


एल. ए. सी. सै. स्कूल झज्जर में वर्ल्ड लेबर डे कि पूर्व संध्या पर हुआ पेंटिंग व स्केच कॉम्पिटिशन
झज्जर, 30 अप्रैल, अभीतक: एल. ए. स्कूल झज्जर में वर्ल्ड लेबर डे के अवसर पर पोस्टर व स्केचिंग कॉम्पिटिशन आयोजित किया गया। इस कॉम्पिटिशन में कक्षा पांचवीं व बाहरवीं के बच्चों ने भाग लिया। स्कूल प्राचार्या निधि कादयान ने बताया कि प्रातःकालीन सभा में सभी बच्चों को लेबर डे के बारे में बताया। स्कूल प्रबन्धक के.एम.डागर ने श्रमिकों को देश का मुख्य करणदार बताया। स्कूल एचओडी रविंद्र लोहचब ने बच्चों को श्रमिकों के जीवन के बारे में विस्तार से बताया। भूगोल प्राध्यापक मुकेश शर्मा ने सभी बच्चों की पेंटिंग व स्केचिंग का रिजल्ट तैयार कर पोजिशन होल्डर बच्चों को सम्मानित किया। स्कूल संचालक जगपाल गुलिया, जयदेव दहिया, अनिता गुलिया, नीलम दहिया ने सभी बच्चों को भारत वर्ष के मेहनती श्रमिकों कि मेहनत को सलाम किया।
हर घर की गिनती से बनेगी विकास की नई नीति, 1 मई से शुरू होगी डिजिटल जनगणना: डीसी
घर-घर पहुंचेगी जनगणना टीम, तकनीक के साथ तैयार होगा विकास का खाका
डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने जनगणना कार्य में जुड़े अधिकारियों की बैठक लेकर समीक्षा की
झज्जर, 30 अप्रैल, अभीतक: जिला में आगामी जनगणना-2027 को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने की तैयारियां तेज हो गई हैं। डीसी एवं प्रधान जनगणना अधिकारी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने कहा कि “जनगणना से जनकल्याण” की थीम पर आधारित यह अभियान न केवल आंकड़ों का संकलन होगा, बल्कि आने वाले वर्षों में विकास नीतियों, कल्याणकारी योजनाओं और आधारभूत ढांचे की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। गुरुवार को इस विषय को लेकर जनगणना निदेशक ललित जैन ने वीडियो कांफ्रेस के माध्यम से झज्जर सहित प्रदेश के सभी जिला उपायुक्त और अन्य अधिकारियों के साथ चर्चा की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद अधिकारियों की समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने बताया कि 1 मई से प्रगणक घर-घर जाकर डेटा एकत्र करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना कार्य को जीरो टॉलरेंस नीति के तहत क्रियान्वित किया जाएगा। इस महाअभियान में जिला के लगभग ढ़ाई हजार से ज्यादा अधिकारी व कर्मचारी,जिनमें 2185 एनमरेटर,365 सुपरवाइजर और 8 चार्ज अधिकारी जुड़े हुए हैं, जिन्हें पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा। डीसी एवं प्रधान जनगणना अधिकारी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने बताया कि जनगणना दो चरणों में आयोजित की जाएगी। पहला चरण 1 मई से 30 मई 2026 तक मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का होगा, जबकि दूसरा चरण 9 फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक जनसंख्या गणना के रूप में संपन्न होगा। उन्होंने बताया कि इस बार 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक नागरिकों को स्व-गणना का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने ऑनलाइन पोर्टल व मोबाइल एप के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज की है। ऐसे नागरिकों को अब प्रगणकों को अपनी आईडी उपलब्ध करानी होगी, ताकि मौके पर केवल सत्यापन किया जा सके। इससे समय की बचत के साथ-साथ आंकड़ों की गुणवत्ता में भी सुधार सुनिश्चित होगा। डीसी ने बताया कि इस बार गणनाकर्मी विशेष हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन मोबाइल एप का उपयोग करेंगे, जिसे उनके पंजीकृत मोबाइल उपकरणों पर इंस्टॉल किया गया है। यह एप ऑफलाइन मोड में भी कार्य करेगा और नेटवर्क उपलब्ध होते ही डेटा स्वतः सिंक्रोनाइज हो जाएगा। रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए तकनीक आधारित डैशबोर्ड और सीएमएमएस पोर्टल का उपयोग किया जाएगा, जिससे प्रत्येक स्तर पर प्रगति की सतत निगरानी सुनिश्चित होगी। डीसी ने कहा कि एसडीएम, तहसीलदार, नगर परिषद, नगरपालिकाओं सहित सभी विभागीय अधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन, प्रगणकों व पर्यवेक्षकों की नियुक्ति, प्रशिक्षण, जिले का शत-प्रतिशत कवरेज तथा निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी एसडीएम और चार्ज अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जनगणना कार्य की सतत निगरानी के लिए नियमित फील्ड विजिट सुनिश्चित करें, ताकि कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप समय पर पूरा हो सके। इस अवसर पर सीटीएम एवं नोडल अधिकारी रितु बंसीवाल, डीआईओ अमित बंसल, ट्रेनर मोहित कुमार और अरुण कुमार उपस्थित थे।
झज्जर स्थित लघु सचिवालय में अधिकारियों को जरूरी निर्देश देते डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल।



पांडुलिपि सर्वेक्षण कार्य को सफल बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाएं कर्मचारी
समयबद्ध प्रशिक्षण से पांडुलिपि सर्वेक्षण को मिलेगी नई गति: सीईओ
संवाद भवन में ज्ञान भारतम मिशन के तहत दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू, कर्मचारियों को दिया गया तकनीकी प्रशिक्षण
झज्जर, 30 अप्रैल, अभीतक: डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल के मार्गदर्शन में ज्ञान भारतम मिशन के अंतर्गत पांडुलिपि सर्वेक्षण कार्य को गति देने के उद्देश्य से गुरुवार से दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हो चुकी है। जिला परिषद के सीईओ मनीष फोगाट ने बताया कि जिले में उपलब्ध पांडुलिपियों के व्यवस्थित और समयबद्ध सर्वेक्षण को लेकर जिलाभर में आगामी 16 जून तक अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभियान को लेकर 1 मई तक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जिसमें विभिन्न ब्लॉकों के कर्मचारियों को मास्टर ट्रेनर्स द्वारा मोबाइल एप के माध्यम से सर्वेक्षण की प्रक्रिया का तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस अभियान के तहत लाइब्रेरी, धार्मिक स्थलों, ट्रस्ट, निजी स्वामित्व और गुरुकुलों में संरक्षित पांडुलिपियों का डिजिटल सर्वेक्षण किया जाएगा। गुरुवार को आयोजित प्रशिक्षण सत्र में प्रातः 11 बजे झज्जर एवं बेरी ब्लॉक तथा दोपहर 2 बजे से बादली, माछरौली एवं बहादुरगढ़ ब्लॉक के कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इसके साथ ही मातनहेल स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय परिसर में मातनहेल एवं साल्हावास ब्लॉक के कर्मचारियों को भी प्रशिक्षण दिया गया। जिला परिषद के सीईओ मनीष फोगाट ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों से कर्मचारियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम सर्वेक्षण कार्य की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ-साथ इसे निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रशिक्षण के दौरान ऑडियो-वीडियो, इंटरनेट, लैपटॉप सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि कार्यक्रम सुचारू रूप से संचालित हो सके। सीईओ ने सभी कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे प्रशिक्षण को गंभीरता से लेते हुए पांडुलिपि सर्वेक्षण कार्य को सफल बनाने में सक्रिय योगदान दें।
संवाद भवन में गुरुवार को आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में पांडुलिपि सर्वेक्षण को लेकर जानकारी देते मास्टर ट्रेनर्स।
मनीष फोगाट, सीईओ, जिला परिषद, झज्जर।
जनसमस्याओं का एक छत के नीचे समाधान करना प्रशासन की प्राथमिकता: डीसी
जिला स्तरीय समाधान शिविर में डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने सुनी आमजन की समस्याएं
झज्जर, 30 अप्रैल, अभीतक: डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल की अध्यक्षता में गुरुवार को लघु सचिवालय सभागार में जिला स्तरीय समाधान शिविर लगाया गया, शिविर में उपायुक्त ने स्वयं आमजन की समस्याएं सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित एवं प्रभावी समाधान के निर्देश दिए। इस दौरान डीसीपी शुभम सिंह भी मौजूद रहे। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, पारदर्शी एवं संतोषजनक निपटान सुनिश्चित किया जाए। शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित लगभग सात शिकायतें प्राप्त हुईं, जिन पर मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समाधान शिविरों का उद्देश्य आम नागरिकों को एक ही स्थान पर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान उपलब्ध करवाना है, ताकि उन्हें विभिन्न कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उपायुक्त ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा प्रत्येक सोमवार एवं गुरुवार को प्रातः 10 से 12 बजे तक नियमित रूप से समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से नागरिकों की समस्याओं का समाधान उनके नजदीकी स्तर पर सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता एवं जवाबदेही को बल मिल रहा है। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि शिकायतों के निपटान के दौरान संबंधित नागरिक से संवाद बनाए रखें तथा फीडबैक प्रणाली को सुदृढ़ करें, ताकि समाधान की गुणवत्ता और नागरिक संतुष्टि सुनिश्चित हो सके। जिला मुख्यालय के अतिरिक्त बहादुरगढ़ में एसडीएम अभिनव सिवाच, बादली में एसडीएम विशाल कुमार तथा बेरी में एसडीएम रेणुका नांदल द्वारा भी समाधान शिविरों में आमजन की समस्याएं सुनी गईं और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।



किसान सूबे सिंह के लिए समाधान शिविर बना राहत का सशक्त माध्यम
झज्जर, 30 अप्रैल, अभीतक: डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल के कुशल मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा आयोजित समाधान शिविर आमजन, विशेषकर किसानों के लिए राहत का प्रभावी मंच बनते जा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से समस्याओं का त्वरित संज्ञान लेते हुए उनके समाधान की दिशा में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। इसी कड़ी में गुरुवार को आयोजित समाधान शिविर में गांव छारा निवासी किसान सुबे सिंह ने डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल के समक्ष अपनी समस्या रखी। किसान ने बताया कि उन्होंने“मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर निर्धारित समयावधि में अपनी गेहूं की फसल का पंजीकरण करवाया था। फसल अनाज मंडी छारा में पहुंचने के बावजूद रिकॉर्ड में उसकी भूमि को खाली दर्शाया गया है, लिहाजा उसे उपज का भुगतान प्राप्त नहीं हो पा रहा था। समाधान शिविर में प्रस्तुत इस मामले को डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने गंभीरता से लेते हुए तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि मामले की जांच कर रिकॉर्ड में आवश्यक सुधार करते हुए किसान को शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन किसानों के हितों के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र किसान को उसकी फसल का उचित मूल्य समय पर दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है। किसान सुबे सिंह ने समाधान शिविर के माध्यम से अपनी समस्या के त्वरित समाधान पर सरकार और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
