


https://www.facebook.com/share/v/1J7qQ4164a
https://www.facebook.com/share/v/1DNTW2Jfcm
https://www.facebook.com/share/v/1AQb3CPMXu

मादक पदार्थ स्मैकध्हेरोइन 10.9 ग्राम के साथ दो आरोपी काबू
बहादुरगढ़, 08 मार्च, अभीतक: नशा विरुद्ध अभियान के तहत झज्जर पुलिस की टीम द्वारा दो व्यक्तियों को मादक पदार्थ स्मैक के साथ काबु किया गया। सीआईए झज्जर प्रभारी निरीक्षक कर्मवीर ने बताया कि सीआईए झज्जर की पुलिस टीम थाना सदर बहादुरगढ़ के एरिया में मौजूद थी। टीम को गुप्त सूचना मिली कि एक काले रंग की थार गाड़ी में दो लड़के एच एल सिटी बहादुरगढ़ के सर्विस रोड पर नशीला पदार्थ बेचने की फिराक में खड़े हैं। जिस सूचना पर तत्परता से कार्रवाई करते हुए सीआईए झज्जर में तैनात उप निरीक्षक संयम की पुलिस टीम ने उपरोक्त स्थान से दो व्यक्तियों को काबू किया। पकड़े गए व्यक्तियों की पहचान अनिल निवासी गोपाल नगर नजफगढ़ दिल्ली हाल गुभाना और विपिन निवासी मोहन नगर बहादुरगढ़ के तौर पर हुई। पकड़े गए व्यक्तियों के पास मादक पदार्थ होने के संदेह पर नियमानुसार राजपत्रित अधिकारी को सूचित किया गया। जिसके पश्चात मौका पर पहुंचे राजपत्रित अधिकारी के समक्ष नियम अनुसार कार्रवाई करते हुए पकड़े गए उपरोक्त व्यक्तियों की तलाशी ली गई तो उनके कब्जे से नशीला पदार्थ स्मैक बरामद हुआ। जिसका वजन करने पर 10.9 ग्राम पाया गया। मादक पदार्थ स्मैक के साथ पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ मादक पदार्थ अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए थाना सदर बहादुरगढ़ में मामला दर्ज किया गया। पकड़े गए दोनों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अदालत बहादुरगढ़ में पेश किया गया। माननीय अदालत के आदेश अनुसार विपिन को न्यायिक हिरासत में भेजा गया और अनिल को 1 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया।

बुद्धों माता मंदिर का वार्षिकोत्सव कार्यक्रम बुधवार
झज्जर, 08 मार्च, अभीतक: शंकराचार्य चैक के निकट झज्जर के प्रसिद्ध बुद्धों माता मंदिर में बुधवार को मेला लगेगा। मन्दिर परिसर में मेले को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी है। जिसकों लेकर साफ सफाई और रंग रोगन का कार्य चल रहा है।सनातन परंपरा में चैत्र मास कृष्णपक्ष की अष्टमी तिथि को शीतला अष्टमी के नाम से जाना जाता है। शीतला अष्टमी का विशेष महत्व है। शीतला अष्टमी का पर्व 11 मार्च को मनाया जाएगा। इस दिन माता शीतला की पूजा अर्चना करने से हर शारीरिक कष्ट दूर होते हैं और मानसिक शांति और पारिवारिक खुशहाली भी आती है। मान्यता है कि शीतला माता शक्ति यानी मां पार्वती का ही एक स्वरूप हैं। श्रद्धालुओं और मन्दिर कमेटी के सदस्यों में मेले को लेकर उत्साह है और सभी तैयारियों को लेकर सेवा कर रहे है। मंदिर परिसर में लगने वाले मेले व उसकी तैयारियों को लेकर समिति के मेहर सिंह व बाल किशन बंसल ने बताया कि माता के आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े इसके लिए सेवादारों को जिम्मेवारियां पूरी की जा रही है। भक्तों में आस्था है कि सुबह ही माता की पूजा अर्चना के लिए पहुंच जाते हैं। बुद्धोमाता के प्रसाद के रूप में महिलाओं द्वारा एक दिन पहले गुड़ चावल बनाकर बासी पकवान का भोग लगाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार शीतला माता को समर्पित यह लोकप्रिय त्यौहार है। बासी प्रसाद चढ़ा कर जहां मां की आराधना की जाती है वहीं स्वयं भी श्रद्धालुओं द्वारा बासी प्रसाद का भोजन किया जाता है। परंपरा के अनुसार, भक्त इस पवित्र दिन पर भोजन पकाने के लिए अग्नि नहीं जलाते हैं, इसलिए वे पिछले दिन तैयार किए गए भोजन का सेवन करते हैं।












https://www.facebook.com/share/v/1J7qQ4164a
हर क्षेत्र में दिखता है हरियाणा की महिलाओं का जोश व जज्बा: मोहिनी पाटिल
झज्जर, 08 मार्च, अभीतक: रविवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर झज्जर के महाराजा अग्रसेन महिला महाविद्यालय परिसर में महिला सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें उपायुक्त श्री स्वप्निल रविंद्र पाटिल की धर्मपत्नी श्रीमती मोहिनी पाटिल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुई। श्रीमती मोहिनी पाटिल ने कहा कि हरियाणा की महिलाओं में वह जोश व जज्बा है, जो न केवल खेल के मैदान में दिखता है बल्कि सेना, प्रशासनिक दक्षता व अन्य कार्यक्षेत्रों में भी स्पष्ट दिखता है। उन्होंने कहा कि यह मातृ शक्ति का सम्मान का दिन है और झज्जर की नारी शक्ति ने हर क्षेत्र में विकास की नई बुलंदियों को छुआ है, जिसके लिए सभी बधाई की पात्र हैं। मूलतः महाराष्ट्र निवासी श्रीमती मोहिनी पाटिल ने कहा कि हरियाणा की महिलाओं की बोली भले ही कड़क है लेकिन दिल व स्वभाव से बड़ी सॉफ्ट व मिलनसार हैं। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया। इस मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। सर्वोदय जनहित समाज कल्याण समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में कारगिल शहीद वीरांगना विद्या देवी, नगरपरिषद चैयरमेन धर्मपत्नी, भाजपा नेत्री राजरानी मेहरा, शिक्षिका शशि गुप्ता, मिस हरियाणा सबूरी, बीके बहन पूनम सहित नगर की अनेक प्रमुख महिलाओं ने भाग लिया।





अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रिलायंस MET द्वारा महिला खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन
झज्जर, 08 मार्च, अभीतक: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में महिलाओं के सशक्तिकरण, खेल प्रतिभा को प्रोत्साहन और सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने के उद्देश्य से रिलायंस डम्ज् द्वारा महिला खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में आसपास के 12 गांवों की लगभग 300 महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम की मुख्य आकर्षण महिला खो-खो प्रतियोगिता रही। प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुकडोला गांव की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जिन्हें ₹11,000 की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। वहीं दादरी टोए गांव की टीम ने द्वितीय स्थान हासिल किया और उन्हें ₹5,100 की पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया गया। खो-खो प्रतियोगिता के अलावा महिलाओं के लिए अन्य खेल प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं, जिनमें स्पून-लेमन रेस, नॉर्मल रेस और थ्री-लेग रेस शामिल थीं। इन प्रतियोगिताओं में विजेता प्रतिभागियों को उपहार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में फतेहपुर, फैजाबाद, निमाना और याकूबपुर की महिला सरपंचों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। इस अवसर पर उन्हें रिलायंस डम्ज् द्वारा सैश पहनाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती संगीता राजैन, गुरुग्राम रहीं। उन्होंने अपने प्रेरणादायी संबोधन में महिलाओं को जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और उन महिलाओं के उदाहरण साझा किए जिन्होंने अपनी मेहनत और संकल्प से समाज में नई ऊंचाइयों को हासिल किया है। कार्यक्रम के सफल आयोजन में त्मसपंदबम डम्ज् ब्ैत् टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। टीम के सदस्य नीलम सिंह, चंचल, राजकुमार, अक्षय, संजय गुलाटी, राखी, लोकेश कापसे तथा ब्ैत् हेड कर्नल रोमेल राजैन ने कार्यक्रम के संचालन, प्रबंधन और प्रतिभागियों के सम्मान में सक्रिय भूमिका निभाई। यह आयोजन महिलाओं में खेल भावना, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देने की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल साबित हुआ, जिसे ग्रामीण महिलाओं और समुदाय ने सराहा।

