोड़ने वाला एक प्रभावी मंच सिद्ध हुआ जिससे निश्चित रूप से आलू उत्पादन और किसानों की आय में वृद्धि होगी।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने बरवाला में किया नई अदालत का शुभारंभ, कोर्ट कॉम्प्लेक्स की रखी आधारशिला
चंडीगढ़, 10 जनवरी, अभीतक: भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि सभी व्यक्तियों को जल्द न्याय मिले, इसके लिए उनके नजदीक अदालतें स्थापित की जा रही हैं, अदालतें जितनी नजदीक होगी उतना ही व्यक्ति अपने अधिकारों की रक्षा के लिए न्याय की लड़ाई लड़ सकता है। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत बरवाला में शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। इससे पहले न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने बरवाला में बनी अदालत का शुभारंभ किया और उसके साथ ही बनने वाले नए कोर्ट कॉम्पलेक्स की आधारशिला रखी। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधारोपण भी किया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री रणबीर सिंह गंगवा, कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा, पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति शील नागू, पंजाब हरियाणा उच्च न्यायालय की न्यायाधीश अलका सरीन, न्यायाधीश एच. एस. सेठी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश अलका मलिक, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ईशा खत्री व सौरव खत्री, एसीजेएम अनुराधा, बार एसोसिएशन के प्रधान दिनेश सैनी भी मौजूद थे। न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि नई अदालतों की स्थापना का मूल उद्देश्य एक्सेस टू जस्टिस यानी आम नागरिक तक न्याय को सरल, सुलभ और सस्ता बनाना है। उन्होंने हरियाणा सरकार को बधाई देते हुए कहा कि बरवाला और नारनौंद में सोमवार से न्यायिक कार्य प्रारंभ हो जाएगा। उन्होंने कहा कि संविधान निर्माताओं ने प्रत्येक राज्य में हाईकोर्ट की व्यवस्था इसी सोच के साथ की थी कि नागरिकों को अपने मौलिक, नागरिक व मानवाधिकारों के लिए दिल्ली तक न जाना पड़े, बल्कि वे अपने ही राज्य में न्याय प्राप्त कर सकें। न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने हरियाणा सरकार का आभार जताते हुए कहा कि राज्य सरकार ने न्यायिक अवसंरचना के विकास में सदैव सहयोग किया है। उन्होंने बताया कि अपने कार्यकाल के दौरान वे हाईकोर्ट की बिल्डिंग कमेटी के चेयरमैन भी रहे और हरियाणा में कई न्यायिक परिसरों के निर्माण में सरकार से समय पर आर्थिक सहायता मिली। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मार्गदर्शन में न्यायिक अधिकारी आम आदमी के कष्टों को समझते हुए न्याय प्रदान करेंगे और गुणवत्ता पूर्ण न्याय देने में प्रदेश देश में अग्रणी बनेगा। न्याय आपके द्वार की अवधारणा पर चलते हुए आमजन के पास न्यायिक परिसरों का निर्माण किया जा रहा है जोकि गरीब व्यक्तियों के लिए न्याय प्राप्त करने में काफी कारगर साबित हो रहे है। जहां निरंतर आधारभूत संरचना का विकास हो रहा है वहीं आमजन को गुणवत्तापूर्वक न्याय भी मिलना चाहिए। कैबिनेट मंत्री रणबीर सिंह गंगवा ने मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत का अपनी पैतृक धरती पर आगमन पर स्वागत करते हुए कहा कि आज का दिन हिसार जिला के लिए गौरव का दिन है। अपनी न्यायिक सूझबूझ से न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने हरियाणा के साथ-साथ देश का मान बढ़ाया है। आज वे न्यायिक प्रक्रिया में सर्वोच्च शिखर पर पहुंचे है जोकि युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। प्रदेश सरकार न्याय ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। न्याय की चैखट आम जन तक पहुंच रही है, अब लोगों को न्याय के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। कार्यक्रम में बार प्रधान दिनेश सैनी ने मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत को स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस अवसर पर विधायक रणधीर पनिहार, उपायुक्त महेन्द्र पाल, एसपी शशांक आनंद, पूर्व सांसद डी.पी. वत्स, पूर्व मंत्री अनूप धानक, एसडीएम वेद प्रकाश, एडवोकेट मनोज, एडवोकेट नवदीप चहल सहित अन्य अधिवक्ता गण मौजूद रहे।
