








संघयात्रा के 100 वर्ष: आयोजित हुई पंच परिवर्तन से समाज परिवर्तन संगोष्ठी
संगोष्ठी में स्वदेशी जागरण मंच के प्रांत संगठक श्रीमान कुलदीप पुनिया व रोहतक विभाग प्रचारक श्रीमान प्रदीप रहे मुख्य वक्ता
बॉक्सिंग कोच हितेश देशवाल मुख्य अतिथि व सेवानिवृत्ति जिला शिक्षा अधिकारी राजेश खन्ना रहे विशिष्ट अतिथि
झज्जर, 11 जनवरी, अभीतक: रविवार को झज्जर के संवाद भवन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की श्रृंखला में प्रबुद्ध जनों की एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संघ के 100 वर्ष पूरे होने पर आयोजित पंच परिवर्तन से सामाजिक परिवर्तन संगोष्ठी में नगर के अलावा जिले भर के काफी संख्या में लोगों ने भाग दिया। संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में स्वदेशी जागरण मंच के प्रांत संगठक श्रीमान कुलदीप पुनिया व रोहतक विभाग प्रचारक श्रीमान प्रदीप शामिल रहे। जबकि मुख्य अतिथि के रूप में बॉक्सिंग कोच हितेश देशवाल व विशिष्ट अतिथि सेवानिवृत्ति जिला शिक्षा अधिकारी राजेश खन्ना रहे। संगोष्ठी में समाज के विभिन्न वर्गों का प्रतिनिधित्व कर रहे लोगों ने वक्ताओं से संवाद भी किया और अपनी शंकाओं का समाधान किया, कई रचनात्मक सुझाव भी लोगों ने दिए। रोहतक विभाग प्रचारक श्रीमान प्रदीप ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के उद्देश्य, संघ के समक्ष आई चुनौतियांे, संघ पर प्रतिबंध लगाने के कारणों और विभिन्न चुनौतियों का सामना करते हुए किस प्रकार से हिंदू समाज को संगठित करने के अभियान को जारी रखा आदि विषयों पर प्रकाश डाला। श्रीमान प्रदीप ने कहा कि आज 100 वर्ष के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पंच परिवर्तन से समाज परिवर्तन की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि समाज के लोग ही समाज के लिए कार्य करें यहीं संघ की मूल धारणा है। स्वदेशी जागरण मंच के प्रांत संगठक श्रीमान कुलदीप पूनिया ने बतौर वक्ता संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि संघ समाज को साथ लेकर ही समाज के लिए काम करता है और शताब्दी वर्ष में सामाजिक समरसता, स्वदेशी, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक कर्तव्य व कुटुंब प्रबोधन कोे मूल मंत्र के रूप में अपनाते हुए समाज के लिए काम कर रहा है। श्री कुलदीप पूनिया ने पंच परिवर्तन के महत्व और समाज में उसकी आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समाज में अब किसी प्रकार का भेदभाव जाति व धर्म के आधार पर नहीं होना चाहिए और समाज को हर प्रकार के भेदभाव को मिटाते हुए सामाजिक समरसता का भाव पैदा करना होगा। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने और युवाओं के लिए रोजगार के लाखों अवसर पैदा करने के लिए स्वदेशी वस्तुओं को स्वीकारने पर बल दिया और कहा कि स्वदेशी के जरिए ही न केवल स्वयं बल्कि पूरे देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि आज परिवारों विघटन व टूट की स्थिति बन रही है, जिसे मजबूत करने के लिए हमें भागदौड़ भरी जिंदगी में समय निकाल कर परिवार को देना होगा और परिवार को संस्कार व संस्कृति को अपनाना होगा। स्वदेशी जागरण मंच के प्रांत संगठक श्रीमान कुलदीप ने कहा कि हम अधिकारों की बात करते हैं, लेकिन जोे कर्तव्य समाज व राष्ट्र के प्रति हमारे हैं उन्हें भी हम अपने जीवन में धारण करें। उन्होंने बढ़ती पर्यावरण प्रदूषण की समस्या पर भी चिंता जताई और कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए हमें न केवल पौधारोपण अधिक से अधिक करना होगा बल्कि पर्यावरण संरक्षण के लिए अनेक छोटे-छोटे कार्य हम कर सकते हैं। जिससे पूरे वातावरण को हम स्वच्छ बना सकते हैं और आने वाली पीढियां को शुद्ध सांसे दे सकते हैं। मुख्य अतिथि हितेश देशवाल कोच ने भी संघ द्वारा किए गए कार्यों की प्रशंसा की और कहा कि संघ को उन्होंने पहले नजदीक से नहीं देखा था और न ही संघ के नजदीक जाने का अवसर मिला था लेकिन जब सघ को थोडी नजदीक से देखा तो समझ आया कि संघ सच्ची राष्ट्र भक्ति में लगा है और समाज व राष्ट्र के लिए बेहतरीन कार्य कर रहा है। सेवानिवृत्ति जिला शिक्षा अधिकारी राजेश खन्ना ने कहा कि वे बाल्यकाल से स्वयं सेवक हैं और संघ से बड़े प्रभावित हैं, जो कार्य समाज में संघ कर रहा है। उस कार्य को और ज्यादा गति के साथ समाज में कार्य करने की आज आवश्यकता है। इस मौके पर जिला प्रचारक श्रीमान राहुल, डाॅ सुमित्रा धनखड, गुरूदास, अभिषेक, नवीन कुमार सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।






संस्कारम स्कॉलरशिप यूनिवर्स 3.0 का शंखनाद
डॉ. महिपाल ने मेधावियों को दिया सफलता का मंत्रय 18 जनवरी को होगा नकद पुरस्कारों का महाकुंभ
झज्जर, 11 जनवरी, अभीतक: संस्कारम ग्रुप ऑफ स्कूल्स द्वारा आयोजित श्संस्कारम स्कॉलरशिप यूनिवर्स 3.0 के प्रथम चरण ने आज हरियाणा में शैक्षणिक उत्साह की एक नई लहर पैदा कर दी है। रविवार को चरखी दादरी, रोहतक और साल्हावास में आयोजित इस भव्य परीक्षा में कुल 664 मेधावी विद्यार्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और अपनी बौद्धिक क्षमता का प्रदर्शन किया। संस्कारम ग्रुप की इस पहल का मुख्य उद्देश्य न केवल बच्चों की प्रतिभा को परखना है, बल्कि उन्हें आर्थिक संबल प्रदान कर उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना भी है। आज की इस परीक्षा में विशेष उत्साह तब देखने को मिला जब विभिन्न श्रेणियों में अव्वल आने वाले विद्यार्थियों को मौके पर ही सम्मानित किया गया।
चरखी दादरी: जनता कॉलेज में उमड़ा उत्साह (249 विद्यार्थी)
चरखी दादरी के जनता कॉलेज को परीक्षा केंद्र बनाया गया था, जहाँ सबसे अधिक 249 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया। सुबह 10 बजे से ही केंद्र पर अभिभावकों और बच्चों की भारी भीड़ देखी गई। यहाँ नर्सरी से लेकर 12वीं कक्षा तक के बच्चों ने 60 मिनट की परीक्षा में विज्ञान, गणित और रीजनिंग के सवालों का सामना किया। परीक्षा केंद्र पर मौजूद शिक्षकों ने बताया कि विद्यार्थियों में ₹11,000 तक के नकद पुरस्कार जीतने को लेकर जबरदस्त प्रतिस्पर्धा दिखी। स्थानीय निवासियों ने संस्कारम स्कूल की इस पहल की सराहना की कि उन्होंने दादरी के बच्चों को उनके शहर में ही यह बड़ा मंच प्रदान किया।
रोहतक: जाट भवन में मेधावियों का जमावड़ा (217 विद्यार्थी)
रोहतक के सेक्टर-1 स्थित जाट भवन केंद्र पर 217 परीक्षार्थियों ने अपनी दावेदारी पेश की। यहाँ विशेष रूप से बोर्ड कक्षाओं (10वीं और 12वीं) के छात्रों की संख्या अधिक रही, जो 100ः स्कॉलरशिप हासिल कर अपने भविष्य को सुरक्षित करना चाहते हैं। रोहतक केंद्र पर परीक्षा पूरी तरह अनुशासित और पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई। स्कूल प्रबंधन ने बताया कि रोहतक के बच्चों का तार्किक स्तर बेहद सराहनीय रहा और जल्द ही परिणाम घोषित कर टॉप रैंकर्स को कैश प्राइज से सम्मानित किया जाएगा।