पंजाबी धर्मशाला में श्री हरि कथा 15 मार्च से आरंभ
झज्जर : दिव्य ज्योति जागृति संस्थान द्वारा तीन दिवसीय श्री हरि कथा एवं भजन संकीर्तन का आयोजन किया जाएगा। प्रवक्ता ने बताया कि शहर के पंजाबी धर्मशाला में 15 से 17 मार्च तक 3 से 6 बजे तक श्री हरि कथा का वाचन किया जाएगा। प्रभु भक्तों के सहयोग से कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। सभी भक्तगण एवं क्षेत्रवासी इस दिव्य कार्यक्रम में सम्मलित होकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करें।


गिरदावरी कार्य पूरी जिम्मेदारी और निष्पक्षता से करें कर्मचारी: डीसी
डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने एसडीएम अभिनव सिवाच के साथ कई गांवों में पहुंचकर गिरदावरी कार्य का किया निरीक्षण
गांव डाबोदा खुर्द, मेहंदीपुर डाबोदा व कसार में खेतों का लिया जायजा, अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
बहादुरगढ़, 08 मार्च, अभीतक: डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने रविवार को एसडीएम अभिनव सिवाच के साथ बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांव डाबोदा खुर्द, मेहंदीपुर डाबोदा और कसार गांवों का दौरा कर खेतों में चल रही रबी फसल की गिरदावरी प्रक्रिया का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने रबी की फसलों की स्थिति का मौके पर जायजा लेते हुए राजस्व विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को गिरदावरी कार्य पारदर्शी व सटीक ढंग से करने के निर्देश दिए। इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान डीसी व एसडीएम ने बारी बारी से गांव डाबोदा खुर्द, मेहंदीपुर डाबोदा और कसार गांव के खेतों में पहुँचकर फसलों की स्थिति का अवलोकन किया तथा राजस्व अधिकारियों से गिरदावरी से संबंधित जानकारी ली। उन्होंने कहा कि गिरदावरी का कार्य पूरी जिम्मेदारी और निष्पक्षता के साथ किया जाए ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। डीसी ने ग्रामीणों से बातचीत कर फसलों की स्थिति और उनकी समस्याओं की भी जानकारी ली। इस अवसर पर तहसीलदार सुदेश मेहरा, गांव कसार सरपंच टोनी, मेहंदीपुर डाबोदा सरपंच प्रतिनिधि संदीप तथा डाबोदा खुर्द से सरपंच मंजीत सहित अन्य किसान भी उपस्थित रहे।
इनेलो के युवा सम्मेलन में नरवाना में उमड़ेगा जनसैलाब, बादली हल्के से बड़ी संख्या में पहुंचेंगे युवा: ओमबीर धनखड़
बादली, 08 मार्च, अभीतक: इंडियन नेशनल लोकदल के युवा हल्का अध्यक्ष ओमबीर धनखड़ ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि 23 मार्च को जींद जिले के नरवाना में होने वाले यूवा इनेलो के युवा सम्मेलन को लेकर बादली हल्के के युवाओं में भारी उत्साह है। उन्होंने कहा कि बादली हल्के से बड़ी संख्या में युवा इस सम्मेलन में भाग लेने के लिए नरवाना पहुंचेंगे। ओमबीर धनखड़ ने बताया कि वह इन दिनों लगातार गांव-गांव का दौरा कर रहे हैं और युवाओं व आम लोगों को सम्मेलन में आने का न्योता दे रहे हैं। कार्यकर्ता भी घर-घर जाकर युवाओं को सम्मेलन के बारे में जानकारी दे रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक युवा इसमें शामिल हो सकें। उन्होंने बताया कि इस अभियान की शुरुआत उन्होंने सबसे पहले अपने पैतृक गांव कासनी में युवाओं से विचार-विमर्श करके की, जहां युवाओं ने सम्मेलन को लेकर पूरा समर्थन और उत्साह दिखाया। ओमबीर धनखड़ ने कहा कि 23 मार्च का दिन बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी दिन शहीद-ए-आजम भगतसिंह ने देश के लिए अपना बलिदान दिया था। उन्होंने कहा कि इनेलो के अधिकांश कार्यकर्ता भगत सिंह के विचारों से प्रेरित हैं और उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बादली हल्के में लगातार युवाओं की बैठकों और जनसंपर्क कार्यक्रमों का दौर जारी है और युवा सम्मेलन को सफल बनाने के लिए सभी पूरी ताकत से जुटे हुए हैं। अंत में उन्होंने कहा कि चैधरी अभय सिंह चैटाला की विचारधारा और करण-अर्जुन चैटाला की जोड़ी की नीतियों को युवा आगे बढ़ाएंगे और आने वाले समय में यह जोड़ी हरियाणा की राजनीति में नई दिशा देगी।







खेलो में भाग लेने से युवाओं में भाईचारे की भावना को मिलेगा बढ़ावा: डीसी
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर मेहंदीपुर डाबोदा में फुटबॉल प्रतियोगिता आयोजित, 8 टीमों ने लिया भाग
पूर्व डीजीपी रंजीव दलाल, डीसीपी मयंक मिश्रा व एसडीएम अभिनव सिवाच ने किया खिलाड़ियों का प्रोत्साहित
बहादुरगढ़, 08 मार्च, अभीतक: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रविवार को निकटवर्ती गांव मेहंदीपुर डाबोदा में ‘मेरा गांव मेरा देश’ संस्था द्वारा फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में क्षेत्र की 8 टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए प्रतियोगिता का शुभारंभ किया और खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम की शुरुआत में ग्राम पंचायत की ओर से डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल, पूर्व डीजीपी रंजीव दलाल सहित अन्य अतिथियों का फूलों की माला पहनाकर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। सरपंच रेशमा देवी ने अतिथियों का अभिनंदन करते हुए गांव की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने कहा कि खेल गतिविधियां युवाओं में अनुशासन, टीम भावना और आत्मविश्वास का विकास करती हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार की खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करने के साथ-साथ उन्हें नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रखने में भी सहायक होता है। उन्होंने खिलाड़ियों को खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता के समापन अवसर पर विजेता टीमों को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। इस मौके पर पूर्व डीजीपी रंजीव दलाल ने कहा कि खेलों के माध्यम से युवाओं में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए ऐसे आयोजनों का होना बेहद जरूरी है। उन्होंने खिलाड़ियों को मेहनत और लगन के साथ खेल में आगे बढ़ने का संदेश दिया। महिला दिवस के अवसर पर उपायुक्त स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने गांव की महिलाओं को भी सम्मानित किया और समाज में उनके योगदान की सराहना की। अधिकारियों ने मेरा गांव मेरा देश संस्था द्वारा संचालित दादा रूप चंद रीड इंडिया ज्ञान केंद्र भी देखा और संस्था के प्रयासों की प्रशंसा की। इस अवसर पर एसडीएम अभिनव सिवाच (आईएएस), डीसीपी मयंक मिश्रा, तहसीलदार सुदेश मेहरा, बीडीपीओ सुरेंद्र खत्री, प्रदीप दलाल, संजय रोहिल्ला सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति और अधिकारी मौजूद रहे।


