Haryana Abhitak News 02/06/26

इंडो अमेरिकन वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में स्वदेशी जागरण मंच के जिला विचार वर्ग में भाग लेते कार्यकर्ता।

स्वदेशी से ही आत्मनिर्भर भारत का सपना होगा साकार: कुलदीप पुनिया
झज्जर, 02 जून, अभीतक: झज्जर के इंडो अमेरिकन वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में स्वदेशी जागरण मंच द्वारा जिला विचार वर्ग का आयोजन किया गया। जिसमें स्वदेशी जागरण मंच के प्रांत संगठक कुलदीप पूनिया मुख्य वक्ता रहे। जबकि जिला संयोजक मनमोहन खंडेलवाल ने अध्यक्षता की। प्रांत संगठक कुलदीप पूनिया ने कहा कि स्वदेशी क्यों आवश्यक है, इस विषय से अपना संबोधन आरंभ किया और उन्होंने स्वदेशी से स्वालंब तक के सफर के विषय में विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्वदेशी से ही आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार हो सकता है। प्रांत संगठक कुलदीप ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के सोना ने खरीदने के आह्वान पर विस्तार से प्रकाश डाला और कहा कि भारतीयों की तिजोरियों में 25000 टन से अधिक सोना कैद है। सोना कीमती है लेकिन कैरेंसी की तरह उपयोग में नहीं आ पा रहा है, जिसके कारण देश की आर्थिक प्रगति में सोना की खरीद रुकावट बनती और सोना के निर्यात में लाखों करोड़ रुपये विदेशों में जा रहे हैं। जबकि यही धन बाजार में या अलग-अलग कार्यों में लगेगा तो रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और देश आर्थिक समृद्धि की ओर बढेगा। उन्होंने ऊर्जा बचाने के प्रधानमंत्री के आह्वान का जिक्र करते हुए कहा कि भारत में बिजली उत्पादन सरप्लस है लेकिन एलपीजी, डीजल व पेट्रोल की कमी है। ऐसे में हमें निजी वाहनों का कम उपयोग न कर सार्वजनिक वाहनों का उपयोग करना चाहिए। कुलदीप पूनिया ने कहा कि एलपीजी का विकल्प इंडक्शन है, जो एलपीजी से सस्ता है। उन्होंने कहा है कि एलपीजी, डीजल व पेट्रोल दूसरे देशों से मंगाने के लिए देश का पैसा बाहर जाता है। कुलदीप पुनिया ने स्वदेशी अपने का आह्वान करते हुए कहा कि हम रोजमर्रा के जीवन में सुबह से शाम तक अपने घरों में अनेक विदेशी वस्तुओं का इस्तेमाल करते हैं। जिसमें टूथपेस्ट, कोल्ड ड्रिंक, साबुन, सौंदर्य प्रसाधन सहित अनेक सामान हैं। उन्होंने कहा कि पहले देशी, स्वदेशी और कोई विकल्प न हो तो ही विदेशी प्रयोग करने चाहिए। भारतीय किसान संघ के प्रांत एफपीओ, रोजगार एवं विपणन प्रमुख संजय जाखड़ ने स्वरोजगार व विपणन आदि विषयों की जानकारी दी और कहा कि जब रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तो देश का पैसा देश में रहेगा और देश समृद्ध बनेगा। वर्ग में केशव सिंघल, राजबीर यादव, भागवंती, प्रेमवति, देवेन्द सैन, सुनिल यादव प्रधान, भूपसिंह काकराण, राजबीर डांगी, विजय प्राघ्यापक, कृष्णदत्त जांगडा, जगदीश गैरा, डाॅ हरि सैनी, सुरतसिंह वर्मा, मोहित देशवाल, कपिल गुलिया, हैप्पी, हिंमाशु आदि शामिल रहे।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों को लेकर योग प्रोटोकॉल का अभ्यास करते योग साधक। प्रतियोगिता में भाग लेते विद्यार्थी।

योगासन प्रतियोगिता में झज्जर जिले के सैकड़ों प्रतिभागियों ने दिखाया दमखम
डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों को लेकर आयोजित की जा योग गतिविधियां
आयुष विभाग के योग सहायकों ने वरिष्ठ नागरिकों को करवाया योग प्रोटोकॉल का अभ्यास

झज्जर, 02 जून, अभीतक: इन दिनों डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में 12 वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं। मंगलवार को जिला में योगासन से जुड़ी प्रतियोगिताओ का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में जिले के सभी ब्लॉकों से सैकड़ों प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी योग प्रतिभा का प्रदर्शन किया। आयुष अधिकारी डॉ पवन देसवाल ने बताया कि प्रतियोगिता में ब्लॉक झज्जर से स्मृति व तन्नू ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसी प्रकार ब्लॉक माछरौली से नैतिक, अंशु व मोनिका, साल्हावास ब्लॉक से प्रिंस व तेजस्वी, बहादुरगढ़ ब्लॉक से दीपांशु, लावण्य, हर्ष व पूनम ने प्रथम स्थान हासिल किया। बादली ब्लॉक से मोहित, अजय, हिमांशी व मन्नू, मातनहेल ब्लॉक से रितिका, सिद्धार्थ, सुरेंद्र व मंजू तथा बेरी ब्लॉक से यश व प्राची प्रथम स्थान पर रहे। इसी कड़ी में आयुष विभाग के तत्वावधान में झज्जर और बहादुरगढ़ में वरिष्ठ नागरिकों को योगाभ्यास कराया गया। सीनियर सिटीजन क्लब बहादुरगढ़ में आयुष योग सहायक पूनम, ओल्ड एज होम लाइनपार बहादुरगढ़ में आयुष योग सहायक निशा तथा झज्जर सेक्टर छह स्थित सीनियर सिटीजन क्लब में योग विशेषज्ञ बलदेव आचार्य व आयुष योग सहायक प्रवीण द्वारा वरिष्ठ नागरिकों को योग प्रोटोकॉल का अभ्यास करवाया गया। इस दौरान ताड़ासन, पादहस्तासन, त्रिकोणासन सहित विभिन्न योग क्रियाओं व प्राणायाम का अभ्यास करवाते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

झज्जर स्थित लघु सचिवालय में सिंचाई एवं जलसंसाधन विभाग के अधिकारियों की बैठक लेते हुए डीसी वर्षा खांगवाल।

सेमग्रस्त भूमि को कृषि योग्य बनाने की योजना तैयार करें अधिकारी: डीसी
डीसी वर्षा खांगवाल ने जिले में जलभराव की समस्या के समाधान को लेकर अधिकारियों को दिए निर्देश

झज्जर, 02 जून, अभीतक: डीसी वर्षा खांगवाल ने मंगलवार को लघु सचिवालय में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ जिला की भूमि को सेम से छुटकारा और जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने जिले में वाटर लॉगिंग (जलभराव) एवं सेमग्रस्त भूमि की समस्या के स्थाई समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डीसी वर्षा खांगवाल ने अधिकारियों से प्रभावित क्षेत्रों की वर्तमान स्थिति, जल निकासी व्यवस्था तथा अब तक किए गए कार्यों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि जलभराव और सेमग्रस्त भूमि किसानों की कृषि उत्पादन क्षमता को प्रभावित करती है, इसलिए इस समस्या के समाधान के लिए सभी संबंधित विभाग समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल निकासी नालों, ड्रेनों एवं अन्य संरचनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए तथा जहां भी जलभराव की समस्या अधिक रहती है वहां प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम को देखते हुए सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं ताकि किसानों और ग्रामीणों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। डीसी ने कहा कि जिले में सेमग्रस्त भूमि को कृषि योग्य बनाने तथा जलभराव की समस्या को कम करने के लिए दीर्घकालिक योजनाओं पर भी कार्य किया जाए। इसके लिए तकनीकी सर्वेक्षण कर आवश्यक परियोजनाएं तैयार की जाएं और उनकी प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए। बैठक के दौरान सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता सतीश जनावा ने विभाग से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी। उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर आवश्यक कार्यों को पूरा करने तथा क्षेत्रीय स्तर पर लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए। इस अवसर पर सिंचाई विभाग की एक्सईएन प्रतिभा मुदगिल, खिवलेश भारद्वाज, पुनीत साहिनी सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

झज्जर स्थित लघु सचिवालय सभागार में आयोजित बैठक में जरूरी निर्देश देती हुईं डीसी वर्षा खांगवाल।

पेट्रोल-डीजल की अवैध ढुलाई व जमाखोरी पर सख्ती, उपायुक्त ने दिए कड़े निगरानी के निर्देश
पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं, नागरिक अनावश्यक खरीदारी व भंडारण से बचें
डीसी वर्षा खांगवाल ने अधिकारियों,ऑयल कंपनियों और पेट्रोल पंप एसोसिएशन के साथ बैठक में दिए निर्देश

झज्जर, 02 जून, अभीतक: डीसी वर्षा खांगवाल ने मंगलवार को अधिकारियों और पेट्रोल पंप एसोसिएशन की बैठक में हाई स्पीड डीजल (एचएसडी) एवं मोटर स्पिरिट (पेट्रोल) की असामान्य बिक्री, अवैध भंडारण तथा अनधिकृत अंतर्राज्यीय ढुलाई पर सख्त निगरानी रखने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या अवैध गतिविधि पर प्रभावी कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। डीसी ने कहा कि जिलाभर में 177 पेट्रोल पंप हैं और पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में है तथा आमजन को घबराकर अतिरिक्त खरीदारी या भंडारण करने की आवश्यकता नहीं है। उपायुक्त ने जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिले के सभी पेट्रोल पंपों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए, यदि किसी पेट्रोल पंप पर डीजल अथवा पेट्रोल की बिक्री में अचानक और असामान्य वृद्धि पाई जाती है तो उसकी तत्काल जांच की जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि पेट्रोल पंपों से अनधिकृत टैंकरों अथवा ऐसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बड़ी मात्रा में ईंधन की आपूर्ति न की जाए, जिन्हें नियमों के अनुसार सीधे ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (ओएमसी) से ईंधन प्राप्त करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि किसी भी सूरत में पेट्रोलियम उत्पादों की ब्लक में बिक्री ना हो,इसके लिए स्पॉट बनाकर चेकिंग जाए। इसके अलावा बिना वैध बिल, डिलीवरी चालान तथा विस्फोटक सुरक्षा प्रमाणपत्र के पेट्रोल या डीजल ले जाने वाले टैंकरों की सघन जांच की जाए। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को जब्त कर आवश्यक वस्तु अधिनियम तथा पेट्रोलियम उत्पाद नियंत्रण संबंधी प्रावधानों के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए। उपायुक्त ने बताया कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, पुलिस विभाग तथा संबंधित एजेंसियां संयुक्त रूप से निगरानी अभियान चलाएंगी। साथ ही इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम तथा हिंदुस्तान पेट्रोलियम के जिला समन्वयकों के साथ समन्वय स्थापित कर पेट्रोल पंपों की मांग और आपूर्ति डाटा की नियमित मॉनिटरिंग की जाए,ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता की समय रहते पहचान की जा सके। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित अधिकारी इस विषय पर व्यक्तिगत रूप से निगरानी रखें तथा निरीक्षण, जांच और की गई कार्रवाई की डेली रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में जिला प्रशासन को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उपायुक्त ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि जिले में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। इसलिए अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक खरीदारी या जमाखोरी से बचें। जिला प्रशासन आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या अवैध गतिविधि पर प्रभावी कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
बैठक में यह अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर एडीसी जगनिवास, एसीपी अनिरुद्ध चैहान, डीएफएससी राजेश्वर मुदगिल, डीएफएसओ आदित्य कौशिक, जिला पेट्रोल पंप एसोसिएशन के अध्यक्ष नसीब सिंह कादयान सहित कंपनियों के प्रतिनिधि और पेट्रोल पंप संचालक उपस्थित थे।

गांव नूना माजरा स्थित शहीद राजेश जून खेल स्टेडियम का निरीक्षण करती हुईं डीसी वर्षा खांगवाल। अधिकारियों से स्टेडियम से जुड़ी जानकारी लेते हुए डीसी वर्षा खांगवाल।

खेल सुविधाओं के विस्तार को लेकर प्रशासन सजग: डीसी
डीसी ने गांव नूना माजरा स्थित शहीद राजेश जून खेल स्टेडियम का किया निरीक्षण, अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
कहा, बेटियां खेलों सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का मनवा रही हैं लोहा

बहादुरगढ़, 02 जून, अभीतक: डीसी वर्षा खांगवाल ने गांव नूना माजरा स्थित शहीद राजेश जून खेल स्टेडियम का निरीक्षण करते हुए खेल सुविधाओं के विस्तार एवं आधारभूत ढांचे को और सुदृढ़ करने के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्टेडियम में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली और खिलाडयिों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए। स्टेडियम पहुंचने पर जिला खेल अधिकारी सतेंद्र कुमार सहित ग्रामीणों ने डीसी वर्षा खांगवाल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य खेल सुविधाओं का जरूरत अनुसार विस्तार और खिलाडयिों को बेहतर संसाधन उपलब्ध करवाने की संभावनाओं का आकलन करना है। स्टेडियम से जुड़े विकास कार्यों को लेकर संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। डीसी ने कहा कि खेल प्रतिभाओं को बेहतर वातावरण एवं सुविधाएं उपलब्ध करवाना शासन-प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि स्टेडियम के विस्तार और सुधार कार्यों को गंभीरता एवं सजगता से आगे बढ़ाया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के खिलाडयिों को भी बेहतर खेल सुविधाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने स्टेडियम में अभ्यास कर रहे बाल खिलाडयिों का उत्साहवर्धन किया।
यह अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति रहे मौजूद
इस अवसर पर डीडीपीओ निशा तंवर, तहसीलदार सुदेश महरा, नायब तहसीलदार प्रवीण कुमार, पंचायत समिति चेयरमैन प्रतिनिधि संजय जून, समाजसेवी जय भगवान, एसईपीओ पंकज कुमार, सुरेंद्र सिंह, विकास जून, फुटबॉल कोच रितु, मनीषा, विशाल, मोहित सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

