Haryana Abhitak News 12/05/26

https://www.facebook.com/reel/26881910474774430/?mibextid=9drbnH&s=yWDuG2&fs=e

https://www.facebook.com/reel/1624983241886829?mibextid=9drbnH&s=yWDuG2&fs=e

https://www.facebook.com/reel/1545854320475054?mibextid=9drbnH&s=yWDuG2&fs=e

हरियाणा बोर्ड 12वीं विज्ञान संकाय में वंशिका महाजन ने किया टॉप, झज्जर जिले का बढ़ाया मान
डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने मेधावी वंशिका को दी बधाई

झज्जर, 12 मई, अभीतक: जिला झज्जर के गांव साल्हावास स्थित बीकेडी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की मेधावी छात्रा वंशिका महाजन ने हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी द्वारा मंगलवार को घोषित किए गए कक्षा 12वीं के परीक्षा परिणाम में विज्ञान संकाय में 500 में से 494 अंक प्राप्त कर पूरे हरियाणा में प्रथम स्थान हासिल किया है। वंशिका की इस शानदार उपलब्धि से पूरे जिले में खुशी और गर्व का माहौल है। वंशिका महाजन, जो राजेंद्र कुमार की पुत्री हैं, ने अपनी कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अध्ययन के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। उनकी इस सफलता ने न केवल विद्यालय बल्कि पूरे झज्जर जिले का नाम प्रदेशभर में रोशन किया है। परिणाम घोषित होते ही विद्यालय परिसर और गांव में बधाइयों का तांता लग गया। विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों और ग्रामीणों ने छात्रा की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मिठाई बांटकर खुशी मनाई। इस अवसर पर उपायुक्त स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने वंशिका महाजन को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि जिले के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि बेटियां आज हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर रही हैं। वंशिका ने यह साबित किया है कि कठिन परिश्रम, लगन और सकारात्मक सोच के दम पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। डीसी ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में झज्जर जिले के विद्यार्थियों की उपलब्धियां लगातार बढ़ रही हैं, जो जिले के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहकर पूरी ईमानदारी और मेहनत के साथ अध्ययन करना चाहिए। सफलता निश्चित रूप से उन्हीं के कदम चूमती है जो निरंतर प्रयास करते रहते हैं। उन्होंने वंशिका के अभिभावकों और शिक्षकों को भी बधाई देते हुए कहा कि बच्चों की सफलता में माता-पिता और गुरुजनों का विशेष योगदान होता है। सही मार्गदर्शन और बेहतर शिक्षा का वातावरण ही विद्यार्थियों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य करता है। विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि वंशिका शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी रही हैं और उन्होंने नियमित अध्ययन के साथ अनुशासित दिनचर्या अपनाकर यह सफलता हासिल की है। वंशिका ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और विद्यालय के सहयोगी वातावरण को दिया।

एल. ए. सी. सै. स्कूल झज्जर में टेलेंट हंट कम्पिटिशन का हुआ भव्य समापन
झज्जर, 12 मई, अभीतक: एल. ए.सी. सै.स्कूल झज्जर में टेलेंट हंट कम्पिटिशन का हुआ भव्य समापन, टेलेंट हंट के यह कार्यक्रम स्कूल प्रांगण में एक सप्ताह तक चले अंतिम दिन डांस, रंगोली मेकिंग, कलश डेकोरेशन, जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित कि गईं। इस कम्पीटीशन में बच्चों ने अपनी डांस परफॉर्मेंस के आधार पर सभी को प्रभावित किया। स्कूल प्राचार्या निधि कादयान ने बच्चों के टेलेंट की दिल खोल के प्रशंसा की। स्कूल प्रबंधक के.एम.डागर ने बताया ज्यूरी मेम्बर के तौर पर अदिति कश्यप ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कि। स्कूल संचालक जगपाल गुलिया, जयदेव दहिया, अनिता गुलिया, नीलम दहिया ने कार्यक्रम के विजेता प्रतिभागियों को मेरिट सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया। स्कूल एचओडी रविंद्र लोहचब ,पिंकी अहलावत,पुष्पा यादव ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आर्ट टीचर रितिका,डांस टीचर जितेंद्र,स्टेज संचालन के लिए प्रियंका यादव व सपना अहलावत का आभार व्यक्त किया।

गांव लुहारी में प्राचीन बावड़ी को राज्य संरक्षित स्मारक घोषित करने की प्रक्रिया शुरू
झज्जर, 12 मई, अभीतक: प्रदेश के विरासत एवं पर्यटन विभाग द्वारा जिला के गांव लुहारी स्थित प्राचीन बावड़ी को राज्य संरक्षित स्मारक घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस संबंध में हरियाणा प्राचीन एवं ऐतिहासिक स्मारक तथा पुरातात्विक स्थल एवं अवशेष अधिनियम, 1964 की धारा 4(1) के अंतर्गत प्रारंभिक अधिसूचना जारी की गई है। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि विरासत एवं पर्यटन विभाग की ओर से जारी पत्र के अनुसार गांव लुहारी स्थित बावड़ी को राज्य संरक्षित स्थल स्मारक घोषित किए जाने संबंधी प्रारंभिक अधिसूचना का अंतिम ड्राफ्ट सरकार के ई-गजट पोर्टल पर अपलोड किया गया है। साथ ही संबंधित क्षेत्र में सार्वजनिक स्थानों पर ड्राफ्ट की सूचना भी प्रदर्शित की जाएगी। उन्होंने बताया कि लुहारी बावड़ी ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक दृष्टि से महत्वपूर्ण धरोहर मानी जाती है। राज्य संरक्षित स्मारक घोषित होने के बाद इसके संरक्षण, रखरखाव एवं ऐतिहासिक महत्व को सहेजने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकेंगे।

स्वप्निल रविन्द्र पाटिल, डीसी झज्जर।

ज्ञान भारतम मिशन से सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को मिलेगी मजबूती: डीसी
डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने बताया, जिला भर में 15 जून 2026 तक चलाया जा रहा सर्वेक्षण अभियान
पांडुलिपियों को डिजिटल पहचान मिलने से शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को मिलेगी सुलभता

झज्जर, 12 मई, अभीतक: डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने बताया कि देशभर में प्राचीन पांडुलिपियों, ताड़पत्रों एवं दुर्लभ अभिलेखों का सर्वेक्षण, प्रलेखन, संरक्षण एवं डिजिटलीकरण कर उन्हें शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों एवं आमजन के लिए सुलभ पहुंच बनाने के उद्देश्य से ज्ञान भारतम् मिशन चलाया जा रहा है। अभियान के तहत लगभग 75 वर्ष या उससे अधिक पुरानी पांडुलिपियों को प्राथमिकता दी जाएगी। सर्वे कार्य को 15 जून तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसे तय समय में टीमें पूरा करना सुनिश्चित करें। डीसी ने बताया कि कि ज्ञान भारतम् मिशन के तहत आम नागरिक भी अपनी पांडुलिपियों की जानकारी जिला प्रशासन को सीधे रूप से ीजजचेरूध्ध्हलंदइींतंजंउण्बवउध् वेबसाइट या ीजजचेरूध्ध्चसंल.हववहसम.बवउध्ेजवतमध्ंचचेध्कमजंपसे?पक=बवउण्हलंदइींतंजंउण्ंचच-चसप=1 मोबाइल ऐप के माध्यम से साझा कर सकते हैं। चिन्हित पांडुलिपियों को राष्ट्रीय डिजिटल रिपॉजिटरी में सुरक्षित रखा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अभियान में पांडुलिपि धारकों का स्वामित्व पूर्णतया सुरक्षित रहेगा। सर्वेक्षण के तहत सरकारी पुस्तकालयों, विश्वविद्यालयों, संस्कृत पाठशालाओं तथा मंदिरों, गुरुद्वारों और मठों जैसे धार्मिक स्थलों में उपलब्ध पांडुलिपियों की पहचान और दस्तावेजीकरण करने के साथ-साथ पांडुलिपियों की भौतिक स्थिति का आकलन भी किया जाएगा।
सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने का प्रयास
जिला स्तरीय समिति के अध्यक्ष एवं डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय ज्ञान परंपरा और दर्शन को बौद्धिक धरोहर के महत्वपूर्ण स्रोत के रूप में पांडुलिपियों के संरक्षण और उन्हें भावी पीढियों तक सुरक्षित पहुंचाने के उद्देश्य से ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ के तहत राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान को जिला झज्जर में प्रभावी रूप से चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह मिशन न केवल देश की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है, बल्कि इससे आने वाली पीढियों को प्राचीन ज्ञान से जोडने का भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने सभी तहसीलदारों,खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों (बीडीपीओ)शहरी स्थानीय निकाय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि वे गांव-गांव में स्थित मंदिरों, गुरुद्वारों, मस्जिदों तथा अन्य धार्मिक एवं सामाजिक संस्थानों में उपलब्ध हस्तलिखित पांडुलिपियों की जानकारी एकत्रित करें। यदि किसी स्थान पर पांडुलिपियां उपलब्ध होती हैं, तो उन्हें ‘ज्ञान भारतम् ऐप’ के माध्यम से जियो-टैग कर पोर्टल पर अपलोड किया जाए। वहीं, यदि किसी स्थान पर पांडुलिपियां उपलब्ध नहीं हैं, तो संबंधित महंत, इमाम या प्रबंधक से प्रमाण-पत्र प्राप्त किया जाए।
दुर्लभ धरोहरों को सुरक्षित रखने में मिलेगी मदद
डीसी ने बताया कि यह राष्ट्रीय अभियान जिला में गत 16 मार्च से प्रारंभ किया गया है, जिसके अंतर्गत देशभर में परिवारों, धार्मिक स्थलों एवं विभिन्न संस्थानों में सुरक्षित पांडुलिपियों का सर्वेक्षण, सूचीकरण एवं डिजिटलीकरण किया जा रहा है। इस प्रक्रिया के माध्यम से एक व्यापक डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जा रहा है, जिससे इन दुर्लभ धरोहरों को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि जिला में जहां भी वर्षों पुरानी पांडुलिपियां सुरक्षित हैं, जिनमें धार्मिक ग्रंथ, ऐतिहासिक दस्तावेज एवं पारंपरिक ज्ञान का अनमोल भंडार निहित है, उनकी पहचान कर डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन इस दिशा में गंभीरता से कार्य कर रहा है और सभी संबंधित विभागों के सहयोग से इस अभियान को सफल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस पहल से जिला झज्जर की ऐतिहासिक धरोहर को सुरक्षित रखने के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।

