Haryana Abhitak News 01/05/26

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भेड़ चोरी करने के मामले में दो और आरोपी गिरफ्तार
बादली, 01 मई, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉक्टर राजश्री सिंह के दिशा निर्देशन में कार्रवाई करते हुए थाना बादली की टीम ने भेड़ चोरी करने के मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की गई। मामले की जानकारी देते हुए थाना प्रबंधक बादली निरीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि प्रेमाराम निवासी गांव पादरली जालौर राजस्थान ने शिकायत देते हुए बताया कि हम भेड़ बकरी चराते हैं। हम रात को पाहसौर मोड पर भेड़ बकरियों के साथ सोए हुए थे। सुबह के करीब 3रू00 बजे नाम पता नहीं मालूम व्यक्ति हमारे 15 भेड़ चोरी करके ले गए। जिस शिकायत पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ थाना बादली में आपराधिक मामला दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि पुलिस कमिश्नर डॉक्टर राजश्री सिंह द्वारा उपरोक्त मामले में गहनता से छानबीन करने तथा वांछित आरोपियों को पकड़ने के संबंध में कड़े दिशा निर्देश दिए गए थे। पुलिस कमिश्नर के दिशा निर्देशों की पालना करते हुए थाना बादली में तैनात मुख्य सिपाही सुनील कुमार की पुलिस टीम ने उपरोक्त मामले में कार्रवाई करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान राजू लाल व राहुल दोनों निवासी गांव धागड़मउ चित्तौड़ राजस्थान के तौर पर की गई। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए अदालत बहादुरगढ़ में पेश किया गया। अदालत के आदेश अनुसार दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

गांव बेरी में डोर-टू-डोर नशामुक्ति अभियान, लोगों को किया गया जागरूक
झज्जर, 01 मई, अभीतक: गांव बेरी में डोर-टू-डोर नशामुक्ति टीम द्वारा जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान टीम ने घर-घर जाकर ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों, आपातकालीन सेवाओं और साइबर अपराध से बचाव के विषय में विस्तार से जानकारी दी। सहायक उप निरीक्षक पवन कुमार व उनकी टीम ने ग्रामीणों को बताया कि नशा व्यक्ति के शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ परिवार और समाज के लिए भी घातक है। नशाखोरी से अपराधों में वृद्धि होती है और युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो जाता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने आसपास के लोगों को भी इसके विरुद्ध जागरूक करें। आज उन्होंने बताया कि किसी के बहकावे में आकर किसी अनजान व्यक्ति को ओटीपी ने बताएं और ना ही उनके द्वारा भेजे गए किसी लिंक को ओपन करें। पुलिस ने फर्जी कॉल ओटीपी मांगने लिंक भेजकर ठगी करने ऑनलाइन धोखाधड़ी के तरीके के बारे में जानकारी दी तथा उनसे बचाव के उपाय बताएं। इसके साथ ही आपात स्थिति में डायल 112 पर कॉल कर तुरंत सहायता लेने, साइबर अपराध होने पर समय पर शिकायत दर्ज कराने तथा नशे से संबंधित सहायता के लिए मानस हेल्पलाइन नंबर 1933 पर संपर्क करने के लिए भी लोगों को जागरूक किया गया।

एंटीनारकोटिक सेल झज्जर की नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
126 किलोग्राम डोडा पोस्त के साथ दो आरोपी गिरफ्तार, आरोपियों को 4 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया

बहादुरगढ़, 01 मई, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉ राजश्री सिंह के दिशा निर्देशन में कार्रवाई करते हुए एंटीनारकोटिक सेल झज्जर की पुलिस टीम ने नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए थाना आसौदा के एरिया से 126 किलोग्राम डोडा पोस्त के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की गई। मामले की जानकारी देते हुए एंटीनारकोटिक सेल झज्जर प्रभारी उप निरीक्षक जितेंद्र कुमार ने बताया कि एंटी नारकोटिक सेल झज्जर की पुलिस टीम थाना आसौदा के एरिया में मौजूद थी। मौजूदा टीम को गुप्त सूचना मिली कि गुरप्रीत व गुरविंदर मादक पदार्थ बेचने का अवैध धंधा करते हैं। जो फिलहाल अपनी गाड़ी वेंटो फॉक्सवैगन में डोडा पोस्ट बेचने के लिए केएमपी से उतारकर आसौदा टोल के नजदीक अपनी गाड़ी में डोडा पोस्ट बेचने की फिराक में बैठे हैं। जिस सूचना पर एंटी नारकोटिक सेल झज्जर में तैनात सहायक उप निरीक्षक सोहन की पुलिस टीम ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए उपरोक्त स्थान पर पहुंची तो वहां पर एक गाड़ी में दो व्यक्ति बैठे दिखाई दिए। पुलिस टीम ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए ड्राइवर सीट पर बैठे व्यक्ति का नाम पूछा तो उसने अपना नाम गुरविंदर निवासी गुलहार पटियाला पंजाब बताया और कंडक्टर सीट पर बैठे व्यक्ति से नाम पता पूछा तो उसने अपना नाम गुरप्रीत निवासी बिजली बोर्ड ऐलनाबाद जिला सिरसा बताया। पकड़े गए आरोपियों के पास मादक पदार्थ होने के संदेह पर नियम अनुसार राजपत्रित अधिकारी को सूचित किया गया। जिसके पश्चात मौका पर पहुंचे राजपत्रित अधिकारी के समक्ष नियम अनुसार कार्रवाई करते हुए उपरोक्त व्यक्तियों की गाड़ी सहित तलाशी ली गई तो गाड़ी के अंदर 6 प्लास्टिक के कट्टे डोडा पोस्ट बरामद हुए। जिनका वजन करने पर प्रत्येक कट्टे का वजन 21 किलोग्राम पाया गया और 6 कट्टे का कुल वजन 126 किलोग्राम पाया गया। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मादक पदार्थ अधिनियम के तहत थाना आसौदा में आपराधिक मामला दर्ज किया गया। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अदालत बहादुरगढ़ में पेश किया गया। अदालत के आदेश अनुसार दोनों आरोपियों को पूछताछ के लिए 4 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया।

स्वप्निल रविन्द्र पाटिल, डीसी झज्जर।

मंडियों में गेहूं खरीद के साथ लिफ्टिंग प्रक्रिया में तेजी लाएं अधिकारी: डीसी
जिला की मंडियों में अब तक 2 लाख 35 हजार 159 मीट्रिक टन गेहूं की आवक दर्ज
कुल खरीद का 74.7 प्रतिशत गेहूं का हो चुका उठान

झज्जर, 01 मई, अभीतक: डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने कहा कि जिले की मंडियों में रबी सीजन की फसलों की खरीद के साथ ही उपज की नियमानुसार लिफ्टिंग पर जिला प्रशासन का पूरा फोकस है। जिलाभर की सभी मंडियों व खरीद केंद्रों पर उपज का उठान कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार किसानों की उपज निर्धारित मानकों के अनुरूप खरीदी जा रही है और उनकी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। अब तक जिले में गेहूं की 2 लाख 35 हजार 159 मीट्रिक टन की आवक दर्ज जबकि 2 लाख 1 हजार 307 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। डीसी ने खरीद एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों को समय पर भुगतान किया जाए ताकि उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना न करना पड़े। उन्होंने एजेंसियों व अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि लिफ्टिंग कार्य में तेजी लाई जाए ताकि मंडियों में जगह की कमी न हो और नई फसल की आवक बाधित न हो। अब तक 74.7 प्रतिशत उपज का उठान किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि खरीद एजेंसियों द्वारा स्टोरेज व्यवस्था को बेहतर ढंग से प्रबंधित किया जाए, जिससे खरीदी गई उपज का सुरक्षित भंडारण किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मंडियों में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो और सभी कार्य सुचारू रूप से संपन्न किए जाएं। जिला प्रशासन खरीद प्रक्रिया को सुचारू रखने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है।

मनीष फौगाट, सीईओ जिला परिषद झज्जर।

पांडुलिपि सर्वेक्षण कार्य को निर्धारित समयावधि में पूरा करें कर्मचारी: सीईओ
संवाद भवन में पांडुलिपि सर्वेक्षण को लेकर चल रहे दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन

झज्जर, 01 मई, अभीतक: डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल के मार्गदर्शन में ज्ञान भारतम मिशन के तहत पांडुलिपियों के सर्वेक्षण कार्य को लेकर चल रहे दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुक्रवार को समापन हो गया। प्रशिक्षण के अंतिम दिन शुक्रवार को संवाद भवन में नगर परिषद झज्जर व बहादुरगढ़ तथा नगरपालिका बेरी क्षेत्र के लिए कर्मचारियों को सघन प्रशिक्षण दिया गया और लगन के साथ सर्वे के लिए प्रेरित किया गया। जिला परिषद के सीईओ मनीष फोगाट ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों को लाइब्रेरी, धार्मिक स्थल, ट्रस्ट, निजी स्वामित्व तथा गुरुकुलों में उपलब्ध पांडुलिपियों का सर्वेक्षण मोबाइल एप के माध्यम से करने की विधि समझाई गई। सीईओ मनीष फोगाट ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र के कर्मचारियों को प्रशिक्षित करते हुए सटीक सर्वे के लिए प्रोत्सहित करें। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम सर्वेक्षण कार्य की गुणवत्ता एवं गति को बढ़ाने में सहायक है। उन्होंने सभी कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे प्रशिक्षण को गंभीरता से लेते हुए जिले में पांडुलिपि सर्वेक्षण कार्य को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

फसल अवशेष जलाने की बजाय उनका सदुपयोग करें किसान: डीसी
खेतों में गेहूं के फाने जलाने वालों की होगी रेड एंट्री, फसल बिक्री और सरकारी योजनाओं से रहेंगे वंचित

झज्जर, 01 मई, अभीतक: डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने कहा कि जिले में रबी फसल कटाई के उपरांत खेतों में अवशेष (फाने) जलाने की घटनाओं पर रोक को लेकर जिला प्रशासन सतर्क है। ऐसे में कृषि अधिकारी किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के प्रति जागरूक करें। डीसी शुक्रवार को लघु सचिवालय स्थित सभागार में संबंधित अधिकारियों की बैठक में जरूरी निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि हरसेक के माध्यम से सेटेलाइट निगरानी द्वारा जिले के प्रत्येक गांव में फसल अवशेष जलाने की घटनाओं पर रीयल टाइम नजर रखी जाए। किसी भी खेत में अवशेष जलाने की स्थिति में उस स्थान की जीपीएस लोकेशन तुरंत प्रभाव से ट्रेस कर मौके पर पहुंचकर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा गांव स्तर पर मॉनिटरिंग टीमें सक्रिय रहें जो खेतों में आग लगने की घटना पर पैनी नजर रखें। उन्होंने वीएलसी की टीम व अन्य मॉनिटरिंग अधिकारियों को निर्देश दिए कि ज्यादा से ज्यादा फील्ड में निरीक्षण करते रहें तथा अपनी लाइव लोकेशन ग्रुप में शेयर करें। डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने किसानों से अपील की है कि वे खेतों में फसल अवशेष न जलाएं, क्योंकि यह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि पर्यावरण और भूमि की उर्वरता के लिए भी बेहद घातक है। डीसी ने स्पष्ट किया कि जिस खेत में फसल अवशेष जलने की पुष्टि होने पर खेत मालिक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। साथ ही खेत मालिक आगामी सीजन तक मेरी फसल – मेरा ब्यौरा पोर्टल पर फसल पंजीकृत नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि अवशेष जलाने की प्रवृत्ति से भूमि की जैविक संरचना नष्ट होती है, मित्र कीट खत्म हो जाते हैं और वायु प्रदूषण में खतरनाक वृद्धि होती है, जो जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है।
कृषि विभाग के अधिकारी किसानों को करें जागरूक
डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के वैज्ञानिक विकल्पों जैसे मल्चर, रोटावेटर, सुपर सीडर आदि के बारे में जागरूक करें और फील्ड स्तर पर जाकर प्रत्यक्ष रूप से मार्गदर्शन करें। उन्होंने ने कहा कि फसलों के अवशेष जलाने के मामलों में पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, वायु (प्रदूषण नियंत्रण) अधिनियम, और आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 तहत पाबन्धी है। ऐसे में किसानों से आह्वान किया जा रहा है वे फसल अवशेष प्रबंधन करें और अपने खेतों में फसल अवशेषों को आग ना लगाएं। इस अवसर पर डीडीए डॉ सुरेंद्र मलिक, डीडीपीओ निशा तंवर, कृषि अभियंता डॉ राजीव चावला, एसडीओ डॉ जगजीत सांगवान, एसडीओ बहादुरगढ़ डॉ सुनील कौशिक, एसएमएस डॉ रमेश लांबा, डॉ रोहित वत्स सहित कृषि विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