झज्जर गुरुकुल स्थित पुरातत्व संग्रहालय में रखी प्राचीन वस्तुओं का अवलोकन करते डीसी वर्षा खांगवाल।
संवाद भवन में राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वे को लेकर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में मंचासीन डीसी वर्षा खांगवाल।

राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वे का लेकर डीसी ने किया झज्जर गुरुकुल का दौरा
डीसी वर्षा खांगवाल ने मंगलवार को अधिकारियों के साथ किया झज्जर गुरुकुल स्थित पुरातत्व संग्रहालय का दौरा
डीसी वर्षा खांगवाल ने संवाद भवन में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का भी लिया जायजा

झज्जर, 02 जून, अभीतक: ज्ञान भारतम् मिशन के अंतर्गत जिले में राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वे को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के उद्देश्य से उपायुक्त वर्षा खांगवाल ने मंगलवार को झज्जर गुरुकुल स्थित पुरातत्व संग्रहालय का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने संग्रहालय में संरक्षित दुर्लभ पांडुलिपियों, प्राचीन सिक्कों, अभिलेखों एवं ऐतिहासिक प्रतिमाओं का गहन अवलोकन किया और उनके महत्व की जानकारी गुरुकुल महाविद्यालय के संचालक आचार्य विजयपाल से प्राप्त की। गुरुकुल पहुंचने पर आचार्य विजयपाल, विरजानंद देवकरिणी सहित प्रबंधन समिति ने उपायुक्त वर्षा खांगवाल का स्वागत करते हुए संग्रहालय में सुरक्षित धरोहरों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ये प्राचीन पांडुलिपियां और वस्तुएं भारतीय सभ्यता की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की जीवंत झलक प्रस्तुत करती हैं और शोध के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। डीसी वर्षा खांगवाल ने संग्रहालय में संरक्षित धरोहरों की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वे का मुख्य उद्देश्य ऐसी अमूल्य विरासत की पहचान, संरक्षण और दस्तावेजीकरण सुनिश्चित करना है, ताकि आने वाली पीढयिां अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ी रह सकें। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में उपलब्ध सभी प्राचीन पांडुलिपियों का सर्वे कार्य गंभीरता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्वे के दौरान चिन्हित पांडुलिपियों को आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात संबंधित धारकों को सुरक्षित रूप से वापस सौंप दिया जाएगा। उपायुक्त ने बताया कि यह सर्वे कार्य चरणबद्ध तरीके से 16 जून तक पूरा किया जाएगा, जिसमें सरकारी विभागों के साथ-साथ समाज के सभी वर्गों का सहयोग लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान के अंतर्गत जिले में उपलब्ध पांडुलिपियों की पहचान, भौतिक सत्यापन, वर्तमान स्थिति का आकलन, डिजिटलीकरण तथा अभिलेखीकरण का कार्य व्यवस्थित ढंग से किया जाएगा। ‘ज्ञान भारतम् सर्वे अनुप्रयोग’ के माध्यम से इनका डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा, जिससे एक सटीक एवं व्यापक डाटाबेस विकसित होगा। उन्होंने बताया कि सर्वे प्रक्रिया पूर्णतः डिजिटल होगी, हालांकि नेटवर्क संबंधी समस्या की स्थिति में मैनुअल प्रपत्रों का भी उपयोग किया जाएगा। सर्वे के दौरान केवल पांडुलिपियों की मैपिंग की जाएगी, जिससे जिले की सांस्कृतिक धरोहर का संपूर्ण विवरण संकलित किया जा सके। उपायुक्त ने आमजन से अपील की कि वे इस महत्वपूर्ण अभियान में सक्रिय सहयोग दें और गठित सर्वे टीमों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि जिले की समृद्ध सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं बौद्धिक विरासत का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
गुरुकुल भारतीय संस्कृति और मूल्यों के संरक्षण का सशक्त केंद्र: डीसी
गुरुकुल झज्जर के दौरे के दौरान डीसी वर्षा खांगवाल ने संस्थान की समृद्ध वैदिक परंपरा, अनुशासित आवासीय व्यवस्था और आधुनिक शिक्षा के समन्वय की सराहना की। लगभग 80 एकड़ में फैले इस गुरुकुल में संचालित आर्य शिक्षा पद्धति, वेदोच्चारण केंद्र, आयुर्वेदिक औषधालय तथा व्यायाम शाला सहित सुविधाओं का निरीक्षण करते हुए उन्होंने कहा कि यह संस्थान न केवल हरियाणा, बल्कि पूरे देश में भारतीय संस्कृति और मूल्यों के संरक्षण का सशक्त केंद्र है। विशेष रूप से स्वामी ओमानंद सरस्वती पुरातत्व संग्रहालय में संरक्षित दुर्लभ पांडुलिपियों, प्राचीन सिक्कों और ऐतिहासिक धरोहरों को देखकर उन्होंने इसे ज्ञान और विरासत का अनमोल भंडार बताया। डीसी ने कहा कि गुरुकुल झज्जर परंपरा और आधुनिकता का उत्कृष्ट संगम प्रस्तुत करते हुए युवा पीढ़ी को संस्कार, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित कर रहा है।
राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण को लेकर प्रशिक्षण बेहद जरूरी: डीसी
इसके उपरांत डीसी वर्षा खांगवाल ने लघु सचिवालय स्थित संवाद भवन में राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वे को लेकर चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम का जायजा लिया। उन्होंने कहा की ज्ञान भारतम मिशन के अंतर्गत पुस्तकालयों, धार्मिक स्थलों, ट्रस्ट, निजी स्वामित्व वाले स्थानों, गुरुकुलों सहित अन्य संस्थानों में उपलब्ध पांडुलिपियों का सर्वेक्षण किया जाए। उन्होंने बताया कि पांडुलिपि 75 वर्ष या इससे अधिक पुरानी हो और उसका रिकॉर्ड हस्तलिखित, ताम्रपत्र, या किसी कपड़े पर लिखा हुआ हो। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण का पूरा रिकॉर्ड मोबाइल एप के माध्यम से तैयार किया जाए, ताकि प्राचीन ज्ञान, संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहर से जुड़ी पांडुलिपियों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वे को लेकर यह प्रशिक्षण बेहद जरूरी है। सभी कर्मचारी व अधिकारी मन लगाकर रुचि के साथ प्रशिक्षण लें। इस अवसर पर सीईओ जिला परिषद मनीष फोगाट, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के उपनिदेशक अमित पंवार, सुरेंद्र कुमार,सुनील कुमार,तहसीलदार शेखर, मास्टर ट्रेनर अनिल नैन, नवीन कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

गांव नूना माजरा में घर घर जाकर ग्रामीणों को जागरूक करते टीम सदस्य।

जल संरक्षण अभियान के लिए जागरूकता जरूरी: अश्वविनी सांगवान 2 जून 2026 जिला झज्जर ब्लॉक बहादुरगढ़ गांव नुना माजरा
गांव नुना माजरा में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग व जल एवं स्वछता सहायक संगठन हरियाणा की टीम ने घर-घर जाकर किया ग्रामीणो को जागरूक
जलघर व गांव में की पेयजल सैंपल की जांच,

झज्जर, 02 जून, अभीतक: झज्जर जल संरक्षण अभियान के लिए ग्रामीणें की जागरूकता व सहभागिता बहुत जरूरी है। इस अभियान में जितनी अधिक लोगों की भागीदारी होगी, यह अभियान उतना ही अधिक कामयाब होगा। यह बात आज जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग व जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन में कार्यरत जिला सलाहकार श्री श्याम अहलावत के नेतृत्व मे गांव नुना माजरा में चलाये जा रहे जल संरक्षण अभियान के तहत ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कही । इस मौके पर जलघर का निरीक्षण किया गया व घर-घर जाकर खंड समन्वयक सुनील द्वारा पेयजल की जांच की गई। वहीं बीआरसी दिनेश व प्रमिला ने उपस्थित ग्रामीणों को क्लोरिनेशन के बारे में जानकारी दी स इस अभियान के तहत घर-घर जाकर पेयजल आपूर्ति चैक की गई। ऐसे उपभोक्ताओं को जागरूक किया गया जिन्होने पेयजल नलों पर टेप नही लगाई गई थी। इस मौके पर ग्रामीणें को जल संरक्षण के साथ-साथ स्वच्छ पेयजल के बारें में भी बताया गया। टीम द्वारा मौके पर ही पेयजल की जांच करके उपभोक्ताओं को क्लोरिनेशन के बारे में बताया गया। टीम द्वारा जलघर में पहुचकर भी पानी के सैंपल चैक किये गये। इस मौके पर खंड समन्वयक मीनू वत्स द्वारा पंप ओपरेटर को पेयजल जांच के बारे में प्रशिक्षण देते हुए कहा कि गांव के हर घर में क्लोरिनश्ुक्त पेयजल की स्पलाई की जानी चाहिए। गांव में कही भी कोई लीकेज होती है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया जाना चाहिए ताकि स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति गांव में हो सके। इस अभियान के तहत जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग व जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन की टीम द्वारा खंड समन्वयक के नेतृृत्व मे गांव में पेयजल पाइप लाइन को लीकेज फ्री करके जीरो लीकेज किया जा रहा है। इसके साथ ही इस अभियान में हर कनैक्शन पर टेप लगवाना, अस्वच्छ कनैक्शन की पहचान करके उन्हें ठीक करवाना, पेयजल आपूर्ति में क्लोरिनेशन चैक करना, स्कूल रैली का आयोजन करना, जल चैपाल, ग्राम जल एवं सीवरेज समिति की बैठक आयोजित करवाना व जल शक्ति अभियान के तहत वर्षा जल संरक्षण के बारे में लोगों को जागरूक किया जा रहा हैं। इस क्रम में सोमवार को गांव नुना माजरा मे जल जागरूकता अभियान चलाया गया जिसके तहत गांव मे अवैध कनेक्शन की पहचान करके नोटिस दिए गए वही डोर टू डोर सर्वे करके जिन नलों पर टूटी नहीं लगी उनको भी नोटिस दिए गए जिससे पानी को बचाया जा सके, खाली प्लाटो मे चल रहे कनेक्शन को मौके पर ही बंद करवाने का कार्ये किया गया वही जल संरक्षण, वर्षा जल संचय व जल शुद्धता के लिए जागरूक किया वही सरपंच श्री जयभगवान जी की अध्यक्षता मे ग्राम जल एवं सीवरेज कमेटी मीटिंग आयोजित करके गांव मे चल रहे अभियान संबधित सुचना दी गयी वही कमेटी का अभियान मे सहयोग हेतु आग्रह किया। जिसमे कमेटी ने पूरा सहयोग दिया वही चैकीदार द्वारा मुनादी करवा कर ग्रामीणवासियो को नलों पर टूटी लगवाने, अवैध कनेक्शनो को वैध करवाने, ऑनलाइन बिलिंग हेतु जागरूक करने का कार्ये किया गया इस अभियान मे सरपंच जयभगवान, कमेटी सदस्य निर्मला, पंप आपरेटर विष्णु, सौरभ, सचिन, चैकीदार नन्द किशोर, कपूर बीआरसी पूजा, प्रमिला, दिनेश, सुनील सरला मौजूद रहे इस दौरान कुल 100 नोटिस जारी किये गए।

जगनिवास, अतिरिक्त उपायुक्त, झज्जर।

श्री सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए वरिष्ठ नागरिकों को मिलेगी निःशुल्क यात्रा सुविधा : एडीसी
6 जून तक सरल पोर्टल पर करें आवेदन, पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर मिलेगी स्पेशल ट्रेन में बुकिंग
मेडिकल प्रमाण पत्र, परिवार पहचान पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेजों के साथ करना होगा पंजीकरण