बजट निर्माण की प्रक्रिया में हर वर्ग की सहभागिता का प्रयास: आरती सिंह राव
फरीदाबाद में किया गया प्री-बजट परामर्श बैठक का आयोजन
चंडीगढ़, 10 जनवरी, अभीतक: हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि जनभागीदारी के बिना समावेशी विकास संभव नहीं है और इसी सोच के तहत सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि बजट निर्माण की प्रक्रिया में हर वर्ग की सहभागिता हो। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी हितधारकों के सुझावों से हरियाणा का स्वास्थ्य क्षेत्र और अधिक मजबूत, आधुनिक तथा जनहितैषी बनेगा। आरती सिंह राव ने बताया कि कल मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह एवं अन्य मंत्रियों तथा अधिकारियों ने स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े बजट सुझावों को लेकर फरीदाबाद में जो प्री-बजट परामर्श बैठक का आयोजन किया, उसके प्रदेश हित में सकारात्मक एवं दूरगामी परिणाम होंगे। इस महत्वपूर्ण बैठक में चिकित्सा, दंत चिकित्सा और आयुष क्षेत्र के प्रतिष्ठित चिकित्सकों, स्वास्थ्य उपकरण निर्माताओं, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं तथा पैरामेडिकल प्रतिनिधियों की बड़ी संख्या में भागीदारी रही। बैठक के दौरान अधिकारियों ने खुले मंच पर उपस्थित सभी हितधारकों से सुझाव आमंत्रित किए। साथ ही यह भी जानकारी दी गई कि जो प्रतिभागी बैठक में अपने विचार व्यक्त नहीं कर सके, वे विशेष रूप से तैयार किए गए ऐप और वेबसाइट के माध्यम से अपने सुझाव प्री-बजट परामर्श प्रक्रिया के तहत भेज सकते हैं। आरती सिंह राव ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके बहुमूल्य सुझाव राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को और सुदृढ़ बनाने में सहायक सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार जनभागीदारी की सरकार है और बजट तैयार करते समय सभी वर्गों से प्राप्त सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वर्तमान हरियाणा सरकार सभी हितधारकों को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौजूदा भाजपा सरकार पहली बार इस स्तर पर आम जनता और विशेषज्ञों से सुझाव लेकर बजट तैयार कर रही है, जबकि पूर्ववर्ती सरकारों में ऐसी परंपरा नहीं रही।
हरियाणा में वर्ष 2025 में एनडीपीएस मामलों के रिकॉर्ड 3,738 केस दर्ज
6,800 से अधिक आरोपी गिरफ्तार, 33 विदेशी भी शामिल
चंडीगढ़, 10 जनवरी, अभीतक: नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए हरियाणा में वर्ष 2025 के दौरान एनडीपीएस अधिनियम के तहत रिकॉर्ड 3,738 एफआईआर दर्ज की गईं और 6,801 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। यह अब तक का राज्य का सबसे सख्त और व्यापक मादक पदार्थ विरोधी अभियान है। यह जानकारी गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने आज यहां साझा की। डॉ. मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2020 से 2025 के बीच राज्य में एनडीपीएस अधिनियम के तहत कुल 20,519 एफआईआर दर्ज हुईं और 35,207 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। बीते छह वर्षों में लगातार तेज हुई इस कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र में मादक पदार्थ तस्करों को कड़ा संदेश दिया है। गिरफ्तारियों में कई राज्यों के आरोपी शामिल रहे। सबसे अधिक उत्तर प्रदेश से 169, इसके बाद पंजाब से 147, राजस्थान से 64 और दिल्ली से 45 आरोपी पकड़े गए। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, झारखंड, बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड तथा कई पूर्वोत्तर राज्यों के निवासी भी हरियाणा में नशीले पदार्थों से जुड़े अपराधों में गिरफ्तार किए गए। विदेशी नागरिकों में 26 नाइजीरियाई, 6 नेपाली और 1 सेनेगल (अफ्रीका) के नागरिक की गिरफ्तारी हुई, जो राज्य की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय ड्रग कार्टेल से निपटने की क्षमता को दर्शाता है। राज्य को वाणिज्यिक स्तर के मादक पदार्थ मामलों में विशेष सफलता मिली है। वर्ष 2025 में 457 वाणिज्यिक एनडीपीएस मामले दर्ज किए गए और 1,227 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जो पिछले छह वर्षों में सर्वाधिक है। कुल मिलाकर इस अवधि में 2,224 वाणिज्यिक एफआईआर और 5,824 गिरफ्तारियां हुईं। हरियाणा की एंटी-नार्कोटिक्स टीमों ने अंतर-राज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क में प्रभावी सेंध लगाई है। वर्ष 2025 में कुल 586 आरोपी गिरफ्तार किए गए, जिनमें 553 अन्य राज्यों से और 33 विदेशी नागरिक थे। यह संख्या वर्ष 2024 की 444 गिरफ्तारियों से कहीं अधिक है, जो प्रवर्तन एजेंसियों की बढ़ती प्रभावशीलता को दर्शाती है। बीते छह वर्षों में हरियाणा ने सैकड़ों करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए हैं। जब्ती में 55,701 किलोग्राम गांजा, 89,696 किलोग्राम पोस्त भूसा, 1,300 किलोग्राम चरस और 229 किलोग्राम हेरोइन शामिल हैं। विशेष रूप से वर्ष 2025 में 55.84 किलोग्राम हेरोइन की जब्ती हुई, जो इस खतरनाक नशीले पदार्थ की उच्चतम वार्षिक बरामदगियों में से एक है। अन्य महत्वपूर्ण बरामदगियों में 1,819 किलोग्राम अफीम, 3,392 किलोग्राम अफीम के पौधे और 814 ग्राम कोकीन शामिल हैं। इसके अलावा उभरते सिंथेटिक ड्रग्स जैसे एमडी, एमडीए और एमडीएमए (एक किलोग्राम से अधिक) तथा कम मात्रा में मेथामफेटामिन, एलएसडी और ब्राउन शुगर भी जब्त की गई। डॉ. मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2025 में एजेंसियों ने 18,039 किलोग्राम पोस्त भूसा, 6,257 किलोग्राम गांजा, 645 ग्राम एमडीएमए और 240 ग्राम कोकीन जब्त की। फार्मास्यूटिकल ड्रग्स एक गंभीर श्रेणी बनकर उभरी है, जिसमें 58.44 लाख से अधिक यूनिट (कैप्सूल, इंजेक्शन, टैबलेट और बोतलें) अवैध दुरुपयोग से बचाई गईं। वर्ष 2025 में ही 6.59 लाख से अधिक फार्मास्यूटिकल यूनिट बरामद की गईं। डॉ सुमिता मिश्रा ने कहा कि वर्ष 2007 से वर्ष 2025 के बीच एनडीपीएस अधिनियम के तहत 370 तस्करों की 67.01 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां जब्त, फ्रीज और कुर्क की गईं। वर्ष 2025 में ही 143 व्यक्तियों की 13.59 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की गईं, जबकि वर्ष 2023 और वर्ष 2024 में क्रमशः 13.27 करोड़ और 7.55 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की गईं। यह रणनीति तस्करों की आर्थिक रीढ़ तोड़ने में प्रभावी सिद्ध हुई है। त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए राज्य में आठ एनडीपीएस फास्ट ट्रैक एवं विशेष अदालतें कार्यरत हैंकृसिरसा, फतेहाबाद, अंबाला, हिसार, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र और पानीपत में। पहली दो अदालतें सिरसा तथा फतेहाबाद में अप्रैल 2022 में और शेष छह फरवरी 2023 में स्थापित की गईं। इसके अतिरिक्त यमुनानगर, फरीदाबाद, गुरुग्राम और रोहतक में और अदालतें स्थापित करने के प्रस्ताव भी भेजे गए हैं। नशीले पदार्थ एवं मनोदैहिक पदार्थों के अवैध व्यापार की रोकथाम अधिनियम, 1988 के तहत वर्ष 2022 से वर्ष 2025 के बीच 147 कुख्यात तस्करों को हिरासत में लिया गया। यह संख्या वर्ष 2022 में 3, वर्ष 2023 में 51, वर्ष 2024 में 12 और वर्ष 2025 में 76 रही, जो इस निवारक उपाय के बढ़ते उपयोग को दर्शाती है। डॉ. मिश्रा ने कहा कि नशा के खिलाफ जागरूकता के माध्यम से रोकथाम हमारा सबसे मजबूत हथियार है। प्रवर्तन के साथ-साथ राज्य ने 18,540 नशा-विरोधी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए, जिनसे 28.46 लाख से अधिक लोग लाभान्वित हुए। ये कार्यक्रम स्कूलों, कॉलेजों, कार्यस्थलों और सामुदायिक केंद्रों में व्यापक रूप से संचालित किए गए।
वरिष्ठ नागरिक कल्याण हेतु राज्य पुरस्कारों के लिए आवेदन आमंत्रित