बच्चों को एचसीवी वैक्सीनेशन अभियान के लिए जागरुक करते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम

एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान को मिल रही गति, 341 लाभार्थियों का हुआ टीकाकरण
झज्जर, 01 मई, अभीतक: भारत सरकार के निर्देशानुसार झज्जर जिले में एचपीवी (भ्च्ट) वैक्सीनेशन अभियान सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है। सिविल सर्जन डॉ. मंजू कादयान के मार्गदर्शन एवं उप सिविल सर्जन (कार्यक्रम अधिकारी) डॉ. बसंत दुबे के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिक्षा विभाग के सहयोग से व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। सिविल सर्जन ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में एचपीवी टीकाकरण को लेकर निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। अब तक जिले में 341 लाभार्थियों का सफलतापूर्वक एचपीवी टीकाकरण किया जा चुका है। जिले के दो ब्लॉककृढाकला एवं जमालपुर की सभी पीएचसी में स्वास्थ्य विभाग द्वारा हिंदुस्तान लेटेक्स फैमिली प्लानिंग प्रमोशन ट्रस्ट तथा अरावली पावर कंपनी प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान संचालित किया जा रहा है। उप सिविल सर्जन डॉ. बसंत दुबे ने बताया कि एचपीवी टीकाकरण महिलाओं एवं पुरुषों को कई गंभीर बीमारियों से बचाने में अत्यंत प्रभावी है, जैसेकृगर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर, गले एवं मुंह का कैंसर, योनि एवं वल्वर कैंसर, गुदा कैंसर तथा लिंग कैंसर। यह टीकाकरण राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत किया जा रहा है तथा झज्जर जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में निःशुल्क उपलब्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि लगभग 80 प्रतिशत महिलाओं के टीकाकरण से सामुदायिक स्तर पर भी सुरक्षा बढ़ती है। पीएचसी ढाकला एवं पीएचसी जमालपुर में 9 से 14 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं को निःशुल्क टीका लगाया जा रहा है, जबकि जिले के अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में 14 से 15 वर्ष तक की किशोरियों का टीकाकरण किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग झज्जर द्वारा शिक्षा विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर इस अभियान को विद्यालय स्तर तक विस्तारित किया गया है। इसी कड़ी में राजकीय उच्च विद्यालय उतलोदा, एमआर सीनियर सेकेंडरी स्कूल हसनपुर, एचडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल साल्हावास, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल बिठला एवं जेनिस पब्लिक स्कूल हसनपुर में मेडिकल ऑफिसर डॉ. अंकित चैधरी की देखरेख में 11 बालिकाओं का सफलतापूर्वक टीकाकरण किया गया। डॉ. चैधरी ने बताया कि बालिकाओं के उत्साह को देखते हुए अन्य छात्राएं भी टीकाकरण के लिए प्रेरित होंगी। बहादुरगढ़ शहरी क्षेत्र में वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. मधुप सेठी एवं नोडल अधिकारी डॉ. सुंदरम के नेतृत्व में उनकी टीमकृडॉ. गगन, डॉ. रोहित, डॉ. रवि, डॉ. आरजू, डॉ. ममता, डॉ. निवेदिता एवं डॉ. राहुलकृद्वारा 150 से अधिक एचपीवी टीकाकरण सफलतापूर्वक किए गए। जिला टीकाकरण अधिकारी ने बताया कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि स्वास्थ्य विभाग झज्जर जनसहभागिता एवं विभागीय समन्वय से शीघ्र ही एचपीवी टीकाकरण का 100 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करेगा। इस मौके पर डॉक्टर निवेदिता, एएनएम शर्मिला,पूनम आशा वर्कर,कृष्णा आशा वर्कर व अन्य स्टाफ मौजूद रहा।

सामुदायिक व सरकार सहभागिता जल नीति से गांव बनेगें स्वावलम्बी: राजीव बातिश
जल नीति हरियाणा सरकार 2026 से ग्रामीण महिलाओं का होगा सशक्तिकरण: चीफ इंजीनियर राजीव बातिश
ग्राम जल एवं सीवरेज कमेटी करेगी गांव की समस्याओं का हल, विकास में होगी ग्रामीणों की भागीदारी: राजीव बातिश

झज्जर, 01 मई, अभीतक: हरियाणा सरकार की सरकार व सामुदायिक सभागिता पेयजल योजना संचालन एवं रखरखाव नीति 2026 के माध्यम से गांव पेयजल योजना आपूर्ति के मामले में स्वावलम्बी बनेगें। यह बात जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के चीफ इंजिनियर राजीव बातिश ने झज्जर में 12 जिलों की संयुक्त कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कही। श्री बातिश ने कहा कि सरकार का उद्देश्य गांव की पेयजल योजना संचालन एवं रखरखाव को ग्रामीणों के लिए ग्रामीणों द्वारा उपलब्ध कराया जाना है ताकि आम जन को शुद्ध पेयजल सुलभता से उपलब्ध कराना है। इसके लिए एकल जल योजनाओं प्राथमिकता के आधार पर पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लिया है। इसके लिए सर्व प्रथम जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग व ग्राम जल एवं सीवरेज कमेटी ध्ग्राम पंचायत के बीच लिखित समझौता किया जायेगा, जिसके बाद विभाग द्वारा ग्राम जल एवं सीवरेज कमेटी, पंचायतों को ब्लॉक स्तर पर ट्रेनिंग दी जाएगी। जिसमें पेयजल योजना के संचालन एवं रखरखाव को लेकर तकनीकी ध्आधिकारिक व विभागीय कार्य कैसे करें यह जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही पेयजल योजना संचालन में सहभागिता सुनिश्चित करते हुए ग्राम जल एवं सीवरेज कमेटीध्पंचायत का इंडियन बैंक में खाता खोला जायेगा। जिसके माध्यम से विभाग ग्रामीणों को पेयजल आपूर्ति सुचारु रूप से चलाये रखने के लिए त्रिमासिक आधार पर एक नियमित व निश्चित राशि जारी की जाएगी। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं को आत्म निर्भर व सशक्त बनाने के लिए गांव में राजकीय आजीविजका मिशन के तहत गांव में कार्य कर रही स्वयं सहायता समहू की महिला को गांव में पानी के बिल संग्रहण, नए पेयजल कनेक्शन जारी करने, पेयजल की गुणवत्ता जाँच आदि के कार्य दिए जायेंगे जिनके बदले उन्हें उचित मानदेय दिया जायेगा स उन्होंने कहा कि इस जल नीति के तहत पहले चरण में एकल गांव आधारित जल योजनाओं को शामिल किया जायेगा। इस योजना के क्रियान्वयन में ग्राम जल एवं सीवरेज कमेटी के साथ जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग व पंचायती विभाग की भी अहम भागीदारी रहेगी। इस अवसर पर मुख्य अभियंता शैलेन्द्र सिंह ने भी अपने विचार रखते हुए हरियाणा सरकार की जल नीति 2026 का उल्लेख करते हुए कहा कि यह नीति गांव के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि इस योजना को पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर सबसे पहले उन गांव में लागु किया जायेगा, जो इसके लिए स्वयं आगे आएंगे। उन्होंने कहा कि इस योजना का विभाग के कर्मचारियों या विभाग की कार्यशैली पर कोई विपरीत असर नहीं पड़ेगा। इस अवसर पर ग्राम जल एवं सीवरेज कमेटी व संबंधित कार्यकारी अभियंता के बैंक खाते खोलने के बारे में इंडियन बैंक के मुख्य प्रबंधक महेन्द्र लोंगिया ने भी अपने विचार रखे स जिला झज्जर की ओर से अधीक्षक अभियंता अमित श्योकन्द ने अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए स्मृति चिन्ह भेंट किये। वहीं एस.ई अमित श्योकन्द ने कहा कि इस एक दिवसीय कार्यशाला की मेजबानी करने का झज्जर जिले को शौभाग्य मिला। इस तरह के कार्यक्रम योजनाओं के क्रियान्वयन में मार्गदर्शक की भूमिका अदा करते हैं। शुक्रवार को आयोजित हुई कार्यशाला में झज्जर जिले के अलावा सोनीपत, रोहतक, भिवानी, दादरी, महेन्द्रगढ़, पलवल, फरीदाबाद, मेवात, रेवाड़ी, गुड़गांव आदि सहित 8 सर्किल के करीब एक दर्जन जिलों के अधीक्षक अभियंता जिसमें संजीव दुहन एसई गुड़गांव, एसपी जोशी, सतीश राठी एसई रेवाड़ी, सुनील रंगा, शिवराज चैहान, दलबीर दलाल कार्यकारी अभियंता अश्वनी सांगवान, अमन मोर, राजेश कौशिक, जितेंद्र हुड़्डा, नवीन गोयत, अमित कुमार डबल्यूएसएसओ के जिला कंसलटेंट श्याम अहलावत, अशोक भाटी, सत्यनारायण नेहरा, संजय आदि व राष्ट्रीय आजीविका मिशन के जिला प्रोग्राम अधिकारी विनोद धनखड़, योगेश पाराशर आदि बीआरसी मीनू वत्स, सरला, प्रमिला, दिनेश सहित अनेक जिलों के बीआरसी व एसडीओ सहित अन्य स्टॉफ सदस्यों ने भाग लिया।

ॐ शांति’
अत्यंत दुःख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि इंडो- अमेरिकन वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, झज्जर के डारेक्टर बिजेन्द्र कादियान के पूज्य पिताजी ’बधावाराम जी’ का आज दिनांक 1 मई 2026 को शाम 5ः05 बजे स्वर्गवास हो गया है। जिनका अंतिम संस्कार शनिवार, दिनांक 2 मई 2026 को सुबह 9ः00 बजे गाँव सिवाना, झज्जर में संपन्न किया जाएगा।
शोकाकुल
कादियान परिवार

झज्जर स्थित लघु सचिवालय सभागार में शुक्रवार को आयोजित समाधान शिविर की साप्ताहिक समीक्षा करते डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल।

समाधान से हर शिकायतकर्ता की संतुष्टि प्रशासन का लक्ष्य: डीसी
समाधान शिविरों में प्राप्त कुल 5950 शिकायतों में से केवल 213 पेंडिंग
समाधान की एक्शन टेकन रिपोर्ट पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करें विभाग