झज्जर, 02 जून, अभीतक: भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा देशभर में 11 जनवरी 2026 से 11 जनवरी 2027 तक मनाए जा रहे ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ कार्यक्रम के तहत हरियाणा सरकार ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेशभर के श्रद्धालुओं को श्री सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की धार्मिक यात्रा करवाने का निर्णय लिया है। इच्छुक श्रद्धालु इस यात्रा का लाभ उठाने के लिए 6 जून तक सरल पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। श्रद्धालुओं को ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर स्पेशल ट्रेन में बुकिंग प्रदान की जाएगी। आठ जून को कुरुक्षेत्र से मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी इस विशेष ट्रेन को झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। अतिरिक्त उपायुक्त जगनिवास ने जानकारी देते हुए बताया कि स्पेशल ट्रेन सहित धार्मिक स्थल पर किसी भी प्रकार का नशा पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजीकरण करवाने के उपरांत ही श्रद्धालुओं को स्पेशल ट्रेन में बैठने की अनुमति दी जाएगी। विभाग द्वारा जारी आईडी कार्ड के बिना कोई भी श्रद्धालु यात्रा नहीं कर सकेगा। इसलिए यात्रा के लिए पंजीकरण करवाना अति आवश्यक है।
स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता, मेडिकल प्रमाण पत्र अनिवार्य
एडीसी जगनिवास ने बताया कि श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यात्रा पर जाने से पूर्व उन्हें अपनी मेडिकल हिस्ट्री से संबंधित जानकारी भी साझा करनी होगी, ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे यात्रा के लिए अपना अधिकृत एवं योग्य चिकित्सक द्वारा प्रमाणित मेडिकल प्रमाण पत्र अवश्य प्रस्तुत करें।
ये दस्तावेज होंगे अनिवार्य
उन्होंने बताया कि यात्रा के लिए आवेदन करते समय वैध फोटो पहचान पत्र (आधार कार्ड, पैन कार्ड अथवा अन्य सरकारी पहचान पत्र), परिवार पहचान पत्र (पीपीपी), शारीरिक रूप से यात्रा के लिए फिट होने की स्वयं घोषणा तथा पिछले तीन वर्षों में इस योजना का लाभ न लेने संबंधी घोषणा पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा।
इन पात्र नागरिकों को मिलेगा योजना का लाभ
एडीसी जगनिवास ने बताया कि इस योजना का लाभ केवल हरियाणा के स्थायी निवासियों को दिया जाएगा, जिनके पास परिवार पहचान पत्र उपलब्ध हो। योजना के तहत 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक, जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय 1.80 लाख रुपये तक है, आवेदन करने के पात्र होंगे। उन्होंने बताया कि योजना के नियमों के अनुसार कोई भी व्यक्ति प्रत्येक तीन वर्ष में केवल एक बार ही इस सुविधा का लाभ ले सकता है। ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर संचालित इस योजना में परिवार पहचान पत्र अनिवार्य है तथा प्रत्येक पात्र व्यक्ति को तीन वर्ष में केवल एक बार ही यात्रा सुविधा प्रदान की जाएगी।
वीसी के माध्यम से अधिकारियों को दिए जागरूकता के निर्देश
अतिरिक्त उपायुक्त जगनिवास ने वीसी के माध्यम से एसडीएम, तहसीलदार और सभी खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस धार्मिक यात्रा को लेकर ज्यादा से ज्यादा नियमानुसार पंजीकरण सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि ग्राम सचिवों, पटवारियों तथा अन्य फील्ड अधिकारियों के माध्यम से गांव-गांव जाकर लोगों को योजना के बारे में जागरूक किया जाए, ताकि पात्र वरिष्ठ नागरिक इस निशुल्क यात्रा सुविधा का अधिकतम लाभ उठा सकें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवेदन प्रक्रिया, पात्रता शर्तों तथा आवश्यक दस्तावेजों के संबंध में भी लोगों को विस्तार से जानकारी उपलब्ध करवाई जाए।

बी.एल.ए.-2 को विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की दी जानकारी
झज्जर स्थित संवाद भवन में बी.एल.ए.-2 का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

झज्जर, 02 जून, अभीतक: भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विशेष गहन पुनरीक्षण ( ैप्त्) कार्यक्रम 2026 के अंतर्गत डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में मंगलवार को लघु सचिवालय स्थित संवाद भवन में बादली विधानसभा क्षेत्र के बी.एल.ए.-2 के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान मास्टर ट्रेनर अनिल दलाल द्वारा प्रशिक्षण के दौरान बी.एल.ए.-2 की निर्वाचन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका एवं योगदान के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में उपस्थित बी.एल.ए.-2 को मतदाताओं से गणना प्रपत्र भरवाने, अधिक से अधिक मतदाताओं की मैपिंग सुनिश्चित करने तथा मतदाताओं के बीच जागरूकता फैलाने के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त बी.एल.ए.-2 को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में मतदाताओं को भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट ूूूण्अवजमतेण्मबपण्हवअण्पद तथा ईसीआई नेट एप्लीकेशन के बारे में जागरूक करें, ताकि मतदाता स्वयं भी अपने पिछले विवरण की जानकारी प्राप्त कर सकें तथा ऑनलाइन गणना प्रपत्र भर सकें। मास्टर ट्रेनर अनिल दलाल ने बी.एल.ए.-2 को विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की विभिन्न प्रक्रियाओं, मैपिंग व्यवस्था तथा मतदाता जागरूकता गतिविधियों के संबंध में विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया। वहीं बहादुरगढ़ स्थित आईडीटीआर में बहादुरगढ़ विधानसभा क्षेत्र के बी.एल.ए.-2 का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कानूनगो मनीष कुमार ने बताया कि एक बीएलए द्वारा 50 से ज्यादा गणना प्रपत्र प्रति दिन जमा करवाने, दावे व आपत्ति के पीरियड के दौरान 10 दावे व आपत्ति प्रतिदिन जमा करवा सकते है । पूरी अवधि के दौरान 30 दावे व आपत्ति के फॉर्म बीएलए 2 द्वारा बीएलओ को जमा कराए जा सकते हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम में सभी प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया तथा निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने के लिए सहयोग का आश्वासन दिया। प्रशिक्षण कार्यक्रमों में नायब तहसीलदार (निर्वाचन) कुलदीप, मनोज कानूनगो, अरुण कुमार, आनन्द सहित निर्वाचन कार्यालय के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

वर्षा खांगवाल, डीसी झज्जर।

गैर-अधिकृत कॉलोनियों में प्लाट खरीदारी करने से बचें नागरिक: डीसी
झज्जर क्षेत्र के गांव कैमलगढ़ में संबंधित विभाग ने अधिसूचित किए खसरा नंबर

झज्जर, 02 जून, अभीतक: डीसी वर्षा खांगवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि झज्जर क्षेत्र के गांव कैमलगढ़ में बिना लाइसेंसध्सीएलयूध्एनओसी प्राप्त किए अवैध रूप से कॉलोनी को विकसित करने की रिपोर्ट प्रशासन के संज्ञान में आई है। जिला में अवैध कालोनियों को नहीं पनपने दिया जाएगा। उपायुक्त ने बताया कि झज्जर क्षेत्र के कुछ चिन्हित किलाध्खसरा नंबरों में अवैध निर्माण की सूचना प्राप्त हुई है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नवीनतम राजस्व अभिलेख (जमाबंदी, इंतकाल आदि) उपलब्ध कराएं और साथ ही इन खसरा नंबरों में किसी भी प्रकार की बिक्री, एग्रीमेंट टू सेल, फुल पेमेंट एग्रीमेंट या पावर ऑफ अटॉर्नी का पंजीकरण या क्रियान्वयन न करें। उन्होंने बताया कि गांव कैमलगढ़ में मुसतिल ध् किला नंबर 40ध्ध्9ध्1 ,9ध्3 व 9ध्4 में कोई भी व्यक्ति जमीन की खरीदारी न करें। उन्होंने बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता को निर्देश दिए कि चिन्हित क्षेत्र में किसी प्रकार के बिजली कनेक्शन जारी ना किए जाएं। डीसी ने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति के विकसित की जा रही किसी भी कॉलोनी को पनपने नहीं दिया जाएगा। ऐसे मामलों में शहरी क्षेत्र नियोजन विभाग द्वारा नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आमजन से आहवान किया कि अवैध कॉलोनी में जमीन या प्लॉट की खरीद फरोख्त न करें। प्लाट खरीदने से पहले राजस्व, डीटीपी,शहरी निकाय सहित संबंधित विभाग से पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त करें।

प्रोफेसर कुलताज सिंह को मातृ शोक
झज्जर, 02 जून, अभीतक: बेरी हलके के प्रसिद्ध समाजसेवी और महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक के शारीरिक शिक्षा विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर कुलताज सिंह की माता श्रीमती बसंती देवी का बीत्ते शनिवार को देहावसान हो गया। वे 92 वर्ष की थी। वह धर्मनिष्ठ,समाजसेवी और एक उच्च आदर्श-संपन्न महिला थी, जिसके पूरे पूरे इलाके में शोक छाया हुआ है। उनके पैतृक निवास मुक्त राम भवन में संवेदना व्यक्त करने वालों का ताता लगा हुआ है। रिसलदार मुक्तराम गांव के पहले सरपंच और समाजसेवी आईकोन रहे हैं, जबकि उनके पिताजी नसीब सिंह शिक्षाविद और उप मंडल शिक्षा अधिकारी के पद को सुशोभित कर चुके हैं। राजकीय महाविद्यालय दूबलधन कॉलेज के निर्माण व उत्थान में इस परिवार का अहम योगदान है। रोहतक के विधायक भारत भूषण बत्रा, पूर्व विधायक सुभाष बत्रा, रोहतक के पूर्व मेयर मनमोहन गोयल, कांग्रेस नेता चक्रवर्ती शर्मा,पूर्व कुलपति लक्ष्मी नारायण दहिया, सतपाल वत्स पूर्व रजिस्टर एमडीयू रोहतक, गैर शिक्षक संघ के पूर्व में प्रधान रहे साधुराम,सुरेंद्र वर्मा, निरंजन, रणधीर कटारिया, राजकुमार शर्मा सहित महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक के प्रोफेसर हरीश आर्य,डीन, प्रोफेसर सहित एमडीयू रोहतक के प्रदीप देशवाल, दिनेश पूर्व सरपंच, प्रशांत अध्यक्ष ब्लॉक समिति बेरी ,समाज सेवी जोगिंदर उर्फ जोगी, सूरजमल व कलीराम बीडीसी, अनिल कुमार रिटायर्ड बीईओ, हिंद केसरी सुरेश, ओलंपियन पहलवान सत्यवान, इलाके के सरपंच-पंचगणऔर बीडीसी गण आदि सहित सैकड़ो महानुभावो ने बसंती देवी को एक महान मातृशक्ति बताया,जिन्होंने प्रोफेसर कुलताज सिंह जैसे समाजसेवी और खेल प्रतिभा को जन्म दिया। बसंती देवी कुटुंब व समाज-प्रबोधन की एक आदर्श नायिका रही। बसंती देवी अपने पीछे सुपुत्र देवा सिंह, पवन कुमार,मोजी राम सहित चार सुपुत्र और एक सुपुत्री व पोते पोतियो और दोहते दोहतियो का भरा-पूरा परिवार छोड़ कर गई है। देवा सिंह अमेरिका में कारोबार कर रहे हैं,जबकि पवन कुमार स्कूल शिक्षा विभाग में पीटीआई के पद पर सेवारत हैं। और मुबारक सिंह गांव में खेती-बाड़ी का कार्य कर रहे हैं। उनकी एक पुत्रवधू श्रीमती अनीता देवी हरियाणा शिक्षा विभाग में प्राचार्य के पद पर सेवाएं दे रही है। पूर्व मुख्यमंत्री व सीएलपी लीडर हरियाणा चैधरी भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पूर्व सांसद किरण चैधरी, हरियाणा की जल संसाधन मंत्री श्रीमती स्रुति चैधरी व पूर्व सांसद डीपी वत्स ने भी अपने शोक संदेश में बसंती देवी को एक आदर्श महिला बताया जो हमारे समाज के लिए आदर्शो की खुली किताब थी और उनके समाज सेवा और धर्मपरायण कार्यो से समाज सीख लेता रहेगा। दूसरी ओर कादयान खाप के प्रधान व नगरपालिका बेरी के अध्यक्ष देवेंद्र कादयान उर्फ बीलू,अहलावत खाप के प्रधान जय सिंह अहलावत, दूबलधन कॉलेज सुधार समिति, स्वामी नितानंद सेवा समिति के महंत राजेंद्रदास आदि सहित सैकड़ो सामाजिक संगठनों के प्रमुखो ने प्रोफेसर कुलताज सिंह के परिवार को मुक्त राम भवन में पहुंचकर शोक संतप्त परिवार का ढांडस बंधाया है। बसंती देवी की रस्म क्रिया और महा भोज का आयोजन 10 जून 2026 को रिसलदार मुक्त राम भवन माजरा में होगी।

जिला परिवेदना समिति की बैठक गुरुवार को लोक निर्माण विश्राम गृह में – डीसी
हरियाणा के लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी व लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा करेंगे अध्यक्षता

रेवाड़ी, 02 जून, अभीतक: जिला के नागरिकों की शिकायतों का निवारण करने के लिए जिला लोक संपर्क एवं परिवेदना समिति की मासिक बैठक गुरुवार, 4 जून को प्रात: 11 बजे लोक निर्माण विश्राम गृह में होगी। जिसकी अध्यक्षता हरियाणा के लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी व लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा करेंगे। डीसी अभिषेक मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 12 परिवादों की सुनवाई की जाएगी। जिनमें 6 नए व 6 लंबित परिवाद शामिल हैं। हरियाणा के लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी व लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा इन सभी परिवादों तथा मौके पर आम नागरिकों की शिकायतें सुनेंगे। इस अवसर पर जिला के विधायक, विभाग अध्यक्ष, पंचायत व निकाय समितियों के चेयरमैन तथा जिला कष्ट निवारण समिति के सदस्य उपस्थित रहेंगे।

डॉ. रेणु सोल्खे, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी- सह-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रेवाड़ी

