Haryana Abhitak News 29/04/26

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सोशल मीडिया के नकारात्मक प्रभावों पर छात्राओं को किया जागरूक
झज्जर, 29 अप्रैल, अभीतक: बिरोहड़ स्थित एच.डी. स्कूल में प्राचार्या नमिता दास ने कक्षा 11वीं व 12वीं की छात्राओं के लिए सोशल मीडिया के नकारात्मक प्रभावों पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को सोशल मीडिया के सही उपयोग के प्रति जागरूक करना तथा इसके दुष्प्रभावों से बचने के लिए प्रेरित करना था। इस अवसर पर विद्यालय निदेशक बलराज फौगाट ने कहा कि आज के समय में सोशल मीडिया जहां एक ओर ज्ञान और जानकारी का अच्छा माध्यम है, वहीं इसका गलत उपयोग मानसिक तनाव, समय की बर्बादी और गलत आदतों को बढ़ावा दे सकता है। उन्होंने छात्राओं को संतुलित और जिम्मेदार तरीके से सोशल मीडिया का उपयोग करने की सलाह दी। विद्यालय की प्राचार्या नमिता दास ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक जानकारी, साइबर बुलिंग और निजी जानकारी के दुरुपयोग से बचना बेहद जरूरी है। उन्होंने छात्राओं को अपनी पढ़ाई और भविष्य पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया। कहा कि सोशल मीडिया का अधिक उपयोग विद्यार्थियों की एकाग्रता को प्रभावित करता है। उन्होंने छात्राओं को समय प्रबंधन अपनाने और सकारात्मक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को सोशल मीडिया के सुरक्षित और सकारात्मक उपयोग के विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। अंत में सभी छात्राओं ने सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने का संकल्प लिया।

पीएचसी पाटौदा में मनाया गया टीकाकरण सप्ताह, छात्राओं ने लिया एचपीवी वैक्सीनेशन का लाइव अनुभव
झज्जर, 29 अप्रैल, अभीतक: संस्कारम कॉलेज ऑफ नर्सिंग, खातीवास के चेयरमैन डॉ. महिपाल यादव के मार्गदर्शन में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (च्भ्ब्) पाटौदा में टीकाकरण सप्ताह का सफल आयोजन किया गया। उन्होंने इस प्रकार के सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों को विद्यार्थियों के लिए उपयोगी बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त होता है तथा समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ती है। खातीवास स्थित संस्कारम कॉलेज ऑफ नर्सिंग की छात्राओं द्वारा इस कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी करते हुए विभिन्न स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियाँ प्रस्तुत की गईं। कार्यक्रम का क्रम स्पीच से शुरू हुआ, जिसमें टीकाकरण के महत्व, समय पर वैक्सीन लगवाने तथा बीमारियों की रोकथाम के बारे में जानकारी दी गई। इसके बाद रोल प्ले (त्वसम च्संल) के माध्यम से टीकाकरण से जुड़ी वास्तविक स्थिति को प्रस्तुत किया गया, जिससे बच्चों और उपस्थित लोगों को समझने में आसानी हुई। इसके पश्चात पॉलिसीज एंड स्कीम्स (च्वसपबपमे ंदक ैबीमउमे) पर प्रस्तुति दी गई, जिसमें सरकार द्वारा चलाए जा रहे टीकाकरण कार्यक्रमों और योजनाओं की जानकारी दी गई। अंत में मिथक और तथ्य (डलजीे ंदक थ्ंबजे) के माध्यम से टीकाकरण से जुड़े भ्रमों को दूर करते हुए सही जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को एचपीवी वैक्सीनेशन का लाइव एक्सपोजर भी दिया गया। इस प्रक्रिया को पीएचसी पाटौदा के इंचार्ज डॉ. पवन यादव एवं डेंटिस्ट डॉ. पूजा के मार्गदर्शन में सम्पन्न किया गया। डॉ. पवन यादव ने बच्चों को टीकाकरण के महत्व, समय पर वैक्सीन लगवाने की आवश्यकता तथा इससे होने वाली बीमारियों की रोकथाम के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वहीं डेंटिस्ट डॉ. पूजा ने बच्चों को ओरल हाइजीन के बारे में बताया तथा दांतों की सही सफाई, दिन में दो बार ब्रश करने और मीठे पदार्थों के अधिक सेवन से बचने की सलाह दी। इस अवसर पर नर्सिंग स्टाफ एवं एएनएम कार्यकर्ताओं ने भी छात्राओं को टीकाकरण की व्यावहारिक प्रक्रिया, रिकॉर्ड मेंटेनेंस तथा लाभार्थियों से संवाद के तरीकों के बारे में नई जानकारियाँ दीं। छात्राओं ने बताया कि इस कार्यक्रम से उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं, एचपीवी वैक्सीनेशन तथा ओरल हेल्थ एजुकेशन के बारे में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ। संस्कारम कॉलेज ऑफ नर्सिंग के प्रिंसिपल श्री रविंद्र व्यास ने पीएचसी पाटौदा के इंचार्ज डॉ. पवन यादव एवं उनकी टीम का तहे दिल से धन्यवाद किया। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि इस प्रकार के स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम भविष्य में भी आयोजित किए जाते रहेंगे, जिससे छात्रों को अधिक से अधिक व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हो सके और समाज में जागरूकता बढ़ाई जा सके। कार्यक्रम के अंत में सभी ने नियमित टीकाकरण को बढ़ावा देने और समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।

संस्कारम पब्लिक स्कूल में हिंदी हस्तलेखन प्रतियोगिता का शानदार आयोजन
झज्जर, 29 अप्रैल, अभीतक: संस्कारम पब्लिक स्कूल, खातीवास में विद्यार्थियों के भाषाई कौशल और कलात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा देने के लिए श्हिंदी हस्तलेखन प्रतियोगिताश् का भव्य आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य छात्रों में सुंदर और स्पष्ट लेखन की आदत विकसित करना, हिंदी वर्णमाला की शुद्धता के प्रति उन्हें जागरूक करना और डिजिटल युग में कलम की कला के महत्व को समझाना था। प्रतियोगिता के दौरान विद्यालय के छात्रों ने अत्यंत उत्साह के साथ भाग लिया और अपनी लेखनी से सफेद कागजों पर हिंदी के शब्दों को मोतियों की तरह पिरोया। प्रतियोगिता के परिणामों की घोषणा करते हुए विद्यालय प्रशासन ने बताया कि कक्षा छठी में प्रांजल ने प्रथम, नक्ष ने द्वितीय और ध्रुवी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसी प्रकार कक्षा सातवीं में भावना ने अपनी सुंदर लिखावट के दम पर प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि मानवी दूसरे और रजत तीसरे स्थान पर रहे। कक्षा आठवीं के कड़े मुकाबले में छवि ने बाजी मारते हुए पहला स्थान प्राप्त किया, वहीं वंशिका ने द्वितीय और गैदिशा ने तृतीय स्थान पाकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। सभी प्रतिभागियों ने प्रतियोगिता के कड़े नियमों और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखते हुए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।इस अवसर पर संस्था के चेयरमैन डॉ. महिपाल ने सभी विजेता विद्यार्थियों को उनकी इस शानदार उपलब्धि पर बधाई दी और अपना आशीर्वाद प्रदान किया। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि एक अच्छी लिखावट विद्यार्थी के व्यक्तित्व का दर्पण होती है और यह न केवल परीक्षाओं में अच्छे अंक दिलाने में सहायक है, बल्कि एकाग्रता और धैर्य का भी विकास करती है। डॉ. महिपाल ने बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए शिक्षकों की भी सराहना की जिन्होंने बच्चों को इस कला में निपुण बनाने के लिए निरंतर मार्गदर्शन दिया।

जनगणना-2027 के सफल संचालन हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन
बहादुरगढ़, 29 अप्रैल, अभीतक: भारत की जनगणना-2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बहादुरगढ़ में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह प्रशिक्षण 27 अप्रैल से प्रारंभ हुआ था, जिसमें संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान असिस्टेंट प्रोफेसर मोहित कुमार एवं अरुण कुमार द्वारा प्रतिभागियों को मकान सूचीकरण एवं जनगणना कार्य से जुड़ी विभिन्न प्रक्रियाओं एवं तकनीकी पहलुओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को गणना कार्य की बारीकियों से अवगत कराते हुए निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य करने तथा अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण जिम्मेदारी, निष्पक्षता एवं सावधानी के साथ करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि जनगणना एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जिसके माध्यम से देश की जनसंख्या से संबंधित सटीक आंकड़े प्राप्त होते हैं। इन आंकड़ों के आधार पर विभिन्न विकास योजनाओं का निर्माण एवं क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रशिक्षण के उपरांत सभी कार्मिक फील्ड में बेहतर ढंग से कार्य करते हुए जनगणना-2027 को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

मनीष फौगाट, सीईओ जिला परिषद झज्जर।

समयबद्ध प्रशिक्षण से सर्वेक्षण कार्य को मिलेगा गति : सीईओ
ज्ञान भारतम मिशन के अंतर्गत पांडुलिपि सर्वेक्षण हेतु दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आज से

झज्जर, 29 अप्रैल, अभीतक: जिला में डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल के मार्गदर्शन में ज्ञान भारतम मिशन के तहत उपलब्ध पांडुलिपियों के सर्वेक्षण कार्य को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम 30 अप्रैल से शुरू होकर 1 मई तक चलेगा। यह जानकारी जिला परिषद के सीईओ मनीष फोगाट ने बुधवार को यहां दी। उन्होंने बताया कि यह प्रशिक्षण निर्धारित तिथियों एवं समयानुसार आयोजित होगा। इस अभियान के अंतर्गत लाइब्रेरी, धार्मिक स्थल, ट्रस्ट, निजी स्वामित्व तथा गुरुकुलों में उपलब्ध पांडुलिपियों का सर्वेक्षण मोबाइल एप के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए नियुक्त कर्मचारियों को तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रशिक्षण संवाद भवन में 30 अप्रैल से आरंभ होगा, जिसमें प्रातः 11 बजे से झज्जर एवं बेरी ब्लॉक, इसी दिन दोपहर बाद दो बजे बादली, माछरौली एवं बहादुरगढ़ ब्लॉक के लिए नियुक्त कर्मचारियों को मास्टर ट्रेनर्स द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं इसी दिन 11 बजे राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, मातनहेल में मातनहेल एवं साल्हावास ब्लॉक के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित होगा। उन्होंने आगे बताया कि संवाद भवन में 1 मई को नगर परिषद झज्जर व बहादुरगढ़ तथा नगरपालिका बेरी क्षेत्र के लिए कर्मचारियों को सघन प्रशिक्षण दिया जाएगा। सीईओ मनीष फोगाट ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र के कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम सर्वेक्षण कार्य की गुणवत्ता एवं गति को बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा। साथ ही संबंधित विभागों को प्रशिक्षण के दौरान ऑडियो-वीडियो, इंटरनेट, लैपटॉप एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि कार्यक्रम सुचारु रूप से संचालित हो सके। उन्होंने सभी कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे इस प्रशिक्षण को गंभीरता से लेते हुए जिले में पांडुलिपि सर्वेक्षण कार्य को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

स्वप्निल रविन्द्र पाटिल, डीसी झज्जर।

स्वयं जनगणना का आज (30 अप्रैल) अंतिम दिन, 1 मई से शुरू होगा हाउस लिस्टिंग व जनगणना कार्य: डीसी
डीसी एवं प्रधान जनगणना अधिकारी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने किया आह्वान

झज्जर, 29 अप्रैल, अभीतक: डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने जिले के समस्त नागरिकों से आह्वान किया है कि स्वयं जनगणना का आज गुरुवार 30 अप्रैल को अंतिम दिन है। उन्होंने सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ साथ आम जन से आह्वान किया कि वे बढ़-चढ़कर इस प्रक्रिया में भाग लें और अपनी जनगणना सुनिश्चित करें, ताकि जिले की अधिकतम भागीदारी दर्ज हो सके। डीसी ने बताया कि झज्जर सहित हरियाणा प्रदेश में अब तक 2 लाख 45 हजार से अधिक परिवार स्वयं जनगणना कर एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर चुके हैं, जो आमजन की जागरूकता और सक्रिय सहभागिता को दर्शाता है। विशेष रूप से युवाओं में इस अभियान को लेकर उत्साह सराहनीय रहा है। उन्होंने कहा कि स्वयं जनगणना की प्रक्रिया अत्यंत सरल एवं सुगम है, जिसे मात्र 5 से 7 मिनट में ेम.बमदेने.हवअ.पद पोर्टल पर जाकर पूरा किया जा सकता है। डीसी ने जानकारी देते हुए बताया कि 1 मई से जिले में वास्तविक हाउस लिस्टिंग एवं जनगणना कार्य प्रारंभ हो जाएगा। इस दौरान नियुक्त प्रगणक (म्दनउमतंजवते) एवं पर्यवेक्षक (ैनचमतअपेवते) घर-घर जाकर जानकारी एकत्रित करेंगे। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे इन कर्मियों का पूरा सहयोग करें और सही, सटीक एवं अद्यतन जानकारी उपलब्ध करवाएं। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान दी गई सभी सूचनाएं पूर्णतः गोपनीय रखी जाती हैं और किसी भी व्यक्ति या संस्था के साथ साझा नहीं की जातीं। उन्होंने कहा कि जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व है, जिसके माध्यम से देश की विकास योजनाओं, नीतियों के निर्माण एवं संसाधनों के न्यायसंगत वितरण में नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित होती है। उन्होंने यह भी अवगत कराया कि जनगणना कर्मियों को जानकारी देने से इंकार करना या सहयोग न करना जनगणना अधिनियम के अंतर्गत दंडनीय अपराध है। डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने जिला झज्जर के सभी नागरिकों से अपील की कि वे इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएं और अपनी जनगणना अवश्य करवाएं। उन्होंने जिले के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि जनगणना कार्य के लिए व्यापक एवं सुव्यवस्थित तैयारियां सुनिश्चित की गई हैं। प्रगणक एवं पर्यवेक्षक इस प्रक्रिया के प्रमुख स्तंभ हैं और उनसे अपेक्षा की जाती है कि वे पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी एवं समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने बताया कि यदि किसी नागरिक, प्रगणक या पर्यवेक्षक को किसी प्रकार की समस्या आती है, तो वे अपने संबंधित पर्यवेक्षक या तहसीलदार से संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, जनगणना विभाग द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर 1855 पर भी अपनी शिकायत या समस्या दर्ज करवाई जा सकती है, जिस पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

खरीदे गए गेहूं का उठान और भंडारण बेहद जरूरी: डीसी
जिलाभर की मंडियों में अब तक एक लाख 91 हजार 393 मीट्रिक टन से अधिक खरीद व एक लाख 35 हजार 815 मीट्रिक टन गेहूं का हो चुका उठान

झज्जर, 29 अप्रैल, अभीतक: जिले की अनाज मंडियों में चल रही गेहूं खरीद प्रक्रिया को लेकर डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने कहा कि खरीदे गए गेहूं का उठान और भंडारण कार्य में किसी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी,सम्बंधित खरीद एजेंसियों के अधिकारी उपज का नियमानुसार उठान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि फसल की खरीद के साथ-साथ उसका समय पर उठान और वैज्ञानिक भंडारण सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी स्तर पर अव्यवस्था उत्पन्न न हो और किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। डीसी ने बताया कि जिला की मंडियों और खरीद केंद्रों में अब तक दो लाख 34 हजार 375 मीट्रिक टन गेहूं की आवक दर्ज, जबकि एक लाख 91 हजार 393 मीट्रिक टन से अधिक की खरीद व एक लाख 35 हजार 815 मीट्रिक टन गेहूं का उठान हो चुका है। उन्होंने बताया कि झज्जर अनाज मंडी में 64 हजार 600 मीट्रिक टन, बादली में 16 हजार 844 मीट्रिक टन, ढाकला में 14 हजार 982 मीट्रिक टन, बेरी में 50 हजार 879 मीट्रिक टन, मातनहेल में 35 हजार 869 मीट्रिक टन, माजरा डी खरीद केंद्र पर 21 हजार 396 मीट्रिक टन, छारा में 14 हजार 980 मीट्रिक टन, बहादुरगढ़ में 1 हजार 881 मीट्रिक टन तथा आसौदा में 12 हजार 944 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई है। इसी प्रकार खरीद के आंकड़ों के अनुसार झज्जर मंडी में 47 हजार 462 मीट्रिक टन, बादली में 14 हजार 854 मीट्रिक टन, ढाकला में 13 हजार 69 मीट्रिक टन, बेरी में 39 हजार 572 मीट्रिक टन, मातनहेल में 31 हजार 304 मीट्रिक टन, माजरा डी में 19 हजार 988 मीट्रिक टन, छारा में दस हजार 966 मीट्रिक टन, बहादुरगढ़ में 1 हजार 887 मीट्रिक टन तथा आसौदा में 12 हजार 291 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि झज्जर मंडी में 39 हजार 297 मीट्रिक टन, बादली में सात हजार 650 मीट्रिक टन, ढाकला में छरू हजार 995 मीट्रिक टन, बेरी में 24 हजार 888 मीट्रिक टन, मातनहेल में 27 हजार 411 मीट्रिक टन, माजरा डी में 14 हजार 826 मीट्रिक टन, छारा में पांच हजार 693 मीट्रिक टन, बहादुरगढ़ में 1 हजार 421 मीट्रिक टन तथा आसौदा में सात हजार 635 मीट्रिक टन गेहूं का उठान किया जा चुका है। उन्होंने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, हैफेड तथा हरियाणा राज्य भंडारण निगम सहित सभी संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए कि वे खरीद के साथ-साथ उठान की प्रक्रिया भी निर्धारित समय सीमा में सुनिश्चित करें। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि पीक सीजन के दौरान भंडारण और लिफ्टिंग व्यवस्था में किसी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए।

उपभोक्ता कष्ट निवारण फोरम की बैठक 30 अप्रैल को
झज्जर, 29 अप्रैल, अभीतक: जिला के उपभोक्ताओं की बिजली एवं बिल संबंधी समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु उपभोक्ता कष्ट निवारण फोरम की बैठक 30 अप्रैल (वीरवार) को आयोजित की जाएगी। बैठक सुबह 11 बजे से सायं 4 बजे तक बिजली उपभोक्ता कष्ट निवारण फोरम, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम झज्जर कार्यालय में संपन्न होगी। प्रवक्ता ने बताया कि बैठक की अध्यक्षता पंचकूला उपभोक्ता कष्ट निवारण फोरम के चेयरमैन द्वारा की जाएगी। इस दौरान उपभोक्ताओं की बिजली एवं बिल से संबंधित सभी शिकायतें मौके पर ही सुनी जाएंगी और यथासंभव वहीं समाधान किया जाएगा। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस समाधानात्मक प्रक्रिया का लाभ उठाएं।

देश को टीबी मुक्त बनाने के लिए आमजन की हो सक्रिय भागीदारी: डॉ निधि
संस्कारम यूनिवर्सिटी में टीबी जागरूकता अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

झज्जर, 29 अप्रैल, अभीतक: जिला स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में संस्कारम यूनिवर्सिटी में ‘टीबी जागरूकता अभियान’ के अंतर्गत विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता यूनिवर्सिटी के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. सुशीन महापात्रा ने की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप सिविल सर्जन डॉ. निधि मोमिया ने ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि देश को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सभी स्वास्थ्य संस्थानों, शैक्षणिक संस्थाओं एवं आमजन की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अभियान की वर्तमान प्रगति साझा करते हुए युवाओं की भूमिका को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया। इस अवसर पर नागरिक अस्पताल झज्जर की चेस्ट एवं टीबी विशेषज्ञ डॉ. हिमानी ने टीबी रोग के वैज्ञानिक पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि टीबी के लक्षणों की समय पर पहचान, नियमित जांच और उपचार की निरंतरता ही इस बीमारी पर नियंत्रण का सबसे प्रभावी माध्यम है। साथ ही उन्होंने खांसी-छींक के दौरान स्वच्छता बनाए रखने, पौष्टिक आहार लेने और चिकित्सकीय परामर्श का पालन करने पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान जिला कार्यक्रम समन्वयक (क्च्ब्) शमशेर द्वारा उपस्थित प्रतिभागियों को ‘टीबी मुक्त भारत’ की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर वर्ल्ड हेल्थ पार्टनर की ओर से डीपीसी भूपेंद्र भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में वक्ताओं ने संयुक्त रूप से कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक टीबी के प्रति जागरूकता पहुँचाना है, ताकि सामूहिक प्रयासों से भारत को टीबी मुक्त बनाया जा सके।

झज्जर में Pediatric TB प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन, बच्चों में टीबी की पहचान और उपचार पर दिया गया विशेष जोर’
झज्जर, 29 अप्रैल, अभीतक: सिविल सर्जन डॉ. मंजू कादयान के मार्गदर्शन में आज झज्जर जिले में World Health Partners की ओर से एक महत्वपूर्ण Pediatric TB (बाल क्षय रोग) प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य स्वास्थ्य कर्मियों को बच्चों में टीबी की समय पर पहचान, जांच एवं उपचार के लिए सशक्त बनाना रहा। कार्यक्रम में जिला क्षय रोग अधिकारी (क्ज्व्) डॉ. निधि मोमिया एवं कंसल्टेंट कृतिका के निर्देशन में छज्म्च् स्टाफ, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर के मेडिकल ऑफिसर, स्टाफ नर्स तथा अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण सत्र का संचालन पेडियाट्रिशियन डॉ. महिपाल आर्य द्वारा किया गया। उन्होंने बच्चों में ट्यूबरकुलोसिस (ज्ठ) के लक्षणों की पहचान, जांच प्रक्रिया एवं उपचार के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान 2 वर्ष के बच्चे का गैस्ट्रिक लैवेज का लाइव डेमो भी प्रस्तुत किया गया, जिससे प्रतिभागियों को छोटे बच्चों में सैंपल संग्रहण की सही तकनीक को समझने का अवसर मिला। विशेषज्ञों ने बताया कि बच्चों में टीबी की पहचान अक्सर चुनौतीपूर्ण होती है, इसलिए समय पर जांच और सही उपचार बेहद आवश्यक है। प्रशिक्षण में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि प्रारंभिक स्तर पर पहचान कर उचित उपचार देने से टीबी को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है। इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में ॅवतसक भ्मंसजी च्ंतजदमते के डिस्ट्रिक्ट प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर भूपेंद्र का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिनके समन्वय से यह प्रशिक्षण प्रभावी रूप से संपन्न हुआ। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से जिले में पेडियाट्रिक टीबी के बेहतर प्रबंधन और उन्मूलन की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

नशा मुक्त झज्जर की पुलिस टीम न लोगों को नशे के दुष्प्रभाव, साइबर अपराध और डायल 112 के बारे में किया जागरूक’
झज्जर, 29 अप्रैल, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉक्टर राजश्री सिंह के कुशल नेतृत्व में कार्यवाही करते हुए झज्जर पुलिस नशे का अवैध धंधा करने वालों पर लगातार कार्रवाई कर रही है। इसके साथ ही पुलिस कमिश्नर डॉक्टर राजश्री सिंह के नेतृत्व में झज्जर पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार आमजन को नशे के बारे में जागरूक कर रही है पुलिस कमिश्नर का मानना है कि जागरूकता के अभाव में भी लोग नशे की लत में पड रहे हैं। नशा मौत व विनास का दूसरा रूप है, इसलिए इससे दूर रहें। नशा मुक्ति टीम की मुख्य सिपाही सपना ने बेरी में वार्ड नंबर 10 में रूबरू होते हुए उन्हें नशे के दुष्प्रभाव, साइबर अपराध और डायल 112 के बारे में जागरूकता करते हुए वार्ड वासियों को बताया कि आज साइबर अपराध बढ़ रहा हैं।इस बारे में जागरूक रहें। किसी के बहकावे में आ कर किसी अनजान व्यक्ति को ओटीपी न बताएं और ना ही उनके द्वारा भेजे गए किसी लिंक को ओपन करें।उन्होंने ग्रामीणों को जागरूक करते हुए कहा कि पुलिस की प्राथमिकता इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए तथा आम जनता में सुरक्षा की भावना पैदा करना है। नशा मुक्ति टीम ने वार्ड वासियों में किसी प्रकार की गुटबाजी से दूर रहें, उन्होंने कहा कि समाज के सहयोग से ही हम जिले को नशा और अपराध मुक्त बना सकते।नशे का व्यापार, नशा बेचने वाले, अवैध रूप से बेच रहे शराब या किसी भी प्रकार का नशा बेचने वाले के बारे मे पता चले तो आप तुरंत पुलिस को सूचित करें, सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम गुप्त रखा जाएगा। इसके अतिरिक्त आमजन मानस हेल्पलाइन नंबर 1930, डायल 112 कन्ट्रोल रूम पर भी नशे के संबंध में सूचना साझा कर सकते। नशा बेचने वाले के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की प्राथमिकता इलाके में शांति का माहौल बना कर आम जनता मे सुरक्षा की भावना पैदा करना है। कोई भी अपराधी कानून के शिकंजे से बचना नहीं चाहिए। इसी सोच के साथ झज्जर पुलिस लगातार अपना कार्य कर रही है। झज्जर पुलिस की आमजन से भी अपील है कि एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते आप भी जिला पुलिस का सहयोग करें।

खेत से डीजल इंजन चोरी करने के मामले में चार आरोपी गिरफ्तार, आरोपियों से चोरी किया गया इंजन और वारदात में प्रयोग गाड़ी बरामद
झज्जर, 29 अप्रैल, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉ राजश्री सिंह के दिशा निर्देशन में कार्रवाई करते हुए थाना बेरी की पुलिस टीम ने खेत से डीजल इंजन चोरी करने के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की गई। मामले की जानकारी देते हुए थाना प्रबंधक बेरी उप निरीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि महिपाल निवासी बेरी जिला झज्जर ने शिकायत देते हुए बताया कि हमारी जमीन गांव मांगावास के एरिया में आती है। खेत में पानी देने के लिए एक डीजल इंजन वहां पर लगा रखा है। खेत से घर आया तो इंजन वहीं पर था। सुबह जाकर देखा तो इंजन वहां पर नहीं मिला। जिसको नाम पता ना मालूम व्यक्तियों द्वारा चोरी करके ले गए। जिस शिकायत पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ थाना बेरी में आपराधिक मामला दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि जिला में शांति व्यवस्था बनाए रखना तथा वांछित आरोपियों को पकड़ने के संबंध में पुलिस कमिश्नर डॉ राजश्री सिंह द्वारा कड़े दिशा निर्देश दिए गए थे। पुलिस कमिश्नर के दिशा निर्देशों की पालना करते हुए थाना में तैनात मुख्य सिपाही अनूप कुमार की पुलिस टीम ने उपरोक्त मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान साहिल निवासी मांगावास जिला झज्जर, मनीष निवासी गोच्छी जिला झज्जर, कृष और रविन्द्र दोनों निवासी माजरा डी जिला झज्जर के तौर पर की गई। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए अदालत झज्जर में पेश किया गया। माननीय अदालत के आदेश अनुसार साहिल व मनीष को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया और कृष व रविंद्र को पूछताछ के लिए एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से चोरी किया गया डीजल इंजन और वारदात में प्रयोग की गई गाड़ी बरामद की गई। पुलिस रिमांड के पश्चात दोनों आरोपियों को अदालत झज्जर में पेश करके न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