झज्जर, 01 मई, अभीतक: डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने कहा कि समाधान शिविर जनता की समस्याओं के त्वरित निवारण के लिए सरकार की महत्वपूर्ण पहल है, इसलिए अधिकारियों को इसकी गंभीरता को समझते हुए हर शिकायत का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना होगा। डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल शुक्रवार को लघु सचिवालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित साप्ताहिक समाधान शिविर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस दौरान डीसीपी दीप्ति गर्ग भी उपस्थित रही। डीसी ने कहा कि शिविरों में प्राप्त हर शिकायत का गंभीरता से समाधान किया जाए और किसी भी स्तर पर उसे लंबित न रखा जाए। उन्होंने कहा कि समाधान की अद्यतन रिपोर्ट समाधान प्रकोष्ठ पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड की जाए, ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। बैठक में सीटीएम ने जानकारी देते हुए बताया कि अब तक समाधान शिविरों में प्राप्त कुल 5950 शिकायतों में से केवल 213 पेंडिंग है। डीसी ने कहा कि समाधान शिविरों का मुख्य उद्देश्य आमजन को त्वरित राहत पहुंचाना है। ऐसे में कोई भी विभागीय अधिकारी शिकायतों को लंबित न रखें और पूर्ण जांच के बाद ही समाधान दर्ज करें, जिससे बार-बार शिकायतों के री-ओपन होने की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि वर्तमान में री-ओपन हुई शिकायतों पर जल्द से जल्द आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीसी ने कहा कि समाधान प्रकोष्ठ पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की प्रत्येक शुक्रवार को मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा उच्चस्तरीय समीक्षा की जाती है। प्रदेश के मुख्यमंत्री जी स्वयं भी समय-समय पर शिविरों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं, जिससे शिकायतों के समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण को सुनिश्चित किया जा सके। इस दौरान सीईओ जिला परिषद मनीष फोगाट, सीटीएम रीतू बंसीवाल, डीआरओ मनबीर सिंह, डीडीपीओ निशा तंवर, एसीपी अनिरुद्ध चैहान, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी सुमित कुमार, सभी बीडीपीओ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे।

राजस्व कार्यों में पारदर्शिता व समयबद्धता सुनिश्चित करें अधिकारी: डीसी
डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने अधिकारियों की बैठक में की राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा

झज्जर, 01 मई, अभीतक: लघु सचिवालय सभागार में शुक्रवार को डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल की अध्यक्षता में राजस्व विभाग से जुड़ी सेवाओं को लेकर अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में डीआरओ मनवीर सांगवान ने राजस्व संबंधी सेवाओं की विस्तार से जानकारी प्रस्तुत की। डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने निर्देश दिए कि नामांतरण, जमाबंदी, सामाजिक सुरक्षा लाभार्थी जांच सहित सभी राजस्व सेवाओं का निस्तारण निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्वक किया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन को सुविधाजनक व पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना शासन- प्रशासन की प्राथमिकता है, इन कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।बैठक में फील्ड स्तर पर लंबित मामलों, भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण, ई-रजिस्ट्रेशन व्यवस्था, शिकायत निवारण तंत्र तथा अन्य महत्वपूर्ण राजस्व कार्यों की विभागवार समीक्षा की गई। डीसी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राजस्व सम्बन्धी कार्यों में गति लाई जाए एवं सभी लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाया जाए। इस अवसर पर एसडीएम बेरी रेणुका नांदल, एसडीएम बादली विशाल कुमार सहित सभी तहसीलदार व नायब तहसीलदार उपस्थित रहे।

आमजन की शिकायतों का तय समय में निवारण करे अधिकारी: डीसी
डीसी अभिषेक मीणा ने की समाधान शिविर में आने वाली शिकायतों की समीक्षा

रेवाड़ी, 01 मई, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समाधान शिविर में आने वाली शिकायतों का निवारण तय समय सीमा में पूर्ण करते हुए समाधान प्रकोष्ठ पोर्टल पर एटीआर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें। डीसी अभिषेक मीणा शुक्रवार को लघु सचिवालय सभागार में समाधान शिविर में आने वाली शिकायतों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दे रहे थे। बैठक से पहले हरियाणा के नगर योजनाकार एवं शहरी संपदा के अतिरिक्त मुख्य सचिव अपूर्वा कुमार सिंह ने प्रदेश के सभी उपायुक्तों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आवश्यक दिशा निर्देश दिए। डीसी अभिषेक मीणा ने अधिकारियों को कहा कि जिला व उपमंडल स्तर पर आयोजित किए जा रहे समाधान शिविर में नागरिकों की शिकायतों का प्राथमिकता से निदान करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिन विभागों की शिकायतें लंबित हैं उनका शीघ्र समाधान करें। इसके अलावा अधिकारी समाधान शिविर के पोर्टल की निरंतर मॉनिटरिंग करते हुए अपने-अपने विभागों से संबंधित शिकायतों का निवारण करते हुए पोर्टल पर दुरुस्त अवश्य करें। अधिकारी निर्धारित समय में ही शिकायतों का निवारण करें ताकि आमजन को सुविधा का लाभ मिल सके। डीसी अभिषेक मीणा ने निर्देश दिए कि अधिकारी समाधान शिविर में प्राप्त प्रत्येक शिकायत को अधिकारी अच्छे से जांच करके उस शिकायत का समाधान करें और इसकी रिपोर्ट भी भिजवाएं। उन्होंने कहा कि लंबित शिकायतों को जल्द से जल्द समाधान करके पूर्ण एटीआर के साथ पोर्टल पर भी अपडेट करें। अधिकारी हर शिकायत को गंभीरता से लेकर जल्द से जल्द उनका निवारण करें। इस अवसर पर एडीसी राहुल मोदी, एसडीएम सुरेश कुमार, सीटीएम जितेंद्र कुमार सहित विभागों के विभागाध्यक्ष मौजूद रहे।

डीसी अभिषेक मीणा।

मतदाता 10 मई को अपने-अपने बूथों पर अवश्य करें मतदान: डीसी
रेवाड़ी, 01 मई, अभीतक: जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि जिला रेवाड़ी में नगर परिषद रेवाड़ी, नगर पालिका धारूहेड़ा के आम चुनाव और पंचायती राज संस्थाओं के उप चुनाव के मद्देनजर 10 मई को मतदान करवाया जाएगा। मतदान रविवार, 10 मई 2026 को सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित किया जाएगा। यदि आवश्यकता हुई तो 12 मई को पुनर्मतदान करवाया जाएगा। डीसी अभिषेक मीणा ने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि 10 मई 2026 को आयोजित होने वाले चुनावों में प्रत्येक मतदाता अपने संबंधित बूथ पर पहुंच कर मतदान जरूर करें। उन्होंने कहा कि एक-एक मत लोकतंत्र की मजबूती तथा अपने क्षेत्र के विकास की दिशा तय करता है। उन्होंने कहा कि मतदाता बिना किसी भय या प्रलोभन के अपने मताधिकार का प्रयोग करें।

आमजन को डेंगू व मलेरिया से बचाव के लिए कदम उठाए: सीएमओ
सीएमओ डा. नरेंद्र दहिया ने ली जिला स्तरीय मलेरिया वर्किंग कमेटी की बैठक

रेवाड़ी, 01 मई, अभीतक: सिविल सर्जन डा. नरेंद्र दहिया की अध्यक्षता में शुक्रवार को लघु सचिवालय सभागार में जिला स्तरीय मलेरिया वर्किंग कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सीएमओ डा. नरेंद्र दहिया ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को आमजन को डेंगू व मलेरिया जैसी बीमारियों से बचाने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जलभराव एवं गंदगी से मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है, जिससे मच्छर जनित रोग जैसे डेंगू, मलेरिया आदि के संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में घर के आस-पास एवं घर के अन्दर मच्छरों के पनपने के स्थान या घरों के आस-पास होने वाले जल जमाव, गमले एवं पशु-पक्षियों के पानी पीने के पात्र एवं घरों की छतों पर रखी अनुपयोगी वस्तुओं का समुचित निस्तारण किया जाना अति आवश्यक है। डॉ नरेंद्र दहिया ने कहा कि सभी विभागाध्यक्ष अपने अधीन कार्यालयों में नोडल अधिकारी नियुक्त करें और अपने अधिकार क्षेत्र मे मच्छरों से बचाव, नियंत्रण व रोकथाम के लिए प्रत्येक सप्ताह ड्राई-डे मनाए और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी मच्छर रोधी ऐक्टिविटी में सहयोग करें। ग्रामीण क्षेत्र में फॉगिंग के लिए खण्ड विकास एवं पंचायत विभाग व शहरी क्षेत्र में नगर परिषदध्नगर पालिका से संपर्क करें। शिक्षा विभाग बच्चों को मॉर्निंग असेम्बली में मच्छर जनित बीमारियों जैसे मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया से बचाव, रोकथाम व नियंत्रण के बारे में जागरूक करें। उन्होंने कहा कि जहां भी मच्छर का लार्वा पाया जाता है, वहां म्चपकमउपब ।बज के तहत नोटिस व चालान भी करें।
मलेरिया व डेंगू से बचाव के लिए सजग व सतर्क रहने की जरूरत: सीएमओ
डा. नरेंद्र दहिया ने कहा कि आमजन को डेंगू व मलेरिया आदि से बचाव के लिए सजग व सतर्क रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि डेंगू का मच्छर साफ पानी में ही पनपता है। उन्होंने आमजन से आह्वड्ढान किया कि वे अपने घरों के आस पास पानी इकऋा न होने दें व घर में जो पानी एकत्रित किया हुआ है उसको ढककर रखें। उन्होंने अपील की है कि मच्छरों से बचने के लिए पूरे कपड़े पहने एवं सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें। बैठक में जिला मलेरिया अधिकारी डा. जोगेन्द्र सिंह तंवर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

जीव दया भाईचारा संगठन ने जरूरतमंद बेटी की शादी में किया सहयोग, समाज को दिया सेवा का संदेश
चरखी दादरी, 01 मई, अभीतक: जीव दया भाईचारा संगठन, सेहलगां (झज्जर) के तत्वावधान में सर्वजातीय सहयोग से चरखी दादरी की महेन्द्रगढ़ चुंगी स्थित झुग्गी झोपड़ी में निवास कर रहे गरीब परिवार की एक जरूरतमंद एवं बिना पिता वाली बेटी की शादी में आवश्यक घरेलू व वैवाहिक सामान प्रदान कर कन्यादान किया गया। इस सराहनीय पहल से जहां परिवार को बड़ी राहत मिली, वहीं उनके चेहरों पर खुशी साफ झलकती नजर आई। परिवार के सदस्यों ने संगठन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सभी सहयोगियों को “राम-राम” कहा और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने भावुक होकर कहा कि समाज में ऐसे सेवा कार्य करने वाले लोग ही सच्चे अर्थों में मानवता का उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। संगठन के प्रधान श्याम सुंदर भारद्वाज सेहलंगा, झज्जर ने बताया कि बेटी की शादी में बैड, गद्दा, बैडशीट, तकिया, संदूक, अलमारी, सिलाई मशीन, प्रेस, कुर्सियां, टेबल, चैकी-पाटड़ी, सोने की लोंग, चांदी की पाजेब, चप्पल, 11 सूट, दो जोड़ी पैंट-शर्ट, 11 बर्तन, एक बर्तन सेट तथा 1100 रुपये नकद कन्यादान के रूप में दिए गए। इस दौरान भावुक हुई बेटी ने कहा कि उसे उम्मीद नहीं थी कि शादी में इतना सहयोग मिलेगा। संगठन द्वारा दिए गए इस सहयोग से वह बेहद खुश है और इसे वह जीवनभर याद रखेगी। कार्यक्रम में राजेश महराणा, बलवान डागर सेहलंगा, राहुल कमोद, सविता जांगड़ा मालियावास, जेपी पत्रकार बिहरोड़, भीम शर्मा व सोमबीर पघांल सासरोली, शीतल चरखी दादरी, विजय यादव सुनहरेटी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर संगठन पदाधिकारियों ने समाज के सभी वर्गों से आह्वान किया कि वे जरूरतमंद बहन-बेटियों की सहायता के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि ऐसे छोटे-छोटे प्रयास किसी के जीवन में बड़ी खुशियां ला सकते हैं और समाज में भाईचारे व मानवता की भावना को मजबूत करते हैं।