साल्हावास: ग्रामीण प्रतिभाओं ने दिखाया दमखम (198 विद्यार्थी)
साल्हावास क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए सटगानी स्कूल के पास स्थित धर्मशाला में केंद्र बनाया गया था, जहाँ 198 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी। ग्रामीण अंचल से आए इन बच्चों में स्कॉलरशिप यूनिवर्स को लेकर भारी उत्साह था। यहाँ श्माता दमयंती बालिका छात्रवृत्ति योजनाश् के बारे में भी छात्राओं को जागरूक किया गया, जो इकलौती बेटियों के लिए च्ी.क् तक की शिक्षा में मददगार है। साल्हावास के बच्चों ने यह साबित कर दिया कि यदि सही अवसर मिले, तो वे किसी भी बड़े शहर के छात्रों को कड़ी टक्कर दे सकते हैं।
18 जनवरी का महा-आयोजनरू ओलंपियाड विजेताओं का सम्मान और मेगा स्कॉलरशिप टेस्ट
संस्कारम प्रबंधन ने आगामी 18 जनवरी 2026 के लिए एक विशाल रूपरेखा तैयार की है, जो झज्जर और पाटोदा कैंपस में आयोजित की जाएगी। यह दिन विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए गौरवशाली होगा जिन्होंने बीती 28 दिसंबर को स्कूल परिसर में आयोजित श्ओलंपियाडश् में भाग लिया था। प्रबंधन ने घोषणा की है कि ओलंपियाड की प्रत्येक कक्षा में 1 से लेकर 40 पोजीशन तक आने वाले सभी छात्र-छात्राओं को 18 जनवरी को समारोहपूर्वक नकद पुरस्कारों और मैडल से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान समारोह उन बच्चों के लिए एक बड़ा मंच होगा जिन्होंने हजारों छात्रों के बीच अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है। इसके साथ ही, जो छात्र आज (11 जनवरी) की स्कॉलरशिप परीक्षा में किसी कारणवश शामिल नहीं हो पाए, उनके लिए 18 जनवरी को पुनः परीक्षा का अवसर प्रदान किया जाएगा। इस दिन की सबसे बड़ी विशेषता यह रहेगी कि परीक्षा देने वाले मेधावी छात्रों को ऑन-द-स्पॉट (तुरंत मौके पर) नकद पुरस्कार वितरित किए जाएंगे।
नकद पुरस्कारों का विस्तृत विवरण
संस्कारम ग्रुप ऑफ स्कूल्स ने मेधावी छात्रों के लिए नकद पुरस्कारों की एक व्यापक और उत्साहजनक योजना तैयार की है। संस्थान द्वारा दी जाने वाली पुरस्कार राशि को छात्रों की आयु और कक्षा के अनुसार चार मुख्य श्रेणियों में विभाजित किया गया है। नर्सरी से दूसरी कक्षा तक के नन्हे मुन्नों के लिए प्रथम पुरस्कार ₹1,100, द्वितीय पुरस्कार ₹500 और तृतीय पुरस्कार ₹500 निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार, तीसरी से पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए प्रथम पुरस्कार के रूप में ₹2,100, द्वितीय के लिए ₹1,100 और तृतीय स्थान के लिए ₹500 की नकद राशि दी जा रही है। माध्यमिक स्तर यानी छठी से आठवीं कक्षा के होनहारों के लिए प्रथम पुरस्कार ₹3,100, द्वितीय पुरस्कार ₹2,100 और तृतीय पुरस्कार ₹1,100 तय किया गया है। उच्च माध्यमिक स्तर पर नौवीं और दसवीं कक्षा के छात्रों के लिए सम्मान राशि को और बढ़ाते हुए प्रथम स्थान के लिए ₹5,100, द्वितीय स्थान के लिए ₹3,100 और तृतीय स्थान के लिए ₹2,100 की नकद राशि रखी गई है। इसके अतिरिक्त, जो विद्यार्थी टॉप 10 रैंक (रैंक 1 से 10) में अपना स्थान पक्का करेंगे, उन्हें संस्थान द्वारा 100ः स्कॉलरशिप नकद रूप में प्रदान की जाएगी, जबकि रैंक 11 से 40 तक आने वाले विद्यार्थियों को भी उनकी योग्यता के आधार पर भारी छात्रवृत्ति का लाभ मिलेगा।
विशेष योजनाएं और सामाजिक उत्तरदायित्व
संस्कारम ग्रुप केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक सरोकारों में भी अग्रणी है। परीक्षा के दौरान श्माता दमयंती बालिका छात्रवृत्ति योजनाश् की भी विस्तृत जानकारी दी गई, जिसके तहत उन बेटियों को कक्षा 9वीं से च्ी.क् तक आर्थिक सहयोग दिया जाता है जो अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं। साथ ही, कला, गायन, नृत्य और खेलकूद में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त करने वाले छात्रों के लिए भी विशेष छात्रवृत्ति कोटा निर्धारित किया गया है। संस्थान का लक्ष्य ₹6 लाख तक की कुल छात्रवृत्ति वितरित करना है, ताकि कोई भी प्रतिभाशाली बच्चा धन के अभाव में शिक्षा से वंचित न रहे।
चेयरमैन डॉ. महिपाल का प्रेरक संबोधन
इस अवसर पर विद्यार्थियों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए संस्कारम ग्रुप के चेयरमैन डॉ. महिपाल ने शिक्षा और पुरुषार्थ के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, हमारा लक्ष्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि हरियाणा की उस माटी से प्रतिभाओं को खोजकर निकालना है जो संसाधनों के अभाव में कहीं दब जाती हैं। श्संस्कारम स्कॉलरशिप यूनिवर्स 3.0 केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि एक मंच है जहाँ हर बच्चा अपनी योग्यता के दम पर अपने सपनों की उड़ान भर सकता है। डॉ. महिपाल ने आगे कहा कि संस्कारम स्कूल ने इस बार विशेष रूप से नकद पुरस्कारों की शुरुआत की है ताकि बच्चों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना जगे। उन्होंने अभिभावकों को भरोसा दिलाया कि संस्थान उन मेधावी छात्रों के साथ हमेशा खड़ा है जो आर्थिक तंगी के कारण उच्च शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने 18 जनवरी को होने वाले श्मेगा इवेंटश् के लिए उन छात्रों को विशेष निमंत्रण दिया जो आज किन्हीं कारणों से परीक्षा में भाग नहीं ले पाए।







झज्जर: एक दिवसीय उपवास कोंग्रेस पार्टी का झज्जर पुरानी तहसील रेड क्रॉस मार्किट में बैठे धरने पर।
मनरेगा बचाओ संग्राम उपवास एवं सांकेतिक धरना।
झज्जर विधायक पूर्व शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल
बादली विधायक कुलदीप वत्स
राव संजय जिला अध्यक्ष झज्जर
महिला जिला अध्यक्ष सुमन लोहचब
युवा कोंग्रेस झज्जर अध्यक्ष दीपक गहलावत
निशित कटारिया प्रदेश अध्यक्ष युवा कोंग्रेस हरियाणा धरने पर मौजूद ।
कोंग्रेस के जिला पार्टी के कार्यकर्ताओं ने धरने पर की नारे बाजी।





सहकार भारती स्थापना दिवस संकल्प का दिवस है- हनुमान अग्रवाल
योगेंद चौहान