नारी शक्ति समाज की सच्ची प्रेरणा और प्रगति का आधार: डीडीपीओ
खंड साल्हावास में सहकारिता विभाग के तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर कार्यक्रम आयोजित’
झज्जर, 08 मार्च, अभीतक: खंड साल्हावास स्थित पैक्स कार्यालय में रविवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि डीडीपीओ निशा तंवर ने कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता कोऑपरेटिव बैंक के सहायक रजिस्ट्रार बीरेंद्र सिंह ने की। मुख्यातिथि डीडीपीओ निशा तंवर ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को स्वास्थ्य, सुरक्षा, आत्मरक्षा और संतुलित खान-पान के प्रति जागरूक करना होता है। उन्होंने महिलाओं को आत्मरक्षा और सुरक्षा, उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूकता तथा बदलते सामाजिक परिवेश में सजग रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति ही समाज की सच्ची प्रेरणा और प्रगति का आधार होती है। उन्होंने कहा कि सभी महिलाएं सेल्फ हेल्प ग्रुप बनाकर अच्छा काम शुरू करें समारोह की अध्यक्षता करते हुए सहकारी समितियों के सहायक रजिस्ट्रार बीरेंद्र सिंह ने कहा कि सहकारी संस्थाएं भी ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इस दौरान यूपीएससी में नव चयनित साल्हावास निवासी दीपक जाखड़ की दादी मां कृष्णा देवी को भी स्मृति चिन्हभेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और एमडीडी संस्था की ओर से चलाए जा रहे बालविवाह मुक्ति भारत अभियान के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस अवसर पर ब्लॉक समिति चेयरमैन मुनेश देवी, साल्हावास सरपंच सुदेश कुमारी,नेहरू पीजी कॉलेज से असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ प्रियंका, सहायक सहकारी शिक्षा अधिकारी सत्यनारायण यादव, पूर्व पार्षद माया यादव, कमला नागर, पैक्स प्रबंधक नत्थू सिंह सहित सहकारी समितियों के पदाधिकारी व अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।





खेलो में बढ़चढ़ कर भाग ले महिलाएं: कप्तान सिंह
गांव तलाव में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में अस्मिता महिला एथलेटिक्स प्रतियोगिता आयोजित
जिला परिषद के चेयमैंन कप्तान बिरधाना ने बतौर मुख्य अतिथि विजेताओं को किया पुरष्कृत
झज्जर, 08 मार्च, अभीतक: निकटवर्ती गांव तलाव में रविवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के मार्गदर्शन में तथा माय भारत एवं भारतीय खेल प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में महिला एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ,जिसमें जिले के विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं संस्थानों से सैकड़ों बालिकाओं और महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जिला परिषद के चेयरमैन कप्तान सिंह बिरधाना ने बतौर मुख्य अतिथि खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। मुख्य अतिथि कप्तान सिंह बिरधाना ने कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को खेल, फिटनेस तथा स्वस्थ जीवनशैली के प्रति प्रेरित करना और खेलों में उनकी सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन महिलाओं को खेलों के माध्यम से आत्मविश्वास, बेहतर स्वास्थ्य और सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विजेता प्रतिभागियों को पदक एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए। इस बीच माय भारत के जिला युवा अधिकारी ब्रिजेश कौशिक ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की विस्तार से जानकारी दी।
अस्मिता’ महिला एथलेटिक्स प्रतियोगिता: परिणाम’
रविवार को आयोजित 100 मीटर दौड़ (फाइनल) अंडर-13 वर्ग में प्रथम लक्षिता, द्वितीय हर्षिता, तथा तृतीय स्थान सृष्टि ने हासिल किया, वहीं 13-18 आयु वर्ग में प्रथम सुनिति, द्वितीय भूमिका तथा तृतीय स्थान पर साक्षी रही। इसी प्रकार 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में प्रथम स्थान पर ज्योति, द्वितीय स्थान पर अनीता व तृतीय स्थान मानसी ने पाया। 200 मीटर दौड़ की अंडर-13 वर्ग विधा में प्रथम लक्षिता, द्वितीय करुणा, तृतीय सृष्टि रही, 13-18 आयु वर्ग में प्रथम भूमिका, द्वितीय मनंत, तथा तृतीय स्थान साक्षी ने हासिल किया, 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में प्रथमदृमानसी, द्वितीय अनीता तथा तृतीय स्थान मोनिका ने प्राप्त किया। वहीं 400 मीटर दौड़ के अंडर-13 आयु वर्ग में प्रथम करुणा, द्वितीय सृष्टि, तृतीय प्रिंसी, 13-18 वर्ष वर्ग में प्रथम निशु, द्वितीय मनंत, तृतीय साक्षी, 18 वर्ष से अधिक वर्ग में प्रथम प्रमिला, द्वितीय नेहा, तृतीय कविता ने स्थान हासिल किया। इस अवसर पर वरिष्ठ भाजपा नेता मनीष बंसल, पूर्व चैंपियन एथलीट रमेश शास्त्री, पवन कोच, ज्योति कोच, उप निरीक्षक पूजा, तथा रचना सुपरवाइजर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

बाल विवाह मुक्ति रथ’ ने दी झज्जर जिले से बाल विवाह के खात्मे के प्रयासों को रफ्तार
जागरूकता का संदेश देने के लिए जिले के गांवों और कस्बों में घूमा ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’’
बाल विवाह के खिलाफ तीन चरणों में चले अभियान में धर्मगुरुओं, छात्रों, पंचायतों व वैवाहिक समारोहों में सेवाएं देने वालों को जोड़ा’
लोगों को दिलाई बाल विवाह के खिलाफ शपथ और दी कानूनी पहलुओं की जानकारी’
बाल विवाह बच्चों से बलात्कार है और कानून की नजर में दंडनीय अपराध’
झज्जर, 08 मार्च, अभीतक: भारत सरकार के केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की पहल पर चले 100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान के तहत जिले के गांवों व कस्बों में बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता अभियान चला रहे ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ की यात्रा के समापन के अवसर पर एक कार्यक्रम में एम डीडी ऑफ इंडिया ने कहा कि हमारे प्रयासों को मिली प्रतिक्रिया से हम आश्वस्त हैं कि हम बाल विवाह मुक्त झज्जर जिले और बाल विवाह मुक्त भारत का लक्ष्य हासिल करने के बेहद करीब हैं। एम डीडी ऑफ इंडिया बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए जमीन पर काम कर रहे 250 से भी ज्यादा नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फार चिल्ड्रेन का सहयोगी संगठन है। जिले में बाल विवाह मुक्ति रथ को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर श्री विशाल ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इन 30 दिनों में बाल विवाह मुक्ति रथ ने जिले में 2005 किलोमीटर यात्रा की। यह रथ 125 गांवों तक पहुंचा और दो लाख पचहत्तर हजार लोगों को बाल विवाह के खिलाफ अभियान से जोड़ा। प्रशासनिक स्तर के अधिकारियों के साथ साथ लोकसभा, राज्यसभा सासंद, विधायकों , हरियाणवी कलाकार,खाप व राजनैतिक दलों के सदस्यों ने भी इस बार विवाह मुक्ति रथ यात्रा को समर्थन दिया। बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान के साल भर पूरा होने के अवसर पर भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने चार दिसंबर, 2025 को देशव्यापी ‘100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान’ का एलान किया था। जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठनों ने इस अभियान की मोर्चे से अगुआई करते हुए देश के 439 जिलों में बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता का संदेश देने के लिए ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ निकाले। इस रथ ने जिले के तमाम गांवों और कस्बों में घूम-घूम कर लोगों को बाल विवाह के स्वास्थ्य, शिक्षा व आजीविका पर दुष्परिणामों से अवगत कराया और इसके कानूनी पहलुओं की जानकारी देते हुए समझाया कि बाल विवाह दंडनीय अपराध है। प्रमुख सड़कों और बेहतर पहुंच वाले मार्गों से ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ गुजरे, ताकि बाल विवाह मुक्त झज्जर जिला यह संदेश सबसे आखिरी छोर तक पहुंच सके। एम डीडी ऑफ इंडिया के कार्यकारी अधिकारी श्री सुरिंदर सिंह मान जी ने बाल विवाह के खिलाफ इस 100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान और इसके तहत निकाले गए ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ को परिवर्तनकारी बताते हुए कहा, यह कोई प्रतीकात्मक यात्रा नहीं थी। यह पहियों पर बदलाव का संदेश था जिसे लोगों ने स्वीकार किया और सराहा। अब लगभग पूरी सभ्य दुनिया ने हमारी यह बात मान ली है कि बाल विवाह कोई सामाजिक कुप्रथा नहीं बल्कि विवाह की आड़ में बच्चों से बलात्कार है। यह एक अपराध है और कानूनन दंडनीय है। बाल विवाह किसी भी बच्ची के जीवन के पुष्पित-पल्लवित होने की संभावनाओं को ही खत्म कर देता है और बच्चियों को कुपोषण, अशिक्षा व गरीबी के दुष्चक्र में धकेल देता है। उन्होंने कहा कि सरकार, प्रशासन व जनप्रतिनिधियों की भागीदारी से यह अभियान एक व्यापक जनभागीदारी वाले जन अभियान में तब्दील हो गया। सभी के सहयोग से बाल विवाह के खात्मे के लिए कानून, सुरक्षा और जवाबदेही के संकल्प को हम जनसमुदाय तक ले गए ताकि बाल विवाह मुक्त झज्जर का लक्ष्य वास्तविकता में बदल सके। तीन चरणों में चले इस अभियान के पहले चरण में शैक्षणिक संस्थानों व दूसरे चरण में धर्मगुरुओं को जोड़ा गया और उनसे अनुरोध किया गया कि वे विवाह संपन्न कराने से पूर्व आयु की जांच कर लें और बाल विवाह संपन्न कराने से इनकार करें। साथ ही, कैटरर्स, सजावट वालों, बैंक्वेट हाल मालिकों व विवाह में सेवाएं देने वाले बैंड वालों, घोड़ी वालों से संपर्क कर अनुरोध किया गया कि वे बाल विवाह में अपनी सेवाएं नहीं दें क्योंकि बाल विवाह में किसी भी रूप में शामिल होने या सहयोग देने पर उन्हें सजा हो सकती है। तीसरे चरण में जिले की पंचायतों में जागरूकता अभियान चलाया गया।