बुनियाद कार्यक्रम से सुदृढ़ होगी विद्यार्थियों की शैक्षिक नींव
रा.व.मा.वि. रेवाड़ी में काउंसलिंग सत्र का सफल आयोजन

रेवाड़ी, 01 मई, अभीतक: राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, रेवाड़ी में आज शिक्षा विभाग के महत्वाकांक्षी श्बुनियादश् कार्यक्रम के अंतर्गत नवीन सत्र के दाखिलों हेतु एक विशेष काउंसलिंग सत्र का आयोजन किया गया। विद्यालय प्राचार्य विनोद कुमार यादव एवं डी.एस.एस. रीनू यादव के मार्गदर्शन में आयोजित इस सत्र का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और अभिभावकों को श्बुनियादश् कार्यक्रम के लाभों एवं भविष्य की संभावनाओं से अवगत कराना रहा।
सहयोगात्मक टीम और मार्गदर्शन
दाखिला प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए विद्यालय प्राचार्य विनोद यादव,डी.एस.एस. रीनू यादव, विद्यालय बुनियाद कॉर्डिनेटर विकास, जितेन्द्र दखोरा, सुभाष,राजेश यादव ,कार्यालय लिपिक अशोक बेरवाल और शिक्षाविद मनोज वशिष्ठ ने सक्रिय भूमिका निभाई। टीम के सदस्यों ने एडमिशन लेने आए विद्यार्थियों के दस्तावेजों की जाँच करने के साथ-साथ अभिभावकों की शंकाओं का समाधान कर उनका पूर्ण सहयोग किया।
प्रमुख व्यक्तित्वों के आधिकारिक वर्जन
प्राचार्य विनोद कुमार यादवः बुनियाद कार्यक्रम सरकारी स्कूलों के होनहार विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने का एक स्वर्णिम मंच है। हमारा विद्यालय यह सुनिश्चित कर रहा है कि प्रत्येक पात्र विद्यार्थी को इस योजना का लाभ मिले ताकि वे भविष्य में आईआईटी और मेडिकल जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों की राह आसान कर सकें।
डी.एस.एस. रीनू यादवः
बुनियाद कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभा को सही दिशा और विशेषज्ञ मार्गदर्शन मिलता है। आज की काउंसलिंग में अभिभावकों का भारी उत्साह यह दर्शाता है कि वे अब अपने बच्चों के करियर को लेकर जागरूक हैं। हमारा उद्देश्य प्रक्रिया को पारदर्शी और विद्यार्थी-अनुकूल बनाना है।
शिक्षाविद मनोज वशिष्ठः
किसी भी भव्य इमारत की मजबूती उसकी श्बुनियादश् पर टिकी होती है। शिक्षा विभाग की यह योजना भी विद्यार्थियों के बौद्धिक और तार्किक विकास की वही आधारशिला है। यहाँ से शिक्षित और प्रशिक्षित होने वाले बच्चे न केवल रेवाड़ी का, बल्कि पूरे प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। आज की काउंसलिंग में जिस प्रकार स्टाफ ने अभिभावकों का सहयोग किया, वह विद्यालय की टीम भावना का उत्कृष्ट उदाहरण है।
अभिभावकों में दिखा उत्साह
काउंसलिंग सत्र के दौरान भारी संख्या में अभिभावक अपने बच्चों के साथ विद्यालय पहुँचे। विद्यालय प्रशासन द्वारा की गई सुव्यवस्थित व्यवस्था और शिक्षकों के सहयोगात्मक व्यवहार की अभिभावकों ने विशेष रूप से सराहना की।

नूंह में विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य व कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर राज्यपाल ने दिया बल
आमजन की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी एवं संवेदनशील समाधान सुनिश्चित करना हो प्रशासन का उद्देश्य – प्रो असीम कुमार घोष
समन्वित प्रयासों से नूंह जिले को विकास के शिखर तक पहुंचाना हो अधिकारियों का उद्देश्य

चंडीगढ़, 01 मई, अभीतक: हरियाणा के राज्यपाल प्रो असीम कुमार घोष ने जिला नूंह के लघु सचिवालय स्थित सभागार में प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग तथा पुलिस विभाग के अधिकारियों के साथ विभिन्न विकासात्मक एवं जनहित से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान उन्होंने जिले के समग्र विकास के लिए ठोस एवं समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। राज्यपाल ने कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी एवं संवेदनशील समाधान सुनिश्चित करना होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि जो भी नागरिक अपनी समस्याओं के साथ प्रशासन के पास आते हैं, उन्हें उचित सुनवाई और संतोषजनक समाधान मिले, जिससे जनता और प्रशासन के बीच विश्वास और अधिक मजबूत हो सके। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग करने और कार्यों की वास्तविक स्थिति का आकलन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने जिले के आधारभूत ढांचे जैसे सरकारी कार्यालयों, स्वास्थ्य सेवाओं और शैक्षणिक संस्थानों को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता जताई। राज्यपाल ने कहा कि सरकारी भवन केवल ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं होते, बल्कि यह सरकार और जनता के संयुक्त प्रयासों का प्रतीक हैं। इन संस्थानों में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों को सकारात्मक कार्य वातावरण बनाए रखते हुए आमजन के साथ बेहतर संवाद स्थापित करना चाहिए। शिक्षा के क्षेत्र पर विशेष ध्यान देते हुए राज्यपाल ने कहा कि विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शिक्षकों की पर्याप्त उपलब्धता तथा विद्यार्थियों में अंग्रेजी एवं आधुनिक विषयों की दक्षता विकसित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्कूलों में बढ़ती ड्रॉपआउट दर को गंभीर विषय बताते हुए इसे प्राथमिकता के आधार पर कम करने के निर्देश दिए। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को उच्च शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर बल दिया। उन्होंने महिलाओं की शिक्षा एवं उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए भी ठोस कदम उठाने की आवश्यकता जताई। स्वास्थ्य सेवाओं के संदर्भ में राज्यपाल ने अस्पतालों में सुविधाओं के विस्तार, डॉक्टरों एवं स्टाफ की उपलब्धता तथा आपातकालीन सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाने पर बल दिया। उन्होंने पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि दोनों विभाग जिले के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए पुलिस अधिकारियों को शांति, स्थिरता एवं जनविश्वास कायम रखने के निर्देश दिए गए। राज्यपाल ने युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में आईटी सेक्टर, शिक्षा हब तथा खेल सुविधाओं के विकास पर बल देते हुए कहा कि कौशल विकास और रोजगार सृजन के माध्यम से जिले के युवाओं को नई दिशा प्रदान की जा सकती है। समन्वित प्रयासों से नूंह जिले को विकास के नए आयामों तक पहुंचाया जा सकता है। बैठक के दौरान उपायुक्त एवं अन्य संबंधित अधिकारियों ने जिले में चल रही विभिन्न योजनाओं एवं गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रदान की । साथ ही शिक्षाविदों और विशेषज्ञों ने भी अपने सुझाव प्रस्तुत किए, जिन पर राज्यपाल ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए शीघ्र क्रियान्वयन के निर्देश दिए। कार्यक्रम के अंत में राज्यपाल प्रो असीम कुमार घोष ने सभी अधिकारियों से टीम भावना के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि निरंतर प्रयासों और बेहतर समन्वय से ही जिले का सर्वांगीण विकास संभव है तथा आमजन के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार लाया जा सकता है। इससे पहले राज्यपाल ने लघु सचिवालय की द्वितीय मंजिल पर स्थित सभागार का नवीनीकरण उपरांत उद्ड्ढघाटन किया। इससे पहले राज्यपाल प्रो असीम कुमार घोष का जिला नूंह में आगमन पर सर्किट हाउस में उनके सम्मान में पुलिस की टुकड़ी ने सलामी के साथ गार्ड ऑफ आॅनर दिया गया तथा जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर जिला उपायुक्त अखिल पिलानी ने राज्यपाल का स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया, जबकि अतिरिक्त उपायुक्त ज्योति ने राज्यपाल की धर्मपत्नी श्रीमती मित्रा घोष का सम्मान स्वरूप शॉल भेंट कर अभिनंदन किया। कार्यक्रम में राज्यपाल हरियाणा के सचिव विजय कुमार भाविकट्टी व एडीसी धीरज सेतिया, पुलिस अधीक्षक अर्पित जैन, अतिरिक्त उपायुक्त ज्योति, एएसपी शशि शेखर, डीएमसी दलबीर सिंह, एसडीएम नूंह कुंवर आदित्य विक्रम, एसडीएम फिरोजपुर झिरका लक्ष्मी नारायण, एसडीएम तावड़ू जितेन्द्र कुमार, एसडीएम पुन्हाना अमित गुलिया, मेडिकल कॉलेज नल्लहड़ के निदेशक डॉ. मुकेश कुमार, सिविल सर्जन डॉ. संदीप मेहता सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
शुक्रवार को जिला नूंह के गांव घासेड़ा में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का दौरा करते हुए हरियाणा के राज्यपाल प्रोफेसर असीम घोष।

बच्चों का समग्र विकास अभिभावकों व शिक्षकों के संयुक्त प्रयासों से संभव: राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष
राज्यपाल ने राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल नूंह-2 व पीएमश्री राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, फिरोजपुर नमक का दौरा कर विभिन्न व्यवस्थाओं का किया निरीक्षण
दोनों स्कूलों में विद्यार्थियों की विभिन्न सुविधाओं के लिए 10-10 लाख रुपए की राशि देने की घोषणा की