चंडीगढ़, 10 जनवरी, अभीतक: हरियाणा सरकार द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण, श्रेष्ठ ग्राम पंचायतों, श्रेष्ठ स्वैच्छिक संस्थाओं (एनजीओ) तथा अन्य श्रेणियों में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से वर्ष 2025-26 के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इन पुरस्कारों के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के लिए सरकार द्वारा पोर्टल 12 जनवरी 2026 तक खोला गया है। पात्र व्यक्ति एवं संस्थाएं निर्धारित अवधि के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। इन राज्य पुरस्कारों में शतायु सम्मान, श्रेष्ठ माता सम्मान, साहस एवं वीरता पुरस्कार, आजीवन उपलब्धि पुरस्कार, वरिष्ठ कलाकार (चित्रकार, मूर्तिकार, संगीतकार, गायक, नृत्य कलाकार), वरिष्ठ खिलाड़ी पुरस्कार, श्रेष्ठ ग्राम पंचायत, श्रेष्ठ स्वैच्छिक संस्था (एनजीओ), श्रेष्ठ वृद्धाश्रम तथा श्रेष्ठ डे-केयर सेंटर सहित विभिन्न श्रेणियां शामिल हैं। पुरस्कार स्वरूप चयनित प्रतिभागियों को नकद राशि प्रदान की जाएगी। अधिक जानकारी के लिए आवेदक संबंधित विभाग या सरकारी पोर्टल पर संपर्क कर सकते हैं।
सुभाष चन्द्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार- 2027 के लिए आवेदन आमंत्रित
चंडीगढ़, 10 जनवरी, अभीतक: भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से सुभाष चन्द्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार-2027 के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। व्यक्तियों और संगठनों के अमूल्य योगदान और निस्वार्थ सेवा भाव को पहचानने और सम्मानित करने के लिए ष्सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कारष् के नाम से वार्षिक पुरस्कार दिया जाता है। इस पुरस्कार की घोषणा हर साल 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर की जाती है। एक सरकारी प्रवक्ता ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि केवल भारतीय नागरिक और भारतीय संस्थान ही पुरस्कार के लिए आवेदन करने के पात्र हैं। संस्थानों, स्वैच्छिक संगठनों, कॉर्पोरेट संस्थाओं, शैक्षणिकध्अनुसंधान संस्थानों, प्रतिक्रिया, वर्दीधारी बलों या किसी अन्य संस्थान के लिए पुरस्कार के लिए एक संस्था के रूप में आवेदन कर सकते हैं। पुरस्कार के लिए उम्मीदवार ने भारत में आपदा प्रबंधन जैसे रोकथाम, शमन, तैयारी, बचाव, प्रतिक्रिया, राहत, पुनर्वास, अनुसंधान, नवाचार या ईए कार्य के क्षेत्र में काम किया हो। डीसी ने बताया कि आवेदन के साथ आपदा प्रबंधन में किए गए कार्यों का विवरण होना चाहिए। पुरस्कार के संबंध में अधिक जानकारी राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन के पोर्टल पर उपलब्ध है।
केंद्रीय बजट से हरियाणा की प्रगति का मार्ग और होगा प्रशस्त: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी’
नई दिल्ली में केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में बजट पूर्व बैठक हुई आयोजित
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बैठक में केंद्रीय बजट में हरियाणा से जुड़ी मांगों को शामिल करने की रखी डिमांड
चंडीगढ़, 10 जनवरी, अभीतक: केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आज नई दिल्ली में सभी राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों (विधायकमंडल सहित) के वित्त मंत्रियों के साथ बजट पूर्व बैठक हुई। बैठक में हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय बजट में हरियाणा से जुड़ी विभिन्न महत्वपूर्ण मांगों को रखा। इसमें कृषि, ग्रामीण विकास, मेडिकल, उद्योगों आदि में बजट आवंटन व अन्य प्रमुख मांगों को रखा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट से हरियाणा की प्रगति का मार्ग और प्रशस्त होगा। हरियाणा 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में अपना पूरा योगदान देगा। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश को निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाने के लिए हरियाणा सरकार भरपूर प्रयास कर रही है। हमने अपने स्तर पर काफी प्रयास किए हैं लेकिन परिणाम तक पहुंचने के लिए केन्द्रीय सहायता की जरूरत है। चिकित्सा शिक्षा को व्यापक बनाने के लिए हरियाणा हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज खोलने जा रहा है। इसके लिए भी केन्द्र प्रायोजित योजनाओं के तहत मदद की बड़ी जरूरत है। उन्होंने कहा कि हरियाणा कृषि प्रधान राज्य है व खाद्यान्न उत्पादन में देश में दूसरे स्थान पर है। इसे भारत का ब्रेड बास्केट भी कहा जाता है। यहां सेम से 6 लाख एकड़ जमीन प्रभावित है, अतः इस जमीन को और ज्यादा नुकसान से बचाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा वित्तीय सहायता दी जानी चाहिए। वहीं कृषि के आधुनिकीकरण की जरूरत काफी समय से महसूस की जा रही है। डिजिटल एग्रीकल्चर, माइक्रो इरीगेशन, एग्री लॉजिस्टिक्स और वैल्यू-एडीशन पर फोकस किसान को सीधे बाजार से जोड़ा जा सकता है। एम.