इन विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर डीसीएफ साहिति रेड्डी,जिला परिषद के सीईओ मनीष फोगाट, नगराधीश रितु बंसीवाल, जिला राजस्व अधिकारी मनवीर सिंह व एमिनेंट पर्सन गौरव सैनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
झज्जर स्थित लघु सचिवालय में आयोजित समाधान शिविर के दौरान अपनी समस्या रखते हुए किसान सूबे सिंह व अन्य आमजन।
हर घर की गिनती से बनेगी विकास की नई नीति, 1 मई से शुरू होगी डिजिटल जनगणना: डीसी
घर-घर पहुंचेगी जनगणना टीम, तकनीक के साथ तैयार होगा विकास का खाका
डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने जनगणना कार्य में जुड़े अधिकारियों की बैठक लेकर समीक्षा की
झज्जर, 30 अप्रैल, अभीतक: जिला में आगामी जनगणना-2027 को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने की तैयारियां तेज हो गई हैं। डीसी एवं प्रधान जनगणना अधिकारी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने कहा कि जनगणना से जनकल्याण की थीम पर आधारित यह अभियान न केवल आंकड़ों का संकलन होगा, बल्कि आने वाले वर्षों में विकास नीतियों, कल्याणकारी योजनाओं और आधारभूत ढांचे की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। गुरुवार को इस विषय को लेकर जनगणना निदेशक ललित जैन ने वीडियो कांफ्रेस के माध्यम से झज्जर सहित प्रदेश के सभी जिला उपायुक्त और अन्य अधिकारियों के साथ चर्चा की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद अधिकारियों की समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने बताया कि 1 मई से प्रगणक घर-घर जाकर डेटा एकत्र करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना कार्य को जीरो टॉलरेंस नीति के तहत क्रियान्वित किया जाएगा। इस महाअभियान में जिला के लगभग ढ़ाई हजार से ज्यादा अधिकारी व कर्मचारी,जिनमें 2185 एनमरेटर,303 सुपरवाइजर और 8 चार्ज अधिकारी जुड़े हुए हैं, जिन्हें पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा। डीसी एवं प्रधान जनगणना अधिकारी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने बताया कि जनगणना दो चरणों में आयोजित की जाएगी। पहला चरण 1 मई से 30 मई 2026 तक मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का होगा, जबकि दूसरा चरण 9 फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक जनसंख्या गणना के रूप में संपन्न होगा। उन्होंने बताया कि इस बार 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक नागरिकों को स्व-गणना का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने ऑनलाइन पोर्टल व मोबाइल एप के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज की है। ऐसे नागरिकों को अब प्रगणकों को अपनी आईडी उपलब्ध करानी होगी, ताकि मौके पर केवल सत्यापन किया जा सके। इससे समय की बचत के साथ-साथ आंकड़ों की गुणवत्ता में भी सुधार सुनिश्चित होगा। डीसी ने बताया कि इस बार गणनाकर्मी विशेष हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन मोबाइल एप का उपयोग करेंगे, जिसे उनके पंजीकृत मोबाइल उपकरणों पर इंस्टॉल किया गया है। यह एप ऑफलाइन मोड में भी कार्य करेगा और नेटवर्क उपलब्ध होते ही डेटा स्वतः सिंक्रोनाइज हो जाएगा। रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए तकनीक आधारित डैशबोर्ड और सीएमएमएस पोर्टल का उपयोग किया जाएगा, जिससे प्रत्येक स्तर पर प्रगति की सतत निगरानी सुनिश्चित होगी। डीसी ने कहा कि एसडीएम, तहसीलदार, नगर परिषद, नगरपालिकाओं सहित सभी विभागीय अधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन, प्रगणकों व पर्यवेक्षकों की नियुक्ति, प्रशिक्षण, जिले का शत-प्रतिशत कवरेज तथा निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी एसडीएम और चार्ज अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जनगणना कार्य की सतत निगरानी के लिए नियमित फील्ड विजिट सुनिश्चित करें, ताकि कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप समय पर पूरा हो सके। इस अवसर पर सीटीएम एवं नोडल अधिकारी रितु बंसीवाल, डीआईओ अमित बंसल, ट्रेनर मोहित कुमार और अरुण कुमार उपस्थित थे।
झज्जर स्थित लघु सचिवालय में अधिकारियों को जरूरी निर्देश देते डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल।



जिला की मंडियों में उठान कार्य में तेजी लाएं अधिकारी: डीसी
अब तक दो लाख 34 हजार 636 मीट्रिक टन गेहूं की आवक दर्ज
झज्जर, 30 अप्रैल, अभीतक: डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने कहा कि जिले की अनाज मंडियों में खरीदे गए गेंहू का उठान बेहद जरूरी है,ऐसे में गेहूं खरीद कर रही एजेंसियों के अधिकारी उठान कार्य में तेजी लाएं। उन्होंने कहा कि खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि फसल की खरीद के साथ-साथ उसका समय पर उठान और वैज्ञानिक भंडारण सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी स्तर पर अव्यवस्था उत्पन्न न हो और किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, हैफेड तथा हरियाणा राज्य भंडारण निगम सहित सभी संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए कि वे खरीद के साथ-साथ उठान की प्रक्रिया भी निर्धारित समय सीमा में सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि जिला की मंडियों और खरीद केंद्रों में अब तक दो लाख 34 हजार 636 मीट्रिक टन गेहूं की आवक दर्ज, जबकि एक लाख 97 हजार 519 मीट्रिक टन से अधिक की खरीद व एक लाख 41 हजार 882 मीट्रिक टन गेहूं का उठान हो चुका है। उन्होंने बताया कि झज्जर अनाज मंडी में 64 हजार 650 मीट्रिक टन, बादली में 16 हजार 844 मीट्रिक टन, ढाकला में 15 हजार 59 मीट्रिक टन, बेरी में 50 हजार 922 मीट्रिक टन, मातनहेल में 35 हजार 869 मीट्रिक टन, माजरा डी खरीद केंद्र पर 21 हजार 399 मीट्रिक टन, छारा में 15 हजार 49 मीट्रिक टन, बहादुरगढ़ में 1 हजार 887 मीट्रिक टन तथा आसौदा में 12 हजार 957 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई है। इसी प्रकार खरीद के आंकड़ों के अनुसार झज्जर मंडी में 51 हजार 147 मीट्रिक टन, बादली में 13 हजार 616 मीट्रिक टन, ढाकला में 13 हजार 469 मीट्रिक टन, बेरी में 41 हजार 972 मीट्रिक टन, मातनहेल में 31 हजार 835 मीट्रिक टन, माजरा डी में 20 हजार 335 मीट्रिक टन, छारा में दस हजार 966 मीट्रिक टन, बहादुरगढ़ में 1 हजार 887 मीट्रिक टन तथा आसौदा में 12 हजार 292 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि झज्जर मंडी में 40 हजार 830 मीट्रिक टन, बादली में सात हजार 800 मीट्रिक टन, ढाकला में सात हजार 318 मीट्रिक टन, बेरी में 26 हजार 795 मीट्रिक टन, मातनहेल में 27 हजार 961 मीट्रिक टन, माजरा डी में 15 हजार 647 मीट्रिक टन, छारा में पांच हजार 968 मीट्रिक टन, बहादुरगढ़ में 1 हजार 491 मीट्रिक टन तथा आसौदा में आठ हजार 73 मीट्रिक टन गेहूं का उठान किया जा चुका है।
स्वप्निल रविंद्र पाटिल, डीसी झज्जर।
बेरी निगम कार्यालय में उपभोक्ता कष्ट निवारण की बैठक व बिजली अदालत 01 मई को
बेरी, 30 अप्रैल, अभीतक: बिजली निगम डिवीजन बेरी के उपभोक्ताओं की बिजली से संबंधित शिकायतों के निवारण के लिए आज (01 मई, शुक्रवार) को बिजली अदालत और उपभोक्ता कष्ट निवारण फोरम की बैठक की आयोजित की जाएगी। प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि बैठक उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएनएल) के बेरी कार्यालय में सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक आयोजित होगी। उन्होंने बताया कि बैठक में बिजली उपभोक्ताओं की बिजली बिल, कनेक्शन, लोड संबंधित समस्याओं को सुना जाएगा और उनका मौके पर ही समाधान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कोई उपभोक्ता फैंसले से संतुष्ट नहीं है तो वह अपनी शिकायत अध्यक्ष अभियंता झज्जर के समक्ष रख सकता है।
स्कूल बसों की सुरक्षा को लेकर झज्जर पुलिस की सख्ती
बहादुरगढ़ में स्पेशल चेकिंग अभियान चलाकर यातायात के नियमों की अवेहलना करने वाले 14 बसों के चालान
बहादुरगढ़, 30 अप्रैल, अभीतक: बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आज बहादुरगढ़ क्षेत्र में स्कूल बसों की विशेष चेकिंग का व्यापक अभियान चलाया गया। यह अभियान पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के निर्देशन में आयोजित किया गया, जिसमें यातायात प्रबंधन निरीक्षक सतीश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई। अभियान का मुख्य उद्देश्य स्कूल बसों में सुरक्षा मानकों की जांच करना और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना रहा। इस अभियान के दौरान कुल 70 स्कूल बसों की गहन जांच की गई। जांच के दौरान बसों में फिटनेस, फर्स्ट एड बॉक्स, फायर एक्सटिंग्विशर, जीपीएस सिस्टम, सीसीटीवी कैमरे, चालक के दस्तावेज, और बस स्टाफ की वर्दी व पहचान पत्र जैसी जरूरी व्यवस्थाओं को परखा गया। इसके अलावा बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए बसों में सहायक की उपलब्धता और ओवरलोडिंग की स्थिति पर भी विशेष ध्यान दिया गया। जांच के दौरान कई बसों में सुरक्षा नियमों की अनदेखी सामने आई। ऐसे मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए कुल 14 स्कूल बसों के चालान किए गए। जिन बसों में खामियां पाई गईं, उन्हें मौके पर ही सुधार के निर्देश दिए गए और भविष्य में नियमों का पालन न करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। पुलिस कमिश्नर डॉक्टर राजश्री सिंह ने बताया कि इस तरह के अभियान का उद्देश्य केवल चालान करना नहीं, बल्कि स्कूल प्रबंधन और बस संचालकों को बच्चों की सुरक्षा के प्रति जागरूक करना भी है। उन्होंने कहा कि स्कूल बसों में छोटी-छोटी लापरवाही भी बड़े हादसों का कारण बन सकती है, इसलिए सभी मानकों का पालन अनिवार्य है।पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले समय में भी इस तरह के विशेष अभियान लगातार जारी रहेंगे, ताकि स्कूल बसों में सफर करने वाले बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।



शस्त्र लाइसेंस धारकों के लिए सख्त निर्देश जारी, नियमों के उल्लंघन पर होगी कार्रवाई: पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह
30 दिनों के भीतर शस्त्र उपयोग की जानकारी देना अनिवार्य, खाली कारतूस जमा कराने के निर्देश’