अंतरराष्ट्रीय नर्सेज दिवस पर संस्कारम यूनिवर्सिटी में भव्य एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन
झज्जर, 12 मई, अभीतक: अंतरराष्ट्रीय नर्सेज दिवस के अवसर पर संस्कारम कॉलेज ऑफ नर्सिंग, खातीवास ने संस्काराम यूनिवर्सिटी के डीएलसी ऑडिटोरियम में एक भव्य एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसके बाद विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं। पूरे कार्यक्रम में उत्साह, ऊर्जा और नर्सिंग प्रोफेशन के प्रति समर्पण की भावना देखने को मिली। विद्यार्थियों ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियों, प्रेरणादायक भाषणों तथा सामाजिक संदेश देने वाले रोल प्ले के माध्यम से सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों का दिल जीत लिया। प्रस्तुतियों में नर्सों के संघर्ष, सेवा भावना और समाज में उनके अमूल्य योगदान को बहुत ही सुंदर तरीके से दर्शाया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने विद्यार्थियों की प्रतिभा और आत्मविश्वास की सराहना की। इस अवसर पर डॉ महिपाल यादव कुलाधिपति यूनिवर्सिटी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नर्स केवल एक प्रोफेशन नहीं बल्कि मानवता की सच्ची सेवा का प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों को मेहनत, अनुशासन और सेवा भावना के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करने के लिए प्रेरित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित प्रोफेसर सुनीता कुमारी डीन, प्रिंसिपल कॉलेज ऑफ नर्सिंग रोहतक ने विद्यार्थियों को नर्सिंग प्रोफेशन के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एक नर्स मरीज के उपचार के साथ-साथ उसे मानसिक और भावनात्मक सहयोग भी प्रदान करती है। उन्होंने विद्यार्थियों को कंपेशनेट केयर डेडीकेशन और प्रोफेशनल एथिक्स के महत्व को समझाया। इसके अतिरिक्त उते अंजू चाहर इन्फेक्शन कंट्रोल नर्सिंग ऑफिसर, सिविल हॉस्पिटल, झज्जर ने एक विशेष पॉडकास्ट सेशन के माध्यम से विद्यार्थियों को कोविड-19 महामारी के दौरान इन्फेक्शन कंट्रोल की भूमिका के बारे में जागरूक किया। उन्होंने नर्सिंग प्रोफेशन में इन्फेक्शन कंट्रोल यूनिट के महत्व तथा मरीजों और हैल्थ केयर वर्कर्स की सुरक्षा के लिए अपनाई जाने वाली सावधानियों की विस्तृत जानकारी साझा की। विद्यार्थियों ने इस इन्फॉर्मेटिव सेशन को बेहद ध्यानपूर्वक सुना और इससे महत्वपूर्ण सीख प्राप्त की। कार्यक्रम के अंत में डत. रवींद्र व्यास प्रिंसिपल, संस्कारम कॉलेज ऑफ नर्सिंग ने सभी मुख्य अतिथियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं आयोजन समिति का धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की प्रशंसा करते हुए उन्हें आगे भी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को उपहार भी वितरित किए गए तथा सभी को अंतरराष्ट्रीय नर्सेज दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ दी गईं। पूरा कार्यक्रम उत्साह, प्रेरणा और सेवा भावना से भरपूर रहा तथा विद्यार्थियों के लिए एक यादगार अनुभव साबित हुआ।

स्वप्निल रविन्द्र पाटिल, डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी झज्जर।

नगर परिषद वार्ड -13 के उपचुनाव के चलते मतगणना की सभी तैयारियां पूरी: डीसी
शहीद रमेश कुमार राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय परिसर में आज (13 मई) होगी मतगणना

झज्जर, 12 मई, अभीतक: राज्य चुनाव आयोग हरियाणा के निर्देशानुसार नगर परिषद झज्जर वार्ड -13 के उपचुनाव के चलते 13 मई को सुबह 8 बजे से मतगणना करवाई जाएगी तथा परिणाम तुरंत घोषित किया जाएगा। मतगणना को लेकर जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक तैयारियां की गई है। यह जानकारी डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने मंगलवार को यहां दी। डीसी ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशानुसार झज्जर वार्ड 13 नगर निकाय चुनाव की मतगणना को निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से करवाने के लिए प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। जिला निर्वाचन अधिकारी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने बताया कि कॉउंटिंग के चलते मतगणना स्टाफ की रेंडमाइजेशन प्रक्रिया नियमानुसार पूरी करवाई गई है। उन्होंने बताया कि चुनाव की पारदर्शिता एवं निष्पक्षता बनाए रखने के लिए रेंडमाइजेशन अति महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। यह प्रक्रिया पूरी तरह से कंप्यूटरीकृत होती है। उन्होंने बताया कि नगर परिषद झज्जर वार्ड 13 में कुल 2473 मतदाता हैं जिनमें से रविवार को 1727 वोटरों ने मतदान में भाग लिया था। उन्होंने बताया कि 13 मई बुधवार को शहीद रमेश कुमार राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय परिसर में वार्ड 13 पार्षद पद के चुनाव की मतगणना करवाई जाएगी। नगर परिषद चुनाव की मतगणना के लिए दो टेबल लगाई गई हैं। मतगणना प्रक्रिया नगर परिषद चुनाव के रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम झज्जर रवि मीणा और सहायक रिटर्निंग अधिकारी एवं सीटीएम रितु बंसीवाल की देखरेख में सम्पन्न होगी।

दहेज मांगना, लेना या देना गंभीर अपराध है: सीजेएम विशाल
झज्जर, 12 मई, अभीतक: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर के एडीआर सेंटर में दहेज प्रथा के खिलाफ जागरुकता करने के लिए एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता सीजेएम विशाल व नगराधीश रीतू बंसीवाल ने की। सीजेएम विशाल ने बताया कि दहेज मांगना, लेना या देना गंभीर अपराध है इस बारे कानूनी जागरुकता के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर ने जिला झज्जर के हर ब्लॉक में एक मुफ्त कानूनी सहायता केंद्र खुले हुए हैं जहां पर एक अधिवक्ता व एक पैरा लीगल वालंटियर की ड्यूटी लगाई गई है वह महीने के हर बुधवार व रविवार सुबह 9 बजे से 12 तक आमजन को निःशुल्क कानूनी सहायता प्रदान करेंगे। सीजेएम विशाल ने पैरा लीगल वालंटियर को निर्देश दिए कि वह अपने आस पास के गांवों में दहेज प्रथा के खिलाफ लोगों को जागरूक करे। इस बैठक में पैरा लीगल वॉलिंटियर्स ने भाग लिया।

बहादुरगढ़ व झज्जर में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस मनाया गया
झज्जर, 12 मई, अभीतक: हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण पंचकूला के वार्षिक कार्य योजना के अनुसार जिला झज्जर के ब्लॉक बहादुरगढ़ व झज्जर में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस मनाया गया। जिसमें आमजन को जागरूक किया गया। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर सचिव विशाल ने बताया कि हर साल 11 मई को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस मनाया जाता है। जो 1998 के पोखरण परमाणु परीक्षणों ऑपरेशन शक्ति की याद दिलाता है। यह दिन भारत की वैज्ञानिक उपलब्धियां नवाचार और आत्मनिर्भरता को समर्पित है जिसका उद्देश्य युवाओं को विज्ञान और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में करियर के लिए प्रेरित करना है सचिव ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर द्वारा एक हेल्पलाइन नंबर 01251 -252013 है इसके अलावा उच्चतम न्यायालय द्वारा टोल फ्री नंबर 15100 चलाया हुआ है जिस पर आमजन किसी भी प्रकार के कानूनी जानकारी प्राप्त कर सकते हंै। पैनल अधिवक्ता जोगिंदर तंवर व वर्षा कनौजिया ने बताया कि इसकी शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई ने 1999 में की थी। और 2026 में ऐआई अंतरिक्ष विज्ञान रक्षा प्रौद्योगिकी जैसे मिसाइल और स्वदेशी नवाचारों को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। यह दिन स्वदेशी तकनीक और वैज्ञानिक प्रगति के माध्यम से एक आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को रेखांकित करता है। जागरूकता कैंप में पैरा लीगल वालंटियर नवीन कुमारी, नीता देवी ने भी सहयोग किया।

जिला की मंडियों से 94.3 प्रतिशत गेहूं का उठान दर्ज: डीसी
जिला की मंडियों में अब तक 2 लाख 38 हजार 348 मीट्रिक टन गेहूं की आवक दर्ज

झज्जर, 12 मई, अभीतक: डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने कहा कि जिले की मंडियों में गेहूं उठान कार्य प्रगति पर है। जिलाभर की सभी मंडियों व खरीद केंद्रों पर अब तक 94.3 प्रतिशत उठान हो चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार के निर्देशानुसार किसानों की उपज निर्धारित मानकों के अनुरूप खरीदी जा रही है और उनकी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। अब तक जिले की मंडियों में गेहूं की 2 लाख 38 हजार 348 मीट्रिक टन की आवक दर्ज की गई है जबकि 2 लाख 25 हजार 607 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। डीसी ने खरीद एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि लिफ्टिंग कार्य को तय समय में पूरा किया जाए ताकि मंडियों में जगह की कमी न हो। अब तक कुल खरीद के 94.3 प्रतिशत के साथ 2 लाख 12 हजार 736 मीट्रिक टन गेहूं उपज का उठान किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि खरीद एजेंसियों द्वारा स्टोरेज व्यवस्था को बेहतर ढंग से प्रबंधित किया जाए, जिससे खरीदी गई उपज का सुरक्षित भंडारण किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडियों में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो और सभी कार्य सुचारू रूप से संपन्न किए जाएं।

मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत श्री हजूर साहिब नांदेड़ की निःशुल्क यात्रा हेतु पंजीकरण की अंतिम तिथि (13 मई) आज
15 मई को सिरसा से रवाना होगी विशेष ट्रेन, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी दिखाएंगे हरी झंडी

झज्जर, 12 मई, अभीतक: हरियाणा सरकार की मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के अंतर्गत तख्त तख्त श्री हजूर साहिब के लिए दूसरी विशेष ट्रेन 15 मई को सिरसा से संचालित की जाएगी। इस विशेष ट्रेन को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी प्रदेश के विभिन्न जिलों से जाने वाली संगत के साथ हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। उपायुक्त स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने जानकारी देते हुए बताया कि श्री हजूर साहिब नांदेड़ की निरूशुल्क यात्रा के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि बुधवार 13 मई निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक, जिनकी पारिवारिक आय 1 लाख 80 हजार रुपये से कम है, इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। पात्र नागरिक सरल हरियाणा पोर्टल के माध्यम से 13 मई तक आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि इच्छुक व्यक्ति अपने नजदीकी सीएससी सेंटर के माध्यम से अथवा स्वयं अपने स्मार्ट फोन से घर बैठे सरल हरियाणा पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते हैं।
योजना का लाभ उठाने के लिए यह होगी पात्रता
डीसी ने बताया कि मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत आवेदन करने के लिए आवेदक का हरियाणा निवासी होना तथा परिवार पहचान पत्र होना अनिवार्य है। इसके साथ वैध फोटो पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड अथवा अन्य सरकारी पहचान पत्र आवश्यक होंगे। आवेदक को शारीरिक रूप से यात्रा के लिए स्वयं को फिट घोषित करना होगा तथा यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उसने पिछले तीन वर्षों में इस योजना का लाभ न लिया हो। उन्होंने बताया कि योजना के तहत यात्रियों के ठहरने, भोजन एवं स्थानीय परिवहन की संपूर्ण व्यवस्था सरकार द्वारा की जाएगी। वरिष्ठ नागरिक अपने साथ एक सहायक को पूर्ण भुगतान के आधार पर ले जा सकते हैं। वहीं 18 से 60 वर्ष आयु वर्ग अथवा 1.80 लाख रुपये से अधिक आय वाले व्यक्ति भी पूर्ण भुगतान पर इस यात्रा में शामिल हो सकते हैं। योजना पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर संचालित की जा रही है।
पंजीकरण के बाद डीआईपीआरओ कार्यालय में सूचना देना अनिवार्य
उपायुक्त ने बताया कि आवेदन करने के उपरांत आवेदक को लघु सचिवालय, झज्जर स्थित जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी कार्यालय में अपनी सूचना अवश्य देनी होगी, ताकि पात्र व्यक्तियों की सूची समय पर रेलवे विभाग को भेजी जा सके। उन्होंने कहा कि सभी पंजीकृत व्यक्ति बुधवार 13 मई को सुबह 11ः30 बजे तक डीआईपीआरओ कार्यालय में अपनी सूचना अवश्य उपलब्ध करवाएं, ताकि आगामी आवश्यक कार्रवाई समय पर पूरी की जा सके।