एस.एम.ई. के साथ एग्री प्रोसेसिंग क्लस्टर्स ग्रामीण समृद्धि का इंजन बन सकते हैं।
एनसीआर क्षेत्र के लॉजिस्टिक्स हब के लिए केंद्रीय पूंजीनिवेश की जरूरत’
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा का एनसीआर क्षेत्र लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे देश के सभी प्रमुख बाजारों से कनेक्टिविटी और माल की सप्लाई आसान व समयबद्ध हो जाएगी इसलिए हमें इन क्षेत्रों में अधिक से अधिक केन्द्रीय पूंजीनिवेश की जरूरत है। उन्होंने कहा कि एमएसएमई और स्टार्टअप्स को गति दिये बिना अर्थव्यवस्था को गति नहीं दी जा सकती। हरियाणा का स्टार्टअप्स में देश में चैथा स्थान है। हम स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए 2 हजार करोड़ रुपये का श्फंड ऑफ फंड्सश् स्थापित करवाने जा रहे हैं। हम प्रदेश में 10 नये आई.एम.टी. विकसित करने जा रहे हैं। इससे समूचे प्रदेश में एम.एस.एम.ई. व स्टार्टअप्स को भारी प्रोत्साहन भी मिलेगा। इन आई.एम.टी. में भारी पूंजीनिवेश भी होगा। हमें इन्हें विकसित करने के लिए अतिरिक्त आर्थिक सहायता की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 44 लाख से अधिक लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान कर रहे हैं। हरियाणा की इस मद में भी आर्थिक सहायता बढ़ाई जाए।
ग्रामीण विकास के कोष को बढ़ाने की रखी डिमांड’
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने ग्रामीण विकास के कोष को बढ़ाने की डिमांड रखी। उन्होंने कहा कि बढ़ती बुनियादी ढांचे की जरूरतों और ग्रामीण विकास की गति को बनाए रखने के लिए आरआईडीएफ के तहत सामान्य आवंटन को अगले वित्तीय वर्ष 2026-27 में 2,000 करोड़ रुपये किया जाए। इसी तरह यूआईडीएफ के तहत अधिकतम परियोजना आकार पर 100 करोड़ रुपये की मौजूदा सीमा बड़ी परियोजनाओं के काम में बाधा बनी हुई है। इस सीमा को बढ़ाकर 500 करोड़ रुपये किया जाए। उन्होंने पूंजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायताश् योजना जारी रखने के लिए केंद्रीय वित्तमंत्री का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी के निकट होने के कारण हरियाणा की विशेष जरूरतों को देखते हुए, हरियाणा के लिए अप्रतिबंधित आवंटन बढ़ाया जाए। साथ ही सहायता के उपयोग की शर्तों में भी उचित छूट दी जाए। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सुझाव देते हुए कहा कि सबसे पहला मानव पूंजी निवेश आज समय की मांग है। शिक्षा, कौशल और स्वास्थ्य विकसित राष्ट्र की रीढ़ है। भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए एआई, सैमी कंडक्टर्स, ग्रीन टेक व बायोटेक जैसे क्षेत्रों में कौशल विकास किया जाना जरूरी है।
जीडीपी में हरियाणा का 3.7 योगदान’
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा भौगोलिक रूप से एक छोटा राज्य होने के बावजूद देश की जीडीपी में 3.7 प्रतिशत योगदान कर रहा है। कर संग्रह के मामले में भी प्रदेश अग्रणी है। वहीं प्रति व्यक्ति जीएसटी संग्रहण में देश में प्रथम स्थान पर है। राष्ट्रीय स्तर पर कुल जीएसटी संग्रह में हमारा योगदान 7.32 प्रतिशत है। दिसंबर, 2025 तक देश में 5वें स्थान पर रहे हैं। हरियाणा ने इस वित्त वर्ष में शुद्ध एसजीएसटी संग्रह में 21 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है, जो 6 प्रतिशत राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक है। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि इस आम बजट में हरियाणा से जुड़ी मांगों को विशेष स्थान दिया जाएगा ताकि प्रदेश और तेज गति से विकास कर सके।