Haryana Abhitak News 28/02/26

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संस्कारम परिवार स्वास्थ्य कार्ड योजना का भव्य शुभारंभ, सेहत के क्षेत्र में नई चिकित्सीय क्रांति
साठ हजार से अधिक झज्जर के क्षेत्रवासियों को मिलेगा स्वास्थ्य कार्ड का लाभ: डॉ महिपाल

झज्जर, 28 फरवरी, अभीतक: संस्कारम ग्रुप द्वारा संस्कारम परिवार स्वास्थ्य कार्ड योजना का भव्य शुभारंभ होली मिलन समारोह के अवसर पर किया गया। इस ऐतिहासिक पहल को सेहत और उपचार के क्षेत्र में एक नई चिकित्सीय क्रांति के रूप में देखा जा रहा है। कार्यक्रम में संस्कारम ग्रुप के चेयरमैन डॉ. महिपाल ने अपने विस्तृत संबोधन में कहा कि संस्कारम हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर का मुख्य उद्देश्य ही समाज को बेहतर, सुलभ और आधुनिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य भी जीवन की मूलभूत आवश्यकता है और संस्कारम ग्रुप दोनों क्षेत्रों में उत्कृष्टता स्थापित करने के लिए संकल्पित है। उन्होंने यह भी कहा कि “संस्कारम परिवार स्वास्थ्य कार्ड योजना” संस्कारम परिवार के प्रत्येक सदस्य को स्वास्थ्य सुरक्षा की ठोस गारंटी प्रदान करेगी। लगभग साठ हजार से अधिक क्षेत्र वासियों को इस योजना का लाभ मिलेगा।इस योजना के अंतर्गत संस्कारम हॉस्पिटल एवं ट्रॉमा सेंटर, पाटोदा द्वारा ओपीडी, आईपीडी, 24×7 आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं, विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श, निःशुल्क सर्जरी, प्रसूति सेवा एवं डिलीवरी जैसी सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने आगे बताया कि एक्स-रे, सीटी स्कैन, पैथोलॉजिकल जांच, पंचकर्म थेरेपी, रक्तचाप एवं शुगर जांच सहित अनेक आवश्यक चिकित्सीय सेवाएं भी योजना के अंतर्गत निरूशुल्क प्रदान की जाएंगी। यह स्वास्थ्य कार्ड संस्कारम ग्रुप से संबद्ध विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों एवं विद्यालयों के विद्यार्थियों, कर्मचारियों तथा उनके परिवारजनों के लिए हर समय प्रभावी रहेगा। रक्तदान को बढ़ावा देते हुए डॉ. महिपाल ने घोषणा की कि यदि संस्कारम परिवार का कोई सदस्य एक यूनिट रक्तदान करता है, तो आवश्यकता पड़ने पर उसे दो यूनिट रक्त उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में संस्कारम हॉस्पिटल को विश्वस्तरीय मेडिकल कॉलेज एवं शोध केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे चिकित्सा के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान स्थापित हो सके। डॉ. महिपाल ने अपने उद्बोधन में यह भी कहा कि यह योजना केवल संस्थान तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आने वाले समय में हरियाणा सहित देशभर में विस्तार की दिशा में कार्य किया जाएगा। आजादी के अमृत काल में हमारा लक्ष्य एक रोगमुक्त, स्वस्थ और सशक्त भारत के निर्माण में योगदान देना है। इस अवसर पर संस्कारम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. गुरुदयाल सिंह ने कहा कि यह योजना शिक्षा और स्वास्थ्य के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि जब विद्यार्थी और कर्मचारी शारीरिक रूप से स्वस्थ होंगे, तभी वे शिक्षा और शोध के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकेंगे। यह पहल न केवल संस्थान के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक है। प्रो वाइस चांसलर डॉ. एम. सी. गुप्ता ने अपने वक्तव्य में कहा कि संस्कारम विश्वविद्यालय सदैव सामाजिक दायित्वों के निर्वहन में अग्रणी रहा है। “संस्कारम परिवार स्वास्थ्य कार्ड योजना” संस्थान की संवेदनशीलता और सामाजिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह योजना हजारों परिवारों के लिए सुरक्षा कवच सिद्ध होगी। कार्यक्रम में रजिस्ट्रार श्री सतीश कुमार, डीन एकेडमिक प्रोफेसर दिव्या त्यागी सहित विभिन्न संकायों के डीन, विभागाध्यक्षगण, चिकित्सकगण, विद्यार्थी व कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने इस जनकल्याणकारी पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए एक अनुकरणीय और दूरदर्शी कदम बताया।

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राघवेन्द्र संकल्प यात्रा के तहत शनिवार को झज्जर के बाबा प्रसादगिरि मंदिर में सुन्दर कांड पाठ व सत्संग का आयोजन हुआ। समाचार आप उपर दिए लिंक पर क्लिक कर पढें।

तपोभूमि जटेला धाम में फाल्गुन महोत्सव दुलहैंडी मेला चार मार्च को’
फाल्गुन महोत्सव दुलहैंडी मेला तपोभूमि जटेला धाम में उमड़ेंगे हजारों श्रृद्धालु : महंत राजेंद्र दास महाराज’

झज्जर, 28 फरवरी, अभीतक: प्रति वर्ष की भांति तपोभूमि जटेला धाम में फाल्गुन महोत्सव दुलहैंडी मेला चार मार्च को होगा जिसमें देश भर से हजारों श्रृद्धालु उमड़ेंगे यह जानकारी जटेला धाम के पीठाधीश्वर महंत श्री राजेंद्र दास महाराज ने दी है। उन्होंने बताया कि स्वामी नितानंद महाराज की तपोभूमि जटेला धाम आश्रम में 03 मार्च को प्रातः 10ः00 बजे स्वामी नितानंद महाराज की अमृतवाणी का अखंड पाठ का शुभारंभ होगा। 04 मार्च को प्रातः 09ः00 बजे से सत्संग और भंडारे का संचालन होगा। महाराज नितानंद सेवा समिति द्वारा फाल्गुन महोत्सव की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।महंत श्री राजेंद्र दास महाराज ने बताया कि तपोभूमि जटेला धाम आश्रम देश भर के कई राज्यों के लाखों श्रद्धालुओं की श्रृद्धा का केन्द्र है। आज के समय में स्वामी नितानंद महाराज की अमृतवाणी बहुत प्रासंगिक है। आश्रम द्वारा देश भर में अध्यात्म, योग, आयुर्वेद के साथ निर्धारित समयावधि में एक लाख आठ हजार पेड़ लगाकर पर्यावरण संरक्षण की अलख जगाई जा रही है।

इंडो अमेरिकन स्कूल, झज्जर में दीप प्रज्ज्वलन के साथ भव्य होली उत्सव का आयोजन
झज्जर, 28 फरवरी, अभीतक: इंडो अमेरिकन स्कूल, झज्जर में होली का पावन पर्व अत्यंत हर्षोल्लास, उत्साह और सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर रंगों, संगीत और उल्लास से सराबोर नजर आया। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया, जिसने पूरे आयोजन को शुभता और सकारात्मकता प्रदान की। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षकों ने विद्यार्थियों को होली के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, भाईचारे, सद्भाव और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। साथ ही विद्यार्थियों को आपसी मतभेद भुलाकर एक-दूसरे के साथ मिल-जुलकर पर्व मनाने की सीख दी गई। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने होली पर आधारित मनमोहक गीत, रंगारंग नृत्य प्रस्तुतियाँ और लघु नाटिकाएँ प्रस्तुत कीं, जिनमें समाज में एकता, सौहार्द और खुशियों का संदेश दिया गया। बच्चों की प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया और वातावरण को उत्सवमय बना दिया। विद्यालय प्रशासन द्वारा पर्यावरण-अनुकूल होली मनाने पर विशेष जोर दिया गया। विद्यार्थियों को हर्बल एवं प्राकृतिक रंगों के उपयोग के लिए प्रेरित किया गया तथा जल की बर्बादी न करने का संदेश भी दिया गया। सभी ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर प्रेम और अपनत्व का परिचय दिया। यह आयोजन न केवल विद्यार्थियों के लिए मनोरंजक रहा, बल्कि उनके व्यक्तित्व विकास और सांस्कृतिक मूल्यों को समझने का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी बना। दीप प्रज्ज्वलन के साथ मनाया गया यह होली उत्सव विद्यालय में सकारात्मक ऊर्जा, आनंद और आपसी एकता की भावना को और अधिक सुदृढ़ करता है। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय निदेशक श्री बिजेंद्र काद्यान ने बच्चों को जल संरक्षण का संदेश देते हुए हर्बल रंगों से होली खेलने के लिए प्रोत्साहित किया और इसी के साथ आयोजन का समापन किया गया।

एल. ए. स्कूल झज्जर में होली पर्व बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया
झज्जर, 28 फरवरी, अभीतक: एल. ए. सी. सै. स्कूल, दिल्ली-बहादुरगढ़ रोड़,सेक्टर-9,झज्जर में होली पर्व बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस बार की होली का शीर्षक फूलों से होली मनाओ रहा। होली का ये पावन पर्व आपसी भाईचारे का पर्व है। ऋतु परिवर्तन का ये पर्व लोगों के चहरे पर अनेकों खुशियां लेकर आता है। प्राचार्या निधि कादयान ने सभी बच्चों को पानी बचाकर,प्राकृतिक रंगों से होली मनाने का सन्देश दिया। होलिका के दहन से बुराइयों के विनाश कर अच्छाइयों को अपनाने का सन्देश देती है। स्कूल प्रबन्धक के.एम.डागर ने इस पावन पर्व के बारे में सभी बच्चों को विस्तार से बताया। स्कूल संचालक जगपाल गुलिया,जयदेव दहिया, अनिता गुलिया, नीलम दहिया ने सभी को शुभकामनाएं भेंट कर मिठाईयां वितरित की। होली सेलिब्रेशन का कार्य प्री – नर्सरी से दूसरी कक्षा के बच्चों के बीच रहा। बच्चों को होली सेलिब्रेशन के लिए मदर टीचर निकिता, नेहा, सपना, सरिता, सविता, मोना मनीषा, करिश्मा, अर्चना, सुदर्शना, निशु, पूनम के साथ प्री -प्राइमरी एचऑडी सपना अहलावत का विशेष योगदान रहा। कला अध्यापिका रितिका ने इस पावन पर्व पर ग्रफिटी का प्रयोग कर सभी बच्चों के हैंड प्रिंट व सिग्नेचर करा कर होली के पर्व को यादगार बना दिया। इस अवसर पर एचऑडी रविंद्र लोहचब , पिंकी अहलावत, पुष्पा यादव व भूगोल प्राध्यापक मुकेश शर्मा के साथ सभी अध्यापक वर्ग मौजूद रहा।

संसार में माता-पिता से बढ़कर कोई नहीं: राजबाला फौगाट
झज्जर, 28 फरवरी, अभीतक: एच.डी. स्कूल, बिरोहड़ में होली उत्सव बड़े ही हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। कक्षा छठी के बच्चों को आज होली का उत्सव मनाने की जिम्मेवारी दी गई। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि श्रीमती राजबाला फौगाट उप शिक्षा अधिकारी भिवानी ने द्वीप प्रज्वलन कर की। उन्होनें बच्चों द्वारा दी गई प्रस्तुतियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि मेरी तरफ से आपको व आपके अभिभावको को यह शुभकामनाएं देती हूं कि होली का यह त्योहार आपके जीवन में खुशियां भर दे। आप सभी बच्चे वार्षिक परीक्षा में अच्छे अंक लेकर उत्तीर्ण हों। इस बार आप सभी विद्यार्थियों के सपने पूरे हों। आपसे आपके माता-पिता बहुत उम्मीद रखते हैं। संसार में माता-पिता से बढ़कर कोई नहीं है। आप उनकी उम्मीदों पर खरा उतरने पर शतप्रतिशत प्रयास करें। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने रंगों की महिमा और होली के सांस्कृतिक महत्व को दर्शाते हुए मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं। ‘रंगो से कोई नहीं बचना चाहिए’ गाने पर बच्चों ने खुब ठुमके लगाए। हरियाणवी गाना ‘आया होली का त्योहार, रंग उड़ै गाला मैं’ ने हरियाणवी वेशभूषा का परिचय दिया, अमिताभ बच्चन के गाने ‘रंग बरसै, भीगै चुनैरवाली रंग बरसै’ ने बच्चों को मन्त्रमुग्ध कर दिया। ‘होली आई होली आई, मस्ती आई मस्ती आई’ व पंजाबी भंगड़े पर तालियों की गड़गड़ाहट से आॅडिटोरियम गुंज उठा। विद्यालय परिसर में चारों ओर रंग, उमंग और खुशियों का वातावरण देखने को मिला। बच्चों ने “प्रेम, भाईचारे, एकता, खुशियाँ” जैसे मूल्यों को मंच के माध्यम से जीवंत किया। इस कार्यक्रम में छठी कक्षा के सभी बच्चों ने शतप्रतिशत भाग लिया व स्कूल प्रबंधन द्वारा सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। निदेशक बलराज फौगाट ने अपने संबोधन में कहा कि स्कूली जीवन ही, स्कूल द्वारा दिए गए मंच ही, बड़ी सफलता हासिल करने में मील का पत्थर साबित होते हैं। होली खेलते समय आप अपना व साथियों का विशेष ध्यान रखें। कई उत्साह में, खेल-खेल में शारीरिक नुकसान कर बैठते हैं आप होली तो खेलें लेकिन माता की सीख आपके संस्कार, अनुशासन और सावधानी से होली खेलें। उन्होंने होली पर्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पौराणिक कथाओं के अनुसार, हिरण्यकश्यप प्राचीन भारत में एक राजा था जो एक दानव की तरह था। वह अपने छोटे भाई की मृत्यु का बदला लेना चाहता था जिसे भगवान विष्णु ने मार दिया था। हिरण्यकश्यप राजा ने वर्षों तक तपस्या की, और ब्रह्मा से उसे वरदान मिला, लेकिन इसके साथ ही हिरण्यकश्यप खुद को भगवान मानने लगा और अपने लोगों से उसे भगवान की तरह पूजने को कहा, वह चाहता था कि उसके राज्य में हर कोई उसकी पूजा करे। उस राजा के पास प्रह्लाद नाम का एक पुत्र था, जो भगवान विष्णु का बहुत बड़ा भक्त था। प्रह्लाद ने कभी अपने पिता के आदेश का पालन नहीं किया और भगवान विष्णु की पूजा करता रहा। राजा का क्रोध इस बात से और बढ़ गया कि उसका अपना ही बेटा उसकी आज्ञा नहीं मान रहा था, बल्कि भगवान विष्णु की भक्ति कर रहा था। हिरण्यकश्यप ने कई बार अपने बेटे को मारने की कोशिश की, लेकिन कुछ भी काम नहीं आया। हिरण्यकश्यप की बहन होलिका को आग में न जलने का वरदान था। उसकी योजना प्रह्लाद को जलाने की थी। इसलिए, प्रह्लाद को मारने के लिए, उसने बेटे को अपनी गोद में लेकर आग पर बैठने का निश्चय किया। लेकिन उसकी योजना प्रह्लाद के विरुद्ध सफल नहीं हुई, जो भगवान विष्णु के नाम का पाठ कर रहा था, सुरक्षित रहा। होलिका जलकर राख हो गई। इसके बाद, भगवान विष्णु ने हिरण्यकश्यप का वध किया। यही कारण है कि होली का दिन होलिका दहन के रूप में मनाया जाता है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। उन्होनें कहा कि होली केवल रंगों का नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और एकता का पर्व है। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन में रहकर खुशियाँ बाँटने का संदेश दिया। प्राचार्या नमिता दास ने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन बच्चों में आत्मविश्वास और प्रतिभा को निखारने का अवसर प्रदान करते हैं। इस अवसर पर प्राथमिक विभाग प्रभारी प्रीति, जय भगवान कोरियोग्राफर, साक्षी एवं समस्त स्टाफ उपस्थित रहा और आयोजन को सफल बनाने में अपना योगदान दिया। पूरा वातावरण रंगों की खुशबू और संगीत की मधुर धुनों से सराबोर रहा।

झज्जर स्थित जिला नागरिक अस्पताल में एचपीवी टीकाकरण अभियान का संयुक्त रूप से शुभारंभ करते डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल व जिला परिषद के चेयरमैन कप्तान सिंह बिरधाना।

झज्जर में व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा एचपीवी टीकाकरण अभियान
बेटियों को मिला सुरक कवच, सर्वाइकल कैंसर मुक्त होगा झज्जर
डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल और जिला परिषद के चेयरमैन कप्तान सिंह बिरधाना ने संयुक्त रूप से किया अभियान का शुभारंभ

झज्जर, 28 फरवरी, अभीतक: जिले में बालिकाओं को गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए शनिवार को जिला नागरिक अस्पताल में ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) वैक्सीनेशन अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया। डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने जिला परिषद चेयरमैन कप्तान सिंह बिरधाना की गरिमामयी उपस्थिति में रिबन काटकर अभियान की शुरुआत की। इस दौरान 14 आयु वर्ष की किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन लगाकर अभियान की शुरुआत की गई। डीसी ने किशोरियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए। उल्लेखनीय है कि देशव्यापी एचपीवी टीकाकरण अभियान की शुरुआत प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई है। इस बीच सिविल सर्जन डॉ. मंजू कादयान ने उपायुक्त और जिला परिषद चेयरमैन का स्वागत करते हुए अभियान की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिलेभर में अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस अवसर पर डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर जैसी रोकथाम योग्य बीमारी को जड़ से समाप्त करना है। केंद्र सरकार द्वारा देशभर में यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है, ताकि किशोरियों को समय रहते सुरक्षा प्रदान की जा सके। एचपीवी वायरस महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा कैंसर) का प्रमुख कारण है, और यह टीका इस गंभीर बीमारी से बचाव में अत्यंत प्रभावी है। उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे शिक्षा विभाग व अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर अभियान को व्यापक स्तर पर सफलतापूर्वक संचालित करें। जिला परिषद चेयरमैन कप्तान सिंह बिरधाना ने कहा कि बालिकाओं का स्वास्थ्य सुरक्षित रखना समाज और राष्ट्र की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि देश मे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व एवं हरियाणा प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश की प्रत्येक पात्र किशोरी को यह सुरक्षा कवच प्रदान किया जाएगा। एचपीवी टीकाकरण अभियान भविष्य में महिलाओं को गंभीर बीमारियों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बेटियों को टीकाकरण अवश्य करवाएं और इस जनहितकारी पहल का सहयोग करें।
कार्यक्रम में यह अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में एसडीएम झज्जर अंकित कुमार चैकसे आईएएस, डिप्टी सिविल सर्जन डॉ टीएस बागड़ी, नोडल अधिकारी डॉ बसंत दुबे ,वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ अजय सिंगला, उप सिविल सर्जन डॉ टी.एस. बागड़ी, डॉ कुलदीप, डॉ नीरज आहूजा, डॉ सुनीता तंवर, डॉ पूनम बिश्नोई, डॉ मीनू, डॉ सुनील नरवाल, डॉ आकृति हुड्डा, उपाधीक्षक डॉ सुरेंद्र दहिया, वीसीसीएम विकास कुमार, पंकज शर्मा सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

बहादुरगढ़ में शनिवार को एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान का शुभारंभ करते बहादुरगढ़ के विधायक राजेश जून।

बहादुरगढ़ में विधायक राजेश जून ने किया एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान का शुभारंभ
बेटियों के उज्ज्वल एवं सुरक्षित भविष्य के लिए एचपीवी टीकाकरण जरूरी: विधायक राजेश जून

बहादुरगढ़, 28 फरवरी, अभीतक: स्थानीय नागरिक अस्पताल में शनिवार को विधायक राजेश जून की अध्यक्षता में एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के दौरान पात्र किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन लगाकर अभियान की शुरुआत की गई। इस अवसर पर बहादुरगढ़ के विधायक राजेश जून ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में तेजी से बढ़ती गंभीर बीमारी है, जिसकी रोकथाम अब वैक्सीनेशन के माध्यम से संभव है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बेटियों के उज्ज्वल एवं सुरक्षित भविष्य के लिए टीकाकरण अभियान का लाभ अवश्य उठाएं। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के स्वास्थ्य संरक्षण के लिए यह एक ऐतिहासिक कदम है और हमें मिलकर इसे सफल बनाना है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा चलाए जा रहे इस निःशुल्क एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान का उद्देश्य सर्वाइकल कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से बालिकाओं को सुरक्षा प्रदान करना है। उन्होंने किशोरियों के अभिभावकों एवं सामाजिक संगठनों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक किशोरियों को इस अभियान से जोड़ें। इस अवसर पर वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ विनय देशवाल, डॉ ममता, डॉ सुंदरम (अर्बन नोडल अधिकारी), डॉ गगन जैन (अर्बन हेल्थ कंसल्टेंट) सहित अधिकारीगण एवं स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे।

शनिवार को जिला के गांव महराणा और दुजाना में बनाए गए परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करते डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल।

नकल रहित परीक्षाओं के संचालन में सहयोग करें ग्राम पंचायत: डीसी
बोर्ड परीक्षा के लिए निर्धारित नियमों की कड़ाई से हो पालना
डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने दुजाना और महाराणा में बनाए गए परीक्षा केंद्रों का किया निरीक्षण

झज्जर, 28 फरवरी, अभीतक: डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने शनिवार को हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की चल रही परीक्षाओं के चलते गांव महाराणा और दुजाना स्कूलों में बनाए गए परीक्षा केंद्रों का जायजा लेते हुए अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिये। डीसी ने कहा कि वार्षिक परीक्षाओं के लिए संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी निर्धारित ड्यूटी का गंभीरता से पालन करें। परीक्षा नकल रहित, शांतिपूर्ण हो, इसके लिए सभी दिशा निर्देशों की सख्ती से पालना सुनिश्चित की जाए। डीसी ने जिला के सरपंचों से भी आह्वान किया है कि वे अपने-अपने गांवों में बनाए गए परीक्षा केंद्रों के बाहर भीड़ एकत्रित न होने दें। डीसी ने कहा कि ड्यूटी पर तैनात संबंधित अधिकारी व सुपरवाईजर सभी हिदायतों का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने स्पष्ट किया कि बोर्ड परीक्षा शांतिप्रिय ढंग से सम्पन्न कराने के लिए जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है। किसी भी रूप से भ्रामक जानकारी फैलाने व फेक न्यूज पर प्रशासन की पैनी नजर है। उन्होंने आमजन को सचेत किया कि आधारहीन खबरों व अन्य भ्रामक जानकारी से बचें और कोई भी इस प्रकार की तथ्यहीन जानकारी साझा न करें।
बोर्ड परीक्षाओं के चलते परीक्षा केंद्रों पर रहे व्यापक व्यवस्था’
डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने परीक्षा केंद्रों के निरीक्षण के दौरान नकल रहित परीक्षा सम्पन्न करवाने के लिए ड्यूटी पर तैनात स्टाफ सदस्यों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परीक्षा केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं पेयजल, बिजली, शौचालय एवं बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारी परीक्षा केंद्रों का निरंतर निरीक्षण करें। सभी अधिकारी आपसी समन्वय बनाकर कार्य करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षाओं की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है।
जिला में 55 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जा रही बोर्ड परीक्षा’
डीसी ने बताया कि हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड, भिवानी के तत्वावधान में आयोजित परीक्षा के अंतर्गत जिला झज्जर में 55 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा नकल रहित करवाने के लिए बोर्ड स्तर, एसडीएम स्तर तथा खंड शिक्षा अधिकारी स्तर पर फ्लाईंग स्क्वायड का गठन किया गया है, जिसके तहत परीक्षा केंद्रों पर चेकिंग की जाएगी। सभी संबंधित विभागों के अधिकारी ईमानदारी, निष्पक्षता और अलर्ट मोड में कार्य करें। परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन व डिजिटल वॉच पर पाबंदी रहेगी। डीसी ने निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों में विद्यार्थियों की एंट्री के दौरान सही से जांच सुनिश्चित की जाए।।

राजकीय महाविद्यालय बिरोहड़ में प्लेस्मेंट सेल के तत्वावधान में एक्सटेंशन लेक्चर का आयोजन किया गया
झज्जर, 28 फरवरी, अभीतक: राजकीय महाविद्यालय बिरोहड़ में आज प्राचार्य प्रो० (डॉ०) सतवीर सिंह के मार्गदर्शन एवं प्रशासनिक अधिकारी डॉ० सुरेन्द्र सिंह की उपस्थिति में प्लेस्मेंट सेल के तत्वावधान में एक्सटेंशन लेक्चर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रो० (डॉ०) एस०के०चहल, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र रहे। डॉ० चहल ने अपने व्याख्यान में दो महत्वपूर्ण विषयों कृ “पुरातत्व एवं धरोहर प्रबंधन में करियर” तथा “डिजिटल इतिहास एवं नवीन रोजगार अवसर” पर विस्तारपूर्वक व्याख्यान दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को पुरातत्व एवं धरोहर प्रबंधन के क्षेत्र में उपलब्ध विविध कैरियर संभावनाओं, अनुसंधान के अवसरों तथा सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थानों में रोजगार की संभावनाओं से अवगत कराया। अपने दूसरे व्याख्यान में उन्होंने डिजिटल इतिहास की अवधारणा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल आर्काइव्स, डेटा विश्लेषण तथा ऑनलाइन रिसर्च प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से इतिहास अध्ययन के बदलते स्वरूप पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में डिजिटल स्किल्स का महत्व निरंतर बढ़ रहा है और इतिहास विषय के विद्यार्थियों के लिए नए जॉब मार्केट्स के द्वार खुल रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा विभिन्न प्रश्न पूछकर अपने जिज्ञासाओं का समाधान किया। डॉ० चहल ने विद्यार्थियों को शोध, कौशल विकास और नवाचार की दिशा में निरंतर प्रयासरत रहने के लिए प्रेरित किया। प्लेसमैन्ट प्रभारी पवन कुमार ने बताया कि इस प्रकार के व्याख्यान विद्यार्थियों में प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति सचेत करते है एवं उनका ज्ञानवर्धन करते हुए निरंतर ज्ञान में वृद्धि करनी चाहिए। व्याख्यान के अंत में, महाविद्यालय प्रशासनिक अधिकारी डॉ० सुरेन्द्र सिंह ने मुख्य वक्ता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे व्याख्यान विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास एवं कैरियर मार्गदर्शन में अत्यंत सहायक सिद्ध होते हैं। कार्यक्रम के समापन उपरान्त महाविद्यालय प्रांगण में एक वृक्ष रोपित करके डॉ० चहल ने पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को दोहराया। इस अवसर पर डॉ० सवीन, राजेश कुमार, डॉ० रश्मि, डॉ० अजय कुमार, अजय सिंह, मन्जीत आदि स्टाफ सदस्य का कार्यक्रम में उपस्थिति रहे।

स्वप्निल रविन्द्र पाटिल, डीसी झज्जर।

राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान हम सभी का दायित्व: डीसी
कटा या फटा राष्ट्रीय ध्वज न फहराएं, झंडा संहिता के अनुसार करें निस्तारण

झज्जर, 28 फरवरी, अभीतक: डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा देश की आन-बान और शान का प्रतीक है तथा इसका सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि विभिन्न अवसरों और त्योहारों पर उत्साहपूर्वक तिरंगा फहराया जाता है, लेकिन यदि किसी स्थान पर फटा, कटा या रंग उड़ा हुआ राष्ट्रीय ध्वज हो तो उसे तुरंत बदलकर नया ध्वज फहराएं तथा पुराने ध्वज का सम्मानपूर्वक निस्तारण करें। उपायुक्त ने कहा कि तिरंगा कभी भी मैला-कुचैला या क्षतिग्रस्त अवस्था में नहीं फहराया जाना चाहिए। राष्ट्रीय ध्वज के किसी भी भाग को जलाना, नुकसान पहुंचाना या मौखिक रूप से इसका अपमान करना कानूनन दंडनीय अपराध है, जिसके लिए तीन वर्ष तक का कारावास, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि ध्वज पर कुछ भी लिखना या बनाना गैरकानूनी है तथा इसे किसी भी प्रकार की वर्दी या पोशाक में उपयोग नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में तिरंगा जमीन को स्पर्श नहीं करना चाहिए और किसी अन्य झंडे को राष्ट्रीय ध्वज से ऊंचा नहीं लगाया जा सकता। भारतीय झंडा संहिता में संशोधन के बाद अब प्रत्येक नागरिक किसी भी दिन राष्ट्रीय ध्वज फहरा सकता है, लेकिन उसके सम्मान और नियमों का पालन अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय ध्वज को कभी भी कूड़ेदान में नहीं डालना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि ध्वज पूरी तरह उपयोग योग्य हो तो उसे साफ-सुथरा करके घर के अंदर सम्मानपूर्वक सुरक्षित रखा जा सकता है, ताकि भविष्य में राष्ट्रीय पर्वों पर पुनः उपयोग किया जा सके। उपायुक्त स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने कहा कि राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 तथा भारतीय झंडा संहिता, 2021 के प्रावधानों के तहत राष्ट्रीय ध्वज के अपमान पर कड़ी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि तिरंगे के प्रति पूर्ण सम्मान बनाए रखें और नियमों का पालन सुनिश्चित करें।

अनुसूचित जाति के चयनित 11 लाभार्थियों के लिए ऑनलाइन परमिट जारी
पात्र लाभार्थी आगामी 3 मार्च तक डाउनलोड कर सकेंगे परमिट

झज्जर, 28 फरवरी, अभीतक: कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सहायक कृषि अभियंता राजीव पाल ने बताया कि स्टेट प्लान एस बी-89 स्कीम 2025-26 के तहत अनुसूचित जाति के चयनित 11 लाभार्थीयों के ऑनलाइन परमिट जारी कर दिए गए हैं। संबंधित लाभार्थी अपना ऑनलाइन परमिट 3 मार्च तक डाउनलोड कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि लाभार्थी विभागीय पोर्टल पर उपलब्ध फर्मो में से अपनी रुचि अनुसार फर्मध्डीलर से 8 मार्च तक ट्रैक्टर खरीद कर 10 मार्च तक खरीद बिल ई-वे बिल, रजिस्ट्रेशन आवेदन रसीद व ट्रेक्टर किसान व डीलर की लोकेशन सहित फोटो डीलर द्वारा अपलोड करने होंगे। लाभार्थियों को ये दस्तावेज सहायक कृषि अभियंता के कार्यालय में जमा करवाने होंगे। उन्होंने बताया कि योजना के अनुसार किसान को 45 एचपी या उससे अधिक क्षमता का ट्रैक्टर खरीदना होगा। ट्रैक्टर की लागत पर 50 प्रतिशत या अधिकतम 3 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। छह लाख रुपये तक की लागत पर आधी राशि तथा इससे अधिक लागत होने पर भी अधिकतम तीन लाख रुपये तक ही सहायता प्रदान की जाएगी।

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर महान वैज्ञानिक सी.वी.रमन का विशाल रेखाचित्र तैयार किया
झज्जर, 28 फरवरी, अभीतक: गाँव भदाना की चैपाल में भूगोल प्राध्यापक मुकेश शर्मा व उनकी बेटी अंशुल शर्मा ने मिलकर राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर महान वैज्ञानिक सी.वी.रमन का विशाल रेखाचित्र तैयार किया। 28 फरवरी के दिन ही हमारे देश के महान वैज्ञानिक सी.वी. रमन द्वारा एक खोज की गई थी। उन्होंने यह खोज कोलकाता में की थी। सी. वी. रमन को इस खोज के लिए, भौतिकी विज्ञान के क्षेत्र में 1930 में नोबेल पुरस्कार दिया गया और इसे प्राप्त करने वाले वह पहले एशियाई थे। उनका अविष्कार उन्हीं के नाम पर श्रमन प्रभावश् (रमन इफेक्ट) के नाम से जाना जाता है। 1986 में, नेशनल काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी (एन.सी.एस. टी.) कम्युनिकेशन ने भारत सरकार को 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में नामित करने के लिए कहा। भारतीय सरकार ने 1986 में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में स्वीकार किया और घोषित किया। इस प्रकार पहला राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 28 फरवरी, 1987 को मनाया गया। इसीलिए सर सी. वी. रमन के इस योगदान की स्मृति में वर्ष 1987 से प्रत्येक साल 28 फरवरी को भारत में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। इस चैपाल रंगोली में पूर्व सैनिक देवीदत्त शर्मा, सूबेदार सुभाष शर्मा, रमेश कौशिक, नशीब कौशिक, अनिल कौशिक, वेदपाल कौशिक, राधेश्याम कौशिक, देवेंद्र वशिष्ठ, केशव शर्मा, अर्जुन शर्मा, अलीशा शर्मा ने मिलकर भारतरत्न से अलंकृत डॉ.सी.वी.रमन को अपना शत-शत नमन किया।

पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के नेतृत्व में जीडी गोयनका स्कूल की 33 बसों की जांच करके बच्चों को गाड़ी में बैठाते और उतारते समय बरती जाने वाली सावधानियां के बारे में बताया
बहादुरगढ़, 28 फरवरी, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के कुशल नेतृत्व में आज बहादुरगढ़ स्थित जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल बहादुरगढ़ की 33 स्कूल बसों की सघन जांच की गई। इस विशेष अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा स्कूल वाहन नीति का प्रभावी पालन कराना रहा। थाना प्रबंधक यातायात निरीक्षक सतीश कुमार की टीम ने प्रत्येक बस की तकनीकी स्थिति, फिटनेस प्रमाणपत्र, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र, सीसीटीवी कैमरा तथा आपातकालीन निकास द्वार की गहन जांच की।निरीक्षण के दौरान यातायात प्रबंधक सतीश कुमार ने स्कूल प्रशासन, बस चालकों और परिचालकों को स्कूल वाहन पॉलिसी के नियमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि वाहन चलाते समय निर्धारित गति सीमा का पालन करना, बच्चों को सुरक्षित तरीके से बस में चढ़ाना और उतारना, बस स्टॉप पर सावधानी बरतना तथा अनुशासन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। साथ ही यह भी निर्देश दिए गए कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित किया जाए। इस संबंध में पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे स्कूल वाहनों की स्थिति पर सतर्क नजर रखें और किसी भी अनियमितता की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

चैन छिनने के मामले में एक आरोपी गिरफ्तार
पकड़े गए आरोपी से वारदात में प्रयोग मोटरसाइकिल व सोने की चैन बरामद

बहादुरगढ़, 28 फरवरी, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉ राजश्री सिंह के दिशा निर्देशन में कार्रवाई करते हुए थाना सेक्टर 6 बहादुरगढ़ की पुलिस टीम ने छीना झपटी के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की गई। मामले की जानकारी देते हुए थाना प्रबंधक सेक्टर 6 उप निरीक्षक जय भगवान ने बताया कि गौतम निवासी सराय औरंगाबाद ने शिकायत देते हुए बताया कि मेरी मौसी जिम से अपने घर आ रही थी और मैं भी अपनी मोटरसाइकिल से अपने घर आ रहा था। जब हम सेक्टर दो मोड सराय थाना वाले रोड के पास पहुंचे तो उसी समय पीछे से एक पल्सर मोटर मोटरसाइकिल पीछे से आई और पीछे बैठी मेरी मौसी की गले में पहनी हुई सोने की चेन पर झपटा मार कर तोड़ लिया और मौका से मोटरसाइकिल को भगा ले गए। जिस शिकायत पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ थाना सेक्टर 6 बहादुरगढ़ में आपराधिक मामला दर्ज कियागया। दर्ज मामले पर गहनता से कार्रवाई करने के संबंध में पुलिस कमिश्नर डॉक्टर राजश्री सिंह ने वांछित आरोपियों को पकड़ने के संबंध में कड़े दिशा निर्देश दिए गए थे। पुलिस कमिश्नर के दिशा निर्देशों की पालना करते हुए थाना सेक्टर 6 बहादुरगढ़ में तैनात सहायक उप निरीक्षक धर्मेंद्र की पुलिस टीम ने उपरोक्त मामले में गहनता से कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए आरोपी की पहचान संदीप निवासी शामली उत्तर प्रदेश के तौर पर की गई। पकड़े गए आरोपी से वारदात में प्रयोग की गई मोटरसाइकिल व छीनी गई सोने की चेन बरामद की गई। पकड़े गए आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अदालत बहादुरगढ़ में पेश किया गया। माननीय अदालत के आदेश अनुसार आरोपी को न्यायिक की हिरासत में भेज दिया गया।

भाजपा द्वारा कथित तौर पर गढ़े गए शराब नीति मामले में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया पर सीबीआई द्वारा दर्ज केस में अदालत के फैसले के बाद सत्य की जीत हुई है: हरीश कुमार
न्यायालय के निर्णय ने साफ कर दिया कि सच्चाई और कानून सर्वोपरि हैं: हरीश कुमार, जिला अध्यक्ष, झज्जर

झज्जर, 28 फरवरी, अभीतक: आम आदमी पार्टी की छवि खराब करने के लिए एजेंसियों के दुरुपयोग की साजिश अब उजागर हो चुकी है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।
सुरेंद्र नागल प्रदेश संयुक्त सचिव बोले: साजिशकर्ताओं का साथ छोड़कर सच्ची देशभक्ति के लिए आम आदमी पार्टी का साथ दें
भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को केवल अरविंद केजरीवाल को बदनाम करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। अरविंद केजरीवाल एक कट्टर ईमानदार नेता हैं जिन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में मॉडल प्रस्तुत किए। भाजपा कार्यकर्ताओं से अपील है कि साजिशकर्ताओं का साथ छोड़कर सच्ची देशभक्ति के लिए आम आदमी पार्टी का साथ दें।
रजय कुमार ने कहा: भगवान का आशीर्वाद सदैव अरविंद केजरीवाल के साथ
भगवान का आशीर्वाद सदैव अरविंद केजरीवाल के साथ है। साल 2014 में देश की जनता ने कांग्रेस के भ्रष्टाचार से तंग आकर नरेंद्र मोदी को बहुमत दिया और 2015 में दिल्ली की जनता ने अरविंद केजरीवाल को मुख्यमंत्री चुना। उन्होंने अपने कार्यकाल में स्कूल, अस्पताल, बिजली, पानी और महिलाओं के मुफ्त यात्रा जैसी कई जनहितकारी योजनाएँ लागू कीं, जिससे आम जनता को सीधे लाभ मिला। उनकी लोकप्रियता देश-विदेश में बढ़ती गई और गुजरात सहित कई राज्यों में आम आदमी पार्टी को व्यापक समर्थन मिला। न्यायालय के फैसले ने यह साबित कर दिया कि सच्चाई को दबाया नहीं जा सकता और अंततः जीत सत्य की ही होती है। आज का दिन लोकतंत्र और न्यायपालिका की मजबूती का प्रतीक है। यह फैसला न केवल आम आदमी पार्टी बल्कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास रखने वाले हर नागरिक की जीत है। हम सभी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से अपील करते हैं कि शांति और अनुशासन बनाए रखते हुए इस सत्य की जीत को जन-जन तक पहुँचाएँ। इस अवसर पर प्रदेश प्रवक्ता, महिला जिला अध्यक्ष अभिता द्विजा, युवा जिला अध्यक्ष चंद्रमोहन शर्मा, धर्मेंद्र पांचाल, शैलेश कांगड़ा, नरेश वाल्मीक, शिवकुमार रवि आदि मौजूद रहे।

प्रतिभा मंथन छात्रवृत्ति सम्मान समारोह : जिला उपायुक्त ने छात्रों का किया उत्साहवर्धन’
झज्जर, 28 फरवरी, अभीतक: प्रतिभा मंथन कार्यक्रम की वार्षिक योजना अनुसार प्रतिभा मंथन छात्रवृत्ति सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभा मंथन कार्यक्रम के सहायता से विविध करियर चुनाव करने वाले दस विद्यार्थियों ने अपने अभिभावकों के साथ भागीदारी करके छात्रवृत्ति हासिल की। जिला शिक्षा अधिकारी श्री रतिंदर सिंह ने कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए प्रतिभा मंथन कार्यक्रम के उद्देश्य एवं पिछले तीन वर्षों की उपलब्धियां साझा कीं। जिला झज्जर में स्कूली शिक्षा विभाग, झज्जर, अलोहोमोरा एजुकेशन फाउंडेशन और रिलायंस मेट सिटी के सहयोग से जिला झज्जर के 177 विद्यालयों में कक्षा 9 से कक्षा 12 के विद्यार्थियों के करियर मार्गदर्शन के लिए प्रतिभा मंथन कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी रुचि और कौशल के आधार पर करियर चुनाव करने में मदद मिल रही है। इस वर्ष जिला झज्जर के दस विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान करके सहयोग किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान छात्रवृत्ति के लिए चयनित छात्रों ने अपने करियर की आकांक्षाओं और भविष्य की योजना सभी के साथ साझा की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री स्वपनील रविन्द्र पाटिल ने छात्रों को संबोधित करते हुए छात्रवृत्ति हासिल करने वाले विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए मार्गदर्शन किया। इस अवसर पर जिला उपायुक्त ने प्रतिभा मंथन के माध्यम से जिला प्रशासन द्वारा दस विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देने की घोषणा की। इस अवसर पर सी.एस.आर. हेड रोमेल राजन ने भी रिलायंस मेट सिटी द्वारा किए जा रहे सहयोग पर अपने विचार रखते हुए संबोधित किया और आगामी योजना के बारे में जानकारी दी। प्रतिभा मंथन कार्यक्रम में जिला उपायुक्त श्री स्वपनील रविन्द्र पाटिल, एडीसी श्री जगनिवास, एसडीएम रेणुका नांदल, अंकित कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी श्री रतिंदर सिंह, सीएमजीजीए खुशी, सी.एस.आर. हेड रोमेल राजन, लोकेश कापसे, प्रतिभा मंथन टीम सदस्य मुजतबा, सुरभि, श्वेता, आमरीन, दिवाकर, परिणीता, खंड शिक्षा अधिकारी, विद्यार्थी देवेन्द्र, नितिका, हिमांशु, देव, तराना, मंजीत, एकता, विवेक एवं अभिभावक मौजूद रहे।

भारतीय ध्वज संहिता-2002’ की पालना करना सभी के लिए अनिवार्य: डीसी
राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करना सभी का नैतिक दायित्व

रेवाड़ी, 28 फरवरी, अभीतक: भारतीय राष्ट्रीय ध्वज देशवासियों की आशाओं और आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करता है। भारत का राष्ट्रीय ध्वज हमारे राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। हमारे राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार ने राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए कुछ कोड बनाए हैं। डीसी अभिषेक मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय ध्वज का प्रदर्शन प्रतीक और नाम (अनुचित उपयोग की रोकथाम) अधिनियम-1950 और राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम-1971 के प्रावधानों द्वारा नियंत्रित होता है। भारतीय ध्वज संहिता-2002 राष्ट्रीय ध्वज से संबंधित ऐसे सभी कानूनों, सम्मेलनों, निर्देशों को एक साथ लाने का एक प्रयास है। भारतीय ध्वज संहिता-2002 में उन गणमान्य व्यक्तियों के नाम सूचीबद्ध किए गए हैं, जो अपने वाहनों पर राष्ट्रीय ध्वज फहरा सकते हैं, जब भी वे इसे आवश्यक या उचित समझें। जब कोई विदेशी गणमान्य व्यक्ति भारत सरकार द्वारा प्रदान की गई कार में यात्रा करता है, तो हमारा राष्ट्रीय ध्वज कार के दाईं ओर फहराया जाएगा और विदेशी देशों का झंडा कार के बाईं ओर फहराया जाएगा। डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि राष्ट्र ध्वज के प्रति हर एक भारतवासी का सार्वभौमिक लगाव, आदर तथा वफादारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम-1971 तथा भारतीय झंडा संहिता-2002 (2021 एवं 2022 में यथा संशोधित) राष्ट्रीय ध्वज के प्रयोग, ध्वजारोहण व संप्रदर्शन को नियंत्रित करते हैं। इस अधिनियम की विस्तृत जानकारी एमएचए.जीओवी.इन वेबसाइट पर उपलब्ध है। डीसी ने जिले वासियों से आह्वान करते हुए कहा कि वे राष्ट्र ध्वज को पूरा सम्मान दें। भारतीय झंडा संहिता के अनुसार जनता द्वारा कागज से बने राष्ट्रीय झंडो को महत्वपूर्ण राष्ट्रीय, सांस्कृतिक और खेलकूद के अवसरों पर हाथ में लेकर लहराया जा सकता है, लेकिन इस दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि जनता द्वारा प्रयोग किए गए कागज से बने राष्ट्रीय झंडों को समारोह के पूरा हो जाने के पश्चात न तो विकृत किया जाए और न ही इन्हें जमीन पर फेंका जाए। ऐसे झंडों का निपटान एकांत में उनकी मर्यादा के अनुरूप ही किया जाए। उन्होंने बताया कि तिरंगा कभी भी फटा या मैला नहीं फहराया जाना चाहिए। अशोक चक्र में 24 तीलियों का होना जरूरी है। झंडे के किसी भाग को जलाने नुकसान पहुंचाने के अलावा मौखिक या शाब्दिक तौर पर इसका अपमान करने पर तीन साल तक की जेल या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। झंडे पर कुछ भी बनाना या लिखना गैरकानूनी है। राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा को किसी भी प्रकार के यूनिफॉर्म, वर्दी में इस्तेमाल में नहीं लाया जा सकता। किसी भी स्थिति में तिरंगा जमीन को छूना नहीं चाहिए।
राष्ट्रीय ध्वज का अपमान व नियम के विरूद्ध ध्वजारोहण करने पर तीन साल की सजा
डीसी ने बताया कि किसी अन्य झंडे को राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा से ऊंचा नहीं लगा सकते। साल 2002 से पहले राष्ट्रीय ध्वज को आम लोग सिर्फ स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर ही फहरा सकते थे, लेकिन साल 2002 में इंडियन फ्लैग कोड में बदलाव किया गया, जिसके तहत कोई भी नागरिक किसी भी दिन झंडे को फहरा सकता है। झंडा अगर फट जाए या फिर मैला हो जाए तो उसे एकांत में मर्यादित तरीके से नष्ट करना चाहिए। नियमों के मुताबिक झंडे का आकार आयताकार, रेक्टेंगुलर होना चाहिए। इसकी लंबाई और चैड़ाई का अनुपात 3ः2 का होना चाहिए। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय ध्वज के अपमान पर राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम-1971 और भारतीय झंडा संहिता-2021 के तहत कार्रवाई हो सकती है। कोई व्यक्ति राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करते, इसे जलाते, दूषित करते, कुचलते या नियम के खिलाफ ध्वजारोहण करते हुए पाया जाता है तो उसे तीन साल की जेल या जुर्माना या दोनों दंड के रूप में मिल सकते हैं।

शी-बाक्स पोर्टल से महिलाओं का शिकायत दर्ज कराना आसान: डीसी
निजी क्षेत्र की कामकाजी महिलाएं भी कर सकेंगी शी-बॉक्स में उत्पीड़न की शिकायत

रेवाड़ी, 28 फरवरी, अभीतक: केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं को हर कार्य क्षेत्र में सुरक्षित और समान कार्य अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से सरकार द्वारा शी-बॉक्स पोर्टल शुरू किया गया है। डीसी अभिषेक मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यस्थल पर सुरक्षित माहौल और लैंगिक समानता का अधिकार सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने ऑनलाइन शिकायत की सुविधा का विस्तार करते हुए यह व्यवस्था की है। अब निजी क्षेत्र में काम करने वाली महिलाएं भी शी-बॉक्स में उत्पीड़न की ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकती है। उन्होंने बताया कि 24 जुलाई 2017 को पहली बार यह सुविधा केवल सरकारी महिला कर्मचारियों को दी गई थी, लेकिन अब व्यवस्था निजी क्षेत्र में भी प्रभावी तरीके से लागू करवाई जा रही है। उन्होंने बताया कि महिला सशक्तिकरण को महत्व देने और कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। डीसी ने बताया कि केंद्र सरकार की गाइड लाइन के मुताबिक निजी कंपनियों में कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम, निषेध और निवारण एसएच अधिनियम, 2013 अनिवार्य रूप से लागू किया गया है। इस अधिनियम के तहत निजी प्रतिष्ठान को चार सदस्यीय आंतरिक शिकायत समिति गठित करनी है। शी-बॉक्स (सेक्सुअल हैरेसमेंट इलेक्ट्रॉनिक बॉक्स) महिला और बाल विकास मंत्रालय की वेबसाइट है। इसे कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की शिकायतों के लिए बनाया गया है। इस बॉक्स में शिकायत आने पर उसे संबंधित विभाग या संस्थान की अंदरूनी शिकायत समिति के पास भेजी जाएगी। उसके बाद नियमानुसार कमेटी कार्रवाई की संस्तुति करेगी। साथ ही कार्रवाई की रिपोर्ट भी इस वेबसाइट पर अपडेट करेगी।

मतदाता सूची ड्राफ्ट वेबसाइट पर अपलोड
7 मार्च तक दर्ज करवा सकेंगे दावे और आपत्तियां
27 मार्च को होगा अंतिम वोटर लिस्ट का प्रकाशन

रेवाड़ी, 28 फरवरी, अभीतक: नगर परिषद रेवाड़ी व नगर पालिका धारूहेड़ा के आम चुनाव के लिए मतदाता सूची का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। तैयार मतदाता सूची का ड्राफ्ट जिला की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी अभिषेक मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी अधिसूचना की पालना करते हुए नगर परिषद रेवाड़ी व नगर पालिका धारूहेड़ा के आगामी आम चुनाव के लिए मतदाता सूची का ड्राफ्ट अपलोड कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि नगर परिषद रेवाड़ी की मतदाता सूची ीजजचेरूध्ध्उबतमूंतप.पदध्कतंजि-ूंतक-ूपेम-अवजमत-सपेज-2026 व नगर पालिका धारूहेड़ा ीजजचेरूध्ध्तमूंतप.हवअ.पदध्कींतनीमतं-10ध् पर देख सकते है। डीसी ने बताया कि ड्राफ्ट मतदाता सूची के दावें व आपत्तियों की सुनवाई के लिए वार्ड वाइज संशोधित प्राधिकारी व सहायक प्राधिकारी नियुक्त किए गए है। ड्राफ्ट मतदाता सूची में संशोधित प्राधिकारी के पास दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि 7 मार्च है और 12 मार्च तक उनका निपटारा किया जाएगा। इसके उपरांत जिला उपायुक्त के समक्ष अपील करने की आखिरी तारीख 16 मार्च है। इसके उपरांत 19 मार्च तक उपायुक्त द्वारा अपीलों का निपटारा किया जाएगा तथा 27 मार्च को अंतिम वोटर लिस्ट का प्रकाशन किया जाएगा।

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया
पन्ना, पवई, 28 फरवरी, अभीतक: शासकीय माध्यमिक शाला नारायणपुरा में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर पक्षियों को दाना पानी रखते हुए पर्यावरण प्रेम शिक्षक सतानंद पाठक ने बताया कि राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 28 फरवरी को मनाया जाता है, जो भारतीय भौतिक विज्ञानी सर सी.वी. रमन द्वारा रमन प्रभाव की खोज की याद में मनाया जाता है। यह दिन विज्ञान के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों को प्रदर्शित करने और युवाओं को विज्ञान में करियर बनाने के लिए प्रेरित करने के लिए मनाया जाता है। रमन प्रभाव की खोज के लिए सर सी.वी. रमन को 1930 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर पूरे देश में विभिन्न विषयों पर आधारित विज्ञान संचार गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। इस वर्ष का विषय है विकसित भारत हेतु विज्ञान और नवाचार में वैश्विक नेतृत्व के लिये भारतीय युवाओं को सशक्त बनाना, जो विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण के अनुरूप है। आज की कार्यक्रम में प्रधानाध्यापक श्रीमती माया खरे, रेखा नगायज, शिक्षक सतानंद पाठक, अंकिता जैन, आशीष जैन, आसिफ खान, विवेक सिंह, हरि प्रसाद एवं छात्र छात्राएं शामिल रहे।

कुरुक्षेत्र के मथाना में बनेगा जैविक कृषि व आधुनिक प्रबंधन प्रणाली संस्थान, मुख्यमंत्री ने की घोषणा
संस्थान में होंगे कृषि साइंस के यूजी, पीजी से लेकर पीएचडी तक के कोर्स
कैथल-ढांड-पिपली-रादौर-यमुनानगर तक सड़क होगी फोरलेन
लाडवा में अब हर साल लगेगा कृषि विकास मेला
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने लाडवा उपमंडल सचिवालय के नए भवन तथा 9 नई सडकों का किया शिलान्यास
कृषि मेला ज्ञान, नवाचार और प्रेरणा का अनूठा संगम – मुख्यमंत्री

चंडीगढ़, 28 फरवरी, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कृषि विकास मेला लाडवा में घोषणा करते हुए बड़ी सौगातें दी हैं। गांव मथाना में 10 एकड़ भूमि पर जैविक कृषि व आधुनिक प्रबंधन प्रणाली संस्थान खोला जाएगा। इस संस्थान में कृषि साइंस के यूजी, पीजी से लेकर पीएचडी तक के कोर्स उपलब्ध होंगे। इसके साथ ही कैथल से यमुनानगर वाया ढांड, पिपली, रादौर मार्ग को फोरलेन किए जाने की घोषणा की। यह फोरलेन मार्ग एनएच-152डी, एनएच-44 और शामली एक्सप्रेस-वे को जोड़ेगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने लाडवा उपमंडल सचिवालय के नए भवन, लोकनिर्माण विभाग की 9 सडकों का शिलान्यास भी किया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को चै. चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय की तरफ से लाडवा अनाज मंडी में आयोजित राज्य स्तरीय कृषि विकास मेले का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने ट्रैक्टर पर बैठकर विश्वविद्यालय व किसानों द्वारा लगाए गए स्टॉलों और कृषि मेले का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने कृषि विकास मेला को हरियाणा की कृषि आत्मा का उत्सव बताया जो अन्नदाताओं के परिश्रम, संकल्प और नवाचार का महोत्सव है। मुख्यमंत्री ने भव्य आयोजन के लिए विश्वविद्यालय और सभी आयोजकों को बधाई व शुभकामनाएं दी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने होली के पर्व की प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं भी दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री व कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री को चैधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डा. बीआर काम्बोज ने स्मृति चिन्ह, शॉल व पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रगतिशील किसानों ने नवाचारों से कृषि क्षेत्र को गति दी है, जो हमारे अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन गए हैं। इस मेले का थीम जल संरक्षण प्रति बूंद से अधिक फसल रखा गया है। मौजूदा समय में बदलते जलवायु परिदृश्य, घटते भूजल स्तर और अनियमित वर्षा ने कृषि क्षेत्र के सामने अनेक नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। ऐसे समय में जल संरक्षण पर केंद्रित यह मेला वास्तव में दूरदर्शी पहल है। प्रति बूंद अधिक फसल का अर्थ तकनीक के साथ हमारी सोच में परिवर्तन लाना भी है। उन्होंने कहा कि हमें समझना होगा कि पानी अनंत नहीं है। यह मेला किसानों को जल प्रबंधन की उन्नत तकनीकों से जोडकर एक जन-आंदोलन का रूप लेगा।
वैज्ञानिक शोध को हर खेत व हर किसान तक पहुंचाएं
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक शोध को प्रयोगशाला तक सीमित न रखें, बल्कि हर खेत व हर किसान तक पहुंचाएं। किसान और वैज्ञानिक का सीधा संवाद ही कृषि को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकता है। यह मेला किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों, उन्नत बीजों, नई तकनीकों और वैज्ञानिक सलाह से जोडने का एक सशक्त मंच है। यहां पर 150 से अधिक स्टॉल्स, आधुनिक कृषि यंत्रों का प्रदर्शन, मिट्टी और पानी की जांच सुविधा, रोगग्रस्त फसलों की जांच व निदान, फसल प्रतियोगिता, लक्की ड्रॉ, ये सब मिलकर इस मेले को ज्ञान, नवाचार और प्रेरणा का संगम बना रहे हैं।
सरकार का दृष्टिकोण किसान को अन्नदाता के साथ-साथ ऊर्जा दाता, रोजगार दाता और अर्थव्यवस्था का निर्माता बनाना है

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा कृषि प्रधान प्रदेश है। हमारी पहचान हमारे खेत-खलिहानों से है, हमारी समृद्धि हमारे किसान के पसीने से है। हरियाणा की धरती ने हमेशा देश को अन्न के मामले में आत्मनिर्भर बनाने में अग्रणी भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि हमारी डबल इंजन सरकार का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि किसान केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि ऊर्जा दाता, रोजगार दाता और अर्थव्यवस्था के निर्माता बने। इसलिए हमारी नीतियां केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि किसान की आय बढ़ाने, लागत घटाने और जोखिम को कम करने पर केंद्रित हैं।
धान की जगह वैकल्पिक फसलें बोने पर किसानों को 157 करोड़ रुपये की दी वित्तीय सहायता
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हमारे किसान ऐसी फसलों की पैदावार लें, जिसमें पानी की कम जरूरत होती है। सरकार ने ऐसी फसलों को बढ़ावा देने के लिए मेरा पानी-मेरी विरासत योजना वर्ष 2020 में शुरू की। इस योजना के तहत वैकल्पिक फसलें लेने या खेत खाली छोड़ने वाले किसानों को 8 हजार रुपये प्रति एकड़ वित्तीय सहायता दी जाती है। इस योजना के तहत 2 लाख 20 हजार एकड़ में धान की जगह वैकल्पिक फसलें बोने पर किसानों को 157 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी गई है। इसके अलावा पानी की बचत के लिए वर्षा जल संचयन, ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी माइक्रो इरिगेशन तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है। माइक्रो इरीगेशन तकनीकों पर 85 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाती है। किसानों को तालाब बनाने के लिए भी 85 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है।
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट्स के शोधित पानी को सिंचाई के लिए इस्तेमाल करने की 11 योजनाएं पूरी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स के शोधित पानी को सिंचाई के लिए इस्तेमाल करने की 27 योजनाएं तैयार की हैं। इनमें से 11 पूरी हो चुकी हैं। इनसे सिंचाई के लिए एक स्थायी जल स्रोत मिलेगा, नहरों पर दबाव कम होगा और भूजल का दोहन भी घटेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने फसल अवशेष व पराली जलाने की समस्या से निपटने के लिए किसानों को जागरूक किया है और उन्हें पराली प्रबंधन के लिए 1 लाख से ज्यादा मशीनें दी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसान हित में नकली बीज व कीटनाशकों पर रोक लगाने के लिए कानून बनाया है। मुख्यमंत्री ने उपस्थित बीज व कीटनाशक बनाने वाली कंपनियों के प्रतिनिधियों से अनुरोध करते हुए कहा कि वे नकली बीज व कीटनाशकों की रोकथाम में सहयोग करें।
मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना में 21 फसलें को किया शामिल
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश के प्रगतिशील किसान भाइयों ने सब्जी व फलों की खेती करने के लिए नेट हाउस, पॉलीहाउस, हाइटेक ग्रीन नेट हाउस आदि आधुनिक तकनीकों को अपनाया है। सरकार ने बागवानी को बढ़ावा देने के लिए सब्जियों व फलों के लिए भावांतर भरपाई योजना लागू की है। इस योजना के तहत अब तक 35 हजार से अधिक किसानों को 157 करोड रुपये से अधिक की राशि भावांतर के रूप में दी है। उन्होंने कहा कि हरियाणा देश का पहला राज्य है, जिसने बागवानी किसानों को भी मौसम की अनिश्चितताओं के जोखिम से मुक्त किया है। इसके लिए मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना में 21 फसलें शामिल की गई हैं।
किसानों तक ड्रोन, रिमोट सेंसिंग, एआई आधारित निर्णय प्रणाली और डिजिटल खेती को पहुंचा रही सरकार
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि डिजिटल तकनीक ने खेती को बदल दिया है। ऐसे में सरकार ड्रोन, रिमोट सेंसिंग, एआई आधारित निर्णय प्रणाली और डिजिटल खेती जैसे नवाचारों को किसान भाइयों तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं। सरकार ने पारदर्शी खरीद प्रणाली, समय पर भुगतान और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में कार्य किया है। यह कृषि विकास मेला उसी दिशा में एक मजबूत कदम है। यहां से जो ज्ञान, जो प्रेरणा, जो ऊर्जा आप लेकर जाएंगे, वह आपके खेतों में नई कहानी लिखेगी।
विश्व भर के लिए धान की फसल का उत्पादन करता है हरियाणा प्रदेश: श्याम सिंह राणा
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि हरियाणा विश्व भर के लिए धान की फसल का उत्पादन करता है। हमारा देश दालों को दूसरे देश से मंगवाता है। अब किसानों को रुटीन की फसलों को छोडकर अन्य फसलों का उत्पादन करना है। इसके साथ ही सबसे ज्यादा पानी की लागत वाली धान की फसल में तकनीक व सीधी बिजाई का इस्तेमाल करके पैदावार लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों को समृद्ध बनाने के लिए पशुपालन, मछली पालन, सब्जी उत्पादन जैसे विकल्प को शामिल किया है। सरकार पशुपालन को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार लगातार योजनाएं बना रही है। इन योजनाओं को वर्ष 2047 विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारे बुजुर्ग अपने समय में सभी फसलों की पैदावार लिया करते थे। अब भी उसी पद्धति को अपनाने की जरूरत है।
एचएयू ने लगभग 50 किस्मों पर किया सफल अनुसंधान
कृषि विभाग के प्रधान सचिव पंकज अग्रवाल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। इसके साथ ही विभाग की योजनाओं को विस्तार से बताया। चैधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कुलपति प्रो. डा. बीआर काम्बोज ने कहा कि एचएयू ने अपने कैंपस के बाहर पहली बार मेले का आयोजन किया है। उन्होंने संस्थान की तरफ से बाजरा, गन्ना, धान सहित लगभग 50 किस्मों पर सफल अनुसंधान किया है। किसानों को धान की सीधी बिजाई के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने महिला प्रगतिशील किसानों को किया सम्मानित
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कृषि विकास मेले में प्रदेश की प्रगतिशील महिला किसान को सम्मानित किया। इनमें करनाल के गांव औगंध से काजल, मण्डकोला के गांव मीरपुर कौराली से इंदिरा देवी, हिसार के आदमपुर से रेखा, भिवानी के गांव नाथूवास से मुन्नी बाई, यमुनानगर के गांव बहादुरपुर से रजनी, पानीपत के गांव बसाड़ा से पुष्पा देवी, महेन्द्रगढ़ के गांव गुढ़ा से नीतू यादव, जींद के गांव इक्कस से निर्मला, कैथल के गांव बाता से पूजा देवी, फरीदाबाद के गांव फैज्जुपुर खादर से सरिता, पंचकुला के गांव बालदवाला से सुनीता देवी, सोनीपत के गांव पुरखास राठी से सोनिया, कुरूक्षेत्र के गांव धनोरा जाटान से मनदीप कौर, नूंह के गांव संगेल से मंचनल रानी, फतेहाबाद के गांव ढाणी डूल्ट से सरोज, झज्जर के देव नगर से मनीषा, अंबाला के गांव काठगढ़ छपरा से नेहा देवी, रेवाड़ी के मोहम्मदपुर से शीला देवी, रोहतक के गांव पहरावर से बबीता, सिरसा के गांव मिठड़ी से कुलदीप कौर शामिल रही।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
इस मौके पर पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा, पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल, पशुधन विकास बोर्ड के चेयरमैन धर्मवीर मिर्जापुर सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

विकसित हरियाणा-विकसित भारत’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही सरकार- मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने गांव कड़ासन व विवेकानंन्द उत्थान समिति को 21-21 लाख रूपए देने की घोषणा की

चंडीगढ़, 28 फरवरी, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को लेकर विकसित हरियाणा – विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने शनिवार को अंबाला जिले के गांव कड़ासन में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा के अनावरण करने उपरांत कहा कि स्वामी विवेकानंद केवल एक संत नहीं, बल्कि भारत की सोई हुई राष्ट्रीय चेतना को जगाने वाले युगपुरुष थे। उनकी प्रतिमा केवल पत्थर की मूर्ति नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा, आत्मविश्वास और राष्ट्रभक्ति का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद उत्थान समिति को इस पुनीत कार्य के लिए बधाई देते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में सकारात्मक चेतना का संचार करते हैं। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने गांव कड़ासन में विकास कार्यो के लिए 21 लाख रूपए तथा स्वामी विवेकानन्द उत्थान समिति को भी 21 लाख रूपए देने की घोषणा की। इस अवसर पर विवेकानंद उत्थान समिति के प्रधान एवं हरियाणा के अतिरिक्त एडवोकेट जनरल जसवीर सिंह तथा समिति के पदाधिकारियों एवं ग्रामवासियों ने मुख्यमंत्री का जोरदार स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि वर्ष 1893 में अमेरिका के शिकागो में आयोजित विश्व धर्म संसद में स्वामी विवेकानंद का संबोधन “अमेरिका के भाइयो और बहनो” से प्रारंभ हुआ, जो भारतीय इतिहास का गौरवशाली क्षण था। उस भाषण ने विश्व पटल पर भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक शक्ति का डंका बजा दिया। उन्होंने कहा कि 19वीं शताब्दी में जिस प्रकार स्वामी विवेकानंद ने भारतीय संस्कृति का परचम विश्व में लहराया, उसी प्रकार आज माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का गौरव वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों को छू रहा है। युवाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद युवाओं को राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति मानते थे। उनका विश्वास था कि यदि उन्हें 100 ऊर्जावान और चरित्रवान युवा मिल जाएं तो वे देश की तस्वीर बदल सकते हैं। आज हरियाणा सरकार भी युवा शक्ति को सशक्त बनाने के लिए शिक्षा, खेल, कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष में 34 हजार युवाओं को सरकारी सेवाओं में शामिल किया गया है तथा पिछले 11 वर्षों में बिना खर्ची-बिना पर्ची के लगभग 2 लाख युवाओं को योग्यता के आधार पर रोजगार प्रदान किया गया है। सीईटी परीक्षा के लिए विधार्थियों के लिए बेहतर व्यवस्था की गई थी और युवाओं को परीक्षा के तहत किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं आई। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से युवाओं को देश-विदेश में वैध माध्यम से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अवैध ‘डंकी रूट’ पर रोक लगाने के लिए सख्त कानून बनाया गया है। हाल ही में 10 हजार पदों की विदेशों से मांग प्राप्त हुई है, जिनमें पात्र युवाओं के चयन की प्रक्रिया जारी है। 1 लाख 14 हजार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है तथा ‘फ्यूचर रेडी स्किल’ कार्यक्रम के तहत विदेश जाने के इच्छुक युवाओं को 75 घंटे का विशेष प्रशिक्षण और एआई की जानकारी भी दी जा रही है। महिला सशक्तिकरण पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद नारी शक्ति के प्रबल समर्थक थे। हमारी सरकार भी माताओं-बहनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत जिन परिवारों की वार्षिक आय 1 लाख रूपए है, ऐसे लगभग 9 लाख 22 हजार से अधिक बहनों को प्रतिमाह 2100 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है और अब तक 634 करोड़ रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में 25 महिलाओं का सिलाई मशीनें भी वितरित की। इस अवसर पर विवेकानंद उत्थान समिति के प्रधान एवं हरियाणा के अतिरिक्त एडवोकेट जनरल जसवीर सिंह द्वारा मुख्यमंत्री तथा कार्यक्रम में उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों व अन्य लोगों का धन्यवाद करते हुए समिति द्वारा समाजहित में करवाए जा रहें कार्यो की विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर पूर्व विधायक डॉ. पवन सैनी, आरटीआई कमिश्नर डॉ जगबीर सिंह, उपायुक्त अजय सिंह तोमर, पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत आदि मौजूद रहें।

पुलिस महानिदेशक की अध्यक्षता में पंचकूला में आयोजित की गई पहली बी-लेवल कल्याण गोष्ठी
डीजीपी अजय सिंघल ने पुलिसकर्मियों के वेलफेयर को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता, शिक्षा, स्वास्थ्य व सामाजिक सुरक्षा को और सुदृढ़ करने पर जोर

चंडीगढ़, 28 फरवरी, अभीतक: हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल की अध्यक्षता में आज ईआरएसएस ऑडिटोरियम पंचकूला में बी-लेवल कल्याण गोष्ठी का आयोजन किया गया। बैठक में पुलिस अधिकारियों एवं कर्मियों के कल्याण से जुड़े विषयों पर विस्तार से मंथन किया गया तथा आगामी योजनाओं की रूपरेखा पर चर्चा हुई। कल्याण कार्यों की समीक्षा और श्रद्धांजलि गोष्ठी में पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए उठाए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए भविष्य में उनके कल्याण के किए लागू की जाने वाली योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान अधिकारियों ने अपने महत्वपूर्ण सुझाव भी बैठक में सांझा किए। गोष्ठी में पुलिस अधीक्षक, कल्याण शाखा मोहित हांडा ने पिछली बी लेवल मीटिंग में लिए गए निर्णयो की प्रगति की रिपोर्ट प्रस्तुत की। गोष्ठी में पिछले एक महीनें में शहीद हुए दो पुलिसकर्मियों इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद तथा पीएसआई रवि को श्रद्धांजलि देते हुए दो मिनट का मौन भी धारण किया गया।
जल्द लागू होगी ‘शगुन योजना
अपने संबोधन में पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने कहा कि हरियाणा पुलिस जल्द ही शगुन योजना लागू करने जा रही है जिसके तहत हरियाणा पुलिस कल्याण कोष से पुलिसकर्मियों की बेटी की शादी के लिए 2.5 लाख रूपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। बाद में इसे बढ़ाकर 5 लाख रूप्ये तक किए जाने की योजना है।
वेलफेयर सर्वोच्च प्राथमिकता
उन्होंने अपने पूरे सेवाकाल में फोर्स और उनके परिवारों के वेलफेयर को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है तथा आगे भी इसी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस मुख्यालय स्तर पर केवल वेलफेयर की सोच ही नहीं, बल्कि ठोस योजनाएं बनाकर उन्हें लागू भी किया जाता है। इसी उद्देश्य से उन्होंने अपनी धर्मपत्नी के साथ रोहतक जिला का दौरा कर पुलिस परिवारों से संवाद किया और भविष्य में प्रदेश की सभी पुलिस लाइनों का दौरा करने की बात कही।
भत्ते, ट्रांसफर नीति और पदोन्नति पर फोकस
पुलिस महानिदेशक ने बताया कि हरियाणा पुलिस ने कर्मियों के लिए विभिन्न भत्तों एवं सुविधाओं की व्यवस्था की है, ताकि वे निश्चिंत होकर अपने दायित्व निभा सकें। ट्रांसफर पॉलिसी में भी मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए आवश्यक लचीलापन दिया गया है और समयबद्ध पदोन्नति सुनिश्चित करने के लिए वे स्वयं मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश है कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कार्य करने वाले पुलिस बल को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराई जाए, जिससे उनका मनोबल ऊंचा बना रहे।
शिक्षा में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार
शिक्षा के क्षेत्र में पुलिस परिवारों के बच्चों के लिए 22 डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल स्थापित किए गए हैं, जहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों को रियायतें दी जा रही हैं तथा दिवंगत कर्मियों के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है। इन स्कूलों का रोजाना 1200 विद्यार्थियों द्वारा लाभ उठाया जा रहा है। पुलिस लाइनों में ई-लाइब्रेरी और स्मार्ट क्लास जैसी सुविधाओं का तकनीकी पहलुओं पर चर्चा करते हुए इनका विस्तार किया जा रहा है, ताकि बच्चों को आधुनिक एवं तकनीक आधारित शिक्षा मिल सके।
स्वास्थ्य और आर्थिक सुरक्षा को मजबूती
स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष बल देते हुए उन्होंने बताया कि पुलिसकर्मियों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण तथा प्रत्येक जिले में जिम की व्यवस्था की गई है। वर्ष-2025 में हरियाणा पुलिस के 17 हजार 985 कर्मचारियों के स्वास्थ्य की जांच की गई है। इसके साथ साथ पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मनोरोग विशेषज्ञों के साथ भी बैठक की गई है। एचडीएफसी बैंक के साथ अनुबंध के माध्यम से दुर्घटना मृत्यु बीमा कवर को बढ़ाकर एक करोड़ किया गया है और प्राकृतिक मृत्यु की स्थिति में भी सहायता राशि को बढ़ाकर 10 लाख रूप्ये किया गया है, जिससे पुलिस परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिल सके। इसी प्रकार, एक्स ग्रेशिया में 381 आश्रितों को नौकरी दी गई है तथा शहीदों के परिवार को दी जाने वाली राशि को तीन गुना बढ़ाया गया है।
आवास और आधारभूत सुविधाओं पर कार्य
उन्होंने आगे बताया कि शगुन योजना, हॉस्टल गिफ्ट योजना, पुलिस लाइनों में बैंक्वेट एवं कम्युनिटी हॉल की सुविधा तथा आवास संबंधी योजनाओं पर कार्य आरंभ कर दिया गया है। जहां बैंक्वेट हॉल उपलब्ध नहीं हैं, वहां निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई है और जहां हैं, वहां मरम्मत का कार्य किया जाएगा।
कर्तव्यनिष्ठा का आह्वान
अंत में पुलिस महानिदेशक ने सभी अधिकारियों एवं कर्मियों से आह्वान किया कि जब मुख्यालय उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है, तो वे भी अनुशासन, मेहनत और सेवा भाव से अपनी ड्यूटी का निर्वहन करें, ताकि हरियाणा पुलिस, राज्य और सरकार का नाम ऊंचा बना रहे।
ये रहे उपस्थित
इस बैठक में हरियाणा राज्य प्रवर्तन ब्यूरों के प्रमुख नवदीप सिंह विर्क, एडीजी कला रामचंद्रन, एडीजीपी सी एस राव, अमिताभ ढिल्लों, संजय कुमार, के के राव, हरदीप सिंह दून, पुलिस आयुक्त सोनीपत ममता सिंह सहित कई कमिश्नरेट, रेंज तथा जिलों के वरिष्ठ अधिकारियों व पुलिस अधीक्षकों ने भाग लिया।

ई-नीलामी मामले में आयोग की सख्ती, एचएसवीपी को ब्याज और मुआवजा अदा करने के दिए निर्देश
चंडीगढ़, 28 फरवरी, अभीतक: हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन ने एक महत्वपूर्ण मामले में सुनवाई करते हुए एचएसवीपी को आवंटी को देय ब्याज का भुगतान करने तथा 5,000 रुपये मुआवजा देने करने के निर्देश दिए हैं। यह मामला हिसार निवासी श्रीमती रेखा सोनी से संबंधित है, जिन्होंने वर्ष 2022-23 की ई-नीलामी में भाग लेकर भूखंड खरीदा था। उन्हें 16 जून, 2023 को आवंटन-सह-कब्जा प्रमाणपत्र (।ससवजउमदज-बनउ-च्वेेमेेपवद ब्मतजपपिबंजम) जारी किया गया था, किंतु दो वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद उन्हें वास्तविक कब्जा प्राप्त नहीं हुआ। पूर्ण भुगतान करने के बावजूद आवंटी को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि सुनवाई के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि वर्ष 2022दृ23 में जिन भूखंडों की ई-नीलामी की गई, उनमें से कुछ स्थलों पर आवश्यक विकास कार्य पूर्ण नहीं थे तथा विधिवत सीमांकन भी नहीं किया गया था। आयोग ने स्पष्ट किया कि यद्यपि उस अवधि में लिए गए निर्णयों के लिए वर्तमान नेतृत्व को सीधे तौर पर उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता, फिर भी ऐसे मामलों का समाधान प्रशासनिक स्तर पर प्राथमिकता से किया जाना आवश्यक है। आयोग ने अपनी अधिकार-सीमा स्पष्ट करते हुए कहा कि अधिसूचित सेवा “कब्जा प्रमाणपत्र जारी करना” है, जिसकी समय-सीमा तीन दिन निर्धारित है। वर्तमान मामले में प्रशासनिक एवं तकनीकी जटिलताओं के कारण निर्धारित समयावधि में कब्जा उपलब्ध कराना संभव नहीं है। अतः आयोग ने सीए, एचएसवीपी को निर्देशित किया है कि वे इस प्रकरण की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करते हुए सौहार्दपूर्ण समाधान सुनिश्चित करें। आयोग ने यह भी पाया कि आवंटन पत्र की शर्त संख्या 5 के अनुसार यदि 30 दिनों के भीतर कब्जा प्रदान नहीं किया जाता, तो 5.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देय होता है। इसके बावजूद संबंधित आवंटी को अब तक ब्याज का भुगतान नहीं किया गया। इस पर आयोग ने ईओ, हिसार को निर्देश दिए हैं कि देय ब्याज का भुगतान कर 06 मार्च, 2026 तक अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करें। साथ ही, आयोग ने हरियाणा राइट टू सर्विस अधिनियम, 2014 के अंतर्गत अधिकतम अनुमेय 5,000 रुपये का मुआवजा आवंटी को उत्पीड़न के लिए प्रदान करने का आदेश दिया है। यह राशि एचएसवीपी द्वारा प्रारंभ में अपने कोष से अदा की जाएगी, जिसे बाद में जांच उपरांत संबंधित दोषी अधिकारियों से वसूल किया जा सकेगा। आयोग ने आशा व्यक्त की है कि एचएसवीपी प्रशासनिक एवं स्थल संबंधी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए प्रभावित आवंटियों को राहत प्रदान करेगा तथा भविष्य में ऐसी परिस्थितियों की पुनरावृत्ति नहीं होने देगा।

लाडवा विधानसभा का तेज गति के साथ करवाया जा रहा है विकास: नायब सिंह सैनी
मुख्यमंत्री ने बाबैन में बनाए गए सरस्वती चैक के सौंदर्यीकरण का किया उद्घाटन
किसान हित हमारी नीतियों के केंद्र में- मुख्यमंत्री

चंडीगढ़, 28 फरवरी, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि लाडवा विधानसभा के विकास को तेज गति के साथ करवाया जा रहा है। विधानसभा के गांव व शहरी क्षेत्र में करोड़ों रुपए की लागत वाली विभिन्न परियोजनाओं पर काम चल रहा है। जब इन सभी कार्यों का निर्माण पूरा होगा तो हलके की जनता को और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शनिवार को बाबैन, कुरुक्षेत्र में सरस्वती चैक के सौंदर्यीकरण का उद्घाटन करने उपरांत लोगों को संबोधित कर रहे थे। बाबैन पहुंचने पर मुख्यमंत्री का जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बाबैन के नागरिकों की समस्याओं को सुना और उन समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों को दिशा निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि उमरी में करीब 5 एकड़ में संत शिरोमणि गुरु रविदास स्मारक का निर्माण किया जा रहा है। राक्षी नदी को पक्का करने और लाडवा शहर में रास्ता निर्माण किया जा रहा है। इसी तरह राजकीय पशु चिकित्सा पॉलिक्लीनिक बिहोली में स्थापित किया गया है। गांव धनौरा जाटान में खिलाडियों के लिए खेल स्टेडियम तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि लाडवा के रामकुंडी के अग्रसेन चैक के सौंदर्यीकरण को किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत क्लेम के रूप में अब तक 15 हजार 448 करोड़ रुपये की राशि किसानों को दी गई है। फसली नुकसान की भरपाई के लिए 53 हजार 821 किसानों को 116 करोड़ 15 लाख 57 हजार रुपये की मुआवजा राशि जारी कर दी है। इसमें बाजरे की फसल के लिए 35 करोड़ 29 लाख रुपये, कपास के लिए 27 करोड़ 43 लाख रुपये, धान के लिए 22 करोड़ 91 लाख रुपये और गवार के लिए 14 करोड़ 10 लाख रुपये की राशि शामिल है।
किसान हित हमारी नीतियों के केंद्र में
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि किसान हित हमारी नीतियों के केन्द्र में है। हमने अपने संकल्प पत्र 2024 में सभी 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर करने का संकल्प लिया था। जब 17 अक्तूबर, 2024 को विधिवत रूप से हमारी सरकार बनी तो हमने 19 दिसम्बर को ही किसानों की 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर करने की अधिसूचना जारी कर दी थी। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा देश का एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां किसानों की 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जा रही है। इन्होने बताया कि पिछले 12 सीजन में अब तक 12 लाख किसानों के खातों में फसल खरीद के 1 लाख 64 हजार करोड़ रुपये डाले जा चुके हैं। इतना ही नहीं, हमने पिछले 11 सालों में किसानों को फसल खराबे के मुआवजे के रूप में 15 हजार 457 करोड़ रुपये दिये हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 7 हजार 233 करोड़ रुपये किसानों के खातों में डाले गए हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्तमान सरकार ने अंग्रेजों के जमाने से चले आ रहे आबियाने को जड़ से खत्म किया है। हमने किसानों को नकली खाद, बीज और कीटनाशक बेचने व बनाने वालों से बचाने के लिए नया कानून बनाया है। इसके तहत ऐसे लोगों को 5 साल की सजा देने का प्रावधान किया है। इस मौके पर उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा, पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल, जिला अध्यक्ष तिजेंदर सिंह गोल्डी, जयभगवान शर्मा डीडी, मार्केट कमेटी चेयरमैन जसविंदर जस्सी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के अजमेर से राष्ट्रव्यापी एच.पी.वी. टीकाकरण अभियान की शुरुआत
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने लाडवा से किया एच.पी.वी. टीकाकरण अभियान का शुभारंभ
हरियाणा में तीन माह में सभी पात्र बालिकाओं को कवर करने का लक्ष्य
40 बालिकाओं को एच.पी.वी. वैक्सीन की खुराक देकर की गई अभियान की शुरुआत

चंडीगढ़, 28 फरवरी, अभीतक: आत्म निर्भर भारत, स्वस्थ भारत के लक्ष्य को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के अजमेर से राष्ट्रव्यापी ह्यूमन पेपिलोमा वायरस (एच.पी.वी.) वैक्सीनेशन अभियान की शुरुआत की, तो मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा में इस अभियान की शुरुआत प्रधानमंत्री का सीधा प्रसारण देखने के बाद की। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा। इसके उपरांत कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की यह पहल वर्ष 2015 में पानीपत से दिए गए ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ राष्ट्रव्यापी अभियान के ही संकल्प की अगली कड़ी है, जो बेटियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और सशक्तिकरण को समर्पित है। अभियान के शुभारंभ अवसर पर 40 बालिकाओं को एच.पी.वी. वैक्सीन की खुराक दी गई। राज्य सरकार ने लक्ष्य रखा है कि आगामी तीन महीनों में प्रदेश की प्रत्येक पात्र बालिका तक यह वैक्सीन पहुंचाई जाएगी। यह टीका 14 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुकी और 15 वर्ष से कम आयु की किशोरियों को एकल खुराक के रूप में लगाया जाएगा। वैक्सीन पूरी तरह वैज्ञानिक शोध पर आधारित एवं सुरक्षित है तथा विश्व के 160 से अधिक देशों में इसका सफलतापूर्वक उपयोग किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर भारत में महिलाओं में होने वाला दूसरा सबसे आम कैंसर है, जिसका मुख्य कारण ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (भ्च्ट) है। एच.पी.वी. वैक्सीन इस वायरस से सुरक्षा प्रदान करती है और भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम करती है। इसे बेटियों के स्वास्थ्य का “सुरक्षा कवच” बताया गया। साथ ही अभिभावकों से अपील की गई कि वे अपनी बेटियों को निःसंकोच यह टीका लगवाएं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी आवश्यक चिकित्सा प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया कि निजी क्षेत्र में हजारों रुपये में उपलब्ध यह टीका हर पात्र बालिका को पूर्णतः निःशुल्क लगाया जाएगा। यह सामाजिक न्याय और समान अवसर की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि अभियान के तहत टीकाकरण का पंजीकरण यू-विन पोर्टल पर किया जाएगा तथा प्रत्येक बालिका को डिजिटल एच.पी.वी. टीकाकरण प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और डिजिटल रिकॉर्ड सुनिश्चित होगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए उठाए गए विभिन्न कदमों की भी जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ाकर 17 कर दी गई है तथा 3 अन्य निर्माणाधीन हैं। सभी नागरिक जिला अस्पतालों एवं मेडिकल कॉलेजों में किडनी रोगियों को मुफ्त डायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। हीमोफीलिया एवं थैलेसीमिया रोगियों को 3,000 रुपये मासिक पेंशन तथा दिव्यांगजनों को 3,200 रुपये मासिक पेंशन का लाभ दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक स्वस्थ बेटी ही सशक्त महिला बनती है और सशक्त महिला ही सशक्त समाज एवं राष्ट्र का निर्माण करती है। सरकार ने प्रदेश की प्रत्येक बेटी के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए पूर्ण प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का विजन केवल योजनाएं बनाना नहीं है बल्कि समाज में साकारात्मक परिवर्तन लाना है।एचपीवी टीकाकरण अभियान भी इसी का हिस्सा है। प्राइवेट अस्पतालों में यह टीका हजारों रुपये में मिलता है जबकि सरकार इसे मुफ्त उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए बेहतर कार्य कर रही है। इस मौके पर संबोधित करते हुए प्रदेश की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि प्रदेश सरकार बेटियों के कल्याण के प्रति समर्पित है। महिलाओं के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। प्रदेश सरकार का उदेश्य है कि हर नारी सशक्त और समृद्ध बने। उन्होंने कहा कि आज का यह टीकाकरण अभियान हमारी बेटियों को बीमारियों से बचाने में कारगर साबित होगा। इस कार्यक्रम के तहत टीकाकरण का ऑनलाइन पंजीकरण यूविन पोर्टल पर किया जाएगा। इस अवसर पर पूर्व मंत्री श्री सुभाष सुधा, स्वास्थ्य विभाग के स्वास्थ्य एवं एनएचएम के एमडी डॉ. आरएस ढिल्लो, आंगनवाड़ी व आशा कार्यकर्ता, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।

प्रयोगशाला से भूमि’ तक नवाचार पहुंचाना है समय की मांग-राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर 2022, 2023 और 2024 के लिए चयनित 11 प्रतिभाशाली वैज्ञानिकों को ‘हरियाणा विज्ञान रत्न’ और ‘हरियाणा युवा विज्ञान रत्न’ पुरस्कारों से किया सम्मानित

चंडीगढ़, 28 फरवरी, अभीतक: राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर आज राज भवन हरियाणा में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में हरियाणा के राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष ने वर्ष 2022, 2023 और 2024 के लिए चयनित 11 प्रतिभाशाली वैज्ञानिकों को ‘हरियाणा विज्ञान रत्न’ और ‘हरियाणा युवा विज्ञान रत्न’ पुरस्कारों से सम्मानित किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि यह केवल सम्मान समारोह नहीं, बल्कि ज्ञान, नवाचार और विज्ञान की परिवर्तनकारी शक्ति में हमारे सामूहिक विश्वास का यादगार क्षण है। राज्यपाल ने सभी सम्मानित वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धियां न केवल हरियाणा बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए गौरव का विषय हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 1966 में गठन के बाद से हरियाणा ने राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हरित क्रांति के दौर में राज्य ने वैज्ञानिक कृषि, नवाचार और दृढ़ संकल्प के बल पर देश को खाद्य आत्मनिर्भरता दिलाने में अग्रणी भूमिका निभाई। यही विरासत आज भी हमें प्रेरित करती है। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी नई और जटिल चुनौतियां लेकर आई है। सतत कृषि, जैव प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा विज्ञान, नवीकरणीय ऊर्जा, जल प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन से निपटने की क्षमता हमारी विकास रणनीति का आधार बननी चाहिए। हमारा लक्ष्य सतत, समावेशी और प्रौद्योगिकी संचालित विकास सुनिश्चित करना है। राज्यपाल श्री घोष ने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी को प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि शासन व्यवस्था और आम नागरिकों के जीवन में प्रत्यक्ष सुधार लाना चाहिए। अनुसंधान का वास्तविक माप उसके सामाजिक प्रभाव में निहित है। ‘प्रयोगशाला से भूमि’ और ‘प्रयोगशाला से बाजार’ के बीच की दूरी को कम करना आज की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कि हरियाणा राज्य अनुसंधान कोष के माध्यम से छात्रों और शिक्षकों में वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहित किया जा रहा है। ‘अटल टिंकरिंग लैब्स’ और ‘डिजिटल लैब्स’ के जरिए विद्यालयों के बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। अंबाला में बन रहा ‘आर्यभट्ट विज्ञान केंद्र’ तथा कुरुक्षेत्र में कल्पना चावला मेमोरियल प्लैनेटेरियम का आधुनिकीकरण वैज्ञानिक चेतना को सुदृढ़ करेगा। कल्पना चावला छात्रवृत्ति योजना’ के तहत अभियांत्रिकी विषयों में छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिवर्ष 1 लाख रुपये तक की 250 छात्रवृत्तियां दी जाएंगी, जबकि ‘विज्ञान रत्न पुरस्कार’ के तहत 5 लाख रुपये तक की राशि प्रदान की जाती है। राज्यपाल ने बताया कि 1983 में स्थापित विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी निदेशालय राज्य में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने में अग्रणी रहा है। यह निदेशालय वरिष्ठ माध्यमिक स्तर से लेकर उन्नत अनुसंधान तक छात्रवृत्तियां प्रदान करता है तथा सामाजिक-आर्थिक अनुसंधान परियोजनाओं को 50 लाख रुपये तक के अनुदान से सहयोग देता है।
प्रधानमंत्री के 2047 तक विकसित भारत बनाए जाने के सपने को साकार करने में वैज्ञानिकों को रहेगा विशेष योगदान-शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा’
इस अवसर पर हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का विजन है कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित बनाना है। इस विजन को साकार करने में हमारे वैज्ञानिकों का भी विशेष योगदान रहेगा। भारतीय विज्ञान परंपरा विश्व की प्राचीनतम वैज्ञानिक परंपराओं में से एक रही है। प्राचीन काल में चिकित्सा विज्ञान में चरक और सुश्रुत, खगोल और गणित में आर्यभट्ट और ब्रह्मगुप्त, रसायन विज्ञान में नागार्जुन ने अतुलनीय योगदान दिया। उन्होंने कहा कि प्राचीन खोजें आधुनिक विज्ञान की नींव रही हैं। भारतीय विद्वानों ने खगोल, गणित, चिकित्सा, रसायन, वास्तुकला और यंत्र विज्ञान में ऐसे सिद्धांत स्थापित किए, जिनका प्रभाव भारत ही नहीं, बल्कि अरब और यूरोप तक फैला। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान भारत ने विज्ञान और स्वास्थ्य क्षेत्र में अद्वितीय उपलब्धियां दर्ज कीं। तेजी से परीक्षण और उपचार प्रोटोकॉल विकसित किए गए और कोवैक्सिन तथा कोविशील्ड जैसे सुरक्षित एवं प्रभावी टीकों का विकास हुआ। इन प्रयासों ने न केवल भारतवासियों की रक्षा की, बल्कि वैश्विक स्वास्थ्य समुदाय में भारत की नेतृत्व क्षमता को भी उजागर किया। उन्होंने कहा कि भारत ने हाल ही में प्दकपं ।प् प्उचंबज ैनउउपज 2026 में वैश्विक मंच पर अपनी नेतृत्व क्षमता साबित की। 100़ देशों के विशेषज्ञों ने भाग लिया और वैश्विक एआई दिशा निर्देश पर साझा घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए। यह सम्मेलन भारत को एआई नवाचार और वैश्विक सहयोग का प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करता है। इस अवसर पर राज्यपाल की धर्मपत्नी श्रीमती मित्रा घोष, उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विनीत गर्ग, राज्यपाल के सचिव श्री डीके बेहरा, विज्ञान एवं तकनीकी के निदेशक श्री राजीव रतन व अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने गूगल और यूट्यूब के सहयोग से मीडिया एवं एंटरटेनमेंट क्षेत्र में क्षमता निर्माण के लिए देशव्यापी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्किलिंग कार्यक्रम शुरू किया
चंडीगढ़, 28 फरवरी, अभीतक: भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने गूगल और यूट्यूब के सहयोग से मीडिया एवं एंटरटेनमेंट (ड-म्) क्षेत्र में क्षमता निर्माण के लिए देशव्यापी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (।प्) स्किलिंग कार्यक्रम शुरू किया है। एक सरकारी प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि यह पहल वर्ल्ड ऑडियो विजुअल एंड एंटरटेनमेंट समिट (ॅ।टम्ै) 2025 के तहत शुरू की गई है। इसका उद्देश्य देशभर के क्रिएटर्स, डेवलपर्स और मीडिया पेशेवरों को उच्च गुणवत्ता वाले एआई प्रशिक्षण तक पहुंच प्रदान करना है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिभागियों को प्रीमियम कोर्स के लिए पूर्ण रूप से प्रायोजित स्कॉलरशिप दी जाएगी, जिससे वे बिना किसी शुल्क के इंडस्ट्री-मान्यता प्राप्त प्रमाण-पत्र हासिल कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि कोर्स को दो प्रमुख लर्निंग ट्रैक में विभाजित किया गया है। पहला ट्रैक “फाउंडेशनल एआई और प्रॉम्प्टिंग” है, जिसमें जनरेटिव एआई टूल्स के उपयोग से क्रिएटिव आइडिया, स्टोरीटेलिंग और कंटेंट डेवलपमेंट पर ध्यान दिया जाएगा। दूसरा ट्रैक “जनरेटिव एआई लीडर (ळ।प्स्)” है, जो पेशेवरों को जनरेटिव एआई तकनीक के व्यावसायिक महत्व और उसके जिम्मेदार उपयोग की समझ प्रदान करेगा। प्रवक्ता ने आगे बताया कि पहले चरण के सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद प्रतिभागी दूसरे चरण में प्रवेश कर सकेंगे, जहां उन्हें टमतजमग ।प्ए ळमउपदप और ळववहसम ब्सवनक जैसे उन्नत टूल्स पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा, जो विशेष रूप से मीडिया वर्कफ्लो के लिए डिजाइन किए गए हैं। उन्होंने कहा कि छात्र, कंटेंट क्रिएटर्स और मीडिया प्रोफेशनल्स इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं। इच्छुक प्रतिभागी ीजजचेरूध्ध्ंपेापससीवनेमण्पपबजण्वतहध् पर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। इस पहल का उद्देश्य भारत के मीडिया टैलेंट को भविष्य के अनुरूप कौशल प्रदान करना और तेजी से बदलते डिजिटल इकोसिस्टम में उद्योग की तैयारियों को मजबूत बनाना है।

जन समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर प्रशासन सजग: डीसी
प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष, पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करें अधिकारी
जिला लोक संपर्क एवं परिवेदना समिति की बैठक में 14 शिकायतों का मौके पर निपटारा

झज्जर, 28 फरवरी, अभीतक: जिला मुख्यालय स्थित संवाद भवन में शुक्रवार को उपायुक्त स्वप्निल रविन्द्र पाटिल की अध्यक्षता में जिला लोक संपर्क एवं परिवेदना समिति की मासिक बैठक का आयोजन किया गया। डीसी ने बैठक के दौरान नागरिकों से प्राप्त शिकायतों की विस्तार से सुनवाई करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, ताकि समस्याओं का समाधान समयबद्ध रूप से सुनिश्चित किया जा सके। बैठक में कुल 18 शिकायतें प्रस्तुत की गई, जिनमें से 14 शिकायतों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों के निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को निर्धारित समयावधि में समाधान के निर्देश दिए। डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने कहा कि जिला लोक संपर्क एवं परिवेदना समिति की बैठकें शासन-प्रशासन और आमजन के बीच संवाद स्थापित करने का प्रभावी मंच हैं, जिनके माध्यम से नागरिक अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के समक्ष रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि नागरिकों को राहत मिल सके। उपायुक्त ने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे मामलों की नियमित मॉनिटरिंग करें तथा शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाएं। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि शिकायतकर्ता को समाधान प्रक्रिया की जानकारी समय-समय पर दी जाए, ताकि प्रशासन के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हो। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता है कि नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और एक ही मंच पर उनकी सुनवाई तथा समाधान सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की बैठकें सुशासन की अवधारणा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
बैठक में यह अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर डीसीपी अमित दहिया, डीसीएफ साहिती रेड्डी, एडीसी जगनिवास, एसडीएम झज्जर अंकित कुमार चैकसे, एसडीएम बेरी रेणुका नांदल, सीटीएम नमिता कुमारी, सीजीजीए खुशी कौशल, डीआरओ मनवीर सिंह,जनस्वास्थ्य विभाग के अधीक्षण अभियंता अमित श्योकंद, सिंचाई विभाग के एसई सतीश जनावा, सिविल सर्जन डॉ मंजू कादयान, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी सुमित कुमार, एक्सईएन जनस्वास्थ्य विभाग अश्विनी सांगवान, सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
झज्जर स्थित संवाद भवन में शुक्रवार को आयोजित जिला लोक संपर्क एवं परिवेदना समिति की बैठक के दौरान जन शिकायतों की सुनवाई करते हुए डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल

लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर प्रयासरत रहें छात्र: डीसी
छात्र जीवन में की गई मेहनत से मजबूत बनती भविष्य की नींव – बोले डीसी
डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने प्रतिभा मंथन छात्रवृत्ति सम्मान समारोह में मेधावी विद्यार्थियों को किया सम्मानित

झज्जर, 28 फरवरी, अभीतक: लघु सचिवालय सभागार में शुक्रवार की सायं प्रतिभा मंथन छात्रवृत्ति सम्मान समारोह का आयोजन किया,जिसमें बतौर मुख्य अतिथि डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने मेधावी विद्यार्थियों को पुरस्कृत करते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की। इससे पहले डीईओ रतिंद्र सिंह ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और जिला में चल रहे प्रतिभा मंथन कार्यक्रम की विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने कहा कि प्रतिभा मंथन स्कॉलरशिप कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचान देना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि छात्र जीवन में की गई मेहनत ही भविष्य की मजबूत नींव बनाती है। विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर प्रयास करना चाहिए, सफलता अवश्य मिलती है। उन्होंने बताया कि प्रतिभा मंथन जैसी योजनाएं विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धा की भावना के साथ आत्मविश्वास भी बढ़ाती हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिभा मंथन टीम पिछले वर्षो से बच्चों का रूचि अनुसार मार्गदर्शन कर रही है,जिसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं, ऐसे में हमें प्रतिभा मंथन 2-0 की तरफ बढ़ना चाहिए। उन्होंने प्रतिभा मंथन के लिए पोर्टल बनाने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि यह जिला के लिए अच्छी पहल है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे पढाई के साथ साथ जीवन में नैतिक मूल्यों, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारियों को भी अपने जीवन में अपनाएं। उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों की सफलता में उनका महत्वपूर्ण योगदान होता है। कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। डीसी ने प्रतिभा मंथन टीम से मुस्तफा सहित अन्य सदस्यों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए बधाई दी। इस अवसर पर एडीसी जगनिवास, एसडीएम झज्जर अंकित कुमार चैकसे, एसडीएम बेरी रेणुका नांदल, सीटीएम नमिता कुमारी, सीजीजीए खुशी कौशल सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी, प्रतिभा मंथन टीम,अभिभावक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
झज्जर स्थित लघु सचिवालय सभागार में प्रतिभा मंथन छात्रवृत्ति सम्मान समारोह में मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करते डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ।

एग्रीस्टैक फार्मर आईडी से ही पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ संभव: डीसी
डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने अधिकारियों की बैठक में की एग्री स्टेक फार्मर आईडी कार्यक्रम की समीक्षा
गांव-गांव पहुंचकर फार्मर आईडी के लिए किसानों को प्रेरित करें कृषि अधिकारी

झज्जर, 28 फरवरी, अभीतक: डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने कहा कि जिला में इन दिनों एग्री स्टैक फार्मर आईडी बनाने का कार्य जारी है,ऐसे में प्रत्येक किसान के लिए एग्रीस्टैक फार्मर आईडी बनवाना अनिवार्य है। पीएम किसान सम्मान निधि सहित सभी कृषि एवं किसान कल्याण से जुड़ी सरकारी योजनाओं का लाभ इसी आईडी के माध्यम से प्रदान किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांवों में विशेष अभियान चलाकर किसानों की फार्मर आईडी जनरेट करवाई जाए तथा इस कार्य की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उपायुक्त शुक्रवार को आयोजित अधिकारियों की बैठक में एग्रीस्टैक फार्मर आईडी, राजस्व, विकास एवं पंचायत विभाग से संबंधित कार्यक्रमों की समीक्षा कर रहे थे। बैठक के दौरान उन्होंने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के तकनीकी अधिकारी डा रोहित वत्स से जिले में चल रहे फार्मर आईडी निर्माण कार्य की जानकारी लेते हुए इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा कि एग्री स्टैक फार्मर आईडी प्रत्येक किसान के लिए अनिवार्य है,इसके लिए आबादी के अनुरूप सर्वप्रथम बड़े गांवों को चिंहित करते हुए आईडी जैनरेट की जाए ताकि निर्धारित समय सीमा में अधिक से अधिक किसानों की एग्रीस्टैक आईडी तैयार की जा सके।
फार्मर आईडी से मिलेंगे ये प्रमुख लाभ
उपायुक्त ने बताया कि एग्रीस्टैक फार्मर आईडी का मुख्य उद्देश्य किसानों की पहचान को सुरक्षित करना तथा उन्हें सरकारी सेवाओं और योजनाओं का सीधा लाभ उपलब्ध कराना है। भविष्य में बैंक ऋण, पीएम किसान सम्मान निधि आदि का लाभ एग्रीस्टैक फार्मर आईडी के माध्यम से ही दिया जाएगा। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारी मिशन मोड में कार्य करें।
इन दस्तावेजों से बनेगी फार्मर आईडी
एग्रीस्टैक आईडी बनवाने के लिए किसान को मोबाइल नंबर से लिंक आधार कार्ड, पिछली फसल के लिए मेरी फसल मेरा ब्यौरा पंजीकरण की प्रति अथवा जमीन से संबंधित फर्द साथ लानी होगी। किसान स्वयं सेल्फ रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, वहीं सीएससी केंद्रों के माध्यम से भी फार्मर आईडी जनरेट कराई जा सकती है।
बैठक में ये अधिकारी रहे उपस्थित
इस अवसर पर एडीसी जगनिवास, एसडीएम झज्जर आईएएस अंकित कुमार चोकसे, एसडीएम बेरी रेणुका नांदल, सीटीएम नमिता कुमारी, सीएमजीजीए खुशी कौशल, डीआरओ मनबीर सिंह सांगवान, डीआईओ अमित बंसल, डीडीपीओ निशा तंवर सहित सभी तहसीलदार व बीडीपीओ उपस्थित रहे।
झज्जर में शुक्रवार को आयोजित अधिकारियों की बैठक में एग्रीस्टैक फार्मर आईडी कार्यक्रम की समीक्षा करते उपायुक्त स्वप्निल रविंद्र पाटिल।

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