हरियाणा प्रदेश खटीक समाज सभा छो देश बेरी
झज्जर, 12 मई, अभीतक: बेरी धर्मशाला के हाल के निर्माण की संस्था के प्रधान श्री प्यारेलाल कटारिया के कर कमलो से नीव रखी गई। जिसमें उन के साथ बिरादरी के गणमान्य व्यक्ति सर्वश्री हेमराज खन्ना, के एल किरमानी, चरणदास रतवाया, सुनील कुमार, राममेहर बडगेजर, जयमाल कुमार, ईन्दर सिंह पंवार, मूलचन्द पनवार, देवकी नन्दन तंवर, रमेश बडगूजर, राजेन्दर खन्ना, सुरेश तंवर तथा अन्य बिरादरी सदस्य शामिल हुए। इसी के साथ हाल का निर्माण कार्य आरम्भ हुआ। इसके बाद कार्यकारिणी सदस्यों व अन्य सभी बिरादरी सदस्यों की एक मीटिंग हुई। जिसमें प्रधान ने आर्किटेक्ट का हवाला देते हुए बताया कि 11 लाख रुपये के अनुदान में यह हाल जो कि 45 बाई 32 का है, उसके सभी कार्य फिनिशिंग तक पूरा होना कठिन है। अतः उन्होंने बिरादरी से भी अपील की कि वे इस हाल के निर्माण में अपना-अपना श्रद्धा अनुसार योगदान दें, दानदाताओं का नाम क्रमानुसार हाल में लिखवाया जाएगा। इसके तुरंत बाद श्री सुनील कुमार नजफगढ़ निवासी जो की संस्था के खजांची भी हैं उन्होंने तुरंत 11000 इस हाल के लिए देकर योगदान की शुरुआत की।

दुकान से चोरी करने के मामले में एक आरोपी गिरफ्तार
झज्जर, 12 मई, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉक्टर राजश्री सिंह के दिशा निर्देशन में कार्रवाई करते हुए थाना माछरौली की पुलिस टीम ने दुकान से चोरी करने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की गई। मामले की जानकारी देते हुए थाना प्रबंधक माछरौली उप निरीक्षक राम अवतार ने बताया कि नितिन निवासी पाटोदा ने शिकायत देते हुए बताया कि मैंने कुलाना में दुकान खरीदी थी और उसके अंदर अपना सामान रखा था। दिनांक 29 अप्रैल 2026 को अपनी दुकान के अंदर अपना सामान रखकर, ताला लगाकर घर चला गया था। जब मैंने सुबह अपनी दुकान पर आया तो देखा की दुकान का ताला टूटा हुआ मिला और दुकान के अंदर से डी फ्रिज, इनवर्टर, कैमरा, जूस मशीन बैटरीमान व लोहे का बोर्ड नहीं मिला। जिस शिकायत पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ थाना माछरोली में आपराधिक मामला दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि पुलिस कमिश्नर डॉक्टर राजश्री सिंह के द्वारा वांछित आरोपियों को पकड़ने के संबंध में कड़े दिशा निर्देश दिए गए थे। पुलिस कमिश्नर के दिशा निर्देशों की पालना करते हुए थाना में तैनात मुख्य सिपाही संदीप कुमार की पुलिस टीम ने उपरोक्त मामले में गहनता से कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए आरोपी की पहचान सुरेश निवासी अहरी जिला झज्जर के तौर पर की गई। पकड़े गए आरोपी से वारदात में प्रयोग बोलोरो गाड़ी, बैटरी और लोहा बोर्ड बरामद किया गया। पकड़े गए आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अदालत झज्जर में पेश किया गया। माननीय अदालत के आदेश अनुसार आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

विद्यार्थियों को नशा, मुक्ति सड़क सुरक्षा, साइबर क्राइम और डायल 112 के प्रति किया गया जागरूक
झज्जर, 12 मई, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉक्टर राजश्री सिंह के कुशल नेतृत्व में गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल झज्जर में आयोजित एक जागरूकता कार्यक्रम के दौरान यातायात यूनिट झज्जर और नशा मुक्ति टीम ने विद्यार्थियों को यातायात नियमों तथा नशे के दुष्प्रभाव, साइबर क्राइम और डायल 112 बारे जानकारी देते हुए जागरूक किया गया। यातायात यूनिट झज्जर व नशा मुक्ति टीम ने यातायात नियमों की जानकारी व उनका पालन करने तथा नशे के दुष्प्रभाव के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें विद्यार्थियों को बताया कि वाहन चलाते समय हमेशा यातायात नियमों का पालन करना चाहिए और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग नहीं करना चाहिए और ना ही नशे में वाहन चलना चाहिए। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि पढ़ाई का कितना महत्व है पढ़ लिखकर आप अपने माता-पिता का नाम रोशन करने के साथ साथ अपने देश का भी नाम रोशन कर सकते हो। पढ़ाई के साथ-साथ खेलों का भी बहुत ही महत्व है इसलिए खेलों में भी बढ़ चढ़कर भाग ले। नशे और शरारती तत्वों से दूर रहे। पढ़ाई खेलकूद के साथ अपने माता-पिता के साथ भी टाइम बिताएं, अपने पूरे दिन की दिनचरियां अपने माता-पिता को बताएं और उनकी बातों पर पूरा अमल करें। आपके माता-पिता ही हैं जो कभी भी आपका बुरा नहीं चाहेंगे। उन्होंने बताया कि साइबर क्राइम के प्रति जागरूकता ही साइबर क्राइम को रोक सकती है। इसलिए हमें किसी के साथ भी ओटीपी या किसी अनजान लिंक और बैंक से संबंधित गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। आगे उन्होंने बताया कि आपातकालीन स्थिति में डायल 112 का प्रयोग करें।

शक्ति मेडिकोज पर फायरिंग करने के मामले में झज्जर पुलिस नें एक नाबालिग सहित दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
झज्जर, 12 मई, अभीतक: झज्जर पुलिस ने पुलिस कमिश्नर डॉक्टर राजश्री सिंह के कुशल नेतृत्व में शक्ति मेडिकोज फायरिंग मामले का सफल खुलासा करते हुए नाबालिग सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। मामले की जानकारी देते हुए डीसीपी क्राइम शुभम सिंह ने मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि 5 मई 2026 को झज्जर शहर थाना क्षेत्र में स्थित मेडिकोज पर दो बाइक सवार युवकों द्वारा जान से मारने की नीयत से दो राउंड फायरिंग की गई थी। फायरिंग की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए मामले की जांच शुरू की गई। डीसीपी क्राइम ने बताया कि मामले में हरीश कुमार पुत्र न्यादर सिंह निवासी प्रिया कॉलोनी झज्जर की शिकायत पर संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ राजश्री सिंह के दिशा-निर्देशानुसार शहर थाना पुलिस की विशेष टीम गठित कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई तेज की गई। पुलिस टीम ने तकनीकी संसाधनों,सीसीटीवी फुटेज तथा गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए एक नाबालिग सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की। गिरफ्तार दूसरे आरोपी की पहचान मोहित उर्फ चंद पुत्र सतवीर निवासी गांव सिसाना जिला सोनीपत के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी मोहित के खिलाफ पूर्व में भी 2 से 3 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपियों से वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल, एक अवैध हथियार तथा चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। बरामद हथियार के संबंध में पुलिस द्वारा गहन जांच की जा रही है। डीसीपी क्राइम शुभम सिंह ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। अदालत के आदेशानुसार नाबालिग आरोपी को बाल सुधार गृह भेज दिया गया, जबकि आरोपी मोहित उर्फ चंद को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। मामले में शामिल तीसरे मुख्य आरोपी की पहचान भी पुलिस द्वारा कर ली गई है तथा उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। अपराध एवं असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस द्वारा मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है तथा जल्द ही तीसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

नगर निकाय चुनावों की मतगणना आज
मतगणना को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम: जिला निर्वाचन अधिकारी

रेवाड़ी, 12 मई, अभीतक: जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि जिला में 10 मई को आयोजित हुए नगर निकाय चुनावों की मतगणना 13 मई को सुबह 8 बजे से शुरू की जाएगी। जिसके लिए प्रशासन ने व्यापक प्रबंध कर लिए है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि नगर परिषद रेवाड़ी व नगर पालिका धारूहेड़ा के 10 मई को नगर निकाय चुनाव के बाद ईवीएम को सील करके स्ट्रांग रूम में रखा गया है, जहां कड़ी सुरक्षा के बीच बुधवार 13 मई को सुबह 8 बजे मतगणना को शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मतगणना कार्य में किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को अंदर ले जाने की अनुमति नहीं होगी। उन्होंने बताया कि नगर पालिका धारूहेड़ा की चेयरमैन व वार्ड पार्षदों की मतगणना रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम सुरेश कुमार की देखरेख में खरखड़ा राजकीय महाविद्यालय में की जाएगी। वहीं नगर परिषद रेवाड़ी के चेयरमैन व वार्ड पार्षदों की मतगणना का कार्य रिटर्निंग अधिकारी एवं एडीसी राहुल मोदी की अध्यक्षता में सेक्टर-18 स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय में किया जाएगा।

31 मई तक चलेगा मकान गणना कार्य
प्रगणक घर-घर पहुंचकर जुटा रहे आंकड़े, आमजन से सहयोग की अपील

रेवाड़ी, 12 मई, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि जिले में जनगणना का कार्य पूरी जिम्मेदारी और सुव्यवस्थित ढंग से लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सभी चार्ज अधिकारियों द्वारा नियमित रूप से फील्ड में पहुंचकर मकान सूचीकरण का कार्य का निरीक्षण किया जा रहा है। अधिकारियों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में प्रगणकों से संवाद कर सर्वे कार्य से संबंधित जानकारी ली जा रही है और आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए जा रहे हैं। साथ ही कार्य की प्रगति और गुणवत्ता की लगातार समीक्षा की जा रही है, ताकि जनगणना का कार्य तय समय सीमा के भीतर प्रभावी तरीके से पूरा किया जा सके। डीसी ने बताया कि 1 मई से शुरू हुआ घर-घर सर्वे अभियान जिला भर में सुचारू रूप से चल रहा है और यह अभियान 31 मई तक जारी रहेगा। इस दौरान प्रगणक घर-घर जाकर परिवारों से निर्धारित प्रश्नों के आधार पर जानकारी एकत्र कर रहे हैं और उसे ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनगणना देश की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से जनसंख्या, परिवारों की स्थिति, आवासीय सुविधाओं तथा सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों से जुड़े आंकड़े एकत्रित किए जाते हैं। इन आंकड़ों के आधार पर भविष्य की विकास योजनाएं और सरकारी नीतियां तैयार की जाती हैं, जिससे विभिन्न योजनाओं का लाभ आमजन तक प्रभावी तरीके से पहुंच सके। अभिषेक मीणा ने बताया कि जनगणना कार्य में लगे सभी अधिकारी और कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी के साथ अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। साथ ही किए जा रहे कार्य की लगातार मॉनिटरिंग और फील्ड निरीक्षण किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सर्वे कार्य को समयबद्ध और त्रुटिरहित तरीके से पूरा करने के लिए प्रशासन पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है। डीसी ने जिले वासियों से अपील करते हुए कहा कि जब भी जनगणना टीम उनके घर पहुंचे तो सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाकर सहयोग करें। उन्होंने बताया कि प्रत्येक प्रगणक के पास अधिकृत पहचान पत्र (आईडी कार्ड) उपलब्ध है, जिसे नागरिक जांच कर उसकी सत्यता की पुष्टि कर सकते हैं। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि संबंधित व्यक्ति जनगणना कार्य के लिए नियुक्त अधिकृत कर्मचारी है। डीसी ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश के विकास से जुड़ा एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान है। इसके माध्यम से सरकार को विभिन्न क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिलती है, जिसके आधार पर शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत सुविधाओं और अन्य विकास कार्यों की योजनाएं तैयार की जाती हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने और अपनी जनगणना अवश्य करवाने की अपील की।

मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के लिए पंजीकरण का अंतिम दिन आज
सचखंड श्री हजूर साहिब नांदेड़ की यात्रा के लिए 15 मई को रवाना होगी स्पेशल ट्रेन

रेवाड़ी, 12 मई, अभीतक: मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत श्री हजूर साहिब नांदेड़ जाने के इच्छुक श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण का अंतिम दिन आज है। प्रदेश सरकार ने योजना के तहत पंजीकरण की अंतिम तिथि 13 मई निर्धारित की है। श्री नांदेड़ साहिब के लिए दूसरी विशेष ट्रेन 15 मई को सिरसा से रवाना होकर वाया रेवाड़ी होकर गुजरेगी, जिसमें रेवाड़ी के श्रद्धालु भी यात्रा करेंगे। डीसी अभिषेक मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा वरिष्ठ नागरिकों को मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत विभिन्न तीर्थ स्थलों की यात्रा करवाई जा रही है। यह यात्रा वरिष्ठ नागरिकों के लिए पूरी तरह निशुल्क रखी गई है। योजना के तहत 60 वर्ष से अधिक आयु के वे वरिष्ठ नागरिक पात्र हैं जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय एक लाख 80 हजार रुपये से कम है, वे योजना का लाभ ले सकते है। योजना के पात्र और इच्छुक श्रद्धालु श्री नांदेड़ साहिब यात्रा के लिए 13 मई तक सरल हरियाणा पोर्टल पर पंजीकरण करा सकते हैं। इसके अलावा पंजीकरण करवाने के बाद श्रद्धालुओं को रेवाड़ी लघु सचिवालय स्थित जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी कार्यालय के कमरा नंबर 311 में 13 मई शाम चार बजे तक सूचना देना अनिवार्य होगा। यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को आवेदन के साथ अपना मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र भी जमा करवाना होगा। मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के अंतर्गत श्री नांदेड़ साहिब जाने के इच्छुक श्रद्धालु बुधवार 13 मई तक पंजीकरण कर सकते है। यात्रा वरिष्ठ नागरिकों के लिए निशुल्क रहेगी। वहीं पंजीकरण करने वाले श्रद्धालुओं को सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी कार्यालय में सूचित करना अनिवार्य है।

अम्बाला छावनी में बना एशिया का सबसे बड़ा 1857 शहीद स्मारक, जल्द पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन रू ऊर्जा मंत्री अनिल विज
1857 के अनसुने वीरों को समर्पित राष्ट्रीय स्मारक बनेगा देशभक्ति की प्रेरणा: अनिल विज

चण्डीगढ़, 12 मई, अभीतक: हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि अम्बाला छावनी में निर्मित एशिया के सबसे बड़े आजादी की पहली लड़ाई के शहीद स्मारक का उद्घाटन शीघ्र ही प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाएगा, क्योंकि यह केवल हरियाणा का नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र की गौरवगाथा को समर्पित एक राष्ट्रीय स्मारक है। श्री विज आज यहां चण्डीगढ़ में मीडिया कर्मियों के सवालों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार पूरे देश में ऐसा दूसरा स्मारक नहीं है, जहां 1857 की पहली स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े संघर्षों को इतने व्यापक और आधुनिक तरीके से प्रस्तुत किया गया हो। उन्होंने बताया कि अम्बाला, मेरठ, दिल्ली, झांसी, आगरा सहित देशभर में जहां-जहां अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष हुए, उन सभी ऐतिहासिक दृश्यों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से पुनः सजीव किया गया है, ताकि आने वाली पीढ़ियां यह समझ सकें कि भारत की स्वतंत्रता की लड़ाई 1857 से ही प्रारंभ हो चुकी थी। श्री विज ने कहा कि इतिहास में अक्सर स्वतंत्रता आंदोलन के दूसरे चरण का अधिक उल्लेख किया गया, जिसे कांग्रेस से जोड़ा जाता है, जबकि कांग्रेस की स्थापना वर्ष 1885 में हुई थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के गठन से 28 वर्ष पहले ही देशभर में अंग्रेजों के खिलाफ एक व्यापक और सशस्त्र जनआंदोलन शुरू हो चुका था, जिसमें हजारों सैनिकों, किसानों और आम नागरिकों ने अपने प्राणों की आहुति दी। उन्होंने कहा कि अनेक वीरों को पेड़ों से बांधकर गोलियों से भून दिया गया, लेकिन उन बलिदानों को इतिहास में वह स्थान नहीं मिल पाया जिसके वे वास्तविक हकदार थे। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि इन्हीं अनसंग हीरोज को सच्ची श्रद्धांजलि देने और इतिहास की इस भूल को सुधारने के उद्देश्य से अम्बाला छावनी में 22 एकड़ भूमि पर एशिया का सबसे बड़ा शहीद स्मारक बनाया गया है। उन्होंने बताया कि स्मारक परिसर में एक विशेष श्रद्धांजलि स्थल भी बनाया गया है, जहां लोग देश के उन अमर शहीदों को नमन कर सकेंगे, जिन्होंने भारत की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। श्री विज ने कहा कि यह स्मारक केवल ईंट-पत्थरों का निर्माण नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, बलिदान और भारत के गौरवशाली इतिहास की जीवंत प्रेरणा है, जो आने वाली पीढ़ियों में देशभक्ति की भावना को और प्रबल करेगा।

हरियाणा रोडवेज में आएंगी 1000 नई बसें, 500 होंगी इलेक्ट्रिक: परिवहन मंत्री अनिल विज
अब मोबाइल ऐप से मिलेगी बसों की लाइव लोकेशन और टाइमिंग की जानकारी: अनिल विज
हरियाणा परिवहन विभाग में हाईटेक निगरानी सिस्टम लागू होगा, गलत रूट पर बस ले जाने पर तुरंत होगा अलर्ट: विज

चण्डीगढ़, 12 मई, अभीतक: हरियाणा के परिवहन मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि राज्य परिवहन विभाग जल्द ही 1000 नई बसों की खरीद करेगा, जिनमें 500 इलेक्ट्रिक बसें और 500 सामान्य बसें शामिल होंगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित, पर्यावरण-अनुकूल और यात्री सुविधाओं से युक्त बनाना है। श्री विज आज यहां चण्डीगढ़ में मीडिया कर्मियों के सवालों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने बताया कि परिवहन विभाग की सभी बसों में अत्याधुनिक ट्रैकिंग सिस्टम लगाया जाएगा, जिससे बसों की रियल टाइम मॉनिटरिंग संभव हो सकेगी। इसके साथ ही एयरपोर्ट की तर्ज पर बस अड्डों पर डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएंगे, ताकि यात्रियों को बसों के आगमन और प्रस्थान की सटीक जानकारी समय पर मिल सके। परिवहन मंत्री ने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए एक आधुनिक मोबाइल ऐप भी विकसित किया जा रहा है। इस ऐप के माध्यम से यात्री अपनी बस की लोकेशन, समय-सारणी और रूट संबंधी पूरी जानकारी मोबाइल पर ही प्राप्त कर सकेंगे तथा अपनी यात्रा की बेहतर योजना बना पाएंगे। श्री विज ने कहा कि नई तकनीक के माध्यम से बसों के निर्धारित रूटों पर भी निगरानी रखी जाएगी। यदि कोई चालक बस को गलत रूट पर ले जाता है या निर्धारित बस अड्डे पर नहीं पहुंचता, तो सिस्टम में तुरंत अलर्ट जारी होगा और संबंधित चालक से स्वतः स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। इससे परिवहन व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। उन्होंने बताया कि इस आधुनिक प्रणाली का ट्रायल वे स्वयं देख चुके हैं और जल्द ही इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में किसी एक जिले में शुरू किया जाएगा। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। श्री विज ने कहा कि हरियाणा सरकार परिवहन सेवाओं को तकनीक से जोड़कर यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और सुगम यात्रा अनुभव उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

प्रदेश के चहुंमुखी एवं सर्वांगीण विकास के लिए तैयार की जा रही विशेष कार्य योजना: कृष्ण कुमार बेदी
प्रदेश के हर क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता

चण्डीगढ़, 12 मई, अभीतक: हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश में विकास कार्य तेज गति से आगे बढ़ रहे हैं। राज्य सरकार सभी हलकों के चहुंमुखी एवं सर्वांगीण विकास के लिए विशेष कार्य योजना तैयार कर रही है और नरवाना क्षेत्र के विकास हेतु व्यापक एवं दूरदर्शी रोडमैप पर प्रभावी ढंग से कार्य किया जा रहा है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री आज विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में नरवाना हलके में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने तथा विकास परियोजनाओं को गति देने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के दौरान खेल स्टेडियम, पुल, सड़कें, पशु अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्र, बस स्टैंड, पार्क और सार्वजनिक भवनों सहित विभिन्न परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री घोषणाओं से संबंधित विकास कार्यों की भी विस्तार से समीक्षा की गई। श्री बेदी ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रदेश के हर क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। सरकार गांव, गरीब, किसान, युवा, महिला और समाज के हर वर्ग के कल्याण के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए तथा योजनाओं को समयबद्ध तरीके से धरातल पर लागू किया जाए, ताकि आमजन को उनका सीधा लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में खेलों को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक खेल स्टेडियम विकसित किए जाएंगे। बेहतर यातायात व्यवस्था के लिए सड़कों और पुलों का निर्माण कराया जाएगा, जबकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए स्वास्थ्य केंद्रों एवं पशु अस्पतालों का विस्तार किया जाएगा। इसके अतिरिक्त आमजन की सुविधा के लिए बस स्टैंड, पार्क तथा अन्य सार्वजनिक भवनों की डीपीआर शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। श्री बेदी ने कहा कि नरवाना हलके के विकास को लेकर सरकार गंभीरता से कार्य कर रही है और आने वाले समय में अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाएं साकार होंगी, जो क्षेत्र की तस्वीर और तकदीर बदलने का कार्य करेंगी। उन्होंने बताया कि लगभग 48 करोड़ रुपये की लागत से 16 सड़कों की मरम्मत करवाई जाएगी, जिनमें से 9 सड़कों पर जल्द कार्य शुरू होगा। उन्होंने यह भी बताया कि नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 100 बेड के अस्पताल भवन के उन्नयन का कार्य शीघ्र शुरू किया जाएगा। इसके अलावा नरवाना में लगभग 4 करोड़ रुपये की लागत से एक भव्य पार्क विकसित किया जाएगा, ताकि लोगों को बेहतर सार्वजनिक मनोरंजन और सैर-सपाटे की सुविधा मिल सके। श्री बेदी ने बताया कि उझाना में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, फरैन कलां में पशु डिस्पेंसरी, नरवाना में पशु अस्पताल तथा हॉकी स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा। साथ ही नरवाना-टोहाना सड़क मार्ग और पुराने एनएच-65 पर रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण भी कराया जाएगा, जिन पर लगभग 60 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आने का अनुमान है। बैठक में लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ अनिल कुमार दहिया सहित स्वास्थ्य, परिवहन, पशुपालन, खेल एवं स्थानीय निकाय विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने जारी किया 12वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 12वीं का परिणाम रहा 84.67 प्रतिशत, दादरी बना अव्वल जिला
बेटियों ने फिर मारी बाजी: लडकों से 6.52 फीसदी ज्यादा रहा छात्राओं का पास प्रतिशत
ग्रामीण प्रतिभा का दिखा दम: शहरों को पछाड़ गांव के 84.98 प्रतिशत विद्यार्थी हुए पास