अशोक बुवानीवाला को लगातार 9वीं बार प्रदेश अध्यक्ष बनने पर दी बधाई
बहादुरगढ़, 08 मार्च, अभीतक: अग्रवाल वैश्य समाज के प्रदेशस्तरीय अधिवेशन के दौरान अशोक बुवानीवाला को लगातार 9वीं बार प्रदेश अध्यक्ष चुने जाने पर वैश्य समाज ने खुशी व्यक्त करते हुए बुवानीवाला को बधाई दी है। ज्ञात रहे कि वृंदावन में आयोजित हुए समाज के अधिवेशन के दौरान प्रदेश के कोने-कोने से पहुंचे वैश्यजनों ने आगामी दो वर्ष हेतू एक बार फिर से अशोक बुवानीवाला के नेतृत्व पर विश्वास जताया है। उन्हें बधाई देते हुए वैश्य आर्य कन्या महाविद्यालय के उपप्रधान प्रेम बंसल ने कहा कि अशोक बुवानीवाला के अनुभव एवं कार्यकुशला की बदौलत 16 वर्ष पूर्व सत्ता की भागीदारी के संकल्प के साथ अस्तित्व में आए अग्रवाल वैश्य समाज प्रदेश का सबसे बड़ा सामाजिक संगठन बन गया है, जिसका उद्देश्य वैश्य समाज को संगठित कर राजनीति में समुचित भागीदारी करना है। उन्होंने कहा कि अशोक बुवानीवाला के कुशल नेतृत्व में अग्रवाल वैश्य समाज ने प्रदेशभर में अपनी अलग पहचान स्थापित की है। उनके नेतृत्व में संगठन का सफर प्रदेश के वैश्य समाज के लिए राजनीतिक रूप से सुनहरे दौर की तरह रहा। प्रेम बंसल ने कहा कि बुवानीवाला के दिशा-निर्देश में समाज की संगठनात्मक एकता के फलीभूत इस दौर को आगे भी स्वर्णिम रखने के लिए अग्रवाल वैश्य समाज कभी पीछे नहीं हटेगा और समाज की सभी इकाईयां मिलकर प्रदेश अध्यक्ष अशोक बुवानीवाला के साथ राजनीति भागीदारी के संकल्प को पूरा किया जाएगा।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का औचित्य, प्रासंगिक विवेचन एवं वैश्विक भविष्यवाद’
सृजन की आद्याशक्ति : आध्यात्मिक मंगलाचरण’
सृष्टि के उस आदिम क्षण से, जहाँ शून्य से श्हूँश् (अस्तित्व) का उदय हुआ, प्रकृति ने स्वयं को श्शक्तिश् के रूप में अभिव्यक्त किया। वह शक्ति जो धारण करती है, वह श्धरतीश् हैय वह शक्ति जो सींचती है, वह श्नदीश् हैय और वह शक्ति जो जीवन को चेतना देती है, वह श्नारीश् है।
या देवी सर्वभूतेषु मातृ-रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
नारी केवल हाड़-मांस का पुतला नहीं, अपितु वह आदि-शक्ति का मूर्त रूप है। वह श्प्रकृतिश् है जो पुरुष को गति प्रदान करती है। शून्य के गर्भ से नक्षत्रों के जन्म तक, माँ की लोरी से लेकर चिता की अग्नि तक, नारी का अस्तित्व ही जीवन का पर्याय है।
सृष्टि की आद्याशक्ति का आवाहन
ब्रह्मांड की संरचना के केंद्र में यदि कोई तत्व सर्वोपरि है, तो वह श्सृजनश् है। और सृजन की अधिष्ठात्री नारी है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) केवल एक कैलेंडर की तिथि नहीं, बल्कि उस चेतना का उत्सव है जो मौन रहकर भी संपूर्ण विश्व को गतिमान रखती है।यह आलेख उस श्मौनश् को श्मुखरताश् देने का एक विनम्र प्रयास है।यह दिवस तिथि मात्र नहीं, बल्कि एक वैचारिक आंदोलन है। यह मानवीय गरिमा, न्याय और समता के उस लंबे संघर्ष का प्रतीक है जिसे पितृसत्तात्मक समाज की जटिल परतों को चीरकर हासिल किया गया है। इसका औचित्य उस दिन समाप्त नहीं हुआ जब महिलाओं को वोट देने का अधिकार मिला, बल्कि इसका वास्तविक औचित्य तब सिद्ध होगा जब श्लिंगश् (ळमदकमत) किसी व्यक्ति की संभावनाओं के मार्ग में बाधा बनना बंद कर देगा।
वैचारिक आंदोलन और दार्शनिक आधार
यह दिवस तिथि मात्र नहीं, बल्कि एक वैचारिक आंदोलन है। सिमोन द बोउआर ने कहा था, ष्स्त्री पैदा नहीं होती, बनाई जाती है।
नारी केवल देह नहीं, नारी है विश्वास।
जहाँ मान नारी लहे, वहीं ईश का वास॥
समाज ने नारी को श्परिभाषाओंश् के पिंजरे में कैद किया है। उसे कभी श्अबलाश् कहा गया, तो कभी श्देवीश् बनाकर मंदिर में बैठा दिया गया। किंतु यह दर्शन स्थापित करता है कि उसे किसी अलंकरण की आवश्यकता नहीं, उसे केवल उसके श्स्वत्वश् की पहचान चाहिए।
ऐतिहासिक पृष्ठाधाररू संघर्ष की मूक पदचाप’
इतिहास के पन्नों को पलटें तो हमें 1908 के न्यूयॉर्क की सर्द हवाओं में 15,000 महिलाओं की पदचाप सुनाई देती है। वह संघर्ष श्रोटी और शांतिश् का था।
वो ठिठुरती रातें, वो न्याय की पुकार थी,
लहू में जमी बर्फ, पर संकल्प की धार थी।
न रोटी की याचना, न शांति का दान माँगा,
उसने तो बस अपना, इंसान होने का मान माँगा॥
क्लारा जेटकिन का संकल्प 1910 के कोपेनहेगन में जब गूँजा, तो वह एक नई मानवीय सभ्यता की नींव थी। 1917 की रूसी क्रांति की ज्वाला ने प्रमाणित किया कि नारी की ब्रेड एंड पीस की मांग सत्ता के तख्ते पलट सकती है।
शिक्षा: चेतना का प्रदीप्त पुंज’
सा विद्या या विमुक्तये (विद्या वही है जो मुक्त करे)। एक शिक्षित नारी केवल साक्षर नहीं होती, वह एक संस्था होती है।
पढ़ि-लिखि नारी ज्ञान प्रकाशा। मिटै मोह तम, जग की आशा॥
बिनु शिक्षा जग अंधियारा। शिक्षित नारी, शक्ति का धारा॥
बौद्धिक संप्रभुता वह अस्त्र है जो महिला को श्वस्तुश् से श्व्यक्तिश् बनाती है। शिक्षा वह चाबी है जो रूढ़ियों के तालों को खोलती है और विवेक की नई रश्मियाँ बिखेरती है।
आर्थिक सशक्तिकरण: आत्मनिर्भरता की गौरवगाथा’
बिना आर्थिक स्वतंत्रता के, वैचारिक स्वतंत्रता अधूरी है।
हाथ कमाऊ जब बनै, नारी होय स्वतंत्र।
आत्मनिर्भरता ही बनै, प्रगति का महामंत्र॥ष्
घरेलू श्रम का मूल्य अनमोल है, किंतु विडंबना यह है कि इसे जीडीपी में स्थान नहीं मिला। जिस दिन एक गृहणी का श्रम राष्ट्र की उन्नति का आधार माना जाएगा, उस दिन आर्थिक न्याय सिद्ध होगा।
सामाजिक न्याय एवं विधिक अधिकार: गरिमा का कवच’
न्याय वह जल है जो समानता के पौधे को सींचता है। भारत के संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 केवल अनुच्छेद नहीं, बल्कि नारी के लिए अभयदान हैं।
लिखी लेखनी न्याय की, समता का अधिकार,
गरिमा का कवच सजे, टूटे हर दीवार।
अंधेरी गलियों में भी, जो निर्भय होकर चल सके,
वही समाज है सभ्य, जो हर बेटी को छल सके॥
सशक्तिकरण केवल कानूनी किताबों में नहीं, बल्कि सड़क की सुरक्षा में दिखना चाहिए। सामाजिक न्याय का अर्थ हैकृसम्मान और अवसर की वह खिड़की, जहाँ लिंग कभी बाधा न बने।
विज्ञान, रक्षा और अंतरिक्ष: अदम्य साहस का आकाश’
आज की नारी सीमाओं में नहीं बंधती। थल, नभ और जल: तीनों सेनाओं में महिलाओं की लड़ाकू भूमिका (ब्वउइंज त्वसमे) यह सिद्ध करती है कि शौर्य का कोई लिंग नहीं होता।
अम्बर में उड़ान भरे, सिंधु की लहरें चीर दे,
मिसाइल की शक्ति बन, शत्रु की छाती चीर दे।
इसरो की वो प्रज्ञा, जो चाँद पर भी छा गई,
नारी शक्ति भारत की, विश्व पर है छा गई॥
मिसाइल वुमन से लेकर लड़ाकू विमान उड़ाती जांबाज बेटियों तक, यह शौर्यगाथा आधुनिक भारत का नया मस्तक है। प्रज्ञा और साहस का यह अनूठा संगम ही 21वीं सदी की पहचान है।
पर्यावरण और जलवायु न्याय: प्रकृति की सहचरी’
नारी और प्रकृति दोनों सृजन और पोषण के प्रतीक हैं।
धरती माता, नारी भी, दोनों पालनहार।
जो रक्षक प्रकृति की बनै, वही जग की आधार॥
चिपको आंदोलन की अमृता देवी हों या आज की सौर-ऊर्जा अभियान की नायिकाएँ, नारी ने सदैव प्रकृति के प्रति अपनी ममता को सिद्ध किया है। विकास की अंधी दौड़ में जब धरती सिसकती है, तब नारी ही श्संरक्षणश् का स्वर बनकर खड़ी होती है।
कला, साहित्य और विमर्श की पराकाष्ठा’
साहित्य में नारी अब श्वर्ण्य-विषयश् नहीं, बल्कि सर्जक है। वह अपनी व्यथा और विजय स्वयं लिख रही है।
कलम पकड़ अब नारी ने, खुद का इतिहास लिखा,
दर्दे-दिल को त्याग कर, जीत का उल्लास लिखा।
शताब्दियों का मौन टूटा, मुखरित हुए शब्द अब,
साहित्य की हर विधा में, उसका ही प्रकाश अब॥ष्
पितृसत्तात्मक शब्दावलियों को ध्वस्त कर एक नई साहित्यिक भाषा का निर्माण हो रहा है। वह प्रेयसी से ऊपर उठकर द्रष्टा बन गई है। उसकी रचनाओं में अब विलाप नहीं, विद्रोह और विकल्प की गूँज है।
भविष्यवाद (थ्नजनतपेउ): ळपअम ज्व ळंपदश्’
2026 की यह विशेष थीम श्ळपअम ज्व ळंपद (दान से लाभ) हमें एक नए दर्शन की ओर ले जाती है।
ॐ सह नाववतु। सह नौ भुनक्तु।
सह वीर्यं करवावहै।
तेजस्वि नावधीतमस्तु मा विद्विषावहै॥
भविष्य जेंडेर न्यूट्रल होगा। यह किसी की हार या किसी की जीत का मंच नहीं, बल्कि साथ मिलकर चलने का उत्सव है। जब हम नारी को उसका स्थान देते हैं, तो पूरी मानवता का श्लाभश् होता है।
मातृत्व: गरिमा का शिखर’
मातृत्व केवल एक शारीरिक अवस्था नहीं, बल्कि ईश्वर का दिया हुआ वह वरदान है जो उसे पुरुष से एक पायदान ऊपर खड़ा करता है।
माँ ही गुरु, माँ ही देव, माँ ही जग का सार।
माँ के चरणों में झुके, ये सारा संसार॥ष्
मातृत्व को कभी कमजोरी नहीं समझना चाहिए। यह वह धैर्य और शक्ति है जो एक जीव को शून्य से पूर्णता की ओर ले जाती है। एक माँ का शिक्षित होना एक पूरी सभ्यता का शिक्षित होना है।
नेतृत्व क्षमता: संवेदना और शक्ति’
जब नारी के हाथों में सत्ता आती है, तो निर्णय कठोर नहीं, बल्कि करुणापूर्ण और दूरदर्शी होते हैं।
जिस हाथ में ममता है, उसमें शासन का अधिकार भी है,
नारी के कोमल मन में, छिपा हुआ आधार भी है।
जब संभालती वो बागडोर, तब न्याय का सूरज खिलता है,
उसके नेतृत्व में ही, जग को नया पथ मिलता है॥ष्
रूढ़ियों का विखंडनरू परंपरा बनाम विकास’
पुरानी बेड़ियाँ जो नारी को घर की चारदीवारी तक सीमित रखती थीं, अब टूट रही हैं।
रूढ़िवादी सोच का, अंत हुआ अब द्वार।
नारी शक्ति जाग उठी, लेकर नए विचार॥ष्
मानसिक स्वास्थ्य : मौन पीड़ा का अंत’
महिला दिवस का औचित्य नारी की मानसिक शांति और उसके श्स्वश् को पहचानने में है। समाज ने सदा नारी से त्याग की अपेक्षा की है। किंतु मेरा यह मानना है कि स्वयं की प्रसन्नता के बिना दूसरों का कल्याण संभव नहीं।
डिजिटल डिवाइड: तकनीक की नई क्रांति’
2026 में तकनीक ही वह पुल है जो ग्रामीण नारी को वैश्विक बाजार से जोड़ता है।
स्मार्टफोन के छोटे से पर्दे में, सारा जहाँ समाया है,
गाँव की उस बिटिया ने भी, अब अपना नाम कमाया है।
क्लिक एक और दुनिया बदली, कोड नया उसने लिखा,
तकनीक की इस धारा में, उसने भी अपना कौशल सीखा॥ष्
’खेल जगत: मैदानों में नारी की धमक’
ओलंपिक से लेकर स्थानीय दंगल तक, भारत की बेटियाँ स्वर्ण और गौरव लेकर लौट रही हैं।
दौड़ रही वो मैदानों में, जीत का जज्बा आँखों में,
धूल उड़ाती बढ़ती आगे, शक्ति उसकी सांसों में।
न हार मानी उसने कभी, न वो पीछे हटती है,
मेडल की उस चमक में, नारी शक्ति दिखती है॥ष्
कार्यस्थल पर समानता: समान काम, समान वेतन’
आर्थिक न्याय तब तक पूर्ण नहीं है, जब तक लिंग के आधार पर वेतन में भेदभाव रहेगा।
योग्यता ही मान हो, जेंडर हो गौण।
भेदभाव के विरुद्ध अब, रहे न कोई मौन॥ष्
सांस्कृतिक प्रदूषण के विरुद्ध संघर्ष’
कला और विज्ञापनों में नारी के देह-प्रदर्शन के विरुद्ध एक नई चेतना जागृत करना अनिवार्य है। गरिमा ही नारी का आभूषण है। शिक्षाविद के नाते, मैं उन प्रवृत्तियों का निषेध करता हूँ जो नारी को केवल एक वस्तु की तरह पेश करती हैं।
वैश्विक बहनपा (ळसवइंस ैपेजमतीववक)
दुनिया के किसी भी कोने में हो रही हिंसा या अन्याय के विरुद्ध नारी की एकजुटता ही उसकी शक्ति है।
उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम्॥
2030 का रोडमैप: एक जेंडर न्यूट्रल समाज’
हमारा लक्ष्य एक ऐसा समाज है जहाँ महिला सशक्तिकरण शब्द की आवश्यकता ही न रहे, क्योंकि समानता हमारा स्वभाव बन चुकी होगी।
डपसंहार: शाश्वत प्रतिज्ञा’
अंततः, अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का औचित्य उत्सवों की चकाचैंध में नहीं, बल्कि उन लाखों गुमनाम महिलाओं के जीवन में आए बदलाव में है, जो आज भी हाशिए पर हैं। नारी न तो देवी है, न ही दासी। वह एक पूर्ण मनुष्य है। उसे पूजना बंद करें, उसे समझना और सम्मान देना शुरू करें। जिस दिन हमें महिला सशक्तिकरण जैसे भारी-भरकम शब्दों की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, समझिएगा कि उस दिन अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस सफल हो गया।
न देवी, न दासी कहे, समझो पूर्ण इंसान।
नारी के सम्मान में, है जग का उत्थान॥
मनोज वशिष्ठ
शिक्षाविद
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रेवाड़ी हरियाणा