डीएलएसए रेवाड़ी की पहल रू जिले में स्थापित होंगे प्रदूषण शिकायत सहायता केंद्र
रेवाड़ी, 02 जून, अभीतक: हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, पंचकूला के निर्देशानुसार तथा डॉ. रेणु सोल्खे, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी- सह-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रेवाड़ी के मार्गदर्शन में प्लास्टिक मुक्त हरियाणा: आज हरित, कल सुरक्षित अभियान के अंतर्गत जिला रेवाड़ी में प्रदूषण शिकायत सहायता केंद्र स्थापित किए जाएंगे। यह अभियान प्रदूषण नियंत्रण, प्लास्टिक के उपयोग में कमी तथा जल संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। डॉ. रेणु सोल्खे ने बताया कि इन सहायता केंद्रों के माध्यम से आमजन को पर्यावरण संरक्षण से संबंधित कानूनों के प्रति जागरूक किया जाएगा। साथ ही प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियम, जल एवं वायु प्रदूषण नियंत्रण अधिनियमों तथा पर्यावरण संरक्षण से संबंधित कानूनी अधिकारों एवं उपायों की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि इन सहायता केंद्रों पर पर्यावरण संबंधी शिकायतों को दर्ज करने, कानूनी परामर्श उपलब्ध कराने तथा निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं के बारे में जानकारी देने की व्यवस्था की जाएगी। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) हेल्पलाइन नंबर 15100 का भी व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। यह सहायता केंद्र 04 जून 2026 को मिनी सचिवालय परिसर, रेवाड़ी, 05 जून 2026 को अनाज मंडी व नागरिक अस्पताल, रेवाड़ी तथा 06 जून 2026 को बस अड्डा एवं रेलवे स्टेशन, रेवाड़ी में स्थापित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रेवाड़ी के पैनल अधिवक्ता एवं पैरा लीगल वालंटियर्स आमजन को पर्यावरण संरक्षण, जल बचाव, प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली तथा उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करेंगे। उन्होंने बताया कि किसी भी नागरिक को यदि प्रदूषण, प्लास्टिक उपयोग, जल प्रदूषण, कूड़ा-करकट निस्तारण अथवा पर्यावरण संरक्षण से संबंधित कोई शिकायत या समस्या है, तो वह इन सहायता केंद्रों पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है तथा निःशुल्क कानूनी परामर्श एवं सहायता प्राप्त कर सकता है। डॉ. रेणु सोल्खे ने आमजन से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सक्रिय भागीदारी निभाएं तथा प्लास्टिक मुक्त हरियाणा अभियान को सफल बनाने में अपना योगदान दें।

गांव कनूका की नजूल भूमि को पट्टे पर छोड़ने के लिए बोली 12 जून को
रेवाड़ी, 02 जून, अभीतक: तहसील बावल के गांव कनूका की 14 कनाल 6 मरला नजूलध् सरकारी भूमि मुस्तील नंबर 26 किला नंबर 7ध्2(0-18), 14(7-11), 15ध्1(5-17) को वर्ष 2026-27 एक वर्ष के लिए पट्टे पर छोड़ने के लिए 12 जून 2026 को प्रातः 11ः00 बजे मौके पर खुली बोली लगाई जाएगी। तहसीलदार बावल ने बताया कि इच्छुक व्यक्ति बोली लगाने के लिए निर्धारित तिथि व स्थान पर पहुंचकर इस प्रक्रिया में शामिल हो सकता है। उन्होंने बताया कि इस पट्टे की बोली में अनुसूचित जाति के व्यक्ति को प्राथमिकता दी जाएगी।

सोमनाथ तीर्थ दर्शन के लिए 6 जून तक करवाएं अपना पंजीकरण
बीपीएल परिवार के वरिष्ठ नागरिक निःशुल्क यात्रा का उठा सकते हैं लाभ
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी कुरुक्षेत्र से ट्रेन को दिखाएंगे हरी झंडी

रेवाड़ी, 02 जून, अभीतक: हरियाणा सरकार द्वारा सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत प्रदेश के पात्र वृद्धजन लाभार्थियों को गुजरात स्थित पवित्र सोमनाथ मंदिर के निशुल्क दर्शन के लिए स्पेशल ट्रेन का संचालन किया जा रहा है। यह स्पेशल ट्रेन 8 जून को कुरुक्षेत्र से सोमनाथ के लिए रवाना होगी। इस विशेष ट्रेन को हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। सोमनाथ तीर्थ दर्शन यात्रा की तैयारियों व पात्र लोगों को योजना का लाभ लेने के लिए मंगलवार को सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक के. एम पांडूरंग ने वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से प्रदेश के उपायुक्तों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि इस यात्रा में शामिल होने के इच्छुक पात्र लाभार्थी 6 जून तक सरल पोर्टल ूूू.ेंतंसींतलंदं.हवअ.पद पर अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। इस यात्रा के लिए सीमित सीटें उपलब्ध हैं, इसलिए पात्र नागरिक समय रहते आवेदन करना सुनिश्चित करें। सभी लाभार्थियों का फिटनेस मेडिकल सर्टिफिकेट अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की आयु 60 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए। साथ ही लाभार्थी हरियाणा का मूल निवासी हो तथा उसकी वार्षिक आय 1 लाख 80 हजार रुपये से कम होनी चाहिए। लाभार्थियों का चयन पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा। डीसी ने बताया कि मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के अंतर्गत जो वृद्ध जन पिछले 3 वर्ष के अंदर इस योजना का लाभ ले चुके हैं। वह इस योजना के तहत सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर जाने के पात्र नहीं होंगे। पोर्टल पर पंजीकरण के उपरांत पात्र श्रद्धालु लघु सचिवालय स्थित कमरा नंबर 307 में जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी, कार्यालय में अपनी सूचना अवश्य दें।

डीसी अभिषेक मीणा।

भीषण गर्मी-लू से बचने के लिए जरूरी सलाह
पेयजल का अधिक मात्रा में करें प्रयोग, दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से न निकले बाहर
डीसी अभिषेक मीणा ने बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखने का किया आह्वान

रेवाड़ी, 02 जून, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा ने आमजन से आह्वान किया कि गर्मियों के मौसम में तापमान में अत्यधिक वृद्धि होने के कारण जनजीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। प्रचंड गर्मी और लू के चलते लोगों को डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक, चक्कर आना, थकान और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में आमजन अत्याधिक सावधानी बरतें और सरकार व जिला प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी और दिशा-निर्देशों की पालना करें। डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि गर्मी में बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि ये वर्ग गर्मी के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। माता-पिता को चाहिए कि वे बच्चों को धूप में खेलने से रोकें और उन्हें पर्याप्त पानी पिलाते रहें। इसी प्रकार, बुजुर्गों को ठंडे और हवादार स्थान पर रखें तथा समय-समय पर उनकी सेहत की निगरानी करें। उन्होंने कहा कि नागरिक दोपहर के समय, विशेषकर दोपहर 12 बजे से सायं 4 बजे के बीच, अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें। इस समय सूर्य की किरणें सबसे अधिक तीव्र होती हैं, जिससे लू लगने का खतरा बढ़ जाता है। यदि किसी कारणवश बाहर जाना आवश्यक हो, तो सिर को ढक कर अवश्य रखें। इसके लिए टोपी, गमछा या छाते का उपयोग किया जा सकता है। साथ ही, हल्के रंग के ढीले और सूती कपड़े पहनें, जिससे शरीर को ठंडक मिल सके। डीसी ने बताया कि गर्मी के मौसम में शरीर को हाइड्रेटेड रखना अत्यंत आवश्यक है। दिन भर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। इसके अलावा, नींबू पानी, छाछ, लस्सी, नारियल पानी और फलों का रस जैसे तरल पदार्थों का सेवन लाभकारी होता है। अधिक तैलीय, मसालेदार और बासी भोजन से बचना चाहिए, क्योंकि ये शरीर में गर्मी बढ़ाते हैं और पाचन संबंधी समस्याएं उत्पन्न कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि बाहर कार्य करने वाले मजदूरों और श्रमिकों के लिए विशेष सावधानी आवश्यक है। उनके लिए कार्यस्थल पर छाया, ठंडे पानी और आराम के लिए पर्याप्त समय की व्यवस्था की जानी चाहिए। नियोक्ताओं को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि श्रमिकों को अत्यधिक गर्मी में लगातार काम न करना पड़े। डीसी ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति में हीट स्ट्रोक के लक्षण जैसे तेज बुखार, उल्टी, सिरदर्द, चक्कर आना या बेहोशी दिखाई दें, तो उसे तुरंत ठंडी जगह पर ले जाएं, उसके शरीर को ठंडा करें और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सा सहायता प्राप्त करें। उन्होंने सभी नागरिकों से आह्वान करते हुए कहा कि वे सतर्क रहें, अफवाहों पर ध्यान न दें और जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी की गई सलाह का पालन करें। एक-दूसरे की मदद करें और जरूरतमंदों को पानी एवं छाया उपलब्ध कराने का प्रयास करें। गर्मी में पक्षियों और पशुओं के लिए भी दाना-पानी आदि की व्यवस्था अवश्य करें।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस-2026
खेल एवं युवा कार्यक्रम मंत्री गौरव गौतम आज रेवाड़ी में करेंगे योग प्रोटोकॉल अभ्यास
प्रातः 6ः30 बजे राव तुलाराम स्टेडियम में होगा योगाभ्यास का आयोजन

रेवाड़ी, 02 जून, अभीतक: एसडीएम रेवाड़ी सुरेश कुमार ने बताया कि अंतराष्टड्ढ्रीय योग दिवस के अवसर आगामी 21 जून को आयोजित होने वाले जिला स्तरीय कार्यक्रम को सफल व गरीमामयी ढ़ंग से मनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा तैयारियां शुरू की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि योग दिवस के सफल आयोजन के लिए जिला में विभिन्न योग प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। अधिक संख्या में जन सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित कर लोगों को योग के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। एसडीएम सुरेश कुमार ने बताया कि इसी कड़ी में बुधवार 03 जून को रेवाड़ी में हरियाणा के खेल एवं युवा कार्यक्रम मंत्री गौरव गौतम योग प्रोटोकॉल अभ्यास करेंगे। कार्यक्रम का आयोजन दिल्ली रोड स्थित राव तुलाराम स्टेडियम में प्रातरू 6रू30 बजे किया जाएगा। इस अवसर रेवाड़ी के विधायक लक्ष्मण सिंह यादव, कोसली के विधायक अनिल कुमार यादव व बावल के विधायक डा. कृष्ण कुमार और भाजपा जिला अध्यक्ष डा. वंदना पोपली भी विशेष रूप से मौजूद रहेंगे।

सीजेएम डॉ. रेनू सोलखे ने रेवाड़ी स्थित बाल गृह एवं दत्तक ग्रहण अभिकरण का निरीक्षण किया
रेवाड़ी, 02 जून, अभीतक: हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, पंचकूला के निर्देशानुसार, डॉ. रेनू सोलखे, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-सह-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रेवाड़ी ने मंगलवार को रेवाड़ी स्थित बाल देखरेख संस्थान एवं विशेष दत्तक ग्रहण अभिकरण का औचक निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान डॉ. रेनू सोलखे ने संस्थान में रह रहे बच्चों से संवाद किया तथा भोजन, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने बच्चों से संबंधित रजिस्टर, स्टाफ उपस्थिति एवं पुनर्वास संबंधी कार्यों के अभिलेखों की भी जांच की। डॉ. रेनू सोलखे ने स्टाफ को बच्चों के लिए बाल-मैत्रीपूर्ण वातावरण सुनिश्चित करने, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं उचित परामर्श प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 की अनुपालना तथा दत्तक प्रकरणों में कानूनी औपचारिकताओं को समयबद्ध पूरा करने पर विशेष बल दिया।

40 वर्षों की गौरवशाली सैन्य सेवा के बाद गांव लौटे रमेश कुमार
ग्रामीणों ने ढोल नगाड़ों से किया भव्य स्वागत