चंडीगढ़, 01 मई, अभीतक: हरियाणा के राज्यपाल प्रो असीम कुमार घोष ने आज जिला नूंह शहर के राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल नूंह-2 व गांव फिरोजपुर नमक स्थित पीएमश्री राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल का दौरा किया। राज्यपाल ने इन स्कूलों में शिक्षा, पेयजल, साफ-सफाई, बिजली सहित सभी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इसके साथ ही उन्होंने इन स्कूलों की प्राइमरी विंग के क्लासरूम में जाकर बच्चों से सीधा संवाद किया। राज्यपाल ने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने तथा जीवन में अच्छा नागरिक बनने के लिए भी विशेष रूप से प्रेरित किया। राज्यपाल प्रो असीम कुमार घोष ने स्कूल की विजिट करने के बाद कार्यक्रम में मौजूद अभिभावकों एवं विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों का समग्र विकास तभी संभव है, जब अभिभावक और शिक्षक मिलकर अपनी जिम्मेदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास में खेल, स्वास्थ्य, अनुशासन और नैतिक मूल्यों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। राज्यपाल ने कहा कि स्कूलों में बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है, जिसमें स्वच्छ पानी, शौचालय और खेल सामग्री प्रमुख हैं। उन्होंने बताया कि इन सुविधाओं के विकास के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है और इस दिशा में विशेष बजट भी उपलब्ध कराया जा रहा है। इस अवसर पर राज्यपाल ने दोनों स्कूलों में विद्यार्थियों की विभिन्न सुविधाओं के लिए 10-10 लाख रुपए की राशि देने की भी घोषणा की। प्रो असीम कुमार घोष ने कार्यक्रम में अभिभावकों से आह्वान किया कि वे बच्चों को पर्याप्त समय दें और उनकी पढ़ाई के साथ-साथ उनके व्यवहार और रुचियों पर भी ध्यान दें। बच्चों को डांटे नहीं, उन्हें जो भी सिखाया जाए, वह प्यार व दुलार के साथ सिखाया जाए। प्यार-दुलार के साथ बच्चे जल्दी सीखते भी हैं और उनके व्यवहार में भी सकारात्मक बदलाव आता है। उन्होंने कहा कि कई बार बच्चे अपनी समस्याएं साझा नहीं कर पाते, इसलिए अभिभावकों को उनके साथ संवाद बनाए रखना चाहिए। अभिभावक बच्चों को अपना मित्र बनाएं। प्रो घोष ने शिक्षकों की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान देने वाले नहीं, बल्कि बच्चों के मार्गदर्शक और प्रेरणा स्रोत भी होते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को चाहिए कि वे बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास और देशभक्ति की भावना विकसित करें। राज्यपाल ने कहा कि बच्चों को सही दिशा देने के लिए अभिभावकों और शिक्षकों के बीच बेहतर तालमेल होना बेहद जरूरी है। उन्होंने विश्वास जताया कि संयुक्त प्रयासों से बच्चों का भविष्य उज्ज्वल बनाया जा सकता है और वे देश के जिम्मेदार नागरिक बनेंगे। इस मौके पर उनके साथ उनकी धर्मपत्नी मित्रा घोष, वक्फ बोर्ड के प्रशासक जाकिर हुसैन, राज्यपाल हरियाणा के सचिव विजय कुमार भाविकट्टी व एडीसी धीरज सेतिया, उपायुक्त अखिल पिलानी, पुलिस अधीक्षक अर्पित जैन, अतिरिक्त उपायुक्त ज्योति, डीएमसी दलबीर सिंह, एसडीएम नूंह कुंवर आदित्य विक्रम, जिला शिक्षा अधिकारी राजेंद्र शर्मा, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेंद्र सारवान, सिविल सर्जन डॉ. संदीप मेहता सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
शुक्रवार को जिला नूंह शहर के राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल नूंह – 2 में बच्चों को चॉकलेट देकर दुलारते हुए हरियाणा के राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष।

स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने पर रखें विशेष फोकस – राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष
राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने पीएचसी घासेड़ा का किया निरीक्षण
मरीजों को बेहतर सुविधाएं और समयबद्ध उपचार सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
राज्यपाल व उनकी धर्मपत्नी मित्रा घोष ने पीएचसी प्रांगण में किया पौधारोपण

चंडीगढ़, 01 मई, अभीतक: हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने आज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र घासेड़ा का दौरा कर स्वास्थ्य सेवाओं संबंधी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने चिकित्सा सुविधाओं, दवाओं की उपलब्धता, पीएचसी में साफ-सफाई तथा मरीजों को दी जा रही सेवाओं की गुणवत्ता का भी निरीक्षण किया। इस दौरान राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष व उनकी धर्मपत्नी मित्रा घोष ने पीएचसी प्रांगण में पौधारोपण किया। राज्यपाल ने इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आने वाले मरीजों को बेहतर सुविधाएं एवं समयबद्ध उपचार का लाभ देना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही न की जाए। प्रो. घोष ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे सभी अस्पतालों में आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखें तथा चिकित्सा स्टाफ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी संवेदनशीलता और समर्पण के साथ करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि केंद्र में साफ-सफाई और स्वच्छ वातावरण बनाए रखना सुनिश्चित किया जाए ताकि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। राज्यपाल ने पीएचसी में मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर उनकी समस्याएं भी जानीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए। इस दौरान उन्होंने पीएचसी में पेयजल, साफ-सफाई सहित अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस मौके पर राज्यपाल हरियाणा के सचिव विजय कुमार भाविकट्टी व एडीसी धीरज सेतिया, उपायुक्त अखिल पिलानी, पुलिस अधीक्षक अर्पित जैन, अतिरिक्त उपायुक्त ज्योति, सिविल सर्जन डॉ. संदीप मेहता, उप सिविल सर्जन डा. आशीष गोयल सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
शुक्रवार को जिला नूंह के गांव घासेड़ा में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पौधारोपण करते हुए हरियाणा के राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष।

23 शोधार्थी पीएचडी डिग्री के पात्र घोषित
रोहतक, 01 मई, अभीतक: महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू), के कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने परीक्षकों के बोर्ड और शोध समिति की अनुशंसा पर 23 शोधार्थियों को पीएचडी डिग्री के लिए पात्र घोषित किया है। परीक्षा नियंत्रक प्रो. राहुल ऋषि ने बताया कि पीएचडी डिग्री के लिए पात्र घोषित शोधार्थी हैं- अंग्रेजी विभाग से मोनिका अहलावत और अंजलि, हिंदी से सुमन, पॉलिटिकल साइंस से पूजा देवी, भूगोल से मोनिका, मैकेनिकल इंजीनियरिंग से सुखबीर, बायोटेक्नोलॉजी इंजीनियरिंग से प्रीति कौशिक, कंप्यूटर साइंस से स्वाति गुप्ता तथा केमिस्ट्री से रिया और पूनम देवी, विधि से अर्जुन देसवाल, सुमन लता, अपर्णा, सुयशा जावा, नरेंद्र सिंह, श्रेयांश और कीर्ति, प्रबंधन से पूजा, कॉमर्स से प्रियंका आहूजा, बॉटनी से ज्योति यादव, फूड टेक्नोलॉजी से प्रीति, बायोकेमिस्ट्री से लकी दुहन, शिक्षा विभाग से बसंत लाल यादव।
सोलो डांस प्रतियोगिता में निकिता, अजय और करिश्मा ने मारी बाजी
इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय मीरपुर, रेवाड़ी के प्रबंधन विभाग द्वारा विश्व नृत्य दिवस के उपलक्ष्य में सोलो डांस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रोफेसर रितु बजाज ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विश्व नृत्य दिवस (ॅवतसक क्ंदबम क्ंल) हर वर्ष 29 अप्रैल को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य नृत्य कला को बढ़ावा देना, इसके महत्व को समझाना तथा सांस्कृतिक सीमाओं से परे लोगों को एकजुट करना है। यह दिन आधुनिक बैले के जनक जीन-जॉर्जेस नोवेरे (श्रमंद-ळमवतहमे छवअमततम) की जयंती के रूप में 1982 से मनाया जा रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी और कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से छात्रों में प्रबंधकीय कौशल के साथ-साथ कला के प्रति समझ भी विकसित होती है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं निर्णायक मंडल के रूप में नृत्य निर्देशक सागर सैनी, थिएटर कलाकार मनीष शर्मा, डॉ. अनीता यादव एवं प्रो. अदिति शर्मा उपस्थित रहे। इस अवसर पर डॉ. सुशांत यादव ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि विश्वविद्यालय की डांस टीम ने राष्ट्रीय स्तर पर कई उपलब्धियां हासिल की हैं, जिनमें ।प्न् छंजपवदंस ल्वनजी थ्मेजपअंस में कांस्य पदक प्रमुख है। उन्होंने यह भी बताया कि इस टीम को सागर सैनी द्वारा प्रशिक्षित किया गया है। प्रतियोगिता में एम.एससी. भूगोल की छात्रा निकिता ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि एमबीए अंतिम वर्ष के छात्र अजय दूसरे स्थान पर रहे। वहीं एमबीए प्रथम वर्ष की छात्रा करिश्मा ने तृतीय स्थान हासिल किया। इस अवसर पर वाणिज्य एवं प्रबंधन संकाय की डीन एवं निदेशक, युवा कल्याण प्रो. अदिति शर्मा ने भी विभाग के सभी अध्यापकों एवं विद्यार्थियों को इस आयोजन के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाला प्रत्येक छात्र विजेता होता है, क्योंकि कला से जुड़ने से हर व्यक्ति कुछ नया सीखता है। कार्यक्रम के अंत में सभी विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। मंच संचालन विनिता एवं वैश्नवी द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रो. समृद्धि, डॉ. कुसुम यादव, डॉ. भारती, डॉ. जसविंदर सिंह, डॉ. सुशांत यादव, डॉ. सुरेंद्र, डॉ. देवेश अग्रवाल, डॉ. कंवर सिंह सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं शोधार्थी उपस्थित रहे।

हरियाणा के राज्यपाल ने पाठ्यक्रम को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप बनाने का किया आह्वान
छात्र नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें दृ प्रो. असीम कुमार घोष

चंडीगढ़, 01 मई, अभीतक: हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने राज्य के शैक्षणिक संस्थानों से अपने पाठ्यक्रमों को उद्योग की आवश्यकताओं और उभरती तकनीकों के अनुरूप ढालने का आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल विद्वान तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसे नवप्रवर्तक और उद्यमी विकसित करना होना चाहिए, जो हरियाणा के परिवर्तन को गति दें। उन्होंने कहा कि हमारे छात्र नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें। राज्यपाल आज पंचकूला में ‘स्टेट सपोर्ट मिशन’ और ‘स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट’द्वारा आयोजित एक उच्च-स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य हरियाणा में औद्योगिक नवाचार को सुदृढ़ करना, राज्य की विरासत का संरक्षण करना तथा शिक्षा प्रशासन में सुधार लाने हेतु प्रमुख रणनीतिक पहलों को प्रस्तुत करना था। इस अवसर पर हरियाणा की प्रथम महिला श्रीमती मित्रा घोष भी उपस्थित रहीं। अपने संबोधन में प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि हरियाणा में एक अग्रणी ज्ञान और नवाचार केंद्र के रूप में उभरने की अपार संभावनाएं हैं, और इस प्रकार की पहलें उस दिशा में मजबूत आधार तैयार करती हैं। उन्होंने कहा कि “समर्थ हरियाणा” केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक मार्गदर्शक दर्शन है, जिसका उद्देश्य नवाचार, सहयोग और ज्ञान-आधारित प्रशासन के माध्यम से आकांक्षाओं को उपलब्धियों में परिवर्तित करना है। उन्होंने कहा कि प्रगति अलग-थलग प्रयासों से नहीं, बल्कि सामूहिक सहयोग से हासिल होती है। राज्यपाल ने नीति, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और उद्योग के बीच समन्वित प्रयासों का आह्वान करते हुए एक सशक्त “समर्थ हरियाणा” के निर्माण पर बल दिया। उन्होंने ‘स्टेट सपोर्ट मिशन’ और स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट को दूरदर्शी पहलों की संकल्पना और उनके सफल क्रियान्वयन के लिए बधाई दी, जो नवाचार को बढ़ावा देने, प्रशासन को सुदृढ़ करने और समावेशी व सतत विकास के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में सहायक हैं। कार्यक्रम के दौरान ‘राष्ट्रीय शिक्षा मूल्यांकन एवं सत्यापन’ (एनइइवी) पोर्टल का लाइव प्रदर्शन किया गया। यह पोर्टल ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति’ 2020 के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए एक व्यापक, डेटा-आधारित मंच है। इसके माध्यम से उच्च शिक्षा संस्थानों में वास्तविक समय में डेटा संकलन, प्रदर्शन मानकीकरण और विश्लेषण-आधारित निर्णय लेने की सुविधा उपलब्ध होती है, जिससे शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रशासनिक दक्षता में सुधार होता है। कार्यक्रम की शुरुआत में स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट के महानिदेशक डॉ. राज नेहरू ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया तथा संस्थान की गतिविधियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह संस्थान प्रौद्योगिकी और सहयोग के माध्यम से उद्योग, शिक्षा जगत, विरासत संरक्षण और शिक्षा प्रशासन को एकीकृत कर समावेशी विकास के लिए एक बेहतर मॉडल विकसित कर रहा है। इस अवसर पर हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. के.सी. शर्मा, उच्च शिक्षा के महानिदेशक एस. नारायणन, राज्यपाल के एडीसी धीरज कुमार, पंजाब विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. रेणु विग सहित कई कुलपति, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

स्वस्थ हरियाणा ही विकसित हरियाणा की आधारशिला: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर बड़ा निवेश, 2014 से 298 प्रतिशत बढ़ा स्वास्थ्य बजट
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र की अनुकरणीय पहलों पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन को किया संबोधित

चंडीगढ़, 01 मई, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि श्स्वस्थ हरियाणा ही विकसित हरियाणा की आधारशिला है।श् इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और विस्तार के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। चालू वित्त वर्ष के बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए पिछले वर्ष की तुलना में 32.89 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी करते हुए लगभग 14 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह वृद्धि प्रदेश के नागरिकों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार की प्राथमिकता को दर्शाती है। जबकि वर्ष 2014 में प्रदेश का स्वास्थ्य बजट 2,646 करोड़ रुपये था, जिसे वर्ष 2025-26 में बढ़ाकर 10,500 करोड़ रुपये कर दिया गया। इस प्रकार पिछले वर्षों में स्वास्थ्य बजट में लगभग 298 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री वीरवार को चंडीगढ़ में स्वास्थ्य क्षेत्र की अनुकरणीय पहलों पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। सम्मेलन में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह अवसर देश के सार्वजनिक स्वास्थ्य तंत्र के भविष्य को दिशा देने वाला एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। दो दिन तक इस क्षेत्र में देशभर में की जा रही श्रेष्ठ व अनुकरणीय पहलों को साझा किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह सम्मेलन देश के स्वास्थ्य क्षेत्र की श्रेष्ठ सेवाओं और नवाचारों को प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण मंच सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने मरीजों के परिजनों को प्रशिक्षित करने के लिए श्केयर कम्पैनियन प्रोग्रामश् चलाया है। इस प्रोग्राम के माध्यम से 188 केंद्रों में मरीजों के परिजनों को प्रशिक्षित किया है। उन्हें व्हाट्सएप-आधारित श्मोबाइल केयर सर्विसश् से भी जोड़ा है। डिजिटल हेल्थ (ई-संजीवनी) कार्यक्रम में आयुष्मान आरोग्य मंदिर अब प्रतिदिन 2,200 से अधिक टेली-परामर्श कर रहे हैं। वे ग्रामीण मरीजों को सीधे पी.जी.आई., चंडीगढ़ जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों से परामर्श दिलाते हैं। न्-ॅप्छ और मटप्छ जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म द्वारा टीकाकरण और वैक्सीन की सप्लाई चेन को पूरी तरह डिजिटल कर दिया है। इससे शत-प्रतिशत टीकाकरण कवरेज सुनिश्चित हो रही है।
हर जिले में मेडिकल कॉलेज का लक्ष्य, डठठै सीटें 700 से बढ़कर 2710
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में डॉक्टरों और स्टाफ की कमी को पूरा करने के लिए सरकार ने हर जिले में एक नया मेडिकल कॉलेज खोलने का संकल्प लिया। वर्ष 2014 में प्रदेश में केवल 6 मेडिकल कॉलेज थे। अब इनकी संख्या 17 हो चुकी है। एम.बी.बी.एस. की सीटें 700 से बढ़कर 2,710 हो गई हैं। इसी तरह, नर्सिंग, फिजियथैरेपी व पैरामेडिकल में शिक्षा का विस्तार किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने केवल स्वास्थ्य संस्थानों की संख्या ही नहीं बढ़ाई, बल्कि उनकी गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया है। राज्य के 1,479 स्वास्थ्य संस्थान राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानकों के अंतर्गत प्रमाणित हो चुके हैं। सरकार का लक्ष्य है कि हर नागरिक को विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उसके नजदीक ही उपलब्ध हों। इतना ही नहीं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी हरियाणा ने उल्लेखनीय प्रगति की है। प्रत्येक जिला अस्पताल में आधुनिक मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य विंग स्थापित करने का काम तेजी से हो रहा है। आज राज्य में संस्थागत प्रसव दर 98.80 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। इससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में भी उल्लेखनीय कमी आई है। इसी तरह प्रदेश में पूर्ण टीकाकरण दर 105 प्रतिशत हो चुकी है।
निरोगी हरियाणा’ के तहत 1 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग, 5.86 करोड़ मुफ्त टेस्ट
उन्होंने कहा कि निरोगी हरियाणाश् जैसी पहल के माध्यम से हर नागरिक के स्वास्थ्य की जांच सुनिश्चित की जा रही है। अब तक अंत्योदय परिवारों के लगभग 1 करोड़ नागरिकों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है और 5.86 करोड़ से अधिक लैब टेस्ट मुफ्त किए गए हैं। इससे बीमारियों का समय रहते पता लगाकर उनका उपचार संभव हो पाया है। प्रदेश में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 550 एम्बुलेंस का नेटवर्क स्थापित किया है। यह डायल-112 से जुड़ा हुआ है। किसी भी आपातकालीन स्थिति में फोन आते ही 9 से 10 मिनट में एंबुलेंस वहां पहुंच जाती है। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में सी.टी. स्कैन तथा एम.आर.आई. सेवाएं उपलब्ध करवाने का काम भी तेजी से किया जा रहा है। इस समय 18 जिला नागरिक अस्पतालों में सी.टी. स्कैन सेवाएं, 7 जिला नागरिक अस्पतालों में एम. आर.आई. सेवाएं दी जा रही हैं। प्रदेश के 22 नागरिक अस्पतालों में मुफ्त हेमो डायलिसिस सेवाएं भी उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त हेमो डायलिसिस सेवाएं 18 अन्य स्वास्थ्य संस्थाओं पर उपलब्ध करवाई जाएगी। इसी तरह, 4 केंद्रों में कैथ लैब और कार्डियक केयर यूनिट चल रही हैं। ये 6 अन्य स्वास्थ्य संस्थाओं में उपलब्ध करवाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि गरीब नागरिकों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत- जन-आरोग्य योजना के तहत प्रदेश में 3 लाख रुपये वार्षिक आय तक के परिवारों को शामिल करते हुए आयुष्मान-चिरायु योजना चलाई गई है। इससे प्रदेश की आधी से अधिक आबादी को अब 5 लाख रुपये सालाना तक मुफ्त इलाज मिल रहा है। जिला स्तर पर डे केयर कैंसर सेंटर स्थापित किए हैं। इनमें मरीजों को मुफ्त इलाज दिया जा रहा है। इसके अलावा, कैंसर के मरीजों को मुफ्त यात्रा सुविधा और आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही हैं।
बीमारी से पहले बचाव’पर जोर, योग और खेल संस्कृति को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल इलाज कर देना ही अच्छी स्वास्थ्य सेवा नहीं कही जा सकती। अच्छी स्वास्थ्य सेवा वह है, जिसमें व्यक्ति को बीमार ही न होने दिया जाए। इसके लिए स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञों को जन-जागरूकता अभियान में शामिल होना होगा। लोग स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होंगे तो बीमारियां कम होंगी। हरियाणा में इसके लिए गांव-गांव योग एवं व्यायामशालाएं खोलने और पूरे प्रदेश में खेल संस्कृति विकसित करने का काम किया है। उन्होंने आह्वान किया कि मिलकर एक ऐसे भारत का निर्माण करना हैं, जहां हर नागरिक स्वस्थ हो, हर परिवार सुरक्षित हो और हर राज्य प्रगति के पथ पर अग्रसर हो और स्वस्थ भारत, सशक्त भारत का संकल्प साकार हो। इस अवसर पर हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव, स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा सहित केंद्र सरकार के अलावा विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने अंतरराष्ट्रीय श्रम दिवस पर कानूनी जागरुकता कार्यकमों का आयोजन किया
झज्जर, 01 मई, अभीतक: हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण तत्वाधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर के चेयरमैन जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री राजकुमार यादव के कुशल मार्गदर्शन मे सचिव एवं सीजेएम श्री विशाल के आदेश अनुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर द्वारा जिला झज्जर में कानूनी जागरुकता कार्यकमों का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर की तरफ से बहादुरगढ़, झज्जर , बादली मे कानूनी जागरुकता कार्यकमों का आयोजन किया गया।इस कड़ी में गांव बेरी की अनाज मंडी में कानूनी जागरुकता शिविर का आयोजन किया। कैंप में पैरा लीगल वालंटियर सरोज ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय श्रम दिवस 1 में को मनाया जाता है विश्व भर के श्रमिकों की कड़ी मेहनत समर्पण और आर्थिक समृद्धि और राष्ट्र निर्माण में उनके महत्वपूर्ण योगदान को सम्मानित करता है। बताया कि ई श्रम कार्ड, मजदूर पंजीकरण,और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा मुफ्त कानूनी सहायता के बारे मे विस्तार से जानकारी दी। और नालसा टोल फ्री नंबर 15100 के बारे मे जानकारी दी। झज्जर में पैरा लीगल वालंटियर शिवधन, बहादुरगढ़ में नीता देवी, बादली में नेहा रानी ने श्रमिकों के अधिकारों के बारे मे विस्तार से जानकारी दी।

हिट एंड रन मामलों के संबंध में हुई बैठक
झज्जर, 01 मई, अभीतक: जिला एवं सत्र न्यायाधीश झज्जर राजकुमार यादव के मार्गदर्शन में तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर के सचिव एवं सीजेएम विशाल के निर्देशन मे हिट एंड रन मामलों के संबंध मे एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक के दौरान सचिव एवं सीजेएम श्री विशाल द्वारा हिट एंड रन मामलों की समीक्षा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए। इस बैठक मे उपमंडल अधिकारी (ना) व पुलिस विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर के सचिव एवं सीजेएम ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से 9 मई को न्यायिक परिसर झज्जर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा परिवादी इस नेशनल लोक अदालत मे सुलह व समझौते के लिए स्वयं या अपने अधिवक्ता के माध्यम से अपने केसों का निस्तारण करा सकते हैं राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंक लोन से संबंधित मामले, मोटर एक्सीडेंट, एनआई एक्ट ,फौजदारी, रेवेन्यू वैवाहिक विवाद का निपटारा किया जाएगा ।

झज्जर में ग्रीन बेल्ट में मजदूर दिवस का आयोजन किया गया
झज्जर, 01 मई, अभीतक: झज्जर में ग्रीन बेल्ट में मजदूर दिवस का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता एसकेएस के जिला प्रधान रामबीर, सीटू की कन्वीनर किरण व रिटायर्ड कर्मचारी संघ से देवेंदर यादव ने की। संचालन सीटू को कन्वीनर संदीप कुमार मारौत व नरेश ने किया। आज मजदूर दिवस पर सीटू की यूनियनें, सर्व कर्मचारी संघ व रिटायर्ड कर्मचारी संघ के साथियों ने हिस्सेदारी की। आज मजदूर दिवस के अवसर पर 1886 में मजदूरों की शहादत को याद किया और कहा की साथियों की शहादत को हमेशा याद रखा जाएगा और आने वाले समय के अंदर भी मजदूरों की लड़ाई एकता के साथ लड़ी जाएगी। यूनियन नेताओं ने बोलते हुए कहा की सरकार न्यूनतम वेतन ₹26000 लागू करें, ठेकेदारी प्रथा को जड़ से खत्म किया जाए, माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश को लागू किया जाए, मजदूरों के ऊपर जबरदस्ती थोपे गए चार लेबर कोड को वापस ले अन्यथा भविष्य में इसके लिए किसान, मजदूर, कर्मचारी एकता के साथ एक बहुत बड़ा आंदोलन का रुख अपनाएंगे। ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन के जिला सचिव संदीप कुमार ने संबोधित करते हुए कहा आज मजदूर दिवस उन हाथों को सलाम करने का दिन है जो इस दुनिया का निर्माण करते हैं। श्रमिक वह शक्ति है जो तपती धूप कड़कड़ाती ठंड व मूसलाधार बारिश में भी अपने काम में लगी रहती है। आज मजदूर दिवस पर संकल्प लेते हुए कहा गया कि हम सब साथी हर काम का सम्मान करेंगे चाहे वह खेत में काम करने वाला हो किसान हो, सड़क बनाने वाला श्रमिक हो या घर में काम करने वाला हो। सबका ही योगदान अमूल्य होता है। आज मजदूर दिवस मनाते हुए ग्रीन बेल्ट से लेकर फायर ब्रिगेड दफ्तर तक प्रदर्शन भी किया गया तथा नगर पालिका के सफाई कर्मचारी साथी जो 2 दिन से हड़ताल पर हैं उनका समर्थन भी किया गया। आज मजदूर दिवस के अवसर पर अनेक नेताओं ने संबोधित किया जिसमें रिटायर्ड कर्मचारी संघ की तरफ से देवेंद्र यादव, बलबीर यादव रमेश जाखड़ बलबीर कोट, राजवीर राहड, राजेंद्र जुलाना, विष्णु जांगड़ा, रामेश्वर बिरधाना। सर्व कर्मचारी संघ से जिला प्रधान रामबीर, सचिव नरेश, जयपाल गुड्डा, सीटू यूनियन की तरफ से संदीप मारौत, किरण बहराणा, अनीता, प्रवेश, सविता, शर्मिला आदि मौजूद रहे।

एमडीयू में प्रशासनिक फेरबदल, कई प्रोफेसरों को सौंपी नई जिम्मेदारियां
डॉ. ए.एस. मान बने डीन एकेडमिक अफेयर्स, अन्य शिक्षकों को भी महत्वपूर्ण पदों का कार्यभार

रोहतक, 01 मई, अभीतक: महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) में प्रशासनिक स्तर पर अहम बदलाव करते हुए कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने विभिन्न विभागों के शिक्षकों को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। भौतिकी विभाग के प्रोफेसर डॉ. ए. एस. मान को डीन, एकेडमिक अफेयर्स का कार्यभार सौंपा गया। कुलसचिव प्रो. संदीप बंसल की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में प्रो. मान ने पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर कुलसचिव ने उन्हें शुभकामनाएं दीं, वहीं प्रो. मान ने शिक्षकों से विश्वविद्यालय की शैक्षणिक प्रगति के लिए मिलकर कार्य करने का आह्वान किया। इसके अलावा, फार्मास्युटिकल साइंस विभाग के प्रोफेसर डॉ. गोविंद सिंह को आर्यभट्ट सेंट्रल इंस्ट्रूमेंटेशन लैबोरेट्री का निदेशक नियुक्त किया गया है। पर्यावरण विज्ञान की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. बबीता खोसला को सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन (सीडीओई) की उप-निदेशिका का कार्यभार सौंपा गया है। विधि विभाग के प्रो. जसवंत सैनी को प्रथम अपीलीय प्राधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं यूआईईटी के कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. हरकेश सहरावत को सीडीओई में कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी दी गई है।

सभी संबंधित शिक्षकों ने आज अपने-अपने पदों का कार्यभार संभाल लिया
एमडीयू कुलसचिव प्रो. संदीप बंसल ने जरूरतमंद कर्मचारियों के बच्चों को स्कूल बैग वितरित किए

रोहतक, 01 मई, अभीतक: महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के फैकल्टी हाउस में कुलसचिव प्रो संदीप बंसल द्वारा एचकेआरएन के तहत कार्यरत माली, सफाई और सुरक्षा कर्मचारियों के जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को स्कूल बैग वितरित किए गए। एमडीयू गैर-शिक्षक कर्मचारी संघ ने इस कार्यक्रम का समन्वयन किया। कुलसचिव डॉ. संदीप बंसल ने कर्मचारियों से ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसी भी कर्मचारी की समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। संघ के प्रधान सुरेश कौशिक ने बताया कि यह बैग वितरण एक महिला प्रोफेसर द्वारा गुप्त दान के रूप से जरूरतमंद परिवारों की सहायता के उद्देश्य से कराया गया है। उन्होंने कहा कि मैडम द्वारा इस प्रकार की सामाजिक पहल समय-समय पर जारी रहती है, जिससे जरूरतमंदों को सहयोग मिलता है। इस अवसर पर डॉ. विजय पाल (महासचिव), डॉ. राजेश (कोषाध्यक्ष), पूर्व प्रधान फूल कुमार सहित भूदत्त, दिनेश, धर्मेंद्र, सतेंद्र और अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

हरियाणा ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की: आरती सिंह राव
राज्य में संस्थागत प्रसव 98.8 प्रतिशत तक पहुंचा

चंडीगढ़, 01 मई, अभीतक: हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि हरियाणा ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है। हरियाणा में संस्थागत प्रसव 98.8ः तक पहुंच गए हैं, जबकि मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर भी निरंतर घट रही है। स्वास्थ्य मंत्री आज चंडीगढ़ में नेशनल हेल्थ मिशन एवं स्वास्थ्य विभाग हरियाणा द्वारा ष्नवाचार और समावेशन दृ भारत के स्वास्थ्य-भविष्य को आकार देने वाली सर्वोत्तम प्रथाएँष् विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर सम्बोधित कर रही थी। इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा, मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, स्वास्थ्य वभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा व केंद्र सरकार के अलावा विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। आरती सिंह राव ने हरियाणा को एम्स जैसे बड़े अस्पताल उपलब्ध करवाने पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हरियाणा में भी मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रत्येक नागरिक को सुलभ, किफायती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। पिछले वर्षों में हमारी सरकार ने बुनियादी ढांचे, मानव संसाधन, चिकित्सा उपकरणों और आवश्यक दवाओं में निरंतर सुधार के माध्यम से अपने स्वास्थ्य तंत्र को मजबूत किया है। आज राज्य में जिला अस्पतालों, उप-मंडल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उप-स्वास्थ्य केंद्रों के व्यापक नेटवर्क के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में निवेश में भी उल्लेखनीय वृद्धि है, जो वर्ष 2014-15 में ₹2,646 करोड़ से बढ़कर 2026-27 में ₹14,000 करोड़ हो गया है। यह निवेश एक मजबूत और सुदृढ़ स्वास्थ्य प्रणाली के निर्माण के प्रति प्रदेश सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि गैर-संचारी रोगों के खिलाफ लड़ाई में राज्य सरकार ने बड़े स्तर पर स्क्रीनिंग कार्यक्रम लागू किए हैं, जिनके तहत एक करोड़ से अधिक लोगों की जांच की गई है। इनमें 10 लाख से अधिक उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) के मरीज और लगभग 6 लाख मधुमेह के मरीज समय पर उपचार प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि केयर कंपैनियन प्रोग्राम (ब्ब्च्) को राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम (छच्-छब्क्) के साथ जोड़ा गया है। राज्य में तृतीयक स्तर का कैंसर देखभाल संस्थान ‘अटल कैंसर केयर सेंटर (।ब्ब्ब्)’ अंबाला छावनी के उप-मंडल नागरिक अस्पताल में स्थापित किया गया है। जिला नागरिक अस्पतालों में कैंसर उपचार सुविधाओं को मजबूत करने के लिए सभी जिलों में डे-केयर कैंसर केंद्र (क्ब्ब्ब्) स्थापित किए गए हैं। आरती सिंह राव ने किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए टीकाकरण की शुरुआत करने पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार भी इस कार्यक्रम पर तेजी से काम कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में आपातकालीन और गंभीर देखभाल सेवाओं को भी सुदृढ़ किया जा रहा है। इनमें स्ट्रोक यूनिट, कार्डियक सेंटर और बेहतर आईसीयू सुविधाएं कई जिलों में शुरू की जा चुकी हैं। टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत लाखों व्यक्तियों की जांच की गई है और मरीजों को बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के लिए वित्तीय सहायता भी बढ़ाई गई है। उन्होंने बताया कि ‘निरोगी हरियाणा’ जैसी पहल के माध्यम से लगभग एक करोड़ लाभार्थियों की व्यापक स्वास्थ्य जांच की गई है, जिससे समय रहते रोगों का पता लगाकर उपचार संभव हो सका है। सरकार के प्रयासों से वेक्टर जनित रोगों पर नियंत्रण, टीकाकरण कवरेज में सुधार और त्वरित एंबुलेंस सेवाओं के माध्यम से आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को मजबूत करने में भी सकारात्मक परिणाम मिले हैं। आरती सिंह राव ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा केवल उपचार तक सीमित नहीं हैकृयह रोकथाम, जागरूकता और समानता से भी जुड़ी है। राज्य सरकार का उद्देश्य एक ऐसा स्वस्थ हरियाणा बनाना है, जहां हर नागरिक को, चाहे उसकी सामाजिक या आर्थिक स्थिति कुछ भी हो, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों।
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी पंचकूला में केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री जे. पी. नड्डा का स्वागत करते हुए
नशा मुक्त भारत का संकल्प अभियान के तहत व्याख्यान का आयोजन
इन्दिरा गांधी विश्वविद्यालय मीरपुर, रेवाड़ी के हिंदी विभाग में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत एक विशिष्ट व्याख्यान का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता डॉ. बीरेंद्र सिंह (नशा मुक्त भारत अभियान – नोडल अधिकारी, आईजीयू, मीरपुर) को विभागाध्यक्ष डॉ मंजु पुरी ने पौधा देकर स्वागत किया। भारतीय संस्कृति के अनुरूप छात्राओं ने मुख्य वक्ता को तिलक लगाकर अभिनंदन किया। मुख्य वक्ता डॉ. बीरेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में नैतिकता और चारित्रिक बल पर जोर देते हुए कहा कि- साहित्य और समाज का गहरा नाता है। युवा पीढ़ी हमारे देश की रीढ़ है, और यदि यह रीढ़ नशे की गिरफ्त में आ गई, तो राष्ट्र का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। नशा केवल शरीर को नहीं, बल्कि मनुष्य की संवेदनाओं और उसकी सोचने-समझने की शक्ति को भी मार देता है। हमें श्नशा मुक्त भारतश् के सपने को हकीकत में बदलने के लिए अपनी जड़ों और संस्कारों की ओर लौटना होगा। उन्होंने नशे के मनोवैज्ञानिक और सामाजिक पहलुओं के माध्यम से विस्तार से बताया कि नशा किस तरह व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और भविष्य को नष्ट कर देता है। श्नशा मुक्त भारतश् केवल एक सरकारी अभियान नहीं बल्कि एक जन आंदोलन बनना चाहिए। उन्होंने चार केस स्टडी के माध्यम से समझाते हुए कहा कि – नशा किसी समस्या का समाधान नहीं, बल्कि स्वयं में एक भयंकर समस्या है। आज का युवा क्षणिक आनंद के लिए नशे के जाल में फंस रहा है, जो अंततः उसे एकाकीपन और अवसाद की ओर धकेलता है। एक जागरूक नागरिक ही अपने परिवार और आस-पड़ोस को इस बुराई से बचा सकता है। यदि हम शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य के प्रति सजग रहेंगे, तभी एक सशक्त और समृद्ध भारत की कल्पना साकार हो सकेगी। कार्यक्रम का सफल संयोजन डॉ. शकुंतला द्वारा किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि इस अभियान को विश्वविद्यालय की दीवारों से बाहर निकालकर समाज के हर घर तक पहुंचाना हमारा कर्तव्य है। इस अवसर पर एकजुट होकर नशा मुक्त समाज बनाने पर बल देते हुए उपस्थित सभी प्राध्यापकों, विद्यार्थियों और शोधार्थियों नेश् ’स्वस्थ भारत – समृद्ध भारत- नशा मुक्त भारत’ श् के नारे के साथ शपथ ली। कार्यक्रम के अंत मे वैशाली (शोधार्थी हिंदी विभाग) द्वारा सभी का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर हिंदी विभाग के सभी प्राध्यापक, विद्यार्थी और शोधार्थी उपस्थित रहे।