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर वन स्टॉप सेंटर ‘सखी’ की सराहनीय पहल, बिछुड़ी महिला को परिजनों से मिलवाया
रेवाड़ी, 08 मार्च, अभीतक: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं की सुरक्षा और सहायता के लिए कार्य कर रहे वन स्टॉप सेंटर ‘सखी’ ने एक बार फिर सराहनीय कार्य करते हुए घर से बिछुड़ी महिला को उसके परिजनों से मिलवाने में अहम भूमिका निभाई। वन स्टॉप सेंटर की संचालिका ललिता कालड़ा ने बताया कि पलवल जिला के गांव असावटी स्थित रोशन कॉलोनी निवासी पुष्पलता शर्मा अपनी बेटी सूची के साथ अचानक घर से लापता हो गई थीं। इस संबंध में 6 फरवरी को पलवल के थाना गदपुरी में उनकी गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज करवाई गई थी। इसी दौरान रेवाड़ी के रामपुरा थाना क्षेत्र में डायल-112 की टीम को पुष्पलता लावारिस हालत में घूमती हुई मिली। पुलिस टीम ने मानवता का परिचय देते हुए महिला को सुरक्षित रेवाड़ी स्थित वन स्टॉप सेंटर ‘सखी’ में पहुंचा दिया। वन स्टॉप सेंटर के कर्मचारियों ने महिला से बातचीत कर उसकी जानकारी जुटाई। जांच के दौरान पता चला कि वह पलवल जिला के गांव असावटी की रहने वाली है और उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज है। इसके बाद सेंटर की ओर से संबंधित थाने को तुरंत सूचना दी गई। सूचना मिलने पर पलवल पुलिस रेवाड़ी के वन स्टॉप सेंटर पहुंची। वन स्टॉप सेंटर के पैरामेडिकल स्टाफ अर्चना यादव, आईटी सहायक लिवेश कुमार व सिक्योरिटी गार्ड सतीश कुमार ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पुष्पलता शर्मा को पलवल पुलिस के हेड कांस्टेबल पवन कुमार व एलजीटी कविता कुमारी के हवाले कर दिया, ताकि उसे सुरक्षित उसके परिजनों तक पहुंचाया जा सके। इस अवसर पर सेंटर के कर्मचारियों ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण सुनिश्चित करना है, और वन स्टॉप सेंटर ‘सखी’ इसी दिशा में लगातार कार्य कर रहा है।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने मातृशक्ति को किया नमन
महिलाओं का सशक्तिकरण ही मजबूत राष्ट्र की आधारशिला : आरती सिंह राव
रेवाड़ी, 08 मार्च, अभीतक: हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रदेश की समस्त मातृशक्ति को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और स्वावलंबन ही एक सशक्त राष्ट्र की असली आधारशिला है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के बिना किसी भी समाज या देश की प्रगति संभव नहीं है। इस दिशा में केंद्र तथा हरियाणा सरकार लगातार कार्य कर रही है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आज की महिलाएं अपनी प्रतिभा और कड़ी मेहनत के बल पर शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन, विज्ञान, खेल और राजनीति जैसे हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रही हैं।आरती सिंह राव ने कहा कि महिलाओं की उन्नति से ही समाज का समग्र विकास जुड़ा है। यदि महिलाएं सशक्त होंगी, तो परिवार और राष्ट्र स्वतः ही मजबूत होंगे। उन्होंने समाज के प्रति महिलाओं के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि दादी, मां, बहन, पत्नी और बेटी के रूप में वे अपने स्नेह और त्याग से समाज को संवारने का कार्य करती हैं। सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और सुकन्या समृद्धि योजना जैसी कई महत्वपूर्ण योजनाएं प्रभावी ढंग से चला रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और मुद्रा योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं से महिलाओं के स्वास्थ्य और आर्थिक स्वावलंबन में क्रांतिकारी सुधार आए हैं। साथ ही, मिशन शक्तिश्और महिला सम्मान सेविंग्स सर्टिफिकेट जैसी पहल महिलाओं को सुरक्षा और वित्तीय मजबूती प्रदान कर रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लखपति दीदी अभियान के माध्यम से महिलाओं को प्रशिक्षण देकर उनकी आय बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राजनीति में भी महिलाओं की भागीदारी निरंतर बढ़ रही है। भारतीय जनता पार्टी ने महिला मोर्चा के माध्यम से सुषमा स्वराज, निर्मला सीतारमण और स्मृति ईरानी जैसी सशक्त महिला नेताओं को नेतृत्व का अवसर दिया है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सभी से संकल्प लेने का आह्वान किया कि वे समाज की हर महिला का सम्मान करेंगे और उनके अधिकारों व अवसरों की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहेंगे।








अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस: महिलाएं अपने अधिकारों के साथ स्वास्थ्य के प्रति भी रहें जागरूक – डीसी
बाल भवन में पिंकाथॉन का किया आयोजन, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को किया सम्मानित
रेवाड़ी, 08 मार्च, अभीतक: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रविवार को जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के सहयोग से इंडियन मेडिकल एसोसिएशन तथा मदरहुड हॉस्पिटल गुरुग्राम द्वारा बाल भवन रेवाड़ी में पिंकाथॉन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे डीसी अभिषेक मीणा ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया। वहीं जागरूक करने के उद्देश्य से निकली गई पिंकाथॉन को हवा में गुब्बारे छोड़कर और रिबन काटकर रवाना किया। इस अवसर पर डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि समाज के विकास में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने के साथ-साथ अपने स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए समय-समय पर स्वास्थ्य जांच करवाना बेहद आवश्यक है। डीसी ने स्वास्थ्य विभाग, आईएमए और सामाजिक संस्थाओं से अपील करते हुए कहा कि वे समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर महिलाओं को कैंसर सहित अन्य बीमारियों के प्रति सचेत करें। डीसी ने कहा कि आज के समय में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। ऐसे में यह जरूरी है कि वे अपने व्यस्त जीवन के बीच स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें। नियमित जांच, संतुलित आहार और सक्रिय जीवनशैली अपनाकर कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। उन्होंने सम्मानित महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि उनका कार्य अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महिलाओं की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की जिला अध्यक्ष डॉ. नीरज यादव ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम में महिलाओं को स्वास्थ्य, स्वच्छता और नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई तथा उन्हें स्वस्थ और जागरूक समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया गया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेंद्र दहिया, पीएमओ डॉ. सुरेंद्र सिंह, जिला बाल कल्याण अधिकारी वीरेंद्र यादव, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन से डॉ. मीनाक्षी यादव, डॉ. पूजा अनेजा और कृतिका पांडे सहित गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
सोशल मीडिया पर किसी अनजान खतरे से बेटियों को सुरक्षित करने की आवश्यकता: एसएचओ सूबे सिंह
कार्यक्रम में शहर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सूबे सिंह ने जागरूक करते हुए कहा कि आज वह एसएचओ के हैसियत से नहीं बल्कि एक बेटी का पिता होने के नाते यह अपील करता हूं कि किसी भी समाज की असली तस्वीर उसके बड़े मकान, शान- शौकात से नहीं, बल्कि उसकी बेटियों के सपनों से दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की मुहिम बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ से आज बेटियां पढ़ भी रही है और आगे भी बढ़ रही है लेकिन उन्हें घर बैठे ही सोशल मीडिया पर किसी अनजान खतरे से सुरक्षित करने की आवश्यकता है। उन्होंने संकल्प दिलवाया कि हम सोशल मीडिया का उपयोग जिम्मेदारी और सजगता के साथ करेंगे तथा लड़कियों और महिलाओं की गरिमा, सम्मान और सुरक्षा का हमेशा ध्यान रखेंगे। हम ऑनलाइन उत्पीड़न, फेक प्रोफाइल और गलत गतिविधियों का विरोध करते हुए सोशल मीडिया को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाने में अपना योगदान देंगे।




राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 14 मार्च को
आपसी सहमति से निपटाए जाएंगे मामले : सचिव अमित वर्मा
रेवाड़ी, 08 मार्च, अभीतक: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं सीजेएम अमित वर्मा ने बताया कि रेवाड़ी जिला स्थित न्यायिक परिसर में 14 मार्च 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसमें दोनों पक्षों की सहमति से मामलों का निपटारा करवाया जाएगा। सचिव एवं सीजेएम अमित वर्मा ने बताया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य लंबित मामलों का आपसी समझौते के माध्यम से त्वरित निपटारा करवाना है। लोक अदालत में ट्रैफिक चालान, बैंक रिकवरी, मोटर वाहन दुर्घटना अधिनियम, पारिवारिक विवाद, दीवानी एवं फौजदारी मामले, श्रम विवाद, भूमि अधिग्रहण, बिजली-पानी के बिलों तथा राजस्व आदि का निपटारा किया जाएगा। सीजेएम अमित वर्मा ने आमजन से अपील की है कि शनिवार, 14 मार्च को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर का लाभ उठाएं। कोर्ट में अपने लंबित मामलों को आपसी सहमति से हल करवा लेने में ही फायदा है, जिससे कि समय कम लगे और मामूली खर्च में ही विवाद का निपटारा हो जाए। कोई भी केस में कोर्ट में चलता है तो लोगों को उसके लिए बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं और धन व समय भी खर्च होता है। लोक अदालत में आदमी आकर विवाद को सुलझा ले तो यह वहीं समाप्त हो जाता है।


अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर अस्मिता लीग के तहत महिला दौड़ प्रतियोगिताओं का हुआ आयोजन
विजेता प्रतिभागियों को किया सम्मानित
रेवाड़ी, 08 मार्च, अभीतक: युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशानुसार मेरा युवा भारत एवं भारतीय खेल प्राधिकरण के संयुक्त तत्वाधान में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर अस्मिता लीग के तहत सवाईमान स्पोर्ट्स अकादमी टांकडी में महिलाओं की दौड़ प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला खेल अधिकारी ममता यादव रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता मेरा युवा भारत के जिला युवा अधिकारी सुमित यादव ने की। जिला युवा अधिकारी सुमित यादव ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य लीग और प्रतियोगिताओं के माध्यम से महिलाओं में खेलों को बढ़ावा देना है साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सोच के अनुरूप गांवों और छोटे कस्बों की लड़कियों को खेल करियर के रूप में अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। उन्होंने बताया कि अस्मिता लीग के तहत अंडर 13, 13 से 18 एवं 18 से अधिक आयु वर्ग की 100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर दौड़ सहित रस्सा कस्सी व नींबू चम्मच दौड़ प्रतियोगिताएं आयोजित की गई, जिसमे लगभग 300 महिलाओं द्वारा भाग लिया गया। जिसमें 13 वर्ष से कम आयु वर्ग की 100 मीटर दौड़ में अनीता प्रथम, दीक्षा द्वितीय एवं प्रेरणा तृतीय रहीं। वही 200 मीटर दौड़ में अनीता प्रथम, दीक्षा द्वितीय व प्रतिज्ञा तृतीय रहीं तथा 400 मीटर दौड़ में मुस्कान प्रथम, प्रेरणा द्वितीय व अनीता तृतीय रहीं। 13 से 18 आयु वर्ग की 100 मीटर दौड़ में गुंजन प्रथम, पलक द्वितीय व खुशी तृतीय रहीं, 200 मीटर दौड़ में प्रिया प्रथम, साधना द्वितीय व सोनू तृतीय रहीं तथा 400 मीटर दौड़ में गुंजन प्रथम, मानसी द्वितीय व माही तृतीय रहीं। इसके अलावा 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की 100 मीटर दौड़ में शिवांगी प्रथम, नेहा द्वितीय व अन्नू तृतीय स्थान पर रहीं, 200 मीटर दौड़ में शिवांगी प्रथम, दीपिका द्वितीय व अन्नू तृतीय स्थान पर रहीं। जबकि 400 मीटर दौड़ में शिवांगी प्रथम, अन्नू द्वितीय व दीपिका तृतीय स्थान पर रहीं। इसके अतिरिक्त 18 वर्ष से नीचे आयु वर्ग की नींबू-चम्मच दौड़ में रौशनी प्रथम, इशिका द्वितीय व परी तृतीय रहीं तथा 18 वर्ष से ऊपर आयु वर्ग की नींबू-चम्मच दौड़ में अन्नू प्रथम, ज्योति द्वितीय व रेनू कुमारी तृतीय स्थान पर रहीं। रस्सा-कस्सी प्रतियोगिता में पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय नैचाना की टीम प्रथम तथा यूएसए स्पोर्ट्स एकेडमी रेवाड़ी की टीम द्वितीय स्थान पर रही। सभी विजेता प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट, मेडल, टीशर्ट एवं मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया। खेल विभाग से प्रशिक्षक शर्मीला यादव, अनिल कुमार, शमशेर सिंह, रेनू, आशा रानी एवं कुमारी ईशा ने निर्णायक मंडल के रूप में भूमिका निभाई। कार्यक्रम में खेलो इंडिया सेंटर, सवाईमान स्पोर्ट्स एकेडमी के संचालक सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर कृष्ण सिंह चैहान, मंच संचालन यतिन चारण, मेरा युवा भारत रेवाड़ी से विनय राव, सुजाता, कुलदीप, सुशील आदि उपस्थित रहे।






अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर रक्तदान शिविर का आयोजन
रक्तदान शिविर में 45 यूनिट हुआ रक्त का संग्रह
रेवाड़ी, 08 मार्च, अभीतक: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर डीसी अभिषेक मीणा के मार्गदर्शन में रविवार को सिविल अस्पताल रेवाड़ी के ब्लड बैंक में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह शिविर ह्यूमन हेल्प वेलफेयर ट्रस्ट द्वारा जिला रेडक्रॉस सोसायटी के सहयोग से लगाया गया। सिविल सर्जन रेवाड़ी डॉ. नरेंद्र दहिया तथा सिविल अस्पताल रेवाड़ी के पीएमओ डॉ. सुरेंद्र सिंह के दिशा-निर्देशों में ब्लड बैंक के बीटीओ डॉ. संदीप यादव द्वारा शिविर का सुचारू संचालन किया गया। उन्होंने बताया कि रक्तदान महादान है और समय-समय पर आयोजित होने वाले ऐसे शिविरों से ब्लड बैंक में रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित होती है, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे नियमित रूप से रक्तदान कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं। उन्होंने रक्तदाताओं और आयोजन से जुड़े सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज में जागरूकता और सहभागिता से ही रक्तदान जैसे मानवीय कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाया जा सकता है। शिविर में रक्तदाताओं को स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी भी दी गई तथा उनके उत्साहवर्धन के लिए उन्हें प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। शिविर में सामाजिक संगठनों, युवाओं तथा आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए मानव सेवा के इस पुनीत कार्य में अपना योगदान दिया। रक्तदान शिविर के दौरान कुल 45 यूनिट रक्त का संग्रह किया गया, जो जरूरतमंद मरीजों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। रक्तदान शिविर को सफल बनाने में सिविल अस्पताल के स्टाफ सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इनमें सुशीला, नरेश कुमार, हंसराज, संजय, प्रवेश कुमारी, अनिल, दिनेश, कुलदीप तथा पलक सहित अन्य स्टाफ सदस्यों ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया।

भिवानी: जननायक जनता पार्टी की हांसी रैली में पहुंचेंगे अखिलेश यादव: दिग्विजय चैटाला
राज्यसभा चुनाव पर बोले दिग्विजय चैटाला : उनके पास ताकत होती तो कमेरे वर्ग को वोट करते, उनका ईशारा कांग्रेस उम्मीदवार कर्मवीर बौद्ध की तरफ था
राज्यसभा चुनाव में इनेलो होगी एक्सपोज, राज्यसभा चुनाव में नही होनी चाहिए होर्स ट्रेडिंग: दिग्विजय चैटाला
37 विधायक वाली पार्टी के उम्मीदवार के जीतने पर है संशय: दिग्विजय चैटाला
मंडियो में खरीद को लेकर बोले: 13 मार्च रैली के बाद किसानों की मदद को मंडियों में खड़े मिलेंगे जेजेपी कार्यकर्ता
नितिश कुमार को लेकर कहा: उन्हे हटाया नहीं बल्कि उन्होंने खुद छोड़ा है पद, नितिश कुमार रिटायर्ड होने वाले नेता नहीं
जेजेपी रैली में खिलाड़ी, आर्ट, लिट्रेचर के अलावा सतलोक आश्रम से जुड़े लोगों को विशेष तौर पर किया जाएगा सम्मानित: दिग्विजय चैटाला

बावल विधानसभा क्षेत्र के राजकीय विद्यालयों का होगा कायाकल्प: डाॅ. कृष्ण कुमार
सरकार ने बावल विधानसभा क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक और मॉडल विद्यालयों के मुरम्मत और निर्माण कार्यों के लिए 7 करोड़ से अधिक की राशि की स्वीकृत
विधायक डा. कृष्ण कुमार ने कहा, बावल विधानसभा क्षेत्र के विकास में नहीं छोड़ी जाएगी कोई कसर
बावल, 08 मार्च, अभीतक: बावल के विधायक डा. कृष्ण कुमार ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा बावल विधानसभा क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक और मॉडल विद्यालयों के मुरम्मत और निर्माण कार्यों को लेकर 7 करोड़ रुपए से अधिक की राशि की स्वीकृत प्रदान की है। इससे इन विद्यालयों का कायाकल्प होगा और विद्यार्थियों को बेहतरीन सुविधाएं मिल सकेंगी। विधायक ने क्षेत्र के लोगों की करीब 5 सालों से पुरानी मांग के पूरा होने पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह और स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के कुशल मार्गदर्शन में बावल विधानसभा में विकास में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी। विधायक डा कृष्ण कुमार ने बताया कि हरियाणा सरकार ने बावल विधानसभा क्षेत्र के 6 राजकीय प्राथमिक विद्यालयों के मुरम्मत कार्यों के लिए 83 लाख 88 हजार 838 रुपए और 10 राजकीय प्राथमिक और मॉडल विद्यालयों के भवन और मेजर निर्माण कार्यों के लिए 6 करोड़ 67 लाख 52 हजार रुपए की मंजूरी प्रदान की है। उन्होंने बताया कि राजकीय प्राथमिक विद्यालय ओढ़ी के लिए 10 लाख 21 हजार 11 रुपए, जीपीएस बीदावास के लिए 21 लाख 55 हजार रुपए, जीपीएस ढाणी धारण के लिए 12 लाख 63 हजार रुपए, जीपीएस लादूवास के लिए 10 लाख 21 हजार 196 रुपए, जीपीएस रानोली के लिए 8 लाख 84 हजार 631 रुपए और जीपीएस मेलावास 20 लाख 44 हजार रुपए की मंजूरी मुरम्मत कार्यों के लिए मिली है। विधायक ने बताया कि राजकीय कन्या मॉडल विद्यालय बावल के लिए 61 लाख 27000 रुपए, जीपीएस भादोज के लिए 95 लाख 7000 रुपए, जीपीएस दुल्हेरा खुर्द के लिए 51 लाख 10000 रुपए, जीपीएस खरखड़ी के लिए 96 लाख 16000 रुपए, जीपीएस लालपुर के लिए 65 लाख 11000 रुपए, जीपीएस नांगल उगरा के लिए 91 लाख 97000 रुपए, जीएमएस पाडला के लिए 1 करोड़ 15 लाख 79000 रुपए, शाहबाजपुर इस्तेमुरार के लिए 56 लाख 71000 रुपए, जीपीएस हरि सनगर के लिए 71 लाख 28000 रुपए और जीपीएस कमालपुर के लिए 90 लाख 50000 रुपए की राशि भवन और मेजर निर्माण कार्यों की लिए मंजूर की है।