रेवाड़ी, 02 जून, अभीतक: भारतीय सेना में 40 वर्षों की गौरवशाली सेवा पूरी करने के बाद सेवानिवृत्त होकर अपने पैतृक गांव बिठवाना पहुंचे रमेश कुमार का ग्रामीणों ने भव्य स्वागत किया। देश सेवा के लंबे सफर के बाद गांव लौटे रमेश कुमार के सम्मान में ग्रामीणों ने फूल-मालाओं, पगड़ी तथा पारंपरिक ढोल-नगाड़ों के साथ अभिनंदन किया। रमेश कुमार वर्ष 1987 में भारतीय सेना में जवान के रूप में भर्ती हुए थे। अपनी लगन, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के बल पर उन्होंने लगातार प्रगति करते हुए वर्ष 2003 में देहरादून से कमीशन प्राप्त किया और सेना में अधिकारी बने। इसके बाद उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए लगभग चार दशक तक देश की सेवा की। सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद जब रमेश कुमार अपने गांव बिठवाना के लिए रवाना हुए तो रेवाड़ी से गांव तक उनके स्वागत के लिए विशेष काफिले का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय भक्ति गीतों की धुन पर सैकड़ों वाहन उनके साथ गांव तक पहुंचे। पूरे मार्ग में लोगों ने उनका स्वागत कर देश सेवा के प्रति सम्मान व्यक्त किया। गांव पहुंचने पर सबसे पहले रमेश कुमार ने गांव के शहीदों की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने गांव के बुजुर्गों से आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर गांव के युवा, महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे बड़ी संख्या में मौजूद रहे। हर कोई अपने गांव के इस सपूत का स्वागत करने के लिए उत्साहित नजर आया। ग्रामीणों ने फूल-मालाएं पहनाकर तथा पगड़ी बांधकर उनका सम्मान किया। पारंपरिक ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। लोगों ने कहा कि रमेश कुमार ने अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा देश की रक्षा में समर्पित किया है, जिस पर पूरे गांव को गर्व है। अपने स्वागत से अभिभूत रमेश कुमार ने ग्रामीणों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सेना में बिताए गए 40 वर्ष उनके जीवन के सबसे गौरवपूर्ण वर्ष रहे हैं। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र सेवा और अनुशासन को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। रमेश कुमार का परिवार भी देश सेवा की परंपरा को आगे बढ़ा रहा है। उनका बड़ा पुत्र भारतीय सेना में मेजर के पद पर कार्यरत है, जबकि छोटा पुत्र अपना स्वयं का व्यवसाय संचालित कर रहा है। ग्रामीणों ने इसे परिवार की राष्ट्रभक्ति और संस्कारों का प्रतीक बताया। गांव बिठवाना में आयोजित स्वागत समारोह ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि देश की रक्षा करने वाले सैनिक और सैन्य अधिकारी समाज में सम्मान और प्रेरणा के सबसे बड़े स्रोत हैं। रमेश कुमार की घर वापसी गांव के लिए गर्व और सम्मान का अवसर बन गई।

हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की सह सचिव मानविका यादव व स्टाफ मेंबर ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का औचक निरीक्षण किय
झज्जर, 02 जून, अभीतक: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा निर्देशन में हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण पंचकूला की सह सचिव मानविका यादव व स्टाफ मेंबर ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर का औचक निरीक्षण किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर के सचिव एवं सीजेएम श्री विशाल ने औचक निरीक्षण टीम का स्वागत किया। सीजेएम विशाल ने बताया कि टीम ने सिविल हॉस्पिटल झज्जर में संचालित मुफ्त कानूनी सहायता केंद्र का निरीक्षण किया। उसके बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर ऑफिस (एडीआर सेंटर) का निरीक्षण किया और रिकॉर्ड की जाँच की। उसके बाद जिला कारागार में संचालित मुफ्त कानूनी सहायता केंद्र का निरीक्षण किया। उचित समाधान हेतु दिशा निर्देश दिए। और जिला कारागार में संचालित मुलाकाती एरिया मे हेल्प डेस्क का निरीक्षण किया। टीम द्वारा निरीक्षण करने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर का कार्य संतोषजनक रहा। टीम में पांच मेंबर शामिल थे।

बेटियों को कैंसर से बचाने की दिशा में बड़ा कदम: सीएमओ डॉ मंजू कादयान’
झज्जर, 02 जून, अभीतक: एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान को लेकर जिलेभर में ग्राम प्रधानों के सहयोग से आयोजित की जा रही हैं पेरेंट्स मीटिंग्स देशभर में एचपीवी वैक्सीनेशन को लेकर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं तथा बच्चों को एचपीवी वैक्सीन लगाई जा रही है। इसी क्रम में झज्जर जिले में जिला उपायुक्त वर्षा खनगवाल के निर्देशानुसार एवं सिविल सर्जन डॉ मंजू कादयान के मार्गदर्शन में एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान के तहत व्यापक जनजागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। अभियान के अंतर्गत ग्राम प्रधानों के सहयोग से गांव-गांव में पेरेंट्स मीटिंग्स आयोजित की जा रही हैं, ताकि अभिभावकों और बच्चों को एचपीवी वैक्सीन के महत्व एवं इसके लाभों के बारे में जागरूक किया जा सके। स्वास्थ्य विभाग झज्जर द्वारा ।च्ब्च्स् एवं भ्स्थ्च्च्ज् संस्था के सहयोग से संचालित भ्च्ट टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत भ्स्थ्च्च्ज् टीम द्वारा विभिन्न गांवों के सरपंचों के साथ सामुदायिक जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। इस दौरान मोहनबाड़ी गांव के सरपंच राजकुमार, खानपुर खुर्द के सरपंच कृष्ण कुमार, गोरिया गांव के सरपंच अजीत, झाड़ली के सरपंच महेश तथा सुधरना एवं लीलोध गांव सहित अन्य गांवों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें आयोजित की गईं। यह बैठकें मेडिकल ऑफिसर डॉ अंकित चैधरी एवं सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ आदित्य के मार्गदर्शन में संपन्न हुईं। बैठकों के दौरान भ्च्ट टीकाकरण अभियान को अधिक प्रभावी एवं सुचारू रूप से संचालित करने को लेकर चर्चा की गई। इन बैठकों में गांव के गणमान्य व्यक्ति एवं स्थानीय नागरिक भी शामिल रहे। टीम द्वारा लोगों को भ्च्ट टीकाकरण के लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई और बताया गया कि यह टीकाकरण भविष्य में होने वाले सर्वाइकल कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम कर सकता है। सीएचसी जमालपुर एसएमओ डॉ आदित्य ने बताया कि 9 से 14 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं के लिए यह टीका उनके नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। सामुदायिक बैठकों के दौरान अभिभावकों ने भ्च्ट वैक्सीन से जुड़े कई प्रश्न पूछे, जिनका डॉ आदित्य एवं डॉ अंकित चैधरी द्वारा विस्तारपूर्वक समाधान किया गया। वैक्सीन के संभावित दुष्प्रभावों से जुड़े सवालों पर डॉ अंकित चैधरी ने बताया कि भ्च्ट वैक्सीन एक सुरक्षित और विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त टीका है। यह टीका वर्ष 2009 से कई देशों में उपयोग किया जा रहा है तथा विश्व के 160 से अधिक देशों में भ्च्ट टीकाकरण कार्यक्रम लागू है। उन्होंने बताया कि यह वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर के साथ-साथ भ्च्ट से जुड़ी अन्य बीमारियों एवं कैंसर के जोखिम को कम करने में भी सहायक है। टीम द्वारा यह भी बताया गया कि जिले में अब तक कुल 528 टीके लगाए जा चुके हैं, जिनमें से जमालपुर एवं ढाकला ब्लॉक में ।च्ब्च्स् एवं भ्स्थ्च्च्ज् के सहयोग से 182 टीकाकरण किए गए हैं। बैठक के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा अनुमोदित प्म्ब् सामग्री एवं जागरूकता वीडियो विभिन्न सोशल मीडिया समूहों में साझा किए गए, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक सही जानकारी पहुंचाई जा सके और भ्च्ट टीकाकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके। सभी सरपंचों ने गांववासियों से अपील की कि वे अपनी 9 से 14 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं का समय पर भ्च्ट टीकाकरण करवाएं तथा उन्हें भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखें। साथ ही ब्लॉक स्तर पर सभी सरपंचों की संयुक्त बैठक आयोजित करने का सुझाव भी दिया गया। इस अवसर पर सीएचसी ढाकला एसएमओ डॉ सुनीता, सीएचसी जमालपुर क्त आदित्य, क्त अंकित, निर्मला, ईश्वंति, आशा वर्कर और भ्स्थ्च्च्ज् टीम से अमरजीत, मयूर, रेणुका और स्वाति आदि मौजूद रहे। सिविल सर्जन डॉ मंजू कादयान ने कहा, एचपीवी वैक्सीन बेटियों के सुरक्षित भविष्य की सुरक्षा कवच है। वहीं डॉ आदित्य एवं सीएचसी ढाकला डॉ सुनीता ने कहा कि एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान केवल एक स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि बेटियों के स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मिशन है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रांति पर विश्वास न करें और अपने बच्चों को समय पर वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित करें। अंत में सभी सरपंचों ने स्वास्थ्य विभाग झज्जर, ।च्ब्च्स् एवं भ्स्थ्च्च्ज् के इस संयुक्त प्रयास की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।

मादक पदार्थ 205 ग्राम गांजा के साथ एक आरोपी काबू
बहादुरगढ़, 02 जून, अभीतक: नशा विरुद्ध अभियान के तहत पुलिस आयुक्त झज्जर डॉक्टर राजश्री सिंह ने जिला में मादक पदार्थ खरीद फिरोख्त करने वाले व्यक्तियों को पकड़ने के संबंध में कड़े दिशा निर्देश दिए गए थे। पुलिस कमिश्नर के दिशा निर्देशों की पालना करते हुए सीआईए टू बहादुरगढ़ की पुलिस टीम ने थाना शहर बहादुरगढ़ के एरिया से एक व्यक्ति को नशीले पदार्थ गांजा के साथ काबू करने में कामयाबी हासिल की है। जिस संबंध में जानकारी देते हुए सीआईए टु बहादुरगढ़ प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि सीआईए टु में तैनात उप निरीक्षक पवन वीर की पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि पंकज निवासी बाल्मीकि मोहल्ला बहादुरगढ़ गांजा बेचने का अवैध धंधा करता है वह गांजा बेचने की फिराक में बालौर रोड़ के पास खड़ा है।जिस सूचना पर तत्परता से कार्रवाई करते हुए सीआईए टु बहादुरगढ़ की टीम मौके पर पहुंची तो वहां पर एक नौजवान लड़का दिखाई दिया। जिसे शक की बिनाह पर पुलिस टीम ने काबू कर लिया। पकड़े गए व्यक्ति के पास मादक पदार्थ होने के संदेह पर नियम अनुसार राजपत्रित अधिकारी को सूचित किया गया। इसके बाद मौके पर पहुंचे राजपत्रित अधिकारी के समक्ष नियम अनुसार तलाशी ली गई तो आरोपी के कब्जा से गांजा बरामद हुआ। जिसका वजन करने पर 205 ग्राम पाया गया। पकड़े गए आरोपी की पहचान उपरोक्त के तौर पर की गई। नशीले पदार्थ के साथ पकड़े गए उपरोक्त व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करते हुए थाना शहर बहादुरगढ़ में मादक पदार्थ अधिनियम के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया गया। पकड़े गए आरोपी के खिलाफ नियम अनुसार आगामी कार्रवाई अमल में लाई गई।

भारतीय भाषा ग्रीष्म शिविर 2026 : राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, रेवाड़ी, हरियाणा
रेवाड़ी, 02 जून, अभीतक: प्राचार्य के मार्गदर्शन एवं स्कूल इंचार्ज डॉ नम्रता सचदेवा के दिग्दर्शन में आयोजित “भारतीय भाषा ग्रीष्म शिविर 2026” के द्वितीय दिवस की गतिविधियाँ आज 180 मिनट तक सफलतापूर्वक संपन्न हुईं। शिविर का संचालन शिक्षाविद एवं साहित्यकार मनोज वशिष्ठ द्वारा किया गया। कक्षा 6 से 12 के 17 विद्यार्थियों ने 5 मार्गदर्शक शिक्षकों के साथ खेल और संवाद आधारित विधि से सक्रिय भागीदारी की। द्वितीय दिवस की थीम “शहर और बातचीत” रखी गई थी जिसका समय 90-180 मिनट निर्धारित था।शिक्षाविद साहित्यकार मनोज वशिष्ठ जी ने कहा कि आज के बच्चों ने साबित कर दिया कि भाषा रटने से नहीं, जीने से आती है। जब 17 बच्चे मानचित्र पर दिल्ली-मुंबई दिखाकर अपनी बात खुद के शब्दों में बोल रहे थे तब NEP 2020 का “खेल द्वारा सीखना” धरातल पर उतरता दिखा। नम्रता मैम और शिक्षक साथियों के सहयोग से बच्चों को संकोच से संवाद तक का सफर करवाया गया और हरियाणवी बोली को हिंदी के साथ जोड़कर जड़ों से रिश्ता भी जोड़ा गया। आज का उद्देश्य बच्चों को भारत के प्रसिद्ध शहरों के नाम के साथ 1-2 विशेषताएं बताना, बाजार और स्कूल जैसी रोजमर्रा की जगहों पर संवाद करना, प्रश्न पूछने और उत्तर देने का आत्मविश्वास बढ़ाना तथा समूह और मंच पर बोलने के डर को दूर करना था। इसके लिए फ्लैश कार्ड, चॉक-मार्कर, कार्डबोर्ड के दुकान-साइन, माइक और प्रमाणपत्र स्टिकर जैसी सामग्री का प्रयोग किया गया। एक्टिविटी की शुरुआत “भारत दर्शन” से हुई जिसमें मानचित्र पर दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता और जयपुर दिखाकर प्रत्येक शहर के लिए दो-दो लाइनें सिखाई गईं। “यह दिल्ली है। यहाँ लाल किला है।” जैसे वाक्यों के साथ “शहर पहचानो” खेल करवाया गया जिसमें सही उत्तर देने पर बच्चों को ताली और स्टिकर से प्रोत्साहित किया गया। इसके बाद “बाजार-स्कूल में संवाद” एक्टिविटी में बाजार, स्कूल और रास्ता पूछने के 3 मॉडल डायलॉग सिखाए गए। 2-2 बच्चों के जोड़े बनाकर 5 मिनट अभ्यास के बाद क्लास में रोल-प्ले करवाया गया। सवाल-जवाब रैली” में गोल घेरा बनाकर चिट से प्रश्न पूछे गए। “तुम्हारा नाम क्या है? तुम कहाँ रहते हो? तुम्हें कौन सा शहर पसंद है?” जैसे सवालों का हर बच्चे ने कम से कम 3 बार अभ्यास किया। इसी दौरान ISL के सांकेतिक चिन्ह भी सिखाए गए। “समूह चर्चा चक्र” में 6-6 बच्चों के समूह बनाकर “मेरा पसंदीदा शहर” विषय पर 30 सेकंड बोलने का अभ्यास करवाया गया। “मुझे *_ शहर पसंद है क्योंकि वहाँ *_ है” वाक्य पैटर्न के साथ समूह के एक प्रतिनिधि ने क्लास में 2 लाइन बोली। अंत में “संवाद प्रतियोगिता” का आयोजन किया गया जिसमें बाजार, स्कूल, बस स्टॉप और डॉक्टर के पास जैसे टॉपिक चिट से उठाकर जोड़े और 3 के ग्रुप में 1 मिनट की प्रस्तुति दी गई। स्पष्ट बोलना, सवाल-जवाब, हावभाव और ISL प्रयोग के आधार पर जजमेंट कर Top 3 जोड़ों को “भाषा मित्र” बैज दिए गए तथा सभी प्रतिभागियों को “भागीदारी प्रमाणपत्र” प्रदान किए गए। पूरी प्रक्रिया में गलती पर बच्चों को टोका नहीं गया बल्कि दोहराकर सही वाक्य बुलवाया गया। हिंदी के साथ हरियाणवी शब्द भी जोड़े गए और हर 15 मिनट बाद “चलो बोलें” एक्शन सॉन्ग से बच्चों की ऊर्जा बनाए रखी गई। समापन में “आज हमने क्या सीखा” राउंड में 5 बच्चों ने एक-एक लाइन बोलकर अपने अनुभव साझा किए और घर जाकर मम्मी-पापा से हिंदी में “नमस्ते” और “आप कैसे हैं” बोलने का होमवर्क दिया गया। NEP 2020 के अनुरूप 100% भागीदारी, तनावमुक्त वातावरण और मातृभाषा-आधारित शिक्षा इस शिविर की मुख्य उपलब्धि रही। ग्रुप फोटो एवं संवाद प्रतियोगिता के वीडियो साक्ष्य के रूप में पोर्टल पर अपलोड किए गए।इस अवसर पर राजेश यादव का विशेष सहयोग रहा तथा स्टाफ सदस्य जितेन्द्र दखोरा, विकास, सरोज धनखड़ और अशोक बेरवाल उपस्थित रहे।