हरियाणा में बड़े पैमाने पर विनियमन में ढील
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बढ़ाने के लिए ‘ओम्निबस बिल’ लाने की तैयारी
एकीकृत विधायी ढांचे में समाहित होंगे नियामकीय बदलाव
इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती के लिए 500 करोड़ का ‘सक्षम’ फंड प्रस्तावित

चंडीगढ़, 01 मई, अभीतक: हरियाणा सरकार ने निवेश के मामले में प्रदेश को अग्रणी गंतव्य बनाने के मकसद से प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए विनियमन में ढील (डी-रेगुलेशन) देने का अभियान शुरू किया है। इसी कड़ी में प्रस्तावित सर्वग्राही विधेयक (ओम्निबस बिल) के माध्यम से राज्य सरकार द्वारा सुधारों को संस्थागत रूप देने की तैयारी है। कैबिनेट सचिवालय के विशेष सचिव श्री के.के. पाठक और हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में यहां हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में अनुपालन में कमी और डी-रेगुलेशन फेज-2 के अन्तर्गत हुए सुधारों की समीक्षा की गई। ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के लिए प्रस्तावित हरियाणा ओमनीबस बिल विभिन्न नियामकीय बदलावों को एकीकृत विधायी ढांचे में समाहित करेगा। इससे विभागों में एकरूपता सुनिश्चित होगी और लालफीताशाही को कम करने तथा शासन को सरल बनाने वाले सुधारों को दीर्घकालिक कानूनी आधार मिलेगा। बैठक में वरिष्ठ प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों ने 28 प्राथमिकता वाले सुधार क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा की। इन सुधारों का उद्देश्य अनुपालन बोझ को कम करना, स्वीकृति प्रक्रियाओं में तेजी लाना तथा व्यवसायों, संस्थानों और नागरिकों के लिए एक सुगम पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करना है। अधिकांश सुधार प्रस्ताव प्रस्तुत किए जा चुके हैं और कई लागू होने की प्रक्रिया में हैं, जो राज्य के सुधार एजेंडे में तेजी को दर्शाता है। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने सभी विभागों को लंबित प्रस्तावों को शीघ्र पूरा करने, एमआईएस पोर्टल पर कार्ययोजनाएं तुरंत अपलोड करने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सुधारों का जमीनी स्तर पर स्पष्ट और मापनीय प्रभाव दिखाई दे। उन्होंने कहा कि इन सुधारों की सफलता जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन और विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर निर्भर करेगी। सुधारों के प्रमुख क्षेत्रों में भूमि और निर्माण नियमों का सरलीकरण शामिल है। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के लगभग 70 प्रतिशत क्षेत्र में ‘चेंज ऑफ लैंड यूज’ (सीएलयू) की आवश्यकता नहीं है, जिससे निवेशकों और भूमि मालिकों को बड़ी राहत मिली है। शेष नियंत्रित क्षेत्रों में भी सीएलयू स्वीकृतियों को स्वचालित बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। यह प्रणाली औद्योगिक क्षेत्रों में पहले से लागू है और मार्च 2027 तक इसका अन्य श्रेणियों में भी विस्तार करने की योजना है। मांग आधारित भूमि उपयोग प्रणाली में गतिविधियों की अनुमति होगी जब तक कि वे विशेष रूप से प्रतिबंधित न हों। इससे नियामकीय बाधाओं में और कमी आएगी। निर्माण क्षेत्र में कब्जा प्रमाण पत्र के लिए आवश्यक अनुमोदनों को सरल बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। कई अनावश्यक एनओसी को हटाने का प्रस्ताव है, जिससे समय और लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी। हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन केन्द्र को एक सशक्त सिंगल-विंडो प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे सभी व्यावसायिक स्वीकृतियों के लिए एकीकृत प्रणाली उपलब्ध होगी। यह प्लेटफॉर्म विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर तेज निर्णय प्रक्रिया सुनिश्चित करेगा। लगभग 30 दिनों में स्वीकृति देने के लक्ष्य के साथ ‘सर्विस लेवल एग्रीमेंट’ लागू किए जा रहे हैं। साथ ही, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए डिजिटल डैशबोर्ड भी विकसित किया जा रहा है, जिससे स्वीकृति की समय-सीमा की निगरानी की जा सकेगी। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) राज्य सरकार के इस सुधार एजेंडे के केंद्र में हैं। नए सुधारों के तहत औद्योगिक प्लॉट के उप-विभाजन, पूर्व स्वीकृति के बिना व्यावसायिक गतिविधियों में बदलाव, संपत्तियों के हस्तांतरण या सब-लीज की प्रक्रिया को सरल बनाया जा रहा है। प्रस्तावित ‘हरियाणा राइट टू बिजनेस एक्ट’ के तहत उद्यमों को स्व-घोषणा के आधार पर कार्य शुरू करने की अनुमति होगी और शुरुआती चरण में निरीक्षणों में भी कमी की जाएगी। इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने के लिए 500 करोड़ रुपये का ‘सक्षम’ फंड प्रस्तावित है, जिससे पुराने औद्योगिक क्षेत्रों का उन्नयन किया जाएगा। इसके अलावा, अपशिष्ट उपचार और अग्नि सुरक्षा जैसी साझा सुविधाओं के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर भी कार्य किया जा रहा है। हरियाणा अब पारंपरिक और जटिल प्रावधानों के स्थान पर वैश्विक मानकों के अनुरूप जोखिम-आधारित आधुनिक अग्नि सुरक्षा नियम लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। औद्योगिक क्षेत्रों में साझा अग्नि सुरक्षा ढांचा विकसित करने से लागत कम होगी और सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। राज्य ने अनावश्यक लाइसेंस समाप्त करने में भी उल्लेखनीय प्रगति की है। नगर निगम कानूनों से ट्रेड लाइसेंस पहले ही हटाए जा चुके हैं और प्रस्तावित ओमनीबस बिल के तहत अन्य लाइसेंसों को भी सरल बनाने की योजना है, जिससे विनियामक ढांचे में दोहराव खत्म होगा। बैठक में लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री ए.के. सिंह, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डाॅ. अमित कुमार अग्रवाल, अग्निशमन सेवाएं विभाग के महानिदेशक श्री शेखर विद्यार्थी, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष श्री जे. गणेशन तथा उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक श्री यश गर्ग सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

नूंह जिला में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा पर है जोर: आरती सिंह राव
दादू गांव की पंचायती जमीन पर बनेगा सरकारी नर्सिंग कॉलेज

चंडीगढ़, 01 मई, अभीतक: हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि नूंह जिला में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा पर प्रदेश सरकार का पूरा जोर है। इस जिला के गांव दादू द्वारा सरकारी नर्सिंग कॉलेज स्थापित करने के लिए ऑफर की गई पंचायती जमीन प्रशासनिक कमेटी की रिपोर्ट में वाजिब पाई गई है। उन्होंने कहा कि दादू गांव में सरकारी नर्सिंग कॉलेज स्थापित करने वाला यह कदम नूंह क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं और नर्सिंग शिक्षा को मजबूत करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि सरकारी कमेटी की सिफारिश के अनुसार, गांव दादू की ग्राम पंचायत द्वारा उपलब्ध कराई गई भूमि को इस कॉलेज की स्थापना के लिए उपयुक्त माना गया है। यह स्थान नूंह जिले के तावडू ब्लॉक में स्थित है, जहां वर्तमान में नर्सिंग शिक्षा की भारी कमी है। उन्होंने बताया कि इस समय नूंह जिले में केवल एक नर्सिंग स्कूल संचालित है, जिसमें एएनएम (।नÛपसपंतल छनतेम डपकूपमि) की मात्र 13 सीटें हैं। इस सीमित क्षमता को देखते हुए इस क्षेत्र में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की भारी आवश्यकता है और इसके लिए नर्सिंग शिक्षा के विस्तार की जरूरत है। आरती सिंह राव ने बताया कि इस कॉलेज के बनने से नूंह की बड़ी आबादी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मियों से सीधे लाभान्वित होगी। नूंह हरियाणा के सबसे पिछड़े जिलों में से एक है, जहां स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और प्रशिक्षित चिकित्सा स्टाफ की उपलब्धता में कई चुनौतियां हैं। ऐसे में नर्सिंग कॉलेज की स्थापना इन समस्याओं को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने बताया कि इस जिले में पहले से ही स्थित शहीद हसन खान मेवाती गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज है , ऐसे में प्रस्तावित नर्सिंग कॉलेज को इस मेडिकल कॉलेज से जोड़ा जा सकता है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जा सकेगा और क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की इस पहल से नूंह जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिले कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई
कार्यकाल बढ़ाए जाने पर जताया मुख्यमंत्री का आभार-

चंडीगढ़, 01 मई, अभीतक: गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की और कुलपति के रूप में कार्यकाल बढ़ाए जाने पर मुख्यमंत्री का आभार जताया। कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के विकसित भारत और विकसित हरियाणा के महाअभियान में गुजविप्रौवि अग्रणी भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री के निर्देशों पर विश्वविद्यालय में शीघ्र ही और नई योजनाएं व कोर्स लागू किए जाएंगे। कुलपति ने कहा कि मुख्यमंत्री प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता को विश्वस्तरीय बनाना चाहते हैं। गुजविप्रौवि से इस दिशा में सकारात्मक तथा अग्रणी सहभागिता की अपेक्षा है। गुजविप्रौवि ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में नई ऊंचाइयों को छुआ है। कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कहा कि गुजविप्रौवि गुरु जम्भेश्वर जी महाराज के सिद्धांतों को सिरोधार्य कर समाज व राष्ट्र के हित में युवाओं को कौशलयुक्त व नैतिक नागरिक बनाने के लिए कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री के विजन के अनुसार गुजविप्रौवि द्वारा भारतीय ज्ञान परंपरा का आधुनिक विज्ञान व तकनीक के अनुसार विश्लेषण कर प्रचार व प्रसार किया जा रहा है। कुलपति ने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि वे अपने आगामी कार्यकाल के दौरान और अधिक लगन व निष्ठा से कार्य करेंगे। कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को विश्वविद्यालय की उपलब्धियों व आगामी पांच वर्षों की योजनाओं के रोडमेप को भी प्रस्तुत किया। कुलपति ने कहा कि यह रोड़मेप विकसित भारत/2047 के संकल्प को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। प्रो. नरसी राम बिश्नोई को कुलपति के रूप में कार्यकाल विस्तार होने से विश्वविद्यालय में खुशी का माहौल है। हितधारकों को कहना है कि कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने विश्वविद्यालय के विकास के लिए अनेक योजनाएं शुरू की हैं। कार्यकाल विस्तार होने से अब ये योजनाएं और बेहतर तरीके से लागू हो पाएंगी। विश्वविद्यालय परिवार ने कुलपति के कार्यकाल विस्तार का स्वागत करते हुए इसे संस्थान की निरंतर प्रगति और स्थिर नेतृत्व का प्रतीक बताया।

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