चण्डीगढ़, 12 मई, अभीतक: हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी द्वारा मंगलवार को 12वीं कक्षा का वार्षिक परीक्षा-2026 के परिणामों की घोषणा कर दी गई। भिवानी स्थित हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष डा. पवन कुमार ने परिणामों से संबंधित आंकड़े साझा किए। इस बार के परिणामों में एक बार फिर प्रदेश की बेटियों ने अपनी शैक्षणिक प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए लड़कों को पीछे छोड़ दिया है। पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डा. पवन कुमार ने कहा कि इस वर्ष की परीक्षा में कुल 2 लाख 42 हजार 856 परीक्षार्थी प्रविष्ट हुए थे, जिनमें से 2 लाख 5 हजार 618 परीक्षार्थियों ने सफलता हासिल की। उन्होंने बताया कि परीक्षा परिणाम 84.67 प्रतिशत रहा। जिसमें छात्राओं का पास प्रतिशत 87.97 प्रतिशत रहा, जबकि छात्रों का पास प्रतिशत 81.45 प्रतिशत दर्ज किया गया। इस प्रकार बेटियों ने बेटों की तुलना में 6.52 प्रतिशत अधिक परिणाम देकर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की। उन्होंने बताया कि प्रदेश के जिलों में चरखी दादरी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पूरे हरियाणा में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। वहीं जिला नूंह इस सूची में सबसे निचले पायदान पर रहा। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच भी कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली, जहां ग्रामीण क्षेत्रों का पास प्रतिशत 84.98 प्रतिशत रहा, जो शहरी क्षेत्रों द्वारा हासिल किया गया 83.91 प्रतिशत से थोड़ा बेहतर है। डा. पवन कुमार ने आगे बताया कि प्राइवेट स्कूल की पास प्रतिशतता 87.94 रही, जबकि राजकीय स्कूलों की 82.44 प्रतिशत रही। दोनों ही प्रकार के विद्यालयों के बेहतर परिणामों ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के सकारात्मक संकेत दिए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि शिक्षा बोर्ड द्वारा हरियाणा मुक्त विद्यालय के नतीजे भी घोषित किए गए। फ्रेश श्रेणी के परीक्षार्थियों का परिणाम 42.15 प्रतिशत रहा, जबकि रि-अपीयर श्रेणी का परिणाम 50.09 प्रतिशत दर्ज किया गया। मुक्त विद्यालय में भी छात्राओं ने 11.23 प्रतिशत की बढ़त के साथ छात्रों को पीछे छोड़ा है। डा. पवन कुमार ने सफल परीक्षार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि यह परिणाम शिक्षकों और बच्चों की कड़ी मेहनत का प्रतिफल है। उन्होंने यह भी कहा कि जो परीक्षार्थी अपने अंकों से संतुष्ट नहीं हैं, उनके लिए पुनः जांच और पुनर्मूल्यांकन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इच्छुक परीक्षार्थी परिणाम घोषित होने की तिथि से 20 दिन के भीतर बोर्ड की वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट बीएसईएच डॉट ओआरजी डॉट इन पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

श्रमिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए हरियाणा सरकार प्रतिबद्ध: श्रम मंत्री श्री अनिल विज
प्रदेश के 34 स्थानों पर बन रहे ईएसआई अस्पताल और डिस्पेंसरी, परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश: विज
ईएसआईसी परियोजनाओं की हर माह होगी समीक्षा, लापरवाही बर्दाश्त नहीं: श्रम मंत्री अनिल विज
बहादुरगढ़, बावल, मानेसर और रोहतक में आधुनिक ईएसआई अस्पतालों का निर्माण तेजी पर: अनिल विज

चण्डीगढ़, 12 मई, अभीतक: हरियाणा के श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार श्रमिकों और उनके परिवारों को बेहतर, सुलभ और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि श्रमिक देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, इसलिए उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य के तहत केन्द्र सरकार के सहयोग से प्रदेश के 34 स्थानों पर ईएसआईसी अस्पतालों एवं औषधालयों का निर्माण एवं विस्तार कार्य तेजी से किया जा रहा है, ताकि श्रमिकों को उनके नजदीक आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। इस संबंध में आज श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने ईएसआईसी विभाग के अधिकारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की और सभी परियोजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ईएसआईसी के माध्यम से संचालित सभी निर्माण कार्यों और परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि श्रमिकों को जल्द से जल्द इन सुविधाओं का लाभ मिल सके। श्री विज ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जिन परियोजनाओं में किसी प्रकार की बाधा, देरी या लंबित कार्य हैं, उनकी विस्तृत सूची तैयार की जाए और नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से उन्हें शीघ्र पूरा किया जाए। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि इन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा अब प्रत्येक माह स्वयं उनके द्वारा की जाएगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि जिला झज्जर के बहादुरगढ़ में 100 बिस्तरों वाले ईएसआई अस्पताल का 98 प्रतिशत से अधिक सिविल कार्य पूरा हो चुका है। वहीं, जिला रेवाड़ी के बावल में बन रहे 150 बिस्तरों के ईएसआई अस्पताल का लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है तथा शेष कार्य भी शीघ्र पूर्ण कर लिया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि रोहतक में 150 बिस्तरों वाला ईएसआई अस्पताल तथा मानेसर में 500 बिस्तरों का अत्याधुनिक ईएसआई अस्पताल स्थापित किया जाना प्रस्तावित है, जिनका कार्य जल्द शुरू होगा। इसके अतिरिक्त सोनीपत के बारही और राई स्थित ईएसआई डिस्पेंसरियों का लगभग 95 प्रतिशत निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि पंचकूला की ईएसआई डिस्पेंसरी को संचालित भी कर दिया गया है। बैठक में यह भी बताया गया कि अंबाला में 100 बिस्तरों का ईएसआई अस्पताल, हिसार में 100 बिस्तरों का अस्पताल, सोनीपत में 150 बिस्तरों का ईएसआई अस्पताल तथा करनाल में 30 बिस्तरों के अस्पताल के कार्य प्रगति पर हैं। इसके साथ-साथ प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों जैसे आईएमटी रोहतक, साहा, सोहना, खरखौदा, नूंह, गोहाना, पानीपत, कुरुक्षेत्र, झाड़ली, पटौदी, कुंडली, बहालगढ़, तरावड़ी, घरौंडा, झज्जर, कैथल, फर्रुखनगर, कोसली, चरखी दादरी, छछरौली, दादरी टोए और मुलाना में ईएसआई डिस्पेंसरियों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। श्री विज ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रमिकों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं, आधुनिक उपकरण, विशेषज्ञ डॉक्टर और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार श्रमिकों के कल्याण और सामाजिक सुरक्षा के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है तथा ईएसआईसी सुविधाओं का विस्तार इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। बैठक में श्रम विभाग के प्रधान सचिव श्री राजीव रंजन, एचएसआईआईडीसी के प्रबंध निदेशक श्री सुशील सारवान, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक श्री मुकुल कुमार, ईएसआई की निदेशक सुश्री अंजलि सचदेवा, ईएसआईसी के क्षेत्रीय निदेशक श्री हरिओम प्रकाश सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

14 मई को 13 जिलों में होगी राज्यव्यापी बाढ़ मॉक ड्रिल’
एनडीएमए के सहयोग से आयोजित होगी राज्य की अब तक की सबसे बड़ी आपदा प्रबंधन एक्सरसाइज
बाढ़ जैसी आपदा से निपटने के लिए सिस्टम, संसाधनों और सामुदायिक भागीदारी को किया जाएगा मजबूत

चण्डीगढ़, 12 मई, अभीतक: हरियाणा सरकार द्वारा 14 मई को बाढ़ संभावित 13 जिलों में एक साथ बड़े पैमाने पर राज्य स्तरीय बाढ़ मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के सहयोग से आयोजित यह अभ्यास राज्य का अब तक का सबसे बडा आपदा तैयारी अभ्यासों में से एक माना जा रहा है। यह व्यापक अभ्यास 2023 और 2025 में आई बाढ़ से मिले अनुभवों के आधार पर राज्य की आपदा प्रबंधन क्षमता को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य विभिन्न विभागों, एजेंसियों और समुदायों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तायुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने मॉक ड्रिल से पहले आयोजित टेबल टॉप एक्सरसाइज और ओरिएंटेशन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार अब केवल आपदा आने के बाद प्रतिक्रिया देने के बजाय पहले से तैयारी और रोकथाम पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि यह अभ्यास केवल औपचारिक सिमुलेशन नहीं, बल्कि हरियाणा की भविष्य में बाढ़ जैसी आपात स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने की क्षमता को मजबूत करने की एक व्यावहारिक पहल है। उन्होंने कहा कि बेहतर योजना, समय पर समन्वय और सामूहिक प्रयासों से जन-धन की हानि को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह बाढ़ मॉक ड्रिल गुरुग्राम, अंबाला, फरीदाबाद, फतेहाबाद, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, पंचकूला, पानीपत, पलवल, सिरसा, सोनीपत और यमुनानगर जिलों में आयोजित की जाएगी। प्रत्येक जिले में दो अलग-अलग स्थानों पर अभ्यास कराया जाएगा, ताकि विभिन्न स्तरों पर तैयारियों, संसाधनों और प्रतिक्रिया तंत्र की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके। डॉ मिश्रा ने बताया कि इस अभ्यास में विभिन्न सरकारी विभागों, पुलिस, स्वास्थ्य सेवाओं, फायर एवं इमरजेंसी सेवाओं, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ तथा स्थानीय प्रशासन की टीमें संयुक्त रूप से भाग लेंगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे एजेंसियों के बीच तालमेल और आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्यों की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा। मॉक ड्रिल की विशेषता सामुदायिक भागीदारी और जमीनी स्तर की सहभागिता होगी। आपदा मित्र स्वयंसेवक, इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी, एनसीसी कैडेट्स, एनएसएस स्वयंसेवक, भारत स्काउट्स एंड गाइड्स, नेहरू युवा केंद्र संगठन तथा विभिन्न स्थानीय गैर-सरकारी संगठन भी इसमें सक्रिय रूप से भाग लेंगे। डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि जनसहभागिता और जागरूकता के बिना आपदा प्रबंधन सफल नहीं हो सकता। उन्होंने सभी जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि मॉक ड्रिल से पहले व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि आमजन यह समझ सकें कि यह एक पूर्व निर्धारित अभ्यास है, न कि वास्तविक आपात स्थिति। उन्होंने अभ्यास के दौरान आम लोगों और विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। इस अभ्यास को राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों का मार्गदर्शन भी प्राप्त होगा। एनडीएमए के वरिष्ठ सलाहकार ब्रिगेडियर रविंदर गुरुंग (सेवानिवृत्त) राज्य मुख्यालय से पूरी एक्सरसाइज की निगरानी करेंगे। इसके अलावा, असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारी मुक्ता राम डेका और किशोर दत्ता भी इसमें भाग लेंगे। यह आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में राज्यों के बीच सहयोग और अनुभव साझा करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। जिला प्रशासन को इंडिया डिजास्टर रिसोर्स नेटवर्क पोर्टल पर उपलब्ध संसाधनों की स्थिति और उनकी कार्यक्षमता की जांच करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि संकट की स्थिति में सभी संसाधन तुरंत उपलब्ध और उपयोग योग्य हों। हरियाणा सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह अभ्यास केवल एक दिन की गतिविधि नहीं, बल्कि दीर्घकालिक सुधार प्रक्रिया का हिस्सा है। डॉ. सुमिता मिश्रा ने निर्देश दिए कि टेबल टॉप एक्सरसाइज और 14 मई की मॉक ड्रिल से प्राप्त अनुभवों और सुझावों का दस्तावेजीकरण किया जाए तथा उन्हें भविष्य की आपदा प्रबंधन नीतियों और रणनीतियों में शामिल किया जाए।