झज्जर, 30 अप्रैल, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के निर्देशन में शस्त्र लाइसेंस धारकों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं। यह निर्देश हरियाणा सरकार के गृह विभाग के आदेशों के अनुपालन में जारी किए गए हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य लाइसेंसी शस्त्रों के उपयोग की निगरानी को सुदृढ़ करना है। झज्जर की पुलिस कमिश्नर डॉक्टर राजश्री सिंह द्वारा जिले के सभी शस्त्र लाइसेंस धारकों एवं गन हाउस संचालकों को निर्देशित किया गया है कि यदि कोई लाइसेंसधारी अपने शस्त्र का उपयोग करता है, तो उसे 30 दिनों के भीतर इसकी सूचना संबंधित लाइसेंसिंग प्राधिकरण को देना अनिवार्य होगा। इस सूचना में शस्त्र उपयोग की तिथि, स्थान, उद्देश्य और उपयोग किए गए कारतूसों की संख्या का स्पष्ट विवरण देना होगा। इसके साथ ही यह भी निर्देश दिए गए हैं कि शस्त्र के उपयोग के बाद खाली कारतूसों को लाइसेंसिंग प्राधिकरण में जमा कराना जरूरी है। यदि किसी कारणवश खाली कारतूस उपलब्ध नहीं हैं, तो उसका उचित कारण लिखित रूप में प्रस्तुत करना होगा। पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई लाइसेंसधारी निर्धारित समय पर जानकारी नहीं देता या गलत जानकारी प्रदान करता है, तो उसके शस्त्र लाइसेंस के नवीनीकरण में बाधा आ सकती है। साथ ही उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई भी की जा सकती है, जिसमें लाइसेंस का निलंबन या निरस्तीकरण शामिल है।गन हाउस संचालकों को भी निर्देशित किया गया है कि वे शस्त्र लाइसेंस धारकों को कारतूस या एम्युनिशन की बिक्री के समय इन नियमों की पूरी जानकारी दें। साथ ही अपने प्रतिष्ठानों पर इस संबंध में नोटिसध्सूचना प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करें, ताकि सभी लाइसेंसधारी इससे अवगत हो सकें।पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह ने सभी संबंधित पक्षों से अपील की है कि वे इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। यह निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं, ताकि जिले में शस्त्रों के उपयोग को नियंत्रित और सुरक्षित बनाया जा सके।
37 साल की सेवा के बाद एक ही दिन भर्ती हुए दो कर्मियों को भावभीनी विदाई’
पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह ने स्मृति चिन्ह देकर किया सम्मानित, परिजनों की मौजूदगी में भावुक हुआ माहौल’
झज्जर, 30 अप्रैल, अभीतक: पुलिस विभाग में लंबे समय तक ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण के साथ सेवाएं देने वाले दो कर्मियों के सेवानिवृत्त होने पर पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह ने उन्हें भावभीनी विदाई दी। पुलिस कमिश्नर कार्यालय में आयोजित एक सम्मान समारोह में दोनों कर्मचारियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। इस दौरान पुलिस अधिकारी, कर्मचारी और दोनों के परिजन भी उपस्थित रहे, जिससे माहौल भावुक हो उठा। सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारी अकाउंटेंट बिजेंद्र ने 1 दिसंबर 1988 को सिपाही के पद पर अपनी सेवा की शुरुआत की थी। अपने करियर के दौरान उन्होंने आईजी ऑफिस रोहतक, सोनीपत सहित कई स्थानों पर अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। वर्ष 2005 में उन्होंने झज्जर में क्लर्क के रूप में कार्यभार संभाला और वर्तमान में अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने कुल 37 साल 5 महीने तक विभाग की सेवा की और अपने कार्यकाल में अनुशासन और निष्ठा की मिसाल कायम की।वहीं विनोद कुमार ने भी 1 दिसंबर 1988 को मधुबन की चैथी बटालियन में भर्ती होकर अपने सेवा जीवन की शुरुआत की थी। उन्होंने हिसार, भिवानी, हांसी सहित विभिन्न स्थानों पर सेवाएं दीं और वर्तमान में एसएचओ सदर झज्जर के पद पर तैनात थे। उन्होंने भी 37 साल 5 महीने तक विभाग की सेवा करते हुए अपनी कर्तव्यनिष्ठा और साहस का परिचय दिया।विशेष बात यह रही कि दोनों कर्मियों ने एक ही दिन सेवा में प्रवेश किया और एक ही समय पर सेवानिवृत्त होकर अपने जीवन की नई पारी की शुरुआत कर रहे हैं। ’इस अवसर पर पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह ने कहा कि दोनों कर्मियों ने अपने लंबे सेवा काल में उत्कृष्ट कार्य करते हुए विभाग का नाम रोशन किया है। उनकी मेहनत, ईमानदारी और समर्पण आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा। उन्होंने दोनों को अच्छे स्वास्थ्य और सुखद भविष्य की शुभकामनाएं दीं।’



आमजन की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए हर बुधवार बादली में बैठेंगे पुलिस उपायुक्त मयंक मिश्रा’
बादली, 30 अप्रैल, अभीतक: आमजन को बेहतर और सुलभ पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पुलिस उपायुक्त मयंक मिश्रा ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।इस संबंध में जानकारी देते हुए पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि अब पुलिस उपायुक्त मयंक मिश्रा प्रत्येक बुधवार को बादली स्थित लघु सचिवालय के पुलिस कार्यालय में प्रथम तल पर बैठकर क्षेत्र के आमजन की शिकायतें सुनेंगे और उनके समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करेंगे।इस पहल का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को उनकी समस्याओं के समाधान के लिए दूर जाने की परेशानी से राहत दिलाना है।अक्सर लोगों को अपनी शिकायत दर्ज कराने या अधिकारियों से मिलने के लिए बादली से बहादुरगढ़ जाना पड़ता था।
झज्जर में वकील की चाकू मारकर हत्या के मामले में एक और आरोपी को किया गिरफ्तार’
झज्जर, 30 अप्रैल, अभीतक: थाना शहर झज्जर की पुलिस ने वकील की चाकू मारकर हत्या करने के मामले में कार्रवाई करते हुए एक और आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर गिरफ्तार किया गया। मामले की जानकारी देते हुए थाना शहर झज्जर के महिला प्रभारी सरिता ने बताया कि गांव सिलानी निवासी जगत सिंह ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उसका छोटा बेटा देवराज सिंह पेशे से वकील था और झज्जर में माता गेट के पास रहता था। 4-5 मार्च 2026 की रात को देवराज की पत्नी का फोन आया कि हिमांशु निवासी कुलताना ने देवराज को किसी काम के बहाने बुलाया था। बाद में उसे तेजधार हथियार से गले पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया और उसे उपचार के लिए पीजीआई रोहतक ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जिस शिकायत के आधार पर थाना शहर झज्जर में आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया था। उन्होंने बताया कि पुलिस कमिश्नर डॉक्टर राजश्री सिंह द्वारा वांछित आरोपियों को पकड़ने के संबंध में कड़े दिशा निर्देश दिए गए थे। पुलिस कमिश्नर के दिशा निर्देश अनुसार गहनता से कार्रवाई करते हुए उपरोक्त मामले में एक आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर काबू किया गया। थाना शहर झज्जर में तैनात सहायक उप निरीक्षक अजीत कुमार की पुलिस टीम ने उपरोक्त मामले में एक आरोपी अशोक निवासी निलोठी जिला झज्जर को जो पहले से ही किसी अन्य आपराधिक मामले में करनाल जेल में बंद है। जिसको पुलिस प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ के लिए एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। पुलिस रिमांड के पश्चात आरोपी को अदालत झज्जर में पेश किया गया। अदालत के आदेश अनुसार आरोपी को न्याय की हिरासत में भेज दिया गया।



जिला बार एसोसिएशन रोहतक में बार काउंसिल के पूर्व चेयरमैन डॉ. विजेंद्र सिंह अहलावत की लगातार चैथी बार शानदार जीत की खुशी में उनके वजन के बराबर 94 किलो लड्डू बांटकर जश्न मनाया गया
डॉ. विजेंद्र सिंह अहलावत इससे पूर्व दो बार बार काउंसिल पंजाब एवं हरियाणा के चेयरमैन तथा एक बार वाइस चेयरमैन रह चुके हैं
वे वर्ष 2008 से लगातार चैथी बार बार काउंसिल पंजाब एवं हरियाणा का चुनाव जीतते आ रहे हैं
रोहतक, 30 अप्रैल, अभीतक: जिला बार एसोसिएशन के प्रधान दीपक हुड्डा ने प्रेस को संबोधित करते हुए बताया कि डॉ. विजेंद्र सिंह अहलावत की यह जीत ऐतिहासिक है। आज तक रोहतक बार का कोई भी सदस्य लगातार चार बार बार काउंसिल पंजाब एवं हरियाणा में नहीं पहुंच पाया। डॉ. अहलावत रोहतक बार के एकमात्र ऐसे सदस्य हैं, जो दो बार बार काउंसिल के चेयरमैन पद तक पहुंचे हैं। इससे पहले रोहतक के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश माननीय अनिल कौशिक के सम्मान में एक विदाई समारोह भी आयोजित किया गया। अपने संबोधन में माननीय अनिल कौशिक ने रोहतक में अपने कार्यकाल को अविस्मरणीय बताया और शहर से अपने पुराने संबंधों का उल्लेख करते हुए कई अनुभव साझा किए। इस अवसर पर उन्हें पुष्पगुच्छ, स्मृति चिन्ह, लाइव प्लांट एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में महासचिव राजकरण पंघाल, सह सचिव डिंपल अरोड़ा, उप प्रधान अजय ओहलान, लाइब्रेरी इंचार्ज अनिल कुमार, वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश अरोड़ा, इंदर सिंह ढुल, गूगल सिंह हुड्डा, बच्चन राम अरोड़ा, नसीब सिंह डागर, ओम प्रकाश पूनिया, सुरेंद्र लौरा, अनिल शर्मा, राजेश शर्मा, प्रदीप मलिक, सुरेंद्र वर्मा, प्रदीप ब्रह्माण, करुण भारद्वाज, किरण श्योराण वरुण कौशिक, कुशल कुंडू, विपिन डागर, दीपक सहरावत सहित अनेक अधिवक्ता उपस्थित रहे।
हरियाणा के राज्यपाल ने पाठ्यक्रम को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप बनाने का किया आह्वान
छात्र नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें: प्रो. असीम कुमार घोष
चंडीगढ़, 30 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने राज्य के शैक्षणिक संस्थानों से अपने पाठ्यक्रमों को उद्योग की आवश्यकताओं और उभरती तकनीकों के अनुरूप ढालने का आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल विद्वान तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसे नवप्रवर्तक और उद्यमी विकसित करना होना चाहिए, जो हरियाणा के परिवर्तन को गति दें। उन्होंने कहा कि हमारे छात्र नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें। राज्यपाल आज पंचकूला में ‘स्टेट सपोर्ट मिशन’ और ‘स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट’द्वारा आयोजित एक उच्च-स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य हरियाणा में औद्योगिक नवाचार को सुदृढ़ करना, राज्य की विरासत का संरक्षण करना तथा शिक्षा प्रशासन में सुधार लाने हेतु प्रमुख रणनीतिक पहलों को प्रस्तुत करना था। इस अवसर पर हरियाणा की प्रथम महिला श्रीमती मित्रा घोष भी उपस्थित रहीं। अपने संबोधन में प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि हरियाणा में एक अग्रणी ज्ञान और नवाचार केंद्र के रूप में उभरने की अपार संभावनाएं हैं, और इस प्रकार की पहलें उस दिशा में मजबूत आधार तैयार करती हैं। उन्होंने कहा कि “समर्थ हरियाणा” केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक मार्गदर्शक दर्शन है, जिसका उद्देश्य नवाचार, सहयोग और ज्ञान-आधारित प्रशासन के माध्यम से आकांक्षाओं को उपलब्धियों में परिवर्तित करना है। उन्होंने कहा कि प्रगति अलग-थलग प्रयासों से नहीं, बल्कि सामूहिक सहयोग से हासिल होती है। राज्यपाल ने नीति, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और उद्योग के बीच समन्वित प्रयासों का आह्वान करते हुए एक सशक्त “समर्थ हरियाणा” के निर्माण पर बल दिया। उन्होंने ‘स्टेट सपोर्ट मिशन’ और स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट को दूरदर्शी पहलों की संकल्पना और उनके सफल क्रियान्वयन के लिए बधाई दी, जो नवाचार को बढ़ावा देने, प्रशासन को सुदृढ़ करने और समावेशी व सतत विकास के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में सहायक हैं। कार्यक्रम के दौरान ‘राष्ट्रीय शिक्षा मूल्यांकन एवं सत्यापन’ (एनइइवी ) पोर्टल का लाइव प्रदर्शन किया गया। यह पोर्टल ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति’ 2020 के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए एक व्यापक, डेटा-आधारित मंच है। इसके माध्यम से उच्च शिक्षा संस्थानों में वास्तविक समय में डेटा संकलन, प्रदर्शन मानकीकरण और विश्लेषण-आधारित निर्णय लेने की सुविधा उपलब्ध होती है, जिससे शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रशासनिक दक्षता में सुधार होता है। कार्यक्रम की शुरुआत में स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट के महानिदेशक डॉ. राज नेहरू ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया तथा संस्थान की गतिविधियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह संस्थान प्रौद्योगिकी और सहयोग के माध्यम से उद्योग, शिक्षा जगत, विरासत संरक्षण और शिक्षा प्रशासन को एकीकृत कर समावेशी विकास के लिए एक बेहतर मॉडल विकसित कर रहा है। इस अवसर पर हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. के.सी. शर्मा, उच्च शिक्षा के महानिदेशक एस. नारायणन, राज्यपाल के एडीसी धीरज कुमार, पंजाब विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. रेणु विग सहित कई कुलपति, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


मनोज चैधरी ने लोगों को भाजपा की नीतियों और योजनाओं से अवगत कराया
फरीदाबाद़, 30 अप्रैल, अभीतक: जिला प्रभारी भाजपा एस सी मोर्चा मनोज चैधरी जीवन नगर पार्ट 2 में पहुंचे जहाँ युवा साथियों ने फूल माला पहनाकर श्री चैधरी का भव्य स्वागत किया। इस दौरान लोगों ने नेता जी को जीवन नगर की अनेकों समस्याओं से अवगत कराया। मनोज चैधरी ने लोगों को आश्वासन दिलाया की भाजपा सरकार में हरियाणा के लोकप्रिय मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा तेजी से आगे बढ़ रहा है और विकास कार्यों को गति देने का कार्य सशक्त राज्यमंत्री कृष्ण पाल गुर्जर कर रहें हैं जो की एक न्यायपक्षी नेता हैं वह फरीदाबाद के विकास में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे। वह मूलभूत सुविधाओं के साथ शिक्षा, रोजगार, सड़कें, एलिवेटेड पुलों के निर्माण पर पूरा ध्यान दे रहें हैं। श्री चैधरी ने कहा की लोगों को केवल भाजपा की नीतियों और योजनाओं को ध्यान में रख कर साथ देना है तो वह दिन दूर नहीं जब फरीदाबाद हरियाणा के मानचित्र पर सबसे ऊपर दिखाई देगा। इस मौके पर डॉ. ऋषिदयाल, मनोज कुमार, अनिल सिंह, जग्गी, पवन, अमित प्रताप, लव लोहिआ, हरमीत सिंह के अलावा सैंकड़ो लोग मौजूद रहे।
जनगणना 2027: चलो निभाएं अपनी जिम्मेदारी, करें जनगणना में भागीदारी
पहला चरण आज से शुरू, 30 मई तक होगा मकान सूचीकरण कार्य
पूरी जिम्मेदारी और पारदर्शिता से करें जनगणना कार्य का निर्वहन : डीसी
रेवाड़ी, 30 अप्रैल, अभीतक: जनगणना 2027 के अंतर्गत हरियाणा में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना संबंधी महत्वपूर्ण एवं राष्ट्रीय कार्य 1 मई से 30 मई 2026 की अवधि तक अनिवार्य रूप से किया जाना है। जिला के प्रधान जनगणना अधिकारी एवं डीसी अभिषेक मीणा ने गुरुवार को लघु सचिवालय सभागार में 1 मई से शुरू होने वाले मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना संबंधी कार्य के दृष्टिगत संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक से पहले हरियाणा जनगणना निदेशक डा. ललित जैन ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी उपायुक्तों को जरूरी दिशा निर्देश दिए। डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी, पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि जनगणना पूर्णतरू डिजिटल माध्यम से की जाएगी, जिससे कार्य में पारदर्शिता, गति और सटीकता सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि जनगणना कार्य के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही की गुंजाइश नहीं है, इसलिए जनगणना कार्य के लिए नियुक्त किए सभी अधिकारी और कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी और पारदर्शिता से अपनी ड्यूटी का निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि यह कार्य देश के विकास की आधारशिला है, इसलिए आंकड़ों की शुद्धता और विश्वसनीयता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। सभी अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ करें और आपसी तालमेल बनाए रखें। डीसी ने कहा कि जनगणना के प्रथम चरण में प्रगणक और पर्यवेक्षक द्वारा गणना का कार्य सुगमता से किया जाए। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि इस कार्य को गंभीरता से लेते हुए देश की उन्नति में कार्य करें। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम को देखते हुए सभी प्रगणक या पर्यवेक्षक सुबह और सायं के समय गणना का कार्य करें ताकि किसी को कोई परेशानी न हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रशासन और आमजन के मध्य समन्वय रखा जाए ताकि प्रगणकों को जानकारी एकत्र करने में किसी प्रकार की कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि निर्देशों का पालन करते हुए जनगणना कार्य को सुगम बनाया जाए। आमजन जनगणना से संबंधित किसी प्रकार की जानकारी के लिए जिला सांख्यिकी अधिकारी डा. देवीदत्त के मोबाइल नंबर 9877793490 पर कार्यालय समय में संपर्क कर सकते है। डीसी अभिषेक मीणा ने आमजन से प्रगणक और पर्यवेक्षक से जनगणना कार्य में सहयोग करते हुए देश की उन्नति में योगदान देने की अपील की। उन्होंने बताया कि यह जानकारी पूर्णत: गोपनीय रहेगी तथा इसका राशन कार्ड, परिवार पहचान पत्र, आधार कार्ड एवं वोट कार्ड से कोई संबंध नहीं है, और न ही यह स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) है। इससे किसी भी नागरिक की नागरिकता प्रभावित नहीं होगी। इसलिए बिना किसी संदेह के सूचना प्रगणक को उपलब्ध करवाई जाए। बैठक में जिला नगर आयुक्त ब्रह्म प्रकाश, एसडीएम रेवाड़ी सुरेश कुमार, सीटीएम जितेंद्र कुमार, जिला सांख्यिकी अधिकारी डा. देवीदत्त, जिला कोऑर्डिनेटर अमित कुमार, जनगणना अधिकारी दीपक आदि मौजूद रहे।
लघु सचिवालय में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना कार्य के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए डीसी अभिषेक मीणा।



ज्ञान भारतम मिशन से जिले की पांडुलिपियों को मिलेगी डिजिटल पहचान
15 जून तक चलेगा सर्वेक्षण अभियान, 75 वर्ष से अधिक पुरानी पांडुलिपियों को मिलेगी प्राथमिकता
रेवाड़ी, 30 अप्रैल, अभीतक: भारतीय ज्ञान परंपरा और दर्शन को एवं बौद्धिक धरोहर के महत्वपूर्ण स्रोत के रूप में पांडुलिपियों के संरक्षण और उन्हें भावी पीढियों तक सुरक्षित पहुंचाने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा संचालित ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ के तहत राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान को जिले में प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। जिला स्तरीय समिति के अध्यक्ष एवं डीसी अभिषेक मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि यह मिशन न केवल देश की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है, बल्कि इससे आने वाली पीढियों को प्राचीन ज्ञान से जोडने का भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने सभी खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों (बीडीपीओ) को निर्देशित करते हुए कहा कि वे ग्राम सचिवों के माध्यम से गांव-गांव में स्थित मंदिरों, गुरुद्वारों, मस्जिदों तथा अन्य धार्मिक एवं सामाजिक संस्थानों में उपलब्ध हस्तलिखित पांडुलिपियों की जानकारी एकत्रित करें। यदि किसी स्थान पर पांडुलिपियां उपलब्ध होती हैं, तो उन्हें ‘ज्ञान भारतम् ऐप’ के माध्यम से जियो-टैग कर पोर्टल पर अपलोड किया जाए। वहीं, यदि किसी स्थान पर पांडुलिपियां उपलब्ध नहीं हैं, तो संबंधित महंत, इमाम या प्रबंधक से प्रमाण-पत्र प्राप्त किया जाए। उन्होंने बताया कि यह राष्ट्रीय अभियान गत 16 मार्च 2026 से प्रारंभ किया गया है, जिसके अंतर्गत देशभर में परिवारों, धार्मिक स्थलों एवं विभिन्न संस्थानों में सुरक्षित पांडुलिपियों का सर्वेक्षण, सूचीकरण एवं डिजिटलीकरण किया जा रहा है। इस प्रक्रिया के माध्यम से एक व्यापक डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जा रहा है, जिससे इन दुर्लभ धरोहरों को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी। डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि जिले में जहां भी वर्षों पुरानी पांडुलिपियां सुरक्षित हैं, जिनमें धार्मिक ग्रंथ, ऐतिहासिक दस्तावेज एवं पारंपरिक ज्ञान का अनमोल भंडार निहित है, उनकी पहचान कर डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन इस दिशा में गंभीरता से कार्य कर रहा है और सभी संबंधित विभागों के सहयोग से इस अभियान को सफल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उल्लेखनीय है कि ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ का मुख्य उद्देश्य देशभर में फैली प्राचीन पांडुलिपियों, ताड़पत्रों एवं दुर्लभ अभिलेखों का सर्वेक्षण, प्रलेखन, संरक्षण एवं डिजिटलीकरण कर उन्हें शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों एवं आमजन के लिए सुलभ बनाना है।
15 जून तक जारी रहेगा सर्वेक्षण का कार्य, 75 वर्ष या उससे अधिक पुरानी पांडुलिपियों को दी जाएगी प्राथमिकता
डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि ज्ञान भारतम् अभियान के तहत लगभग 75 वर्ष या उससे अधिक पुरानी पांडुलिपियों को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार की ओर से सर्वे कार्य को तीन माह के भीतर पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है जो 16 मार्च से शुरू हो चुका है और 15 जून तक जारी रहेगा। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से डिजिटलीकरण और संरक्षण कार्य आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पहल से जिले की ऐतिहासिक धरोहर को सुरक्षित रखने के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।
अभियान में पांडुलिपि धारकों का स्वामित्व रहेगा पूर्णतया सुरक्षित
डीसी ने आह्वान किया कि ज्ञान भारतम् मिशन के तहत आम नागरिक भी अपनी पांडुलिपियों की जानकारी जिला प्रशासन को सीधे रूप से ीजजचेरूध्ध्हलंदइींतंजंउण्बवउध् वेबसाइट या ीजजचेरूध्ध्चसंल.हववहसमण्बवउध्ेजवतमध्ंचचेध्कमजंपसे?पक=बवउण्हलंदइींतंजंउण्ंचच-चसप=1 मोबाइल ऐप के माध्यम से साझा कर सकते हैं। चिन्हित पांडुलिपियों को राष्ट्रीय डिजिटल रिपॉजिटरी में सुरक्षित रखा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अभियान में पांडुलिपि धारकों का स्वामित्व पूर्णतया सुरक्षित रहेगा। सर्वेक्षण के तहत सरकारी पुस्तकालयों, विश्वविद्यालयों, संस्कृत पाठशालाओं तथा मंदिरों, गुरुद्वारों और मठों जैसे धार्मिक स्थलों में उपलब्ध पांडुलिपियों की पहचान और दस्तावेजीकरण करने के साथ-साथ पांडुलिपियों की भौतिक स्थिति का आकलन भी किया जाएगा।
एडीसी राहुल मोदी ने समाधान शिविर में सुनी आमजन की शिकायतें
रेवाड़ी, 30 अप्रैल, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा के मार्गदर्शन में वीरवार को लघु सचिवालय के सभागार में समाधान शिविर का आयोजन किया गया। समाधान शिविर में एडीसी राहुल मोदी ने जनसुनवाई करते हुए आमजन की समस्याओं का प्राथमिकता से निवारण करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। समाधान शिविर में एडीसी राहुल मोदी ने गांव पाडला में गंदे पानी की निकासी न होने पर एडीसी ने पंचायत विभाग के अधिकारियों को पानी की निकासी का प्रबंध करवाने के निर्देश दिए। गांव हांसाका में घर की छत के ऊपर से जा रही बिजली की तार हटवाने के लिए एडीसी ने बिजली निगम के अधिकारियों को नियमानुसार कार्यवाही करते हुए घर की छत से तार हटवाई जाए। गांव माजरा भालखी की कॉलोनी में पीने के पानी की शिकायत पर जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को पीने का स्वच्छ जल उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। गांव सुठाना में सूखे पड़े जोहड़ की शिकायत पर एडीसी ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को नहर में पानी उपलब्ध करवाकर जोहड़ में छोडने के निर्देश दिए। समाधान शिविर में विद्यार्थियों की एसएलसी की शिकायत पर एडीसी ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी बच्चे की पढ़ाई न रुके इसके लिए बच्चों को स्कूल से एसएलसी दिलवाई जाए। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए किसी भी निजी स्कूल द्वारा किसी भी प्रकार की लापरवाही न की जाए।
इसके अलावा एडीसी ने फैमिली आईडी, बिजली, पेंशन व पुलिस विभाग के संबंधित शिकायतों का भी प्राथमिकता से निवारण करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। इस अवसर पर एसडीएम सुरेश कुमार, सीटीएम जितेंद्र कुमार सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
समाधान शिविर में आमजन की शिकायतें सुनते एडीसी राहुल मोदी।
एससीध्एसटी एक्ट में दर्ज मुकदमों का त्वरित निराकरण करें सुनिश्चित: एडीसी
एडीसी राहुल मोदी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति की हुई बैठक
रेवाड़ी, 30 अप्रैल, अभीतक: पीड़ित व्यक्तियों को नियमों व अत्याचार अधिनियम के तहत उनकी सहायता करने में संबंधित विभाग के अधिकारी किसी भी प्रकार की देरी न करें, पीड़ित व्यक्तियों के आवेदन पर जल्द से जल्द कार्यवाही करते हुए आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। एडीसी राहुल मोदी गुरुवार को लघु सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में जिला स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति की समीक्षा बैठक में संबंधित अधिकारियों व समिति के सदस्यों को आवश्यक दिशा निर्देश दे रहे थे। एडीसी ने कहा कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के खिलाफ अत्याचारों को रोकने के लिए बनाए अधिनियम, 1989 के प्रावधानों के क्रियान्वयन के लिए संबंधित अधिकारी आपस में तालमेल स्थापित कर कार्य करें। उन्होंने कहा कि अत्याचार अधिनियम 1989 के अंतर्गत पीड़ित व्यक्तियों को दी गई राहत, प्राप्त मामलों और पुनर्वास सुविधाएं तथा उनसे संबंधित अन्य मामलों के क्रियान्वयन के लिए गठित जिला स्तरीय सतर्कता निगरानी समिति नियमानुसार कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। एडीसी ने कहा कि अत्याचार अधिनियम 1989 के अधीन गैर अनुसूचित जाति के व्यक्तियों द्वारा अनुसूचित जाति के पीड़ित व्यक्तियों के आवेदन पर जल्द से जल्द कार्यवाही करते हुए आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि आर्थिक सहायता से संबंधित पीड़ित परिवार को भावनात्मक रूप में भी काफी सहारा मिलता है। उन्होंने कहा कि समाज में ऐसी घटनाएं न हो, इसके लिए संबंधित गतिविधियां आयोजित कर जागरूकता कार्यक्रम करवाएं जाएं। उन्होंने कहा कि एससीध्एसटी एक्ट में दर्ज मुकदमों में समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए। जिला कल्याण अधिकारी अनिल कुमार ने बैठक में बताया गया कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम एवं नियम के तहत प्राप्त 2024-25 में 51 पीड़ितों को 96 लाख 87 हजार 500 रुपए तथा 2025-26 में 41 पीड़ितों को 78 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई है। इस अवसर पर जिला स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति के सदस्य व संबंधित विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे।
जिला स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति की समीक्षा बैठक लेते हुए एडीसी राहुल मोदी।



आदर्श आचार संहिता की हिदायतों का पालन करें प्रत्याशी: तरुण कुमार पावरियां
नगर पालिका धारूहेड़ा के जनरल ऑब्जर्वर तरुण कुमार पावरियां ने चेयरमैन और वार्डों के पार्षद पदों के प्रत्याशियों के साथ की बैठक
रेवाड़ी, 30 अप्रैल, अभीतक: नगर पालिका धारूहेड़ा के जनरल ऑब्जर्वर तरुण कुमार पावरियां ने खरखड़ा कॉलेज धारूहेड़ा में चेयरपर्सन और वार्डों के पार्षद पदों के प्रत्याशियों के साथ बैठक की। बैठक में आगामी नगर पालिका चुनाव को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न करवाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जनरल ऑब्जर्वर तरुण कुमार पावरियां ने कहा कि नगर पालिका चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया तथा चुनाव चिन्हों का आवंटन सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। उन्होंने सभी प्रत्याशियों को कहा कि अब चुनाव प्रचार के दौरान जिम्मेदारी और अनुशासन का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। राज्य चुनाव आयोग हरियाणा द्वारा जारी गाइडलाइन एवं आदर्श आचार संहिता का पालन करना प्रत्येक प्रत्याशी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने प्रत्याशियों से अपील की कि वे चुनाव प्रचार के दौरान भडकाऊ भाषण, व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप तथा किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों से बचें। जरनल ऑब्जर्वर ने कहा कि प्रचार सामग्री का उपयोग निर्धारित नियमों के अनुसार ही किया जाए तथा सार्वजनिक संपत्ति को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचाया जाए। उन्होंने नगर पालिका चुनाव में शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने की अपील की। इसके अलावा उन्होंने चुनाव संबंधी खर्चे का विवरण का ब्यौरा भी रखने के निर्देश दिए। इस अवसर पर नगर पालिका धारूहेड़ा के रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम रेवाड़ी सुरेश कुमार सहित नगर पालिका धारूहेड़ा के प्रत्याशी मौजूद रहे।
नगर पालिका धारूहेड़ा के प्रत्याशियों के साथ बैठक करते हुए जनरल ऑब्जर्वर तरुण कुमार पावरियां साथ में रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम रेवाड़ी सुरेश कुमार।
नगर पालिका धारूहेड़ा में इन मतदान केंद्रों पर होंगे मतदान
रेवाड़ी, 30 अप्रैल, अभीतक: धारूहेड़ा नगर पालिका धारूहेड़ा के रिटर्निंग अधिकारी सुरेश कुमार ने बताया कि धारूहेड़ा नगर पालिका क्षेत्र में मतदान केंद्रों की सूची जारी की गई है। उन्होंने बताया कि वार्ड नंबर-1 में राजकीय प्राथमिक स्कूल सेक्टर 6 धारूहेड़ा दायां कक्ष व बायां कक्ष, वार्ड नंबर-2 में सामुदायिक भवन सेक्टर 6 धारूहेड़ा दायां कक्ष व बायां कक्ष, वार्ड नंबर -3 में जैन वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नजदीक तहसील कार्यालय दायां कक्ष व बायां कक्ष वार्ड नंबर-4 में जांगिड़ धर्मशाला सोहना रोड धारूहेडा, वार्ड-5 में राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मैन बाजार धारूहेडा व दायां कक्ष बायां कक्ष, वार्ड नंबर-6 में हरिजन चैपाल सोहना रोड धारूहेड़ा दायां कक्ष व बायां कक्ष, वार्ड-7 में सैनी पब्लिक स्कूल फिरनी रोड धारूहेड़ा दायां कक्ष व बायां कक्ष, वार्ड-8 में जन स्वास्थ्य विभाग कार्यालय नंदरामपुर बास रोड दायां कक्ष, वार्ड नंबर-9 में बाल भवन धारूहेड़ा, वार्ड नंबर-10 में जन स्वास्थ्य विभाग कार्यालय, नंदरामपुर बास रोड बायां कक्ष, वार्ड नंबर-11 में विवेकानंद प्राथमिक स्कूल बास रोड दायां कक्ष, वार्ड नंबर-12 में विवेकानंद प्राथमिक स्कूल बास रोड बायां कक्ष, वार्ड नंबर-13 में विवेकानंद वरिष्ठ माध्यमिक विधालय बांस रोड धारूहेडा, वार्ड नंबर-14 में राजकीय प्राथमिक स्कूल हरिनगर धारूहेडा दायां कक्ष व बायां कक्ष, वार्ड नंबर-15 में के.डी.एम पब्लिक स्कूल आजाद नगर धारूहेडा दायां कक्ष व बायां कक्ष, वार्ड नंबर-16 में आर.डी.एस. पब्लिक स्कूल नजदीक तहसील कार्यालय धारूहेड़ा दायां कक्ष व बायां कक्ष, वार्ड नंबर-17 में जैन वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नजदीक तहसील कार्यालय, वार्ड नंबर-18 में राजकीय प्राथमिक स्कूल, सेक्टर 6 धारूहेड़ा मतदान केंद्र बनाए गए है।



डीडीपीओ एचपी बंसल की सेवानिवृत्ति पर विदाई समारोह का आयोजन
डीसी अभिषेक मीणा, एडीसी राहुल मोदी सहित वरिष्ठ अधिकारियों व कर्मचारियों ने सम्मान पूर्वक दी विदाई
रेवाड़ी, 30 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा पंचायत विभाग के जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी हरि प्रकाश बंसल 18 वर्ष 10 माह की संतोषजनक एवं समर्पित सेवा पूर्ण करने के उपरांत गुरुवार को सेवानिवृत्त हो गए। इस अवसर पर प्रशासन द्वारा उनके सम्मान में एक गरिमामयी विदाई समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में डीसी अभिषेक मीणा, एडीसी राहुल मोदी, नगराधीश जितेंद्र कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने एचपी बंसल को भावभीनी विदाई देते हुए उनके स्वस्थ, सुखद एवं समृद्ध सेवानिवृत्त जीवन की कामना की। वक्ताओं ने उनके अनुशासित कार्यशैली, समर्पण और सौम्य व्यवहार की सराहना करते हुए विभाग में उनके योगदान को प्रेरणादायक बताया। एचपी सांगवान मूल रूप से जिला झज्जर के गांव सिवाना के निवासी हैं। उन्होंने 12 जून 2007 को विधि अधिकारी पंचायत के पद पर अपनी सेवाएं आरंभ कीं। इस पद पर उन्होंने जिला गुरुग्राम, नूंह व रेवाड़ी में उत्कृष्ट सेवाएं दी। इसके उपरांत उन्हें वर्ष 2020 में जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी के पद पर पदोन्नत किया गया। उनका मृदुभाषी व्यक्तित्व उन्हें प्रशासनिक अधिकारियों के बीच अत्यंत लोकप्रिय बनाता रहा। जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी के रूप में उन्होंने विभिन्न अतिविशिष्ट कार्यक्रमों के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विदाई समारोह में डीआरओ प्रदीप देशवाल, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के उप-निदेशक अमित पवार, महेंद्रगढ़ के डीडीपीओ प्रमोद, एडीए नवीन सहित पंचायत विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर एचपी बंसल की पत्नी कविता गुप्ता सहित परिवारजन और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस भावनात्मक पल को और भी यादगार बना दिया।
गांव गुरावड़ा में सरकारी भूमि को पट्टे पर छोड़ने के लिए 5 मई को बोली लगाई जाएगी
रेवाड़ी, 30 अप्रैल, अभीतक: नायब तहसीलदार पाल्हावास कुनाल गोयल ने जानकारी देते हुए बताया कि उप तहसील पाल्हावास के गांव गुरावड़ा में प्लॉट नंबर-1 रकबा 9 कनाल 2 मरला व प्लाट नंबर 2 रकबा 69 कनाल 12 मरला नजुल, सरकारी भूमि को पट्टे पर छोड़ने के लिए 5 मई 2026 को प्रातः 11 बजे ग्राम गुरावड़ा में बोली लगाई जाएगी।
आईजीएल ने धारूहेड़ा के रेस्टोरेंट पर उपलब्ध करवाई पीएनजी की सुविधा
रेवाड़ी, 30 अप्रैल, अभीतक: स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) की रेवाड़ी टीम ने गुरुवार को एनएच-8 स्थित रेस्टोरेंट पर पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) सुविधा कमीशन कर दी। इस व्यवस्था के तहत रेस्टोरेंट को लगभग 500 एससीएमडी गैस की आपूर्ति की जा रही है, जिससे न केवल संचालन अधिक सुगम और किफायती होगा, बल्कि पारंपरिक ईंधनों की तुलना में यह पर्यावरण के लिए भी अधिक अनुकूल साबित होगा। आईजीएल अधिकारियों ने बताया कि यह पहल क्षेत्र में स्वच्छ और सुरक्षित ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ-साथ वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के बीच पीएनजी के उपयोग को प्रोत्साहित करेगी। कंपनी लगातार अपने नेटवर्क का विस्तार कर रही है ताकि अधिक से अधिक प्रतिष्ठानों और घरों तक प्राकृतिक गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। आईजीएल रेवाड़ी की टीम ने क्षेत्र में हरित ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है।



23 शोधार्थी पीएचडी डिग्री के पात्र घोषित
रोहतक, 30 अप्रैल, अभीतक: महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू), के कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने परीक्षकों के बोर्ड और शोध समिति की अनुशंसा पर 23 शोधार्थियों को पीएचडी डिग्री के लिए पात्र घोषित किया है। परीक्षा नियंत्रक प्रो. राहुल ऋषि ने बताया कि पीएचडी डिग्री के लिए पात्र घोषित शोधार्थी हैं- अंग्रेजी विभाग से मोनिका अहलावत और अंजलि, हिंदी से सुमन, पॉलिटिकल साइंस से पूजा देवी, भूगोल से मोनिका, मैकेनिकल इंजीनियरिंग से सुखबीर, बायोटेक्नोलॉजी इंजीनियरिंग से प्रीति कौशिक, कंप्यूटर साइंस से स्वाति गुप्ता तथा केमिस्ट्री से रिया और पूनम देवी, विधि से अर्जुन देसवाल, सुमन लता, अपर्णा, सुयशा जावा, नरेंद्र सिंह, श्रेयांश और कीर्ति, प्रबंधन से पूजा, कॉमर्स से प्रियंका आहूजा, बॉटनी से ज्योति यादव, फूड टेक्नोलॉजी से प्रीति, बायोकेमिस्ट्री से लकी दुहन, शिक्षा विभाग से बसंत लाल यादव।
सोलो डांस प्रतियोगिता में निकिता, अजय और करिश्मा ने मारी बाजी
इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय मीरपुर, रेवाड़ी के प्रबंधन विभाग द्वारा विश्व नृत्य दिवस के उपलक्ष्य में सोलो डांस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रोफेसर रितु बजाज ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विश्व नृत्य दिवस (ॅवतसक क्ंदबम क्ंल) हर वर्ष 29 अप्रैल को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य नृत्य कला को बढ़ावा देना, इसके महत्व को समझाना तथा सांस्कृतिक सीमाओं से परे लोगों को एकजुट करना है। यह दिन आधुनिक बैले के जनक जीन-जॉर्जेस नोवेरे (श्रमंद-ळमवतहमे छवअमततम) की जयंती के रूप में 1982 से मनाया जा रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी और कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से छात्रों में प्रबंधकीय कौशल के साथ-साथ कला के प्रति समझ भी विकसित होती है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं निर्णायक मंडल के रूप में नृत्य निर्देशक सागर सैनी, थिएटर कलाकार मनीष शर्मा, डॉ. अनीता यादव एवं प्रो. अदिति शर्मा उपस्थित रहे। इस अवसर पर डॉ. सुशांत यादव ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि विश्वविद्यालय की डांस टीम ने राष्ट्रीय स्तर पर कई उपलब्धियां हासिल की हैं, जिनमें ।प्न् छंजपवदंस ल्वनजी थ्मेजपअंस में कांस्य पदक प्रमुख है। उन्होंने यह भी बताया कि इस टीम को सागर सैनी द्वारा प्रशिक्षित किया गया है। प्रतियोगिता में एम.एससी. भूगोल की छात्रा निकिता ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि एमबीए अंतिम वर्ष के छात्र अजय दूसरे स्थान पर रहे। वहीं एमबीए प्रथम वर्ष की छात्रा करिश्मा ने तृतीय स्थान हासिल किया। इस अवसर पर वाणिज्य एवं प्रबंधन संकाय की डीन एवं निदेशक, युवा कल्याण प्रो. अदिति शर्मा ने भी विभाग के सभी अध्यापकों एवं विद्यार्थियों को इस आयोजन के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाला प्रत्येक छात्र विजेता होता है, क्योंकि कला से जुड़ने से हर व्यक्ति कुछ नया सीखता है। कार्यक्रम के अंत में सभी विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। मंच संचालन विनिता एवं वैश्नवी द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रो. समृद्धि, डॉ. कुसुम यादव, डॉ. भारती, डॉ. जसविंदर सिंह, डॉ. सुशांत यादव, डॉ. सुरेंद्र, डॉ. देवेश अग्रवाल, डॉ. कंवर सिंह सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं शोधार्थी उपस्थित रहे।
हरियाणा के राज्यपाल ने पाठ्यक्रम को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप बनाने का किया आह्वान
छात्र नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें दृ प्रो. असीम कुमार घोष
चंडीगढ़, 30 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने राज्य के शैक्षणिक संस्थानों से अपने पाठ्यक्रमों को उद्योग की आवश्यकताओं और उभरती तकनीकों के अनुरूप ढालने का आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल विद्वान तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसे नवप्रवर्तक और उद्यमी विकसित करना होना चाहिए, जो हरियाणा के परिवर्तन को गति दें। उन्होंने कहा कि हमारे छात्र नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें। राज्यपाल आज पंचकूला में ‘स्टेट सपोर्ट मिशन’ और ‘स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट’द्वारा आयोजित एक उच्च-स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य हरियाणा में औद्योगिक नवाचार को सुदृढ़ करना, राज्य की विरासत का संरक्षण करना तथा शिक्षा प्रशासन में सुधार लाने हेतु प्रमुख रणनीतिक पहलों को प्रस्तुत करना था। इस अवसर पर हरियाणा की प्रथम महिला श्रीमती मित्रा घोष भी उपस्थित रहीं। अपने संबोधन में प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि हरियाणा में एक अग्रणी ज्ञान और नवाचार केंद्र के रूप में उभरने की अपार संभावनाएं हैं, और इस प्रकार की पहलें उस दिशा में मजबूत आधार तैयार करती हैं। उन्होंने कहा कि “समर्थ हरियाणा” केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक मार्गदर्शक दर्शन है, जिसका उद्देश्य नवाचार, सहयोग और ज्ञान-आधारित प्रशासन के माध्यम से आकांक्षाओं को उपलब्धियों में परिवर्तित करना है। उन्होंने कहा कि प्रगति अलग-थलग प्रयासों से नहीं, बल्कि सामूहिक सहयोग से हासिल होती है। राज्यपाल ने नीति, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और उद्योग के बीच समन्वित प्रयासों का आह्वान करते हुए एक सशक्त “समर्थ हरियाणा” के निर्माण पर बल दिया। उन्होंने ‘स्टेट सपोर्ट मिशन’ और स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट को दूरदर्शी पहलों की संकल्पना और उनके सफल क्रियान्वयन के लिए बधाई दी, जो नवाचार को बढ़ावा देने, प्रशासन को सुदृढ़ करने और समावेशी व सतत विकास के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में सहायक हैं। कार्यक्रम के दौरान ‘राष्ट्रीय शिक्षा मूल्यांकन एवं सत्यापन’ (एनइइवी) पोर्टल का लाइव प्रदर्शन किया गया। यह पोर्टल ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति’ 2020 के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए एक व्यापक, डेटा-आधारित मंच है। इसके माध्यम से उच्च शिक्षा संस्थानों में वास्तविक समय में डेटा संकलन, प्रदर्शन मानकीकरण और विश्लेषण-आधारित निर्णय लेने की सुविधा उपलब्ध होती है, जिससे शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रशासनिक दक्षता में सुधार होता है। कार्यक्रम की शुरुआत में स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट के महानिदेशक डॉ. राज नेहरू ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया तथा संस्थान की गतिविधियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह संस्थान प्रौद्योगिकी और सहयोग के माध्यम से उद्योग, शिक्षा जगत, विरासत संरक्षण और शिक्षा प्रशासन को एकीकृत कर समावेशी विकास के लिए एक बेहतर मॉडल विकसित कर रहा है। इस अवसर पर हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. के.सी. शर्मा, उच्च शिक्षा के महानिदेशक एस. नारायणन, राज्यपाल के एडीसी धीरज कुमार, पंजाब विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. रेणु विग सहित कई कुलपति, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
स्वस्थ हरियाणा ही विकसित हरियाणा की आधारशिला: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर बड़ा निवेश, 2014 से 298 प्रतिशत बढ़ा स्वास्थ्य बजट
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र की अनुकरणीय पहलों पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन को किया संबोधित
चंडीगढ़, 30 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि श्स्वस्थ हरियाणा ही विकसित हरियाणा की आधारशिला है।श् इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और विस्तार के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। चालू वित्त वर्ष के बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए पिछले वर्ष की तुलना में 32.89 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी करते हुए लगभग 14 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह वृद्धि प्रदेश के नागरिकों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार की प्राथमिकता को दर्शाती है। जबकि वर्ष 2014 में प्रदेश का स्वास्थ्य बजट 2,646 करोड़ रुपये था, जिसे वर्ष 2025-26 में बढ़ाकर 10,500 करोड़ रुपये कर दिया गया। इस प्रकार पिछले वर्षों में स्वास्थ्य बजट में लगभग 298 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री वीरवार को चंडीगढ़ में स्वास्थ्य क्षेत्र की अनुकरणीय पहलों पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। सम्मेलन में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह अवसर देश के सार्वजनिक स्वास्थ्य तंत्र के भविष्य को दिशा देने वाला एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। दो दिन तक इस क्षेत्र में देशभर में की जा रही श्रेष्ठ व अनुकरणीय पहलों को साझा किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह सम्मेलन देश के स्वास्थ्य क्षेत्र की श्रेष्ठ सेवाओं और नवाचारों को प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण मंच सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने मरीजों के परिजनों को प्रशिक्षित करने के लिए श्केयर कम्पैनियन प्रोग्रामश् चलाया है। इस प्रोग्राम के माध्यम से 188 केंद्रों में मरीजों के परिजनों को प्रशिक्षित किया है। उन्हें व्हाट्सएप-आधारित श्मोबाइल केयर सर्विसश् से भी जोड़ा है। डिजिटल हेल्थ (ई-संजीवनी) कार्यक्रम में आयुष्मान आरोग्य मंदिर अब प्रतिदिन 2,200 से अधिक टेली-परामर्श कर रहे हैं। वे ग्रामीण मरीजों को सीधे पी.जी.आई., चंडीगढ़ जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों से परामर्श दिलाते हैं। न्-ॅप्छ और मटप्छ जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म द्वारा टीकाकरण और वैक्सीन की सप्लाई चेन को पूरी तरह डिजिटल कर दिया है। इससे शत-प्रतिशत टीकाकरण कवरेज सुनिश्चित हो रही है।
हर जिले में मेडिकल कॉलेज का लक्ष्य, डठठै सीटें 700 से बढ़कर 2710
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में डॉक्टरों और स्टाफ की कमी को पूरा करने के लिए सरकार ने हर जिले में एक नया मेडिकल कॉलेज खोलने का संकल्प लिया। वर्ष 2014 में प्रदेश में केवल 6 मेडिकल कॉलेज थे। अब इनकी संख्या 17 हो चुकी है। एम.बी.बी.एस. की सीटें 700 से बढ़कर 2,710 हो गई हैं। इसी तरह, नर्सिंग, फिजियथैरेपी व पैरामेडिकल में शिक्षा का विस्तार किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने केवल स्वास्थ्य संस्थानों की संख्या ही नहीं बढ़ाई, बल्कि उनकी गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया है। राज्य के 1,479 स्वास्थ्य संस्थान राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानकों के अंतर्गत प्रमाणित हो चुके हैं। सरकार का लक्ष्य है कि हर नागरिक को विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उसके नजदीक ही उपलब्ध हों। इतना ही नहीं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी हरियाणा ने उल्लेखनीय प्रगति की है। प्रत्येक जिला अस्पताल में आधुनिक मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य विंग स्थापित करने का काम तेजी से हो रहा है। आज राज्य में संस्थागत प्रसव दर 98.80 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। इससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में भी उल्लेखनीय कमी आई है। इसी तरह प्रदेश में पूर्ण टीकाकरण दर 105 प्रतिशत हो चुकी है।
निरोगी हरियाणा’ के तहत 1 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग, 5.86 करोड़ मुफ्त टेस्ट
उन्होंने कहा कि निरोगी हरियाणाश् जैसी पहल के माध्यम से हर नागरिक के स्वास्थ्य की जांच सुनिश्चित की जा रही है। अब तक अंत्योदय परिवारों के लगभग 1 करोड़ नागरिकों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है और 5.86 करोड़ से अधिक लैब टेस्ट मुफ्त किए गए हैं। इससे बीमारियों का समय रहते पता लगाकर उनका उपचार संभव हो पाया है। प्रदेश में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 550 एम्बुलेंस का नेटवर्क स्थापित किया है। यह डायल-112 से जुड़ा हुआ है। किसी भी आपातकालीन स्थिति में फोन आते ही 9 से 10 मिनट में एंबुलेंस वहां पहुंच जाती है। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में सी.टी. स्कैन तथा एम.आर.आई. सेवाएं उपलब्ध करवाने का काम भी तेजी से किया जा रहा है। इस समय 18 जिला नागरिक अस्पतालों में सी.टी. स्कैन सेवाएं, 7 जिला नागरिक अस्पतालों में एम. आर.आई. सेवाएं दी जा रही हैं। प्रदेश के 22 नागरिक अस्पतालों में मुफ्त हेमो डायलिसिस सेवाएं भी उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त हेमो डायलिसिस सेवाएं 18 अन्य स्वास्थ्य संस्थाओं पर उपलब्ध करवाई जाएगी। इसी तरह, 4 केंद्रों में कैथ लैब और कार्डियक केयर यूनिट चल रही हैं। ये 6 अन्य स्वास्थ्य संस्थाओं में उपलब्ध करवाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि गरीब नागरिकों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत- जन-आरोग्य योजना के तहत प्रदेश में 3 लाख रुपये वार्षिक आय तक के परिवारों को शामिल करते हुए आयुष्मान-चिरायु योजना चलाई गई है। इससे प्रदेश की आधी से अधिक आबादी को अब 5 लाख रुपये सालाना तक मुफ्त इलाज मिल रहा है। जिला स्तर पर डे केयर कैंसर सेंटर स्थापित किए हैं। इनमें मरीजों को मुफ्त इलाज दिया जा रहा है। इसके अलावा, कैंसर के मरीजों को मुफ्त यात्रा सुविधा और आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही हैं।
बीमारी से पहले बचाव’पर जोर, योग और खेल संस्कृति को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल इलाज कर देना ही अच्छी स्वास्थ्य सेवा नहीं कही जा सकती। अच्छी स्वास्थ्य सेवा वह है, जिसमें व्यक्ति को बीमार ही न होने दिया जाए। इसके लिए स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञों को जन-जागरूकता अभियान में शामिल होना होगा। लोग स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होंगे तो बीमारियां कम होंगी। हरियाणा में इसके लिए गांव-गांव योग एवं व्यायामशालाएं खोलने और पूरे प्रदेश में खेल संस्कृति विकसित करने का काम किया है। उन्होंने आह्वान किया कि मिलकर एक ऐसे भारत का निर्माण करना हैं, जहां हर नागरिक स्वस्थ हो, हर परिवार सुरक्षित हो और हर राज्य प्रगति के पथ पर अग्रसर हो और स्वस्थ भारत, सशक्त भारत का संकल्प साकार हो। इस अवसर पर हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव, स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा सहित केंद्र सरकार के अलावा विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
हरियाणा ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की: आरती सिंह राव
राज्य में संस्थागत प्रसव 98.8ः तक पहुंचा
चंडीगढ़, 30 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि हरियाणा ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है। हरियाणा में संस्थागत प्रसव 98.8ः तक पहुंच गए हैं, जबकि मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर भी निरंतर घट रही है। स्वास्थ्य मंत्री आज चंडीगढ़ में नेशनल हेल्थ मिशन एवं स्वास्थ्य विभाग हरियाणा द्वारा ष्नवाचार और समावेशन दृ भारत के स्वास्थ्य-भविष्य को आकार देने वाली सर्वोत्तम प्रथाएँष् विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर सम्बोधित कर रही थी। इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा, मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, स्वास्थ्य वभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा व केंद्र सरकार के अलावा विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। आरती सिंह राव ने हरियाणा को एम्स जैसे बड़े अस्पताल उपलब्ध करवाने पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हरियाणा में भी मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रत्येक नागरिक को सुलभ, किफायती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। पिछले वर्षों में हमारी सरकार ने बुनियादी ढांचे, मानव संसाधन, चिकित्सा उपकरणों और आवश्यक दवाओं में निरंतर सुधार के माध्यम से अपने स्वास्थ्य तंत्र को मजबूत किया है। आज राज्य में जिला अस्पतालों, उप-मंडल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उप-स्वास्थ्य केंद्रों के व्यापक नेटवर्क के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में निवेश में भी उल्लेखनीय वृद्धि है, जो वर्ष 2014-15 में ₹2,646 करोड़ से बढ़कर 2026-27 में ₹14,000 करोड़ हो गया है। यह निवेश एक मजबूत और सुदृढ़ स्वास्थ्य प्रणाली के निर्माण के प्रति प्रदेश सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि गैर-संचारी रोगों के खिलाफ लड़ाई में राज्य सरकार ने बड़े स्तर पर स्क्रीनिंग कार्यक्रम लागू किए हैं, जिनके तहत एक करोड़ से अधिक लोगों की जांच की गई है। इनमें 10 लाख से अधिक उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) के मरीज और लगभग 6 लाख मधुमेह के मरीज समय पर उपचार प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि केयर कंपैनियन प्रोग्राम (ब्ब्च्) को राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम (छच्-छब्क्) के साथ जोड़ा गया है। राज्य में तृतीयक स्तर का कैंसर देखभाल संस्थान ‘अटल कैंसर केयर सेंटर (।ब्ब्ब्)’ अंबाला छावनी के उप-मंडल नागरिक अस्पताल में स्थापित किया गया है। जिला नागरिक अस्पतालों में कैंसर उपचार सुविधाओं को मजबूत करने के लिए सभी जिलों में डे-केयर कैंसर केंद्र (क्ब्ब्ब्) स्थापित किए गए हैं। आरती सिंह राव ने किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए टीकाकरण की शुरुआत करने पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार भी इस कार्यक्रम पर तेजी से काम कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में आपातकालीन और गंभीर देखभाल सेवाओं को भी सुदृढ़ किया जा रहा है। इनमें स्ट्रोक यूनिट, कार्डियक सेंटर और बेहतर आईसीयू सुविधाएं कई जिलों में शुरू की जा चुकी हैं। टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत लाखों व्यक्तियों की जांच की गई है और मरीजों को बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के लिए वित्तीय सहायता भी बढ़ाई गई है। उन्होंने बताया कि ‘निरोगी हरियाणा’ जैसी पहल के माध्यम से लगभग एक करोड़ लाभार्थियों की व्यापक स्वास्थ्य जांच की गई है, जिससे समय रहते रोगों का पता लगाकर उपचार संभव हो सका है। सरकार के प्रयासों से वेक्टर जनित रोगों पर नियंत्रण, टीकाकरण कवरेज में सुधार और त्वरित एंबुलेंस सेवाओं के माध्यम से आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को मजबूत करने में भी सकारात्मक परिणाम मिले हैं। आरती सिंह राव ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा केवल उपचार तक सीमित नहीं हैकृयह रोकथाम, जागरूकता और समानता से भी जुड़ी है। राज्य सरकार का उद्देश्य एक ऐसा स्वस्थ हरियाणा बनाना है, जहां हर नागरिक को, चाहे उसकी सामाजिक या आर्थिक स्थिति कुछ भी हो, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों।
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी पंचकूला में केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री जे. पी. नड्डा का स्वागत करते हुए
नशा मुक्त भारत का संकल्प अभियान के तहत व्याख्यान का आयोजन
इन्दिरा गांधी विश्वविद्यालय मीरपुर, रेवाड़ी के हिंदी विभाग में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत एक विशिष्ट व्याख्यान का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता डॉ. बीरेंद्र सिंह (नशा मुक्त भारत अभियान – नोडल अधिकारी, आईजीयू, मीरपुर) को विभागाध्यक्ष डॉ मंजु पुरी ने पौधा देकर स्वागत किया। भारतीय संस्कृति के अनुरूप छात्राओं ने मुख्य वक्ता को तिलक लगाकर अभिनंदन किया। मुख्य वक्ता डॉ. बीरेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में नैतिकता और चारित्रिक बल पर जोर देते हुए कहा कि- साहित्य और समाज का गहरा नाता है। युवा पीढ़ी हमारे देश की रीढ़ है, और यदि यह रीढ़ नशे की गिरफ्त में आ गई, तो राष्ट्र का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। नशा केवल शरीर को नहीं, बल्कि मनुष्य की संवेदनाओं और उसकी सोचने-समझने की शक्ति को भी मार देता है। हमें श्नशा मुक्त भारतश् के सपने को हकीकत में बदलने के लिए अपनी जड़ों और संस्कारों की ओर लौटना होगा। उन्होंने नशे के मनोवैज्ञानिक और सामाजिक पहलुओं के माध्यम से विस्तार से बताया कि नशा किस तरह व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और भविष्य को नष्ट कर देता है। श्नशा मुक्त भारतश् केवल एक सरकारी अभियान नहीं बल्कि एक जन आंदोलन बनना चाहिए। उन्होंने चार केस स्टडी के माध्यम से समझाते हुए कहा कि – नशा किसी समस्या का समाधान नहीं, बल्कि स्वयं में एक भयंकर समस्या है। आज का युवा क्षणिक आनंद के लिए नशे के जाल में फंस रहा है, जो अंततः उसे एकाकीपन और अवसाद की ओर धकेलता है। एक जागरूक नागरिक ही अपने परिवार और आस-पड़ोस को इस बुराई से बचा सकता है। यदि हम शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य के प्रति सजग रहेंगे, तभी एक सशक्त और समृद्ध भारत की कल्पना साकार हो सकेगी। कार्यक्रम का सफल संयोजन डॉ. शकुंतला द्वारा किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि इस अभियान को विश्वविद्यालय की दीवारों से बाहर निकालकर समाज के हर घर तक पहुंचाना हमारा कर्तव्य है। इस अवसर पर एकजुट होकर नशा मुक्त समाज बनाने पर बल देते हुए उपस्थित सभी प्राध्यापकों, विद्यार्थियों और शोधार्थियों नेश् ’स्वस्थ भारत – समृद्ध भारत- नशा मुक्त भारत’ श् के नारे के साथ शपथ ली। कार्यक्रम के अंत मे वैशाली (शोधार्थी हिंदी विभाग) द्वारा सभी का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर हिंदी विभाग के सभी प्राध्यापक, विद्यार्थी और शोधार्थी उपस्थित रहे।
हरियाणा में बड़े पैमाने पर विनियमन में ढील
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बढ़ाने के लिए ‘ओम्निबस बिल’ लाने की तैयारी
एकीकृत विधायी ढांचे में समाहित होंगे नियामकीय बदलाव
इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती के लिए 500 करोड़ का ‘सक्षम’ फंड प्रस्तावित
चंडीगढ़, 30 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा सरकार ने निवेश के मामले में प्रदेश को अग्रणी गंतव्य बनाने के मकसद से प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए विनियमन में ढील (डी-रेगुलेशन) देने का अभियान शुरू किया है। इसी कड़ी में प्रस्तावित सर्वग्राही विधेयक (ओम्निबस बिल) के माध्यम से राज्य सरकार द्वारा सुधारों को संस्थागत रूप देने की तैयारी है। कैबिनेट सचिवालय के विशेष सचिव श्री के.के. पाठक और हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में यहां हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में अनुपालन में कमी और डी-रेगुलेशन फेज-2 के अन्तर्गत हुए सुधारों की समीक्षा की गई। ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के लिए प्रस्तावित हरियाणा ओमनीबस बिल विभिन्न नियामकीय बदलावों को एकीकृत विधायी ढांचे में समाहित करेगा। इससे विभागों में एकरूपता सुनिश्चित होगी और लालफीताशाही को कम करने तथा शासन को सरल बनाने वाले सुधारों को दीर्घकालिक कानूनी आधार मिलेगा। बैठक में वरिष्ठ प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों ने 28 प्राथमिकता वाले सुधार क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा की। इन सुधारों का उद्देश्य अनुपालन बोझ को कम करना, स्वीकृति प्रक्रियाओं में तेजी लाना तथा व्यवसायों, संस्थानों और नागरिकों के लिए एक सुगम पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करना है। अधिकांश सुधार प्रस्ताव प्रस्तुत किए जा चुके हैं और कई लागू होने की प्रक्रिया में हैं, जो राज्य के सुधार एजेंडे में तेजी को दर्शाता है। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने सभी विभागों को लंबित प्रस्तावों को शीघ्र पूरा करने, एमआईएस पोर्टल पर कार्ययोजनाएं तुरंत अपलोड करने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सुधारों का जमीनी स्तर पर स्पष्ट और मापनीय प्रभाव दिखाई दे। उन्होंने कहा कि इन सुधारों की सफलता जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन और विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर निर्भर करेगी। सुधारों के प्रमुख क्षेत्रों में भूमि और निर्माण नियमों का सरलीकरण शामिल है। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के लगभग 70 प्रतिशत क्षेत्र में ‘चेंज ऑफ लैंड यूज’ (सीएलयू) की आवश्यकता नहीं है, जिससे निवेशकों और भूमि मालिकों को बड़ी राहत मिली है। शेष नियंत्रित क्षेत्रों में भी सीएलयू स्वीकृतियों को स्वचालित बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। यह प्रणाली औद्योगिक क्षेत्रों में पहले से लागू है और मार्च 2027 तक इसका अन्य श्रेणियों में भी विस्तार करने की योजना है। मांग आधारित भूमि उपयोग प्रणाली में गतिविधियों की अनुमति होगी जब तक कि वे विशेष रूप से प्रतिबंधित न हों। इससे नियामकीय बाधाओं में और कमी आएगी। निर्माण क्षेत्र में कब्जा प्रमाण पत्र के लिए आवश्यक अनुमोदनों को सरल बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। कई अनावश्यक एनओसी को हटाने का प्रस्ताव है, जिससे समय और लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी। हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन केन्द्र को एक सशक्त सिंगल-विंडो प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे सभी व्यावसायिक स्वीकृतियों के लिए एकीकृत प्रणाली उपलब्ध होगी। यह प्लेटफॉर्म विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर तेज निर्णय प्रक्रिया सुनिश्चित करेगा। लगभग 30 दिनों में स्वीकृति देने के लक्ष्य के साथ ‘सर्विस लेवल एग्रीमेंट’ लागू किए जा रहे हैं। साथ ही, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए डिजिटल डैशबोर्ड भी विकसित किया जा रहा है, जिससे स्वीकृति की समय-सीमा की निगरानी की जा सकेगी। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) राज्य सरकार के इस सुधार एजेंडे के केंद्र में हैं। नए सुधारों के तहत औद्योगिक प्लॉट के उप-विभाजन, पूर्व स्वीकृति के बिना व्यावसायिक गतिविधियों में बदलाव, संपत्तियों के हस्तांतरण या सब-लीज की प्रक्रिया को सरल बनाया जा रहा है। प्रस्तावित ‘हरियाणा राइट टू बिजनेस एक्ट’ के तहत उद्यमों को स्व-घोषणा के आधार पर कार्य शुरू करने की अनुमति होगी और शुरुआती चरण में निरीक्षणों में भी कमी की जाएगी। इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने के लिए 500 करोड़ रुपये का ‘सक्षम’ फंड प्रस्तावित है, जिससे पुराने औद्योगिक क्षेत्रों का उन्नयन किया जाएगा। इसके अलावा, अपशिष्ट उपचार और अग्नि सुरक्षा जैसी साझा सुविधाओं के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर भी कार्य किया जा रहा है। हरियाणा अब पारंपरिक और जटिल प्रावधानों के स्थान पर वैश्विक मानकों के अनुरूप जोखिम-आधारित आधुनिक अग्नि सुरक्षा नियम लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। औद्योगिक क्षेत्रों में साझा अग्नि सुरक्षा ढांचा विकसित करने से लागत कम होगी और सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। राज्य ने अनावश्यक लाइसेंस समाप्त करने में भी उल्लेखनीय प्रगति की है। नगर निगम कानूनों से ट्रेड लाइसेंस पहले ही हटाए जा चुके हैं और प्रस्तावित ओमनीबस बिल के तहत अन्य लाइसेंसों को भी सरल बनाने की योजना है, जिससे विनियामक ढांचे में दोहराव खत्म होगा। बैठक में लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री ए.के. सिंह, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डाॅ. अमित कुमार अग्रवाल, अग्निशमन सेवाएं विभाग के महानिदेशक श्री शेखर विद्यार्थी, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष श्री जे. गणेशन तथा उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक श्री यश गर्ग सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
नूंह जिला में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा पर है जोर: आरती सिंह राव
दादू गांव की पंचायती जमीन पर बनेगा सरकारी नर्सिंग कॉलेज
चंडीगढ़, 30 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि नूंह जिला में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा पर प्रदेश सरकार का पूरा जोर है। इस जिला के गांव दादू द्वारा सरकारी नर्सिंग कॉलेज स्थापित करने के लिए ऑफर की गई पंचायती जमीन प्रशासनिक कमेटी की रिपोर्ट में वाजिब पाई गई है। उन्होंने कहा कि दादू गांव में सरकारी नर्सिंग कॉलेज स्थापित करने वाला यह कदम नूंह क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं और नर्सिंग शिक्षा को मजबूत करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि सरकारी कमेटी की सिफारिश के अनुसार, गांव दादू की ग्राम पंचायत द्वारा उपलब्ध कराई गई भूमि को इस कॉलेज की स्थापना के लिए उपयुक्त माना गया है। यह स्थान नूंह जिले के तावडू ब्लॉक में स्थित है, जहां वर्तमान में नर्सिंग शिक्षा की भारी कमी है। उन्होंने बताया कि इस समय नूंह जिले में केवल एक नर्सिंग स्कूल संचालित है, जिसमें एएनएम (।नÛपसपंतल छनतेम डपकूपमि) की मात्र 13 सीटें हैं। इस सीमित क्षमता को देखते हुए इस क्षेत्र में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की भारी आवश्यकता है और इसके लिए नर्सिंग शिक्षा के विस्तार की जरूरत है। आरती सिंह राव ने बताया कि इस कॉलेज के बनने से नूंह की बड़ी आबादी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मियों से सीधे लाभान्वित होगी। नूंह हरियाणा के सबसे पिछड़े जिलों में से एक है, जहां स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और प्रशिक्षित चिकित्सा स्टाफ की उपलब्धता में कई चुनौतियां हैं। ऐसे में नर्सिंग कॉलेज की स्थापना इन समस्याओं को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने बताया कि इस जिले में पहले से ही स्थित शहीद हसन खान मेवाती गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज है , ऐसे में प्रस्तावित नर्सिंग कॉलेज को इस मेडिकल कॉलेज से जोड़ा जा सकता है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जा सकेगा और क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की इस पहल से नूंह जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिले कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई
कार्यकाल बढ़ाए जाने पर जताया मुख्यमंत्री का आभार-
हिसार, 30 अप्रैल, अभीतक: गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की और कुलपति के रूप में कार्यकाल बढ़ाए जाने पर मुख्यमंत्री का आभार जताया। कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के विकसित भारत और विकसित हरियाणा के महाअभियान में गुजविप्रौवि अग्रणी भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री के निर्देशों पर विश्वविद्यालय में शीघ्र ही और नई योजनाएं व कोर्स लागू किए जाएंगे। कुलपति ने कहा कि मुख्यमंत्री प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता को विश्वस्तरीय बनाना चाहते हैं। गुजविप्रौवि से इस दिशा में सकारात्मक तथा अग्रणी सहभागिता की अपेक्षा है। गुजविप्रौवि ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में नई ऊंचाइयों को छुआ है। कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कहा कि गुजविप्रौवि गुरु जम्भेश्वर जी महाराज के सिद्धांतों को सिरोधार्य कर समाज व राष्ट्र के हित में युवाओं को कौशलयुक्त व नैतिक नागरिक बनाने के लिए कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री के विजन के अनुसार गुजविप्रौवि द्वारा भारतीय ज्ञान परंपरा का आधुनिक विज्ञान व तकनीक के अनुसार विश्लेषण कर प्रचार व प्रसार किया जा रहा है। कुलपति ने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि वे अपने आगामी कार्यकाल के दौरान और अधिक लगन व निष्ठा से कार्य करेंगे। कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को विश्वविद्यालय की उपलब्धियों व आगामी पांच वर्षों की योजनाओं के रोडमेप को भी प्रस्तुत किया। कुलपति ने कहा कि यह रोड़मेप विकसित भारत/2047 के संकल्प को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। प्रो. नरसी राम बिश्नोई को कुलपति के रूप में कार्यकाल विस्तार होने से विश्वविद्यालय में खुशी का माहौल है। हितधारकों को कहना है कि कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने विश्वविद्यालय के विकास के लिए अनेक योजनाएं शुरू की हैं। कार्यकाल विस्तार होने से अब ये योजनाएं और बेहतर तरीके से लागू हो पाएंगी। विश्वविद्यालय परिवार ने कुलपति के कार्यकाल विस्तार का स्वागत करते हुए इसे संस्थान की निरंतर प्रगति और स्थिर नेतृत्व का प्रतीक बताया।