सीआईए-2 बहादुरगढ़ की कार्रवाईरू 19.84 ग्राम हेरोइन सहित दो आरोपी गिरफ्तार’
बहादुरगढ़, 29 अप्रैल, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के कुशल नेतृत्व में झज्जर पुलिस द्वारा नशा तस्करों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में सीआईए-2 बहादुरगढ़ की टीम ने दो आरोपियों को मादक पदार्थ हेरोइन के साथ काबू करने में सफलता हासिल की है।मामले की जानकारी देते हुए सीआईए-2 बहादुरगढ़ प्रभारी निरीक्षक अमित ने बताया कि टीम थाना आसौदा क्षेत्र में गश्त पर मौजूद थी। इसी दौरान गुप्त सूचना मिली कि प्रदीप और चंचल नामक व्यक्ति मादक पदार्थ बेचने का अवैध धंधा करते हैं और केएमपी पुल के नीचे बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल के साथ खड़े हैं।सूचना के आधार पर सहायक उप निरीक्षक संदीप कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए मौके पर दबिश दी और दोनों संदिग्धों को मोटरसाइकिल सहित काबू कर लिया। तलाशी से पहले नियमानुसार राजपत्रित अधिकारी को मौके पर बुलाया गया और उनकी मौजूदगी में कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोपियों की तलाशी ली गई।तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से 19.84 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। पकड़े गए आरोपियों की पहचान प्रदीप और चंचल निवासी गांव बरोणा, जिला सोनीपत के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना आसौदा में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपियों को अदालत बहादुरगढ़ में पेश किया गया, जहां से उन्हें आगे की पूछताछ के लिए 2 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

आईटी सक्षम युवा योजना बंद करके बीजेपी सरकार युवाओं के साथ कर रही है धोखा: अभय सिंह चैटाला
इस योजना के बंद किए जाने के बाद भविष्य में रोजगार की संभावना भी पूरी तरह से खत्म हो गई है

चंडीगढ़, 29 अप्रैल, अभीतक: इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चैधरी अभय सिंह चैटाला ने कहा कि बीजेपी चुनावों से पहले जनता के वोट लेने के लिए झूठे वादे करती है और चुनाव जीत जाने के बाद की गई घोषणाओं को पूरी तरह से बंद कर देती है। इसका ताजा उदाहरण सामने आ गया है। बीजेपी ने 2024 के विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले बजट में प्रदेश के युवाओं को रोजगार देने के लिए आईटी सक्षम युवा योजना लागू करने की घोषणा की थी। इस योजना के तहत 60 हजार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार उपलब्ध कराना था। 2024 विधानसभा चुनाव के दो महीने पहले कैबिनेट की बैठक में इस योजना को मंजूरी भी दे दी गई थी और इस योजना के लिए 40 करोड़ रुपए का बजट भी निर्धारित कर दिया था। सत्ता हासिल करने के मात्र 21 महीने बाद बीजेपी सरकार ने अब यह योजना बंद कर दी है। प्रदेश के युवाओं का दुर्भाग्य है कि उन्होंने अपने कीमती वोट देकर बीजेपी की सरकार बनवाई। परंतु अब प्रदेश का युवा अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। हरियाणा प्रदेश का युवा पहले से ही बेरोजगारी की मार झेल रहा है। अब इस योजना के बंद किए जाने के बाद भविष्य में रोजगार की संभावना भी पूरी तरह से खत्म हो गई है। रोजगार न मिलने के कारण प्रदेश का युवा नशे की गर्त में जा रहा है। स्थिति और भी भयावह बन रही है जब नशे की लत के कारण युवा अपराध की दुनिया में जा रहे हैं।

बूटकैंप में देशभर से आए 200 प्रतिभागी, सीखे नवाचार व उद्यमशीलता के गुर
हजारों छात्रों को जोड़ते हुए आगे बढ़ रहा अभियान

गुरुग्राम, 29 अप्रैल, अभीतक: ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) द्वारा, शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल (एमआईसी) के माध्यम से संचालित इनोवेशन, डिजाइन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (आईडीई) बूटकैंप का सफलतापूर्वक आयोजन श्री गुरु गोबिंद सिंह ट्राईसेंटेनरी (एसजीटी) यूनिवर्सिटी, गुरुग्राम में हुआ। यह यूनिवर्सिटी इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम के तृतीय संस्करण के फेज-प्प् के लिए नामित नोडल सेंटरों में से एक है। इस पांच दिवसीय बूटकैंप में देशभर से 200 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिन्होंने 39 टीमों के रूप में हिस्सा लेकर नवाचार, सहयोग और उद्यमशीलता सीखने का एक सशक्त वातावरण तैयार किया। आईडीई बूटकैंप का आयोजन देशभर में 30 स्थानों पर तीन चरणों में किया जा रहा है। फेज-प् के सफल समापन के बाद यह कार्यक्रम हजारों छात्रों को जोड़ते हुए आगे बढ़ रहा है, जिसमें स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन (एसआईएच), संस्थान की इनोवेशन काउंसिल (आईआईसी) और विभिन्न नवोन्मेषी विचारों व प्रोटोटाइप पर कार्य कर रहे युवा शामिल हैं। एसजीटी यूनिवर्सिटी में उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि भारतीय आर्थिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी सतीश कुमार रहे, जिनकी उपस्थिति ने बूटकैंप को प्रेरणादायक शुरुआत प्रदान की। बूटकैंप के दौरान प्रतिभागियों को डिजाइन थिंकिंग, समस्या पहचान, कस्टमर डिस्कवरी, वैल्यू प्रपोजिशन, लीन कैनवास, प्रोडक्ट डिजाइन, फाइनेंशियल प्लानिंग और पिच डेवलपमेंट जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर संरचित एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों ने हैंड्स-ऑन सेशंस, समूह गतिविधियों और विशेषज्ञों के साथ संवाद के माध्यम से अपने विचारों को व्यावहारिक समाधान में परिवर्तित किया। बूटकैंप का एक प्रमुख आकर्षण “उद्यमिता परिदृश्य में मार्गदर्शनरू सफल स्टार्टअप निर्माण की रणनीतियां और चुनौतियां” विषय पर आयोजित पैनल चर्चा रही। इसमें दीपांशी गुप्ता (सीनियर एसोसिएट, इन्फ्लेक्शन पॉइंट वेंचर्स), यामिनी सिंह, ध्रुव राणा, दृष्टि दादू (संस्थापक, कुजा केयर), अंकित अहलावत (संस्थापक, हर्बचिक एफ एंड बी प्राइवेट लिमिटेड), आशीष तोिवारी (को-फाउंडर एवं सीपीओ, लेजरविजन एआई इंक.), प्रणव पुलियानी (चार्टर्ड अकाउंटेंट, एसएस कोठारी मेहता एंड कंपनी), फराज मूसा और युक्ति भारद्वाज जैसे उद्योग विशेषज्ञ शामिल रहे। कार्यक्रम के अंतर्गत एक इनक्यूबेशन एवं एक्सपोजर विजिट भी आयोजित की गई, जिसमें प्रतिभागियों ने स्टार्टअप इकोसिस्टम और नवाचार प्रक्रियाओं को नजदीक से समझा तथा अपने विचारों को वास्तविक दुनिया से जोड़ने का अनुभव प्राप्त किया। वाधवानी फाउंडेशन द्वारा विशेषज्ञ सत्र आयोजित किया गया, जिनमें डॉ. एम. चित्रा और सुश्री मौमिता आचार्य ने प्रतिभागियों को नवाचार, प्रोडक्ट डेवलपमेंट और उद्यमशील सोच के महत्वपूर्ण पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया गया। इसके अलावा, एसजीटी यूनिवर्सिटी के युवा उद्यमी आयुष केशरवानी ने भी प्रभावी पिच प्रस्तुति और आइडिया स्ट्रक्चरिंग पर महत्वपूर्ण सत्र लिए। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में एआईसीटीई शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल के नोडल सेंटर हेड एवं इनोवेशन ऑफिसर प्रकाश शर्मा उपस्थित रहे। इस अवसर पर एसीआईसी के सीईओ ऋषि शर्मा, आईआईसी संयोजक सुश्री चेतना अरोड़ा सहित संकाय सदस्य डॉ. अक्षिता, डॉ. रेनुका, श्री अबराह, डॉ. कुलपूजा और डॉ. चंदन की महत्वपूर्ण उपस्थिति रही, जिन्होंने कार्यक्रम के सफल संचालन में अहम भूमिका निभाई। बूटकैंप के सफल आयोजन में एसीआईसी टीम के सदस्य परवीन, आर्यन, आदित्य, मयंक और आर्यन शुक्ला का विशेष योगदान रहा, जिनके समन्वय और प्रबंधन से पांचों दिनों की गतिविधियां सुचारू रूप से संचालित हो सकीं। कार्यक्रम का समापन पांचवें दिन आयोजित फाइनल पिच प्रस्तुतियों के साथ हुआ, जहां प्रतिभागियों ने अपने नवाचारी विचारों को जूरी के समक्ष प्रस्तुत किया।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली शीर्ष 5 टीमें निम्नलिखित रहीं
● गिफ्ट कोडर्स
● एक्सिओम
● सहज माइंड
● फोर्कलॉर्डस
● बीटा वर्जन
सभी प्रतिभागी टीमों को उनके योगदान और प्रयासों के लिए प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इस पहल में वाधवानी फाउंडेशन ने नॉलेज पार्टनर और एसबीआई फाउंडेशन ने ऑर्गनाइजेशन पार्टनर के रूप में सहयोग दिया।

बार बार एनएच सड़क जमीन में धंसने से हो सकता है बड़ा हादसा: अशोक भारद्वाज
पाइपलाइन टूटने से हजारों लीटर पानी बर्बाद, स्थायी समाधान की मांग

भिवानी, 29 अप्रैल, अभीतक: शहर के हनुमान गेट क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग की सड़क लगातार जमीन में धंसने से स्थानीय लोगों और दिल्ली, पिलानी व राजस्थान की ओर जाने वाले हजारों यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क धंसने के कारण यातायात प्रभावित हो रहा है, जिससे वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है। सबसे गंभीर समस्या बार-बार पेयजल पाइपलाइन टूटने की है, जिसके चलते हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा है। एक ओर भीषण गर्मी में लोग पेयजल संकट से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से बहुमूल्य जल संसाधन लगातार नष्ट हो रहे हैं। इससे क्षेत्रवासियों में रोष बढ़ता जा रहा है। नेता जी सुभाष चंद्र बोस युवा जागृति सेवा समिति द्वारा चलाए जा रहे जल संरक्षण साक्षरता अभियान के तहत राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता अशोक कुमार भारद्वाज ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है। उन्होंने कहा कि बार-बार सड़क धंसने और पाइपलाइन टूटने की समस्या न केवल आमजन को परेशान कर रही है, बल्कि भविष्य में किसी बड़े हादसे का कारण भी बन सकती है। अशोक कुमार भारद्वाज ने प्रशासन से जल्द प्रभावी कार्रवाई करते हुए सड़क और जल पाइपलाइन की स्थायी मरम्मत कराने की अपील की, ताकि लोगों को राहत मिल सके, पेयजल की बर्बादी रोकी जा सके और राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो। स्थानीय नागरिकों ने भी प्रशासन से शीघ्र समाधान की मांग उठाई है।

बहादुरगढ़ में दर्दनाक हादसा
बहादुरगढ, 29 अप्रैल, अभीतक: बहादुरगढ़ के छोटूराम नगर फाटक के पास एक दुश्खद घटना सामने आई, जहां ट्रेन की चपेट में आने से करीब 76 वर्षीय अज्ञात बुजुर्ग महिला की मौश्त हो गई। सूचना मिलते ही जीआरपी पुलिस मौके पर पहुंची और शश्व को कब्जे में लेकर पहचान के प्रयास किए, लेकिन कोई दस्तावेज नहीं मिल सका। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। यदि किसी को महिला के बारे में कोई जानकारी हो, तो कृपया आगे आएं। मानवता के नाते इस जानकारी को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि मृतका की पहचान हो सके।

भीषण गर्मी में डाइट अधिकारियों का एक्शन : गिलाकोर विद्यालय का औचक निरीक्षण कर जांची शैक्षिक व्यवस्थाएं
जोधपुर, 29 अप्रैल, अभीतक: जिले में पड़ रही भीषण गर्मी और तपती धूप के बावजूद शिक्षा विभाग के आला अधिकारी धरातल पर उतरकर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। इसी कड़ी में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) जोधपुर प्राचार्य मंजू शर्मा एवं प्रदीप मोहन सिंह विभागाध्यक्ष आईएफआईसी ने स्वतंत्रता सैनानी स्वर्गीय श्री मंगल सिंह राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय गिलाकोर का औचक निरीक्षण किया। प्राध्यापक शैताना राम बिश्नोई ने जानकारी देते हुए बताया कि चिलचिलाती धूप के बीच विद्यालय पहुँचे अधिकारियों ने सबसे पहले कक्षा-कक्षों का रुख किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने न केवल शिक्षण कार्य का गहन अवलोकन किया, बल्कि विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उनके शैक्षिक स्तर को भी परखा। उन्होंने विद्यालय में संचालित विभिन्न सह-शैक्षिक गतिविधियों की समीक्षा करते हुए बच्चों के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया। प्राचार्य मंजू शर्मा ने निरीक्षण के दौरान विद्यालय परिसर की स्वच्छता, पेयजल की उपलब्धता और मिड-डे मील की गुणवत्ता की बारीकी से जांच की। उन्होंने शिक्षकों को निर्देशित किया कि गर्मी के इस मौसम में बच्चों के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए नामांकन बढ़ाने और विद्यार्थियों के ठहराव को सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। वहीं, प्रदीप मोहन सिंह ने विद्यालय स्टाफ की समयबद्धता, उपस्थिति और अनुशासन की मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद शिक्षा की लौ मद्धम नहीं पड़नी चाहिए। उन्होंने आह्वान किया कि सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ प्रत्येक विद्यार्थी तक पहुँचना सुनिश्चित किया जाए। निरीक्षण के दौरान व्याख्याता किशोर कुमार, शैताना राम बिश्नोई, भगवान सिंह लौड़ता, बाबूसिंह, ओमप्रकाश, रमेश कुमार, रूपा राम समु कँवर, खुशाला राम, नरेंद्र कुमार सहित शिक्षक गण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। उच्च अधिकारियों की इस सक्रियता से विद्यालय स्टाफ और विद्यार्थियों में सकारात्मक उत्साह का संचार देखा गया।

आदर्श आचार संहिता की हिदायतों का पालन करें प्रत्याशी : राहुल मोदी
नगर परिषद रेवाड़ी के रिटर्निंग अधिकारी एवं एडीसी राहुल मोदी ने चेयरपर्सन और वार्डों के पार्षद पदों के प्रत्याशियों के साथ की बैठक

रेवाड़ी, 29 अप्रैल, अभीतक: नगर परिषद रेवाड़ी के रिटर्निंग अधिकारी एवं एडीसी राहुल मोदी ने लघु सचिवालय सभागार में चेयरपर्सन और वार्डों के पार्षद पदों के प्रत्याशियों के साथ बैठक की। बैठक का उद्देश्य आगामी नगर परिषद चुनाव को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न करवाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश साझा करना रहा। एडीसी राहुल मोदी ने बताया कि नगर परिषद चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया तथा चुनाव चिन्हों का आवंटन सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। उन्होंने सभी प्रत्याशियों को कहा कि अब चुनाव प्रचार के दौरान जिम्मेदारी और अनुशासन का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। राज्य चुनाव आयोग हरियाणा द्वारा जारी गाइडलाइन एवं आदर्श आचार संहिता का पालन करना प्रत्येक प्रत्याशी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने प्रत्याशियों से अपील की कि वे चुनाव प्रचार के दौरान भड़काऊ भाषण, व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप तथा किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों से बचें। रिटर्निंग अधिकारी ने कहा कि प्रचार सामग्री का उपयोग निर्धारित नियमों के अनुसार ही किया जाए तथा सार्वजनिक संपत्ति को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचाया जाए। इसके साथ ही उन्होंने शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने में सभी की भागीदारी को आवश्यक बताया। इसके अलावा चुनाव संबंधी खर्चे का विवरण का ब्यौरा तैयार आवश्यक बताया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि चुनाव को पारदर्शी और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।

प्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुआ ईवीएम का प्रथम रेंडमाइजेशन
रेवाड़ी, 29 अप्रैल, अभीतक: जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी अभिषेक मीणा की देखरेख में बुधवार को लघु सचिवालय के सभागार में नगर परिषद रेवाड़ी और नगर पालिका धारूहेड़ा के वार्डों और चेयरपर्सन के चुनाव को लेकर प्रतिनिधियों की उपस्थिति में कंप्यूटरीकृत प्रणाली से ईवीएम व वीवीपैट की प्रथम रेंडमाइजेशन की प्रक्रिया पूरी की गई। डीसी ने बताया कि रेंडमाइजेशन चुनाव प्रक्रिया का एक अहम हिस्सा है। जिसके तहत निष्पक्ष ढंग से कंप्यूटरीकृत प्रणाली के माध्यम से मशीनों का चयन किया जाता है। रेंडमाइजेशन के दौरान मशीनों की नगर परिषद रेवाड़ी व नगर पालिका धारूहेड़ा के अनुसार सूची तैयार की गई। डीसी ने उपस्थित प्रतिनिधियों से कहा कि यदि उन्हें चुनाव संबंधी किसी प्रकार का संशय हो तो वे समय रहते अपने संशय दूर कर लें। उन्होंने कहा कि जिला में होने वाले नगर निकाय चुनाव में राज्य चुनाव आयोग हरियाणा द्वारा दी गई हिदायतों की पूरी तरह से पालना सुनिश्चित की जाएगी।
आम चुनाव के लिए ऑब्जर्वर नियुक्त, नागरिक लोक निर्माण विश्राम गृह में दे सकते है सुझाव या शिकायत

जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि नगरपरिषद रेवाड़ी व नगरपालिका धारूहेड़ा आम चुनाव 2026 की निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया संपन्न करवाने के उद्देश्य से सामान्य, पुलिस व व्यय पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं। उन्होंने बताया कि नगर परिषद रेवाड़ी के लिए जगनिवास को सामान्य पर्यवेक्षक (जनरल ऑब्जर्वर) व पुलिस आब्जर्वर अभिषेक जोरवाल को नियुक्त किया गया है। वहीं नगर पालिका धारूहेड़ा के लिए सामान्य पर्यवेक्षक (जनरल ऑब्जर्वर) तरुण कुमार पावरियां व पुलिस आब्जर्वर संगीता कालिया को नियुक्त किया गया है। डीसी ने बताया कि कोई भी नागरिक लोक निर्माण विश्राम गृह रेवाड़ी के सभागार में संबंधित पर्यवेक्षक के समक्ष चुनाव को लेकर सुझाव या शिकायतें दे सकते हैं। इसके अलावा दूरभाष नंबर 01274-220033 पर भी संपर्क कर सुझाव या शिकायत दर्ज करवा सकते है। डीसी ने बताया कि नगर परिषद रेवाड़ी व नगर पालिका धारूहेड़ा में प्रीति चैधरी को व्यय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। इस अवसर पर सामान्य पर्यवेक्षक जगनिवास, नगर परिषद के रिटर्निंग अधिकारी एवं एडीसी राहुल मोदी, नगर पालिका धारूहेड़ा के रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम रेवाड़ी सुरेश कुमार सहित अन्य राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

सडक सुरक्षा समिति व सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी की बैठक में अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए।

जिला की सडकों को बनाया जाए कैटल-फ्री और अतिक्रमण मुक्त: डीसी
डीसी ने ली सडक सुरक्षा समिति व सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी की बैठक, अधिकारियों को दिए दिशा निर्देश

रेवाड़ी, 29 अप्रैल, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि जिला की सडकों को कैटल-फ्री और अतिक्रमण मुक्त बनाया जाए, ताकि वाहन चालकों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। वहीं सडक नियमों की उल्लंघना करने वाले वाहन चालकों के चालान काटने के साथ-साथ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। जिला में सडकों को यातायात के लिए सुरक्षित बनाना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इसके लिए सडक निर्माण कार्य से जुड़े विभागीय अधिकारियों को सदैव यह प्रयास करना चाहिए कि वे अपनी सडकों को वाहन चालकों के लिए सुविधाजनक किस प्रकार से बनाएं। डीसी अभिषेक मीणा बुधवार को लघु सचिवालय सभागार में सडक सुरक्षा समिति एवं सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी की जिलास्तरीय बैठक में अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दे रहे थे। उन्होंने जिला में विभिन्न एजेंसियों द्वारा चलाए जा रहे ओवरब्रिज, सर्विस लाइन व अन्य सडक निर्माण कार्य तय समय सीमा में करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि इस मामले में कोताही या लेटलतीफी करने वाले एजेंसियों के अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने लोक निर्माण विभाग, एचएसवीपी, राजमार्ग प्राधिकरण, नेशनल हाई-वे पीडब्ल्यूडी, एचएसआईडीसी आदि विभागों के अधिकारियों को निर्देश कि उनके अधीन आने वाली सडकों पर ब्लैक स्पॉट और गड्ढों को पूरी तरह से खत्म करने के निर्देश भी दिए। डीसी ने निर्देश देते हुए कहा कि संबंधित विभाग अपने अधिकार क्षेत्र की सडकों पर गड्ढड्ढों को दुरूस्त करने के साथ ही टी-प्वाइंट आदि आवश्यक स्थानों पर साईन बोर्ड और ब्रेकर बनवाएं। इसके अलावा उन्होंने जिला में स्कूली बच्चों की सुरक्षा के दृष्टिगत स्कूली वाहनों की निरंतर जांच करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर बावल के एसडीएम संजीव कुमार, डीएसपी विधानंद, डीएसपी सुरेंद्र श्योराण, लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता सतेंद्र श्योराण सहित एनएचएआई, एचएसवीपी व नगर परिषद के अधिकारी मौजूद रहे।

डीसी अभिषेक मीणा ने ली जिला नार्को समन्वय कमेटी व माईनिंग की समीक्षा बैठक
रेवाड़ी, 29 अप्रैल, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा ने बुधवार को लघु सचिवालय सभागार में नार्को समन्वय कमेटी व माइनिंग को लेकर समीक्षात्मक बैठक की। उन्होंने युवाओं को नशे जैसे लत से दूर रखने के उद्देश्य से स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता अभियान के तहत विभिन्न गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा संबंधित विभाग के अधिकारियों को सर्वे करवाते हुए नशा करने वालों की पहचान करें और उनकी काउंसलिंग करवाने के निर्देश दिए। डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि जिला के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में आमजन के साथ-साथ विद्यालय व महाविद्यालय के विद्यार्थियों को नशा न करने बारे जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि जिला में गठित टीम द्वारा नियमित रूप से रेड करते हुए जिले में नशीले पदार्थों की आपूर्ति के नेटवर्क को ध्वस्त करने पर फोकस करें। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि युवा वर्ग नशे की प्रवृत्ति से दूर रहकर अपनी ऊर्जा का प्रयोग सकारात्मक कार्यों में करें। नशे की समस्या समाज के लिए एक चिंतनीय समस्या है। आम नागरिक विशेषकर युवा नशे की गिरफ्त में आकर अपने लक्ष्य से भटक जाते हैं। युवाओं को नशे की लत से बचाने के उद्देश्य से टोल फ्री ड्रग हेल्पलाइन नंबर-9050891508 जारी किया गया है। डीसी ने माइनिंग की समीक्षा बैठक में कहा कि इंटर स्टेट ड्यूटी न देने वाले वाहन चालकों और संचालकों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने माइनिंग अधिकारियों को जिला में अवैध माइनिंग को रोकने को लेकर निरंतर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर बावल के एसडीएम संजीव कुमार, डीएसपी विधानंद, डीएसपी सुरेंद्र श्योराण सहित लोक निर्माण विभाग एक्सईएन सतेंद्र श्योराण सहित एनएचएआई, एचएसवीपी व नगर परिषद के अधिकारी मौजूद रहे।
नार्को समन्वय कमेटी व माइनिंग की समीक्षा बैठक लेते हुए डीसी अभिषेक मीणा।

एसडीएम संजीव कुमार ने लिया सेंटरों का जायजा
शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश
जिला रेवाड़ी में 11 केंद्रों पर होगी नीट परीक्षा

रेवाड़ी, 29 अप्रैल, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा के निर्देशानुसार नीट परीक्षा के नोडल अधिकारी एवं एसडीएम बावल संजीव कुमार ने रेवाड़ी जिला में आगामी 3 मई को आयोजित होने वाली नीट परीक्षा की तैयारियों के लिए परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। एसडीएम संजीव कुमार ने बताया कि नीट परीक्षा 3 मई को दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा रेवाड़ी जिला के 11 निर्धारित केंद्रों पर होगी। निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने परीक्षा केंद्रों में व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने सभी सेंटर सुपरिटेंडेंट को निर्देश दिए कि परीक्षा केन्द्रों पर मूलभूत सुविधाओं जैसे बिजली, पंखे, जैमर, पेयजल, शौचालय और साफ-सफाई की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के दिए निर्देश
एसडीएम ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि परीक्षा का आयोजन पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और शांति के साथ संपन्न होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी परीक्षा केंद्रों के आसपास करीब 500 मीटर के दायरे में नो व्हीकल जोन लागू रहेगा। इस दौरान किसी भी प्रकार के वाहनों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, जिससे परीक्षा केंद्रों के आसपास शांति और अनुशासन बनाए रखा जा सके। उन्होंने परीक्षा केंद्रों के आसपास भीड़ जमा न होने देने के लिए भी कहा। उन्होंने सभी सेंटर सुपरिटेंडेंट को निर्देश दिए कि अभ्यर्थियों के साथ आने वाले अभिभावकों के लिए परीक्षा केंद्रों के समीप स्वच्छ पेयजल व बैठने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर पुलिस और अन्य सुरक्षा कर्मियों की तैनाती, सुव्यवस्थित प्रवेश प्रक्रिया और परीक्षा के दौरान कड़ी निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। इस अवसर पर उनके साथ जिला शिक्षा अधिकारी विजेंद्र हुड्डा भी उपस्थित रहे।
रेवाड़ी में नीट परीक्षा केंद्रों में व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए एसडीएम बावल संजीव कुमार।

6वें एशियन बीच गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन, हरियाणा की बेटी की कप्तानी में महिला टीम ने जीता गोल्ड मेडल तो पुरुष टीम ने जीता सिल्वर मेडल
चंडीगढ़, 29 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पँवार, जो हरियाणा एमेच्योर कबड्डी एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं ने चीन के सान्या में आयोजित 6वें एशियन बीच गेम्स में भारतीय कबड्डी टीमों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन पर प्रसन्नता जाहिर की है और उन्होंने जीत के लिए खिलाड़ियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी। उल्लेखनीय है कि प्रतियोगिता में हरियाणा की बेटी की कप्तानी में भारतीय महिला टीम ने गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया, जबकि पुरुष टीम ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया। महिला टीम ने फाइनल मुकाबले में श्रीलंका को 47-31 के अंतर से पराजित कर गोल्ड मेडल हासिल किया। वहीं पुरुष टीम को फाइनल में ईरान के खिलाफ 44-31 से हार का सामना करना पड़ा। इस ऐतिहासिक उपलब्धि में हरियाणा की बेटियों का विशेष योगदान रहा। चरखी दादरी जिले के गांव काकड़ौली हट्टी की बेटी एवं गांव बिलावल की पुत्रवधू रितु श्योराण पुत्री सूरजभान, हिसार जिले के गांव भिवानी रोहिल्ला की मनीषा कुमारी पुत्री राजपाल तथा गांव हसनगढ़ की निकिता पुत्री अनिल ने महिला टीम में शानदार प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाया। पुरुष वर्ग में सोनीपत जिले के गांव कथूरा के नीरज नरवाल ने भी बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया। टीम के कोच राकेश कुमार और नसीब जांघू का मार्गदर्शन भी सराहनीय रहा। उन्होंने कहा कि हरियाणा की बेटियां आज खेलों के क्षेत्र में नई पहचान बना रही हैं। उन्होंने कहा कि यह जीत केवल एक पदक नहीं, बल्कि बेटियों के आत्मविश्वास, संघर्ष और समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने प्रदेश की बालिकाओं से आह्वान किया कि वे खेलों में आगे आएं और देश का नाम रोशन करें। चेयरमैन कुलदीप दलाल ने भी बेटियों की इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि आज की बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और खेलों में उनकी भागीदारी लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार बेटियों को खेलों में आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान कर रही है और भविष्य में भी यह प्रयास जारी रहेंगे।

प्रदेश के 13 बाढ़ संभावित जिलों में 14 मई को होगा राज्य स्तरीय मॉक ड्रिल का आयोजन
चंडीगढ़, 29 अप्रैल, अभीतक: आपदा प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए हरियाणा सरकार 14 मई, 2026 को 13 बाढ़ संभावित जिलों में बाढ़ आपदा की स्थिति पर राज्य स्तरीय मॉक अभ्यास आयोजित करेगी। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव और वित्त आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने आज यहां जानकारी दी कि यह अभ्यास राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के समन्वय से वर्ष 2026-27 के वार्षिक राज्यध्केंद्र शासित प्रदेश मॉक अभ्यास कैलेंडर के हिस्से के रूप में आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार यह मॉक अभ्यास चार चरणों में आयोजित किया जाएगा। प्रथम चरण 6 मई, 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से श्ओरिएंटेशन और समन्वय सम्मेलनश् होगा, जिसमें राज्य और जिला स्तर के अधिकारी व हितधारक शामिल होंगे। द्वितीय चरण 12 मई को श्टेबल टॉप एक्सरसाइजश् होगी, जहां विभिन्न प्रतिक्रिया परिदृश्यों पर चर्चा की जाएगी और रणनीतियों का परीक्षण किया जाएगा। तृतीय चरण सबसे महत्वपूर्ण चरण, यानी शारीरिक मॉक ड्रिल 14 मई को होगी, जिसमें जमीन पर सभी संबंधित एजेंसियों की सक्रिय भागीदारी होगी। डॉ. मिश्रा ने बताया कि यह अभ्यास 13 चिह्नित बाढ़ प्रभावित जिलों गुरुग्राम, अंबाला, फरीदाबाद, फतेहाबाद, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, पंचकूला, पानीपत, पलवल, सिरसा, सोनीपत और यमुनानगर में आयोजित किया जाएगा। इन जिलों का चयन नदियों और नहरों से उनकी निकटता और बाढ़ के प्रति उनकी भौगोलिक संवेदनशीलता के कारण किया गया है। उन्होंने कहा कि इस अभ्यास का प्राथमिक उद्देश्य राज्य, जिला और विभागीय स्तर पर आपदा प्रबंधन योजनाओं और मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओजीएस ) की समीक्षा करना है। यह श्इंसिडेंट रिस्पांस सिस्टमश् (आईआरएस) के तहत हितधारकों की भूमिकाओं को परिभाषित करने और उन्हें समग्र प्रतिक्रिया तंत्र में एकीकृत करने पर भी ध्यान केंद्रित करेगा। डॉ. मिश्रा ने कहा कि यह ड्रिल जिला स्तर के आपातकालीन सहायता कार्यों के बीच समन्वय को मजबूत करेगी और आपदा स्थितियों के दौरान संचार प्रणालियों में सुधार लाएगी। न्होंने कहा कि मॉक अभ्यास के माध्यम से मीडिया, स्थानीय निकायों, गैर-सरकारी संगठनों और सामुदायिक भागीदारी के जरिए जन जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अधिकारियों का लक्ष्य संसाधनों, रसद, संचार और प्रतिक्रिया क्षमता में कमियों की पहचान करना है ताकि मानसून सीजन से पहले सुधारात्मक उपाय लागू किए जा सकें। डॉ. मिश्रा ने कहा कि प्रशासन से लेकर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल तक सभी हितधारक बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहें, इसके लिए ऐसे अभ्यास अनिवार्य हैं। इस पहल से राज्य की तत्परता बढ़ने और वास्तविक आपदा की स्थिति में समन्वित और समय पर प्रतिक्रिया सुनिश्चित होने की उम्मीद है।

ई-गवर्नेंस पर बढ़ेगा हरियाणा सरकार का फोकस
मुख्य सचिव 1 मई को करेंगे ई-ऑफिस, सीएफएमएस और एचआरएमएस की प्रगति की समीक्षा

चंडीगढ़, 29 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी 1 मई को राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में ई-गवर्नेंस से संबंधित प्रमुख प्रणालियों-ई-ऑफिस, वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर), सेंट्रलाइज्ड फाइल मूवमेंट सिस्टम (सीएफएमएस) तथा ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम (एचआरएमएस) के क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा करेंगे। बैठक के दौरान एचआरएमएस के विभिन्न मॉड्यूल्स का विभागवार प्रस्तुतिकरण किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक विभाग द्वारा अपनाए गए मॉड्यूल्स की स्थिति का आकलन किया जाएगा। इसके साथ ही सीएफएमएस में लंबित मामलों तथा ‘पाक्र्ड फाइल्स’ श्रेणी शुरू करने से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी। बैठक में सभी प्रशासनिक सचिवों को अपने-अपने विभागों में सभी स्तरों पर प्रभावी ढंग से ई-ऑफिस प्रणाली लागू करने के साथ-साथ सभी विभागों को सभी श्रेणियों के कर्मचारियों के लिए एसीआर टेम्पलेट्स को अंतिम रूप देकर उन्हें एचआरएमएस के साथ एकीकृत करने पर भी विचार किया जाएगा। बैठक में एचआरएमएस के प्रभावी संचालन हेतु नियम-आधारित और विषय-विशेषज्ञ सहायता उपलब्ध करवाने पर भी चर्चा की जाएगी ताकि तकनीकी एवं कार्यात्मक स्तर पर सतत मार्गदर्शन मिल सके।

नारायणगढ़ में स्थापित होगा आईएमटी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिले किसान, आईएमटी के लिए किसानों ने सरकार द्वारा तय दरों पर भूमि देने पर जताई सहमति
आईएमटी स्थापना की प्रक्रिया शुरू होने पर किसानों ने मुख्यमंत्री का मिठाई खिलाकर जताया आभार

चंडीगढ़, 29 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सरकार ने नारायणगढ़ में इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) स्थापित करने का निर्णय लिया है। इस पहल से न केवल क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिलेगी, बल्कि प्रदेश को औद्योगिक दृष्टि से और अधिक सशक्त बनाने में भी मदद मिलेगी। इस संबंध में बुधवार को मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी से यहां नारायणगढ़ क्षेत्र के किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की और बैठक में हिस्सा लिया। आईएमटी के लिए किसानों से भूमि की दरों में संबंध में विस्तार से चर्चा की गई और किसानों ने सरकार द्वारा तय की गई दरों पर सहमति जताई। इससे आईएमटी के लिए नारायणगढ़ में लगभग 450 एकड़ भूमि उपलब्ध होगी। आईएमटी स्थापना की प्रक्रिया प्रारंभ होने पर किसानों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए उनका मुंह मीठा कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने किसानों के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि यह कदम क्षेत्र के आर्थिक विकास और रोजगार सृजन में मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंबाला में पहले से ही आईएमटी विकसित करने का कार्य तेज गति से चल रहा है। अब नारायणगढ़ में भी आईएमटी विकसित होने से इस क्षेत्र में औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। गुरुग्राम की तर्ज पर अंबाला क्षेत्र को भी आधुनिक और विकसित औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आईएमटी से उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि उन्होंने बतौर वित्त मंत्री बजट में घोषणा की थी कि प्रदेश में 10 इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) स्थापित किए जाएंगे, जिनमें से मानेसर, बावल, रोहतक, फरीदाबाद, सोहना और खरखौदा में पहले ही आईएमटी विकसित किए जा रहे हैं। मिक्सी उद्योग एवं चिकित्सा उपकरण निर्माण के लिए प्रसिद्ध अंबाला अब 2 नए आईएमटी के माध्यम से अपनी औद्योगिक पहचान को और सुदृढ़ करेगा। नारायणगढ़ में आईएमटी की स्थापना के साथ ही मुख्यमंत्री ने अपने 2025-26 के बजट अभिभाषण में की गई घोषणाओं को एक वर्ष के भीतर धरातल पर उतारकर यह सिद्ध कर दिया है कि उनकी नीतियां केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं, बल्कि क्रियान्वयन में भी उतनी ही प्रभावी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘विकसित भारत 2047’ की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी लक्ष्य के साथ आगे बढ़ते हुए हरियाणा सरकार भी विकसित हरियाणा बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार स्पष्ट विजन है हर क्षेत्र का संतुलित विकास सुनिश्चित करना। इस अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री विपुल गोयल, मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव तथा वित्तायुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल, एचएसआईआईडीसी के प्रबंध निदेशक श्री सुशील सारवान, उपायुक्त अंबाला श्री अजय सिंह तोमर, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव श्री यशपाल के अलावा, हरियाणा से आए किसानों में पूर्व चेयरमैन पवन गुर्जर, रणबीर सिंह सरपंच, राकेश, मुकेश कुमार, फकीर चंद, धनीराम, विक्की, गफ्फर नसीम, कृष्ण अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

आज स्व-गणना का अंतिम दिनय 1 मई से वास्तविक मकान सूचीकरण और जनगणना कार्य शुरू होंगे
चंडीगढ़, 29 अप्रैल, अभीतक: गृह मंत्रालय के तहत जनगणना निदेशालय हरियाणा के निदेशक डॉ. ललित जैन ने हरियाणा के सभी निवासियों से अपील की है कि आज स्व-गणना (ैमस-िम्दनउमतंजपवद) का अंतिम दिन है, और सभी नागरिकों को इसमें सक्रिय रूप से भाग लेकर अपनी जनगणना पूरी करवाना सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने बताया कि हरियाणा में अब तक 2.45 लाख से अधिक परिवारों ने अपनी स्व-गणना पूरी कर ली है, जो एक नया रिकॉर्ड है और पूरे राज्य में जनता की मजबूत भागीदारी तथा जागरूकता को दर्शाता है। विशेष रूप से, स्व-गणना को लेकर युवाओं में काफी उत्साह देखा गया है। डॉ. जैन ने बताया कि स्व-गणना एक बहुत ही सरल प्रक्रिया है और पोर्टल ेम.बमदेने.हवअ.पद पर जाकर इसे 5-7 मिनट में पूरा किया जा सकता है। इसके बाद, जनगणना करने वाले (एन्यूमरेटर) के साथ केवल वह जारी किया गया प्क् नंबर साझा करना होगा। डॉ. जैन ने बताया कि पूरे राज्य में 1 मई से वास्तविक मकान सूचीकरण और जनगणना कार्य शुरू होंगे। उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में आने वाले सभी एन्यूमरेटरों और सुपरवाइजरों को पूरा सहयोग दें और उन्हें सही, सटीक तथा अद्यतन (नचकंजमक) जानकारी प्रदान करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों द्वारा दी गई सभी जानकारी को पूरी तरह से गोपनीय रखा जाएगा और किसी भी व्यक्ति या संस्था के साथ साझा नहीं किया जाएगा। डॉ. जैन ने कहा कि जनगणना एक राष्ट्रीय दायित्व है, जिसके माध्यम से प्रत्येक नागरिक राष्ट्र के विकास, नीति निर्माण और संसाधनों के न्यायसंगत वितरण में योगदान देता है। उन्होंने आगे बताया कि जनगणना अधिकारियों को आवश्यक जानकारी देने से इनकार करना या उनके साथ असहयोग करना जनगणना अधिनियम के तहत एक दंडनीय अपराध है। उन्होंने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय रूप से भाग लें और यह सुनिश्चित करें कि उनकी जनगणना विधिवत रूप से दर्ज हो। डॉ. जैन ने राज्य के जिला प्रशासन के अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रत्येक जिले ने जनगणना कार्यों के संचालन के लिए व्यापक और उत्कृष्ट तैयारियां की हैं, तथा अत्यंत कुशल व्यवस्थाएं लागू की हैं। उन्होंने कहा कि एन्यूमरेटर और सुपरवाइजर जनगणना प्रक्रिया के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ हैं, और उनसे अपेक्षा की जाती है कि वे पूर्ण समर्पण और निष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। विभाग पूरी तरह से उनके साथ खड़ा है। यदि किसी एन्यूमरेटर, सुपरवाइजर या नागरिक को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना करना पड़ता है, तो वे अपने संबंधित सुपरवाइजरध्तहसीलदार से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, जनगणना विभाग का हेल्पलाइन नंबर 1855 भी उपलब्ध कराया गया है, जिस पर कोई भी नागरिक, गणनाकार या पर्यवेक्षक अपनी समस्याओं की रिपोर्ट कर सकता है। प्रत्येक शिकायतध्समस्या पर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

हरियाणा सरकार ने मानसून सीजन से पहले आपदा प्रबंधन की तैयारियां तेज की
सभी मंडलायुक्तों और उपायुक्तों को अपने-अपने क्षेत्रों में कंट्रोल रूम सक्रिय करने के निर्देश

चंडीगढ़, 29 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा सरकार ने आगामी मानसून सीजन को ध्यान में रखते हुए राज्यभर में संभावित बाढ़, हीटवेव और सूखे जैसी आपदाओं से निपटने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तायुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने सभी मंडलायुक्तों और उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में कंट्रोल रूम सक्रिय करें तथा जिला एवं राज्य स्तर पर समन्वित प्रतिक्रिया प्रणाली (ब्ववतकपदंजमक त्मेचवदेम ैलेजमउ) को मजबूत बनाएं। उन्होंने बताया कि पंचकूला स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (ैजंजम म्उमतहमदबल व्चमतंजपवद ब्मदजमत) पहले से ही 24×7 कार्यरत है। सभी जिलों को मई माह के मध्य तक विशेष बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित करने तथा रियल-टाइम समन्वय और रिपोर्टिंग के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा, जैसे संचार प्रणाली, इंटरनेट कनेक्टिविटी और पर्याप्त जनशक्ति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है। डॉ. मिश्रा ने बताया कि सूखे की स्थिति से निपटने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग को नोडल एजेंसी नामित किया गया है। इसके अलावा, सिंचाई, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, पुलिस तथा स्वास्थ्य विभाग को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जिनमें बांधों की मजबूती, जल निकासी प्रणाली को सुदृढ़ करना, निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखना तथा चिकित्सा एवं पशु चिकित्सा सेवाओं को तैयार रखना शामिल है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा एक विस्तृत कार्य योजना जारी की गई है, जिसमें मॉक ड्रिल का आयोजन, संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण, संभावित निकासी योजना तैयार करना तथा राहत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करना शामिल है। अधिकारियों को बाढ़ संभावित क्षेत्रों की पहचान करने, जलस्तर की निरंतर निगरानी रखने तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म और स्थानीय संचार माध्यमों के माध्यम से समयपूर्व चेतावनी प्रणाली को सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं। सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन की तैयारियों पर विशेष जोर दिया गया है। त्वरित प्रतिक्रिया दल और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल इकाइयाँ की तैनाती के संबंध में विस्तृत जानकारी मांगी गई है। विशेष रूप से संवेदनशील ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में अस्थाई आश्रय स्थल, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता एवं खाद्य आपूर्ति की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके साथ ही, बाढ़ के बाद संभावित बीमारियों की निगरानी, वेक्टर नियंत्रण तथा जलजनित संक्रमणों की रोकथाम के लिए भी विशेष प्रबंध किए गए हैं। मेडिकल टीमों और आपातकालीन दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी, जबकि आमजन को जागरूक करने के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे। डॉ. मिश्रा ने बताया कि बाढ़ प्रबंधन के साथ-साथ राज्य सरकार ने सूखे जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए भी रणनीति तैयार की है, जिसमें जल संरक्षण, तालाबों का प्रभावी प्रबंधन तथा फसलों की वैकल्पिक योजना शामिल है। संबंधित विभागों को वर्षा के पैटर्न पर लगातार नजर रखने और प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने जिला प्रशासन को नियमित स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा मानसून अवधि के दौरान निरंतर निगरानी बनाए रखने को कहा है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि आगामी मानसून सीजन में जान-माल के नुकसान को न्यूनतम रखने के लिए सक्रिय योजना और विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा।

ई-गवर्नेंस पर बढ़ेगा हरियाणा सरकार का फोकस
मुख्य सचिव 1 मई को करेंगे ई-ऑफिस, सीएफएमएस और एचआरएमएस की प्रगति की समीक्षा

चंडीगढ़, 29 अप्रैल, अभीतक: हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी 1 मई को राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में ई-गवर्नेंस से संबंधित प्रमुख प्रणालियों-ई-ऑफिस, वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर), सेंट्रलाइज्ड फाइल मूवमेंट सिस्टम (सीएफएमएस) तथा ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम (एचआरएमएस) के क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा करेंगे। बैठक के दौरान एचआरएमएस के विभिन्न मॉड्यूल्स का विभागवार प्रस्तुतिकरण किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक विभाग द्वारा अपनाए गए मॉड्यूल्स की स्थिति का आकलन किया जाएगा। इसके साथ ही सीएफएमएस में लंबित मामलों तथा ‘पाक्र्ड फाइल्स’ श्रेणी शुरू करने से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी। बैठक में सभी प्रशासनिक सचिवों को अपने-अपने विभागों में सभी स्तरों पर प्रभावी ढंग से ई-ऑफिस प्रणाली लागू करने के साथ-साथ सभी विभागों को सभी श्रेणियों के कर्मचारियों के लिए एसीआर टेम्पलेट्स को अंतिम रूप देकर उन्हें एचआरएमएस के साथ एकीकृत करने पर भी विचार किया जाएगा। बैठक में एचआरएमएस के प्रभावी संचालन हेतु नियम-आधारित और विषय-विशेषज्ञ सहायता उपलब्ध करवाने पर भी चर्चा की जाएगी ताकि तकनीकी एवं कार्यात्मक स्तर पर सतत मार्गदर्शन मिल सके।

छुट्टी मतलब छुट्टी:अवकाश के दौरान किसी भी क्रियाकलाप हेतु बच्चों को ना बुलाने बारे निर्देश

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