विकसित भारत का सपना व लक्ष्य तभी पूरा होगा जब हर युवा और सर्वसमाज समावेशी सोच अपनाए: कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ
रोहतक, 12 मई, अभीतक: महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि विकसित भारत 2047 का सपना व लक्ष्य तभी साकार होगा, जब युवा और सर्वजन समाज में समानता, समावेशिता और संवेदनशीलता के लिए आगे आएंगे। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने केवल समाज में ही नहीं, बल्कि परिवार के भीतर भी समानता की बात की थी। आज जरूरत है कि संविधान की भावना को व्यवहार में उतारा जाए और समाज को समावेशी दृष्टिकोण से देखा जाए और समावेशी समाज बनाने के लिए प्रयास किए जाएँ। वे मंगलवार को सेंटर फॉर डिसेबिलिटी स्टडीज और एससीध्एसटी सेल, एमडीयू के संयुक्त तत्वावधान में स्वराज सदन के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला का विषय विकसित भारत 2047रू समावेशी एवं सुलभ समाज के माध्यम से डॉ. आंबेडकर के विजन को साकार करना रहा। अध्यक्षीय सम्बोधन में कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने विद्यार्थियों से कहा कि वे पिछड़े और वंचित वर्गों को समान अवसर दिलाने तथा समावेशी समाज के निर्माण के लिए आगे बढ़कर काम करें। उन्होंने कहा कि समावेशी दृष्टिकोण और करुणा का भाव आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। हर दिव्यांग व्यक्ति में कोई न कोई विशेष क्षमता होती है, जरूरत उस क्षमता को पहचानने और आगे बढ़ाने की है। समाज को दिव्यांगता नहीं, बल्कि व्यक्ति की योग्यता और संभावनाओं को देखने की मानसिकता विकसित करनी होगी। मुख्य वक्ता के रूप में जेएनयू, नई दिल्ली के डॉ. प्रवेश चैधरी ने कहा कि डॉ. अंबेडकर का विजन केवल संवैधानिक अधिकारों तक सीमित नहीं था, बल्कि वे ऐसे समाज का निर्माण चाहते थे जहां हर व्यक्ति को सम्मान और अवसर मिले। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में सामाजिक संवेदनशीलता और मानवता के मूल्य विकसित करना भी है।उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे दिव्यांगजनों और वंचित वर्गों के प्रति सहयोग और सम्मान का भाव रखें तथा समाज में सकारात्मक बदलाव के वाहक बनें। विशिष्ट अतिथि सिरतार के प्राचार्य डॉ. ए.डी. पासवान ने कहा कि सुलभ वातावरण और आत्मनिर्भरता से ही दिव्यांगजन समाज में अपनी प्रभावी भागीदारी निभा सकते हैं। सेंटर फॉर डिसेबिलिटी स्टडीज की निदेशिका प्रो. प्रतिमा देवी ने स्वागत भाषण दिया। अतिरिक्त निदेशक प्रो. योगेंद्र ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा। कार्यक्रम का संचालन कीर्ति ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षक, शोधार्थी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन बोर्ड की 19वीं बैठक आयोजित
विभिन्न औद्योगिक परियोजनाओं को विशेष प्रोत्साहन पैकेज स्वीकृत, निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
ड्रोन, ऑटो कंपोनेंट्स, बैटरी एवं विनिर्माण क्षेत्र में बड़े निवेश को मंजूरी

चण्डीगढ़, 12 मई, अभीतक: हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन बोर्ड (एचईपीबी) की 19वीं बैठक सोमवार को देर सांय चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश में औद्योगिक निवेश, विनिर्माण क्षमता तथा रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न औद्योगिक इकाइयों को विशेष प्रोत्साहन पैकेज एवं अन्य राहत प्रदान करने संबंधी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में स्वीकृत विभिन्न परियोजनाओं से राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होने की संभावना है। परियोजनाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज को मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में कार्यकारी अधिकार प्राप्त समिति (ईईसी) की सिफारिशों के आधार पर एचईपीबी द्वारा अनुमोदित किया गया। बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री राव नरबीर सिंह भी उपस्थित रहे। बैठक में बीईयूएमईआर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को हरियाणा उद्यम एवं रोजगार नीति-2020 के अंतर्गत 43.05 करोड़ रुपये के विशेष प्रोत्साहन पैकेज की स्वीकृति प्रदान की गई। कंपनी झज्जर जिले में अत्याधुनिक इंट्रालॉजिस्टिक्स सिस्टम मैन्युफैक्चरिंग सुविधा स्थापित करेगी, जिससे आधुनिक औद्योगिक अवसंरचना के साथ हरियाणा के 138 युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इसी प्रकार, एआईटीएमसी वेंचर्स लिमिटेड को हरियाणा उद्यम एवं रोजगार नीति-2020 के अंतर्गत 58.51 करोड़ रुपये के विशेष प्रोत्साहन पैकेज की स्वीकृति प्रदान की गई। कंपनी हिसार जिले में ड्रोन एवं ड्रोन कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग हब स्थापित करेगी, जिससे रक्षा एवं एयरोस्पेस विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा तथा हरियाणा के 800 युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। बैठक में अभ्युदय प्रिंट इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड को हरियाणा उद्यम एवं रोजगार नीति-2020 के अंतर्गत 31.68 करोड़ रुपये के विशेष प्रोत्साहन पैकेज की स्वीकृति प्रदान की गई। यह परियोजना उन्नत पैकेजिंग सामग्री निर्माण क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के साथ हरियाणा के 105 युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराएगी। इसी प्रकार, मार्क एग्जॉस्ट सिस्टम्स लिमिटेड को हरियाणा उद्यम एवं रोजगार नीति-2020 के अंतर्गत 39.95 करोड़ रुपये के विशेष प्रोत्साहन पैकेज की स्वीकृति प्रदान की गई। कंपनी झज्जर जिले में ऑटो कंपोनेंट्स निर्माण इकाई स्थापित करेगी, जिससे राज्य में ऑटो कंपोनेंट्स विनिर्माण क्षेत्र को और मजबूती मिलेगी तथा हरियाणा के 123 युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। बैठक में कैनपैक इंडिया को हरियाणा उद्यम एवं रोजगार नीति-2020 के अंतर्गत 35.21 करोड़ रुपये के विशेष प्रोत्साहन पैकेज की स्वीकृति प्रदान की गई। कंपनी मेवात जिले में एल्युमिनियम कैन निर्माण क्षमता का विस्तार करेगी, जिससे हरियाणा के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इसके अतिरिक्त, एटीएल बैटरी टेक्नोलॉजी (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड को आईटी एवं ईएसडीएम नीति-2017 के अंतर्गत स्वीकृत परियोजना हेतु निवेश समय सीमा में एक वर्ष का अंतिम विस्तार प्रदान करने को स्वीकृति दी गई। कंपनी सोहना, जिला नूंह में लिथियम-आयन सेल एवं बैटरी निर्माण परियोजना स्थापित कर रही है। बैठक में सबरोस लिमिटेड को हरियाणा उद्यम एवं रोजगार नीति-2020 के अंतर्गत 89.91 करोड़ रुपये के विशेष प्रोत्साहन पैकेज की स्वीकृति प्रदान की गई। कंपनी खरखौदा, जिला सोनीपत में ऑटो कंपोनेंट्स निर्माण सुविधा स्थापित करेगी, जिससे राज्य में ऑटो एवं ऑटो कंपोनेंट्स क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा तथा हरियाणा के 215 युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इसी प्रकार, जय भारत मारुति लिमिटेड को हरियाणा उद्यम एवं रोजगार नीति-2020 के अंतर्गत 43.76 करोड़ रुपये के विशेष प्रोत्साहन पैकेज की स्वीकृति प्रदान की गई। यह परियोजना राज्य में ऑटो एवं ऑटो कंपोनेंट्स क्षेत्र में निवेश एवं रोजगार सृजन को बढ़ावा देगी। इसके अतिरिक्त, कंधारी बेवरेजेज प्राइवेट लिमिटेड के अनुरोध के अनुरूप उद्यम प्रोत्साहन नीति-2015 के अंतर्गत पूर्व में स्वीकृत विशेष पैकेज में संशोधन करते हुए 157.83 करोड़ रुपये के संशोधित विशेष प्रोत्साहन पैकेज को स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक श्री यश गर्ग तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

जे.सी. बोस विश्वविद्यालय में ‘उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रशासनिक दक्षता’ विषय पर दो दिवसीय प्रबंधन विकास कार्यक्रम का शुभारंभ
उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रशासनिक दक्षता की भूमिका को अत्यंत महत्वपूणर्रू कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार

फरीदाबाद, 12 मई, अभीतक: जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद के प्रबंधन अध्ययन विभाग द्वारा “उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रशासनिक दक्षता” विषय पर दो दिवसीय प्रबंधन विकास कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. सुनीता खुराना, पूर्व निदेशक, भारतीय सचिवालय प्रशिक्षण एवं प्रबंधन संस्थान, तथा विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय परंपरा के अनुसार दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इस अवसर पर प्रबंधन अध्ययन विभाग के डीन प्रो. आशुतोष दीक्षित ने कार्यक्रम का संक्षिप्त परिचय देते हुए इसके उद्देश्यों पर प्रकाश डाला तथा उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रशासनिक दक्षता को सुदृढ़ करने में ऐसे कार्यक्रमों की महत्ता को रेखांकित किया। वहीं प्रबंधन अध्ययन विभाग के अध्यक्ष डॉ. राजीव सिंधवानी ने मुख्य अतिथि एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की उपयोगिता और प्रशासनिक उत्कृष्टता के महत्व पर अपने विचार साझा किए। अपने संबोधन में कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार ने उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रशासनिक दक्षता की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि संस्थान की सुचारु कार्यप्रणाली और प्रगति के लिए सक्षम एवं दक्ष प्रशासन अनिवार्य है। उन्होंने प्रबंधन अध्ययन विभाग की इस पहल की सराहना की तथा प्रशासनिक कर्मचारियों के निरंतर व्यावसायिक विकास हेतु ऐसे कार्यक्रमों के नियमित आयोजन पर बल दिया। मुख्य अतिथि डॉ. सुनीता खुराना ने अपने व्याख्यान में प्रशासन को किसी भी संस्थान की रीढ़ बताते हुए प्रशासनिक दायित्वों के निर्वहन में सटीकता, संवेदनशीलता और जवाबदेही की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रभावी प्रशासन ही किसी भी शैक्षणिक संस्थान की सफलता और सुदृढ़ता का आधार है। दो दिवसीय इस कार्यक्रम के संसाधन व्यक्तियों के रूप में डॉ. मेहा शर्मा, उप कुलसचिव (शैक्षणिक), श्री मनीष गुप्ता, उप कुलसचिव (स्थापना), तथा श्री सचिन गुप्ता, उप कुलसचिव (परीक्षा) भी उद्घाटन समारोह में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में लगभग 50 प्रतिभागी भाग ले रहे है, जिनमें प्रशासनिक अधिकारी एवं कर्मचारी तथा विभाग के संकाय सदस्य शामिल रहे। इस आयोजन का सफल समन्वयन डॉ. अनुश्री चैहान एवं डॉ. सपना तनेजा द्वारा विभाग के संकाय सदस्यों के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