पलवल, 11 जनवरी, अभीतक: संघ कार्यालय में आयोजित सहकार भारती द्वारा स्थापना दिवस के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हनुमान अग्रवाल अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य सहकार भारती ने कहा कि आज का दिन स्थापना दिवस के साथ समाज को सहकार बनाने का संकल्प दिवस है। हमें अपनी सामाजिक जीवन परम्परा में संस्कार, सहयोग और सहकार को अंगीकृत करना है। उन्होंने बताया कि 11 जनवरी का दिन भारतीय सहकारिता आंदोलन के लिए विशेष महत्व रखता है। इसी पावन तिथि को सहकार भारती की स्थापना हुई, जिसका उद्देश्य सहकारिता को राष्ट्रहित में एक सशक्त जनआंदोलन के रूप में विकसित करना रहा है। 11 जनवरी 2026 को मनाया जाने वाला स्थापना दिवस न केवल संगठन की उपलब्धियों का स्मरण कराता है, बल्कि भविष्य की दिशा तय करने का भी एक महत्वपूर्ण अवसर है। सहकार भारती की स्थापना ऐसे समय में हुई, जब सहकारिता क्षेत्र अपने मूल उद्देश्यों से भटक रहा था। संगठन ने स्पष्ट किया कि सहकारिता केवल आर्थिक गतिविधि नहीं, बल्कि संस्कार, स्वावलंबन और सामाजिक समरसता का सशक्त माध्यम है। “लाभ नहीं, सेवा” के मूल मंत्र के साथ सहकार भारती ने सहकारिता को पूंजीवाद और समाजवाद के बीच एक भारतीय विकल्प के रूप में स्थापित किया। ग्रामीण भारत की रीढ़ माने जाने वाले किसान, कारीगर, लघु उद्यमी, श्रमिक और स्वयं सहायता समूह सहकार भारती के कार्यों के केंद्र में रहे हैं। दुग्ध सहकारिता, कृषि विपणन, ग्रामीण बैंकिंग, उपभोक्ता भंडार, आवास और श्रम सहकारिता जैसे क्षेत्रों में संगठन की भूमिका उल्लेखनीय रही है। सहकारी संस्थाओं को पारदर्शी, लोकतांत्रिक और सदस्य-केन्द्रित बनाने की दिशा में सहकार भारती ने निरंतर प्रयास किए हैं। केंद्र सरकार द्वारा सहकारिता मंत्रालय की स्थापना ने सहकार भारती के विचारों को राष्ट्रीय मंच पर नई मजबूती दी है। “सहकार से समृद्धि” का संकल्प आज नीति और व्यवहार दोनों में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। इस अवसर पर पलवल जिला संघ चालक ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज जब भारत आत्मनिर्भरता की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है, तब सहकारिता की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। डिजिटल तकनीक, नवाचार और युवा सहभागिता के साथ सहकारिता नए अवसरों के द्वार खोल रही है। आवश्यकता है कि सहकार भारती के विचार जन-जन तक पहुँचें और सहकारिता को केवल संस्था नहीं, बल्कि सहभागिता की संस्कृति के रूप में अपनाया जाए। राजवीर सिंह प्रान्त अध्यक्ष ने कहा कि स्थापना दिवस के अवसर पर यह संकल्प लेना होगा कि हम सहकारिता के मूल्यों—ईमानदारी, पारदर्शिता, सहभागिता और सेवा—को अपने जीवन में उतारें। इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए प्रान्त मीडिया प्रमुख विष्णु चौहान ने कहा कि सहकार भारती एक संगठन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर, समृद्ध और समरस भारत के निर्माण का सशक्त अभियान है। उन्होंने इस अवसर पर सहकार भारती स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि सहकार से समृद्धि—यही भारत की शक्ति है। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष लखपत सिंह, महासचिव खुशेन्द्र शर्मा, विभाग सह संयोजक जगदीश कुमार, जिला अध्यक्ष फरीदाबाद आमोद कुमार, जिला महामंत्री निर्दोष कुमार, राजेश मंगला, डॉ पंकज राणा, भ्रमपाल पांचाल, सुंदर सिंह, रविंद्र सिंह, यशपाल सहित नूह, फरीदाबाद व पलवल जिले से अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

झज्जर में जिला स्तरीय व बेरी, बहादुरगढ़, बादली में उपमंडल स्तर पर आज लगेंगे समाधान शिविर: डीसी
समाधान शिविरों के माध्यम से हो रहा जनसमस्याओं का समयबद्ध निवारण
झज्जर, 11 जनवरी, अभीतक: डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने बताया कि जिले में आमजन की शिकायतों के त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी समाधान को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज (सोमवार, 12 जनवरी) को जिला मुख्यालय सहित सभी उपमंडलों में समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। ये शिविर प्रातः 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक संचालित होंगे। जिला स्तरीय समाधान शिविर का आयोजन लघु सचिवालय, झज्जर के कॉन्फ्रेंस कक्ष में किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त स्वप्निल रविंद्र पाटिल स्वयं करेंगे। शिविर के दौरान उपायुक्त स्वयं नागरिकों की विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतें सुनेंगे तथा संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश देंगे। उपमंडल स्तर पर समाधान शिविर संबंधित लघु सचिवालय परिसरों में आयोजित किए जाएंगे। बहादुरगढ़ में एसडीएम अभिनव सिवाच, आईएएस, बेरी में एसडीएम अंकित कुमार चैकसे आईएएस तथा बादली में एसडीएम डॉ. रमन गुप्ता की अध्यक्षता में समाधान शिविर आयोजित होंगे। इन शिविरों में प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि समाधान शिविर प्रशासन और नागरिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का एक प्रभावी माध्यम हैं। जिला मुख्यालय पर समाधान- शिविर प्रत्येक सप्ताह सोमवार एवं गुरुवार- को नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं। सभी संबंधित विभागों के अधिकारी शिविर में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहते हैं, ताकि आमजन को एक ही मंच पर उनकी समस्याओं का समाधान उपलब्ध- कराया जा सके।



सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए पीएमएफएमई योजना मददगार: डीसी
योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को 35 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान
झज्जर, 11 जनवरी, अभीतक: डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने बताया कि सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों के विकास एवं सुदृढ़ीकरण के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के अंतर्गत विशेष पहल की जा रही है। इस योजना के तहत इच्छुक लाभार्थी अपने नए अथवा मौजूदा सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम की स्थापना, विस्तार एवं उन्नयन के लिए आवेदन कर सकते हैं। सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देने में पीएमएफएमई योजना कारगर साबित हो रही है। उपायुक्त ने बताया कि योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को ऋण पूंजी पर 35 प्रतिशत तक कैपिटल सब्सिडी प्रदान की जाती है, जिसकी अधिकतम सीमा 10 लाख रुपये निर्धारित है। योजना का लाभ नए व मौजूदा निजी तथा समूह आधारित सूक्ष्म उद्यमों को दिया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि इस योजना के लिए 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी भारतीय नागरिक पात्र हैं। व्यक्तिगत उद्यमी, गैर-सरकारी संगठन, सरकारी समितियां, प्रोपराइटरशिप फर्म, साझेदारी फर्म, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी), किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) तथा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के रूप में भी आवेदन किया जा सकता है। अन्य सरकारी योजनाओं के लाभार्थी भी इस योजना का लाभ लेने के लिए पात्र हैं। उपायुक्त ने जिले के इच्छुक उद्यमियों से आह्वान किया कि वे पीएमएफएमई योजना का अधिकतम लाभ उठाकर स्वरोजगार को बढ़ावा दें तथा स्थानीय स्तर पर खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को सशक्त बनाएं।
स्वप्निल रविन्द्र पाटिल,डीसी झज्जर।
कैबिनेट मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी का पाटौदा दौरा आज
झज्जर, 11 जनवरी, अभीतक: हरियाणा सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी सोमवार 12 जनवरी को पाटौदा का दौरा करेंगे। कैबिनेट मंत्री दोपहर 3 बजे गांव पाटौदा स्थित संस्कारम यूनिवर्सिटी में आयोजित सब जूनियर राष्ट्रीय सॉफ्टबॉल चैम्पियनशिप के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। यह राष्ट्रीय स्तर की चैम्पियनशिप हरियाणा सॉफ्टबॉल एसोसिएशन द्वारा आयोजित की जा रही है, जिसमें कई टीमें भाग ले रही हैं। इस दौरान कैबिनेट मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी खिलाड़ियों से संवाद करेंगे तथा उन्हें खेलों के माध्यम से अनुशासन, टीम भावना और राष्ट्रीय गौरव की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगे।

वरिष्ठ नागरिकों, ग्राम पंचायतों व एनजीओ के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कार हेतु आनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि आज(12 जनवरी)
डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने दी जानकारी
झज्जर, 11 जनवरी, अभीतक: सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, हरियाणा द्वारा वर्ष 2025-26 के लिए वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण, सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायतों तथा सर्वश्रेष्ठ गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) को राज्य स्तरीय पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। पुरस्कारों के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि सोमवार 12 जनवरी है। डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने जानकारी देते हुए बताया कि इन पुरस्कारों का उद्देश्य समाज में उत्कृष्ट एवं सराहनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों व संस्थाओं का सम्मान कर उनका मनोबल बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, अनुसूचित जातियों एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण तथा अंत्योदय (सेवा) विभाग, हरियाणा द्वारा पत्र जारी किया गया है। इसके तहत पात्र वरिष्ठ नागरिकों, ग्राम पंचायतों, एनजीओ, वृद्धाश्रम एवं डे केयर सेंटर से विभिन्न श्रेणियों में नामांकन आमंत्रित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि इन पुरस्कारों में शताब्दी पुरस्कार, सर्वश्रेष्ठ माँ पुरस्कार, साहस एवं वीरता पुरस्कार, लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड, वरिष्ठ कलाकार, संगीतकार, नृत्य अभ्यास पुरस्कार, वरिष्ठ खिलाड़ी पुरस्कार, सर्वश्रेष्ठ पंचायत पुरस्कार, सर्वश्रेष्ठ स्वयंसेवी संगठन (एनजीओ) पुरस्कार, सर्वश्रेष्ठ वृद्धाश्रम पुरस्कार तथा सर्वश्रेष्ठ डे केयर सेंटर पुरस्कार शामिल हैं। पुरस्कारों की राशि 20 हजार रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक निर्धारित की गई है। इच्छुक एवं पात्र आवेदक विभाग की वेबसाइट ीजजचेरूध्ध्ंूंतकण्ेवबपंसरनेजपबमीतलण्हवअण्पद पर आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने जिले के सभी पात्र वरिष्ठ नागरिकों, ग्राम पंचायतों, स्वयंसेवी संगठनों एवं संबंधित संस्थाओं से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि 12 जनवरी सोमवार तक आवेदन कर अवसर का लाभ उठाएं।




राष्ट्रीय मानव तस्करी जागरूकता दिवस पर जागरूकता बढ़ाने को हुई बैठक
झज्जर, 11 जनवरी, अभीतक: हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण , जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर के अध्यक्ष जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय तेवतिया, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर के सचिव एवं सीजेएम श्री विशाल के मार्गदर्शन मानव तस्करी के विषयों पर जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष बैठक का आयोजन जिला एडीआर सेंटर झज्जर में किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर के सचिव एवं सीजेएम श्री विशाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में मानव तस्करी के खिलाफ जागरूकता फैलाने और इससे निपटने के लिए प्रभावी उपायों पर चर्चा की गई। सचिव एवं सीजेएम ने कहा कि मानव तस्करी एक गंभीर अपराध है जो न केवल मानवअधिकारों का हनन करता है बल्कि समाज की जड़ों को भी कमजोर करता है इस बैठक के दौरान मानव तस्करी की मौजूदा स्थिति इसके बढ़ते मामलों और इस अपराध के कारणों पर विस्तार से चर्चा की गई। सीजेएम ने बताया कि मानव तस्करी के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए एक कमेटी गठन किया गया है। सीजेएम एवं सचिव ने आमजन से अपील की कि वे इस मुद्दे के प्रति जागरूक रहे और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस या प्राधिकरण को दें। इस बैठक में सभी पैनल अधिवक्ता, पैनल पैरा लीगल वालंटियर, महिला एवं बाल विकास विभाग से जिला प्रोग्राम ऑफिसर प्रियंका, मानव तस्करी विरोधी ईकाई से उप निरीक्षक अमित डाका, हेड कांस्टेबल पवन कुमार, बाल कल्याण समिति से मेंबर अनु कन्नूर बाई चैहान, पंकज शर्मा, एम डी डी ऑफ इंडिया संस्था से जिला संयोजक मनोज कुमार, संदीप कुमार आदि मौजूद रहे। इस क्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर की तरफ से पैनल पैरा लीगल वालंटियर ने कई गांव में जाकर राष्ट्रीय मानव तस्करी दिवस पर लोगों को जागरूक किया। पैरा लीगल वालंटियर शिवधन ने गांव खैरपुर, सरोज ने गांव लाडरावण, नवीन कुमारी ने गांव दहेकोरा, बबीता ने गांव शाहपुर, रोशनी ने गांव फतेहपुर, ममता देवी ने गांव नारंगपुर, प्रेमवती ने खोरड़ा गांव में जाकर लोगों को जागरूक किया।
भाजपा का स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन में नहीं रहा कोई योगदान: जगदीश यादव
रेवाड़ी, 11 जनवरी, अभीतक: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री जगदीश यादव आज गांधी चैक पर मनरेगा बचाओ संग्राम के तत्वाधान में दिए जा रहे धरने पर पहुंच कर अपना समर्थन दिया तथा भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा का स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन में कोई योगदान नहीं रहा। भाजपा हमेशा महात्मा गांधी के रही है खिलाफ और आरएसएस हमेशा अंग्रेजों की हिमायती रहा है। भाजपा महात्मा गांधी के सम्मान को कम करना चाहती है। गरीबों के लिए मनरेगा रोजगार की गारंटी थी। भाजपा मनरेगा का नाम बदलकर खत्म करना चाहती है। इस मौके पर पूर्व मंत्री जसवंत बावल, पूर्व मंत्री एमएल रंगा, पूर्व विधायक चिरंजीव राव, शहरी जिला अध्यक्ष प्रवीण चैधरी, ग्रामीण जिला अध्यक्ष सुभाष छाबड़ी, एससी डिपार्टमेंट के जिला अध्यक्ष रमेश ठेकेदार, भरत हरचंदपुर व वरिष्ठ नेत्री रेखा दहिया रही मौजूद।





जनहित में सीनियर सिटीजंस के हकों को लेकर चलाया जा रहा लोक सेवा मंच का मेगा मिशन- 26 जनसंपर्क अभियान अब शहर से लेकर गांवों तक फैला
रेवाड़ी के ऐतिहासिक गांव गोकलगढ़ में मंच के जनसंपर्क अभियान को मिला लोगों का भारी समर्थन’
सीनियर सिटीजंस के लिए प्रत्येक जिले में रेजिडेंशियल सेक्टर, फ्री ओल्डएज होम , सीनियर सिटीजन हेल्पलाइन, संपूर्ण निःशुल्क मेडिकल सुरक्षा, यात्री किरायों में 70 फीसदी छूट, सरकारी व निजी कार्यालयों में सीनियर सिटीजंस प्रोटोकॉल तुरंत लागू करने आदि ज्वलंत मांगो को लेकर लगातार बुलंद की जा रही आवाज’
शहरों व गांवों के सीनियर सिटीजंस की समस्याएं एकसमान, जिन पर ध्यान दिए जाने की तुरंत आवश्यकता: अशोक प्रधान लोक सेवा मंच’
रेवाड़ी, 11 जनवरी, अभीतक: राष्ट्रीय सामाजिक संगठन लोक सेवा मंच के पदाधिकारियों ने मेगा मिशन -26 जनसंपर्क अभियान के तहत ऐतिहासिक गांव गोकलगढ़ में जनहित के ज्वलंत मुद्दों पर लोगों से रायशुमारी की। बड़ी संख्या में लोगों ने सीनियर सिटीजंस के हित में लगातार जारी मंच के जनसंपर्क अभियान का जोरदार समर्थन करते हुए उठाई जा रही सभी जनकल्याणकारी मांगों पर सरकार से जल्द विचार करने का अनुरोध किया। इस सिलसिले में जनहस्ताक्षर अभियान लगातार जारी है। राष्ट्रीय प्रगतिशील विचारक एवं सामाजिक कार्यकर्ता अशोक प्रधान लोक सेवा मंच सहित मंच की कोर कमेटी के सदस्य महेश कौशिक, राम सिंह, रा्ज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित समाजसेवी दयाराम आर्य आदि गांव गोकलगढ़ पहुंचे और लोगों से मिलकर कुशलक्षेम पूछा। गांव की ओर से वरिष्ठ नागरिक रणजीत सिंह मित्तल, लक्ष्मण सिंह प्रजापति, कृष्ण कुमार व युवा व्यवसायी जतिन मित्तल ने आगंतुकों का गर्मजोशी से स्वागत किया। जनसंपर्क अभियान के दौरान बातचीत में बड़ी संख्या में लोगों, खासकर वरिष्ठ नागरिकों ने कहा कि राष्ट्रीय सामाजिक संगठन लोक सेवा मंच की ओर से इन दिनों सीनियर सिटीजंस बुजुर्गों के हित में उठाईं जा रही सभी मांगों का वे भरपूर समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि सीनियर सिटीजंस के लिए देश-प्रदेश के हर जिले में डेडिकेटिड रेजिडेंशियल सेक्टर, फ्री ओल्डएज होम, इमरजेंसी में सहायता एवं देखरेख के लिए सीनियर सिटीजन हेल्पलाइन, संपूर्ण निःशुल्क मेडिकल सुविधाएं तथा ट्रेन -बस व हवाई यात्रा किरायों में 70 फीसदी की छूट, सरकारी व निजी कार्यालयों में सीनियर सिटीजन प्रोटोकॉल तुरंत लागू करने आदि की मांगें पूर्णता जायज हैं। लोगों ने सरकार से इन ज्वलंत मांगों पर तत्काल विचार करने का पुरजोर अनुरोध किया। इस अवसर पर गांव में ऐतिहासिक श्रीश्याम मंदिर चैक के समीप आयोजित नुक्कड़ बैठक में प्रगतिशील विचारक एवं सामाजिक कार्यकर्ता अशोक प्रधान लोक सेवा मंच ने कहा कि राष्ट्र एवं समाज में उन्नति के लिए सीनियर सिटीजंस बुजुर्गों का बड़ा ही महत्व है। मगर इन दिनों बड़े पैमाने पर सीनियर सिटीजंस की उचित देखरेख के अभाव, बढ़ते एकाकीपन और वांछित मेडिकल सुविधाओं की पेश आ रही भारी कमी तथा उनके हक -हितों की ओर पूरा ध्यान नहीं जाने के कारण सामाजिक हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। ऐसे में सीनियर सिटीजंस के अच्छे स्वास्थ्य, समुचित देखभाल और खुशहाली सुनिश्चित करने की ओर सभी नागरिकों, परिवारों ,समाज और देश -प्रदेश की सरकारों का ध्यान आकर्षित करने के लिए लोक सेवा मंच ने जनहित में सर्वसम्मत प्रस्ताव पास करके जोरदार अभियान शुरू किया। उन्होंने कहा कि इस दिशा में अपने सामाजिक लक्ष्य हासिल होने तक मंच का श्मेगा मिशन- 26 जनसंपर्क अभियानश् जारी रहेगा। वरिष्ठ नागरिक बुजुर्गों के ऐसे ज्वलंत मुद्दों को लेकर प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखे जाएंगे। इन मुद्दों को लेकर हस्ताक्षर अभियान लगातार जारी है। जनसंपर्क अभियान के दौरान वरिष्ठ नागरिकों जगदीश यादव, त्रिलोक चंद, रामसिंह यादव, सुरेन्द्र सिंह, राज कुमार, रामचंद्र सोनी, सुभाष सैनी, रामसिंह जांगिड़, लीलू राम, प्रकाश, ओम प्रकाश पण्डित, शिक्षाविद मास्टर विजय सिंह, देवदत्त आदि ने भी खुलकर अपने सुझाव और विचार व्यक्त किये।

रेवाड़ी, 11 जनवरी, अभीतक: अरावली पर्वत माला निर्जीव पत्थर का नाम नहीं है। अरावली समाज की जीवनदायनी है। अरावली पर्यावरण संतुलन का नाम है। अरावली ऑक्सीजन का भंडार है। अरावली खनिज पदार्थों की खान है। अरावली मवेशियों का सहारा है। बारिश का कारण है। सर्दी से बचाती है। अरावली करोड़ों जीव जंतुओं का सहारा है। इसकी पहचान ही इसकी परिभाषा है। इसे ऊंचाई निचाई से परिभाषित नहीं किया जा सकता। यह एक गुजरात राजस्थान हरियाणा दिल्ली तक एक माला है , माला में पिरोए हुए मणियों को बिखेर दिया जाए तो वह माला नहीं रह जाती। इसी तरह से 100 मीटर की ऊंचाई की पहाड़िया ही अरावली होंगी। इस परिभाषा से अरावली का अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा ।इस समझ के साथ अरावली बचाओ आंदोलन के तत्वाधान में रेवाड़ी नेता जी सुभाष चंद्र बोस पार्क रेवाड़ी से एक जन जागृति यात्रा शुरू हुई, बस जिसका एक ही नारा था कि अरावली की कत्ल नहीं होने देंगे। अरावली ने समाज को संवारा, आज वक्त है कि समाज उसकी रक्षा करे। अरावली पर्वत माला को 100 मीटर की ऊंचाई तक की पहाड़ियों को ही अरावली मानकर बाकी पहाड़ियों को अरावली नहीं मानने का मतलब ही है कि अरावली पर्वत माला को तोड़ना और अदानी अंबानी जैसे कॉरपोरेट घरानों के दोहन, खनन के लिए छोड़ देना। इसकी अनुमति नहीं जा सकती। इसलिए पर्यावरण प्रेमी अरावली बचाओ आंदोलन के लिए आगे आ गए है।
नेता जी सुभाष चंद्र बोस पार्क से शुरू हुई यह अरावली बचाओ आंदोलन कुंड, मनीठी पाड़ला, अहरोध, खोल, मंडोला धाव ना, लुहाना सिहा, मूंदी, पिरानपूरा, चिमनावास खोरी इत्यादि गांवों से होता हुआ रेवाड़ी आया। रेवाड़ी से चला यह काफिला बढ़ता ही चला गया। यात्रा का गांवों में ग्रामवासियों ने स्वागत किया। जन सभाएं आयोजित की गई। इस यात्रा में पर्यावरण प्रेमी, प्रबुद्ध नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ताओ ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। जिसमें मुख्य रूप से मनोज यादव रिटायर्ड ई ओ, कैलाश चंद, कॉमरेड राजेंद्र सिंह एडवोकेट, डॉक्टर पूनम यादव, हेमंत शेखावत ने पहल की। इसके अलावा शेर सिंह मीरपुर, रामकुमार निमोथ, सतपाल , मास्टर लक्ष्मणसिंह, सत्प्रकाश गोयल, सुनील कुमार, अनिल कुमार सरपंच प्रतिनिधि भगवानपुर, पवन कुमार एडवोकेट, अजय सिंह एडवोकेट, सुरेंद्र सिंह, सुधीर यादव एडवोकेट, नवनीत सोनी, बीर सिंह प्रधान,ओमप्रकाश सैन, खेमचंद पूर्व सरपंच, बीरेंद्र सिंह अमर सिंह राजपुरा, डॉ एच डी यादव राजकुमार, शिवपाल चिमनावास, मास्टर जितेंद्र कुमार, सत्य प्रकाश गोयल, दयाराम आर्य ने अपनी अपनी टीम के साथ हिस्सा लिया। कॉमरेड राजेंद्र सिंह एडवोकेट ने कहा कि यह आंदोलन दलगत राजनीति से ऊपर उठकर है। भारत सरकार की नीतियां देश के कॉर्पोरेट घरानों के हित में है, इसलिए एक के बाद एक प्राकृतिक संसाधनों को कॉरपोरेट घरानों को दिया जा रहा है। अब अदानी जैसे कॉरपोरेट घराने की गिद्धदृष्टि अरावली पर्वत माला के दोहन पर टिकी हुई है। इसलिए केंद्र सरकार ने सुप्रीम न्यायालय के रास्ते जो अरावली को परिभाषित किया है, उससे जनता में गुस्सा है। हालांकि सर्वोच्च न्यायालय ने स्वयं अपने फैसले पर संज्ञान लेते हुए अपने ही फैसले पर अंतिम रोक लगा दी है। परंतु जनता की मांग है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मुक्कमल तौर पर रद्द किया जाए।



केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना को कमजोर करने के खिलाफ कांग्रेस ने उपवास रख जताया विरोध
भाजपा सरकार ने मनरेगा के बजट में की कटौती, डिजिटल हाजिरी और जटिल प्रक्रियाओं ने बढ़ाई मुश्किलें: अनिरूद्ध चैधरी
मनरेगा को कमजोर करना गरीबों, मजदूरों और किसानों के संवैधानिक अधिकारों का है हनन: प्रदीप जोगी
कांग्रेस नेताओं ने दी चेतावनी: मजदूरों के हितों से खिलवाड़ बंद नहीं की तो आंदोलन होगा
भिवानी, 11 जनवरी, अभीतक: केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को कमजोर कर मजदूरों के हितों से किए जा रहे खिलवाड़ के खिलाफ कांग्रेस ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। इसी कड़ी में रविवार को स्थानीय पंडित नेकीराम लाइब्रेरी परिसर में स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर प्रतिमा के नीचे जिला कांग्रेस द्वारा एक दिवसीय उपवास रखा गया। वही इस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की पुण्यतिथि पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। उपवास की अध्यक्षता कांग्रेस ग्रामीण जिला अध्यक्ष अनिरूद्ध चैधरी व शहरी जिला अध्यक्ष प्रदीप जोगी ने की। उपवास स्थल पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कांग्रेस ग्रामीण जिला अध्यक्ष अनिरूद्ध चैधरी व शहरी जिला अध्यक्ष प्रदीप जोगी ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत के गरीबों को दिया गया काम का अधिकार है, जिसे कांग्रेस सरकार ने 2006 में कानून बनाकर लागू किया था। उन्होंने चिंत जताई कि वर्ष 2020-21 में जहां लगभग 11.19 करोड़ मजदूरों को रोजगार मिला था, वह 2025-26 तक घटकर मात्र 6.25 करोड़ रह गया है। पहले मनरेगा मांग आधारित कानून था, जिसमें बजट की कोई सीमा नहीं थी। अब केंद्र सरकार तय कर रही है कि किस राज्य को कितना काम और कितनी राशि मिलेगी। डिजिटल हाजिरी और जटिल प्रक्रियाओं ने गरीब और अनपढ़ मजदूरों के लिए मजदूरी पाना और भी मुश्किल बना दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मनरेगा को कमजोर करना गरीबों, मजदूरों और किसानों के संवैधानिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने कहा कि इसके बाद वे गांव-गांव, घर-घर जाकर भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों से का पर्दाफाश करेंगे कि किस प्रकार भाजपा सरकार एक आम आदमी, किसान, मजदूर, व्यापारी के भविष्य से खिलवाड़ करने वाली नीतियां क्रियान्वित कर रही है। इसके साथ ही उन्होंने मजदूरों से भी आह्वान किया कि वे मनरेगा योजना को कमजोर करने के खिलाफ कांग्रेस के पक्ष में आए, ताकि उनका रोजगार व भविष्य बचाया जा सकें। इस अवसर पर रामकिशन फौजी, राष्ट्रीय सचिव प्रदीप नरवाल, पवन बुवानीवाला, वीर सिंह, सत्यजीत पिलानिया, ईश्वर मान, अमन तंवर राघव, ईश्वर शर्मा, राजकुमार धनखड़, दिनेश शास्त्री कौशिक, शीला गौरा पूर्व पार्षद, दीपेश सारसर, विरेंद्र फौजी, बलबीर सरोहा, संजय गांधी, मा. बलवंत घणघस, लक्ष्मण वर्मा, विरेंद्र वाल्मीकि, अशोक जोग पूर्व पार्षद, कमल प्रधान, कामरेड ओमप्रकाश, मनदीप सुई, राजेंद्र धानक, समीर खटीक, मनजीत एनएसयूआई, शिव कुमार चांगिया, देवराज महता, कामरेड खन्ना, उमेश शर्मा, अनिल नरवाल, सुमित बराड़, अमित पंघाल, सूबे सिंह गोलागढ़, दिलबाग दरियापुर, कर्ण सिंह रिटायर, रवि रिटायर थानेदार, कुलदीप सरपंच, मनोज ठेकेदार, बबल, अभिषेक पहाड़ी, सीताराम सिंगला, रामेहर चेयरमैन, रूघबीर सिंह, धर्मबीर रिटायर थानेदार, अनिल झांवरी, गणेश मित्तल, नरेश बीडीसी, राकेश नंबरदार, सत्यवान हसान, सतबीर लोहानी सहित अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
राष्ट्रीय युवा दिवस एवं स्वामी विवेकानंद जन्मोत्सव पर सांसद धर्मवीर सिंह होंगे मुख्य अतिथि
भिवानी, 11 जनवरी, अभीतक: स्वामी विवेकानंद जन्मोत्सव एवं राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर भिवानी यूथ हॉस्टल परिसर में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में भिवानीदृमहेंद्रगढ़ लोकसभा सांसद चैधरी धर्मवीर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता फिजिकली चैलेंज्ड क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र लोहिया करेंगे। कार्यक्रम को लेकर जिलेभर के युवाओं एवं सामाजिक संगठनों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। कार्यक्रम के दौरान सांसद धर्मवीर सिंह जिले के युवाओं, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों एवं सैकड़ों युवाओं के साथ मिलकर यूथ हॉस्टल परिसर में स्थापित स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। इसके साथ ही वे युवा सप्ताह कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ भी करेंगे। यह कार्यक्रम युवाओं को स्वामी विवेकानंद के विचारों से जोड़ने और उनमें राष्ट्र निर्माण की भावना जागृत करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर से पूर्व भिवानी यूथ हॉस्टल परिसर में स्थित स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का सौंदर्यीकरण एवं रंग-रोगन का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। प्रतिमा स्थल को आकर्षक रूप दिया गया है, ताकि कार्यक्रम प्रेरणादायी एवं गरिमामय बन सके। यह कार्य माई युवा भारत केंद्र भिवानी, सामाजिक संस्था नेताजी सुभाष चंद्र बोस युवा जागृत सेवा समिति एवं सदाचारी शिक्षा समिति के मार्गदर्शन में किया गया है। कार्यक्रम के सह-संयोजक एवं भारत सरकार से राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता अशोक कुमार भारद्वाज ने बताया कि स्वामी विवेकानंद जन्मोत्सव एवं राष्ट्रीय युवा दिवस का आयोजन यूथ हॉस्टल परिसर स्थित विवेकानंद प्रतिमा स्थल पर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं के लिए मार्गदर्शक हैं और उनका जीवन युवाओं को आत्मविश्वास, अनुशासन एवं राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता है। आयोजकों के अनुसार इस कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक संगठनों, शिक्षण संस्थानों एवं युवा मंडलों की सक्रिय भागीदारी रहेगी। कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने, सामाजिक दायित्व निभाने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संदेश दिया जाएगा। राष्ट्रीय युवा दिवस के इस आयोजन से जिले के युवाओं में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार होने की उम्मीद है।



एचएसएससी ने सीईटी फेज-2 का नोटिफिकेशन किया जारी
युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। हरियाणा में भ्ैैब् ने ग्रुप-ब् पदों के लिए ब्म्ज् फेज-2 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। जानकारी के मुताबिक, आयोग की ओर से यह विज्ञापन 2 फरवरी 2026 को जारी किया गया है। इच्छुक अभ्यर्थी 2 फरवरी से 15 फरवरी 2026 रात 11ः59 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। जानकारी के मुताबिक, आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस प्रक्रिया में किसी भी श्रेणी के उम्मीदवार से कोई आवेदन शुल्क नहीं लिया जाएगा। मिली जानकारी के अनुसार, आवेदन केवल एचएसएससी की आधिकारिक वेबसाइट ूूूण्ीेेबण्हवअण्पद के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। आयोग ने उम्मीदवारों से समय रहते आवेदन करने और दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
झज्जर: एक दिवसीय उपवास कोंग्रेस पार्टी का झज्जर पुरानी तहसील रेड क्रॉस मार्किट में बैठे धरने पर।
मनरेगा बचाओ संग्राम उपवास एवं सांकेतिक धरना।
झज्जर विधायक पूर्व शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल
बादली विधायक कुलदीप वत्स
राव संजय जिला अध्यक्ष झज्जर
महिला जिला अध्यक्ष सुमन लोहचब
युवा कोंग्रेस झज्जर अध्यक्ष दीपक गहलावत
निशित कटारिया प्रदेश अध्यक्ष युवा कोंग्रेस हरियाणा धरने पर मौजूद ।
कोंग्रेस के जिला पार्टी के कार्यकर्ताओं ने धरने पर की नारे बाजी।

रागनी: वीर संन्यासी विवेकानंद
अरे देश-धरम की जोत जगाई, गेरुआ बाणा धारे था,
वो भारत माँ का शेर लाडला, जग में जीतण हारे था।
रेवाड़ी आली माटी बोलै, सुण लो वीर जवानां ने,
विवेकानंद सा वीर ना दूजा, तोड्या घोर अज्ञानां ने।
साल अठारह सौ तिरानवे, सात समुंदर पार गया,
ज्ञान की लाठी हाथ में लेकर, दुनिया नै ललकार गया।
ष्भाईयों और बहणोंष् कहकै, सारा मजमा जीत लिया,
भारत की उस ऋषियाँ आळी, मर्यादा नै रीत लिया।
बिना शस्त्र के जीत गया वो, ज्ञान का तेज अपारे था,
वो भारत माँ का शेर लाडला, जग में जीतण हारे था।
कोरी पोथी पढ़णा कोनी, माणस बणना सीखो रे,
दम सै जिसमें वो ए जिन्दा, दूजे सारे फीको रे।
लोहे जैसी नस बणाओ, मन में राखो फौलाद ने,
कर्मयोग की राह पकड़ लो, भूल जाओ अवसाद ने।
पढ़-लिख कै जो सेवा ना करै, वो खुद पै बोझ भारी था,
वो भारत माँ का शेर लाडला, जग में जीतण हारे था।
कुमार मनोज वशिष्ठ कहवै, स्कूल नै स्वर्ग बणावांगे,
विजन २०२६ ल्याकै, बालकां का भाग जगावांगे।
हाथ में कंप्यूटर होवै, और मन में वेद-पुराण रहै,
अकल चले विज्ञान पै म्हारी, ऊँचा देश का मान रहै।
हर बालक विवेकानंद बणै, यो ए लक्ष्य म्हारे था,
वो भारत माँ का शेर लाडला, जग में जीतण हारे था।
उठो! जागो! रुकना कोनी, जब तक मंजिल मिल ज्या ना,
मुरझाया जो चमन देश का, जब तक पूरा खिल ज्या ना।
स्वामी जी की राह पै चालो, झंडा ऊँचा फहराओ,
भारत माँ के सच्चे सपूतों, जग में अपना नाम कमाओ।
मनोज कुमार वशिष्ठ
शिक्षाविद
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रेवाड़ी (हरियाणा)

12 जनवरी: राष्ट्रीय युवा दिवस पर विशेष आलेख
विश्व विजेता विवेकानंद’
प्रस्तावना: काल के कपाल पर अंकित एक महागाथा
भारतीय इतिहास के अनंत क्षितिज पर कुछ नक्षत्र ऐसे उदित होते हैं, जिनकी आभा काल की सीमाओं को लांघकर युग-युगांतर तक मानवता का पथ प्रशस्त करती है। स्वामी विवेकानंद एक ऐसा ही देदीप्यमान सूर्य हैं, जिन्होंने अपनी वैचारिक रश्मियों से न केवल भारत के अज्ञान-तिमिर का नाश किया, बल्कि संपूर्ण विश्व को श्वेदांतश् के शाश्वत और सार्वभौमिक आलोक से साक्षात्कार कराया। वे केवल एक गेरुआधारी संन्यासी नहीं थेय वे आध्यात्मिक राष्ट्रवाद के प्रणेता, समाज सुधार के पुरोधा और एक ऐसे भविष्यद्रष्टा थे जिन्होंने भारत को श्विश्व गुरुश् के रूप में पुनः प्रतिष्ठित करने का स्वप्न देखा था। उनके श्विश्व विजेताश् होने का अर्थ किसी भू-भाग को शस्त्रों से जीतना नहीं था, बल्कि अपने अजेय विचारों, करुणा और ज्ञान के बल पर विश्व के मानस पटल पर प्रेमपूर्ण विजय प्राप्त करना था।
१. शिकागो का शंखनादरू वैश्विक चेतना का उदय
स्वामी विवेकानंद की वैश्विक विजय का औपचारिक शंखनाद ११ सितंबर, १८९३ को शिकागो की श्विश्व धर्म संसदश् में हुआ। वह केवल एक भाषण नहीं, बल्कि मृतप्राय भारतीय आत्मा की गर्जना थी। जब उन्होंने मंच पर खड़े होकर ष्अमेरिका के भाइयों और बहनोंष् (ैपेजमते ंदक ठतवजीमते व ि।उमतपबं) के जादुई शब्दों का उच्चारण किया, तो सात हजार की भीड़ ने दो मिनट तक करतल ध्वनि से उनका स्वागत किया। वह केवल एक संबोधन नहीं था, बल्कि सहस्राब्दियों पुरानी श्वसुधैव कुटुंबकम्श् की भारतीय भावना का वैश्विक प्रकटीकरण था। उन्होंने तर्क और साक्ष्यों से सिद्ध किया कि हिंदू धर्म केवल कर्मकांडों का शुष्क संकलन नहीं है, बल्कि एक वैज्ञानिक, तार्किक और उदार जीवन पद्धति है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस प्रकार सभी नदियाँ अंततः समुद्र में विलीन हो जाती हैं, उसी प्रकार संसार के सभी मत-मतांतर एक ही ईश्वर तक पहुँचने के मार्ग हैं। उनके इस उद्घोष ने पश्चिम के उस अहंकार को जड़ से उखाड़ दिया जो पूर्व की सभ्यता को श्अंधविश्वासीश् और श्असभ्यश् मानता था। विवेकानंद ने विश्व को सहिष्णुता और सार्वभौमिक स्वीकृति का वह पाठ पढ़ाया, जिसकी आवश्यकता आज की अशांत दुनिया को सबसे अधिक है।
२. शिक्षा दर्शनरू श्मनुष्य-निर्माणश् का महायज्ञ
एक शिक्षाविद् के रूप में विवेकानंद के विचार आज की श्राष्ट्रीय शिक्षा नीतिश् (छम्च् 2020) की आत्मा के समान हैं। उनके लिए शिक्षा का अर्थ सूचनाओं का मस्तिष्क में निर्जीव संचय नहीं था। उन्होंने स्पष्ट कहा थारू ष्शिक्षा मनुष्य के भीतर पहले से ही विद्यमान पूर्णता की अभिव्यक्ति है।ष् उनका शिक्षा दर्शन श्पंच-आयामीश् विकास पर आधारित थारू
बौद्धिक उत्कृष्टतारू जो तर्क और विज्ञान पर आधारित हो।
शारीरिक सौष्ठवरू क्योंकि ष्फौलाद की नसोंष् के बिना उच्च विचार क्रियान्वित नहीं हो सकते।
नैतिक शुद्धता: जो छात्र को चरित्रवान और विश्वसनीय बनाए।
टात्मनिर्भरता: शिक्षा ऐसी हो जो व्यक्ति को अपने पैरों पर खड़ा करना सिखाए।
सामाजिक बोध: जो व्यक्ति को समाज के प्रति उत्तरदायी बनाए।
वे किताबी ज्ञान के स्थान पर चरित्र निर्माण (ब्ींतंबजमत ठनपसकपदह) को प्रधानता देते थे। उनका मानना था कि यदि शिक्षा हमें दीन-दुखियों के प्रति संवेदनशील नहीं बनाती, तो वह शिक्षा व्यर्थ है।
३. सामाजिक क्रांतिरू जन्म की रूढ़ियों का खंडन और दरिद्र नारायण की सेवा
स्वामी विवेकानंद एक महान समतावादी (म्ुनंसपजंतपंद) थे। उन्होंने तत्कालीन समाज की जड़ता और छुआछूत जैसी कुरीतियों पर करारा प्रहार किया। उनका क्रांतिकारी सूत्र था, जन्म कुछ भी नहीं है, परिवेश और कर्म ही सब कुछ है। उन्होंने जातिगत श्रेष्ठता के दंभ को नकारते हुए श्मानवताश् को ही सर्वोच्च जाति माना। उन्होंने ईश्वर को मंदिरों और मूर्तियों से बाहर निकालकर श्दरिद्र नारायणश् (गरीबों में ईश्वर) के रूप में प्रतिष्ठित किया। उन्होंने शिक्षित समाज को चेतावनी दी थी कि जो व्यक्ति गरीबों के श्रम पर शिक्षित होकर उनकी सेवा नहीं करता, वह श्देशद्रोहीश् और श्कृतघ्नश् है। ष्नर सेवा ही नारायण सेवा है: यह मंत्र आज भी समाज सेवा के क्षेत्र में सबसे बड़ा मार्गदर्शक है। उनके लिए वास्तविक समाज वह था जहाँ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को भी ज्ञान, धन और गरिमा के समान अवसर प्राप्त हों।
४. पूर्व और पश्चिम का समन्वयरू एक वैश्विक सेतु
विवेकानंद जी ने विश्व को एक नया ग्लोबल विजन प्रदान किया। उन्होंने देखा कि पश्चिम के पास श्विज्ञान और संगठन शक्तिश् है, किंतु शांति का अभाव है, वहीं भारत के पास आध्यात्मिक शांति है, किंतु भौतिक दरिद्रता है। उन्होंने दोनों के समन्वय पर बल दिया। वे चाहते थे कि भारत के हर घर में उपनिषदों की गूँज हो और साथ ही विज्ञान की अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं भी हों। वे पश्चिमी प्रगति से सीखने के पक्षधर थे, किंतु अपनी सांस्कृतिक जड़ों को छोड़ने के सख्त विरोधी थे। यह संतुलन ही उन्हें एक श्आधुनिक संन्यासीश् के रूप में स्थापित करता है।
५. युवा शक्तिरू राष्ट्र निर्माण की अजेय ऊर्जा
विवेकानंद का सबसे गहरा विश्वास भारत की युवा शक्ति पर था। वे युवाओं को अमिय शक्ति का पुंज मानते थे। उनका मूल मंत्र था, शक्ति ही जीवन है, कमजोरी ही मृत्यु है।ष् उन्होंने युवाओं को मानसिक कायरता त्यागने और आत्मशक्ति पहचानने का आह्वान किया।
युवाओं के लिए उनके पंच-सूत्र आज भी स्वर्णाक्षरों में अंकित करने योग्य हैं
निर्भयतारू डर ही दुखों और बुराइयों का मूल कारण है।
आत्मविश्वासरू स्वयं पर विश्वास ईश्वर पर विश्वास के समान है।
एकाग्रतारू एकाग्रता ही ज्ञान के बंद कपाट खोलने की एकमात्र चाबी है।
ब्रह्मचर्य और संयमरू ऊर्जा का संरक्षण ही चरित्र का निर्माण करता है।
ध्येय के प्रति समर्पणरू ष्उठो, जागो और तब तक मत रुको, जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए।ष्
५ (अ). राष्ट्रीय युवा दिवसरू संकल्प से सिद्धि का पर्व
स्वामी विवेकानंद का जन्मदिवस, १२ जनवरी, संपूर्ण भारत में श्राष्ट्रीय युवा दिवसश् के रूप में मनाया जाता है। १९८४ में भारत सरकार ने यह निर्णय लिया था कि स्वामी जी के विचार और आदर्श ही भारतीय युवाओं के लिए प्रेरणा के सबसे उपयुक्त स्रोत हैं। यह दिवस केवल एक कैलेंडर की तिथि नहीं है, बल्कि यह युवाओं के लिए अपनी सुशुप्त शक्तियों को जगाने का एक वार्षिक श्रिमाइंडरश् है। विवेकानंद जी का मानना था कि युवावस्था जीवन का वह स्वर्णकाल है जिसमें संकल्प लेने की शक्ति और उसे पूरा करने का साहस चरम पर होता है। आज के डिजिटल युग में, जहाँ युवा सूचनाओं के भँवर में भटकाव महसूस करते हैं, वहाँ विवेकानंद का ष्एकाग्रताष् (ब्वदबमदजतंजपवद) का सिद्धांत और ष्राष्ट्र प्रथमष् की भावना उन्हें सही दिशा प्रदान करती है। राष्ट्रीय युवा दिवस हमें स्मरण कराता है कि यदि देश का युवा चारित्रिक रूप से सशक्त और मानसिक रूप से स्थिर है, तो भारत को पुनः जगद्गुरु बनने से कोई रोक नहीं सकता।
६. गुरु-शिष्य परंपरारू रामकृष्ण परमहंस का प्रभाव
विवेकानंद के व्यक्तित्व का निर्माण उनके गुरु श्री रामकृष्ण परमहंस की छत्रछाया में हुआ। एक तर्कवादी श्नरेंद्रश् को आध्यात्मिक श्विवेकानंदश् बनाने में परमहंस जी की श्अनुभूतिश् का बड़ा हाथ था। गुरु ने सिखाया कि धर्म वाद-विवाद का विषय नहीं, साक्षात्कार का विषय है। इसी दीक्षा ने विवेकानंद को वह आत्मविश्वास दिया कि वे शिकागो के मंच पर निर्भीकता से खड़े हो सके।
७. विजन २०२६ः शिक्षा से राष्ट्र निर्माण तक
शिक्षा के संदर्भ में स्वामी जी के विजन को लागू करना हमारा संकल्प है। श्विजन २०२६श् के अंतर्गत हमारा लक्ष्य छात्रों को न केवल परीक्षाओं के लिए तैयार करना है, बल्कि उन्हें एक श्संपूर्ण मनुष्यश् बनाना है।
डिजिटल साक्षरता और एआईरू स्वामी जी के वैज्ञानिक विजन के अनुरूप छात्रों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना।
योग और मानसिक स्वास्थ्यरू परीक्षा के तनाव से मुक्ति हेतु श्कर्मयोगश् का अभ्यास।
सामुदायिक सेवारू स्थानीय स्तर पर साक्षरता और स्वच्छता के माध्यम से समाज सेवा।
८. उपसंहार: कालजयी विवेकानंद
स्वामी विवेकानंद ने मात्र ३९ वर्ष की अल्पायु में वह कार्य कर दिखाया जिसे करने के लिए शताब्दियां भी कम पड़ जाती हैं। वे आज भी हमारे बीच एक टॉर्च-बियरर (मशाल) की तरह उपस्थित हैं। उनका दर्शन किसी एक धर्म या संप्रदाय का नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता का है। आज जब भारत श्विकसित भारत / २०४७ की ओर अग्रसर है, तब विवेकानंद के विचार ही वह आधारशिला हैं जिस पर एक समर्थ, समृद्ध और सुसंस्कृत राष्ट्र का प्रासाद निर्मित होगा। हम सब का दायित्व है कि हम उनके विचारों को केवल पुस्तकालयों तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें अपने आचरण में उतारें। शक्ति ही जीवन है। आइए, हम सब मिलकर इस वीर संन्यासी के स्वप्न का भारत बनाएँ।आज जब हम प्रतिवर्ष राष्ट्रीय युवा दिवस मनाते हैं, तो हमारा उद्देश्य केवल समारोह आयोजित करना नहीं, बल्कि स्वयं से यह प्रश्न करना होना चाहिए कि क्या हम विवेकानंद के श्मनुष्य-निर्माणश् के स्वप्न को जी रहे हैं?
युवा वह है जो अनीति से लड़े, जो दुर्गम पथ पर चले और जिसके हृदय में राष्ट्र के प्रति अगाध प्रेम हो।
मनोज कुमार वशिष्ठ, शिक्षाविद
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रेवाड़ी (हरियाणा)