दुकान से ड्राई फ्रूट व नगदी चोरी करने के मामले में एक आरोपी गिरफ्तार
बहादुरगढ़, 02 जून, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉ राजश्री सिंह के दिशा निर्देशन में कार्रवाई करते हुए थाना लाइनपार बहादुरगढ़ की पुलिस टीम ने दुकान से ड्राई फ्रूट और नगदी चोरी करने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की गई। मामले की जानकारी देते हुए थाना प्रबंधक लाइनपार बहादुरगढ़ निरीक्षक अजय ने बताया कि संजीत निवासी बामडोली बहादुरगढ़ ने शिकायत देते हुए बताया कि मैंने नाहर नाहरी रोड पर अपने फ्रूट व ड्राई फ्रूट की दुकान किराए पर ले रखी है और कल शाम को अपनी दुकान को बंद करके अपने घर चला गया था।जब सुबह आकर देखा तो दुकान का ताला टूटा हुआ मिला और ड्राई फ्रूट और गला में रखें ₹25000 की नगदी कोई नाम पता नहीं मालूम व्यक्ति चोरी करके ले गया। जिस शिकायत पर कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ थाना लाइनपार बहादुरगढ़ में आपराधिक मामला दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि पुलिस कमिश्नर डॉक्टर राजश्री सिंह ने उपरोक्त मामले में गहनता से कार्रवाई करने के संबंध में कड़े दिशा निर्देश दिए गए थे। पुलिस कमिश्नर के दिशा निर्देशों की पालना करते थाना में तैनात सहायक उप निरीक्षक महावीर सिंह की पुलिस टीम ने उपरोक्त मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए आरोपी की पहचान साहिल निवासी बिहारी कॉलोनी निजामपुर रोड लाइनपार बहादुरगढ़ के तौर पर की गई। पकड़े गए आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अदालत बहादुरगढ़ में पेश किया गया। अदालत के आदेश अनुसार आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

मांग के अनुसार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु नई तकनीकों को अपनाएं बिजली निगम: केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री श्री मनोहर लाल
हरियाणा में 16,552 मेगावाट से अधिक बिजली उपलब्ध, उपभोक्ताओं को मिलेगी निर्बाध आपूर्ति – ऊर्जा मंत्री श्री अनिल विज
सौर ऊर्जा को मिलेगा बड़ा बढ़ावा, हरियाणा में 2.20 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य’

चंडीगढ़, 02 जून, अभीतक: केंद्रीय ऊर्जा मंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि देश और राज्यों में बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने के साथ-साथ बिजली क्षेत्र में होने वाले घाटे को कम करना समय की आवश्यकता है। इसके लिए बिजली निगमों को नई तकनीकों को अपनाते हुए लक्ष्य आधारित योजनाओं एवं परियोजनाओं पर तेजी से कार्य करना होगा, ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय बिजली उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने कहा कि बिजली एक महत्वपूर्ण सेवा होने के साथ-साथ एक आर्थिक संसाधन भी है, जिसके उत्पादन और वितरण में भारी लागत आती है। इसलिए वितरण व्यवस्था को अधिक सक्षम और आधुनिक बनाना आवश्यक है। केंद्रीय मंत्री गत देर सायं चंडीगढ़ स्थित हरियाणा निवास में हरियाणा के बिजली निगमों तथा केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में हरियाणा के ऊर्जा मंत्री श्री अनिल विज भी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान श्री मनोहर लाल ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार, तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानियों में कमी, राजस्व वृद्धि तथा वितरण प्रणाली के आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि हरियाणा बिजली क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है और राज्य को बिजली घाटे को शून्य करने की दिशा में और अधिक प्रयास करने चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिजली बिलिंग और वास्तविक आपूर्ति के बीच के अंतर को न्यूनतम करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2013-14 में हरियाणा के बिजली निगमों का कुल लाइन लॉस लगभग 34 प्रतिशत था, जिसमें अब उल्लेखनीय कमी आई है। इस पर केंद्रीय मंत्री ने संतोष व्यक्त करते हुए सुधार की गति को और तेज करने के निर्देश दिए।
प्रीपेड और स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से लागू करने के निर्देश’
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने राज्य में प्रीपेड मीटरिंग प्रणाली के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रथम चरण में सरकारी कार्यालयों, सरकारी भवनों और सरकारी कर्मचारियों के परिसरों में इसे लागू किया जाए। इसके पश्चात 10 किलोवाट से अधिक भार वाले उपभोक्ताओं तथा अन्य श्रेणियों के उपभोक्ताओं को इस प्रणाली से जोड़ा जाए। स्मार्ट मीटरिंग योजना की समीक्षा के दौरान श्री मनोहर लाल ने कहा कि स्मार्ट मीटरों का शीघ्र विस्तार बिजली क्षेत्र में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ बिजली हानियों को कम करने में सहायक होगा। इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि भविष्य में प्रदेश के सभी नए उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि स्मार्ट मीटर आधुनिक तकनीक से युक्त हैं तथा सौर ऊर्जा प्रणालियों के साथ एकीकृत होने की क्षमता रखते हैं।
म्हारा गांव-जगमग गांव’ योजना बनी सफलता की मिसाल
बैठक में केंद्रीय मंत्री ने ‘म्हारा गांव-जगमग गांव’ योजना की सराहना करते हुए कहा कि यह योजना हरियाणा में ग्रामीण बिजली आपूर्ति सुधारने की दिशा में अत्यंत सफल साबित हुई है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के 6,117 गांवों को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व में केवल सीमित संख्या में गांवों को ही चैबीस घंटे बिजली मिलती थी, जबकि आज हरियाणा ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली उपलब्धता के मामले में अग्रणी राज्यों में शामिल है।
हरियाणा के पास वर्तमान मांग से अधिक बिजली उपलब्ध
बैठक में राज्य की वर्तमान एवं भविष्य की बिजली मांग और उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा के पास वर्तमान में 16,552 मेगावाट से अधिक अनुबंधित बिजली क्षमता उपलब्ध है। इसमें लगभग 9,929.92 मेगावाट क्षमता तापीय, परमाणु और गैस आधारित स्रोतों से तथा 6,622.58 मेगावाट क्षमता जलविद्युत, सौर, पवन, बायोमास और अन्य नवीकरणीय स्रोतों से प्राप्त हो रही है। बैठक में यह भी बताया गया कि चालू वर्ष में हरियाणा में अधिकतम बिजली मांग लगभग 16,454 मेगावाट तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि राज्य के पास इससे अधिक बिजली उपलब्ध है। वहीं वर्ष 2029-30 तक प्रदेश में अधिकतम बिजली मांग बढ़कर लगभग 19,481 मेगावाट तक पहुंच सकती है, जिसके मद्देनजर दीर्घकालिक ऊर्जा योजना पर कार्य किया जा रहा है।
’प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत सौर ऊर्जा को मिलेगा बढ़ावा’
बैठक में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा में चालू वर्ष के दौरान 2.20 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिनमें से अब तक लगभग 86 हजार सोलर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं। केंद्रीय मंत्री ने निर्देश दिए कि इस योजना के तहत छोटे और मध्यम वर्गीय उपभोक्ताओं को विशेष प्राथमिकता दी जाए, ताकि अधिक से अधिक परिवार सौर ऊर्जा से जुड़ सकें और बिजली खर्च में कमी ला सकें। उन्होंने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना समय की मांग है और इसके लिए जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है। बैठक में हरियाणा ऊर्जा विभाग की आयुक्त एवं सचिव श्रीमती आशिमा बराड़, उत्तर एवं दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक बिक्रम सिंह, हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक डॉ. आदित्य दहिया, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग की निदेशक संगीता तेतरवाल तथा केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय व राज्य बिजली निगमों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने कुरुक्षेत्र में हरियाणा राजस्व प्रशिक्षण अकादमी को दी मंजूरी
गांव उमरी में 14 एकड़ भूमि की हुई पहचान
राजस्व अधिकारियों, पटवारियों और फील्ड कर्मचारियों के लिए समर्पित ट्रेनिंग
हब बनाने हेतु 100 करोड़ रुपये की परियोजना

चंडीगढ़, 02 जून, अभीतक: हरियाणा के राजस्व प्रशासन को आधुनिक बनाने और संस्थागत क्षमता निर्माण को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कुरुक्षेत्र जिले के गांव उमरी में श्हरियाणा राजस्व प्रशिक्षण अकादमीश् की स्थापना को मंजूरी दे दी है। लगभग 100 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 14 एकड़ भूमि पर इस परियोजना को विकसित किया जाएगा। यह अकादमी राज्य के राजस्व अधिकारियों और फील्ड स्तर के कर्मचारियों के लिए एक प्रमुख प्रशिक्षण केंद्र के रूप में काम करेगी। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तीय आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि यह अकादमी राजस्व अधिकारियों की पेशेवर क्षमताओं को बढ़ाने और उन्हें भूमि प्रशासन, आपदा प्रबंधन तथा सार्वजनिक सेवा वितरण की बदलती चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह निर्णय राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा अकादमी के लिए एक उपयुक्त स्थान की पहचान करने हेतु की गई विस्तृत चर्चा के बाद लिया गया है, जिसकी घोषणा हरियाणा बजट 2026-27 में की गई थी। कुरुक्षेत्र जिले से प्राप्त कई प्रस्तावों का मूल्यांकन करने के बाद सरकार ने इस परियोजना के लिए ग्राम पंचायत उमरी को सबसे उपयुक्त स्थान के रूप में चुना है। डॉ. मिश्रा ने बताया कि उमरी में प्रस्तावित स्थल के कई राजनीतिक और प्रशासनिक लाभ हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर स्थित होने के कारण, यह भूमि हरियाणा के सभी हिस्सों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों से भी बेहतरीन कनेक्टिविटी प्रदान करती है। यह स्थल मिनी सचिवालय और तहसील परिसर से लगभग दो किलोमीटर की दूरी पर है, जिससे प्रमुख प्रशासनिक कार्यालयों और सरकारी विभागों तक आसानी से पहुँचा जा सकता है। अकादमी का यह स्थल कुरुक्षेत्र शहर के भी करीब है और आयुष विश्वविद्यालय से लगभग एक किलोमीटर दूर है, जिससे यह तेजी से विकसित हो रहे शैक्षणिक और संस्थागत कॉरिडोर के भीतर आता है। डॉ. मिश्रा ने कहा कि हरियाणा राजस्व प्रशिक्षण अकादमी को एक अत्याधुनिक संस्थान के रूप में परिकल्पित किया गया है, जो राजस्व अधिकारियों, पटवारियों, कानूनगो और अन्य फील्ड-स्तरीय अधिकारियों को प्रशिक्षित करने के लिए समर्पित होगा। अकादमी आधुनिक भूमि शासन प्रथाओं, भूमि रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण, राजस्व कानूनों, विवाद समाधान तंत्र, भूमि अधिग्रहण प्रक्रियाओं, आपदा प्रबंधन और सार्वजनिक प्रशासन में उभरती चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित करेगी। उम्मीद है कि यह संस्थान पेशेवर प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के लिए एक उत्कृष्टता केंद्र (ब्मदजतम व िम्गबमससमदबम) के रूप में उभरेगा, जिससे पूरे हरियाणा में राजस्व प्रशासन में दक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही में सुधार करने में मदद मिलेगी। राज्य की प्रशासनिक मशीनरी की रीढ़ के रूप में, राजस्व विभाग भूमि शासन, राजस्व प्रशासन, आपदा प्रबंधन और नागरिक सेवाओं के वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पिछले कुछ वर्षों में, डिजिटल भूमि रिकॉर्ड, ऑनलाइन सेवा वितरण प्लेटफॉर्म और तकनीक-सक्षम शासन प्रणालियों की शुरुआत के साथ इसकी जिम्मेदारियों का दायरा और जटिलता काफी बढ़ गई है। इन बदलावों के बावजूद, एक समर्पित प्रशिक्षण पारिस्थितिकी तंत्र की कमी एक बड़ी कमी बनी हुई थी। हरियाणा राजस्व प्रशिक्षण अकादमी विश्व स्तरीय क्षमता निर्माण केंद्र बनकर इस कमी को पूरा करेगी, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि राजस्व अधिकारी डिजिटल युग में कुशल, पारदर्शी और संवेदनशील प्रशासन के लिए आवश्यक आधुनिक ज्ञान, डिजिटल क्षमताओं और व्यावहारिक कौशल से लैस हों।

हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने तेलंगाना स्थापना दिवस पर दी शुभकामनाएं
विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की प्राप्ति में तेलंगाना और हरियाणा की महत्वपूर्ण भूमिका – राज्यपाल

चंडीगढ़, 02 जून, अभीतक: हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने तेलंगाना राज्य के स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई देते हुए कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेलंगाना और हरियाणा दोनों राज्य महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। राज्यपाल आज यहां हरियाणा लोक भवन में तेलंगाना स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में अधिकारियों एवं तेलंगाना समुदाय के सदस्यों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिकारियों सहित हरियाणा में निवास कर रहे तेलंगाना समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे। प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि 2 जून, 2014 को तेलंगाना राज्य का गठन लाखों लोगों की लोकतांत्रिक आकांक्षाओं की पूर्ति का ऐतिहासिक क्षण था। स्थापना के बाद से तेलंगाना देश के सबसे गतिशील और प्रगतिशील राज्यों में से एक के रूप में उभरा है तथा कृषि, सूचना प्रौद्योगिकी, आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और औद्योगिक विकास के क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि तेलंगाना के लोगों की मेहनत, नवाचार और दृढ़ संकल्प ने राज्य को देश की आर्थिक प्रगति और तकनीकी विकास में अग्रणी योगदानकर्ताओं में शामिल कर दिया है। तेलंगाना की विकास यात्रा न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि यह भारत की लोकतांत्रिक एवं संघीय व्यवस्था की मजबूती को भी दर्शाती है। हरियाणा और तेलंगाना के बीच मजबूत संबंधों का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि भौगोलिक दूरी के बावजूद दोनों राज्य समावेशी विकास, किसानों और युवाओं के कल्याण तथा प्रत्येक नागरिक की उन्नति एवं प्रगति के साझा उद्देश्य से जुड़े हैं। प्रो. असीम कुमार घोष ने विश्वास व्यक्त किया कि तेलंगाना के लोग भविष्य में भी नई उपलब्धियां हासिल करते रहेंगे और राष्ट्र की प्रगति, समृद्धि तथा गौरव में अपना अमूल्य योगदान देते रहेंगे। इस अवसर पर हरियाणा के मुख्य सूचना आयुक्त श्री टी.वी.एस.एन. प्रसाद, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजा शेखर वुंद्रू, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (मानवाधिकार एवं वाद-विवाद) डॉ. सी.एस. राव, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, डॉ. एम. रवि किरण, राज्यपाल के सचिव श्री विजयकुमार भाविकट्टी, राज्यपाल के एडीसी श्री धीरज सेतिया व श्री पी. भरत, अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा हरियाणा में निवास कर रहे तेलंगाना समुदाय के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

हरियाणा के सरकारी डॉक्टरों के लिए पीजी बॉन्ड पॉलिसी में किया बदलाव -डॉ. सुमिता मिश्रा
क्लिनिकल पीजी डॉक्टरों के लिए कोई मेडिकल एजुकेशन बॉन्ड नहीं
नॉन-क्लिनिकल, पैरा क्लिनिकल स्पेशलिस्ट तीन साल मेडिकल कॉलेजों में करेंगे काम

चंडीगढ़, 02 जून, अभीतक: हरियाणा सरकार ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की कमी को दूर करने और अस्पतालों में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की लगातार मौजूदगी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सर्विस के दौरान पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन कर रहे डॉक्टरों के लिए पॉलिसी में बड़ा बदलाव किया है। यह जानकारी देते हुए हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर, मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च डिपार्टमेंट की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च विभाग की ओर से जारी की गई बदली हुई पॉलिसी के तहत जो डॉक्टर सरकारी सर्विस में रहते हुए क्लिनिकल स्पेशलिटी में पोस्टग्रेजुएट डिग्री कर लेते हैैं। अब उन्हें मेडिकल एजुकेशन बॉन्ड भरने की जरूरत नहीं होगी, और वे अपने मूल विभाग में काम करते रहेंगे। इस निर्णय से पूरे हरियाणा में स्पेशलिस्ट हेल्थकेयर सेवाएं मजबूत होने की उम्मीद है। हरियाणा के मेडिकल कॉलेजों में मौजूदा रिजर्वेशन कोटे के तहत सेवा के दौरान पोस्टग्रेजुएट पढ़ाई करने वाले डॉक्टरों को बढ़ावा देने से जुड़ी सरकार की 2022 पॉलिसी के नियमों में बदलाव किया गया है। नई पॉलिसी अनुसार नॉन-क्लिनिकल और पैरा-क्लिनिकल स्पेशलिस्ट के लिए तीन साल की टीचिंग सर्विस केे दौरान जो डॉक्टर राज्य के मेडिकल कॉलेजों में रिजर्वेशन का फायदा उठाकर प्री-क्लिनिकल और पैरा-क्लिनिकल विषय में पोस्टग्रेजुएट कोर्स पूरा कर लेते हैं, उन्हें मेडिकल एजुकेशन और रिसर्च डिपार्टमेंट के तहत मेडिकल एजुकेशन इंस्टीट्यूशन में तीन साल तक काम करना होगा। इन डॉक्टरों को मेडिकल एजुकेशन और रिसर्च डिपार्टमेंट में निर्धारित समय पूरा करने के बाद स्थाई तौर पर शामिल होने का ऑप्शन दिया जाएगा, जिससे सरकारी मेडिकल कॉलेजों में टीचिंग फैकल्टी बढाने का स्पेशल रास्ता बनेगा। हरियाणा ने यह कदम ऐसे समय में उठाया है जब नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के साथ मेडिकल एजुकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से बढ़ाया जा रहा है, जिससे एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, फार्माकोलॉजी, पैथोलॉजी और माइक्रोबायोलॉजी जैसे विषय में योग्य टीचरों की मांग बढ़ गई है। पॉलिसी की सबसे खास बात यह है कि क्लिनिकल में पोस्टग्रेजुएट पढ़ाई करने वाले डॉक्टरों को छूट दी गई है। ऐसे डॉक्टरों को हरियाणा सिविल डेंटल सर्विस मेडिकल एजुकेशन बॉन्ड भरने की जरूरत नहीं होगी और वे अपनी हायर स्टडी पूरी करने के बाद अपने मूल विभाग में सर्विस जारी रख सकेंगे। इस निर्णय से यह सुनिष्चित होगा कि सरकारी अस्पतालों में स्पेशलिस्ट मैनपावर बनाए रखने में मदद मिलेगी और पब्लिक हेल्थकेयर संस्थानों को योग्य डॉक्टरों की कमी का सामना नही करना पड़ेगा। डॉ. मिश्रा ने कहा कि बदली हुई पोलिसी में दो आवश्यक प्रबंधो के बीच संतुलन बनाने का प्रयास किया गया है जिसमें मेडिकल कॉलेजों में क्वालिफाइड फैकल्टी की बढ़ती मांग को पूरा करना और अस्पतालों में स्पेशलिस्ट मेडिकल सर्विस को बनाए रखना है। सरकार को उम्मीद है कि नॉन-क्लिनिकल पोस्टग्रेजुएट को टीचिंग संस्थानों की ओर भेजने और क्लिनिकल स्पेशलिस्ट को हेल्थकेयर सर्विस में बने रहने की इजाजत देने से मेडिकल एजुकेशन और मरीजों की देखभाल दोनों एक साथ मजबूत होंगी। पॉलिसी में यह बदलाव इसलिए किया गया है कि हरियाणा अपने मेडिकल एजुकेशन नेटवर्क बढ़ाने में बड़ा निवेष कर रहा है। हाल ही में कई नए सरकारी मेडिकल कॉलेज बनाए गए हैं, जिससे नेशनल मेडिकल कमीशन के नियमों को पूरा करने और मेडिकल एजुकेशन की क्वालिटी में सुधार के लिए ट्रेंड फैकल्टी सदस्यों की तुरंत जरूरत हो गई है। नई पॉलिसी से जिला और तीसरे स्तर के हॉस्पिटल में स्पेशलिस्ट हेल्थकेयर सर्विस पर बिना असर डाले एकेडमिक प्रोफेशनल्स का एक स्थाई पूल बनाने में मदद मिल सकती है। यह नोटिफिकेशन डिपार्टमेंट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च ने अथॉरिटी की मंजूरी से जारी किया गया है। इससे उम्मीद है कि सर्विस के दौरान पोस्टग्रेजुएट क्वालिफिकेशन कर रहे डॉक्टरों को करियर में आगे बढ़ने और सर्विस की जिम्मेदारियों के बारे में ज्यादा स्पष्टता आएगी।

हरियाणा ने एसजीएसटी) संग्रह की विकास दर के मामले में देश के सभी राज्यों में पहला स्थान हासिल किया
इस बार राज्य की विकास दर रही 22 प्रतिशत

चंडीगढ़, 02 जून, अभीतक: हरियाणा ने मई 2026 के महीने में ष्राज्य माल और सेवा करष् (एसजीएसटी) संग्रह की विकास दर के मामले में देश के सभी राज्यों में पहला स्थान हासिल किया है। मई 2025 की तुलना में इस बार राज्य ने 22 प्रतिशत की शानदार विकास दर दर्ज की है, जबकि इस अवधि के दौरान एसजीएसटी संग्रह में राष्ट्रीय औसत विकास दर महज 6 प्रतिशत रही। इस सूची में हरियाणा के बाद मेघालय 19 प्रतिशत के साथ दूसरे, कर्नाटक 17 प्रतिशत के साथ तीसरे और गुजरात 16 प्रतिशत के साथ चैथे स्थान पर रहा। आबकारी एवं कराधान विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि मई के महीने में हरियाणा का शुद्ध राज्य जीएसटी (निपटान के बाद) संग्रह 4,456 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष के इसी महीने के संग्रह (3,649 करोड़ रुपये) से 807 करोड़ रुपये अधिक है। इसके अलावा, वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले दो महीनों में भी हरियाणा सभी राज्यों के बीच एसजीएसटी राजस्व की संचयी विकास दर (क्युमुलेटिव ग्रोथ रेट) में शीर्ष पर है। राज्य ने पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि की तुलना में 40 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की है, जबकि चालू वित्तीय वर्ष के पहले दो महीनों के दौरान राज्य जीएसटी राजस्व की औसत राष्ट्रीय वृद्धि 23 प्रतिशत रही। यह पहली बार नहीं है जब राज्य ने ऐसा प्रदर्शन किया होय हरियाणा लगातार एसजीएसटी राजस्व में उच्च विकास दर दर्ज कर रहा है। इससे पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में भी हरियाणा ने राष्ट्रीय औसत 6 प्रतिशत के मुकाबले 22 प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ देश में सबसे अधिक ग्रोथ रेट दर्ज की थी। राज्य के जीएसटी राजस्व में इस लगातार उच्च वृद्धि का श्रेय प्रदेश की बढ़ती अर्थव्यवस्था और कुशल कर-प्रशासन को दिया जा रहा है। विभाग द्वारा डेटा एनालिटिक्स पर आधारित प्रवर्तन (इन्फोर्समेंट), फर्जी करदाताओं के खिलाफ गहन अभियान, अनुपालन (कम्प्लायंस) में सुधार और राजस्व रिसाव को रोकने के लिए लगातार कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। इसके साथ ही, कर-प्रशासन को अधिक व्यापार-अनुकूल बनाने और करदाताओं की सुविधा के लिए भी विभाग प्रयासरत है। इसी कड़ी में, मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट भाषण में की गई घोषणा के अनुपालन में, विभाग ने अब करदाताओं की सहूलियत के लिए पोर्टल पर उपलब्ध कराने के साथ-साथ कारण बताओ नोटिस (शो कॉज नोटिस) और संक्षिप्त आदेशों को पंजीकृतध्स्पीड पोस्ट के माध्यम से भी भेजना शुरू कर दिया है।

प्रधानमंत्री मोदी के न्याय विजन को हरियाणा में साकार कर रही सरकार: मुख्यमंत्री नायब सैनी
मुख्यमंत्री ने भारतीय न्याय संहिता के क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक ली, दिए विशेष निर्देश
जांच में देरी पर सख्ती और वैज्ञानिक साक्ष्यों के उपयोग को लेकर भी दिए निर्देश
जांच अधिकारियों को मिलेगा अब अलर्ट, समय पर चार्जशीट सबमिट ना करने वालों पर होगी कार्रवाई

चंडीगढ़, 02 जून, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य है कि न्याय केवल मिले ही नहीं, बल्कि समयबद्ध, पारदर्शी और तकनीक-सक्षम व्यवस्था के माध्यम से हर नागरिक तक पहुंचे। हरियाणा सरकार नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन द्वारा इस विजन को धरातल पर उतारते हुए न्याय प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता को नई मजबूती प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को भारतीय न्याय संहिता (ठछै) सहित तीनों नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने विशेष दिशा निर्देश भी दिए। बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि हरियाणा भारतीय न्याय संहिता (ठछै), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (ठछैै) तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम (ठै।) को पूर्ण रूप से लागू करने वाले देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। पुलिस, जेल तथा अभियोजन विभागों के बीच बेहतर समन्वय, व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा तकनीकी आधुनिकीकरण के माध्यम से राज्य की आपराधिक न्याय प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन मामलों में 10 वर्ष से कम सजा का प्रावधान है और जिनमें चार्जशीट दाखिल की जानी है, उन मामलों के जांच अधिकारियों (आईओ) को 45वें दिन से प्रतिदिन एसएमएस के तौर पर अलर्ट भेजे जाएं, ताकि वे निर्धारित 60 दिनों की समयसीमा के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट सबमिट कर सकें। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में संबंधित थाना प्रभारी की भी जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। इसके अतिरिक्त 55वें दिन संबंधित पुलिस अधीक्षक (एसपी) को भी स्वतः अलर्ट भेजा जाए। उन्होंने कहा कि जिन गंभीर मामलों में 10 वर्ष से अधिक सजा का प्रावधान है, उनमें जांच के लिए 90 दिनों की समयसीमा निर्धारित है, लेकिन 60वें दिन से ही निगरानी एवं रिपोर्टिंग की प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि किसी भी स्तर पर देरी की संभावना न रहे। इसमें भी उसी प्रकार से अलर्ट भेजे जाएं, ताकि वो भी चार्जशीट सबमिट करने में देरी ना करे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन सभी मामलों की दैनिक आधार पर समीक्षा रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नए कानूनों की भावना के अनुरूप समयबद्ध जांच और शीघ्र न्याय सुनिश्चित करना सभी संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। बैठक के दौरान ई-साक्ष्य (म-ैंोीलं) तथा एनएएफआईएस (छ।थ्प्ै) प्रणाली की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराध की वैज्ञानिक जांच को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि किसी जांच अधिकारी द्वारा फिंगर प्रिंट अथवा अन्य आवश्यक वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र नहीं किए जाते हैं तो उसके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। उन्होंने ऐसे मामलों में इंक्रीमेंट रोकने जैसे प्रावधानों पर भी गंभीरता से अमल करने के निर्देश दिए। बैठक में न्याय श्रुति (छलंलं ैीतनजप) परियोजना की स्थिति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रदेश में 453 वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कोर्ट्स के संचालन हेतु आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। अधिकांश जिलों में इनका उपयोग 90 से 92 प्रतिशत तक हो रहा है, जबकि 7 जिलों में यह दर लगभग 87 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री ने इन जिलों में भी उपयोगिता दर बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि नए आपराधिक कानून न्याय प्रणाली में ऐतिहासिक परिवर्तन लेकर आए हैं। इनका उद्देश्य न्याय प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी, तकनीक-संचालित और समयबद्ध बनाना है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि अपराध की जांच आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर हो तथा प्रत्येक नागरिक को समय पर न्याय मिले। उन्होंने अधिकारियों से नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरतने के निर्देश दिए। गृह सचिव श्री सुधीर राजपाल ने कहा कि हरियाणा नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में आपराधिक न्याय प्रणाली को अधिक आधुनिक, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में लगातार सुधारात्मक कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि तकनीक के अधिकतम उपयोग, वैज्ञानिक जांच तथा समयबद्ध कार्रवाई के माध्यम से न्याय वितरण प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों का न्याय व्यवस्था पर विश्वास और मजबूत होगा। इसके अलावा पुलिस महानिदेशक के साथ भी नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और उससे संबंधित रैकिंग प्वाइंट्स में और ज्यादा बेहतरी के लिए हर सप्ताह मंगलवार को रिव्यू बैठक करने का निर्णय भी लिया है। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, गृह सचिव श्री सुधीर राजपाल, पुलिस महानिदेशक श्री अजय सिंघल, विशेष गृह सचिव (द्वितीय) सुश्री आमना तसनीम, पुलिस महानिदेशक (जेल) श्री आलोक मित्तल, श्रीमती कला रामचंद्रन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष ने किया अटल बहुउद्देशीय सभागार व विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण
भिवानी, 02 जून, अभीतक: हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड, भिवानी के अध्यक्ष श्री शंकर लाल धूपड़ ने आज बोर्ड परिसर में निर्माणाधीन अटल बहुउद्देशीय सभागार का निरीक्षण किया तथा बोर्ड की विभिन्न शाखाओं की कार्यप्रणाली और लंबित फाईलों की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान श्री शंकर लाल धूपड़ ने सबसे पहले बोर्ड परिसर में निर्माणाधीन अटल बहुउद्देशीय सभागार का निरीक्षण किया और इसे तय समय सीमा पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण स्थल पर इधर-उधर पड़ी अव्यवस्थित निर्माण सामग्री पर असंतोष व्यक्त किया तथा संबंधित अधिकारियों को तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने कार्यालय में विभिन्न शाखाओं में जाकर कर्मचारियों की उपस्थिति और लंबित मामलों का जायजा लिया तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि बोर्ड के कार्यों में पारदर्शिता और समयबद्धता कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने लंबित मामलों का शीघ्र निपटान करने बारे भी आदेश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल एक बार का निरीक्षण नहीं है, आगे भी विभागीय कार्यों की समीक्षा करने के लिए इसी तरह औचक निरीक्षण किए जाएंगे। बोर्ड अध्यक्ष ने बोर्ड कार्यालय में आए विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों से भी संवाद किया। उन्होंने लोगों से बोर्ड के कार्यों और सुविधाओं के बारे में उनकी राय जानी। लोगों ने बोर्ड अध्यक्ष से अपने अनुभव साझा किए, जिनमें से कई ने बोर्ड की कार्यप्रणाली की सराहना की, वहीं कुछ ने सुधार संबंधी सुझाव भी दिए। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें और जनता से संवाद के दौरान विनम्र एवं सहयोगपूर्ण व्यवहार बनाए रखें। उन्होंने आगे कहा कि हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड प्रदेशभर के विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों के हित में पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितकारी प्रशासन देने के लिए प्रतिबद्ध है।

8 व 9 जून को एचटेट परीक्षा-2024 हेतु अभ्यर्थियों को बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन का दिया गया अन्तिम अवसर- बोर्ड अध्यक्ष
चंडीगढ़, 02 जून, अभीतक: हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी के अध्यक्ष श्री शंकर लाल धूपड़ ने बताया कि हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा-2024 (एचटेट) का जो आयोजन 30 व 31 जुलाई, 2025 को करवाया गया था। परीक्षा का परिणाम 10 नवंबर, 2025 को घोषित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि शिक्षा बोर्ड द्वारा अभ्यर्थियों को बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूर्ण करने हेतु प्रथम अवसर 12 से 14 नवंबर एवं 19 से 21 नवंबर, 2025 तक दूसरा अवसर दिया गया था। जो अभ्यर्थी बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूर्ण नहीं कर पाए व जिनका परीक्षा परिणाम त्स्ट( त्मेनसज संजम कनम जव अमतपपिबंजपवद) दर्शाया गया है, ऐसे अभ्यर्थियों को बोर्ड द्वारा तीसरा व अन्तिम अवसर प्रदान किया गया है। अभ्यर्थी 8 व 9 जून, 2026 को बोर्ड मुख्यालय भिवानी पंहुचकर अपनी बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूर्ण कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि ऐसे अभ्यर्थियों जो अपनी त्स्ट की स्थिति (ैजंजने) में सुधार चाहते हैं, वे अभ्यर्थी पर्याप्त प्रमाण सहित (मूल प्रवेश पत्र (।कउपज ब्ंतक), फोटोयुक्त मूल पहचान पत्र, त्स्ट परीक्षा परिणाम का प्रमाण लेकर पंहुचना सुनिश्चित करें। उन्होंने आगे बताया कि ऐेसे सभी अभ्यर्थियों को उनके द्वारा ऑनलाइन आवेदन करते समय उपलब्ध करवाए गए पंजीकृत मोबाइल नंबर ध्ई-मेल पर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन प्रक्रिया बारे संदेश भेजे जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि जो अभ्यर्थी इन तिथियों में यह प्रक्रिया पूर्ण नहीं करते हैं, उनका परीक्षा परिणाम घोषित नहीं किया जाएगा।

सरकारी अस्पतालों में साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को पीपीपी मोड पर करवाया जाएगा: आरती सिंह राव
चरखी दादरी जिले में निर्माणाधीन गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज का नाम स्वतंत्रता सेनानी राव तुलाराम के नाम पर होगा
कहा: महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों में दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा

चंडीगढ़, 02 जून, अभीतक: हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि प्रदेश सरकार का मुख्य फोकस राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़, सुरक्षित और आधुनिक बनाने पर है। आज चंडीगढ़ में अपने सरकारी आवास पर मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य के सरकारी अस्पतालों में प्रबंधन को बेहतर करने के लिए साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर सौंपा जाएगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य अस्पतालों में महिला मरीजों, नर्सों, डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की सुरक्षा को बेहद मजबूत करना है। स्वास्थ्य मंत्री ने महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इसी कड़ी में उन्होंने कुरुक्षेत्र के लोक नायक जयप्रकाश नागरिक अस्पताल में एक नाबालिग लड़की के साथ हुए यौन उत्पीड़न के मामले का जिक्र करते हुए बताया कि आरोपी कंसलटेंट के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसकी सेवाएं समाप्त कर दी हैं। आरती सिंह राव ने जानकारी दी कि चरखी दादरी जिले में निर्माणाधीन गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज का नाम देश के महान स्वतंत्रता सेनानी राव तुलाराम के नाम पर रखा जाएगा। इस नामकरण के लिए उन्होंने केंद्र सरकार और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह इस नामकरण के लिए लगातार प्रयास कर रहे थे। स्वास्थ्य मंत्री ने जोर देकर कहा कि ऐसे प्रयासों से हमारी युवा पीढ़ी को देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों के सर्वोच्च बलिदान और संघर्षों को करीब से जानने का अवसर मिलेगा। यह मेडिकल कॉलेज न केवल चिकित्सा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगा, बल्कि युवाओं के लिए एक बड़ा प्रेरणा स्रोत भी बनेगा, जिससे वे देश सेवा के प्रति प्रेरित होंगे। राज्य के नागरिकों को बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए आरती सिंह राव ने कहा कि सरकार की शीर्ष प्राथमिकता सभी जिलों में गायनेकोलॉजिस्ट, एनेस्थीसिया और पीडियाट्रिशन (बाल रोग विशेषज्ञ) की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। उनका मुख्य फोकस सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में महिलाओं और बच्चों को उनके घर के नजदीक ही इलाज की सुविधाएं प्रदान करना है। उन्होंने स्वास्थ्य के क्षेत्र में किये जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में चिकित्सा ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार ने करीब 104.16 करोड़ रुपये के विकास कार्य शुरू किए हैं। इसके साथ ही 15वें वित्त आयोग के तहत राज्य में 766 नए स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण को मंजूरी दी गई है, जिसमें ग्रामीण और कस्बा स्तर पर स्वास्थ्य तंत्र को मजबूत करने के लिए 597 उप-स्वास्थ्य केंद्र, 51 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी), 7 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और 111 ब्लॉक पब्लिक हेल्थ सेंटर शामिल हैं। मरीजों को आधुनिक सुविधाएं और सस्ती दवाएं देने के प्रयासों को रेखांकित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि हृदय रोगियों की सहूलियत के लिए राज्य के 600 स्वास्थ्य संस्थानों में टेली-ईसीजी सेवाएं शुरू की जा रही हैं। इसके अलावा आम जनता को सस्ती एवं उच्च गुणवत्ता वाली दवाएं उपलब्ध कराने के लिए 23 जिला अस्पतालों में श्अमृत फार्मेसीश् स्थापित की गई हैं। इन फार्मेसियों में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए वे स्वयं भी समय-समय पर औचक निरीक्षण कर स्थिति का जायजा ले रही हैं। पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक तकनीक को स्वास्थ्य क्षेत्र से जोड़ते हुए आरती सिंह राव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश भर में ग्रीन एनर्जी को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी दिशा में अब सरकारी अस्पतालों में सोलर प्लांट लगाने की तैयारी की जा रही है, और हरियाणा सरकार भी इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए तेजी से कदम आगे बढ़ा रही है।

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