हरियाणा की टेली-मानस हेल्पलाइन हजारों लोगों के लिए बनी जीवनरेखा, 16,000 से अधिक नागरिकों ने मांगी मानसिक स्वास्थ्य सहायता
प्रदेश की मुफ्त टेली-काउंसलिंग पहल ने मानसिक रोग से जुड़ी सामाजिक वर्जनाओं को तोड़ाय शहरों से गांवों तक भावनात्मक देखभाल की पहुंच का किया विस्तार

चण्डीगढ़, 12 मई, अभीतक: प्रदेश सरकार की टेली-मानस मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन भावनात्मक संकट, चिंता, अवसाद और अन्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण सहायता प्रणाली है। नवंबर 2022 में अपनी शुरुआत के बाद से, इस हेल्पलाइन पर 16,000 से अधिक कॉल प्राप्त हुई हैं, जो सुलभ और कलंक-मुक्त मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति बढ़ते जन-विश्वास को दर्शाती हैं। नागरिक टोल-फ्री नंबर 14416 या 1-800-891-4416 डायल करके इस सेवा का निःशुल्क लाभ उठा सकते हैं। यह सेवा पूरे हरियाणा में मानसिक स्वास्थ्य परामर्श और मनोसामाजिक सहायता के लिए संचालित है। संकट प्रबंधन तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में, टेली-मानस को अब हरियाणा के 112 आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली के साथ एकीकृत कर दिया गया है। इस व्यवस्था के तहत, आपातकालीन हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त आत्महत्या से संबंधित संकट कॉलों को तत्काल प्रशिक्षित टेली-मानस परामर्शदाताओं के पास भेज दिया जाता है ताकि उन्हें तुरंत मनोवैज्ञानिक सहायता दी जा सके। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि इस एकीकरण ने आपात स्थिति के दौरान समय पर मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रदान करने की राज्य की क्षमता में काफी सुधार किया है और हरियाणा के सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया ढांचे में एक महत्वपूर्ण कड़ी जोड़ दी है। राष्ट्रीय टेली मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत शुरू की गई इस पहल ने 10 मई, 2026 तक 16,159 कॉल का निस्तारण किया है, जिसमें राज्य भर के लोगों को मुफ्त, गोपनीय और सहानुभूतिपूर्ण परामर्श सहायता प्रदान की गई है। यह बढ़ती प्रतिक्रिया इस बात का स्पष्ट संकेत है कि हरियाणा में मानसिक स्वास्थ्य पर बातचीत अब धीरे-धीरे अधिक खुली और स्वीकार्य होती जा रही है। हरियाणा की स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव, डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि यह पहल भूगोल या सामाजिक पृष्ठभूमि की परवाह किए बिना हर नागरिक के लिए मानसिक स्वास्थ्य देखभाल सुलभ बनाने की दिशा में एक परिवर्तनकारी कदम है। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के सभी वर्गों के लिए सस्ती, समय पर और गोपनीय मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। डॉ. मिश्रा ने कहा कि टेली-मानस केवल एक हेल्पलाइन से कहीं अधिक है। उन्होंने कहा कि यह मानसिक स्वास्थ्य के प्रति नजरिया बदलने और लोगों को बिना किसी झिझक के मदद मांगने के लिए प्रोत्साहित करने में मदद कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के वितरण में इसके प्रति जुड़ी सामाजिक झिझक को कम करना सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक है।
मात्र एक वर्ष में लगभग 10,000 कॉल
इस पहल के बढ़ते प्रभाव का सबसे बड़ा प्रमाण पिछले एक वर्ष में इसके उपयोग में हुई भारी वृद्धि है। मई 2025 से अप्रैल 2026 के बीच हेल्पलाइन पर 9,669 कॉल प्राप्त हुईंकृजो सेवा शुरू होने के बाद से कुल कॉलों का 60 प्रतिशत से अधिक है। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि यह बढ़त बढ़ती जागरूकता, परामर्श सेवाओं में बढ़ते भरोसे और राज्य भर में बेहतर आउटरीच प्रयासों को दर्शाता है। ग्रामीण हरियाणा की मजबूत भागीदारी इस पहल को जो बात विशेष बनाती है, वह है ग्रामीण हरियाणा तक इसकी गहरी पहुंच। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अधिकांश कॉल ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों से आई हैं, जो यह दर्शाता है कि सेवा ने बड़े शहरों से परे मानसिक स्वास्थ्य देखभाल की पहुंच के पुराने अंतर को सफलतापूर्वक पाट दिया है। सबसे आम समस्याओं में उदासी, परीक्षा का तनाव, चिंता, शोक, नशीली दवाओं का दुरुपयोग और आत्महत्या के विचार शामिल हैं। प्राप्त कॉलों में से लगभग पांच प्रतिशत बच्चों और किशोरों से संबंधित थीं, जो युवा आयु समूहों और परिवारों के बीच भावनात्मक सहायता की बढ़ती आवश्यकता को रेखांकित करती हैं। पिछले वर्ष के दौरान प्राप्त लगभग 40 प्रतिशत कॉल निदान किए जा चुके मानसिक स्वास्थ्य विकारों से जुड़ी थीं, जो शुरुआती हस्तक्षेप और निरंतर परामर्श सहायता के महत्व को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि टेली-मानस पहल के केंद्र में 20 प्रशिक्षित परामर्शदाताओं की एक टीम है जो मनोवैज्ञानिक संकट का सामना कर रहे नागरिकों को भावनात्मक सहायता, संकट हस्तक्षेप, मार्गदर्शन और रेफरल प्रदान करती है। परामर्शदाता टीमें यह सुनिश्चित करने के लिए निरंतर काम करती हैं कि जरूरत पड़ने पर किसी भी व्यक्ति को मदद उपलब्ध रहे। डॉ. मिश्रा ने परामर्शदाताओं और स्वास्थ्य देखभाल टीमों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके समर्पण ने मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं में जनता का विश्वास जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि हेल्पलाइन का बढ़ता उपयोग लोगों द्वारा भावनात्मक कल्याण और मनोवैज्ञानिक सहायता को देखने के तरीके में एक सकारात्मक सामाजिक बदलाव को दर्शाता है। हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने संकेत दिया है कि सरकार जागरूकता अभियानों का विस्तार करके, सामुदायिक पहुंच में सुधार और टेली-काउंसलिंग बुनियादी ढांचे को बढ़ाकर मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने की योजना बना रही है। ध्यान इस बात पर रहेगा कि मानसिक स्वास्थ्य सहायता दूरदराज के गांवों और वंचित क्षेत्रों में रहने वाले प्रत्येक नागरिक तक पहुंचे।

एमडीयू के शोधार्थी अनमोल का शोध अंतरराष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित
एआई को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने पर किया काम

रोहतक, 12 मई, अभीतक: महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूआईईटी) के पीएचडी शोधार्थी अनमोल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उनका शोध-पत्र प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय जर्नल स्प्रिंगर नेचर स्विट्जरलैंड एआई एंड एथिक्स में प्रकाशित हुआ है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय के शोध और नवाचार वातावरण के लिए गर्व का विषय है। यह शोध कार्य यूआईईटी की प्राध्यापिका डॉ. छवि राणा के निर्देशन में पूरा किया गया। शोध में भविष्य की ऑटोनोमस एआई सिस्टम्स यानी स्वायत्त एआई प्रणालियों की भूमिका, चुनौतियों और नैतिक पहलुओं पर विस्तार से अध्ययन किया गया है। शोध के अनुसार आने वाले समय में एआई आधारित सिस्टम स्वास्थ्य सेवाओं, बैंकिंग और वित्तीय प्रणाली, साइबर सुरक्षा, शिक्षा तथा सरकारी व्यवस्थाओं में अहम भूमिका निभाएंगे। ऐसे में इन तकनीकों के लिए मजबूत नैतिक और नियामक ढांचा विकसित करना बेहद जरूरी होगा, ताकि एआई का उपयोग सुरक्षित, पारदर्शी और मानव हितों के अनुरूप किया जा सके। शोधार्थी अनमोल ने बताया कि उनका उद्देश्य ऐसी एआई तकनीकों के विकास को बढ़ावा देना है, जो मानव-केंद्रित, सुरक्षित और भरोसेमंद हों। उन्होंने कहा कि भविष्य की एआई प्रणालियां तभी प्रभावी साबित होंगी, जब वे सामाजिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं के अनुरूप कार्य करेंगी। मार्गदर्शक डॉ. छवि राणा ने कहा कि आज एआई तेजी से हर क्षेत्र को प्रभावित कर रहा है। ऐसे में जिम्मेदार और नैतिक एआई सिस्टम विकसित करना समय की बड़ी जरूरत बन चुका है। उन्होंने कहा कि यह शोध भविष्य में एआई से जुड़ी नीतियों और तकनीकी ढांचे को मजबूत बनाने में सहायक साबित हो सकता है। विश्वविद्यालय प्रशासन और यूआईईटी परिवार ने इस उपलब्धि पर शोधार्थी अनमोल और डॉ. छवि राणा को बधाई दी है।

मानव सेवा के भाव से अंतर्राष्ट्रीय नर्सिंग दिवस भिवानी में मनाया गया
युद्ध के दौरान सैनिकों की मरहम पट्टी व सेवा करने वाली नर्स फ्लोरेन्स नाइटिंगेल की याद में मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय नर्सिंग दिवस
भिवानी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी व श्रीकृष्ण जीओ गीता परिवार द्वारा नर्सिंग डे पर हैल्थ चैकअप कैंप व रक्तदान शिविर लगाया गया
सेवा कर रही नर्सो ने बताया: फ्लोरेन्स नाइटिंगेल से प्रेरणा लेकर करती है नर्सिंग कार्य
मरीजों की दवाईयां, मरहम पट्टी, भोजन व्यवस्था, स्वच्छता का रखती है ख्याल

भिवानी, 12 मई, अभीतक: निरूस्वार्थ रूप से मरीजों की सेवा व मातृत्व भाव से मरीजों का ईलाज करने के उद्देश्य से फ्लोरेन्स नाइटिंगेल की जयंती को आज अंतर्राष्ट्रीय नर्सिंग दिवस के रूप में मनाया गया। इस मौके पर भिवानी के सामान्य अस्पताल में निरूशुल्क हैल्थ चैकअप कैंप, रक्तदान शिविर लगाकर नर्सो द्वारा की जाने वाली मरीजों की सेवा के बारे में जानकारी भी दी गई। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भिवानी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. रघुबीर शांडिल्य पहुंचे। इस मौके पर भिवानी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी रघुबीर शांडिल्य व नर्स ने बताया कि इटली में 12 मई 1920 को जन्मी फ्लोरेन्स नाइटिंगेल ने तत्कालीन समय में युद्ध की स्थिति में अपनी नर्सिंग सेवाएं दी। उन्होंने सैनिकों की बहुत खराब हालत के दौरान संक्रमण व गंदगी के बावजूद मरीजों की सेवा की। उनके साथ 38 नर्सो की टीम ने उस समय युद्ध की स्थिति में अस्पतालों में स्वच्छता, हवा का आवागमन, दवाईयों व भोजन की ठीक से व्यवस्था की। जिसके चलते युद्ध की स्थिति में भी बहुत से सैनिकों की जान बच सकी। ये नर्स रात के समय में लालटेन लेकर घायल सैनिकों की मरहम पट्टी करती थी, जिसके बाद से फ्लोरेन्स नाइटिंगेल की याद में अंतर्राष्ट्रीय नर्सिंग दिवस मनाया जाता है। इसी सेवा भाव के चलते भिवानी में अंतर्राष्ट्रीय नर्सिंग दिवस मरीजों की सेवा करते हुए मनाया गया। इस मौके पर जीओ गीता परिवार की तरफ से मानव कल्याण को आगे रखते हुए हैल्थ चैकअप कैंप व रक्तदान शिविर लगाया गया। जिसमें फलोरेंस नाईट एंगल को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी गई।
भिवानी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी रघुबीर शांडिल्य व नर्स।

गणना कार्य में कोताही बरतने पर रेवाड़ी खेड़ा से शिक्षक सतीश कुमार पर हुआ मुकदमा दर्ज
गणना कार्य में कोताही बरतने वालों के खिलाफ होगी सख्त कानून कारवाई:

रेवाडी़, 12 मई, अभीतक: भागीरथ कौशिक ने उन्होंने बताया जनगणना कार्य में कोताही बरतने और कारण पूछे जाने पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने पर चार्ज ऑफिसर तहसीलदार की शिकायत पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रेवाड़ी खेड़ा से शिक्षक सतीश कुमार के खिलाफ थाना सदर भिवानी में एफआईआर दर्ज करवाई गई है। वहीं दूसरी ओर डीसी साहिल गुप्ता ने चेतावनी देते हुए कहा है कि गणना कार्य में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उल्लेखनीय है कि जनगणना 2027 के तहत् एक मई से घर घर जाकर मकानों की गणना का कार्य किया जा रहा है। इस कार्य में गणना प्रगणक और सुपरवाइजर की ड्यूटी लगाई गई है। इनकी निगरानी के लिए चार्ज ऑफिसर भी नियुक्त किए गए हैं। प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारियों को गणना कार्य को गंभीरता से करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रेवाड़ी खेड़ा से शिक्षक सतीश कुमार द्वारा अपना कार्य शुरू नहीं किया गया, वहीं दूसरी ओर उनकी सुपरवाइजर रितु द्वारा कारण जानने पर उन्होंने अभद्र भाषा का प्रयोग किया। रितु ने अपने चार्ज ऑफिसर तहसीलदार को बताया कि परगणक सतीश कुमार द्वारा बार-बार कहने के बावजूद भी वह गणना का कार्य शुरू नहीं कर रहा है, वहीं दूसरी ओर शराब पीकर अभद्र भाषा का प्रयोग करता है। इसी के चलते शिक्षक सतीश कुमार के खिलाफ फिर दर्ज करवाई गई। वहीं डीसी साहिल गुप्ता ने गणना कार्य में लगे प्रगणको और सुपरवाइजर को चेतावनी देते हुए कहा है कि वे अपना कार्य गंभीरता से करें। लापरवाही बताने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

किसान मजबूत होगा तो देश मजबूत होगा, भाजपा सरकार उद्योगपतियों की नौकरशाही छोड़कर किसानों की सुध ले: अभय सिंह चैटाला
जिस देश का किसान कमजोर होता है, उस देश की अर्थव्यवस्था भी एक दिन घुटनों पर आ जाती है

चंडीगढ़, 12 मई, अभीतक: इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चैधरी अभय सिंह चैटाला ने कहा कि लोहपुरुष चैधरी ओमप्रकाश चैटाला जी सदैव कहा करते थे कि इस देश की असली ताकत खेत, किसान और मेहनतकश जनता है, न कि कैमरों के सामने होने वाले रोड शो और जनता के पैसों से किए जाने वाले लाखों-करोड़ों के प्रचार। आज देश के प्रधानमंत्री आम जनता से अपील कर रहे हैं कि सोना-चाँदी मत खरीदो, पेट्रोल-डीजल कम इस्तेमाल करो और अपने खर्च पर लगाम लगाओ। लेकिन सवाल यह है कि क्या भाजपा सरकार ने अपने मंत्रियों, विधायकों और नेताओं के ऐशो-आराम और फिजूलखर्ची पर कभी रोक लगाई? क्या सत्ता के गलियारों में बर्बादी बंद हुई? क्या करोड़ों रुपये के रोड शो, रैलियां और प्रचार यात्राएं रोकी गईं? अभय सिंह चैटाला ने कहा कि सच्चाई यह है कि सत्ता में बैठे लोग शानो-शौकत में डूबे हुए हैं और आम आदमी को त्याग का पाठ पढ़ाया जा रहा है। सरकार देश की अर्थव्यवस्था को संभालने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है, इसलिए अब जनता से बचत की भीख मांगी जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते देश के किसान को मजबूत किया होता, खेती को उद्योगों जितना सम्मान और समर्थन दिया होता, फसलों के सही दाम दिए होते, सस्ती खाद-बीज, पानी और बिजली की गारंटी दी होती, तो आज सरकार को जनता के सामने गिड़गिड़ाने की नौबत नहीं आती। किसान मजबूत होता तो देश मजबूत होता, गांव समृद्ध होते तो बाजार खुद चल पड़ते। लेकिन भाजपा सरकार ने किसानों को आंदोलनकारी, गरीब और मजबूर बनाने का काम किया है। चैधरी अभय सिंह चैटाला ने चेतावनी देते हुए कहा, जिस देश का किसान कमजोर होता है, उस देश की अर्थव्यवस्था भी एक दिन घुटनों पर आ जाती है। आज पूरे देश के सामने वही तस्वीर है। उन्होंने भाजपा सरकार को फिर से आगाह किया कि बड़े-बड़े उद्योगपतियों की नौकरशाही करने की बजाय देश के किसान और कमेरे वर्ग से दोस्ती करे और किसानी को ताकत देने का काम करे।

ग्रामीण सफाई कर्मी प्रदर्शन करते हुवे निगम के दफ्तर तक पहुंचकर 12 दिन से मांगों को लेकर बैठे निगम के सफाई कर्मियों की मांगों का समर्थन किया गया झज्जर, 12 मई, अभीतक: झज्जर जिले के ग्रामीण सफाई कर्मी सैकड़ों की संख्या में सीटू ऑफिस में इकट्ठा हुए। वहां से प्रदर्शन करते हुवे निगम के दफ्तर तक पहुंचकर 12 दिन से मांगों को लेकर बैठे निगम के सफाई कर्मियों की मांगों का समर्थन किया गया। उसके बाद नगर पालिका दफ्तर से लेकर अंबेडकर चैक तक सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन के जिला सचिव संदीप कुमार मारौत ने कहा कि सफाई कर्मी सबको स्वच्छता प्रदान करने के लिए प्रतिदिन गंदगी के ढेर का सामना करके अनेकों बीमारियों का शिकार होता हैं बदले में उनको सम्मान जनक गुजारे लायक वेतन नहीं दिया जाता और न ही सुरक्षा के उपकरण दिए जाते। शिवरों की सफाई करते हुए सफाई कर्मियों की मृत्यु होने पर उनके परिवार के गुजारे के लिए कोई भी आर्थिक सुविधा नहीं दी जाती ओर न ही परिवार के एक सदस्य को कोई निखरी दी जा रही। जिससे परिवार का गुजारा चलाया जा सके। सरकार सफाई कर्मियों को ठेकेदारी, पार्ट टाइम, डोर टू डोर, जैसे अनेकों नाम देकर पूरी उम्र कच्चे रोजगार पर पक्का काम करवाने पर मजबूर करती आ रही है। जो अब बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री द्वारा 24 नवंबर 2025 को शहरी सफाई कर्मियों के 27000 का ग्रामीण सफाई कर्मियों के 26000 रुपए देने की घोषणा। जून 2025 को वेतन में ₹2100 की बढ़ोतरी की घोषणा हर साल वेतन में तीन प्रतिशत बढ़ोतरी की घोषणा। 2000 की जनसंख्या की बजाय 1 हजार की आबादी के हिसाब से 9795 नए सफाई कर्मचारियों की नियुक्त करने की घोषणा सफाई कर्मियों को पक्का करने की घोषणा सिर्फ घोषणा ही बनकर रह गई है। 31 दिसंबर 2025 में माननीय पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट ने आदेश दिए थे कि जिन सफाई कर्मियों को 10 वर्ष कार्य करते हो चुके हैं उनको नई पॉलिसी बनाकर 28 फरवरी तक पक्का किया जाए लेकिन सरकार कोर्ट के आदेश का भी पालन नहीं किया है। सरकार के दलित विरोधी नीतियों के कारण निगम के सफाई कर्मी एक मई से हड़ताल पर बैठे हुए हैं शहरों में चारों तरफ कचरो के ढेर लगे हुए हैं। बढ़ती गंदगी से महामारी फैलने का खतरा जनता के बीच बढ़ता जा रहा है बढ़ता लेकिन सरकार जनता के स्वास्थ्य की चिंता ना करते हुए आंदोलन को लंबा खींचना चाहती है सफाई कर्मियों के आंदोलन पर दमन करने की सरकार द्वारा कोशिश की जा रही है जो बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संदीप मारौत ने संबोधित करते हुए कहा यदि सरकार ने समय रहते निगम के सफाई कर्मियों की समस्याओं व मांगों का समाधान नहीं किया तो आने वाले समय में ग्रामीण सफाई कर्मचारी भी इस हड़ताल में शामिल होने से गुरेज नहीं करेंगे। यूनियन नेताओं ने बताया कि 13 मई को राज्य स्तरीय मीटिंग करते हुए आंदोलन को ओर तेज करने की रणनीति बनाई जाएगी। प्रदर्शन करते हुए ग्रामीण सफाई कर्मचारी की मांगों का ज्ञापन नायब तहसीलदार अंशुल को सौंपा गया। आज के प्रदर्शन झज्जर ब्लॉक प्रधान सुनील मातनहेल प्रधान राम भगत, ने भी संबोधित किया।

पीएम श्री स्कूल में मकान सूचीकरण एवं जनगणना प्रशिक्षण का चतुर्थ चरण संपन्न
जोधपुर, 12 मई, अभीतक: चामू कस्बे के पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में चल रहे जनगणना प्रशिक्षण कार्यक्रम का प्रथम चरण 1 मई से शुरू होकर विभिन्न चरणों से गुजरते हुए मंगलवार को चार चरणों में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। प्रशिक्षण के अंतिम दिन सुपरवाइजरों और प्रगणकों को उनके दायित्वों के प्रति पूरी तरह प्रशिक्षित कर फील्ड के लिए तैयार किया गया।
तकनीकी बारीकियों पर रहा जोर
तहसीलदार एवं चार्ज जनगणना अधिकारी राजेंद्र कुमार परिहार तथा नायब तहसीलदार बिरम सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस सत्र में प्रशिक्षुओं को संबोधित किया गया। फील्ड ट्रेनर विक्रम सिंह पुनिया, जगदीश प्रसाद और लक्ष्मण राम ने आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए पीपीटी के माध्यम से प्रशिक्षण दिया। इस दौरान मकान सूचीकरण क्षेत्र का नजरी नक्शा तैयार करने तथा मोबाइल ऐप के प्रभावी उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गई।
डिजिटल माध्यम से होगी गणना
प्रशिक्षण में विशेष रूप से डिजिटल सेंसरशिप और डेटा एंट्री के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नजरी नक्शा और सटीक मकान सूचीकरण ही पूरी जनगणना प्रक्रिया का आधार है, जिसमें किसी भी प्रकार की त्रुटि की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।
ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम के समापन के दौरान प्रधानाचार्य गंगाराम जाखड़, कानाराम चैधरी, महेंद्र कुमार, अशोक कुमार, शैताना राम बिश्नोई, चावण्ड सिंह इन्दा, जेठू सिंह, डूंगर राम, देवी लाल सोनी, मुकेश कुमार देदड सहित बड़ी संख्या में सुपरवाइजर एवं प्रगणक उपस्थित रहे। सभी ने अपने-अपने क्षेत्रों में पूरी निष्ठा के साथ कार्य करने का संकल्प लिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *